बड़ी खबर: BJP ने लोकसभा सांसद बदरुद्दीन को लेकर किया बड़ा खुलासा, बंगलादेशी घुसपैठियों में मचा हडकंप

आपकी जानकारी के लिए बता दें की असम में प्रतिशत के हिसाब से पश्चिम बंगाल से भी ज्यादा मुसलमान है, जी हां 2011 के आंकड़ों के अनुसार असम में 36% मुसलमान है, और इनमे से अधिकतर बांग्लादेशी है, जिन्हे कांग्रेस ने घुसाया, आधार, वोटर कार्ड सब बनाया

For your information, let us know that according to the percentage of Assam, there is more Muslim than West Bengal, according to the 2011 data, 36% of Muslims in Assam are most of them, and most of them are Congressmen who have entered, base, Voter Card made all.

अब बीजेपी सरकार ने सत्ता में आने के बाद से ही बंगलादेशीयों की पहचान शुरू कर दी, और एक लिस्ट बनाया जिसे NRC ड्राफ्ट भी कहते है, ये उन लोगों की लिस्ट है जो की असम के असली निवासी है, सरकार ने जो पहली बनाई है, 3.29 करोड़ में से 1.91 करोड़ लोगों का ही इस लिस्ट में नाम है

Now the BJP government has started identifying Bangladeshi people since coming to power, and made a list called NRC Draft, this is a list of those who are the real residents of Assam, the government has made the first, Out of 3.29 crore, 1.91 million people have names in this list.

यानि 1 करोड़ 38 लाख के आसपास घुसबैठिये है, हालाँकि ये लिस्ट अभी पूरी नहीं की गयी है, इसका फिर से एक बार वेरिफिकेशन चल रहा है और उसके बाद लगभग 1 करोड़ बांग्लादेशियों को असम से साफ़ कर दिया जायेगा, सरकार ने 6 लाख के आसपास सुरक्षाबल भी तैनात कर दिए है, अब देखिये ये बड़ी जानकारी

That is, there is an intruder around 1.38 million, although this list has not been completed yet, once verification is underway, and after that nearly 10 million Bangladeshis will be cleaned from Assam, the government has around 6 lakhs The security forces have also been deployed, now see this big information.

https://twitter.com/Prof_HariOm/status/948202456739020801?ref_src=twsrc%5Etfw&ref_url=http%3A%2F%2Fwww.guiltfree.online%2Fbjp-and-loksabha-badruddin%2F

सरकार ने जो नागरिको की लिस्ट बनाई है, उसमे असम के मुस्लिम बहुल संसदीय इलाके धुबरी से लोकसभा सांसद बदरुद्दीन अजमल उसके विधायक बेटे अब्दुर रहीम अजमल और भाई सिराजुद्दीन अजमल और इनके पुरे परिवार का नाम नहीं है

In the list of people who have made the list of the citizens, Lok Sabha MP from Badaruddin Ajmal, Muslim legislator from Assam’s Muslim-dominated parliamentary constituency, Badruddin Ajmal, his legislator son Abdur Rahim Ajmal and brother Sirajuddin Ajmal and their entire family are not named.

अर्थात ये लोग भी बांग्लादेशी है, और तमाम बंगलादेशीयों के अलावा इन्हे भी खदेड़ा जायेगा, अब कांग्रेस के कारण देखिये, अवैध बांग्लादेशी तो भारत में घुसे ही, और यहाँ तक की ये लोग लोकसभा सांसद भी बनने में कामयाब रहे, आपकी जानकारी के लिए बता दें की पश्चिम बंगाल का एक तृणमूल सांसद भी बांग्लादेशी है, अभी हम आपको उसका नाम नहीं बता रहे परन्तु कुछ दिनों में सबूत के साथ खुलासा करेंगे

That is, these people are also Bangladeshi, and they will be expelled in addition to all the Bangladeshi nationals, now look at the reasons of Congress, illegal Bangladeshi migrated to India, and even these people have been successful in becoming a Lok Sabha MP, tell for your information. Given that a Trinamool MP from West Bengal is also a Bangladeshi, we are not currently telling you his name, but in some days we will disclose with evidence.

यह भी देखें:

https://www.youtube.com/watch?v=m7CoPymK4gw

 

https://www.youtube.com/watch?v=8WfEyICu_NM

मुस्लिमों ने जला दिए हिन्दुओं के घर फिर वो किया मोदी जी ने जो कभी नहीं हुआ और अब…

हमारे देश में आज वक़्त ऐसा आ गया है के लोग किसी भी व्यक्ति की मदद करने से पहले उसके धर्म और जाती का सबसे पहले ध्यान करते हैं | हमारे देश में ऐसे काई भुद्धिजीवी जिनके दिलों में दया, इंसानियत और दर्द की भावनाएं मज़हब देख कर जागती हैं | वो पहले इंसान का मज़हब देखेंगे के वो हिन्दू है, मुस्लिम है या इसाई है उसके बाद उसकी तरफ मदद का हाथ भड़ाएंगे |

In our country today, it has come that people, before helping any person, meditate first on its religion and caste. In our country, such a madman is awake by seeing the feelings of compassion, humility and pain in his heart. He will first see the religion of the person that he is a Hindu, a Muslim or a Christian, and after that he will help his hand.

अगर किसी की हत्या हुई है या किसी का घर जला है तो ये सेक्युलर गैंग पहले ये देखेगा के जिन लोगो का घर जला है वो किस धर्म के लोग हैं, जिन लोगों पर अत्याचार हुआ है उनकी जाती क्या है | इसके बाद वो अपने राजनैतिक फायदे और नुकसान के हिसाब से यह तय करेंगे के किस मात्रा में और किस तरह से विरोध प्रदर्शन करना है | हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्यूंकि 30 नवम्बर को बांग्लादेश के ठाकुरबाड़ी गाँव में हिन्दुओं के 30 घरों को आग के हवाले कर दिया |

If someone is murdered or someone’s house is burnt, then this secular gang will first see the people of whose religion is burnt, what are the people of the religion, those who have been tortured, what their caste is. After this, according to his political advantages and disadvantages, he will decide which amount and how to protest. We are saying that because on November 30, 30 houses of Hindus were handed over to the fire in Thakurbadi village of Bangladesh.

यह है हमारे देश की मोदी सरकार आज से पहले किसी सरकार ने हिंदुओं का ध्यान नहीं दिया आज बांग्लादेश में जो हिंदू हैं वह घुट-घुट कर जी रहे हैं बांग्लादेश की हिंदुओं के ऊपर कट्टरपंथी मुसलमानों ने हमला किया और उनके घर तक जला डाले भारत की मोदी सरकार ने इस पर अपना कड़ा रुख दिखाया और बांग्लादेश को सीधी चेतावनी दे डाली जिस के बाद बांग्लादेश सरकार घुटनों पर दिख रही है |

This is the Modi government of our country before today, no government has paid attention to the Hindus. Today the Hindus who are in Bangladesh are living in chaos. The radical Islamists attacked Bangladesh’s Hindus and burnt them to India. The Modi government showed its stance on this and gave a direct warning to Bangladesh after which the Bangladesh government is looking at knees.

फिलिस्तीनियों और रोहिंग्या मुसलमानों के दर्द पर आंसू बहाने वाले लोगों भारत के पड़ोस में ही हिन्दुओं पर हो रहा ये क्रूर अत्याचार बिलकुल भी नज़र नहीं आया | यह अमानवीय घटना बांग्लादेश के रंगपुर जिले के ठाकुरबाड़ी नमक गाँव में हुआ | बांग्लादेश की राजधानी ढाका सेयेह जगह 300 कीमी. की दूरी पर है | मुताबिक़ फ़ेसबुक पर एक आपत्तिजनक पोस्ट किए जाने के बाद गाँव में अचानक से 20 हज़ार लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गयी और गुस्साए लोगों ने हिन्दुओं के करीब 30 घरों को जला कर ख़ाक कर दिया |

Those cruel atrocities on the Hindus only in the neighborhood of India have not even seen the people who shed tears on the pain of Palestinians and Rohingyas. This inhuman incident happened in Thakurbadi salt village of Rangpur district of Bangladesh. Dhaka’s capital Dhaka has replaced 300 km. Is at a distance. According to an objectionable post on Facebook, suddenly a crowd of 20 thousand people gathered in the village and the angry people burnt down 30 houses of Hindus.

बांग्लादेश में पहली बार हिदुओं पर हमला नहीं हुआ है | वर्ष 1947 में भारत पाकिस्तान बटवारे के बाद से ही बांग्लादेश में हिन्दू निशाने पर रहे हें | अगर हम बीते कुछ सालों की बात करे तो 2012 में 760 बंगलादेशी हिदुओं के घरों को जला दिया गया था | इसके बाद 2015 में भी बांग्लादेश के कट्टरपंथियों ने भी हिन्दू देवी देवताओं की मूर्तियों को तोड़ दिया था | जुलाई 2016 में बांग्लादेश के सातखीरा जिले में एक हिन्दू पुजारी की भी हत्या कर दी गयी थी और सितम्बर 2016 में भी हबीबगंज में माँ दुर्गा के पंडाल में भी तोड़ फोड़ की गयी थी |

Hindus have not been attacked for the first time in Bangladesh. Since 1947, India has been targeting Hindus in Bangladesh since the partition of India. If we talk about the past few years, in 2012, 760 houses of Bangladeshi Hindus were burnt. After that in 2015, Bangladesh’s fundamentalists too broke the statues of Hindu Goddess Deities. In July 2016, a Hindu priest was murdered in Satkhira district of Bangladesh and in September 2016, a break was also made in the pandal of Durga in Habibganj.

ऐसा लग रा है के धीरे धीरे पूरी प्लानिंग के साथ हिन्दू आबादी को ख़तम करने का षड़यंत्र रचा जा रहा है और दुर्भाग्य की बात यह है की बड़ी बड़ी संस्थाओं ने इस अमानवीय घटना पर मौन धारण कर रखा है | बांग्लादेश में जो हालत हैं उसे देख के लगता है के बांग्लादेश से हिन्दुओं को ख़तम करने की कोशिश चल रही है | बांग्लादेश के कट्टरपंथी वहां के रहने वाले हिन्दुओं के लिए ऐसा माहोल बना देते हैं के उन्हें देश छोड़ने के अलावा कुछ और नहीं सूझता ओए इसके बाद उनकी प्रॉपर्टी पर कब्ज़ा कर लिया जाता है |

It seems that the conspiracy of gradually eliminating the Hindu population with full planning is being done and the unfortunate thing is that large institutions have kept silent on this inhuman phenomenon. The condition in Bangladesh is that there is an attempt to eliminate the Hindus from Bangladesh. The fundamentalists of Bangladesh create such an atmosphere for the Hindus living there that they do not understand anything other than leaving the country, after which their property is occupied.

दुनिया के हिन्दू आबादी वाले 3 सबसे बड़े देशों में बांग्लादेश भी शामिल है | इनमे सबसे ऊपर भारत है जहाँ करीब 97 करोड़ हिन्दू रहते हैं उसके बाद नेपाल का नाम अत है जहाँ करीब 2.5 करोड़ हिन्दू रहते हैं इसके बाद बांग्लादेश का नाम आता है जहाँ करीब 1.5 करोड़ हिन्दू रहते हैं | बांग्लादेश मीन हिन्दू आबादी जिस तरह से कम हुई है यह देख कर आप भी चौक जाएँगे | 1947 में भारत और पाकिस्तान के बटवारे के बाद बांग्लादेश में 28% हिन्दू आबादी थी |

Bangladesh is also among the 3 largest countries in the world with Hindu population. On top of them is India, where nearly 97 million Hindus live, Nepal’s name is where there are around 25 million Hindus, followed by Bangladesh where about 1.5 million Hindus live. By seeing the way Bangladesh is reduced due to the Hindu population, you will also go to the place. After the partition of India and Pakistan in 1947, there were 28% Hindu population in Bangladesh.

1971 में बांग्लादेश के बनने के बाद 1981 में जब बांग्लादेश में पहली जनगणना हुई तो वहां हिन्दुओं की आबादी मात्र 12% ही रह गयी थी और फिर 2011 में जब फिरसे जनगणना हुई उसमे बांग्लादेश में हिन्दू की जनसँख्या 9% से भी कम रह गयी | यानी 28% से भिज्यदा हिन्दू जहाँ एक ज़माने में रहा करते थे आज उनका ऐसा बुरा हाल है के वो 9% से भी कम रह गए हैं और वहां भी उन्हें डर डर कर रहना पद रहा है |

After the formation of Bangladesh in 1971, when the first census was conducted in Bangladesh in 1981, the population of Hindus remained only 12% and in 2011, when the census again, there was less than 9% of the population of Hindus in Bangladesh. That is, 28% of the people, who lived in one place, had such a bad situation today that they have remained less than 9% and there too they have been afraid to be fearful.

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=8ImzYyVUuNQ

अभी अभी: मोदी सरकार ने रोहिंग्या मुस्लिमों के लिए उठाया ये बड़ा कदम , कांग्रेस और बसपा पार्टी हुए एक जुट

रोहिंग्याओ पर हो रहे अत्याचार को लेकर दुनिया में हर तरफ चर्चा हो रही है, तमाम मुस्लीमो देश रोहिंग्याओ की मदद में जुड़े है. भारत में भी जगह जगह प्रदर्शन किये जा रहे है, जहाँ लोग इस मुद्दे पर भारत की राय जानना चाह रहे थे वहीं दूसरी तरफ भारत ने ऐसा कदम उठाया जिसे देखकर लोग हैरान रह गये,

There is a discussion in the world about the atrocities on Rohingya, all the Muslim countries are involved in the help of Rohingya. There is also a place in place in India, where people were seeking to know India’s opinion on this issue, on the other hand, India took such a step which people were surprised to see,

आपको बता दें भारत की तरफ से इस मुद्दे पर कोई प्रक्रिया देखने को नही मिली है लेकिन गुरुवार को भारत ने  ऑपरेशन इंसानियत के नाम से एक ऐसा कदम उठाया जिसकी हर तरफ हो रही ही चर्चाये ! भारत ने बंगलादेश में म्यामार से आये रोहिंग्या शर्णार्थियो के लिए 53 टन रहत सामग्री भेजी है, बीपी न्यूज़ के अनुसार भारत ने मदद करने का फैंसला किया और पहली रहत सामग्री भी भेज दी है,

Let us tell you that no action has been taken on behalf of India, but on Thursday, India took a step in the name of Operation Humanity, which is being discussed on every side! India has sent 53 tonnes of material for Rohingya refugees from Myanmar in Bangladesh, according to BP news, India has fenced to help and sent the first stamped material,

राहत सामग्री में चावल दाल, चीनी,नमक,तेल,चाय,बिस्किट,मच्छरदानी जैसी आवश्यक चीजे मौजूद थी,

The relief material was essential in the form of rice dal, sugar, salt, oil, tea, biscuits, mosquito nets,

दुतावास ने ट्वीट कर बताया है “भारत ने ऑपरेशन इंसानियत हाई कमीशन के तहत बांग्लादेश को मानवीय सहायता की फल खेप सौपी”

Dushavas tweeted “India has handed over the fruits of humanitarian aid to Bangladesh under the Operation Humanitarian High Commission”

आपको बतादें कि पहली खेप 53 टन की सौपी गयी है, सुषमा स्वराज के तहत ये रहत्र सामग्री भेजी गयी, भारत बांग्लादेश को 7000 टन राहत सामग्री भेजेगा,

Please tell you that the first ship has been handed over 53 tonnes, this sine material was sent under Sushma Swaraj, India will send 7000 tonnes of relief material to Bangladesh,

मोदी सरकार पर बना रहे विरोधी दवाब    

आपको बता दें कि रोहिंग्या मुस्लिमो को लेकर मोदी सरकार पर बहुत दवाब बनाया गया है कि वो रोहिंग्या को भारत में आने दे, जिसके कारण कई वाम्पंथी पत्रकार कांग्रेस पार्टी, मायावती, लालू सब एक साथ रोहिंग्याओ के समर्थक में उतर आये है,

Modi’s anti-government pressures

Let me tell you that there has been a lot of pressure on the Modi government regarding Rohingya Muslims, that they allow Rohingya to come to India, due to which many Pampanti journalist Congress Party, Mayawati, and Lalu have come together in support of Rohingya,

यही नही बंगाल के सीएम ममता ने तो ये तक कह दिया है कि रोहिंग्या मुसलमानों को बंगाल में वे तहे दिल से स्वागत करती है, इससे पहले अवैध बांग्लादेशी को वह सफलतापूर्वक घुसवा चुकी है , सबके आधार और वोटर आईडी कार्ड भी है,

Not only this, the CM of West Bengal, Mamta has betrayed Rohingya Muslims in West Bengal with full heart, before that she has successfully entered the Bangladeshi Bangladeshi successfully, there is also the basis and voter ID card of all,

इसके साथ अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग कर अध्यक्ष जैद बिन राद अल हुसैन भी भारत को हिदायत दे चुक्के है की रोहिंग्या की मदद करिये ,जिसके दवाब भी मोदी सरकार मानवाधिकार को सख्त लहजे में बता चुकी है कि रोहिंग्या देश के लिए आतंकी खतरा है, किनका कई आतंकवादी संगठन इस्तेमाल कर रहे है,

With this, the International Human Rights Commission, the President, Jed Bin Rad al-Hussein, has also instructed India to help Rohingya, the pressure of which Modi Government has conveyed to the human rights violation is that Rohingya is a terrorist threat to the country, many of whom are terrorists The organization is using,

जयपुर में फैलाया गया था दंगा          

इससे पहले अभी कुछ दिन पहले ही जयपुर में जो दंगा भड़काया गया उसमे भी रोहिन्य ही शामिल थे,4 क्षेत्रो में कर्फु लगाना पडा था, 4 पुलिस वाहन फूंक दिए, एम्बुलेंस जला दी गयी, पॉवर हाउस में आग लगाई गयी,’

Riot was spread in Jaipur

Earlier, just a few days earlier, the riot that was thrown in Jaipur was also involved in Rohini, 4 areas had to be set up, four police vehicles were burnt, ambulance burnt, powerhouse fire,

आपको बता दें कि मोदी सरकार पहले ही ये एडवाइज जारी कर चुकी है जिसके साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट में भी हवाला दे चुकी है की रोहिंग्या मुस्लिम देश के लिए बहुत बड़ा आतंकी खतरा है, जिसके लिए सभी राज्य को ये आदेश दिए जा चुके है कि सभी अवैध रोहिंग्या को देश से बाहर निकल दुया जाये, साथ ही बॉर्डर को आधुनिक लेजर कैमरों की मदद से सिलकरवा दिया गया

Let me tell you that the Modi government has already issued this advice, along with which the Supreme Court has also mentioned that Rohingya is a great terrorist threat to the Muslim country, for which all the states have been ordered to All illegal Rohingya should be taken out of the country, along with the help of modern laser cameras bordered.