दलित हिंसा के मास्टरमाइंड का नाम आया सामने! योगी ने लिया एक्शन, मायावती-अखिलेश के उड़े होश

मेरठ : सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में लोग सड़कों पर उतर आए हैं. लोकतंत्र में विरोध करना पूरी तरह से जायज भी है. मगर लाशों की राजनीति करने वाले कुछ गिद्धों ने दलितों के आंदोलन को हाईजैक करके इसे हिंसक रूप दे दिया है. हिंसा फैलाकर ऐसे नेता अपना राजनीतिक उल्लू सीधा करने में लगे हैं और बदनामी दलित आंदोलन की हो रही है. बाकी राज्यों में भले ये सब चल जाता हो, मगर योगी आदित्यनाथ के राज में ये सब नहीं चलने वाला.

Meerut: People have come to the streets in protest against the change in the SC-ST Act by the Supreme Court. Opposition in democracy is also justified. But some vultures doing corpses of the corpses have hijacked the movement of the Dalits and made it violent. By spreading violence, such leaders are engaged in straightening their political owls and the infamous Dalit movement is being done. All these may go on in the rest of the states, but in the reign of Yogi Adityanath, all these things are not going to run.

राजनीति के लिए बाहुबली बसपा नेता ने जलाया मेरठ!
खबर है कि सीएम योगी ने हिंसा फैलाने वालों के साथ सख्ती से निपटने के आदेश दिए हैं. बिना किसी वोटबैंक की परवाह किये सीएम योगी अपने प्रदेश की सुरक्षा में लगे हुए हैं. यूपी पुलिस भी एक्शन में है और हिंसा फैलाने के मामले में यूपी पुलिस ने पूर्व विधायक व बसपा नेता योगेश वर्मा गिरफ्तार कर लिया है.

Bahubali BSP leader for politics burnt to Meerut!
It is reported that the CM Yogi has ordered to deal with the violence spread strictly. Regardless of the vote bank, the CM Yogi is engaged in the security of his state. UP police is also in the action and in the case of violence, UP Police arrested former MLA and BSP leader Yogesh Verma.

मेरठ की एसएसपी मंजिल सैनी ने खुलासा किया है कि पूर्व विधायक और बसपा नेता योगेश वर्मा ही शहर में हिंसा फैलाने के मुख्य साजिशकर्ता है. दलित आंदोलन को हाईजैक करके इसी नेता ने मेरठ में दंगे फैलाये. भीड़ को उकसाया और अपने गुंडों की मदद से पुलिस चौकी फूँक डाली.

SSP Manzil Saini of Meerut has revealed that former MLA and BSP leader Yogesh Verma is the main conspirator for spreading violence in the city. Hijacking the Dalit movement, this leader spread riot in Meerut. The mob provoked the crowd and threw a police checkpoint with the help of their goons.

लाठी चार्ज करके पुलिस ने धर दबोचा!
आम लोगों को भी नहीं बक्शा गया और इस नेता के गुंडों ने आम लोगों की गाड़ियां तक जला दीं. राजनीति के चक्कर में पूरे मेरठ को जला डालने पर उतारू इस नेता के गुंडों ने कंकरखेड़ा की अंबेडकर रोड पर एसएसपी और डीएम की गाड़ी पर पथराव भी किया. जिसके बाद पुलिस ने बीएसपी नेता योगेश वर्मा को उसके गुंडों समेत गिरफ्तार कर लिया.

Charged by the sticks, the police caught!
Even the common people were not spared and this leader’s goons burnt the carts of ordinary people. The leader of the leader, who was forced to burn entire Meerut in the light of politics, also carried stones at SSP and DM’s car on Ambedkar road of Kankarkheda. After which the police arrested BSP leader Yogesh Verma, along with his goons.

जमीनों पर अवैध कब्जे व् गुंडागर्दी के लिए कुख्यात बीएसपी नेता!
बता दें कि बसपा के का नेता योगेश वर्मा एक बाहुबली नेता के रूप में जाना जाता है और इलाके में गुंडागर्दी, दादागिरी करने के लिए कुख्यात है. 2007 में योगेश वर्मा पहली बार बीएसपी के टिकट पर चुनाव लड़कर विधायक बना था. योगेश वर्मा दूसरों की जमीनों पर अवैध कब्जा करने के लिए भी कुख्यात है.

Notorious BSP leader for illegal possession and felony on land!
Tell that the BSP leader Yogesh Verma is known as a Bahubali leader and is notorious for felony, grandfathering in the area. In 2007, Yogesh Verma made the MLA for the first time contesting the election on the BSP ticket. Yogesh Verma is also notorious for illegal occupation of others’ land.

रासुका के अलावा कई अन्य धाराओं में गिरफ्तार!
योगी राज में क़ानून की सत्ता चलती है, लिहाजा पब्लिक को परेशान करने वाले, पब्लिक की संपत्ति को जलाने वाले इस गुंडे नेता व् उसके सभी गुंडे समर्थकों पर रासुका के साथ बवाल, आगजनी, पथराव, लूटपाट व तोड़फोड़ की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा. योगी के तेवरों को देख कर साफ़ जाहिर है कि ये दबंग नेता अब लम्बे वक़्त के लिए जेल जाएगा और इसकी जमानत तक नहीं होगी.

Apart from Rasuka, arrested in several other streams!
In the Yogi Raj, the rule of law goes on, therefore, a case will be registered against the rowdy, arson, stone pelting, robbery and sabotage along with Rasuka on this bully leader and all his hideous supporters who are harassing the public, causing the public’s assets to be burnt. . Seeing the yogi’s tactics, it is clear that this dreaded leader will now go to jail for a long time and its bail will not be there.

वहीँ सोशल मीडिया पर योगी की वाहवाही हो रही है. लोगों ने ट्वीट करके योगी से गुहार लगाई है कि जिस तरह यूपी में अपराधियों व् बदमाशों का एनकाउंटर किया जा रहा है. उसी तरह बीएसपी के इस बाहुबली गुंडे नेता का भी एनकाउंटर कर दिया जाए. वहीँ कुछ अन्य लोगों ने योगी को उनके सख्त एक्शन के लिए काफी सराहा है.

The same is being praised by the Yogi on social media. People have tweeted the Yogi tweeting that the way criminals and miscreants are being investigated in UP. Likewise, this Bahubali goons leader of the BSP should be encroached too. Some others have appreciated the Yogi for his strict action.
यह भी देखे
https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8
source political

कासगंज मामले में CM योगी का बड़ा आदेश, घरों में छापे से सामने आया ये बड़ा सच, ख़ुफ़िया तंत्र समेत मोदी जी हैरान…

कासगंज (29 जनवरी) : यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने का संकल्प किया हुआ है. उनके आदेश पर यूपी पुलिस ने एनकाउंटरों की झड़ी लगाई हुई है, अब तक 400 से ज्यादा बदमाशों को ठोका जा चुका है. इसके बावजूद कासगंज में जिहादी तत्वों ने दंगा कर दिया और अबतक हालात पर काबू ना पाने पर सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ पुलिस व् प्रशासन के अधिकारियों से नाराज हैं. सीएम योगी के आदेश के बाद एक्शन में आयी पुलिस ने जिहादियों के घरों पर छापेमारी शुरू की, तो सामने आया ऐसा मंजर जिसे देख खुद पुलिस भी हैरान रह गयी.

Kasganj (January 29): UP Yogi Adityanath has pledged to make the state free from crime. On the orders of the UP Police, there have been demonstrations of encouchers, so far more than 400 miscreants have been hit. In spite of this, the jihadist elements in Kasganj have rioted and if the situation is not controlled now, the CM Yogi Adityanath of the province is angry with the police and administration officials. After the order of CM Yogi, the police who came into action started raids on the houses of the jihadis, then it came to light that the police themselves were also surprised.

जिहादियों के घरों से देसी कट्टे, बम व् असला बरामद
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को दंगाइयों के साथ सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं. उनके आदेश के बाद मजहबी कट्टरपंथियों के घरों पर पुलिस ने छापेमारी की तो अबतक आधा दर्जन घरों से बम बरामद हुए हैं. इसके अलावा कई घरों से देसी कट्टे और भारी मात्रा में असला बरामद हुआ है.

Landlords, bombs and recovered from the houses of jihadis
UP Yogi Adityanath has instructed the administration to deal with rioters strictly. After their order, police raided the homes of religious fundamentalists, so far the bombs have been recovered from half a dozen houses. In addition to this, many houses have been found in the country’s local area and heavy quantities have been recovered.

ना केवल देसी बंदूकें बल्कि इन मजहबी जिहादियों ने भारी मात्रा में गोलियां भी जमा की हुई थी. पत्थरबाजी करने के लिए पत्थर भी जमा किये हुए थे. ये सब किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है. जाहिर सी बात है कि पहले से ही कासगंज को सुलगाने की साजिश की गयी थी.

Not only domestic guns, but these religious jihadis had also collected large amounts of bullets. Stones were also collected for stone stone. All this points to a big conspiracy. Obviously, it was already conspired to smuggle Kasganj.

सुनियोजित साजिश के तहत किया दंगा?
अब तक 60 से ज्यादा लोगों गिरफ्तार किया जा चुका है. ड्रोन के जरिये दंगा प्रभावित शहर पर नजर रखी जा रही है. बताया जा रहा है कि दंगा होने से करीब पांच दिन पहले चामुंडा मंदिर के लिए प्रशासन द्वारा रोड पर अस्थायी बैरिकेड लगाने से जिहादी काफी नाराज थे.

The riot done under a planned conspiracy?
So far, more than 60 people have been arrested. Drought affected city is being monitored. It is being told that the jihadis were very angry with the administration for Chamunda temple by imposing a temporary barricade on the road by the administration about five days before the riots.

त्यौहार के कारण मंदिर रोड पर जाम ना लगे या कोई दुर्घटना ना हो जाए इसके लिए प्रशासन ने अस्थायी बैरिकेड लगाकर यहाँ वाहनों का प्रवेश वर्जित कर दिया था. ये बात मजहबी जिहादियों को नामंजूर थी और उन्होंने उस वक़्त भी बवाल करने की पूरी कोशिश की थी.

Due to the festival, due to lack of traffic on the temple road or any accident, the administration had barred entry of vehicles here by putting temporary barricades. This thing was denied to religious jihadis and they tried their best to organize that time too.

योगी सरकार ने की नर-संहार की साजिश नाकाम
कासगंज दंगा शायद उसी बात का बदला निकालने के लिए सुनियोजित साजिश के तहत किया गया. बड़े पैमाने पर बरामद हुए बम, देसी पिस्तौलें व् असला बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है. योगी सरकार ना होती तो शायद ये जिहादी और भी ज्यादा खून-खराबा
व् उत्पात मचाते.

Yogi Sarkar’s Plot Destroyed Plot
The Kasganj riot was probably done under a planned conspiracy to seek revenge for the same thing. Large-scale recovered bombs, indigenous pistols, and point to a big conspiracy. Had not been a yogi government, perhaps this jihadist would have been more bloody
And so forth.

सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक़ जिहादियों के खिलाफ वक़्त रहते सख्त एक्शन ना लेने के लिए सीएम योगी एटा और कासगंज प्रशासन से नाराज बताए जा रहे हैं. माना जा रहा है कि डीएम और एसपी पर गाज गिर सकती है और दोनों को हटाया जा सकता है. इसी के साथ यूपी डीजीपी ओपी सिंह ने कासगंज में जिहादी तत्वों द्वारा भड़काए गए दंगे की बात कबूल कर ली है.

According to the sources quoted in the sources, the CM Yogi is being annoyed with Eta and the Kasganj administration for not taking strict action against the jihadists. It is believed that ghazs can fall on DM and SP and both can be removed. With this, UP DGP OP Singh has confessed to the riots fired by jihadist elements in Kasganj.

जिहादियों को बचाने जुटे अखिलेश यादव
उन्होंने कहा है कि किसी भी कीमत पर दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा. घर-घर में तलाशी अभियान जारी है. वहीँ राजनीतिक गिद्ध भी लाशों की राजनीति करने आ पहुंचे हैं. यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ऐसा बयान दिया जिस से कहीं न कहीं चन्दन गुप्ता हत्यारों के परिजनों में खुशी की लहर दौड़ती दिख रही है. पुलिस ने जैसे ही जिहादियों के घरों पर छापेमारी शुरू की, तुरंत अखिलेश यादव ने बयान दिया कि कासगंज में पुलिस कार्यवाही करे, अन्याय नहीं.

Akhilesh Yadav to save the jihadis
They have said that the culprits will not be spared at any cost. In-house search operation is in progress. The same political vulture has also come to fight the corpses. Former Uttar Pradesh Chief Minister Akhilesh Yadav made a statement that, somewhere, Chandan Gupta’s killers are showing a wave of happiness. As soon as the police started raids on the houses of the jihadis, Akhilesh Yadav immediately said that police should take action in Kasganj, not injustice, injustice

यानी पुलिस जिहादियों के घरों पर छापेमारी करके बम व् पिस्तौल बरामद कर रही है तो अखिलेश की नजर में ये अन्याय हो रहा है. एबीपी न्यूज़ जैसे कुछ मीडिया चैनल भी योगी आदित्यनाथ, बीजेपी व् एबीवीपी को दोषी ठहराने में जुट गए हैं. जिहादियों के खिलाफ एक्शन शुरू होते ही समाजवादी पार्टी ने पुलिस जांच पर ही सवाल खड़े कर दिए. साम्प्रदायिक हिंसा को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा ने प्रदेश की बीजेपी सरकार पर हमला बोल दिया है. साथ ही उन्होंने कहा कि सपा को पुलिस की जांच पर यकीन नहीं है.

That is, the police raiding the houses of jihadis, recovered the bomb and pistol, and this is being done in the eyes of Akhilesh. Some media channels like ABP News have also begun to blame Yogi Adityanath, BJP and ABVP. As the action against the jihadis started, the Samajwadi Party questioned the police investigation itself. Samajwadi Party’s National Vice-President Kiranmayee Nanda has attacked the state BJP government over communal violence. He also said that SP is not sure about police investigation.

यह भी देखें:

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

योगी सरकार में 8 महीने में ही UP मोदी के गुजरात को पछाड़ते हुए बना नंबर वन, अखिलेश के उड़े होश !

लखनऊ : यूपी में एक वक़्त का इतना बुरा दौर चला था जब गन्ना किसानों की हालत बद्द से बदतर होती जा रही थी. पिछली सरकारों में हर दूसरे दिन गन्ना किसान के आत्महत्या की खबर आती रहती थी. तो कभी गन्ना किसानों के प्रदर्शन की खबर, तो कभी चीनी मीलों का पैसा न चुकाने की, ये सब आम बात थी. लेकिन अब मौजूदा योगी सरकार के केवल 8 महीने के अंदर ये चमत्कार हो रहा कि उत्तरप्रदेश ने विकसित राज्य गुजरात को पछाड़ते हुए नंबर वन बन गया है. यह खबर उन पिछली सरकारों को ज़रूर पढ़नी चाहिए जो गन्ना किसानों की आत्महत्या पर मौनव्रत रखकर इसके लिए केंद्र को ज़िम्मेदार ठहराते थे.

सीएम योगी राज में यूपी गुजरात को पिछड़ते हुए निकला सबसे आगे
अभी-अभी बहुत बड़ी खुशखबरी मिल रही है सीएम योगी के राज में उत्तर प्रदेश में इस साल गन्ना पेराई सत्र में अब तक शुगर रिकवरी के मामले में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना यहाँ तक की गुजरात और अन्य राज्यों को भी पछाड़ते हुए नंबर वन बन गया है. यही नहीं 2017-18 में अब तक रिकार्ड 2500.98 करोड़ गन्ना मूल्य का भुगतान हो चुका है. पिछले साल इसी अवधिक में 928.75 करोड़ का गन्ना मूल्य भुगतान हुआ था.

आपको बता दें ये कोई छोटी बात नहीं है प्रदेश के प्रमुख सचिव, चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास, संजय आर.भूसरेड्डी ने बताया कि अब तक प्रदेश में 15.98 लाख मीट्रिक टन चीनी का उत्पादन हुआ है जबकि महाराष्ट्र में 6.81, कर्नाटक में 4.16 और गुजरात में 2.00 लाख मीट्रिक टन चीनी का उत्पादन ही किया जा सका है.

गन्ना पेराई, चीनी उत्पादन और शुगर रिकवरी में सबसे आगे यूपी
बता दें कि सीएम योगी ने मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में यूपी में वर्तमान पेराई सत्र में चीनी मिलों का संचालन पिछले साल की अपेक्षा पहले कराया गया और इसी के परिणाम है कि यूपी इस साल अब तक गन्ना पेराई, चीनी उत्पादन और शुगर रिकवरी में आगे चल रहा है. प्रमुख सचिव ने बताया कि वर्तमान सत्र 2017-18 में अब तक संचालित 112 चीनी मिलों द्वारा 161.33 लाख टन गन्ने की पेराई सुनिश्चित कर 15.98 लाख टन चीनी का उत्पादन किया जा चुका है.योगी सरकार की शीर्ष प्राथमिकता के अनुसार गन्ना किसानों को त्वरित गन्ना मूल्य भुगतान कराने के निर्देश दिये गये हैं. यही वजह है की गन्ना मूल्य भुगतान में पिछले सभी सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं.

अखिलेश सरकार में चीनी मिलों परकिसानों का 19000 करोड़ से ज़्यादा बकाया
अब आपको बताते हैं पिछली अखिलेश सरकार, मायवती सरकार में क्या हालत थी गन्ना किसानों की. NDTV की खबर अनुसार देशभर में चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का 19000 करोड़ से ज़्यादा बकाया था. आपको जानकार हैरानी होगी सिर्फ यूपी में चीनी मिलों का 9000 करोड़ से ज़्यादा की रकम बकाया था और फिर भी सरकार प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठी रहती थी. जिसका नतीजा क्या होता था वो भी देखिये ndtv की खबर के मुताबिक ही गन्ना किसानों के पास आत्महत्या करने के अलावा को चारा नहीं बचता था.

योगी सरकार की सख्ती से चीन मीलों ने किसानों को किया भुगतान
लेकिन योगी सरकार ने आते ही सख्ती दिखाई जिसके बाद दोषी चीनी मिलों में से छह ने गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान करना शुरू कर दिया. अकेली भेसानी मिल्स पर ही किसानों का 254 करोड़ रुपये बकाया था जो किसानों को वापस मिला. इसके बाद खेरी मिल्स के मालिकों ने भी किसानों का बकाया जल्द से जल्द भुगतान शुरू किया. इस मिल पर किसानों का करीब 17 करोड़ रुपये बकाया था.

अखिलेश सरकार में थम नहीं रहा था गन्ना किसानों की आत्महत्या का सिलसिला
वहीँ अखिलेश सरकार की गैर ज़िम्मेदार रवैय्ये के कारण गाना किसानों को आत्महत्या करनी पड़ती थी.पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बागपत के ढिकाना गांव के गन्ना किसान राहुल ने आर्थिक तंगी के चलते अपनी जान दे दी. राहुल के परिवार के पास 28 बीघे ज़मीन तो थी, लेकिन करीब 3 लाख रुपये चीनी मिल पर गन्ने का बकाया और करीब 3.5 लाख रुपये का बैंक का कर्ज. ऊपर से बहन की शादी तो दूर उसके इलाज के लिए पैसे भी नहीं थे.राहुल के बड़े भाई रुपेश कुमार ने कहा कि अब सुनने में आ रहा है कि प्रशासन हमको हमारे गन्ने का बकाया पेमेंट दिलवा रही है और ये कहते हुए उनकी आवाज़ भारी हो गई। अपनी रुंधी हुई आवाज में वह बोले कि जो मरेगा बस उसी का पेमेंट होगा क्या? हमको नहीं चाहिए ऐसा पेमेंट हमको हमारा भाई चाहिए बस.

ऐसे ही एक और गन्ना किसान थे रामबीर राठी. चीनी मिल ने गन्ने का बकाया दिया नहीं, बैंक से लोन मिला नहीं, घर के सारे गाए-भैंस बिक चुके थे, आर्थिक हालात खराब थे, वह तनाव में रहने लगा और आखिरकार उसने खुदकुशी कर ली. 40 साल के रामबीर राठी 11 बीघे में खेती करते थे। रामबीर की पत्नी मंजू के मुताबिक, ‘घर के आर्थिक हालात ठीक नहीं चल रहे थे और रामबीर काफी समय से तनाव में भी थे.रामबीर घर में अकेला कमाने वाला था और पांच लोगों को पालने के लिए खेती ही आमदनी का एकमात्र ज़रिया था. उसके घर की पूंजी माने जाने वाले सारे गाय-भैंस भी बिक गए.अब उसके पास बेचने को कुछ था नहीं, जिससे घर का खर्च चल जाए इसलिए मजबूर होकर उसने जान दे दी.परिवार का कहना है कि रामबीर अपनी बेटी को आईआईटी से इंजीनियर और बेटे को सेना में अफसर बनाना चाहता था.

इतनी गन्ना किसानों की आत्महत्या का ज़िम्मेदार क्या पिछली सरकारों को नहीं होना चाहिए. अगर उन्होंने अपनी तुष्टिकरण की राजनीती करने के बजाय गन्ना किसानो के लिए कुछ कदम उठाये होते तो वे गन्ना किसान आज ज़िंदा होते. जिन्हे आर्थिक तंगी में घुट-घुट के मरने से ज़्यादा आत्महत्या करना आसान लगा.

यह भी देखें :

https://youtu.be/Q1GAObsp__A

https://youtu.be/-jj9Id592Uw

source zee news

अभी अभी: UP निकाय चुनाव के आये बेहद हैरान करने वाले नतीजे, राहुल समेत अखिलेश की आँखों में आंसू

नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत से जीतने के बाद सत्ता में आए योगी आदित्यनाथ की आज पहली अग्निपरीक्षा है. उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव के वोटों की गिनती शुरू हो गई है और विरोधियों की धज्जियां उड़नी शुरू हो गयी हैं. रुझानों के मुताबिक़ सीएम योगी आदित्यनाथ का जादू चल गया है और यूपी निकाय चुनाव में कमल खिलने जा रहा है. अभी तक आये नतीजों ने विपक्षी खेमे में हाहाकार मचाया हुआ है.

मेयर चुनाव में बीजेपी ने मारी बाजी
यूपी मेयर चुनाव में बीजेपी अकेले 16 में से 12 सीटों पर आगे चल रही है. सबसे ख़ास बात ये है कि सपा और कांग्रेस का अभी तक खाता भी नहीं खुला है.

सहारनपुर के वार्ड 53 से बीजेपी के मनोज जैन चुनाव जीत चुके हैं. चंदौली की चकिया नगर पंचायत में दो सभासद पद पर बीजेपी का कब्जा हो गया है. इलाहाबाद नगर पंचायत सभासदों की 2 सीटें भी बीजेपी ने जीत लीं हैं.

गाजियाबाद निकाय चुनाव की 2 राउंड काउंटिंग मे बसपा की मुन्नी चौधरी को पछाड़ते हुए बीजेपी की मेयर प्रतयाशी आशा शर्मा आगे चल रही हैं. अयोध्या नगर निगम में बीजेपी प्रत्याशी आगे चल रहे हैं. हालांकि आगरा में बसपा प्रत्याशी दिगंबर सिंह आगे चल रहे हैं.

मुरादाबाद निकाय चुनाव में मेयर परिणाम की गिनती में चार राउंड के बाद बीजेपी आगे चल रही है. 4571 वोटों के साथ सबसे पीछे चल रहे हैं कोंग्रेसी प्रत्याशी रिज़वान क़ुरैशी. सपा के हाजी यूसुफ अंसारी की हालत भी कुछ ख़ास अच्छी नहीं है. अभी तक उनकी गिनती 6384 वोटों तक ही पहुंची है, जबकि 18584 वोटों के साथ इन सबको बुरी तरह पछाड़ते हुए बीजेपी के विनोद अग्रवाल सबसे आगे चल रहे हैं.

मुस्लिम बहुल सहारनपुर में बसपा आगे चल रही है. मेरठ और झांसी में बीजेपी ने बढ़त बनाई हुई है. बरेली, अलीगढ़, वाराणसी में बीजेपी आगे चल रही है.

सीएम योगी की प्रतिष्ठा का सवाल
बता दें कि राज्य में तीन दौर में 16 नगर निगमों के लिए मतदान हुआ था, साथ ही 198 नगर पालिका परिषद और 438 नगर पंचायतों के लिए वोट डाले गए थे. निकाय चुनाव सीएम योगी की प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है. इसके लिए सीएम योगी ने काफी मेहनत की थी, उन्होंने 14 दिनों 32 जनसभाएं की थींं. अपने इलेक्शन कैम्पेन की शुरुआत उन्होंने 14 नवंबर को अयोध्या से की थी.

सीएम योगी ने लखनऊ में 6 जगह रैलियां की थीं. 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले हुए यूपी में निकाय चुनाव को इस बार काफी अहम माना गया. राजनैतिक पार्टियां इसे नतीजे को आगामी लोकसभा चुनाव से जोड़ कर देख रही हैं. वहीँ माना जा रहा है कि गुजरात चुनाव में वोटिंग से पहले बीजेपी के पक्ष में आ रहे ये नतीजे गुजरात चुनाव में भी बीजेपी के लिए काफी मददगार साबित होंगे.

कांग्रेस ने ईवीएम को ठहराया जिम्मेदार
सबसे मजे की बात तो ये है कि जैसे-जैसे चुनाव परिणाम सामने आते जा रहे हैं और बीजेपी जीतती दिखाई दे रही है, वैसे-वैसे कोंग्रेसियों व् सपाइयों ने ईवीएम को लेकर रोना-धोना शुरू कर दिया है. अपनी हार का ठीकरा वो ईवीएम पर फोड़ रहे हैं और बीजेपी की जीत के लिए ईवीएम हैकिंग को जिम्मेदार बता रहे हैं.

यह भी देखें :

https://youtu.be/g-H5DwYD5dc

source zee news

गुजरात चुनावों से पहले यूपी से आई ये बड़ी खबर- हुए अहम खुलासे, कई बड़े नेता रडार पर !

आज देश में दुश्मन सिर्फ सीमा पार से ही नहीं घुस रहे हैं बल्कि हमारी पिछली सरकारों की मूर्खता की वजह से वे आराम से अलग-अलग राज्यों में मस्त रह भी रहे हैं और अपने आतंकवाद को फ़ैलाने की साज़िश में लगे हुए हैं | ऐसी ही बड़ी खबर इस वक़्त यूपी के मुरादाबाद से आई जिसे देख आप भी सोचेंगे कि पिछली सरकारें आखिर कर क्या रही थीं | खबर के मुताबिक यूपी एटीएस और आइबी की टीम को बड़ी कामयाबी मिली है और उन्होंने लश्कर के आतंकी और गोधरा कांड में आरोपी रह चुके फरहान अहमद अली को गिरफ्तार कर लिया है | उसके पास से ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, पैन और पहचान पत्र भी बरामद हुआ है जो फर्जी पाए गए हैं |

Today the enemies are not just crossing the border in the country, but because of the stupidity of our previous governments, they have been comfortably comfortable in different states and are engaged in the conspiracy to spread terrorism. Such a big news came at Moradabad in UP at this time and you will also see what the previous governments were doing at the end. According to the news, the team of UP ATS and IB has achieved great success and they have arrested Farhan Ahmed Ali, a terrorist of the LeT and accused in the Godhra carnage. Driving license, Aadhar card, PAN and identity card have also been recovered from him, who have been found to be fake.

 

जानकारी के अनुसार फरहान फर्जी दस्तावेज के आधार पर ये यहां काफी लंबे वक़्त से छिपा हुआ था | इसके साथ इसका एक और साथी पकड़ा गया है और अब इन दोनों की अब रिमांड ली जा रही है | मुरादाबाद जनपद से लश्कर के सजायाफ्ता आतंकी और गोधरा कांड के आरोपी फरहान अहमद को गिरफ्तार किया गया है | फरहान अहमद जिले के मुगलपुरा थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेज के साथ रह रहा था |आपको बता दें कि फरहान अहमद गोधरा कांड में आरोपी रह चुका है और उसे कोर्ट ने दोषी माना था | पोटा कानून के तहत दोषी साबित हुए फरहान अहमद को 2009 में जमानत मिली थी, जिसके बाद से वह मुरादाबाद में फर्जी दस्तावेज बनाकर रह रहा था | इतना ही नही आतंकी फरहान ने फर्जी पासपोर्ट बनाकर कुवैत की यात्रा भी 2016 में की थी और उसके पास से ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, पैन और पहचान पत्र भी बरामद हुआ है जो फर्जी पाए गए हैं |

According to information, on the basis of Farhan fake document, it was hidden from the long time. With this one other fellow has been arrested and now the two are now seeking remand. Muradabad district’s accused convicted and Godhra accused Farhan Ahmed has been arrested. Farhan Ahmed was living with a fake document in the Mughalpura police station area of ​​the district, let him know that Farhan Ahmed has been accused in Godhra and he was convicted by the court. Farhan Ahmed, convicted under the POTA Act, was granted bail in 2009, after which he was living in Muradabad by making fake documents. Not only that, the terrorist Farhan has made a fake passport and traveled to Kuwait in 2016 and his driving license, Aadhar card, PAN and identity card have also been recovered, which have been found to be fake.

मूल रूप से सिद्धार्थनगर जनपद के रहने वाला फरहान अहमद मुरादाबाद में फरहान अहमद अली के नाम से रह रहा था और वह 2009 में मुरादाबाद आने के बाद कटघर और मुगलपुरा थाना क्षेत्र में किराये के मकान में रह रहा था | गोपनीय सूचना के बाद गुरुवार देर रात पुलिस ने आतंकी फरहान को गिरफ्तार कर लिया | फ़िलहाल एटीएस ओर आईबी की स्पेशल टीमें फरहान से पूछताछ कर रही हैं और फरहान अहमद के खिलाफ मुगलपुरा थाने में आईपीसी की कई धाराओं में मुकदमा भी दर्ज किया गया है |

Originally from Siddharthnagar district, Farhan Ahmed was staying in Moradabad after the name of Farhan Ahmed Ali and he was living in a rented house in Katghar and Mughalpura police station area after returning to Moradabad in 2009. After confidential information, the police arrested the terrorist Farhan on Thursday night. At present, ATS and IB special teams are interrogating Farhan and Farhan Ahmed has also filed a lawsuit against him in several sections of the IPC in the Mughalpura police station.

नोएडा एटीएस, आईबी और मुगलपुरा पुलिस ने मुरादाबाद से लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी फरहान अहमद को गुरुवार देर रात को अरेस्ट किया। उसके पास से फर्जी राशन कार्ड, पैन कार्ड भी बरामद हुए। आतंकी साजिश रचने के आरोप में दिल्ली हाईकोर्ट ने इसे बरी करते हुए विदेश जाने पर रोक लगाई थी। इसके बावजूद वह फर्जी पासपोर्ट पर कुवैत गया था | अब जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं। ख़बरों के मुताबिक़ फरहान अहमद सिद्धार्थनगर का रहने वाला है और आरोप है कि वह लश्कर का एक्टिव मेंबर है। वह मुरादाबाद में रह रहा था। यहां उसने फरहान अहमद अली के नाम से फर्जी पासपोर्ट और राशनकार्ड भी बनवा लिया। फर्जी पासपोर्ट के आधार पर वह कुवैत भी हो आया। ऐसा कहा जाता है कि उसका परिवार कुवैत में रहता है।

Noida ATS, IB and Mughalpura police arrested the Lashkar-e-Taiba terrorist Farhan Ahmed on Thursday night from Moradabad. Fake ration cards, PAN cards were also recovered from him. On the charge of conspiring to plot a terror plot, the Delhi High Court banned it from going abroad. Despite this, he went to Kuwait on a fake passport. Now the investigating agencies are interrogating him. According to reports, Farhan Ahmed is a resident of Siddhartha Nagar and is alleged to be an active member of the LeT. He was living in Moradabad. Here he also made a fake passport and ration card in the name of Farhan Ahmed Ali. Based on the fake passport, he also came to Kuwait. It is said that his family lives in Kuwait.

2002 में गोधरा कांड के बाद फरहान कुवैत से अहमदाबाद बदला लेने के लिए आया था और करीब 15 दिन रहा। आरोप है कि इस दौरान वह अपने साथ लोगों को जोड़ना चाहता था। इंटेलिजेंस ब्यूरो को उसकी जानकारी मिली और इसकी भनक लगते ही वह दिल्ली भाग गया। इसके बाद दिल्ली की स्पेशल सेल ने निजामुद्दीन से अरेस्ट किया और उस वक़्त उसके पास से 4 किलो एक्सप्लोसिव, 2 डेटोनेटर, एक चाइनीज पिस्टल और 15 कारतूस बरामद हुए थे।

After the Godhra carnage in 2002, Farhana had come to Kuwait from Kuwait for revenge and he was about 15 days old. It is alleged that during this time he wanted to add people with him. The Intelligence Bureau got his information and he got away from Delhi as soon as he knew it. After this, Special Cell of Delhi arrested Nijamuddin and at that time 4 kg explosive, 2 detonators, one Chinese pistol and 15 cartridges were recovered from him.

2007 में दिल्ली हाईकोर्ट से उसको जमानत मिल गई। इसके बाद वह फर्जी पासपोर्ट पर कुवैत चला गया। वापस आया तो सुरक्षा एजेंसियों ने उसे फिर से अरेस्ट कर लिया। 2009 में वह जमानत पर छूटा और मुरादाबाद आ गया। आतंकी फरहान ने आरटीओ से अलग-अलग तारीखों में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया था। पहला लाइसेंस 18 अक्टूबर 2002 को बनवाया गया, जबकि मुरादाबाद से ही दूसरा लाइसेंस तीन फरवरी 2010 को जारी किया गया। दोनों लाइसेंस में नाम फरहान अहमद अली है, जबकि जन्म तारीख अलग-अलग थींं। ऐसा कहा जाता है कि आतंकी फरहान का पूरा परिवार कुवैत में रहता है और उसके परिवार में वाइफ शकीना, भाई कामरान, इमरान, उस्मान और मां आएशा खातून हैं।

In 2007, he got bail from the Delhi High Court. After this he went to Kuwait on a fake passport. When he came back, the security agencies again arrested him. In 2009, he was released on bail and returned to Moradabad. Terrorist Farhan had made a fake driving license from RTO on different dates. The first license was made on 18th October 2002, while the second license from Moradabad was released on 3 February 2010. Both licenses are named Farhan Ahmed Ali, whereas the date of birth was different. It is said that the whole family of the terrorist Farhan lives in Kuwait and his family is Wife Shakina, Bhai Kamran, Imran, Usman and Maaishha Khatoon.

वहीँ इस मामले पर मुरादाबाद के एसएसपी प्रीतिंदर सिंह ने कहा कि ”पोटा के मामले में सजायाफ्ता फरहान को फर्जी पासपोर्ट के मामले में अरेस्ट किया गया है। इसके अलावा दिल्ली और अहमदाबाद से भी उसका आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है और सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं।” एबीपी न्यूज़ की जानकारी के मुताबिक पुलिस को पड़ताल में चला चला कि फरहान ने अहमदाबाद के रहने वाले शाहिद अहमद के साथ कुवैत में आरएसएस, विहिप और बजरंग दल के बड़े नेताओं के कत्ल की साजिश रची थी | ये दोनों दिल्ली में हथियारों के साथ पकड़े गए थे और पोटा के तहत इन लोगों को सजा भी सुनाई गई थी | 2002 में गोधरा कांड के बाद फरहान कुवैत से गुजरात के अहमदाबाद बदला लेने के लिए आया था और करीब 15 दिन रहा | उसके पास से चार किलो विस्फोटक, 2 डेटोनेटर, एक चाइनीज पिस्टल और 15 कारतूस बरामद हुए थे |

On this case Moradabad SSP Preetinder Singh said that the convicted Farhan has been arrested in the case of “POTA” in connection with a fake passport case. Apart from this, his criminal records are being investigated from Delhi and Ahmedabad and security agencies are interrogating him. “According to the information of ABP News, the police went into the investigation that Farhan had accompanied Shahid Ahmed, a resident of Ahmedabad, in the RSS , Conspiracy to kill the big leaders of the VHP and Bajrang Dal. Both of them were caught with arms in Delhi and under the POTA these people were also sentenced. After the Godhra carnage in 2002, Farhan came to Kuwait from Gujarat to take revenge on Ahmedabad and had spent about 15 days. Four kilos of explosives, 2 detonators, a Chinese pistol and 15 cartridges were recovered from him.

आगे की और कड़ी पूछताछ में खुलासा हुआ कि उसे कुवैत से मोटा पैसा मिल रहा था | यहाँ फरहान स्थानीय मदद और लोगों की वजह से छिपता फिर रहा था | अब इसके और कितने साथी हैं और इनकी योजना क्या थी, ये सब पूछताछ में निकाला जा रहा है | अब सवाल ये कि जहाँ आम आदमी अपना आधार कार्ड बनवाने के लिए जूझ रहा है, वहां इन लश्कर आतंकियों के आधार कार्ड बने हुए हैं | अखिलेश सरकार आख़िरकार कर क्या रही थी, जो अब आतंकवादी पकड़े जा रहे हैं |

Further inquiries revealed that he was getting huge money from Kuwait. Here Farhan was hiding due to local help and people. Now how many more are his partners and what their plan was, all this is being put into question. Now the question is, where the common man is struggling to make a base card, the base cards of these LeT terrorists are made up there. The Akhilesh government was finally doing what, now the terrorists are being caught.

कांग्रेस सरकार ने आधार कार्ड व्यवस्था को ऐसे लागू किया कि आधार कार्ड पर कुत्ते बिल्लियों की फोटो छपने लगी थी और न जाने कितने लाखों आधार कार्ड फर्जी बनाये गए जिन्हे बाद में जलाया गया | हमें जाबांज आईबी और एटीएस के अधिकारीयों पर गर्व होना चाहिए कि वो देश में अंदर बैठे हुए आतंकवादियों को ढूंढ कर गिरफ़्तार कर रही है | इसके साथ ही सवाल उठता है उन दलालों पर जो सरकार में बैठकर लोगों के फ़र्ज़ी पहचान पत्र, आधारकार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते हैं | इन जैसे दलालों का फायदा ये आतंकवादी उठाते हैं और फर्जी दस्तावेज बनाकर अपने नापाक मंसूबे पूरे करने कि साज़िश रचते रहते हैं |

The Congress government implemented such Aadhar card system that the photo of dog cats was being printed on the Aadhar card and not knowing how many millions of Aadhar cards were made fake, which was later burnt. We should be proud of the officials of Jabanj IB and ATS that they are apprehending and arresting the terrorists sitting inside the country. Along with this, the question arises on those brokers who sit in government and make fake identity card, Aadhar card, driving license of the people. These terrorists take advantage of these brokers and make a fake document and plot to fulfill their nefarious plans.

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https://www.youtube.com/watch?v=6KzO3XxanXM&t=7s