सोनिया के दामाद वाड्रा पर मोदी सरकार ने मारा करारा तमाचा आयकर विभाग से मिलीभगत का बड़ा खुलासा कांग्रेसी रह गए सन्न

नई दिल्ली : कांग्रेस सरकार में दनादन घोटाले हुए और अपने रिश्तेदारों को ज़बरदस्त फायदा पहुंचाया गया. कानून के साथ कबड्डी खेलते हुए अब तक तो कांग्रेसी वकील इन्हे बचाते आ रहे थे लेकिन अब सोनिया के दामाद वाड्रा लम्बा फसने जा रहे हैं.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक रॉबर्ट वाड्रा के बीकानेर लैंड डील के मामले में अब इनकम टैक्स विभाग के अधिकारी ईडी के निशाने पर आ गए हैं. इसी मामले में ईडी ने वाड्रा को भी समन भेजा है. यानी की अब बड़े ज़मीन के गड़बड़झाले में सीधा वाड्रा से पूछताछ होगी. आरोप है कि आयकर विभाग ने भूषण पावर एंड स्टील कंपनी को 500 करोड़ की आय पर टैक्स की राहत दी थी.

यानी की जिस तरह सीबीआई में कांग्रेस के समर्थक अधिकारी निकल कर आये थे जो कई जगह रेड मारने से रोक रहे थे, उसी तरह आयकर विभाग में कई कांग्रेस के पालतू बैठे हुए हैं. इसमें कोई शक नहीं क्यूंकि आज तो सुप्रीम कोर्ट के CJI तक तो कांग्रेस नेता के बेटे हैं.

500 करोड़ की आय पर टैक्स की राहत इसलिए गई थी क्योंकि भूषण पावर एंड स्टील कंपनी ने रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी से जमीन खरीदने वाली कंपनी को जमीन खरीदने के लिए छह करोड़ रुपये का लोन दिया था. जब इस बारे में प्रवर्तन निदेशालय ने आयकर विभाग से फाइल मांगी तो जवाब में कहा गया कि दस्तावेज जल गए. इस तरीके से हेरा फेरी की जाती है और दामाद जी को बचाती आ रही थी कांग्रेस.

तो वहीँ इस मामले में अपने बचाव में कांग्रेसी दामाद वाड्रा का बस इतना ही कहना है कि राजस्थान चुनाव से पहले लोगों को ध्यान भटकाने के लिए उनका(भाजपा) ‘प्लान बी’ है. उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश में सरकार चलाने में नाकाम रही है.

आपको बता दें कि साल 2017 में बीकानेर जमीन घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय रॉबर्ट वाड्रा के करीबियों के यहां छापेमारी कर चुका है. ईडी ने फरीदाबाद में तीन जगहों पर छापेमारी की थी. जिन लोगों पर छापेमारी हुई है उनमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के करीबी महेश नागर और अशोक कुमार भी शामिल हैं.

आरोप है कि 2011 में आयकर विभाग ने भूषण पावर एंड स्टील की आय का आकलन कर जवाब मांगा था. इसके बाद ही भूषण पावर एंड स्टील ने रॉबर्ट वाड्रा की जमीन खरीदने के लिए एलीजीनी कंपनी को लोन दिया था. इसी लोन के बाद आयकर विभाग ने कथित तौर पर भूषण पावर एंड स्टील की याचिका सेटेलमेंट कमीशन के सामने मंजूर हो गई. अब आयकर विभाग के अधिकारियों से प्रवर्तन निदेशालय पूछताछ कर सकता है.

बीकानेर जमीन सौदे से वाड्रा का कनेक्शन क्या है? ये आपको विस्तार से समझना चाहिए. बीकानेर की जमीन 2008 में फर्जी तरीके से एक फर्जी नाम पर दर्ज कराई गई.2008 में जमीन फर्जी तरीके से बिकी.2010 में रॉबर्ट वाड्रा ने बीकानेर की जमीन खरीदी. 2012 में वाड्रा की कंपनी स्काईलाईट प्राइवेट लि. ने एलीजनी फिनलीज कंपनी को जमीन बेची.रॉबर्ट वाड्रा ने करीब 6 गुना मुनाफे पर जमीन बेची.एलीजनी कंपनी के ज्यादातर शेयरधारकों का पता नहीं है. पड़ताल में भी कंपनी का रजिस्टर्ड पता फर्जी निकला है.

वहीं हरियाणा के गुरुग्राम में एक जमीन खरीद-फरोख्त के मामले में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा के खिलाफ केस दर्ज कर किया गया था. इस मामले में सीबीआई ने हुड्डा और 33 अन्य लोगों के खिलाफ 1500 करोड़ रुपए से अधिक के मानेसर जमीन सौदे में कथित भ्रष्टाचार के मामले में आरोप पत्र दायर किया था जो गुड़गांव के मानेसर, नौरंगपुर और लखनौला गांवों के जमीन सौदों से संबंधित था.

source:dd bharti

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