बड़ी खबर- देश में फिर से मोदी सरकार ने करवाई सर्जिकल स्ट्राइक, आतंकियों के होश उड़े !

कांग्रेस सरकार के दौरान आतंकियों की चापलूसी और देशभक्तों को झूठे मुकदमों में फंसाने की ख़बरें आयेदिन ही आया करती थी. मगर मोदी सरकार के दौरान पहली बार देश ने सर्जिकल स्ट्राइक करनी शुरू की. पहले म्यांमार में, फिर पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक करके भारतीय सेना ने आतंकियों के मन में खौफ भर दिया है | हाल ही में म्यांमार में एक बार फिर सर्जिकल स्ट्राइक की गयी थी और उग्रवादियों के ठिकाने उड़ा दिए गए थे | अब देश के अंदर ही ऐसी ही एक और बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की खबर सामने आ रही है, जिसने नक्सलियों के होश उड़ाए हुए हैं |

During the Congress government, the news of trickery of terrorists and entrapment of the patriots in false cases came only days. But for the first time during the Modi government, the country started surgical strike. In the first place in Myanmar, then by the surgical strike in the PoK, the Indian Army has filled the horror of the terrorists. More recently, a surgical strike was done in Myanmar and the whereabouts of the militants were blown away. Now there is news of another such major surgical strike within the country, which has captured the naxalites.

सीआरपीएफ जवानों पर हमले करने वाले नक्सलियों के खिलाफ मोदी सरकार ने बड़ा अभियान छेड़ा हुआ है. खबर है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के काले धन, खुफिया तंत्र एवं हथियारों के जखीरे की बरामदगी की कार्रवाई के बाद अब पुलिस का सर्जिकल स्ट्राइक ऑपरेशन शुरू हो चुका है | इस सर्जिकल स्ट्राइक को फ्लेक्सी सर्जिकल स्ट्राइक कहा जा रहा है, इसके तहत नक्सलियों के गढ़ कहे जाने वाले इलाकों में पुलिस ने इनामी राशि के साथ नक्सलियों की फोटो के बड़े-बड़े फ्लेक्स व् होर्डिंग लगवाए हैं |

The Modi government has launched a big campaign against the Maoists who attacked the CRPF jawans. The news is that the surgical strike operation of the police has started after the operation of the recovery of black money, intelligence and weapons of Naxalites in Chhattisgarh. This surgical strike is being called a Flexi Surgical Strike, under which the police has provided large flakes and billboards of Naxalites with prize money in areas called Maoists’ strongholds.

इनमे चेतावनी जारी की गयी है कि समर्पण करो वरना मारे जाओगे | पुलिस व् सुरक्षाबलों के जवान नक्सलियों के पीछे पूरी शिद्दत से लगे हुए हैं और समर्पण ना करने पर इन्हे देखते ही मार गिराने के आदेश हैं | सभी इनामी नक्सलियों की जानकारी हर होर्डिंग पर नक्सली प्रभावित इलाकों के थाना कैंपों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी इनामी नक्सलियों के फ्लेक्स लगवाए जा रहे हैं |

It has been issued warning that surrender or else will be killed. The soldiers of the police and the security forces are fully engaged in the revenge of the Maoists and if they do not surrender they are ordered to kill. Information about all the prize naxalites, with floating camps of Naxalite affected areas on every hoarding, fencing of the Naxalites is also being implemented in rural areas.

इसको ही फ्लेक्सी सर्जिकल स्ट्राइक नाम दिया गया है. फ्लेक्स लगवाने के पीछे पुलिस का तर्क है कि जो नक्सली बीजापुर, सुकमा एवं ओड़िसा के सरहदीय इलाकों में सक्रिय हैं, उनका दंतेवाड़ा जिले में आना जाना लगा रहता है. ऐसे टॉप माओवादियों के नाम, इनाम की राशि की जानकारी के साथ फोटो फ्लेक्स में लगवाए गए हैं | पुलिस का मानना है कि इनामी राशि व जागरुकता के कारण एक ओर जहां ग्रामीणों द्वारा नक्सलियों की सूचना उन्हें मिलेगी, वहीं दूसरी ओर फ्लेक्स के माध्यम से नक्सलियों को भी समर्पण करने का मौका दिया जा रहा है | पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इससे नक्सलियों को संदेश दिया जा रहा है कि मुठभेड़ में बाकी जो नक्सली मारे गए हैं, समर्पण नहीं करने पर उनका भी यही हश्र होगा |

This is named as Flexi Surgical Strike. The police have argued that the Naxalites are active in the border areas of Bijapur, Sukma and Odisha, and they are going to come to Dantewada district. The names of such top Maoists, along with information about the amount of reward, have been photographed in Flex. Police believe that due to prize money and awareness, while the villagers will get information about the Maoists, on the other hand, Naxals are being given the opportunity to surrender through Flex. Police officers say that it is being given message to the Maoists that if the Naxalites have been killed in the encounter, they will be defeated if they do not surrender.

छोटे-छोटे पर्चे, पोस्टर नहीं बल्कि होर्डिंग्स के जरिये नक्सली ऑपरेशन इस योजना का नाम फ्लेक्सी सर्जिकल स्ट्राइक इसलिए भी रखा गया है, क्योंकि अब तक पुलिस पर्चे, पोस्टर के माध्यम से ही इनामी नक्सलियों की जानकारी दिवारों पर चस्पा करती थी. पहली बार बड़े-बड़े फ्लैक्स व होर्डिंग के माध्यम से इनामी नक्सलियों को लेकर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है |

Naxalite operation through small swamps, posters, hoardings, this scheme has also been named Flexi Surgical Strike because the police used to send information about the Naxalites through the poster, poster, on the wall. For the first time, propaganda is being spread through the big flax and billboards for the Naxalites.

पुलिस नक्सलियों के बारे में सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखने के साथ ही इनाम भी दिया जा रहा है. फ्लेक्स के माध्यम से पुलिस की ओर से गांव के लोगों को यह भी बताया जाएगा कि बड़े नक्सलियों और संगठनों द्वारा किस तरह से आम ग्रामीणों का शोषण किया जा रहा है. शीर्ष नक्सलियों के परिवार ऐशो आराम से गुजर बसर कर रहे है. उनके बच्चे अच्छे स्कूलों में पढ़ रहे हैं. जबकि नक्सली ग्रामीण छेत्रो के स्कूलों को तोड़ कर ग्रामीण बच्चो को शिक्षा से वंचित कर रहे हैं |

The information about the police naxalites is being kept as well as the reward is given. Through Flex, the people of the village will be told by the police how the villagers and organizations are exploiting the common villagers. The families of the top Maoists have been living comfortably. Their children are studying in good schools. While the Naxalites are blocking schools of rural areas, rural children are deprived of education.

समर्पण या मौत दंतेवाड़ा के एडिशनल एस पी गोरखनाथ बघेल के मुताबिक फ्लेक्स से ग्रामीणों के अंदर मानसिक बदलाव आएगा. जनता नक्सलियों के शोषण से त्रस्त हो चुकी है. फ्लेक्स में सरहदीय इलाकों के शीर्ष नक्सली, जिनका जिले में आना जाना लगे रहता है. उनकी फोटो के साथ इनाम की राशि की जानकारी भी है | एएसपी बघेल ने बताया कि फ्लेक्स में पुलिस के उच्च अधिकारियों के मोबाइल फोन नंबर भी दिए गए हैं. फ्लेक्स में दोनो बातों का जिक्र किया गया है कि सरकार की समर्पण नीति के तहत समर्पण कर मुख्यधारा में जुड़े अन्यथा मुठभेड़ में मारे गए माओवादियों की तरह तुम भी मारे जाओगे |

Dedication or death According to Dantewada Additional SP Gorakhnath Baghel, there will be a psychological change in the villagers. The people have been troubled by the exploitation of the Maoists. Top Naxalites of the border areas in Flex, who are going to come to the district. There is also information about the amount of reward with his photo. ASP Baghel said that the mobile phone number of the police officers in Flex has also been given. In Flex, both things have been mentioned that surrendered under the surrender policy of the government, in the mainstream, otherwise you will be killed like Maoists killed in the encounter.

नक्सलियों का अंत करीब एएसपी बघेल ने यह भी कहा कि ग्रामीण इलाकों में फ्लेक्स ज्यादा दिनों तक नहीं रहेंगे. नक्सली उन्हें फाड़ देंगे. फिर भी फाड़ने से पहले नक्सली दिए गए नम्बरो को रख लेते हैं और जरूरत के समय फोन भी करते हैं. पहले भी मोबाइल फोन के जरिये कई माओवादियों ने समर्पण करने की इच्छा जताई और समर्पण किया | कांग्रेस की सरकार देश में 60 सालों तक रही और नक्सलियों के खिलाफ एक्शन लेने की जगह उन्हें पालती रही. साफ़ है कि मोदी सरकार नक्सलियों के सफाये के लिए हर मुमकिन कदम उठा रही है | सरकारी सूत्रों के मुताबिक़ सरकार का मिशन है कि अगले लोकसभा चुनावों तक नक्सलियों का पूरी तरह से सफाया हो जाए |

Nearing the end of the Maoists, ASP Baghel also said that flex in rural areas will not stay for long. Naxalites will tear them. However, before tearing, the Naxalites keep the numbers given and phone them in need. Earlier, through the mobile phone, many Maoists expressed their desire to surrender and surrendered. The Congress government remained in the country for 60 years and kept abreasting instead of taking action against the Naxalites. It is clear that the Modi government is taking every possible step to wipe out the Naxalites. According to government sources, the government’s mission is that the Naxalites are completely wiped out by the next Lok Sabha elections.

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https://www.youtube.com/watch?v=6KzO3XxanXM

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