सुप्रीम कोर्ट को ठेंगा दिखाते हुए उत्तराखंड मोदी सरकार ले आयी क्रन्तिकारी कानून, कांग्रेस के उड़े होश, जिहादियों की हुई दुकान बंद

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नई दिल्ली : देशभर में लव जिहाद और जबरन धर्म परिवर्तन को लेकर कई बार NIA एजेंसी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटा कर इन्साफ माँगा लेकिन हर बार मीलॉर्ड ने लवजिहाद को नकार दिया. लेकिन इसमें कोई शक नहीं की देश के कई राज्यों में चोरी छिपे लव जिहाद को बढ़ावा दिया जा रहा है.

ऐसे वक़्त पर मानवाधिकार आयोग भी लव जिहाद पर आखें मूंद कर बैठ जाता है. लेकिन जो काम देश के बड़े कोर्ट नहीं कर सके वो दिलेरी भरा काम उत्तराखंड में भाजपा सरकार ने कर दिखाया है.

सुप्रीम कोर्ट को ठेंगा दिखाते हुए बीजेपी सरकार ने बनाया ऐतिहासिक कानून
अभी मिल रही खबर मुताबिक जिस काम को कांग्रेस सरकार ने इतने साल लटका के रखा और जिस मुद्दे पर तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति के चलते आखें बंद रखी उसी को लेकर अब उत्तराखंड में मोदी सरकार ने क्रन्तिकारी कानून बना दिया है. जी हाँ उत्तराखंड में अब धर्म परिवर्तन करने वालों की खैर नहीं.

उत्तराखंड सरकार ने विधानसभा सदन में धर्म स्वतंत्रता विधेयक ध्वनिमत से पारित कर दिया है. इसमें गैर कानूनी ढंग से धर्म बदलने पर सख्त सजा का प्रावधान किया गया है. इस कानून के तहत अगर कोई बिना अनुमति के धर्मांतरण करता है या फिर ऐसी साजिश में शामिल पाया जाता है तो उसे अधिकतम पांच साल जेल की सजा काटनी होगी. वहीं अवयस्क महिला या फिर एससी-एसटी जाति के धर्म परिवर्तन गैर कानूनी ढंग से कराने पर सजा का प्रावधान सात वर्ष तक किया गया है. सरकार ने ऐसे धर्मांतरण को मान्यता ना देने प्रावधान कर दिया है.

लेनी होगी अनुमति
इस कानून में जो सबसे बड़ी बात है वो ये कि यदि किसी व्यक्ति को धर्म परिवर्तन करना है तो वह धर्म परिवर्तन की तारिख से एक महीने पहले संबंधित जिलाधिकारी के यहां आवेदन करना होगा. जिलाधिकारी की अनुमति के बाद ही संबंधित व्यक्ति धर्म परिवर्तन कर सकेगा. अगर वो ऐसा नहीं करता है तो उसे ज़बरन धर्म परिवर्तन मानकर दंड किया जाएगा.

प्रलोभन देकर (नकद, रोजगार, निशुल्क शिक्षा, बेहतर जीवन, दैवीय कृपा), धमकाकर (कोई व्यक्ति किसी को डरा-धमका कर धर्मांतरण को विवश करता है) या षड्यंत्र रच कर (धर्मांतरण कराने के लिए किसी की सहायता करना, मनोवैज्ञानिक दबाव या फिर साजिश रचना. इसमें पारिवारिक सदस्य भी होंगे तो वे भी दायरे में आएंगे) धर्म परिवर्तन कराने की स्थिति में ये कानून लागू होगा.

बुधवार को विधानसभा के बजट सत्र में धर्म स्वतंत्रता अधिनियम-2018 अस्तित्व में लाया गया. इसके तहत राज्य में जबरन धर्म परिवर्तन गैर जमानती अपराध होगा. झूठ बोलकर धर्म परिवर्तन साबित होने पर विवाह को अमान्य घोषित किया जाएगा. इसका मुख्या लक्ष्य है लव जिहाद पर पूरी तरह ख़त्म करना है. इससे पहले हिमाचल, उड़ीसा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में भी ये कानून पास हो चुका है.

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source trendingindia.co.in

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