हाईकोर्ट ने ममता सरकार को दिया सबसे बड़ा झटका ,चुनाव आयोग को भी लगायी फटकार,जिसे देख PM मोदी समेत कट्टरपंथी के उड़े होश

कोलकाता – बंगाल में आज हालात पाकिस्तान से भी बद्द्तर हो चले हैं असल मायने में कहा जाय तो लोकतंत्र की हत्या सिर्फ बंगाल में हो रही है. कभी दुर्गा पूजा पर मूर्ति विसर्जन पर रोक, तो कभी राम नवमी में शस्त्र यात्रा पर रोक,आर्म्स एक्ट लगाने की धमकी. जबकि खुद तृणमूल के कार्यकर्ता ने विपक्षियों को डराने के लिए तलवार और फरसा लेकर बाइक रैली निकाली, तब कोइ कार्रवाई नहीं हुई.

Kolkata- In today’s situation in Bengal, things have become even bigger than Pakistan. In real terms, if democracy is being done in Bengal only then the killing of democracy is happening. Never stop idol worshiping at Durga Puja, and sometimes threat to impose Arms Act on Ram Navami, to stop arms trade. When the Trinamool worker himself took out a bike rally with the sword and the fross to frighten the opposition, no action was taken.

रामनवमी और हनुमान जयंती पर ज़बरदस्त दंगे और प्रशासन की चुप्पी ममता सरकार ने नहीं दिए कोई कार्रवाई के आदेश, कट्टरपंथी जिहादी बमबाजी,लूटपाट,आगजनी,दुष्कर्म करते रहे, हिन्दू अपने घर छोड़कर पलायन कर रहे, सड़कों पर हिन्दू और रोहिंग्या को घर मिल रहे. इस सबके बाद भी पंचायत चुनाव में ममता की पार्टी के नेता निर्विरोध जीते जरहे हैं क्या आप विश्वास करेंगे?पर ऐसा हो रहा है.

Ramnavmi and Hanuman Jayanti, the silence of administration and the silence of administration, Mamta Government did not give any order to take action, radical jihadist bombardment, looting, arson, abusive, Hindus leaving their homes and fleeing, Hindus and Rohingyas get home on the streets . After all this, even though Mamta’s party leaders are winning uncontested elections in the Panchayat elections, will you believe it? But this is happening.

 

दरअसल हमने आपको कुछ दिन पहले ही बताया था कि कैसे पंचायत चुनाव में बीजेपी पार्टी के प्रत्याशिओं को नामांकन परचा ही भरने नहीं दिया गया. पश्चिम बंगाल में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर ज़ोरदार कोहराम मचा. लगातार छह दिनों से नामांकन दाखिल करने को लेकर एक एक करके हर क्षेत्र में बीजेपी प्रत्याशिओं पर बम से हमले किये गए. हर दिन उनके सर पर मौत मंडराती रही.

Actually, we had told you a few days ago that how the BJP’s candidates were not allowed to fill nomination in Panchayat elections. In the West Bengal, the strong picketing about the three-phase panchayat elections took place. In order to file nominations for six consecutive days, BJP candidates in every field were attacked with bombs. Every day he was hanging on his head.

नौबत तो यहाँ तक आ गयी है कि कलकत्ता हाई कोर्ट ने खुद कड़ा फैसला सुनाया और पुलिस प्रशासन को पंचायत चुनाव में नामांकन करने वाले प्रत्याशियों को सुरक्षा देने के कड़े आदेश दिए हैं.

It has come so far that the Calcutta High Court has given a tough decision on its own and strict instructions have been given to the police administration to give security to the nominees nominated for the Panchayat elections.

पंचायत चुनाव पंजीकरण अधिकारी ने बीजेपी उम्मीदवारों को को नहीं दिया फॉर्म

यही नहीं भाजपा ने यह भी आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग की ओर से नियुक्त सहायक पंचायत चुनाव पंजीकरण अधिकारी बीजेपी उम्मीदवारों को पर्चा के फॉर्म देने से इनकार कर रहा है. पश्चिम बंगाल बीजेपी ने नामांकन पत्र ऑनलाइन उपलब्ध करवाने की मांग की थी. तो इसका क्या यही मतलब निकाला जाय कि कई चुनाव आयोग के अधिकारी भी तृणमूल के इशारे पर काम कर रहे हैं.? इसे कहते हैं सही मायने में लोकतंत्र का गला घोंटना.

चुनाव आयोग को भी लगायी फटकार

दरअसल कोर्ट ने भी माना कि बंगाल में जो पंचायत चुनाव हुए वे सही तरीके से नहीं हुए. कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में हो रहे पंचायत चुनाव पर 16 अप्रैल तक रोक लगा दी है. इसके साथ ही कोर्ट ने चुनाव आयोग को भी फटकार लगाते हुए समक्ष तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए.

Election Commission also imposed a rebuke

In fact, the court also admitted that the Panchayat elections in Bengal did not happen in the right way. The court has stayed the elections in West Bengal on April 16. At the same time, the court also ordered the EC to submit a factual report before it.

Panchayat election registration officer not given to BJP candidates

Not only this, the BJP has also alleged that the assistant Panchayat Election Registration Officer appointed by the West Bengal Election Commission is refusing to give the form of the form to the BJP candidates. The West Bengal BJP demanded that the nomination papers be made available online. So, what is the meaning of this, that many EC officials are also working at the behest of the Trinamool? It is said to truly strangle democracy.

हाईकोर्ट ने ममता सरकार को दिया सबसे बड़ा झटका

तो वहीँ सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दखल देने से मना कर दिया जिसके बाद हाईकोर्ट ने सख्त एक्शन लिया है और बड़ी साज़िश की बदबू आने के बाद पंचायत चुनाव पर ही रोक लगा दी है.

The biggest blow to the Mamta Government is the High Court

So the same Supreme Court refused to interfere in this matter, after which the High Court has taken strict action and after the bad intentions, the panchayat elections have been banned.

दरअसल त्रिपुरा,मेघालय,नागालैंड में जीतने के बाद अमितशाह ने एलान किया था कि कर्णाटक, बंगाल और केरल में भी बीजेपी जल्द आ रही है, जिससे ममता बुरी तरह बौखला गयी थी और बीजेपी को कभी भी सरकार नहीं बनने देगी ऐसी धमकी दी थी.

In fact, after winning in Tripura, Meghalaya and Nagaland, Amit Shah had announced that BJP in Karnataka, Bengal and Kerala was coming soon, due to which Mamta was severely frustrated and that such a threat would not allow BJP to become a government anytime.

लहूलुहान हुआ पंचायत चुनाव

दरअसल जैसे ही बीजेपी प्रत्याशी नामांकन परचा भरने जाते वहां कट्टरपंथियों संग TMC के कार्यकर्ता मिलकर दंगा फसाद शुरू कर देते. जिसके बाद धारा 144 लगाकर पुलिस बीजेपी के लोगों को उठाकर ले जाती और वे परचा नहीं भर पाते थे. शनिवार को दुर्गापुर में भाजपा के कैंप कार्यालय पर हमला हुआ. भाजपा जिलाध्यक्ष लखन घोरुई को तो चाकू मारकर जख्मी कर दिया गया. महिला बीजेपी विधायक के साथ बदसुलूकी और मारपीट की गयी.

Lahululhan Hua Panchayat elections

Actually, as soon as BJP nominee gets nomination, TMC workers along with fundamentalists will start rioting. After which Section 144 imposed by the police, the police took the people of the BJP and they could not fill the paracha. BJP’s camp office was attacked in Durgapur on Saturday. BJP District President Lakhan Gharui was hit with a knife. Female BJP MLA was abused and beaten up.

यही वजह रही कि सैकड़ों सीटों के जब चुनाव परिणाम आये तो उसमे ममता की तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी सभी सीटों पर निर्विरोध जीत गए. मतलब कोई और विरोध करने के लिए खड़ा ही नहीं हुआ. ऐसा कैसे हो सकता है बीजेपी है अन्य पार्टियां है, कोई विपक्षी खड़ा कैसे नहीं हुआ?

The reason for this is that in the hundreds of seats when election results came, Mamata’s Trinamool Congress candidate won uncontested all the seats. It meant no one stood up to protest. How can it be BJP, there are other parties, how did no opposition stand?

दरअसल विपक्षी पार्टी खड़ी नहीं हुई ऐसा नहीं है, विपक्ष बीजेपी को खड़ा होने ही नहीं दिया गया. नामांकन परचा ही नहीं भरने दिया गया तो खड़े कहाँ से होते जीतना तो दूर की बात है. ये है ममता सरकार की साज़िश विपक्ष को खड़े ही मत होने दो, ममता हमेशा सत्ता में बनी रहना चाहती हैं ऐसा लगता है जल्द ही बंगाल में सिर्फ बांग्लादेशी और रोहिंग्या रह जायेंगे और हिन्दू अप्ल्संख्यक हो जायेंगे. इसके बाद आने वाले अनेक सालों तक जितने चाहे चुनाव होते रहे कोई विपक्षी कभी सत्ता में नहीं आ पायेगा.

n fact, the opposition party did not stand, it is not so that the Opposition BJP was not allowed to stand up. Nomination was not allowed to fill, then where to stand it is far away. This is Mamata’s conspiracy against the government, let the opposition not stand up, Mamata always wants to remain in power. It seems that soon there will be only Bangladeshi and Rohingya in Bengal and Hindus will become an ascendant. After this, no opposition will ever come to power as long as the elections are held for many years to come.

यह भी देखे
https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8

source political report

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