AAP नेता अरविन्द केजरीवाल ने हिन्दुओं के त्यौहार होली को लेकर दे डाला ये विवादित बयान, कपिल मिश्रा ने दिया ऐसा मुंहतोड़ जवाब…

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के सरगना अरविन्द केजरीवाल, जो की एक धर्मांतरित ईसाई और फोर्ड फाउंडेशन का एजेंट है, उसने हिन्दुओ के पवित्र उत्सव होली का बहिष्कार कर दिया है, केजरीवाल ने इस होली को काली होली बताते हुए इसका बहिष्कार कर दिया है, और कहा है की मैं होली नहीं मनाऊंगा

Delhi Chief Minister and Aam Aadmi Party leader Arvind Kejriwal, who is an affluent Christian and agent of the Ford Foundation, has boycotted Hindu holi celebration Holi, Kejriwal has boycotted this Holi by calling Holi as black Holi , And said that I will not celebrate Holi

वैसे अक्सर आपने सेक्युलर नेताओं को ये हरकत करते देखा होगा, कोई कहता है ये दिवाली नहीं मनाऊंगा, कोई बहाना बनाकर होली और अन्य उत्सवों का इसी प्रकार विरोध कर बहिष्कार करता है, कोई होली को काली बताता है, कोई दिवाली को काली बताता है, पर कोई भी नेता कभी ईद, क्रिसमस का बहिष्कार कभी नहीं करता, कभी ईद क्रिसमस को कोई नेता काला नहीं बताता, और केजरीवाल की आज की हरकत पर कपिल मिश्रा ने इन सेक्युलर नेताओं पर कटाक्ष किया है

By the way, you may have seen secular leaders doing these acts, someone says that I will not celebrate Diwali, by making excuses, boycott Holi and other festivities in the same way, someone tells Holi black, someone tells Diwali black, But no leader ever boycott Eid, Christmas, and Eid does not tell any leader black to black, and on today’s move of Kejriwal, Kapil Mishra took these secular ones The satire on s

दरअसल ये जितने भी सेक्युलर नेता है सब धर्मांतरित है, कोई ईसाई है तो कोई इस्लाम अपनाये बैठा है, पर नाम ये हिन्दुओ वाला ही इस्तेमाल कर रहे है, क्यूंकि हिन्दुओ को मुर्ख बनाकर वोट जो लेना है, और हिन्दू नामो में घूम रहे ये नेता बहाना बनाकर हिन्दू त्यौहारों का बहिष्कार करते है

Indeed, as many secular leaders as it is converts, there is no Christian, so Islam is adopting it, but the name is using this Hindu itself, because the people who are taking votes by making them fool, and these leaders roaming in Hindu names. Hindus boycott festivals by making excuses

सारी समस्या इन नेताओं को हिन्दू धर्म के त्यौहारों के समय ही आती है, किसी भी नेता को क्रिसमस, पुरे रमजान के महीने में, ईद इत्यादि पर समस्या नही आती

All the problems come to these leaders only during the festivals of Hindu religion, any leader does not have problems on Christmas, in the month of Ramadan, on Eid etc.

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source dainik bharat

योगेन्द्र यादव ने अरविन्द केजरीवाल को लेकर किया सबसे बड़ा खुलासा, AAP में मची खलबली !

आम आदमी पार्टी और केजरीवाल के फैसले से सबको हैरानी हो रही है! क्युकी जिस अन्ना आंदोलन से निकलकर ये तीन नेताओ ने पार्टी बनायीं थी, उनमे से एक दिल्ली का मुख्यमंत्री बनता है, दूसरा उप मुख्यमंत्री और तीसरे नेता कुमार विश्वास को हमेशा दरकिनार किया गया! कुमार को राज्यसभा भेजने में भी केजरीवाल को परेशानी हो रही है! क्युकी केजरीवाल जी वो इंसान है जो सबकी लोकप्रियता का सिर्फ फायदा उठाना जानते है और जब मतलब निकल गया तो हम आपके है कौन? ऐसा ही कुछ कुमार विश्वास के साथ भी हो रहा है|

Aam Aadmi Party and Kejriwal’s decision are all surprised! One of the three leaders who had made the party out of the Anna movement, the one who became the Chief Minister of Delhi, one of them becomes the Chief Minister of Delhi, the second Deputy Chief Minister and the third leader Kumar Vishwas has always been sidelined! Kejriwal is facing trouble in sending Rajya Sabha to Rajya Sabha. Kejriwal is a person who knows how to take advantage of everyone’s popularity and when it comes out we are yours. Something like this is happening with Kumar too.

आम आदमी पार्टी (AAP) से राज्यसभा में भेजे जाने के लिए बुधवार को तीन नाम फाइनल किए गए! दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि संजय सिंह, सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता का नाम फाइनल किया गया है! आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा के लिए तीन उम्मीदवारों के नामों की घोषणा में राज्यसभा टिकट के प्रबल दावेदार माने जाने वाले पुर पत्रकार आशुतोष को भी टिकट नहीं दिया है, इसके अलावा पार्टी से बागी रुख अख्तियार किये कुमार विश्वास को भी पार्टी से निराशा हाथ लगी है|

Three nominations were finalized on Wednesday to be sent from Aam Aadmi Party to Rajya Sabha! Delhi’s Deputy CM Manish Sisodia said that the name of Sanjay Singh, Sushil Gupta and ND Gupta has been finalized! Aam Aadmi Party has not even given the ticket to Ashutosh, who has been named as the strongest contender for the Rajya Sabha ticket in the announcement of the names of three candidates for the Rajya Sabha, apart from this, the party has rebutted the party, Kumar Vishwas has also been disappointed with the party.

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि आम आदमी पार्टी की ओर से राज्यसभा उमीदवार बनाये गए सुशिल गुप्ता कांग्रेस के नेता थे, जिन्होंने अपना इस्तीफा 1 महीने पहले 28 नवंबर को कांग्रेस के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन को सौपा था! यानि कहानी बिलकुल साफ़ थी की उन्हें केजरीवाल के तरफ से आश्वासन मिल चूका था की आप इस्तीफा दो हम आपको राजयसभा भेजेंगे|

For your information, tell us that Sushil Gupta, who was made Rajya Sabha candidate from Aam Aadmi Party, was the Congress leader, who had submitted his resignation on November 28 2012, to the Delhi Pradesh Congress chief, Ajay Maken, a month ago! That is, the story was completely clear that he had got assurance from Kejriwal that you will resign and we will send you the Rajya Sabha.

इसी कड़ी में योगेंदर यादव जो कभी केजरीवाल को ईमानदार मानते थे और कहते थे की कुछ भी हो जाये अरविन्द केजरीवाल बिकेगा नाहि! लेकिन आज योगेंदर यादव ने भी मान लिया की केजरीवाल ने पैसो से राज्यसभा की सीटें बेचीं है! यादव ने ट्वीट कर लिखा, “पिछले तीन साल में मैंने ना जाने कितने लोगों को कहा कि अरविंद केजरीवाल में और जो भी दोष हों, कोई उसे ख़रीद नहीं सकता। इसीलिए कपिल मिश्रा के आरोप को मैंने ख़ारिज किया। आज समझ नहीं पा रहा हूँ कि क्या कहूँ? हैरान हूँ, स्तब्ध हूँ, शर्मसार भी।”

In this episode, Yogendra Yadav, who once considered Kejriwal, to be honest, said that Arvind Kejriwal would not sell anything. But today, Yogender Yadav also admitted that Kejriwal has sold Rajya Sabha seats from Paiso! Yadav tweeted, “In the last three years, I did not know how many people told that there is no fault in Arvind Kejriwal and no one can buy it. That is why I dismiss the charge of Kapil Mishra. Today I can not understand what to say? I am amazed, I am shocked, even embarrassed. ”

हलाकि उमीदवारो के नाम सामने आने के बाद आशुतोष और कुमार विश्वास को काफी गहरा झटका लगा है! क्युकी ये दोनों ही नेता राज्यसभा जाने के प्रबल दावेदार मने जा रहे थे! कुमार विश्वास ने इस फैसले के बाद कहा, “अरविंद ने मुझे मुस्कुराते हुए कहा था कि सरजी आपको मारेंगे पर शहीद नहीं होने देंगे! मैं उनको बधाई देता हूं कि मैं अपनी शहादत स्वीकार करता हूं!” बता दें कि कुमार विश्वास कई मौकों पर पार्टी का विरोध कर चुके हैं|

However, after the names of Umidwaro’s names appear, Ashutosh and Kumar Vishwas have suffered a great shock! Both of these leaders were going to be the strong contenders to go to the Rajya Sabha! Kumar Vishwas said after this decision, “Arvind said to me smiling that Sarji would kill you but not let the martyr! I congratulate them that I accept my martyrdom! “Let me tell that Kumar Vishwas has opposed the party on several occasions.

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चौकाने वाली खबर: ये होंगे AAP के नए नेता, तीसरे उम्मेदवार की खोज समाप्त !

नई दिल्ली : दिल्ली में राज्यसभा चुनावों के लिए काउंट डाउन शुरू हो गया है, लेकिन इस चुनाव में एकमात्र दावेदार आम आदमी पार्टी ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं. तीन सीटों पर होने जा रहे चुनावों के लिए 5 जनवरी तक नामांकन पर्च भरे जाएंगे. एक दावेदार के रूप में संजय सिंह का नाम आगे चल रहा था, लेकिन अब सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता भी इस दौड़ में शामिल हो गए हैं. गुप्ता ब्रदर्स का राज्य सभा की दौड़ में शामिल होने पर संजय सिंह हाशिए पर आ गए हैं|

New Delhi: Countdown has started for the Rajya Sabha elections in Delhi, but the only claimant in this election, the Aam Aadmi Party has not opened its cards yet. Nomination pills will be filled till January 5 for elections going to three seats. Sanjay Singh’s name was going on as a claimant, but now Sushil Gupta and ND Gupta have also joined the race. Sanjay Singh has been marginalized on the involvement of Gupta Brothers in the Rajya Sabha race.

अब जब संजय सिंह नहीं हैं तो ‘आप’ का तीसरा उम्मीदवार कौन होना, इस पर चर्चाओं का बाजार गर्म है. उधर, राजनीतिक गलियारे में तीसरे उम्मीदवार के रूप में खुद पार्टी संयोजक तथा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम भी तेजी से चल पड़ा है. पार्टी सूत्र बताते हैं कि पार्टी में उम्मीदवारी को लेकर जिस तरह से गुटबाजी उभर कर सामने आई है, उसे खत्म करने के लिए किसी और को राज्यसभा नहीं भेजकर अरविंद खुद ही दिल्ली की गद्दी छोड़ सकते हैं|

Now when Sanjay Singh is not there, the market of discussions on this is a hot topic for who will be the third candidate of AAP. On the other hand, the name of party coordinator and Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal as the third candidate in the political corridor has also been running fast. Party sources say that the manner in which the factionalism has emerged about the candidature in the party, Arvind himself can not leave the throne of Delhi by sending someone else to the Rajya Sabha.

हालांकि अरविंद केजरीवाल बस नाम के ही दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं. उनके पास कोई भी विभाग नहीं है. सारा काम पार्टी में दूसरे नंबर की हैसियत रखने वाले उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ही देख रहे हैं. अरविंद पहले भी कई बार इच्छा जता चुके हैं कि वह पार्टी को राष्ट्रीय स्तर खड़ा करने के लिए राष्ट्रीय राजनीति में जाना चाहते हैं, इसीलिए उन्होंने दिल्ली में किसी भी जिम्मेदारी से खुद को मुक्त रखा है. ऐसा पहली बार है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री के पास कोई भी विभाग नहीं है, वे बस नाम के ही मुख्यमंत्री हैं|

Although Arvind Kejriwal is the Chief Minister of the name of Delhi. They do not have any department. Chief Minister Manish Sisodia, who is the second largest party in the entire work party, is watching. Arvind has expressed his desire several times before that he wants to go to national politics to make the party national level, that is why he has kept himself free from any responsibility in Delhi. This is the first time that the Chief Minister of Delhi has no department, he is the Chief Minister of the name.

इससे पूर्व भी वह विभिन्न चुनावों में दिल्ली छोड़ कभी बनारस, कभी गुजरात, कभी हिमाचल तो कभी उत्तराखंड में पार्टी का मोर्चा संभालते रहे हैं. अब जब 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए सभी पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं, ऐसे में आम आदमी पार्टी भी इन चुनावों में ताल ठोकने की तैयारी कर रही है. 2014 के चुनावों में भी पार्टी ने बड़े पैमाने पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे, लेकिन पंजाब को छोड़कर कहीं सफलता हाथ नहीं लगी. दिल्ली में तो आम आदमी पार्टी दूसरे स्थान पर रही थी. उस समय अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगे थे कि अरविंद दिल्ली की चिंता छोड़कर देश की राजनीति में कूद पड़े, इसलिए उन्हें इस बात का खामियाजा भुगतना पड़ा था. पार्टी सूत्र बताते हैं कि इस बार इस तरह की आलोचनाएं ना उठें, इसलिए अरविंद खुद राज्यसभा जाकर वहां से राष्ट्रीय राजनीति की कमान संभालेंगे और आने वाले लोकसभा चुनावों की तैयारियां करेंगे|

Even before that, he left Delhi in various elections, never went to Banaras, sometimes Gujarat, Himachal and then in Uttarakhand to take on the party’s front. Now that all the parties have started preparations for the 2019 Lok Sabha elections, in this case, the Aam Aadmi Party is also preparing to set the rhythm in these elections. In the 2014 elections, the party had raised its candidates on a large scale, but except for Punjab, it did not get much success. In Delhi, the Aam Aadmi Party was in second place. At that time, Arvind Kejriwal was accused of arguing that Arvind had left Delhi’s concerns and jumped into politics in the country, so he had to suffer the brunt of this. Party sources say that this time no such criticism should arise, so Arvind himself will go to the Rajya Sabha and take over the responsibility of national politics from there and prepare for the forthcoming Lok Sabha elections.

बता दें कि आम आदमी पार्टी से नेताओं में राज्यसभा जाने की होड़ सी मची हुई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा राजस्थान के प्रभारी कुमार विश्वास ने राज्यसभा को लेकर खुलकर बगावत कर दी है. दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल भी अरविंद के सामने खुद को राज्यसभा भेजने की मांग उठा चुकी हैं.

Let the leaders of the Aam Aadmi Party get a chance to go to Rajya Sabha. Senior party leader and in-charge of Rajasthan, Kumar Vishwas, has openly rebelled against the Rajya Sabha. Delhi Women’s Commission President Swathi Maliwal has also raised the demand of sending himself a Rajya Sabha to Arvind.

दिल्ली में 70 विधानसभा सीटों में 66 पर ‘आप’ का कब्जा है. इसलिए राज्यसभा की तीन सीटों पर आप के उम्मीदवार निर्विरोध चुने जाएंगे. लेकिन पार्टी के अंदर होने वाले विरोध के कारण पार्टी को महज तीन नाम चुनने में पार्टी को गहन मंथन करना पड़ रहा है. आप की पॉलीटिकल अफेयर्स कमेटी आज बुधवार को अपने उम्मीदवारों की घोषणा करेगी. राज्‍यसभा की तीन सीटों के लिए 16 जनवरी को चुनाव होंगे. वहीं इसके लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख पांच जनवरी है|

In Delhi, there are 66 seats in AAP in 66 assembly seats. Therefore, your candidates will be elected unopposed in three seats in the Rajya Sabha. But due to the opposition within the party, the party has to churn the party in just three names to choose from. Your Political Affairs Committee today will announce its candidates on Wednesday. For the three seats of Rajya Sabha, elections will be held on January 16. The last date for filing nominations is January 5.

हालांकि अभी भी संजय सिंह, सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता के नाम पर चर्चा चल रही है. सुशील गुप्ता पंजाबी बाग क्लब के 25 साल से चेयरमैन हैं. साल 2013 के विधानसभा चुनाव में वह मोती नगर से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे, लेकिन हार गए. उधर, एनडी गुप्ता चार्टेड अकाउंटेंट और दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष हैं|

However, the names of Sanjay Singh, Sushil Gupta and ND Gupta are still under discussion. Sushil Gupta is the Chairman of the Punjab Bagh Club for 25 years. In the 2013 assembly elections, he contested on the Congress ticket from Moti Nagar, but lost. On the other hand, ND Gupta is the Chartered Accountant and Vice President of The Institute of Chartered Accountants of India.

पिछले कई दिनों से दिल्ली में राज्यसभा सीटों को लेकर चला आ रहा गतिरोध आज बुधवार को पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक के बाद समाप्त हो गया. दोपहर को पार्टी ने राज्यसभा के लिए अपने तीन उम्मीदवार संजय सिंह, एनडी गुप्ता और संजीव गुप्ता के नामों का ऐलान कर दिया. पार्टी के इस ऐलान के साथ ही कुमार विश्वास को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया. कुमार विश्वास अब आम आदमी पार्टी की तरफ से राज्यसभा नहीं जा सकेंगे. बता दें कि दिल्ली से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 16 जनवरी को चुनाव होगा. 5 जनवरी तक नामांकन भरे जा सकेंगे.

The stalemate coming out of the Rajya Sabha seats in Delhi for the last several days has ended on Wednesday after the meeting of the party’s Political Affairs Committee. In the afternoon, the party announced the names of three candidates Sanjay Singh, ND Gupta and Sanjeev Gupta for the Rajya Sabha. With this announcement of the party, there was a break on speculation about Kumar Vishwas. Kumar Vishwas will not be able to attend the Rajya Sabha on behalf of Aam Aadmi Party. Let us say that for the three seats of Delhi from Delhi, the elections will be held on January 16. Nominations will be filled till 5th January

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https://www.youtube.com/watch?v=xlRRjGN7n7U

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आम आदमी पार्टी में आया तूफ़ान, आप के इस बड़े नेता ने भी छोड़ा अरविन्द केजरीवाल का साथ!

नई दिल्ली: सूत्रों की माने तो आम आदमी पार्टी की झाड़ू का तिनका-तिनका बिखरने वाला है, थोड़ा समय लग सकता है| इसका बड़ा कारण है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल कुमार विश्वाश के कद को बड़ा होता हुआ नहीं देखना चाहते और पार्टी पर वही राज करना चाहते हैं जबकि दोनों नेता अन्ना आंदोलन से पैदा हुए थे लेकिन एक दूसरी बार सीएम बन गया और एक राज्य सभा का सांसद भी नहीं बन पाया और राज्य सभी की टिकट के लिए जूझ रहा है|

New Delhi: If sources are to be believed, then the Aam Aadmi Party is going to scatter the straw of a broom, it can take some time. The big reason is that Delhi’s Chief Minister Arvind Kejriwal does not want to see the height of Vishwash being bigger and wants to rule the same party, while the two leaders were born from the Anna movement but for a second time CM became and a Rajya Sabha Even the MP could not be found and the state is battling for all the tickets.

सूत्रों द्वारा जानकारी मिल रही है कि आप ने कुमार विश्वास का पत्ता काटते हुए राज्यसभा के लिए वरिष्ठ नेता संजय सिंह, सुशील गुप्ता और एनडी गुप्ता के नाम का ऐलान कर दिया है| पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी बुधवार को इन तीनों के नाम पर मुहर लगाएगी|

Sources are getting information that you have announced the name of senior leader Sanjay Singh, Sushil Gupta and ND Gupta for the Rajya Sabha by cutting the leaf of Kumar Vishwas. The Political Affairs Committee of the party will stamp these three names on Wednesday.

दिल्‍ली में राज्‍यसभा की तीन सीटों के लिए 16 जनवरी को चुनाव होंगे। इसके लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख पांच जनवरी है। 70 सदस्‍यों वाली दिल्‍ली विधानसभा में आप के 66 विधायक हैं, इसलिए उसे तीनों सीटें जीतने में कोई परेशानी नहीं होगी| एनडी गुप्ता पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और फिलहाल द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष हैं|

There will be three seats for the Rajya Sabha in Delhi on January 16. For this, the last date for filing of nomination is January 5. You have 66 MLAs in the Delhi Assembly with 70 members, so they will not have any problem in winning the three seats. ND Gupta is a chartered accountant by profession and is currently the Vice President of The Institute of Chartered Accountants of India.

वहीं सुशील गुप्ता अग्रसेन अस्पताल और अग्रसेन चैरिटी के तहत कई स्कूल और कॉलेज चलाते हैं! कुमार के नाम पर अभी तक विश्वाश नहीं किया जा रहा है जिस पर अब सवाल भी खड़े किये जाने लगे हैं| क्या कुमार विश्वास राज्यसब्भा के संसद बन बभी पाएँगे ये तो भगवान् ही जाने| अरविन्द केजरीवाल वेसे भी आप पार्टी में अपनी मन मर्ज़ी चलने के लिए काफी मशहूर हैं | तो देखना होगा क्या कुमार विश्वास राज्य सभा संसद बन भी पाएँगे या फर वो भी आप पार्टी से अलग होकर अपनी खुद की एक नयी पार्टी बना लेंगे |

At the same time, many schools and colleges run under Sushil Gupta Agrasen Hospital and Agrasen Charity! Kumar’s name is not being believed so far, but questions are still being raised. Will Kumar Vishwaan become a Parliament of the Rajya Sabha, it will be God knows. Arvind Kejriwal Vesi is also very famous for you to keep your mind in the party. So you have to see whether Kumar will be able to become a Rajya Sabha Parliament or you will also be separated from the party and form a new party of his own.

पटेल नेता हार्दिक पटेल ने एक ट्वीट कर आम आदमी पार्टी पर सवाल उठाया है पढ़ें उनका ट्वीट:-

Patel leader Hardik Patel has raised a tweet on the Aam Aadmi Party.

यह भी देखे :

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कन्हैया कुमार की पिटाई पर AAP के संजय सिंह ने CM योगी को कहा शर्म करो, यूज़र्स ने दिखाई औकात !

जेएनयू के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में भारी विरोध का सामना करना पड़ा। लखनऊ के शिरोज में लिटरेरी फेस्टिवल में कन्हैया जैसे ही मंच पर बोलने आये तो वहां मौजूद एबीवीपी मेम्बर्स ने उसके खिलाफ ”देश का गद्दार व मुर्दाबाद” के नारे लगाए। वहीँ कुछ एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कन्हैया को दो तीन थप्पड़ भी मार दिए।

JNU alumnus union president Kanhaiya Kumar faced heavy opposition in a program organized in Lucknow. As soon as Kanhaiya came to speak at the Literary Festival in Lucknow’s Shiroj, the ABVP members present there came slogans against the “Ghadar and Muradabad of the country” against him. Some ABVP workers also killed Kanhaiya with two or three slaps.

अब उस बात का विरोध आम आदमी पार्टी के नेता कर रहे हैं। इस पर राजनीति करके CM योगी को कोस रहे हैं – आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने ट्वीट कर CM योगी पर हमला करते हुवे कहा कि – अदब के शहर लखनऊ में कन्हैया के साथ मारपीट करके भाजपाईयों ने हमारी मेहमानवाज़ी की परम्परा को अपमानित किया है,शर्म करो योगी जी |

Now the leaders of the Aam Aadmi Party are protesting that matter. The CM is cursing the Yogi by politicizing this – Aam Aadmi Party leader Sanjay Singh tweeted that the attack on the CM Yogi: – By assaulting Kanhaiya in Lucknow city of Lucknow, the BJP has humiliated the tradition of our guests. Shame, Yogi ji.

मार कन्हैया कुमार को पड़ी और दर्द आम आदमी पार्टी वालो को हो रहा है , और राजनीती कर रहे हैं, और इसका ठीकरा सीएम योगी पर फोड़ना चाहते हैं। लेकिन यूज़र्स ने संजय सिंह की अक्ल ठिकाने लगा दी। दिए मुहतोड़ जवाब।

Kanhaiya Kumar has fallen and pain is happening to the common man party, and politicians are doing it, and its rightful CM wants to crack on the yogi. But the users put the suspicions of Sanjay Singh. Given answer.

ट्विटर पर यूसेर्स ने संजय सिंह की खूब खिचाई करी | किसी ने उन्हें देशद्रोही कहा किसी ने उन्हें कहा तेरी मरम्मत हम करेंगे | संजय सिंह के इस तवीत के बाद ट्विटर पर मानों युद्ध सा छिड गया हो | एक के बाद एक एक त्वीट्स आ रहे थे और सब संजय सिंह की ऐसी तेसी कर रहे थे वो सब संजय सिंह को पीटना चाहते थे और उनकी औकात दिखाना चाहते थे |

On Twitter, the Usors did a great deal of Sanjay Singh. Someone called them a traitor, someone said to them, we will do our repair. After this  Sanjay Singh’s tweet, the war has fallen on Twitter. One after another, the Tweats were coming and everybody was doing such a thing like Sanjay Singh, who wanted to beat Sanjay Singh and wanted to show his innocence.

 

https://twitter.com/Jeetnkh/status/929274196739334144

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https://www.youtube.com/watch?v=8ImzYyVUuNQ

 

बड़ा खुलासा- अहमद पटेल का हुआ पर्दाफाश, जांच में इन बड़े नेताओं का नाम आया सामने !

नामोभारत ने सबसे पहले अपने पाठको को बताया था की गुजरात में जो 2 ISIS के आतंकी पकडे गए है उनमे से एक के तार कांग्रेस नेता अहमद पटेल से जुड़े हुए है, नामोभारत के बाद अन्य पोर्ट्सल और फिर टीवी वाली मीडिया ने भी ये खबर दिखाना शुरू कर दिया|

Namobharat had first told his readers that one of the two ISIS terrorists in Gujarat has been linked to Congress leader Ahmed Patel, after Nomination, other portals and then TV-based media also started showing this news. Done

अहमद पटेल सिर्फ उस अस्पताल का ट्रस्टी ही नहीं बल्कि उसका संस्थापक भी था, ये अहमद पटेल का ही अस्पताल है, 2014 में ट्रस्टी पद से इस्तीफा दिया, पर मालिकाना हक अहमद पटेल का ही है, 2016 में वो इस अस्पताल के एक कार्यक्रम में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भी लाया था |

Ahmed Patel was not only the trustee of that hospital but also the founder of it, it is Ahmad Patel’s hospital, resigned from the trustee post in 2014, but belongs to the owner of Ahmed Patel, in 2016 in a hospital program, President Pranab Mukherjee was also brought.

अहमद पटेल के अस्पताल से ISIS का आतंकवादी निकला है, पर कांग्रेस का कहना है की अहमद पटेल और कांग्रेस का इस से कुछ लेना देना नहीं है, इतनी बड़ी खबर के बाद भी सी.पी.एम. और आम आदमी पार्टी ने चुप्पी साध रखी है, इनका सोशल मीडिया आईटी सेल भी एकदम चुप है, और इसी चुप्पी पर भारतीय सेना के पूर्व मेजर ने सवाल पूछा है |

ISIS has emerged as a terrorist from Ahmed Patel’s hospital, but the Congress says that Ahmed Patel and the Congress have nothing to do with it, even after such a big news, CPM And the Aam Aadmi Party has kept quiet, their social media IT cell is also quite silent, and on this silence the former Major of the Indian Army has asked the question.

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जिस अस्पताल का कर्मचारी ISIS का आतंकी निकला है उस अस्पताल अहमद पटेल का है जो गुजरात में मुख्यमंत्री पद का भी कांग्रेस दावेदार है, पर इतनी बड़ी खबर पर आम आदमी पार्टी और सी.पी.एम. और अन्य सेक्युलर दल बिलकुल चुप है|

Hospital hospital employee ISIS is out of the hospital Ahmed Patel, who is also a Congress contender for the Chief Minister in Gujarat, but on such a big news, the Aam Aadmi Party and the CPM. And other secular parties are absolutely silent.

अगर अहमद पटेल की जगह इस अस्पताल से मोदी या अमित शाह जुड़े होते, या इस अस्पताल के ट्रस्टी में कोई बीजेपी का नेता होता, तो क्या आम आदमी पार्टी सी.पी.एम. और अन्य सेक्युलर और वामपंथी इसी प्रकार चुप रहते ?

Had Ahmed or Amit Shah been associated with this hospital instead of Ahmed Patel, or if there was a BJP leader in the trustee of this hospital, would the Aam Aadmi Party CPM? And other secular and leftists remain silent in the same way?

ये तो अहमद पटेल का नाम आया इसलिए सभी सेक्युलर तत्व खामोश है, बीजेपी के किसी नेता या संघ के किसी नेता का नाम आता तो हिन्दू आतंकवाद का राग सभी सेक्युलर अलापने लगते |

It was Ahmad Patel’s name that all the secular elements are silent; the name of any leader of BJP or any leader of the Sangh, the name of the Hindu terrorism, all the secular alarms begin.

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https://www.youtube.com/watch?v=6KzO3XxanXM&t=6s