कासगंज मामले में CM योगी को कामयाबी,पकड में आया हत्यारा तो उगले ये बड़े-बड़े नाम ,जिहादियों की रूह तक दहशत

लखनऊ : कासगंज दंगे के बाद सीएम योगी ने बयान दिया था कि आरोपियों को बक्शा नहीं जाएगा. सीएम योगी का वादा पूरा होता दिख रहा है क्योंकि पुलिस ने चंदन गुप्ता के हत्यारे तीन भाइयों में से एक को धर-दबोचा है. सलीम नाम का पहला जिहादी पुलिस की हिरासत में आ चुका है और फिलहाल कासगंज कोतवाली में तेल पिलाये डंडों से उसकी अच्छी तरह से खातिरदारी हो रही है.

Lucknow: After the Kasganj riots, CM Yogi made the statement that the accused will not be expelled. The promise of CM Yogi is being fulfilled because the police has arrested Chandan Gupta’s killer, one of the three brothers. The first jihadist named Salim has been in the custody of the police and at present he is getting good accountability with the oil pellet sticks in Kasganj Kotwali.

पुलिस अपने तरीके से पूछताछ कर रही है और वसीम व् नसीम को तलाश कर रही है. पुलिस ने इनके घर पर कुर्की का नोटिस भी लगाया है, यदि एक मार्च तक ये आरोपी कोर्ट में हाजिर नहीं हुए तो उनकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी.

The police is interrogating in their own way and looking for Wasim or Nasim. The police has also issued a notice of attachment to their house, if the accused did not appear in the court till March 1, their property would be seized.

सामने आया चंदन का आखिरी वीडियो
बता दें कि चंदन की 26 जनवरी को हत्या हुई थी और एबीपी न्यूज़ समेत कई चैनलों ने सारा दोष चन्दन व् उसके साथियों पर ही मढ़ दिया था. इन मीडिया चैनलों ने झूठी न्यूज़ चलाई कि चन्दन व् उसके साथी भगवा झंडा लेकर यात्रा निकाल रहे थे और मुसलमानों को भड़काने वाले नारे लगा रहे थे, जबकि चन्दन के वीडियो से साफ़ हो गया है कि वो बुलेट से तिरंगा यात्रा लेकर निकला था.

Chandan’s last video appeared
Please tell that Chandan was murdered on January 26 and several channels including ABP News had plundered the entire blame on the Chandni and his companions. These media channels carried out false news that Chandan and his companions were carrying out the saffron flag and were shouting slogans provoking Muslims, while the video of Chandan became clear that he had come out with a bullet from the bullet.

चन्दन गुप्ता तिरंगा यात्रा में सबसे आगे चल रहा था. उसके हाथ में तिरंगा झंडा था, नाकि भगवा झंडा और वो कोई आपत्तिजनक नारेबाजी भी नहीं कर रहा था. जिहादी तत्वों की सुनियोजित साजिश थी दंगा करने की. इसी के चलते जानबूझकर तिरंगा यात्रा को मुस्लिम बहुल इलाके से गुजरने से रोक दिया गया.

Chandan Gupta was leading in the tri-color journey. He had a tricolor flag in his hand, not a saffron flag and he was not even making any objectionable sloganeering. The planned plot of jihadist elements was to riot. Due to this, intentionally the Tiranga Yatra was stopped from passing through a Muslim dominated area.

जब एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने इसपर ऐतराज जताया तो उनपर घरों की छतों से फायरिंग की गयी और पत्थरबाजी की गयी. यूपी पुलिस के मुताबिक़ जिहादी तत्वों ने पुलिस के जवानों पर भी फायरिंग की.

When ABVP activists protested, they were fired and stone-shaped from the roofs of the houses. According to the UP Police, jihadi elements also firing on the police jawans.

गृह मंत्रालय ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को शुक्रवार को शुरू हुयी हिंसा तथा उसके बाद इलाके में शांति के लिए उठाए गए कदमों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है. राज्य सरकार से यह भी कहा गया है कि हिंसा में शामिल लोगों को दंडित करने के लिए उठाए गए कदमों का ब्यौरा भी मुहैया कराए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उनकी सरकार राज्य के हर नागरिक को सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और अराजकता फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा.

Detailed report sought by the Home Ministry
The Home Ministry has asked the state government to submit a detailed report on the violence launched on Friday and subsequently steps taken for peace in the area. It has also been said to the state government that details of the steps taken to punish people involved in the violence have also been provided. Chief Minister Yogi Adityanath has said that his government is committed to providing security to every citizen of the state and those who spread the chaos will be dealt with strictly.

हिंसा में अबतक 145 लोग गिरफ्तार
चंदन की हत्या के आरोप में 20 नामजद लोगो पर एफआईआर है. पांच नामजद और छह अज्ञात समेत 11 की गिफ्तारी हो चुकी है. 15 नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है. कासगंज में हिंसा के सिलसिले में 145 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

145 people arrested in violence
There is an FIR on 20 nominated people for the charge of killing Chandan. Five nominations and six unidentified 11 people have been arrested. 15 Nominated accused are yet to be arrested. 145 people have been arrested in connection with the violence in Kasganj.

मोदी जी की सेना में घुसे गद्दार किया ऐसा भयानक विश्वास घात,जिसे देख PM मोदी समेत पूरा देश हैरान

नई दिल्ली : नरेंद्र मोदी भारत के इतिहास के एकमात्र ऐसे नेता हैं जो एक सामान्य चाय बेचने वाले से अपने दम पर आगे बढ़ते-बढ़ते देश के प्रधानमंत्री बन गए. जब वो गुजरात के सीएम थे तब भी विकास में इतना आगे थे कि गुजरात को देश का एकमात्र ऐसा राज्य बना दिया, जहाँ चौबीसों घंटे बिजली आती है. इसके अलावा अपने विकास व् सुशासन का ऐसा मॉडल बनाया कि जनता ने उन्हें पीएम की गद्दी पर बैठा दिया.

मोदी के खिलाफ बीजेपी के गद्दार
एक ऐसा राजनेता, जिसने अकेले के दम पर देश की सबसे पुरानी और ताकतवर कांग्रेस पार्टी को ठिकाने लगा दिया. ऐसा नेता, जिसे सभी विपक्षी पार्टियां मिलकर भी रोक ना सकीं, उसके पीछे अब बीजेपी के ही कुछ गद्दार नेता पड़ गए हैं. पीएम मोदी के खिलाफ बीजेपी में ही एक धड़ा खुलकर सामने हो गया है.

इस धड़े के मुख्य नेता है बीजेपी के यशवंत सिन्हा और शत्रुघ्न सिन्हा. आडवाणी धड़े के कई नेता अब इनके साथ मिलकर पीएम मोदी को गद्दी से उतारने के लिए खुलकर सामने आ गए हैं, फिर चाहे सत्ता बीजेपी के हाथ से निकलकर कांग्रेस के हाथ ही क्यों ना चली जाए.

बीजेपी के इन जयचंदों को पद चाहिए, किसी भी कीमत पर. इसके लिए अब इन नेताओं ने कांग्रेस व् आम आदमी पार्टी से भी हाथ मिला लिया है. घर के भेदी अब पीएम मोदी की सत्ता को गिराने के लिए विपक्ष के साथ मिल गए हैं.

विपक्ष के साथ मिल गए बीजेपी के नेता
राष्ट्र मंच के बैनर तले बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा, शत्रुघ्न सिन्हा, आप सांसद संजय सिंह, आप प्रवक्ता आशुतोष, एनसीपी सांसद माजिद मेमन, जेडीयू के पूर्व सांसद पवन वर्मा, दिनेश त्रिवेदी, गुजरात के पूर्व सीएम सुरेश मेहरा, लोकदल के जयंत चौधरी, कांग्रेस की रेणुका चौधरी समेत कई और राजनेता जमा हुए.

साजिश का सरगना हैं बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा, जिन्होंने इस बैठक की अगुवाई करते हुए मोदी सरकार पर हमला बोला और एक एक करके मोदी सरकार की आंतरिक नीति से लेकर विदेश नीति को भी असफल करार दिया.

यशवंत सिन्हा की आवाज़ में आवाज़ मिलाई बीजेपी के मौजूदा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने भी. बीजेपी के शत्रु ने बीजेपी विरोधी राजनेताओं के सामने अपनी ही पार्टी की नीतियों पर जमकर हमला बोला. शत्रुघ्न सिन्हा ने तो यहां तक कह दिया कि पार्टी में किसी को बोलने की आज़ादी नहीं है और वहां अब वही बोला जाता तो वो सुनना चाहते हैं.

बीजेपी के नेताओं के साथ ही अलग अलग राजनैतिक दलों के नेताओं के भी एक मंच पर आने की वजह बतायीं. सभी ने एक सुर में कहा कि मोदी सरकार की गलत नीतियों के बारे में देश की जनता को बताना है, हालांकि सभी राजनेता यही दोहराते रहे कि ये पार्टी नहीं समान विचार वाले लोगों का एक राजनैतिक मंच है.

2019 में मोदी को हारने की साजिश
राष्ट्र मंच के बैनर तले जिस तरह से विपक्ष के नेता मोदी सरकार के कथित बागी नेताओं के साथ आकर खड़े हुए हैं उससे इस बात की चर्चा को तो ज़रूर जन्म दे दिया है की क्या ये 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले ये मोदी सरकार के खिलाफ माहौल देश मे माहौल बनाने की कोशिश है जिसमे बीजेपी के अपने बागी और विरोधी सब एक मंच पर खड़े दिखेंगे.

बता दें कि भारत जैसा महान राष्ट्र गुलाम इसलिए नहीं बना था क्योंकि यहाँ के राजा वीर नहीं थे, बल्कि इसलिए बना था क्योंकि भारत के ही कुछ गद्दार सत्ता के लालच में अपने राजा को दगा देकर दुश्मनों के साथ मिल गए थे. जिसका एक उदाहरण थे राजा पृथ्वीराज चौहान, जिन्हे जयचंद ने धोखा दिया और परिणामस्वरूप मुहम्मद घोरी के सामने वो युद्ध हार गए.

कुछ यही हाल भारत का आज भी है, जहाँ विकास के झंडे गाड़ रहे पीएम मोदी से ईर्ष्या रखने वाले व् पद के लोभी उन्ही की पार्टी के नेता, उन्ही के खिलाफ आवाज बुलंद करने लगे हैं. अब ये फैसला जनता को करना होगा कि क्या वो जयचंदों का साथ देंगे या मोदी का?

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