अभी अभी: PM मोदी ने किया जबरदस्त कमाल, अबू धाबी पर हुआ भारत का ऐसा कब्जा, जिसे देख मुस्लिम देशों में खलबली…..

नई दिल्ली (11 फरवरी) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अबू धाबी दौरे के दौरान एक के बाद एक बड़ी ख़बरें सामने आ रही हैं. पहले तो केवल हिन्दू मंदिर के शिलान्यास की ही खबर थी, मगर अब अबू धाबी से ऐसी जबरदस्त खबर सामने आ रही है, जिसे देख आपकी आँखें फटी रह जाएंगी. पीएम मोदी ने पेट्रोल-डीजल की समस्या से जूझ रहे भारत की बड़ी परेशानी का हल कर दिया है.

New Delhi (February 11): A big news is coming out after one by one during Prime Minister Narendra Modi’s Abu Dhabi tour. At first it was only the story of the temple of the Hindu temple, but now there is a tremendous news coming from Abu Dhabi, which will keep your eyes closed. PM Modi has solved the huge problem of India facing the problem of petrol and diesel.

अबू धाबी के 10% तेल पर हुआ भारत का कब्जा
ओएनजीसी विदेश लिमिटेड ने अबू धाबी ऑयल फील्ड में 10 प्रतिशत हिस्सा खरीदा है, इसके लिए 60 करोड़ डॉलर का भुगतान किया गया है. आपको बता दें कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब अबू धाबी में किसी ऑयल फील्ड में किसी भारतीय तेल कंपनी को हिस्सा बेचा गया है.

India captures 10% of Abu Dhabi oil
ONGC Videsh has bought a 10 percent stake in the Abu Dhabi oil field, for which 60 million dollars has been paid. Let us tell you that this has happened for the first time when a portion of the oil company has been sold to an oil company in Abu Dhabi.


इस करार के तहत अबू धाबी की इस ऑयल फील्ड से निकलने वाले कच्च तेल के करीब 10 प्रतिशत हिस्से पर ओएनजीसी विदेश लिमिटेड का हक होगा. यह करार 9 मार्च 2018 से लागू हो जाएगा.

Under this agreement, ONGC Videsh will be entitled to 10% of the crude oil from the Abu Dhabi oil field. This agreement will be effective from March 9, 2018.

भारत की पेट्रोल-डीजल की समस्या का हुआ समाधान
इस ऑयल फील्ड के जरिए प्रतिदिन लगभग 4 लाख बैरल यानि सालभर में करीब 2 करोड़ टन कच्चे तेल का उत्पादन होता है. इसमें से भारत को हर साल इसका 10 प्रतिशत यानि करीब 20 लाख टन कच्चा तेल मिलेगा. जैसे-जैसे ऑयल फील्ड से कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ेगा, वैसे-वैसे भारत को भी ज्यादा मात्रा में कच्चा तेल मिलता जाएगा.

India’s solution to the problem of petrol and diesel
Through this oil field, approximately 4 million barrels per day (i.e., about a quarter of a million tonnes of crude oil is produced in a year). Out of this, India will get 10 per cent i.e. roughly 2 million tonnes of crude oil every year. As the production of crude oil will increase from the oil field, India will also get crude oil in much quantity.

2025 तक इस ऑयल फील्ड का रोजाना उत्पादन 4.5 लाख बैरल किए जाने का लक्ष्य है. ओएनजीसी विदेश लिमिटेड भारत की 3 बड़ी तेल कंपनियों यानि ओएनजीसी, इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम की तरफ से बनाई गई संयुक्त कंपनी है.

By 2025, the daily production of this oil field is targeted to be 4.5 lakh barrels. ONGC Videsh Limited is a joint venture company of India’s 3 major oil companies ie ONGC, Indian Oil and Bharat Petroleum.

मोदी ने रखी हिन्दू मंदिर की आधारशिला
भारत के लिए ये एक बड़ी सफलता है. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपनी यूएइ यात्रा के दौरान अबू धाबी में प्रथम हिंदू मंदिर की आधारशीला रखी है. दुबई के ओपेरा हाउस में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंदिर का शिलान्यास किया गया. अबू धाबी में अभीतक एक भी हिन्दू मंदिर नहीं था. मंदिर की नींव रखने के बाद पीएम ने भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया. पीएम के भाषण के दौरान कई बार मोदी-मोदी और भारत माता की जय के नारे लगे.

Modi laid the foundation stone of Hindu temple
This is a big success for India. Let us know that Prime Minister Narendra Modi today laid the foundation for the first Hindu temple in Abu Dhabi during his UAE tour. The foundation stone of the temple was done through video conferencing in Dubai’s opera house. There was not even a single Hindu temple in Abu Dhabi. Following the foundation of the temple, the PM addressed the people of the Indian community. During the PM’s speech, many times Modi-Modi and Bharat Mata Ki Jai’s slogans started.

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आएगा बदलाव
साथ ही कच्चे तेल को लेकर हुई इस ऐतिहासिक डील से भारत में पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर भी राहत मिलेगी. पहले जॉर्डन, फिर फिलिस्तीन और अब अबू धाबी, जैसा स्वागत पीएम मोदी का हुआ है, उसे देख सभी बेहद हैरान हैं, खासतौर पर कांग्रेसी. आपको याद होगा कि 2002 से लेकर 2014 तक कांग्रेस ने पीएम मोदी पर कीचड उछालने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी. अमेरिका को पत्र लिखा गया था कि उन्हें वीजा ना दिया जाए.

Petrol and diesel prices will go up
Also, this historic deal involving crude oil will also provide relief for petrol and diesel prices in India. First of all, Jordan, then Palestine and now Abu Dhabi, welcome PM Modi, all are very surprised to see him, especially the Congressman. You will remember that from 2002 to 2014, the Congress had left no stone unturned on the PM Modi. The letter was written to the US that they were not granted a visa.

मगर पीएम मोदी ना केवल सत्ता पर काबिज हुए बल्कि आज अमेरिका से लेकर रूस व् इजराइल से लेकर अरब देशों तक सभी पीएम मोदी के लिए पलकें बिछाते हैं. दुनिया का हर देश आज भारत के साथ जुड़ना चाहता है. यही वजह है कि इतिहास में पहली बार अबू धाबी ने भारतीय कंपनी को आयल फील्ड में हिस्सेदारी बेचीं है. जो काम कांग्रेस 60 सालों में नहीं कर सकीय, वो मोदी ने 4 सालों में कर दिखाया.

But PM Modi not only took power, but today, from America to Russia and Israel to the Arab countries, all PM Modi lays the eyelids. Every country in the world today wants to connect with India. This is the reason that for the first time in history, Abu Dhabi has sold the Indian company in oil field. What Congress can not do in 60 years, Modi has done it in 4 years.

अब अबू धाबी की देखा-देखी अन्य अरब देश भी भारत के साथ इसी तरह के करार करने को उत्सुक हैं. ईरान के साथ चाबहार पोर्ट का करार तो पहले ही हो चुका है. अब सऊदी अरब व् अन्य खाड़ी देश भी भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को प्रगाढ़ करने के लिए उत्सुक हैं.

Now the sight of Abu Dhabi-seen other Arab countries are also eager to make a similar deal with India. Chabahar Port has already been signed with Iran. Now Saudi Arabia and other Gulf countries are also keen to strengthen business relations with India.

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https://youtu.be/6KzO3XxanXM

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पेट्रोल-डीजल के बाद रसोई गैस सिलेंडर को लेकर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, ख़ुशी से झूमे लोग

नई दिल्ली : पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के बाद अब रसोई गैस सिलेंडर के दाम भी कुछ बढ़ गए हैं, हालांकि आपको घबराने की जरुरत नहीं क्योंकि बढे हुए दाम का असर अपनी जेब पर पड़ने से आप बचा सकते हैं. मोदी सरकार ने रसोई गैस सिलेंडर को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है, अगर आप रसोई गैस सिलेंडर खरीदते हैं तो यह खबर जानना आपके लिए बेहद ही जरूरी है.’

New Delhi: After the rising prices of petrol and diesel, the price of LPG cylinders has increased even though you do not need to panic because you can save the impact of the increased price on your pocket. The Modi government has taken a big decision regarding the LPG cylinder, if you buy LPG cylinders then it is very important for you to know this news.

रसोई गैस सिलेंडर के दाम बढे, फिर भी आपको मिलेगा सस्ता
दरअसल केंद्र सरकार ने रविवार को रसोई गैस की कीमतों में 1.50 रुपये का इजाफा कर दिया है. जिसके कारण दिल्‍ली में अब सब्सिडी वाला एक सिलेंडर आपको 488.68 रुपये में मिलेगा, जबकि पहले दिल्‍ली में सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत 487.18 रुपये थी. इन बढ़ी कीमतों का असर आपकी जेब पर ना पड़े, इसके लिए आपको सिर्फ एक काम करना पड़ेगा.

LPG cylinders increase, but you will get cheaper
In fact, the central government has increased the price of LPG by Rs 1.50 a liter on Sunday. Because of this, a subsidized cylinder will now get you Rs 488.68 in Delhi, while the price of subsidized cylinders in Delhi earlier was Rs 487.18. You will have to do one thing just because these increased prices do not affect your pocket.

आप को पेमेंट का तरीका बदलना होगा, जिससे ना केवल आप बढ़ी कीमतों के असर से बच पाएंगे, बल्कि आपको सब्सिडी वाला सिलेंडर पहले से भी सस्ते रेट पर भी मिलेगा. रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग पर डिस्‍काउंट पाने के लिए आपको कैश पेमेंट करने की अपनी आदत को छोड़ना होगा. ऑनलाइन भुगतान कीजिये या फिर अपने क्रेडिट व् डेबिट कार्ड का इस्तमाल करके भुगतान कीजिये. यदि आप गैस बुकिंग के लिए ऐसे भुगतान करते हैं, तो इसके लिए आपको टोटल बिल पर 5 रुपये का डिस्‍काउंट मिलेगा.

You have to change the method of payment, which will not only save you from the impact of increased prices, but you will also get subsidized cylinders already at cheap rates. To get a discount on the booking of LPG cylinders, you have to leave your habit of making cash payments. Pay online or pay by using your credit and debit card. If you pay such a fee for gas booking, you will get a discount of 5 rupees on the total bill for this.

देश बचाने के लिए दें पीएम मोदी का साथ, हो जाएँ कैशलेस
जैसे ही आप कैशलेस मोड से भुगतान करेंगे, ये डिस्‍काउंट अपने आप आपके बिल में से घट जाएगा. इस छूट के बाद दिल्‍ली में 488.68 रुपये के एक सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर आपको केवल 483.68 रुपये में मिलेगा, जो पिछली कीमतों से भी कम है. आपको यह डिस्‍काउंट हमेशा मिलते रह सकता है बशर्ते आप हमेशा कैशलेस पेमेंट करें.

Let Modi save the country, save money with cash
As soon as you pay with cashless mode, these discounts will automatically decrease from your bill. After this exemption, you will get a subsidized gas cylinder of Rs 488.68 in Delhi for only Rs 483.68, which is less than the previous prices. You can always meet this discount provided you always make cashless payments.

मोदी सरकार ऑनलाइन व् कैशलेस भुगतान को बढ़ावा दे रही है ताकि नकली करेंसी व् कालाधन देश से पूरी तरह से ख़त्म हो सके. ये बात तो सभी जानते हैं कि इसी कालेधन से आतंकवाद को फंडिंग होती है. अलगाववाद की फंडिंग होती है. अपराधों को बढ़ावा मिलता है. किसी को अगवा करके फिरौती के पैसे भी तो कैश ही मांगे जाते हैं. ऐसे में रसोई गैस सिलेंडर के माध्यम से सरकार ने नयी मुहिम शुरू की है. रसोई गैस सिलेंडर लगभग सभी को खरीदना ही पड़ता है, ऐसे में इस मुहिम के जरिये ज्यादा से ज्यादा लोगों को कैशलेस भुगतान करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है.

The Modi government is promoting online and cashless payments so that counterfeit currency and black money can be completely eliminated from the country. All this knows that terrorism is funded by this black money. Separation is funding. Crime is promoted. Ransom money is also asked for cash by kidnapping someone. In this way, the government has started a new campaign through LPG cylinders. Almost everyone has to buy the LPG cylinder, in this way, through this campaign, more and more people can be encouraged to make cashless payments.

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जानिए आखिर पेट्रोल और डीज़ल को GST के अन्दर लाने में सरकार को क्या कठिनाई आ रही है?

कई लोगों के मन में यह सवाल कई समय से आ रहा है की अंतराष्ट्रीय बाज़ार में पेट्रॊल और डीज़ल के कच्चे तेल के दामों में गिरावट आने के बाद भी भारत में पेट्रॊल और डीज़ल के दाम कम क्यों नहीं है? साथ ही साथ पेट्रॊल और डीज़ल के ऊपर जीएसटी लागू क्यों नहीं किया गया है। यह सत्य है कि पेट्रोल और डीज़ल की दाम गिरने से या उसे जीएसटी के अंदर लाने से देश के आम नागरिकों का जेब का बोज़ हल्का होगा, लेकिन यह भी सत्य है कि सरकार के कंधों पर बहुत सारा बोज़ बढ़ेगा।

Many people have come to this question from time to time that even after petrol and diesel crude prices have fallen in the international market, why is the price of petrol and diesel not low in India? Also, why GST has not been applied above petrol and diesel. It is true that the cost of petrol and diesel falling or bringing it inside the GST will reduce the burden of pockets of ordinary citizens of the country, but it is also true that there will be a lot of increase in the burden on the shoulders of the government.

अंतराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दाम गिरने के बावजूद भारत में तेल के दामों में कटौती नहीं की गयी क्यों की पेट्रॊल और डीज़ल की बिकरी से आने वाली एक्साईस ड्यूटी से ही भारत सरकार को बड़ी रकम मिलती है जिसे वह भारत के मूलभूत ढांचे को सुधारने में डाल रही थी। ये जो आज देश के राष्ट्रीय राजमार्गों का काम इतनी तेज़ी से बड़ रहा है इसका पैसा एक्साईस ड्यूटी से ही आता है। 2016 में तेल के ऊपर की एक्साइस ड्यूटी के कारण सरकार को 1.5 लाख करोड़ रूपए का आय मिला था जिसे मोदी सरकार ने विकास के कामों में लगा दिया था।

Despite the fall in crude oil prices in the international market, the price of oil was not cut in India, because the excise duty coming from petrol and diesel briquettes gets a huge amount from the government of India, to improve the basic structure of India. Was putting. Today, the work of national highways of the country which is growing so fast, its money comes from Excise duty. In 2016, due to excise duty on oil, the government had received a revenue of Rs 1.5 lakh crore, which the Modi government had invested in development works.

इसके पहले की सरकार ने घॊटाले करके देश का पैसा विदेशी बैंको में जमा किया था इसी कारण देश के खज़ाने में एक कौड़ी नहीं बची थी। मोदी जी ने जब सत्ता संभाली थी उनके सर पर करोड़ों का विदेशी कर्ज़ा था जिन्हें इस वर्ष के अंत तक चुकाना था। देश में प्रगती लाना और देश का विदेशी कर्जा चुकाना हो और खज़ाना एक दम खाली हो तो इन्सान करे भी तो क्या करे। जो पैसा पेट्रोल और डीज़ल की बिकरी से मिला उसे मॊदी सरकार ने विकास के कामों में लगा दिया और ईरान के कर्ज़ का एक हिस्सा तुरंत चुका दिया।

Earlier, the government had deposited the country’s money in foreign banks, which was why there was no clue in the country’s treasury. When Modi took over the power, he had an overseas loan of crores of rupees which he had to pay until the end of this year. To make progress in the country and to repay the foreign debt of the country, and if the treasury is empty, then what can you do? The money that was met by the bakery of petrol and diesel has been invested by the government in the development works and repaid one part of Iran’s debt immediately.

देश के सर पर कर्ज़ का बोज़ टला नहीं है। अल्प कालिक और दीर्घ कालिक कर्ज़ को अभी हमें चुकाना है। 2016 में देश का कुल विदेशी कर्ज दिसंबर अंत तक पिछले साल मार्च अंत की तुलना में मामूली बढ़कर 480.2 अरब डॉलर (करीब 317 खरब रुपये) पर पहुंच गया था। मार्च अंत की तुलना में दिसंबर अंत तक कुल विदेशी कर्ज में 4.9 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई थी। सरकार का सॉवरन फॉरन ऋण दिसंबर अंत तक 90.7 अरब डॉलर पर था जबकि गैर सरकारी ऋण 389.5 अरब डॉलर पर था। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का विदेशी कर्ज प्रबंधन योग्य सीमा में है।

There is no debt burden on the country’s head. We have to pay short-term and long-term debt now. In 2016, the country’s total foreign debt reached marginally lower at $ 480.2 billion (about Rs 317 trillion) compared to the end of March last year till the end of December. By the end of December, the total external debt increased by $ 4.9 billion compared to the end of March. The government’s Sovereign Loan was at $ 90.7 billion by December end while non-government debt was at $ 389.5 billion. A report says that India’s external debt management is in the qualified range.

मोदी जी दो धारी तलवार के ऊपर चल रहे हैं पेट्रॊल और डीजल को जीएसटी के अंतर्गत लाया गया तो सरकार का नुकसान होगा जिससे विकास के कामों को तेज़ी से निपटाया नहीं जा सकता और ना ही जल्द से जल्द विदेशी कर्ज़ों को चुकाया जा सकता है। बावजूद इसके पिछले हफ़्ते वित्त मंत्री ने इस मसले से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए साफ कहा है की पेट्रोल एवं डीजल भी जीएसटी कक्षा में लाए जाए, ऐसी सरकार की इच्छा है। जीएसटी के कानून में पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी की कक्षा से बाहर नहीं रखा जाएगा। पर उस के लिए विभिन्न राज्यों की मंजूरी होना, यह सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है।

Modiji is running two stripe swords, petrol and diesel are brought under GST, then the government will be harmed so that the development works cannot be dealt with faster nor can the foreign debts be repaid at the earliest. Despite this, last week, the Finance Minister, in reply to the question related to this issue, has clearly said that the petrol and diesel should be brought to the GST class, such a government has a desire. In GST’s law, petroleum products will not be kept out of the class of GST. But for the approval of different states for that, this is the most important issue.

मोदी सरकार का उद्देश्य है कि देश का विकास तेज़ी से हो और इसलिए वह हर संभव प्रयास कर रही है। मॊदी जी के लिए यह परीक्षा की घड़ी है और हमारे लिए भी कि हम अपने देश के कठिंन समय में मोदी जी के साथ खड़े रहते है या नहीं। विरॊधियों की चाल है कि जीएसटी, नॊटबंदी और पेट्रॊल-डीजल के विषय में झूठ फैलाकर जनता को मोदी जी के खिलाफ भड़काए। अब यह जनता पर निर्भर करता है की वे झूठ को ही सच मानेंगे या फिर सच की जड़ तक पहुंचने का प्रयत्न करेंगे।

The aim of the Modi Government is that the country’s development is fast and therefore it is making every effort. It is a test of time for Modi and for us also whether we stand with Modiji in the difficult times of our country. The villagers are laughing that spreading lies about GST, knotting, and petrol-diesel and spreading the public against Modiji. Now it depends on the public that they will accept falsehood as truth or try to reach the root of truth.

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https://www.youtube.com/watch?v=aGHeWHD0uXg

https://www.youtube.com/watch?v=xlRRjGN7n7U

खास खबर- अगर आप स्कूटर या मोटरसाइकिल चलाते हैं तो जान लीजिये पेट्रोल पाने के अपने ये अधिकार !

यूटिलिटी: पेट्रोल पंप से पेट्रोल तो सभी भरवाते हैं लेकिन अपने अधिकारों को नहीं जानते। क्या आप जानते हैं कि इमरजेंसी होने पर आप एक फोन पेट्रोल पंप से कर सकते हैं। पंप संचालक इसका कोई चार्ज भी आप से नहीं वसूल सकता। ऐसे ही कई अधिकार हैं, जो आम लोगों को मिले हुए हैं लेकिन अधिकतर लोग इनसे अवेयर नहीं। आज हम आपको ऐसे ही अधिकारों के बारे में बता रहे हैं, जो आपको पता होना ही चाहिए।

Utility: Gasoline from petrol pumps but they do not know their rights. Do you know that if you have an emergency then you can do a phone with a gas station? The pump operator cannot charge any of its charges to you. There are many such rights which are received by ordinary people, but most people do not have any invoices from them. Today we are telling you about the same rights which you must know.

 

एक रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में 58 हजार से भी ज्यादा पेट्रोल पंप हैं। इसमें 90 परसेंट से ज्यादा को गवर्नमेंट ऑइल कंम्पनियां चला रही हैं। इनमें इंडियन ऑइल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम बड़े नाम हैं। जानिए आपको पेट्रोल पंप पर क्या अधिकार मिले हुए हैं। यदि आपको कोई ये सुविधाएं देने से मना करता है तो आप उसके खिलाफ शिकायत कर सकते हैं।

According to a report, there are more than 58 thousand petrol pumps across the country. In this, more than 90 percent of government oil companies are running. Among them, Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum, Hindustan Petroleum are big names. Know what you have got on the petrol pump. If someone refuses to give you these facilities then you can complain about him.

 

किसी भी ग्राहक को यदि पेट्रोल पंप इन सुविधाओं को देने से मना करता है तो वो इसकी शिकायत असिस्टेंट सेल्स मैनेजर या डिविजनल मैनेजर को कर सकते हैं। इनके नंबर सभी पेट्रोल पंप पर लिखे होते हैं। फेडरेशन ऑफ पेट्रोल डीलर एसोसिएशन, मप्र के वाइस प्रेसीडेंट पारस जैन ने बताया कि सभी पेट्रोल पंप संचालकों को ग्राहकों को ये अधिकार देना जरूरी है।

If any petrol pump refuses to give these facilities to any customer, then they can complain to the Assistant Sales Manager or the Divisional Manager. Their numbers are all written on petrol pumps. Federation of Petrol Dealers Association, MP Vice President Paras Jain told that all petrol pump operators have to give these rights to the customers.

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