जवानो के खातिर पीएम मोदी ने जबरदस्त फैसला,जिसे देख पूरे विपक्ष में भूचाल

यानी कि अगर मोदी सरकार नहीं आती तो ना जाने और कितने वर्ष वही पुराने जेट और हथियार सेना को घिसने पड़ते. ये बेहद शर्म की बात है कि 2G ,कामनवेल्थ, कोयला इतने घोटाले हुए लेकिन सेना के लिए कभी कुछ नहीं किया गया.

लेकिन अब मोदी सरकार में एक के बाद एक सेना को ताक़तवर बनाने के फैसले लिए जा रहे हैं. मॉडर्न तोप, जेट, लड़ाकू चॉपर, S400 के बाद अब सेना की ताकत को और बढ़ाने के लिए, ब्रह्मोस और ARV सहित 3000 करोड़ रुपये की सैन्य खरीद को मंजूरी दे दी गयी है.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को नौसेना के दो स्टेल्थ फ्रिगेट (रडार की नजर में पकड़ नहीं आने वाले युद्धपोतों) के लिए ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें और सेना के मुख्य युद्धक टैंक ‘अर्जुन’ के लिए बख्तरबंद रिकवरी वाहन सहित 3,000 करोड़ रुपये मूल्य की सैन्य खरीद को मंजूरी दी. एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी.

सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों खरीद के लिए रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) से अनुमति मिली. डीएसी रक्षा खरीद को लेकर निर्णय लेने वाली रक्षा मंत्रालय की शीर्ष संस्था है.

उन्होंने कहा,‘रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में डीएसी ने करीब 3,000 करोड़ रुपये के रक्षा उपकरणों की खरीद के लिये मंजूरी दी.’ भारत एक अरब डॉलर की कीमत के दो स्टेल्थ फ्रिगेट खरीद रहा है और दोनों जहाज स्वदेश निर्मित ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस होंगे.

अधिकारी ने बताया,‘देश में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइल एक जांची-परखी और प्रमाणिक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है और इसे इन जहाजों पर प्राथमिक हथियार के तौर पर रखा जायेगा.’

अधिकारी ने बताया कि डीएसी ने भारतीय सेना के मुख्य युद्धक टैंक ‘अर्जुन’ के लिए बख्तरबंद रिकवरी वाहन (एआरवी) की खरीद की भी स्वीकृति दी. एआरवी का डिजाइन और विकास डीआरडीओ ने किया है और इसका निर्माण रक्षा क्षेत्र की सार्वजनिक कंपनी बीईएमएल करेगी.
SOURCE DD BHARTI
URL:WWW.BHARTI.IN

सेना चीफ आर्मी बिपिन रावत का पाकिस्तान को करारा तमाचा इमरान खान समेत isi में खलबली

नई दिल्ली। थल सेना प्रमुख बिपिन रावत ने पाकिस्तान को इशारों-इशारों में कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि भारत के पास आतंकी हमलों से निपटने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक से भी अलग विकल्प मौजूद है। एक न्यूज चैनल से बातचीत में जनरल रावत ने कहा, ‘भारतीय सेना आज पहले से ज्यादा तैयार है, हमारे पास ऐसी स्थिति कभी नहीं रही कि हम 26/11 (मुंबई हमले) जैसे हालात से निपटने के अन्य विकल्प न मौजूद रहे हों, उन्होंने कहा कि भारत के पास आतंकी हमलों से निपटने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक के अलावा भी दूसरे अन्य विकल्प मौजूद हैं, हमें सर्जिकल स्ट्राइक-2 करने की जरूरत नहीं है।

मुंबई हमले के 10 साल बाद सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने पाकिस्तान के छद्म युद्ध के बदलते तौर-तरीकों की समीक्षा की। जानकारी के लिए बता दें कि मुंबई हमले को सोमवार को 10 साल हो जाएंगे। जब सेना प्रमुख से यह पूछा गया कि अगर दोबारा मुंबई हमले जैसी घटना दोहराई जाती है तो सेना इससे कैसे निपटेगी, इस पर सेना प्रमुख ने कहा कि बीती हुई घटना से हम काफी आगे बढ़ चुके हैं।

Army chief General Bipin Rawat

जनरल रावत ने कहा कि मैं ये कहने की कोशिश नहीं कर रहा हूं कि हम युद्ध को लेकर किसी तरह का तोल मोल करेंगे, लेकिन अगर हमें कोई एक्शन लेने को कहा गया तो हम उसमें सक्षम हैं, ऐसी स्थिति कभी नहीं आएगी जहां आप बड़े आतंकी हमलों से निपटने में सक्षम नहीं होंगे।

बड़े आतंकी हमलों से निपटने के सवाल पर जनरल रावत ने कहा, ‘हमारे पास विकल्प हैं। हमारे पास अलग-अलग तरह के विकल्प हैं। हर आदमी सर्जिकल स्ट्राइक-2 की बात कर रहा है, लेकिन आप हमेशा एक ही फॉर्मूला नहीं अपनाते हैं, क्योंकि जो कार्रवाई एक बार कर दी जाती है, उससे दुश्मन परिचित हो जाता है और सतर्क रहता है, इसलिए हमारे पास अन्य विकल्प भी हैं।

Army Chief Bipin Rawat

source:hindi.newsroompost

 

ब्रेकिंग – बॉर्डर पर चीन के खिलाफ पीएम मोदी का बड़ा एक्शन, भारतीय सेना के इस कदम से चीन के होश हुए फाख्ता.

कांग्रेस राज में भले ही भारत चीन के साथ हुआ युद्ध हार गया हो, मगर मोदी राज में हालात बदल चुके हैं. भारत की ताकत आज इतनी बढ़ चुकी है कि चीन भारत पर हमला करने की सोच तक नहीं सकता. डोकलाम में चीनी सेना को पीछे हटने पर मजबूर करने के बाद भारत ने चीन के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है.

Though Congress may have lost the war with China in the Congress, but circumstances have changed in Modi Raj. India’s strength has become so big that China can not even think of attacking India. After forced the Chinese army to retreat in Dokalmal, India has taken a big step against China.

तिब्बत के पास चीन सीमा पर भारतीय सेना मुस्तैद
भारत ने अरुणाचल प्रदेश से सटी चीन सीमा पर भारी संख्या में सैनिकों को तैनात कर दिया है. सेना के एक बड़े हिस्से को रणनीतिक तौर पर संवेदनशील माने जाने वाले दिबांग, दाउ देलाइ और लोहित घाटी में तैनात किया गया है. इसके अलावा सेना ने बॉर्डर पर निगरानी भी काफी बढ़ा दी है, जिससे चीन की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है.
बताया जा रहा है कि ये कदम चीन के साथ हुए डोकलाम विवाद को ध्यान में रखकर लिया गया है. पिछले साल भारत और चीन की सेनाएं डोकलाम क्षेत्र को लेकर 72 दिनों तक आमने-सामने रही थीं. सेना के अधिकारियों के मुताबिक, अरुणाचल में सेना अपना निगरानी तंत्र विकसित करने में जुटी है, ताकि चीन पर नजर रखी जा सके.

Indian Army Mighty On Tibet Near China Border
India has deployed a large number of troops on the China border from Arunachal Pradesh. A large section of the army has been deployed in strategically sensitive areas like Dibang, Dau Deli and Lohit Valley. Apart from this, the Army has increased the monitoring on the border too, which is keeping an eye on every activity of China.
It is being said that these steps have been taken keeping in view the Docalm controversy with China. Last year, India and China’s armies were facing face-to-face for 72 days in the field of Dokalam region. According to army officials, the Arunachal army is engaged in developing its monitoring system so that China can be monitored.

चीन के छक्के छुड़ाने के लिए तैयार भारतीय सेना
इलाके की टोह लेने के लिए यहां हेलिकॉप्टर भी भेजे जाते रहे हैं. अधिकारियों ने बताया कि सेनाएं दिबांग, दाउ देलाइ और लोहित घाटियों के खतरनाक इलाकों पर मौजूदगी बढ़ाना चाहती हैं. इनमें 17 हजार फीट ऊंची बर्फीली पहाड़ियां और घाटी की गहराई में स्थित नदियां भी शामिल हैं. चीन हमेशा ही इन इलाकों को लेकर भारत पर दबाव बनाता रहा है.

ndian army ready to get rid of six Chinese chicks
Helicopters have also been dispatched to take recruitment of the area here. Officials said that the forces want to increase presence on the dangerous areas of Dibang, Daw Daili and Lohit valleys. These include the snowy hills of 17 thousand feet high and the rivers located in the depths of the valley. China has always been pressurizing India on these areas.

अरुणाचल के किबिथु में तैनात सेना के एक अधिकारी ने बताया- “डोकलाम के बाद सेना ने इस क्षेत्र में अपनी गतिविधियां बढ़ाई है. हम किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.”सभी रणनीतिक इलाकों पर सेना की पैनी नज़र

An army officer posted in Kibrithu, Arunachal Pradesh, said: “After the dawn, the army has increased its activities in this area. We are fully prepared to deal with any threat. “Army’s sharp eyes on all strategic areas

“भारतीय सेना अब अपनी लंबी दूरी की गश्तों (लॉन्ग रेंज पैट्रोल्स) को बढ़ाने पर ध्यान दे रही है. इसमें छोटी-छोटी टुकड़ियां 15 से 30 दिन के लिए गश्त पर भेजी जाती हैं.” अधिकारी ने बताया कि भारत ये कदम लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) को सुरक्षित बनाए रखने के लिए उठाया है. बता दें कि भारत और चीन बॉर्डर 1962 के बाद से आज तक एक भी गोली नहीं चली है.

“The Indian Army is now focusing on increasing its long range patrols. In this small pieces are sent to patrol for 15 to 30 days. “The official said that India has taken steps to keep the Line of Actual Control (LAC) safe. Please tell us that there has not been a single bullet from India since 1962 till today and China border.

अधिकारी ने नाम ना बताने की शर्त पर कहा कि सेना ने भारत, चीन और म्यांमार ट्राई-जंक्शन जैसे अहम रणनीतिक इलाकों को ध्यान में रखते हुए वहां भी सेना तैनात की है. ड्रोन के जरिये भी इलाके पर नज़र रखी जा रही है.

The official said on condition of anonymity that the army has deployed the army there keeping in mind the important strategic areas of India, China and Myanmar Tri-junction. The area is also being tracked through the drone.

बता दें कि पीएम मोदी ने सत्ता संभालते ही अरुणाचल से सटी चीन सीमा की ओर ध्यान दिया था. कांग्रेस ने तो यहाँ ढंग की सड़कें तक नहीं बनवायी थी, मगर अब ना केवल यहाँ अच्छी सड़कें बनायी जा रही हैं बल्कि ब्रह्मोस मिसाइल को भी यहाँ तैनात किया जा चुका है. चीनी सेना की किसी भी नापाक हरकत का मुहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय सेना को पूरी तरह से तैयार रखा गया है.

Let me tell you that when PM Modi took over the power, he had taken note of China border beyond Arunachal. The Congress did not even build up the roads of the modes, but now only good roads are being built here but the BrahMos missile has also been deployed here. The Indian Army has been fully prepared to give a counterattack to any of the nefarious movements of the Chinese army.

यह विडियो भी देखे

https://youtu.be/o9LQnPMci4I

https://youtu.be/WE3MmmBzG4k

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भारत बन गया विश्व शक्ति, 47 देशों समेत पाकिस्तान की फटी रेह्गायीं आँखें रूस अमेरिका हैरान

नई दिल्ली : पिछले कई दशकों से भ्रष्ट सरकारों ने भारत को लाचार बना के रख दिया था, जिससे नेताओं ने अपनी तिजोरियां अरबों रुपयों से भरी और सरकारी तिजोरी को खाली कर दिया. उस नुकसान का खामियाजा भारत को उठाना पड़ा. हज़ारों करोड़ों की डील करके कांग्रेस विदेश से हथियार खरीदती रही वो भी पुरानी तकनीक वाले, जिससे आये दिन लड़ाकू विमान, पनडुब्बी के हादसे देखने को मिलते थे.

New Delhi: For the past several decades, the corrupt governments had kept India as helpless, so that the leaders filled their safes with billions of rupees and emptied the government vault. India had to bear the brunt of that loss The Congress buying thousands of crores of crores of weapons from abroad was also old technique, from which day the fighter aircraft and submarine were seen in the tragedy.

 

 

तो वहीँ अब भारत में डिफेन्स एक्सपो 2018 की दमदार शुरुआत हो रही, जिसमे एक बार फिर पूरी दुनिया के 47 दिग्गज देश की नामी कंपनियां भारत में आयी हैं. चेन्नई में डिफेंस एक्सपो-2018 दुनिया भर से आए रक्षा क्षेत्र के व्यापारियों जमा हुए हैं.

So it is now the strong defense of the Defense Expo 2018 in India, in which once again renowned companies of 47 great people of the whole world came to India. Defense Expo -2018 in Chennai has gathered the defense sector traders from all over the world.

गुरुवार को एक्सपो का पीएम मोदी ने औपचारिक उद्घाटन किया. चार दिनों की इस प्रदर्शनी में भारत के रक्षा और सार्वजनिक क्षेत्र की ताकत दिखाई जाएगी और रक्षा क्षेत्र में निजी उद्योग की बढ़ती भूमिका को भी उजागर किया जाएगा.

On Thursday, the expo’s PM Modi formally inaugurated. This four-day exhibition will show the strength of India’s defense and public sector, and the growing role of private industry in the defense sector will also be exposed.

मोदी राज में भारत ने दिखाई दुनिया को बेशुमार ताकत, दंग रह गए अमेरिका रूस, जर्मनी

अपने कभी सोचा था कि जो भारत दूसरों से हथियार ख़रीददता था वो कभी दूसरे देशों को हथियार बेच सकेगा. जी हाँ, मोदी सरकार में केवल चार सालों में भारत की पहचान फर्श से अर्श पर पंहुचा दी है. आज भारत दूसरे देशों के आगे हाथ नहीं फैलाता बल्कि आज भारत अपने ही देश में हथियार बना रहा है और दूसरे देशों को हथियार बेच रहा है और खाली हो चुके सरकारी खजाने को लबालब भर रहा है. भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 423 अरब डॉलर पहुंच चुका है जो 2014 से पहले 279 अरब डॉलर का था.

India has seen the world’s huge strength in the state of Modi, stunned America Russia, Germany

It was a thought that India, who bought weapons from others, would be able to sell arms to other countries. Yes, in the Modi government, only four years have given India recognition to the floor. Today, India does not spread to other countries, but today India is making weapons in its own country and selling weapons to other countries and is filling the vacant government treasury. India’s foreign exchange reserves have reached $ 423 billion, which was $ 279 billion before 2014.

अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, अफगानिस्तान और स्वीडन, फिनलैंड 47 देश आये भारत

America, Britain, Russia, Afghanistan and Sweden, Finland 47 countries come to India

इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, अफगानिस्तान और स्वीडन, फिनलैंड, इटली, मैडागास्कर, म्यांमार, नेपाल, पुर्तगाल, सेशेल्स और वियतनाम सहित 47 देश भाग ले रहे हैं.

47 countries including USA, UK, Russia, Afghanistan and Sweden, Finland, Italy, Madagascar, Myanmar, Nepal, Portugal, Seychelles and Vietnam are participating in this.

आपको जानकार हैरानी होगी डिफेंस एक्सपो के इस 10वें संस्करण में पहली बार रक्षा क्षेत्र में देश की ताकत को दिखाने के लिए अलग से ‘भारत पवेलियन’ बनाया गया है. इस प्रदर्शनी के जरिये यह दिखाने की कोशिश की गई है कि भारत रक्षा सिस्टम और उपकरणों के निर्यात में एक ब्रांड बनने की ओर अग्रसर है. खास बात यह है कि प्रदर्शनी में रक्षा क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले छोटे-छोटे उपकरण बनाने में भारत के निजी क्षेत्र की बढ़ती ताकत को दर्शाने की कोशिश की गई है.

You will be surprised to know that in this 10th edition of the Defense Expo, for the first time, ‘Bharat Pavilion’ has been created separately to show the strength of the country in the defense sector. Through this exhibition it has been tried to show that India is looking forward to becoming a brand in defense systems and equipment exports. The special thing is that in the exhibition, efforts have been made to show the growing power of India’s private sector in making small instruments used in the defense sector.

154 अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने दिखाई अपनी रूचि

डिफेन्स एक्सपो 2018 में 517 भारतीय और 154 अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने अपने स्टाल लगाए हैं. प्रदर्शनी में हिस्सा ले रही भारतीय कंपनियों में टाटा, एल एंड टी, भारत फोर्ज, महिंद्रा, एमकेयू, डीआरडीओ, एचएएल, बीईएल, बीडीएल, बीईएमएल, एमडीएल, जीआरएसई, जीएसएल, एचएसएल, मिधानी और आयुध निर्माणी ने अपने-अपने स्टाल लगाए हैं.

154 international companies showed interest in their interest

In Defense Expo 2018, 517 Indian and 154 international companies have installed their stalls. Indian companies participating in the exhibition have set up their own stalls by Tata, L & T, Bharat Forge, Mahindra, MKU, DRDO, HAL, BEL, BDL, BEML, MDL, GRSE, GSL, HSL, Matsya and Ordnance Factory.

तो वहीँ दुनिया की सबसे बड़ी कम्पनिया लॉकहीड मार्टिन, अमेरिका की बोइंग, स्वीडन की साब, एयर बस, फ्रांस की राफेल, रूस की यूनाइटेड शिप बिल्डिंग, ब्रिटेन की बीएई सिस्टम्स, इजराइल की सिबत, फिनलैंड की वा‌िर्त्सला और जर्मनी की होर्डे एंड स्च्वार्ज ने यहां अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए स्टाल लगाए हैं.

So, the world’s largest company Lockheed Martin, America’s Boeing, Sweden’s Saab, Airbus, Rafael of France, United Ship Building of Russia, BAE Systems of Britain, Israel’s Sybit from Finland, Germany’s Horde and Schwartz Here are stalls to display your products.

मोदी राज में भारत की छुपी हुई प्रतिभा सामने आयी है, भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है. बढ़ती हुई जनसँख्या जो चीन की सबसे बड़ी परेशानी है, लेकिन भारत ने इस समस्या का सही इस्तेमाल किया है. भारत एक बाजार के रूप में उभर रहा है, दुनिया की दिग्गज कंपनियां भारत में निवेश कर रही हैं, भारत के लोगों को रोज़गार मिलेगा और हथियार बनने के बाद अमेरिका रूस, जापान , वियतनाम देशों को बेचने से भारत का भी शक्तिशाली देशों में नाम होगा.

India’s hidden talent has emerged in Modi Raj, India is the world’s largest market today. Growing population which is China’s biggest problem, but India has used this problem rightly. India is emerging as a market, world’s largest companies are investing in India, people of India will get employment and after becoming weapons, America will be named in powerful countries by selling to Russia, Japan and Vietnam countries. .

यह भी देखे
https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

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मोदी सरकार ने किया ये जबरदस्त ऐलान,भारतीय सेना को मिला सबसे बड़ी ताकत जिसे देख चीन समेत अमेरिका तक रहा गया दंग

नई दिल्ली : रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को सेना के जवानों के लिए 1.86 लाख बुलेट प्रूफ का ऑर्डर दिया है. इसके लिए भारतीय सेना 639 करोड़ रुपये खर्च करेगी. इसके साथ ही पिछले 9 सालों से चला आ रहा सेना का लंबा इंतजार खत्म होता दिख रहा है. सीमा पर तैनात जवानों और आतंकियों के खिलाफ अभियान में शामिल होने वाले जवानों को ये बुलेटप्रूफ जैकेट दिए जाएंगे.

New Delhi: The Ministry of Defense has ordered 1.86 lakh bullet proof orders for the army personnel on Monday. For this, the Indian Army will spend Rs. 639 crores. Along with this, the long wait of the army, which has been running from last 9 years, seems to have ended. These bulletproof jackets will be given to the jawans who are involved in the campaign against the soldiers and terrorists stationed on the border.

16 अक्टूबर 2009 को रक्षा मंत्रालय ने सेना के जवानों के लिए एक लाख 86 हजार एक सौ अड़तीस बुलेट प्रूफ जैकेट खरीदने को लेकर अपनी स्वीकृति दी थी, लेकिन कई अन्य कारणों से आर्मी इन बुलेट प्रूफ जैकेट्स को हासिल नहीं कर पाई. यही नहीं 2015 में टीबीआरएल चंडीगढ़ में किया गया इन जैकेट्स का ट्रायल भी फेल रहा. इसके बाद इमरजेंसी में 2016 में 50 हजार जैकेट्स मंगाए गए, जिनकी डिलीवरी पिछले साल पूरी हुई है.

On October 16, 2009, the Ministry of Defense gave its approval for procuring one lakh 86 thousand one hundred thirty eight bullet proof jackets for the troops, but for many other reasons the army could not achieve these bullet proof jackets. Not only this, the trials of these jackets made in TBRL Chandigarh in 2015 have also failed. After this, in the emergency, 50,000 jackets were invented in 2016, whose delivery was completed last year.

नए बुलेट प्रूफ जैकेट्स का निर्माण रक्षा उपकरण मैन्युफैक्चरर एसएमपीपी प्राइवेट लिमिटेड करेगी, जिसके सैंपल टीबीआरएल चंडीगढ़ में ट्रायल के दौरान सही पाए गए हैं. एसएमपीपी ने दो टॉप बुलेट प्रूफ मैन्युफैक्चर्स को पछाड़ा है.

The construction of new bullet proof jackets will be made by Defense Equipment Manufacturer SMPP Pvt Ltd whose samples were found correct during Trial in Chandigarh. SMPP has overtaken the two top bullet-proof manufacturing capacities.

ये बुलेट प्रूफ जैकेट्स जवानों को 360 डिग्री की सुरक्षा प्रदान करते हैं. साथ ही गले और ग्रोइन को भी सुरक्षा कवर प्रदान करते हैं. हर जैकेट में बैलिस्टिक फैब्रिक होती है, जिसमें बोरॉन कार्बाइड सेरॉमिक प्लेट लगी होती है. हर जैकेट का वजन लगभग 10 किलोग्राम होता है और यह लेवल थ्री प्लस की सुरक्षा उपलब्ध कराती है. यह जैकेट 7.62 गुणा 51 के हथियारों से निकले फायर को सीधे रोक सकती है. साथ ही 5.56 गुणा 45 इंसास और 7.62 गुणा 39 एमएम एके-47 के स्टील कोर बुलेट्स को भी रोक सकती है.

These bullet proof jackets provide 360 ​​degree protection to the jawans. As well as providing protection cover to Neck and Groin. Each jacket has a ballistic fabric, with a boron carbide ceramic plate attached. Each jacket weighs around 10 kilograms and provides level 3 protection protection. This jacket can stop the fire from 7.62 times 51 weapons directly. Also 5.56 times 45 ISSAS and 7.62 times 39 mm AK-47 steel core bullets can also be stopped.

एसएमपीपी के सीएमडी एससी कंसल ने कहा, ‘बोरॉन कार्बाइड सेरॉमिक प्लेट जो हम प्रयोग करते हैं, वो अपनी तरह का सबसे हल्का मैटेरियल है, जो बैलिस्टिक प्रोटेक्शन में काम आता है.’ उन्होंने कहा कि इसकी वजह से हमारा बीपी जैकेट्स सबसे कम वजन में बेस्ट क्लास का बैलिस्टिक प्रोटेक्शन उपलब्ध कराता है.

CMPP CMD SC Council said, “The Boron carbide ceramic plate which we use is the lightest material of its kind, which is used in ballistic protection.” He said that due to this our BP jackets have the lowest weight Best class provides ballistic protection.

दशकों का इंतजार खत्म! भारतीय सेना को मिलेगी 360 डिग्री सुरक्षा, मोदी सरकार ने किया ये शानदार ऐलान..

Awaiting decades! Indian Army will get 360-degree security, Modi government has done this magnificent announcement ..

एसएमपीपी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर आशीष कंसल ने कहा कि हमारी फर्म दुनिया की उन पांच फर्मों में से एक है, जो सेरॉमिक बनाती हैं. यह सबसे हल्का और मजबूत पदार्थ है, जो बुलेट को रोक सकता है.

SMPP Executive Director Ashish Kansal said that our firm is one of the five firms in the world who make ceramics. It is the lightest and strongest substance that can stop the bullet.

एसएमपीपी अगले कुछ महीनों में ही जैकेट्स की डिलिवरी शुरू कर देगी और तीन साल के भीतर इस ऑर्डर को पूरा करेगी. एसएमपीपी के सीएमडी डॉक्टर एससी कंसल ने एक रिलीज में कहा कि नए जैकेट्स भारतीय आर्मी के जीएसक्यूआर 1438 मानक वाले होंगे.

The SMPP will start delivery of jackets in the next few months and will complete this order within three years. SMPP CMD Dr. SC Concil said in a release that the new jackets will be the GSQR 1438 standard of the Indian Army.

हालांकि आर्मी को कम से कम 3,53,465 बुलेट प्रूफ जैकेट्स की जरूरत है, रक्षा मंत्रालय के नए ऑर्डर से आर्मी की कुछ जरूरतें तो पूरी होंगी.
Although the Army needs at least 3,53,465 bullet proof jackets, the new order of the Ministry of Defense will meet some requirements of the Army.

यह भी देखे
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https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8
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खास खबर :PM मोदी की बेहद महत्वाकांशी छलांग सेना को मिली ये जबरदस्त ताकत,पाक-चीन में दहशत

नई दिल्ली : भारतीय सेना को वक़्त दर वक़्त मज़बूत करने के लिए हर प्रयास किये जा रहे हैं, आधुनिक हथियार से लेकर, बुलेटप्रूफ वाहन, जैकेट की प्रक्रिया तेज़ी से शुरू हो चुकी है. तो वहीँ अब भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) आज भारतीय सेना को तीसरी आँख सौंपने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है.

New Delhi: Every effort is being made to strengthen the Indian Army at the rate of time, from modern weapons, bulletproof vehicles, jackets have been started faster. So now the Indian Space Research Organization (ISRO) is going to take historic steps to hand over the third eye to the Indian Army today.

भारतीय सेना को मिलेगी शक्तिशाली पावर

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक भारत का दमदार संचार सैटलाइट GSAT-6A श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र से गुरुवार को उड़ान भरेगा. यह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और भारतीय सेनाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक और मील का पत्थर साबित होगा. मोदी सरकार ने सेना को सशक्त बनाने के लिए इसरो को आदेश दिए हैं कि जल्द से जल्द सेना की हर मांग पूरी हो.

Indian army will get powerful power

According to the big news now available, India’s strong communications satellite GSAT-6A will fly from Sriharikota’s Space Launch Center on Thursday. This will prove to be another milestone in empowering the Indian Space Research Organization (ISRO) and the Indian Army. The Modi government has ordered ISRO to empower the army, that every demand of the army is fulfilled as soon as possible.

GSAT-6A की लॉन्चिंग से भारतीय सेनाओं की कम्‍यूनिकेशन सर्विसेज की गुणवत्‍ता में और सुधार होगा. यह तीनों सेनाओं के बीच में सूचनाओं के तीव्र और स्पष्ट समझ को विकिसत करने में भी मदद करेगा. इसके साथ साथ यह दुश्मन की भी हर चाल पर नज़र रखेगा. इसकी सेना को लम्बे वक़्त से ज़रूरत थी. सुरक्षा लिहाज से इसके सारे फीचर नहीं बताये जायेंगे.

The launch of GSAT-6A will further improve the quality of the communications services of Indian forces. It will also help in developing the rapid and clear understanding of information among the three armies. Along with this, it will monitor every move of the enemy. Its army was needed for a long time. All its features will not be described in a security context.

इसरो ने बताया कि इस उपग्रह को भारत के आधुनिक जियोसिनक्रोनस उपग्रह प्रक्षेपण यान यानी जीएसएलवी रॉकेट की मदद से अंतरिक्ष में पहुंचाया जाएगा. जीएसएलवी-एफ08 रॉकेट उपग्रह को पृथ्वी की कक्षा में सटीक जगह पर स्थापित करेगा. इस उपग्रह का जीवनकाल 10 वर्ष होगा. इसे 29 मार्च की शाम 4 बजकर 56 मिनट पर श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित किए जाने की उम्मीद है.

ISRO said that this satellite will be transported into space with the help of the modern Geosynchronous satellite launch vehicle of India, i.e. GSLV Rocket. The GSLV-F8 rocket will set up satellites in the exact location of Earth’s orbit. The life of this satellite will be 10 years. It is expected to be launched from Sriharikota-based space station on the evening of March 29 at 4 pm and 56 minutes

इसरो के मुताबिक इस उपग्रह का एंटेना बाकी किसी भी एंटेना से तीन गुना ज्‍यादा बड़ा है. वै‍ज्ञ‍ानिकों का कहना है कि जीसैट-6ए बाकी कम्‍यूनिकेशन सैटेलाइट की तुलना में काफी अलग है. यह सैटेलाइट भारतीय सेना की जरूरतों को पूरा करेगा। आपको बता दें कि जीसैट-6 साल 27 अगस्‍त 2015 से ही कम्‍यूनिकेशन सर्विसेज दे रहा है.

According to ISRO, the satellite’s antenna is three times bigger than any other antenna. Scientists say that GSAT-6A is significantly different than the rest of the communication satellite. This satellite will meet the requirements of the Indian Army. Let us know that GSAT-6 has been providing communication services since August 27, 2015.

इस उपग्रह का वजन 2,140 किलोग्राम है. यानि इसका वजन 415.6 टन है. इसका रॉकेट 49.1 मीटर लंबा है. लॉन्‍च होने के 17 मिनट बाद जीसैट-6ए कक्षा में पहुंच जाएगा. इस पूरे मिशन की कीमत 270 करोड़ रुपए है.

The weight of this satellite is 2,140 kilograms. That is, its weight is 415.6 tons. Its rocket is 49.1 meters long. After 17 minutes of launch, the GSAT-6A will reach the class. The cost of this entire mission is Rs. 270 crores

एक तरफ चीन जैसा देश जिसकी अंतरिक्ष की बड़ी असफलता आज दुनिया के लिए बड़ा खतरा बन गयी है. चीन का अंतरिक्ष में स्पेस स्टेशन फ़ैल हो चुका है और वो अब धरती की तरफ गिर रहा है. जिसके चपेट में कई शहर आ सकते हैं. हालाँकि कुछ वैज्ञानिकों का ये भी मानना है कि ये धरती पर गिरने से पहले ही नष्ट हो जाएगा

On the one hand, a country like China whose major failure of space has become a major threat to the world today. China’s space station has expanded in space and it is now falling towards the Earth. Many cities can come in its grip. However, some scientists also believe that they will be destroyed before falling on earth.

यह भी देखे

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बड़ी खबर : इजराइल के बाद, भारत में PM मोदी सरकार फिर लायी ऐसी क्रांतिकारी बदलाव, जिसे देख सेना चीफ समेत पूरा देश हैरान…

नई दिल्ली : आज देश में कोने कोने में देशद्रोही सोच वाले, आज़ादी गैंग वाले, वामपंथी सोच वाले, सेना को बलात्कारी तक बताने वाले इसलिए पैदा हो रहे हैं क्यूंकि इनके परिवार वालों और इनके स्कूल, कॉलेज की शिक्षा में बहुत बड़ी खामी रही है.

अगर इन्होने स्कूल कॉलेज से ही भारतीय सेना की ट्रेनिंग मिली होती तो आज देश में ऐसी सोच के लोग पैदा ही नहीं होते. ठीक इजराइल देश की तरह वहां कोई देशद्रोही वाली बातें, या देश तोड़ने वाली बातें नहीं करता क्यूंकि वहां सेना में अपनी सेवाएं देना अनिवार्य होता है.

मोदी सरकार में युवाओं को सेना से जोड़ने के लिए क्रांतिकारी बदलाव की तैयारी
लेकिन अब जाकर बड़ी खुशखबरी भारत में सुनने को मिलेगी ठीक इजराइल की तरह भारत में भी अब ये शानदार प्रस्ताव पेश हो चुका है, हालाँकि ये जेएनयू जैसे छात्रों और मणिशंकर ऐय्यार और फारूक अब्दुल्ला,ओवैसी जैसों के लिए बुरी खबर हो सकती है.

अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर अनुसार जो लोग राज्य या केंद्र सरकार के साथ एक सरकारी नौकरी चाहते हैं, उन्हें जवानों की कमी को पूरा करने के लिए सशस्त्र बलों के साथ अनिवार्य रूप से पांच साल लगाना पड़ सकता है.

इजराइल देश की तरह भारत में भी अब लागु होगा नियम
मंगलवार (13 मार्च) को संसदीय स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट पेश करते हुए संसद में कहा कि वर्तमान समय में भारतीय सेना जवानों की कमी से जूझ रही है, जिसे वक्त रहते पूरा करने की आवश्यकता है.

भारतीय सेना में ही 7 हजार से ज्यादा अफसरों और बीस हजार से ज्यादा जवानों की कमी है. इसी तरह भारतीय वासुसेना में डेढ़ सौ अफसरों और 15 हजार से ज्यादा जवानों की कमी है. वहीं भारतीय नौसेना में भी 150 से अधिक अफसरों और 15 हजार से करीब लोगों की कमी है. वहीँ सेना में महिलाओं की गिनती तो ना के बराबर है जबकि सरकारी नौकरी में तो लड़कियों की भरमार है.

सरकारी नौकरी में करोड़ों युवा की भीड़ सेना में इसके आधे से भी कम
आज देश का युवा सरकारी नौकरी तो चाहता है, बड़ी बड़ी देशभक्ति की बातें करता है लेकिन भारतीय सेना में शामिल होकर अपने देश की रक्षा करने के लिए अपने कदम आगे नहीं बढ़ाना चाहता है. यही वजह है कि देश में कई छात्रों के दिमाग खराब हो रहे हैं और वो जेएनयू, डीयू के जैसे छात्र बन रहे हैं ये सड़क पर अपने ही देश के टुकड़े करने की मांग करते हैं. शिक्षण संसथान में राष्ट्र ध्वज तिरंगा लगाने का विरोध करते हैं, यूनिवर्सिटी में प्रेरणा के लिए सेना का टैंक खड़ा कर दिया जाय तो इनकी धड़कनें रुक जाती हैं, ये कहते हैं हम पर राष्ट्रभक्ति थोपी जा रही है, ये राष्ट्रगान पर 52 सेकंड खड़ा होना अपनी बेइज़्ज़ती समझते हैं.

पेश हुआ ज़बरदस्त प्रस्ताव
संसदीय स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट देते हुए ज़बरदस्त प्रस्ताव रखा है. उसमे कहा गया है देश में सरकारी नौकरी करने से पहले युवाओं को 5 साल सरहद पर सेना की सर्विस में तैनात किया जाना चाहिए.

मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी की शानदार पहल
केंद्रीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सरकारी नौकरी से पहले अगर लोगों को सेना की सर्विस में लगाया जाएगा तो वह ज्यादा अनुशासित होंगे. समिति ने कहा है कि भारतीय रेलवे से लेकर तमाम सरकारी विभागों में नौकरी के लिए जितने आवेदन आते हैं, उसके आधे आवेदन सेना में आते हैं. लोगों का ध्यान सरकारी नौकरी पाने के लिए तो है लेकिन देश की सेवा करने के लिए सेना में आने की ओर नहीं है.भाजपा सांसद मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी (रिटायर) की अध्यक्षता वाली समिति की संसद में पेश रिपोर्ट में यह चिंता जाहिर की गई है.

जबकि केंद्रीय नौकरियों में रेलवे के पास 30 लाख से ज्यादा कर्मचारी हैं, जबकि राज्य सरकारों में दो करोड़ से ज्यादा लोग कार्यरत हैं. कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग आने वाले दिनों में सरकारी नौकरी की चाहत रखने वाले लोगों के लिए इसे अनिवार्य करने पर विचार कर रहा है.

भविष्य के सरकारी कर्मियों के लिए अनिवार्य मिलिट्री सर्विस के इस प्रस्ताव को रक्षा मंत्रालय ने सशस्त्र बलों में जवानों की कमी को पूरा करने के लिए आपात कदम के रूप में आगे बढ़ाया है. बता दें कि पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी ने भी इस प्रस्ताव की सिफारिश की है. हालाँकि अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गयी तो कई वामपंथी छात्र संगठन के सीने में आग लग जायेगी. लेकिन बीमार शरीर को ठीक करने के लिए कड़वी दवा पिलानी ही पड़ती है.

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युद्ध के माहौल के बीच भारतीय सेना ने पाकिस्तान सेना को दिया ऐसा मुहं तोड़ जबाब , जिसे देख जान की भीख मांग रहा है नापाक

पाकिस्तान की काली करतूत आज पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हो चुकी हैं. किस तरह पाकिस्तान अपनी आस्तीन में आतंक को को पाल कर आतंक को बढ़ावा दे रहा है. पाकिस्तान की तरफ से आये दिन भारत पर गोलीबारी की खबरें आती रहती हैं. भारत की तरफ से भी पाकिस्तान को मुहतोड़ जवाब बराबर दिया जा रहा है जिसके बाद भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नही आ रहा है. पूरी दुनिया में पाकिस्तान को आतंकी देश के नाम से जाना जाता है. आईवी लीग ऑफ टेररिज्म’ और ‘टेररिस्तान’ के बाद अब भारत ने पाकिस्तान के साथ देखिये क्या किया है. आइये बताते हैं आपको…

The black act of Pakistan has become famous all over the world today. In what way Pakistan is promoting terror by tearing terror in its sleeves. Pakistan’s news of firing on Indian days is coming. Even Pakistan is giving equal answer to Pakistan’s answer to it, even then Pakistan is not able to respond to its objections. Pakistan is known as a terrorist country all over the world. After the ‘Ivy League of Terrorism’ and ‘Terrorist’, what has India seen with Pakistan now? Let’s tell you …

आपकी जानकारी के लिए बता दें पाकिस्तान हमेशा से आतंकवाद को समर्थन करता आया है. भारत-पाक सीमा पर आये दिन पाकिस्तान की तरफ से सीज फायर और घुसपैठ होती आई है. अब भारत ने इस आतंकी देश को एक नया नाम दिया है जिसे जानने के बाद आप भी कहेंगे ये पाकिस्तान पर बिल्कुल सटीक बैठता है. भारत ने पाकिस्तान के लिए ‘स्पेशल टेररिस्ट जोन’ कहा है. बता दें मानवाधिकार काउंसिल में भारत की सेकेंड सेक्रेटरी कुमाम ने कहा है कि “हम काउंसिल से गुजारिश करते हैं कि वह पाकिस्तान से सीमा पार से आतंकी गतिविधियों को बंद करने को कहे, जोकि आतंकियों के लिए स्पेशल टेररिस्ट जोन्स, सुरक्षित पनाहगाह बन गया है.’

For your information, tell Pakistan Pakistan has always supported terrorism. On the Indo-Pak border, on the side of Pakistan, seized fire and infiltration has been coming from Pakistan. Now India has given a new name to this terrorist country, after knowing that you will also say it is absolutely accurate on Pakistan. India has called ‘Special Terrorist Zone’ for Pakistan. In the Human Rights Council, India’s Second Secretary, Kumam has said that “We ask the Council to ask Pakistan to stop terrorist activities from across the border, which has become a Special Terrorist Jones, safe haven for terrorists.” ‘

गौरतलब है कि कश्मीर पर पाकिस्तान के राजनयिक के बयान के बाद भारतीय सचिव ने जम्मू में पाक को करारा जवाब दिया है. उन्होंने आतंकी समस्या के असली कारण गिनाते हुए पाकिस्तान को खरी-खोटी सुनाई है. पाकिस्तान की तरफ से आतंक को मिल रहे समर्थन को मूल जड़ बताते हुए कुमाम ने कहा कि इस समस्या से पाकिस्तान के भीतर भी संकट खड़ा हुआ है. पाकिस्तान की ओर से किये जा रहे उलंघनों पर कार्रवाई की जानी चाहिए.

Significantly, after the statement of Pakistani diplomat on Kashmir, Indian Secretary has given a reproof to Pakistan in Jammu. He cited Pakistan as a real cause of terrorism and said the lies were false. Describing the support given by the Pakistan side as the root cause of terror, Kumam said that this problem has also created a crisis within Pakistan. Action should be taken against the wrongdoings being done by Pakistan.

कुमाम ने जवाब देते हुए कहा है कि ‘हम दृढ़ता से पाकिस्तान द्वारा बार-बार काउंसिल का दुरुपयोग करने और भारतीय राज्य जम्मू कश्मीर के बारे में भ्रामक प्रचार करने का विरोध करते हैं. काउंसिल को पाकिस्तान में हो रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन के बारे में अधिक सचेत होने की जरूरत है, जोकि सुव्यवस्थित रूप से बलूचिस्तान, सिंध, खैबर पख्तनूवा के साथ पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहा है. पाकिस्तान लंबे समय से अपनी क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं को ढंकने का प्रयास कर रहा है और मानवाधिकारों का ढोंग करते हुए आतंक को राज्य नीति के रूप में यूज करता रहा है.’

Qumam has said, “We strongly oppose Pakistan repeatedly misusing the Council and misleading public opinion about the Indian state of Jammu and Kashmir. The Council needs to be more conscious of the violation of human rights in Pakistan, which is systematically violating human rights in Balochistan, Sindh, Khyber Pakhtunkhwa, Pakistan Occupied Kashmir. Pakistan has been trying to cover its regional ambitions for a long time and pretending human rights, terrorism has been used as a state policy.

भारतीय राजनयिक ने आतंक को समर्थित करने पर पाकिस्तान को खुलकर सुनाई हैं. उन्होंने कहा है कि किस तरह पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर की शांति को प्रभावित कर रहा है. उन्होंने बताया है कि ‘आतंकवाद मानवाधिकारों का सबसे बड़ा उल्लंघन है. जम्मू-कश्मीर राज्य में असली समस्या आतंकवाद है, जिसे पाकिस्तान की ओर से लगातार मदद मिल रही है.’ कुमाम ने आगे कहा है कि पाकिस्तान अपने यहाँ अल्पसंख्यकों के धर्म परिवर्तन, जबरदस्ती शादी और अपहरण जैसी समस्याओं पर रोक लगाये.

Indian diplomat has spoken to Pakistan on the backing of terror. He has said that how Pakistan is affecting the peace of Jammu and Kashmir. He has said that ‘terrorism is the biggest violation of human rights. The real problem in the state of Jammu and Kashmir is terrorism, which is continuously getting help from Pakistan. “Kumam further said that Pakistan has banned the minorities’ problems like change of religion, forced marriage and abduction.

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जोरदार हमला: मोदी सरकार ने दिया सेना को ऐसा जानलेवा बख़्तर, चीन समेत पाक में मची तबाही !

नई दिल्ली दुश्मनों से निपटने के लिए मोदी सरकार भारतीय सेना को वैसे तो कई तरह के आधुनिक हथियार और बुलेट प्रूफ जैकेट दे ही रही है, मगर इस बार सरकार ने एक ऐसा जबरदस्त फैसला लिया है, जिससे दुश्मनों में तबाही मचाने के लिए भारतीय सेना को काफी सहायता मिलने जा रही है. भारतीय सेना को मिलने जा रहे इस हथियार का जवाब चीन और पाकिस्तान सेना के पास भी नहीं है.

In order to deal with the enemies of the New Delhi, Modi Government has been giving various types of modern weapons and bullet proof jackets to the Indian Army, but this time the government has taken such a tremendous decision, to help the Indian Army There is a lot of support going on. The answer to this weapon going to meet the Indian Army is not even with the Chinese and Pakistan army.

बुलेट प्रूफ बंकरों से करेंगे दुश्मनों का विनाश
दरअसल अब भारतीय सेना ऐसे बंकर बनाने जा रही है जो पोर्टेबल और बुलेट प्रूफ हों. पत्थर और मिट्टी के बंकरों की जगह पर ऐसे बंकरों का निर्माण किया जाएगा, जो स्टील के हों और मजबूत हों. पाकिस्तान और चीन की चुनौतियों से मोर्चा लेने वाले जवानों को ऐसे बंकर मिलने से वो दुश्मन के हमले से सुअक्षित रह सकेंगे और मजबूती से दुशमन पर धावा बोल सकेंगे.

Bullet proof bunkers will destroy the enemies
Indeed, the Indian Army is going to build a bunker, which is portable and bullet proof. Bunkers will be constructed at the place of stone and soil bunkers, which are steel and strong. By getting such bunkers from the challenges of Pakistan and China, such a bunker will be able to stay safe with the enemy attack and will be able to rush firmly on the enemy.

नए बंकरो के निर्माण का उद्देश्य सुरक्षा मानकों को और मजबूत करना है. इसके लिए ज्यादा से ज्यादा मात्रा में बुलेटप्रूफ सामान का प्रयोग किया जाएगा, जिनमें जैकेट और गाड़ियां भी शामिल हैं. यानी बंकर भी बुलेट प्रूफ होंगे, साथ ही जवान बुलेट प्रूफ जैकेट पहने होंगे और उनकी गाड़ियां भी बख्तरबंद होंगी, जो दुश्मन की गोलियां आसानी से झेल जाएंगी और जवानों की जान बचा लेंगी.

The objective of building new bunkers is to strengthen security standards. For this, bulletproof bags will be used in maximum quantities, including jackets and trains. That means the bunker will also be bullet proof, as well as the youth will be wearing bullet proof jackets and their vehicles will also be armored, which will easily catch the enemy pills and save the lives of the soldiers.

बता दें कि कांग्रेस ने अपने 60 साल के राज में सेना के जवानों की सुरक्षा की ओर कभी कुछ ख़ास ध्यान नहीं दिया. जवान मिटटी व् पत्थरों के बंकरों से दुश्मन से लोहा लेते आये हैं और ऐसे बंकरों के कमजोर होने के कारण जवानों को असमय ही अपनी जान से हाथ धोना पड़ता था.

Let us state that the Congress has never given special attention towards the security of the army personnel in its 60-year rule. Young men have come from the land of the bunks of clay and stones, and due to the weakness of such bunkers, the soldiers had to wash their lives in the meantime.

मिटटी के नहीं, फौलाद के होंगे बंकर
सेना के इस कदम के पीछे मुख्य उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था और चाक-चौबंद करने के साथ सेना को स्थानीय जरूरतों के अनुसार तैयार करना है. विदेशी उपकरणों पर निर्भरता कम कर सेना को घरेलू हालात में और मजबूत बनाना ही भारतीय सेना की प्राथमिकता है.

Not of soil, steel can be bunker
The main objective behind this move of the army is to make the army in accordance with the local needs, with the security system and chalking. Reducing dependence on foreign equipment and strengthening the army in the domestic situation is the priority of the Indian Army.

बता दें कि इस वक्त सेना में 2 तरह के बंकर इस्तेमाल किए जाते हैं. पत्थर और मिट्टी वाले बंकर मजबूती के लिहाज से ठीक नहीं होते. दुश्मनों का हमला झेलने की इनकी क्षमता नहीं होती और जल्द ही ध्वस्त हो जाते हैं. दूसरे बंकर स्टील वाले होते हैं, जिनका निर्माण मुश्किल होता है. इन स्टील के बंकरों पर दुश्मन की गोलियों का असर नहीं होता और इनमे कुछ ऐसे छेद बने होते हैं, जिनसे जवान दुश्मनों पर गोलियां चलाते हैं

Explain that two types of bunkers are used in the army at this time. Boulders with stones and soil are not well enough in terms of strength. They do not have the ability to withstand the attack of enemies and they are destroyed soon. The second bunker is steel, which is difficult to construct. These steel bunkers are not affected by enemy bullets and some of these holes are formed by which the young soldiers firing on enemies

मगर अब कोयटंबूर की अमृता यूनिवर्सिटी ने एक ऐसे बंकर मॉडल का निर्माण किया है, जो हल्के स्टील से बना है और बीच में प्लाइवुड का इस्तेमाल किया गया है, ये बंकर बनाने आसान भी हैं और जवानों की रक्षा करने में भी बेहतरीन हैं. सेना को ये बंकर मिलने से हर जवान की ताकत कई गुना तक बढ़ जायेगी.

Now Amrita University of Coetambur has built a bunker model which is made of light steel and plywood is used in the middle, these bunkers are easy to make and are also excellent in protecting the soldiers. By getting this army bunker, the strength of every young man will increase manifold.

खास खबर: 2 मोर्चो पर युद्ध का सच आया सामने, सच्चाई जान -रक्षामंत्री समेत PM मोदी हैरान..

New Delhi: 1962 के युद्ध में चीन से भारत भले ही हार गया हो, लेकिन आज इंडियन आर्मी की ताकत इतनी ज्‍यादा है कि इसका अंदाजा चीन को जरूर होगा। चलिए बताते हैं भारतीय सेना के ऐसे ब्रह्मास्‍त्र के बारे में जो पूरी दुनिया को हिलाने की ताकत रखते हैं।

New Delhi: India may have lost India in the war of 1962, but today the strength of the Indian Army is so much that it must be understood by China. Let’s say about the Indian Army’s Brahmastra which has the power to move the whole world.

Su-30Mki-लड़ाकू विमानः अब तक का सबसे शानदार एयरक्राफ्ट जिसे वायुसेना की क्रीम भी कहा जाता है। रूस की मदद से बना ये फाइटर जेट किसी भी मौसम में मार करने की क्षमता रखता है। आज की तारीख में एयरफोर्स के पास 200 से ज्यादा सुखोई -30 विमान हैं जो 2100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है। इसमें 30 एमएम की गन के साथ हवा से हवा, हवा से जमीन और एंटीशिप मिसाइलें लगी हुई हैं। इसके अलवा इसमें 6 तरह के बम फिट किए जा सकते हैं।

Su-30Mki- Combat Aircraft: The most spectacular aircraft ever known, which is also called Air Force Cream. These fighter jets made with the help of Russia have the ability to kill in any season. At present, the Air Force has more than 200 Sukhoi-30 aircraft which can fly at 2100 kilometers per hour. It has air with air, air from the ground and antiship missiles with 30 mm of guns. Apart from this, 6 types of bombs can be fitted in it.

अर्जुन मार्क-II टैंकः ये भारतीय सेना का मुख्य युद्धक टैंक है, जिसे बेहद खतरनाक माना जाता है। ये अर्जुन टैंक का अत्याधुनिक थर्ड जेनेरेशन टैंक है जिसमें कई सुधार किए गए हैं। ये टैंक किसी भी परिस्थिति में शानदार मार कर सकता है। ये पलक झपकते ही अपने शिकार को निशाना बना लेता है। इसके ऊपर रिमोट संचालित मशीन गन लगी होती हैं। सेना में इसे दीवार कहा जाता है, जिसे तोड़ना दुश्मनों के बस में नहीं।

Arjun Mark-II Tank: This is the main battle tank of the Indian Army, which is considered to be extremely dangerous. This is the state-of-the-art third generation tank of Arjun Tank, which has made several improvements. These tanks can hit sparkles in any situation. It blows his prey on the blink of a moment. Above it are remote powered machine guns. In the army it is called a wall, which is not in the enemy’s bus.

INS विक्रमादित्यः अपनी खूबियों के चलते इसे तैरता एयरफील्ड और मिनी शहर भी कहा जाता है। INS विक्रमादित्य को समंदर का राजा कहा जाता है। नेवी के लिए ये गेम चेंजर की तरह है ये 45 हजार टन से ज्यादा वजन लेकर चलने में सक्षम है। इसकी लंबाई 283।5 मीटर है और 22 डेक हैं। आईएनएस विक्रमादित्य की रफ्तार लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटे है जिस पर 36 एयरक्राफ्ट रखे जा सकते हैं।

INS Vikramaditya: It is also called Airfield and Mini City floating due to its strengths. INS Vikramaditya is said to be the king of the sea. Like the game changer for the Navy, it is capable of carrying more than 45 thousand tonnes of weight. Its length is 283.5 meters and 22 are decks. The speed of INS Vikramaditya is about 60 kilometers per hour, which can be kept 36 aircraft.

क्रूज मिसाइल – जिसे गेम फिनिशर भी कहा जाता है। इसे भारत और रूस ने मिलकर तैयार किया है जिसे पनडुब्बी, जहाज, एयरक्राफ्ट या जमीन कहीं से भी लॉन्च किया जा सकता है। ऑपरेशन के मामले में इसे दुनिया का सबसे तेज क्रूज मिसाइल माना जाता है। 300 किलो विस्फोटक ले जाने में सक्षम ये मिसाइल 300 किलोमीटर तक मार कर सकती है।

Cruise missile – also called game finisher. It is compiled by India and Russia, which can be launched from anywhere, submarines, ships, aircraft or land. In the case of operation it is considered the world’s fastest cruise missile. These missiles capable of carrying 300 kilos of explosive can kill 300 kilometers.

INS चक्रः इसे स्टील से बनी शार्क भी कहा जाता है। ये पनडुब्बी पानी के अंदर जब तक चाहे रह सकती है। भारत ने नेवी को ट्रेंड करने के लिए इसे दस साल के लिए रूस से लीज पर लिया है। ये परंपरागत हथियार, चार 533 एमएम और चार 650 एमएम टोरपेडो ट्यूब्स ले जाने में सक्षम है, जो दुश्मन के शिप को उड़ाने में काम आते हैं। इसे सबसे तेज परमाणु पनडुब्बी माना जाता है।

INS Chakra: It is also called shark made of steel. This submarine can stay in the water as long as possible. India has leased it to Russia for ten years to trek the Navy. It is capable of carrying conventional weapons, four 533 mm and four 650 mm torpedo tubes, which are used to blow the enemy ship. It is considered the fastest nuclear submarine.

अग्नि-5: इसे किलर मिसाइल भी कहा जाता है। अग्नि-5 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल है जिसकी मारक क्षमता 8 हजार किलोमीटर तक है और ये एक हजार किलो तक का परमाणु हथियार ले जाने की भी ताकत रखती है।

Agni -5: It is also called killer missile. The Agni-5 is an intercontinental ballistic missile, whose firepower is up to 8 thousand kilometers and it also has the power to carry a thousand kilograms of nuclear weapons.

INS विक्रांत: ये देश में बना पहला एयरक्राफ्ट कैरियर है। ये 262 मीटर लंबा, 60 मीटर चौड़ा और 40 हजार मीट्रिक टन वजन ढोने में सक्षम है, इसका डिजाइन ऐसा बनाया गया है ताकि MiG-29K को यहां से ऑपरेट किया जा सके। एक बार में आईएनएस विक्रांत 30 एयरक्राफ्ट ले जाने में सक्षम है।

INS Vikrant: This is the first aircraft carrier made in the country. It is capable of carrying 262 meters long, 60 meters wide and 40 thousand metric tonnes, designed so that MiG-29K can be operated from here. INS Vikrant is capable of carrying 30 aircraft at a time.

बराक 8: एंटी मिसाइल बराक 8 सेना के लिए रक्षा कवच की तरह है। ये लंबी दूरी का एंटी एयर और एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम है। इसे इजराइल के साथ मिलकर तैयार किया गया है।

Barack 8: Anti Missile Barack 8 is like a defense armor for the army. These are long distance anti-air and anti missile defense systems. It has been prepared in conjunction with Israel.

ग्लाइड बम: वो बम जो वायुसेना के लिए अचूक अस्त्र होगा। इसके जरिए निशाना तय कर बम गिरा सकेंगे। ये बम लड़ाकू विमान की मार को और सटीक करेगा। इसके अगले साल के अंत तक बनाने की तैयार  है।

Glide bombs: Those bombs that will be the perfect weapon for the IAF. Through this, you will be able to hit the bombs by targeting the target. These bombs will make the hitting of the fighter plane more precise. By the end of next year, there is a preparation to make.

P-81 नेप्चून: भारतीय नौसेना की आंख है नेप्यून। आठ नेप्चून विमान ससंदर की हर हलचल पर नजर रखते हैं, और जरूरत पड़ने पर किसी भी पनडुब्बी तक को बर्बाद करसकता  हैं।

P-81 Neptune: The Indian Navy’s Eye is Neptune Eight Neptune aircraft monitor every move of the saasander, and if needed, can ruin any submarine.

NAMICA (नाग मिसाइल करियर):
ये टैंकरोधी सिस्टम है। नमिका एक साथ 8 नाग मिसाइलों को छोड़ सकती है। इसमें सेंसर लगे होते हैं। ये एक बार निशाना तय हो जाने के बाद टार्गेट को तबाह करके ही छोड़ती हैं। ये मिसाइलें दागो और भूल जाओ की नीति पर चलती हैं।

NAMICA (Serpent missile career):
It’s anti-tank system. Namika can drop 8 serial missiles simultaneously. There are sensors in it. Once the target is fixed, they leave the target after destroying. These missiles run on the policy of Dago and forget.

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