PNB के बाद एक अब इस नए बड़े बैंक में मोदी सरकार की सतर्कता उडाये माँ बेटे के होश

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नई दिल्ली :PNB घोटाले में मचा देश में मचा बवाल अभी शांत भी हुआ था हर रोज ताबतोड छापेमारी और सम्पत्ति जब्त को CBI ने कुर्क कर लिया है इस बीच अब अब PNB के बाद एक और बैंक का घोटाले सामने आया है इसके साथ -साथ चौंकाने सोची समझी साजिश सामने आई है जिसमे इन बांको पर भी अब शक की सुई आ अटकी

New Delhi: In the PNB scam, there was a lot of pressure in the country. Now every day, the seizure of seizure and property seizure has been sealed by the CBI. Meanwhile, now another bank scam has emerged after the PNB, along with the startling scandal A thoughtful conspiracy has surfaced, in which these needles of suspicion are still stuck

PNB के बाद एक और बड़ा बैंक घोटाला, खेला जा रहा बड़ा खेल

PNB बैंक के 11400 करोड़ के घोटाले में कोई छोटे कर्मचारियों ने खेल नहीं खेला है बल्कि अब तक पूर्व GM पूर्व DM पूर्व AGM समेत 18 बड़े अधिकारीयों को गिरफ्तार किया गया है. यही नहीं मौजूद बैंक के जनरल मैनेजर और बड़े अधिकारीयों से भी सीबीआई पूछताछ कर रही है. अगर एक बैंक का मैनेजर ही घोटाले करने लगेगा तो फिर सोचिये जो 9 लाख करोड़ के कर्ज हैं वो भी बैंकों ने ऐसे ही लुटाये हैं.

Another big bank scam after PNB, big game being played

Some small employees have not played the game in PNB Bank’s 114 million crore scandal, but so far 18 major officers including former GM former DM pre-AGM have been arrested. Not only this, the CBI is also interrogating the General Manager and senior officials of the existing bank. If a bank manager starts scam, then think again which banks have looted 9 lakh crores.

ये बात आज साबित होती हैं क्यूंकि PNB महाघोटाले के बाद अब दिल्ली स्थित OBC ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में करीब 389 करोड़ 90 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. मामले में दिल्ली के हीरा निर्यातक कंपनी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. लेकिन इस घोटाले में बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है जिससे आप 9 लाख करोड़ के क़र्ज़ (NPA) को अच्छे से समझ जाएंगे.

This is proved today because after the PNB accusations, a case of fraud worth Rs 389 crore 90 lakh has come to the OBC Oriental Bank of Commerce in Delhi. In the case, the case has been registered against the diamond exporter company of Delhi. But there has been a huge fraud in this scam which will make you understand the NPA worth 9 lakh crores.

बैंक ने दर से फर्जीवाड़े की जानकारी दी

हरियाणा स्थित गुरुग्राम के सेक्टर-32 स्थित ओबीसी बैंक के ब्रांच से यह फर्जीवाडा हुआ है. बैंक के एजीएम स्तर के अधिकारी ने इस मामले की जानकारी सीबीआई को लिखित तौर पर दी और सीबीआई ने मामला दर्ज करके तफ्तीश शुरू कर दी है. इतने सालों से शांत बैंक ने इसकी जानकारी अब जाकर सीबीआई को दी है.

Bank gave information on fraud

This is a forgery from the OBC Bank branch of Sector-32 located in Gurugrama, Haryana. The AGM level officer of the bank gave the information to the CBI in writing and the CBI has started the investigation by filing the case. For so many years, the bank has given its information now to the CBI.

कर्ज में डूबी कंपनी को और क़र्ज़ चढ़ाते रहे
लेकिन इससे भी बड़ी चौंकने वाली बात जो सामने आयी है वो ये कि इस बैंक की शाखा ने 31 मार्च 2014 मोदी सरकार के आते ही कंपनी के क़र्ज़ को NPA की लिस्ट में भी डाल दिया था. लेकिन उसके बाद भी यह खेल जारी रहा. NPA की लिस्ट में शामिल होने के बावजूद कंपनी को करोडों का लोन मिलता रहा.

Lending the debt to the company immersed in debt
But the more shocking thing that has come out is that the bank’s branch had put the company’s debt on the list of NPAs as soon as the March 31, 2014 Modi government came. But this game continued even after that. Despite joining the NPA list, the company got a loan of crores of rupees.

बड़ी सोची समझी साज़िश का खुलासा
आपको याद होगा एक वक़्त हुआ करता था जब बैंक किसी के भी क़र्ज़ को इतनी आसानी से नहीं छोड़ता था. धमकी दी जाती थी, घर से सामान उठा लिया जाता था लेकिन अचानक से सारे व्यापारियों के क़र्ज़ को बैंकों ने भूलना शुरू कर दिया और सारे करोड़ों की क़र्ज़ को BAD LOAN यानि NPA मतलब ऐसा क़र्ज़ जिसे वसूला नहीं जा सकता उस श्रेणी में डाल दिया.

Explanation of a very intriguing conspiracy
Remember you used to be a time when the bank did not leave anyone’s debt so easily. Threats were taken, goods were taken from the house, but suddenly the banks started forgetting the debt of all the traders, and the debt of millions of crores was called BAD LOAN i.e. NPA, which means that the loan can not be recovered.

जिसके बाद बैंक को डूबता हुआ दिखा कर सरकार से पैसे वसूले जा सके. जिसके बाद मोदी सरकार ने आते ही बैंकों के खस्ता हालत देखते हुए , बैंकों को दुबारा जीवित करते हुए 2.5 लाख करोड़ की राशि दी और यही तो बैंक के मैनेजर अधिकारीयों और छुपे हुए खिलाडियों की योजना थी.

After that the money can be levied by the government by showing the bank drowning. After the Modi government came to see it, seeing the poor condition of the banks, the banks gave the amount of Rs 2.5 lakh crore again, and this was the plan for the bank’s manager officers and the hidden players.

2007 कांग्रेस सरकार के वक़्त से होता आ रहा है घोटाला
इस फर्जीवाड़े की गंभीरता को देखते हुए CBI ने दिल्ली के ज्वेलर समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. गुरूग्राम स्थित ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स बैंक के अधिकारियों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है. मामले में बैंकों से साल 2007 कांग्रेस सरकार शासन से लगातार फर्जीवाड़ा करके लोन लेने का आरोप है. बैंक को पैसे नहीं चुकाने के बावजूद मामले में लापरवाही दिखाई गई. इसका मतलब साकार तो पैसा दे ही देगी, एक हाथ पैसा लो दूसरे हाथ से क़र्ज़ देकर उड़ा दो और बीच में मालामाल हो जाएंगे बैंक अधिकारी. तभी तो PNB के आरोपी शेट्टी ने 4 करोड़ का बंगला खरीदा रिटायर होते ही.

2007 Congress is coming out of the government’s scandal
Given the seriousness of the fraud, the CBI has registered a case against several people including Delhi’s jeweler. A case has been registered against the officials of the Gurgaum-Oriental Bank of Commerce Bank. In the case of the bank, the 2007 Congress government has been accused of taking loans by fraudulently forgery. In spite of not paying the money to the bank, negligence was shown in the case. The meaning of this will give money only, take one hand and take it with the other hand and give it to the bank officer. Only then PNB accused Shetty bought a 4 crore bungalow for retirees, as soon as he retired.

केस दर्ज सीबीआई आयी एक्शन में
सीबीआई के अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली की मेसर्स द्वारिका दास सेठ इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड और द्वारका दास सेठ सेज इनकॉरपोरेशन नाम की कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. ये कंपनी दिल्ली के करोलबाग में स्थित है. मामले में CBI ने जिनके खिलाफ केस दर्ज किया है, उसमें कंपनी के मालिक सभ्य सेठ और रिता सेठ के अलावा कृष्ण कुमार सिंह, रवि कुमार सिंह समेत कई सरकारी अधिकारी शामिल हैं.

Case registered in CBI action
According to CBI officials, a case has been registered against the company of Delhi’s M / s Dwarka Das Seth International Pvt Ltd and Dwarka Das Seth Sage Incorporation. This company is located in Delhi’s Karol Bagh. In the case of whom the CBI has registered the case, in addition to the company’s owners, including civil servants Sride Seth and Rita Seth, several government officials including Krishna Kumar Singh, Ravi Kumar Singh are included.

बता दें सभ्य सेठ और रिता सेठ दिल्ली के पंजाबी बाग में रहते हैं, जबकि कृष्ण कुमार सिंह सराय काले खां इलाके में रहते हैं. CBI जल्द ही इन सभी आरोपियों के खिलाफ मामले में जांच करेगी. CBI इनको पूछताछ के लिए अपने दफ्तर में बुलाने वाली है. सूत्रों की मानें तो तीन दिन के अंदर ही इन आरोपियों के खिलाफ सीबीआई बड़ी कार्रवाई करने वाली है.

Tell Saree Seth and Rita Seth live in Punjabi Bagh of Delhi, while Krishna Kumar Sarai lives in Sarai Kale Khan area. CBI will soon investigate the case against all these accused The CBI is going to call him in the office for questioning. According to sources, the CBI is going to take big action against these accused within three days.

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source polotical report

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