भारत ने अंतरिक्ष में लहराया अपना परचम, इस बड़े कदम को देख अमेरिका समेत देशभर में भूकंप

नई दिल्ली : एक वक़्त वो भी था जब देश के प्रधानमंत्री अपने परिवार के साथ विमान में विदेश यात्राएं किया करते थे अपने बच्चों,पोते, पोतियों के जन्मदिन भी विमान में मनाते थे और तब भी भारतीय स्पेस एजेंसी ISRO के साइंटिस्ट्स राकेट के पार्ट्स को बैलगाड़ी पर लादकर या साइकिल के पीछे बांध कर ले जाते थे लेकिन आज वही ISRO सिर्फ अपने देश के लिए ही नहीं बल्कि अन्य देशों के लिए भी एक भरोसेमंद उम्मीद बन रहा है.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक ISRO ने आज एक बार फिर अंतरिक्ष में अपना डंका बजवाया है. धरती का अध्ययन करने वाले उपग्रह (HySIS) हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग का प्रक्षेपण कर दिया गया है। इसरो के अंतरिक्ष यान पीएसएलवी-सी43 के साथ आठ देशों के 31 उपग्रह प्रक्षेपित किए गए हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से गुरुवार सुबह 09.58 बजे पीएसएलवी-सी43 से उपग्रहों का प्रक्षेपण किया गया.

बता दें कि हाईपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग सेटेलाइट (HySIS) का प्राथमिक लक्ष्य पृथ्वी की सतह का अध्ययन करना है। 380 वजनी इस सेटेलाइट को इसरो ने विकसित किया है। यह पीएसएलवी-सी43 अभियान का प्राथमिक उपग्रह है। इसरो के बयान के अनुसार यह उपग्रह सूर्य की कक्षा में 97.957 डिग्री के झुकाव के साथ स्थापित किया जाएगा। इसकी आयु करीब 5 साल होगी.

भारत का हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग उपग्रह (HySIS) इस मिशन का प्राथमिक सैटलाइट है। इमेजिंग सैटलाइट पृथ्वी की निगरानी के लिए इसरो द्वारा विकसित किया गया है। इस उपग्रह का उद्देश्य पृथ्वी की सतह के साथ इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पैक्ट्रम में इंफ्रारेड और शॉर्ट वेव इंफ्रारेड फील्ड का अध्ययन करना है। HySIS एक विशेष चिप की मदद से तैयार किया जाता है जिसे तकनीकी भाषा में ‘ऑप्टिकल इमेजिंग डिटेक्टर ऐरे’ कहते हैं.

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धरती के चप्पे-चप्पे पर नजर रखना आसान हो जाएगा
इस उपग्रह से धरती के चप्पे-चप्पे पर नजर रखना आसान हो जाएगा क्योंकि लगभग धरती से 630 किमी दूर अंतरिक्ष से पृथ्वी पर मौजूद वस्तुओं के 55 विभिन्न रंगों की पहचान आसानी से की जा सकेगी। हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग या हाइस्पेक्स इमेजिंग की एक खूबी यह भी है कि यह डिजिटल इमेजिंग और स्पेक्ट्रोस्कोपी की शक्ति को जोड़ती है.

हाइस्पेक्स इमेजिंग अंतरिक्ष से एक दृश्य के हर पिक्सल के स्पेक्ट्रम को पढ़ने के अलावा पृथ्वी पर वस्तुओं, सामग्री या प्रक्रियाओं की अलग पहचान भी करती है। इससे पर्यावरण सर्वेक्षण, फसलों के लिए उपयोगी जमीन का आकलन, तेल और खनिज पदार्थों की खानों की खोज आसान होगी.

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पूरी दुनिया में अपना परचम लहरा दिया
कभी थुंबा से शुरू हुआ इसरो का सफर आज बहुत आगे निकल गया है। 21 नवंबर 1963 को भारत केरल के थुंबा से छोड़ा गया था। उस वक्‍त दुनिया के दूसरे बड़े मुल्‍कों को इस बात का अहसास भी नहीं रहा होगा कि भविष्‍य में भारत उनसे इतना आगे निकल जाएगा कि उसको पकड़ पाना भी मुश्किल होगा।लेकिन इसरो ने अपनी विश्‍वसनीयता को बरकरार रखते हुए पूरी दुनिया में अपना परचम लहरा दिया है.

आलम ये है कि आज भारत अंतरिक्ष में महारत रखने वाले देश अमेरिका, रूस आदि के उपग्रहों का सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कर रहा है। 29 नवंबर 2018 को भारत ने 29 विदेशी उपग्रहों को एक साथ धरती की कक्षा के बाहर स्‍थापित कर अपनी सार्थकता को साबित किया है। यह इसरो का इस वर्ष छठा सफल मिशन था। 15 फरवरी 2017 को इसरो ने एक साथ 104 उपग्रहों को अंतरिक्ष में स्‍थापित कर वर्ल्‍ड रिकॉर्ड बनाया था। इस दौरान अमेरिका, इजरायल, कजाखिस्‍तान, नीदरलैंड, स्विटजरलैंड, यूएई के उपग्रहों को छोड़ा गया था। इसमें 96 उपग्रह अकेले अमेरिका के ही थे.

source:dd bhartinews

चीनी कंपनी ने निकाले भारतीय कर्मचारी, तो पीएम मोदी ने उठाया ऐसा कड़ा कदम जिसके बाद रो पड़े चीनी |

भारत और चीन के बीच तनाव चरम सीमा पर जा पहुंचा है. हालांकि दोनों देशों ने सीधे तौर पर युद्ध का ऐलान तो नहीं किया है, लेकिन दोनों के बीच शीत युद्ध की शुरुआत हो गयी है. आइये आपको बताते है कि भारत को नीचा दिखाने के लिए चीन ने क्या चाल चली और कैसे पीएम मोदी के एक दांव से चीन की चाल उसी पर भारी पड़ गयी!

The tension between India and China has reached the extreme limit. Although the two countries have not directly declared war, but the Cold War has begun between the two. Let us tell you what the Chinese did to show humiliation to India and how the move of China was widespread on the one side of PM Modi.

इस पूरे मामले की शुरआत तब हुई जब डोकलाम मामले पर तनाव के कारण चीनी टेलीकॉम कंपनी हुवावे ने ईरान में अपने सभी भारतीय कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया. दुनिया की 500 सबसे बड़ी कंपनियों में से एक हुवावे ने तेहरान में काम करने वाले अपने सभी भारतीय कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से नौकरी से इसलिए निकाल दिया क्योंकि भारत डोकलाम मामले में पीछे नहीं हट रहा है!

The whole issue began when Chinese telecom company Huawei fired all its Indian employees in Iran due to the tension on the Dokalam case. One of the 500 largest companies in the world, Huawei has removed all its Indian employees working in Tehran with immediate effect because India is not backing in the docile case.

इसकी जानकारी आईबी टाइम्ज़ ने दी. बताया गया कि भारत और चीन के बीच सीमावर्ती विवाद के कारण इस कंपनी में काम करने वाले भारतीयों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा. तेहरान में हुवावे कंपनी में काम करने वाले रोहित ने ट्विटर पर भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को संबोधित करते हुए ट्ववीट किया कि हुवावे ईरान ने अपने सभी भारतीय कर्मचारियों को निकाल दिया है और यह व्यापार से जुड़ा हुआ फ़ैसला नहीं है!

Its information was given by IB Times. It was told that due to the border dispute between India and China, the Indians working in this company had to face their jobs. Rohit, who worked in Hawawei company in Tehran, tweeted about addressing India’s Prime Minister’s Office and External Affairs Minister Sushma Swaraj that Iran has removed all its Indian employees and it is not a matter related to trade.

ये खबर सोशल मीडिया में खूब वायरल हो गयी और लोगों ने चीन के इस कदम की बड़ी निंदा की. इसके फ़ौरन बाद भारत में मोदी सरकार ने ऐसा जबरदस्त फैसला लिया कि, जिसे देख चीन को समझ आ गया कि भारत में वाकई 56 इंच वाले की मजबूत सरकार है!

This news has become very viral in the social media and people have condemned the move of China. Shortly after this, the Modi Government in India took such a tremendous decision that China was able to understand that there really is a 56 -inch strong government in India.

सरकार ने पावर ट्रांसमिशन सेक्टर में नई कंपनियों की एंट्री के नियमों को कड़ा करने का फैसला ले लिया है. सरकार और इंडस्ट्री के अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील सेक्टर्स में चीन की बढ़ती पैठ पर नियंत्रण करने के लिए ऐसा किया जा रहा है. हार्बिन इलेक्ट्रिक, डॉन्गफैंग इलेक्ट्रॉनिक्स, शंघाई इलेक्ट्रिक और सिफांग ऑटोमेशन जैसी कई दिग्गज चीनी कंपनियां देश के 18 शहरों में उपकरणों की सप्लाइ कर रही हैं या फिर विद्युत वितरण का प्रबंधन कर रही हैं!

The government has decided to tighten the entry rules of new companies in the power transmission sector. Officials and industry officials said that this is being done to control China’s growing penetration in sensitive sectors. Many of the legendary Chinese companies such as Harbin Electric, Dongfang Electronics, Shanghai Electric and Syfang Automation are supplying equipment or managing power distribution in 18 cities of the country.

 देखिये मोदी सरकार का एक्शन                                                                                               See Modi’s action action

भारत में काफी नोट छाप लिए, अब इन सभी चीनी कंपनियों के धंधे बंद होंगे और ये सब वापस अपने देश लौटेंगे. स्थानीय भारतीय कंपनियां काफी लम्बे वक़्त से इस सेक्टर में चीन के बढ़ते दखल के खिलाफ यह कहते हुए आवाज उठाती रही हैं कि यह सुरक्षा के लिए खतरा है और बदले में उन्हें चीन के मार्केट में इस स्तर पर कारोबार करने की छूट नहीं है.

India has made a lot of notes, now the businesses of these Chinese companies will be closed and all of them will return to their country. Local Indian companies have long been vocalizing the growing interference of China in this sector, saying it is a threat to security and in return, they are not allowed to do business at this level in the Chinese market.

अब जबकि चीन ने शीत युद्ध की शुरुआत कर ही दी है, तो पीएम मोदी भी पूरी तरह से तैयार हैं. तुम हमारे भारतीय कर्मचारियों को नौकरी से निकालोगे, तो हम भारत से तुम्हारी अरबों रुपयों का व्यापार करने वाली कंपनियों को बाहर का रास्ता दिखाएँगे, जिससे एक-दो नहीं बल्कि लाखों चीनी नागरिकों की आजीविका का नुक्सान तो होगा ही, साथ ही चीनी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से बर्बाद भी हो जायेगी. भारत ने ऐसा कठोर फैसला लेकर मानो चीन को सीधी चुनौती दी है कि, आ जाओ, हम तैयार हैं.

Now that China has started the Cold War, PM Modi is fully prepared. If you will remove our Indian workers from the job, then we will show you the way out of the companies that have traded your billions of rupees from India, which will not only result in loss of livelihood of one or two million Chinese citizens but also the Chinese economy completely It will also get ruined. By taking such a tough decision, India has given a direct challenge to China that, come, we are ready.

SOURCE:thenamopress.com

चीन के बॉर्डर तक अब जल्द पहुंच सकेगी इंडियन आर्मी, 150 करोड़ रुपये खर्च कर रही मोदी सरकार

नई दिल्ली। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने 15 हजार फीट की ऊंचाई पर शिंकुला दर्रे से एक वैकल्पिक सड़क बनाई है, जिसके जरिये अब भारतीय सेना आसानी से पाकिस्तान और चीन की सीमा पर पहुंच सकेगी। दरअसल, बीआरओ शिंकुला दर्रे से सड़क बनाकर करगिल को मनाली से जोड़ दिया है। यानी कि अब मनाली से कारगिल की दूरी 250 किलोमीटर कम हो गई है। इसके पहले तक मनाली से लेह होकर कारगिल जाने के लिए 750 किमी का लंबा सफर करना पड़ता था। लेकिन इस सड़क के जरिये दूरी कम हो गई है।

India pak Border दुनिया की सबसे ऊंची सड़कों में से एक दारचा-शिंकुला-पदुम-करगिल मार्ग के दोनों छोरों को जोड़ दिया गया है। अब सेना बारालाचा, तंगलंगला और लाचुंगला दर्रों को पार किए बगैर शिंकुला दर्रा होकर जंस्कर से कारगिल पहुंच जाएगी।

इस बारे में बीआरओ 38 टीआरएफ के कमांडर कर्नल एसके अवस्थी ने बताया कि दारचा-शिंकुला- पदुम सड़क की फार्मेशन कटिंग पूरी हो गई है। बीआरओ ने जंस्कर के करग्या गांव के समीप ब्रिज बनाकर मनाली को करगिल से जोड़ दिया है।

India pak Border

टारिंग के बाद इस मार्ग पर यातायात शुरू हो जाएगा। हिमाचल के हिस्से में सड़क का निर्माण दीपक प्रोजेक्ट और जम्मू कश्मीर में हिमांक प्रोजेक्ट कर रहा है।

India pak Border

कर्नल अवस्थी ने बताया कि शिंकुला दर्रा होकर मनाली से कारगिल की दूरी 500 किमी रहेगी। इस सड़क के बनने से करगिल जिला का पदुम उपमंडल टूरिस्ट के लिए खुल जाएगा। वहीं, रोहतांग टनल बनने के बाद कुछ घंटों में मनाली से करगिल का सफर पूरा होगा।

source hindi.roomspostnews

मोदी के सामने झुका पाकिस्तान, उठाया ऐसा सनसनीखेज कदम, जिसे देख आपकी आँखें फटी रह जाएंगी

नई दिल्ली : भारत को तोड़ने, कश्मीर को छीनने और आतंकवाद फैलाने के सपने देखने वाले आतंकी देश पाकिस्तान की हालत अब पूरी तरह खराब हो चुकी है. पीएम मोदी को आँखें दिखाने वाला ना’पाक भारतीय सेना के एक्शन को देख गिड़गिड़ाने लगा है. पाकिस्तान से अब एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है.

NEW DELHI: The terrorism of Pakistan, the country’s dream of breaking India, snatching Kashmir and spreading terrorism has become completely worse. Na’pak, who showed eyes to PM Modi, is looking forward to seeing the Indian Army’s action. A shocking news is coming from Pakistan now.

पिछले 60 वर्षों से कांग्रेस सरकार पाकिस्तान के सामने गिड़गिड़ाती आयी थी. पाकिस्तान ने दिल्ली से लेकर गुजरात तक में बम धमाके करवाए, कश्मीर में पंडितों का कत्लेआम करवाया, मुम्बई में कसाब व् अन्य आतंकियों को भेजकर हमला करवाया, मगर कांग्रेस सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही और पाकिस्तान के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया.

For the past 60 years, the Congress Government had come to grief in front of Pakistan. Pakistan carried out bomb blasts from Delhi to Gujarat, massacred the Pandits in Kashmir, sent Kasab and other terrorists in Mumbai to attack, but the Congress government kept on hand and did not take any tough steps against Pakistan

भारत के सामने झुका ना’पाक
पीएम मोदी के सत्ता में आने के बाद भारतीय सेना ने जब गोलियों को जवाब गोलों से देना शुरू किया, तब भी कांग्रेस ने पाकिस्तान की निंदा करने की जगह मोदी का विरोध किया. मगर पीएम मोदी ने किसी भी दबाव के आगे झुकने से इंकार कर दिया. खुली छूट पाकर सेना ने पाक फ़ौज का इतना नुक्सान कर दिया है और कश्मीर में आतंकियों की इतनी लाशें बिछा दी हैं कि इतिहास में पहली बार पाक फ़ौज खुद भारत से शान्ति बहाल करने की गुजारिश कर रही है.

Jhukka Na ‘Pakak in front of India
Even after the arrival of PM Modi, when the Indian army started giving answers to the bullets, the Congress opposed Modi instead of condemning Pakistan. But PM Modi refused to bow before any pressure. With an open exemption, the army has caused so much damage to the Pak army and has laid so many dead bodies of terrorists in Kashmir that for the first time in the history of the Pak army itself, it is asking for restoring peace from India itself.

भारतीय सेना पर हमले करने वाले गिड़गिड़ा रहे हैं
बता दें कि पहले पाक फ़ौज के दिमाग कुछ ज्यादा ही खराब थे. पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, भारत के साथ संबंध सुधारने के इच्‍छुक थे लेकिन अपनी सेना के कारण वह ऐसा नहीं कर सके. मगर भारतीय सेना जिस तरह से बॉर्डर पर पाकिस्तान की सैन्य चौकियों को ध्वस्त करती आ रही है और कश्मीर में पाक परस्त आतंकियों का सफाया कर रही है, उसे देखते हुए पाक फ़ौज ने घुटने टेक लिए हैं.

The attackers on the Indian Army have been complaining
Let me tell you that earlier the army of Pak army was somewhat worse. Former Pakistan Prime Minister Nawaz Sharif was keen to improve relations with India but due to his army he could not do it. But the way the Indian army has been destroying Pakistan’s military checkpoints on the border and is wiping out militants from Pakistan in Kashmir, the Pak army has kneeled.

पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा अचानक भारत को लेकर दिए अपने बयानों के कारण सुर्खियों में आ गए हैं. पाकिस्‍तान की सबसे ताकतवर शख्सियत माने जाने वाले जनरल कमर जावेद बाजवा भारत से शान्ति की अपील की है. बाजवा का कहना है कि भारत-पाक के बीच कश्‍मीर समेत सभी विवादों का हल बंदूकों के बजाय विस्‍तृत रूप से सार्थक बातचीत से ही निकल सकता है.

Pakistani army chief Kamar Javed Bajwa has suddenly come to headlines due to his statements to India. General Kamar Javed Bajwa, who is considered Pakistan’s most powerful figure, has appealed for peace from India. Bajwa says that all the disputes between India and Pakistan, including Kashmir, can be resolved only through meaningful dialogue rather than guns.

अस्तित्व खतरे में देख पाकिस्तान की हालत खराब
बाजवा ने ये भी कहा है कि मोदी सरकार अपने सख्‍त रुख के कारण पाकिस्‍तान के साथ अभी बातचीत नहीं कर रही है लेकिन अपनी तेज गति से बढ़ती अर्थव्‍यवस्‍था के कारण उसको अगले दो-तीन साल के भीतर पाकिस्‍तान के साथ बातचीत करने की दरकार होगी. इसके साथ ही यह भी उन्‍होंने हाल में कहा है कि पाकिस्‍तान को ऐसे शांतिप्रेमी देश के रूप में स्‍थापित करने का सपना देखते हैं जो दुनिया के साथ शांतिपूर्ण और सह-अस्तित्‍व की भावना के साथ रहना चाहता है.

Pakistan’s condition worsened in existence
Bajwa has also said that the Modi government is not negotiating with Pakistan due to its strict stance, but due to its fast growing economy, it will need to negotiate with Pakistan within the next two-three years. At the same time, he has also said recently that he dreams of establishing Pakistan as a peace-loving country which wants to live with the world with a sense of peaceful and coexistence.

इन सारे बयानों को यदि एक साथ जोड़कर देखा जाए तो इसको पाकिस्‍तानी विदेश नीति के संदर्भ में बाजवा डॉक्ट्रिन (सिद्धांत) कहा जा रहा है. अब बड़ा सवाल उठता है कि आखिर जनरल बाजवा इस तरह के बयान क्‍यों दे रहे हैं?

If all these statements are seen together, then it is being called Bajwa Doctrine (theory) in the context of Pakistani foreign policy. Now the big question arises, why are General Bajwa giving such statements?

सैन्य व् आर्थिक, दोनों स्तर पर पाकिस्तान का बुरा हाल
दरअसल पीएम मोदी लगातार पाकिस्तान को शिकस्त दे रहे हैं. भारतीय सेना तो पाक फ़ौज को ध्वस्त कर ही रही है, साथ ही कश्मीर में पाकिस्तान ने अपना जो नेटवर्क बनाया हुआ था, वो भी ध्वस्त हो गया है. पाक के पाले हुए आतंकियों को उनके बिलों से निकाल-निकाल कर ठोका जा रहा है.

Pakistan’s bad situation at both military and economic level
Indeed, PM Modi is constantly defeating Pakistan. The Indian army has been destroying the Pak army, as well as the network that Pakistan had built in Kashmir, it has also collapsed. The Pak-based terrorists are being thrown out of their bills.

पाकिस्तान ने पूरी कोशिश की कि भारतीय वामपंथियों व् अन्य गद्दारों के सहारे भारत सरकार पर पाक से बातचीत का दबाव बनाया जाए, मगर मोदी पर कोई दबाव नहीं बना. वहीँ पीएम मोदी ने पाकिस्तान का दाना-पानी तक बंद करवा दिया. ईरान के चाबहार पोर्ट के जरिये अफगानिस्तान के साथ व्यापार शुरू किया, जिससे पाकिस्तान का अफगानिस्तान में किया जाने वाला निर्यात घट कर एक चौथाई रह गया है.

Pakistan tried hard to pressurize the Indian government to interact with Pakistan with the help of Indian Left and other traitors, but there was no pressure on Modi. The PM Modi has stopped the Pakistan’s grain and water. Iran started trade with Afghanistan through Chabahar Port, which has left Pakistan accounting for one fourth due to Afghanistan’s exports.

अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान अकेला
पाकिस्तान को अब हर साल अरबों रुपयों का घाटा झेलना पड़ रहा है. वहीँ अमेरिका के साथ मजबूत सम्बन्ध बनाकर पीएम मोदी ने पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग कर दिया है. अमेरिका ने आर्थिक व् सैन्य सहायता देना बंद कर दिया है. चीन से मिली ज़रा बहुत मदद से किसी तरह पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था चल रही है, मगर पाक जानता है कि चीन किसी का सगा नहीं है. मतलब निकलने के बाद वो पाक का हाथ भी छोड़ देगा.

Pakistan alone on international stage
Pakistan is now facing a loss of billions of rupees every year. By making strong connections with America, PM Modi has alienated Pakistan on the international stage. The US has stopped financial and military support. Pakistan’s economy is running in some way with a lot of help from China, but Pak knows that China is not affiliated with anybody. After leaving the meaning, he will also leave Pak’s hand.

ऐसे में पाक फ़ौज अब घुटनों पर आ रही है. अब भारत के साथ शान्ति के रास्ते खोज रही है. पाक सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा के हालिया बयान दर्शा रहे हैं कि मोदी के सामने पाकिस्तान को उसकी औकात पता चल चुकी है. लगातार हो रही बीजेपी की जीत ने भी पाकिस्तान को समझा दिया है कि भारत की जनता अब जाग चुकी है और कांग्रेस अब सत्ता में नहीं आने वाली. मोदी बार-बार पीएम बनेंगे.

In this way the Pak army is now coming to the knees. Now searching for peace with India. Recent statements by Pakistan Army chief Kamar Javed Bajwa show that Pakistan has already recognized its income in front of Modi. The persistent BJP victory has also convince Pakistan that the people of India are now awake and the Congress will not come to power anymore. Modi will be PM again and again

मोदी के दोबारा चुनाव जीतने और राज्यसभा में बहुमत पाते ही कश्मीर की धारा 370 हटाने की कवायद उसी तरह शुरू हो जायेगी, जैसे तीन तलाक को ख़त्म कर दिया गया. यूएन में भी अब पाकिस्तान की कोई सुनता नहीं. ऐसे में अब शान्ति की गुहार लगाने के अलावा पाकिस्तान के पास कोई चारा ही नहीं बचा.

As soon as Modi’s re-election and finding a majority in the Rajya Sabha, the drill for the removal of Section 370 of Kashmir will begin in the same way as the three divorces have been abolished. There is no hearing from Pakistan in the UN. In such a situation, apart from applying for peace, Pakistan has no choice but to leave.

 

यह भी देखें :

https://www.youtube.com/watch?v=m7CoPymK4gw

 

https://www.youtube.com/watch?v=8WfEyICu_NM

PM मोदी का एक तीर से दो शिकार बूँद बूँद को तरसेगा नापाक और ……

नई दिल्ली : पाकिस्तान हमेशा से भारत के लिए सबसे बड़ा सर दर्द रहा है. आजादी के बाद से ही पाकिस्तान, भारत के खिलाफ तरह-तरह की साजिशों को अंजाम देता आया है. नेहरू और जिन्ना की करतूतों का अंजाम भारत आज तक झेल रहा है. कांग्रेस भले ही तुष्टिकरण के चलते पाकिस्तान के खिलाफ कोई कदम ना उठा पायी हो, मगर पीएम मोदी ने पाकिस्तान के खिलाफ ऐसा एक्शन लिया है, जिससे ना’पाक का सबसे बुरा सपना सच होने जा रहा है.

New Delhi: Pakistan has always been the biggest headache for India. Since independence, Pakistan has come out with a series of conspiracies against India. India has been facing the consequences of Nehru and Jinnah till today. The Congress may not have taken any action against Pakistan due to appeasement, but PM Modi has taken such a action against Pakistan, which is going to be the worst nightmare of Na’pak.

किशनगंगा प्रोजेक्ट का काम पूरा, मोदी करेंगे उदघाटन
भूख-प्यास व् अकाल से ग्रस्त होने का पाकिस्तान का दुःस्वप्न अब सच होने जा रहा है. भारत के जिस प्रोजेक्ट का पाकिस्तान पुरजोर विरोध करता आया है, उसी 5750 करोड़ रुपये के किशनगंगा हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का काम पूरा हो गया है और पीएम मोदी अगले महीने इसका उदघाटन करेंगे.

Kishanganga project will be completed, Modi will inaugurate
Pakistan’s nightmare of hunger and thirst and famine is going to come true. The project of India’s Kishanganga Hydro Electric Project worth Rs. 5750 crores has been completed and the project which has been strongly opposed by Pakistan, and PM Modi will inaugurate it next month.

पाकिस्तान ने इस प्रोजेक्ट में खूब अड़ंगे लगाए. पाकिस्तान इस मसले को वर्ल्ड बैंक तक ले गया, मगर पीएम मोदी की कूटनीति के कारण वर्ल्ड बैंक में भी पाकिस्तान को मुँह की खानी पड़ी. पाकिस्‍तान इस मसले को इंटरनेशनल कोर्ट ले जाना चाहता था, मगर मोदी के आगे उसकी एक ना चली.

Pakistan has put a lot of pressure in this project. Pakistan took this issue to the World Bank, but due to PM Modi’s diplomacy, Pakistan also had to face the World Bank. Pakistan wanted to take this issue to the International Court, but Modi did not go ahead with his one.

भारत की बिजली की कमी होगी ख़त्म
पाकिस्तान के विरोध के बावजूद पीएम मोदी ने झेलम-चिनाब की सहायक नदियों पर दो हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्‍ट पर काम शुरू करवाया था. इसमें किशनगंगा प्रोजेक्‍ट 330 मेगावाट का है, जबकि रातले प्रोजेक्‍ट की क्षमता 850 मेगावाट है. किशनगंगा प्रोजेक्‍ट बन कर तैयार हो चुका है. नदी पर बाँध बनाया जा चुका है.

India’s lack of electricity will end
Despite opposition from Pakistan, PM Modi had started work on two Hydro Electric Projects on Jhelum-Chenab’s tributaries. The Kishanganga project is 330 MW, while the nightly project has a capacity of 850 megawatts. Kishanganga project has been completed. The dam has been built on the river.

इस प्रोजेक्ट के जरिये प्रतिवर्ष लगभग 171 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन किया जाएगा, जिससे देश में बिजली की कमी ख़त्म हो जायेगी. मगर ये तो इस प्रोजेक्ट का एक छोटा सा फायदा भर है. असली फायदा तो ये है कि ये प्रोजेक्ट पाकिस्तान के खिलाफ भारत की सामरिक ताकत को बढ़ाएगा.

Through this project, about 171 million units of electricity will be produced annually, which will reduce the power shortage in the country. But this is a small benefit of this project. The real advantage is that this project will enhance India’s strategic strength against Pakistan.

पाक के खिलाफ सामरिक ताकत बढ़ाएगा ये प्रोजेक्ट
एनएचपीसी के प्रोजेक्ट जनरल मैनेजर अमरेश कुमार ने इस बारे में बात करते हुए मीडिया को बताया कि भारत सिंधु जल समझौते के तहत अपने अधिकार का उपयोग कर रहा है. भारतीय सेना ने इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में काफी सहायता की व् सुरक्षा मुहैया करवाई.

These projects will boost tactical strength against Pak
Project General Manager of NHPC Amaresh Kumar told the media while talking about the fact that India is using its right under the Indus Water Treaty. The Indian Army has provided adequate assistance and security in fulfilling this project.

हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी के संजय कुमार ने बताया कि बाँध को बनता देखना गर्व की बात है. कई बार तो मुझे खुद को भी ऐसा लगा कि मानो मैं भी सेना का ही एक जवान हूँ, जो देश के लिए अपना दायित्व निभा रहा हूँ. वरना ऐसे हालातों में यहाँ टिकना संभव नहीं.

Sanjay Kumar of Hindustan Construction Company told that it is a matter of pride to see the dam being made. Many times I felt myself even as if I am a soldier of the army, who is carrying out my obligation to the country. Otherwise it is not possible to stay here in such situations.

इस बाँध के जरिये किशनगंगा से नदी के पानी को मोड़कर बिजली बनाने के लिए इस्तमाल किया जाता है और फिर एक नए रुट से पानी को वापस नदी में छोड़ा जाता है, जहाँ से वो पीओके की ओर जा रही झेलम में मिल जाता है. बिजली बनाने के लिए बाँध में तो काफी मात्रा में पानी रोका जाता है, ऐसे में यदि भारत ने बाँध एकाएक खोल दिया, वो भी तब जबकि नदी में काफी मात्रा में पानी पहले से हो, तो पाकिस्तान के कई इलाके बाढ़ में बह जाएंगे.

Through this dam Kishanganga is used to make the electricity by turning the water of the river and then the water is released back into the river from a new route, from where it gets in the Jhelum going towards PoK. In order to make electricity, sufficient water is stopped in the dam, in such a way that if India opened the dam suddenly, then even if there is already a lot of water in the river, many areas of Pakistan will be swept away in the flood.

क्या है सिंधु जल समझौता?
सिंधु जल समझौता (Indus Water Treaty) 1960 में हुआ। इस पर जवाहर लाल नेहरू और अयूब खान ने दस्तखत किए थे. समझौते के तहत छह नदियों- ब्यास, रावी, सतलज, सिंधु, चेनाब और झेलम का पानी भारत और पाकिस्तान को मिलता है. समझौते के मुताबिक, सतलज, व्यास और रावी का अधिकांश पानी भारत के हिस्से में रखा गया, जबकि सिंधु, झेलम और चेनाब का अधिकांश पानी पाकिस्तान के हिस्से में गया.

What is the Indus Water Treaty?
The Indus Water Treaty was born in 1960. Jawaharlal Nehru and Ayub Khan had signed this on. Under the agreement six water bodies – Beas, Ravi, Sutlej, Indus, Chenab and Jhelum – get water from India and Pakistan. According to the agreement, most of the water from Sutlej, Vyas and Ravi was kept in the part of India, whereas most of the water from Indus, Jhelum and Chenab was in part of Pakistan.

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यह भी देखें :

https://www.youtube.com/watch?v=m7CoPymK4gw

 

https://www.youtube.com/watch?v=8WfEyICu_NM

बड़ी खबर: BJP ने लोकसभा सांसद बदरुद्दीन को लेकर किया बड़ा खुलासा, बंगलादेशी घुसपैठियों में मचा हडकंप

आपकी जानकारी के लिए बता दें की असम में प्रतिशत के हिसाब से पश्चिम बंगाल से भी ज्यादा मुसलमान है, जी हां 2011 के आंकड़ों के अनुसार असम में 36% मुसलमान है, और इनमे से अधिकतर बांग्लादेशी है, जिन्हे कांग्रेस ने घुसाया, आधार, वोटर कार्ड सब बनाया

For your information, let us know that according to the percentage of Assam, there is more Muslim than West Bengal, according to the 2011 data, 36% of Muslims in Assam are most of them, and most of them are Congressmen who have entered, base, Voter Card made all.

अब बीजेपी सरकार ने सत्ता में आने के बाद से ही बंगलादेशीयों की पहचान शुरू कर दी, और एक लिस्ट बनाया जिसे NRC ड्राफ्ट भी कहते है, ये उन लोगों की लिस्ट है जो की असम के असली निवासी है, सरकार ने जो पहली बनाई है, 3.29 करोड़ में से 1.91 करोड़ लोगों का ही इस लिस्ट में नाम है

Now the BJP government has started identifying Bangladeshi people since coming to power, and made a list called NRC Draft, this is a list of those who are the real residents of Assam, the government has made the first, Out of 3.29 crore, 1.91 million people have names in this list.

यानि 1 करोड़ 38 लाख के आसपास घुसबैठिये है, हालाँकि ये लिस्ट अभी पूरी नहीं की गयी है, इसका फिर से एक बार वेरिफिकेशन चल रहा है और उसके बाद लगभग 1 करोड़ बांग्लादेशियों को असम से साफ़ कर दिया जायेगा, सरकार ने 6 लाख के आसपास सुरक्षाबल भी तैनात कर दिए है, अब देखिये ये बड़ी जानकारी

That is, there is an intruder around 1.38 million, although this list has not been completed yet, once verification is underway, and after that nearly 10 million Bangladeshis will be cleaned from Assam, the government has around 6 lakhs The security forces have also been deployed, now see this big information.

https://twitter.com/Prof_HariOm/status/948202456739020801?ref_src=twsrc%5Etfw&ref_url=http%3A%2F%2Fwww.guiltfree.online%2Fbjp-and-loksabha-badruddin%2F

सरकार ने जो नागरिको की लिस्ट बनाई है, उसमे असम के मुस्लिम बहुल संसदीय इलाके धुबरी से लोकसभा सांसद बदरुद्दीन अजमल उसके विधायक बेटे अब्दुर रहीम अजमल और भाई सिराजुद्दीन अजमल और इनके पुरे परिवार का नाम नहीं है

In the list of people who have made the list of the citizens, Lok Sabha MP from Badaruddin Ajmal, Muslim legislator from Assam’s Muslim-dominated parliamentary constituency, Badruddin Ajmal, his legislator son Abdur Rahim Ajmal and brother Sirajuddin Ajmal and their entire family are not named.

अर्थात ये लोग भी बांग्लादेशी है, और तमाम बंगलादेशीयों के अलावा इन्हे भी खदेड़ा जायेगा, अब कांग्रेस के कारण देखिये, अवैध बांग्लादेशी तो भारत में घुसे ही, और यहाँ तक की ये लोग लोकसभा सांसद भी बनने में कामयाब रहे, आपकी जानकारी के लिए बता दें की पश्चिम बंगाल का एक तृणमूल सांसद भी बांग्लादेशी है, अभी हम आपको उसका नाम नहीं बता रहे परन्तु कुछ दिनों में सबूत के साथ खुलासा करेंगे

That is, these people are also Bangladeshi, and they will be expelled in addition to all the Bangladeshi nationals, now look at the reasons of Congress, illegal Bangladeshi migrated to India, and even these people have been successful in becoming a Lok Sabha MP, tell for your information. Given that a Trinamool MP from West Bengal is also a Bangladeshi, we are not currently telling you his name, but in some days we will disclose with evidence.

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आतंकवाद के जनक सऊदी से आयी सनसनीखेज खबर, जानकर आप भी ख़ुशी से झूम उठेंगे- आखिर आ ही गया ऊँट पहाड़ के नीचे

नई दिल्ली : इस्लामिक आतंकवाद अब दुनिया से पूरी तरह ख़त्म होने ही वाला है. सलाफी इस्लाम की आड़ में आतंकवाद का जनक सऊदी अरब अब घुटनों पर आ रहा है. सऊदी अरब पिछले काफी वक़्त से तेल कारोबार में भारी मंदी को झेलता चला आ रहा है, जिसके कारण टैक्स फ्री जीवन अब गुजरे जमाने की बात हो जाएगी. बता दें कि खाड़ी क्षेत्र की सबसे बडी अर्थव्यवस्था कहलाने वाले सऊदी अरब और यूएई में अब तक कोई टैक्स नहीं वसूला जाता था और सरकार कई तरह की सब्सिडी भी देती थी.

New Delhi: Islamic terrorism is now about to end completely with the world. Saudi Arabia, the father of terrorism under the guise of Salafi Islam, is now coming to the knees. Saudi Arabia has been facing heavy recession in the oil business for quite some time, due to which it will be a matter of tax free life. Let us say that no tax was levied in Saudi Arabia and UAE, which was called the biggest economy of the Gulf region, and the government also offered a lot of subsidies.

कंगाली के कगार पर खाड़ी देश
तेल से मोटी कमाई करने वाले इन देशों में आम जनता को सरकार को अपनी कमाई पर ना तो कोई इनकम टैक्स देना होता था और ना ही किसी उत्पाद और सेवा को खरीदने पर कोई सेल्स टैक्स या सर्विस टैक्स देना होता था. मगर कई दशकों से चली आ रही ये परम्परा अब नए साल से ख़त्म हो जायेगी.

Gulf country on the verge of bankruptcy
In these countries, who were making huge profits from oil, the general public had to pay no income taxes to the government on their earnings and neither had any sales tax or service tax for buying a product or service. But this tradition that has been going on for several decades will now end with the new year.

दरअसल यहाँ की सरकारें तेल से होने वाली कमाई के घटने के कारण काफी परेशान है और अब जनता से टैक्स वसूलने के अलावा उनके पास कोई चारा नहीं है. इसी के चलते 1 जनवरी 2018 से ये देश वैल्यू एडेड टैक्स व्यवस्था की शुरुआत करने जा रहे है.

Actually, the governments here are very disturbed due to the loss of earnings from oil and now they have no choice other than to tax the public. Because of this, these countries are going to start the Value Added Tax System from January 1, 2018.

वैट की पहल करने वाले दोनों देश गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के सदस्य हैं और इनके अलावा कुवैत, बहरैन, ओमान और कतर भी इसमें शामिल हैं. इन सभी देशों की कमाई का मुख्य जरिया तेल ही था, इसी को बेच-बेच कर इन देशों के पास अकूत दौलत आती थी. मगर पिछले कुछ सालों में वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में गिरावट से यहाँ की सरकारों को काफी घाटा हो रहा है.

Both of the VAT initiatives are members of the Gulf Cooperation Council and besides this Kuwait, Bahrain, Oman and Qatar are also included in this. The main means of earning of all these countries was oil, selling and selling them to these countries came in great wealth. But in the past few years, the decline in oil prices globally is causing a lot of loss to the governments here.

मिडिल ईस्ट में कम होंगे युद्ध के हालात
ख़ास बात ये भी है कि ये देश कभी शान्ति से भी नहीं रहते और आपस में ही युद्ध करते रहते हैं. यमन और सऊदी के बीच तो आये दिन राकेट व् मिसाइलें दागी जाती हैं. वहीँ ईरान का भी सऊदी से छत्तीस का आंकड़ा रहता है. ऐसे में इन देशों का हथियार और युद्ध की तैयारी के क्षेत्र में भी काफी पैसा खर्च होता है, जिसके चलते सरकार की कमाई लगातार कम हो रही है.

The situation in the Middle East will be less
It is also a special thing that these countries do not live in peace anymore and keep fighting in their midst only. Between Yemen and Saudi, racquets and missiles are tainted. There is also a figure of thirty-six from Iran. In such a situation, the amount of money spent in the field of arms and war preparations of these countries is also being used, due to which the government’s earnings are continuously decreasing.

लिहाजा, दोनों देशों में सरकार ने नए साल से वैट के जरिए खाने-पीने के सामान, कपडे, इलेक्ट्रॉनिक और गैसोलीन, फोन, बिजली और पानी सप्लाई समेत होटल जैसे उत्पाद और सेवा पर कम से कम 5 फीसदी टैक्स लगाने का फैसला किया है.

So, in both the countries, the Government has decided to levy at least 5 per cent tax on goods and services such as hotels including food, clothing, electronic and gasoline, phone, electricity and water supply through VAT for the new year.

इसके अलावा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी वैट लगाने की तैयारी की जा रही है और स्कूली शिक्षा में स्कूल यूनीफॉर्म, किताबें, स्कूल बस फीस और लंच जैसी सेवाओं को टैक्स के दायरे में रखा जाएगा.

Apart from this, preparations for VAT are also being made in the field of higher education and in school education, services such as school uniforms, books, school bus fees and lunch will be kept under tax.

गौतलब है कि खाड़ी देशों में बढ़ते राजस्व घाटे के असर को कम करने के लिए 2015 में गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल में सभी सदस्य देशों ने टैक्स फ्री तमगा हटाते हुए उत्पाद और सेवाओं पर टैक्स लगाने पर सहमति जताई थी. इसके बाद अब 2018 में सऊदी और यूएई इस दिशा में पहला कदम बढ़ा रहे हैं. माना जा रहा है कि इसके बाद अन्य खाड़ी देश भी इसी फॉर्मूले पर अपने-अपने देश में वैट लगाने की पहल करेंगे.

In order to reduce the impact of the growing revenue deficit in the Gulf countries, in 2015, all the member countries in the Gulf Cooperation Council had agreed to impose tax on products and services by removing the tax free limit. After this, Saudi and UAE are now taking the first step in this direction in 2018. It is believed that after this, other Gulf countries will also take initiative to put VAT on this formula in their respective countries.

मुफ्तखोरी ख़त्म होने से आतंक का सफाया
जानकारों के मुताबिक़ तेल से होने वाली घटती कमाई से दुनिया में आतंकवाद में भी भारी कमी आएगी, क्योंकि सऊदी अरब को ही आतंक का जनक माना जाता है. तेल बेचकर आयी अथाह दौलत का इस्तेमाल दुनिया में सलाफी विचारधारा के प्रचार और आतंक को प्रायोजित करने के लिए किया जाता रहा है मगर अब वो दिन लदने लगे हैं.

Elimination of terror by eliminating free poker
According to experts, decreasing earnings from oil will also lead to a huge reduction in terrorism in the world, because Saudi Arabia is considered to be the father of terror. The wealth that came from selling oil has been used to sponsor Salafi ideology and to sponsor terror in the world but now they are starting to struggle.

जैसे-जैसे सऊदी समेत अन्य खाड़ी देशों का तेल व्यापार ठप्प होता जाएगा, वैसे-वैसे पैसे कमाने के लिए मेहनत करनी पड़ेगी और व्यापारिक सम्बन्ध बनाने के लिए दूसरे देशों के साथ अच्छे तालमेल बिठाने पड़ेंगे. सऊदी अरब तो इजराइल के साथ दोस्ती करने को भी काफी उत्सुक दिखाई दे रहा है.

As the oil trade of other Gulf countries, including Saudi, will get stalled, in the same way, it will have to work hard to earn money and in order to have a business relationship, it will have to adjust to other countries. Saudi Arabia is also looking forward to being friendly with Israel.

सऊदी जलवायु बहुत ज्यादा उद्योग व् व्यापार के अनुकूल भी नहीं है, ऐसे में दूसरे देशों पर निर्भर रहना पडेगा. मेहनत से कमाए गए पैसे का महत्व समझ में आएगा

The Saudi climate is not very favorable to the industry and business, in such cases, it will have to depend on other countries. The importance of hard-earned money will be understood.

 

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नार्थ कोरिया के तानाशाह ने अपने इस कदम से पूरी दुनिया को डाल दिया है सकते में! किम ने..

दुनिया में कई देश और सभी देशों की अलग-अलग संस्कृति, हाव-भाव, रीति-रिवाज है. कुछ देश आज सभी पैमानों पर दुनिया में सबसे आगे तो कुछ ऐसे देश भी है जहाँ के लोग बड़े ही कष्ट से अपना जीवन व्यतीत कर रहे है. लेकिन एक ऐसा देश है जिसकी बात पूरी दुनिया से अलग है और वो देश है उत्तर कोरिया.


उत्तर कोरिया में ना तो कोई संविधान है और ना ही कोई लोकतंत्र. उत्तर कोरिया को चलाने वाला है एक ही आदमी जिसका नाम है किम जोंग उन. किम आज के दौर में भी एक तानाशाह है और उसके पेचीदा फरमानों की कहानियाँ सुनने को मिलती रहती है. हाल ही में किम का अमेरिका के साथ मतभेद चल रहा था और किम ने परमाणु हमले की भी धमकी दे डाली थी. उत्तर कोरिया दुनिया के सभी देशों से दूरी बनाये रखता है मगर इस बार तानाशाह ने ऐसा कदम उठाया है जिसने सबको चौंका दिया है.

 

उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग ऐतिहासिक वार्ता के लिए शुक्रवार को दक्षिण कोरिया पहुंच गए, जहां दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे इन ने उनसे मुलाकात की। किम जोंग उन 1953 में कोरियाई युद्ध के समाप्त होने के बाद से दक्षिण कोरिया की जमीन पर कदम रखने वाले उत्तर कोरिया के पहले नेता हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, किम जोंग और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन के बीच औपचारिक वार्ता सीमावर्ती गांव पनमुनजोम में शुरू हो गई है। इससे पहले कोरियाई देशों के सीमावर्ती गांव पनमुनजोम में मून और किम जोंग ने गर्मजोशी से एक-दूसरे से हाथ मिलाए। दोनों नेताओं को एक सार्थक बातचीत और एक संभावित शांति संधि होने की उम्मीद है।

बीबीसी के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच कई मुद्दों पर वार्ता होने की उम्मीद है लेकिन कई विश्लेषक किम जोंग उन के परमाणु कार्यक्रमों को छोड़ने के उनके संकेतों पर अभी भी संदेह जता रहे हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, किम जोंग उन का दक्षिण कोरिया पहुंचने पर स्वागत किया गया। दोनों नेताओं के बीच कोरियाई देशों को विभाजित करने वाले सीमा पर बने पनमुनजोम गांव में पीस हाउस की दूसरी मंजिल पर बने कॉंफ्रेंस रूम में हो रही है।

इससे पहले सैन्य सीमा रेखा (एमडीएल) पर किम और मून मुस्कुराए और हाथ मिलाया। 1950-1953 का कोरियाई युद्ध समाप्त होने के बाद एमडीएल बनाई गई थी। किम जोंग ने सम्मेलन स्थल पर कहा कि उन्हें बेहतरीन चर्चा होने की उम्मीद है। यह ऐतिहासिक बैठक उत्तर कोरिया के उन संकेतों पर भी केंद्रित होगी, जिसमें किम जोंग ने अपने परमाणु हथियारों को छोड़ने की इच्छा जताई थी। किम जोंग और मून जे इन ने सीमा पर एक दूसरे से हाथ मिलाया।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने पहले एक कदम उत्तर कोरियाई सीमा की ओर बढ़ाते हुए किम जोंग से कहा, “मुझे आपसे मिलकर खुशी हुई है।” इसके बाद दोनों नेता दक्षिण कोरिया की तरफ पीस हाउस की ओर चले गए।

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चीन की धरती पर कदम रखते ही भारत के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी,बीएसई ने आज रच दिया नया इतिहास, सारे रिकॉर्ड हुए धराशायी

नई दिल्ली : पीएम मोदी आज चीन के विदेशी दौरे पर हैं. चीन के वुहान शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत किया गया. यहाँ तक की खुद चीन के राष्ट्रपति शी जिंगपिंग ने प्रोटोकॉल तोड़कर पीएम मोदी कर गर्मजोशी से स्वागत किया.

New Delhi: PM Modi is on foreign tour of China today Prime Minister Narendra Modi received a grand reception in Wuhan city of China. Even China’s President Xi Jinping himself warmly welcomed the PM Modi by breaking the protocol.

पीएम मोदी ने कहा कि भारत के लोग वास्तव में बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं कि मैं पहला ऐसा भारतीय प्रधानमंत्री हूं, जिसकी अगवानी के लिए आप (शी जिनपिंग) दो बार राजधानी से बाहर आए.

PM Modi said that the people of India are truly proud that I am the first Indian Prime Minister, for whom you (Shi Jinping) come out twice from the capital

अभी मिल रही ताज़ा खबर के मुताबिक आज भारत के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी आयी. शेयर बाजार ने मई सीरीज की शुरुआत दमदार की तो वहीं अंत भी धमाकेदार रहा. एशियाई बाजार में उछाल के बीच बंबई शेयर बाजार में आज बहार का दिन है.

According to the latest news available today, there was a great news for India today. If the stock market started the May series, then the end was also bullish. Between the boom in the Asian market today is the day outside of the Bombay Stock Exchange.

जैसे ही सुबह बाजार खुला शेयर बाज़ार में भारी उछाल देखा गया. दोपहर 1.30 बजे 301 अंकों की उछाल के साथ सेंस्टिव इंडेक्स सेंसेक्स ने नया इतिहास रच दिया और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक 35,014.82 पर चल रहा था. निफ्टी में 84 अंकों का उछाल रहा और ये 10,702.35 अंक पर पहुंच गया.

As soon as the morning market saw a huge surge in open stock market. At 1.30 pm, the BSE Sensex created a new history with a 301-point surge and the BSE Sensex Index of Bombay Stock Exchange was running at 35,014.82. The Nifty was up by 84 points and it reached 10,702.35 points.

रोज रिकॉर्ड तोड़ता शेयर बाजार इस बात का सबूत है कि पीएम मोदी की अगुवाई में जिस तरह देश आगे बढ़ रहा है, उससे तमाम क्षेत्रों की कंपनियों में विश्वास जगा है.नोटबंदी और जीएसटी जैसे आर्थिक सुधारों के कदम उठाने के बाद आर्थिक जगत में मोदी सरकार की साख मजबूत हुई है, और कंपनियां, शेयर बाजार, आम लोग सभी सरकार की नीतियों पर भरोसा कर रहे हैं.

The stock market is losing evidence that this is the evidence that the way the country is moving forward under the leadership of PM Modi is going to win trust in companies of all the sectors. After taking steps for economic reforms such as Nodbindi and GST, Modi Government in the financial world The credibility of this has been strengthened, and companies, stock markets, the common people are reliant on all government policies.

ये तो कुछ भी नहीं आप जानकार दंग रह जाएंगे मोदी के नेतृत्व में लगातार मजबूत हो रही अर्थव्यवस्था के कारण सरकार ने पहली बार विनिवेश के जरिये साल 2017-18 में अभी तक 54,337 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं. यह एक अपना में ज़बरदस्त रिकॉर्ड है.

Nothing will be left to you knowing. Because of the continuous strengthening economy under Modi’s leadership, the government has received 54,337 crores for the first time in 2017-18 through disinvestment. It has a tremendous record in its own right.

विदेशी मुद्रा भंडार में ऐतिहासिक वृद्धि
मोदी की सरकार बनने के बाद देश में विदेशी मुद्रा भंडार में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है. अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में इस साल कई रिकॉर्ड बने हैं. भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल महीन में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 423.12 अरब डॉलर के भारीभरकम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. विदेशी मुद्रा भंडार ने 400 अरब डॉलर का स्‍तर पहली बार इस साल सितंबर के पहले हफ्ते में पार किया था. जबकि कांग्रेस शासन काल के दौरान 2014 में विदेशी मुद्रा भंडार 311 अरब पर अटका रहा करता था.

Historical rise in foreign exchange reserves
After the formation of Modi’s government, there has been a historic increase in foreign exchange reserves in the country. There are several records this year in the field of economy. According to the latest data released by the Reserve Bank of India, in April, the country’s foreign exchange reserves reached a record high of 423.12 billion dollars. Foreign exchange reserves crossed the $ 400 billion mark for the first time in the first week of September this year. During the Congress regime, during 2014, the foreign exchange reserves remained staggering at 311 billion rupees.

सफल नीलामी प्रक्रिया
मोदी सरकार में पहली बार कोयला ब्लॉक और दूरसंचार स्पेक्ट्रम की सफल नीलामी प्रक्रिया अपनाई गई. इस प्रक्रिया से कोयला खदानों (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2015 के तहत 82 कोयला ब्लॉकों के पारदर्शी आवंटन के तहत 3.94 लाख करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई.

सरकार के आंकड़ों के अनुसार कांग्रेस सरकार में अप्रैल-जुलाई 2013-14 में अनुमानित व्‍यापार घाटा 62448.16 मिलियन अमरीकी डॉलर का था, वहीं अप्रैल-जनवरी, 2016-17 के दौरान 38073.08 मिलियन अमेरिकी डॉलर था. जबकि अप्रैल-जनवरी 2015-16 में यह 54187.74 मिलियन अमेरिकी डॉलर के व्‍यापार घाटे से भी 29.7 प्रतिशत कम है. यानी व्यापार संतुलन की दृष्टि से भी मोदी सरकार में स्थिति उतरोत्तर बेहतर होती जा रही है और 2013-14 की तुलना में लगभग 35 प्रतिशत तक सुधार आया है.

Successful auction process
The successful auction process of the coal block and telecom spectrum was adopted for the first time in the Modi government. Through this process, under the coal mines (Special Provisions) Act, 2015, the transparency allocation of 82 coal blocks generated more than Rs 3.94 lakh crore rupees.

भारत हर क्षेत्र में अपना झंडा गाड़ता जा रहा है
आज तेज़ी से भारत हर क्षेत्र में अपना झंडा गाड़ता जा रहा है. कभी हथियार खरीदने के लिए दूसरे देशों के आगे हाथ फैलाना पड़ता था. हज़ारों करोड़ देकर पुरानी तकनीक के बेकार हथियार खरीदे जाते थे लेकिन आज भारत में ‘मेक इन इंडिया’ योजना के तहत दुनिया सबसे शक्तिशाली कंपनी भारत में आकर हथियार बना रही है वो भी सबसे आधुनिक तकनीक वाले. आज ये हथियार भारत दूससरे देशों को बेचकर शक्तिशाली देशों के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर खड़े हो रहा है.

India is flipping its flag in every sphere
Today India is rapidly flipping its flag in every sphere. Ever had to spread arms ahead of other countries to buy arms. Untamed weapons of old technology were purchased by giving thousands of crores but today, in India, under the ‘Make in India’ scheme, the world’s most powerful company is making weapons in India, it is also the most advanced technology. Today, these arms are selling to other countries and standing with shoulders from powerful countries.

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पाकिस्तान के सैनिकों की लाशें बिछाते ही मोदी सरकार ने दिया जवानों को ज़बरदस्त तोहफा,पाक फ़ौज में मचा हड़कंप

नई दिल्ली : भारतीय सेना की शक्ति आज दिन पर दिन बढ़ती जा रही है. जिस सेना के पिछली सरकारों ने हाथ बाँध कर रखे थे. लेकिन मौजूदा मोदी सरकार में सेना को खुली छूट देने के साथ घातक और आधुनिक हथियार, बुलेटप्रूफ जैकेट और आर्थिक मदद भी चाहिए होती है.

New Delhi: The power of the Indian Army is increasing day by day. The army which the previous governments had tied up with. But with the exemption of the army in the current Modi government, there is also a need for deadly and modern weapons, bulletproof jackets and financial help.

आज भारतीय सेना ने पाकिस्तान सीमा पर बड़ा हमला बोला है पाकिस्तान के 5 सैनिकों को मार गिराया गया है और तीन चौकियों को तबाह किया है. तो वहीँ सेना के जबरदस्त एक्शन के बाद अब मोदी सरकार ने सेना को बेहद शानदार तोहफा दिया है. जिससे अब दुश्मन को नेस्तोनाबूद करने में सेना को ज़रा भी देर नहीं लगेगी.

Today, the Indian Army has attacked a huge attack on the Pakistan border, five soldiers of Pakistan have been killed and destroyed three posts. So after the great action of the Army, the Modi Government has given a very gift to the army now. Now the army will not be able to delay the destruction of the enemy.

पाकिस्तान के सैनिकों की लाशें बिछाते ही मोदी सरकार ने दिया ज़बरदस्त तोहफा

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी ओसामा बिन लादेन को अमेरिकी कमांडो ने पाकिस्तान में घुस कर मारा था. अमेरिकी कमांडो ने लादेन को मारने के लिए जिस सबसे घातक हथियारों का इस्तेमाल किया था. वो आधुनिक लेज़र गाइडेड एम 4 ए-1 कार्बाइन का इस्तेमाल अब भारतीय सेना के जवान भी करेंगे.

Modi government gives a tremendous gift by killing the soldiers of Pakistani soldiers

According to the latest news, the world’s most dangerous terrorist, Osama bin Laden, was killed by American commandos entering Pakistan. The US commandos used the most deadly weapons to kill bin Laden. The modern laser guided M4A-1 carbine will now be used by the Indian Army.

अमेरिका के सबसे खूंखार कमांडो ने ओसामा को चंद पल में ही गोलियों से ढेर कर दिया था. बताया जाता है सीधा माथे के बीचो बीच गोली मारी गयी थी. हमारे सेना के स्पेशल कमांडो भी अमेरिका की ही टक्कर के हैं अंतर है तो सिर्फ इतना की भ्रष्टाचार के चलते हमारे जवानों के पास आधुनिक हथियार नहीं हैं.

The most dreaded US commandos had piled up Osama’s bullets in a few moments. It is said that the shoot was directly shot in the middle of the forehead. The special commandos of our army are also the difference of America’s collision, so only because of corruption, our soldiers do not have modern weapons.

लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, अभी हाल ही में मोदी सरकार ने सेना के जवानों को बुलेट प्रूफ वाहन और बुलेट प्रूफ जैकेट और सवा लाख से ज़्यादा आधुनिक राइफल मुहैय्या करवाना शुरू कर दिया है. लेकिन अब ये अमेरिका कमांडों के सबसे घातक हथियार भी भारतीय सेना के पास होंगे तो हर पाकिस्तानी सैनिक और आतंकवादी को सेना पल भर में मार गिराएगी और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे ऑपरेशन आये दिन कर सकेगी बिना कोई नुक्सान के.

But now it will not happen, just recently the Modi government has started getting the bullet-proof vehicles and bullet-proof jackets and more than 2.5 million modern rifles to the army jawans. But now it will be with the Indian Army, even the most deadly weapon of US commanders, the army will kill every Pakistani soldier and the militia within a moment, and surgical operations such as strike will come days without any losses.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सबसे पहले ये खतरनाक कार्बाइन से भारतीय सेना के जांबाज मलेशिया के घने जंगलों में अचूक निशाना साधेंगे. भारतीय सेना के पास अभी यह आधुनिक और मारक कार्बाइन नहीं है. माना जा रहा है कि यह आधुनिक कार्बाइन जल्द ही भारतीय सेना को मिल सकती है. जिसका युद्ध अभ्यास में परिक्षण किया जाएगा.

According to media reports, first of all, the Indian Army’s forefathers will make an unmistakable target in the dense forests of Malaysia with dangerous carbines. The Indian Army does not have this modern and deadly carbine. It is believed that this modern carbine can soon be received by the Indian Army. Which will be tested in the war practice.

700 से लेकर 950 राउंड प्रति मिनट की तेजी से गोलियां की होगी बौछार

बता दें आधी रात को घने जंगलों में ये आधुनिक हथियार 600 मीटर की दूरी तक उसे नेस्तनाबूत करने में सहायक लेजर गाइडेड तकनीक वाली यह कार्बाइन 700 से लेकर 950 राउंड प्रति मिनट की तेजी से गोलियां बरसा सकती है. इसके आगे आतंकवादियों के तो परखच्चे ही उड़ जायेंगे. नामोनिशान तक नहीं बचेगा.

700 to 950 rounds per minute fast bullets will be made

Let us tell you that this carbine with a laser-guided technique, capable of destroying this modern weapon in the dense forests at a depth of 600 meters, can shoot tablets ranging from 700 to 950 rounds per minute. Terrorists will fly ahead of it. Nomination will not survive.

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Source Political Report