ईरान से आई इस ख़बर ने उड़ाये पीएम मोदी के होश, कांग्रेस की बड़ी गलती – खामियाजा भुगतेगा पूरा देश

एक ओर पाकिस्तान ने बॉर्डर पर घुसपैठ की कोशिशें तेज की हुई हैं, दूसरी ओर चीन भी डोकलाम में घुसपैठ को लेकर अड़ा हुआ है l दो मोर्चों पर सरकार निपटने की कोशिश कर ही रही थी कि अब ईरान ने भी भारत की पीठ में खंजर घोंपते हुए ये सोचने पर मजबूर कर दिया है कि खाड़ी देशों पर भारत आखिर कितना निर्भर रह सकता है l

On one hand, Pakistan has intensified efforts to infiltrate the border; On the other hand, China is strained with infiltration in Dokalmal. The government was trying to tackle the two fronts, now Iran has dug its backs in India. It has forced to think how much India can depend on the Gulf countries.

ईरान ने फरजाद बी गैस फील्‍ड का काम भारत की जगह रूसी कंपनी को दे दिया है और ईरान ने इसके लिए रूसी ऊर्जा कंपनी गजप्रोम के साथ समझौता कर भी लिया है l

Iran has given the job of Farjad B Gas Field to the Russian company instead of India and Iran has also entered into an agreement with the Russian energy company, Gazprom.

आपको बता दें कि फरजाद बी गैस फील्‍ड को खोजने में भारत सरकार की कंपनी ने ईरान की मदद की थी और उस वक़्त शर्त ये थी कि बदले में ईरान वहां से गैस निकालने का काम भारत को देगा लेकिन गैस फील्ड की खोज होने के बाद ईरान अपने वादे से साफ़ मुकर गया l

Let us tell you that the Government of India’s company had helped Iran to find Farjad B Gas Field and at that time the condition was that in return, Iran will give it to India to remove gas from there but after discovering the gas field, Iran Void

दरअसल 2008 में भारत की ओएनजीसी विदेश लिमिटेड ने अपनी अत्याधुनिक तकनीक के इस्तमाल से ईरान की इस गैस फील्ड को खोजा था और चीन के बाद भारत ईरान से सबसे ज्यादा तेल आयात करता है, यानी ईरान को भारत से प्रतिवर्ष मोटी कमाई होती है l

Indeed, ONGC Videsh of India, in 2008, used its latest technology to find this gas field of Iran and after China, India imports the highest oil from Iran, meaning that Iran earns huge revenue annually from India.

पिछले दिनों अपने परमाणु कार्यक्रम के कारण अमेरिका समेत कई देशों से आर्थिक प्रतिबन्ध झेल रहे ईरान से उस नाजुक वक़्त में भी भारत ने दगा नहीं किया और उससे तेल आयात करना जारी रखा था, लेकिन आर्थिक प्रतिबंध हटते ही ईरान के सुर बदल गए और उसने तेल और गैस की बेहतर कीमत के लिए आक्रामक रुख अपना लिया, जबकि भारत अपनी कंपनियों के पक्ष में ईरान से उदार व्यवहार की उम्मीद कर रहा था, क्योंकि आड़े वक़्त में भारत ने ईरान का साथ जो दिया था l

In the last days due to its nuclear program, India has not reprimanded Iran from that country, including economic sanctions from many countries including the US, and continued to import oil from it, but the tension of Iran changed as the economic sanctions had changed, And took aggressive approach to better price of gas, while India was hoping for liberal behavior from Iran in favor of its companies, because at the helm What India has given to Iran

अब दगाबाज ईरान ने योजना बनायी कि जिस गैस फील्ड को भारत की कंपनी ने खोजा है, उसका एक बड़ा हिस्सा अन्य देशों की कंपनियों को दे दिया जाए और भारतीय कंपनियों के लिए केवल थोड़ा सा हिस्सा छोड़ा जाए l

Now treacherous Iran planned that a large part of the gas field discovered by the company of India should be given to companies of other countries and only a small part of the Indian companies should be left out.

भारतीय कंपनी ओएनजीसी की ओर से ईरान को गैस फील्ड विकसित करने के लिए 11 बिलियन डॉलर के निवेश का प्रस्ताव भी दिया गया, लेकिन ईरान ने दिखा दिया कि वो मुनाफे के लिए किसी को भी धोखा दे सकता है l अब इतने बड़े विश्वासघात के बाद भारत सरकार ने एक्शन लेते हुए ईरान से तेल आयात को 20 फ़ीसदी तक कम कर दिया है l

On behalf of ONGC, Indian company ONGC has also proposed an investment of 11 billion dollars to develop gas fields, but Iran showed that it could deceive anyone for profit. Now after the great betrayal, India By taking action, the government has reduced oil imports from Iran by 20 percent.

भारत के इस कदम से तिलमिलाए ईरान ने भारत को होने वाले तेल निर्यात के भुगतान की अवधि को 3 महीने से घटाकर 2 महीने करने का फैसला ले लिया है और इसके साथ ही उसने भारतीय कंपनियों को समुद्री लीज़ पर दी जा रही 80 फीसदी की छूट को घटाकर 60 फीसदी कर दिया है l

Tarnished by this move of India, Iran has decided to reduce the period of payment of oil exports to India from 3 months to 2 months and simultaneously it will offer 80% discount on maritime lease to Indian companies. Reduced to 60 percent.

यानी अब भारतीय तेल कंपनियों को 2 महीने में ही तेल कीमत का भुगतान कर देना होगा और अब उन्हें समुद्री भाड़ा भी सामान्य दर का 40 फीसदी चुकाना होगा l

That is, the Indian oil companies will have to pay oil price within two months and now they will have to pay 40% of the normal rate of sea freight.

इस मामले पर ईरान का कहना है कि भारतीय सरकारी कंपनियों के साथ उसका समझौता केवल गैस फील्ड की खोज और रिसर्च के लिए था, जो अब पूरा हो चुका है. इस समझौते में ऐसा कहीं नहीं लिखा कि वो भारतीय कंपनियां ही इस गैस फील्ड का विकास करके गैस निकालने का काम करेंगी l ईरान का कहना है कि वो भारत के साथ ही गैस फील्ड में काम करने के लिए बाध्य नहीं है l इसके साथ ईरान ने गैस निकालने के लिए रूसी गेजप्रोम ऑयल कंपनी से समझौता भी कर लिया l

On this matter, Iran says that its agreement with Indian government companies was only for the discovery and research of the gas field, which has now been completed. It has not written anywhere in this agreement that Indian companies will work to evolve gas by developing this gas field. Iran says it is not bound to work in the gas field along with India. To compromise with the Russian Geysprom Oil Company,

दरअसल ये समझौता कांग्रेस सरकार के दौरान ख़त्म हुआ था, घोटाले करने में व्यस्त कांग्रेस सरकार ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया l कांग्रेस सरकार द्वारा फैलाये रायते को समेटने के लिए और समझौते से जुडी इस डील को करने की पीएम मोदी ने काफी कोशिशें की l पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति हसन रौहानी के बीच पिछले साल इस गैस फील्ड को लेकर बातचीत भी हुई, लेकिन सकारात्मक हल नहीं निकल पाया l

In fact, this agreement was exhausted during the Congress government, the Congress government busy in scams did not pay attention to it. PM Modi has made a lot of efforts to reconcile the opinion of the Congress government and to deal with this deal related to the deal. Between PM Modi and Iranian President Hassan Rauhani, the gas field was discussed last year, but a positive solution was not found.

ईरान के मजलिस एनर्जी कमीशन के प्रवक्ता असदोल्लाह घरेखानी ने स्पष्ट कह दिया कि भारतीय कंपनी के साथ केवल फरजाद-बी गैस फील्ड में रिसर्च का समझौता था, जो अब पूरा हो चुका है और उस समझौते में ये कहीं नहीं लिखा है कि गैस निकालने का कॉन्ट्रैक्ट भी भारत को दिया जाएगा, ईरान अपने फायदे के मुताबिक दूसरा साथी भी ढूंढ सकता है l

Iran’s Majlis Energy Commission spokesman Asodollah Gharkani made clear that the only agreement with the Indian company was the agreement of research in the Farjad-B gas field, which has now been completed and in that agreement it has not written anywhere that the contract for the removal of gas It will also be given to India, Iran can find another partner as per its own advantage.

लिहाज़ा कांग्रेस सरकार की इस गलती का खामियाजा अब पूरा देश भुगतेगा और जो हक भारत का था उसे अब नहीं मिलेगा l

Therefore, the fault of the Congress government’s fault will now be paid by the whole country and the right of the country will not be available now.

https://youtu.be/neA9j-iFBhQ

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https://www.youtube.com/watch?v=aGHeWHD0uXg

https://www.youtube.com/watch?v=xlRRjGN7n7U

इस विधायक को चुनाव प्रचार के लिए खर्च की ज़रूरत नहीं, लोग खुद ही जीता देते हैं !

जूनागढ़ में गिरनार की विशाल पहाड़ी है और इस गिरनार पहाड़ी की परिक्रमा का बहुत महत्व है परिक्रमा पथ पर परिक्रमा करने के बाद लोग बोतल नमकीन के खाली रेपर आदि फेंक देते हैं ।

Junagadh is a huge mountain of Girnar and the importance of this ornamentation of this Girnar hill is the importance of throwing a empty wrapper of bottle snacks etc. after the orbiting the circus path.

गिरनार पहाड़ी की सफाई करता है यह व्यक्ति और कोई नहीं बल्कि जूनागढ़ के बीजेपी विधायक महेंद्र मशरू है ।

Girnar cleanses the hill, this person is none other but BJP legislator of Junnag Mahendra Mashru.

महेंद्र मशरू की सादगी सुनकर आप दंग रह जाएंगे । महेंद्र मशरू दो बार निर्दलीय और चार बार से बीजेपी के विधायक हैं यानी करीब 38 साल से लगातार विधायक है । उन्होंने शादी नहीं की है एक कमरे के छोटे से मकान में रहते हैं पैर में चप्पल पहने रहते हैं हर वक्त लोगों की सेवा करने के लिए तत्पर रहते हैं हमेशा बस में ही सफर करते हैं इनके पास अपनी खुद की गाड़ी तक नहीं है यह या तो पैदल चलते रहते हैं या बस में सफर करते हैं ।

You will be stunned by hearing the simplicity of Mahendra Mashru. Mahendra Mashru is a two-time Independent and four times MLA from BJP, that means he is a Constructive MLA for nearly 38 years. They have not married, they live in a small house of a living room, they are wearing sandals on their feet, they are always ready to serve the people always travel in the bus. They do not even have their own cars. Walks on foot or travels in bus.

अपना पूरा चुनाव प्रचार यह पैदल चलकर ही करते हैं गांधीनगर में विधायक निवास से विधानसभा तक राज्य सरकार विधायकों को आने जाने के लिए बस चलाती है उस बस का सिर्फ महेंद्र मशरू ही इस्तेमाल करते हैं और विधानसभा सत्र पूरा होने के बाद गांधीनगर से बस में बैठकर ही जूनागढ़ चले जाते हैं |

Its complete election campaign only on foot; In Gandhinagar, from the legislative house to the assembly, the state government runs bus to come to the legislators that only Mahendra uses the bus and sitting on the bus from Gandhinagar after the completion of the assembly session. They go to Junagadh only.

इनकी सादगी और कर्मठता को नमन …इनकी सादगी और इनके कर्मठता से आज तक कांग्रेस इन्हें हरा नहीं सकी और ना कभी हरा सकेगी वाह आज भी ऐसे नेता मौजूद है, इन्हे अपने चुनाव प्रचार के लिए किसी खास खर्च की जरुरत नहीं है, न ही इन्हे कोई हत्कंडे करने की जरुरत है, पर इनकी सादगी के कारण लोग खुद ही इनको इतना प्रेम करते है की जीता देते है |

His simplicity and hard work … His simplicity and his work from the Congress till today, Congress could not beat them or they will never be able to defeat such a leader even today, they do not need any special expenditure for their election campaign. They need to do any kind of hatred, but because of their simplicity, people love them so much that they win.

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https://www.youtube.com/watch?v=6KzO3XxanXM

पिछली सरकार की करतूतों को देख गुस्से से भभक उठे CM योगी आदित्यनाथ, अखिलेश की हालत ख़राब !

यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनते ही उन्होंने अपने कड़े तेवर और बेबाक रवैया दिखाना शुरू कर दिया था. लेकिन सिर्फ शुरुआती दिनों में ही नहीं वही तेवर आज भी वो उसी हिम्मत और जोश से दिखा रहे हैं | लेकिन इस बार तो सीएम योगी ने अपने ही सरकारी विभाग के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन ले लिया |

As soon as Yogi became the governor of Adityanath in UP, he started showing his strong and uncomfortable attitude. But not only in the early days, they are showing the same courage and enthusiasm even today. But this time the CM Yogi took a swift action against his own government department.

अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक अखिलेश सरकार सीएम योगी को विरासत में सिर्फ मुसीबतें दे गए हैं | अखिलेश सरकार में सरकारी विभाग को इतना ज़्यादा लचर और लापरवाह बना के रख दिया है कि आप भी हैरान रह जायेंगे | खबर के मुताबिक सीएम योगी ने लखनऊ में सरकारी विभागों की ओर से कई महीनों से बिजली का बकाया बिल नहीं जमा करने पर उनके बिजली कनेक्शन काट दिए गए हैं | इन सरकार विभागों के अंदर आरामतलवी और अड़ियलपन इतना ज़्यादा घुस गया है कि इन सरकारी विभागों ने कई महीनों से बिजली के बिल की भुगतान नहीं किया था |

According to the very big news now available, the Akhilesh government has given only trouble to the CM Yogi in heritage. In the Akhilesh government, the government department has been kept so lenient and careless that you will be surprised. According to the news, the CM Yogi has been disconnected from the government departments in Lucknow for not getting the electricity bill for several months. Relaxation and hardship have penetrated so much within these government departments that these government departments did not pay electricity bills for several months.

Akhilesh Yadav has given the legacy to the Yogi Government, Power Corporation Department of UP, which is badly defused. Because only government departments have outstanding electricity bill of about 10,000 crores. Due to this, electricity rates have to be expensive in the state, if the government departments recover from the arrears, electricity rates in the state will never be expensive. See what Akhilesh has given to the Yogi Sarkar in the heritage, you see the difference yourself, the UP number one in the government dues. Uttar Pradesh 8853 crores, Telangana- 3561 crores, Maharashtra- 3364 crores, Andhra Pradesh 2828 crores, Kerala 2609 crores, Jammu and Kashmir 1868 crores, Karnataka 1880 crores, Bihar Rs 610 crores. You can see the difference between the difference between UP and Jammu and Kashmir. Such government was running SP for 5 years.

समाज कल्याण विभाग कर रहा था अपना ही कल्याण लेकिन फिलहाल जिन दो विभागों पर योगी सरकार ने बिजली के कनेक्शन काटे गए है वो है फोरेंसिक लैब और समाज कल्याण का होस्टल शामिल है | बताया जा रहा है कि फोरेंसिक विभाग पर लगभग 16 लाख, जबकि समाज कल्याण के होस्टल पर करीब 26 लाख रुपये का बिल बकाया है | बताइये ये समाज का कल्याण करेंगे 26 लाख का बिल दबाये बैठे हैं, खुद अनुशासन है नहीं समाज में क्या अनुशासन लाएंगे | ऐसा लगता है ये समाज का कम, अपना ज़्यादा कल्याण करने में लगे थे |

The social welfare department was doing its own welfare, but the two departments on the Yogi Government have cut the connection of electricity, it is the forensic lab and hostel of social welfare. It is being told that about 16 lakhs have been given on forensic department, while the society welfare has a balance of about 26 lakh rupees. Let us say that the welfare of the society will pressurize the bill of 26 lakhs, discipline itself and not what will bring discipline in society. It seems that they were less in society, engaged in better welfare.

अब सबसे बड़ा सवाल ये खड़ा होता है कि अगर 10 हज़ार करोड़ से ज़्यादा का बिल नहीं दिया गया तो ये पैसा गया कहाँ, किस-किस की जेब गरम हो रही थी अब तक? और अड़ियलपन की हद देखिये साहब बिजली विभाग ने कई बार नोटिस भी भेजना शुरू किया फिर भी कान पर जू तक नहीं रेंगी | लिहाजा बिजली विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते इनके कनेक्शन काट दिए | इससे सभी सरकारी विभागों को सन्देश जाएगा कि उनके अब ऐशोआराम के दिन गए, अब ज़रा सख्ती से पेश आने वाली सरकार आ गयी है |

 

Now the biggest question arises that if more than 10 thousand crores of rupees were not billed then this money went where, what was the pocket of the pocket being so far? And see the extent of hardship, the Hon’ble Electricity Department has started sending the notice many times, but the ear will not live up to the zoo. So the electric department took strong action and cut off their connections. It will send a message to all the government departments that they have gone on the day of Ashoka, now the government has come to the strictest level.

आगे से ऐसी समस्या न कभी खड़ी ना हो, इसका भी समाधान योगी सरकार ने ग़ज़ब का निकाला है, जीएम लेसा आशुतोष कुमार ने बताया कि सभी सरकारी विभागों को सख्त निर्देश दे दिए गए है कि सबसे पहले अपने बकाया बिल चुकाएं, और उसके बाद अपने यहां प्री-पेड मीटर लगवा ले. ठीक मोबाइल फ़ोन की तरह रिचार्ज करिये फोन पर बात करिये, ठीक वैसे ही बिजली मीटर को रिचार्ज करिये, और बिजली पाइये | जैसा राजा वैसी प्रजा इससे पहले आपको याद होगा जब कभी अखिलेश सरकार पत्रकारों से वार्ता करते वक़्त या कभी मीटिंग कर रही होती थी तब बिजली कट जाया करती थी, जिससे वे अँधेरे में बैठ कर मीटिंग करते थे और फिर बिजली आ जाया करती थी |

Further, such a problem should not arise at any time, even the solution of the Yogi Government is unfortunate, GM Lisa Ashutosh Kumar told that all government departments have been given strict instructions that first of all pay their outstanding bills, and after that their Take a pre-paid meter here. Recharge the phone like a mobile phone, talk on the phone, just recharge the power meter, and get electricity. As King Vaishi Praja, before you remember, whenever Akhilesh was talking to journalists or at the time of meeting, he used to cut electricity, so that he used to sit in the darkness and then used to come to power.

जिसका लोग खूब मज़ाक उड़ाया करते थे, लेकिन फिर भी अखिलेश कोई एक्शन नहीं ले पाए, यानि उन्हें सब पता था फिर भी जानबूझ कर एक्शन नहीं लिया गया | लेकिन कुछ वक़्त पहले खबर आयी थी की सपा पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव के घर का ही बिजली कनेक्शन कटवा दिया गया था | क्यूंकि उन्होंने भी कई महीनों से बिल नहीं दिया था | अब वो कहावत है न जैसा राजा वैसी प्रजा  जैसा पार्टी प्रमुख वैसे सरकारी विभाग भी बिना बिजली बिल चुकाए मौज काट रहे थे |

Whose people used to make fun of him, but still Akhilesh could not take any action, that is, he knew everything, but no action was taken intentionally. But for the time being, the first news came that the power connection of SP chief Mulayam Singh Yadav’s house was cut. Because he had not even billed for several months. Now that is the saying, like the party chief like Raja Vasi Pradhan, the government departments were also spending money without paying electricity bills.

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जानिए क्या है रो-रो सर्विस? जिसकी आड़ में मोदी सरकार ने जड़ा कांग्रेस के मूंह पर ज़ोरदार तमाचा!

अहमदाबादः समुद्री तट को देश की उन्नति और समृद्धि का प्रवेश मार्ग बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि पिछले दशकों में केंद्र सरकारों ने समुद्री क्षेत्र के विकास पर ध्यान नहीं दिया और जहाजरानी एवं बंदरगाह क्षेत्र भी अछूते रहे है। हमारी सरकार ने समुद्री क्षेत्र में सुधार एवं जल आधारभूत संरचना के विकास के लिए ‘‘सागरमाला’’परियोजना और 106 राष्ट्रीय जल मार्गो के निर्माण का कार्य शुरू किया है। 45 मिनट से अधिक के संबोधन मोदी ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल और भाजपा सरकार के कार्यकाल में गुजरात के विकास की दिशा में उठाए गए कार्यो का संछिप ब्यौरा दिया।

Ahmedabad: Describing the sea coast as the gateway to the country’s advancement and prosperity, Prime Minister Narendra Modi today said that in the past decades, the Central Governments did not pay attention to the development of maritime area and shipping and port areas were also untouched. Our government has started the work of “Sagarmala” project and construction of 106 National Water Roads for improving maritime area and development of water infrastructure. Addressing more than 45 minutes, Modi gave a brief overview of the work taken during the Chief Minister’s post and the tenure of the BJP government towards the development of Gujarat.

रो-रो सर्विस की महत्व पूर्ण बिंदु:
पीएम मोदी ने भावनगर के घोघा और भरूच के दहेज के बीच 650 करोड़ रुपए की रोल-ऑन रोल ऑफ (रो-रो) फेरी सेवा के पहले चरण का शुभारंभ किया। रो-रो फेरी सर्विस के जरिए सिर्फ यात्री ही नहीं, बल्कि वाहन और माल की ढुलाई भी सहज और आसानी से हो सकेगी। इसमें जो बोट रहेगी, उसमें 150 बड़े वाहनों की ढुलाई और करीब 1000 लोग एकसाथ यात्रा कर सकेंगे। यह पूरा प्रोजेक्ट गुजरात मैरिटाइम बोर्ड ने तैयार किया है |

The importance of Ro-Ro service :
PM Modi inaugurated the first phase of Roll-On Roll Off (Ro-Ro) Ferry service worth Rs 650 crore between Ghogha and Bharuch dowry in Bhavnagar. Through the Ro-Ro Ferry service, not just passenger but also the transportation of vehicles and goods can be easily and easily. In the boat that will be there, it will be able to carry 150 high-speed vehicles and about 1000 people traveling together. This complete project has been prepared by Gujarat Maritime Board.

फिलहाल इस फेरी सर्विस का किराया 600 रुपया रखा गया है, जिसके लिए बाद में भावनगर से पिक-अप प्वाइंट, प्री-बुकिंग, ऑनलाइन बुकिंग भी शुरू की जाएगी। सौराष्ट्र और दक्ष‍िण गुजरात के बीच अगर सड़क से सफर करना है तो कम से कम 10 घंटे का वक्त लगता है। भरूच से भावनगर के बीच सड़क मार्ग से यात्रा के लिए 310 किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है, लेकिन समुद्र के रास्ते यह दूरी मात्र 31 किमी की ही रह जाएगी। पहली पैसेंजर फेरी बोट घोघा से समुद्री रास्ते दक्षिण गुजरात में दाहेज तक जाएगी।

Currently, this ferry service has been hired for Rs 600, for which a pick-up point, pre-booking, online booking will also be started from Bhavnagar. If Saurashtra and South Gujarat are to travel by road then it takes at least 10 hours. Between Bharuch and Bhavnagar, it is necessary to cover a distance of 310 km for a road by road, but by the sea it will be only 31 km. The first passenger ferry boat will fly from Dahej to South Gujarat in South Gujarat.

मोदी के संबोधन की खास बातें:
-नई पोत परिवहन नीति और नई विमानन नीति तैयार की है। छोटे-छोटे हवाई अड्डों को सुधारने की पहल शुरू की है।
-अहमदाबाद और मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन परियोजना का कार्य आगे बढ़ाया है।
-देश को 21वीं सदी की परिवहन प्रणाली प्रदान करेंगे जो ‘न्यू इंडिया’की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।’’
-‘रो रो फेरी सर्विस’को दूसरे राज्यों के लिए रोल मॉडल बनाएँगे |
-प्रदेश एवं उनकी केंद्र सरकार की पहल से राज्य के विकास के साथ लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
-पिछले 15 वर्षों में गुजरात ने अपने बंदरगाहों की क्षमता में चार गुना वृद्धि की है।

Specific words of Modi’s address:
-New Ship Transport Policy and New Aviation Policy have been prepared. The initiative to improve small airports has begun.
-The work of the bullet train project has been further extended between Ahmedabad and Mumbai.
-The country will provide 21st Century transport system which will be an important step in the direction of ‘New India’.
-Ro Roar Ferry Service will make roll models for other states.
– With the initiative of the state and their central government, people will get employment opportunities with the development of the state.
In the last 15 years, Gujarat has increased the capacity of its ports four times.

गुजरात का समुद्री मार्ग सामरिक महत्व का है जहां से दुनिया के किसी दूसरे क्षेत्र में जाना सस्ता और आसान है। गुजरात का नौवहन विकास पूरे देश के लिए आदर्श है।
-रो रो फेरी सर्विस से रोजगार के अवसर बनेंगे ही, तटीय जहाजरानी और तटीय पर्यटन की दिशा में नये अवसर भी पैदा होंगे।
-घोघा से दाहेज की 300 किलोमीटर की दूरी तय करने में 7-8 घंटे लगते थे, लेकिन फेरी सर्विस शुरू होने के बाद महज डेढ़ घंटे में ये रास्ता तय हो जाएगा।

The sea route of Gujarat is of strategic importance, from which it is cheap and easy to go to any other area of ​​the world. Shipping development of Gujarat is ideal for the whole country.
There will be opportunities for employment from the Ro Ro Ferry Service, new opportunities will also be created in the direction of coastal shipping and coastal tourism.
Dahaj used to take 7-8 hours to cover the distance of 300 km from Dahaj, but after the ferry service began, it will be decided in just one and a half hours.

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