भारत ने अंतरिक्ष में लहराया अपना परचम, इस बड़े कदम को देख अमेरिका समेत देशभर में भूकंप

नई दिल्ली : एक वक़्त वो भी था जब देश के प्रधानमंत्री अपने परिवार के साथ विमान में विदेश यात्राएं किया करते थे अपने बच्चों,पोते, पोतियों के जन्मदिन भी विमान में मनाते थे और तब भी भारतीय स्पेस एजेंसी ISRO के साइंटिस्ट्स राकेट के पार्ट्स को बैलगाड़ी पर लादकर या साइकिल के पीछे बांध कर ले जाते थे लेकिन आज वही ISRO सिर्फ अपने देश के लिए ही नहीं बल्कि अन्य देशों के लिए भी एक भरोसेमंद उम्मीद बन रहा है.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक ISRO ने आज एक बार फिर अंतरिक्ष में अपना डंका बजवाया है. धरती का अध्ययन करने वाले उपग्रह (HySIS) हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग का प्रक्षेपण कर दिया गया है। इसरो के अंतरिक्ष यान पीएसएलवी-सी43 के साथ आठ देशों के 31 उपग्रह प्रक्षेपित किए गए हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से गुरुवार सुबह 09.58 बजे पीएसएलवी-सी43 से उपग्रहों का प्रक्षेपण किया गया.

बता दें कि हाईपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग सेटेलाइट (HySIS) का प्राथमिक लक्ष्य पृथ्वी की सतह का अध्ययन करना है। 380 वजनी इस सेटेलाइट को इसरो ने विकसित किया है। यह पीएसएलवी-सी43 अभियान का प्राथमिक उपग्रह है। इसरो के बयान के अनुसार यह उपग्रह सूर्य की कक्षा में 97.957 डिग्री के झुकाव के साथ स्थापित किया जाएगा। इसकी आयु करीब 5 साल होगी.

भारत का हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग उपग्रह (HySIS) इस मिशन का प्राथमिक सैटलाइट है। इमेजिंग सैटलाइट पृथ्वी की निगरानी के लिए इसरो द्वारा विकसित किया गया है। इस उपग्रह का उद्देश्य पृथ्वी की सतह के साथ इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पैक्ट्रम में इंफ्रारेड और शॉर्ट वेव इंफ्रारेड फील्ड का अध्ययन करना है। HySIS एक विशेष चिप की मदद से तैयार किया जाता है जिसे तकनीकी भाषा में ‘ऑप्टिकल इमेजिंग डिटेक्टर ऐरे’ कहते हैं.

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धरती के चप्पे-चप्पे पर नजर रखना आसान हो जाएगा
इस उपग्रह से धरती के चप्पे-चप्पे पर नजर रखना आसान हो जाएगा क्योंकि लगभग धरती से 630 किमी दूर अंतरिक्ष से पृथ्वी पर मौजूद वस्तुओं के 55 विभिन्न रंगों की पहचान आसानी से की जा सकेगी। हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग या हाइस्पेक्स इमेजिंग की एक खूबी यह भी है कि यह डिजिटल इमेजिंग और स्पेक्ट्रोस्कोपी की शक्ति को जोड़ती है.

हाइस्पेक्स इमेजिंग अंतरिक्ष से एक दृश्य के हर पिक्सल के स्पेक्ट्रम को पढ़ने के अलावा पृथ्वी पर वस्तुओं, सामग्री या प्रक्रियाओं की अलग पहचान भी करती है। इससे पर्यावरण सर्वेक्षण, फसलों के लिए उपयोगी जमीन का आकलन, तेल और खनिज पदार्थों की खानों की खोज आसान होगी.

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पूरी दुनिया में अपना परचम लहरा दिया
कभी थुंबा से शुरू हुआ इसरो का सफर आज बहुत आगे निकल गया है। 21 नवंबर 1963 को भारत केरल के थुंबा से छोड़ा गया था। उस वक्‍त दुनिया के दूसरे बड़े मुल्‍कों को इस बात का अहसास भी नहीं रहा होगा कि भविष्‍य में भारत उनसे इतना आगे निकल जाएगा कि उसको पकड़ पाना भी मुश्किल होगा।लेकिन इसरो ने अपनी विश्‍वसनीयता को बरकरार रखते हुए पूरी दुनिया में अपना परचम लहरा दिया है.

आलम ये है कि आज भारत अंतरिक्ष में महारत रखने वाले देश अमेरिका, रूस आदि के उपग्रहों का सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कर रहा है। 29 नवंबर 2018 को भारत ने 29 विदेशी उपग्रहों को एक साथ धरती की कक्षा के बाहर स्‍थापित कर अपनी सार्थकता को साबित किया है। यह इसरो का इस वर्ष छठा सफल मिशन था। 15 फरवरी 2017 को इसरो ने एक साथ 104 उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्‍थापित कर वर्ल्‍ड रिकॉर्ड बनाया था। इस दौरान अमेरिका, इजरायल, कजाखिस्‍तान, नीदरलैंड, स्विटजरलैंड, यूएई के उपग्रहों को छोड़ा गया था। इसमें 96 उपग्रह अकेले अमेरिका के ही थे.

source:dd bhartinews

ब्रेकिंग:अमेरिका के रक्षा मंत्री ने दिया ऐसा बयान जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी

मोदी सरकार के आते ही भारत की छवि दुनिया बहुत उभर कर आई है| पूरी दुनिया ने भारत का लोहा माना है और आज भारत दुनिया के सबसे प्रगतिशील देशों में से एक है| भारत ने अपनी छवि को आगे बढाया तो वहीँ पाकिस्तान को पूरी दुनिया के सामने नंगा कर दिया| भारत की एहमियत आज दुनिया में क्या है आप खुद देख लीजिये…

As the Modi Government comes, the image of India has emerged very much. The whole world is considered as India’s iron and today India is one of the most progressive countries in the world. If India forwarded its image, then she had to make Pakistan naked before the whole world. What is in the world today in the sense that you see yourself …

अमेरिका के रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने अमेरिकी संसद से तत्काल प्रभाव से भारत को राष्ट्रीय सुरक्षा छूट देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि रूस से एस-400 वायु संरक्षण मिसाइल प्रणाली खरीद को रोकने के लिए बनाए गए नए कानून के तहत भारत पर प्रतिबंध लगाने से अमेरिका का ही नुकसान होगा।

US Defense Minister Jim Matisse has urged the US Parliament to give National Security Exemption with immediate effect. He said that the ban on India by the new law created by Russia to prevent the purchase of the S-400 air protection missile system will only harm America.

कांग्रेस की सीनेट सशस्त्र सेवा समिति में सुनवाई के दौरान मैटिस ने अमेरिकी सांसदों से कहा कि भारत और अन्य देशों को तत्काल प्रभाव से राष्ट्रीय सुरक्षा छूट दी जानी चाहिए, जो ‘काउंटरिंग अमेरिका एडवर्जरिज थ्रू सेक्शन एक्ट‘ (सीएएटीएसए) के तहत प्रतिबंधों से दूर रहने के लिए रूस के हथियार लेने से बचने की कोशिश कर रहे हैं।

During the hearing at Congress Senate Armed Services Committee, Matisse told American lawmakers that national security exemption should be given to India and other countries with immediate effect, to stay away from restrictions under the ‘Countering America Advisers Through Section Act’ (CAATSA). Are trying to avoid taking Russia’s weapons.

‘सीएएटीएसए’ पर 2017 अगस्त में हस्ताक्षर किए गए थे जो इस साल जनवरी से प्रभाव में आया। यह प्रावधान ट्रंप प्रशासन को उन देशों या कंपनियों को दंडित करने का अधिकार देता है जो रूस के रक्षा या खुफिया क्षेत्र से जुड़ा कोई लेन देन करता है।

The ‘CAATSA’ was signed in August 2017, which came into effect from January this year. This provision gives the Trump Administration the right to punish those countries or companies who make any transactions related to Russia’s defense or intelligence.

अमेरिकी रक्षा मंत्री ने बोले, ‘एशिया में भारत सबसे महत्वपूर्ण देश’

मैटिस ने अमेरिकी सांसदों से कहा, ‘हम जब इस पूरे क्षेत्र की ओर देखते हैं तो सबसे महत्वपूर्ण जो है, वह मुझे भारत दिखता है। पृथ्वी पर सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश और शायद एक ऐसा देश जहां हमें कई साझा हित खोजने का अवसर मिल रहा है, ऐसा अवसर सदियों में एक बार ही मिलता है

The ‘CAATSA’ was signed in August 2017, which came into effect from January this year. This provision gives the Trump Administration the right to punish those countries or companies who make any transactions related to Russia’s defense or intelligence.

इस बीच, जिम मैटिस ने भारत-अमेरिका के मौजूदा संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत शायद एक ऐसा देश है जहां अमेरिका को कई साझा हित खोजने का सदियों में एक बार मिलने वाला अवसर हाथ लगा है।

In the meantime, Jim Matisse outlining the existing Indo-US relationship, said that India is probably a country where America has found an opportunity to meet once a year in finding many common interests.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सरकारी एजेंसियों को विदेशों में हथियारों की बिक्री में तेजी लाने और विस्तार करने का आदेश दिया था, जिसमें सहयोगी सेनाओं को मजबूत करने के लिए उन्नत ड्रोन का निर्यात शामिल है। यह कदम भारत जैसे देशों के लिए सहायक होने की उम्मीद है।

US President Donald Trump recently ordered government agencies to expedite and expand arms sales abroad, which includes the export of advanced drones to strengthen the Allies. This move is expected to be helpful for countries like India.

 

यह भी देखे

https://youtu.be/WE3MmmBzG4k

https://youtu.be/o9LQnPMci4I

source political report

भारत बन गया विश्व शक्ति, 47 देशों समेत पाकिस्तान की फटी रेह्गायीं आँखें रूस अमेरिका हैरान

नई दिल्ली : पिछले कई दशकों से भ्रष्ट सरकारों ने भारत को लाचार बना के रख दिया था, जिससे नेताओं ने अपनी तिजोरियां अरबों रुपयों से भरी और सरकारी तिजोरी को खाली कर दिया. उस नुकसान का खामियाजा भारत को उठाना पड़ा. हज़ारों करोड़ों की डील करके कांग्रेस विदेश से हथियार खरीदती रही वो भी पुरानी तकनीक वाले, जिससे आये दिन लड़ाकू विमान, पनडुब्बी के हादसे देखने को मिलते थे.

New Delhi: For the past several decades, the corrupt governments had kept India as helpless, so that the leaders filled their safes with billions of rupees and emptied the government vault. India had to bear the brunt of that loss The Congress buying thousands of crores of crores of weapons from abroad was also old technique, from which day the fighter aircraft and submarine were seen in the tragedy.

 

 

तो वहीँ अब भारत में डिफेन्स एक्सपो 2018 की दमदार शुरुआत हो रही, जिसमे एक बार फिर पूरी दुनिया के 47 दिग्गज देश की नामी कंपनियां भारत में आयी हैं. चेन्नई में डिफेंस एक्सपो-2018 दुनिया भर से आए रक्षा क्षेत्र के व्यापारियों जमा हुए हैं.

So it is now the strong defense of the Defense Expo 2018 in India, in which once again renowned companies of 47 great people of the whole world came to India. Defense Expo -2018 in Chennai has gathered the defense sector traders from all over the world.

गुरुवार को एक्सपो का पीएम मोदी ने औपचारिक उद्घाटन किया. चार दिनों की इस प्रदर्शनी में भारत के रक्षा और सार्वजनिक क्षेत्र की ताकत दिखाई जाएगी और रक्षा क्षेत्र में निजी उद्योग की बढ़ती भूमिका को भी उजागर किया जाएगा.

On Thursday, the expo’s PM Modi formally inaugurated. This four-day exhibition will show the strength of India’s defense and public sector, and the growing role of private industry in the defense sector will also be exposed.

मोदी राज में भारत ने दिखाई दुनिया को बेशुमार ताकत, दंग रह गए अमेरिका रूस, जर्मनी

अपने कभी सोचा था कि जो भारत दूसरों से हथियार ख़रीददता था वो कभी दूसरे देशों को हथियार बेच सकेगा. जी हाँ, मोदी सरकार में केवल चार सालों में भारत की पहचान फर्श से अर्श पर पंहुचा दी है. आज भारत दूसरे देशों के आगे हाथ नहीं फैलाता बल्कि आज भारत अपने ही देश में हथियार बना रहा है और दूसरे देशों को हथियार बेच रहा है और खाली हो चुके सरकारी खजाने को लबालब भर रहा है. भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 423 अरब डॉलर पहुंच चुका है जो 2014 से पहले 279 अरब डॉलर का था.

India has seen the world’s huge strength in the state of Modi, stunned America Russia, Germany

It was a thought that India, who bought weapons from others, would be able to sell arms to other countries. Yes, in the Modi government, only four years have given India recognition to the floor. Today, India does not spread to other countries, but today India is making weapons in its own country and selling weapons to other countries and is filling the vacant government treasury. India’s foreign exchange reserves have reached $ 423 billion, which was $ 279 billion before 2014.

अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, अफगानिस्तान और स्वीडन, फिनलैंड 47 देश आये भारत

America, Britain, Russia, Afghanistan and Sweden, Finland 47 countries come to India

इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, अफगानिस्तान और स्वीडन, फिनलैंड, इटली, मैडागास्कर, म्यांमार, नेपाल, पुर्तगाल, सेशेल्स और वियतनाम सहित 47 देश भाग ले रहे हैं.

47 countries including USA, UK, Russia, Afghanistan and Sweden, Finland, Italy, Madagascar, Myanmar, Nepal, Portugal, Seychelles and Vietnam are participating in this.

आपको जानकार हैरानी होगी डिफेंस एक्सपो के इस 10वें संस्करण में पहली बार रक्षा क्षेत्र में देश की ताकत को दिखाने के लिए अलग से ‘भारत पवेलियन’ बनाया गया है. इस प्रदर्शनी के जरिये यह दिखाने की कोशिश की गई है कि भारत रक्षा सिस्टम और उपकरणों के निर्यात में एक ब्रांड बनने की ओर अग्रसर है. खास बात यह है कि प्रदर्शनी में रक्षा क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले छोटे-छोटे उपकरण बनाने में भारत के निजी क्षेत्र की बढ़ती ताकत को दर्शाने की कोशिश की गई है.

You will be surprised to know that in this 10th edition of the Defense Expo, for the first time, ‘Bharat Pavilion’ has been created separately to show the strength of the country in the defense sector. Through this exhibition it has been tried to show that India is looking forward to becoming a brand in defense systems and equipment exports. The special thing is that in the exhibition, efforts have been made to show the growing power of India’s private sector in making small instruments used in the defense sector.

154 अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने दिखाई अपनी रूचि

डिफेन्स एक्सपो 2018 में 517 भारतीय और 154 अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने अपने स्टाल लगाए हैं. प्रदर्शनी में हिस्सा ले रही भारतीय कंपनियों में टाटा, एल एंड टी, भारत फोर्ज, महिंद्रा, एमकेयू, डीआरडीओ, एचएएल, बीईएल, बीडीएल, बीईएमएल, एमडीएल, जीआरएसई, जीएसएल, एचएसएल, मिधानी और आयुध निर्माणी ने अपने-अपने स्टाल लगाए हैं.

154 international companies showed interest in their interest

In Defense Expo 2018, 517 Indian and 154 international companies have installed their stalls. Indian companies participating in the exhibition have set up their own stalls by Tata, L & T, Bharat Forge, Mahindra, MKU, DRDO, HAL, BEL, BDL, BEML, MDL, GRSE, GSL, HSL, Matsya and Ordnance Factory.

तो वहीँ दुनिया की सबसे बड़ी कम्पनिया लॉकहीड मार्टिन, अमेरिका की बोइंग, स्वीडन की साब, एयर बस, फ्रांस की राफेल, रूस की यूनाइटेड शिप बिल्डिंग, ब्रिटेन की बीएई सिस्टम्स, इजराइल की सिबत, फिनलैंड की वा‌िर्त्सला और जर्मनी की होर्डे एंड स्च्वार्ज ने यहां अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए स्टाल लगाए हैं.

So, the world’s largest company Lockheed Martin, America’s Boeing, Sweden’s Saab, Airbus, Rafael of France, United Ship Building of Russia, BAE Systems of Britain, Israel’s Sybit from Finland, Germany’s Horde and Schwartz Here are stalls to display your products.

मोदी राज में भारत की छुपी हुई प्रतिभा सामने आयी है, भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है. बढ़ती हुई जनसँख्या जो चीन की सबसे बड़ी परेशानी है, लेकिन भारत ने इस समस्या का सही इस्तेमाल किया है. भारत एक बाजार के रूप में उभर रहा है, दुनिया की दिग्गज कंपनियां भारत में निवेश कर रही हैं, भारत के लोगों को रोज़गार मिलेगा और हथियार बनने के बाद अमेरिका रूस, जापान , वियतनाम देशों को बेचने से भारत का भी शक्तिशाली देशों में नाम होगा.

India’s hidden talent has emerged in Modi Raj, India is the world’s largest market today. Growing population which is China’s biggest problem, but India has used this problem rightly. India is emerging as a market, world’s largest companies are investing in India, people of India will get employment and after becoming weapons, America will be named in powerful countries by selling to Russia, Japan and Vietnam countries. .

यह भी देखे
https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

source political report

चीन के डोकलाम से पीछे हटने का था ये बड़ा कारण सच्चाई जान मोसाद सीआईए भी हैरान

लगभग ढाई महीने तक एक-दूसरे के सामने डोकलाम में खड़ी चीन की सेनाएं अब पीछे हट चुकी है दुनिया ने इसे केवल भारत की जीत माना है, क्योंकि भारत तो पहले से ही चीन से दोनों देशों की सेनाओं के पीछे हटने का प्रस्ताव रख चुका था. चीन ही अड़ा हुआ था कि भारत बिना किसी शर्त के अपनी सेना को पीछे हटाए. बहरहाल अड़ियल चीन ने आखिर ऐसा फैसला क्यों लिया, इसका खुलासा हो गया है.

China’s army standing in front of each other in front of each other for two and a half months has now retreated; the world has considered it only a victory of India, because India had already proposed to withdraw from the two countries’ forces from China. . China was stunned that India should retract its forces without any condition. However, the imposing China has finally decided to do so, it has been revealed.

चीन में भारत से लड़ने की ताकत ही नहीं

खुलासा हुआ है कि भारतीय सेना की ताकत पीएम मोदी के आने के बाद से काफी बढ़ चुकी है और दुनियाभर के देश आज भारत के समर्थन में खड़े हैं. चीन के पास दरअसल भारत से टक्कर लेने का दम ही नहीं है. चीन केवल अपना हव्वा खड़ा करके भारत को डराने की कोशिश कर रहा था.

China has no power to fight India

It has been exposed that the strength of the Indian Army has increased significantly since the arrival of PM Modi and the countries of the world are standing in support of India today. China does not really have a chance to compete with India. China was only trying to frighten India by setting its own Eve

चीन दरअसल उत्तरी कोरिया की ही तरह एक कम्युनिस्ट देश है. प्रोपगंडा फैलाना, झूठा प्रचार करना कम्युनिस्ट देशों की ख़ास आदत होती है. भारत तो पहले से जानता था कि युद्ध होने पर उसकी जीत निश्चित है, इसीलिए पीएम मोदी चीन की गीदड़ भभकियों को नज़रअंदाज करते हुए अपने अन्य कामों में व्यस्त थे. ताकतवर बोला नहीं करते, वो सीधे कर देते हैं.

China is actually a communist country like North Korea. Propaganda spreading, false propaganda is a special habit of Communist countries. India had already known that his victory was certain when the war was over, so PM Modi was busy with other activities while ignoring the Chinese peacock feudalists. Do not speak powerful, they make it straight.

झूठा प्रोपगंडा फैला कर भारत को डराने की योजना हुई विफल

चीनी सरकारी टेलीविजन सीसीटीवी ने तिब्बत में तैनात माउंटेन ब्रिगेड द्वारा सैन्य अभ्यास का सीधा प्रसारण दिखाया. चीन ऐसा अभ्यास हर साल करता है, फिर भी भारत पर दबाव बनाने के लिए चीनी मीडिया ने झूठ बोल दिया कि डोकलाम मामले से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर जंगी साजोसामान तिब्बत भेजा जा रहा है.

Failure to scare India by spreading false propaganda failed

Chinese Government Television CCTV has shown a live demonstration of military exercises by the Mountain Brigade stationed in Tibet. China conducts such practice every year, yet to pressurize India, the Chinese media has lied that a large number of warships are being sent to Tibet to deal with the issue.

पीछे हटने का मौक़ा तलाश रहा था चीन

आखिर तक जब चीन की डाल भारत के सामने नहीं गली, तो उसने पीछे हटने के लिए बहाना तलाशना शुरू कर दिया. ब्रिक्स समिट को सही मौक़ा जानकार तुरंत चीन ने भारत के साथ मांडवली कर ली और अपनी सेना पीछे हटा ली.

China was looking for a retreat

By the end, when China did not put India in front of India, then she started exploring excuses to retreat. The exact information about the BRICS summit was immediately established with China and India withdrew its troops.

हालांकि चीन के थूक कर चाटने को देखकर चीनी नागरिकों को शर्मिंदगी ना हो, इसलिए चीनी मीडिया ने फिर से नया झूठ फैलाना शुरू कर दिया कि सिर्फ भारत ने सेना पीछे हटाई है, चीन की सेना वहां गश्त करती रहेगी. जबकि सच तो ये हैं कि चीन के अंदर भारत का सामना करने का माद्दा ही नहीं है.

Although Chinese citizens do not feel embarrassed by the spitting of China’s spit, the Chinese media again started spreading new lies that only India has retracted the army, China’s army will continue patrolling there. While the fact is that there is no point in trying to face India inside China.

युद्ध करती तो चीनी सेना मार खाती सो अचीन पूरी तरह मटियामेट ही हो जाता. इसलिए मौक़ा देखकर थूका हुआ चाट लिया और चीनी नागरिकों को चीनी सेना की गश्त वाली मीठी गोली दे दी.लग, ऊपर से व्यापार बंद होने पर चीन में भुखमरी फ़ैल जाती.

If the war ensued, then the Chinese army would have been killed, and the entire extent would have been completely demarcated. So, after seeing the opportunity, he licked and spit and gave Chinese citizens a sweet shotgun with a Chinese army patrol. On the other hand, hunger was spread in China when trade was closed from above.

वहीँ अंतररार्ष्ट्रीय मंच पर चीन का नाम खराब होता और अमेरिका को भी दक्षिण चीन सागर को लेकर चीन के खिलाफ एक्शन लेने का मौक़ा मिल जाता.

At the same time, the name of China on the international stage would have been bad and the US also got the opportunity to take action against China regarding the South China Sea.

यह भी देखे
https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

 

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8
SOURCE NAME POLITICAL REPORT

ब्रेकिंग :करोड़ों की भीख बंद करने के बाद ट्रम्प ने पाकिस्तान को किया सरेआम नंगा,पाक जनता शर्मशार…

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आते ही कैसे गजब के बदलाव आये हैं, इस बात का अहसास इस बेहद हैरान करने वाली खबर को पढ़कर आपको हो जाएगा. पीएम मोदी को अमेरिका जाने से रोकने के लिए भारत के कुछ तथाकथित सेकुलरों ने बाकायदा चिट्ठी तक लिखी थी, मगर पीएम मोदी का जो सम्मान अमेरिका में होता है, ऐसा किसी भारतीय पीएम का कभी नहीं हुआ. वहीँ पाकिस्तानी पीएम के साथ अमेरिका ने जो किया है, उसे देख पाक जनता हक्की-बक्की रह गयी है.

New Delhi: You will be able to read this very shocking news, realizing that the changes have changed in the days when Prime Minister Narendra Modi came to power. To prevent PM Modi from going to America, some so-called secular politicians from India had written a letter, but never had any Indian PM such that PM Modi is in the US. In the same way, what the United States has done with the Pakistani PM, the public has been stunned.

कपडे उतार कर पाक पीएम की तालाशी
खबर है कि सारी दुनिया में आतंक फैलाने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को जॉन एफ कैनेडी एयरपोर्ट पर नंगा करके उनकी तालाशी ली गयी. बताया जा रहा है कि उनके साथ इस तरह का व्यवहार हुआ कि मानो वो पाकिस्तान के पीएम नहीं बल्कि किसी आतंकी संगठन के मुखिया हों.

Dressing room
The news is that the Prime Minister of Pakistan, who spread terror in the whole world, was taken to the John F. Kennedy airport by getting naked. It is being told that this kind of behavior happened with them as if they were not the Pakistanis of Pakistan but the head of any terrorist organization.

दरअसल पाक पीएम शाहिद खाकान अब्बासी अमेरिका दौरे पर गए थे. इसी दौरान उन्हें इस अपमानजनक वाकये का सामना करना पड़ा. चेकिंग के दौरान उनके कपड़े तक उतरवा लिए गए. अमेरिका के जॉन एफ कैनेडी एयरपोर्ट पर उनके सारे कपड़े उतरवाकर बारीकी से चेकिंग की गयी और उसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को अमेरिका में आने की इजाजत दी गई.घटना का हैरत अंगेज वीडियो वायरल

Actually Pakistan PM Shahid Khakon Abbasi went on a tour of America. During this time, he had to face this humiliating sentence. During their check-up, their clothes were removed. America’s John F. Kennedy airport was stripped of all his clothes and closely monitored and then the Prime Minister of Pakistan was allowed to come to the United States.
The alarm of the incident video viral


सबसे ख़ास बात ये भी है कि इस घटना का वीडियो भी लीक हो गया है और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. अब्बासी का यह वीडियो 20 मार्च का बताया जा रहा है लेकिन ये वीडियो सामने अब आया है. इस वीडियो में साफ साफ देखा जा सकता है कि चेकिंग के बाद वो अपने कपड़े पहन रहे हैं और अपने लगेज को लेकर लिफ्ट से ऊपर निकल रहे हैं.

The most important thing is that the video of this incident has also leaked and is becoming viral on social media. This video of Abbasi is being told on 20th March but this video has come out in front. In this video it can be clearly seen that after checking, they are wearing their clothes and are leaning over their luggage with lift.

https://twitter.com/AbhishekPrtp/status/978859271000674305?s=20
पाक प्रधानमंत्री के साथ एक और शख्स है और उसकी भी इसी तरह से कपडे उतार कर तलाशी ली गयी और फिर दोनों एयरपोर्ट से बाहर निकल पाए. जैसे ही ये खबर सामने आई, पाकिस्तानी चैनलों की सुर्खियां बन गई. हर न्यूज चैनल में ये खबर दिखाई जाने लगी कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की कैसे अमेरिका में भद्द पिट गई और पाकिस्तान ने विरोध तक नहीं किया.

Pak is another person with the prime minister and his clothes were stripped and searched and both of them got out of the airport. As soon as the news came to light, the headlines of Pakistani channels became. In every news channel, news began to show how the Pakistani Prime Minister was beaten in the US and Pakistan did not even protest.

यह भी देखे

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

https://youtu.be/hsfxfSRtdUs

source name :political report

बड़ी खबर :अमेरिका का पाकिस्तान पर अबतक का जोरदार हमला, तोड़ दे कमर,घुट घुट के मरेगा अब ये मुस्लिम देश जिसे देख PM मोदी समेत अब्बासी हैरान

नई दिल्ली : पाकिस्तान एक आतंकी समर्थक देश है ये जग जाहिर है. पाकिस्तान इन्ही आतंकवादियों को भारत पर और अफ़ग़ानिस्तान में हमले करवाने के लिए भेजता है. अमेरिका की करोड़ों की फंडिंग रोकने के बाद से एक के बाद एक झटके पाकिस्तान को लग रहे हैं.

New Delhi: Pakistan is a terrorist country, this world is obvious. Pakistan sends these terrorists to India and for the attacks in Afghanistan. After stopping the crores of US funding, one after another shocks seem to be Pakistan.

अमेरिका का पाकिस्तान पर ज़ोरदार हमला, तोड़ दी कमर

अभी FATF ग्रुप में पाकिस्तान को डाल दिया गया था जिसके बाद न ही कोई विदेशी कंपनी पाकिस्तान में निवेश करेगी और न ही कोई क़र्ज़ देगी. ऐसे में चीन के अरबों डॉलर का क़र्ज़ अब पाकिस्तान अपने बंदरगाह गिरवी रख कर चुकाएगा. तो वहीँ अब पाकिस्तान पर अमेरिका ने ड्रोन से नहीं बल्कि बड़ा कूटनीतिक हमला बोला है, जिसके पाकिस्तान की कमर ही तोड़ दी है.

America’s strong attack on Pakistan, waist waist

Now Pakistan was put in the FATF group, after which no foreign company will invest in Pakistan and neither will anybody make a debt. In such a situation, China’s billions of dollars will now be repaid by Pakistan for pledging its port. So now that the US has not played a drone but a big diplomatic attack on Pakistan, whose Pakistan’s waist has been broken.

अभी मिल रही ताज़ा खबर मुताबिक अमेरिकी प्रशासन ने परमाणु व्यापार में शामिल होने का आरोप लगाते हुए पाकिस्तान की सात कंपनियों को प्रतिबंधित कर दिया है. इन्हें उन विदेशी कंपनियों की सूची में डाला गया है, जिसमें अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और नीति के खतरा बनने वाली कंपनियां शामिल हैं.

According to the latest news now, the American administration has banned seven companies from Pakistan, accusing them of joining the nuclear business. They are put in the list of foreign companies, which include companies that threaten the national security and policy of the United States.

टूट जाएगा पाक का एनएसजी में शामिल होने का सपना

विशेषज्ञों की माने तो अमेरिका के इस प्रतिबंध के बाद से पाकिस्तान के NSG (न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप) में शामिल होने की रेस से बाहर हो गया है. हालांकि पाकिस्तान के विदेश विभाग का कहना है कि अमेरिका की इस प्रतिबंध सूची में NSG के सदस्य देशों की कंपनियां भी शामिल हैं. मालूम हो कि NSG विशिष्ट देशों का एक समूह है, जिसके सदस्य परमाणु सामग्री और टेक्नोलॉजी का व्यापार कर सकते हैं.

Pak’s dream to join NSG

Experts believe that after the US ban this has been eliminated from the race to join Pakistan’s NSG (Nuclear Suppliers Group). Although the Pakistan Foreign Office says that the US sanctions list includes companies from NSG member countries. It is known that NSG is a group of specific countries whose members can trade in nuclear materials and technology.

अमेरिका की तरफ से कहा गया है कि ये कंपनियां परमाणु व्यापार में शामिल थीं जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं. इनमें से तीन कंपनियों पर आरोप है कि वे उन कंपनियों के लिए सामान खरीदने का काम करती थीं जो पहले से ही प्रतिबंधित हैं.

It has been said from the US that these companies were involved in nuclear trade which is a threat to the security of the country. Three of these companies have alleged that they used to buy goods for those companies which are already restricted.

ब्यूरो ऑफ इंडस्ट्री एंड सिक्योरिटी ने कहा कि सभी पाकिस्तानी कंपनियों के बारे में ऐसा माना जा रहा है कि ये अमेरिका की विदेश नीति के हितों और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर संकट पैदा कर रही हैं. अब इन सभी 23 कंपनियों को निर्यात नियंत्रण के कड़े प्रावधानों का सामना करना पड़ेगा, जो इन्हें अंतरराष्ट्रीय व्यापार से रोक भी सकता है.

The Bureau of Industry and Security said that all Pakistani companies are believed to be creating serious problems for the interests of the US foreign policy and national security. Now all these 23 companies will have to face stringent provisions of export control, which can also stop them from international trade.

गौरतलब है कि पाक अधिकारियों पर उत्तर कोरिया को परमाणु हथियार संबंधी गोपनीय दस्तावेज सौंपने का भी आरोप है. संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी के मुताबिक, पाक वैज्ञानिक अब्दुल कादिर खान के नेटवर्क ने ईरान, लीबिया और उत्तर कोरिया को परमाणु हथियार का ब्लूप्रिंट मुहैया कराया.

Significantly, the Pakistan officials are also accused of handing over nuclear weapons related documents to North Korea. According to the United Nations nuclear agency, the network of Pakistani scientist Abdul Qadir Khan provided blue print of nuclear weapons to Iran, Libya and North Korea.

पाकिस्तान पर राजनीतिक पाबंदी लगाने की तैयारी

यही नहीं अब तो ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान पर ‘अभूतपूर्व राजनीतिक पाबंदी’ लगाने पर भी विचार कर रहा है. पाकिस्तान पर आरोप है कि वो अफगानिस्तान के आंतकवादियों को शरण दे रहा है.

Pakistan bans political ban

Not only that, the Trump administration is also considering the ‘unprecedented political ban’ on Pakistan. Pakistan has been accused that it is sheltering the terrorists in Afghanistan.

राजनीतिक प्रतिबंधों के तहत पाकिस्तान को प्रमुख गैर-नाटो सहयोगी के रूप में हटाया जा सकता है. इसके अलावा पाकिस्तान को मिलने वाली अमेरिकी सैन्य सहायता पर स्थायी रूप से रोक लगाई जा सकती है. साथ ही पाकिस्तानी सरकार के अधिकारियों के वीजा पर बैन भी लगाया जा सकता है.

Under political restrictions, Pakistan can be removed as a major non-NATO partner. Apart from this, the US military aid to Pakistan can be permanently banned. Also, Pakistani government officials can be banned on visa.

यह भी देखे

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

https://youtu.be/hsfxfSRtdUs

SOURCE NAME POLITICAL REPORT

अभी अभी: PM मोदी और भारत के लिया अमेरिका से आयी ऐसी बड़ी खबर, जिसे देख PM मोदी समेत पूरा विश्व दंग..

नई दिल्ली : भारत आज सफल नेतृत्व के चलते तेज़ी से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनता जा रहा है. चीन को पछाड़ते हुए दुनिया की सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था भारत बन चुका है. अभी हाल ही में वर्ल्ड बैंक ने ज़बरदस्त रिपोर्ट दी थी कि आने वाली दो तीन सालों तक भारत की अर्थव्यवस्था 7.5% फीसदी से ऊपर की रहेगी.

फिर भी बड़े शर्म की बात है दिल्ली में कांग्रेस के अधिवेशन में आज बड़े अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह ने कहा कि पीएम मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है. दरअसल ये असली अर्थशास्त्री नहीं कांग्रेस की चाशनी में डूबा हुआ अर्थशास्त्री बोल रहा है. जबकि अमेरिका के नोबेल पुरूस्कार विजेता अर्थशात्री ने जो बात कही है उसे सुन आपका सीना गर्व से फूल उठेगा.

मोदी राज में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत ने मनवाया अपना लोहा

अभी मिल रही ताज़ा खबर के मुताबिक ब्रिटेन ने भारत पर कब्ज़ा किया, उसे प्रगति करने से रोका, शोषण किया, लूटा इस सबसे भी भारत को महाशक्ति बनने से कोई नहीं रोक पाया. आज उसी भारत के सामने ब्रिटेन की कोई औकात नहीं है. नोबेल पुरस्कार विजेता अमेरिकी अर्थशास्त्री पॉल क्रूगमैन ने भारत को लेकर बड़ी बात कही है.

उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले 30 सालों में जितनी आर्थिक प्रगति की है वो बेहद आश्चर्यजनक है और अद्भुत है उतनी तो ग्रेट ब्रिटेन को करने में 150 साल लग गए थे. एक न्यूज चैनल की समिट में हिस्सा लेते हुए उन्होंने शनिवार को ये बात कही कि आर्थिक मोर्चे पर भारत ने जितनी तेजी से प्रगति की है उतनी तो ब्रिटेन को करने में 150 साल लग गए सोचिये अगर भारत बहुत पहले ही आज़ाद हो गया होता तो आज भारत कहाँ से कहाँ होता.

आज अमेरिका को कड़ी टक्कर दे रहा है भारत

विश्व के उभरते हुए बाजारों में मध्यम श्रेणी की बढ़ती आय पर उन्होंने कहा, ‘जब लोग कहानी की बात करते हैं तो अक्सर उनका ध्यान चीन पर केंद्रित होता है लेकिन भारत भी कहानी का हिस्सा है, भारत बढ़ती जनसंख्या के कारण अभी भी गरीब है लेकिन उस स्तर पर नहीं जितना पहले था. भारतीय प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद करीब 12 फीसदी है जो अब अमेरिका के बराबर हो चुका है.ये वाकई में ज़बरदस्त प्रगति है’

जापान चीन से भी आगे भारत

भारत की आर्थिक प्रगति को असाधारण करार देते हुए उन्होंने कहा कि देश जापान-चीन से आगे निकल (परचेंजिंग पावर के मामले में) दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है. यही नहीं पूरे यूरोप के किसी भी देश से कहीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है भारत. भारत जिस मुकाम पर आज खड़ा है वहां पहुंचने के लिए यूरोप के देशों और दस साल लगेंगे.

उन्होंने कहाँ भारत में लाइसेंस राज रहा है, जहां पिछली सुस्त सरकारों के चलते नौकरशाही बाधाएं बहुत रही हैं और पूर्ण रूप से समाप्त नहीं हो सकती लेकिन मौजूदा सरकार में इसमें काफी कमी आई है. भारत में व्यापार करना काफी आसान हो गया है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि व्यापार करने की सुगमता में भारत 148 से सीधा 100वें स्थान पर आ गया है. यह बेहद अश्चार्यजनक है लेकिन सम्मान का तमगा नहीं है लेकिन यह पहले से बेहतर है. भारत अगर इसी तेज़ी से बढ़ता रहा तो उसका मुकाबला करने के लिए दूर दूर तक कोई नहीं होगा’

आपको बता दें वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर अगले वित्त वर्ष 2018-19 में 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है. इसके साथ ही वित्त वर्ष 2019-20 में आर्थिक वृद्धि दर बढ़कर 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है.

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने एक बार फिर दोहराया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2018 में 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी. आईएमएफ ने उम्मीद जताई है कि नोटबंदी और जीएसटी के बावजूद भारत उभरती अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से विकास करेगा. आईएमएफ ने 2019 में भारत की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है. इस दौरान चीन की वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत रहेगी.

सैंक्टम वेल्थ मैनेजमेंट की एक रिपोर्ट में कहा गया कि 2018 में भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी और वह चीन के मुकाबले आगे निकल जाएगा. जो की आज मोदी राज में मुमकिन हो पाया है भारत दुनिया की सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन गया है.

सेंटर फॉर इकोनॉमिक्स एंड बिजनेस रिसर्च (सीईबीआर) की रिपोर्ट के अनुसार भारत 2018 में ब्रिटेन और फ्रांस को पछाड़कर पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की तैयारी कर रहा है

.प्रसिद्ध निवेश संस्था गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2018-19 में भारत 8 फीसदी की दर से विकास करेगा। इसके पीछे का मुख्य कारण होगा, बैंकों का पुनर्पूंजीकरण. गोल्डमैन का मानना है कि बैंकों के पूंजीकरण से देश के क्रेडिट डिमांड और निजी निवेश को मजबूती मिलेगी.

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नई दिल्ली : भारत आज सफल नेतृत्व के चलते तेज़ी से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनता जा रहा है. चीन को पछाड़ते हुए दुनिया की सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था भारत बन चुका है. अभी हाल ही में वर्ल्ड बैंक ने ज़बरदस्त रिपोर्ट दी थी कि आने वाली दो तीन सालों तक भारत की अर्थव्यवस्था 7.5% फीसदी से ऊपर की रहेगी.

फिर भी बड़े शर्म की बात है दिल्ली में कांग्रेस के अधिवेशन में आज बड़े अर्थशास्त्री मनमोहन सिंह ने कहा कि पीएम मोदी ने भारत की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है. दरअसल ये असली अर्थशास्त्री नहीं कांग्रेस की चाशनी में डूबा हुआ अर्थशास्त्री बोल रहा है. जबकि अमेरिका के नोबेल पुरूस्कार विजेता अर्थशात्री ने जो बात कही है उसे सुन आपका सीना गर्व से फूल उठेगा.

मोदी राज में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत ने मनवाया अपना लोहा

अभी मिल रही ताज़ा खबर के मुताबिक ब्रिटेन ने भारत पर कब्ज़ा किया, उसे प्रगति करने से रोका, शोषण किया, लूटा इस सबसे भी भारत को महाशक्ति बनने से कोई नहीं रोक पाया. आज उसी भारत के सामने ब्रिटेन की कोई औकात नहीं है. नोबेल पुरस्कार विजेता अमेरिकी अर्थशास्त्री पॉल क्रूगमैन ने भारत को लेकर बड़ी बात कही है.

उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले 30 सालों में जितनी आर्थिक प्रगति की है वो बेहद आश्चर्यजनक है और अद्भुत है उतनी तो ग्रेट ब्रिटेन को करने में 150 साल लग गए थे. एक न्यूज चैनल की समिट में हिस्सा लेते हुए उन्होंने शनिवार को ये बात कही कि आर्थिक मोर्चे पर भारत ने जितनी तेजी से प्रगति की है उतनी तो ब्रिटेन को करने में 150 साल लग गए सोचिये अगर भारत बहुत पहले ही आज़ाद हो गया होता तो आज भारत कहाँ से कहाँ होता.

आज अमेरिका को कड़ी टक्कर दे रहा है भारत

विश्व के उभरते हुए बाजारों में मध्यम श्रेणी की बढ़ती आय पर उन्होंने कहा, ‘जब लोग कहानी की बात करते हैं तो अक्सर उनका ध्यान चीन पर केंद्रित होता है लेकिन भारत भी कहानी का हिस्सा है, भारत बढ़ती जनसंख्या के कारण अभी भी गरीब है लेकिन उस स्तर पर नहीं जितना पहले था. भारतीय प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद करीब 12 फीसदी है जो अब अमेरिका के बराबर हो चुका है.ये वाकई में ज़बरदस्त प्रगति है’

जापान चीन से भी आगे भारत

भारत की आर्थिक प्रगति को असाधारण करार देते हुए उन्होंने कहा कि देश जापान-चीन से आगे निकल (परचेंजिंग पावर के मामले में) दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है. यही नहीं पूरे यूरोप के किसी भी देश से कहीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है भारत. भारत जिस मुकाम पर आज खड़ा है वहां पहुंचने के लिए यूरोप के देशों और दस साल लगेंगे.

उन्होंने कहाँ भारत में लाइसेंस राज रहा है, जहां पिछली सुस्त सरकारों के चलते नौकरशाही बाधाएं बहुत रही हैं और पूर्ण रूप से समाप्त नहीं हो सकती लेकिन मौजूदा सरकार में इसमें काफी कमी आई है. भारत में व्यापार करना काफी आसान हो गया है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि व्यापार करने की सुगमता में भारत 148 से सीधा 100वें स्थान पर आ गया है. यह बेहद अश्चार्यजनक है लेकिन सम्मान का तमगा नहीं है लेकिन यह पहले से बेहतर है. भारत अगर इसी तेज़ी से बढ़ता रहा तो उसका मुकाबला करने के लिए दूर दूर तक कोई नहीं होगा’

आपको बता दें वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर अगले वित्त वर्ष 2018-19 में 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है. इसके साथ ही वित्त वर्ष 2019-20 में आर्थिक वृद्धि दर बढ़कर 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है.

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने एक बार फिर दोहराया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2018 में 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी. आईएमएफ ने उम्मीद जताई है कि नोटबंदी और जीएसटी के बावजूद भारत उभरती अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से विकास करेगा. आईएमएफ ने 2019 में भारत की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है. इस दौरान चीन की वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत रहेगी.

सैंक्टम वेल्थ मैनेजमेंट की एक रिपोर्ट में कहा गया कि 2018 में भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी और वह चीन के मुकाबले आगे निकल जाएगा. जो की आज मोदी राज में मुमकिन हो पाया है भारत दुनिया की सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन गया है.

सेंटर फॉर इकोनॉमिक्स एंड बिजनेस रिसर्च (सीईबीआर) की रिपोर्ट के अनुसार भारत 2018 में ब्रिटेन और फ्रांस को पछाड़कर पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की तैयारी कर रहा है.

प्रसिद्ध निवेश संस्था गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2018-19 में भारत 8 फीसदी की दर से विकास करेगा। इसके पीछे का मुख्य कारण होगा, बैंकों का पुनर्पूंजीकरण. गोल्डमैन का मानना है कि बैंकों के पूंजीकरण से देश के क्रेडिट डिमांड और निजी निवेश को मजबूती मिलेगी.

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source name:politicalreport

ब्रकिंग:अभी अभी 2019 से पहले सबसे बड़ी एजेंसी ने मोदी जी को लेकर दी बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट, जिसे देख राहुल के उड़े होश..

नई दिल्ली : तीन राज्य जीतने के बाद यूपी और बिहार के उपचुनाव भले ही भाजपा हार गयी हो लेकिन इससे भी पीएम की लोकप्रियता पर आने वाले कई सालों तक कोई भी फर्क नहीं पड़ने वाला है ऐसा ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया है. ये रिपोर्ट उन छोटी पार्टियों के उन सपनो पर पानी फेर देंगी जो कुछ उपचुनाव जीतने के बाद प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं.

NEW DELHI: After the victory of the three states, the BJP and the bypolls of the UP and Bihar may have lost, but due to this, the popularity of the PM is not going to make any difference for many years, said Bloomberg’s report. These reports will throw water on those dreams of those small parties who are dreaming to become Prime Minister after winning some byelections.


पीएम मोदी को लेकर ब्लूमबर्ग ने दी ऐसी रिपोर्ट

अभी मिल रही ताज़ा खबर के मुताबिक दुनिया भर के ताकतवर देशों के नेताओं की मौजूदा स्थिति और अन्‍य कारकों के विश्‍लेषण के आधार पर ‘ब्‍लूमबर्ग’ ने एक रिपोर्ट तैयार करी है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि पीएम मोदी अब भी लोगों के बीच उसी तरह से अपनी जगह बनाए हुए हैं जैसी वो 2014 में बनाये हुए थे. वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में तो वह प्रभावी रहेंगे ही, साथ ही 2024 में भी उन्‍हें टक्‍कर देने वाला दूर दूर तक कोई नहीं होगा.

Bloomberg reports about PM Modi

According to the latest news available now, ‘Bloomberg’ has prepared a report based on the current situation of leaders of the powerful countries and analyzes of other factors. It is reported in this report that PM Modi is still maintaining his place in the same way as they were made in 2014. In the Lok Sabha elections to be held in 2019, they will be effective, and in 2024, there will be no one far enough to compete with them.

विपक्ष को दिया तगड़ा झटका

बता दें ‘ब्‍लूमबर्ग’ ने हाल ही में दुनिया के दुनिया के ताकतवर देशों के नेताओं पर एक विश्लेषण किया है. ये विश्लेषण पीएम मोदी के अलावा चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादीमिर पुतिन, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्‍मद बिन सलमान, उत्‍तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन, तुर्की के राष्‍ट्रपति रिसेप तैय्यप एर्दोगन, ईरान के सर्वोच्‍च नेता आयतोल्‍ला अली खामनेई, फ्रांस के इमैनुएल मैक्रों, वेनेजुएला के निकोलस माडुरो, अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप, नाइजीरिया के मुहम्‍मदु बुहारी, इजरायल के बेंजा‍मिन नेतनयाहु के ऊपर किया गया है.

Strong blow to the opposition

Let ‘Bloomberg’ have recently done an analysis on the leaders of the world’s powerful countries. Apart from PM Modi, China’s President Xi Jinping, Russian President Vladimir Putin, Crown Prince of Saudi Arabia Muhammad bin Salman, North Korean dictator Kim Jong Un, Turkish President Recep Tayyip Erdogan, Iran’s supreme leader Ayatollah Ali Khamenei, France Of Emmanuel Macro, Nicolas Maduro of Venezuela, American President Donald Trump, Nigerian Chief Mdu has been up scrubbing, Israel’s Benjamin Netnyahu.

‘पियू रिसर्च’ के आकलन में नरेंद्र मोदी का ‘फेवरेवल रेट’ (लोकप्रियता या स्‍वीकार्यता) 88 फीसद है, जबकि राहुल गांधी का 58. वहीं, दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल 39 फीसद फेवरेवल और 40 फीसद अनफेवरेवल हैं.

Narendra Modi’s ‘Favreval Rate’ (popularity or acceptance) in the assessment of ‘Peugeot Research’ is 88 percent, while Rahul Gandhi’s 58. Delhi CM Arvind Kejriwal is 39 percent Favreval and 40 percent unfavorable.

नरेंद्र मोदी: ‘ब्‍लूमबर्ग’ के रिपोर्ट अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय राजनीति पर अपना दबदबा कायम रखेंगे. मोदी के साल 2019 में होने वाले आम चुनाव में जीतने की पूरी संभावना है. ऐसे में वह 2024 या उससे ज्‍यादा समय तक सत्‍ता में बने रहेंगे.रिपोर्ट में राज्‍यसभा में पर्याप्‍त संख्‍याबल नहीं होने के कारण बड़े सुधारों में अड़चन आने की बात कही गई है.

Narendra Modi: According to Bloomberg’s report, Prime Minister Narendra Modi will maintain his dominance over Indian politics. Modi is likely to win in the general election to be held in the year 2019. In such a situation, he will remain in power for 2024 or more.In the report, there has been talk of hindrance in big reforms due to lack of adequate number of seats in the Rajya Sabha.

इसमें कहा गया है कि मोदी के सत्‍ता में आने (2014) के बाद से बीजेपी ने राज्‍यस्‍तर के कई चुनाव जीत कर अपनी लोकप्रियता साबित की है. पीएम मोदी भारत के सबसे लोकप्रिय नेता बने हुए हैं.

It has been said that since Modi’s coming to power (2014), BJP has proved its popularity by winning several elections in the state. PM Modi remains the most popular leader of India.

इस रिपोर्ट के मुताबिक विपक्षी कांग्रेस पार्टी बहुत कमजोर है. पार्टी में करिश्‍माई नेता का भी अभाव है. सिंगापुर स्थित कंसलटेंसी फर्म ‘क्रॉल’ की प्रबंध निदेशक रेशमी खुराना ने कहा, ‘राज्‍य चुनावों में उनकी सफलता और जबरदस्‍त लोकप्रियता को देखते हुए निश्चित तौर पर ऐसा लगता है कि वह (मोदी) 2019 में सत्‍ता में वापसी करेंगे। 2024 भी उनके एजेंडे पर है। मजबूत विपक्ष की गैरमौजूदगी इस संभावना को प्रबल करती है.

According to this report, the opposition Congress party is very weak. There is also a lack of charismatic leader in the party. Reshmi Khurana, managing director of Singapore-based consultancy firm ‘Crawl’ said, “In view of her success and tremendous popularity in the state elections, it definitely seems that she (Modi) will return to power in 2019. 2024 is also on their agenda. The absence of strong opposition prevents this possibility.

तो वहीँ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को लेकर रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन में हाल में ही महत्‍वपूर्ण संशोधन किया गया है, जिसके कारण राष्‍ट्रपति आजीवन पद पर बने रह सकते हैं. सिर्फ दो बार ही देश का राष्‍ट्रपति बनने की बाध्‍यता को फरवरी में समाप्‍त कर दिया गया था। ऐसे में शी के 2023 तक राष्‍ट्रपति बने रहने का रास्‍ता साफ हो चुका है. स्‍वस्‍थ रहने पर पर वह 2030 तक राष्‍ट्रपति बने रह सकते हैं.

So in the report about China’s President Xi Jinping, it has been said that a significant amendment has been made recently in China, due to which the President can remain in office for a lifetime. Only two times the obligation to become the president of the country was abolished in February. In this way, Shi has cleared the way to become a President till 2023. While being healthy, he can remain president till 2030.

व्‍लादीमिर पुतिन: रूस की सत्‍ता पर पिछले 18 वर्षों से काबिज राष्‍ट्रपति व्‍लादीमिर पुतिन अपने सभी प्रतिद्वंद्वियों को खत्‍म कर चुके हैं। उनका अगला राष्‍ट्रपति चुनाव जीतना लगभग तय है। ऐसे में वह 2024 तक सत्‍ता में बने रहेंगे, लेकिन इसके बाद संवैधानिक प्रावधानों के चलते उन्‍हें राष्‍ट्रपति का पद छोड़ना पड़ सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि राष्‍ट्रपति पद पर न रहने के बावजूद वह प्रभावी बने रहेंगे.

Vladimir Putin: President Vladimir Putin, who has been occupying Russia’s power over the past 18 years, has finished all his rivals. His next presidential election is almost certain to win. In such a situation, he will remain in power till 2024, but due to constitutional provisions, he may have to leave the post of President. Experts believe that despite not being president, they will remain effective.

डोनाल्‍ड ट्रंप: अमेरिका में रिपब्लिकन नेता डोनाल्‍ड ट्रंप के सत्‍ता संभालने के बाद से बाजार में सरगर्मी दिखी है। बेरोजगारी दर पिछले 17 वर्षों में सबसे निचले स्‍तर पर आ गया है. लेकिन इसका राष्‍ट्रपति के समर्थन में तब्‍दील होना बाकी है। चौदह महीने के कार्यकाल में ट्रंप को आधुनिक अमेरिकी इतिहास में राष्‍ट्रपति के तौर पर सबसे कम अप्रूवल (लोकप्रिय समर्थन) मिला है.

Donald Trump: After the Republican leader Donald Trump took charge in the US, the market has been stirring. Unemployment rates have come down to the lowest level in the past 17 years. But it is yet to be transformed into the support of the President. During the fourteen month’s term, Trump has received the least approval (popular support) as President in modern American history.

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SOURCE DDBHARTI

गाँव खाली कराकर,भारतीय सेना ने बॉर्डर पार मचाया कोहराम, खून के आंसू रो रहा पाकिस्तान, लगाए लाशों के ढेर

कश्मीर : पकिस्तान अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आ रहा है, सेना चीफ बिपिन रावत की इतनी बड़ी चेतावनी देना कि “सुधार जाओ वरना सुधार दिए जाओगे, हर आदेश पर सीमा पार घुस के मारेंगे .” इस चेतावनी को अनसुना करके जबान चलाना पाकिस्तान को बहुत महंगा पड़ता जा रहा है. भारतीय सेना ने गाँवों को खाली करा कर, बॉर्डर पर कोहराम मचाना शुरू कर दिया है.

Big-news-election-results-KO-LAKHAMI: Pakistan does not falter its movements, giving a major warning to Army Chief Bipin Rawat that “go for improvement or else improvements will be made, every order will be crossed over the border.” It is going to be very costly for Pakistan to ignore it. The Indian army has begun cracking down on the border by evacuating the villages.

 

भारतीय सेना ने बॉर्डर पर फिर मचाया कोहराम

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक अभी कुछ दिन पहले भारतीय सेना ने सीमा में घुस कर पाकिस्तान के 7 सैनिकों को मौत के घाट उतारा था, साथ ही जैश के 6 आतंकवादी भी ठोके थे. इस कार्रवाई से पाकिस्तान इतना बौखलाया की कल देर रात फिर सीज़फायर का उल्लंघन कर दिया. जिसमे बीएसफ के हेड कांस्टेबल सुरेश शहीद हो गये हैं. लेकिन पाकिस्तान भूल जाता है कि भारतीय सेना अब एक के बदले दस सर वाली पॉलिसी पर चल रहा है.

Indian army reopens on borders
According to the big news right now, just a few days ago, the Indian army entered the border and killed 7 soldiers of Pakistan, along with six terrorists of Jaysh were also injured. Pakistan has so much to say about this action that it violated the cesfire late last night. In which the BSF head constable Suresh has been killed.But Pakistan forgets that the Indian army is now running on a ten-man policy instead of one.

श्रद्धांजलि देने से पहले पाकिस्तान मना रहा मातम
ये बात तो तय है कि पाकिस्तान को अब बातों की नहीं सिर्फ धमाकों की भाषा में समझाया जाएगा. शहीद हेड कांस्टेबल सुरेश को श्रद्धांजलि देने से पहले पाकिस्तान में मातम मनेगा. पाकिस्तान की और से हुई गोलीबारी का BSF मुहतोड़ जवाब दे रही है. बड़े हमले में पाकिस्तान के 3 रेंजर्स समेत कुल 8 लोग मारे गए हैं. साथ ही भीषण हमले में पाकिस्तान की 4 चौकियों को भी तबाह कर दिया है.बीएसएफ के सूत्रों की मानें, तो उन्होंने पाकिस्तानी सीमा में एम्बुलेंस में लाशों को ले जाते हुए देखा है.

Pakistan mourns mourning before paying tribute
It is a matter of course that Pakistan will now be notified of things but only in the language of the blasts. Shaheed Head Constable will give a sack to Pakistan before paying homage to Suresh The BSF is responding to the firing from Pakistan. A total of 8 people, including 3 Rangers of Pakistan, were killed in the major attack. At the same time also destroy Pakistan’s four checkpoints in the horrific attack, according to sources Hakbisf, he is seen carrying bodies in the ambulance in Pakistan.

पाकिस्तान को हुआ बड़ा नुक्सान : BSF
इस हमले की पुष्टि करते हुए खुद बीएसएफ के डीजी केके शर्मा ने कहा बॉर्डर पर हालात तनावपूर्ण हैं. पाकिस्तान ने सीजफायर उल्लंघन किया था, जिसके बाद हमने जवाबी कार्रवाई की. हमारी कार्रवाई में पाकिस्तान का काफी नुकसान हुआ है, उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर और LoC दोनों ही जगह हालात ठीक नहीं हैं.

Big loss to Pakistan: BSF
Confirming the attack itself, BSF DG KK Sharma said the situation on the border is tense. Pakistan had violated the seizure, after which we took retaliation. There is a lot of loss in Pakistan in our action, he said that the situation is not well between both the international border and the LoC.

गाँव को दी जा रही हिदायत,अब होगी आर-पार की लड़ाई
पाक की गोलीबारी के बाद बीएसएफ ने भी कड़ा जवाब देना शुरू कर दिया है. फायरिंग के चलते आस-पास के गांव वालों को बाहर ना निकलने की हिदायत दी गई है. अरनिया तहसील के सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है. जिससे कम से कम जान माल की हानि हो.

The instruction given to the village, now will be the battle of R-Par
After the firing of Pakistan, the BSF has also started to give a tough response. Due to firing, the villagers have been instructed not to leave the neighborhood. All schools of Arnia tehsil have been closed. Thereby minimizing loss of life.

उरी सेक्टर में मारे थे 6 आतंकवादी 5 पाक सैनिक
इससे पहले अभी 15 जनवरी को भी उरी सेक्टर में घुसपैठ कर रहे 5 आतंकियों को सेना ने मार गिराया था, फिर एलओसी के कोटली में जवाबी गोलीबारी के दौरान 7 पाकिस्तानी सेना के जवानों को ढेर किया था. यह ऑपरेशन भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संयुक्त रूप से चलाया था.

5 Pak soldiers killed in Uri sector
Earlier still infiltrate the Uri sector on January 15, five militants were killed by the army, and was killed seals 7 Pakistani army during the exchange of fire in Kotli the LoC. This operation was jointly organized by the Indian Army and Jammu and Kashmir Police.

बस इसके बाद से ही सीमा पर गर्मा गर्मी बहुत बढ़ गयी है. पाकिस्तान की हर गोली का बदला अब गोले से दिया जा रहा है या फिर भारतीय सेना सीमा पार घुस कर पाकिस्तान की सैन्य चौकियों को उड़ा कर पाक रेंजर्स को मार गिरा रही है. हालाँकि इससे पहले 4 सालों में पहली बार पाकिस्तान ने बातचीत करने का कदम उठाया था लेकिन उसका कोई सवाल ही नहीं उठता, पाकिसतन एक आतंकी देश है, वो अब किसी भरोसे लायक नहीं है, उसे अब सिर्फ बम धमाके ही सुनने को मिलेंगे.

Just after this heat heat has increased very much on the border. Revenge of Pakistan every shot is now being given to the shells or blow to make inroads across the Indian Army border Pakistan’s military checkpoints dropped kill Pakistani Rangers. Although earlier move to negotiate for the first time in Pakistan in four years, but there is no question, Pakisatn is a terrorist country, it is no longer worth a trust, shall be permitted so just hearing the blast.

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https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

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SOURCE DD BHARTI

अभी अभी: अमेरिकी सेना ने दिखाया अपना रौद्र रूप, सीमा में घुस कर ड्रोन से बरसाई मौत, लगा दिए लाशों के ढेर, नापाक फ़ौज दहशत में…

नई दिल्ली : दुनिया में आतंकवाद की कोई जगह नहीं है और किसी देश का विकास आतंकवाद के चलते नहीं हो सकता. कट्टरवादी जिहादी मानसिकता और आतंकवादी संगठन मिलकर एक देश को नर्क के द्वार पर धकेल सकते हैं अगर वक़्त रहते करवाई नहीं की जाय तो.

New Delhi: There is no place for terrorism in the world and no country can develop due to terrorism. The fundamentalist jihadist mentality and terrorist organizations can push a country to the door of Hell if the time is not to be lived

अमेरिकी सेना का ज़ोरदार धमाका, ड्रोन से मचाई तबाही
अमेरिका ने पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान में पनप रहे आतंकवादियों के खात्मे को लेकर कमर कस रखी है. पिछले एक महीने से लगातार अमेरिका के घातक ड्रोन पाकिस्तान में घुस के आतंक का सफाया कर रहे हैं. ऐसा ही कुछ अब एक बार फिर ज़बरदस्त मंजर देखने को मिला. जिसमे ड्रोन से हुई मिसाइल की बरसात ने आतंकियों की लाशों के ढेर लगा दिए.

US Army Strike, Drone Fray Destruction
The United States has kept its grip on the end of the terrorists flourishing in Pakistan and Afghanistan. Over the last one month, the deadly drones of America are wreaking havoc in Pakistan. Something like this happened again once again. In which the missile rains from the drone put a stack of dead bodies of the terrorists.

लगाए लाशों के ढेर
अभी मिल रही ताज़ा खबर के मुताबिक अफगानिस्‍तान के कुनार प्रांत में हुए अमेरिकी ड्रोन के बड़े हमले में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्‍तान (टीटीपी) के 20 आतंकी मारे गए हैं. इस हमले से फिर से पाकिस्तान सहम उठा है. पाकिस्तान सीमा पर अमेरिका के ड्रोन से हमले होना अब आम बात हो चली है. अमेरिका ने भी अब मान लिया है कि पाकिस्तान पर उसकी चेतवानी का कोई असर नहीं हुआ है और वो आतंकवादियों को पैसा और सरंक्षण दे रहा है.

Stacks of dead bodies
According to the latest news, 20 terrorists of Tehrik-e-Taliban Pakistan (TTP) have been killed in the major attacks of the American drone in Kunar province of Afghanistan. This attack has again raised the issue with Pakistan. It is now commonplace to be attacked by the US drone on the Pakistan border. The United States has now admitted that its Chetavani has not had any effect on Pakistan and it is giving money and protection to the terrorists.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आतंकी शिविर पर यह हमला उस वक्‍त हुआ जब कुछ आतंकी ट्रेनिंग ले रहे थे. पाकिस्‍तानी खुफिया एजेंसी के दो सीनियर अधिकारियों के हवाले से जानकारी सामने आई है कि अमेरिकी ड्रोन ने सरेशा सुल्‍तान शाह नाम के गांव में हमला किया था. इस हमले में 20 से अधिक आतंकी मारे गए हैं, इनमें कम से कम दो बड़े कमांडर शामिल हैं.

According to media reports, the attack on militant camp happened when some terrorists were taking training. Two senior officials of Pakistani intelligence agency have come to the conclusion that the American drone attacked in the village of Sarsa Sultan Shah. More than 20 terrorists have been killed in this attack, including at least two big commanders.

अब्दुल्ला और यासीन को उतारा मौत के घाट
जानकारी के मुताबिक, ड्रोन हमले में जिन दो बड़े कमांडरों के मारे जाने की खबर है, उनके नाम अब्‍दुल्‍ला और यासीन बताए जा रहे हैं। टीटीपी पर एक महीने से भी कम समय के भीतर यह दूसरा बड़ा ड्रोन हमला है। दूसरी ओर पाकिस्‍तान तालिबान ने भी ड्रोन हमले में 20 से ज्‍यादा के मारे जाने की पुष्टि की है.

Abdullah and Yasin wreck havoc
According to the information, the two big commanders killed in the drone attack are being reported as Abdullah and Yasin. This is the second big drone attack within TTP on less than a month. On the other hand Pakistan Taliban has also confirmed that more than 20 killed in the drone attack.

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप कई बार पाकिस्‍तान को धमकी दे चुके हैं। वह बार बार पाकिस्‍तान पर आतंकी संगठनों को पनाह देने का आरोप लगा रहे हैं। अमेरिका ने पाकिस्‍तान के खराब रवैये और आतंक को पोषने की नीति की वजह से उसकी सहायता राशि भी रोक दी है.

US President Donald Trump has threatened Pakistan several times He is repeatedly accusing Pakistan’s terrorists of sheltering terrorists. The US has also stopped its assistance from Pakistan because of its poor attitude and policy of nurturing terror.

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https://youtu.be/1YmeDP0wOXs

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

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