अभी-अभी – कश्मीर में महबूबा मुफ़्ती ने लिया ऐसा हाहाकारी फैसला, PM मोदी समेत सारा देश रह गया दंग…

कश्मीर : घाटी में एक तरफ भारतीय सेना के जवान सीमापार से आतंकवादियों से निपट रहे हैं और घाटी में मौजूद उन आतंकियों के टुकड़ों पर पलने वाले समर्थक पत्थरबाजों से भी निपट रहे हैं. हाल ही में बेहद गंभीर मामला सामने आया जब पत्थरबाजों ने सेना के जवान को ज़िंदा जलाने की कोशिश करी और सेना के 4 वाहनों में आग लगा दी.

Kashmir: On one hand, the Indian Army personnel are handling the terrorists from across the border and supporters on the pieces of those terrorists present in the valley are also dealing with stone makers. Recently, a very serious case came up when the stonebirds tried to burn the army personnel alive and set fire to the four vehicles of the army.

अपनी जान पर बनती देख जवानों को आत्मरक्षा में फायरिंग करनी पड़ी जिसमे अब तक तीन पत्थरबाज मारे जा चुके हैं. लेकिन इसके बदले में सीएम महबूबा मुफ़्ती ने सेना पर ही FIR दर्ज़ करवा दी. तो वहीँ अब सीएम साहिबा का इससे भी मन नहीं भरा तो उन्होंने एक और हैरतंअगेज़ एलान कर दिया है जिसे देख आज पूरा देश हैरान है.

Seeing their lives, soldiers were fired into self-defense in which three stone slabs have been killed so far. But in return CM Mehbooba Mufti filed FIR on the army. So now that CM Sahib does not even mind it, he has announced another surprise, which the entire country is surprised to see today.

सीएम महबूबा सरकार की मेहरबानी, 9730 पत्थरबाजों को किया माफ
अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक सीएम महबूबा मुफ़्ती ने बड़ा ही बेशर्मी भरा फैसला लिया है. कश्मीर में पिछले 10 सालों में भारतीय सेना के जवानों पर पथराव करने वाले 9730 पत्थरबाजों को सीएम महबूबा मुफ्ती ने माफ कर दिया है. सभी पत्थरबाजों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने को मंजूरी दी है. जिन लोगों के खिलाफ मामले वापस लिए जाने हैं उसमें पहली बार अपराध करने वाले लोग भी शामिल हैं. बता दें मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती शुरू से ही पत्थर बरसाने वाले कश्मीर के युवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई न करने की हिमायत करती आ रही हैं.

CM Mehbooba’s Government, sorry for 9730 stone-makers
According to the big news now available, CM Mehbooba Mufti has taken a very shameless decision. CM Mehbooba Mufti has forgiven 9730 stone-bearers who pelted stones at Indian Army troops in Kashmir in the last 10 years. All stones have been approved to withdraw cases registered against them. People who are to be withdrawn for the first time include those who committed the crime for the first time. Let me tell you Chief Minister Mehbooba Mufti has been advocating not to take strict action against the youth of Kashmir who started rocks from the beginning.

सेना के जवानो के घावों पर रगड़ा नमक
एक तरफ सेना पर FIR दर्ज़ कर दी जाती है. इसका गुस्सा अभी देशभर में शांत भी नहीं हुआ था कि अब सेना के जवानो के घावों पर नमक रगड़ने का काम कर दिया गया है. ये पत्थरबाज एक whtsapp मैसेज पर आतंकवादी को अपना भाई बताते हुए सेना को घेरते हुए पत्थर बरसाना शुरू कर देते हैं. जिसके बाद मौका पा कर कई बार सेना के हाथ से खूंखार आतंकवादी निकल भी चुके हैं. ये पाकिस्तान और ISIS का झंडा लहराते हैं, सेना के बंकर पर हमला करते हैं.

Ragra salt on the wounds of army personnel
On one side the FIR is filed on the army. Its anger was not even calm in the country even now that the work of rubbing salt on the wounds of the soldiers was done. These stone-bearers, while describing the terrorists as their brothers on a whtsapp message, begin to rain stones while encircling the army. After that, many times the terrorists have also fled from the hands of the army. They waving the flag of Pakistan and ISIS, attack the army bunker.

महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को कहा कि 1,745 मामले वापस लेने की कार्रवाई कुछ शर्तों पर निर्भर करेगी. वहीं, मामले की पड़ताल के लिए गठित समिति की सिफारिशों पर बाकी को माफी दी जा रही है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने 4,000 से अधिक लोगों को आम माफी देने की सिफारिश की है. ये लोग पिछले दो वर्षों में पथराव जैसी मामूली घटनाओं में शामिल रहे हैं.

वोटबैंक के लिए अंधे हुए नेता
बताइये पत्थरबाज़ी को ये लोग मामूली घटना बताते हैं. अपने वोटबैंक को बचाने के लिए आज हमरे देश के नेता इस कदर गिर चुके हैं कि ये सेना के जवानों की भी आहुति देने से पीछे नहीं हटते. कल ही सीएम महबूबा मुफ़्ती ने एक और बड़ी बात कही थी कि पीओके के लोगों को भी कश्मीर में आने दिया जाय. कश्मीर में पर्यटन को बढ़ाया जाय. यहाँ सीएम को उन कश्मीरी पंडितों की याद नहीं है जिन्हे उनके अपने घरों से भागने पर मज़बूर किया गया.

Blind leaders for votebank
Tell these stones to be a minor phenomenon. To save our vote bank, our country’s leaders have fallen in such a way that they do not wander from sacrificing the soldiers of the army. Tomorrow Mehbooba Mufti had said another big thing that people of PoK should also be allowed to come to Kashmir. Tourism should be increased in Kashmir. Here CM does not remember the Kashmiri scholars who were forced to flee from their homes.

मुफ्ती ने कहा कि वह पहली बार अपराध में शामिल लोगों के ब्योरे का खुलासा ऐसे लोगों और उनके परिवार की सुरक्षा की वजह से नहीं करेंगी. उन्होंने कहा कि 2016 और 2017 के बीच 3773 मामले दर्ज किये गए. इनमें 11 हजार 290 लोगों को गिरफ्तार किया गया है 233 का अब तक पता नहीं लगा है. गौरतलब है कि हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर घाटी में काफी अशांति बढ़ी है. मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2016 में 2904 मामले दर्ज किये गए और 8570 लोगों को पथराव करने की घटनाओं के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया, वहीं 2017 में दर्ज मामलों की संख्या घटकर 869 हो गई. इस संबंध में 2720 लोगों को गिरफ्तार किया गया.

कश्मीर : घाटी में एक तरफ भारतीय सेना के जवान सीमापार से आतंकवादियों से निपट रहे हैं और घाटी में मौजूद उन आतंकियों के टुकड़ों पर पलने वाले समर्थक पत्थरबाजों से भी निपट रहे हैं. हाल ही में बेहद गंभीर मामला सामने आया जब पत्थरबाजों ने सेना के जवान को ज़िंदा जलाने की कोशिश करी और सेना के 4 वाहनों में आग लगा दी.

Kashmir: On one hand, the Indian Army personnel are handling the terrorists from across the border and supporters on the pieces of those terrorists present in the valley are also dealing with stone makers. Recently, a very serious case came up when the stonebirds tried to burn the army personnel alive and set fire to the four vehicles of the army.

अपनी जान पर बनती देख जवानों को आत्मरक्षा में फायरिंग करनी पड़ी जिसमे अब तक तीन पत्थरबाज मारे जा चुके हैं. लेकिन इसके बदले में सीएम महबूबा मुफ़्ती ने सेना पर ही FIR दर्ज़ करवा दी. तो वहीँ अब सीएम साहिबा का इससे भी मन नहीं भरा तो उन्होंने एक और हैरतंअगेज़ एलान कर दिया है जिसे देख आज पूरा देश हैरान है.

Seeing their lives, soldiers were fired into self-defense in which three stone slabs have been killed so far. But in return CM Mehbooba Mufti filed FIR on the army. So now that CM Sahib does not even mind it, he has announced another surprise, which the entire country is surprised to see today.

सीएम महबूबा सरकार की मेहरबानी, 9730 पत्थरबाजों को किया माफ
अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक सीएम महबूबा मुफ़्ती ने बड़ा ही बेशर्मी भरा फैसला लिया है. कश्मीर में पिछले 10 सालों में भारतीय सेना के जवानों पर पथराव करने वाले 9730 पत्थरबाजों को सीएम महबूबा मुफ्ती ने माफ कर दिया है. सभी पत्थरबाजों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने को मंजूरी दी है. जिन लोगों के खिलाफ मामले वापस लिए जाने हैं उसमें पहली बार अपराध करने वाले लोग भी शामिल हैं. बता दें मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती शुरू से ही पत्थर बरसाने वाले कश्मीर के युवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई न करने की हिमायत करती आ रही हैं.

CM Mehbooba’s Government, sorry for 9730 stone-makers
According to the big news now available, CM Mehbooba Mufti has taken a very shameless decision. CM Mehbooba Mufti has forgiven 9730 stone-bearers who pelted stones at Indian Army troops in Kashmir in the last 10 years. All stones have been approved to withdraw cases registered against them. People who are to be withdrawn for the first time include those who committed the crime for the first time. Let me tell you Chief Minister Mehbooba Mufti has been advocating not to take strict action against the youth of Kashmir who started rocks from the beginning.

सेना के जवानो के घावों पर रगड़ा नमक
एक तरफ सेना पर FIR दर्ज़ कर दी जाती है. इसका गुस्सा अभी देशभर में शांत भी नहीं हुआ था कि अब सेना के जवानो के घावों पर नमक रगड़ने का काम कर दिया गया है. ये पत्थरबाज एक whtsapp मैसेज पर आतंकवादी को अपना भाई बताते हुए सेना को घेरते हुए पत्थर बरसाना शुरू कर देते हैं. जिसके बाद मौका पा कर कई बार सेना के हाथ से खूंखार आतंकवादी निकल भी चुके हैं. ये पाकिस्तान और ISIS का झंडा लहराते हैं, सेना के बंकर पर हमला करते हैं.

Ragra salt on the wounds of army personnel
On one side the FIR is filed on the army. Its anger was not even calm in the country even now that the work of rubbing salt on the wounds of the soldiers was done. These stone-bearers, while describing the terrorists as their brothers on a whtsapp message, begin to rain stones while encircling the army. After that, many times the terrorists have also fled from the hands of the army. They waving the flag of Pakistan and ISIS, attack the army bunker.

महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को कहा कि 1,745 मामले वापस लेने की कार्रवाई कुछ शर्तों पर निर्भर करेगी. वहीं, मामले की पड़ताल के लिए गठित समिति की सिफारिशों पर बाकी को माफी दी जा रही है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने 4,000 से अधिक लोगों को आम माफी देने की सिफारिश की है. ये लोग पिछले दो वर्षों में पथराव जैसी मामूली घटनाओं में शामिल रहे हैं.

वोटबैंक के लिए अंधे हुए नेता
बताइये पत्थरबाज़ी को ये लोग मामूली घटना बताते हैं. अपने वोटबैंक को बचाने के लिए आज हमरे देश के नेता इस कदर गिर चुके हैं कि ये सेना के जवानों की भी आहुति देने से पीछे नहीं हटते. कल ही सीएम महबूबा मुफ़्ती ने एक और बड़ी बात कही थी कि पीओके के लोगों को भी कश्मीर में आने दिया जाय. कश्मीर में पर्यटन को बढ़ाया जाय. यहाँ सीएम को उन कश्मीरी पंडितों की याद नहीं है जिन्हे उनके अपने घरों से भागने पर मज़बूर किया गया.

Blind leaders for votebank
Tell these stones to be a minor phenomenon. To save our vote bank, our country’s leaders have fallen in such a way that they do not wander from sacrificing the soldiers of the army. Tomorrow Mehbooba Mufti had said another big thing that people of PoK should also be allowed to come to Kashmir. Tourism should be increased in Kashmir. Here CM does not remember the Kashmiri scholars who were forced to flee from their homes.

मुफ्ती ने कहा कि वह पहली बार अपराध में शामिल लोगों के ब्योरे का खुलासा ऐसे लोगों और उनके परिवार की सुरक्षा की वजह से नहीं करेंगी. उन्होंने कहा कि 2016 और 2017 के बीच 3773 मामले दर्ज किये गए. इनमें 11 हजार 290 लोगों को गिरफ्तार किया गया है 233 का अब तक पता नहीं लगा है. गौरतलब है कि हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर घाटी में काफी अशांति बढ़ी है. मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2016 में 2904 मामले दर्ज किये गए और 8570 लोगों को पथराव करने की घटनाओं के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया, वहीं 2017 में दर्ज मामलों की संख्या घटकर 869 हो गई. इस संबंध में 2720 लोगों को गिरफ्तार किया गया.

अभी-अभी – कश्मीर में महबूबा मुफ़्ती ने लिया ऐसा हाहाकारी फैसला, PM मोदी समेत सारा देश रह गया दंग…

कश्मीर : घाटी में एक तरफ भारतीय सेना के जवान सीमापार से आतंकवादियों से निपट रहे हैं और घाटी में मौजूद उन आतंकियों के टुकड़ों पर पलने वाले समर्थक पत्थरबाजों से भी निपट रहे हैं. हाल ही में बेहद गंभीर मामला सामने आया जब पत्थरबाजों ने सेना के जवान को ज़िंदा जलाने की कोशिश करी और सेना के 4 वाहनों में आग लगा दी.

Kashmir: On one hand, the Indian Army personnel are handling the terrorists from across the border and supporters on the pieces of those terrorists present in the valley are also dealing with stone makers. Recently, a very serious case came up when the stonebirds tried to burn the army personnel alive and set fire to the four vehicles of the army.

अपनी जान पर बनती देख जवानों को आत्मरक्षा में फायरिंग करनी पड़ी जिसमे अब तक तीन पत्थरबाज मारे जा चुके हैं. लेकिन इसके बदले में सीएम महबूबा मुफ़्ती ने सेना पर ही FIR दर्ज़ करवा दी. तो वहीँ अब सीएम साहिबा का इससे भी मन नहीं भरा तो उन्होंने एक और हैरतंअगेज़ एलान कर दिया है जिसे देख आज पूरा देश हैरान है.

Seeing their lives, soldiers were fired into self-defense in which three stone slabs have been killed so far. But in return CM Mehbooba Mufti filed FIR on the army. So now that CM Sahib does not even mind it, he has announced another surprise, which the entire country is surprised to see today.

सीएम महबूबा सरकार की मेहरबानी, 9730 पत्थरबाजों को किया माफ
अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक सीएम महबूबा मुफ़्ती ने बड़ा ही बेशर्मी भरा फैसला लिया है. कश्मीर में पिछले 10 सालों में भारतीय सेना के जवानों पर पथराव करने वाले 9730 पत्थरबाजों को सीएम महबूबा मुफ्ती ने माफ कर दिया है. सभी पत्थरबाजों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने को मंजूरी दी है. जिन लोगों के खिलाफ मामले वापस लिए जाने हैं उसमें पहली बार अपराध करने वाले लोग भी शामिल हैं. बता दें मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती शुरू से ही पत्थर बरसाने वाले कश्मीर के युवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई न करने की हिमायत करती आ रही हैं.

CM Mehbooba’s Government, sorry for 9730 stone-makers
According to the big news now available, CM Mehbooba Mufti has taken a very shameless decision. CM Mehbooba Mufti has forgiven 9730 stone-bearers who pelted stones at Indian Army troops in Kashmir in the last 10 years. All stones have been approved to withdraw cases registered against them. People who are to be withdrawn for the first time include those who committed the crime for the first time. Let me tell you Chief Minister Mehbooba Mufti has been advocating not to take strict action against the youth of Kashmir who started rocks from the beginning.

सेना के जवानो के घावों पर रगड़ा नमक
एक तरफ सेना पर FIR दर्ज़ कर दी जाती है. इसका गुस्सा अभी देशभर में शांत भी नहीं हुआ था कि अब सेना के जवानो के घावों पर नमक रगड़ने का काम कर दिया गया है. ये पत्थरबाज एक whtsapp मैसेज पर आतंकवादी को अपना भाई बताते हुए सेना को घेरते हुए पत्थर बरसाना शुरू कर देते हैं. जिसके बाद मौका पा कर कई बार सेना के हाथ से खूंखार आतंकवादी निकल भी चुके हैं. ये पाकिस्तान और ISIS का झंडा लहराते हैं, सेना के बंकर पर हमला करते हैं.

Ragra salt on the wounds of army personnel
On one side the FIR is filed on the army. Its anger was not even calm in the country even now that the work of rubbing salt on the wounds of the soldiers was done. These stone-bearers, while describing the terrorists as their brothers on a whtsapp message, begin to rain stones while encircling the army. After that, many times the terrorists have also fled from the hands of the army. They waving the flag of Pakistan and ISIS, attack the army bunker.

महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को कहा कि 1,745 मामले वापस लेने की कार्रवाई कुछ शर्तों पर निर्भर करेगी. वहीं, मामले की पड़ताल के लिए गठित समिति की सिफारिशों पर बाकी को माफी दी जा रही है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने 4,000 से अधिक लोगों को आम माफी देने की सिफारिश की है. ये लोग पिछले दो वर्षों में पथराव जैसी मामूली घटनाओं में शामिल रहे हैं.

वोटबैंक के लिए अंधे हुए नेता
बताइये पत्थरबाज़ी को ये लोग मामूली घटना बताते हैं. अपने वोटबैंक को बचाने के लिए आज हमरे देश के नेता इस कदर गिर चुके हैं कि ये सेना के जवानों की भी आहुति देने से पीछे नहीं हटते. कल ही सीएम महबूबा मुफ़्ती ने एक और बड़ी बात कही थी कि पीओके के लोगों को भी कश्मीर में आने दिया जाय. कश्मीर में पर्यटन को बढ़ाया जाय. यहाँ सीएम को उन कश्मीरी पंडितों की याद नहीं है जिन्हे उनके अपने घरों से भागने पर मज़बूर किया गया.

Blind leaders for votebank
Tell these stones to be a minor phenomenon. To save our vote bank, our country’s leaders have fallen in such a way that they do not wander from sacrificing the soldiers of the army. Tomorrow Mehbooba Mufti had said another big thing that people of PoK should also be allowed to come to Kashmir. Tourism should be increased in Kashmir. Here CM does not remember the Kashmiri scholars who were forced to flee from their homes.

मुफ्ती ने कहा कि वह पहली बार अपराध में शामिल लोगों के ब्योरे का खुलासा ऐसे लोगों और उनके परिवार की सुरक्षा की वजह से नहीं करेंगी. उन्होंने कहा कि 2016 और 2017 के बीच 3773 मामले दर्ज किये गए. इनमें 11 हजार 290 लोगों को गिरफ्तार किया गया है 233 का अब तक पता नहीं लगा है. गौरतलब है कि हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर घाटी में काफी अशांति बढ़ी है. मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2016 में 2904 मामले दर्ज किये गए और 8570 लोगों को पथराव करने की घटनाओं के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया, वहीं 2017 में दर्ज मामलों की संख्या घटकर 869 हो गई. इस संबंध में 2720 लोगों को गिरफ्तार किया गया.

यह भी देखे

https://youtu.be/BVuWDLCqpCM

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sourcename:political report

हिन्दू कर सेवकों की सबसे बड़ी जीत, शाबरमति एक्सप्रेस अग्निकांड में हुआ ये बड़ा खुलासा, PM मोदी-शाह ख़ुशी से पागल..

अहमदाबाद: साल 2002 में हुए गोधरा ट्रेन अग्निकांड में 16 साल से फरार एक आरोपी को गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है. एक अधिकारी ने इस संबंध में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि गोधरा बी डिविजन पुलिस की एक टीम ने याकूब पटालिया (63) को गोधरा से गिरफ्तार किया. उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि उसे मंगलवार सुबह एक इलाके में देखा गया. उन्होंने बताया कि गश्त के दौरान पुलिस को आरोपी की मौजूदगी के बारे में सूचना मिली. उसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

Ahmedabad: In the 2002 Godhra train fire, one of the accused, who has been absconding for 16 years, has been successful in arresting the Gujarat Police. An official informed about this. He told that a team of Godhra B division police arrested Yakub Patalia (63) from Godhra. He told that the secret information was received that he was seen in an area on Tuesday morning. He informed that during the patrol, the police received information about the presence of the accused. After that, he was arrested while taking immediate action.

पटालिया को एसआईटी को सौंपा जाएगा
अधिकारी ने बताया कि पटालिया को विशेष जांच टीम (एसआईटी) को सौंप दिया जाएगा जो मामले की जांच कर रही है. पटालिया पर उस भीड़ में शामिल होने का आरोप है जिसने 27 फरवरी 2002 को गोधरा रेलवे स्टेशन के पास साबरमती रेलवे स्टेशन के पास साबरमती एक्सप्रेस के डिब्बों में आग लगाई थी.

PATALIA TO BE SIGNED TO SIT
The officer said that Patalia will be handed over to the Special Investigation Team (SIT), who is investigating the matter. The Patiala is accused of joining the crowd who had set fire to the compartments of Sabarmati Express near Sabarmati railway station near Godhra railway station on February 27, 2002.

उसके खिलाफ सितंबर 2002 में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. साथ ही उस पर खिलाफ आईपीसी और रेलवे कानून के विभिन्न प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए. पुलिस ने बताया कि घटना के बाद से ही पटालिया फरार था.

An FIR was lodged against him in September 2002. Alongside it, allegations were made against him under different provisions of IPC and Railway Law. The police said that since the incident, Pantialia was absconding.

आरोपी का भाई भी हुआ था गिरफ्तार
पटालिया के एक भाई कादिर पटालिया को भी 2015 में गिरफ्तार किया गया था और सुनवाई के दौरान ही कादिर की 2015 में जेल में मौत हो गई. उसका एक अन्य भाई अयूब पटालिया वडोदरा केंद्रीय जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है.

The accused’s brother was arrested
Kadir Patalia, a brother of Patalia too was arrested in 2015 and during the hearing Kadir died in jail in 2015. His brother Ayub Patalia is serving life imprisonment in Vadodara Central Jail.

खास बातें
गोधरा ट्रेन अग्निकांड में 16 साल बाद आरोपी की गिरफ्तारी
आरोपी को विशेष जांच टीम (एसआईटी) को सौंपा जाएगा
गश्त के दौरान पुलिस को मिली आरोपी के दिखने की सूचना

कला जगत में देखें:

https://youtu.be/fBRvBB-0gH0

कासगंज मामले में CM योगी का बड़ा आदेश, घरों में छापे से सामने आया ये बड़ा सच, ख़ुफ़िया तंत्र समेत मोदी जी हैरान…

कासगंज (29 जनवरी) : यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने का संकल्प किया हुआ है. उनके आदेश पर यूपी पुलिस ने एनकाउंटरों की झड़ी लगाई हुई है, अब तक 400 से ज्यादा बदमाशों को ठोका जा चुका है. इसके बावजूद कासगंज में जिहादी तत्वों ने दंगा कर दिया और अबतक हालात पर काबू ना पाने पर सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ पुलिस व् प्रशासन के अधिकारियों से नाराज हैं. सीएम योगी के आदेश के बाद एक्शन में आयी पुलिस ने जिहादियों के घरों पर छापेमारी शुरू की, तो सामने आया ऐसा मंजर जिसे देख खुद पुलिस भी हैरान रह गयी.

Kasganj (January 29): UP Yogi Adityanath has pledged to make the state free from crime. On the orders of the UP Police, there have been demonstrations of encouchers, so far more than 400 miscreants have been hit. In spite of this, the jihadist elements in Kasganj have rioted and if the situation is not controlled now, the CM Yogi Adityanath of the province is angry with the police and administration officials. After the order of CM Yogi, the police who came into action started raids on the houses of the jihadis, then it came to light that the police themselves were also surprised.

जिहादियों के घरों से देसी कट्टे, बम व् असला बरामद
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को दंगाइयों के साथ सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं. उनके आदेश के बाद मजहबी कट्टरपंथियों के घरों पर पुलिस ने छापेमारी की तो अबतक आधा दर्जन घरों से बम बरामद हुए हैं. इसके अलावा कई घरों से देसी कट्टे और भारी मात्रा में असला बरामद हुआ है.

Landlords, bombs and recovered from the houses of jihadis
UP Yogi Adityanath has instructed the administration to deal with rioters strictly. After their order, police raided the homes of religious fundamentalists, so far the bombs have been recovered from half a dozen houses. In addition to this, many houses have been found in the country’s local area and heavy quantities have been recovered.

ना केवल देसी बंदूकें बल्कि इन मजहबी जिहादियों ने भारी मात्रा में गोलियां भी जमा की हुई थी. पत्थरबाजी करने के लिए पत्थर भी जमा किये हुए थे. ये सब किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है. जाहिर सी बात है कि पहले से ही कासगंज को सुलगाने की साजिश की गयी थी.

Not only domestic guns, but these religious jihadis had also collected large amounts of bullets. Stones were also collected for stone stone. All this points to a big conspiracy. Obviously, it was already conspired to smuggle Kasganj.

सुनियोजित साजिश के तहत किया दंगा?
अब तक 60 से ज्यादा लोगों गिरफ्तार किया जा चुका है. ड्रोन के जरिये दंगा प्रभावित शहर पर नजर रखी जा रही है. बताया जा रहा है कि दंगा होने से करीब पांच दिन पहले चामुंडा मंदिर के लिए प्रशासन द्वारा रोड पर अस्थायी बैरिकेड लगाने से जिहादी काफी नाराज थे.

The riot done under a planned conspiracy?
So far, more than 60 people have been arrested. Drought affected city is being monitored. It is being told that the jihadis were very angry with the administration for Chamunda temple by imposing a temporary barricade on the road by the administration about five days before the riots.

त्यौहार के कारण मंदिर रोड पर जाम ना लगे या कोई दुर्घटना ना हो जाए इसके लिए प्रशासन ने अस्थायी बैरिकेड लगाकर यहाँ वाहनों का प्रवेश वर्जित कर दिया था. ये बात मजहबी जिहादियों को नामंजूर थी और उन्होंने उस वक़्त भी बवाल करने की पूरी कोशिश की थी.

Due to the festival, due to lack of traffic on the temple road or any accident, the administration had barred entry of vehicles here by putting temporary barricades. This thing was denied to religious jihadis and they tried their best to organize that time too.

योगी सरकार ने की नर-संहार की साजिश नाकाम
कासगंज दंगा शायद उसी बात का बदला निकालने के लिए सुनियोजित साजिश के तहत किया गया. बड़े पैमाने पर बरामद हुए बम, देसी पिस्तौलें व् असला बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है. योगी सरकार ना होती तो शायद ये जिहादी और भी ज्यादा खून-खराबा
व् उत्पात मचाते.

Yogi Sarkar’s Plot Destroyed Plot
The Kasganj riot was probably done under a planned conspiracy to seek revenge for the same thing. Large-scale recovered bombs, indigenous pistols, and point to a big conspiracy. Had not been a yogi government, perhaps this jihadist would have been more bloody
And so forth.

सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक़ जिहादियों के खिलाफ वक़्त रहते सख्त एक्शन ना लेने के लिए सीएम योगी एटा और कासगंज प्रशासन से नाराज बताए जा रहे हैं. माना जा रहा है कि डीएम और एसपी पर गाज गिर सकती है और दोनों को हटाया जा सकता है. इसी के साथ यूपी डीजीपी ओपी सिंह ने कासगंज में जिहादी तत्वों द्वारा भड़काए गए दंगे की बात कबूल कर ली है.

According to the sources quoted in the sources, the CM Yogi is being annoyed with Eta and the Kasganj administration for not taking strict action against the jihadists. It is believed that ghazs can fall on DM and SP and both can be removed. With this, UP DGP OP Singh has confessed to the riots fired by jihadist elements in Kasganj.

जिहादियों को बचाने जुटे अखिलेश यादव
उन्होंने कहा है कि किसी भी कीमत पर दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा. घर-घर में तलाशी अभियान जारी है. वहीँ राजनीतिक गिद्ध भी लाशों की राजनीति करने आ पहुंचे हैं. यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ऐसा बयान दिया जिस से कहीं न कहीं चन्दन गुप्ता हत्यारों के परिजनों में खुशी की लहर दौड़ती दिख रही है. पुलिस ने जैसे ही जिहादियों के घरों पर छापेमारी शुरू की, तुरंत अखिलेश यादव ने बयान दिया कि कासगंज में पुलिस कार्यवाही करे, अन्याय नहीं.

Akhilesh Yadav to save the jihadis
They have said that the culprits will not be spared at any cost. In-house search operation is in progress. The same political vulture has also come to fight the corpses. Former Uttar Pradesh Chief Minister Akhilesh Yadav made a statement that, somewhere, Chandan Gupta’s killers are showing a wave of happiness. As soon as the police started raids on the houses of the jihadis, Akhilesh Yadav immediately said that police should take action in Kasganj, not injustice, injustice

यानी पुलिस जिहादियों के घरों पर छापेमारी करके बम व् पिस्तौल बरामद कर रही है तो अखिलेश की नजर में ये अन्याय हो रहा है. एबीपी न्यूज़ जैसे कुछ मीडिया चैनल भी योगी आदित्यनाथ, बीजेपी व् एबीवीपी को दोषी ठहराने में जुट गए हैं. जिहादियों के खिलाफ एक्शन शुरू होते ही समाजवादी पार्टी ने पुलिस जांच पर ही सवाल खड़े कर दिए. साम्प्रदायिक हिंसा को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा ने प्रदेश की बीजेपी सरकार पर हमला बोल दिया है. साथ ही उन्होंने कहा कि सपा को पुलिस की जांच पर यकीन नहीं है.

That is, the police raiding the houses of jihadis, recovered the bomb and pistol, and this is being done in the eyes of Akhilesh. Some media channels like ABP News have also begun to blame Yogi Adityanath, BJP and ABVP. As the action against the jihadis started, the Samajwadi Party questioned the police investigation itself. Samajwadi Party’s National Vice-President Kiranmayee Nanda has attacked the state BJP government over communal violence. He also said that SP is not sure about police investigation.

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https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

कासगंज तिरंगा यात्रा में हुयी मौत पर भड़के राष्ट्रवादी पत्रकार रोहित सरदाना ने बुद्धिजीवियों को लगाया ऐसा जोरदार तमाचा..

उत्तर प्रदेश : कासगंज, गणतंत्र दिवस के मौके पर कासगंज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की तिरंगा यात्रा में सांप्रदायिक बवाल हो गया। शहर में निकल रही इस तिरंगा यात्रा पर जिहादी समाज के लोगों ने पथराव के साथ जबरजस्त हमला कर दिया। इससे माहौल बिगड़ गया। पथराव से भड़के माहौल के बीच आगजनी भी शुरू हो गई। वहीं फायरिंग में घायल दो लोगों में से एक की मौत हो गई। फिलहाल शहर में कर्फ्यू जैसा माहौल बना है। इस तिरंगा यात्रा के दौरान हुए पथराव में दर्जनों गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं।

Uttar Pradesh: On the occasion of Republic Day, on the occasion of the Republic Day, the All India Student Council’s Tricolor journey in Kasganj became communal. On this trip to the city, the jihadist community attacked with stone pelting. This has worsened the environment. The fire started between the atmosphere of the stone-pelting environment. One of the two people injured in the firing died on the spot. At the moment there is a curfew-like atmosphere in the city. During this tricolor, dozens of vehicles were damaged in the stone pelting.

शहर के बडडू नगर मोहल्ले में तिरंगा यात्रा को लेकर दो वर्गों के युवक भिड़ गए। युवकों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट और पथराव के बाद फायरिंग भी शुरू हो गई। जिसमें दो लोगों को गोली लगी और गंभीर रूप से घायल चंदन गुप्ता की मौत हो गई। पुलिस ने दोनों वर्ग से आधा दर्जन लोगों को अपनी हिरासत में लिया है। इसके बाद भी शहर में तनाव बरकरार है। आज शनिवार को भी गुसाये लोगो ने दुकानों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया!

Two sections of the youth were confronted about the tri-color journey in the city’s Baddu Nagar Mohalla. After firing among the youth, firing started after the assault and stone pelting. In which two people were shot and severely injured Chandan Gupta died. The police has taken half of the dozen people in their custody in their custody. Even after this the tension in the city remains intact. Today on Saturday, the people of Gusayee handed over shops and vehicles to the fire!

बता दे, गणतंत्र दिवस के मौके पर युवा तीन दर्जन बाइकों पर तिरंगा यात्रा एवं जुलूस निकाल रहे थे। तिरंगा यात्रा का काफिला जब शहर के बड्डू नगर मोहल्ले में पहुंचा, तो वहां मौजूद दूसरे वर्ग के युवकों ने किसी बात को लेकर उनका विरोध किया। इसके बाद दोनों वर्गों के युवकों के बीच विवाद शुरू हो गया और मारपीट व पथराव शुरू हो गया। मारपीट व पथराव तेज होने की वजह से तिरंगा यात्रा निकाल रहे युवक बाइक छोड़ भाग खड़े हुए। इस दौरान गोली भी चली जिसमे दो लोग घायल हुए थे और एक चन्दन गुप्ता की मौत हो गई! जिससे शहर में तनावपूर्ण स्थित पैदा हो गई।

Tell us, on the occasion of Republic Day, the youth were taking trips and trips on three dozen bikes. When the convoy reached the Baddu Nagar Mohalla in the city, the youth of the second class, present there, protested against something. After this there was a dispute between the youth of both the sections and the riot began. Due to the sharpening of the fire and the stones, the youths who traveled the tricolor left the bike. During this, the bullet went in which two people were injured and one Chandan Gupta died! As a result of which there was a tension in the city.

इस घटना को लेकर लोगो में आक्रोश व्याप्त है, वही लोग मीडिया के दोहरे चरित्र के लिए भी निशाना साध रहे है! लोगो का कहना है की मीडिया इस खबर को क्यों नहीं दिखा रही है, जबकि पद्मावत फिल्म के विरोध प्रदर्शन को लगातार मीडिया दिखा रही थी और तब समुदाय विशेष या जाती विशेष न कहकर राजपूत शब्द का इस्तेमाल किया जा रहा था लेकिन यहाँ समुदाय विशेष कहकर मीडिया kya साबित करना चाहती है, और सबसे बड़ी बात इनलोगो को किसका समर्थन मिला हुआ है!

There is anger in the people about this incident, the same people are also targeting the double character of the media! The logos say that the media is not showing this news, while Padmavat was constantly showing the media’s protests and then the word ‘Rajput’ was being used by the community, special or not specific, but the community here was called special media Kya wants to prove, and the biggest thing is that whose support is received by InoLogo!

इसी कड़ी में राष्ट्रवादी पत्रकार रोहित सरदाना ऐसे लोगो को आड़े हाथों लिया है, जो इस पुरे मसले पर चुप्पी साढ़े हुए है! रोहित सरदाना ने ट्विटर पर लिखा- “भारत में रह कर पाकिस्तान का झंडा फहराने वालों को बचाने अनेक ‘बुद्धिजीवी’ मैदान में कूद आते हैं. कासगंज में तिरंगा फहराने पे मार दिए गए आदमी के लिए कोई आवाज़ नहीं? #BharatKeDushman”

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source political report

सेना का टूट पड़ा धैर्य का बांध, फट गया क्रोध का ज्वालामुखी, जब देखा पत्थरबाजों का वो जबरदस्त कांड, अलगावादी भी रह गए हैरान..

कश्मीर : सेना चीफ बिपिन रावत पहले ही चेतावनी दे चुके थे कि आतंकवादी की मदद करना और उनके बचाव में पत्थर फेंकना बंद कर दो वरना अंजाम अच्छा नहीं होगा. जो सुलूक आतंकवादी के साथ होता है वही सुलूक पत्थरबाजों के साथ भी होगा. लेकिन फिर भी बिकाऊ मीडिया के ये भटके हुए नौजवान मानते नहीं थे, आतंकियों के जनाज़े में पाकिस्तान और ISIS का झंडा फहराकर पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाते थे .इसलिए अब सेना ने भी सख्त रूप अपनाते हुए पत्थरबाजों को भी बिना टिकट के 72 हूरों के पास भेजना शुरू कर दिया है.

टूट गया सेना के साबरा का बाँध, पहुंचाया 72 हूरों के पास
अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक दक्षिण कश्मीर के शोपियां में शनिवार को भारतीय सेना का काफिला गुज़र रहा था. जिसके बाद वहां प्रदर्शनकारी इकठ्ठा हो गए और भीड़ ने हिंसक रूप अपनाते हुए सेना की पेट्रोल पार्टी के काफिले पर हमला करते हुए पत्थर फेंकने शुरू कर दिए यही नहीं एक सेना के अफसर को भी ज़िंदा जलने की कोशिश करी गयी. जिसके बाद हिंसा भड़क उठी. उन्हें लग रहा था कि हर बार की तरह सेना बिना कुछ कहे निकल जायेगी और पत्थरबाज इसमें अपनी जीत ढूंढने लगेंगे. लेकिन अब सेना के धैर्य का बाँध टूट चुका है. सेना ने हिंसा पर काबू करने के मकसद से हवाई फायरिंग करी जिसमे दो पत्थरबाज मारे जा चुके हैं और दो दर्ज़न से ज़्यादा घायल हो गए हैं.

देश के बिकाऊ मीडिया ने बताया कश्मीर के आम नागरिक
लेकिन हमारे देश का मीडिया ने अपनी आत्मा तक बेच डाली है वो खबरें चलाते हैं, सेना ने दो आम नागरिक को मार दिया, एक और न्यूज़ चैनल उसने लिखा है, दो कश्मीरी युवक की सेना की गोली से मौत हो गयी है. ऐसा लगता है ये भारत का मीडिया नहीं पाकिस्तान का मीडिया बोल रहा है वो तो और दो कदम आगे निकल कर पथरबाज़ और आतंकियों को शहीद बताता है. लेकिन असल में कोई ये नहीं लिखता कि ये कोई आम नागरिक नहीं है यही जिहादी और आतंकी नारे लगाते हैं, पाकिस्तान और ISIS के झंडे फैराते हैं.

जनाज़ों में लगाते थे आतंकवादी नारे
अधिकारीयों ने बातचीत में बताया कि मरने वाले दोनों पत्थरबाज के नाम हैं अहमद भट और सुहैल जावेद लोन जिनकी अस्पताल में मौत हो गयी है. ये दोनों ही कट्टरवादी विचारधारा वाले पत्थरबाज हैं. इनके मारे जाने के बाद पत्थरबाजों के हितैषियों में मातम पसरा हुआ है और इलाके में हालात तनावपूर्ण है.शोपियां के चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर बशीर ने जानकारी दी है कि आठ घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया है. गंभीर रूप से घायल दो लोगों की मौत हो गई है.

अलगाववादी हड़ताल पर
तो वहीँ अब इन पत्थरबाजों के ATM अलगाववादी बिदक पड़े हैं. कुछ अलगाववादी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं. अलगाववादियों ने इस घटना के विरोध में रविवार को हड़ताल का ऐलान किया है. बता दें इलाके में गोलीबारी के बाद दहशत का माहौल बना हुआ है. सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके में भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी गई है. गौरतलब है कि सुरक्षाबलों ने बुधवार को हुई मुठभेड़ में दो आतंकियों को मार गिराया था.

सेना ने खुद बताई असली सच्चाई
तो वहीँ अब इस मामले में सेना का भी बयान आ गया है, सेना ने असली सच्चाई खुद सामने आ कर बताई है. सेना ने कहा है कि करीब 100 से 120 लोगों के समूह ने सैनिकों के काफिले पर बिना किसी उकसावे की कार्रवाई के अत्यधिक पथराव किया. बाद में पत्थरबाजों की संख्या बढ़कर 200 से 500 के बीच हो गई। हिंसक भीड़ ने सेना की चार वाहनों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया और उन्हें आग लगाने की कोशिश की। इतना ही नहीं हिंसक प्रदर्शनकारियों ने एक ऑफिसर को जलाने और उसका हथियार छीनने की भी कोशिश की.

सेना के जवानों को आत्मरक्षा, ऑफिसर व सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए फायरिंग करनी पड़ी. इस हिंसक झड़प में सात सैन्यकर्मी घायल हुए हैं. 11 गाड़ियों को काफी नुकसान पहुंचा है. ये बात तय है कि अब आतंकवादियों के बाद को भी पत्थरबाजों को भी बक्शा नहीं जाएगा, उन्हें भी 72 हूरों से मिलाया जायेगा और बचे हुए अलगाववादियों का भी हुक्का पानी बंद का रडिया जाएगा.

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source zee news

फिर जबरदस्त एक्शन में आये मोदी जी, कश्मीर से आयी ये बड़ी धमाकेदार खबर- जिससे पाक में आया भूकंप !

श्रीनगर: कश्मीर में पीएम मोदी का जादू चल गया है. लगातार आतंकियों को मौत के घाट उतारा जा रहा है. जिन अलगाववादियों को कांग्रेस ने पलकों पर बिठा कर रखा हुआ था, उन्हें जेलों में ठूस दिया गया है. पत्थरबाजों की अक्ल भी ठिकाने आ चुकी है. अब घाटी से एक और जबरदस्त खबर सामने आ रही है, जिसने पाकिस्तान के आतंकी संगठनों में खलबली मचा दी है.

Srinagar: The magic of PM Modi has gone on in Kashmir. Continuous terrorists are being foiled. The separatists who were kept on the pillars were kept in the jails. There has been a lot of the stone bosses too. Now there is another tremendous news coming out of the valley, which has created a panic in Pakistan’s terrorist organizations.

हिजबुल आतंकी सैयद सलाहुद्दीन का बेटा धरा गया
हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी सैयद सलाहुद्दीन के बेटे शाहिद यूसुफ को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने धर-दबोचा है. शाहिद को 2011 हवाला फंडिंग केस में गिरफ्तार किया गया है. सुरक्षा बलों के लिए यह एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि खुद को सेकुलरिज्म का ठेकेदार मानने वालों ने एक खूंखार आतंकी सैयद सलाहुद्दीन के बेटे को जम्मू-कश्मीर सरकार के कृषि विभाग में जूनियर इंजिनियर का पद दिया हुआ था.

The son of Hizbul militants Syed Salahuddin
Shahid Yusuf, the son of Hizbul Mujahideen’s terrorist Syed Salahuddin, is detained by the National Investigation Agency (NIA). Shahid has been arrested in the 2011 Hawala funding case. It is considered a big success for the security forces. For your information, let them know that the people of the secularism contractor had given the post of junior engineer in the Department of Agriculture, J & K Government, son of a dreaded terrorist Syed Salahuddin.

और ये आतंकी बेटा मजे से भारत सरकार के पैसों पर ऐश कर रहा था और साथ ही पाकिस्तान के पैसों के बदले में देशद्रोही गतिविधियां भी चला रहा था. मगर पिछले कुछ महीनों से सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों के रिश्तेदारों और हवाला के जरिए उन्हें पैसे पहुंचाने वालों के खिलाफ अपनी सख्ती बढ़ा दी है.

And this terrorist son was enjoying the money of the Government of India and was also running anti-trafficking activities in exchange for Pakistan’s money. But for the last few months, the security agencies have increased their rigidity against the relatives of the terrorists and those who send them money through hawala.

यूएन वैश्विक आतंकी घोषित कर चुका है
गौरतलब है कि सलाहुद्दीन ने दो शादी की है और शाहिद यूसुफ उसकी पहली पत्नी का बेटा है. हिजबुल चीफ सलाहुद्दीन अपनी दूसरी पत्नी के साथ पाकिस्तान में रहता है. इसी साल यूनाइटेड नेशंस (यूएन) ने सलाहुद्दीन को वैश्विक आतंकी घोषित किया है.

UN has declared global terror
Significantly, Salahuddin has married two and Shahid Yusuf is the son of his first wife. Hizbul chief Salahuddin lives in Pakistan with his second wife. This year the United Nations (UN) has declared Salahuddin a global terrorist.

सलाहुद्दीन पाकिस्तान में युनाइडेट जिहाद काउंसिल का सरगना है. उस पर भारत में कई आतंकी हमलों में शामिल होने का आरोप है. यहाँ तक कि पिछले साल जनवरी में पठानकोट एयरबेस पर हुए हमले के पीछे भी उसके संगठन यूनाइडेट जिहाद काउंसिल का ही हाथ था. आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद भी सलाहुद्दीन के संगठन का हिस्सा है.

Salahuddin is the donor of the UNAIDET Jihad Council in Pakistan. He is accused of being involved in several terrorist attacks in India. Even after the attack on Pathankot airbase in January last year, its organization, Unaidat Jihad Council, was also behind the attack. The terrorist organization Jaish-e-Mohammad is also a part of Salahuddin’s organization.

पिछली सरकारें आतंकियों के परिवार वालों को पाल रही थी ऐसे खूंखार आतंकी के बेटे को भारत में पाला जा रहा था और सरकारी नौकरी तक दी गयी थी. बता दें कि इस साल अगस्त में एनआईए को अलगाववादी नेता शाहिद उल इस्लाम के पास से कश्मीर के 150 आतंकियों की लिस्ट मिली है. शाहिद, मीरवाइज उमर फारूक का करीबी है. शाहिद ने पूछताछ में बताया है कि अलगाववादी नेताओं को सिर्फ पाकिस्तान से ही नहीं, बल्कि दुबई और लंदन से भी फंड मिलता है. कश्मीर की सफाई तेजी से चल रही है.

The previous governments were keeping the families of the terrorists running, the son of such a dreaded terrorist was being brought to India and given up to the government job. In August this year, NIA got a list of 150 militants from Kashmir from separatist leader Shahid ul-Islam. Shahid is close to Mirwaiz Umar Farooq. In the interrogation, Shahid has said that separatist leaders get funding not only from Pakistan but also from Dubai and London. Cleaning of Kashmir is going on fast.

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source dd bharti

इजराइल पर हुए सबसे बड़े आतंकी हमले का कुछ इस तरह से लिया बदला, जिसे देख रूस समेत अमेरिका की भी आँखे खुली रह गई..

सन 1972 के उस दिन अगर इजरायल ने 234 अरब छापामारों को रिहा कर दिया होता तो आज इजराइल के 11 ओलंपिक खिलाड़ी जिंदा होते| मगर ऐसा नही हुआ क्यूँकि देशहित में सोचते हुए इजरायल ने उन आातंकवादियों के सामने घुटने टेकना मंजूर नही किया जिन्होंने म्यूनिख ओलंपिक के दौरान 11 इजराइली खिलाड़ियों को बंधक बना रखा था| छापामारों को रिहा करने से इनकार कर देने पर उन 11 खिलाड़ियों को अरब आतंकवादियों ने मार डाला|इजराइल ने अपने बेशकीमती खिलाड़ियों को खो दिया|

उस वक़्त तो इजराइल जनहित के चलते अपने खिलाड़ियों को बचा नही पाया लेकिन बाद में इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने उन सारे षड्यंत्रकारी हमलावरों को खोज -खोज कर एक- एक कर मार डाला जो उन 11 इजराइली खिलाड़ियों की हत्या के जिम्मेवार थे|मोसाद ने करीब 20 वर्षों में इस पुरे कार्य को अंजाम दिया| हत्यारों को मोसाद ने अलग अलग देशों जैसे की इटली, फ्रांस, ब्रिटेन, लेबनान, एथेंस और साइप्रस में घुस कर मारा| इस घटना के बाद अरब-इजरायल तनाव और भी बढ़ गया था| इजरायल की जनता ने भी उसकी परवाह नहीं की|आतंकवादियों से निपटने को लेकर वहां की जनता में दो तरह की राय नहीं होती|

ये सारा वाक्य है 5 सितंबर, 1972 का ,इजराइल के म्यूनिख में 20वां ओलंपिक खेल मेला लगा हुआ था| ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एडवर्ड हीथ सहित दुनिया के कई देशों की महत्वपूर्ण हस्तियां वहां उपस्थित थीं| किसी को ऐसा कोई अंदेशा भी नही था की जल्द ही इस खेल के मैदान में एक ऐसा खूनी खेल खेला जाना वाले है जो यहाँ लाशों के ढेर लगा देगा पर कुछ ऐसा ही हुआ|अरब छापामारों ने अपने कुछ साथी बंधियों की रिहाई के लिए वहां धावा बोल दिया| अरब छापामार दस्ता दीवार फांद कर ओलंपिक गांव में प्रवेश कर गये|उन्होंने मोर्चाबंदी करके इजरायली क्वार्टर पर कब्जा कर लिया| यह पुरुष खिलाड़ियों का ठिकाना था| दो इजरायली खिलाड़ियों को तो उन लोगों ने मौके पर मार भी दिया|

बाद में एक खिलाड़ी सोश्काल्वस्की ने इस सारी घटना को ब्यान करते हुए कि “जब अरब छापामार उनके क्वार्टर में दाखिल हुए तो उनका दरवाजा थोड़ा सा खुला हुआ था| उस खुले दरवाजे से उन्होंने गोलियां चलाना शुरू दिया| मैं भागने में सफल हुआ और खिड़की से भाग निकला और तब तक पड़ोस में छिपा रहा जब तक पश्चिम जर्मनी की पुलिस ने स्थिति को संभाल नहीं लिया| मैंने लोगों की चीख पुकार सुनी थी”|

सोश्काल्वस्की के अनुसार नकाबपोश छापामारों की संख्या नौ या दस थी|छापामारों ने नौ इजरायली खिलाड़ियों को बंधक बना लिया| वे 234 अरब छापामारों की इजरायल से रिहाई की मांग करने लगे| वे चाहते थे कि इन 234 लोगों को सुरक्षित मिस्र पहुंचा दिया जाए|स्वाभाविक ही था कि हमले की खबर से पूरा ओलंपिक गांव सनसनी और तनाव से भर उठा|इजरायल ने अपने विशेष दस्ते म्यूनिख भेजने के लिए खा पर जर्मन सरकार ने उसे अस्वीकार कर दिया. इस घटना की खबर सुनकर पश्चिम जर्मनी के प्रधानमंत्री बिली ब्रांट खुद बॉन से म्यूनिख पहुंच गए|उन्होंने छापामारों के सामने प्रस्ताव रखे कि जितना चाहें आप पैसे ले लें, पर इजरायली खिलाडि़यों को छोड़ दें, या फिर इजरायलियों की जगह जर्मनों को बंधक रख लें|

लेकिन छापामारों ने शर्तें नामंजूर कर दीं| उन्होंने कहा कि जब तक 234 छापामारों को रिहा नहीं किया जाएगा, तब तक इन्हें छोड़ने का प्रश्न ही नहीं उठता| जर्मन अधिकारी उनसे आग्रह करते रहे, छापेमार अपनी जिद पर अड़े रहे| इस बीच उन लोगों ने एक और धमकी दे दी.|उन्होंने कहा कि यदि एक खास समय सीमा के अंदर उनकी मांग नहीं मानी जाएगी तो वे हर दो घंटे पर एक इजरायली बंधक को मारते जाएंगे|

अरब छापामारों ने यह मांग करनी शुरू कर दी कि उन्हें बंधकों समेत किसी अरब देश में सुरक्षित भेज दिया जाए अन्यथा वे किसी भी इजरायली खिलाड़ी को जिंदा नहीं छोड़ेंगे| पर इजरायल 234 अरब छापामारों को छोड़ने को किसी कीमत पर कतई तैयार नहीं था|अंततः वे सब ओलंपिक खेल गांव की हवाई पट्टी तक बस से लाए गए| तब तक जर्मन पुलिस उस हवाई पट्टी पर हेलिकॉप्टर द्वारा पहुंचाई जा चुकी थी| पुलिस घात लगाकर बैठी हुई थी| जर्मन पुलिस ने कार्रवाई शुरू की| अरब छापामारों ने खुद को घिरा हुआ देखकर सभी इजरायली बंधकों को मार डाला|

इजरायल ने अपने बहुमूल्य खिलाड़ियों की जान की परवाह नहीं की|वह अरब छापामारों के दबाव में नहीं आया| इजरायल को यह अफसोस जरूर रहा कि पश्चिम जर्मन सरकार ने उसके विशेष पुलिस दस्ते को म्यूनिख नहीं पहुंचने दिया| बदले का इजरायल का वह बहादुराना कदम भारत जैसे आतंक पीड़ित देश के लिए एक खास सबक बन सकता है|

म्यूनिख में इन खिलाड़ियों का समरक बनाया है|इन बहादुर खिलाड़ियों को अपनी जान की आहुति देनी पड़ी |

यह भी देखें:

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

source post card

 

खुफियां एजेंसी की बड़ी कामयाबी: 1200 हिन्दुस्तानियों को मारने के बाद ये लादेन करने वाला था ये बड़ी साजिश, आया गिरफ्त में…

नई दिल्लीः राजधानी दिल्ली से आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन के कुख्यात आतंकी को गिरफ्तार किया गया है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक मुठभेड़ के बाद इस आंतकी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए इस आतंकी का नाम अब्दुल सुभान कुरैशी बताया जा रहा है. अब्दुल सुभान कुरैशी को भारत का ओसामा बिन लादेन कहा जाता है यह इंडियन मुजाहिद्दीन और सिमी से जुड़ा है. यह मोस्ट वांटेड आतंकी देश में दहशत फैलाने की कई बड़ी वारदातों में शामिल रहा है.

New Delhi: The infamous terrorist of Indian Mujahideen terrorist has been arrested from Delhi. The crime branch of Delhi Police has arrested the intestine after an encounter. The name of the arrested terrorist is being described as Abdul Subhan Qureshi. Abdul Subhan Qureshi is called Osama bin Laden of India, it is associated with Indian Mujahideen and SIMI. This most wanted terrorist has been involved in several major acts of panic in the country.

आतंकी अब्दुल कुरैशी दिल्ली, अहमदाबाद और बेंगलुरु में हुए ब्लास्ट में शामिल था. कुरैशी साल 2006 में मुंबई में ट्रेन में हुए ब्लास्ट का भी संदिग्ध माना जाता है. अब्दुल सुभान कुरैशी साल 2008 में गुजरात में हुए सीरियल धमाकों का मास्टर माइंड बताया जा रहा है.

Terror Abdul Quraishi was involved in blasts in Delhi, Ahmedabad and Bengaluru. In 2006, the blast in the train in Mumbai was also suspected. Abdul Subhan Qureshi is being said to be the master mind of serial blasts in Gujarat in 2008.

अहमदाबाद 2008 ब्लास्ट
अहमदाबाद में 26 जुलाई साल 2008 को शहर की 21 अलग-अलग जगहों पर धमाके हुए थे. ये सभी धमाके 70 मिनट के अंतराल में हुए. इन धमाकों में 56 लोगों की मौत हुई थी और 200 लोग घायल हुए थे. आतंकियों ने जयपुर में हुए सीरियल ब्लास्ट की तरह ही यहां भी टिफिन में बम रखे थे और इन्हें प्लांट करने के लिए साइकिल का इस्तेमाल किया था. इससे पहले 13 मई 2008 को जयपुर में हुए ब्लास्ट के बाद कई टीवी चैनलों को मिले धमकी भरे ईमेल में इन धमाकों के पीछे इस आतंकी संगठन (इंडियन मुजाहिद्दीन) का नाम सामने आया था.

Ahmedabad 2008 Blast
In Ahmedabad, July 26, 2008, there were explosions in 21 different places of the city. All these explosions took place in a 70-minute interval. In these blasts 56 people were killed and 200 were injured. Like the serial blasts in Jaipur, the terrorists kept bombs in tiffin here and used the bicycles to plant them. Earlier, on May 13, 2008, after the blast in Jaipur, several TV channels received threatening emails, the name of this terrorist organization (Indian Mujahideen) came out behind the blasts.

अब्दुल सुभान कुरैशी को भारत का ओसामा बिन लादेन कहा जाता है यह इंडियन मुजाहिद्दीन और सिमी से जुड़ा है. यह मोस्ट वांटेड आतंकी देश में दहशत फैलाने की कई बड़ी वारदातों में शामिल रहा है.

Abdul Subhan Qureshi is called Osama bin Laden of India, it is associated with Indian Mujahideen and SIMI. This most wanted terrorist has been involved in several major acts of panic in the country.

खास बातें
अब्दुल सुभान कुरैशी को भारत का ओसामा बिन लादेन कहा जाता है
कुरैशी साल 2006 में मुंबई में ट्रेन में हुए ब्लास्ट का भी संदिग्ध
कुरैशी दिल्ली, अहमदाबाद और बेंगलुरु में हुए ब्लास्ट में शामिल था

Special things
Abdul Subhan Qureshi is called Osama bin Laden of India
Qureshi also suspected the blast in the train in Mumbai in 2006.
Qureshi was involved in blasts in Delhi, Ahmedabad and Bengaluru

यह भी देखें:

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

source zee news