इस्लाम अपनाकर पहली बार मस्जिद गया रोहित, पर उसकी अकल ठिकाने आ गयी- इसलिए भागना पड़ा

महाराष्ट्र के दलित “रोहित लांडे” ने हिन्दू धर्म छोड़ कर इस्लाम अपना लिया और मस्जिद गया,

The Dalit “Maharashtra Rohit Lande”, left the Hindu religion and embraced Islam and went to the mosque,

रोहित लांडे: मैंने इस्लाम कबूला है। मेरा मस्जिद में पहला दिन है
मौलवी: बहुत अच्छी बात है। ए ओसामा, नए मुसलमान के इस्तकबाल के लिए चाय ले के आ।

नीचे देखें विडियो

Rohit Lande: I have confessed Islam. The first day in my mosque
Maulvi: It’s a very good thing. A. Osama, the new Muslim came to take tea for the Istqbal.

((चाय पीते हुए))

मौलवी: ये बताओ क्या सोच कर इस्लाम कबूला?
रोहित लांडे: मैंने सुना है कि ब्राह्मण कई जातियों को मंदिर में नहीं घुसने देता, कान में पिघला हुआ शीशा भी डाल देता है, पर, इस्लाम मे ऐसा कुछ नहीं होता। इसीलये, इस्लाम कबूला।
मौलवी: अच्छा किया तुमने हिन्दू धर्म छोड़ कर। इस्लाम मे जातियाँ नहीं हैं। यहां कोई पंडित, ठाकुर, बनिया नहीं चलता।

((Drinking tea))                   

Maulvi: Tell me what do you think of Islam?
Rohit Lande: I have heard that Brahmin does not allow many castes to enter the temple, it also puts a molten glass in the ear, but there is nothing like this in Islam. That is why, Islam Kabula
Maulvi: Good did you leave Hindu religion. There are no castes in Islam. There are no Pandits, Thakurs, Bania, no shots here.

मौलवी: अच्छा ये बताओ, इस्लाम का कौन सा फिरका चुना?
रोहित लांडे: देवबंदी

Maulvi: Say this good, what is the choice of Islam?
Rohit Lande: Deobandi

मौलवी: सुनो मियां, अपना चाय का कप नीचे रखो और यहां से तुरंत निकल लो!
रोहित लांडे: पर क्या हुआ मौलवी साहब, अभी आपने कहा कि मस्जिद में सबका इस्तकबाल है?

Maulvi: Listen Mian, keep your tea cup down and get out of here right away!
Rohit Lande: What happened on the Maulvi Saheb, now you said that everyone in the mosque is a person?

मौलवी: बाहर बोर्ड लगा है कि ये मस्जिद बरेलवी फिरके की है और देवबंदियों का यहां घुसना सख्त मना है। अगर यहां से नही जल्दी बाहर गए तो तुम्हारे हाथ पैर तोड़ दिए जाएंगे और चार कंधों पर घर जाओगे।

Maulvi: Outside the board, it is said that this mosque is recharged and the Deobandis are strictly forbidden to enter here. If you do not go out early here, your hands will be broken and you will go home on four shoulders.

रोहित लांडे: जी, जाता हूँ।
मौलवी: और हाँ, आगे से मस्जिद के आसपास दिखाई भी नहीं देना वरना दौड़ा-दौड़ा कर मारेंगे।
रोहित लांडे मन मे सोचता है “मुझे जातिवाद का असली मतलब आज समझ आया। मैं वापस चला अब मंदिर…जय श्री राम।”

Rohit Lande: Yes, I’ll go.
Maulvi: And yes, do not even show up in front of the mosque or run away.
Rohit Landday thinks in my mind “I understood the true meaning of racism today. I went back to the temple now … Jai Shri Ram.”

और हां इस्लाम में जातिवाद क्या होता है, ये ऊपर वाले साइन बोर्ड को पढ़कर समझ लीजिये, किसी हिन्दू मंदिर के बाहर आपको ऐसे जातिसूचक साइन बोर्ड नहीं मिलेंगे, पर हज़ारों मस्जिदों के आगे मिलेंगे, ये नासिक महाराष्ट्र के बाहर के मस्जिद का है

And yes, what is racism in Islam, read this above sign board and understand that you will not get such caste sign board outside of a Hindu temple, but thousands of mosques will be found in front of them, this is the mosque outside Nashik Maharashtra.

यह भी देखे

https://www.youtube.com/watch?v=k87GwTUEGuQ&t=18s

sourcename:political report

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