CM योगी के जबरदस्त एक्शन से यूपी से उर्दू शिक्षक का बेहद हैरान करने वाला सनसनीखेज़ कांड का हुआ खुलासा,देश में देशविरोधी समेत कट्टरपंथी सन्न

लखनऊ : देश में देशविरोधी और कट्टरपंथी विचारधारा के लोग तेज़ी से बढ़ते जा रहे हैं. यही नहीं अब तो इन्होने छोटे छोटे बच्चों को इसका शिकार बनाना शुरू कर दिया है. यूपी के ऐसी ही एक स्कूल के कटरपंथी शिक्षक की हैरतअंगेज़ करतूत सामने आयी है जिसे देख लोगों का गुस्सा भड़क उठा है.

अभी मिल रही खबर के मुताबिक प्रदेश के एक स्कूल में शिक्षक द्वारा धार्मिक आस्था छात्रों पर थोपने का मामला सामने आया है। मामला एक सरकारी स्कूल का है. जो पैसे तो सरकार से लेता है लेकिन छात्रों में कट्टरपंथी की शिक्षा दे रहा था.

इस सरकारी स्कूल में तैनात उर्दू शिक्षक पर बच्चों को नमस्ते की जगह लाम वालेकुम करना सिखाने का आरोप लगा है। इसकी जानकारी होते ही अभिभावकों ने स्कूल पहुंच हंगामा काटा। अभिभावकों के साथ बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भी विरोध दर्ज कराया। मामला अधिकारियों तक पहुंचते ही शिक्षक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

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अखिलेश सरकार में तैनात किया गया

ऐसे ही कई उर्दू शिक्षकों को अखिलेश सरकार में तैनात किया गया था. यही नहीं कई हज़ार उर्दू शिक्षक और थे जिनको रखने का फरमान अखिलेश सुना कर चले गए थे लेकिन सीएम योगी ने आते ही सबसे पहले इन उर्दू शिक्षकों की भर्ती को रद्द किया.

अभी अगर ऐसा कुछ हिंदूवादी संगठन ने किया होता तो अब तक सेकुलरिज्म,लोकतंत्र खतरे आ चुका होता और कुछ लोग तो अपने अवार्ड भी वापिस करने चले आते लेकिन अब ना तो ये खबर बिकाऊ मीडिया दिखायेगा और ना ही कोई हंगामा मचेगा.

मामला राजधानी लखनऊ से सटे हरदोई जिले संडीला में उच्च प्राथमिक विद्यालय रसूलपुर का है। यहां तैनात उर्दू शिक्षक मोहम्मद इश्तियाक खान ने बच्चों नमस्ते न करके सलाम वालेकुम करने की शिक्षा दबाव बनाकर दे रहे हैं। स्कूल के मास्टर की यह करतूत बच्चों ने घर पर बताई। विद्यालय के दूसरे बच्चों से जब इस बारे में पूछा तो पता चला कि यह उर्दू शिक्षक मोहम्मद इश्तियाक ने सिखाया है।

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उर्दू शिक्षक की इस हरकत से नाराज अभिभावकों ने स्कूल पर धावा बोल दिया। आरोपी शिक्षक के खिलाफ जमकर हंगामा किया गया। खबर पाते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता भी हंगामा काटने पहुंच गए। मामला बढ़ता देख प्रिंसिपल ने किसी तरह समझा बुझाकर माहौल शांत कराया। बताया जा रहा है कि पहले भी उर्दू शिक्षक की शिकायत की जा चुकी है। उनपर झाड़फूंक और बच्चों को दी जाने वाली स्टेशनरी बेचने के भी आरोप लग चुके हैं.

इस मामले पर बजरंग दल के एक कार्यकर्ता सुधीर सिंह ने कहा, उसकी भतीजी ने भी शिक्षक द्वारा सलाम सिखाए जाने की बात कही थी। जिसके बारे में प्रिंसिपल से शिकायत की थी। वहीं, इस मामले पर बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव का कहना है कि, उर्दू शिक्षक को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। अगर उनके जवाब से विभाग संतुष्ट नहीं होता है तो मामले में उचित कार्रवाई भी कराई जाएगी

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यूपी STFफाॅर्स के हाथ बड़ी कामयाबी ,कई वर्षों से जिसकी तलाश थी ,उसकी जाँच मिला देख अधिकारीयों के उड़े होश

नई दिल्ली : प्रदेश में योगी राज में अपराधियों, गैंगस्टर को चुन चुन के पकड़ा जा रहा है. पूरी तरह से यूपी को अपराध मुक्त करने के लिए स्पेशल टास्क फाॅर्स के ऑपरेशन तेज़ी से चल रहे हैं. पिछली सरकार में तुष्टिकरण की राजनीति के चलते इन्हे हमेशा बचाया गया.

यूपी STF के हाथ बड़ी कामयाबी लगी
अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक यूपी एसटीएफ के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है. एसटीएफ ने मेरठ से एक लाख के इनामी मोहम्मद अकरम को देर रात मुजफ्फरनगर के खतौली इलाके से गिरफ्तार किया है. उसने पुलिस से हाथापाई की। इस दौरान एसटीएफ के तीन सिपाही चोटिल हो गए। अकरम के खिलाफ करीब 30 मुकदमें दर्ज हैं. STF ने गोली के बदले गोली चलाने की बात कही लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया. बता दें काफी सालों से इसकी पुलिस को तलाश थी.

सटीएफ को इस कुख्यात बदमाश के कब्जे से ढेर सारा असलाह और कारतूस का जखीरा बरामद किया हैं. बड़ी साज़िश को अंजाम देने की साज़िश रच रहा था. डेढ़ साल पहले वह मुजफ्फरनगर से पुलिस की हिरासत से फरार हो गया था और झारखंड की राजधानी रांची में जाकर छिप गया था.

अकरम मुजफ्फरनगर नगर के खालापार मोहल्ले का रहने वाला है और बेहद शातिर बदमाश है. अकरम पर लूट, डकैती, हत्या आदि के 35 से ज्यादा मुकदमे चल रहे हैं. एसटीएफ से मिली जानकारी के मुताबिक मुजफ्फरनगर के खालापार निवासी अकरम मुकीम काला गैंग से जुड़ा हुआ है. जिसके खिलाफ सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर और मेरठ में गंभीर धाराओं में केस दर्ज है.

वामपंथियों के दबाव के चलते नहीं किया एनकाउंटर
विपक्षी, मानवाधिकारी गैंग और कोर्ट के जजों के चक्कर में STF को मज़बूरन इस अपराधी को गिरफ्तार करना पड़ा. दरअसल एक लाख के इनामी बदमाश अकरम ने पुलिस व एसटीएफ पर फायर किया तो एसटीएफ ने भी पुलिस से जवाबी गोली चलाने को कहा, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया। खतौली पुलिस को डर था कि कहीं खतौली में भी बवाल न हो जाए, इसलिए उसे गोली मारे बिना ही गिरफ्तार किया. हालाँकि इस मुठभेड़ में तीन STF जवान घायल हो गए.

लेकिन साफ़ देखा जा सकता है कि कुछ वामपंथियों की साज़िश और दबाव के चलते अब पुलिस भी एनकाउंटर करने में कतरा रही है हिचकिचा रही है. चाहे बदमाश कितना फायरिंग करता रहे लेकिन पुलिस उसे सिर्फ गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है. ये वामपंथी मानवाधिकारियों के पेट में तभी दर्द होता है जब अपराधी मरता है, अगर कोई पुलिसवाला शहीद हो जाए तब ये सारे गायब हो जाते हैं.

गोकशी से रखा अपराध की दुनिया में कदम गिरफ्तार किए गए अकरम ने बताया कि उसने 2004 में खालापार में गोकशी से अपराध की शुरुआत की. अकरम ने बताया कि वह रांची के कारगिल चौक पर डेढ़ वर्ष से मोहम्मद उमर नाम से चाय की दुकान चला रहा था.

अपराध की दुनिया में आने से पहले अकरम ने डेढ़ दशक पूर्व इसने एक हिन्दू युवती से प्रेम विवाह किया था, जिसका परिवार और ससुराल वालों ने विरोध किया था। शादी के बाद उसकी पत्नी ने नाम बदलकर मुस्कान रख लिया था.

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अकबरुद्दीन ओवैसी ने पीएम को लेकर की नीचता की सभी हदे पार ,भड़का देश गुस्सा

नई दिल्ली। तेलंगाना विधानसभा चुनाव को लेकर जुबानी जंग छिड़ी हुई है। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बीच वार-पलटवार का सिलसिला जारी तो था ही अब उसमें अकबरुद्दीन ओवैसी ने भी अपनी टांग अड़ा ही ली है।

असदुद्दीन ओवैसी के छोटे भाई अकबरुद्दीन ओवैसी ने रैली को संबोधित करने के दौरान योगी पर तो निशाना साधा ही वहीं पीएम मोदी पर भी जमकर हमला बोला। जिसका वीडियो भी सामने आया है।

बता दें, हैदराबाद के चारमिनार विधानसभा क्षेत्र में रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ”चाय वाले, हमें मत छेड़, चाय-चाय चिल्लाते हो, याद रखो इतना बोलूंगा कि कान में से पीक निकलने लगेगा, खून निकलने लगेगा”

योगी पर भी हमला

इसके साथ ही अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा, ”आज एक और आया, वो कैसे-कैसे कपड़े पहनता है, तमाशे जैसा दिखता है। किस्मत से चीफ मिनिस्टर भी बन गया, कह रहा है निजाम की तरह ओवैसी को भगाऊंगा, अरे तू क्या, तेरी हैसियत क्या, तेरी बिसात क्या, तेरे जैसे 56 आए और चले गए, अरे ओवैसी को छोड़ो, उसकी आने वाली 1000 नस्लें भी इस मुल्क में रहेंगी और तुझसे लड़ेंगे। तेरा मुकाबला करेंगे और तेरी मुखालफत करेंगे”।

Akbaruddin Owaisi ने PM MODI पर की ऐसी टिप्पणी, सुनकर आपको भी आएगा गुस्सा

Akbaruddin Owaisi ने PM MODI पर की ऐसी टिप्पणी, सुनकर आपको भी आएगा गुस्सा

Posted by Newsroom Post on Sunday, December 2, 2018

गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ और असदुद्दीन ओवैसी के बीच जुबानी जंग चल रही है। तेलंगाना के विकाराबाद के तेंदूर में एक रैली को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि यदि बीजेपी सत्ता में आती है तो मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि ओवैसी को तेलंगाना छोड़कर वैसे ही भागना पड़ेगा, जैसे निजाम हैदराबाद छोड़कर भागे थे।

 

CM योगी ने ओवैसी के मुंह पर मारा करारा तमाचा के ऐसा जबरदस्त जवाब जिसे सुन वामपंथियों में खलबली

नई दिल्ली : सीएम योगी जो बोलते हैं वो बेबाकी से बोलते हैं यही वजह है कि इस वक़्त कई राज्यों में विरोधियों की जबर धुलाई के लिए उन्हें रैली करने के लिए बुलाया जा रहा है. इसी तरह आज सीएम योगी ने ओवैसी के गढ़ में घुस कर रैली करी और वो मुहतोड़ जवाब दिया है जिसे सुन कई कट्टरपंथियों में जलन मची हुई है.

अभी मिल रही मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विधानसभा चुनाव के मद्देनजर स्टार प्रचारक बनकर हैदराबाद पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी पर जबरदस्त हमला बोल दिया है.

हैदराबाद के निजाम की तरह भगाएंगे
रैली में जनता को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, अगर राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आ गई तो ओवैसी यहां से हैदराबाद के निजाम की तरह भागेंगे.

यूपी सीएम योगी ने तेलंगाना के तांडूर की रैली में कहा, मुझे पूरा विश्वास है कि तेलंगाना में भाजपा की ही सरकार बनेगी। मैं सभी को आश्वासन दिलाता हूं कि अगर राज्य में भाजपा की सरकार आ गई तो असदुद्दीन ओवैसी तेलंगाना से उसी तरह भागेंगे, जैसे हैदराबाद के निजाम को भागने पर मजबूर होना पड़ा।

इसके साथ ही उन्होंने राज्य की पीडीपी सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, यह सरकार किसानों और पिछड़ों की हितकारी नहीं है। उन्होंने जनता से भाजपा के लिए आशिर्वाद मांगते हुए कहा, पीएम मोदी के नेतृत्व में देश में विकास हुआ है, वह भी बिना भेदभाव के.

इससे पहले राजस्थान में भी सीएम योगी ने बेबाकी से रैली करते हुए कहा था कि कांग्रेस सरकार आतंकियों को बिरयानी खिलाया करती थी और हम गोली खिलाते हैं. यही वजह है कि वामपंथी मानवाधिकार सीएम योगी के पीछे हाथ धो के पड़े हुए हैं और यूपी के हर एनकाउंटर को हिन्दू मुस्लिम चश्मे से देखने में लगे हुए हैं.

साथ ही सीएम योगी के हाल में हनुमान और दलित वाले बयान पर काफी हंगामा मचा. विपक्षियों को तुरंत मौका मिल गया और उन्होंने सीएम योगी पर आरोप लगा दिया कि उन्होंने भगवान् हनुमान को दलित बता दिया है. जबकि अगर उनकी रैली की वीडियो पूरी सुनी जाय तो पता चलेगा उन्होंने कहा था “हनुमान जी भी सब को एकसाथ लेकर चला करते थे , चाहे दलित हो चाहे पिछड़ा” बस इस बात को तोड़ मरोड़ कर विरोधियों और भीम गैंग ने हनुमान दलित कहकर चिल्लाना शुरू कर दिया.

गौरतलब है कि सभी पार्टियां वोटरों को लुभाने के लिए जोर-शोर से जुटी है। इसके लिए चुनाव प्रचार के दौरान एक दूसरे पर जमकर हमला बोला जा रहा है। 7 दिसंबर को तेलंगाना की 119 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होना है। वोटिंग के नतीजे 11 दिसंबर को आ जाएंगे

SOURCE DD BHARTI

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अंतराष्ट्रीय मोस्ट वांटेड आतंकी ने राम मंदिर के विवाद को लेकर दे डाली धमकी मोदी-योगी के खिलाफ उगला ज़हर,अगर राम मंदिर बना तो…

नई दिल्ली : एक तरफ राम मंदिर के मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट लटकाये जा रहा तो वहीँ अब ऐसी खबर आने लगी है कि मोदी सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में राम मंदिर को लेकर कानून बनाएगी. तो वहीँ इस बीच अब राम मंदिर को लेकर मोस्ट वांटेड अंतर्राष्ट्रीय आतंकी ने बहुत बड़ी धमकी दे दी है.

दिल्ली से काबुल तक मचा देंगे तबाही
अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक एक तरफ देश में ही बैठे कुछ विपक्षी लोग राम मंदिर को लेकर एकता नहीं दिखा रहे हैं और वहीँ दूसरी तरफ कट्टरपंथी भी अब राम मंदिर के खिलाफ खड़े हो गए हैं. आतंकी सगंठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर ने बाबरी मस्जिद को लेकर 9 मिनट का ऑडियो जारी किया है. इस ऑडियो में मसूद अजहर धमका रहा है कि अगर भारत बाबरी मस्जिद की जगह पर राम मंदिर बनाता है, तो दिल्ली से काबुल तक मुसलमान लड़के बदला लेने को तैयार हैं. उसने कहा कि हम लोग पूरी तरह से तबाही फैलाने करने के लिए तैयार हैं.

मसूद ने दावा किया कि काबुल और जलालाबाद में भारतीय संस्थानों को निशाना बनाया गया था. अजहर ने ऑडियो में कहा कि हमारी बाबरी मस्जिद को गिराकर वहां अस्थाई मंदिर बनाया गया है, वहां हिंदू लोग त्रिशूल के साथ इकट्ठे हो रहे हैं. मुसलमान लोगों को डराया जा रहा है, एक बार फिर हमें बाबरी मस्जिद बुला रही है.

ऑ़़डियो में जैश सरगना बोल रहा है कि हम बाबरी मस्जिद पर नजर बनाए बैठे हैं, तुम सरकारी खर्च करने का माद्दा रखते हो तो हम जान खर्च करने के लिए तैयार हैं. इतना ही नहीं इस ऑडियो में अजहर ने करतारपुर कॉरिडोर के बारे में भी टिप्पणी की. उसने पाकिस्तानी सरकार द्वारा भारत के मंत्रियों को बुलाने पर नाराजगी व्यक्त की.

इस ऑडियो में मसूद अजहर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी काफी जहर उगला. उसने पीएम मोदी और सीएम योगी के लिए अपशब्द बोले हैं.

बता दें कि बीते कुछ दिनों में जिस तरह भारत की ओर से आतंकियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सख्ती भरी भाषा का प्रयोग किया गया है उससे उनके आका बौखलाए हुए हैं. यही कारण है कि अब ये बौखलाहट इस तरह की गीदड़ भभकी से सामने आ रही है.

साफ़ देखा जा सकता है कि कैसे कैसे आतंकी, कट्टरपंथी राम मंदिर के खिलाफ खड़े हो गए हैं और देश में ही कुछ हिन्दू ऐसे हैं जो राम मंदिर के लिए एक नहीं होते हैं. इतने दशकों से राम मंदिर का मुद्दा लटका हुआ है. कांग्रेस के वकील इसका हमेशा से विरोध करते आ रहे हैं. इससे पहले कांग्रेस नेताओं ने तो भगवान राम को काल्पनिक तक बता दिया था.

कितने शर्म कि बात है कि एक तरफ वहां पाकिस्तान में हज़ारों मंदिर को तबाह कर दिया गया. हिन्दुओं को पलायन करने पर मज़बूर किया गया. उन पर अत्याचार किये गए. आज उनकी आबादी सिर्फ 1.8 % रह गयी है और यहाँ भारत में हिन्दू अपने आराध्य का एक मंदिर नहीं बना पा रहे हैं.

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राम मंदिर के लिए CM योगी ने लिया जबरदस्त फैसला कांग्रेस की साजिश को किया नाकाम पुरे कांग्रेस में हड़कंप

नई दिल्ली : विरोधियों की साजिशों का उपयोग भी अपने फायदे के लिए कर लेना, इसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कितना माहिर हैं, इसका पता इस खबर को पढ़कर आपको भी हो जाएगा. कांग्रेस समेत मुस्लिम संगठनों ने दबाव बना कर राम मंदिर का मामला अदालत में लटकवा दिया, उन्हें लगा कि यदि बीजेपी ने राम मंदिर लोकसभा चुनाव से पहले बनवा लिया तो देश में मोदी व् योगी की ऐसी प्रचंड लहर चलेगी, जो कांग्रेस को ख़ाक का देगी, मगर राम मंदिर का विरोध करके कांग्रेस ने अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है

राम मंदिर बनने में देरी होने के कारण सीएम योगी ने पूरे योगी को राम नाम से पाटने का मानो फैसला कर लिया है. अगर मंदिर जल्दी बन जाता तो सिर्फ मंदिर ही बन पाता, मगर अब तो पूरे यूपी में राम ही राम दिखाई देंगे.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्रतिमा लगाने के आदेश के बाद अब रामलीला मैदान बनाने की तैयारी कर रही है। इस कड़ी में पहले 10 जिलों गोरखपुर, लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज, चित्रकूट, बरेली, आगरा, फिरोजाबाद और सहारनपुर में रामलीला मैदान तैयार करने का आदेश संबंधित जिलाधिकारियों को दिया गया है।

जहां पहले से रामलीला मैदान बने हैं, उनका कायाकल्प भी किया जायेगा। प्रदेश के सभी डीएम से उनके जिलों में सबसे पुराने और सबसे बड़े रामलीला मैदान/स्थानों पर तत्काल काम शुरू करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा रामलीला मैदान के प्रवेश द्वार पर एक बड़ा गेट बनाया जाएगा जिसका नाम अयोध्या, मिथिला, जनकपुर, पंचवटी और चित्रकूट के नाम पर रखा जायेगा।

अयोध्या को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल

वही दूसरी तरफ सीएम योगी अयोध्या को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का पर्यटन स्थल भी बना रहे हैं. भारतीय रेलवे ने राम भक्तों के लिए रामायण एक्सप्रेस ट्रेन पहले ही चलवा दी है. अयोध्या के रेलवे स्टेशन को एक भव्य मंदिर का अकार दिया जाएगा. दिवाली अब एक दिन तीन दिन तक मनाई जाती है. पूरे अयोध्या की दीवारों में सिर्फ रामायण के ही चित्र हैं. इस सबसे जो वो कट्टरपंथी शक्तियां है वे दूर ही रहेंगी और जहाँ तक नज़र जायेगी सिर्फ भगवान राम का ही नाम होगा.

यूपी के कुछ जिलों में पहले से रामलीला मैदान हैं। जबकि कई ऐसे भी जिले हैं, जहां रामलीला मैदान नहीं है। रामलीला मैदान के लिए सबसे पहले जमीन निर्धारित की जाएगी। इसके बाद 6 से 8 फीट ऊंची चारदीवारी बनाई जायेगी। दीवार के दोनों तरफ रामायण के प्रसंग से जुड़ी कहानियां उकेरी जायेंगी।

मंदिर बनने के आदेश में कांग्रेस जितना ज्यादा टांग अड़ायेगी और न्यायपालिका जितना ज्यादा देर लगाएगी, उतना ही ज्यादा तेजी से राम नाम देशभर में फैलेगा. सीएम योगी तो मानो विरोधियों को उन्ही की चाल में चित्त करने में तेजी से लगे हैं. जब तक मंदिर पर फैसला आएगा, तब तक पूरे यूपी का भगवाकरण हो चुका होगा.

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रायबरेली: अमित शाह-योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में लगी आग, धू-धू कर जलने लगा पंडाल

रायबरेली : जैसा कि हम इस बात को भलिभांति जानते हैं कि साल 2019 के लोकसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर सभी पार्टी जोर-शोर से रैली कर रही हैं. जानकारी के अनुसार ‘भाजपा’ अध्यक्ष ‘अमित शाह’ और ‘उत्तर प्रदेश’ के मुख्यमंत्री ‘योदी आदित्यनाथ’ राज्य के ‘रायबरेली’ भाजपा की संकल्‍प परिवर्तन रैली में शामिल होने के लिए गये. वहाँ उनके मंच पर आग लग गई.

Rae Bareli: As we know this, all the parties are rallying enthusiastically about preparations for the 2019 Lok Sabha elections. According to the information, the BJP president Amit Shah and Uttar Pradesh chief minister Yodhi Adityanath went to the Rae Bareli in the state to join the resolution of the rally. There was a fire on their platform.

लोकसभा चुनाव को लेकर रायबरेली में रैली के दौरान अमित शाह और CM योगी के बड़ा हादसा!

जानकारी के अनुसार खबर मिली है कि जैसे ही अमित शाह जनता को संबोधित करने के लिए मंच की तरफ आगे बढ़े तो मंच पर आग लग गई. आग को देख आस-पास मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई. खबर मिली है कि इस दौरान अमित शाह के अलावा मुख्‍यमंत्री ‘योगी आदित्‍यनाथ’ भी यहां शामिल हुए थे. दरअसल वहां पर मौजूद लोगों और अन्‍य कर्मियों ने आग पर कुछ ही देर में काबू पा लिया.

According to information, news has been reported that as soon as Amit Shah proceeded towards the platform to address the public, there was a fire on the stage. Seeing the fire a panic broke out in the nearby people. It has been reported that during this period, besides Amit Shah, the chief minister ‘Yogi Adityanath’ also joined here. In fact, the people present there and other personnel managed to overcome the fire shortly after.

खबर मिली है कि यहां पर दोनों नेता शाह और योगी कुछ ही देर में लोगों को संबोधित करने वाले हैं. जानकारी के अनुसार भाजपा अध्यक्ष शाह और राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज ‘सोनिया गांधी’ के गढ़ रायबरेली के दौरे पर आये हुए हैं. अनुमान लगाया जा रहा है कि अमित शाह और योगी आदित्यनाथ का यह दौरा लोकसभा चुनावों की तैयारी को ध्यान में रखकर किया जा रहा है.

लोकसभा चुनाव को लेकर रायबरेली में रैली के दौरान अमित शाह और CM योगी के बड़ा हादसा!

It is reported that here both the leaders Shah and Yogi are going to address people in a while. According to information, BJP President Shah and state Chief Minister Yogi Adityanath have come here on a visit to ‘Gandhi Gandhi’ bastion of Rae Bareli. It is speculated that this visit of Amit Shah and Yogi Adityanath is being done keeping in view the preparation of Lok Sabha elections.

ऐसा कहा जा रहा है कि आने वाले चुनावों में अमित शाह रायबरेली द्वारा कांग्रेस के किले में सेंध लगाने की योजना बना रहे हैं और जिसके लिए राज्य के मुख्यमंत्री योगी उनके साथ दौरे पर आ रहे हैं.

It is being said that in the coming elections, Amit Shah is planning to break into Congress fort by Rae Bareli and for which state’s Chief Minister Yogi is on a tour with him.

लोकसभा चुनाव को लेकर रायबरेली में रैली के दौरान अमित शाह और CM योगी के बड़ा हादसा!

लाखों कार्यकर्ता होंगे शामिल
इस रैली को लेकर दोनों नेताओं के दौरे को लेकर भाजपा के रायबरेली प्रभारी ‘हीरो बाजपेयी’ ने जानकारी देते हुए कहा है कि अमित शाह ‘कांग्रेस’ के गढ रायबरेली में एक जनसभा करेंगे.

Millions of workers will be included
The BJP’s Raebareli in-charge ‘Hero Bajpayee’ has informed about the visit of the two leaders about this rally, saying that Amit Shah will hold a public meeting in Rae Bareli in the ‘Deep Rally’ of Congress.

बाजपेयी ने इसके आगे कहा है कि यह ऐतिहासिक रैली होगी. इस रैली के दौरान लाखों कार्यकर्ता शामिल होंगे. इस जनसभा में ‘योगी आदित्यनाथ’, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ‘महेन्द्र नाथ पाण्डेय’ और दोनों उप मुख्यमंत्री ‘दिनेश शर्मा’ और ‘केशव प्रसाद मौर्य’ भी शामिल होने वाले हैं.

लोकसभा चुनाव को लेकर रायबरेली में रैली के दौरान अमित शाह और CM योगी के बड़ा हादसा!

Bajpai further said that this will be a historic rally. Millions of workers will be involved during this rally. In this public meeting, ‘Yogi Adityanath’, state BJP President ‘Mahendra Nath Pandey’ and both Deputy Chief Ministers Dinesh Sharma and Keshav Prasad Maurya are also going to attend.

यह भी देखे

https://youtu.be/WE3MmmBzG4k

https://youtu.be/o9LQnPMci4I

namopress.in

ब्रेकिंग:रायबरेली से आई इस बेहद चौकाने वाली खबर सुन जिसे देख राहुल -सोनिया छूटने लगे हैं पसीने

केंद्र में जबसे बीजेपी की सरकार आई है और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जबसे बने हैं. उसके बाद से ही कांग्रेस पार्टी की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी और उनकी पार्टी की एक मुसीबत थमती नहीं है कि दूसरी पैदा हो जाती है. वैसे भी केंद्र में सत्ता आने के बाद से बीजेपी देश के अधिकतर राज्यों में अपनी जीत का परचम लहराकर कांग्रेस को झटके पर झटके देती जा रही है. अब आने वाले लोकसभा चुनावों का आगाज हो चुका है जिसको लेकर सभी पार्टियों ने कमर कस ली है.

Since the time the BJP government came in and the country’s Prime Minister Narendra Modi has been since then. Since then, the problems of the Congress party are not taking the name. Congress President Rahul Gandhi and his party do not have a problem that the second is born. Anyway, after coming to power at the Center, BJP is shaking the victory of the Congress in the majority of the states. Now the upcoming Lok Sabha elections have been started for which all the parties have taken a stand.

अब ऐसे माहौल में एक ऐसी खबर आ रही है जिसे जानने के बाद कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी को बड़ा झटका लग जायेगा. सोनिया गाँधी के गढ़ रायबरेली से आ रही इस खबर ने सभी के होश उड़ा डाले हैं. कांग्रेस को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगने जा रहा है. सोनिया गाँधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में पार्टी के विधान परिषद सदस्य दिनेश प्रताप सिंह पार्टी से नाराज चल रहे हैं. जिसके चलते बताया जा रहा है कि बुधवार को लखनऊ में वह अमित शाह की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं. कांग्रेस नेता दिनेश प्रताप सिंह का एक साथ बीजेपी में जाना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका होगा.

Now in such an environment there is a news that after knowing the former Congress President Sonia Gandhi and Rahul Gandhi will be a big blow. The news coming from Sonia Gandhi’s Rath Rae Bareli has sparked everyone’s senses. The biggest blow to the Congress is going to be so far. In Sonia Gandhi’s parliamentary constituency Rae Bareli, the party’s legislative council member Dinesh Pratap Singh is angry with the party. As a result, it is being told that in Lucknow on Wednesday he is going to join BJP in the presence of Amit Shah. Congress leader Dinesh Pratap Singh going to BJP together will be a big setback for the Congress.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह भी बताया जा रहा है कि दिनेश प्रताप सिंह के भाई जोकि जिला पंचायत अध्यक्ष रायबरेली अवधेश प्रताप सिंह भी बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं. इस खबर ने राहुल गाँधी को गहरे सदमे में पहुंचा दिया है. उन्होंने सोचा भी नही होगा कि उनके इतने ज्यादा करीबी नेता उन्हें इतना बड़ा झटका दे सकते हैं. कांग्रेस एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया है कि कांग्रेस में अब वो रहना नहीं चाहते हैं.

According to the information received from the sources, it is also being said that Dinesh Pratap Singh’s brother Jilla Panchayat president Rae Bareli Avdesh Pratap Singh can also get the membership of BJP. This news has brought Rahul Gandhi a deep shock. They will not even think that their so much close leader can give them such a big jolt. Congress MLC Dinesh Pratap Singh, while talking to the media, said that he does not want to stay in Congress anymore.

गौरतलब है कि रायबरेली की राजनीतिक सियासत में दिनेश प्रताप सिंह का बड़ा नाम है. वह 2016 में कांग्रेस से एमएलसी का चुनाव जीतने वाले इकलौते सदस्य हैं. इसी के साथ कांग्रेस से वह लगातार दूसरी बार विधान परिषद में चुने गये थे. इस समय जिला पंचायत कुर्सी पर भी उनके भाई अवधेश प्रताप सिंह हैं. अब इनके बीजेपी में शामिल होने की खबर ने राहुल गाँधी को हैरान कर दिया है.

Significantly, Dinesh Pratap Singh has a big name in Rae Bareli’s political affairs. He is the only member to win the MLC election from Congress in 2016. With this, he was elected for the second time in the Legislative Council from Congress. At present, his father is Awadhesh Pratap Singh on the district panchayat chair. Now the news of his joining BJP surprised Rahul Gandhi.

यह भी देखे

https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8

SOURCE political report

राहुल गाँधी ने किया ये शर्मनाक काम साईं भक्तो का फोटा गुस्सा जिसे देख सोनिया समेत कांग्रेस हैरान

नई दिल्ली : राहुल गाँधी को कब क्या और कैसे बोलना है उन्हें कुछ नहीं पता. अभी कर्णाटक में राहुल ने मैसूर की शाही टोपी पहनने से मना कर दिया था. उसके बाद NCC के स्टूडेंट ने जब NCC के बारे में पूछा तो वे जवाब नहीं दे पाय. उसके बाद अभी 4 घंटे के उपवास से पहले छोले भठूरे खाने की तसवीरें वायरल हो गयी थी. लेकिन इस बार पियूष गोयल पर आरोप लगाने के चक्कर में राहुल ने शिरडी का अपमान करके साईं बाबा के भक्तों को नाराज़ कर दिया है.

New Delhi: When and how does Gandhi Gandhi have to speak, they do not know anything. Right now in Karnataka, Rahul refused to wear the royal hat of Mysore. After NCC students asked about the NCC, they would not answer. After that, pictures of eating Chhole bhaytur before 4 hours of fasting became viral. But this time, in the wake of allegations against Piyush Goyal, Rahul has insulted Shirdi and has offended the devotees of Sai Baba.

अभी मिल रही ताज़ा खबर के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल पर आरोप लगाने वाले उनके ट्वीट में ‘शिरडी’ शब्द को लेकर शिरडी के श्री साईबाबा संस्थान ने कड़ी आपत्ति जताई है. राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में घोटालों पर आरोप लगाते हुए लिखा था कि “शिरडी के चमत्कारों” की कोई “सीमा” ही नहीं.

According to the latest news now, Congress President Rahul Gandhi has once again got into controversy. In his tweet alleging Union Minister Piyush Goyal, Mr. Saibaba Institute of Shirdi has expressed strong objection to the word ‘Shirdi’. Rahul Gandhi, while accusing the scams in his tweets, had written that there is no “boundary” of “Shirdi miracles”.

राहुल गाँधी के इस ट्वीट में विश्व प्रसिद्ध श्री साईबाबा संस्थान, शिरडी काफी नाराज है. जिसके बाद खुद संस्थान के चेयरमैन डॉक्टर सुरेश हवारे ने ट्वीट किया है कि “राहुल जी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच शिरडी को खींचना बहुत दर्दनाक है. इससे देश-विदेश के साई भक्तों को बहुत ठेस पहुंची है. सभी साई भक्तों की ओर से हम इसकी निंदा करते हैं. इस अपमान के लिए साई भक्तों से आपको माफी मांगनी चाहिए.”

In this tweet of Rahul Gandhi, the world famous Sri Saibaba Institute, Shirdi is very angry. After which, Suresh Haware, chairman of the institute itself, tweeted, “It is very painful to draw Shirdi between Rahulji’s political accusation and reaction. This has caused much sadness to the Sai devotees of the country and abroad. On behalf of all Sai devotees, we condemn it. You should apologize to the Sai devotees for this insult. ”

राहुल गाँधी ने अब तक अपने किये गए शर्मनाक ट्वीट पर माफ़ी नहीं मांगी है लेकिन सोशल मीडिया पर लोगों ने राहुल को जमकर लताड़ना ज़रूर शुरू कर दिया है.कई लोगों ने ट्वीट कर कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष को धर्म में कतई विश्वास नहीं है, यही वजह है कि वो हमेशा ऊलजलूल बातें करते रहते हैं। देखिए लोगों ने किस तरह की प्रतिक्रिया दी है.

Rahul Gandhi does not necessarily believe in the far religion has not asked for forgiveness on their unused embarrassing tweet but people on social media is said to have multiple people tweeted began Sure fiercely clapperclaw Gandhi Congress president, That The reason is that they always talk freely. See how people have reacted.

समीर यादव नाम के शख्स ने लिखा “राहुल गाँधी मूर्खता की पराकाष्ठा पर पहुंच गया है साईं बाबा और उनके भक्तों का अपमान इसलिए कर रहा है क्योंकि इसे पता है कि यह मूर्ख हम भारतीयों को जाति धर्म में बांटकर राज कर सकता है ”

Sameer Yadav wrote, “Rahul Gandhi has reached the peak of foolishness
Sai Baba and his devotees are insulting because they know that this fool can rule us by dividing the Indians into caste religion ”

विवेक कुमार सिंह ने राहुल बाबा को शिरडी जाने की सलाह देते हुए लिखा है “शिरडी जाओ राहुल तुम्हें सद्बुद्धि मिलेगी।”

प्रशांत दीक्षित ने लिखा है “ये राहुल गांधी अपनी घटिया और गंदी राजनीति में बार बार हिन्दू धर्म को क्यों बीच में ले आता है?क्या बिना धर्म को लाए इसकी घिनौनी राजनीति नहीं चल सकती?अगर किसी और धर्म का नाम लिया होता तो इसके खिलाफ लाखों फतवे निकल गए होते और ये अपने ‘PIDDI’ के साथ जगह जगह नाक रगड़ रहा होता।”

Vivek Kumar Singh, while advising Rahul Baba to go to Shirdi, has written, “Shirdi go Rahul, you will get goodwill.”

Prashant Dixit wrote “These Rahul Gandhi why Hinduism repeatedly in poor and dirty politics get in the middle? Can not it disgusting politics brought up without religion? If anyone else would have the name of religion against it Millions of fatwas would have gone and would have been rubbing the nose in place with their ‘PIDDI’. ”

तो वहीँ अभी हाल ही में मध्यप्रदेश सरकार ने चार संतों को मंत्री का दर्जा प्रदान किया था. मध्य प्रदेश सरकार ने नर्मदा नदी के तटीय इलाकों में पौधारोपण और जल संरक्षण संबंधी मामलों के लिए एक विशेष समिति गठित की है. राज्य सरकार का यह निर्णय साधु संतों को सम्मान देने के साथ ही वृक्षारोपण, जल संरक्षण के साथ स्वच्छता जैसे सामाजिक और पर्यावरणीय सरोकारों से जुड़े मामलों पर संतों का साथ लेने की एक कोशिश है . क्योंकि समाज में हमारे संत अहम भूमिका निभाते हैं. लेकिन हिंदू विरोध की नीति पर चल रही कांग्रेस को यह बात रास नहीं आई.

So recently, the Madhya Pradesh government recently granted the status of the minister to the four saints. The Madhya Pradesh government has constituted a special committee for plantation and water conservation issues in the coastal areas of Narmada river. The state government’s decision hermit saints respect to the same plantation, such as social hygiene with water and try to pick up with the Saints on matters relating to environmental concerns. Because our Saints play an important role in society. But the ongoing Congress on the policy of Hindu opposition did not come to the fore.

सरकार के इस सकारात्मक और रचनात्मक पहल की प्रशंसा करने के बजाय कांग्रेस ने उल्टा साधु-संतों का अपमान किया. कांग्रेस पार्टी की नेता खुशबू सुंदर ने एक ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने इस कदम का उपहास उड़ाते हुए नगा साधुओं की एक तस्वीर डालते हुए लिखा है कि मध्य प्रदेश विधानसभा में कुछ दिनों में यही दृश्य देखने को मिलेगा.


Instead of praising the government’s this positive and constructive initiative, the Congress insulted the uplifted saints and saints. Congress has a tweet Party fragrance Beautiful which he wrote to take a picture of the Naga sadhus mocked the move that will see the same scene in a few days in the state assembly.
यह भी देखे
https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8

SOURCE POLITICAL REPORT

 

मस्जिद को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया ऐसा सनसनीखेज फैसला, पूरे देश में मचा तहलका..

देश में बनी अवैध मस्जिदों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है. अब जबकि राम मंदिर का मुद्दा अपने अंतिम चरण में आ पहुंचा है, ऐसे वक़्त में ये फैसला और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है. दरअसल नवी मुंबई के शिवाजी नगर में सार्वजनिक संपत्ति पर एक अनधिकृत मस्जिद खड़ी है, जिसे लेकर पिछले काफी वक़्त से मुस्लिम संगठनों व् महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम के बीच रस्साकशी चल रही है.

The Supreme Court has given a major ruling over the illegal mosques built in the country. Now that the issue of Ram temple has reached its last phase, at that time the decision becomes even more important. Actually there is an unauthorized mosque on public property in Navi Mumbai’s Shivaji Nagar, which has been engaged in tug of war between Muslim organizations and Maharashtra Industrial Development Corporation for the last several years.

अनाधिकृत मस्जिद को नियमित करने से इनकार

दरअसल महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम और म्युनिसिपल कारपोरेशन की एक कमिटी ने इस अनाधिकृत मस्जिद को गिराने का फैसला लिया था. जिसके खिलाफ मस्जिद की ट्रस्ट हाई कोर्ट गयी थी. मुम्बई हाई कोर्ट ने भी महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम के मस्जिद को गिराने के फैसले को सही ठहराया था.

Refuse to regularize unauthorized mosque

In fact, a committee of Maharashtra Industrial Development Corporation and Municipal Corporation decided to demolish this unauthorized mosque. Against the mosque’s trust high court was added. The Bombay High Court also upheld the decision of the Maharashtra Industrial Development Corporation to demolish the mosque.

जिसके बाद याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. मगर अब सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस आदर्श कुमार गोयल और जस्टिस यू यू ललित की बेंच ने मुंबई हाई कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है.

After which the petitioners approached the Supreme Court. But now the bench of Supreme Court Justice Adarsh ​​Kumar Goyal and Justice UU Lalit has refused to intervene in the Bombay High Court verdict.

पुराना है तब भी टूटेगा?

याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी थी कि मस्जिद काफी पुरानी है, लिहाजा इसे गिराना उचित नहीं होगा. वकील ने यहाँ तक कहा कि महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम की इस जमीन पर तो अवैध झुग्गी बस्तियां भी बसी हुई हैं, अगर इन झुग्गी बस्तियों को तोड़ा नहीं जा रहा है, तो इसी जमीन पर बने मस्जिद को संरक्षण क्यों नहीं दिया जा सकता है?

Old is still broken?

The petitioner’s lawyer had argued that the mosque is old enough, so it would not be fair to drop it. The lawyer even said that illegal slum colonies have also been settled on this land of Maharashtra Industrial Development Corporation, if these slums are not being broken, why can not the mosque built on this land be given protection?

हालांकि सभी दलीलें खाली गयीं और सुप्रीम कोर्ट ने बहस को आधारहीन बताते हुए मुंबई हाई कोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट मुंबई की हाजी अली दरगाह के आसपास के अतिक्रमण को हटाने का फैसला भी सुना चुका है.

Although all the arguments went vacant and the Supreme Court refused to interfere in the judgment of the Bombay High Court stating the debate as baseless. Earlier, the Supreme Court has also heard the decision to remove encroachment surrounding the Haji Ali Dargah in Mumbai.

हालांकि उस वक़्त तो महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार ही तुष्टिकरण के चलते अतिक्रमण हटाने के लिए तैयार नहीं थी. जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार भी लगाई थी. कोर्ट ने कहा था कि अगर आदेश का पालन नहीं हुआ तो गंभीर परिणाम होंगे.

However, at that time the Fadnavis government of Maharashtra was not ready to remove encroachment due to appeasement. Which the Supreme Court had also reprimanded the state government. The court had said that serious consequences would be if the order was not followed.

अवैध तरीके से लाउडस्पीकरों का उपयोग

बता दें कि एक जनहित याचिका से पता चला था कि नवी मुंबई की 49 मस्जिदों में से 45 में अवैध तरीके से लाउडस्पीकरों का उपयोग किया जाता है. जिसे लेकर सोनू निगम ने भी अपनी आवाज उठायी थी. साल 2014 में नवी मुंबई के एक नागरिक संतोष पचालग की जनहित याचिका पर महाराष्ट्र हाई कोर्ट ने मस्जिदों में अजान के लिए लाउडस्पीकरों के उपयोग को अवैध करार दिया था.

Use of loudspeakers illegally

Explain that a PIL was revealed that 45 of 49 mosques of Navi Mumbai used loudspeakers illegally in 45 mosques. Sonu Nigam also raised his voice about whom. In the year 2014, on the PIL filed by a citizen of Navi Mumbai Santosh Pachalj, the Maharashtra High Court had termed the use of loudspeakers for Ajan illegal in mosques.

अब इस फैसले को लेकर कई मुस्लिम संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है. वहीँ सोशल मीडिया में इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रया सामने आ रही हैं. जहाँ ज्यादातर लोग इस फैसले पर ख़ुशी जाहिर कर रहे हैं, वहीँ कुछ लोगों ने इसका विरोध किया है.

Now there is displeasure in many Muslim organizations regarding this decision. There are different types of reactions coming out in social media. While most people are expressing happiness on this decision, some people have opposed it.

यह भी देखे
https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8

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