बड़ा खुलासा : PM मोदी ने एक कॉल से बचाई 4000 से ज्यादा लोगों की जान, जानिये क्या था पूरा मामला

नई दिल्ली : वैसे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता पर काबिज होने के बाद एक से बढ़कर एक विकास कार्य किये हैं, मगर क्या आप जानते हैं कि पीएम मोदी ने अपने एक फ़ोन कॉल से 4000 से अधिक भारतीय नागरिकों की जान बचाई थी. मीडिया ने इस बात का ज्यादा जिक्र करना जरूरी नहीं समझा, मगर आज हम आपको बताते हैं पीएम मोदी की ताकत के बारे में.

एक कॉल से बचा ली 4000 लोगों की जान
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार (7 जनवरी) को इस बारे में बताते हुए कहा कि 2015 में जब सऊदी अरब और यमन के बीच युद्ध चल रहा था. सऊदी अरब व् उसके सहयोगियों द्वारा यमन पर बमबारी की जा रही थी, तब वहां करीब 4000 भारतीय नागरिक फंसे हुए थे, जिनकी जान भी खतरे में थी.

ऐसे नाजुक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीधे सऊदी के शाह को फ़ोन मिलाया और उनसे भारतीय नागरिकों के निकलने तक बमबारी को रोकने के लिए कहा. सऊदी के शाह ने कहा कि भारत का अनुरोध इतना महत्वपूर्ण है कि उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है.

सऊदी अरब और यमन दोनों को बनाया दोस्त
पीएम मोदी की दोस्ती की खातिर सऊदी के शाह एक हफ्ते तक सुबह 9 बजे से 11 बजे तक यमन पर बमबारी रोकने के लिए राजी हो गये. जिसके बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने फ़ौरन यमन प्रशासन से अदन बंदरगाह और सना हवाई अड्डा खोलने का अनुरोध किया ताकि भारतीय नागरिकों को एक हफ्ते प्रतिदिन दो घंटे तक तेजी से जिबूती पहुंचाया जा सके.

यमनियों ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से कहा कि वो भारतीयों के लिए कुछ भी करेंगे. इस समन्वय से ‘ऑपरेशन राहत’ के दौरान न केवल 4800 भारतीयों बल्कि अन्य देशों के 1972 लोगों को निकालना संभव हुआ.

 

विदेश राज्यमंत्री वी के सिंह का भी योगदान
यमनी इलाकों पर सऊदी अरब की तरफ से लगातार बमबारी से भारतीयों को वहां से निकालना करीब-करीब असंभव हो गया था. मगर विदेश राज्यमंत्री वी के सिंह की अगुवाई में भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन राहत’ शुरु किया और हजारों भारतीयों की जान बचा ली. अदन बंदरगाह से एक अप्रैल, 2015 को समुद्र के रास्ते इन लोगों को निकालने का काम चला, जो 11 दिनों तक चला था.

पिछले तीन वर्षों में दुनियाभर में भारत की प्रतिष्ठा और वर्चस्व में इजाफा हुआ है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अहम योगदान है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व की वजह से दुनिया में भारत का महत्व और प्रभुत्व कायम हो रहा है. जिस किसी देश में भी वे गए, उन्होंने दोनों देशों के संबंधों के साथ-साथ व्यक्तिगत तौर पर भी बेहतर रिश्ते कायम किए.

यही कारण है कि दो देशों ने आपसी लड़ाई के बीच भी पीएम मोदी की बात मानी और भारतीय नागरिकों का बाल भी बांका नहीं हुआ.

पाकिस्तान के सैनिकों की लाशें बिछाते ही मोदी सरकार ने दिया जवानों को ज़बरदस्त तोहफा,पाक फ़ौज में मचा हड़कंप

नई दिल्ली : भारतीय सेना की शक्ति आज दिन पर दिन बढ़ती जा रही है. जिस सेना के पिछली सरकारों ने हाथ बाँध कर रखे थे. लेकिन मौजूदा मोदी सरकार में सेना को खुली छूट देने के साथ घातक और आधुनिक हथियार, बुलेटप्रूफ जैकेट और आर्थिक मदद भी चाहिए होती है.

New Delhi: The power of the Indian Army is increasing day by day. The army which the previous governments had tied up with. But with the exemption of the army in the current Modi government, there is also a need for deadly and modern weapons, bulletproof jackets and financial help.

आज भारतीय सेना ने पाकिस्तान सीमा पर बड़ा हमला बोला है पाकिस्तान के 5 सैनिकों को मार गिराया गया है और तीन चौकियों को तबाह किया है. तो वहीँ सेना के जबरदस्त एक्शन के बाद अब मोदी सरकार ने सेना को बेहद शानदार तोहफा दिया है. जिससे अब दुश्मन को नेस्तोनाबूद करने में सेना को ज़रा भी देर नहीं लगेगी.

Today, the Indian Army has attacked a huge attack on the Pakistan border, five soldiers of Pakistan have been killed and destroyed three posts. So after the great action of the Army, the Modi Government has given a very gift to the army now. Now the army will not be able to delay the destruction of the enemy.

पाकिस्तान के सैनिकों की लाशें बिछाते ही मोदी सरकार ने दिया ज़बरदस्त तोहफा

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी ओसामा बिन लादेन को अमेरिकी कमांडो ने पाकिस्तान में घुस कर मारा था. अमेरिकी कमांडो ने लादेन को मारने के लिए जिस सबसे घातक हथियारों का इस्तेमाल किया था. वो आधुनिक लेज़र गाइडेड एम 4 ए-1 कार्बाइन का इस्तेमाल अब भारतीय सेना के जवान भी करेंगे.

Modi government gives a tremendous gift by killing the soldiers of Pakistani soldiers

According to the latest news, the world’s most dangerous terrorist, Osama bin Laden, was killed by American commandos entering Pakistan. The US commandos used the most deadly weapons to kill bin Laden. The modern laser guided M4A-1 carbine will now be used by the Indian Army.

अमेरिका के सबसे खूंखार कमांडो ने ओसामा को चंद पल में ही गोलियों से ढेर कर दिया था. बताया जाता है सीधा माथे के बीचो बीच गोली मारी गयी थी. हमारे सेना के स्पेशल कमांडो भी अमेरिका की ही टक्कर के हैं अंतर है तो सिर्फ इतना की भ्रष्टाचार के चलते हमारे जवानों के पास आधुनिक हथियार नहीं हैं.

The most dreaded US commandos had piled up Osama’s bullets in a few moments. It is said that the shoot was directly shot in the middle of the forehead. The special commandos of our army are also the difference of America’s collision, so only because of corruption, our soldiers do not have modern weapons.

लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, अभी हाल ही में मोदी सरकार ने सेना के जवानों को बुलेट प्रूफ वाहन और बुलेट प्रूफ जैकेट और सवा लाख से ज़्यादा आधुनिक राइफल मुहैय्या करवाना शुरू कर दिया है. लेकिन अब ये अमेरिका कमांडों के सबसे घातक हथियार भी भारतीय सेना के पास होंगे तो हर पाकिस्तानी सैनिक और आतंकवादी को सेना पल भर में मार गिराएगी और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे ऑपरेशन आये दिन कर सकेगी बिना कोई नुक्सान के.

But now it will not happen, just recently the Modi government has started getting the bullet-proof vehicles and bullet-proof jackets and more than 2.5 million modern rifles to the army jawans. But now it will be with the Indian Army, even the most deadly weapon of US commanders, the army will kill every Pakistani soldier and the militia within a moment, and surgical operations such as strike will come days without any losses.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सबसे पहले ये खतरनाक कार्बाइन से भारतीय सेना के जांबाज मलेशिया के घने जंगलों में अचूक निशाना साधेंगे. भारतीय सेना के पास अभी यह आधुनिक और मारक कार्बाइन नहीं है. माना जा रहा है कि यह आधुनिक कार्बाइन जल्द ही भारतीय सेना को मिल सकती है. जिसका युद्ध अभ्यास में परिक्षण किया जाएगा.

According to media reports, first of all, the Indian Army’s forefathers will make an unmistakable target in the dense forests of Malaysia with dangerous carbines. The Indian Army does not have this modern and deadly carbine. It is believed that this modern carbine can soon be received by the Indian Army. Which will be tested in the war practice.

700 से लेकर 950 राउंड प्रति मिनट की तेजी से गोलियां की होगी बौछार

बता दें आधी रात को घने जंगलों में ये आधुनिक हथियार 600 मीटर की दूरी तक उसे नेस्तनाबूत करने में सहायक लेजर गाइडेड तकनीक वाली यह कार्बाइन 700 से लेकर 950 राउंड प्रति मिनट की तेजी से गोलियां बरसा सकती है. इसके आगे आतंकवादियों के तो परखच्चे ही उड़ जायेंगे. नामोनिशान तक नहीं बचेगा.

700 to 950 rounds per minute fast bullets will be made

Let us tell you that this carbine with a laser-guided technique, capable of destroying this modern weapon in the dense forests at a depth of 600 meters, can shoot tablets ranging from 700 to 950 rounds per minute. Terrorists will fly ahead of it. Nomination will not survive.

यह भी देखे
https://youtu.be/WE3MmmBzG4k

https://youtu.be/o9LQnPMci4I

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ब्रेकिंग – बॉर्डर पर चीन के खिलाफ पीएम मोदी का बड़ा एक्शन, भारतीय सेना के इस कदम से चीन के होश हुए फाख्ता.

कांग्रेस राज में भले ही भारत चीन के साथ हुआ युद्ध हार गया हो, मगर मोदी राज में हालात बदल चुके हैं. भारत की ताकत आज इतनी बढ़ चुकी है कि चीन भारत पर हमला करने की सोच तक नहीं सकता. डोकलाम में चीनी सेना को पीछे हटने पर मजबूर करने के बाद भारत ने चीन के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है.

Though Congress may have lost the war with China in the Congress, but circumstances have changed in Modi Raj. India’s strength has become so big that China can not even think of attacking India. After forced the Chinese army to retreat in Dokalmal, India has taken a big step against China.

तिब्बत के पास चीन सीमा पर भारतीय सेना मुस्तैद
भारत ने अरुणाचल प्रदेश से सटी चीन सीमा पर भारी संख्या में सैनिकों को तैनात कर दिया है. सेना के एक बड़े हिस्से को रणनीतिक तौर पर संवेदनशील माने जाने वाले दिबांग, दाउ देलाइ और लोहित घाटी में तैनात किया गया है. इसके अलावा सेना ने बॉर्डर पर निगरानी भी काफी बढ़ा दी है, जिससे चीन की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है.
बताया जा रहा है कि ये कदम चीन के साथ हुए डोकलाम विवाद को ध्यान में रखकर लिया गया है. पिछले साल भारत और चीन की सेनाएं डोकलाम क्षेत्र को लेकर 72 दिनों तक आमने-सामने रही थीं. सेना के अधिकारियों के मुताबिक, अरुणाचल में सेना अपना निगरानी तंत्र विकसित करने में जुटी है, ताकि चीन पर नजर रखी जा सके.

Indian Army Mighty On Tibet Near China Border
India has deployed a large number of troops on the China border from Arunachal Pradesh. A large section of the army has been deployed in strategically sensitive areas like Dibang, Dau Deli and Lohit Valley. Apart from this, the Army has increased the monitoring on the border too, which is keeping an eye on every activity of China.
It is being said that these steps have been taken keeping in view the Docalm controversy with China. Last year, India and China’s armies were facing face-to-face for 72 days in the field of Dokalam region. According to army officials, the Arunachal army is engaged in developing its monitoring system so that China can be monitored.

चीन के छक्के छुड़ाने के लिए तैयार भारतीय सेना
इलाके की टोह लेने के लिए यहां हेलिकॉप्टर भी भेजे जाते रहे हैं. अधिकारियों ने बताया कि सेनाएं दिबांग, दाउ देलाइ और लोहित घाटियों के खतरनाक इलाकों पर मौजूदगी बढ़ाना चाहती हैं. इनमें 17 हजार फीट ऊंची बर्फीली पहाड़ियां और घाटी की गहराई में स्थित नदियां भी शामिल हैं. चीन हमेशा ही इन इलाकों को लेकर भारत पर दबाव बनाता रहा है.

ndian army ready to get rid of six Chinese chicks
Helicopters have also been dispatched to take recruitment of the area here. Officials said that the forces want to increase presence on the dangerous areas of Dibang, Daw Daili and Lohit valleys. These include the snowy hills of 17 thousand feet high and the rivers located in the depths of the valley. China has always been pressurizing India on these areas.

अरुणाचल के किबिथु में तैनात सेना के एक अधिकारी ने बताया- “डोकलाम के बाद सेना ने इस क्षेत्र में अपनी गतिविधियां बढ़ाई है. हम किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.”सभी रणनीतिक इलाकों पर सेना की पैनी नज़र

An army officer posted in Kibrithu, Arunachal Pradesh, said: “After the dawn, the army has increased its activities in this area. We are fully prepared to deal with any threat. “Army’s sharp eyes on all strategic areas

“भारतीय सेना अब अपनी लंबी दूरी की गश्तों (लॉन्ग रेंज पैट्रोल्स) को बढ़ाने पर ध्यान दे रही है. इसमें छोटी-छोटी टुकड़ियां 15 से 30 दिन के लिए गश्त पर भेजी जाती हैं.” अधिकारी ने बताया कि भारत ये कदम लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) को सुरक्षित बनाए रखने के लिए उठाया है. बता दें कि भारत और चीन बॉर्डर 1962 के बाद से आज तक एक भी गोली नहीं चली है.

“The Indian Army is now focusing on increasing its long range patrols. In this small pieces are sent to patrol for 15 to 30 days. “The official said that India has taken steps to keep the Line of Actual Control (LAC) safe. Please tell us that there has not been a single bullet from India since 1962 till today and China border.

अधिकारी ने नाम ना बताने की शर्त पर कहा कि सेना ने भारत, चीन और म्यांमार ट्राई-जंक्शन जैसे अहम रणनीतिक इलाकों को ध्यान में रखते हुए वहां भी सेना तैनात की है. ड्रोन के जरिये भी इलाके पर नज़र रखी जा रही है.

The official said on condition of anonymity that the army has deployed the army there keeping in mind the important strategic areas of India, China and Myanmar Tri-junction. The area is also being tracked through the drone.

बता दें कि पीएम मोदी ने सत्ता संभालते ही अरुणाचल से सटी चीन सीमा की ओर ध्यान दिया था. कांग्रेस ने तो यहाँ ढंग की सड़कें तक नहीं बनवायी थी, मगर अब ना केवल यहाँ अच्छी सड़कें बनायी जा रही हैं बल्कि ब्रह्मोस मिसाइल को भी यहाँ तैनात किया जा चुका है. चीनी सेना की किसी भी नापाक हरकत का मुहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय सेना को पूरी तरह से तैयार रखा गया है.

Let me tell you that when PM Modi took over the power, he had taken note of China border beyond Arunachal. The Congress did not even build up the roads of the modes, but now only good roads are being built here but the BrahMos missile has also been deployed here. The Indian Army has been fully prepared to give a counterattack to any of the nefarious movements of the Chinese army.

यह विडियो भी देखे

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भारत बन गया विश्व शक्ति, 47 देशों समेत पाकिस्तान की फटी रेह्गायीं आँखें रूस अमेरिका हैरान

नई दिल्ली : पिछले कई दशकों से भ्रष्ट सरकारों ने भारत को लाचार बना के रख दिया था, जिससे नेताओं ने अपनी तिजोरियां अरबों रुपयों से भरी और सरकारी तिजोरी को खाली कर दिया. उस नुकसान का खामियाजा भारत को उठाना पड़ा. हज़ारों करोड़ों की डील करके कांग्रेस विदेश से हथियार खरीदती रही वो भी पुरानी तकनीक वाले, जिससे आये दिन लड़ाकू विमान, पनडुब्बी के हादसे देखने को मिलते थे.

New Delhi: For the past several decades, the corrupt governments had kept India as helpless, so that the leaders filled their safes with billions of rupees and emptied the government vault. India had to bear the brunt of that loss The Congress buying thousands of crores of crores of weapons from abroad was also old technique, from which day the fighter aircraft and submarine were seen in the tragedy.

 

 

तो वहीँ अब भारत में डिफेन्स एक्सपो 2018 की दमदार शुरुआत हो रही, जिसमे एक बार फिर पूरी दुनिया के 47 दिग्गज देश की नामी कंपनियां भारत में आयी हैं. चेन्नई में डिफेंस एक्सपो-2018 दुनिया भर से आए रक्षा क्षेत्र के व्यापारियों जमा हुए हैं.

So it is now the strong defense of the Defense Expo 2018 in India, in which once again renowned companies of 47 great people of the whole world came to India. Defense Expo -2018 in Chennai has gathered the defense sector traders from all over the world.

गुरुवार को एक्सपो का पीएम मोदी ने औपचारिक उद्घाटन किया. चार दिनों की इस प्रदर्शनी में भारत के रक्षा और सार्वजनिक क्षेत्र की ताकत दिखाई जाएगी और रक्षा क्षेत्र में निजी उद्योग की बढ़ती भूमिका को भी उजागर किया जाएगा.

On Thursday, the expo’s PM Modi formally inaugurated. This four-day exhibition will show the strength of India’s defense and public sector, and the growing role of private industry in the defense sector will also be exposed.

मोदी राज में भारत ने दिखाई दुनिया को बेशुमार ताकत, दंग रह गए अमेरिका रूस, जर्मनी

अपने कभी सोचा था कि जो भारत दूसरों से हथियार ख़रीददता था वो कभी दूसरे देशों को हथियार बेच सकेगा. जी हाँ, मोदी सरकार में केवल चार सालों में भारत की पहचान फर्श से अर्श पर पंहुचा दी है. आज भारत दूसरे देशों के आगे हाथ नहीं फैलाता बल्कि आज भारत अपने ही देश में हथियार बना रहा है और दूसरे देशों को हथियार बेच रहा है और खाली हो चुके सरकारी खजाने को लबालब भर रहा है. भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 423 अरब डॉलर पहुंच चुका है जो 2014 से पहले 279 अरब डॉलर का था.

India has seen the world’s huge strength in the state of Modi, stunned America Russia, Germany

It was a thought that India, who bought weapons from others, would be able to sell arms to other countries. Yes, in the Modi government, only four years have given India recognition to the floor. Today, India does not spread to other countries, but today India is making weapons in its own country and selling weapons to other countries and is filling the vacant government treasury. India’s foreign exchange reserves have reached $ 423 billion, which was $ 279 billion before 2014.

अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, अफगानिस्तान और स्वीडन, फिनलैंड 47 देश आये भारत

America, Britain, Russia, Afghanistan and Sweden, Finland 47 countries come to India

इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, अफगानिस्तान और स्वीडन, फिनलैंड, इटली, मैडागास्कर, म्यांमार, नेपाल, पुर्तगाल, सेशेल्स और वियतनाम सहित 47 देश भाग ले रहे हैं.

47 countries including USA, UK, Russia, Afghanistan and Sweden, Finland, Italy, Madagascar, Myanmar, Nepal, Portugal, Seychelles and Vietnam are participating in this.

आपको जानकार हैरानी होगी डिफेंस एक्सपो के इस 10वें संस्करण में पहली बार रक्षा क्षेत्र में देश की ताकत को दिखाने के लिए अलग से ‘भारत पवेलियन’ बनाया गया है. इस प्रदर्शनी के जरिये यह दिखाने की कोशिश की गई है कि भारत रक्षा सिस्टम और उपकरणों के निर्यात में एक ब्रांड बनने की ओर अग्रसर है. खास बात यह है कि प्रदर्शनी में रक्षा क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले छोटे-छोटे उपकरण बनाने में भारत के निजी क्षेत्र की बढ़ती ताकत को दर्शाने की कोशिश की गई है.

You will be surprised to know that in this 10th edition of the Defense Expo, for the first time, ‘Bharat Pavilion’ has been created separately to show the strength of the country in the defense sector. Through this exhibition it has been tried to show that India is looking forward to becoming a brand in defense systems and equipment exports. The special thing is that in the exhibition, efforts have been made to show the growing power of India’s private sector in making small instruments used in the defense sector.

154 अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने दिखाई अपनी रूचि

डिफेन्स एक्सपो 2018 में 517 भारतीय और 154 अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने अपने स्टाल लगाए हैं. प्रदर्शनी में हिस्सा ले रही भारतीय कंपनियों में टाटा, एल एंड टी, भारत फोर्ज, महिंद्रा, एमकेयू, डीआरडीओ, एचएएल, बीईएल, बीडीएल, बीईएमएल, एमडीएल, जीआरएसई, जीएसएल, एचएसएल, मिधानी और आयुध निर्माणी ने अपने-अपने स्टाल लगाए हैं.

154 international companies showed interest in their interest

In Defense Expo 2018, 517 Indian and 154 international companies have installed their stalls. Indian companies participating in the exhibition have set up their own stalls by Tata, L & T, Bharat Forge, Mahindra, MKU, DRDO, HAL, BEL, BDL, BEML, MDL, GRSE, GSL, HSL, Matsya and Ordnance Factory.

तो वहीँ दुनिया की सबसे बड़ी कम्पनिया लॉकहीड मार्टिन, अमेरिका की बोइंग, स्वीडन की साब, एयर बस, फ्रांस की राफेल, रूस की यूनाइटेड शिप बिल्डिंग, ब्रिटेन की बीएई सिस्टम्स, इजराइल की सिबत, फिनलैंड की वा‌िर्त्सला और जर्मनी की होर्डे एंड स्च्वार्ज ने यहां अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए स्टाल लगाए हैं.

So, the world’s largest company Lockheed Martin, America’s Boeing, Sweden’s Saab, Airbus, Rafael of France, United Ship Building of Russia, BAE Systems of Britain, Israel’s Sybit from Finland, Germany’s Horde and Schwartz Here are stalls to display your products.

मोदी राज में भारत की छुपी हुई प्रतिभा सामने आयी है, भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है. बढ़ती हुई जनसँख्या जो चीन की सबसे बड़ी परेशानी है, लेकिन भारत ने इस समस्या का सही इस्तेमाल किया है. भारत एक बाजार के रूप में उभर रहा है, दुनिया की दिग्गज कंपनियां भारत में निवेश कर रही हैं, भारत के लोगों को रोज़गार मिलेगा और हथियार बनने के बाद अमेरिका रूस, जापान , वियतनाम देशों को बेचने से भारत का भी शक्तिशाली देशों में नाम होगा.

India’s hidden talent has emerged in Modi Raj, India is the world’s largest market today. Growing population which is China’s biggest problem, but India has used this problem rightly. India is emerging as a market, world’s largest companies are investing in India, people of India will get employment and after becoming weapons, America will be named in powerful countries by selling to Russia, Japan and Vietnam countries. .

यह भी देखे
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मोदी सरकार ने किया ये जबरदस्त ऐलान,भारतीय सेना को मिला सबसे बड़ी ताकत जिसे देख चीन समेत अमेरिका तक रहा गया दंग

नई दिल्ली : रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को सेना के जवानों के लिए 1.86 लाख बुलेट प्रूफ का ऑर्डर दिया है. इसके लिए भारतीय सेना 639 करोड़ रुपये खर्च करेगी. इसके साथ ही पिछले 9 सालों से चला आ रहा सेना का लंबा इंतजार खत्म होता दिख रहा है. सीमा पर तैनात जवानों और आतंकियों के खिलाफ अभियान में शामिल होने वाले जवानों को ये बुलेटप्रूफ जैकेट दिए जाएंगे.

New Delhi: The Ministry of Defense has ordered 1.86 lakh bullet proof orders for the army personnel on Monday. For this, the Indian Army will spend Rs. 639 crores. Along with this, the long wait of the army, which has been running from last 9 years, seems to have ended. These bulletproof jackets will be given to the jawans who are involved in the campaign against the soldiers and terrorists stationed on the border.

16 अक्टूबर 2009 को रक्षा मंत्रालय ने सेना के जवानों के लिए एक लाख 86 हजार एक सौ अड़तीस बुलेट प्रूफ जैकेट खरीदने को लेकर अपनी स्वीकृति दी थी, लेकिन कई अन्य कारणों से आर्मी इन बुलेट प्रूफ जैकेट्स को हासिल नहीं कर पाई. यही नहीं 2015 में टीबीआरएल चंडीगढ़ में किया गया इन जैकेट्स का ट्रायल भी फेल रहा. इसके बाद इमरजेंसी में 2016 में 50 हजार जैकेट्स मंगाए गए, जिनकी डिलीवरी पिछले साल पूरी हुई है.

On October 16, 2009, the Ministry of Defense gave its approval for procuring one lakh 86 thousand one hundred thirty eight bullet proof jackets for the troops, but for many other reasons the army could not achieve these bullet proof jackets. Not only this, the trials of these jackets made in TBRL Chandigarh in 2015 have also failed. After this, in the emergency, 50,000 jackets were invented in 2016, whose delivery was completed last year.

नए बुलेट प्रूफ जैकेट्स का निर्माण रक्षा उपकरण मैन्युफैक्चरर एसएमपीपी प्राइवेट लिमिटेड करेगी, जिसके सैंपल टीबीआरएल चंडीगढ़ में ट्रायल के दौरान सही पाए गए हैं. एसएमपीपी ने दो टॉप बुलेट प्रूफ मैन्युफैक्चर्स को पछाड़ा है.

The construction of new bullet proof jackets will be made by Defense Equipment Manufacturer SMPP Pvt Ltd whose samples were found correct during Trial in Chandigarh. SMPP has overtaken the two top bullet-proof manufacturing capacities.

ये बुलेट प्रूफ जैकेट्स जवानों को 360 डिग्री की सुरक्षा प्रदान करते हैं. साथ ही गले और ग्रोइन को भी सुरक्षा कवर प्रदान करते हैं. हर जैकेट में बैलिस्टिक फैब्रिक होती है, जिसमें बोरॉन कार्बाइड सेरॉमिक प्लेट लगी होती है. हर जैकेट का वजन लगभग 10 किलोग्राम होता है और यह लेवल थ्री प्लस की सुरक्षा उपलब्ध कराती है. यह जैकेट 7.62 गुणा 51 के हथियारों से निकले फायर को सीधे रोक सकती है. साथ ही 5.56 गुणा 45 इंसास और 7.62 गुणा 39 एमएम एके-47 के स्टील कोर बुलेट्स को भी रोक सकती है.

These bullet proof jackets provide 360 ​​degree protection to the jawans. As well as providing protection cover to Neck and Groin. Each jacket has a ballistic fabric, with a boron carbide ceramic plate attached. Each jacket weighs around 10 kilograms and provides level 3 protection protection. This jacket can stop the fire from 7.62 times 51 weapons directly. Also 5.56 times 45 ISSAS and 7.62 times 39 mm AK-47 steel core bullets can also be stopped.

एसएमपीपी के सीएमडी एससी कंसल ने कहा, ‘बोरॉन कार्बाइड सेरॉमिक प्लेट जो हम प्रयोग करते हैं, वो अपनी तरह का सबसे हल्का मैटेरियल है, जो बैलिस्टिक प्रोटेक्शन में काम आता है.’ उन्होंने कहा कि इसकी वजह से हमारा बीपी जैकेट्स सबसे कम वजन में बेस्ट क्लास का बैलिस्टिक प्रोटेक्शन उपलब्ध कराता है.

CMPP CMD SC Council said, “The Boron carbide ceramic plate which we use is the lightest material of its kind, which is used in ballistic protection.” He said that due to this our BP jackets have the lowest weight Best class provides ballistic protection.

दशकों का इंतजार खत्म! भारतीय सेना को मिलेगी 360 डिग्री सुरक्षा, मोदी सरकार ने किया ये शानदार ऐलान..

Awaiting decades! Indian Army will get 360-degree security, Modi government has done this magnificent announcement ..

एसएमपीपी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर आशीष कंसल ने कहा कि हमारी फर्म दुनिया की उन पांच फर्मों में से एक है, जो सेरॉमिक बनाती हैं. यह सबसे हल्का और मजबूत पदार्थ है, जो बुलेट को रोक सकता है.

SMPP Executive Director Ashish Kansal said that our firm is one of the five firms in the world who make ceramics. It is the lightest and strongest substance that can stop the bullet.

एसएमपीपी अगले कुछ महीनों में ही जैकेट्स की डिलिवरी शुरू कर देगी और तीन साल के भीतर इस ऑर्डर को पूरा करेगी. एसएमपीपी के सीएमडी डॉक्टर एससी कंसल ने एक रिलीज में कहा कि नए जैकेट्स भारतीय आर्मी के जीएसक्यूआर 1438 मानक वाले होंगे.

The SMPP will start delivery of jackets in the next few months and will complete this order within three years. SMPP CMD Dr. SC Concil said in a release that the new jackets will be the GSQR 1438 standard of the Indian Army.

हालांकि आर्मी को कम से कम 3,53,465 बुलेट प्रूफ जैकेट्स की जरूरत है, रक्षा मंत्रालय के नए ऑर्डर से आर्मी की कुछ जरूरतें तो पूरी होंगी.
Although the Army needs at least 3,53,465 bullet proof jackets, the new order of the Ministry of Defense will meet some requirements of the Army.

यह भी देखे
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https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8
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चाइनीज माल की तरह नहीं चल सका चीन का विशाल स्पेस स्टेशन,बड़े धमाके के साथ आ गिरा भारत के इस इलाके में

नई दिल्ली: चीन का निष्क्रिय हो चुका अनियंत्रित स्पेस स्टेशन टियांगोंग-1 सोमवार (2 अप्रैल) तड़के क्रैश हो गया. स्पेस स्टेशन टूटकर दक्षिण प्रशांत महासागर में आकर गिरा है. हालांकि वैज्ञानिकों ने कहा है कि टियांगोंग-1 के गिरने की सही जगह बता पाना मुश्किल है. गनीमत रही कि इस स्पेश स्टेशन के गिरने से किसी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है. चीन के स्पेस इंजीनियरिंग ऑफिस के मुताबिक 8 टन वजनी टियांगोंग-1 का ज्यादातर हिस्सा समुद्र में गिरने से पहले ही जल गया था. वैज्ञानिकों ने भी स्पेस स्टेशन के धरती पर आने से किसी भी नुकसान की आशंका से इनकार किया था.

New Delhi: China’s disrupted space station Tiangong-1 has crashed in the morning (April 2). The space station has broken down into the South Pacific Ocean. Although scientists have said that it is difficult to find the exact location of the fall of Tianjong-1. There was a loss that there was no loss of life and property due to the fall of this special station. According to China’s Space Engineering Office, most of the 8 tonnes of Tiangong-1 was burnt before it fell into the sea. The scientists also denied the possibility of any damage by coming to the space station.

आग के गोले की तरह गिरा अंतरिक्ष स्टेशन
बताया जा रहा है कि धरती पर गिरते वक्त अंतरिक्ष स्टेशन बहुत ही तेज गति से बिखरने लगा और चमकीले आग के गोले में तब्दील हो गया. देखने में वह उल्का पिंड जैसा लग रहा था. इससे पहले ईएसए ने कहा था, ‘यह बहुत ही तीव्र गति से धरती के वायुमंडल में प्रवेश करेगा और विखंडित प्रयोगशाला का मलबा न्यूजीलैंड से लेकर अमेरिकी मिडवेस्ट के बीच कहीं भी गिर सकता है. चाइना मैन्ड स्पेस इंजीनियरिंग ऑफिस ने इससे पहले अपने सोशल मीडिया अकाउंट वी चैट पर कहा, ‘‘लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है.

Drop Space Station Like Fireballs
It is being told that while falling on the earth, the space station began to scatter at a very fast pace and turned into a glowing fire shell. He looked like a meteoroid object in view. Earlier, the ESA had said, ‘It will enter the Earth’s atmosphere at very rapid pace and debris of discrete laboratory can fall anywhere between New Zealand to the American Midwest. Earlier, the China Mind Space Engineering Office said on their social media account V chat, “People do not need to worry.

उसमें कहा गया था, ‘यह अंतरिक्ष यान पृथ्वी से नहीं टकराएगा जैसा कि विज्ञान- काल्पनिक फिल्मों में दिखाया जाता है, लेकिन यह चमकीले पदार्थ (लगभग उल्का पिंड जैसा) में तब्दील हो जाएगा और पृथ्वी की तरफ आने के क्रम में यह पूरे आकाश में एक टूटते तारे की तरह घूमते हुए दिखाई देगा.’

It was said, ‘This spacecraft will not hit Earth, as it is shown in science-fiction movies, but it will be transformed into a bright matter (almost like a meteoroid) and in the order of coming towards the Earth, A rotating star will look like roaming. ‘

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7 साल पहले अंतरिक्ष में स्थापित किया गया था ‘टियांगोंग-1’
टियांगोंग-1- ‘हैवेनली पैलेस’ को सितंबर 2011 में कक्ष में स्थापित किया गया था, जो चीन का अपना एक अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में अति महत्त्वपूर्ण कदम था. इस स्थिति के लिए लोग सोशल मीडिया पर चीनी सरकार की आलोचना कर रहे हैं.

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7 years ago was established in space ‘Tiangong-1’
Tiangong-1- ‘Heavenly Palace’ was established in the room in September 2011, which was a very important step towards establishing China’s own space station. For this situation, people are criticizing the Chinese government on social media.

2011 में चीन ने किया था लॉन्च
इस अंतरिक्ष स्टेशन को चीनी अंतरिक्ष एजेंसी चाइना नेशनल स्‍पेस एडमिनिस्‍ट्रेशन (CNSA) ने 29 सितंबर, 2011 को लॉन्च किया था. इसका वजन 8.5 टन बताया जा रहा था. इसकी लंबाई 10 मीटर और चौड़ाई 3 मीटर थी. यह तियांगोंग प्रोग्राम का हिस्‍सा था और इस प्रोग्राम का पहला सक्रिय हिस्‍सा भी था.

China Launches 2011
This space station was launched by the Chinese Space Agency China National Space Administration (CNSA) on September 29, 2011. It was being said to be 8.5 tons. Its length was 10 meters and the width was 3 meters. It was part of the Tiangong program and was also the first active part of the program.

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चीन के इस बेकाबू स्पेस स्टेशन में खतरनाक रसायन भरे थे. इसलिए आशंका जताई जा रही थी कि जब भी यह धरती से टकराएगा तबाही लाएगा. वैज्ञानिकों का मानना था कि पृथ्‍वी के वातावरण में प्रवेश करते ही इसका मलबा हजारों किलोमीटर दूर तक फैल सकता है. यह मलबा आबादी क्षेत्रों पर भी गिर सकता है. लेकिन गनीमत रही कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ.

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In China’s uncontrollable space station, there were dangerous chemicals. Therefore, it was feared that whenever it collides with the earth, there will be a catastrophe. Scientists believed that its debris could spread thousands of kilometers on entering the Earth’s atmosphere. This debris can also fall on populated areas. But there was no such thing that there was nothing like this

2016 में खोया था नियंत्रण
दो साल की अभियान अवधि बढ़ाने के बाद 21 मार्च, 2016 को चीन ने इसकी सेवाएं आधिकारिक रूप से बंद कर दिया था. चीनी स्‍पेस एजेंसी ने तियांगोंग-1 पर से लांचिंग के पांच साल बाद और सेवाएं बंद करने के कुछ महीनों बाद ही नियंत्रण खो दिया था. इसके बाद वैज्ञानिकों ने 2017 के आखिर में इसके धरती के वातावरण में प्रवेश करके जलकर नष्‍ट होने की आशंका जताई थी.

https://youtu.be/tcioUe_eYUg

Control was lost in 2016
On March 21, 2016, after China extended its two-year campaign period, China officially shut down its services. The Chinese Space Agency lost control after a few years of launching from Tiangong-1 and after a few months of shutting down the services. After this, scientists feared that they would enter the Earth’s atmosphere by the end of 2017.

यह भी देखे

https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8

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ब्रेकिंग खबर :भारतीय सेना ने धरा रौद्र रूप, बरसाए बम किया पूरा इलाका धुआँ धुआँ, दहशत में पत्थरबाज

नई दिल्ली : कश्मीर घाटी में भारतीय सेना ने आतंकवाद और उसका सफाया करने की कमर कस रखी है. आतंकवादियों में सेना के मिशन आल आउट का खौफ इस कदर है कि कोई अब आतंकी संगठन का कमांडर नहीं बनना चाह रहा है. जैसे ही कोई कमांडर बनता है सेना उसे जहन्नुम पंहुचा देती है

कुपवाड़ा के बाद अनंतनाग में सेना का बड़ा धमाका

इस बीच बेहद हैरानी वाली खबर आ रही है आज सेना ने फिर बहुत बड़ा ऑपरेशन चलाया है, जिसमे बहुत बड़ी कामयाबी सेना के हाथ लगी है.

मिली बड़ी कामयाबी

अभी मिल रही ताज खबर के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में सुरक्षाबलों को आतंकवादियों के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है. यहां के डुरू इलाके में जवानों ने मुठभेड़ में दो हार्डकोर आतंकवादियों को मार गिराया है. अभी दो दिन पहले ही सेना ने कुपवाड़ा में चार आतंकवादियों को मार गिराया था.

लेकिन इस बार कोई छोटा मोटा आतंकवादी नहीं बल्कि हिजबुल का कमांडर और मोस्ट वांटेड अशरफ खान मौलवी को मौत के घाट उतारा है. दरअसल शुक्रवार शाम सेना को अनंतनाग जिले के दूरु इलाके में हिजबुल कमांडर अशरफ खान मौलवी के छिपे होने की खबर मिली थी.इसके बाद सेना, सीआरपीएफ और एसओजी के जवानों ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चलाकर इलाके की घेराबंदी की.

गोलियों छलनी कर दिया

तलाशी के दौरान जब जवान एक घर के पास पहुंचे तो वहां छिपे आतंकियों ने उनपर फायरिंग शुरू कर दी. जिसके बाद जवानों ने समय बर्बाद न करते हुए सीधा बड़ा बम बरसा दिया जिसके बाद गोलियों से छलनी दो आतंकी की लाशों को बाहर निकाला गया.

मारे गए आतंकवादियों की पहचान हिजबुल कमांडर अशरफ खान और उसका बॉडीगार्ड समीर टाइगर के रूप में हुई है. यह दोनों घाटी में लंबे समय से आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे.

पूरी तरफ से तलाशी अभियान में इन आतंकवादियों के खतरनाक मंसूबों का पता चलता है. बहुत बड़ी नापाक साज़िश को ये आतंकी अनजाम देने की फिराक से आये थे. मारे गए दोनों आतंकवादियों के पास से काफी सारे हथियार और काफी सारा गोला-बारूद बरामद हुआ है.

प्रशासन में एनकाउंटर के बाद एहतियात के तौर पर श्रीनगर-बनिहाल रेल सेवा और इंटरनेट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है. फिलहाल सुरक्षाबलों ने इस पूरे इलाके की घेराबंदी कर रखी है और यहां तलाशी अभियान जारी है.

पत्थरबाजों को भी सिखाया सबक

इस बड़े एनकाउंटर के बाद कश्मीर में पत्थरबाजों की टोली बौखला उठी और सेना पर पत्थर फेकने लगी. लेकिन सेना के ऑपरेशन में स्पेशल फोर्सेज भी थे उन्होंने पत्थरबाजों को तगड़ा सबक सिखाते हुए वहां से खदेड़ दिया. इस जवाबी हमले के बाद कुछ दिन पत्थरबाज बिस्तर से नहीं उठ पाएंगे.

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https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

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ब्रेकिंग! भारतीय सेना ने दिखाया अपना रौद्र रूप, किया ऐसा हमला कि पाक फ़ौज में मची चीख-पुकार

जहाँ एक ओर भारत-चीन के बीच जबरदस्त तनाव चल रहा है, वहीँ पाकिस्तान भी अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रह है. बुद्धवार को पाकिस्तान ने ऐसी नीच हरकत कर डाली, जिसके बाद भारतीय सेना ने आपा खोते हुए पाकिस्तानी फ़ौज पर भयानक हमला बोल दिया, जिसमे पाकिस्तान का काफी नुक्सान होने की खबर है.

While there is tremendous tension between India and China, Pakistan itself is not even aware of its impractical movements. On Wednesday, Pakistan had made such a negative move, after which the Indian Army had a terrible attack on the Pakistani army losing its temper, in which there was a lot of loss to Pakistan.

पाक फ़ौज को कारगिल की दिलाई याद!
दरअसल बुधवार को पाकिस्तानी फ़ौज ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में सीजफायर का उल्लंघन करते हुए भारी गोलीबारी और मोर्टार से हमला कर दिया. जिसके बाद भारतीय सेना ने पाक फ़ौज पर ऐसा भीषण हमला किया, जैसा कारगिल युद्ध के बाद आजतक नहीं किया था.

Remembering Kargil’s handling of Pak army!
In fact, on Wednesday, Pakistani troops violated the siegefire in Poonch sector of Jammu and Kashmir and attacked with heavy firing and mortars. After that the Indian army did such a fierce attack on the Pak army, as Kargil did not do it after the war.

गुस्से में थी कि पाक फ़ौज से जुडी जो भी चीज सामने दिखी, उसे ही उड़ा दिया गया. पीओके में मेढ़र सेक्टर में भारतीय सेना ने कई पाक बंकरों को तबाह करते हुए सामने दिखने वाले पाक सैन्य वाहनों को भी उड़ा दिया. ऐसा भीषण हमला जिसे देख पाक फ़ौज में हड़कंप मच गया और अपने साथियों को मारे जाते देख पाक फ़ौज के सैनिक अपनी-अपनी जान बचाकर युद्ध मैदान से एक बार फिर भाग खड़े हुए.

Anything related to the Pak army was fired, it was blown away. In the PoK, the Indian Army in the Mercury Sector also blown up Pak Pakshi vehicles which were seen in front of the devastating many Pak bunkers. Seeing such a fierce attack that saw the Pak army rushing and killing their comrades, the Pak army soldiers managed to save their lives once again from the battlefield.

स्कूलों पर शैलिंग!
दरअसल पाकिस्तान की फ़ौज हर बार भारतीय नागरिकों को निशाना बनाकर हमला करती है लेकिन इस बार तो नीचता की सभी हदें पार करते हुए पाक फ़ौज ने बच्चों के स्कूलों को भी निशाना बनाया. स्थानीय प्रशासन के मुताबिक पाक फ़ौज ने 25 स्कूलों पर मोर्टार से हमला किया. बताया जा रहा है कि स्कूल परिसर में मोर्टार आकर गिरे.

Schools Shale!
Indeed, Pakistan’s army attacks every time by targeting Indian nationals, but this time, crossing all the limits of meanness, the Pak army also targeted children’s schools. According to the local administration, the Pak army attacked the 25 schools with mortar. It is being told that mortar has fallen in the school premises.

पाक फ़ौज की इस नीचता पूर्ण हरकत को देखते हुए सभी प्रभावित स्कूलों को बंद कर दिया गया है. पुंछ के जिला विकास कमिश्नर ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनज़र स्कूल बंद कर दिए गए हैं. उन्होंने बताया कि यदि जरुरत पड़ी तो इलाके के अन्य स्कूलों को बंद करने के निर्देश भी दिए जा सकते हैं.

All affected schools have been closed in view of this malafide failure of the Pak army. Poonch district development commissioner said that schools have been closed in view of security. He told that if necessary, instructions for closure of other schools in the area can also be given.

मंगलवार को नौशेरा में की थी फायरिंग!
बता दें कि मंगलवार को पाक फ़ौज ने एलओसी पर नौशेरा सेक्टर में मोर्टार से हमला किया था. जिसके कारण इलाके के 9 स्कूलों में लगभग 200 बच्चे और स्कूल स्टाफ के सदस्य स्कूलों में फंस गए थे. सभी बच्चे पूरा दिन स्कूलों में फंसे रहे. जिसके बाद सेना ने बुलेट प्रूफ वाहनों की मदद से उनकी जान बचाते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले गए. सेना के अलर्ट रहने और सही वक़्त पर एक्शन लेने के कारण किसी भी बच्चे की जान नहीं गयी.

Nowshera firing was done on Tuesday!
Let us know that on Tuesday the Pak army had attacked the LoC with mortar in Naushra sector. Due to which around 200 children and school staff members were stuck in schools in 9 schools of the area. All children are stuck in school all day long. After which the army took them to safer places while saving their lives with the help of bullet-proof vehicles. No child was killed due to the army’s alert and taking action on the right time.

वहीं नौगाम सेक्टर में पाकिस्तान फ़ौज की गोलीबारी में भारतीय सेना के एक जवान की जान चली गयी थी. जिसके बाद सेना ने आपा खोते हुए पाकिस्तान फ़ौज को बारूद से नहला दिया. गौरतलब है कि अभी कुछ ही वक़्त पहले पाकिस्तान में भी स्कूल पर आतंकियों ने हमला किया था, जिसमे कई बच्चों व् अध्यापकों की जान चली गयी थी. इस घटना पर पाकिस्तान ने काफी बवाल मचाया था और भारत में भी इस घटना का विरोध किया गया था.

At the same time, the firing of a Pakistani soldier in the navigat sector was lost. After that, the army gave up the Pakistan Army with gunpowder while losing its temper. It is worth noting that at least a few days ago, in Pakistan, the school was attacked by terrorists, in which many children and teachers died. Pakistan had played a great deal on this incident and in India too the incident was opposed.

जिसके बाद पाक फ़ौज ने जिम्मेदार आतंकियों पर हवाई हमले करके उन्हें मार गिराया था. आज उसी पाकिस्तान को भारतीय बच्चों पर हमला करते शर्म नहीं आयी. इस नीचता का जो भी सबक उन्हें सिखाया जाए वो ही कम है.

After that, the Pak army had attacked and assaulted the responsible terrorists by attacking them. Today, the same Pakistan has not come ashamed to attack Indian children. The lesson that this lesson can be taught to them is very less.

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SOURCE NAME POLITICAL REPORT

ब्रेकिंग :PM मोदी ने भारतीय सेना के जवानों के लिए लिया क्रन्तिकारी फैसला,जिसे देख सैनिक झूम उठे

नई दिल्ली : भारतीय सेना के जवान अपना जीवन,अपने घर परिवार से दूर बेहद दुर्गम स्थानों पर अपनी जान हथेली पर देश के लोगों की रक्षा करने में बिता देते हैं. सीमा पर दुश्मन का डट के सामना कर रहे जवान की एक ही चिंता होती है कि अगर उसे कुछ हो गया तो उसके परिवार का कौन देखभाल करेगा. पिछली भ्रष्ट सरकारों का इस तरफ तनिक भी ध्यान नहीं गया.

ऐसे में क्या हमारे देश के लोगों का, चुनी हुई सरकारों का जवानों के लिए कोई फ़र्ज़ नहीं बनता इसके बजाय कुछ तो सेना में ही बड़े घोटाले कर देते हैं. लेकिन मोदी सरकार ने अब सेना के लिए ऐसा क्रन्तिकारी कदम उठाया है जिसने जवानो के कन्धों पर से बड़ा बोझ हल्का कर दिया है.

मोदी सरकार ने सेना के लिए उठाया क्रांतिकारी कदम

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक मोदी सरकार ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए सशस्त्र सेनाओं के शहीदों, विभिन्न अभियानों में शारीरिक रूप से अक्षम हुए जवानों तथा अधिकारियों के बच्चों की स्कूल तथा कॉलेज की फीस के भुगतान पर लगाई सीमा को हटा दिया है. इससे पहले शहीद के बच्चों की पढ़ाई के लिए ट्यूशन और हॉस्टल फीस की भुगतान की सीमा केवल 10 हजार रुपए महीना निर्धारित थी. दस हजार रूपए से अधिक की फीस का भुगतान इन छात्रों को खुद करना था.

हालाँकि इस फैसले से 5 करोड़ सालाना का अधिक खर्च पड़ेगा लेकिन मोदी सरकार में भारतीय सेना सबसे प्राथमिक है. हमारे देश जाबांज़ जवानों पर जितना गर्व किया जाय कम है और जितनी ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं उन्हें दी जाय वो भी कम हैं.

खुद रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बात की जानकारी ट्वीट करते हुए दी. देश के लिए कुर्बानी देने वाले सैनिकों के बच्‍चों की शिक्षा का पूरा खर्च अब सरकार उठाएगी. रक्षा मंत्रालय ने शहीदों के बच्‍चों के लिए 10 हजार रुपये तक सीमा को हटाते हुए शिक्षा खर्च उठाने का आदेश दिया है.

नेवी चीफ एडमिरल सुनील लांबा ने लिखा , “ये छोटा सा कदम हमारे बहादुर महिलाओं और पुरुषों के परिवारों में ये भरोसा जगाएगा कि देश को उनकी फिक्र है और सरकार सच्चे मायनों में उनकी शहादत की कद्र करती है. इन जवानों ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है।”

आधुनिक हथियार दिए

इससे पहले मोदी सरकार ने सेना के जवानों के लिए एक से बढ़कर एक कार्य किये जो इससे पिछली सरकारें कभी ना कर सकी. सबसे पहले सेना के जवानों के भत्ते को दोगुना कर दिया गया. उसके बाद करीब सवा लाख से ज़्यादा आधुनिक हथियार जवानों के लिए तत्काल खरीद की मंजूरी दी. जिसकी मांग जवान पिछले 13 साल से कर रहे थे.

बुलेटप्रूफ जैकेट, वाहन, हेलमेट

उसके बाद सेना के जवानों के लिए एक लाख से ज़्यादा बुलेट प्रूफ जैकेट और बुलेट प्रूफ वाहन खरीदे गए. इससे पहले पाकिस्तान सीमा के नज़दीक जवानों को पेट्रोलिंग के लिए टैम्पो में जाना पड़ता था. यही नहीं दुर्गम स्थानों में रह रहे जवानो के लिए कॉल रेट भी आधे से ज़्यादा कम कर दिए.

इजराइल की नायाब जीप दी जवानों को

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भारत आये थे. उन्होंने पीएम मोदी को तोहफे में एक खास जीप दी जो समुद्र के खारे पानी को भी पीने योग्य बना देती है. उस जीप को देखते ही पीएम मोदी को गुजरात में बीएसफ जवानो की याद आयी जिन्हे पानी की घोर किल्लत का सामना करना पड़ता था. उन्होंने वो जीप बीएसफ जवानों को सौंप दी और उसी तकनीक का इस्तेमाल कर और जीपों के निर्माण करने के आदेश दे दिए.

वन रैंक वन पेंशन योजना से दूर करी असमानता

इसके साथ साथ कांग्रेस के शासनकाल में इस विषय पर किसी भी विचार-विमर्श की योजना को वर्ष 1973 में ही ठंडे बस्ते में डाल दिया गया थी, लेकिन मोदी सरकार के सत्ता में आते ही ONE RANK ONE PENSION पर नए सिरे से विचार हुआ और योजना को लागू कर दिया गया.

इससे अलग-अलग समय पर सेवामुक्त हुए दो सैनिकों की पेंशन का अंतर समाप्त हो गया. यह असमानता सेना के सभी पदों पर थी, जिस पर कांग्रेस के शासनकाल में कभी कोई प्रयास तक नहीं किया गया. 2006 से पहले तक रिटायर हुए सैनिक को अपने से जूनियर पद पर तैनात सैनिक से भी कम पेंशन प्राप्त हो रही थी. इस भारी अंतर के परिणामस्वरूप सैनिकों के मन में भारी असंतोष था। मोदी सरकार के प्रयासों ने इसे समानता प्रदान की.

मोदी सरकार के शासन की बागडोर संभालने से पहले तक सैनिकों की स्थिति इतनी शोचनीय थी कि वे दो दशक पुराने हथियारों से देश की सुरक्षा करने को मजबूर थे. इसका अर्थ यह था कि तत्कालीन सरकार के लिए एक सैनिक की जान का कोई मोल ही नहीं था. वे उनसे यह उम्मीद करती थी कि उन्हीं जंग लगे हथियारों के बल पर वे युद्ध के मैदान में उतरें और दुश्मनों को पस्त करके आएं.

पीएम मोदी ने स्थिति की संवेदनशीलता को समझते हुए तुरंत नए हथियारों की खरीद के आदेश जारी किए, जिनमें 1 लाख 85 हजार रायफल्स और 10 हजार बुलेट प्रूफ जैकेट शामिल थीं. इनमें भारी संख्या में हेलमैट की खरीद को भी रखा गया था। इन नए हथियारों की विशेषता यह भी थी कि ये नए हथियार पुराने हथियारों की तरह भारी भरकम न होकर, अत्याधुनिक थे। सैनिकों के लिए भोजन की व्यवस्था भी और अधिक पोषण को ध्यान में रखकर की गई

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अभी अभी भारत ने दागी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल जिसे देख नापाक पाकिस्तान समेत चीन में हाहाकार

जयपुर: राजस्थान के जैसलमेर जिले के पोकरण स्थित चांधण फायरिंग रेंज में ब्रह्मोस मिसाइल का गुरुवार (22 मार्च) को सफल परीक्षण किया गया. प्रतिरक्षा सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस मौके पर भारतीय सेना और डीआरडीए के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. ब्रह्मोस रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और रूस के एनपीओएम का एक संयुक्त उपक्रम है. जमीन पर मार करने वाली ब्रह्मोस मिसाइल का संस्करण भारतीय सेना में 2007 से संचालन अवस्था में है. ब्रह्मोस ब्लॉक-3 रूस-भारत की एक संयुक्त परियोजना है, जो रूस के पी-800 ओनिक्स मिसाइल पर आधारित है. इससे पहले भारतीय सेना ने बीते साल 3 मई को ब्रह्मोस ब्लॉक3 जमीन आधारित क्रूज मिसाइल का अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में सफल परीक्षण किया था.

क्रूज मिसाइल का परीक्षण 2 मई, 2017 को भी किया गया था. सेना ने कहा था कि मिसाइल ने कॉपीबुक तरीके से सभी उड़ान मापदंडों को पूरा करते हुए सटीकता के साथ सफलतापूर्वक लक्ष्य पर हमला किया. यह लगातार पांचवां मौका था, जब ब्रह्मोस के ब्लॉक-3 संस्करण का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया गया. सेना के मुताबिक भूमि पर हमला करने के मामले में इसकी श्रेणी के किसी अन्य हथियार ने अभी तक यह अविश्वसनीय उपलब्धि हासिल नहीं की है. रक्षा बयान के मुताबिक, “लगातार सफलतम परीक्षण ने दुर्जेय हथियारों से मार करने की देश की क्षमता को और मजबूत किया है. 2 मई, 2017 को इसी स्थान से लंबी-दूरी तक मार करने वाले सामरिक हथियारों का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था.”

सुखोई से ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण
बीते साल 22 नवंबर को भारत ने वायुसेना के सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण कर रिकॉर्ड कायम किया था. ब्रह्मोस ने बंगाल की खाड़ी में अपने समुद्री लक्ष्य को सफलतापूर्वक भेदा. यह हवा से लक्ष्य भेदने का मिसाइल का पहला परीक्षण था. रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि विश्व का सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस अब जमीन, समुद्र और हवा से मार करने में सक्षम है. बयान के अनुसार, “ब्रह्मोस ने 22 नवंबर को भारतीय वायुसेना के युद्धक विमान सुखोई-30एमकेआई से बंगाल की खाड़ी में अपने समुद्री लक्ष्य को भेद कर इतिहास रच दिया.”

टाइटेनियम एयरफ्रेम और मजूबत एल्यूमिनियम मिश्र धातु की बनावट की वजह से एसयू-30 को ब्रह्मोस मिसाइल के लिए सबसे उपयुक्त युद्धक विमान माना जाता है. इस विमान का एयरोडायनेमिक समाकृति विमान की लिफ्टिंग प्रभाव की क्षमता को बढ़ाता है और इससे ऊंचे कोण से स्वत: हमला किया जा सकता है.

यह मिसाइल 500 से 14,000 मीटर की ऊंचाई से छोड़ी जा सकती है. मिसाइल छोड़े जाने के बाद यह 100 से 150 मीटर तक मुक्त रूप से नीचे आ सकती है और तब यह 14,000 मीटर में क्रूज फेज में प्रवेश कर सकती है और अंत में इसके बाद यह 15 मीटर में टर्मिनल फेज में प्रवेश कर सकती है. हवा में मार करने वाले ब्रह्मोस को इसके समुद्र व जमीन से मार करने वाले ब्रह्मोस से हल्का बनाया गया है.

भारत बना रहा ‘सुदर्शन चक्र’ की तरह का ‘ब्रह्मोस-2’, दुश्मनों को नष्ट कर लौटेगा वापस

भारत और रूस के संयुक्त रूप से तैयार की गई सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल का उन्नत संस्करण तैयार किया जा रहा है जो अपने लक्ष्य को भेदकर वापस आ जाएगी और फिर से इस्तेमाल की जा सकेगी. ब्रह्मोस मिसाइल प्रोजेक्ट के संस्थापक सीईओ और एमडी रहे डॉ. ए एस पिल्लई ने कहा कि इस दिशा में काम किया जा रहा है कि भगवान कृष्ण के सुदर्शन चक्र की तरह ब्रह्मोस-2 अपने लक्ष्य पर निशाना साधकर वापस लौट आये और इसे पुन: प्रयोग भी किया जा सके.

पद्मभूषण से सम्मानित डॉ. पिल्लई 1 नवंबर, 2017 को मथुरा में दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित जीएलए विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह में आये थे. उन्होंने कहा, ‘सुपरसोनिक प्रक्षेपास्त्र के बाद भारत हाइपरसोनिक प्रक्षेपास्त्र विकसित कर रहा है. जो उससे भी 9 गुना ज्यादा शक्तिशाली होगा. इसे किसी भी खोजी उपकरण से पकड़ा भी नहीं जा सकेगा. वैज्ञानिक प्रयास कर रहे हैं कि यह प्रक्षेपास्त्र एक बार लक्ष्यभेद करने के बाद पुनः उपयोग में लाया जा सके.’

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