राम मंदिर मुद्दे पर बोलीं मुस्लिम महिलाएं, कसम खुदा की मंदिर वहीं बनवाएंगे

नई दिल्ली : अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर देश में जबरदस्त हलचल शुरू हो चुकी है। VHP की विशाल धर्मसभा में कई लाख हिन्दू का एकसाथ जनसैलाब इकठ्ठा हो रहा है. ऐसे में कई सपा पार्टी तो कई वामपंथी ये खबर फैला रहे हैं कि मुस्लिमों में असुरक्षा की भावना है. लेकिन इस बीच कई मुस्लिम महिलाओं ने इस भ्रम की धज्जियाँ उड़ा के रख दी है.

हिंदू संगठनों के साथ मुस्लिम महिलाओं ने भी राम मंदिर निर्माण को लेकर आवाज उठानी शुरू कर दी है। महिलाओं का कहना है देश में हिंदु-मुस्लिम भाईचारा कायम रखने के लिये राम मंदिर निर्माण जरूरी है। महिलाओं ने ‘कसम खुदा की खाते हैं मंदिर वहीं बनाएंगे’ लिखे पोस्टर से राम मंदिर निर्माण की इच्छा जताई।

छीपी टैंक स्थित मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की सह संयोजक शाहीन परवेज के आवास पर राम मंदिर के पक्ष में आयोजित बैठक में मुस्लिम महिलाओं ने देश में समस्याओं पर विचार-विमर्श किया। शाहीन ने कहा कि यह देश हमारा है। हम देश के मसलों को एकजुट होकर निपटाएंगे। श्रीराम जन्मभूमि के लिए हमारा फर्ज बनता है कि हम अपने हिंदू भाई-बहनों को खुशी से राम मंदिर निर्माण के लिये सहमति दें।

temple

राष्ट्रीय एकता मिशन की कार्यकारिणी सदस्य सुबुही खान ने कहा श्रीराम मंदिर हमारी सनातन संस्कृति का प्रतीक है। हम तन-मन-धन के साथ मंदिर निर्माण में सहयोग करेंगे। महिलाओं ने कहा राम मंदिर को लेकर मुस्लिम पुरुषों का रुख साफ नहीं है।

हम महिलाओं को ही आगे आकर राम मंदिर निर्माण का कदम उठाना है। बैठक में फातिमा, बानो, हसीना, रजाना, कौसर, कहकशा, परवीन, नसीमा, खातून रेशम, अमबरीन, सबीरा, शबीना सहित अन्य महिलाओं ने हिस्सा लिया।

अयोध्या में सरगर्मियों के बीच जोन में हाई अलर्ट
अयोध्या में चल रही सरगर्मियों के बीच जोन में हाई अलर्ट जारी किया गया है। डीजीपी ने जोन के सभी एसएसपी को निर्देश दिए कि वे अपने जिलों में धार्मिक स्थलों पर फोर्स लगाएं। एसएसपी का कहना है कि कोई लापरवाही नहीं होगी। वहीं, एडीजी प्रशांत कुमार ने निर्देश दिए कि धार्मिक स्थलों पर सतर्कता बरतते हुए भीड़ एकत्र न होने दें। सोशल मीडिया पर नजर रखें।

खुफिया विभाग का फोकस
अयोध्या की सरगर्मी और लोकसभा चुनाव को देखते हुए वेस्ट यूपी पर खुफिया विभाग का सबसे ज्यादा फोकस है। खुफिया विभाग का मानना है कि चुनावी माहौल बनाने के लिए वेस्ट यूपी में सुलगाने की कुछ शरारती तत्व कोशिश करने में लगे हैं।

नायब शहर काजी ने की शांति की अपील

नायब शहर काजी जैनुर राशिद्दीन नेशहर की जनता से अपील की है कि लोग किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। यह विवादित प्रकरण अदालत में विचाराधीन है और उन्हें देश के कानून एवं अदालत पर पूरा यकीन है
source:dd barti

कर्नाटक चुनाव से ऍन पहले सिद्धारमैया का बेहद खौफनाक ब्यान, हिन्दुओ पर कर डाली ये शर्मनाक टिप्पड़ी

नई दिल्ली : कर्नाटक के मुख्यमंत्री और वरिष्ट कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री साथ ही उपराष्ट्रपति को आतंकवादी क्रिमिनल अपराधी घोषित कर दिया है, आज सिद्धारमैया ने कहा की जो भी हिन्दू बीजेपी के साथ है या बीजेपी को वोट देते है, या बीजेपी का समर्थन करते है वो सभी अपराधी है, वो सभी आतंकवादी है, कर्णाटक में चुनाव है और सिद्धारमैया की कुर्सी दांव पर है, और अब कर्णाटक में मोदी और योगी की हवा देखकर सिद्धारमैया ने हिन्दुओ को आतंकवादी घोषित कर दिया है.

It is not the first time that the Congress has declared Hindus as a terrorist, even when Sonia Gandhi’s government at the Center, their home minister, saffron terrorists, used to talk of Hindu terrorists and Rahul Gandhi even bigger than Hindu al-Qaeda The threat was told, and today Siddaramaiah declared the millions of Hindus as terrorists.

आपकी जानकारी के लिए बता दें की देश का हर हिन्दू बीजेपी के साथ है ऐसा नहीं है, पर ये भी सच है की करोडो करोडो हिन्दू बीजेपी के साथ है, बीजेपी का समर्थन करते है और बीजेपी को वोट देते है, और आज सिद्धारमैया ने ऐसे करोडो हिन्दुओ को आतंकवादी घोषित कर दिया.

For your information, let us know that every Hindu in the country is not with BJP, but it is also true that millions of crores of Hindus are with BJP, they support BJP and vote for BJP, and today Siddaramaiah has Crores declared Hindus as terrorists.

बता दें की सिद्धारमैया 5 साल से मुख्यमंत्री है, उनके राज्य में हिन्दू कार्यकर्ताओं की बड़े पैमाने पर हत्या हुई है, अब चुनाव है, टीपू भक्ति भी सिद्धारमैया ने खूब की और इनका घोषणापत्र भी लगभग इस्लामिक देशों के घोषणापत्र की तरह है, अब सिद्धारमैया ने उन हिन्दुओ को आतंकवादी बता दिया जो बीजेपी के साथ है, बीजेपी को वोट देते है.

Say that Siddaramaiah has been chief minister for 5 years; Hindu workers have been killed in large scale in their state. Now the election is done; Tipu Bhakti also has a lot of siddaramaiah and its manifesto is almost like the declaration of Islamic countries, now Siddaramaiah Those Hindus who have been with BJP, have voted for the BJP.

वैसे ये कोई पहली बार नहीं है की कांग्रेस ने हिन्दुओ को आतंकवादी घोषित किया हो, जब केंद्र में सोनिया गाँधी की सरकार थी तब भी इनके गृहमंत्री भगवा आतंकी, हिन्दू आतंकी की बात करते थे और राहुल गाँधी ने तो हिन्दुओ को अल कायदा से भी बड़ा खतरा बताया था, और आज सिद्धारमैया ने करोडो हिन्दुओ को आतंकवादी, अपराधी घोषित कर दिया

It is not the first time that the Congress has declared Hindus as a terrorist, even when Sonia Gandhi’s government at the Center, their home minister, saffron terrorists, used to talk of Hindu terrorists and Rahul Gandhi even bigger than Hindu al-Qaeda The threat was told, and today Siddaramaiah declared the millions of Hindus as terrorists.

यह भी देखें :

https://www.youtube.com/watch?v=m7CoPymK4gw

 

https://www.youtube.com/watch?v=8WfEyICu_NM

भारतीय जवानों के प्रचंड प्रहारों से तिमिलाया पाकिस्तान, भीख का बारूद खत्म हुआ तो भारत के कदमों में गिरा ना’पाक….

नई दिल्ली : पाकिस्तान आये दिन कायरता की नई मिसालें बनाता आ रहा है. पहले तो भारत की तरक्की से जल-भुन कर आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए सीजफायर का उलंघन करता है और फिर जब भारतीय सेना हमले का जोरदार जवाब देती है, तो पाकिस्तान तुरंत हाथ खड़े कर देता है. कुछ ऐसा ही नजारा एक बार फिर देखने को मिला है, जब भारतीय जवानों के हाथों बुरी तरह मार खाने के बाद पाकिस्तान फिर से गिड़गिड़ाने लगा.

New Delhi: Pakistan has been making new cases of cowardice on the day. First, it violates the siegefire for infiltrating terrorists by burning India’s progress and then when the Indian army gives a strong response to the attack, Pakistan immediately raises its hand. There is a similar look once again, when after being hit badly by the Indian soldiers, Pakistan again begun again.

भारतीय जवानों के हमले से गिड़गिड़ाया पाकिस्तान
दरअसल पिछले काफी वक़्त से पाक फ़ौज सीमापार से भारी गोलीबारी कर रही थी, जिसमे कुछ भारतीय जवानों समेत कई कश्मीरी नागरिक मारे गए. भारतीय सेना को सरकार की ओर से जवाब देने की खुली छूट है, लिहाजा भारत के जवानों ने पाक फ़ौज पर इतने बम बरसाए कि उसकी अग्रिम सैन्य चौकियां ध्वस्त करते चले गए.

Pak warrior Pakistan attacked by Indian soldiers
Actually, the Pakistani army was firing heavily from across the border, in which many Kashmiri civilians including some Indian soldiers were killed. The Indian Army has an open rebate on behalf of the government, so the soldiers of India have caused so many bombs on the Pak army that their advance military went to demolish the posts.

एक के बाद एक पाक रेंजर्स ढेर होते गए. पाकिस्तान का ऐसा जबरदस्त नुक्सान किया गया कि उसे एक बार फिर 1965 ओर 1971 की याद ताजा हो गयी. उसके एटम बम की धमकी भी काम नहीं आयी, जब सेना अध्यक्ष बिपिन रावत ने पाक को चेतावनी दी कि उसके परमाणु हमलों का भी वैसा ही जवाब दिया जाएगा.

After one Pak Rangers were stacked. Pakistan was so badly damaged that it was once again reminiscent of 1965 and 1971. The threat of his Atom bomb did not work even when Army Chief Bipin Rawat warned Pak that his nuclear attacks would be answered the same.

आरपार के युद्ध के मूड में भारतीय सेना
बहरहाल अपने फौजियों को मरता देख, पाकिस्तान काँप उठा है और भारत के सामने गिड़गिड़ाते हुए फायरिंग रोकने की गुजारिश कर रहा है. खबर है कि पाकिस्तान अब फायरिंग रोककर बातचीत करने के लिए तैयार हो गया है. 22 जनवरी को बीएसएफ और पाक रेंजर्स की मुलाकात होगी.

Indian Army in the Mood of the Alliance
However, seeing their soldiers die, Pakistan has raised crocodile and is requesting to stop firing in front of India. It is reported that Pakistan has now been prepared to stop the firing and negotiate. The BSF and the Pak Rangers will meet on January 22.

आपको बता दें कि अमेरिका ने पाकिस्तान को फंड देना बंद कर दिया है. चीन के अलावा दुनिया का कोई भी देश पाकिस्तान की मदद नहीं करना चाहता. पाकिस्तान जानता है कि पीएम मोदी की कूटनीति के कारण ही आज उसके सभी दोस्त उससे विमुख हो गए हैं. इसी झल्लाहट में वो सीमापार से गोलीबारी करके खुद के पैरों पर कुल्हाड़ी मार रहा है.

Let us tell you that the US has stopped funding to Pakistan. No country in the world except China, Pakistan does not want to help Pakistan. Pakistan knows that due to the PM Modi’s diplomacy all his friends have opted for him today. In this same fury, he is firing on his feet by firing across the border.

भारतीय जवानों के हाथों बुरी तरह से मुँह की खाने के बाद पाकिस्तान बातचीत करने के लिए राजी हो गया है. बीएसएफ और पाक रेंजर्स सेक्टर कमांडर स्तर की मुलाकात करने के लिए राजी हुए हैं. ये बैठक जम्मू के सेक्टर कमांडर और सियालकोट के सेक्टर कमांडर के बीच ऑक्ट्रॉय में होनी है. वहीं बीएसएफ का कहना है कि सुरक्षाबलों ने सीमा पर हालात सुधारने की कोशिश की है, लेकिन पाकिस्तान इस सिलसिले में टालमटोल कर रहा था.

Pakistan has agreed to negotiate after being eaten badly by the Indian soldiers. BSF and Pak Rangers have agreed to meet the sector commander level. These meetings are to be held in the Octroi between the sector commander of Jammu and the Sector Commanders of Sialkot. At the same time, the BSF says that the security forces have tried to improve the situation on the border, but Pakistan was relieved in this connection.

आज पाकिस्तान की ओर से लगातार तीसरे दिन संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए जम्मू-कश्मीर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगे तीन जिलों में गोलियां चलाई गईं, जिसमें एक जवान समेत कई लोग घायल भी हो गए. वहीं सीमा से लगे इलाकों में रहने वाले करीब 9 हजार लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा है.

Today, violating the ceasefire for the third consecutive day on behalf of Pakistan, firing was launched in three districts of Jammu and Kashmir, in which three people were injured, including a young man. Nearly 9,000 people living in the border areas had to leave their homes and go to safer places.

यह भी देखें:

https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8

SOURCE NAME POLITICAL REPORT

अभी-अभी : UP में इस मुस्लिम शख्स ने किया ऐसा भयानक कांड, जिसे देख गुस्से से उबल पड़ा सारा देश

पुलिस के मुताबिक, मेरठ के शोभापुर की निवासी एक दलित युवती माता-पिता की मौत के बाद हस्तिनापुर के गांव में अपनी बहन के साथ रहती है. दो महीने पहले उसके मोबाइल पर एक मिस्ड कॉल आई. मिस कॉल करने वाले युवक से उसका फोन पर ही परिचय हुआ. युवक ने युवती को अपना नाम अमर बताया और दोस्ती कर ली.
झूठी पहचान बताकर की दोस्ती और झूठा प्यार

According to the police, a resident of Shobapur of Meerut lives with his sister in the village of Hastinapur after the death of a dalit girl child. Two months ago, there was a missed call on her mobile. A young caller introduced her to her phone. The young man named the young man his name Amar and made a friendship.
Friendship and false love by telling false identity

करीब दो महीने तक बातचीत करने के बाद मुस्लिम युवक ने उसे अपने प्रेम जाल में फंसा लिया और प्रेम प्रसंग के बाद उनका मिलना-जुलना शुरू हो गया. आरोपी ने मंगलवार को किशोरी को शॉपिंग करने के बहाने मवाना बुलाया. वहां कुछ खरीदारी के बाद आरोपी उसे कस्बे के सिनेमा हॉल में ले गया, जहां उसका साथी पहले से ही फिल्म के टिकट लेकर खड़ा था. फिल्म शुरू होने से पहले ही दोनों किशोरी को सिनेमा हॉल में ले गए.

After negotiating for nearly two months, the Muslim youth trapped him in his love trap and after his love affair, he started to meet. On Tuesday, the accused called Mawana to shopping for the teenager. After some shopping there, the accused took her to the cinema hall of the town, where her partner had already stood by the ticket of the film. Before the film started, both the teenagers were taken to the cinema hall.

वहां पर दोनों आरोपियों ने मिलकर किशोरी के साथ गैंगरेप किया. किशोरी ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ हाथापाई की और जान से मारने की धमकी दी. युवती का आरोप है कि आरोपियों ने वारदात के बारे में किसी को कुछ न बताने की धमकी देकर उसे बाइक से वापस छोड़ने चल दिए. इसी दौरान मौका मिलने पर युवती ने पुलिस को सूचित किया.

There, both the accused ganged up together with the teenager. When the teenager protested, the accused threatened to kill him and kill him. The girl has alleged that the accused threatened to not tell anyone about the incident and let her go back from the bike. During this time the girl informed the police on getting the opportunity.

साजिश के तहत देशभर में किया जा रहा है लव जिहाद
योगी राज में पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए दोनों आरोपियों को मुजफ्फरनगर अड्डे के पास से गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों की पहचान अमीरूद्दीन और वसीम के रूप में हुई. अमीरूद्दीन ही पिछले दो महीने से नाम बदलकर युवती से बातचीत कर रहा था. दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोपियों की बाइक भी पुलिस ने जब्त कर ली है.

Love jihad is being done all over the country under the conspiracy
In Yogi Raj the police immediately took action and arrested the two accused from Muzaffarnagar. The accused were identified as Amiruddin and Wasim. Amiruddin was talking to the young woman for the last two months. The case has been filed against both the accused. Police have also seized the bike of the accused.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक़ पीड़िता की मेडिकल जांच की जा रही है. उसकी तहरीर पर केस दर्ज करते हुए आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है. आरोपियों की जेब से आपत्तिजनक वस्तुएं भी बरामद हुई हैं. एसपी राजेश कुमार ने बताया कि सिनेमा हॉल में हुई वारदात को लेकर पड़ताल की जा रही है. आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
नाम, धर्म, पहचान सब कुछ छिपाया

According to police officials, the victim’s medical examination is being done. The accused are being sent to jail while lodging a case against him. The objectionable items were also recovered from the pocket of the accused. SP Rajesh Kumar told that the investigation is being investigated about the incident in the cinema hall. Strict action will be taken against the accused.
Name, religion, identity hidden everything

पीड़िता का कहना है कि युवक हर बार अपना नाम अमर बताता था. वह उसे हिंदू ही समझती थी, लेकिन वारदात के बाद खुलासा हुआ कि उसका असली नाम अमर नहीं बल्कि अमीरुद्दीन है.
केरल से लेकर यूपी, राजस्थान तक फ़ैल गया लव जिहाद

The victim says that the youth used to tell his name Amar every time. He considered it to be a Hindu, but after the incident, it was revealed that his real name was not immortal but Amiruddin.
Love jihad spread from Kerala to UP, Rajasthan

बता दें कि इस तरह के मामले अब देश के कोने-कोने से सामने आने लगे हैं. अभी कुछ ही वक़्त पहले मुम्बई की एक मॉडल ने भी लव जिहाद की शिकायत करते हुए अपने मुस्लिम पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी. एनआईए केरल के लव जिहाद मामले की जांच में अभी भी लगी है. राजस्थान के एक शख्स का गुस्सा तो लव जिहाद के लिए इस कदर फूटा कि अपनी गर्ल फ्रेंड को भगाने वाले मुस्लिम शख्स को उसने तलवार से काट डाला और वीडियो वायरल कर दिया.

Let us say that such cases have now started coming out from the corners of the country. Just a few moments ago, a Mumbai-based model also filed a report against her Muslim husband complaining of love jihad. NIA is still investigating the love jihad case of Kerala. The anger of a man from Rajasthan was so fierce for Jihad that he cut off the Muslim man who killed his girlfriend and switched it from the sword and made the video viral.

मामला काफी गंभीर हो गया है और सोशल मीडिया पर लोगों ने अपना विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया है. लोगों का कहना है कि सरकार को लव जिहाद के खिलाफ सख्त एक्शन लेना चाहिए.

कला जगत में देखें:

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

https://youtu.be/hsfxfSRtdUs

source name:political report

बड़ी खबर: मुगलों और नेहरु के हजारो षड्यंत्रों के बाद हिन्दू आज ज़िन्दा है तो उसका कारण मात्र यह शख्स है

पहले वो सब ठप्पे के साथ इफ़्तार पार्टियाँ करते थे, टोपियाँ पहनते थे, सजदे करते थे, नमाज़ पढ़ने का ढोंग करते थे क्योंकि हितैषी तो ये मुसलमानों के भी नहीं थे। ये सब करने के पीछे कारण केवल एक ही था मुसलमानों के थोकबंद वोट बटोरना। चंद रियायतें दे देना, इनके दिलों में हिंदुओं के प्रति नफ़रत पैदा करना और मुसलमानों के ज़्यादा तलवे चाटना कि हिंदुओं में भी मुसलमानों के प्रति नफ़रत पैदा होने लगी थी।

Earlier, all those parties used to perform Ipat parties, used to wear hats, worshiped, used to pretend to read namaz because they were not even Muslims. The only reason behind doing all this was to collect bulk vote of Muslims. To give a few concessions, to create hatred towards the Hindus in their hearts and to lick more sweets of the Muslims, even among the Hindus, started becoming a victim of hatred towards the Muslims.

कांग्रेस, वामपंथी, समाजवादी पार्टी, लालू, मुलायम, ममता बैनर्जी, केजरीवाल जैसे तमाम नेताओं और पार्टियों ने इतने ज़्यादा मुसलमानों के तलवे चाटे कि देश के हिंदुओं में हीन भावना पैदा होने लगी थी। ये नेता हिन्दू होकर भी हिंदुओं को गालियाँ देने, उनका अपमान करने से चूकते नहीं थे। जब भी कोई आतंकी घटना होती तो ये यही कहते थे कि आतंक का कोई धर्म नहीं होता लेकिन हिंदुओं को झूठे केस में फँसाकर इनको आतंक का धर्म दिख गया। याद कीजिये चिदंबरम का देश की संसद में ‘भगवा आतंकवाद’ शब्द का प्रयोग करना, कर्नल पुरोहित, साध्वी प्रज्ञा,असीमनन्द जैसे कई निर्दोष हिंदुओं को बिना किसी सबूत के गिरफ्तार करके अंतहीन यातनाएँ देना। ये सभी लोग मोदी सरकार के आने के बाद इन यातनाओं से मुक्त हुए हैं और जेल से रिहा हुए हैं अगर आज भी कांग्रेस सरकार में होती तो इन लोगों की शायद लाशें भी किसी को न मिलतीं।

All the leaders and parties like the Congress, Leftists, Samajwadi Party, Lalu, Mulayam, Mamta Banerjee, Kejriwal used to laugh so many Muslims that there was inferiority among the Hindus of the country. These leaders did not hesitate to abuse the Hindus, to insult them, even after becoming a Hindu. Whenever there was a terrorist incident, it used to say that there was no religion of terror but they were found to be the religion of terror by trapping the Hindus in a false case. Remember, Chidambaram should use the term ‘saffron terrorism’ in the country’s parliament, arresting innocent Hindus without any evidence, endless tortures by arresting Colonel Purohit, Sadhvi Pragya, Asimanand, without any evidence. All these people have been released from these tortures after being Modi government and have been released from jail. Even if the Congress was in the government today, probably the bodies of these people would not be available to anyone.

याद कीजिये दिग्विजयसिंह का मुंबई के 26/11 हमले में संघ को दोषी बताने वाली क़िताब का विमोचन करना जबकि सारी दुनिया उस वक़्त भी देख रही थी कि सारे आतंकी पाकिस्तान से आये थे। वो तो क़साब ज़िंदा पकड़ा गया वरना कांग्रेस इसमें भी कई निर्दोष हिंदुओं को फँसाकर उनकी ज़िंदगी बर्बाद कर देते।

Remember Digvijay Singh’s release of the book condemning the Sangh in Mumbai’s 26/11 attacks, while the whole world was also watching that all the terrorists came from Pakistan. That Kasad was caught alive or else the Congress would ruin his life by trapping many innocent Hindus in it too.

देश और हिंदुत्व के शत्रु यही नेता आज मंदिरों की घंटियां बजाने, पूजा अर्चना करने और माथा टेकने को मजबूर हो गए हैं। कभी मंदिर जाने वालों को लड़कियाँ छेड़ने वाला कहने वाला राहुल गाँधी आज खुद को जन्मजात हिन्दू बता रहा है, जबकि ये भी खबर है राहुल गाँधी दो पासपोर्ट हैं जिनमें से एक नाम उनका नाम रॉउल विंसी है। सोनिया गाँधी का मुस्लिम और ईसाई प्रेम किसी से छिपा नहीं है। बाटला हाउस एनकाउंटर में रोने वाली सोनिया आज परदे के पीछे जाकर क्यों बैठी है? बाबा विश्वनाथ की धरती पर जाकर बीमार (?) हुई सोनिया उसके बाद से कभी कहीं नज़र आईं क्या?

The enemies of the country and Hindutva have been forced to play bells of temples, to worship and worship the forehead. Rahul Gandhi, who once said that girls going to the temple, is telling a congenital person, while today it is also reported that Rahul Gandhi has two passports, one of which is his name, Raúl Vínsi. Sonia Gandhi’s Muslim and Christian love is not hidden from anyone. Sonia, who is crying at the Batla House encounter, why is she sitting behind the scenes today? Baba Vishwanath went to the earth and sick? (Sonia?) Have you ever seen somewhere since then?

आज हिंदुओं में शक्ति कहाँ से आई? कौन है वो जिसने सोते हुए हिंदुओं को जगाया है? वही है न 67 साल का ऊर्जावान, राष्ट्रभक्त, कर्मवीर जो कभी दूसरे धर्म का अपमान नहीं करता लेकिन अपने धर्म का पालन पूरी आन बान और शान के साथ करता है, जो सारी दुनिया के सामने जय श्रीराम के नारे लगाता है, जो जापान के प्रधानमंत्री के साथ गंगा आरती करता है, जो दुबई के शाही परिवार से मंदिर के लिए ज़मीन लेकर आता है। विदेशों में रहने वाले मित्र बताते हैं कि आज दुनिया भारतीयों को सम्मान की दृष्टि से देखने लगी है।

Where did the power come from Hindus today? Who is he who has awakened the Hindus while sleeping? That is the 67 years of energetic, nationalist, Karmaveer who never insulted another religion, but followed his religion with full faith and honor, which is shouting Jai Shriram in front of the whole world, which is the Prime Minister of Japan Ganga accompanies the Aarti, which brings the land from the royal family of Dubai to the temple. Friends in foreign countries show that today the world has started looking at Indians with respect.

वो बहुत कुछ हमें दे चुका है और देते ही जा रहा है, वो कभी किसी एक धर्म की बात नहीं करता वो हमेशा 130 करोड़ भारतीयों की बात करता है, इसके पहले वो 6 करोड़ गुजरातियों की बात करता था।

He has given us a lot and has been giving it, he does not talk about any one religion, he always talks about 130 million Indians, before that he used to talk about 6 crore Gujaratis.

ये GST की शुरुआती परेशानियां, ये मंदी का दौर सब कुछ अस्थायी है, ज़रा इतिहास खंगालो उसने भूकम्प से तबाह गुजरात को देश का सबसे उन्नत प्रदेश बना दिया, वो भी तब, जब उसे कोई भी प्रशासनिक अनुभव नहीं था। जबकि आज वो आग में तपकर, तेज धार में कटकर नायाब सोना हीरा बन चुका है। उसकी ईमानदारी, मज़बूती, कठोर परिश्रम का लोहा तो उसके दुश्मन भी मानते हैं, वो भारत को और हिंदुत्व को इतनी ऊँचाई पर ले जायेगा जिसकी हमने कभी कल्पना भी नहीं कि होगी।

These are the initial troubles of GST, this recession is all temporary, everything is history. It has destroyed the earthquake and made Gujarat the most advanced state of the country, even then, when it did not have any administrative experience. Whereas today he has become a precious gold diamond by cutting it in the fire and drifting in the fire. The iron of his honesty, strength, hard work, even his enemies believe that, he will take India and Hindutva to such a height which we have never imagined.

यह भी देखे :

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

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बड़ी खबर :इस मुस्लिम मौलाना ने हिन्दुओं को दे डाली खुलेआम धमकी,अब होगा इतने इस मुस्लिम मौलाना ने हिन्दुओं को दे डाली खुलेआम

ये जिस शख्स की तस्वीर आप ऊपर देख रहे है, इसका नाम है मौलाना सईद अरशद मदनी, ये जमीयत-ए-उलेमा हिन्द नाम के कट्टरपंथी मुस्लिम संगठन का प्रमुख है, ये वही मौलाना मदनी है, जिसने पिछले दिनों भारत को धमकी देते हुए कहा था की, अगर तीन तलाक को ख़त्म किया तो भारत के खिलाफ जिहाद छेड़ देंगे

The person you see above is named after him, Maulana Saeed Arshad Madani, he is the head of the fundamentalist Muslim organization named Jameet-e-Ulema Hind, this is the same Maulana Madani, who said threatening India in the last days. Had said that if three divorces ended, then jihad against India

और अब इस मौलाना ने तो आसाम को म्यांमार बनाकर हिन्दुओ के कत्लेआम की धमकी दी है, ये काफी बड़े मुस्लिम संगठन का सरगना है, पर इसकी धमकी को मीडिया ने दबा दिया है, कोई खबर भी नहीं दिखाना चाहता, देखिये किस प्रकार ये असम को म्यांमार बनाने की धमकी दे रहा है

And now this maulana has threatened the massacre of Hindus by making Assam as Myanmar, it is a big donation of a large Muslim organization, but its threat has been suppressed by the media and no news wants to show, Threatening to create Myanmar

जबतक कांग्रेस सरकार थी तबतक अवैध बांग्लादेशी मुसलमानो पर कोई कार्यवाही नहीं होती थी, उल्टा आम और मूल असामी को अपना इलाका छोड़ भागना पड़ता था, पर बीजेपी की सरकार के आने के बाद से ही अवैध मुसलमानो की पहचान का काम चल रहा है, और जो अपनी पहचान नहीं करवा पा रहा है, उसे वापस बांग्लादेश खदेड़ने की तैयारी हो रही है, और इसी से विचलित ये मौलाना धमकी दे रहा है की असम में 50 लाख मुसलमान है, वो चुप नहीं रहेंगे और कत्लेआम करेंगे, जैसे म्यांमार में करते है !

As long as there was a Congress government, there was no action against illegal Bangladeshi Muslims, on the contrary, the common and the basic person had to leave their premises, but only after the coming of the BJP government, the identity of the illegal Muslims is going on, and that It is not able to identify, it is preparing to return to Bangladesh again, and disturbed by this, the maulan is threatening that there are 50 lakh Muslims in Assam, they are not silent Gay and slaughtering, as do in Myanmar!

देश के सबसे बड़े मुस्लिम संगठन जमियत-उलेमा-ए-हिन्द ने भी चेतावनी दी है कि असम को म्यांमार बनाने की कोशिश न की जाए। यह बात असम में हाल ही में सामने आए मुस्लिमों की नागरिकता को लेकर चल रहे मुद्दे पर कही गई। असम एक्शन कमेटी की राज्स में मुस्लिमों की नागरिकता के हक के लिए लड़ाई जारी है। मुस्लिम संगठन के अध्यक्ष मौलाना अर्शद मदनी ने कमेटी द्वारा रखे गए एक कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि राज्य की वोटिंग रजिस्ट्री से 48 लाख शादीशुदा मुस्लिम महिलाओं का नाम हटाने की कोशिश की जा रहे हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि उनके हक को छीन लिया जाए, उनके बच्चों को शिक्षा न प्राप्त हो सके और उन्हें देश से बाहर फेंक दिया जाए। अगर ऐसा ही चला तो असम में म्यांमार जैसी स्थिति बन जाएगी।

Zameet-Ulema-e-Hind, the country’s largest Muslim organization, has also warned that efforts should not be made to make Assam a Myanmar. This was said on the issue of the issue of citizenship of Muslims who were recently introduced in Assam. The battle for the rights of citizenship of Muslims in the Assam Action Committee’s ranks is on. Muslim organization president Maulana Arshad Madani said during an interaction with the media in a program organized by the committee that efforts are being made to remove the names of 48 lakh married women from the state’s voting registry. This is being done so that their rights should be stripped off, their children could not get education and they were thrown out of the country. If that happens then it will become a situation like Myanmar in Assam.

देश के सबसे बड़े मुस्लिम संगठन जमियत-उलेमा-ए-हिन्द ने चेतावनी दी है कि असम को म्यांमार बनाने की कोशिश न की जाए। यह बात असम में हाल ही में सामने आए मुस्लिमों की नागरिकता को लेकर चल रहे मुद्दे पर कही गई। असम एक्शन कमेटी की राज्स में मुस्लिमों की नागरिकता के हक के लिए लड़ाई जारी है। मुस्लिम संगठन के अध्यक्ष मौलाना अर्शद मदनी ने कमेटी द्वारा रखे गए एक कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि राज्य की वोटिंग रजिस्ट्री से 48 लाख शादीशुदा मुस्लिम महिलाओं का नाम हटाने की कोशिश की जा रहे हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि उनके हक को छीन लिया जाए, उनके बच्चों को शिक्षा न प्राप्त हो सके और उन्हें देश से बाहर फेंक दिया जाए। अगर ऐसा ही चला तो असम में म्यांमार जैसी स्थिति बन जाएगी।

Zameet-Ulema-e-Hind, the country’s largest Muslim organization, has warned that efforts should not be made to make Assam a Myanmar. This was said on the issue of the issue of citizenship of Muslims who were recently introduced in Assam. The battle for the rights of citizenship of Muslims in the Assam Action Committee’s ranks is on. Muslim organization president Maulana Arshad Madani said during an interaction with the media in a program organized by the committee that efforts are being made to remove the names of 48 lakh married women from the state’s voting registry. This is being done so that their rights should be stripped off, their children could not get education and they were thrown out of the country. If that happens then it will become a situation like Myanmar in Assam

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https://youtu.be/1YmeDP0wOXs

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इस्लाम अपनाकर पहली बार मस्जिद गया रोहित, पर उसकी अकल ठिकाने आ गयी- इसलिए भागना पड़ा

महाराष्ट्र के दलित “रोहित लांडे” ने हिन्दू धर्म छोड़ कर इस्लाम अपना लिया और मस्जिद गया,

The Dalit “Maharashtra Rohit Lande”, left the Hindu religion and embraced Islam and went to the mosque,

रोहित लांडे: मैंने इस्लाम कबूला है। मेरा मस्जिद में पहला दिन है
मौलवी: बहुत अच्छी बात है। ए ओसामा, नए मुसलमान के इस्तकबाल के लिए चाय ले के आ।

नीचे देखें विडियो

Rohit Lande: I have confessed Islam. The first day in my mosque
Maulvi: It’s a very good thing. A. Osama, the new Muslim came to take tea for the Istqbal.

((चाय पीते हुए))

मौलवी: ये बताओ क्या सोच कर इस्लाम कबूला?
रोहित लांडे: मैंने सुना है कि ब्राह्मण कई जातियों को मंदिर में नहीं घुसने देता, कान में पिघला हुआ शीशा भी डाल देता है, पर, इस्लाम मे ऐसा कुछ नहीं होता। इसीलये, इस्लाम कबूला।
मौलवी: अच्छा किया तुमने हिन्दू धर्म छोड़ कर। इस्लाम मे जातियाँ नहीं हैं। यहां कोई पंडित, ठाकुर, बनिया नहीं चलता।

((Drinking tea))                   

Maulvi: Tell me what do you think of Islam?
Rohit Lande: I have heard that Brahmin does not allow many castes to enter the temple, it also puts a molten glass in the ear, but there is nothing like this in Islam. That is why, Islam Kabula
Maulvi: Good did you leave Hindu religion. There are no castes in Islam. There are no Pandits, Thakurs, Bania, no shots here.

मौलवी: अच्छा ये बताओ, इस्लाम का कौन सा फिरका चुना?
रोहित लांडे: देवबंदी

Maulvi: Say this good, what is the choice of Islam?
Rohit Lande: Deobandi

मौलवी: सुनो मियां, अपना चाय का कप नीचे रखो और यहां से तुरंत निकल लो!
रोहित लांडे: पर क्या हुआ मौलवी साहब, अभी आपने कहा कि मस्जिद में सबका इस्तकबाल है?

Maulvi: Listen Mian, keep your tea cup down and get out of here right away!
Rohit Lande: What happened on the Maulvi Saheb, now you said that everyone in the mosque is a person?

मौलवी: बाहर बोर्ड लगा है कि ये मस्जिद बरेलवी फिरके की है और देवबंदियों का यहां घुसना सख्त मना है। अगर यहां से नही जल्दी बाहर गए तो तुम्हारे हाथ पैर तोड़ दिए जाएंगे और चार कंधों पर घर जाओगे।

Maulvi: Outside the board, it is said that this mosque is recharged and the Deobandis are strictly forbidden to enter here. If you do not go out early here, your hands will be broken and you will go home on four shoulders.

रोहित लांडे: जी, जाता हूँ।
मौलवी: और हाँ, आगे से मस्जिद के आसपास दिखाई भी नहीं देना वरना दौड़ा-दौड़ा कर मारेंगे।
रोहित लांडे मन मे सोचता है “मुझे जातिवाद का असली मतलब आज समझ आया। मैं वापस चला अब मंदिर…जय श्री राम।”

Rohit Lande: Yes, I’ll go.
Maulvi: And yes, do not even show up in front of the mosque or run away.
Rohit Landday thinks in my mind “I understood the true meaning of racism today. I went back to the temple now … Jai Shri Ram.”

और हां इस्लाम में जातिवाद क्या होता है, ये ऊपर वाले साइन बोर्ड को पढ़कर समझ लीजिये, किसी हिन्दू मंदिर के बाहर आपको ऐसे जातिसूचक साइन बोर्ड नहीं मिलेंगे, पर हज़ारों मस्जिदों के आगे मिलेंगे, ये नासिक महाराष्ट्र के बाहर के मस्जिद का है

And yes, what is racism in Islam, read this above sign board and understand that you will not get such caste sign board outside of a Hindu temple, but thousands of mosques will be found in front of them, this is the mosque outside Nashik Maharashtra.

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https://www.youtube.com/watch?v=k87GwTUEGuQ&t=18s

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मोहन भागवत की एक आवाज पर एक होगी हिन्दू जातिया, जबर्दस्त भाषण से उड़े कट्टरपंथियों समेत पाकिस्तान के उड़े होश

मेरठ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बैठक चल रही है, और इस बैठक में 3 लाख हिन्दुओ ने भाग लिया है, सभी स्वयंसेवक, और इनकी सिर्फ एक ही पहचान – सभी के सभी राष्ट्रवादी हिन्दू, बाकि न कोई ब्राह्मण न क्षत्रिय न दलित और न ही वैश्य, सभी के सभी 1 सामान, सभी राष्ट्रवादी हिन्दू और भारत माता के पुत्र

The meeting of Rashtriya Swayamsevak Sangh is going on in Meerut, and in this meeting, 3 lakh Hindus have participated, all volunteers, and their only identities – all of them nationalist Hindus, none other Brahmin nor Kshatriya dalits neither Vaishya, all the 1 belongings of all, the sons of all nationalist Hindu and Bharat Mata

जो लोग कहते है की वो संघ को ख़त्म कर देंगे, देख लें वो, ये है संघ कर सको ख़त्म तो कर के दिखा दो !

Those who say that they will destroy the Sangh, see that they can do the union, then do it and show them!

3 लाख से ज्यादा राष्ट्रवादी इस बैठक में शामिल हुए, और 1 को भी पैसा देकर नहीं बुलाया गया था, उल्टा इन सभी ने अपनी जेब से पैसा दिया और बैठक के तमाम खर्च उठाये गए, ये राष्ट्रवाद ही है जो ये सभी स्वयंसेवक दूर दूर से अपने खर्च पर बैठक में पहुंचे

More than 3 lakh nationalists participated in this meeting, and 1 was not called for money, in contrast, all of them gave money from their pockets and all the expenses of the meeting were raised, this is nationalism which all these volunteers from far away Arrive at the meeting at your expense

3 लाख से ज्यादा स्वयंसेवको के लिए लगभग साढ़े 6 लाख टिफिन तैयार किये गए, 2 वक्त के खाने के लिए, और ये तमाम खाना आसपास के 1000 घरों में तैयार किया गया था, 1000 अलग अलग घरों में खाना बनाया गया, 6 लाख 50 हज़ार के लगभग टिफिन बनाये गए और स्वयंसेवकों को खाना दिया गया

About 2.5 million tiffins were prepared for more than 3 lakh volunteers, for 2 times to eat, and all these food was prepared in around 1000 houses, food was prepared in 1000 different houses, 6 lakh 50 thousand Almost Tiffin was made and volunteers were given food

किसी ने भी 1 बार भी नहीं पूछा की खाना दलित के घर से आया है, ब्राह्मण के घर से आया, क्षत्रिय के घर से आया, वैश्य के घर से आया, हर तरह के घरों से ये खाना आया और हर तरह के स्वयंसेवक ने इसी खाने को खाया, चाहे वो मोहन भागवत ही हो

No one has even asked 1 times that the food came from the house of the Dalit, came from Brahmin’s house, came from the house of Kshatriya, came from the house of Vaishya, it came from all kinds of homes and every kind of volunteer came to this Eat food, even if it is Mohan Bhagwat

इस देश के दुश्मन संघ के बारे में उलटी सीधी जानकारियां देश में फैलाते है, कोई कहता है संघ दलित विरोधी है, जबकि सच तो ये है की अगर आप संघ की किसी भी शाखा में जाएं, तो वहां आपसे पूछा ही नहीं जाता की आप किस जाति से हैं, अब किसी का नाम रमेश “यादव” हो तब पता चलता है ये यादव है, पर बहुत से ब्राह्मण, क्षत्रिय, दलित और वैश्य रमेश “कुमार” ही लगाते है, पर संघ में किसी की जाति कभी पूछी ही नहीं जाती ये एक तथ्य है

In this country, the information about enemy association spreads in the country, someone says that the Sangh is anti-Dalit, whereas the truth is that if you go to any branch of the union, then you are not asked where you are Now, when someone’s name is Ramesh “Yadav”, it is known that it is Yadav, but many Brahmins, Kshatriya, Dalits and Vaishya Ramesh use “Kumar”, but no one’s caste is ever asked in the Sangh. This is a fact I

नरेंद्र मोदी तो तेली हैं, क्या उनकी जाति पूछकर संघ ने उन्हें गुजरात का मुख्यमंत्री और फिर देश का प्रधानमंत्री बनने दिया ? संघ में कोई जाति वाद है ही नहीं, यहाँ सब सिर्फ और सिर्फ राष्ट्रवादी हिन्दू है और माँ भारती के पुत्र हैं

Narendra Modi is a Teli, by asking his caste, the Sangh has allowed him to become the Chief Minister of Gujarat and then the Prime Minister of the country? There is no caste system in the Sangh, here all is just and only nationalist Hindu and mother is the son of Bharati

आपको एक बात और बताते है, फुर्सत हो तो गूगल कर लें, और हां वहां वामी साइट पर न जाये, महाराष्ट्र में संघ के शिविर में भीमराव आंबेडकर खुद गए थे, वहां के इंचार्ज से उन्होंने पूछा की – यहाँ बहुत लोग काम कर रहे है, आप बताइये की इनमे से दलित कितने है, तो शिविर के इंचार्ज ने आंबेडकर को बताया की, हमने कभी गिने ही नहीं की दलित कितने है, और किस जाति के कौन कौन लोग है, यहाँ सभी हिन्दू है, एक ही पहचान है सबकी, तब आंबेडकर ने स्वयं कहा था – ये जगह ऐसी है जहाँ भेदभाव नहीं !

Let me tell you one more thing, get it done if you are a Google, and yes, you should not go to the Wami site. Bhimrao Ambedkar himself went to Sangh’s camp in Maharashtra, from where he asked – Many people are working here. Tell us how many of the dalits are there, then the charge of the camp told Ambedkar that we have never counted how many Dalits are, and who are the people of which caste, all Hindus here, the same identity is everyone, Then Ambedkar himself had said – This is such a place where there is no discrimination!

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जामा मस्जिद में भद्रकाली हिंदू मंदिर को लेकर वास्तव में एक चौकानें वाला सबूत सामने आया है, जो आपका मन बदल देगा !

जामा मस्जिद 1424 सीई के दौरान अहमदाबाद (मूलतः कर्णावती) में अहमद शाह द्वारा बनाया गया था, मूलतः देवी भद्रकाली का एक हिंदू मंदिर है। अहमदाबाद शहर का मूल नाम भिन्न-भिन्न युगों में भद्र, कर्णावती, राजनगर और असवल था। 7 वीं सदी से 16 वीं शताब्दी के रूप में शुरू होने पर, भारत को अनगिनत इस्लामी आक्रमणकारियों पर हमला किया गया, जिन्होंने धन को लूट लिया और मध्यस्थता हॉल, हिंदू मंदिर, वैदिक अनुसंधान केंद्र, संस्कृत गुरुकुल और विश्वविद्यालयों सहित कई विरासत स्थलों को नष्ट कर दिया।

Jama Masjid was built by Ahmad Shah in Ahmedabad (originally in Karnavati) during 1424 CE, originally a Hindu temple of Goddess Bhadrakali. The original name of Ahmedabad city was Bhadra, Karnavati, Rajnagar and Asval in different eras. Upon the start of the 7th century to the 16th century, India was attacked by countless Islamic invaders, who looted money and destroyed many heritage sites including mediation halls, Hindu temples, Vedic research centers, Sanskrit Gurukul and universities. done.

जामा मस्जिद विभिन्न आक्रमणकारियों द्वारा हिंदुओं की बहुत पहचान को नष्ट करने के लिए क्या किया गया है, इसका एक जीवंत सबूत है।

Jama Masjid is a vivid proof of what has been done to destroy the very identity of Hindus by various invaders.

हम किसी भी पूर्वाग्रह से नहीं कह रहे हैं, वास्तव में, हमने बहुत महत्वपूर्ण शोध कार्य एकत्र किए हैं और आपके सामने ये चौंकाने वाला सबूत लाए हैं जो जामा मस्जिद के बारे में हमेशा के लिए अपना मन बदल देगा।

We are not asking any prejudice, in fact, we have collected very important research work and have brought shocking evidence in front of you that will change your mind forever about the Jama Masjid.

इन चौंकाने वाला सबूत देखें जो जामा मस्जिद को स्पष्ट रूप से देवी भद्रकाली के एक हिंदू मंदिर के रूप में पहचानते हैं

Check out these shocking proof which clearly identify the Jama Masjid as a Hindu temple of Goddess Bhadrakali.

भद्रा का नाम देवी के बाद किया गया था, जिसका मंदिर राजपूत परमार ने मालवा (राजस्थान) के राजाओं द्वारा बनाया था, जिन्होंने इस क्षेत्र को 9वीं -14 वीं शताब्दी के बीच शासन किया था और हम किसी भी धर्म या संस्कृति के लिए किसी भी प्रकार के पूर्वाग्रह से यह नहीं कह रहे हैं,

The name of Bhadra was done after the Goddess, whose temple was built by Rajput Parmar kings of Malwa (Rajasthan), who ruled this region during the 9th-14th century and we can not do any religion or culture for any It’s not saying by type bias,

कुंडलिनी, खगोलीय नर्तकियों और घंटियों का प्रतिनिधित्व करने वाले फूलों और पेसली रूपांकनों, कमल के फूलों और लताएं, मंडल, हाथियों, तार वाले सांपों की तंतुओं की नक्काशियां, मंदिर के परिसर की रेखा के 100 से अधिक जीवित खंभे पर उत्कीर्ण होती हैं।

The carvings of flowers and pesli motifs, lotus flowers and veneers, divisions, elephants, strings of wire snakes, representing the Kundalini, celestial dancers and bells, engraved on over 100 living pillars of the temple complex.

यदि यह मूल रूप से सामूहिक प्रार्थना के लिए एक बड़े हॉल के साथ निर्मित एक मस्जिद माना जाता है, तो बीच में इतने सारे खंभे होने का क्या उद्देश्य होगा?

If it is originally considered a mosque built with a large hall for collective prayer, then what will be the purpose of having so many pillars in between

मस्जिदों में बड़े हॉल हैं या खुले स्थान हैं जहां कई लोग नमाज (प्रार्थना) एक समय में दे सकते हैं। नमाज की पेशकश करते समय खंभे एक रुकावट नहीं बनाते? कई हिंदू मंदिर खण्ड आमतौर पर पुराणों,

There are large halls in the mosques or open spaces where many people can offer namaz (prayer) at one time. Pillars do not make a blockage while offering prayers? Many Hindu temple segments are usually the Puranas

अधिकतर खंभे ठेठ हिंदू मंदिर शैली में बनाये गये है मस्जिदों में बड़े हॉल हैं या खुले स्थान हैं जहां कई लोग नमाज (प्रार्थना) एक समय में दे सकते हैं।

Most of the pillars have been made in the typical Hindu temple stylThere are large halls in the mosques or open spaces where many people can offer namaz (prayer) at one time.

 

नमाज की पेशकश करते समय खंभे एक रुकावट नहीं बनाते?कई हिंदू मंदिर खण्ड आमतौर पर पुराणों, वेदों और ऐतिहासिक रामायण और महाभारत जैसे ऐतिहासिक कहानियों से बनाये जाते हैं।

मूल भद्र किला अभी भी विकृत आकृति में मौजूद है।जामा मस्जिद भद्रा किला क्षेत्र के बाहर स्थित है, जो किशोर दरवाजा से मानेक चौको तक फैले सड़क के दक्षिण की ओर स्थित है।

Pillars do not make a blockage while offering prayers?
Many Hindu temples are usually made from historical stories such as Puranas, Vedas and historical Ramayana and Mahabharata.

अहमदाबाद को मुजफ्फरदाय वंश के अहमद शाह 1 के नाम पर रखा गया था जिन्होंने 1411 में कनवती पर कब्जा कर लिया था। उन्होंने गुजरात सल्तनत की नई राजधानी के रूप में अहमदाबाद की स्थापना की और साबरमती नदी के पूर्वी तट पर भद्रा किला बनाया।

Ahmedabad was named after Ahmad Shah I of Muzaffar Dynasty who had captured Kanavati in 1411. He founded Ahmedabad as the new capital of Gujarat Sultanate and built Bhadra fort on the eastern bank of Sabarmati river.

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VIDEO: मुहम्मद के चाचा मूर्तिकार थे, वो “लार्ड शिव” की पूजा करते थे, मक्का में सभी हिन्दू थे- खुद देखिये ये सबूत !

भारत के लोग जब दावा करते है की मक्का में भगवान् शिव का मंदिर है तो बहुत से लोग इसे सच नहीं मानते, परंतु आप स्वयं देख सकते है की अरब का एक इतिहासकार, मक्का और सऊदी अरब का क्या इतिहास बता रहा है, मुहम्मद के जन्म से पहले और मुहम्मद के जन्म के बाद क्या था अरब और मक्का, आप सबकुछ सुन सकते है, कुछ चीजों का अनुवाद हम नीचे लिख रहे है !

When people of India claim that there is a temple of Lord Shiva in Mecca, many people do not consider it to be true, but you can see for yourself that what a historian of Arabia is telling the history of Maize and Saudi Arabia, Muhammad’s birth Before and after the birth of Muhammad, what was the Arabs and Mecca, you can listen to everything, we are writing down the translation of some things!

इतिहासकार एक एक करके सभी घटनाक्रम को समझा रहा है भारत से लेकर पर्शिया, इराक, अफगानिस्तान, सऊदी अरब सभी 1 संस्कृति का हिस्सा थी जिसे अखंड भारत कहा जाता था, ये 1 देश नहीं बल्कि कई किंगडम से बनी हुई 1 संस्कृति थी !

The historian is explaining all the developments one by one, from India to Persia, Iraq, Afghanistan, Saudi Arabia was a part of all 1 culture, which was called Akhand India, it was not 1 country but 1 culture made up of many kingdoms!

आपको बता दें की चंद्रगप्त मौर्य से पहले भारत 1 देश नहीं बल्कि कई राज्यों का समूह था जैसे “गंधार, पांचाल, मगध, सिंधुदेश इत्यादि इन सभी की एक संस्कृति थी और सभी को मिलाकर भारतवर्ष या आर्यावर्त कहा जाता था, आज का ईरान व इराक “आर्यन” लोगों की जगह थी, ये “हिन्दू प्लेसेस” थे, मक्का को उस ज़माने में “मक्केश्वर” कहा जाता था

Let us tell you that before the Chandragupta Maurya, India was not a country but a group of many states like “Gandhar, Panchal, Magadha, Sindhadesh etc. All these were a culture and all were called Bharat Varsha or Aryavarta, today’s Iran and Iraq “Aryan” was in place of people, these were “Hindu places”, Mecca was called “Makkeshwar” in that era!

मक्केश्वर एक बड़ा ही प्रसिद्द जगह थी जहाँ लोग धार्मिक यात्रा पर आते थे, इस्लाम से बहुत पहले ऐसा था, ये जो शहर था मक्केश्वर वो लार्ड शिवा की जगह थी, यहाँ पर 300 से अधिक देवताओं की मूर्तियां थी !

Makkeshwar was a great place where people used to come on a religious journey, much earlier than Islam, that was the place of the city of Makkeshwar, Lord Shiva, here there were sculptures of more than 300 gods!

जब मुहम्मद का जन्म हुआ तो उसके पिता नहीं थे, वो अनाथ था, उसके चाचा उस समय मक्का में रहते थे, वो पेशे से मूर्तिकार थे, और देवताओं की मूर्तियां बनाते थे, वो लार्ड शिव की पूजा करते थे, वहां पर सभी हिन्दू थे, मुहम्मद चाचा के साथ ही रहता था, वो चाचा के साथ रहकर ऊंट यहाँ से वहां ले जाना सीख चूका था !

When Muhammad was born, he had no father, he was orphan, his uncle lived in Makkah at that time, he was a sculptor with a profession, and used to make statues of gods, used to worship Lord Shiva, there were all Hindus there. Muhammad lived with uncle, he had lived with uncle and learned to take the camel from there!

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https://youtu.be/6KzO3XxanXM

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