56″ की ताकत के आगे झुका चीन,उभरते भारत से डर कर कहा कुछ ऐसा जिसे सुन पाकिस्तान समेत अमेरिका में हाहाकार 

बीजिंग : चीन के एक थिंक टैंक ने कहा है कि भारत की फॉरेन पॉलिसी (डिप्लोमैसी) की चमक पूरी दुनिया में दिखाई दे रही है। नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में देश की रिस्क लेने की कैपेबिलिटी बढ़ी है। भारत को लेकर चीन में पहली बार पहली बार इस तरह की स्टडी उस वक्त सामने आई है जब 73 दिन चले डोकलाम विवाद में भारत को डिप्लोमैटिक जीत मिली थी।

भारत की सुपर पावर बनने की रणनीति

भारत को लेकर ये बातें चाइना इंस्टीट्यूट ऑप इंटरनेशनल स्टडीज (CIIS) के वाइस प्रेसिडेंट रॉन्ग यिंग ने कही हैं। रॉन्ग भारत में चीन के एम्बेसडर रह चुके हैं।

रोन्ग यिंग
यिंग ने कहा कि बीते तीन साल में भारत की डिप्लोमैसी को दृढ़ निश्चयी कहा जा सकता है। मोदी की अगुआई में भारत ने अपनी अलग तरह की फॉरेन पॉलिसी तैयार की है। इसे आप नई परिस्थितियों में भारत के सुपर पावर बनने की रणनीति कह सकते हैं।

यिंग ने ये भी कहा, “भारत के चीन, साउथ और साउथ-ईस्ट एशिया से नजदीकी रिश्ते हैं। साथ ही उसके अमेरिका और जापान में अच्छी पैठ है। मौजूदा वक्त में मोदी सरकार अपने रिश्तों को द्विपक्षीय फायदे के लिए इस्तेमाल कर रही है।”

भारत-चीन के संबंधों की धीमी चाल

यिंग ने कहा, “जब से मोदी ने पीएम का कार्यभार संभाला है, तब से भारत-चीन के संबंधों की चाल धीमी ही रही है।”
“बीते साल सिक्किम सेक्टर में हुए डोकलाम मामले ने केवल भारत-चीन बॉर्डर का मुद्दा उठाया बल्कि इसका सीधा असर दोनों देशों की ओवरऑल रिलेशनशिप पर भी पड़ा।”

“भारत-चीन को चाहिए कि एक-दूसरे के सहयोग के लिए रणनीतिक सहमति तैयार करें।”

“जब ज्यादातर देश तरक्की की राह पर हैं, ऐसे में भारत और चीन भी पार्टनर्स और कॉम्पिटीटर्स हैं। दोनों के रिश्तो में कॉम्पिटीशन में कोऑपरेशन और कोऑपरेशन में कॉम्पिटीशन है। दोनों के बीच कोऑपरेशन और कॉम्पिटीशन का ही नियम होगा। यही दोनों देशों के बीच स्टेटस को (यथास्थिति) के लिए जरूरी होगा। इसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता।”

चीन भारत का विरोधी नहीं

यिंग कहते हैं, “नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग को रणनीतिक रूप से एकराय कायम करनी होगी। चीन भारत के विकास में कोई रुकावट नहीं है बल्कि वह भारत के लिए मौका है।”

“चीन भारत को आगे बढ़ने से कभी नहीं रोकेगा। भारत को आगे बढ़ने से अगर कोई रोक सकता है तो वह खुद भारत है।”

“चीन के लिए भारत एक अहम पड़ोसी होने के साथ तेजी से बढ़ता हुआ देश है। वह एक ऐसा पार्टनर है जो इंटरनेशनल सिस्टम में रिफॉर्म ला रहा है।”

“भारत का बड़ा मार्केट चीन की इकोनॉमी में ट्रांसफॉर्मेशन लाने का मौका साबित होगा।”

गुजराल फॉर्मूले से मोदी डॉक्ट्रिन तक

यिंग ने कहा कि प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल भारत-पाकिस्तान के बीच शांति के लिए गुजराल फॉर्मूला लेकर आए। अटल बिहारी वाजपेयी तक भारत की यही पॉलिसी रही।

इंद्र कुमार गुजराल
मोदी ने अपने शपथ ग्रहण समारोह में साउथ एशिया के सभी पड़ोसी देशों को न्योता भेजा। वे भूटान दौरे पर गए। उन्होंने जताया कि पड़ोसी देशों का विकास उनके लिए अहम है। मोदी डॉक्ट्रिन ने असर साउथ एशिया की डिप्लोमैसी पर दिखाई देता है।

फैसले लेने में तेज हैं मोदी

रॉन्ग कहते हैं कि मोदी मजबूत फैसले में सक्षम हैं। उनका मानना है कि सरकार के काम से पड़ोसी देशों में भारत को तरजीह मिले।
वहीं, मोदी के कामकाज के तरीके में रिस्क लेने की कैपेबिलिटी बढ़ी है। म्यांमार बॉर्डर पार कर आतंकी ठिकानों को खत्म करना इसी बात को दिखाता है। यिंग कहते हैं कि 2016 में पाक के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक किया था। इससे पाकिस्तान में चिंता बढ़ी है।

मोदी को बूढ़ा और बोरिंग कहने वाले जिग्नेश को पहेलवान योगेश्वर दत्त ने दी ऐसी पटखनी की एक बार में हो गए चित्त !

गुजरात विधानसभा नतीजे आने के महज 24 घंटे ही बीते थे और  विधायक जिग्नेश मेवानी ने जिस तरह की भाषा का प्रयोग  प्रधानमंत्री  के लिए किया उससे उनकी मानसिकता और चाल चरित्र उजागर होता है और तो और जिग्नेश की आईएएस तरह की भाषा सुनकर उनके दोनों साथियों ने भी अट्टहास लगाकर उसका समर्थन कर दिया! जिग्नेश के इस वयान के बाद हर कोई उनके इस घमंड की भाषा की आलोचना कर रहा है |

The results of the Gujarat assembly only lasted 24 hours and the newly elected independents, Jignesh Mewani, used the language not only for the prime minister but also for a person of his father’s age, his masculinity and move character are exposed. And Jignesh’s IAS kind of language heard both his colleagues even supported him! After this word of Jignesh, everybody is criticizing the language of his arrogance.

जिग्नेश की इस बेतुकी भाषा के बाद पहलवान योगेश्वर दत्त ने भी उनके इस कृत्य के लिए कड़ी आलोचना की है | योगेश्वर दत्त समय समय पर अपने विचार देश के समाजिक और अन्य मुद्दों पर ट्विटर के जरिये लोगो के बीच रखते है |

After this insatiable language of Jignesh, wrestler Yogeshwar Dutt has also strongly criticized for his action. Yogeshwar Dutt from time to time puts his views on the social and other issues of the country through Twitter.

आज तक न्यूज़ चॅनेल पर अंजना के प्रश्न पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जिग्नेश मेवाणी ने कहा कि “मोदी जी अब बूढ़े हो गए हैं! उनसे कहिये कि वो हिमालय पर चले जाएं और वहीं जाकर अपनी हड़िया गलाए! जब अंजना ने पूछा कि मोदी बोरिंग हैं और आप बहुत इंटरेस्टिंग हैं? जिग्नेश ने इस सवाल के जवाब में कहा कि जी हां मैं बहुत दिलचस्प हूं! लोगो ने मुझे 19 हजार वोट से जिताया है |

Till date, responding to Anjana’s question on the news channel, Jignesh Mewani said, “Modiji is now old! Tell them that they should go to the Himalayas and go there and get your strike! When Anjana asked that Modi is boring and you are very interested? Jignesh replied in response to the question that yes, I am very interesting! The people have won me 19 thousand votes.

जैसा की आप जानते है कांग्रेस को गुजरात में करारी हार का मुँह देखना पड़ा है | कांग्रेस के साथ ये तीन तिकड़ी नेताओ के होने के बावजूद भी गुजरात में बीजेपी को 182 में से 99 सीटों पर फतह हासिल हुई है | वही कांग्रेस इन तीनो के जरिये काफी लम्बे समय से अपने लिए माहौल तैयार कर रही थी |

As you know, Congress has had to face defeat in Gujarat. In spite of having these three trio leaders with the Congress, BJP has secured 99 of the 182 seats in Gujarat. The same Congress had been creating an environment for itself from a very long time.

कांग्रेस तब खुलकर इनका समर्थन नहीं कर रही थी, लेकिन जैसे गुजरात में चुनाव हुए ये तीनो जाकर कांग्रेस के गॉड में बैठ गए! कांग्रेस ने इस चुनाव में पिछली बार के मुकाबले थोड़ा अच्छा प्रदर्शन किया और उन्हें कुछ ज्यादा सीटें भी मिली है! लेकिन इसके पीछे जातिवाद की राजनीती है |

The Congress was not openly supporting them, but as soon as the elections in Gujarat came, they all sat in the Congress party! The Congress has performed a little better than the last time in this election and they have got a lot more seats! But behind it is the politics of racism.

जिग्नेश के वयं से आहत पहलवान योगेश्वर दत्त ने ट्वीट कर कहा, “आश्चर्य होता है अपने देश पर जहाँ पर आतंकवादियों को तो सम्मान दिया जाता है और प्रधानमंत्री को गालियाँ दी जाती हैं | प्रधानमंत्री पूरे देश का सम्मान हैं उनको गाली देना देश को गाली देना है!यदि संविधान में यह दंडनीय अपराध बना दिया जाए तो शायद किसी की हिम्मत नहीं होगी फिर ऐसा करने की!”

Yogeshwar Dutt, a wounded man from Jignesh himself, tweeted, “It is a surprise that wherever terrorists are honored in their country and the prime minister is given abuses. The Prime Minister is the honor of the whole country, abusing them, abusing the country! If this criminal crime is made in the constitution, then nobody will have the courage to do so. ”

यह भी देखे :

https://youtu.be/aGHeWHD0uXg

मोदी सरकार के इस फैसले ने उड़ाए दुनिया के होश,सबसे विनाशक परमाणु मिसाइलों से लैस 40 सुखोई|

नई दिल्ली : नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से देश की सैन्य ताकत तेजी से बढ़ती जा रही है. देश के दुश्मनों को तबाह करने के लिए भारतीय वायुसेना की ताकत को भी तेजी से बढ़ाया जा रहा है. इसी के चलते 22 नवंबर को सुखोई लड़ाकू विमान से सुपरसोनिक ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल को सफलतापूर्वक लांच किया गया था. अब इसी कड़ी में मोदी सरकार ने एक और बेहद जबरदस्त फैसला लिया है, जिसने दुश्मनों को दहला दिया है.

New Delhi: The country’s military strength is increasing rapidly since Narendra Modi came to power. To strengthen the country’s enemies, the strength of the IAF is also being extended rapidly. Due to this, Supersonic BrahMos cruise missile was launched successfully on November 22 from the Sukhoi fighter aircraft. Now in this episode, Modi Government has taken a very big decision, which has given rise to the enemies.

ब्रह्मोस से लैस होंगे 40 सुखोई विमान
दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए अग्रिम पंक्ति के 40 सुखोई लड़ाकू विमानों को सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस से लैस किया जा रहा है. ब्रह्मोस से लैस होने पर वायुसेना की ताकत में कई गुना इजाफा हो जाएगा. 22 नवंबर को सुखोई से ब्रह्मोस मिसाइल को सफलतापूर्वक लांच करके भारतीय वायुसेना ऐसा करने वाले चुनिंदा देशों की लिस्ट में शामिल हो गई थी.

40 Sukhoi aircraft to be equipped with BrahMos
In order to get rid of the enemies, the advance line 40 Sukhoi fighters are being equipped with supersonic cruise missile Brahmos. If equipped with BrahMos, the force of the IAF will increase manifold. By successfully launching the BrahMos missile from Sukhoi on November 22, the Indian Air Force had joined the list of select countries doing so.

अब जानकारी मिली है कि 40 सुखोई लड़ाकू विमानों को ब्रह्मोस से लैस करने का काम शुरू हो गया है. इस काम की समय-सीमा भी तय कर दी गई है. बताया जा रहा कि यह परियोजना 2020 तक पूरी हो जाएगी. ब्रह्मोस से लैस करने के लिए हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) में इन 40 सुखोई विमानों में कुछ संरचनात्मक बदलाव किये जाएंगे.

Now it is learned that work has started to equip 40 Sukhoi fighter aircraft with Brahmos. The timeline of this work has also been decided. It is being told that this project will be completed by 2020. To equip Brahmos, some structural changes will be made in these 40 Sukhoi aircraft in Hindustan Aeronautics Limited (HAL).

पलक झपकते मचा देती है विनाश
आपकी जानकारी के लिए बात दें कि ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज मिसाइलों में से एक है और इसकी काट पूरी दुनिया में किसी के पास नहीं है. रूस व् भारत के वैज्ञानिकों ने मिलकर इसे विकसित किया है. इसकी ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ब्रह्मोस के सामने अमेरिकी मिसाइलें भी फीकी पड़ जाती हैं.

Blinking Blows Flame
Talk to your information that BrahMos is one of the world’s fastest missiles and it is not cut off by anyone in the world. Russia and Indian scientists have developed it together. Its strength can be estimated from the fact that the American missiles are also faded in front of BrahMos.

ढाई टन वजनी यह मिसाइल ध्वनि की रफ़्तार से भी तीन गुना तेज, मैक 2.8 की गति से चलती है और 290 किलोमीटर के अंदर लक्ष को पलक झपकते ही तबाह कर देती है. भारत को पिछले वर्ष मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रेजीम (एमटीसीआर) की पूर्ण सदस्यता मिलने के बाद उस पर लगे कुछ तकनीकी प्रतिबंध हटने के बाद इस मिसाइल की क्षमता को बढ़ाकर 400 किलोमीटर तक किया जा सकता है.

The two-tonne weighing speed runs three times faster than the speed of the sound, runs at the speed of Mac 2.8 and destroys the target within 290 kilometers. After getting the full membership of Missile Technology Control Regime (MTCR) last year, the capacity of the missile can be increased to 400 kilometers after the withdrawal of some technical restrictions on it.

रडार भी नहीं पकड़ पाता ब्रह्मोस मिसाइल
भारत और रूस के संयुक्त उपक्रम वाली ब्रह्मोस मिसाइल सुखोई-30 लड़ाकू विमानों के साथ तैनात किया जाने वाला सबसे भारी हथियार होगा. ब्रह्मोस एक सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल है. इसकी सबसे ख़ास बात ये है कि ये कम ऊंचाई पर उड़ान भरती है, इस कारण इसे दुनिया का कोई रडार पकड़ नहीं सकता.

Brahmos missile can not even catch radar
BrahMos missile, a joint venture between India and Russia, will be the heaviest weapon deployed with Sukhoi-30 fighters. BrahMos is a supersonic cruise missile. The most important thing is that it flies at low altitude, because of which it can not catch any radar of the world.

ब्रह्मोस का 12 जून, 2001 को सफल लॉन्च किया गया था. इसका नाम भारत की ब्रह्मपुत्र नदी और रूस की मस्कवा नदी पर रखा गया है क्योंकि इसे डीआरड़ीओ ने भारत-रूस के ज्वाइंट वेंचर के तौर पर डेवलप किया है.

BrahMos was launched successfully on June 12, 2001. Its name has been kept on the Brahmaputra river of India and on the Muskva river of Russia as it has been developed by the DRDO as joint venture of India-Russia.

परमाणु हमला करने में सक्षम
ब्रह्मोस 3700 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से 290 किलोमीटर दूर तक के ठिकानों पर हमला कर सकती है. केवल इतना ही नहीं, ब्रह्मोस अपने साथ परमाणु बम ले जा सकती है. इसके जरिये 300 किलो वजन तक के परमाणु बम को दुश्मन के ठिकाने पर गिराया जा सकता है. 2007 में ब्रह्मोस को सैन्य बेड़े में शामिल किया गया. भारतीय सेना के पास फिलहाल इसकी तीन रेजिमेंट हैं.

Capable of nuclear attack
BrahMos can attack targets of upto 290 km / hour, at a distance of 290 km. Not only this, Brahmos can carry an atomic bomb with him. Through this, atomic bombs up to 300 kg can be dropped on the enemy’s whereabouts. Brahmos was inducted into the military fleet in 2007. The Indian Army currently has three regiments.

बता दें कि भारतीय नौसेना के 25 जंगी जहाज़ों पर ब्रह्मोस की तैनाती हो चुकी है. अप्रैल 2017 में पहली बार नौसेना ने ब्रह्मोस को जंगी जहाज से जमीन पर दागा था, ये परिक्षण पूरी तरह से सफल भी रहा था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के दिमाग ठिकाने लगाने के लिए ब्रह्मोस मिसाइल को अरुणाचल प्रदेश में चीन से लगी सीमा पर तैनात करवाया हुआ है.

Explain that Brahmos has been deployed on 25 Indian Navy ships. For the first time in April 2017, the navy had stolen Brahmos from the warship on the ground, the test was also very successful. Prime Minister Narendra Modi has deployed the BrahMos missile on the border with China in Arunachal Pradesh to locate China’s mind-set.

चीन की ओर से यदि कोई भी गुस्ताखी की जाती है तो चीनी सेना को पता भी नहीं चलेगा और ब्रह्मोस उनके सैन्य ठिकानों को तबाह कर चुकी होगी. चीन भी भारत की बढ़ चुकी ताकत को अच्छी तरह से समझता है, यही कारण है कि डोकलाम मुद्दे पर चीनी सेना ने पीछे हटने में ही भलाई समझी थी.

If any rebellion is done by China, then the Chinese army will not even know and BrahMos will have destroyed their military bases. China also understands the power of India’s increased strength, this is the reason that the Chinese army had thought of good in retreating on the issue of Dola.

गुजरात नतीजों पर हार्दिक पटेल ने उठाए EVM हैकिंग पर सवाल, तो अहमदाबाद कलेक्टर ने दिखाई औकात |

पाटीदार आरक्षण के लिए आन्दोलन करने वाले हार्दिक पटेल, आज कांग्रेस के लिए हथियार बने हुए हैं. इस हथियार को कांग्रेस बीजेपी के खिलाफ इस्तेमाल कर रही है. हालांकि हार्दिक पटेल चुनाव से पहले कांग्रेस को जीत के करीब समझ रहे थे, लेकिन अब वोटिंग हो जाने के बाद उनके विश्वास में कमी नजर आ रही है. दो चरणों के चुनाव हो जाने के बाद उनके बयानों में हताशा नजर आने लगी है. वो सीधे तौर पर अब बीजेपी को टारगेट करके इधर-उधर के बयान दे रहे हैं!

Hardik Patel, who is in the movement for reservation for Patidar, has become a weapon for Congress today. The Congress is using this weapon against the BJP. Though Hardik Patel had understood the victory of Congress before the elections, but now after voting, his faith is showing a decrease. After the two phases have been elected, their statements are showing frustration. He is now directly targeting the BJP and making statements about it here and there!

चुनाव के नतीजे 18 दिसम्बर को आने हैं लेकिन उसके पहले ही हार्दिक पटेल ऐसे बयान देने लगे हैं जिनसे लगता है कि उन्हें चुनाव आयोग पर यकीन नही रहा और अब वो चुनाव हार ही जायेंगे. हालाँकि एग्जिट पोल तो पहले ही हार्दिक पटेल समर्थित कांग्रेस को हारा हुआ बता रहे हैं. जिनकी वजह से उनकी खिसियाहट और बढ़ी हुई है. अब हार्दिक पटेल ने नया दांव अजमाने की कोशिश की है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि “बीजेपी चुनाव हार रही है, लेकिन शनिवार और रविवार की रात को EVM में बड़ी गड़बड़ी करने जा रही है.” हताशा का स्तर ऐसा है कि उनका अब EVM और चुनाव आयोग से विश्वास उठ गया है. जबकि इसी चुनाव के सहारे वो बीजेपी को पटखनी देने की बात कर रहे थे!

The results of the election are due on December 18, but before that, Hardik Patel has started making statements that seem unlikely that he will be defeated by the Election Commission and now he will lose the elections. However, the exit polls are already saying that Hardik Patel supported Congress is defeated. Because of that, their bluff has increased. Now Hardik Patel has tried to steer the new stakes. He wrote on Twitter that “BJP is losing the election, but on Saturday and Sunday night there is a big mess in the EVM.” The level of frustration is such that the belief has now got lost from the EVM and the Election Commission. With the help of this election, he was talking about giving the BJP brilliance!

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “मेरी बातों पर सिर्फ़ हँसी आएगी लेकिन विचार कोई नहीं करेगा, भगवान के द्वारा बनाए गई हमारे शरीर में छेड़छाड़ हो सकती है तो मानव के द्वारा बनाई गई EVM मशीन में क्यों छेड़छाड़ नहीं हो सकती !! ATM हेक हो सकते है तो EVM क्यूँ नहीं !!!”

He wrote on twitter: “Only laughs at my point of view, but no one will think, our bodies created by God can be tampered with, so why the EVM machine created by humans can not be tampered with !! ATM can be hacked, why not EVM !!! ”

हार्दिक इतने बौखलाए हुए है कि उन्होंने यहां तक कह दिया कि “अहमदाबाद की एक कंपनी के द्वारा १४० सोफ्टवेर एंजिनियर के हाथों से ५००० EVM मशीन के सोर्स कोर्ड से हेकिंग करने की तैयारी हैं।” अब हार्दिक के इन ट्वीट्स से आप आसानी से समझ सकते हैं कि चुनाव के नतीजे अभी आये भी नही हैं और हार्दिक का मानसिक संतुलन किस कदर डोल गया है!

Hardik is so distraught that he even said that “a company of Ahmedabad is preparing to hack with source code of 5000 EVM machine by the hands of the 140 Software Engineer.” Now you can understand these Tweets from Hardik That the results of the election have not yet come and how the mental balance of hearty has gone!

अहमदाबाद कलेक्टर ने दिया जवाब

EVM हैकिंग के हार्दिक पटेल के आरोपों को अहमदाबाद प्रशासन ने बकवास बताया है और कहा है कि इसपर कोई सफाई देने की जरूरत नहीं है क्योंकि इन आरोपों में दम नहीं है। अहमदाबाद की कलेक्टर अवंतिका सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई को कहा कि इस संबंध में यदि किसी किस्म की सफाई दी जाती है तो वह चुनाव आयोग द्वारा दी जाएगी। कलेक्टर अवंतिका सिंह ने कहा, ‘ये आधारहीन आरोप हैं, मैं नहीं समझती हूं कि किसी सफाई की जरूरत हूं, यदि किसी तरह की सफाई जारी की भी जाएगी तो यह चुनाव आयोग द्वारा जारी की जाएगी।

Ahmedabad Collector’s Answer

Hardik Patel’s allegations of EVM hacking have been described by the Ahmedabad administration as nonsense and have said that there is no need to give any clarification on this because these allegations are unheard of. Ahmedabad’s Collector Avantika Singh told the news agency ANI that if any kind of cleanliness is given in this regard, then it will be given by the Election Commission. Collector Avantika Singh said, “These are baseless allegations, I do not think there is a need for cleanliness, if any kind of cleanliness is issued then it will be issued by the Election Commission.

गुजरात दंगों की झूठी कहानी की रचैता तीस्ता सीतलवाड़ को सर्वोच्च न्यायलय ने दिया झटका, कहा अकाउंट पर लगे प्रतिबंद नहीं हटेंगे।

भारत के सर्वोच्च न्यायलय ने शुक्रवार को सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को बड़ा झटका दिया है। सर्वोच्च न्यायलय ने तीस्ता सीतलवाड़, उनके पति और एनजीओ के फ्रीज किए गए बैंक खातों को खोलने की याचिका को खारिज कर दिया।सर्वोच्च न्यायलय को तय करना था कि बैंक खाते डीफ्रीज होंगे या नहीं। गुजरात के दंगों मे गुलबर्ग सोसाइटी में पीड़ितों के लिए मेमोरियल बनाने के लिए चंदे में हेरफेर की आरोपी सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और उनके ट्रस्ट को फ्रीज करने के मामले में सर्वोच्च न्यायलय ने यह याचिका खारिज की है। साल 2015 में अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच ने तीस्ता, उनके पति जावेद आनंद और उनके एनजीओ के 6 अकाउंट फ्रीज किए थे।

2002 के गुजरात दंगॊं के समय गुलबर्ग सॊसाईटी के पीडीतों के मदद के लिए मेमोरियल बनाने के लिए तीस्ता ने चंदे इकठ्ठा किए थे। लेकिन पैसों की हेराफेरी चलते उसकी NGO प्रतिबंद लगा था। 2015 में अहमदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच ने तीस्ता, उनके पति जावेद आनंद और उनके एनजीओ के 6 अकाउंट फ्रीज किए थे। अपने अकाउंट के ऊपर लगे प्रतिबंद को हटाने की मांग करते हुए तीस्ता ने उच्छ न्यायालय और सर्वोच्छ न्यायलय दोनों का दरवाज़ा खट खटाया है। लेकिन दोनों जगह से उसे ना ही सुनने को मिला है।

अक्टूबर 2015 में गुजरात के उच्छ न्यायालय ने भी तीस्ता के बैंक अकाउंट खोलने संबंधी याचिका को खारिज कर दिया था। तीस्ता सीतलवाड़ ने गुजरात हाई कोर्ट के आदेश को सर्वोच्छ न्यायलय में चुनौती दी थी। तीस्ता का कहना था कि 2002 दंगों के पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए न्याय मांगने की वजह से ही उन्हें, उनके पति और एनजीओ को निशाना बनाया जा रहा है।

विदेशों से आए धन के दुरुपयोग से लेकर धोखाधड़ी के आरोपों के कारण गुजरात पुलिस और सीबीआई जाँच कर रही है। गिरफ़्तारी से बचने के लिए ये दोनों अदालत का दरवाज़ा खटखटा रहे हैं और फ़िलहाल उन्हें राहत भी मिल गई है। तीस्ता सीतलवाड़ के ख़िलाफ़ आरोपों की शुरुआत लगभग दो साल पहले एक ख़त से हुई।

साल 2013 में अहमदाबाद स्थित गुलबर्ग सोसाइटी के 12 निवासियों ने पुलिस आयुक्त को ख़त लिखकर तीस्ता के ख़िलाफ़ जांच की अपील की थी। गुलबर्ग सोसाइटी के एक निवासी फिरोज खान पठान ने सीतलवाड़ एवं अन्य के खिलाफ शिकायत दर्ज कराया था। 2002 में गुलबर्ग सोसाइटी में हुए दंगों में 69 लोग मारे गए थे जिनमें कांग्रेस के पूर्व सांसद एहसान जाफ़री भी थे। गुलबर्ग सोसाइटी में रहने वाले लोगों का आरोप है कि तीस्ता ने गुलबर्ग सोसाइटी में एक म्यूज़ियम बनाने के लिए विदेशों से लगभग 1.5 करोड़ रुपए जमा किए लेकिन पैसे उन तक कभी नहीं पहुंचे। जनवरी 2014 में तीस्ता ,उनके पति जावेद आनंद, एहसान जाफ़री के पुत्र तनवीर जाफ़री और दो अन्य के ख़िलाफ़ अहमदाबाद क्राइम ब्रांच में एफ़आईआर दर्ज की गई| जांच के बाद पुलिस ने दावा किया कि तीस्ता और जावेद ने उन पैसों से अपने क्रेडिट कार्ड के बिल चुकाए थे। पुलिस के अनुसार क्रेडिट कार्ड से उन्होंने गहने और शराब ख़रीदी थी।

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के प्रमुख ए के शर्मा 2015 में से सीबीआई के संयुक्त निदेशक हैं। सीबीआई ने तीस्ता और उनके पती के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कर उनके ज़रिए चलाए जा रहे दो एनजीओ ‘सबरंग ट्रस्ट’ और ‘सिटीजन्स फ़ॉर जस्टिस एंड पीस’ के दफ़्तरों पर छापे मारे हैं। सीबीआई का केस भी उसी आरोप पर आधारित है कि उन्होंने म्यूज़ियम बनाने के लिए पैसे लिए और उनका ग़लत इस्तेमाल किया। आरोपों के चलते गुजरात सरकार ने केंद्रीय गृहमंत्री को एक ख़त लिखकर तीस्ता और उनके पति जावेद आनंद के एनजीओ की जांच करने की अपील की थी।

गुजरात सरकार का आरोप है कि अमरीका स्थित फ़ोर्ड फ़ाउंडेशन से तीस्ता ने अपने एनजीओ के लिए जो पैसे लिए उनका इस्तेमाल उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने और विदेशों में भारत की छवि ख़राब करने के लिए किया। गुजरात सरकार के ख़त के केवल एक सप्ताह बाद गृह मंत्रालय ने फ़ोर्ड फ़ाउंडेशन को निगरानी सूची में डाल दिया और इस केस को सीबीआई के हवाले कर दिया गया। सीबीआई ने जुलाई में तीस्ता, जावेद आनंद और उनके एक सहयोगी ग़ुलाम मोहम्मद के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज किया और उनके दफ़्तर और घर की तलाशी भी ली थी। दस्तावेज़ों से यह जानकारी प्राप्त हुई की करोड़ों के घॊटाले किए गये हैं। इसी के चलते तीस्ता और उनके पती के अकाउंट को फ्रीज़ किया गया था।

ये वही तीस्ता है जिसने गोध्रा कांड की सच्चाई को छुपाकर, गुजरात दंगों की रंग बिरंगी, झूठी कहानी रच कर जनता को गुमराह किया था। जब भी मौका मिला उसने मोदी जी के खिलाफ ज़हर उगला है। गुजरात दंगों का फायदा अपने निजी स्वार्थ के लिए करने का आरॊप तीस्ता पर है। उसने गुजरात दंगॊ को लेकर जिस प्रकार के झूठ फैलाए थे वे सारे SIT के जांच में पकड़े गये थे और उसे न्यायालय से फटकार भी मिला था।

1) कौसर बानो नामक गर्भवती महिला का कोई गैंगरेप नहीं हुआ, न ही उसका बच्चा पेट फ़ाड़कर निकाले जाने की कोई घटना हुई।
2) नरोडा पाटिया के कुँए में कई लाशों को दफ़न करने की घटना भी झूठी साबित हुई।
3) ज़रीना मंसूरी नामक महिला जिसे नरोडा पाटिया में जिंदा जलाने की बात कही गई थी, वह कुछ महीने पहले ही TB से मर चुकी थी।
4) ज़ाहिरा शेख ने भी अपने बयान में कहा कि तीस्ता ने उससे कोरे कागज़ पर अंगूठा लगवा लिया था।
5) तीस्ता के मुख्य गवाह रईस खान ने भी कहा कि तीस्ता ने उसे गवाही के लिये धमकाकर रखा था।
6) सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि सारे एफ़िडेविट एक ही कम्प्यूटर से निकाले गये हैं और उनमें सिर्फ़ नाम बदल दिया गया है।
7) विशेष जाँच दल ने पाया कि तीस्ता सीतलवाड़ को धमकाया, गलत शपथ-पत्र दाखिल किये, कोर्ट में झूठ बोला।

तीस्ता ने मोदी जी और भाजपा सरकार को बदनाम करने में कोई कमी नहीं रखी । लेकिन झूठ एक न एक दिन पकड़ा ही जाता है और सच एक दिन झूठ की छाती चीर कर बाहर आता है। तीस्ता की असलीयत और गुजरात दंगों के इर्द गिर्द रची हुई उसकी मनगडंत कहानी का उजागर तो वर्षों पूर्व हो चुका है। अब तीस्ता को सर्वोच्छ न्यायलय से भी राहत नहीं मिली यह देश की जनता के लिए राहत की बात है।

यह भी देखें :

https://youtu.be/aGHeWHD0uXg

source postcardnews

VIDEO: सूरत में व्यापारियों ने राहुल गाँधी को खूब दौड़ा दौड़ा कर पीटा, लगाये मोदी-मोदी के नारे !

गुजरात में राहुल गाँधी व्यापारियों से समर्थन मांगने पहुंचे थे और अशोक गहलोत व्यापारियों से मिलकर गए थे जिसके बाद आज राहुल गाँधी गुजरात की आर्थिक राजधानी सूरत में व्यापारियों से मिलने के लिए पहुंचे तो राहुल गाँधी ने वहां जाकर सभी व्यापारियों से मिलाकर वोट मांगने लगे और उनसे अपील की कि वो हमे ही वोट दें, और ये भी कहा था कि व्यापारियों का संगठन कांग्रेस का समर्थन करें ताकि पूरे गुजरात के व्यापारियों चुनावों में कांग्रेस को ही वोट करें !

In Gujarat today, Rahul Gandhi had come to demand merchandise from the traders and today Ashok Gehlot had joined the traders, after which Rahul Gandhi arrived in Gujarat to visit the traders in the economic capital of Surat, Rahul Gandhi went there and sought the votes of all traders and started demanding votes. And appealed to them that they would vote only, and they also said that the organization of merchants supported the Congress so that Gujarat’s voters vote for Congress only!

लेकिन राहुल गाँधी का गुजरात के NTM मार्केट में किस प्रकार स्वागत हुआ है ये आप भी देख सकते है, राहुल गाँधी को व्यापारियों ने मार्केट में घुसने ही नही दिया और उन्होंने मोदी मोदी के नारे लगाने शुरू कर दिए, जब माहौल गर्म होने लगा तो राहुल गाँधी अपनी मण्डली के साथ वहां से भाग निकले !

But how Rahul Gandhi is welcomed today in Gujarat’s NTM market, you can also see, Rahul Gandhi did not allow the traders to enter the market, and started Modi’s slogans when the atmosphere started getting heated Rahul Gandhi escaped from there with his congregation!

जैसे ही पप्पू यानि राहुल गुजरात में व्यापारियों के सामने वोट मांगने पहुंचे तो व्यापारियों ने उन्हें दौड़ा दौड़ा कर मारा और उसके गुजरात से ऐसे भगाया जैसे किसी जानवर को भगाया जा रहा है, राहुल लोगो के मन में नफरत पैदा कर एकजुटता को खत्म करने वाला आदमी है लेकिन व्यापारियों उसको समझ लिया है की वह बहुत ही बेकारा है आप खुद देख सकते है की किस तरह से राहुल को छोड़ व्यापारियों ने मोदी के नारे लगायें है !

As soon as Pappu, or Rahul, came to demand a vote in front of the traders in Gujarat, the traders ran to him and ran and ran from Gujarat to a beast like, being run away, creating a hatred in the minds of Rahul people and eliminating solidarity. But businessmen have understood that they are very worthless. You can see yourself how the traders left Rahul, slapped Modi’s slogan Switch to it!

https://youtu.be/iUAsfwWbq4w

आपकी जानकारी के लिए ये भी बता दें कि हिंद्प्रेस ने गुजरात में जाकर सर्वे किया था तो मीडिया बस वहां कांग्रेस का ही हवा बना रही है, जबकि सच ये है की जातिवाद कार्ड कांग्रेस ने जो खेला है वो बैंक फायर कर रहा है और लोगो में और एक जुटता आ रही है , कांग्रेस के खिलाफ साथ ही जो भी कांग्रेस के साथ जुड़ रहा है उनके खिलाफ लोगो के मन में आपने आप ही गुस्सा उमड रहा है !

Also, for your information, let us know that when Hindpress had done survey in Gujarat, the media bus is making the Congress a breeze, whereas the truth is that the caste card that the Congress has played is firing the bank and in the logo And there is a mobilization, against the Congress as well as with the Congress, against the people you are feeling angry!

राहुल गाँधी जो नोट्बंदी और GST के नाम पर व्यापारियों से समर्थन मांगने गये थे आप देख सकते है की सूरत में व्यापारियों ने उनका किस प्रकार स्वागत किया , गुजरात में BJP इस बार सरे रिकॉर्ड तोड़ रही है, जातिवाद कार्ड कांग्रेसियों ने जरुर खेला पर इस से हिन्दू जागरूक हो गया है तथा और अधिक एकजुट हो गया है , आपकी जानकारी के लिए ये भी बता दें की शिया मुसलमान तो पूरी तरह BJP के समर्थन में दिखाई दे रहे है, इ बार BJP गुजरात में 150 सीटें पार कर रही है !

Rahul Gandhi, who went to seek support from traders in the name of gestation and GST, you can see how merchants welcomed them in Surat, in Gujarat, BJP is breaking all records this time, caste card Congressmen have played it out Hindus have become aware and have become more united, for your knowledge, also tell that Shi’a Muslims are fully visible in support of BJP, etc. And BJP has crossed 150 seats in Gujarat!

देखें ये वीडियो :

https://youtu.be/Dhl7blIhWec

source hindpress

गुजरात चुनाव: फर्जी ओपिनियन पोल शेयर कर कांग्रेस फिर हुयी शर्मशार, चाणक्या टूडे ने भी बताया झूठा!

New Delhi: देश की दोनों बड़ी पार्टियों कांग्रेस और बीजेपी ने गुजरात चुनाव जितने के लिए हर वो प्रयास किया जिससे उन्हें सफलता हासिल हो सके! गुजरात में पहले चरण का मतदान समाप्त हो गया है, अब गुजरातियों के साथ साथ हर भारतीय को गुजरात के चुनाव परिणामो का बेशब्री से इंतजार है! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य होने की वजह से हर कोई जानना चाहता है की क्या गुजरात में आज भी मोदी का जलवा कायम है या नहीं! गुजरात के 182 सीटों पर दो चरण में मतदान हो रहे हैं! दूसरे चरण के लिए मतदान 14 दिसंबर को डाले जाएंगे! गुजरात चुनाव को लेकर देश के लगभग सभी न्यूज़ चैनेलो ने अपने अपने ओपिनियन दिखाए और लगभग सभी ओपिनियन पोल में भाजपा ही जीतती नजर आ रही है!

मीडिया में आ रही खबरों की माने तो गुजरात में बीजेपी पिछली बार से भी अच्छा कर रही है, और कांग्रेस बुरी तरह हार रही है! सेक्युलर मीडिया और कांग्रेस के आईटी सेल ने गुजरात में हवा बनाने के लिए खूब झूठ फैलाये, कांग्रेस की फर्जी लहार बताई, मीडिया वालों ने तो कांटे की टक्कर जितनी बात कही! कांग्रेस के उपाध्यक्ष श्री राहुल गाँधी हर छोटे बड़े मंदिर जा जाकर दर्शन कर रहे है, जिससे वो हिन्दू वोट को अपनी ओर कर सके! इनसबके बाबजूद भी बीजेपी को ही बहुमत मिलता दिख रहा है!

गुजरात चुनाव के ओपिनियन पोल को देखकर कांग्रेस के नेता इतने हतास हो गए है की अब फर्जी ओपेनियन पोल भी सोशल मीडिया वेब्सीटेस पर शेयर करने लगे है! फोटोशॉप का उपयोग कर फर्जी सर्वे तैयार किये जा रहे है और लोगो के बिच ये दिखने की कोशिश की जा रही है की गुजरात का इलेक्शन कांग्रेस जित रही है! ऐसा इसलिए भी किया जा रहा है क्युकी अभी दूसरे चरण का मतदान होना बाकी है! इस तरह के फर्जी ओपिनियन पोल्ल को दिखाकर कांग्रेस लोगो को गुमराह कर रही है!

लेकिन एक बात जग जाहिर है की कोन्ग्रेस्स का फर्जीवाड़ा ज्यादा समय तक चलता है! अब पहले चरण में उनके नेता ने आरोप लगाया था की EVM को ब्लूटूथ के जरिये हैक किया जा रहा है, लेकिन शाम होने से पहले ही दूध का दूध और पानी का पानी हो गया और कांग्रेस को एक बार फिर शर्मशार होना पड़ा!

अब कांग्रेस के एक नेता ने फर्जी ओपिनियन पोल शेयर किया है जिसमे चाणक्या के नाम का उपयोग कर एक फोटो लोगो से साझा किया जा रहा है! लेकिन चाणक्या के वेरिफ़िएड ट्विटर अकाउंट ने इस तरह के किसी भी ओपिनियन पोल से इंकार किया है! रोहन गुप्ता नाम के कांग्रेस नेता ने अपने ट्विटर अकाउंट एक फर्जी पोल्ल शेयर किया है, देखिये!

चाणक्या टूडे ने भी बताया झूठा और इस तरह के किसी भी सर्वे से किया इंकार:-

सोशल मीडिया पर कांग्रेस के इस कृत्य के लिए लोग खूब आलोचना कर रहे है-

अभी अभी: गुजरात चुनाव से पहले 10 पाटीदार संस्थाओं ने छोड़ा हार्दिक पटेल का साथ, कहा – कि कांग्रेस…..

पाटीदार समाज की 10 बड़ी धार्मिक संस्थाओं के नेता मंगलवार को एक बार फिर एक मंच पर इकट्ठा हुए. कांग्रेस द्वारा चुनावी घोषणा पत्र में पाटीदारों को आरक्षण देने के वादे को धोखा बताते हुए नेताओं ने कहा कि जो बात मुमकिन ही नहीं उसे वादे के तौर पर क्यों दिया जा रहा है.

The leaders of 10 big religious institutions of Patidar society gathered on a stage again on Tuesday. Describing the promise of giving reservation to the patriarchs in the election manifesto by Congress, the leaders said that why is not it possible at all, why is it being promised as a promise.

विश्व उमिया संस्थान के संयोजक आरपी पटेल ने कहा कि जो मसौदा हार्दिक ने कांग्रेस की ओर से दिया गया था, इस कानूनी राय ली गई है. हरीश साल्वे ने साफ कर दिया कि संवैधानिक तौर पर यह आरक्षण मुमकिन ही नहीं तो फिर क्यों हार्दिक कांग्रेस का राजनीतिक हथियार बन रहा है.आरपी पटेल ने यह भी कहा कि जो युवा वर्ग हार्दिक की बातों में आकर भटका हुआ है उसे वापस समाज की सोच की ओर लाने के प्रयास जारी हैं.

World Umiya Institute Convener RP Patel said that this legal opinion has been taken, which was drafted by Congressional Hardik. Harish Salve made it clear that this reservation is not constitutional, then why is the political weapon of a hearty Congress becoming a reality.RP Patel also said that the youth who have strayed into the heart of the heart, Efforts are on to continue.

इन संस्‍थाओं ने हार्दिक से यह कहकर किनारा कर लिया था कि हार्दिक का आंदोलन अब सामाजिक न रहते हुए राजनीतिक और निजी बन गया है. यहां तक कि इशारों ही इशारों में उन्‍होंने यह भी साफ कर दिया था कि कुछ समय के लिए बीजेपी से नाराजगी जरूर थी लेकिन अब सब ठीक है. अब यह साफ है कि समाज का एक तबका बीजेपी के साथ खड़ा दिख रहा है. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं स्थितियां बदल रही हैं.

These institutions had marginalized Hardik by saying that Hardik’s movement has become politically and private without social status. Even in gestures, he had also made clear that for some time there was resentment from the BJP but now all is well. Now it is clear that a section of the society is standing with the BJP. As the elections are coming closer, the conditions are changing.

आपकी जानकारी के लिए बता दें की राहुल गाँधी और कांग्रेस की असलियत सामने आने के बाद अब गुजरात में कांग्रेस की स्तिथि काफी टाइट सी हो रही है, ऊपर से जनता के बीच ये भी खबर पहुँच रही है की कांग्रेस के जितने की सूरत में अहमद पटेल को गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया जायेगा, जबकि हार्दिक पटेल कांग्रेस के साथ खड़े हुए है, इसी कारण पटेल संगठन हार्दिक पटेल से भी किनारा करने लगे है

For your information, let us know that after the emergence of Rahul Gandhi and the Congress, the situation of the Congress in Gujarat is getting quite tight; above all, the news is reaching the public between the people of Ahmed Patel Will be made Chief Minister of Gujarat, while Hardik Patel has stood with the Congress, which is why Patel’s organization is also shouting from Hardik Patel.

यह भी देखें :

https://youtu.be/Q1GAObsp__A

https://youtu.be/-jj9Id592Uw

source zee news

जनेहू धारी राहुल को मिला महिला का मूंहतोड़ जवाब जिसे देख कांग्रेसी गुजरात परिणाम से पहले ही डूब मरेंगे

यह तो सब जानते है की बीजेपी के केंद्र में आते ही मानो राजनीति में भूचाल आ गया था लेकिन बीजेपी ने सत्ता को अपने सिर पर चढ़ने न देते हुए वो नामुमकिन काम कर दिखाए जो आज से पहले भारत के इतिहास में किसी ने नहीं सोचा था|

It is known to everybody that as soon as BJP came to the center of the party, it was as if there was a storm in politics, but the BJP did not do the impossible to climb the head on its head and showed it impossible to do any work that nobody had thought of in the history of India before today.

आज हर इंसान की जुबान पर मोदी का नाम है और 2019 में दोबारा मोदी सरकार है | ऐसे में कांग्रेस बुरी तरह बौखला रखी है | उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि गुजरात और हिमाचल चुनाव जीतने के लिए क्या करें! और क्या न करे |

Today, Modi is the name of every human being, and again in the year 2019 is the Modi government. In such a situation, the Congress has been very disturbed. They do not understand what to do to win Gujarat and Himachal elections! What else does not.

मौजूदा खबर अनुसार बता दें कि राहुल गांधी अच्छे से जान चुके है कि वो कितनी भी मेहनत कर ले या फिर कितना भी पैसा लगा ले लेकिन मोदी सरकार के लिए लोगों में जो अपनापन है उसे खरीद नहीं सकते और न ही बदल सकते है |

According to the current news, tell Rahul Gandhi that he can work harder or even take any amount of money, but he can not buy or change the person’s identity in the people for the Modi government.

ऐसे में राहुल गांधी के पास केवल एक ही विकल्प बचता है और वो है भगवान| लेकिन कहते है न जो इंसान ड्रामा करता है वो दूर से पहचाना और पकड़ा जाता है और इस बार भी यही हुआ राहुल के साथ भी |

In such a situation, Rahul Gandhi only has one option, and that is God. But it is said that the person who does the drama is far from recognized and caught, and this time it happened with Rahul too.

जानकारी के लिए बता दें कि गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार में जुटे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी राज्य में ताबड़तोड़ दौरे कर रहे हैं| राहुल अब सूरत में मेघमाया मंदिर पहुंचे हैं जहां उन्होंने मत्था टेका है | दरअसल, तीन दिन के दौरे निकले राहुल गांधी लगातार मंदिरों के दर्शन कर रहे है | इससे पहले उन्होंने इस दौरे की शुरुआत प्रसिद्ध अक्षरधाम मंदिर से की थी | अक्षरधाम मंदिर स्वामी नारायण पंथ का है | और पटेल समुदाय में इसके काफी अनुयायी हैं |

For information, tell Congress Vice President Rahul Gandhi, who is campaigning for the Gujarat assembly elections, are touring the state of Maharashtra. Rahul has now reached Meghmaaya temple in Surat where he has been in Mattha. Actually, Rahul Gandhi, who is on a three-day tour, is constantly seeing the temples. Earlier, he started this tour with famous Akshardham temple. Akshardham Temple belongs to Swami Narayana Panth. And there are lots of followers in the Patel community.

आपको बता दे इससे पहले राहुल ने रविवार को केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि देश में सबसे भ्रष्ट राज्य गुजरात है! राहुल के मुताबिक सूरत के व्यापारियों ने उन्हें कहा कि पुलिसकर्मी हर दो महीने में उनके पास आते हैं! और उनसे रिश्वत की मांग करते हैं! जिसके बाद गुजरती लोगों में राहुल के खिलाफ आक्रोश राहुल पर उस वक़्त टूट पड़ा जब वो मंदिर पहुंचे थे |

Before telling you, Rahul had on Sunday targeted the Center and the state government, saying that the most corrupt state in the country in Gujarat! According to Rahul, traders from Surat told them that the policemen come to him every two months! And ask them for a bribe! After which the people who passed in the ruckus against Rahul were broken when Rahul reached the temple.

https://youtu.be/XAWtwYF2j8M

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=6KzO3XxanXM

यूपी चुनाव में अमित शाह के इस फोर्मुले ने भरी सर्दी में छुड़ाए माँ बेटे के पसीने !

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव के नतीजे लगभग आ चुके हैं. भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में एक बार फिर बाजी मारी है. लेकिन इन नतीजों में सबसे बड़ी बात जो वही वो ये कि राहुल गाँधी अपना घर भी नहीं बचा सके. राहुल गांधी का संसदीय क्षेत्र और कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाली अमेठी में भी भारतीय जनता पार्टी ने परचम लहराया है |

New Delhi: The results of body elections in Uttar Pradesh have almost come. The Bharatiya Janata Party has once again betrayed the state. But the biggest thing in these conclusions is that the same Rahul Gandhi can not even save his house. In the Amethi, which is considered as a parliamentary constituency of Rahul Gandhi and a Congress stronghold, the Bharatiya Janata Party has wooed the pancham.

अमेठी में दो नगर पालिका,गौरीगंज और जायस समेत दो नगर पंचायतें अमेठी और मुसााफिरखाना हैं. अमेठी की नगर पंचायत सीट भाजपा की चंद्रमा देवी जीत गई हैं. इसके साथ ही फिलहाल तक आए रुझानों के अनुसार अमेठी की गौरीगंज नगरपालिका सीट पर भाजपा आगे चल रही है. अमेठी के गौरीगंज नगरपालिका सीट से भाजपा को जीत मिली है, जबकि जायस नगरपालिका में भी भाजपा को बढ़त मिली है. अभी तक यहां एक भी चुनाव में भाजपा अपना खाता नहीं खोल सकी थी. यह अपने आप में एक इतिहास है |

Amethi has two municipal panchayats including two municipalities, Gauriganj and Jayas, Amethi and Musafirkhana. Amethi’s Nagar Panchayat seat has won the BJP’s, Chandra Devi. At the same time, according to trends, the BJP is moving forward in the Gauriganj Municipality seat of Amethi. The BJP has won from Gauriganj municipality seat of Amethi, whereas in the Jayas municipality, the BJP has got an edge. So far, in a single election, the BJP could not open its account. It has a history in itself.

चुनाव के इन रुझानों के आधार पर बीजेपी नेता स्मृति इरानी ने कांग्रेस के राजकुमार राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी अपने निर्वाचन क्षेत्र में ही नहीं जीत रहे हैं. इससे साफ है कि जनता में उन्हें समर्थन नहीं मिल रहा है. गुजरात में स्मृति ने कहा कि जो अपने क्षेत्र में नहीं जीत सकता, वह गुजरात में क्या सपने लेकर आए हैं |

On the basis of these trends of elections, BJP leader Smriti Irani tightened tears on Congress vice-president Rahul Gandhi and said that Rahul Gandhi is not winning in his constituency alone. It is clear from them that they are not getting support from the public. In Gujarat, Smriti said that what cannot win in its territory, what dreams have come in Gujarat?

बता दें कि बीजेपी 2014 के लोकसभा चुनाव से ही बीजेपी कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाने में जुटी हुई है। इसी क्रम में उसने राहुल के मुकाबले कद्दावर नेता स्मृति को राहुल के मुकाबले अमेठी में उतारा था. वहीं, विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो कांग्रेस और सपा ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था. इसके बावजूद अमेठी की 5 में से 4 सीटें बीजेपी ने जीती थी और कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला था |

Let me tell you that BJP has been involved in breaking the Congress stronghold since the 2014 Lok Sabha elections. In the same sequence, she had brought Kadtar leader Smriti to Rahul in Amethi compared to Rahul. At the same time, if the talk of assembly elections, the Congress and the SP contested in the coalition. Despite this, 4 out of 5 seats of Amethi won by BJP and the Congress account was not open.

पिछले चुनावों के नतीजे देखें तो रायबरेली भी कांग्रेस के हाथ से फिसल रहा है. विधानसभा चुनाव में यहां कि 5 सीटों में से 2 पर बीजेपी ने कब्जा कर कांग्रेस को झटका दिया था. 2014 में भले ही सोनिया जीती हों लेकिन उनका वोट बैंक कम हुआ था. उस वक्त सपा ने उनके खिलाफ कोई कैंडिडेट मैदान में नहीं उतारा था |

Seeing the results of the last elections, Rae Bareli is also slipping from the hands of the Congress. In the Assembly elections here, 2 of the 5 seats BJP had captured and shocked the Congress. In 2014 even if Sonia won, but her vote bank was reduced. At that time, SP had not fielded any candidate against him.

जीत के बाद यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी के चुनाव सबकी आंखों को खोलने वाला है, जो लोग गुजरात के संदर्भ में बात कर रहे थे उनका खाता भी नहीं खुला है और अमेठी में भी सूपड़ा साफ हुआ है |

After winning, UP CM Yogi Adityanath said that the elections of UP are going to open all eyes, those who were talking about Gujarat, their account is not even open and Amethi has also been cleared.

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=g-H5DwYD5dc

https://www.youtube.com/watch?v=6KzO3XxanXM