CIA का बड़ा ख़ुलासा- सभी इस्लामिक देशों को अकेले युद्ध में हारने में सक्षम भारतीय सेना

पिछले साल कुछ शिया मुस्लिम देशों को छोड़कर सभी इस्लामिक देशों ने इस्लामिक सेना बनाने का निर्णय किया था, और इसका प्रमुख पाकिस्तानी सेना के पूर्व प्रमुख जनरल राहिल शरीफ को बनाया गया था, इस इस्लामिक सेना का हेडक्वार्टर सऊदी अरब में है, और राहिल शरीफ आजकल सऊदी में बैठते है |

Last year, except for some Shiite Muslim countries, all Islamic countries had decided to create an Islamic army, and it was made to the former chief of Pakistan Army General Gen. Rahil Sharif, the headquarters of the Islamic Army is in Saudi Arabia, and Rahil Sharif is nowadays Sit in saudi

 

इस्लामिक सेना के निर्माण के समय ये कहा गया था की युद्ध की स्तिथि में सभी इस्लामिक देश एकजुट हो जायेंगे, एक इस्लामिक देश पर हमला सभी इस्लामिक देशों पर हमला माना जायगे और इस्लामिक सेना एकजुट होकर लड़ेगी, पाकिस्तान इसके बाद भारत को धमकियाँ भी दे रहा था, पर सीआईए का कहना है की सभी इस्लामिक देश मिलकर भी भारत से युद्ध लड़े तो मात्र 14 दिनों में अकेला भारत सभी इस्लामिक देशों को हरा देगा |

At the time of the creation of the Islamic Army, it was said that all Islamic countries will be united in the war situation, an attack on an Islamic country will be considered an attack on all Islamic countries, and the Islamic army will fight together, Pakistan is threatening India after this. But the CIA says that even if all the Islamic countries fight together with India, only India will defeat all Islamic countries in 14 days.

दुनिया में 56 इस्लामिक देश हैं जिनकी कुल आबादी 162 करोड़ है | इन इस्लामिक देशो की औकात जानने का प्रयास करते है | विश्व के सभी इस्लामिक देश बनाम भारत |

There are 56 Islamic countries in the world, whose total population is 162 crores. Attempt to know the authors of these Islamic countries. All the Islamic countries of the world vs. India

कई इस्लामिक देश इतने छोटे है कि उनसे ज्यादा बड़ा तो भारत का गोवा राज्य है । ज्यादातर इस्लामिक देश भुखमरी से जूझ रहे हैं | पाकिस्तान के अलावा कोई मुस्लिम देश परमाणुं संपन्न नहीं है | इन 53 इस्लामिक देशोँ की सारी सेनाओं को जोड़ लिया जाये तो लगभग 19.62 लाख सैनिक है, जबकि भारत के पास 16.82 लाख आर्मी और 11.31लाख रिजर्व सैनिक है | किसी इस्लामिक देश के पास विमान वाहक युद्धपोत नहीँ है जबकि भारत के पास 5 युद्धपोत है |

Many Islamic countries are so small that more than them is Goa state of India. Most Islamic countries are battling hunger. Apart from Pakistan, no Muslim country is endowed with atoms. If all the forces of these 53 Islamic countries are added, then there are approximately 19.62 lakh soldiers, while India has 16.82 lakh army and 11.31 lakh reserves. There is no aircraft carrier warship near an Islamic country, while India has 5 warships.

किसी इस्लामिक देश के पास Anti BalasticMissile नही है | अमरीका, चीन, इजराइल के बाद भारत दुनिया का चौथा देश है , जिसके पास मिसाईल्स को हवा में नष्ट करने की शक्ति है | किसी इस्लामिक देश के पास 3200Km से ज्यादा की मारक शक्ति वाली मिसाईल नही है , भारत के पास 7000Km तक दुश्मनों को मारनेवाली पृथ्वी-5 मिसाईल है |

No Islamic country has Anti BalasticMissile. India is the fourth country in the world after America, China, Israel, which has the power to destroy missiles in the air. An Islamic country does not have an explosive missile of more than 3200Km, India has an earth-5 missile to kill enemies by 7000km.

किसी इस्लामिक देश के पास सुपर सोनिक मिसाईल नही है , भारत के पास ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक मिसाईल है | ये शक्ति सिर्फ अमेरिका,चीन और रूस के पास है | CIA के अनुसार मान लिया कि सारे इस्लामिक देश आतंकवादियों के साथ मिलकर भारत के साथ युद्ध करते है तो भी भारतीय सेना मात्र 14 दिनों में सारे इस्लामिक देशों मे तिरंगा लहराने की क्षमता रखती है | इन बीते दशकों में भारत की सैन्य ताकत काफी बढ़ गयी है और भारतीय सेना के पास सारे अत्याधुनिक हतियार भी आ गए हैं |

No Islamic country has a super sonic missile, India has a supersonic missile like Brahmos. This power is only with America, China and Russia. According to the CIA, even if all Islamic countries fight with terrorists, then the Indian army has the ability to blow the tricolor in just 14 days in all Islamic countries. In these past decades, India’s military strength has increased greatly and all the cutting-edge artisans have come to the Indian Army.

source zeenews

BSF स्थापना दिवस पर पीएम मोदी ने दिया पाकिस्तान को करारा जवाब,जवानों को दिया शानदार तोहफा,आँखों में आये आंसू आजतक किसी सरकार ने ऐसा किया

नई दिल्ली: पाकिस्तान से लगती देश की सीमा की रक्षा करने वाले सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने शुक्रवार को कहा कि उसने अपने सैनिकों को खतरनाक स्नाइपर गोलीबारी से बचाने के लिए स्वदेशी तौर पर विकसित बुलेटप्रूफ बंकर तैयार किए हैं और हाल में सीमा की दूसरी ओर स्थित दुश्मन चौकियों को लक्षित तरीके से निशाना बनाया है.

बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बल पाकिस्तान से लगते अग्रिम क्षेत्रों में होने वाले बदलावों के बारे में सरकार को सूचित करने के लिए पश्चिमी मोर्चे पर गांवों की जनसांख्यिकीय और आर्थिक रूपरेखा का जमीनी सर्वेक्षण एवं विश्लेषण शुरू कर रहा है.

‘एक ‘व्यापक जवाबी योजना’ बनाई’

बीएसएफ महानिदेशक रजनीकांत मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष जम्मू में भारत…पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ के कई प्रयास, स्नाइपर गोलीबारी और सीमापार से गोलीबारी की घटनाएं ‘आए दिन’ होने के बाद बल ने दुश्मन के इस ‘दुस्साहस’ को काबू में करने के लिए एक ‘व्यापक जवाबी योजना’ बनाई.

उन्होंने बीएसएफ के 54वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर कहा,‘बीएसएफ ने लक्षित और सोच विचारकर जवाबी कार्रवाई की जिसके परिणामस्वरूप रेंजर्स (पाकिस्तान के सीमा रक्षक) को उनकी चौकियों तक सीमित कर दिया गया.’

उन्होंने कहा,‘बीएसएफ की कार्रवाई को काबू नहीं कर पाने पर रेंजर्स पूरे मोर्चे को खोलने को मजबूर हुए और पूरी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारी गोलीबारी शुरू हो गई. बीएसएफ ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान की चौकियों को लक्षित तरीके से निशाना बनाया जिससे उसे भारी नुकसान हुआ.’

उन्होंने कहा कि हाल की उस घटना को ध्यान में रखते हुए जिसमें पाकिस्तानी बार्डर एक्शन टीम (बीएटी) ने जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एक जवान की हत्या कर दी थी, बल पिछले पांच वर्षों में इस सीमा पर होने वाली ऐसी सभी घटनाओं का ‘वैज्ञानिक’ विश्लेषण शुरू कर रहा है.

‘हम ऐसे सुझाव लेकर आएंगे जिनसे ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है’

डीजी ने कहा,‘हम ऐसे सुझाव लेकर आएंगे जिनसे ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है और यदि कोई सिविल, मैकेनिकल या परिचालन कार्य की जरूरत होगी तो वह भी करेंगे.’

उन्होंने कहा कि बीएसएफ ने अपने जवानों को दुश्मन के निशानेबाजों से बचाने के लिए बुलेटप्रुफ संतरी बंकर आंतरिक रूप से विकसित किए हैं जो सीमा चौकियों की रक्षा करने वाले जवानों की बेहतर तरीके से सुरक्षा कर पाएंगे.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बाद में पीटीआई से कहा कि नया बंकर बख्तरबंद है. व्यापक दृष्टि के लिए इसके ऊपर एक पेरिस्कोप लगा है और इसमें सीमा चौकी पर एक समय में चार जवान बैठ सकते हैं.

यह पूछे जाने पर कि क्या बल ने हाल में राजस्थान के सीमांत नगर जैसलमेर में कोई अध्ययन किया है और यह बताया है कि मुस्लिमों की जनसंख्या बढ़ रही है, डीजी ने कहा कि उन्हें ऐसे किसी अध्ययन या रिपोर्ट के बारे में जानकारी नहीं है.

मिश्रा ने कहा कि जम्मू में स्मार्ट बाड़ लगाने की दो पायलट परियोजनाएं ‘संतोषनक रूप से’ काम कर रही हैं. उन्होंने कहा कि इसी तरह की सेंसर आधारित स्मार्ट बाड़ अगले एक दो महीने में बांग्लादेश से लगती पूर्वी सीमा पर आने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि यह स्मार्ट बाड़ असम के धुबरी में 60 किलोमीटर के क्षेत्र में होगी. इससे घुसपैठ रोकने में मदद मिलेगी.

बीएसएफ की स्थापना एक दिसम्बर 1965 को हुई थी. बीएसएफ पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगती देश की 6,386 किलोमीटर लंबी सीमा की रक्षा करती है.

source ddbhartinews

सेना का नॉनस्टॉप ऑपरेशन का टूटा कहर, काल बनकर टूट पड़े जवान, नो एफआईआर, नो रिपोर्ट, फैसला ऑन द स्पॉट

नई दिल्ली : पिछले कई दिनों से लगातार कश्मीर से अच्छी खबरें आ रही हैं. पिछले तीन दिन में 12 आतंकी मारे गए थे जिसमे कुछ वांटेड कमांडर भी शामिल थे. तो वहीँ आज फिर सेना को बड़ी कामयाबी मिली है. ऐसा लग रहा है अब सुरक्षाबल सीधा ऑन द स्पॉट आतंकियों का फैसला कर देते हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुबह-सुबह कुलगाम में सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में दो आतंकियों को मार गिराया है. कुलगाम के रेडवानी इलाके में हुई मुठभेड़ में सेना का एक जवान भी शहीद हुआ है. आतंकियों के साथ सुरक्षा बलों की यह मुठभेड़ सुबह शुरू हुई.

इसके अलावा पुलवामा में भी सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई. इसमें भी एक आतंकी को मार गिराने में सफलता मिली है. यह मुठभेड़ त्राल के हाफू इलाके में चल रही है. मारे गए आतंकी का शव भी बरामद कर लिया गया है. साथ ही मौके से बड़ी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बरामद किया गया है. पुलिस ने इस संबंध में केस भी दर्ज किया है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

जम्‍मू और कश्मीर के शोपियां में सुरक्षा बलों ने रविवार को भी एनकाउंटर में 6 आतंकियों को मार गिराया था. यह एनकाउंटर बटागुंड में हुआ था. इसमें एक जवान भी शहीद हुआ था. सुरक्षा बल और पुलिस संयुक्‍त रूप से इलाके में तलाशी अभियान चला रहे हैं. सुरक्षा बलों को इलाके में दो से तीन आतंकी छिपे होने की सूचना मिली थी. इसके बाद तलाशी अभियान शुरू किया गया था. इसी दौरान मुठभेड़ शुरू हो गई.

बता दें कि जम्‍मू और कश्‍मीर के अनंतनाग में 23 नवंबर को भी सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में छह आतंकियों को मार गिराया था. मारे गए सभी आतंकियों के शव सुरक्षा बलों ने बरामद कर लिए थे. मारे गए आतंकियों की पहचान आजाद मलिक, उनीस शाफी, शाहिद बशीर, बासित इश्तियाक, आकिब नजर और फिरदौस नजर के रूप में की गई थी. इनमें से आजाद मलिक उर्फ आजाद डाडा पत्रकार शुजात बुखारी की हत्‍या में शामिल था. यह आतंकी राष्‍ट्रीय रायफल्‍स की ओर से बिजबेहरा के सेकीपोरा में चलाए गए अभियान में मारे गए.

source name:dd bharti

मोदी के सामने झुका पाकिस्तान, उठाया ऐसा सनसनीखेज कदम, जिसे देख आपकी आँखें फटी रह जाएंगी

नई दिल्ली : भारत को तोड़ने, कश्मीर को छीनने और आतंकवाद फैलाने के सपने देखने वाले आतंकी देश पाकिस्तान की हालत अब पूरी तरह खराब हो चुकी है. पीएम मोदी को आँखें दिखाने वाला ना’पाक भारतीय सेना के एक्शन को देख गिड़गिड़ाने लगा है. पाकिस्तान से अब एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है.

NEW DELHI: The terrorism of Pakistan, the country’s dream of breaking India, snatching Kashmir and spreading terrorism has become completely worse. Na’pak, who showed eyes to PM Modi, is looking forward to seeing the Indian Army’s action. A shocking news is coming from Pakistan now.

पिछले 60 वर्षों से कांग्रेस सरकार पाकिस्तान के सामने गिड़गिड़ाती आयी थी. पाकिस्तान ने दिल्ली से लेकर गुजरात तक में बम धमाके करवाए, कश्मीर में पंडितों का कत्लेआम करवाया, मुम्बई में कसाब व् अन्य आतंकियों को भेजकर हमला करवाया, मगर कांग्रेस सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही और पाकिस्तान के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया.

For the past 60 years, the Congress Government had come to grief in front of Pakistan. Pakistan carried out bomb blasts from Delhi to Gujarat, massacred the Pandits in Kashmir, sent Kasab and other terrorists in Mumbai to attack, but the Congress government kept on hand and did not take any tough steps against Pakistan

भारत के सामने झुका ना’पाक
पीएम मोदी के सत्ता में आने के बाद भारतीय सेना ने जब गोलियों को जवाब गोलों से देना शुरू किया, तब भी कांग्रेस ने पाकिस्तान की निंदा करने की जगह मोदी का विरोध किया. मगर पीएम मोदी ने किसी भी दबाव के आगे झुकने से इंकार कर दिया. खुली छूट पाकर सेना ने पाक फ़ौज का इतना नुक्सान कर दिया है और कश्मीर में आतंकियों की इतनी लाशें बिछा दी हैं कि इतिहास में पहली बार पाक फ़ौज खुद भारत से शान्ति बहाल करने की गुजारिश कर रही है.

Jhukka Na ‘Pakak in front of India
Even after the arrival of PM Modi, when the Indian army started giving answers to the bullets, the Congress opposed Modi instead of condemning Pakistan. But PM Modi refused to bow before any pressure. With an open exemption, the army has caused so much damage to the Pak army and has laid so many dead bodies of terrorists in Kashmir that for the first time in the history of the Pak army itself, it is asking for restoring peace from India itself.

भारतीय सेना पर हमले करने वाले गिड़गिड़ा रहे हैं
बता दें कि पहले पाक फ़ौज के दिमाग कुछ ज्यादा ही खराब थे. पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, भारत के साथ संबंध सुधारने के इच्‍छुक थे लेकिन अपनी सेना के कारण वह ऐसा नहीं कर सके. मगर भारतीय सेना जिस तरह से बॉर्डर पर पाकिस्तान की सैन्य चौकियों को ध्वस्त करती आ रही है और कश्मीर में पाक परस्त आतंकियों का सफाया कर रही है, उसे देखते हुए पाक फ़ौज ने घुटने टेक लिए हैं.

The attackers on the Indian Army have been complaining
Let me tell you that earlier the army of Pak army was somewhat worse. Former Pakistan Prime Minister Nawaz Sharif was keen to improve relations with India but due to his army he could not do it. But the way the Indian army has been destroying Pakistan’s military checkpoints on the border and is wiping out militants from Pakistan in Kashmir, the Pak army has kneeled.

पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा अचानक भारत को लेकर दिए अपने बयानों के कारण सुर्खियों में आ गए हैं. पाकिस्‍तान की सबसे ताकतवर शख्सियत माने जाने वाले जनरल कमर जावेद बाजवा भारत से शान्ति की अपील की है. बाजवा का कहना है कि भारत-पाक के बीच कश्‍मीर समेत सभी विवादों का हल बंदूकों के बजाय विस्‍तृत रूप से सार्थक बातचीत से ही निकल सकता है.

Pakistani army chief Kamar Javed Bajwa has suddenly come to headlines due to his statements to India. General Kamar Javed Bajwa, who is considered Pakistan’s most powerful figure, has appealed for peace from India. Bajwa says that all the disputes between India and Pakistan, including Kashmir, can be resolved only through meaningful dialogue rather than guns.

अस्तित्व खतरे में देख पाकिस्तान की हालत खराब
बाजवा ने ये भी कहा है कि मोदी सरकार अपने सख्‍त रुख के कारण पाकिस्‍तान के साथ अभी बातचीत नहीं कर रही है लेकिन अपनी तेज गति से बढ़ती अर्थव्‍यवस्‍था के कारण उसको अगले दो-तीन साल के भीतर पाकिस्‍तान के साथ बातचीत करने की दरकार होगी. इसके साथ ही यह भी उन्‍होंने हाल में कहा है कि पाकिस्‍तान को ऐसे शांतिप्रेमी देश के रूप में स्‍थापित करने का सपना देखते हैं जो दुनिया के साथ शांतिपूर्ण और सह-अस्तित्‍व की भावना के साथ रहना चाहता है.

Pakistan’s condition worsened in existence
Bajwa has also said that the Modi government is not negotiating with Pakistan due to its strict stance, but due to its fast growing economy, it will need to negotiate with Pakistan within the next two-three years. At the same time, he has also said recently that he dreams of establishing Pakistan as a peace-loving country which wants to live with the world with a sense of peaceful and coexistence.

इन सारे बयानों को यदि एक साथ जोड़कर देखा जाए तो इसको पाकिस्‍तानी विदेश नीति के संदर्भ में बाजवा डॉक्ट्रिन (सिद्धांत) कहा जा रहा है. अब बड़ा सवाल उठता है कि आखिर जनरल बाजवा इस तरह के बयान क्‍यों दे रहे हैं?

If all these statements are seen together, then it is being called Bajwa Doctrine (theory) in the context of Pakistani foreign policy. Now the big question arises, why are General Bajwa giving such statements?

सैन्य व् आर्थिक, दोनों स्तर पर पाकिस्तान का बुरा हाल
दरअसल पीएम मोदी लगातार पाकिस्तान को शिकस्त दे रहे हैं. भारतीय सेना तो पाक फ़ौज को ध्वस्त कर ही रही है, साथ ही कश्मीर में पाकिस्तान ने अपना जो नेटवर्क बनाया हुआ था, वो भी ध्वस्त हो गया है. पाक के पाले हुए आतंकियों को उनके बिलों से निकाल-निकाल कर ठोका जा रहा है.

Pakistan’s bad situation at both military and economic level
Indeed, PM Modi is constantly defeating Pakistan. The Indian army has been destroying the Pak army, as well as the network that Pakistan had built in Kashmir, it has also collapsed. The Pak-based terrorists are being thrown out of their bills.

पाकिस्तान ने पूरी कोशिश की कि भारतीय वामपंथियों व् अन्य गद्दारों के सहारे भारत सरकार पर पाक से बातचीत का दबाव बनाया जाए, मगर मोदी पर कोई दबाव नहीं बना. वहीँ पीएम मोदी ने पाकिस्तान का दाना-पानी तक बंद करवा दिया. ईरान के चाबहार पोर्ट के जरिये अफगानिस्तान के साथ व्यापार शुरू किया, जिससे पाकिस्तान का अफगानिस्तान में किया जाने वाला निर्यात घट कर एक चौथाई रह गया है.

Pakistan tried hard to pressurize the Indian government to interact with Pakistan with the help of Indian Left and other traitors, but there was no pressure on Modi. The PM Modi has stopped the Pakistan’s grain and water. Iran started trade with Afghanistan through Chabahar Port, which has left Pakistan accounting for one fourth due to Afghanistan’s exports.

अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान अकेला
पाकिस्तान को अब हर साल अरबों रुपयों का घाटा झेलना पड़ रहा है. वहीँ अमेरिका के साथ मजबूत सम्बन्ध बनाकर पीएम मोदी ने पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग कर दिया है. अमेरिका ने आर्थिक व् सैन्य सहायता देना बंद कर दिया है. चीन से मिली ज़रा बहुत मदद से किसी तरह पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था चल रही है, मगर पाक जानता है कि चीन किसी का सगा नहीं है. मतलब निकलने के बाद वो पाक का हाथ भी छोड़ देगा.

Pakistan alone on international stage
Pakistan is now facing a loss of billions of rupees every year. By making strong connections with America, PM Modi has alienated Pakistan on the international stage. The US has stopped financial and military support. Pakistan’s economy is running in some way with a lot of help from China, but Pak knows that China is not affiliated with anybody. After leaving the meaning, he will also leave Pak’s hand.

ऐसे में पाक फ़ौज अब घुटनों पर आ रही है. अब भारत के साथ शान्ति के रास्ते खोज रही है. पाक सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा के हालिया बयान दर्शा रहे हैं कि मोदी के सामने पाकिस्तान को उसकी औकात पता चल चुकी है. लगातार हो रही बीजेपी की जीत ने भी पाकिस्तान को समझा दिया है कि भारत की जनता अब जाग चुकी है और कांग्रेस अब सत्ता में नहीं आने वाली. मोदी बार-बार पीएम बनेंगे.

In this way the Pak army is now coming to the knees. Now searching for peace with India. Recent statements by Pakistan Army chief Kamar Javed Bajwa show that Pakistan has already recognized its income in front of Modi. The persistent BJP victory has also convince Pakistan that the people of India are now awake and the Congress will not come to power anymore. Modi will be PM again and again

मोदी के दोबारा चुनाव जीतने और राज्यसभा में बहुमत पाते ही कश्मीर की धारा 370 हटाने की कवायद उसी तरह शुरू हो जायेगी, जैसे तीन तलाक को ख़त्म कर दिया गया. यूएन में भी अब पाकिस्तान की कोई सुनता नहीं. ऐसे में अब शान्ति की गुहार लगाने के अलावा पाकिस्तान के पास कोई चारा ही नहीं बचा.

As soon as Modi’s re-election and finding a majority in the Rajya Sabha, the drill for the removal of Section 370 of Kashmir will begin in the same way as the three divorces have been abolished. There is no hearing from Pakistan in the UN. In such a situation, apart from applying for peace, Pakistan has no choice but to leave.

 

यह भी देखें :

https://www.youtube.com/watch?v=m7CoPymK4gw

 

https://www.youtube.com/watch?v=8WfEyICu_NM

भारत बन गया विश्व शक्ति, 47 देशों समेत पाकिस्तान की फटी रेह्गायीं आँखें रूस अमेरिका हैरान

नई दिल्ली : पिछले कई दशकों से भ्रष्ट सरकारों ने भारत को लाचार बना के रख दिया था, जिससे नेताओं ने अपनी तिजोरियां अरबों रुपयों से भरी और सरकारी तिजोरी को खाली कर दिया. उस नुकसान का खामियाजा भारत को उठाना पड़ा. हज़ारों करोड़ों की डील करके कांग्रेस विदेश से हथियार खरीदती रही वो भी पुरानी तकनीक वाले, जिससे आये दिन लड़ाकू विमान, पनडुब्बी के हादसे देखने को मिलते थे.

New Delhi: For the past several decades, the corrupt governments had kept India as helpless, so that the leaders filled their safes with billions of rupees and emptied the government vault. India had to bear the brunt of that loss The Congress buying thousands of crores of crores of weapons from abroad was also old technique, from which day the fighter aircraft and submarine were seen in the tragedy.

 

 

तो वहीँ अब भारत में डिफेन्स एक्सपो 2018 की दमदार शुरुआत हो रही, जिसमे एक बार फिर पूरी दुनिया के 47 दिग्गज देश की नामी कंपनियां भारत में आयी हैं. चेन्नई में डिफेंस एक्सपो-2018 दुनिया भर से आए रक्षा क्षेत्र के व्यापारियों जमा हुए हैं.

So it is now the strong defense of the Defense Expo 2018 in India, in which once again renowned companies of 47 great people of the whole world came to India. Defense Expo -2018 in Chennai has gathered the defense sector traders from all over the world.

गुरुवार को एक्सपो का पीएम मोदी ने औपचारिक उद्घाटन किया. चार दिनों की इस प्रदर्शनी में भारत के रक्षा और सार्वजनिक क्षेत्र की ताकत दिखाई जाएगी और रक्षा क्षेत्र में निजी उद्योग की बढ़ती भूमिका को भी उजागर किया जाएगा.

On Thursday, the expo’s PM Modi formally inaugurated. This four-day exhibition will show the strength of India’s defense and public sector, and the growing role of private industry in the defense sector will also be exposed.

मोदी राज में भारत ने दिखाई दुनिया को बेशुमार ताकत, दंग रह गए अमेरिका रूस, जर्मनी

अपने कभी सोचा था कि जो भारत दूसरों से हथियार ख़रीददता था वो कभी दूसरे देशों को हथियार बेच सकेगा. जी हाँ, मोदी सरकार में केवल चार सालों में भारत की पहचान फर्श से अर्श पर पंहुचा दी है. आज भारत दूसरे देशों के आगे हाथ नहीं फैलाता बल्कि आज भारत अपने ही देश में हथियार बना रहा है और दूसरे देशों को हथियार बेच रहा है और खाली हो चुके सरकारी खजाने को लबालब भर रहा है. भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 423 अरब डॉलर पहुंच चुका है जो 2014 से पहले 279 अरब डॉलर का था.

India has seen the world’s huge strength in the state of Modi, stunned America Russia, Germany

It was a thought that India, who bought weapons from others, would be able to sell arms to other countries. Yes, in the Modi government, only four years have given India recognition to the floor. Today, India does not spread to other countries, but today India is making weapons in its own country and selling weapons to other countries and is filling the vacant government treasury. India’s foreign exchange reserves have reached $ 423 billion, which was $ 279 billion before 2014.

अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, अफगानिस्तान और स्वीडन, फिनलैंड 47 देश आये भारत

America, Britain, Russia, Afghanistan and Sweden, Finland 47 countries come to India

इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, अफगानिस्तान और स्वीडन, फिनलैंड, इटली, मैडागास्कर, म्यांमार, नेपाल, पुर्तगाल, सेशेल्स और वियतनाम सहित 47 देश भाग ले रहे हैं.

47 countries including USA, UK, Russia, Afghanistan and Sweden, Finland, Italy, Madagascar, Myanmar, Nepal, Portugal, Seychelles and Vietnam are participating in this.

आपको जानकार हैरानी होगी डिफेंस एक्सपो के इस 10वें संस्करण में पहली बार रक्षा क्षेत्र में देश की ताकत को दिखाने के लिए अलग से ‘भारत पवेलियन’ बनाया गया है. इस प्रदर्शनी के जरिये यह दिखाने की कोशिश की गई है कि भारत रक्षा सिस्टम और उपकरणों के निर्यात में एक ब्रांड बनने की ओर अग्रसर है. खास बात यह है कि प्रदर्शनी में रक्षा क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले छोटे-छोटे उपकरण बनाने में भारत के निजी क्षेत्र की बढ़ती ताकत को दर्शाने की कोशिश की गई है.

You will be surprised to know that in this 10th edition of the Defense Expo, for the first time, ‘Bharat Pavilion’ has been created separately to show the strength of the country in the defense sector. Through this exhibition it has been tried to show that India is looking forward to becoming a brand in defense systems and equipment exports. The special thing is that in the exhibition, efforts have been made to show the growing power of India’s private sector in making small instruments used in the defense sector.

154 अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने दिखाई अपनी रूचि

डिफेन्स एक्सपो 2018 में 517 भारतीय और 154 अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने अपने स्टाल लगाए हैं. प्रदर्शनी में हिस्सा ले रही भारतीय कंपनियों में टाटा, एल एंड टी, भारत फोर्ज, महिंद्रा, एमकेयू, डीआरडीओ, एचएएल, बीईएल, बीडीएल, बीईएमएल, एमडीएल, जीआरएसई, जीएसएल, एचएसएल, मिधानी और आयुध निर्माणी ने अपने-अपने स्टाल लगाए हैं.

154 international companies showed interest in their interest

In Defense Expo 2018, 517 Indian and 154 international companies have installed their stalls. Indian companies participating in the exhibition have set up their own stalls by Tata, L & T, Bharat Forge, Mahindra, MKU, DRDO, HAL, BEL, BDL, BEML, MDL, GRSE, GSL, HSL, Matsya and Ordnance Factory.

तो वहीँ दुनिया की सबसे बड़ी कम्पनिया लॉकहीड मार्टिन, अमेरिका की बोइंग, स्वीडन की साब, एयर बस, फ्रांस की राफेल, रूस की यूनाइटेड शिप बिल्डिंग, ब्रिटेन की बीएई सिस्टम्स, इजराइल की सिबत, फिनलैंड की वा‌िर्त्सला और जर्मनी की होर्डे एंड स्च्वार्ज ने यहां अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए स्टाल लगाए हैं.

So, the world’s largest company Lockheed Martin, America’s Boeing, Sweden’s Saab, Airbus, Rafael of France, United Ship Building of Russia, BAE Systems of Britain, Israel’s Sybit from Finland, Germany’s Horde and Schwartz Here are stalls to display your products.

मोदी राज में भारत की छुपी हुई प्रतिभा सामने आयी है, भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है. बढ़ती हुई जनसँख्या जो चीन की सबसे बड़ी परेशानी है, लेकिन भारत ने इस समस्या का सही इस्तेमाल किया है. भारत एक बाजार के रूप में उभर रहा है, दुनिया की दिग्गज कंपनियां भारत में निवेश कर रही हैं, भारत के लोगों को रोज़गार मिलेगा और हथियार बनने के बाद अमेरिका रूस, जापान , वियतनाम देशों को बेचने से भारत का भी शक्तिशाली देशों में नाम होगा.

India’s hidden talent has emerged in Modi Raj, India is the world’s largest market today. Growing population which is China’s biggest problem, but India has used this problem rightly. India is emerging as a market, world’s largest companies are investing in India, people of India will get employment and after becoming weapons, America will be named in powerful countries by selling to Russia, Japan and Vietnam countries. .

यह भी देखे
https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

source political report

ब्रेकिंग : गुस्से में आये सेना के जवानों ने किया रौद्र रूप धारण, कर डाला ऐसा जबरदस्त कांड, पाक समेत चीन में आया भूचाल…

नई दिल्ली : जहाँ एक ओर भारत-चीन के बीच जबरदस्त तनाव चल रहा है, वहीँ पाकिस्तान भी अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रह है. बुद्धवार को पाकिस्तान ने ऐसी नीच हरकत कर डाली, जिसके बाद भारतीय सेना ने आपा खोते हुए पाकिस्तानी फ़ौज पर भयानक हमला बोल दिया, जिसमे पाकिस्तान का काफी नुक्सान होने की खबर है.

New Delhi: While there is tremendous tension between India and China, Pakistan too is not able to see its impractical movements. On Wednesday, Pakistan had made such a negative move, after which the Indian Army had a terrible attack on the Pakistani army losing its temper, in which there was a lot of loss of Pakistan.

पाक फ़ौज को कारगिल की दिलाई याद
दरअसल बुधवार को पाकिस्तानी फ़ौज ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में सीजफायर का उल्लंघन करते हुए भारी गोलीबारी और मोर्टार से हमला कर दिया. जिसके बाद भारतीय सेना ने पाक फ़ौज पर ऐसा भीषण हमला किया, जैसा कारगिल युद्ध के बाद आजतक नहीं किया था.

Kargil remembers Pak army
In fact, on Wednesday, Pakistani troops violated the siegefire in Poonch sector of Jammu and Kashmir and attacked with heavy firing and mortars. After that the Indian army did such a fierce attack on the Pak army, as Kargil did not do it after the war.

गुस्से में थी कि पाक फ़ौज से जुडी जो भी चीज सामने दिखी, उसे ही उड़ा दिया गया. पीओके में मेढ़र सेक्टर में भारतीय सेना ने कई पाक बंकरों को तबाह करते हुए सामने दिखने वाले पाक सैन्य वाहनों को भी उड़ा दिया. ऐसा भीषण हमला जिसे देख पाक फ़ौज में हड़कंप मच गया और अपने साथियों को मारे जाते देख पाक फ़ौज के सैनिक अपनी-अपनी जान बचाकर युद्ध मैदान से एक बार फिर भाग खड़े हुए.

Anything related to the Pak army was fired, it was blown away. In the PoK, the Indian Army in the Mercury Sector also blown up Pak Pakshi vehicles which were seen in front of the devastating many Pak bunkers. Seeing such a fierce attack that saw the Pak army rushing and killing their comrades, the Pak army soldiers managed to save their lives once again from the battlefield.

स्कूलों पर शैलिंग
दरअसल पाकिस्तान की फ़ौज हर बार भारतीय नागरिकों को निशाना बनाकर हमला करती है लेकिन इस बार तो नीचता की सभी हदें पार करते हुए पाक फ़ौज ने बच्चों के स्कूलों को भी निशाना बनाया. स्थानीय प्रशासन के मुताबिक पाक फ़ौज ने 25 स्कूलों पर मोर्टार से हमला किया. बताया जा रहा है कि स्कूल परिसर में मोर्टार आकर गिरे.

Schools on shoring
Indeed, Pakistan’s army attacks every time by targeting Indian nationals, but this time, crossing all the limits of meanness, the Pak army also targeted children’s schools. According to the local administration, the Pak army attacked the 25 schools with mortar. It is being told that mortar has fallen in the school premises.

पाक फ़ौज की इस नीचता पूर्ण हरकत को देखते हुए सभी प्रभावित स्कूलों को बंद कर दिया गया है. पुंछ के जिला विकास कमिश्नर ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनज़र स्कूल बंद कर दिए गए हैं. उन्होंने बताया कि यदि जरुरत पड़ी तो इलाके के अन्य स्कूलों को बंद करने के निर्देश भी दिए जा सकते हैं.

All affected schools have been closed in view of this malafide failure of the Pak army. Poonch district development commissioner said that schools have been closed in view of security. He told that if necessary, instructions may be given to close other schools in the area.

मंगलवार को नौशेरा में की थी फायरिंग
बता दें कि मंगलवार को पाक फ़ौज ने एलओसी पर नौशेरा सेक्टर में मोर्टार से हमला किया था. जिसके कारण इलाके के 9 स्कूलों में लगभग 200 बच्चे और स्कूल स्टाफ के सदस्य स्कूलों में फंस गए थे. सभी बच्चे पूरा दिन स्कूलों में फंसे रहे. जिसके बाद सेना ने बुलेट प्रूफ वाहनों की मदद से उनकी जान बचाते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले गए. सेना के अलर्ट रहने और सही वक़्त पर एक्शन लेने के कारण किसी भी बच्चे की जान नहीं गयी.

Firing was done in Nowshera on Tuesday.
Let us know that on Tuesday the Pak army had attacked the LoC with mortar in Naushra sector. Due to which around 200 children and school staff members were stuck in schools in 9 schools of the area. All children are stuck in school all day long. After which the army took them to safer places while saving their lives with the help of bullet-proof vehicles. No child was killed due to the army’s alert and taking action on the right time.

वहीं नौगाम सेक्टर में पाकिस्तान फ़ौज की गोलीबारी में भारतीय सेना के एक जवान की जान चली गयी थी. जिसके बाद सेना ने आपा खोते हुए पाकिस्तान फ़ौज को बारूद से नहला दिया. गौरतलब है कि अभी कुछ ही वक़्त पहले पाकिस्तान में भी स्कूल पर आतंकियों ने हमला किया था, जिसमे कई बच्चों व् अध्यापकों की जान चली गयी थी. इस घटना पर पाकिस्तान ने काफी बवाल मचाया था और भारत में भी इस घटना का विरोध किया गया था.

At the same time, the firing of a Pakistani soldier in the navigat sector was lost. After that, the army gave up the Pakistan Army with gunpowder while losing its temper. It is worth noting that at least a few days ago, in Pakistan, the school was attacked by terrorists, in which many children and teachers died. Pakistan had played a great deal on this incident and in India too the incident was opposed.

जिसके बाद पाक फ़ौज ने जिम्मेदार आतंकियों पर हवाई हमले करके उन्हें मार गिराया था. आज उसी पाकिस्तान को भारतीय बच्चों पर हमला करते शर्म नहीं आयी. इस नीचता का जो भी सबक उन्हें सिखाया जाए वो ही कम है.

After that, the Pak army had attacked and assaulted the responsible terrorists by attacking them. Today, the same Pakistan has not come ashamed to attack Indian children. The lesson that this lesson can be taught to them is very less.

यह भी देखे

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

https://youtu.be/hsfxfSRtdUs

टूट गया कश्मीर के लोगों की सहनशीलता का बाँध, निःशस्त्र ही किया ऐसा भयंकर कांड, भारतीय जवान भी हुए हैरान”

PM मोदी का मिशन कश्मीर सफल हो रहा है. जवानो को खुली छूट दिए जाने से और आतंकियों को मरते देख कश्मीर के लोग अब निर्भीक हो गए हैं. अपने मजबूत प्रधानमंत्री और मजबूत सेना के साथ के कारण अब ना तो वो आतंकियों के फरमानों से डरते हैं और ना ही उनके नापाक इरादों से. कश्मीरियों में आतंकियों के खिलाफ क्रोध इतना अधिक है कि वो अब उनसे भिड़ने से भी नहीं डरते. सोमवार देर शाम भी कश्मीर में एक ऐसा ही हैरतअंगेज मंजर देखने को मिला, जिसे देख आतंकियों की आँखों में आतंक छा गया.

PM Modi’s mission Kashmir is going to succeed The people of Kashmir have become fearless after leaving the jawans free and the terrorists die. Due to his strong prime minister and strong army, he is neither afraid of the orders of the terrorists nor his nefarious intentions. The anger against the terrorists in Kashmiris is so much that they are no longer afraid to confront them. In the late evening on Monday, a similar surprise angle was seen in Kashmir, which saw terror in the eyes of the terrorists.

गांव के लोगों ने ही ठोका भयानक आतंकी
दरअसल हुआ कुछ ऐसा कि कुछ आतंकियों ने शोपियां में सत्ताधारी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के हलका प्रधान व पूर्व सरपंच की उसके घर के बाहर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी. ये देख गांव के लोगों और नेता के परिजनों का गुस्सा फट पड़ा और उन्होंने आव-देखा ना ताव और आतंकियों पर निहत्थे ही टूट पड़े.

The people of the village have just hit the terrible terror
Indeed, it was something like that some terrorists had filled the bulk of the ruling People’s Democratic Party and the former sarpanch in Shopian after being shot dead by bullets outside his house. The anger of the people of the village and the leader of the leader was torn apart, and they were unaware of the necessity and the unarmed terrorists.

आतंकियों को गांव के लोगों से इसकी उम्मीद नहीं थी, जब तक वो कुछ समझ पाते, तब तक उनकी तबियत से धुनाई हो चुकी थी. लातों और घूंसों के बीच एक गांव वाले ने बी श्रेणी के खूंखार और पांच लाख के इनामी आतंकी शौकत अहमद फलाही की राइफल छीन ली और उसके सर का निशाना ले कर दाग दी.

The terrorists were not expecting it from the people of the village, till they understood something, their health had been washed away. Between the strangers and the buffaloes, a villager snatched the rifle of the B-class dreaded and five lakh of the renowned terrorist Shaukat Ahmad Falahi and targeted him with a target.

राइफल से खोपड़ी के परखच्चे उड़ा दिए
एक ही गोली से शौकत अहमद फलाही की खोपड़ी फट गयी, जबकि ये मंजर देख उसके दो अन्य आतंकी साथियों की जान हलक में आ गयी और वो सर पर पैर रखकर भाग खड़े हुए. शौकत 25 अक्टूबर 2016 को आतंकी बना था.

Blast the scalp with a rifle
Shaukat Ahmad Falahi’s skull was broken by the same bullet, while seeing the differences, the lives of two other militant associates came to a haphazardly and they ran away from the feet on the head. Shaukat was made terror on October 25, 2016.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आतंकियों के डर से पहले गांव के लोग कांपते और घबराते थे, मगर मोदी सरकार ने गांव के लोगों का साहस भी बढ़ा है. कांग्रेस के वक़्त में तो आतंकियों को मारने वालों को ही फंसा दिया जाता था और जेल में डाल दिया जाता था, यही वजह है कि पिछले 15 सालों में जम्मू-कश्मीर में ऐसा केवल तीन बार ही हुआ, जब ग्रामीणों ने किसी आतंकी को मौत के घाट उतारा हो.

For your information, tell that before the fear of terrorists, the people of the village were shivering and frightening, but the Modi government has also increased the courage of the people of the village. At the time of Congress, those who killed terrorists were trapped and thrown in jail, this is the reason that in the last 15 years, this happened only three times in Jammu and Kashmir when villagers killed a terrorist Take off

इससे पहले एक बार दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में बक्करवाल नाम के शख्स ने एक आतंकी को कुल्हाड़ी से काट डाला था. वहीँ जम्मू संभाग के राजौरी जिले में एक बहादुर लड़की रुखसाना ने आतंकी को कुल्हाड़ी से काट डाला था. जम्मू-कश्मीर पुलिस महानिदेशक डॉ. एसपी वैद ने भी ट्वीट कर इस घटना की जानकारी दी है

Earlier, once a man named Bakkarwal in Kulgam in south Kashmir, he had cut a terrorist with ax. In the Rajouri district of Jammu division, a brave girl Rukhsana had cut the terrorist with ax. Jammu and Kashmir Police Director Dr SP Vaid also tweeted the incident.

नेता को सेना का मुखबिर बता कर मारा
रात करीब आठ बजे स्वचालित हथियारों से लैस हिजबुल मुजाहिदीन के तीन आतंकी शोपियां जिले के जेनपोरा इमामसाहब के साथ सटे होमुन गांव में पहुंचे. आतंकी पीडीपी नेता मुहम्मद रमजान शेख (50) के घर में घुस गए और उसे बाहर ले आए. पीडीपी नेता के परिजन भी घर के बाहर आ गए. इसी बीच आतंकियों ने पीडीपी नेता के साथ मारपीट शुरू कर दी. आतंकियों के मुताबिक़ नेता सुरक्षा बलों का मुखबिर था और आतंकियों से जुडी जानकारी सेना तक पहुंचाता था.

Told the leader to be the informer of the army
At around eight o’clock in the night, three militants of Hizb-ul-Mujahideen, armed with automatic weapons, arrived in Homun village adjacent to Jenpora Imamsah of Shopian district. The terrorists entered the house of PDP leader Muhammad Ramzan Sheikh (50) and brought him out. The family of the PDP leader also came out of the house. Meanwhile, the terrorists started assault with the PDP leader. According to the militants, the leader was the informer of the security forces and used to bring the information related to the terrorists to the army.

इसी दौरान वहां शोर-शराबा सुनकर भारी संख्या में गांव वाले जमा हो गए और तभी आतंकियों का प्रतिरोध करने लगे. इसी दौरान आतंकियों ने अंधाधुंध गोलियों की बौछार कर दी, जिसमें पीडीपी नेता की जान चली गई. बस फिर क्या था, अपने सामने अपने ही नेता को मरते देख गांव वालों का माथा ठनक गया और वो आतंकियों से निहत्थे ही भिड़ गए.

In the meantime, a large number of villagers gathered in large numbers after listening to the noise and then started to resist the terrorists. In the meantime, the terrorists fired indiscriminate firing, in which the PDP leader’s life was lost. What was the matter, seeing the death of his own leader in front of him, the head of the villagers was shocked and he got confused with the terrorists.

बदल रहा है कश्मीर
आतंकियों की लातों-घूंसों से अच्छी सेवा की गयी. इस दौरान एक ग्रामीण ने आतंकी शौकत से उसकी राइफल छीनकर उसके सिर में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. शोपियां के एसएसपी एसआर अंबरकर ने बताया कि शौकत के अन्य दो साथियों को जिंदा अथवा मुर्दा पकड़ने के लिए पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली गई है और तलाशी अभियान जारी है.

Is changing k
Good service was done by the ghosts of the terrorists. During this time, a villager snatched his rifle from terror shock and shot him in his head, which killed him on his own spot. Shoppani’s SSP SR Ambarkar told that the other two companions of Shaukat have been segregated from the entire area to catch alive or alive and the search operations are in progress.

मानना पडेगा कि कश्मीर अब बदल रहा है. लोगों के दिल से आतंकियों का डर ख़त्म हो रहा है. पहले तो लोग आतंकियों की जानकारियां ही सेना तक पहुंचाते थे, मगर अब तो खुद ही आतंकियों का न्याय भी कर दे रहे हैं.

Must have to believe that Kashmir is now changing. Fear of terrorists is ending with the hearts of people. At first, people used to send information of terrorists to the army, but now they are also judging the terrorists themselves.

यह भी देखें :

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

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SOURCE POLITICAL REPORT

कारगिल के मुश्किल वक्त में इन दो मुस्लिम कंपनियों ने जूतें देने से किया था इंकार, जानिए फिर क्या हुआ इनका हाल !

कारगिल युद्ध एक ऐसा युद्ध है जिसके बारे में आज भी हर भारतीय बात करता है और पाकिस्तान की उस नीच हरकत के लिए पाक से नफरत करता है. कारगिल युद्ध के बीच कई ऐसी बातें हुईं थीं जिनसे आप आज भी अनजान हैं क्योंकि उन्हें कुछ लोगों ने कभी सामने ही नहीं आने दिया है. आज हम आपको भी कुछ ऐसा ही बताने वाले हैं जिसके बारे में जानकर आपको यकीन नहीं होगा.

Kargil war is a war about which every Indian speaks today and hates Pakistan for that lowly act of Pakistan. There have been many such things in the midst of the Kargil war, which you are still unaware of, because some people have never let them in front. Today, we are going to tell you something that you will not believe.

कारगिल का युद्ध तब शुरू हुआ था जब पाकिस्तान ने भारत को धोखा देते हुए कारगिल की पहाड़ी पर कब्ज़ा किया था लेकिन तभी सरकार ने युद्ध का आदेश देते हुए पाक के खिलाफ जंग छेड़ दी थी. टाइगर हिल की यह लड़ाई आज भी इतिहास के पन्नों की सबसे भयंकर लड़ाई है जिसको भारतीय सेना ने बड़ी ही बहादुरी से लड़ा था.

The battle of Kargil began when Pakistan had captured the hill of Kargil while cheating India, but at the same time, the government had waged a war against Pakistan by ordering the war. This battle of Tiger Hill is still the most fierce battle in the pages of history, which Indian army bravely fought with.

युद्ध के बीच भारतीय जवानों को संकरी पहाड़ियों में जाना होता था और काफी समय वहीं बिताना भी होता था, इसके लिए भारतीय सेना को स्पेशल माउंटेन जूते चाहिए थे.

Between the war, the Indian soldiers had to go to the narrow hills and spend much time there, for this, the Indian army wanted the special mountain shoes.

आपको बता दें भारतीय सेना के पास उस समय “7,8,9,10 नंबर के स्पेशल माउंटेन जूते तो थे लेकिन गोरखा सैनिकों के लिए उससे कम साइज़ के छोटे जूते स्टॉक में नहीं थे”

Let us tell you that the Indian Army had “7,8,9,10 number of special mountain shoes at that time” but for the Gurkha soldiers, little shoe shoes were not in stock ”

 

अब ऐसे में भारतीय सेना के लिए जूतों की मांग की गयी, आपको बता दें उन दिनों भारतीय सेना के लिए कानपुर की एक कंपनी जूते बनाती थी लेकिन उस कंपनी ने इमरजेंसी के वक्त भारतीय सेना को जूते देने से मना कर दिया. आपको बता दें दोनों कंपनी जो भारत के लिए जूते बनाती थीं वो मुस्लिमों की थीं क्योंकि तब ज़्यादातर चमड़े के उध्ह्योग पर मुस्लिमों का राज़ था. मिर्ज़ा टैनर्स (Brand Name – Red Tape) और सुपरहाउस टेनरी (Brand Name – Lee Cooper) ने भारत के लिए जूते मनाने से मना किया जिसके बाद भारतीय सेना काफी परेशानी में थी.

Now, for the Indian army, there was a demand for shoes, let us tell you that a company of Kanpur made shoes for the Indian Army, but the company refused to give it to the Indian Army at the time of the Emergency. Let us tell you that the two companies who made shoes for India were Muslims, because then most of the leather was the secret of Muslims. The brand name – Red Tape and the brand name – Lee Cooper, refused to celebrate India’s shoes, after which the Indian army was in a lot of trouble.

ऐसे समय में कानपुर की एक कंपनी ने भारतीय सेना की मदद की जिसके निर्देशक नीरज गुप्ता हैं, उनकी कंपनी जिसका नाम MKU INDUSTRIES है ने एक महीने से भी कम समय में भारतीय सेना को 10,000 से ज्यादा जूते दिए थे. आगे आप जानते ही हैं कि कैसे भारतीय जवानों ने बहादुरी से लड़ते हुए नीच पाक को खदेड़ा था, दोस्तों आज भी भारतीय सेना के कई ऐसे किस्से हैं जिनके बारे मिएँ आप नहीं जानते होंगे इस जानकारी को सभी को बताएं. हमें गर्व है हमारी सेना पर…

At such a time, a company of Kanpur helped the Indian Army, whose director Neeraj Gupta, whose company, MKU Industries, has given more than 10,000 shoes to the Indian Army in less than a month. Next you know how Indian soldiers had bravely drove down the Pakistani side, friends still have many such tales of the Indian Army, whom you do not know, tell this information to everyone. We are proud of our army …

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source zee news

ब्रेकिंग:पाकिस्तान की एक और ऐसी नापाक हरकत का हुआ पर्दाफ़ाश अब भारत सरकार की ही..

पाकिस्तान की एक और नापाक हरकत, अब भारत सरकार की वेबसाइट्स को किया ब्लॉक
आतंकियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान की एक और नापाक हरकत सामने आई है। राजनयिक विवाद के अब पाकिस्तान ने gov.in डोमेन वाली सभी भारत सरकार की वेबसाइट्स को ब्लॉक कर दिया है।

Another disrespectful act of Pakistan, now the block of Indian government websites
Another disrespectful offensive of Pakistan, which has sheltered the terrorists, has come out. Now Pakistan has blocked the websites of all the Government of India, gov.in domain of diplomatic dispute.


इसके साथ ही पाकिस्‍तान ने 19 से 20 मार्च को दिल्‍ली में होने वाली वर्ल्‍ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (डब्‍लूयटीओ) की मीटिंग में हिस्‍सा लेने से भी इनकार कर दिया है।

At the same time, Pakistan has refused to participate in the meeting of World Trade Organization (WTO) in Delhi from March 19 to 20.

भारतीय अधिकारियों के अनुसार पाकिस्तान ने ऐसा इसलिए किया है ताकि उसके देश में स्थित भारतीय राजनयिक और अधिकारी अपनी ही सरकारी वेबसाइट्स को ना देख सकें। हालांकि भारतीय उच्चायोग के पास ऐसी कई शिकायतें आई हैं जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तानी नागरिक भारतीय वीजा के फॉर्म को डाउनलोड नहीं कर पा रहे हैं।

According to Indian officials, Pakistan has done this so that Indian diplomats and officers located in the country can not see their own government websites. Although the Indian High Commission has many such complaints, it has been said that Pakistani citizens are unable to download the Indian visa form.


राजनयिक सूत्र ने बताया कि 19-20 मार्च को होने वाली डब्‍लूयटीओ मंत्री बैठक से पाकिस्तान ने खुद को अलग कर लिया है। पाक के इस कदम से राजनयिक विवाद के और बढ़ने के आसार हैं।

Diplomatic sources said that Pakistan has separated itself from the WTO ministerial meeting to be held on March 19-20. This move of Pakistan is expected to increase the diplomatic dispute

गौरतलब है कि पिछलों दिनो पाकिस्तान ने भारत पर उनके राजनयिकों के उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इसके बाद पाकिस्तान ने अपने राजनयिक को वापस भी बुला लिया।

Significantly, on the previous day, Pakistan had accused India of harassment of its diplomats. After this, Pakistan called back his diplomat too.

भारत में नियुक्‍त अपने उच्‍चायुक्‍त सोहेल महमूद को पाकिस्तान ने यह कहते हुए वापस बुला लिया कि उन्‍हें नई दिल्‍ली में परेशान किया जा रहा है। जबकि हकीकत इसके विपरीत है पाकिस्‍तान में रह रहे भारत के उच्‍चायुक्‍त व उनके परिवार को मुश्‍किलों का सामना करना पड़ रहा है।

Pakistan has summoned Sohail Mahmood, who is appointed by India, saying he is being harassed in New Delhi. While the reality is the opposite, the high commissioner and his family living in Pakistan are facing difficulties

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बड़ी खबर: मोदी जी ने रोहिंग्या मुस्लिमों के खिलाफ सुनाया सनसनी खेज फरमान, यूएन के उड़े होश- सारे मुस्लिमो में मचा आतंक

नई दिल्ली : इस वक़्त सिर्फ हिंदुस्तान में ही नहीं बल्कि म्यांमार, नेपाल में रोहिंग्या मुसलमानों का मुद्दे ने आग पकड़ ली है. म्यांमार में ज़बरदस्त तरीके से जनसँख्या बढ़ाने के बाद इन्होने म्यांमार में जो ग़दर मचाया उसे देख शांतिप्रिय समुदाय बौद्ध का भी सब्र का बांध टूट गया. इसी बीच बेहद चौंकाने वाली खबर आ रही है हिंदुस्तान के लिए नासूर बन चुके 40,000 रोहिंग्या मुसलमानों पर मोदी सरकार ने फैसला सुना दिया है.

New Delhi: At present the issue of Rohingya Muslims in Myanmar and Nepal has caught fire only, not only in India. After raising the population in Myanmar, the demise of the pacifist community Buddhists, which they saw in Myanmar, was broken. Meanwhile, the news of the most shocking news is that the Modi government has heard the verdict on 40,000 Rohingya Muslims who have become canvas for Hindustan.

मोदी सरकार का रोहिंग्या मुसलमानों के खिलाफ ज़बरदस्त फैसला
अभी-अभी बहुत बड़ी खबर आ रही है जिसके मुताबिक मोदी सरकार ने अवैध रूप से रह रहे सभी रोहिंग्या मुसलमानों को देश से निकालने के लिए बड़ा शानदार फैसला सुनाया है. आपको बता दें अभी दो दिन पहले ही सुप्रीमकोर्ट ने मोदी सरकार से रोहिंग्या मुसलमानों पर क्या एक्शन ले ये सवाल पूछा था. जिसके जवाब में गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश को अवैध तरीके से रह रहे रोहिंग्या मुसलमानों की पहचान कर उन्हें देश से बहार निकालने के आदेश दे दिए हैं.

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Modi government’s strong decision against Rohingya Muslims
Very big news is coming up just recently, according to which the Modi government has given a great decree to remove all Rohingya Muslims from the country illegally from the country. Let me tell you just two days ago, the Supreme Court asked this question about the action taken by the Modi government on Rohingya Muslims. In response, the Home Ministry has ordered all the states and Union Territories to identify Rohingya Muslims illegally and remove them from the country.

हिंदुस्तान के बाहर निकाल फेंकने के दिए आदेश
हिंदुस्तान में रह रहे सभी रोहिंग्या मुसलमानों को खतरा बताते हुए ये एडवाइजरी जारी करी है कि जल्द से जल्द से सभी राज्य उन्हें देश से बहार निकाल दें. इस एडवाइजरी की तस्वीर सभी सबूत मांगने वालों और फेक खबर बोलने वालों की छाती में उठ रही जलन को बुझाने के लिए नीचे लगायी गयी है. इस रिपोर्ट में रोहिंग्या मुसलमानों को देश के लिए बड़ा खतरा बताया गया है.

Ordered to throw out of India
All Rohingya Muslims who are living in Hindustan have issued these advocacy threatening that all the states should remove them from the earliest. The picture of this advisory is put down to extinguish the burning sensation in the chest of all who seek and ask the newspersons. In this report Rohingya Muslims are said to be a big threat to the country.

आतंकी खतरा हैं रोहिंग्या मुस्लिम
यही नहीं इंटेलीजेंस सूत्रों के मुताबिक भविष्य में खूंखार आतंकी संगठन रोहिंग्या मुसलमानों को हिंदुस्तान के खिलाफ बड़ी आतंकी वारदात में इस्तेमाल कर सकते हैं. आपको बता दें म्यांमार से खदेड़ने के बाद लाखों मुस्लिमों ने बांग्लादेश में शरण ली है तो कुछ नेपाल और करीब 40,000 के भारत में अवैध रूप से घुस आये हैं.

Rohingyas are threatened by terrorists
Not only this, according to the intelligence sources, in future, the dreaded terrorist organization Rohingya Muslims can be used in a big terror attack against India. Let me tell you that if millions of Muslims have taken shelter in Bangladesh after being expelled from Myanmar, then some Nepal and about 40,000 Indians have entered illegally in India.

भारत में भी कई आतंकी हमलों और ढेरों छोटे-बड़े दंगों में इस रोहिंग्या समुदाय के लोगों के नाम सामने आ चुके हैं. आपको बता दें हिंदुस्तान में एक जाली आधार कार्ड बनाना कोई बड़ी बात नहीं है. देश भर के शहरों में फैले रोहिंगिया अब राशन कार्ड और आधार कार्ड बनवाने के जुगत में हैं ताकि खुद को भारतीय बना सकें. ऐसे में गृह मंत्रालय का इन्हे देश से निकाल फेंकने का फैसला बिलकुल सही समय पर आया है.

In India, names of people of this Rohingya community have been exposed in various terrorist attacks and numerous minor riots. It is not a big deal to make a fake card in India. Rohingya, spread across cities across the country, is now in the process of creating ration cards and Aadhar cards so that they can make themselves Indians. In such a way, the decision of the Home Ministry to expel them from the country has come at the right time.

कोई भी मुस्लिम देश इन्हे नहीं रखना चाहता
रोहिंगिया मुसलमानों के मानवाधिकारों को लेकर दुनिया भर में इस्लामी देश अभियान तो चला रहे हैं, लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि खुद इस्लामी देश इनको अपने यहां जगह देने को तैयार नहीं हैं. लेकिन हमारे ही देश के कुछ वामपंथी लेखक और पत्रकार इनको भारत में शरण देने की वकालत कर रहे हैं. यही नहीं सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रहे हैं हैं.

No Muslim country wants to keep these
The Rohingya Muslims are campaigning for the rights of Islamists across the world, but it is a matter of fact that Islamic countries themselves are not ready to give them a place here. But some leftist writers and journalists from our own country are advocating shelter in India. Not only are the petition filed in the Supreme Court.

इसे पीएम मोदी के म्यांमार दौरे की सबसे बड़ी जीत बताई जा रही है क्यूंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमों का मुद्दा उठाने के बाद ही यह एडवाइजरी सामने आई है. पीएम मोदी ने रोहिंग्या मुसलमानों का जिक्र करते हुए कहा कि म्यांमार की चिंता में हम भागीदार हैं और उनकी हर संभव मदद करने के लिए तैयार हैं.

This is being said to be the biggest victory of PM Modi’s visit to Myanmar, because this Advisory has emerged after raising the issue of Rohingya Muslims by Prime Minister Narendra Modi in Myanmar. Referring to the Rohingya Muslims, PM Modi said that we are partners in Myanmar’s concern and are ready to give them all possible help.

भारत में भी कई आतंकी हमलों और ढेरों छोटे-बड़े दंगों में इस रोहिंग्या समुदाय के लोगों के नाम सामने आ चुके हैं. आपको बता दें हिंदुस्तान में एक जाली आधार कार्ड बनाना कोई बड़ी बात नहीं है. देश भर के शहरों में फैले रोहिंगिया अब राशन कार्ड और आधार कार्ड बनवाने के जुगत में हैं ताकि खुद को भारतीय बना सकें. ऐसे में गृह मंत्रालय का इन्हे देश से निकाल फेंकने का फैसला बिलकुल सही समय पर आया है.

In India, names of people of this Rohingya community have been exposed in various terrorist attacks and numerous minor riots. It is not a big deal to make a fake card in India. Rohingya, spread across cities across the country, is now in the process of creating ration cards and Aadhar cards so that they can make themselves Indians. In such a way, the decision of the Home Ministry to expel them from the country has come at the right time.

कोई भी मुस्लिम देश इन्हे नहीं रखना चाहता
रोहिंगिया मुसलमानों के मानवाधिकारों को लेकर दुनिया भर में इस्लामी देश अभियान तो चला रहे हैं, लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि खुद इस्लामी देश इनको अपने यहां जगह देने को तैयार नहीं हैं. लेकिन हमारे ही देश के कुछ वामपंथी लेखक और पत्रकार इनको भारत में शरण देने की वकालत कर रहे हैं. यही नहीं सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रहे हैं हैं.

No Muslim country wants to keep these
The Rohingya Muslims are campaigning for the rights of Islamists across the world, but it is a matter of fact that Islamic countries themselves are not ready to give them a place here. But some leftist writers and journalists from our own country are advocating shelter in India. Not only are the petition filed in the Supreme Court.

इसे पीएम मोदी के म्यांमार दौरे की सबसे बड़ी जीत बताई जा रही है क्यूंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमों का मुद्दा उठाने के बाद ही यह एडवाइजरी सामने आई है. पीएम मोदी ने रोहिंग्या मुसलमानों का जिक्र करते हुए कहा कि म्यांमार की चिंता में हम भागीदार हैं और उनकी हर संभव मदद करने के लिए तैयार हैं.

This is being said to be the biggest victory of PM Modi’s visit to Myanmar, because this Advisory has emerged after raising the issue of Rohingya Muslims by Prime Minister Narendra Modi in Myanmar. Referring to the Rohingya Muslims, PM Modi said that we are partners in Myanmar’s concern and are ready to give them all possible help.

यह भी देखे

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SOURCE POLITICAL REPORT