VIDEO: आज तक के रिपोर्टर निशांत चतुर्वेदी ने ममता बनर्जी का किया भंडाफोड़, खुद देखिये विडियो

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ममता बनर्जी हेमशा से ही तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति करती आयी है, ममता समुदाय विशेष को अधिक तवज्जो देती है, जिसकी वजह से आज पश्चिम बंगाल में हिन्दुओं की स्थिति काफी ख़राब होती जा रही है, हिन्दू त्योहारो पर तरह-तरह की रोक लगाई जाती है!

Mamta Banerjee has come from Hemsha to appease the politics of vote bank, Mamata gives special attention to the community, due to which the condition of Hindus in West Bengal is getting worse today, there are various restrictions on Hindu festivals. She goes!

यहाँ तक की दुर्गा माँ के बंगाल में ही दुर्गा पूजा के विसर्जन को भी मुहर्रम के वजह से बाधित कर देती है, उनका कहना था की मोहर्रम के वजह से दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन दशमी के दिन ही होगा, क्युकी अगले दिन मुहर्रम था! वही दूसरी तरफ मुस्लिम समुदाय के लोगो पर कोई रोक टोक नहीं किया जाता है! आज बंगाल में हिन्दू परेशांन होकर विकल्प की तलाश में जुट गया है, जिस वजह से बंगाल में बीजेपी की जनाधार दिनों दिन बढ़ रही है!

Even in Durga’s mother, in Bengal, Durga Puja’s immersion is also inhibited by Muharram, she said that due to Muharram, the immersion of Durga statue will be on the day of Dasami, that was the next day Muhraham! On the other side there is no bar on the people of the Muslim community! Today, in Bengal, Hindus have gathered in trouble looking for alternatives, due to which the BJP’s base in Bengal is increasing day by day!

अगर ममता बनर्जी की बात करे तो उन्होंने अपने राजनितिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस की छात्र नेता के तौर पर की थी! पढाई के दौरान ममता बनर्जी का विषय था इस्लामिक हिस्ट्री! ममता बनर्जी बाद में कांग्रेस से अलग होकर अपनी पार्टी बनायीं और बंगाल के मुख्यमंत्री बन बैठी! लेकिन ममता बनर्जी ने सिर्फ और सिर्फ एक समुदाय विशेष को बढ़ावा देने का काम किया है! मदरसों को आर्थिक मदद देना और स्कूलों में सरसवती पूजा पर प्रतिबन्ध लगाना!

If Mamta Banerjee talked about her, she started her political life as a student of Congress. During the study, Mamta Banerjee’s theme was Islamic History! Mamta Banerjee later separated from the Congress and formed her party and became the Chief Minister of Bengal! But Mamta Banerjee has done just one and only to promote a community special! Financial aid to madarsas and ban on Saraswati worship in schools!

बंगाल में मुस्लिम समुदाय जमकर उत्पात मचा रहा है और ममता बनर्जी इनके खिलाफ कड़ा कदम उठाने के बजाय इन्हे बढ़ावा देती दिखाई दे रही है! इन्ही सब मुद्दों पर आज तक न्यूज चॅनेल के बरिष्ट पत्रकार ने फेसबुक लाइव के तहत खुलाशा किया है! निशांत चतुर्वेदी ने बताया कि 2013 में बंगाल में 106 सम्प्रदायिंग दंगे हुए जबकि उससे पहले पिछले पांच सालो में 12 से 40 सांप्रदायिक दंगे हुए थे

In Bengal, the Muslim community is making a lot of grief and Mamata Banerjee seems to be encouraging them instead of taking strong action against them! On all these issues, news channels of news channels have exposed under Facebook Live! Nishant Chaturvedi said that there were 106 communal riots in Bengal in 2013 while there were 12 to 40 communal riots in the last five years.

अगर पश्चिम बंगाल की आबादी की बात करे तो मुस्लिमो की कुल आबादी 27% है और अगर अवैध बांग्लादेशियो को मिला दिया जाये तो बंगाल में कुल 30% मुस्लिम रहते है! और इनमे बहुत से कट्टरपंथी भी है, और कहा ये जाता है की ममता बनर्जी इन्ही कट्टरपंथियों को खुश करने की कोशिश कर रही है!

If the West Bengal population speaks of the total population of Muslims, 27% of the total population and if illegal Bangladeshi is merged, then 30% Muslims in Bengal live. And there are many fundamentalists, and it is said that Mamata Banerjee is trying to please these fundamentalists!

निशांत चतुर्वेदी का वीडियो, ममता बनर्जी को बेनकाब कर डाला…

Video of Nishant Chaturvedi, exposed Mamta Banerjee …

क्या ममता बैनर्जी ने पश्चिम बंगाल को पाकिस्तान बना दिया है ? Shocking Facts 😡 Join In Live…..

Posted by Nishant Chaturvedi on Saturday, July 8, 2017

निशांत चतुर्वेदी ने बसीरहाट दंगे की बात करते हुए कहा की, एक माइनर लड़के ने फेसबुक पर अप्पतिजनक पोस्ट डाली, जो की गलत था और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया लेकिन फिर भी वह हिन्दुओं के साथ मारपीट किये गए, उनके घर और दुकाने जलाई गयी ये खा से सही है, क्या ममता बनर्जी को इसे रोकना नहीं चाहिए था! उन्होंने कहा की ये वही ममता बनर्जी है जो मदरसों को हार्ड कॅश देती है और इनके कृत्यों पर चप्पी साध लेती है!

Talking about the Basirhat riots, Nishant Chaturvedi said that a minor boy posted an objectionable post on Facebook, which was wrong and the police arrested him but still he was assaulted with the Hindus, his house and shops were lit This is correct with eating, should not Mamata Banerjee stop it! He said that this is the same Mamta Banerjee who gives hard cash to the madarsas and takes action on their actions!

निशांत चतुर्वेदी ने ममता बनर्जी के सैट्स सामने रखे, उन्होंने बताया की साल 2012 में ममता बनर्जी ने 32 हजार मस्जिदों को पैसा देना शुरू किया! ! जिसे विवाद बढ़ने पर बाद में बख्त बोर्ड के तहत कर दिया गया! और तो और इसको लेकर कोलकाता में इमामो ने एक बहुत बड़ी रैल्ली की और मांग किया की इस राशि को बढाकर 20000 रुपये मंथली कर देना चाहिए

Nishant Chaturvedi kept Mamata Banerjee’s sets in front, he said that in 2012, Mamta Banerjee started paying money to 32 thousand mosques! ! After the dispute grew, it was later transferred under the Board! And in this case, in Imphal, in Imphal, a huge rally was made in Kolkata and demanded that this amount should be increased to 20000 rupees.

आगे निशांत चतुर्वेदी ने धूलगढ़ के दंगो का भी जिक्र किया! उनोने बताया की धूलगढ़ दंगा क्यों हुआ था! धूलगढ़ दंगा 12 दिसंबर 2016 को शुरू हुआ था, उस दिन ईद था और जोर जोर से लाउडस्पीकर बजाये जा रहे थे, जिसके बाद हिन्दुओं ने कहा की लाउंडस्पीकर की आवाज थोड़ी काम कर दी जाये जिसपर मुस्लिम समुदाय के कट्टरपंथी भड़क उठे और हिन्दुओं की मकान और दुकाने जलनि शुरू कर दी!

Further Nishant Chaturvedi also mentioned the riots in Duggar! He told why there was a dusting riot! The Duggar riots started on December 12, 2016, that day the Id and the loudspeakers were being loud, after which the Hindus said that the sound of the loudspeaker should be done in a little bit on which the fundamentalists of the Muslim community got burnt and the houses of Hindus and The shops started burning!

अब सवाल यह उठता है की ईद जैसे तयोहार पर ये लाठी, डंडे और किरोसिन लेकर निकलते है लेकिन इनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जाता है! कोई गिरफ़्तारी नहीं की जाती है! ये बढ़ावा देना नहीं है तो और क्या है?

Now the question arises that on Eid like Eid, they come out with sticks, poles, and kerosene but no action is taken against them! No arrests are made! What does it do if it does not promote?

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