अंतराष्ट्रीय मोस्ट वांटेड आतंकी ने राम मंदिर के विवाद को लेकर दे डाली धमकी मोदी-योगी के खिलाफ उगला ज़हर,अगर राम मंदिर बना तो…

नई दिल्ली : एक तरफ राम मंदिर के मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट लटकाये जा रहा तो वहीँ अब ऐसी खबर आने लगी है कि मोदी सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में राम मंदिर को लेकर कानून बनाएगी. तो वहीँ इस बीच अब राम मंदिर को लेकर मोस्ट वांटेड अंतर्राष्ट्रीय आतंकी ने बहुत बड़ी धमकी दे दी है.

दिल्ली से काबुल तक मचा देंगे तबाही
अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक एक तरफ देश में ही बैठे कुछ विपक्षी लोग राम मंदिर को लेकर एकता नहीं दिखा रहे हैं और वहीँ दूसरी तरफ कट्टरपंथी भी अब राम मंदिर के खिलाफ खड़े हो गए हैं. आतंकी सगंठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर ने बाबरी मस्जिद को लेकर 9 मिनट का ऑडियो जारी किया है. इस ऑडियो में मसूद अजहर धमका रहा है कि अगर भारत बाबरी मस्जिद की जगह पर राम मंदिर बनाता है, तो दिल्ली से काबुल तक मुसलमान लड़के बदला लेने को तैयार हैं. उसने कहा कि हम लोग पूरी तरह से तबाही फैलाने करने के लिए तैयार हैं.

मसूद ने दावा किया कि काबुल और जलालाबाद में भारतीय संस्थानों को निशाना बनाया गया था. अजहर ने ऑडियो में कहा कि हमारी बाबरी मस्जिद को गिराकर वहां अस्थाई मंदिर बनाया गया है, वहां हिंदू लोग त्रिशूल के साथ इकट्ठे हो रहे हैं. मुसलमान लोगों को डराया जा रहा है, एक बार फिर हमें बाबरी मस्जिद बुला रही है.

ऑ़़डियो में जैश सरगना बोल रहा है कि हम बाबरी मस्जिद पर नजर बनाए बैठे हैं, तुम सरकारी खर्च करने का माद्दा रखते हो तो हम जान खर्च करने के लिए तैयार हैं. इतना ही नहीं इस ऑडियो में अजहर ने करतारपुर कॉरिडोर के बारे में भी टिप्पणी की. उसने पाकिस्तानी सरकार द्वारा भारत के मंत्रियों को बुलाने पर नाराजगी व्यक्त की.

इस ऑडियो में मसूद अजहर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी काफी जहर उगला. उसने पीएम मोदी और सीएम योगी के लिए अपशब्द बोले हैं.

बता दें कि बीते कुछ दिनों में जिस तरह भारत की ओर से आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सख्ती भरी भाषा का प्रयोग किया गया है उससे उनके आका बौखलाए हुए हैं. यही कारण है कि अब ये बौखलाहट इस तरह की गीदड़ भभकी से सामने आ रही है.

साफ़ देखा जा सकता है कि कैसे कैसे आतंकी, कट्टरपंथी राम मंदिर के खिलाफ खड़े हो गए हैं और देश में ही कुछ हिन्दू ऐसे हैं जो राम मंदिर के लिए एक नहीं होते हैं. इतने दशकों से राम मंदिर का मुद्दा लटका हुआ है. कांग्रेस के वकील इसका हमेशा से विरोध करते आ रहे हैं. इससे पहले कांग्रेस नेताओं ने तो भगवान राम को काल्पनिक तक बता दिया था.

कितने शर्म कि बात है कि एक तरफ वहां पाकिस्तान में हज़ारों मंदिर को तबाह कर दिया गया. हिन्दुओं को पलायन करने पर मज़बूर किया गया. उन पर अत्याचार किये गए. आज उनकी आबादी सिर्फ 1.8 % रह गयी है और यहाँ भारत में हिन्दू अपने आराध्य का एक मंदिर नहीं बना पा रहे हैं.

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राममंदिर निर्माण की तैयारी पूरी हुई ये है संघ का एक्शन प्लान

नई दिल्ली। संघ की योजना है कि साधुसंतों के नेतृत्व में ही इस पूरे आंदोलन की अमलीजामा पहनाया जाये और विश्व हिंदू परिषद इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे है। संघ की योजना के अनुसार विहिप के बैनर तले साधुसंतों को आगे करके पूरे देश में ऐसा विशाल जनमत तैयार कर दिया जाये जिससे मोदी सरकार कोर्ट के निर्णय का इंतज़ार ना करके बाकी सभी कानूनी विकल्पों पर काम करने को मजबूर हो जाये।

5 अक्टूबर को दिल्ली के विहिप केन्द्रीय कार्यालय में राम निर्माण आंदोलन की पूरी रूप रेखा तैयार की गई। संतों की उच्चाधिकार समिति की मीटिंग में पूरे देश में इस आंदोलन को तेज़ करने का निर्णय लिया गया और व्यापक जनमत तैयार हो इसके लिये रणनीति को अंतिम रूप दिया गया।

रणनीति स्पष्ट रूप से सही दिशा में जाये और स्वयंसेवकों के साथ साथ आमजन भी इस आंदोलन से जुड़े। इसके लिए खुद संघ प्रमुख मोहन भागवत ने मोर्चा संभाला और राममंदिर के लिये अपनी राय बेबाक़ तरीक़े से मोदी सरकार को बता दी कि जल्दी से जल्दी भव्य मंदिर बने, चाहे इसके लिए सरकार अध्यादेश लाये या कानून बनाये।

ram mandir

उच्चाधिकार समिति के प्लान के मुताबिक़ पहले चरण में 25 नवंबर को पूरे देश में सभायें कराने का निर्णय लिया गया।

पहले चरण को दो भागों में बांटा गया… बड़ी सभायें और छोटी सभायें

बड़ी सभायें पूरे देश में केवल 3 जगहों पर कराई जायेंगी जिनमें लाखों की संख्या रखने का निर्णय लिया गया। 25 नवंबर को अयोध्या, नागपुर और बैंगलोर में से सभायें की जायेंगी। अयोध्या की सभा में आस पास के 22 जिलों से, नागपुर की सभा में आसपास के 8 जिले और बैंगलोर की सभा में भी 8 जिलों की जनता और कार्यकर्ताओं को शामिल कराने की योजना बनाई गई।

RSS Vijayadashami Utsav

इसी दिन पूरे देश में 150 छोटी सभायें कराने की भी रणनीति बनाई गई। इन जनसभाओं में 10-15 हज़ार की संख्या रखने का निर्णय लिया गया।

दूसरे चरण की योजना के मुताबिक़ संसद सत्र शुरू होने से पहले सभी सांसदों को राममंदिर निर्माण के लिये ज्ञापन दिया जायेगा और उनसे समर्थन मांगा जायेगा।

इसके साथ ही सभी संसदीय क्षेत्रों में भी सभायें की जायेंगी। एक अनौपचारिक बातचीत में (off camera) भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि सांसद होने के नाते मैं राममंदिर के लिये अपना समर्थन दूंगा। तीसरे चरण की योजना के अनुसार 9 दिसंबर को एक बड़ी सभी विश्व हिंदू परिषद दिल्ली में करेगी। इसमें 5 लाख लोगों को लाने की योजना बनाई गई है। प्लान के मुताबिक़ दिल्ली के रामलीला मैदान में ये विशाल जनसभा की जायेगी।

इस सभा में दिल्ली प्रदेश के साथ साथ उत्तर प्रदेश के 14 जिले और हरियाणा के 4 जिले सहभागिता करेंगे। विहिप ने इस सभा को सफल बनाने के लिये ज़ोर शोर से तैयारियां शुरू कर दी हैं। रामलीला मैदान के बाहर भी लोगों को बैठाने की व्यवस्था की जा रही है।

इसके साथ ही रामलीला मैदान के अंदर और बाहर LED भी लगाये जायेंगे। सुरक्षा की दृष्टि से रामलीला मैदान में CCTV लगाने पर भी विचार हो रहा है।

प्लान के चौथे चरण में गीता जयंती के मौक़े पर 18 दिसंबर से 27 दिसंबर तक राममंदिर निर्माण के लिए पूरे देश में अनुष्ठान/हवन किये जायेंगे। इसमें हिंदुओं के साथ-साथ सिक्ख, जैन, बौद्ध भी जुड़े इसके लिए उनसे भी अपील की जायेगी कि वो भी अपने अपने धर्म स्थलों में अपने अपने इष्ट देवों का अनुष्ठान करें और राम मंदिर के लिये प्रार्थना करें।

संघ नेतृत्व ने इस तरह का फ़ुल प्रूफ़ प्लान तैयार किया है कि जनमत मोदी/योगी सरकार के ख़िलाफ़ भी ना जाये और राममंदिर निर्माण को लेकर उसकी प्रतिबद्धता भी शंका ना हो। इस प्लान में कोई कोर कसर बाकी ना रह जाये इसके लिये संघ के सर कार्यवाह भईया जी जोशी और सह सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने खुद 3 दिन पहले अयोध्या जाकर नब्ज़ टटोली है।

इसके साथ ही संघ ने प्लान बी भी तैयार किया हुआ है। प्लान बी के अनुसार यदि मोदी सरकार इस आंदोलन के बाद भी राममंदिर के लेकर कोई घोषणा नही करती है तो 31 जनवरी और 1 फ़रवरी को प्रयाग में होने वाली धर्म संसद में राममंदिर को लेकर अंतिम निर्णय लिया जायेगा और रोचक बात ये है कि इस धर्मसंसद में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी मौजूद रहेंगे।

source:hindi.newsroompost

बाबरी विध्वंस की 25वीं बरसी पर दिल्ली से लेकर UP तक अफरा तफरी, मोदी सरकार आयी जबरदस्त एक्शन में

नई दिल्ली : 1992 में आज ही के दिन बाबरी मस्जिद विध्वंस हुआ था, जिसने देश की राजनीति को बदलकर रख दिया. बाबरी को गिराए जाने की 25वीं बरसी पर दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश तक कई जगह काफी बवाल हो रहा है, जिसे देख बीजेपी नेता डॉक्टर सुब्रमण्यन स्वामी भड़क गए हैं, साथ ही यूपी पुलिस भी एक्शन में आ गयी है. दरअसल दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में आज रात 9:30 बजे ‘अयोध्या में राम मंदिर क्यो?’ इस मुद्दे पर चर्चा रखी गयी थी, जिसमे डॉक्टर सुब्रमण्यन स्वामी हिस्सा लेने वाले थे.

New Delhi: In 1992, the Babri Masjid demolition took place on the same day, which changed the country’s politics. On the 25th anniversary of demolition of Babri, from Delhi to Uttar Pradesh, there is a lot of importance, which is seen by BJP leader Dr. Subramanian Swamy, and the UP Police have also come into action. In fact, at 9.30 pm at Delhi’s Jawaharlal Nehru University, ‘Ram temple in Ayodhya’ was discussed. This issue was discussed, in which Dr. Subramanian Swamy was a participant.

जेएनयू ने रद्द की ‘अयोध्या में राम मंदिर’ चर्चा
मगर देश विरोधी गतिविधियों का अड्डा बन चुकी जेएनयू ने डॉक्टर स्वामी का कार्यक्रम रद्द कर दिया. कार्यक्रम रद्द किए जाने को लेकर स्वामी नाराज हैं और उन्होंने इसे राजनैतिक पाखंड बताया है. स्वामी ने कहा कि उसी यूनिवर्सिटी में लेफ्ट नेता प्रकाश करात के कार्यक्रम को रद्द नहीं किया गया और उनका कार्यक्रम रद्द कर दिया गया, लेफ्ट डरा हुआ है क्योंकि हिंदू एकजुट हैं.

JNU canceled ‘Ram temple’ in Ayodhya
But JNU, which became the host of anti-national activities, canceled the program of Doctor Swami. The owner is angry over the cancellation of the program and he has called it a political hypocrisy. Swamy said that the program of Left leader Prakash Karat in the same university was not canceled and his program was canceled, left is scared because Hindus are united.

आतंक समर्थकों ने लगाए विवादित पोस्टर
वहीँ उत्तर प्रदेश में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) ने जगह-जगह ‘बाबरी मस्जिद बनाओ’ के पोस्टर लगा दिए हैं, जिससे तनाव फ़ैल गया है. ये वही पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया है, जिसके आईएसआईएस आतंकी संगठन के साथ रिश्ते होने की बात सामने आयी है और एनआईए के मुताबिक़ ये संगठन केरल में लव जिहाद का रैकेट भी चला रहा है.

Terrorists post controversial posters
In Uttar Pradesh, Popular Front of India (PFI) has put posters of ‘Make the Babri Masjid’ place instead, the tension has spread. This is the same popular Front of India, which has come to be related to the ISIS terrorist organization, and according to the NIA, the organization is also running a racket of love jihad in Kerala.

किसी अनहोनी की घटना को टालने के लिए यूपी पुलिस फ़ौरन हरकत में आयी और मेरठ में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली. पोस्टर के अनुसार इस आंदोलन की अगुवाई पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) कर रहा है, जिस पर लिखा है कि कहीं हम भूल न जाएं, धोखे के 25 साल, बाबरी मस्जिद की दोबारा तामीर करो

In order to avoid any untoward incident, the UP Police immediately came to the scene and filed an FIR against Popular Front of India (PFI) in Meerut. According to the poster, this movement is being led by the Popular Front of India (PFI), on which it is written that we will not forget, 25 years of deception, make the Babri Masjid again.

देशभर में तनाव फैलाने की साजिश
यानी कई कट्टरपंथी बाबरी विध्वंस की बरसी के मौके पर जगह-जगह साम्प्रदायिक तनाव फैलाने की ताक में हैं. इसी को देखते हुए अशांति फैलाने वाले शरारती तत्वों पर नजर बनाए रखने के लिए गृह मंत्रालय की ओर से प्रशासन को आदेश जारी किया गया है. राज्य सरकार द्वारा भी कड़ी निगरानी बनाए रखने के लिए फैजाबाद में अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है.

Plot to spread tension across the country
That is, many radical Babri is in the forefront of spreading communal tension in place of the anniversary of demolition. In view of this, the order has been issued to the administration on behalf of the Home Ministry to keep an eye on the mischievous elements spreading unrest. Additional force has been deployed in Faizabad to maintain strict vigilance by the state government.

केंद्र की तरफ से सभी राज्य और केंद्र शासित राज्यों को भी बाबरी विध्वंस 25वीं बरसी के मौके धरने और आंदोलन की संभावना देखते हुए सतर्कता और शांति बनाए रखने की सलाह जारी की गई है. इस दौरान लखनऊ में डीजीपी ने मंगलवार को अलर्ट जारी करते हुए पुलिस और प्रशासन को आदेश देते हुए संवेदनशील इलाकों में चार से अधिक लोगों के एक साथ खड़े होने पर कार्रवाई करने को कहा है

All the state and union territories have been advised to keep vigilance and peace keeping in view of the possibility of agitation of 25th anniversary of Babri demolition and the agitation. Meanwhile, DGP in Lucknow issued an alert on Tuesday and asked the police and administration to take action against more than four people standing in sensitive areas while standing together.

यह भी देखें :

https://youtu.be/Q1GAObsp__A

https://youtu.be/-jj9Id592Uw

source zee news