रायबरेली: अमित शाह-योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में लगी आग, धू-धू कर जलने लगा पंडाल

रायबरेली : जैसा कि हम इस बात को भलिभांति जानते हैं कि साल 2019 के लोकसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर सभी पार्टी जोर-शोर से रैली कर रही हैं. जानकारी के अनुसार ‘भाजपा’ अध्यक्ष ‘अमित शाह’ और ‘उत्तर प्रदेश’ के मुख्यमंत्री ‘योदी आदित्यनाथ’ राज्य के ‘रायबरेली’ भाजपा की संकल्‍प परिवर्तन रैली में शामिल होने के लिए गये. वहाँ उनके मंच पर आग लग गई.

Rae Bareli: As we know this, all the parties are rallying enthusiastically about preparations for the 2019 Lok Sabha elections. According to the information, the BJP president Amit Shah and Uttar Pradesh chief minister Yodhi Adityanath went to the Rae Bareli in the state to join the resolution of the rally. There was a fire on their platform.

लोकसभा चुनाव को लेकर रायबरेली में रैली के दौरान अमित शाह और CM योगी के बड़ा हादसा!

जानकारी के अनुसार खबर मिली है कि जैसे ही अमित शाह जनता को संबोधित करने के लिए मंच की तरफ आगे बढ़े तो मंच पर आग लग गई. आग को देख आस-पास मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई. खबर मिली है कि इस दौरान अमित शाह के अलावा मुख्‍यमंत्री ‘योगी आदित्‍यनाथ’ भी यहां शामिल हुए थे. दरअसल वहां पर मौजूद लोगों और अन्‍य कर्मियों ने आग पर कुछ ही देर में काबू पा लिया.

According to information, news has been reported that as soon as Amit Shah proceeded towards the platform to address the public, there was a fire on the stage. Seeing the fire a panic broke out in the nearby people. It has been reported that during this period, besides Amit Shah, the chief minister ‘Yogi Adityanath’ also joined here. In fact, the people present there and other personnel managed to overcome the fire shortly after.

खबर मिली है कि यहां पर दोनों नेता शाह और योगी कुछ ही देर में लोगों को संबोधित करने वाले हैं. जानकारी के अनुसार भाजपा अध्यक्ष शाह और राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज ‘सोनिया गांधी’ के गढ़ रायबरेली के दौरे पर आये हुए हैं. अनुमान लगाया जा रहा है कि अमित शाह और योगी आदित्यनाथ का यह दौरा लोकसभा चुनावों की तैयारी को ध्यान में रखकर किया जा रहा है.

लोकसभा चुनाव को लेकर रायबरेली में रैली के दौरान अमित शाह और CM योगी के बड़ा हादसा!

It is reported that here both the leaders Shah and Yogi are going to address people in a while. According to information, BJP President Shah and state Chief Minister Yogi Adityanath have come here on a visit to ‘Gandhi Gandhi’ bastion of Rae Bareli. It is speculated that this visit of Amit Shah and Yogi Adityanath is being done keeping in view the preparation of Lok Sabha elections.

ऐसा कहा जा रहा है कि आने वाले चुनावों में अमित शाह रायबरेली द्वारा कांग्रेस के किले में सेंध लगाने की योजना बना रहे हैं और जिसके लिए राज्य के मुख्यमंत्री योगी उनके साथ दौरे पर आ रहे हैं.

It is being said that in the coming elections, Amit Shah is planning to break into Congress fort by Rae Bareli and for which state’s Chief Minister Yogi is on a tour with him.

लोकसभा चुनाव को लेकर रायबरेली में रैली के दौरान अमित शाह और CM योगी के बड़ा हादसा!

लाखों कार्यकर्ता होंगे शामिल
इस रैली को लेकर दोनों नेताओं के दौरे को लेकर भाजपा के रायबरेली प्रभारी ‘हीरो बाजपेयी’ ने जानकारी देते हुए कहा है कि अमित शाह ‘कांग्रेस’ के गढ रायबरेली में एक जनसभा करेंगे.

Millions of workers will be included
The BJP’s Raebareli in-charge ‘Hero Bajpayee’ has informed about the visit of the two leaders about this rally, saying that Amit Shah will hold a public meeting in Rae Bareli in the ‘Deep Rally’ of Congress.

बाजपेयी ने इसके आगे कहा है कि यह ऐतिहासिक रैली होगी. इस रैली के दौरान लाखों कार्यकर्ता शामिल होंगे. इस जनसभा में ‘योगी आदित्यनाथ’, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ‘महेन्द्र नाथ पाण्डेय’ और दोनों उप मुख्यमंत्री ‘दिनेश शर्मा’ और ‘केशव प्रसाद मौर्य’ भी शामिल होने वाले हैं.

लोकसभा चुनाव को लेकर रायबरेली में रैली के दौरान अमित शाह और CM योगी के बड़ा हादसा!

Bajpai further said that this will be a historic rally. Millions of workers will be involved during this rally. In this public meeting, ‘Yogi Adityanath’, state BJP President ‘Mahendra Nath Pandey’ and both Deputy Chief Ministers Dinesh Sharma and Keshav Prasad Maurya are also going to attend.

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https://youtu.be/WE3MmmBzG4k

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namopress.in

हाईकोर्ट ने ममता सरकार को दिया सबसे बड़ा झटका ,चुनाव आयोग को भी लगायी फटकार,जिसे देख PM मोदी समेत कट्टरपंथी के उड़े होश

कोलकाता – बंगाल में आज हालात पाकिस्तान से भी बद्द्तर हो चले हैं असल मायने में कहा जाय तो लोकतंत्र की हत्या सिर्फ बंगाल में हो रही है. कभी दुर्गा पूजा पर मूर्ति विसर्जन पर रोक, तो कभी राम नवमी में शस्त्र यात्रा पर रोक,आर्म्स एक्ट लगाने की धमकी. जबकि खुद तृणमूल के कार्यकर्ता ने विपक्षियों को डराने के लिए तलवार और फरसा लेकर बाइक रैली निकाली, तब कोइ कार्रवाई नहीं हुई.

Kolkata- In today’s situation in Bengal, things have become even bigger than Pakistan. In real terms, if democracy is being done in Bengal only then the killing of democracy is happening. Never stop idol worshiping at Durga Puja, and sometimes threat to impose Arms Act on Ram Navami, to stop arms trade. When the Trinamool worker himself took out a bike rally with the sword and the fross to frighten the opposition, no action was taken.

रामनवमी और हनुमान जयंती पर ज़बरदस्त दंगे और प्रशासन की चुप्पी ममता सरकार ने नहीं दिए कोई कार्रवाई के आदेश, कट्टरपंथी जिहादी बमबाजी,लूटपाट,आगजनी,दुष्कर्म करते रहे, हिन्दू अपने घर छोड़कर पलायन कर रहे, सड़कों पर हिन्दू और रोहिंग्या को घर मिल रहे. इस सबके बाद भी पंचायत चुनाव में ममता की पार्टी के नेता निर्विरोध जीते जरहे हैं क्या आप विश्वास करेंगे?पर ऐसा हो रहा है.

Ramnavmi and Hanuman Jayanti, the silence of administration and the silence of administration, Mamta Government did not give any order to take action, radical jihadist bombardment, looting, arson, abusive, Hindus leaving their homes and fleeing, Hindus and Rohingyas get home on the streets . After all this, even though Mamta’s party leaders are winning uncontested elections in the Panchayat elections, will you believe it? But this is happening.

 

दरअसल हमने आपको कुछ दिन पहले ही बताया था कि कैसे पंचायत चुनाव में बीजेपी पार्टी के प्रत्याशिओं को नामांकन परचा ही भरने नहीं दिया गया. पश्चिम बंगाल में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर ज़ोरदार कोहराम मचा. लगातार छह दिनों से नामांकन दाखिल करने को लेकर एक एक करके हर क्षेत्र में बीजेपी प्रत्याशिओं पर बम से हमले किये गए. हर दिन उनके सर पर मौत मंडराती रही.

Actually, we had told you a few days ago that how the BJP’s candidates were not allowed to fill nomination in Panchayat elections. In the West Bengal, the strong picketing about the three-phase panchayat elections took place. In order to file nominations for six consecutive days, BJP candidates in every field were attacked with bombs. Every day he was hanging on his head.

नौबत तो यहाँ तक आ गयी है कि कलकत्ता हाई कोर्ट ने खुद कड़ा फैसला सुनाया और पुलिस प्रशासन को पंचायत चुनाव में नामांकन करने वाले प्रत्याशियों को सुरक्षा देने के कड़े आदेश दिए हैं.

It has come so far that the Calcutta High Court has given a tough decision on its own and strict instructions have been given to the police administration to give security to the nominees nominated for the Panchayat elections.

पंचायत चुनाव पंजीकरण अधिकारी ने बीजेपी उम्मीदवारों को को नहीं दिया फॉर्म

यही नहीं भाजपा ने यह भी आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग की ओर से नियुक्त सहायक पंचायत चुनाव पंजीकरण अधिकारी बीजेपी उम्मीदवारों को पर्चा के फॉर्म देने से इनकार कर रहा है. पश्चिम बंगाल बीजेपी ने नामांकन पत्र ऑनलाइन उपलब्ध करवाने की मांग की थी. तो इसका क्या यही मतलब निकाला जाय कि कई चुनाव आयोग के अधिकारी भी तृणमूल के इशारे पर काम कर रहे हैं.? इसे कहते हैं सही मायने में लोकतंत्र का गला घोंटना.

चुनाव आयोग को भी लगायी फटकार

दरअसल कोर्ट ने भी माना कि बंगाल में जो पंचायत चुनाव हुए वे सही तरीके से नहीं हुए. कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में हो रहे पंचायत चुनाव पर 16 अप्रैल तक रोक लगा दी है. इसके साथ ही कोर्ट ने चुनाव आयोग को भी फटकार लगाते हुए समक्ष तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए.

Election Commission also imposed a rebuke

In fact, the court also admitted that the Panchayat elections in Bengal did not happen in the right way. The court has stayed the elections in West Bengal on April 16. At the same time, the court also ordered the EC to submit a factual report before it.

Panchayat election registration officer not given to BJP candidates

Not only this, the BJP has also alleged that the assistant Panchayat Election Registration Officer appointed by the West Bengal Election Commission is refusing to give the form of the form to the BJP candidates. The West Bengal BJP demanded that the nomination papers be made available online. So, what is the meaning of this, that many EC officials are also working at the behest of the Trinamool? It is said to truly strangle democracy.

हाईकोर्ट ने ममता सरकार को दिया सबसे बड़ा झटका

तो वहीँ सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दखल देने से मना कर दिया जिसके बाद हाईकोर्ट ने सख्त एक्शन लिया है और बड़ी साज़िश की बदबू आने के बाद पंचायत चुनाव पर ही रोक लगा दी है.

The biggest blow to the Mamta Government is the High Court

So the same Supreme Court refused to interfere in this matter, after which the High Court has taken strict action and after the bad intentions, the panchayat elections have been banned.

दरअसल त्रिपुरा,मेघालय,नागालैंड में जीतने के बाद अमितशाह ने एलान किया था कि कर्णाटक, बंगाल और केरल में भी बीजेपी जल्द आ रही है, जिससे ममता बुरी तरह बौखला गयी थी और बीजेपी को कभी भी सरकार नहीं बनने देगी ऐसी धमकी दी थी.

In fact, after winning in Tripura, Meghalaya and Nagaland, Amit Shah had announced that BJP in Karnataka, Bengal and Kerala was coming soon, due to which Mamta was severely frustrated and that such a threat would not allow BJP to become a government anytime.

लहूलुहान हुआ पंचायत चुनाव

दरअसल जैसे ही बीजेपी प्रत्याशी नामांकन परचा भरने जाते वहां कट्टरपंथियों संग TMC के कार्यकर्ता मिलकर दंगा फसाद शुरू कर देते. जिसके बाद धारा 144 लगाकर पुलिस बीजेपी के लोगों को उठाकर ले जाती और वे परचा नहीं भर पाते थे. शनिवार को दुर्गापुर में भाजपा के कैंप कार्यालय पर हमला हुआ. भाजपा जिलाध्यक्ष लखन घोरुई को तो चाकू मारकर जख्मी कर दिया गया. महिला बीजेपी विधायक के साथ बदसुलूकी और मारपीट की गयी.

Lahululhan Hua Panchayat elections

Actually, as soon as BJP nominee gets nomination, TMC workers along with fundamentalists will start rioting. After which Section 144 imposed by the police, the police took the people of the BJP and they could not fill the paracha. BJP’s camp office was attacked in Durgapur on Saturday. BJP District President Lakhan Gharui was hit with a knife. Female BJP MLA was abused and beaten up.

यही वजह रही कि सैकड़ों सीटों के जब चुनाव परिणाम आये तो उसमे ममता की तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी सभी सीटों पर निर्विरोध जीत गए. मतलब कोई और विरोध करने के लिए खड़ा ही नहीं हुआ. ऐसा कैसे हो सकता है बीजेपी है अन्य पार्टियां है, कोई विपक्षी खड़ा कैसे नहीं हुआ?

The reason for this is that in the hundreds of seats when election results came, Mamata’s Trinamool Congress candidate won uncontested all the seats. It meant no one stood up to protest. How can it be BJP, there are other parties, how did no opposition stand?

दरअसल विपक्षी पार्टी खड़ी नहीं हुई ऐसा नहीं है, विपक्ष बीजेपी को खड़ा होने ही नहीं दिया गया. नामांकन परचा ही नहीं भरने दिया गया तो खड़े कहाँ से होते जीतना तो दूर की बात है. ये है ममता सरकार की साज़िश विपक्ष को खड़े ही मत होने दो, ममता हमेशा सत्ता में बनी रहना चाहती हैं ऐसा लगता है जल्द ही बंगाल में सिर्फ बांग्लादेशी और रोहिंग्या रह जायेंगे और हिन्दू अप्ल्संख्यक हो जायेंगे. इसके बाद आने वाले अनेक सालों तक जितने चाहे चुनाव होते रहे कोई विपक्षी कभी सत्ता में नहीं आ पायेगा.

n fact, the opposition party did not stand, it is not so that the Opposition BJP was not allowed to stand up. Nomination was not allowed to fill, then where to stand it is far away. This is Mamata’s conspiracy against the government, let the opposition not stand up, Mamata always wants to remain in power. It seems that soon there will be only Bangladeshi and Rohingya in Bengal and Hindus will become an ascendant. After this, no opposition will ever come to power as long as the elections are held for many years to come.

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https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

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ब्रेकिंग:रायबरेली से आई इस बेहद चौकाने वाली खबर सुन जिसे देख राहुल -सोनिया छूटने लगे हैं पसीने

केंद्र में जबसे बीजेपी की सरकार आई है और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जबसे बने हैं. उसके बाद से ही कांग्रेस पार्टी की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी और उनकी पार्टी की एक मुसीबत थमती नहीं है कि दूसरी पैदा हो जाती है. वैसे भी केंद्र में सत्ता आने के बाद से बीजेपी देश के अधिकतर राज्यों में अपनी जीत का परचम लहराकर कांग्रेस को झटके पर झटके देती जा रही है. अब आने वाले लोकसभा चुनावों का आगाज हो चुका है जिसको लेकर सभी पार्टियों ने कमर कस ली है.

Since the time the BJP government came in and the country’s Prime Minister Narendra Modi has been since then. Since then, the problems of the Congress party are not taking the name. Congress President Rahul Gandhi and his party do not have a problem that the second is born. Anyway, after coming to power at the Center, BJP is shaking the victory of the Congress in the majority of the states. Now the upcoming Lok Sabha elections have been started for which all the parties have taken a stand.

अब ऐसे माहौल में एक ऐसी खबर आ रही है जिसे जानने के बाद कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी को बड़ा झटका लग जायेगा. सोनिया गाँधी के गढ़ रायबरेली से आ रही इस खबर ने सभी के होश उड़ा डाले हैं. कांग्रेस को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगने जा रहा है. सोनिया गाँधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में पार्टी के विधान परिषद सदस्य दिनेश प्रताप सिंह पार्टी से नाराज चल रहे हैं. जिसके चलते बताया जा रहा है कि बुधवार को लखनऊ में वह अमित शाह की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं. कांग्रेस नेता दिनेश प्रताप सिंह का एक साथ बीजेपी में जाना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका होगा.

Now in such an environment there is a news that after knowing the former Congress President Sonia Gandhi and Rahul Gandhi will be a big blow. The news coming from Sonia Gandhi’s Rath Rae Bareli has sparked everyone’s senses. The biggest blow to the Congress is going to be so far. In Sonia Gandhi’s parliamentary constituency Rae Bareli, the party’s legislative council member Dinesh Pratap Singh is angry with the party. As a result, it is being told that in Lucknow on Wednesday he is going to join BJP in the presence of Amit Shah. Congress leader Dinesh Pratap Singh going to BJP together will be a big setback for the Congress.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह भी बताया जा रहा है कि दिनेश प्रताप सिंह के भाई जोकि जिला पंचायत अध्यक्ष रायबरेली अवधेश प्रताप सिंह भी बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं. इस खबर ने राहुल गाँधी को गहरे सदमे में पहुंचा दिया है. उन्होंने सोचा भी नही होगा कि उनके इतने ज्यादा करीबी नेता उन्हें इतना बड़ा झटका दे सकते हैं. कांग्रेस एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया है कि कांग्रेस में अब वो रहना नहीं चाहते हैं.

According to the information received from the sources, it is also being said that Dinesh Pratap Singh’s brother Jilla Panchayat president Rae Bareli Avdesh Pratap Singh can also get the membership of BJP. This news has brought Rahul Gandhi a deep shock. They will not even think that their so much close leader can give them such a big jolt. Congress MLC Dinesh Pratap Singh, while talking to the media, said that he does not want to stay in Congress anymore.

गौरतलब है कि रायबरेली की राजनीतिक सियासत में दिनेश प्रताप सिंह का बड़ा नाम है. वह 2016 में कांग्रेस से एमएलसी का चुनाव जीतने वाले इकलौते सदस्य हैं. इसी के साथ कांग्रेस से वह लगातार दूसरी बार विधान परिषद में चुने गये थे. इस समय जिला पंचायत कुर्सी पर भी उनके भाई अवधेश प्रताप सिंह हैं. अब इनके बीजेपी में शामिल होने की खबर ने राहुल गाँधी को हैरान कर दिया है.

Significantly, Dinesh Pratap Singh has a big name in Rae Bareli’s political affairs. He is the only member to win the MLC election from Congress in 2016. With this, he was elected for the second time in the Legislative Council from Congress. At present, his father is Awadhesh Pratap Singh on the district panchayat chair. Now the news of his joining BJP surprised Rahul Gandhi.

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अभी अभी : 2019 विधानसभा चुनाव से ऐन पहले बीजेपी पर लगा ये बड़ा झटका इस दिग्गज नेता ने खेला ऐसा खेल

देश की सभी पार्टियाँ इस वक़्त एड़ी-चोटी का ज़ोर लगाती नज़र आ रही हैं. वजह है 2019 में होने वाले विधानसभा चुनाव. ऐसे में जहाँ देश की सभी पार्टियाँ इस चुनाव में अपनी जीत पुख्ता करने के लिए हर भरसक कोशिश करती नज़र आ रही हैं वहीँ बीजेपी को एक ऐसा बड़ा झटका मिला है जिसके गम से उबरने में यकीनन बीजेपी को लम्बा समय लग सकता है. अभी-अभी मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि बीजेपी के इस दिग्गज नेता ने 2019 विधानसभा चुनाव से पहले ही पार्टी का साथ छोड़ दिया है.

All the parties in the country are looking at the peak of the peak at this time. The reason is that assembly elections to be held in 2019. In such a situation where all the parties of the country are trying every effort to ensure their victory in this election, the BJP has got such a big jolt that, arguably, it may take a long time for the BJP to recover from its gum. As per the information found just now, it is being said that this veteran BJP leader has left the party before the 2019 assembly elections.

जानिए कौन हैं ये बड़े नेता?
2019 के विधानसभा चुनाव यूँ तो सभी पार्टियों के लिए महत्वपूर्ण हैं लेकिन यहाँ सबसे ज्यादा इस चुनाव की सबसे ज्यादा आस बीजेपी से लगायी जा रही है, क्यूंकि देश में इस वक़्त इस बात के मिलेजुले व्यूज आते नज़र आ रहे हैं कि बीजेपी क्या वाकई में इस साल भी सत्ता पर अपनी हुकूमत बरकार रख पायेगी भी या नहीं. जहाँ ये चुनाव हर मायने में बीजेपी के लिए कठिन हैं वहीँ इस दिग्गज नेता ने पार्टी छोड़ने का फैसला लेकर सबको हैरान कर दिया है. हम यहाँ जिस दिग्गज नेता की बात कर रहे हैं उनका नाम देवी सिंह भाटी है.

Know who are these big leaders?
Assembly elections in 2019 are important for all parties but most of this election is being done by the BJP, because at this time in the country, there is a mix of views coming in the way that BJP is really Even the year will be able to maintain its rule over power or not. Where these elections are hard for BJP in every sense, this veteran leader has surprised everyone with the decision to leave the party. The name of the legend that we are talking to here is Devi Singh Bhati.

राजस्थान के बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सिंचाई मंत्री देवी सिंह भाटी ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अब कभी विधानसभा चुनाव ना लड़ने का फैसला लेकर सबको हैरान कर दिया है. इस बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि, “मैं अब कभी विधानसभा चुनाव तो नहीं लडूंगा लेकिन मैं जनता के हित में काम करता रहूँगा. जनहित में काम करने के लिए मुझे किसी पार्टी का होना ज़रूरी नहीं है.” सिर्फ इतना ही नहीं उन्होंने पार्टी पर बड़ा आरोप लगाते हुए ये कहा है कि, “सरकारें सिर्फ वोट की राजनीति करती हैं और मुझे इसका हिस्सा नहीं बनना.”

Senior BJP leader of Rajasthan and former irrigation minister Devi Singh Bhati has surprised everyone by taking a decision to not contest the Assembly elections right now before the assembly elections. Talking about this, he said, “I will not contest the Assembly elections anymore, but I will continue to work in the public interest. I do not have to be a party to work in the public interest. “Not only that, he has made a big allegation on the party saying,” Governments only vote politics and I do not want to be part of it. ”

देवी सिंह भाटी का आरोप है कि, “पार्टियां जनता से डरती हैं और अपने गलत बयानों पर सिर्फ लीपापोती करती हैं. मुझे ऐसा लगता है धीरे-धीरे लोगों का प्रजातंत्र से भरोसा उठ रहा है.” जिन्हें नहीं पता उनकी जानकारी के लिए बता दें कि देवी सिंह भाटी श्रीकोलायत से सात बार विधायक रह चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने 1980 से लेकर 2013 तक विधानसभा चुनाव लड़ा और विधायक से लेकर मंत्री तक के पदों अडिग बने रहे हैं.

Devi Singh Bhati is alleged to have said that “the parties are afraid of the public and only leap on their wrong statements. I feel that people are getting reliance on democracy gradually. “Those who do not know, tell their information that Goddess Singh Bhati has been a seven times MLA from Sricoolait. Apart from this, he contested the assembly elections from 1980 to 2013 and remained MLAs from MLA to minister till now.

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कर्नाटक चुनाव से पहले बीजेपी करने जा रही है वो काम जिसके बाद कांग्रेस को कोई पूछेगा तक नहीं !

केंद्र में जबसे बीजेपी की सरकार आई है तभी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा देश के अधिकतर राज्यों में अपनी जीत का परचम लहरा चुकी है. अभी हाल ही में पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में हुए चुनाव हुए चुनावों के परिणामों ने लोगों को हैरान कर दिया था. जिस त्रिपुरा में बीजेपी अपना खाता भी नहीं खोल पाती थी, अब वहां पीएम मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा ने पूर्ण बहुमत से सरकार बनाई है. अब देश के कुछ ही राज्यों में कांग्रेस की सरकार बची है जिसमें एक कर्नाटक है. कर्नाटक में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है.

Since the BJP government came to the center, since then, under the leadership of Prime Minister Narendra Modi, the BJP has woken up to its victory in most of the states of the country. More recently, the results of elections held in three states of North-East surprised people. In Tripura, BJP could not even open its account, now under the leadership of PM Modi, the BJP formed the government with a full majority. Now in a few states of the country the Congress government is left with one Karnataka. The dates for the assembly elections have been announced in Karnataka.

कर्नाटक में चुनावों के मद्देनजर सभी राजनैतिक पार्टियों ने कमर कस ली है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी काफी समय से कर्नाटक में लगे हुए हैं. पार्टी की इज्जत बचाने के लिए राहुल गाँधी बढ़-चढ़कर प्रचार प्रसार कर रहे हैं.वहीँ देश की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी और इसके चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह भी कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने में पूरा जोर लगा रहे हैं. बीजेपी ने इसके लिए पूरी रणनीति तैयार कर ली है. देश के विभिन्न राज्यों में हुए चुनावों में बीजेपी ने प्रचंड जीत हासिल की है. कर्नाटक में भी बीजेपी-कांग्रेस को बड़ा झटका दे सकती है.

In view of the elections in Karnataka, all the political parties have taken a stand. Congress President Rahul Gandhi has been engaged in Karnataka for a long time. Rahul Gandhi is spreading propaganda to save the party’s dignity. He is pushing full force in the country’s biggest party, BJP and its Chanakya, Amit Shah, also to put the Congress out of power. The BJP has prepared the entire strategy for this. In the elections held in different states of the country, the BJP has won a huge victory. In Karnataka, BJP may also give a big setback to the Congress.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कांग्रेस को राज्य में पस्त करने के लिए बीजेपी ने रणनीति के तहत 19 सूत्रीय कार्यक्रम और देशभर से 5 दर्जन से अधिक प्रचारकों को इस चुनाव में लगा दिया है. इन लोगों की इस चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका होगी. पार्टी इस रणनीति के तहत कई केंद्रीय मंत्रियों समेत देशभर के 56 सांसदों और नेताओं को लगा रही है. जो राज्य में चुनाव-प्रसार करेंगे. बीजेपी की इस रणनीति को जानने के बाद कांग्रेस को गहरा सदमा लग सकता है.

For your information, tell BJP to set up 19-point program under the strategy and more than 5 dozen campaigners from across the country in this election to save the Congress in the state. These people will have an important role in this election. The party is putting 56 ministers and leaders across the country, including several Union Ministers under this strategy. Which will spread the election in the state. Knowing this strategy of BJP can lead to deep shock for the Congress.

गौरतलब है कि केंद्रीय नेताओं की यह टीम कर्नाटक में लोगों के साथ करीबी संवाद के साथ काम कर रही है. यहाँ हर विधानसभा क्षेत्र से बूथ स्तर पर खास प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है. इसी के साथ बीजेपी बेलगावी, कलबुर्गी, हुबली, बेल्लारी, बेंगलुरु,मैसूर, मेंगलूरू समेत कई इलाकों में पीएम मोदी जी के करिश्मे का उपयोग करेगी. बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने बताया कि प्रदेश की भाजपा टीम तो कार्यक्रम के अनुसार कार्य करेगी ही इसी के साथ केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों समेत देश के कई नेता रहेंगे जिनमे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के मार्गदर्शन में रविशंकर प्रसाद, निर्मला सीतारमन, पीयूष गोयल, धर्मेन्द्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, अनंत कुमार, गजेन्द्र सिंह शेखावत, अनंत कुमार हेगड़े, पीपी चौधरी के अलावा मुख्यमंत्रियों में जयराम ठाकुर और योगी आदित्यनाथ शामिल रहेंगे.

Significantly, this team of central leaders is working closely with people in Karnataka. There is an emphasis on special management at booth level from every assembly constituency. With this, BJP will use the charisma of PM Modi in many areas including Belagawi, Kaluburgi, Hubli, Bellary, Bengaluru, Mysore, Mangalore. A senior BJP leader said that the state BJP team will work according to the program, along with Union Ministers, Chief Ministers, including many leaders of the country, including Ravi Shankar Prasad, Nirmala Sitharaman, Piyush Goyal, Dharmendra Pradhan under the guidance of BJP President Amit Shah. , Union Minister Prakash Javadekar, Ananth Kumar, Gajendra Singh Shekhawat, Ananth Kumar Hegde, Chopra’s daughter-in-law Jairam Thakur and Yogi Adityanath will be included in the Chief Ministers.

जानकारी के लिए बता दें हर विधानसभा सीट पर 12 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है. जिसमें जनजाति, अल्पसंख्यक, युवा, महिलाओं,अनुसूचित जाति को सदस्य के रूप में रखा गया है. बताया जा रहा है कि इस समिति को बूथवार रिपोर्ट तैयार करने का दायित्व सौंपा है. कर्नाटक में बीजेपी की जीत का दावा करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मुरलीधर राव ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस अपनी राजनीति धर्म, पंथ के आधार पर लोगों को बांटकर करती है. उन्होंने कहा है कि अब जनता सब समझ चुकी है और जनता ने बीजेपी को जनादेश देने का मन बना लिया है. बीजेपी की यह रणनीति कांग्रेस के लिए बड़ी मुसीबत बनकर सामने आ सकती है.

For the information, a 12-member committee has been formed on every assembly seat. In which tribes, minorities, youth, women, scheduled castes have been kept as members. It is being told that this committee has been given the responsibility of preparing the boothwar report. Claiming BJP’s victory in Karnataka, the party’s national general secretary Murlidhar Rao has alleged that Congress divides its politics on the basis of religion, creed. He has said that now the people have understood everything and the people have made the mind of giving a mandate to the BJP. This BJP strategy can be a big trouble for the Congress.

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https://www.youtube.com/watch?v=VxtYK7YXsQ8&feature=youtu.be

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डाटा चोरी मामले में नया खुलासा विदेशी कंपनी के ऑफिस कांग्रेस को लेकर दिखा कुछ ऐसा की पूरी पार्टी मैं मचा हडकंप

हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने पीएम मोदी के खिलाफ ट्विटर पर एक ट्रेंड चलाया था. इस ट्रेंड में उन्होंने लोगों से पीएम मोदी की एप्लीकेशन NAMO APP को डिलीट करने की मांग की थी लेकिन इसके बदले हुआ यह कि लोगों ने और भी ज्यादा इस APP को डाउनलोड किया था. इस घटना के बाद कांग्रेस ने प्ले स्टोर से अपना APP हटा दिया था. यह सब इसलिए हुआ है क्योंकि कुछ ही दिन पहले फेसबुक का डाटा लीक हुआ था और यह काम करने वाली कंपनी है कैंब्रिज एनालिटिका जो एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म है.

Recently Congress President Rahul Gandhi played a trend on Twitter against PM Modi. In this trend, he had demanded to remove PM Modi’s application NAMO APP from the people but instead it was that people had downloaded this APP much more. After this incident, Congress removed its APP from the Play Store. This is all because because Facebook’s data was leaked a few days ago and this is the working company, Cambridge Analyktica, which is a Political Consultancy firm.

राहुल गाँधी ने लगाया ये था बीजेपी पर आरोप
राहुल गाँधी ने लिखा था कि मोदी का नमो ऐप चोरी से आपके घर परिवार वालों का सारा निज़ी डाटा चोरी कर लेता है जैसे कि ऑडियो, वीडियो, कॉन्टेक्ट्स. इतना ही नहीं ये ऐप तो आपकी लोकेशन तक ट्रैक कर लेती है. मोदी जी बिलकुल बिग बॉस की तरह हैं जो नज़रें गड़ाए रहते हैं हर भारतीय पर..मोदी जी अब यही काम हमारे देश के बच्चों के साथ भी कर रहे हैं जैसे कि 13 लाख NCC के बच्चों पर दबाव डाला जा रहा है कि वो भी इस ऐप को डाउनलोड करें… आपको जानकर हैरानी होगी कि इस तरह का संगीन आरोप लगाने के बाद कुछ ही देर में कांग्रेस ने खुद अपनी ही ऐप हटा दी जिसके बाद उसकी खूब आलोचन भी हुई.

Rahul Gandhi imposed this allegation on BJP
Rahul Gandhi had written that Modi’s Namo app steals all the personal data of your family members, such as audio, video, contacts. Not only this, the app is tracked to your location. Modiji is absolutely like the Big Boss who keeps on looking at every Indian..Modi is doing the same thing with the children of our country like 13 lakh NCC children are being pressurized that they too Download the app … You will be surprised to know that after some such bogus allegations, the Congress itself removed its own app, after which it was highly criticized.


कैंब्रिज एनालिटिका के ही कर्मचारी ने देखिये राहुल गाँधी को लेकर क्या कहा था…
इसके बाद कैंब्रिज एनालिटिका के एक कर्मचारी व्हिसिल ब्लोअर क्रिस्टोफर वायली ने ब्रिटिश संसद के सामने राहुल की पोल खोली थी और कहा था कि “कांग्रेस कैंब्रिज एनालिटिका की क्लाइंट हो सकती है” उन्होंने यह भी कहा कि कैंब्रिज एनालिटिका का भारत में एक ऑफिस भी था जिससे जुड़े कुछ दस्तावेज भी उनके पास हैं”

Employees from Cambridge Anilica see what Rahul Gandhi said about …
After this, Christil Blower Christopher Wylli, an employee of Cambridge Anilica, opened Rahul’s pole in front of the British Parliament and said that “Congress may be a client of Cambridge Analyte”, he also said that Cambridge Analycia had an office in India They also have some documents related to ”

ये है नया खुलासा जिसे देखकर सब साफ़ हो जायेगा…
ब्लोअर क्रिस्टोफर वायली के खुलासे के बाद कांग्रेस के कैंब्रिज एनालिटिका से कनेक्शन को लेकर एक और बड़ा खुलासा हुआ है. जी हाँ ये खुलासा उस वक्त हुआ जब एबीपी न्यूज ने बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री सीक्रेट ऑफ सिलिकन वैली को ध्यान से देखा तो उसमें यह पाया कि कैंब्रिज एनालिटिका के लंदन स्थित हेड ऑफिस में सीईओ के कमरे में कांग्रेस के हाथ का पोस्टर दीवार पर टंगा हुआ है.

This is the new disclosure which will clear all by seeing …
After the blower Christopher Wyline’s disclosure, there is another big disclosure about the connection of Congress to Cambridge Analycia. Yes, this disclosure occurred when ABP News looked at the BBC’s Documentary Secret of Silicon Valley, and found that the Poster’s handkerchief in Cambridge Analykt’s head office in London’s office was hanging on the wall.

हालांकि कहा जा रहा है कि बाद में इस डेटा लीक मामले को लेकर सीईओ निक्स को निलंबित भी किया जा चुका है. अब अंत में यह कहना गलत नहीं होगा कि जब बीजेपी ने यह बात कही थी कि कांग्रेस के तार कैंब्रिज एनालिटिका से जुड़े हुए हैं, तो उस समय बीजेपी गलत नहीं थी मगर फिर भी कांग्रेस ने इसे मानने से इनकार कर दिया था. अब जब इतना बड़ा खुलासा हुआ है तो देखना यह होगा कि अब कांग्रेस पार्टी और राहुल गाँधी कहाँ जाकर अपना मुंह छुपायेंगे.

However, it is being said that later the CEO Nix has been suspended for this data leak case. Now in the end it will not be wrong to say that when the BJP had said that the Congress ward is connected to Cambridge Analyst, then at that time the BJP was not wrong, but still the Congress had refused to accept it. Now that such a huge disclosure has happened, then it will be possible to see where the Congress party and Rahul Gandhi will hide their faces.

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https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

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राज्यसभा में बड़ी जीत के बाद, अमित शाह को बीजेपी के इस बड़े नेता ने दिया बड़ा झटका, PM मोदी-शाह हैरान..

नई दिल्ली : बीजेपी और बीजेपी नेताओं के खिलाफ खुलकर बोलने वाले बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के मन में इन दिनों लालू प्रेम उमड़ रहा है. चारा घोटाले में जेल की सजा काट रहे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव इन दिनों गिरती सेहत के कारण रांची के रिम्स अस्पताल में भर्ती हैं. रविवार को पहले तो शत्रुघ्न सिन्हा अस्पताल में जाकर आरजेडी प्रमुख लालू से मिले और उनकी खुलकर तारीफ की. इसके बाद बीजेपी सांसद पटना स्थित आरजेडी प्रमुख के घर पहुंचे और वहां राबड़ी देवी और उनके बेटे तेजस्वी और तेजप्रताप यादव से मुलाकात की.

New Delhi: BJP MP Shatrughan Sinha, who speaks candidly against BJP and BJP leaders, is in love with Lalu in these days. Former Bihar Chief Minister Laloo Prasad Yadav, who is serving a jail sentence in the fodder scam, is admitted to Rims Hospital in Ranchi due to falling health these days. Earlier on Sunday, Shatrughan Sinha went to the hospital and met RJD chief Lalu and praised him openly. After this, the BJP MPs reached the RJD chief’s house in Patna and met Rabri Devi and his son Rasputi and Tej Pratap Yadav.

क्या नया आशियाना तलाश रहे हैं सिन्हा
राजनीति गलियारों में शत्रुघ्न सिन्हा की लालू परिवार से मुलाकात के कई अर्थ निकाले जा रहे हैं. बिहार में हाल ही में अररिया लोकसभा और जहानाबाद विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में आरजेडी को मिली जीत के बाद बिहार की राजनीति में नीतीश और बीजेपी गठबंधन के खिलाफ विसात बिछने लगी है. चारा घोटाले में जेल जाने के बाद बिहार में लालू परिवार के प्रति फिर से संवेदनाओं की लहर उठने लगी हैं. बताया जा रहा है कि बीजेपी से हमेशा 36 का आंकड़ा रखने वाले शत्रुघ्न सिन्हा अपने लिए नए ठौर की तलाश में हैं और इसलिए वे लालू परिवार के साथ नजदीकियां बढ़ा रहे हैं.

Sinha is looking for a new asha
Several interpretations of Shatrughan Sinha’s meeting with the Lalu family are being taken out in political corridors. After winning the RJD by-elections in the Araria Lok Sabha and Jehanabad assembly constituency in Bihar recently, Bihar has started laying down a wedge against Nitish and BJP alliance in Bihar politics. After being jailed in the fodder scam, the wave of reactions to the Lalu family in Bihar has started to rise again. It is being told that Shatrughan Sinha, who has always kept the figure of 36 from BJP, is looking for a new situation for himself and that is why he is closing in with the Lalu family.

लालू से मिले शॉटगन
रांची के रिम्स अस्पताल में लालू यादव से मिलने गए शत्रुघ्न सिन्हा के साथ सपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा थे. लालू से मिलने शत्रुघ्न ने उनकी खूब प्रशंसा की और कहा कि जनता का प्यार और आशीर्वाद उनके साथ है. वे ना केवल जल्द स्वस्थ्य होंगे, बल्कि जेल से भी उन्हें जल्दी ही इंसाफ भी मिलेगा. सिन्हा ने कहा, लालू प्रसाद जमीन से जुड़े नेता हैं और उनका उनसे शुरू से ही घनिष्ठ संबंध रहा है, हम लोग परिवार जैसे हैं.

Shotgun from Lalu
Ram Niwas was the National Vice-President of the SP along with Shatrughan Sinha who had met Laloo Yadav in Rims Hospital. Meet Laloo Shatrughan appreciated them and said that the love and blessings of the people are with them. They will not only get healthier but they will also get justice too soon from the jail. Sinha said, Lalu Prasad is a leader of the land and he has a close relationship with him since the beginning, we are like a family.

राबड़ी से मिलने पटना पहुंचे सिन्हा
अस्पताल में लालू यादव से मिलने के बाद शत्रुघ्न सिन्हा सीधे पटना स्थित उनके घर गए और वहां उनकी पत्नी राबड़ी देवी और लालू के दोनों बेटे तेजस्वी यादव तथा तेजप्रताप यादव से मुलाकात की. जानकार बताते हैं कि एक घंटे के अधिक चली इस मुलाकात में शुत्रघ्न सिन्हा ने बिहार की राजनीति पर भी चर्चा की.

Sinha arrives in Patna to meet Rabri
After meeting Laloo Yadav in the hospital, Shatrughan Sinha went straight to his house in Patna and met his wife Rabri Devi and Lalu’s sons, Tejshi Yadav and Tej Pratap Yadav. Scientist points out that in this meeting that lasted more than an hour, Shutrawat Sinha also discussed Bihar politics.

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ब्रेकिंग:त्रिपुरा मैं मोदी सरकार ने आते उठाया ऐसा ऐतिहासिक कदम ,जिसे देख कांग्रेस समेत वामपंथी के उड़े होश

नई दिल्ली : देश को अंग्रेज़ों से आज़ादी मिलने के बाद सरदार पटेल जी का अहम् योगदान है इस देश को जोड़ कर एक रखने में. लेकिन आज देश के कुछ लोग चुनाव में पीछे पोस्टर पर फोटो तो सरदार पटेल का लगाते हैं लेकिन देश में धर्मो को लेकर, राज्यों में भाषा को लेकर, कभी अलग झंडे को लेकर बाँटने का काम करते हैं.

त्रिपुरा में बीजेपी के आते ही बदली तस्वीर, आज़ादी के बाद पहली बार हुआ ऐसा

ऐसे में सवाल खड़ा होता है क्या वाकई में देश एक है, आज केरल में, पूर्वोत्तर में वामपंथी सोच ने जगह बना ली है. ये राष्ट्रगीत वन्देमातरम का विरोध करते हैं ये राष्ट्रगान में 52 सेकंड नहीं खड़े होना चाहते हैं, उसे भी मुद्दा बनाकर कोर्ट में अपनी आज़ादी के अधिकार का हनन बताते हैं. दक्षिण का नहीं पता लेकिन पूर्वोत्तर में बीजेपी सरकार आने के बाद अब 25 साल बाद अलग तस्वीर सामने आ रही है, पहली बार वो हो रहा है जो इससे पहले किसी ने सोचा भी नहीं होगा.

अभी मिल रही ताज़ा खबर अनुसार त्रिपुरा में सरकार बदलने के साथ ही अब बदलाव भी नजर आने लगे हैं. आप यकीन नहीं करेंगे देश में आज ये एक बेहद बड़ी खबर है कि त्रिपुरा विधानसभा में पहली बार शुक्रवार को राष्ट्रगान गाया गया. सोचिये इससे पिछले सालों में वामपंथी सरकारों ने क्या माहौल बनाया होगा. सरदार पटेल ने भी अपने जीवन में कभी नहीं सोचा होगा की एक दिन राष्ट्रगान गाना भी एक खबर बन जाएगा.

बेहद ही हैरतअंगेज़ नज़ारा, बुरी तरह चौंक गए वामपंथी

सदन का पहला सत्र स्पीकर रेबती मोहन दास के चुनाव के साथ शुरू हुआ. जब सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले सभी 11 बजे पहुंचे तो राष्ट्रगान चलाया गया; जिसे सुन एक पल के लिए सभी वामपंथी बुरी तरह चौंक गए. राष्ट्रगान के सम्मान में सभी मंत्री, सदन के सदस्य, आधिकारी, पत्रकार और दर्शक खड़े हो गए. बेहद ही हैरतअंगेज़ नज़ारा था. आखिरकार वापमंथी धुन पर नाचने वाले भी राष्ट्रगान के सम्मान में खड़े होते नज़र आये.

बीजेपी के सुनील देओधर ने लिखा “आज 25 वर्ष बाद त्रिपुरा का विधानभवन तब धन्य हुआ जब 12 वी विधानसभा के पहले दिन के आरंभ में सभी विधायकों ने राष्ट्रगीत गाया. जिन देशद्रोहियों ने सत्ता में रहते इसे गाने नहीं दिया था वें कोमरेड भी आज ‘जन गण मन’ गाने पर बाध्य हो गये”

सीपीएम ने जताई कड़ी आपत्ति

बता दें यह पहली बार था जब सदन में राष्ट्रगान चलाया गया था. सदन के सचिव बामदेब मजूमदार ने कहा कि वह हर दिन राष्ट्रगान चलाने की कोशिश करेंगे. उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि किसी और सदन में राष्ट्रगान चलता है या नहीं. वहीं सीपीएम ने इस पर भी कड़ी आपत्ति जताई विधायक बादल चौधरी ने कहा कि ऐसा करने से पहले विपक्ष के साथ न ही कोई बात करी गयी न ही कोई सुचना दी गयी.

त्रिपुरा में विकास ने पकड़ी रफ़्तार

बीजेपी एक एक साथ तीन राज्यों में सत्ता में आने से तस्वीर बदलनी शरू गयी है. पीएम मोदी हमेशा कहते हैं कि देश का विकास तब तक मुमकिन नहीं है जब तक पूर्वोत्तर का विकास नहीं होगा. त्रिपुरा में निवेश और विकास ने बुलेट ट्रैन जैसी रफ़्तार पकड़ ली है. मोदी सरकार ने 2000 करोड़ से ज़्यादा का फंड त्रिपुरा के लिए दिया है.

त्रिपुरा सीएम बिप्लब देव ने भी घोषणा की थी कि ओएनजीसी समेत कई बड़ी कंपनियां भी अब राज्य में बड़ा निवेश करने जा रही हैं. जहाँ राज्य में सुकून और शांति होती हैं वहां से व्यापारी भागते नहीं है बल्कि निवेश करते हैं जिससे लोगों को रोज़गार मिलता है.

दरअसल पूर्वोत्तर ही नहीं दक्षिण में भी राष्ट्रगान का अपमान आम बात हो चली है. कुछ वक़्त पहले ही क्‍लास में राष्‍ट्रगान के दौरान, स्‍टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) का नेता बताए जाने वाले असलम सलीम बीए थर्ड इयर के छात्र का ने गैर अनुशासित रवैया सामने आया जिसके बाद कॉलेज से उसे सस्‍पेंड कर दिया था. हालांकि एसएफआई ने को अपना नेता मानने से इंकार कर दिया.

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BREAKING:ज़बरदस्त घमासान के बाद राज्यसभा चुनाव के आये चौंकाने वाले नतीजे,2019 के चुनाव जीतने के मनसूबे पर फिरा पानी

ने के मनसूबे को लगा झटका

इस जीत के साथ बीजेपी ने गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में मिली हार का बदला ले लिया है. राज्यसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद बुआ-भतीजे (साप-बसपा) के बीच हुए गठबंधन पर भी सवालिया निशान लग गए हैं.

दिनभर चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद यहां देर शाम वोटों की गिनती शुरू हुई. गिनती शुरू होते ही बीजेपी ने आठ सीटों पर आसानी से जीत हासिल कर ली. इसके बाद मुकाबला बीजेपी के 9वें उम्मीदवार और बीएसपी के भीमराव अंबेडकर के बीच था, लेकिन अनिल अग्रवाल ने दूसरी वरियाता के वोटों में भीमराम को मात दे दी. समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार जय बच्चन ने 38 मत हासिल करके जीत हासिल की है.

बसपा उम्मीदवार की जाएगी अंतरात्मा

उन्नाव जिले के बसपा विधायक अनिल ने मतदान के बाद अंतरात्मा की आवाज पर भाजपा के प्रत्याशी को वोट देने की बात कही और बोले वह अंतरात्मा से आवाज आने के बाद अपने को रोक नहीं सके.

बीजेपी के उम्मीदवार अरुण जेटली, अनिल जैन, जीवीएल नरसिम्हा राव, विजय पाल तोमर, कांता कर्दम, अशोक वाजपेयी, हरनाथ यादव, सकलदीप राजभर और अनिल अग्रवाल ने जीत दर्ज की है.

दूसरी तरफ बैलेट पेपर पर हुए विवाद के बाद उत्तर प्रदेश, झारखंड और कर्नाटक में थोड़ी देर के लिए गिनती रोक दी गई थी। हालांकि अब फिर से गिनती शुरू हो चुकी है.हालांकि झारखंड में एक-एक सीट पर बीजेपी और कांग्रेस के उम्मीदवारों को जीत मिली है.

प्रात: नौ बजे शुरू हुआ मतदान निर्धारित समय चार बजे से लगभग एक घंटा पूर्व तीन बजे ही समाप्त हो गया। तीन वोट नहीं पड़े। इनमें दो विधायक सपा के हरिओम यादव और बसपा के मुख्तार अंसारी, जेल में बंद होने के कारण मतदान नहीं कर सकें.

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2019 में SP-BSP और BJP का bada प्लान क्या जीतेगी ये पार्टी….

राज्‍यसभा के लिए 23 मार्च को होने जा रहे चुनावों के मद्देनजर यूपी की 10वीं सीट प्रतिष्‍ठा का प्रश्‍न बन गई है. ऐसा इसलिए क्‍योंकि इस सीट के लिए बसपा ने सपा से तालमेल कर पूर्व एमएलए भीमराव अंबेडकर को अपना प्रत्‍याशी बनाया है. वहीं दूसरी ओर, बीजेपी के लिए अहम इसलिए हो गई है क्‍योंकि यदि इस सीट से बसपा का प्रत्‍याशी जीतता है तो 2019 में सपा-बसपा गठबंधन पर मुहर लगनी तय है. बीजेपी यह भी समझती है कि ऐसा होने की स्थिति में उसके लिए बड़ी चुनौती पेश हो सकती है क्‍योंकि मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सपा-बसपा गठबंधन होने पर बीजेपी को यूपी में 50 सीटों का नुकसान हो सकता है.

In view of the elections going to the Rajya Sabha on March 23, UP has become a question of UP’s 10th seat reputation. This is because the BSP has made the former MLA MLA Bhimrao Ambedkar as its candidate for the seat. On the other hand, it has become important for the BJP because if the BSP candidate wins this seat, then the SP-BSP combine will be stamped in 2019. The BJP also understands that in the event of such a situation, a big challenge can be faced for it, as per the media reports, if the SP-BSP combine is held, the BJP may lose 50 seats in UP.

यह मामला इसलिए भी रोचक हो गया है क्‍योंकि बसपा सुप्रीमो ने पहले ही ऐलान किया है कि सपा के साथ उनका तालमेल फिलहाल उपचुनावों और राज्‍यसभा चुनावों में है. गोरखपुर और फूलपुर उपचुनावों में तो बसपा अपने वोटबैंक में सपा प्रत्‍याशी के खाते में ट्रांसफर कराने को सफल रही, जिसके दम पर सपा ने बीजेपी को हराकर जीत दर्ज की. अब राज्‍यसभा चुनाव में सपा की बारी है कि वह अपने मतों को बसपा के खाते में ट्रांसफर कराकर उसको जिताए. यदि सपा ऐसा करने में कामयाब नहीं रहती है तो बसपा के साथ उसके संभावित गठबंधन पर पेंच फंस सकता है. बीजेपी की रणनीति भी फिलहाल इस संभावित गठबंधन को रोकने के लिए इसीलिए राज्‍यसभा में बसपा प्रत्‍याशी को हराने की है.

This matter has also become interesting because BSP supremo has already announced that their coordination with SP is currently in bye-elections and in the Rajya Sabha elections. In the Gorakhpur and Fulpur bye-elections, the BSP was successful in transferring the SP candidate to the vote bank, on which, the SP won the victory by defeating BJP. Now, in the Rajya Sabha elections, the SP’s turn is that they win their votes by transferring their votes into BSP’s account. If SP fails to do so, then the BSP can screw on its possible alliance with the BSP. BJP’s strategy is to defeat the BSP candidate in the Rajya Sabha so as to prevent this alliance from happening right now.

राज्‍यसभा चुनाव: यदि BSP प्रत्‍याशी नहीं जीता तो क्‍या उसके बाद भी SP से होगा गठबंधन?

Rajya Sabha elections: If BSP does not win the candidate, then will the SP be allocated?

amit shah
अमित शाह ने नाराज चल रहे सुभासपा नेता ओमप्रकाश राजभर से मुलाकात कर उनको मना लिया है.(फाइल फोटो)

amit shah
Amit Shah has met the angry Upa Subhaspa leader Om Prakash Rajbhar and convinced them. (File photo)

वोटों का गणित
इसी कड़ी में बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह ने यूपी में सहयोगी सुहलदेव भारतीय समाज पार्टी(सुभासपा) के नेता ओमप्रकाश राजभर से मुलाकात कर उनको मना लिया है. योगी सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर पिछले कुछ समय से बीजेपी से नाराज चल रहे थे और उन्‍होंने राज्‍यसभा चुनावों में बगावती तेवर अख्तियार कर लिए थे. इसलिए मौके की गंभीरता को देखते हुए अमित शाह ने राजभर से मुलाकात में देरी नहीं की. अपना दल ने पहले ही बीजेपी को समर्थन का ऐलान कर रखा है. इस प्रकार बीजेपी ने अपने 324 वोटों को अपने पाले में रखने की पूरी व्‍यवस्‍था कर ली है.

Mathematics of votes
In this episode, BJP President Amit Shah has congratulated him on meeting with his colleague Suhdev Bharatiya Samaj Party (Subhaspa) leader Omprakash Rajbhar in UP. In the Yogi government, Om Prakash Rajbhar was angry with BJP for some time and he had made a rebellion in the Rajya Sabha elections. Therefore, considering the severity of the spot, Amit Shah did not delay meeting the state. Your party has already declared support to BJP. Thus, BJP has made complete arrangements to keep its 324 votes in its own right.

उत्तर प्रदेश: राज्यसभा चुनाव में सपा, कांग्रेस और रालोद के भरोसे बसपा

सपा-बसपा को टेंशन
राज्‍य की 31 राज्‍यसभा सीटों में से 10 पर चुनाव होने हैं. इनमें से आठ बीजेपी और एक सपा के खाते में जानी तय है. 10वीं सीट के लिए बसपा ने सपा से तालमेल कर अपने उम्‍मीदवार को उतारा है. राज्‍यसभा की एक सीट में जीत हासिल करने के लिए 37 वोट की दरकार है. बसपा के 19 और सपा के 47 विधायक हैं. सपा के एक प्रत्‍याशी के जीतने के बाद उसके पास 10 वोट अतिरिक्‍त होंगे. इसके अलावा कांग्रेस के सात और रालोद के एक वोट का भी समर्थन बसपा को मिलेगा. इस प्रकार बसपा के किसी तरह 37 वोट हो रहे हैं लेकिन यहीं पर सपा नेता शिवपाल यादव और नरेश अग्रवाल की भूमिका अहम हो जाती है.

Uttar Pradesh: SP, Congress and RLD depend on BSP

Tension to SP-BSP
There are 10 elections out of 31 state seats in the state. Of these, it is decided to go to account of eight BJP and one SP. For the 10th position, the BSP has fielded its candidate by adjusting to the SP. To win a seat in the Rajya Sabha, 37 votes are needed. There are 19 BSP MLAs and 47 MLAs of SP. After winning a candidate of SP, he will have 10 votes more. Apart from this, a vote of seven Congress and RLD will also be supported by the BSP. Thus, the BSP is getting 37 votes, but the role of SP leader Shivpal Yadav and Naresh Agarwal is very important.

इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि बीजेपी के आठ प्रत्‍याशी जीतने के बाद उसके पास 28 वोट अतिरिक्‍त होंगे. इसलिए अपने नौवें प्रत्‍याशी को जिताने के लिए उसको महज नौ वोटों की दरकार है. इसलिए सपा और बसपा के ऐसे विधायकों पर भी बीजेपी की नजर है जो अगले चुनाव में उसके टिकट पर चुनाव लड़ने की इच्‍छा रखते हैं. बीजेपी को इस कड़ी में तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन मिल चुका है. इसके अलावा निषाद पार्टी के एकमात्र विधायक का भी उसको समर्थन मिल चुका है. यह इसलिए दिलचस्‍प है क्‍योंकि निषाद पार्टी के संस्‍थापक के पुत्र प्रवीण निषाद गोरखपुर से सपा के टिकट पर लोकसभा उपचुनाव में जीते हैं.

One big reason for this is that after winning the BJP’s eight candidates, it will have 28 votes more. Therefore, to win his ninth candidate, he needs only nine votes. That is why the BJP and the BSP legislators also have the eyes of the BJP who wish to contest the elections on their ticket in the next election. BJP has got support of three independents in this episode. Apart from this, the only MLA of Nishad party has got support. This is interesting because Pravin Nishad, the son of the founder of Nishad party, lives in Gorakhpur in Lok Sabha by-election on SP ticket.

नरेश अग्रवाल
सपा से राज्‍यसभा टिकट नहीं मिलने से नाराज नरेश अग्रवाल ने बीजेपी का दामन थाम लिया है. सूत्रों के मुताबिक इसकी राजनीतिक कीमत के रूप में उन्‍होंने बीजेपी को आश्‍वस्‍त किया है कि उनका बेटा और हरदोई से सपा विधायक नितिन अग्रवाल बीजेपी के पक्ष में वोट करेगा. यदि ऐसा कोई एक वोट भी कम हो जाता है तो बसपा का उम्‍मीदवार राज्‍यसभा नहीं पहुंच पाएगा.

Naresh agarwal
Angry over the absence of a Rajya Sabha ticket from the SP, Naresh Agarwal has taken the charge of BJP. According to sources, in the form of its political cost, he has assured the BJP that his son Nitin Agrawal, SP MLA from Hardoi, will vote in favor of BJP. If such a single vote gets reduced then the BSP candidate will not be able to reach the Rajya Sabha.

शिवपाल यादव
सपा में शिवपाल यादव गुट हाशिए पर है. सपा नेतृत्‍व के साथ उनके रिश्‍तों में खटास जगजाहिर है. इसके अलावा बसपा के साथ शिवपाल के रिश्‍ते 1995 के गेस्‍टहाउस कांड के बाद कटु रहे हैं. ऐसे में उनके गुट की बीजेपी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

Shivpal Yadav
Shivpal Yadav in the SP is marginalized. The saga of their relationship with the SP leadership is evident. Apart from this, Shivpal’s relationship with BSP is bitter after the 1995 guest house scandal. In such a situation, the possibility of cross voting in favor of BJP of its faction can not be ruled out.

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SOURCE ZEENEWS