योगी का धमाकेदार एक्शन,बड़े खुलासे देख दंग रह जायेंगे आप,दाने-दाने को मोहताज हुए माफिया,सोते रहे अखिलेश

लखनऊ : सीएम योगी ने सालों से चली आ रही बर्बाद शिक्षा व्यवस्था पर बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक करी थी. सभी परीक्षा ग्रहों में cctv कैमरे से कड़ी नज़र और पुलिस का कड़ा पहरा. यही नहीं जिन शिक्षकों ने भी नक़ल कराई उनपर सीधा FIR दर्ज की गयी. इस वजह से यूपी में बड़ा नक़ल माफिया का तबाह हुआ. फर्जीवाड़े में लिप्त करीब एक लाख छात्र परीक्षा देने ही नहीं आये. तो वहीँ अब खुद Special Task Force को बड़ी कामयाबी मिली है जिसमे बेहद हैरत अंगेज़ का खुलासा सामंने आया है.

योगी राज में बड़ा एक्शन, माफिया का भंडाफोड़ से हुआ खुलासा
अभी मिल रही खबर के मुताबिक नक़ल माफिया बुरी तरह बौखला उठे हैं क्यूंकि योगी सरकार ने उनका जीना हराम कर दिया है. उत्तर प्रदेश में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की टीम ने विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस परीक्षाओं तथा अन्य महाविद्यालयों की स्नातन, परास्नातक, एलएलबी सहित परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं को बदलवाने वाले बड़े नक़ल माफिया गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए सदस्यों की गिरफ़्तारी करी है.

अखिलेश सरकार में पले बढे माफिया
इस गिरोह के खुलासे को देख आपकी भी आखें फटी रह जाएंगी. अखिलेश सरकार के दौरान मज़े में रह रहे नक़ल माफिया ने साल 2014, 2015, 2016 और 2017 में छह सौ से ज्यादा गैर मेधावी छात्र इस गोरखधंधे के जरिए पासआउट होकर डॉक्टर भी बन चुके हैं. स्पेशल फाॅर्स अब पता लगा रही है कि किन कॉलेजों में किस-किस छात्र की कॉपियां बदली गईं. इसके बाद इन पासआउट छात्रों को भी साजिश का आरोपी बनाया जाएगा.

आम ज़िन्दगी के साथ खिलवाड़
अब ज़रा सोचिये, ऐसे छात्र बड़े फर्जीवाड़े से जब छात्र डॉक्टर बनेगे तो क्या तो वो लोगो का इलाज करेंगे. क्या ये आम आमदी की ज़िन्दगी से बहुत बड़ा खिलवाड़ नहीं है. पिछली सरकार में मज़े से पल रहे ये नक़ल माफिया दवारा बनाये गए डॉक्टर की वजह से ही BRD हॉस्पिटल जैसे कांड होते हैं जब छोटे छोटे बच्चे मौत की नींद सो जाते हैं. इनमे से ही कोई फर्जी डॉक्टर कल फिर डॉक्टर कफील बनकर खड़ा होगा और अन्य मौतों का ज़िम्मेदार होगा.

ये फर्जी डॉक्टर उस पेड़ का वो बीज हैं जिसे बोया तो साल 2014 में गया था लेकिन अगर आज इनका पर्दाफाश नहीं होता तो ना जाने ये कितनी ज़िन्दगी के साथ जुआ खेल रहे होते. और ना जाने अभी कितने और झोलाछाप फर्जी डॉक्टर कितने राज्यों में घूम रहे होंगे.

इस घोटाले पर पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा एसटीएफ को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ से सम्बद्ध मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस परीक्षाओं तथा महाविद्यालयों की स्नातक, परास्नातक, एलएलबी सहित अन्य परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं को बदलवाने वाले गिरोह के सक्रिय होने की सूचनाएं प्राप्त हो रही थीं.

शामिल थे विश्वविद्यालय के कर्मचारी
मुखबिर की सूचना पर मेडिकल क्षेत्र में दुर्गापुरम, गढ़ हापुड़ रोड बन रहे मकान पर मेरठ पुलिस के साथ रात डेढ़ बजे छापा मारकर बिजनौर के मूल निवासी कविराज को गिरफ्तार कर लिया. इसके पास से विश्वविद्यालय से सम्बद्ध मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज बेगराज मन्सूरपुर की एमबीबीएस की द्वितीय वर्ष की परीक्षा की लिखी हुई दो उत्तर पुस्तिका बरामद हुई.

गिरफ्तार आरोपी कविराज ने पूछताछ में बताया कि उत्तर पुस्तिकाओं को बदलवाने में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यलाय के उत्तर पुस्तिका अनुभाग एवं अन्य अनुभागों के कर्मचारी संदीप, पवन तथा कपिल उसके साथ शामिल हैं. ये लोग विश्वविद्यालय में बाहर से लिखी हुई उत्तर पुस्तिकाओं को बदल देते हैं.

चला रहे थे बड़े स्तर पर गोरखधंधा
कविराज ने बताया कि एमबीबीएस के छात्रों से एक पेपर की उत्तर पुस्तिका बदलने के एवज में एक लाख बीस हजार से लेकर एक लाख पचास हजार रुपए तक वसूलते हैं. इसमें से दस हजार रुपए विश्वविद्यालय की खाली उत्तर पुस्तिका लाने के लिए संदीप को दिए जाते हैं. पैंतीस हजार रुपए से लेकर पैंसठ हजार रुपए तक लिखित उत्तर पुस्तिका बदलने के लिए पवन एवं कपिल को दिए जाते हैं.

उसने बताया कि संदीप विश्वविद्यालय से खाली उत्तर पुस्तिकाएं लाकर उसे देता है तथा इन उत्तर पुस्तिकाओं को छात्रों से लिखवाकर वह उन्हें पवन तथा कपिल को दे देता है. पवन एवं कपिल उन उत्तर पुस्तिकाओं के ऊपर के पेज को मूल उत्तर पुस्तिका के ऊपर के पेज को बदलकर पन्च करके उत्तर पुस्तिका अनुभाग में रख देते हैं।

करोड़ों के अवैध कारोबार हुआ चौपट
पवन विश्वविद्यालय में वरिष्ठ लिपिक इन्चार्ज उत्तर पुस्तिका अनुभाग एवं कपिल तथा संदीप विश्वविद्यालय में संविदा कर्मचारी हैं. उसने यह भी बताया कि वह वर्ष 2014 से उत्तर पुस्तिकाओं को बदलवा रहा है और लगभग प्रत्येक वर्ष 100-150 छात्रों के विभिन्न पेपरों की उत्तर पुस्तिका बदलवा देता है तथा करोडों का अवैध कारोबार कर चुका है.

यह भी देखें:

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

खास खबर: अखिलेश यादव ने नरेश अग्रवाल पर BJP को दी ऐसी नसीहत, पत्रकार रुबिका लियाक़त के एक वार से हो गयी बोलती बंद !

सोमवार को समाजवादी पार्टी (एसपी) के राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल ने पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया। दिल्ली में बीजेपी हेडक्वॉर्टर पहुंचकर नरेश ने बीजेपी की औपचारिक रूप से सदस्यता ग्रहण की। हाल ही में राज्यसभा के लिए जया बच्चन को तरजीह दिए जाने से नरेश पार्टी से नाराज चल रहे थे। उन्हें अपने लिए टिकट कंफर्म होने का भरोसा था लेकिन वैसा हुआ नहीं।

On Monday, Rajya Sabha MP from Samajwadi Party (SP) Naresh Aggarwal quit the party and took charge of BJP. By reaching the BJP headquarters in Delhi, the King formally accepted the membership of the BJP. Recently, Jaya Bachchan was upset with the King’s Party for the Rajya Sabha. He had the trust of being a ticket confirmation for himself, but that was not the case.

ता दें कि एसपी ने अग्रवाल के दावे को दरकिनार करते हुए उत्तर प्रदेश से जया बच्चन को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया था। जिससे नरेश अग्रवाल को काफी बड़ा झटका लगा था. यूपी में एसपी के 47 विधायक हैं और वह केवल एक उम्मीदवार को राज्यसभा में भेजने की स्थिति में है। दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय में नरेश अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और प्रवक्ता संबित पात्रा की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

Note that bypassing Agarwal’s claim, the SP made Jaya Bachchan a Rajya Sabha candidate from Uttar Pradesh. Thereby a huge setback to Naresh Agarwal. The SP has 47 MLAs in UP and it is in a position to send only one candidate to the Rajya Sabha. In BJP headquarters in Delhi, Naresh Aggarwal got the party’s membership in the presence of union minister Piyush Goyal and spokesperson related Patra.

कल तक सामजवादी पार्टी में थे तो अखिलेश यादव ने बुरे से बुरे बयान पर जुबान नहीं खोली। अब एक दिन में अखिलेश ने भाजपा को टारगेट कर दिया , अखिलेश ने ट्वीट कर कहा की – श्रीमती जया बच्चन जी पर की गयी अभद्र टिप्पणी के लिए हम भाजपा के श्री नरेश अग्रवाल के बयान की कड़ी निंदा करते है. ये फिल्म जगत के साथ ही भारत की हर महिला का भी अपमान है. भाजपा अगर सच में नारी का सम्मान करती है तो तत्काल उनके ख़िलाफ कदम उठाये. महिला आयोग को भी कार्रवाई करनी चाहिए

By the time the Communist Party was in the party, then Akhilesh Yadav did not put an end to the bad statement. Now in a day, Akhilesh has targeted BJP, Akhilesh tweeted that – for the indecent comments made on Mrs Jaya Bachchan, we strongly condemn the statement of Shri Naresh Agarwal of BJP. This film is an insult to every woman in India as well. If BJP really respects women, then take immediate action against them. Women’s Commission should also take action

अखिलेश यादव ने इस मुद्दे ऑयर राजनीतिक रोटियां सेंकनी चाही । नरेश अग्रवाल को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा और महिलाओं को लेकर बीजेपी को नीचा दिखाने की कोशिश की। जबकि कल से पहले तक नरेश अग्रवाल ने ना जाने क्या क्या गलत बयान दिए है तब भी अखिलेश ने एक शब्द नही कहा लेकिन आज राजनीति के लिए इस तरह दोहरा चरित्र दिखाने लगे । अखिलेश के इस बयान पर हालांकि कई यूज़र ने मुंहतोड़ जवाब दिया लेकिन पत्रकार रुबिका लियाक़त ने एक ही कॉमेंट में सपा पार्टी की धज्जियाँ उड़ा दी।

Akhilesh Yadav wants to broach the issue political rotis Targeted the BJP about Naresh Agarwal and tried to humiliate BJP against women. Even before yesterday, Naresh Agarwal did not know what wrong statement has been given. Even then, Akhilesh did not say a word, but today politics seems to show a double character like this. On this statement of Akhilesh, though many users responded silently, journalist Rubika Loykat blown the SP party in the same comment.

रुबिका लियाक़त ने मुंहतोड़ जवाब देते हुवे कहा कि – अखिलेश जी, भारत की हर महिला में क्या जया प्रदा नहीं आती? बीजेपी किसी क़ीमत पर नरेश अग्रवाल के सवाल पर नहीं बच सकती लेकिन सपा अगर सच में नारी का सम्मान करती है तो तत्काल आज़म खान के ख़िलाफ कदम उठाये. महिला आयोग को भी कार्रवाई करनी चाहिए

Rabika Liyaqat responded by saying that Akhilesh ji, what does not come in every woman of India? BJP can not escape the question of Naresh Agarwal on any price, but if SP really respects the woman, then take immediate action against Azam Khan. Women’s Commission should also take action

यह भी देखे

https://youtu.be/hsfxfSRtdUs

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

source name:political report

ब्रेकिंग न्यूज़– कासगंज हिंसा में हुआ अब तक का सबसे सनसनीखेज खुलासा, जेल जाएंगे अब ये बड़े नेता ?

कासगंज : गणतंत्र दिवस के मौके पर कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान हुई हिंसा के राज खुलते जा रहे हैं. एबीपी न्यूज़ जैसे कई मीडिया चैनलों ने बीजेपी व् एबीवीपी को जिम्मेदार ठहराने की भरसक कोशिश की, मगर अब इस पूरी साजिश के पीछे दरअसल अखिलेश-मुलायम की समाजवादी पार्टी का हाथ होने की बात सामने आ रही है. बेहद अहम् खुलासा हुआ है कि चन्दन गुप्ता को गोली मारने वालों का समाजवादी पार्टी से सीधा कनेक्शन है.

Kasganj: On the occasion of Republic Day, the reigns of violence during the tri-color journey in Kasganj are being opened. Many media channels such as ABP News have tried hard to blame BJP or ABVP, but now the fact that Akhilesh-Mulayam’s Samajwadi Party is in the hands of this whole plot is being revealed. It has been revealed very high that those who shot Chandan Gupta have a direct connection to the Samajwadi Party.

चन्दन के हत्यारों का सपा कनेक्शन
मीडिया और खासतौर पर एबीपी न्यूज़ और एनडीटीवी ने पूरे जोर-शोर से दुष्प्रचार किया कि दंगा इसलिए हुआ क्योंकि एबीवीपी वाले भगवा झंडा लेकर मुस्लिम बहुल इलाके में गए और तिरंगा झंडा फहरा रहे मासूम जिहादियों के सामने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे.

SP connection of Chandni killers
The media, and especially ABP News and NDTV, strongly influenced the rumor that the riots took place because of the ABVP carrying the saffron flag and went to the Muslim-dominated area and started shouting slogans of Pakistan Muradabad in front of innocent jihadists who had flown the Tricolor flag.

इतनी से बात पर जिहादी भड़क उठे और उन्होंने ताबड़तोड़ गोलियां दागनी शुरू कर दी और पत्थर फेकने भी शुरू कर दिए. वहीँ यूपी प्रशासन ने भी जिहादी तत्वों के खिलाफ शुरू में नरमी बरती और प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ का आर्डर आने के बाद जिहादियों के घरों की तालाशी शुरू हुई.

जिहादियों के घरों की तालाशी से बौखलाए अखिलेश
पहले तो तालाशी में जिहादियों के घरों से देसी बम व् पिस्तौल के साथ-साथ भारी मात्रा में असलाह बरामद होना शुरू हुआ. जिसे देख प्रशासन के कान खड़े हो गए. ऐसा लग रहा था मानो गृहयुद्ध की तैयारियां करके रखी गयी हों. जिहादियों के घरों से असलाह व् बम बरामद होते ही अखिलेश यादव हड़बड़ा उठे और पुलिस कार्रवाई पर ही सवाल खड़े करने लगे.

Akhilesh scared of the lock of the jihadis’ homes
Initially, there was a huge amount of asylum as well as domestic bombs and pistols from the jihadis’ homes in Talshi. Seeing the administration’s ears were standing. It seemed as if the preparations for civil war were kept up. Asylum and bombs were recovered from the jihadis’ houses, Akhilesh Yadav got upset and questioned the police action.

अखिलेश ने जिहादियों के घरों में छापेमारी को अन्याय करार देते हुए बीजेपी पर ही निशाना साध लिया. शायद अखिलेश को पता चल गया था कि उनकी पार्टी के कुकर्मों का पर्दाफ़ाश होने वाला है. वहीँ अखिलेश के ऊल-जलूल बयानबाजी से शक गहराता गया और अब सच्चाई सामने आनी शुरू हो गयी है.

सपा नेताओं के इशारे पर जला दिया कासगंज?
जांच थोड़ा आगे बढ़ी तो हिंसा का समाजवादी पार्टी कनेक्शन सामने आना शुरू हो गया है. खबर है कि चंदन गुप्ता की हत्या के आरोपी का समाजवादी पार्टी कनेक्शन है. टाइम्स नाउ चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी तीन भाइयों में से एक वसीम समाजवादी पार्टी के नेताओं का काफी करीबी है और सपा नेताओं के इशारे पर काम करता है.

Kasaganj burnt at the behest of SP leaders?
If the investigation goes a little further then the socialist party connection of violence has started to come out. It is reported that the accused of the murder of Chandan Gupta is a socialist party connection. According to Times Now channel’s report, one of the three brothers, Wasim, is very close to the Samajwadi Party leaders and works at the behest of SP leaders.

https://youtu.be/2NNjZ_hqgPI

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अब योगी सरकार से कासगंज हिंसा पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. बता दें कि हिंसा के दौरान चंदन गुप्ता की हत्या के मामले में तीन सगे भाइयों नसीम, वसीम और सलीम वर्की के शामिल होने की बात सामने आ रही है. इन्होने अपने घर की छत से चन्दन को गोली मारी थी.

The Union Home Ministry has now summoned a detailed report on Kasganj violence from the Yogi Government. In the case of murder of Chandan Gupta during the violence, there is an indication of the involvement of three brothers, Naseem, Wasim and Salim Verma. He shot the sandal from the roof of his house.

ये तीनों भाई फिलहाल फरार हैं और पुलिस जोर-शोर से इनकी तलाश में जुटी है. वसीम के समाजवादी पार्टी से जुड़े होने की बात सामने आने के बाद से इस मसले पर राजनीति और तेज हो गयी है.

मुँह छिपा रहे अब सपा नेता
समाजवादी पार्टी अब मुँह छिपाती नज़र आ रही है. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजीव राय से जब इस बारे में सवाल किया गया तो उसने कहा, ‘कोई भी हो उसके खिलाफ सरकार को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. सरकार को विपक्षी पार्टियों को बदनाम करने की बजाय आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.’ राय ने कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त ऐक्शन लिया जाना चाहिए.

यानी अभी तक बीजेपी के नेताओं व् एबीवीपी पर आरोप लगाने वालों ने मुँह में दही जमा लिया है और महाभ्रष्ट कुछ मीडिया चैनलों ने भी अब दूसरी ख़बरों को प्रमुखता से दिखाना शुरू कर दिया है ताकि जनता का ध्यान बाँट जाए और उनकी नीच हरकत के बारे में लोगों को पता ही ना चले.

That is, so far the BJP leaders and those who have accused ABVP have taken a dash in the mouth and some prominent media channels have now started showing other news prominently in order to share the attention of the public and about their lowly objection People do not know about it

बीजेपी शासित राज्यों में विपक्ष करवा रहा दंगे?
बताया जा रहा है कि योगी सरकार के आने से बौखलाए सपा नेताओं के इशारे पर इस दंगे को अंजाम देने की साजिश हो सकती है. ध्यान से देखा जाए तो बीजेपी शासित राज्यों में विपक्ष पिछले काफी वक़्त से इसी तरह से लाशों की राजनीति कर रहा है.

Rioting in opposition to BJP ruled states?
It is being told that due to the arrival of the Yogi government, there may be conspiracy to carry out this riot at the behest of SP leaders. Carefully seen, in the BJP ruled states, the Opposition is doing the politics of the corpses in the same way from the very last moment.

पहले मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन को कोंग्रेसी नेताओं ने हिंसक बना दिया, जिसके वीडियो भी सामने आये जिनमे कोंग्रेसी नेता आगजनी करने के लिए लोगों को उकसा रहे थे. साथ ही भीड़ में अपने लोगों को घुसा कर हिंसा फैला रहे थे. इस मामले की जांच चल रही है.

बीएचयू में हिंसा भी विपक्ष के इशारे पर ही फैलाई गयी, जिसमे बड़ा बवाल हुआ था. यहाँ भी आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर आरोप लगे कि उन्होंने छात्रों के आंदोलन को हिंसक रूप दिया.

इसके बाद गुजरात में दलितों पर हमला करवाया गया और उसका इल्जाम बीजेपी पर डालने की साजिश की गयी, मगर साबित हो गया कि वो हमला भी विपक्ष ने करवाया था. फिर महाराष्ट्र में दलित उत्सव समारोह में दंगा करवाया गया और दोष बीजेपी व् आरएसएस पर मढ़ दिया गया, जबकि बाद में पता चला कि ये दंगा भी जिग्नेश मवानी, उमर खालिद व् कांग्रेस समर्थकों ने करवाया था, इसकी जांच भी चल रही है.

After this, the Dalits were attacked in Gujarat and they were conspired to put the blame on BJP, but it proved that the attack was also done by the Opposition. Then there was a riot at the Dalit festival festival in Maharashtra and the faults were frozen on BJP and RSS, but later it was found that the riots had also been done by Jignesh Mavani, Omar Khalid and Congress supporters, it is also being investigated.

अब कासगंज में समाजवादी पार्टी के कनेक्शन की बात सामने आने से ये साबित हो जाता है कि मोदी को जब विकास के मुद्दे पर हरा नही सके तो सभी नेता बौखला गए हैं और जातिगत व् दो सम्प्रदायों के बीच साम्प्रदायिक दंगे फैला कर लाशों की राजनीति पर उतर आये हैं. मतलब इन्हे सत्ता से मतलब है, चाहे उसके लिए देश के नागरिकों को आपस में ही क्यों ना लड़वा दिया जाए.

कला जगत में देखें:

https://youtu.be/fBRvBB-0gH0

source zee news

अखिलेश यादव ने भाजपा को लेकर दे डाला ऐसा विवादित बयान, लोगों ने खूब जमकर लताड़ा !

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसके बाद लोग उन्हें बुरी तरह झाड़ रहे है, और ट्विटर से लेकर फेसबुक तक पर लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे है, असल में अखिलेश यादव ने भाजपा और गुजरात को लेकर बयान दिया है!

Former Uttar Pradesh Chief Minister Akhilesh Yadav has made a statement, after which people are fluttering them, and people are reacting to twitter and to facebook, in fact Akhilesh Yadav made statements about BJP and Gujarat is!

कल गुजरात विधानसभा के नतीजे आये, 22 साल बाद भी भाजपा ने पूर्ण बहुमत प्राप्त किया और 99 सीट लायी, पिछली बार भाजपा के 115 सीट थे, पर ये भी सच है की पिछली बार के मुकाबले भाजपा का वोट प्रतिशत बढ़ा भी है, अब इसी को लेकर अखिलेश यादव ने देखिये क्या बयान दिया!

The results of the Gujarat assembly came yesterday, even after 22 years the BJP achieved the absolute majority and took 99 seats, BJP’s 115 seats for the last time, but it is also true that the BJP’s vote percentage has increased even than the last time, now it is Akhilesh Yadav has given a statement on the matter.

अखिलेश यादव का कहना है की, भाजपा 115 से अब 2 अंको में आ गयी, यानि 99 पर आ गयी, अब भाजपा का पतन शुरू हो चूका है, भाजपा अब ख़त्म होने के रस्ते पर है, और भाजपा अब ख़त्म हो जाएगी, अब इसी बयान को लेकर लोग सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव को लताड़ रहे है!

Akhilesh Yadav says that BJP came from 115 to 2 points now, that is 99, now the BJP’s fall has started, the BJP is now on the road to ending, and the BJP will end now, now it is People are shouting Akhilesh Yadav on social media about the statement!

क्यूंकि 22 साल की सत्ता के बाद भी भाजपा 115 से 99 पर ही आयी, और वोट प्रतिशत भी बढ़ा, जबकि सिर्फ कुछ ही महीने पहले अखिलेश यादव खुद उत्तर प्रदेश में 224 सीट से 47 सीट पर आ गए है, पर इन्हे अपना पतन नहीं बल्कि भाजपा का पतन होता दिखाई दे रहा है, लोगों का कहना है की 115 से बीजेपी का 99 पर आना अगर पतन है, तो 224 से अखिलेश यादव का 47 पर आना शीघ्र पतन है

After 22 years of power, the BJP came from 115 to 99, and the vote percentage also increased, while only a few months ago, Akhilesh Yadav himself has come from Uttar Pradesh in 224 seats to 47, but not his fall The BJP’s fall seems to be visible, people say that if the fall of BJP from 99 to 99 is fall, then by 224, Akhilesh Yadav’s 47 comes down sooner.

https://twitter.com/DrGPradhan/status/943081102683418630

यह भी देखें :

https://youtu.be/aGHeWHD0uXg

source dainik bharat