फिर से : भारतीय वायु सेना चीफ ने किया है ऐसा एलान जिसके बाद छिड़ सकती है जंग !

जैसा कि आप सभी जानते ही हो कि पाकिस्तान और चीन हमेशा से ही भारत में अशांति बनाए रखने की नाकाम कोशिशे करता आया है . पाकिस्तान भारत में कश्मीर के घुसपैठ की कोशिशे करता रहा है और सीमा पर सीजफायर का उल्लंघन करता आया है लेकिन भारतीय सेना ने कभी भी इनके मंसूबो को कामयाब नही होने दिया है .

As you all know, Pakistan and China have always been unable to maintain unrest in India. Pakistan has been keen to infiltrate Kashmir in India and has violated the seizure on the border but the Indian Army has never allowed its conspiracy to succeed.

दरअसल जब भी पकिस्तान और चीन ने भारत पर अपनी बुरी नजर डाली है तब तब भारतीय जाबांजो ने इनको मुहतोड़ जवाब दिया है और इनके इरादों को नाकाम किया है. बता दें कि पाकिस्तान और चीन मिलकर हमेशा ही युद्ध की धमकियां देता आया हैं ताकि भारत उनसे डर के रहे |

Indeed, whenever Pakistan and China have taken a bad look at India, then the Indian Jabonjo has responded to them and foiled their intentions. Explain that Pakistan and China have always been threatening war so that India fears them.

लेकिन अब इन्हें पता लगेगा की भारत डरने में नही अपितु डराने में विश्वास रखता है . खबरों के अनुसार भारतीय वायु सेना चीफ अरूप राहा ने एयरफोर्स को चीन और पाकिस्तान के साथ युद्ध की स्थिति को निपटने के लिए तैयार रहने के लिए कहा है .

But now they will know that India does not fear, but believes in fear. According to reports, Indian Air Force chief Arup Raha has asked the Air Force to be prepared to deal with the situation of war with China and Pakistan.

उन्होंने वायु सेना कमांडो को युद्ध के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए है | इसमें पाकिस्तान के साथ 10 दिन जबकि चीन के साथ 15 दिन के युद्ध की स्तिथि में तैयार रहने के लिए कहा गया है |

He has instructed Air Force commandos to be prepared for the war. It has been asked to be ready for 10 days with Pakistan and ready for 15 days war with China.

बी.एस. धनोआ ने शुक्रवार को AWACS सिस्टम से लैस विमान उड़ाया। AWACS आसमानी आंख की तरह है, जिससे दुश्मन के विमानों पर नजर रखी जा सकती है. अवाक्स विमानों की मदद से दुश्मन के इलाके में करीब 400 किलोमीटर तक झांका जा सकता है। एयर फोर्स चीफ आगरा स्थित वायु सेना स्टेशन पहुंचे थे, जहां पश्चिमी वायु कमान का त्रिशूल अभ्यास चल रहा है.

B. S. Dhanoa flew a plane equipped with AWACS system on Friday. AWACS is like a fiery eye, so that enemy aircraft can be monitored. With the help of Avax planes, the enemy’s area can be marked up to 400 kilometers. Air Force Chief reached Agra-based Air Force Station, where trident training of Western Air Command was going on.

करगिल में मोर्चा संभाल चुके धनोआ एयर फोर्स चीफ बनने के बाद इसी साल जनवरी में वायुसेना के बेड़े में मौजूद सबसे पुराने विमान मिग 21 लेकर उड़े थे, जो हादसों के लिए कई बार सुर्खियों में रहा है। इसके एक महीने बाद उन्होंने स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस को उड़ा कर देखा. चीफ के इन कदमों को सैनिकों में भरोसा जगाने वाला माना गया था.

After making Dhanua Air Force Chief in Kargil, who had fought in Kargil, the oldest aircraft in the Air Force fleet flew in January this year, which has been in the limelight for the accidents. A month later, he flew indigenous light combat aircraft Tejas. These steps were considered to be a key to the confidence of the soldiers.

https://youtu.be/VUg_3nO–hU

यह भी देखे :

https://youtu.be/aGHeWHD0uXg

साजो-सामान के साथ बॉर्डर पर फिर पहुंची चीनी सेना, राफेल जेट्स के साथ भारतीय वायुसेना एक्शन में

नई दिल्ली : धोखेबाज चीन ने एक बार फिर अपनी असलियत दिखा दी है. हाल ही में डोकलाम पर चले लंबे विवाद के बाद पीएम मोदी की कूटनीति के सामने घुटने टेकते हुए चीन की सेना पीछे हट गई थी, लेकिन अब चीनी सेना एक बार फिर अपना वादा तोड़ रही है. ड्रैगन ने एक बार फिर भारत को धोखा दिया है. डोकलाम में ना केवल चीनी सैनिक एक बार फिर से जमा होना शुरू हो गए हैं, बल्कि एक बार फिर से उन्होंने वही काम शुरू कर दिया है, जिसके लिए भारतीय सेना ने उनकी कुटाई की थी.

New Delhi: Cheating China has once again shown its reality. Recently, the Chinese army had backtracked against PM Modi’s diplomacy after a long dispute over Dokalam, but now the Chinese army is breaking its promise once again. The dragon has betrayed India once more. Not only the Chinese soldiers have started collecting deposits at Dokalmal but once again they have started the same work, for which the Indian army had their husbands.

चीनी सेना फिर शुरू की नापाक हरकत

पिछली बार चीनी सेना रोड रोलर व् सड़क बनाने वाली अन्य भारी मशीने लेकर डोकलाम में सड़क बना रही थी, जब भारतीय जवानों ने उन्हें पीछे खदेड़ते हुए उनका सामान उठाकर पीछे फेंक दिया था. एक बार फिर साजो-सामान के साथ चीनी सैनिक डोकलाम में उसी जगह आ गए हैं और उस जगह से केवल 10 किलोमीटर पीछे बनी सड़क को और चौड़ा करने का काम शुरू कर दिया गया है.

Chinese army again launched nefarious move

Last time, the Chinese army was building a road in Dokalm with the help of road-roller and other heavy-duty roads, when the Indian troops dragged them behind by lifting their luggage and pushing them back. Once again, the Chinese soldiers have come to the same place in Dokalmal with the furnishings and the work of widening the road constructed only 10 km behind that place has been started.

लिहाजा 73 दिन तक चले डोकलाम विवाद मामले पर भारत और चीन के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ सकता है. चीन की तरह से ये एक बड़ा धोखा है. बता दें कि डोकलाम भूटान का इलाका है और चीन भारतीय सेना को कमजोर करने के लिए इस पर कब्जा करके यहाँ सड़क बनाना चाहता है, क्योंकि यहां से मुख्य भारत और पूर्वोत्तर के राज्यों को जोड़ने वाला चिकन नैक के नाम से मशहूर हिस्सा चीन के बेहद करीब आ जाएगा, जो भारत के लिए चिंता की बात है.

So the tension between India and China can grow once again for the 73-day Docmal controversy case. Like China, this is a big fraud. Daulakh is Bhutan’s territory and China wants to make the road here by capturing it to weaken the Indian Army, because the famous part of the famous Chicken Nac, which connects the main India and the Northeast states, is very close to China. Will come, which is a matter of concern for India.

भारतीय वायुसेना तबाही मचाने के लिए तैयार

देखना होगा कि पूरा मामला कैसे सुलझता है इस बार. वैसे भारतीय वायुसेना अध्यक्ष धनोआ तो साफ़ तौर पर कह चुके हैं कि चीन किसी ग़लतफ़हमी में ना रहे, भारतीय वायुसेना पाकिस्तान और चीन दोनों को एक साथ ठोकने के लिए तैयार है और उनके पास चीन के लिए प्लान बी भी तैयार है. भारतीय वायुसेना पूरी तरह से तैयार है, एक आदेश पर दुश्मनों पर मौत बरसाने के लिए प्लान बी पूरी तरह से तैयार रखा गया है. भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट्स मिसाइलों से लैस तैयार खड़े हैं, देश की सीमाओं की सुरक्षा किसी भी कीमत में खतरे में नहीं आने देंगे.

Indian Air Force ready to make disaster

You have to see how the whole case resolves this time. By the way, Indian Air Force chief Danoo has clearly stated that China will not be in any misconception, the Indian Air Force is ready to strike both Pakistan and China together and they also have Plan B ready for China. The Indian Air Force is fully prepared, Plan B is fully prepared to death on an order to show death to the enemies. Indian Air Force fighter jets are equipped with missiles, the security of the country’s borders will not jeopardize at any cost.

चीन को मोदी का जवाब

अभी कुछ ही दिन पहले भारतीय वायुसेना अध्यक्ष ने भी बताया था कि चुंबी घाटी पर चीनी सैनिक पहले से ही मौजूद है. अब डोकलाम पर फिर से चीनी सैनिकों की तादाद बढ़ाई जा रही है. खबर है कि डोकलाम ट्राइजंक्शन पर जिस जगह पिछली बार विवाद हुआ था, वहां से थोड़ी ही दूरी पर करीब 500 चीनी सैनिक जमा हैं.

Modi’s reply to China

Just a few days back, the Indian Air Force chief also told that Chinese soldiers already exist on the Magnetic valley. Now the number of Chinese soldiers is being increased again at Dokalam. It is reported that on the spot where the last time the dispute was over at Dolaam Trigunization, there are about 500 Chinese soldiers who are present in the distance

10 किलोमीटर पीछे चीनी सैनिकों ने फिर से सड़क निर्माण का काम शुरू करवा दिया है. चीन की इन्ही हरकतों को जवाब देने के लिए मंगलवार को विदेश सचिव एस जयशंकर ने भूटान यात्रा के दौरान थिंपू में भूटानी अधिकारियों के साथ इस सिलसिले में बातचीत भी की. मोदी सरकार चीन की हर साजिश का जवाब पहले से तैयार रखकर चल रही है.

10 kilometer behind the Chinese soldiers have started the road construction work again. On Tuesday, Foreign Secretary S. Jaishankar held talks with Bhutanese officials in Thimphu during a visit to Bhutan to respond to these acts of China. The Modi government is responding to every conspiracy of China in the pre-prepared manner.

विदेश सचिव जयशंकर के साथ कई अन्य अधिकारी भी वहां गए हैं. एक महत्वपूर्ण बात ये भी है कि सड़क निर्माण विवाद वाली जगह नहीं बल्कि 10 किलोमीटर पीछे किया जा रहा है. दरअसल चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के सम्मेलन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग को दूसरे टर्म के लिए चुना जाना तय है. माना जा रहा है कि पीछे सड़क बनवाना और सैनिकों की तैनाती करवाना केवल चुनावी दिखावा है. जिनपिंग खुद को अपनी जनता के सामने ताकतवर नेता के रूप में दिखाना चाहते हैं, इसलिए कुछ छुटपुट शुरू किया गया है. चुनाव ख़त्म होते ही सब ख़त्म हो जाएगा.

Foreign Secretary Jayashankar and many other officials have also gone there. One important thing is that road construction is being made not a place of controversy but it is being followed 10 kilometers behind. Indeed, President Xi Jinping is to be chosen for the second term in the Communist Party of China conference. It is believed that the construction of the road and the deployment of soldiers is only an election manifesto. Jinping wants to show himself as a powerful leader in front of his people, so some scattered start has been started. Once the election is over, it will end.