आ गया सबसे बड़े चारा घोटाले पर सीबीआई कोर्ट का फैसला, लालू के बेटों का रो-रो के हुआ बुरा हाल

नई दिल्ली : जहाँ देशभर में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है वहीँ इस बीच सबसे बड़े चारा घोटाले में पहले से 5 साल की और साढ़े तीन साल की सजा काट रहे बलालू पर बहुत बड़ा फैसला आया है. जिसे सुन लालू यादव के पैरों तले जैसे ज़मीन ही फट पड़ी हो. चारा घोटाले के 6 में से 5वे मामले में अब लालू को कड़ी सजा का एलान सीबीआई कोर्ट ने किया है जिसे देख लालू परिवार बुरी तरह सदमे में आ गया है.लालू यादव को लेकर आ गया सबसे बड़ा फैसला, सदमे में गया परिवार

अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक चारा घोटाले के दुमका कोषागार से जुड़े चौथे मामले में रांची की एक विशेष सीबीआई अदालत ने शनिवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को अलग-अलग धाराओं के तहत 7-7 साल की दो सजा सुनाई. यानि उन्‍हें 14 साल की सजा सुनाई गई है. इसके साथ ही उन पर 60 लाख का जुर्माना लगाया गया है. जुर्माना नहीं भरने की सूरत में उनकी सजा की अवधि एक साल और बढ़ जाएगी.

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह ने दुमका कोषागार से गबन मामले में लालू प्रसाद को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत सात साल कैद की सजा और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत भी सात साल कैद की सजा सुनाई. सीबीआई के विशेष न्यायाधीश द्वारा सुनाई गई दोनों सजाएं एक के बाद एक चलेंगीं. इस तरह लालू प्रसाद को कुल 14 साल की सजा हुई. इसके अलावा उन पर साठ लाख रुपये का जुर्माना भी किया गया है.

लोगो ने कहा “अबकी बार लम्बे समय के लिए लालू का बेड़ा पार”

लालू यादव के खिलाफ IPC की धारा 120 बी, 467, 420, 409, 468, 471, 477ए और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट (PC Act) की धारा 13(2) रेड विथ 13(1)(सी)(डी) के तहत सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत ने दोनो में 7-7 साल सजा और 30-30 लाख का जुर्माना लगाया है.

बता दें कि अगर सजा एक साथ चली तो लालू यादव को 7 साल ही जेल में रहना पड़ेगा. लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है तो उन्हें 14 साल की सजा काटनी पड़ेगी. तो वहीँ अभी भी एक मामला है जिस पर फैसला आना अभी बाकी है. जिसमे में भी लालू पर सजा का खतरा मंडरा रहा है क्यूंकि अभी तक चारा घोटाले के हर मामले में लालू को सजा मिलती आयी है.

लालू के वकील की उपस्थिति में सजा का ऐलान

लालू के रांची में अस्‍पताल में रिम्‍स में भर्ती होने के चलते वह सजा सुनाए जाने के दौरान अदालत के सम्‍मुख पेश नहीं हो सके, लिहाजा जज ने उनके वकील की उपस्थिति में ही सजा का ऐलान किया. अदालत के फैसले के बाद लालू के वकील ने बताया कि लालू को अलग-अलग धाराओं के तहत सुनाई गई 7-7 साल की सजाएं अलग- अलग चलेंगी. उन्‍होंने कहा कि हम इस फैसले के खिलाफ उच्‍च न्‍यायालय का रुख करेंगे. बता दें कि लालू यादव को चारा घोटाले के चौथे मामले में विशेष सीबीआई अदालत ने सोमवार (19 मार्च) को लालू प्रसाद को दोषी करार दिया था.

इसी मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा को बरी कर दिया गया था. जज शिवपाल सिंह ने दिसंबर 1995 से जनवरी 1996 तक दुमका कोषागार से फर्जी तरीके से 3.13 करोड़ रुपये निकालने के मामले में यह फैसला सुनाया. यह फैसला पहले 15 मार्च को सुनाया जाना था, जिसे चार बार पहले भी आगे बढ़ा दिया गया था. जज ने अपना फैसला वर्णानुक्रम के अनुसार सुनाया, लेकिन लालू यादव फैसला सुनाने के बाद अदालत पहुंचे. मिश्रा हालांकि सजा सुनाने के वक्त अदालत में मौजूद थे.

इससे पहले 24 जनवरी को चाईबासा कोषागार मामले में लालू को सजा सुनाई गयी. उससे पहले 6 जनवरी को देवघर कोषागार मामले में सुनाई गई सजा. बता दें 1996 में दर्ज हुआ था पहला मामला. उस समय मामले में 49 आरोपी थे.

मुकदमे के दौरान 14 की मौत हो गई. अदालत ने सोमवार को 31 आरोपियों में से 19 को दोषी करार दिया और 12 को बरी कर दिया. लालू प्रसाद को वर्ष 2013 में चारा घोटाले के पहले मामले में पांच वर्ष की सजा सुनाई गई थी. उन्हें 23 दिसंबर 2017 को इसके दूसरे मामले में दोषी ठहराया गया था और साढ़े तीन वर्ष की सजा सुनाई गई थी. वहीं चारा घोटाले के तीसरे मामले में उन्हें 24 जनवरी को पांच वर्ष की सजा सुनाई गई थी.

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कश्मीर में NIA, CRPF, NSG की एक साथ छापेमारी, हुआ ऐसा सनसनीखेज खुलासा, खुफिया एजेंसियों के साथ-साथ PM मोदी के भी उड़े होश !

नई दिल्ली : जब देशद्रोही तत्व देश के अंदर ही घुल मिलकर घुस जाते हैं तब वे उस दुश्मन से भी ज़्यादा खतरनाक हो जाते हैं जो सीमा पार करके आ रहा होता है. ये देशद्रोही देश को अंदर ही अंदर से खोखला करने लगते हैं ओर इसकी कीमत हमारे जवानों को अपनी शहादत देकर चुकानी पड़ती है.

श्रीनगर जेल में NIA , CRPF , NSG कमांडो की ज़बरदस्त रेड:
हमने आपको पिछले महीने ही बहुत बड़ा खुलासा करके बताया था जब श्रीनगर के अस्पताल से एक आतंकवादी भाग गया था. जिसके बाद बड़ी चौंकाने वाली खबर सामने आयी थी कि दरअसल वो आतंकी भागा नहीं था उसे भगवाया गया था ओर उसकी प्लानिंग श्रीनगर के जेल में ही हो गयी थी. आज भी उसी जेल में सैकड़ों खूंखार आतंकवादी मज़े कर रहे हैं. आज उसी श्रीनगर की जेल में धमाकेदार NIA ने छापेमारी करी है जिसमे बेहद चौकने वाली चीज़ें हाथ लगी हैं.

हाथ लगी ऐसी चीज़े जिसे देख फटी रह गयी सबकी आखें:
अभी मिल रही ताज़ा खबर के मुताबिक नेशनल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी यानी NIA ने श्रीनगर सेंट्रल जेल पर छापा मारा है. उसके बाद जांच अधिकारीयों के हाथ ऐसी ज़बरदस्त ख़ुफ़िया चीज़ें हाथ लगी हैं जिसके बाद आप श्रीनगर की कैद आतंकियों की जेल नहीं बल्कि आतंकियों का अड्डा या स्वर्ग कहेंगे तो ज़्यादा बेहतर होगा.

आज उस वक़्त हड़कंप मच गया जब श्रीनगर की जेल में एक साथ राष्ट्रीय जांच एजेंसी के साथ सीआरपीएफ और एनएसजी कमांडोज ने धरपकड़ ओर छापेमारी करी. छापेमारी में श्रीनगर की सेंट्रल जेल से कई प्रतिबंधित सामान बरामद हुए हैं. इस खुलासे के बाद सबसे पहले 40 आतंकवादियों को गुप्त स्थान पर भेज दिया गया है. इन जेलों असिया अंद्राबी, यासीन मालिक जैसे अलगाववादी भी रह चुके हैं.

जेल में पल रहे हैं जिहादी:
श्रीनगर की सेंट्रल जेल में छापेमारी में एनआईए की करीब 20 टीमों, सीआरपीएफ जवानों और एनएसजी कमांडोज ने हिस्सा लिया है. इस छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने जेल की तमाम बैरकों के निरीक्षण के दौरान कई पाकिस्तानी झंडे, कई दर्जन मोबाइल फ़ोन अनेक सिम कार्ड की भरमार, आईपैड, हिजबुल आतंकी संगठन के पोस्टर, डाटा हार्डवेयर, कई जिहादी प्रतिबंधित किताबें, साहित्य भी बरामद हुआ है.

आपको लगता था कि अरे वाह आतंकवादी गिरफ्तार हो गया अब पुलिस पूछताछ में सब उगलवाएगी अब कोई चिंता नहीं. लेकिन आपके पैरों तले ज़मीन खिसक जायेगी जब आप जानेंगे कि ये जेल आतंकवादियों के लिए स्वर्ग का काम कर रहीं थी. अंदर का एक एक जेल अधिकारी कौड़ियों के भाव बिक चुका है.

श्रीनगर जेल में पनप रहे आतंकवादी:
श्रीनगर की जेल आतंकवादियों के लिए होटल से ज़्यादा स्वर्गनुमा जगह बन गयी हैं ओर इस जेल में मौज से रह रहे और देश के खिलाफ साज़िश रच रहे मोस्टवांटेड आतंकवादी हैं, यही नहीं कुछ पाकिस्तानी खूंखार आतंकवादी भी श्रीनगर की इस जेल में देश के खिलाफ आराम से षड़यत्र रच रहे हैं.

एनआईए को पाकिस्तानी आतंकी संगठन अल बद्र के आतंकियों द्वारा श्रीनगर जेल में किसी बड़ी साजिश के होने के इनपुट मिले थे, इसके बाद एजेंसी ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया. NIA टीम ने छापे के दौरान जेल के हर कोने की बारीकी से तलाशी ली. तलाशी में ड्रोन की भी मदद ली गई. जिहादी साहित्य और हिज़्बुल आतंकी संगठन के पोस्टर मिलने के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारियों और जेल में बंद कैदियों से एनआईए के अधिकारी गहराई से पूछताछ करने में जुटे हुए हैं.

आतंकी भागा नहीं बल्कि भगवाया गया था:
बता दें पिछले महीने श्रीनगर की सेंट्रल जेल में बंद आतंकी नवीद जट शहर के महाराजा हरि सिंह अस्पताल में इलाज के दौरान हिरासत से फरार हो गया था. वहीं वारदात के बारे में बताते हुए एडीजी मुनीर खान ने कहा था कि नवीद के भागने की साजिश श्रीनगर की सेंट्रल जेल में ही रची गई थी। इसके लिए आतंकियों ने खुद उससे कई बार जेल में जाकर मुलाकात भी की थी.

चल रही हथियारों की ट्रेनिंग और भर्ती:
इसके बाद कुपवाड़ा से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था दानिश गुलाम लोन तथा सोहेल अहमद भट जिन्होंने बेहद ज़बरदस्त खुलासे में बताया था कि आतंकी संगठन अल बदर की ओर से भर्ती होने वाले युवाओं को हथियारों की ट्रेनिंग के लिए सीमा पार भेजा जाता है. इसकी साजिश सेंट्रल जेल के भीतर रची जाती है.

सीआईडी की रिपोर्ट ने खुलासा किया:
पिछले महीने ही जम्मू-कश्मीर सीआईडी की रिपोर्ट ने खुलासा किया था कि श्रीनगर की सेंट्रल जेल आंतकवादियों की भर्ती करने का एक अड्डा बन गई है. यहां कैदी एक समानांतर प्रशासनिक ढांचा खड़ा कर रहे हैं. रिपोर्ट में कहा गया है जेल अधिकारियों द्वारा चेतावनी दिए जाने के बावजूद स्थानीय पुलिस ने इसे नजरअंदाज किया. रिपोर्ट में कहा गया कि वर्तमान में सेंट्रल जेल की भूमिका इतनी महत्त्वपूर्ण हो गई है कि प्रत्येक नए आतंकवादी की भर्ती केवल जेल के भीतर से मंजूरी मिलने के बाद ही होती है.

जवानों के साथ खिलवाड़
ये बेहद ही शर्मनाक बात है एक तरफ यहाँ हमारे सेना के जवान अपनी जान हथेली पर रखकर इन आतंकवादियों को पकड़ते हैं. हालाँकि ज़्यादातर को एनकाउंटर में ठोक दिया जाता है, लेकिन कुछ को ख़ुफ़िया जानकारी हासिल करने के लिए गिरफ्तार भी करना पड़ता है. ऐसे में कई बार हमारे देश के जवान भी शहीद हो जाते हैं. देश की जनता को लगता है वो देश के नाम पर शहादत दे रहे हैं और वहां जेल प्रशासन की ऐसी मिलीभगत सेना के साथ कितना बड़ा धोखा है. इतनी गंभीर मुद्दा सामने आने के बाद अब तो सेना को अपनी खुद की जेल बनानी चाहिए, जिसमे कुख्यात आतंकवादी को रखा जाय. ये तो देश की सुरक्षा और जवानों के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ है.

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बेटे कार्ति की गिरफ्तारी के बाद पी चिंदबरम का बड़ा घोटाला कांग्रेस में हडकंप जुड़े है कई नाम

नई दिल्ली : एक के बाद एक ऐसे-ऐसे खुलासे हो रहे हैं, जिन्हे देखकर लगने लगा है कि पूरा का पूरा चिदंबरम परिवार ही महाभ्रष्ट है. दस वर्षों की कांग्रेस सरकार के दौरान पूर्व वित्तमंत्री ने तो लगता है भ्रष्टाचार के अलावा कुछ किया ही नहीं. देश में जमकर लूट की गयी. कार्ति चिदंबरम सीबीआई की हिरासत में है और पी चिदंबरम को लेकर अब बड़ा खुलासा हुआ है, जिसे देख लगता है कि जल्द ही पी चिदंबरम भी सलाखों के पीछे जाने वाला है.

New Delhi: After one, such disclosures are happening, which has started to appear that the whole of Chidambaram family is totally unknowable. During the ten years of Congress government, the former finance minister seems to have done nothing except corruption. There was a lot of looting in the country. Karti Chidambaram is in CBI custody and now there is a big disclosure about P Chidambaram, who seems to be seen that soon P P Chidambaram is going to be behind the bars.

चिदंबरम का सोना आयात योजना घोटाला
खुलासा हुआ है कि पी चिदंबरम ने अपने पद का दुरूपयोग करके मेहुल चोकसी और नीरव मोदी जैसे आभूषण कारोबारियों को अरबों का फायदा पहुंचाया. साफ़ सी बात है कि इसके बदले में चिदंबरम ने इन कारोबारियों से मोटी दलाली भी खायी होगी.

Chidambaram’s gold import scheme scam
It is revealed that P Chidambaram misused his position and benefited from billions of jewelery traders like Mehul Choksi and Neerav Modi. Obviously, in return Chidambaram would also have consumed a fat brokerage from these businessmen.

चिदंबरम के वित्त मंत्री रहने के दौरान यूपीए सरकार की ओर से 80:20 सोना आयात योजना शुरू की गई थी. मजे की बात तो ये है कि इस योजना को शुरू करने का उद्देशय केवल कुछ चुनिंदा कारोबारियों को फायदा पहुंचाने का था.

While Chidambaram was the Finance Minister, 80:20 gold import scheme was started by the UPA government. What is interesting is that the purpose of starting this scheme was to benefit only a few select businesses.

संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) की बैठक में इस योजना में पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम की भूमिका पर सवाल उठे. सीएजी ने 2016 में पेश अपनी रिपोर्ट में इस योजना पर सवाल उठाए थे. सोना आयात योजना को यूपीए सरकार ने अगस्त 2013 में अपनी मंजूरी दी थी.

In the meeting of the Public Accounts Committee of Parliament (PAC), the role of former Finance Minister Chidambaram in this scheme raised question. The CAG had questioned this plan in its report submitted in 2016. The UPA government had approved the gold import scheme in August 2013.

देश को सवा लाख करोड़ रुपये का नुकसान
इस योजना के तहत 100 किलोग्राम से ज्यादा का सोना आयात करने वाली कंपनी को ही इंपोर्ट ड्यूटी में रियायत मिलती थी. साथ ही व्यापारियों को सोने का आयात करने की अनुमति तभी दी जाती थी, जब वे अपने पिछले आयात से 20 प्रतिशत सोने का निर्यात कर चुके हों.

Loss of Rs 100 lakh crore to the country
Under this scheme, the importer of gold imported more than 100 kilogram only got the concession in imports duty. Also, traders were allowed to import gold, when they had exported 20 percent of their gold from their previous imports.

सीएजी रिपोर्ट के अनुसार 2013 से 2015 के बीच 80:20 सोना आयात योजना की वजह से सरकारी खजाने को करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये का चूना लगा था.

According to the CAG report, between 2013-2015 80:20 gold import scheme, the government treasury had lost about 1.25 lakh crore rupees.

खुलासा हुआ है कि मेहुल चोकसी जैसे आभूषण कारोबारियों ने मनी लॉन्ड्रिंग के लिए इस योजना का दुरुपयोग किया. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली पीएसी की उपसमिति के समक्ष राजस्व सचिव और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) तथा केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) के शीर्ष अधिकारी पेश हुए.

It is revealed that jewelery traders like Mehul Choksi misused the scheme for money laundering. Revenue Secretary and Enforcement Directorate (ED), Central Board of Direct Taxes (CBDT) and top officials of Central Board of Excise and Customs (CBEC) were present before the sub-committee of PAC headed by BJP MP Nishikant Dubey.

नीरव और मेहुल को हुआ मुनाफा
सीएजी की रिपोर्ट पर लोकलेखा की उपसमिति की बैठक में सोना आयात योजना को लेकर तत्कालीन वित्त मंत्री चिदंबरम की भूमिका पर सवाल उठे. इस योजना से जिन कंपनियों को फायदा पहुंचा, उनमें नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की कंपनियां भी शामिल हैं, जिन्हें इससे हजारों करोड़ों का मुनाफा हुआ.

Profit to Neerav and Mehul
The CAG report raises questions on the role of then Finance Minister Chidambaram in the meeting of the sub-committee on gold import scheme. Among the companies benefiting from this scheme are the companies of Neerav Modi and Mehul Vigilance, which have made profits of thousands of crores.

पीएसी ने वित्त सचिव, सीबीडीटी, ईडी से गोल्ड स्कीम से जुड़े सारे तथ्य और फाइल पीएसी की उपसमिति के समक्ष 15 दिन में देने को कहा, साथ ही इस योजना में चिदंबरम की भूमिका की जानकारी देने को भी कहा गया है.

PAC asked the finance secretary, CBDT, ED to give all the facts related to the gold scheme and the file before the sub-committees of PAC in 15 days, as well as informing about Chidambaram’s role in this scheme.

मोदी सरकार ने बंद की योजना
80:20 सोना आयात योजना की शुरुआत 2013 अगस्त में की गई थी, फिर 2014 फरवरी में इसमें बदलाव किए गए और सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि 2014 में आम चुनाव के नतीजे आने से महज दो दिन पहले 14 मई को इस योजना को आगे बढ़ाने का फैसला किया गया और यूपीए की हार के बाद 21 मई को इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया.

Modi government plans to close
80:20 The gold import scheme was started in August 2013, then it was changed in February 2014, and the most surprising thing was that the plan will be forwarded on May 14, just two days before the results of the general election. Decided to increase and after the UPA’s defeat, its notification was issued on M

सूत्रों की माने तो समिति की ओर से सीएजी रिपोर्ट के आधार पर जांच की जाएगी. पूर्व वित्तमंत्री चिदंबरम ने योजना में तीन बदलाव क्यों किए, जाहिर सी बात है कि इसके पीछे सोना आयात करने वाली कंपनियों को फायदा पहुंचाने की मंशा थी. मोदी सरकार ने सत्ता में आने के कुछ महीने बाद नवंबर में इस योजना को बंद कर दिया.

If sources are to be believed then the committee will be examined on the basis of CAG report. Why did the former finance minister chidambaram make three changes in the plan, obviously there was a motive behind the benefits of gold importing companies. A few months after the Modi government came to power, the scheme was closed in November.

समिति की अगली बैठक मार्च के तीसरे सप्ताह में होगी. पीएसी सभी एजेंसियों से एकत्र जानकारी आने के बाद पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम को इस संबंध में समन जारी कर सकती है. सूत्रों के अनुसार दुबे ने बैठक में कहा कि कैग की रिपोर्ट में स्पष्ट संकेत था कि चोकसी समेत आभूषण कारोबारियों ने काले धन को सफेद में बदलने के लिए योजना का इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि पी. चिदंबरम को इसकी जानकारी थी.

The next meeting of the committee will be held in the third week of March. After getting the information gathered from all the agencies, PAC can issue summons to former finance minister Chidambaram in this regard. According to sources, Dubey said in the meeting that the CAG report had a clear indication that jewelery traders including Choksi used the scheme to convert black money into white. He said that it seems that P. Chidambaram knew about this.

बिना दलाली खाये कोई काम नहीं करता था चिदंबरम
बता दें कि आईएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी पी चिदंबरम ही मुख्य भूमिका में है. इसी महाभ्रष्ट वित्तमंत्री ने अपने पद का दुरूपयोग करके आईएनएक्स मीडिया को अरबों का फायदा पहुंचाया और बदले में दलाली की रकम अपने बेटे कार्ति को दिलवाई. जानकारों के मुताबिक़ दोनों बाप-बेटा ने मिलकर देश में खुली लूट चलाई.

Chidambaram did not work without buying a brokerage
Please tell that P Chidambaram is also in the main role in the INX Media Money Laundering case. This mischievous finance minister misused his position to benefit the INX media by billions and in turn gave the amount of brokerage to his son Karti. According to the experts, both father and son jointly looted the country.

सफ़ेद कुर्ता-लुंगी में घूमने वाला चिदंबरम अंदर से इतना काला है कि बिना दलाली खाये तो मानो कोई काम ही नहीं करता था. बहरहाल अब धीरे-धीरे मामले खुलने लगे हैं और स्पष्ट है कि जल्द ही चिदंबरम भी सलाखों के पीछे होगा. सूत्रों के मुताबिक़ चिदंबरम के बाद अहमद पटेल, रोबर्ट वाड्रा, सोनिया और राहुल के भी भ्रष्टाचार इसी तरह सामने आएंगे.

Chidambaram, who is roaming in a white kurta-lungi, is so dark from inside that if he did not do any work, he would not have done any work. However, the cases have started slowly and it is clear that soon Chidambaram will be behind the bars. According to sources, after Chidambaram, corruption of Ahmed Patel, Robert Vadra, Sonia and Rahul will be similarly exposed.

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कार्ति की गिरफ्तारी पर भड़के प्रशांत भूषण ने CBI के खिलाफ दे डाला ऐसा बड़ा बयान, राहुल समेत पूरी कांगेस हैरान..

आज की 2 बड़ी और अहम् खबरे है, लूट के मामले में सीबीआई ने कार्ति चिदंबरम को गिरफ्तार कर लिया है, सीबीआई ने उसे चेन्नई एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया है, और उसे अब दिल्ली लेकर सीबीआई पहुँच गयी है, अब यही पर अच्छे से खातिरदारी और जांच की जाएगी

Today, there are two big and egregious stories, CBI has arrested Karti Chidambaram in the case of robbery, the CBI has arrested him on the Chennai airport, and he has now reached Delhi through CBI, now it is good for the sake of security Will be investigated

दूसरी खबर ये की बेटे को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है पर उसका पिता पी चिदंबरम देश छोड़कर लंदन भाग गया है, शायद उसे अपनी गिरफ़्तारी का भी अंदेशा हो इसलिए चिदंबरम ने देश छोड़ दिया है और लंदन पहुँच गया है

The second news is that his son has been arrested by the CBI, but his father P Chidambaram has left the country and fled to London, maybe he is also afraid of his arrest, so Chidambaram has left the country and has reached London.

और अब इन 2 ख़बरों के बाद कांग्रेस में और उसके सहयोगियों में खलबली मच गयी है, और प्रशांत भूषण भी ऐसे ही लोगों में शामिल है, प्रशांत भूषण कार्ति चिदंबरम की गिरफ़्तारी पर भड़क गया है और उसने एक ऐसी बात कही है जिस से आप समझ ही नहीं पाएंगे की एक वकील ऐसी बात कर सकता है

And now after these 2 news, there has been a stir in the Congress and its allies, and Prashant Bhushan is also among such people, Prashant Bhushan Karti has been caught on Chidambaram’s arrest and he has said something that you understand Not only will a lawyer make such a thing

कार्ति की गिरफ़्तारी का विरोध करते हुए प्रशांत भूषण ने सीबीआई और मोदी सरकार दोनों पर हमला किया है, और कहा है की सीबीआई के पास भले ही कार्ति चिदंबरम के खिलाफ सबूत हो फिर भी उसे गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए था, कार्ति को गिरफ्तार करना बिलकुल गलत है

Contrasting Karti’s arrest, Prashant Bhushan attacked both the CBI and the Modi government, and said that even though the CBI has evidence against Karti Chidambaram, he should not have been arrested, arresting Karti absolutely That’s wrong

अब जिसके खिलाफ सबूत है, उसे गिरफ्तार भी न किया जाये, प्रशांत भूषण जैसे लोग भ्रष्टाचारियों के कितने हितैषी है, कह रहे है की सबूत है तो भी गिरफ़्तारी नहीं होनी चाहिए

Now there is no evidence against him, he should not be arrested, people like Prashant Bhushan are very friendly to the corrupt, saying that there is evidence that even the arrest should not be

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PM मोदी ने जो कहा कर दिखाया, कांग्रेस के इस सबसे बड़े नेता पर सर्जिकल स्ट्राइक, देश भर में मचा सियासी आतंक..

नई दिल्ली : एक कहावत बहुत मशहूर है कि बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी. कितने भी घपले बाज, घोटालेबाजी कर लें कितने ही साज़िशे रच ले कितने ही आरोप प्रत्यारोप करले लेकिन कानून के सही हाथों में आते ही कानून के शिकंजे से बचना नामुमकिन हो जाता है. अभी-अभी बहुत बड़ी ब्रेकिंग न्यूज़ आयी है. पीएम मोदी ने आखिरकार वो काम कर दिखाया जिसका उन्होंने वादा किया था. कांग्रेस के सबसे बड़े नेता पर बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक कर दी है, जिसने सुबह सुबह लोगों को नींद से जगा दिया है.

सुबह सुबह पीएम मोदी की कांग्रेस के ऊपर सर्जिकल स्ट्राइक
अभी मिल रही खबर के मुताबिक कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय वित्‍त मंत्री और वरिष्‍ठ कांग्रेसी नेता पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को सीबीआई ने सुबह-सुबह चेन्‍नई से गिरफ्तार कर लिया है. कार्ति की गिरफ्तारी बहुचर्चित आईएनएक्स मीडिया के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई है. सीबीआई का कहना है कि कार्ति जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे, इसलिए सीबीआई ने उन्हें उनके घर में से दबोच लिया है.

इससे पहले कोर्ट के रहमोकरम पर चिदंबरम लंदन भाग गए थे. लेकिन जैसे ही वो लंदन से लौटे तुरंत सीबीआई एक्शन में आयी और दुबारा विदेश भागने से पहले ही चेन्नै स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया है. इससे पहले करती चिदंबरम बार बार विदेश जाने की बात कर रहा था बेटी की पढाई का नाम लेकर लेकिन सीबीआई के ज़बरदस्त दबाव की वजह से कोर्ट इजाज़त नहीं दे सका.

अब बहुत जल्द कांग्रेस प्रेस कॉनफेरेन्स करके इसे बदले की कार्रवाई बता देगी. जब कार्रवाई नहीं होती तब कहते हैं अगर घोटाला किया है, हेराफेरी करी है और सबूत हैं तो जेल भेज दो.

सीबीआई के निशाने पर अब सारे खेल का मास्टरमाइंड
कोंग्रेसियों ने अपने 60 सालों के राज में देश को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी. सबसे बड़ी बात ये भी है कि लूट सबने मिल बाँट के की है. अपनी जान बचाने के लिए जांच एजेंसियों से लेकर न्यायपालिका तक में अपने चाटुकार भी घुसाए हुए हैं. मगर अब कोंग्रेसी नेताओं का भी चारा चोर लालू जैसा अंजाम होना तय है. इस केस की सीबीआई जांच में बाप चिदंबरम भी पूरे निशाने पर हैं. बेटे चिदंबरम के बाद अब बाप चिदंबरम का भी नंबर लगने वाला है.

गौरतलब है कि कि इससे पहले 26 फरवरी को दिल्ली की एक अदालत ने कार्ति चिदंबरम के चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) एस भास्कररमन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. भास्कररमन को आईएनएक्स मीडिया से जुड़े धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया गया था

 

ता दें कि विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड (एफआईपीबी) ने आईएनएक्स मीडिया को वर्ष 2007 में विदेशी पूंजी जुटाने की अनुमति दी थी. इस मामले में कार्ति का नाम आया है। उस समय कार्ति + के पिता पी. चिदंबरम तत्कालीन यूपीए सरकार में वित्त मंत्री थे। ईडी ने यह भी दावा किया था कि सीए भास्कर रमन ने गलत तरीके से अर्जित संपत्ति के प्रबंधन में कार्ति की मदद की थी.

चिदंबरम के घर पर ईडी का छापा
यही नहीं इससे पहले हमने आपको बहुत बड़ा खुलासा करते हुए बताया था कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 13 जनवरी को वरिष्ठ कोंग्रेसी नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम के दिल्ली स्थित घर पर छापा मारा था, वहां छापेमारी के दौरान उनके हाथ जो फाइल लगी है, उसने ईडी के अधिकारियों के होश उड़ा दिए. इस फाइल में ईडी को एक बेहद गोपनीय रिपोर्ट मिली है, जो शायद प्रधानमंत्री अथवा कोर्ट के अलावा किसी अन्य के पास होनी ही नहीं चाहिए थी.

हाथ लगे ऐसे ख़ुफ़िया दस्तावेज
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार ईडी के सूत्रों ने बताया है कि यह अतिगोपनीय रिपोर्ट रिपोर्ट एयरसेल मैक्सिस घोटाले से जुड़ी है, जिसकी कॉपी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी. यानी ये रिपोर्ट केवल और केवल सुप्रीम कोर्ट के पास ही होनी चाहिए थी, तो फिर ये बेहद गोपनीय जांच रिपोर्ट आखिर चिदंबरम के पास कैसे पहुंच गयी?

यही नहीं जो रिपोर्ट सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में भेजी थी, उसपर हस्ताक्षर किये थे, मगर ईडी को पी चिदंबरम के घर से जो रिपोर्ट मिली है, उसपर किसी अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं हैं, इसका मतलब ये रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट से नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट पहुंचने से पहले ही सीबीआई दफ्तर से लीक होकर चिदंबरम के पास पहुंच गयी थी.

यहाँ स्थिति की गंभीरता को समझिये, इन कोंग्रेसी नेताओं के खिलाफ कोई फैसला क्यों नहीं हो पाता कभी भी? क्योंकि इनके पालतू हर जांच एजेंसी में घुसे हुए हैं, पैसों के लिए अपनी आत्मा तक बेच देने वाले ऐसे भ्रष्ट अधिकारी कोर्ट में किसी रिपोर्ट के पहुंचने से पहले ही इन भ्रष्ट नेताओं की टेबल पर उस रिपोर्ट को पहुंचा देते हैं.

जिसके बाद वकीलों के झुंड उस रिपोर्ट की मदद से पहले ही सजग हो जाते हैं और दलीलें तैयार कर लेते हैं. चिदंबरम तो खुद भी वकील है. कुछ इसी तरह से 2जी केस के आरोपियों को भी बरी करवा लिया गया. सिस्टम में अंदर तक घुन लग चुका है, जो इतनी जल्दी तो साफ़ नहीं होने वाला.

यह भी देखें:

https://youtu.be/54hTFxf2vL4

अपने-आप को ईमानदारी का देवता बताने वाले केजरीवाल का पर्दा फाश,खुला ये बड़ा घोटाला मिले चौकाने वाले सबूत |

नई दिल्‍ली : आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों के अयोग्‍य घोषित किए जाने के मामले के बाद अब पार्टी के लिए नई मुश्किल खड़ी हो गई है. सीबीआई ने दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन और उन कंपनियों जहां वह निदेशक थे, से कथित रूप से संबंधित करीब दो करोड़ रुपये की बैंक जमा पर्चियां और संपत्ति दस्तावेज बरामद किए हैं. एजेंसी सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी.

NEW DELHI: After the Aam Aadmi Party’s disqualification of 20 MLAs, the new difficulty has arisen for the party. The CBI has recovered the bank deposits and property documents worth Rs 2 crore related to allegedly related to Delhi’s minister Satyendra Jain and those companies where he was the director. Agency sources told this information on Sunday.

वहीं, आम आदमी पार्टी की तरफ से उसके नेता दिलीप पांडे ने कहा है कि यह बीजेपी द्वारा सत्‍येंद्र जैन की छवि को खराब किए जाने का नया प्रयास है. उन्‍होंने एक ट्वीट में यह बात की और कुछ जानकारियों साझा कीं| मगर सच्चाई क्या है ये सब जानते हैं| इसी कड़ी में आप के कई और भी नेता सम्नेआयेऔर इस बाबत सफाई देने में लग गए हैं |

Pandey is trying to spoil the image of Satyendra Jain
Right now, on the side of the Aam Aadmi Party, its leader Dilip Pandey has said that this is a new attempt by the BJP to tarnish the image of Satyendra Jain. They did this in a tweet and shared some information.

नागेन्द्र शर्मा ने bjp पर लगाये गंभीर आरोप
उधर, अरविंद केजरीवाल के मीडिया सलाहकार नागेंद्र शर्मा ने इस पर कहा कि अब भाजपा ने यह नया षड्यंत्र रचा है. जिन काग़ज़ों का ज़िक्र CBI कर रही है, वो सारे काग़ज़ सत्‍येंद्र जैन CBI को ख़ुद से दो बार दे चुके हैं और पिछले कई वर्षों की इनकम टैक्स रिटर्न में घोषित की गई है. इन में नया क्या है? भाजपा सरकार केवल उनकी छवि ख़राब करने की कोशिश कर रही है. उन्‍होंने अगले ट्वीट में कहा कि सत्‍येंद्र जैन को फंसाया जा रहा है. सत्‍येंद्र का उस रजिस्ट्रार से दूर-दूर का कोई रिश्ता नहीं है. अब तक बीजेपी सत्‍येंद्र के ख़िलाफ़ अन्य मामलों में कुछ नहीं निकाल पाई. यहां तक कि भाजपा सरकार को अभी तक हाईकोर्ट से सत्‍येंद्र के ख़िलाफ़ दायर अन्य मामलों में लगातार फटकार लगी है.

BJP has created this new conspiracy- Nagendra Sharma
On the other hand, Arvind Kejriwal’s media advisor Nagendra Sharma said that the BJP has created this new conspiracy now. All the documents that are being categorized by CBI are given to Satyendra Jain twice by the CBI and have been declared in the last tax returns for the past several years. What’s new in these? The BJP government is only trying to malign his image. In the next tweet, he said that Satyendra Jain is being implicated. Satyendra has no relation with that registrar far away. So far BJP has not managed to get anything in other cases against Satyendra. Even the BJP government has been repeatedly reprimanded in other cases filed against Satyendra from the High Court.

छापेमारी में जैन की संपत्ति दस्तावेज बरामद
सूत्रों ने कहा कि दिल्ली दंत परिषद के रजिस्ट्रार ऋषिराज के आवासों पर छापेमारी के दौरान यह दस्तावेज बरामद हुए. उन्हें एक अन्य मामले में शुकवार को गिरफ्तार किया गया था. इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आरोप लगाया कि यह केन्द्र द्वारा जैन की छवि खराब करने का प्रयास है और उनका रजिस्ट्रार से कोई लेना देना नहीं है. ऋषिराज और परिषद के वकील एन प्रदीप शर्मा को शुक्रवार रात एक डॉक्‍टर से 4.7 लाख रुपये की रिश्वत कथित रूप से लेते हुए गिरफ्तार किया गया था. एजेंसी सूत्रों ने कहा कि बाद में ऋषिराज के आवास पर छापेमारी के दौरान एजेंसी ने कराला गांव में जैन के नाम के संपत्ति दस्तावेज, आप नेता, उनकी पत्नी पूनम तथा जेजेआईटीएल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर चेक बुक बरामद किए.

Jain’s property documents recovered in raid
Sources said this document was recovered during the raid on the residence of Rishri Raj, registrar of Delhi Dental Council. He was arrested in another case on Friday. Responding to the incident, a senior Delhi Government official alleged that it is an attempt to malign the image of Jain by the center and it has nothing to do with the Registrar. Rishi Raj and the counsel of the council, N Pradeep Sharma was arrested Friday allegedly by a doctor with a bribe of Rs 4.7 lakh. Agency sources said that during the raid on Rishiraj’s residence later, the agency recovered a check book in the name of Jain in Karla village, name of the leader, his wife Poonam and JJETL Estate Pvt Ltd, in the name of Jain.

 

सीबीआई प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने कहा, ‘‘सीबीआई ने दिल्ली दंत परिषद से पसंदीदा आदेश पाने तथा एक मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही में मदद के लिए शिकायतकर्ता से रिश्वत मांगने के आरोपों में एक मामला दर्ज किया है.’’ उन्होंने कहा कि सीबीआई ने जाल बिछाकर आरोपी को शिकायतकर्ता से रिश्वत मांगने और स्वीकार करते रंगे हाथों पकड़ा. उन्‍होंने कहा कि छापेमारी के दौरान 2011 में जैन की कंपनियों के नाम पर दो करोड़ रुपये जमा वाली आईडीबीआई बैंक की पर्चियां भी मिलीं. उन्होंने कहा कि उनके, उनकी पत्नी के तथा एक निजी एस्टेट फर्म के नाम पर 41 चेक बुक भी मिले हैं. सीबीआई ने आधा किलोग्राम सोना तथा 24 लाख रुपये नकद बरामद करने का भी दावा किया है लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि ये भी दिल्ली के मंत्री जैन से संबंधित है या नहीं.

CBI spokesman Abhishek Dayal said, “The CBI has filed a case against the complainant for seeking bribe from the Delhi Dental Council and seeking legal action in one case for seeking bribe from the complainant.” He said that the CBI By trapping the trap, the accused caught hold of the complainant by demanding bribe and accepting the bribe. He said that during the raid, in 2011, there were slips of IDBI Bank deposited with two crore rupees in the name of Jain companies. He said that 41 check books were also received in the name of his wife, his wife and a private estate firm. CBI has also claimed to have recovered half a kilogram of gold and Rs 24 lakh cash, but it is not clear whether it is related to the minister of Delhi Jain or not.

 

https://youtu.be/BVuWDLCqpCM

https://youtu.be/BVuWDLCqpCM

sourcename:politicalreport

2G घोटाले मे सभी आरोपियों को बरी,चीन से प्रभावित होकर CBI ने जारी किया नया फरमान, माँ बेटे दहशत में

सीबीआई ने कहा है कि वह 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले के सभी आरोपियों को बरी करने के विशेष अदालत के फैसले को चुनौती देगी. विशेष अदालत ने गुरुवार को इस मामले में सभी 16 आरोपियों को बरी करते हुए जांच एजेंसी की ओर से पेश मामले को खारिज कर दिया.

एजेंसी को सामान्य तौर पर किसी अदालती आदेश का अध्ययन करने में महीनों का समय लगता है. जिसके बाद वह हाईकोर्ट में अपील करती है. लेकिन इस मामले में सीबीआई ने फैसला आने के कुछ घंटों के बाद ही घोषणा कर दी है कि ‘प्रथम दृष्टया’ यह समीक्षा का मामला बनता है.

सीबीआई के प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने कहा, ‘2जी घोटाले से संबंधित फैसले की प्रथम दृष्टया समीक्षा के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि अभियोजन द्वारा आरोपों को आगे बढ़ाने के लिए पेश किए गए प्रमाणों पर संबंधित अदालत ने उचित तरीके से विचार नहीं किया. सीबीआई इस मामले में जरूरी कानूनी कदम उठाएगी.’ यह पूछे जाने पर कि क्या यह अपील दिल्ली हाईकोर्ट में दायर की जाएगी, प्रवक्ता ने इसका हां में जवाब दिया.

पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा और द्रमुक सांसद कनिमोई को सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरुवार को 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाला मामले में बरी कर दिया. अदालत ने 15 अन्य आरोपियों और तीन कंपनियों को भी बरी किया गया है.

वहीँ चीन में शंघाई की एक अदालत ने एक दूरसंचार धोखाधड़ी मामले में शामिल होने के लिए सोमवार को चार लोगों को 10 से 14 साल की सजा सुनाई।

जीनस जिले के पीपल्स कोर्ट के मुताबिक, चार प्रतिवादी, यू ज़ियाओफीई, चेन योंगहो, वांग जुहुई और वू योंग्हो, धोखाधड़ी के दोषी थे और 300,000 युआन ($ 44,982) और 2 मिलियन युआन के बीच जुर्माना लगाए गए थे।

दूरसंचार धोखाधड़ी के मामले में कुल 126 प्रतिवादी शामिल थे। अदालत जल्द ही दूसरे बचाव पक्षियों के फैसले को जल्द से जल्द पेश करेगी।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी विशेष अदालत के फैसले को चुनौती देने का फैसला किया है. विशेष अदालत ने 19 लोगों को 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन से संबंधित मनी लांड्रिंग मामले में बरी किया है. ईडी के अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी फैसले का अध्ययन करेगी और सबूतों और जांच के साथ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी.

अधिकारियों ने कहा कि यह देखा जाना है कि क्या अदालत ने सिर्फ इस आधार पर ईडी के मामले को खारिज किया कि एजेंसी ने अनुमान के आधार पर यह जांच की है या इसके पीछे अन्य कारण भी थे.

फैसले से निराश हैं सुब्रमण्यम स्वामी

बीजेपी सांसद और वरिष्ठ वकील सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा है कि वे 2जी स्कैम मामले में सभी आरोपियों के बरी होने से निराश हैं. उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के लिए गंभीर नहीं थे. मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री इस फैसल से सबक लेंगे. भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई युद्ध स्तर पर जारी रहेगी.

स्वामी ने कहा कि ‘2जी स्कैम मामले को फिर से पटरी पर लाया जाएगा. इसे फिर से ईमानदार कानून अधिकारियों और वकीलों जो कि मंत्रियों की ‘चमचागिरी’ नहीं करते, उनके माध्यम से ट्रैक पर लाया जा सकता है.

चुनावों से ऐन पहले अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकाप्टर घोटाले में बुरी तरह फसे माँ बेटे, गुजरात चुनाव लड़ेंगे जेल से !

नई दिल्ली : कांग्रेस के किये गए अपराधों की जांच तेजी से चल रही है. सत्ता में रहते हुए देश की जनता के पैसों की लूट मचाने वाले नेताओं का जेल जाना तय हो चुका है. ताजा खबर के मुताबिक़ अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर खरीद मामले में केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली और कोलकाता में कई स्थानों पर छापे मारे हैं. जिसने एक बार फिर राजनीति में हलचलें बढ़ा दी हैं. बता दें कि इस मामले में सोनिया गाँधी समेत अहमद पटेल व् कई अन्य बड़े नेताओं और डिज़ाइनर पत्रकार आरोपी हैं |

New Delhi: Investigation of crimes committed by Congress is going on fast. In power, the leaders of the country’s public looters have decided to go to jail. According to the latest news, Central Bureau of Investigation (CBI) has raided at many places in Delhi and Kolkata in the AgustaWestland helicopter purchase case. Which has once again increased the stir in politics. In this case Ahmed Patel, along with Sonia Gandhi and many other big leaders and designer journalists, is accused in this case.

सीबीआई ने दिल्ली-कोलकाता में मारे छापे:

सीबीआई के मुताबिक़ दिल्ली और कोलकाता दोनों जगह तीन-तीन स्थानों पर छापे मारे गये. यह छापे दिल्ली स्थित एक निजी कंपनी के प्रबंध निदेशक के आवास और कार्यालय, कोलकाता स्थित एक अन्य कंपनी के निदेशक के आवास, कार्यालय और कोलकाता में उनके सहयोगी के आवास पर अगस्ता-वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर खरीद मामले में आगे की जांच के सिलसिले में मारे गए |

CBI raids in Delhi-Kolkata

According to the CBI, raids were carried out at three or three places in both Delhi and Kolkata. The raids were carried out in connection with further investigations in the Agusta Westland helicopter purchase case at the residence of the Director, Housing and Office of the managing director of a private company located in Delhi, the residence of the director of another Kolkata-based company, and his colleague in Kolkata.

सीबीआई के मुताबिक़ इस छापेमारी में दिल्ली स्थित कंपनी के प्रबंध निदेशक के आवास से 55.68 लाख रुपए और कोलकाता स्थित कंपनी के निदेशक के आवास से करीब 29 लाख रुपए बरामद किए गये हैं. इसके अलावा कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद किए गये हैं. इनके कुछ लॉकरों की छानबीन भी की जा रही है |

According to the CBI, about Rs 29 lakh was recovered from the residence of the managing director of Delhi-based company’s managing director and Rs 55.68 lakh from Kolkata-based company’s director. Apart from this, some objectionable documents have also been recovered. Some of these lockers are also being scrutinized.

पूर्व वायुसेना प्रमुख समेत सोनिया गाँधी की मुश्किलें बढ़ी?

अगस्ता-वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर खरीद मामले में सीबीआई ने वायु सेना के पूर्व प्रमुख एस पी त्यागी और 18 अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया हुआ है | उसने इस मामले में गत एक सितंबर को एक आरोपपत्र भी दाखिल किया था | आरोप है कि अगस्ता-वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर खरीद सौदे में बड़े पैमाने पर रिश्वत खायी और खिलाई गयी है. इटली की अदालत ने इस मामले की ड्राइविंग फ़ोर्स सिग्नोरा गाँधी को करार दिया था |

The problems of Sonia Gandhi, along with the former Air Force chief increased?

In the AgustaWestland chopper purchase case, the CBI has registered a case against former Air Chief SP Tyagi and 18 other persons under different sections of Indian Penal Code. He also filed a charge sheet on September 1 in this regard. It is alleged that bribes have been eaten and eaten on a large scale in Agusta-Westland helicopter purchase deal. Italy’s court had termed the driving force of this case, Force Signora Gandhi.

सोनिया गाँधी के खिलाफ भारत में कई मामलों में जांच चल रही है | इस मामले के अलावा भी एक अन्य भ्रष्टाचार के केस में सोनिया और राहुल के खिलाफ जांच की जा रही है और फिलहाल दोनों माँ-बेटा जमानत पर बाहर हैं |इटली के क़ानून ने वहां के दोषियों को सजा भी सुना दी हैं, भारत में तेजी से जांच आगे बढ़ रही है | जिस तरह से सीबीआई ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है, साफ़ है कि मामले की जांच जल्द ही पूरी होने वाली है | बीजेपी के नेताओं के मुताबिक़ जल्द ही सीबीआई 10 जनपथ तक पहुंचेगी और माँ-बेटे जेल की सलाखों के पीछे पहुंचेंगे |

Investigation is going on in many cases in India against Sonia Gandhi. In addition to this case, another corruption case is being investigated against Sonia and Rahul, and both mothers and children are now on bail. Italy’s law has also heard the conviction of the guilty, increasingly in India The investigation is going on. The manner in which the CBI is conducting raiding, it is clear that investigation of the case is going to be completed soon. According to BJP leaders, the CBI will soon reach 10 Janpath and the mother and son will go behind the prison bars.

VIDEO : आरुषि मर्डर केस का पूरा सच आया सामने,क्या आरुषि की माँ को पता है कातिल का नाम ?

 15/16 मई की रात को हुआ था आरुषि तलवार का मर्डर, वंदना तलवार से पत्रिका की खास बातचीत ”   On 15/16 May, Aarushi Talwar’s Murder, special talk from Vandana Talwar,

नोएडा : आपको आरुषि तलवार के बारे में तो जरूर पता होगा। आज से नौ साल पहले 15/16 मई 2008 की रात को 14 साल की आरुषि तलवार की उसके घर में ही बड़ी बेरहमी से हत्‍या कर दी गई थी। इतने साल बीतने के बाद और तलवार दंपति को सजा मिलने के बावजूद आरुषि-हेमराज मर्डर केस का राज अब तक छुपा हुआ है।

Noida: You will definitely know about Aarushi Talwar. Nine years ago on the night of 15/16 May 2008, 14-year-old Aarushi Talwar was brutally assassinated in her house. Despite the years passed and the punishment of Talwar couple, the secret of the Aarushi-Hemraj murder case is still hidden.

सेक्‍टर-25 स्थित जलवायु विहार में डेंटिस्‍ट डॉ. राजेश तलवार और डॉ. नुपूर तलवार अपनी 14 साल की बेटी आरुषि तलवार के साथ रहते थे। आरुषि डीपीएस में नौवीं में पढ़ती थी। 15/16 मई 2008 की रात को उनके घर में आरुषि का मर्डर हो गया। पहले तो शक उनके नौकर हेमराज पर गया, पर बाद में उसका शव भी टेरेस से मिला। उसके बाद शक तीन युवकों पर गया लेकिन उनको भी क्‍लीन चिट दे दी गई।

Dentist Dr. Rajesh Talwar and Dr. Nupur Talwar lived together with their 14-year-old daughter Aarushi Talwar in the Vishal Vihar area of Sector-25. Aarushi studied in DPS in Ninth. On 15/16 May 2008, Aarushi was killed in his house. First, the suspect went to his servant Hemraj, but later his body was found in the terrace. After that the suspicion went to three young men but they were given a clean chit.

बाद में सीबीआई कोर्ट ने आरुषि के पैरेंट्स राजेश तलवार और नुपूर तलवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। वे अपने निर्दोष होने की लड़ाई जेल से ही लड़ रहे हैं। आरुषि हत्याकांड पर एक किताब और फिल्म आ चुकी है। इसके बाद लोगों में केस को लेकर जागरूकता बढ़ी है। मामले पर छपी किताब ने भी केस की कुछ चौंकाने वाली बातों का खुलासा किया है। आरुषि की आंटी वंदना तलवार ने पत्रिका से बातचीत में केस से जुड़ी कुछ ऐसी बातें साझा की, जो कम ही लोग जानते हैं।

Later, CBI court sentenced Aarushi’s parents Rajesh Talwar and Nupur Talwar to life imprisonment. They are fighting for their innocence from the jail itself. A book and film has come on the Aarushi murder. After this there has been increased awareness among the people about the case. The book printed on the case has also revealed some shocking things about the case. Aarushi’s aunt Vandana Talwar shared some things related to the case with the magazine, which few people know.

 

1. सीबीआई की दूसरी टीम के जांच अधिकारी एजीएल कौल लगातार सीबीआई की ओडीआई लिस्ट में थे। ओडीआई का ​अर्थ है आफिसर आफ डाउटफुल इंटीग्रिटी। ऐसे अफसर जिनकी ईमानदारी पर शक हो।

1. The CBI’s second team investigating officer, AGL Kaul was consistently in the CBI’s ODI list. ODI means Officer of Doubtful Integrity. The officers whose suspicions are skeptical.

2. सीबीआई की दूसरी टीम तलवार दंपति को पसंद नहीं करती थी। एजीएल कौल नुपूर तलवार को पसंद नहीं करते थे। नुपूर निडर थीं और बेबाकी से अपनी बात रखती थीं। ये व्यवहार कौल को कभी पसंद नहीं आया।

2. The second team of the CBI did not like the Talwar couple. AGL Kaul did not like Nupur Talwar Nupur was fearless and kept quiet about his words. This behavior did not like Kaul.

3. नुपूर और उनके पिता की कौल के साथ कई बार कहासुनी भी हुई। जाहिर है वह इसके आदि नहीं थे। इसके बाद कौल ने सीबीआई की पहली टीम की सारी थ्योरी पलट कर रख दिया।

3. Nupur and his father, Kaul, have been confronted many times. Obviously he was not his etc. After this, Kaul retreated the entire theory of the CBI’s first team.

4. किताब के अनुसार, गांधीनगर एफएसएल लैब के उपनिदेशक एमएस दहिया ने ही साबरमति एक्सप्रेस में लगी या लगाई गई आग की जांच की थी। उन्होंने थ्योरी दी थी कि ट्रेन में आग बाहर से नहीं भीतर से किसी ने लगाई थी। यहां उन्होंने पुरानी थ्योरी को पलट दिया था। ठीक इसी तरह दहिया ने आरुषि केस की पहली थ्योरी भी पलट कर रख दी। दहिया केस में दोबारा से सेक्स एंगल ले आए थे|

4. According to the book, MS Dahiya, the Deputy Director of Gandhinagar FSL Lab, had examined the fire that was used in the Sabarmati Express or installed. He gave the theory that the fire did not fire in the train, but from the inside. Here he overturned the old theory. In the same way, Dahiya also reversed the first theory of Aarushi case. Dahiya had sex sex again in the case.

5. हेमराज का फोन किसने उठाया। वह पंजाब कैसे पहुंचा। इस मामले की जांच कतई नहीं की गई।

5. Who raised the phone of Hemraj? How he reached Punjab This case has not been investigated.

6. ब्रेन मैपिंग और पॉलीग्राफिक टेस्ट डॉ. वाया ने किए। उन्होंने कहा, ऐसा कोई संकेत नहीं मिला जिससे लगता हो कि राजेश और नुपूर तलवार आरुषि या हेमराज के कत्ल से किसी भी तौर पर सीधे या अपरोक्ष रूप से ताल्लुक रखते हों।

6. Brain Mapping and Polygraphic Test by Dr. Via He said, there is no indication of this, that it seems that Rajesh and Nupur Talwar are in any way directly or indirectly related to the killing of Aarushi or Hemraj.

7. डॉ. वाया के अनुसार, नौकरों पर किए गए टेस्ट के नतीजों से साफ जाहिर है कि वह घटना में लिप्त थे। लेकिन सीबीआई की दूसरी टीम ने नौकरों से खास पूछताछ नहीं की।

7. According to Dr. Via, the results of the test done on the servants clearly show that they were involved in the incident. But the second team of the CBI did not make special inquiries from the servants.

8. डॉ. दोहरे और डॉ. नरेश राज ने पहले कहा कि आरुषि के प्राइवेट पार्ट में कुछ भी असामान्य नहीं मिला, लेकिन जांच कौल के हाथों में जाते ही दोनों के बयान बदलने लगे।

8. Dr. Dual and Dr. Naresh Raj earlier said that nothing was found in the private part of Aarushi’s body but after the investigation, the statements of both of them began to change.

9. इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया गया कि आरुषि की लाश का पोस्टमॉर्टम करने से पहले डॉ. दोहरे ने कभी किसी महिला के शरीर का पोस्टमार्टम नहीं किया था। उनको महिला शरीर के पोस्टमार्टम का अनुभव नहीं था।

9. No one was given any attention that Dr. Dual never did post-mortem of any woman’s body before posting of Aarushi’s corpse. They did not have experience of postmortem of female body.

10. डॉ. दोहरे और डॉ. नरेश राज ने पहले कहा था कि हत्या खुखरी से की गई हो सकती है। खुखरी कृष्णा के कमरे से मिली थी। इसकी जांच को फॉलो नहीं किया गया।

10. Dr. Dual and Dr. Naresh Raj had earlier said that the murder can be done with Khukri. Khukhri was found in Krishna’s room. Its investigation was not followed.

11. कौल ने खुखरी की जगह डाॅक्टरी यंत्र और गोल्फ स्टिक को हत्या का ​हथियार बना दिया। कौल ने हत्या के हथियारों को कई बाद बदला।

11. Kaul made the weapon of killing a doctor and a golf stick instead of Khukhri. Kaul changed the weapons of murder after many.

12. दहिया के मुताबिक, आरुषि और हेमराज की हत्या एक कमरे में हुई, लेकिन कातिल ने हेमराज का खून साफ किया और आरुषि का नहीं। ये अपने आप में एक मजाक है।

12. According to Dahiya, Aarushi and Hemraj were killed in a room, but the murderer cleaned Hemraj’s blood and not Aarushi’s. This is a joke in itself.

13. तथ्य ये था कि आरुषि के कमरे से हेमराज का खून, डीएनए या वीर्य या किसी अन्य तरीके का जैविक द्रव्य नहीं मिला।

13. The fact was that there was no biological material of Hemraj’s blood, DNA or semen or any other method from Aarushi’s room.

14. कौल किस तरह बयान दर्ज कराते थे, इसकी बानगी ये है कि 16 अक्टूबर 2010 को जब कौल ने तलवार के ड्राइवर उमेश को पूछताछ के लिए बुलाया तो उमेश रोता हुआ कान के फटे पर्दे के साथ बाहर आया। कौल ने उस दिन अंग्रेजी में बयान दर्ज किए और उमेश को अंग्रेजी नहीं आती थी।

14. How did Kaul register the statement, the fact is that on October 16, 2010, when Kaul called Talwar’s driver Umesh for questioning, Umesh came out with a torn ears of crying ears. Kaul filed a statement in English on that day and Umesh did not come to English.

15. सीबीआई ने अवैध तरीके से जीमेल पर एक आईडी बनाई।hemraj.jalvayuvihar@gmail.com मेल आईडी से राजेश तलवार को समन भेजे जाते थे, जबकि कायदे से सीबीआई को आधिकारिक मेल आईडी प्रयोग करनी चाहिए थी।

15. The CBI illegally created an ID on Gmail.Hemraj.jalvayuvihar@gmail.com was sent summons to Rajesh Talwar from the mail id, whereas the law should have used the official mail id to the CBI.

खबर है कि जेल से रिहा होने के बाद तलवार दंपति सबसे पहले नोएडा के सेक्टर 71 स्थित साईं मंदिर में दर्शन के लिए जाएंगे. इसके बाद दोनों आरुषि के नाना के घर पर जाएंगे. आरुषि के नाना वीजे चिटनिस ने जी मीडिया से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा है कि राजेश और नूपुर को देर से सही लेकिन इंसाफ मिला है. मैं बहुत खुश हूं, वो जेल से छूट रहे हैं. उन्होंने कहा कि आरुषि के लिए न्याय का इंतजार है. गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने गुरुवार (12 अक्टूबर) को तलवार दंपति को ये कहते हुए बरी कर दिया था कि परिस्थितियां और सबूत उन्हें दोषी सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं|

It is reported that after being released from jail, the Talwar couple will be first to visit Darshan in Noida’s Seen Temple in Sector 71. After this the two will go to the house of Aarushi’s maternal grandfather. Aarushi’s grandfather, VJ Chitnis, in an exclusive interview with the media, said that Rajesh and Nupur got late but got justice. I am very happy, they are exempt from jail. He said that awaiting justice for Aarushi is awaiting justice. It is worth noting that the High Court acquitted the Talwar couple on Thursday (October 12th) saying that the circumstances and evidence are not sufficient to convict them.

ऐसी भी खबर है कि जेल से रिहा होने के बाद तलवार दंपति नोएडा के जलवायु विहार स्थित अपने घर में नहीं जाएंगे क्योंकि अब वहां कोई और रहता है. तलवार दंपति के जेल जाने के बाद से यह घर किराए पर दे दिया गया है. खबर है कि राजेश और नूपुर तलवार दिल्ली के हौजखास स्थित अपने घर जाएंगे. वहीं यह भी कयास लगाए जा रहे है कि नूपुर और राजेश तलवार नूपुर के पिता के घर भी जा सकते हैं जो कि जलवायु विहार के पास ही कहीं रहते है|

There is also the news that after being released from jail, the Talwars will not go to their house in Noida’s climate vigil, because now there is no other person there. This house has been rented since Talwar couple went to jail. It is reported that Rajesh and Nupur Talwar will go to their home in Hauzkhas, Delhi. At the same time, it is being speculated that Nupur and Rajesh Talwar can go to the house of Nupur’s father, who live somewhere near Vishal Vihar.

https://youtu.be/McKRV_312_s

source : patrika.com