जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में सेना को मिली सबसे बड़ी कामयाबी,इमरान खान समेत महबूबा हैरान

श्रीनगर, एएनआइ। जम्मू-कश्मीर में मंगलवार सुबह एक साथ दो जगहों पर आतंकी मुठभेड़ चल रही है। सबसे पहले मुठभेड़ कुलगाम सेक्‍टर में शुरू हुई। कुलगाम के रेडवानी इलाके में एकाउंटर चल रहा है, जहां सेना ने आतंकियों को घेर लिया है। वहीं लोगों की सुरक्षा को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने इलाके को खाली करा लिया है।

सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में दो आतंकियों को मार गिराया। लेकिन इस दौरान सेना का एक जवान भी शहीद हो गया। अभी तक मारे गए आतंकियों की तत्काल पहचान नहीं हो पाई है। लेकिन शहीद जवान की पहचान प्रकाश यादव के रुप में हुई है।

वहीं दूसरा एनकाउंटर पुलवामा के त्राल सेक्‍टर में चल रहा है। यह मुठभेड़ त्राल के हाफू इलाके में चल रही है। जानकारी के अनुसार भारतीय सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि कुछ आतंकी दक्षिणी कश्‍मीर के कुलगाम सेक्‍टर में छुपे हुए हैं। भारतीय सुरक्षाबलों ने जब इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। खुद को घिरता देख आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। फिलहाल दोनों जगह मुठभेड़ जारी है। अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है।

source:danikjagaran

आप चुनावी ख़बरों में व्यस्त हैं,ऑपरेशन विध्वंस ने शुरू किया नक्सलियों का विध्वंस,सुकमा में एनकाउंटर में मिली बड़ी कामयाबी,कांग्रेस खेमे में खलबली

नई दिल्ली : देश में सिर्फ सीमा पार ही दुश्मन नहीं बैठा है बल्कि देश के अंदर भी नक्सल के रूप में दुश्मन बैठा है. दशकों से ये समस्या ख़त्म नहीं हो सकी क्यूंकि कुछ नेताओं,मानवाधिकारों ओर वामपंथियों ने इन्हे शह दे रखी थी. तभी तो इनके पास इतने सारे हथियार ओर कारतूस, विस्फोटक,लैंड माइन हैं और पैसा भी इन्हे पहुंचाया जाता है

कांग्रेस नेता राज बब्बर ने इन नक्सलियों को क्रांतिकारी बताया था. जबकि इन्होने कई बार घात लगाकर हमारे CRPF के जवान को शहीद किया है. लेकिन फिर 2014 में मोदी सरकार आयी और उन्होंने सुकमा के बड़े हमले के बाद ऑपरेशन प्रहार की इजाज़त दी थी. जिसके बाद 126 जिलों से घटकर 44 जिलों तक नक्सली सीमित राह गये. नोटबंदी के बाद एक ही दिन में 400 से ज़्यादा नक्सलियों ने सर्रेंडर किया था.

ऑपरेशन विध्वंस ने शुरू किया नक्सलियों का विध्वंस
लेकिन अब गृहमंत्रालय ने इसे हमेशा के लिए मिटा देने के आदेश दिए हैं. अब इन नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन विध्वंस के आदेश दे दिए गए हैं जिससे बचे हे जिलों से भी नक्सलियों वाली समस्या से देश को हमेशा के लिए आज़ादी मिल सके. इसी ऑपरेशन की शुरुआत ही बड़ी कामयाबी से हुई जो आज मिली है.

सुकमा में एनकाउंटर में मिली बड़ी कामयाबी
अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक नक्सलियों के खिलाफ़ छत्तीसगढ़ के सुकमा में सुरक्षा बलों के जॉइन्ट ऑपरेशन में आज 9 नक्सलियों को ढेर कर दिया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक CRPF कोबर फोर्स डीआरजी,एसटीएफ और सुरक्षाबल के जॉइंट ऑपरेशन ने इसे अंजाम दिया.

जानकारी के मुताबिक़ ये दुर्दांत नक्सली पीएलजीए यानी नक्सलियों के गुरिल्ला वॉर ग्रुप के थे. सूत्रों ने आज तक को जानकारी दी है कि नक्सलियों के खिलाफ जो ऑपरेशन किया गया है, उसमें इन नक्सलियों को सीआरपीएफ के कोबरा कमांडो और डीआरजी ने चारों तरफ से घेर लिया था. भागने में नाकामयाब नक्सलियों को छत्तीसगढ़ के सकलेर के जंगलों में ढेर किया गया. सुरक्षाबलों के मुताबिक यह पिछले कुछ दिनों में नक्सलियों के खिलाफ किया गया सबसे सफल ऑपरेशन था.

नक्सल विरोधी अभियान के विशेष पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी ने सोमवार को मीडिया को बताया कि सुकमा जिले के किस्टाराम थाना क्षेत्र के अंतर्गत तेलंगाना सीमा के करीब पुलिस दल ने नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बड़ा ऑपरेशन आज चलाया जिसमे ये बड़ी कामयाबी मिली है.

हालांकि नक्सली इस समय काफी बैक फुट में हैं, जिनके पास अब वैसे लड़ाके भी नहीं बचे हैं जो वेलट्रेंड हो. सुरक्षा बल लगातार घने जंगलों में नक्सलियों को ढूंढने की कोशिश में लगे हुए हैं ,और उनके खिलाफ ऑपरेशन कर रहे हैं. गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल सितंबर की शुरुआत तक 9 राज्यों में 177 से ज्यादा नक्सलियों को सुरक्षाबलों ने ढेर किया है.

इसके साथ साथ 1274 नक्सलियों को सुरक्षाबलों ने अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार भी किया है. मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक 1 सितंबर 2018 तक 400 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने सरेंडर किया है.

source dd bharti

सेना चीफ आर्मी बिपिन रावत का पाकिस्तान को करारा तमाचा इमरान खान समेत isi में खलबली

नई दिल्ली। थल सेना प्रमुख बिपिन रावत ने पाकिस्तान को इशारों-इशारों में कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि भारत के पास आतंकी हमलों से निपटने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक से भी अलग विकल्प मौजूद है। एक न्यूज चैनल से बातचीत में जनरल रावत ने कहा, ‘भारतीय सेना आज पहले से ज्यादा तैयार है, हमारे पास ऐसी स्थिति कभी नहीं रही कि हम 26/11 (मुंबई हमले) जैसे हालात से निपटने के अन्य विकल्प न मौजूद रहे हों, उन्होंने कहा कि भारत के पास आतंकी हमलों से निपटने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक के अलावा भी दूसरे अन्य विकल्प मौजूद हैं, हमें सर्जिकल स्ट्राइक-2 करने की जरूरत नहीं है।

मुंबई हमले के 10 साल बाद सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने पाकिस्तान के छद्म युद्ध के बदलते तौर-तरीकों की समीक्षा की। जानकारी के लिए बता दें कि मुंबई हमले को सोमवार को 10 साल हो जाएंगे। जब सेना प्रमुख से यह पूछा गया कि अगर दोबारा मुंबई हमले जैसी घटना दोहराई जाती है तो सेना इससे कैसे निपटेगी, इस पर सेना प्रमुख ने कहा कि बीती हुई घटना से हम काफी आगे बढ़ चुके हैं।

Army chief General Bipin Rawat

जनरल रावत ने कहा कि मैं ये कहने की कोशिश नहीं कर रहा हूं कि हम युद्ध को लेकर किसी तरह का तोल मोल करेंगे, लेकिन अगर हमें कोई एक्शन लेने को कहा गया तो हम उसमें सक्षम हैं, ऐसी स्थिति कभी नहीं आएगी जहां आप बड़े आतंकी हमलों से निपटने में सक्षम नहीं होंगे।

बड़े आतंकी हमलों से निपटने के सवाल पर जनरल रावत ने कहा, ‘हमारे पास विकल्प हैं। हमारे पास अलग-अलग तरह के विकल्प हैं। हर आदमी सर्जिकल स्ट्राइक-2 की बात कर रहा है, लेकिन आप हमेशा एक ही फॉर्मूला नहीं अपनाते हैं, क्योंकि जो कार्रवाई एक बार कर दी जाती है, उससे दुश्मन परिचित हो जाता है और सतर्क रहता है, इसलिए हमारे पास अन्य विकल्प भी हैं।

Army Chief Bipin Rawat

source:hindi.newsroompost

 

बड़ा खुलासा : PM मोदी ने एक कॉल से बचाई 4000 से ज्यादा लोगों की जान, जानिये क्या था पूरा मामला

नई दिल्ली : वैसे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता पर काबिज होने के बाद एक से बढ़कर एक विकास कार्य किये हैं, मगर क्या आप जानते हैं कि पीएम मोदी ने अपने एक फ़ोन कॉल से 4000 से अधिक भारतीय नागरिकों की जान बचाई थी. मीडिया ने इस बात का ज्यादा जिक्र करना जरूरी नहीं समझा, मगर आज हम आपको बताते हैं पीएम मोदी की ताकत के बारे में.

एक कॉल से बचा ली 4000 लोगों की जान
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार (7 जनवरी) को इस बारे में बताते हुए कहा कि 2015 में जब सऊदी अरब और यमन के बीच युद्ध चल रहा था. सऊदी अरब व् उसके सहयोगियों द्वारा यमन पर बमबारी की जा रही थी, तब वहां करीब 4000 भारतीय नागरिक फंसे हुए थे, जिनकी जान भी खतरे में थी.

ऐसे नाजुक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीधे सऊदी के शाह को फ़ोन मिलाया और उनसे भारतीय नागरिकों के निकलने तक बमबारी को रोकने के लिए कहा. सऊदी के शाह ने कहा कि भारत का अनुरोध इतना महत्वपूर्ण है कि उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है.

सऊदी अरब और यमन दोनों को बनाया दोस्त
पीएम मोदी की दोस्ती की खातिर सऊदी के शाह एक हफ्ते तक सुबह 9 बजे से 11 बजे तक यमन पर बमबारी रोकने के लिए राजी हो गये. जिसके बाद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने फ़ौरन यमन प्रशासन से अदन बंदरगाह और सना हवाई अड्डा खोलने का अनुरोध किया ताकि भारतीय नागरिकों को एक हफ्ते प्रतिदिन दो घंटे तक तेजी से जिबूती पहुंचाया जा सके.

यमनियों ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से कहा कि वो भारतीयों के लिए कुछ भी करेंगे. इस समन्वय से ‘ऑपरेशन राहत’ के दौरान न केवल 4800 भारतीयों बल्कि अन्य देशों के 1972 लोगों को निकालना संभव हुआ.

 

विदेश राज्यमंत्री वी के सिंह का भी योगदान
यमनी इलाकों पर सऊदी अरब की तरफ से लगातार बमबारी से भारतीयों को वहां से निकालना करीब-करीब असंभव हो गया था. मगर विदेश राज्यमंत्री वी के सिंह की अगुवाई में भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन राहत’ शुरु किया और हजारों भारतीयों की जान बचा ली. अदन बंदरगाह से एक अप्रैल, 2015 को समुद्र के रास्ते इन लोगों को निकालने का काम चला, जो 11 दिनों तक चला था.

पिछले तीन वर्षों में दुनियाभर में भारत की प्रतिष्ठा और वर्चस्व में इजाफा हुआ है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अहम योगदान है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व की वजह से दुनिया में भारत का महत्व और प्रभुत्व कायम हो रहा है. जिस किसी देश में भी वे गए, उन्होंने दोनों देशों के संबंधों के साथ-साथ व्यक्तिगत तौर पर भी बेहतर रिश्ते कायम किए.

यही कारण है कि दो देशों ने आपसी लड़ाई के बीच भी पीएम मोदी की बात मानी और भारतीय नागरिकों का बाल भी बांका नहीं हुआ.

गुजरात चुनाव के बीच कैसे गुजरात पूर्व CM को पाकिस्तानी फाइटर प्लेन ने निशाना बनाकर मार डाला !

नई दिल्लीः गुजरात चुनाव में जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही हैं वैसे-वैसे सियासी माहौल भारी सभा में गरम होता जा रहा है, इसी बीच कांग्रेस पार्टी ने सोशल मीडिया से अपने काम गिनाने के लिए एक सर्वे कर रही है, जिसमे गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री के बारे में पूछा गया,

New Delhi: As the date of voting is coming closer in the Gujarat elections, the political atmosphere is getting hot in the heavy assembly. In the meantime, the Congress party is conducting a survey to count its work from social media, in which Gujarat Asked about the former Chief Minister,

इस सवाल के साथ कांग्रेस ने लोगों के सामने 4 विकल्प दिए थे. जिनमें आनंदीबेन पटेल, केशुभाई पटेल, बलवंत राय मेहता और नरेंद्र मोदी का नाम शामिल था. सबसे ज्यादा लोगों का जवाब आया बलवंत राय मेहता, बलवंत राय मेहता गुजरात के दूसरे मुख्यमंत्री थे. मेहता जून 1963 से लेकर सितंबर 1965 तक गुजरात के सीएम थे.बलवंत राय मेहता मुख्यमंत्री रहते हुए ही दुश्मन के विमान द्वारा किए गए हमले में मारे गए थे. जिस वक्त भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति बनी हुई थी उसी वक्त पाकिस्तान की सीमा के पास सीएम के विमान को दुश्मन के फाइटर प्लेन ने निशाना बना कर उड़ा दिया था. पाकिस्तान की इस कायराना हरकत में 8 लोगों की मौत हुई थी.

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With this question, the Congress had given 4 options to the people. Which included Anandiben Patel, Keshubhai Patel, Balwant Roy Mehta and Narendra Modi. Balwant Roy Mehta, Balwant Roy Mehta was the second Chief Minister of Gujarat. Mehta was the CM of Gujarat from June 1963 to September 1965. Balwant Ray Mehta was killed in an attack by the enemy aircraft while being the Chief Minister. At the time when the situation of war between India and Pakistan had remained, the CM’s plane was blown up by the fighter plane of the enemy near the border of Pakistan at the same time. In this sad incident, 8 people were killed in Pakistan.

दरअसल 19 सितंबर 1965 को तत्कालीन सीएम बलवंत राय मेहता राज्य के कच्छ के दौरे पर थे. मेहता के साथ उनकी पत्नी सरोज बेन, स्टाफ के तीन सदस्य, एक पत्रकार और दो क्रू मेंबर भी शामिल थे. मीठापुर से कच्छ के लिए सीएम के विमान ने जैसे ही उड़ान भरी वैसे ही उसे पाकिस्तान के फाइटर पायलेट कैस हुसैन ने इंटरसेप्ट किया और उसे घेर लिया. पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट को देखते हुए बीचक्राफ्ट ने अपने पंखे हिलाने शुरू कर दिए. यह दया और छोड़ दिए जाने का इशारा था. गुजरात सरकार के मुख्य पायलट जहांगीर एम. इंजीनियर उड़ा रहे थे. इंजीनियर भारतीय वायुसेना में पायलट और सह पायलट के रूप में अपनी सेवा दे चुके थे.

In fact, on September 19, 1965, the then CM Balwant Roy Mehta was on the Kutch tour of the state. Mehta was accompanied by his wife Saroj Ben, three staff members, a journalist and two crew members. As soon as the CM aircraft flew from Mithapur to Kutch, it intercepted and intercepted Pakistan’s Fighter pilot Cas Hussain. Seeing Pakistani aircraft, Beechcraft started moving their fans. It was a sign of mercy and abandonment. Jahangir M. Engineer, the chief pilot of the Gujarat government was flying. Engineers had served in the Indian Air Force as pilots and co-pilots.

इस बीच पाकिस्तानी पायलेट ने हवा में दो फायर किए. मीठापुर से 100 किलोमीटर दूर सुथाली गांव के ऊपर दोनों फायर ने बलवंत मेहता के बीचक्राफ्ट विमान को हिट किया और विमान में विस्फोट हो गया. 46 साल बाद पाकिस्तानी फाइटर एयरक्राफ्ट के पायलट ने मेहता के हेलिकॉप्टर बीचक्राफ्ट के पायलट की बेटी को पत्र लिखकर माफी मांगी. पायलट की बेटी ने भी पत्र का जवाब दिया और पिता के हत्यारे को माफ कर दिया.

Meanwhile, the Pakistani pilot fired two in the air. On the Suthali village, 100 km from Mithapur, both the fires hit the aircraft aircraft between Balwant Mehta and the plane exploded. After 46 years, the pilot of the Pakistani Fighter aircraft apologized by writing to the daughter of Mehta’s helicopter Beechcraft pilot. The Pilot’s daughter also answered the letter and forgiven the father’s killer.

यह घटना बिलकुल सही है परन्तु कांग्रेस को यह घटना गुजरात चुनाव के ऐन पहले ही क्यों याद आयी, क्योंकि कांग्रेस वोटरों को भावुक करके वोट मांगने में माहिर है ऐसा ही कुछ राहुल गंधी ने २०१४ के लोगसभा चुनावों में किया था जब उन्होंने अपने गुजरे हुए पिता और दादी का हवाला देकर लोगों से वोट की अपील की थी !

This incident is absolutely right, but why did the Congress remember this phenomenon before Gujarat elections, because the Congress is passionate about voting for voters, and some such Rahul Gandhi did in the 2014 Lok Sabha elections when he passed away Referring to her grandmother, people had appealed to vote!

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अभी अभी :रक्षामंत्री सीतारमण ने दिया सेना को ऐसा खतरनाक हथियार, चीन समेत अमेरिका की भी उड़े होश

नई दिल्ली : एक ओर पीएम मोदी चीन के साथ कूटनीतिक रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के साथ समिट में व्यस्त हैं. दूसरी ओर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय सेना को मजबूत बनाने के लिए ऐसा शानदार फैसला लिया है, जिसने पाकिस्तान और चीन को हैरत में डाल दिया है.

New Delhi: On one hand PM Modi is busy in the summit with Chinese President Jinping to improve diplomatic relations with China. On the other hand, Defense Minister Nirmala Sitharaman has taken such a decisive decision to strengthen the Indian Army, which has surprised Pakistan and China.

इजरायल से आएँगी 5000 स्पाइक एटीजी मिसाइल
भारतीय सेना को जबरदस्त ताकत देने के लिए रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने फैसला लिया है कि इजरायल से 5000 स्पाइक एटीजी मिसाइल खरीदी जाएंगी और भारतीय सेना के बड़े में शामिल की जाएंगी ताकि देश के दुश्मनों को करारा सबक सिखाया जा सके.

5000 Spike ATG missiles coming from Israel
In order to give tremendous power to the Indian Army, Defense Minister Nirmala Sitharaman has taken the decision that 5000 Spike ATG missiles will be purchased from Israel and will be included in the larger Indian Army so that the enemies of the country can be taught a lesson lesson.

सेना के लिए इन मिसाइलों की तत्काल जरूरत को देखते हुए 2000 करोड़ रुपये के ये सौदा इजराइल के साथ किया जाएगा. ना केवल इस सौदे से भारतीय सेना की ताकत में जबरदस्त इजाफा होगा बल्कि यह भारत-इजरायल रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में ही एक और कदम साबित होगा.

Looking at the urgent need of these missiles for the army, this deal of Rs 2,000 crore will be done with Israel. Not only this deal will have a tremendous increase in the strength of the Indian Army, but it will prove to be another step towards strengthening Indo-Israel relations.

दुश्मन के टैंकों को करेगी ध्वस्त
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने मेल टुडे को बताया, ‘भारतीय सेना की पैदल बटालियन की तात्कालिक जरूरतों को देखते हुए रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक होगी. इसमें सेना के लिए स्पाइक मिसाइल खरीदने के प्रस्ताव पर चर्चा की जायेगी.’

Destroy the enemy tanks
A senior government official told Mail Today, “In view of the urgent needs of the Indian Army’s infantry battalion, there will be a high-level meeting chaired by Defense Minister Nirmala Sitharaman. In this, a proposal to buy a Spike missile for the army will be discussed.

सूत्रों के मुताबिक मीटिंग के लिए तैयार प्रस्ताव में कहा गया है कि सरकार सेना के वेपन सिस्टम के लिए 500 लॉन्चर और करीब 20 सिमुलेटर खरीदने पर भी विचार करेगी. ये हथियार पैदल सेना बटालियन द्वारा दुश्मन के टैंकों को नेस्तनाबूद करने के काम आते हैं.’ सेना ने अपने सशस्त्र बलों को 300 मेड इन इंडिया नाग एंटी टैंक गाइडेड (ATG) मिसाइल देने का प्रस्ताव रखा है, जिस पर 300 करोड़ रुपये खर्च आएगा.

According to sources, the proposal prepared for the meeting states that the government will also consider buying 500 launchers and about 20 simulators for the army’s Weapon system. These weapons are used by the infantry battalion to destroy enemy tanks. “The Army has proposed to give 300 Armed Forces Nagar Anti Tanks Guided (ATG) missiles to their Armed Forces, which will cost Rs 300 crore.

सरकारी सूत्रों का कहना है कि स्पाइक से सेना की तात्कालिक जरूरतों का समाधान होगा. इसके बाद बड़े पैमाने की जरूरत भविष्य में डीआरडीओ द्वारा तैयार ऐसे एटीजी मिसाइलों से होगी जिसे सैनिक कंधे पर भी ढो सकेंगे.

Official sources say that Spike will solve the urgent needs of the army. After this, large scale needs will be made in future by the DRDO-made ATG missiles, which the soldiers can carry on the shoulder.

देश के दुश्मनों का काल बनेगी भारतीय सेना
गौरतलब है कि इसके पहले अमेरिका से इस तरह के एटीजी मिसाइल हासिल करने की कोशिश की गई की, लेकिन वहां की शर्तें भारत सरकार को पसंद नहीं आईं. स्पाइक तीसरी पीढ़ी की एटीजी ‘फायर ऐंड फॉरगेट’ मिसाइल है जो 2.5 किमी के दायरे तक मार कर सकती है. इसे दिन और रात दोनों समय इस्तेमाल किया जा सकता है.

Indian army will become the enemy of enemies of the country
It is worth noting that before this, an attempt was made to acquire such an ATG missile from the US, but the conditions of the Indian government did not like it. Spike is the third generation ATG ‘Fire and Forgate’ missile that can kill up to 2.5 km. It can be used both day and night.

पाकिस्तान द्वारा सीजफायर का उलंघन किये जाने पर भारतीय सेना और भी ज्यादा ताकत के साथ हमले कर पाएगी. वहीँ चीनी सेना ने यदि कोई नापाक हरकत करने की कोशिश की तो उसके दांत खट्टे करने में भी इन मिसाइलों से काफी सहायता मिलेगी.

After the violation of the seizure by Pakistan, the Indian Army will be able to attack with even greater power. If the Chinese army tried to do something unclean, then these missiles would be greatly assisted in souring their teeth.

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मोदी के चीन दौरे से ठीक पहले चीन से एक बेहद चौकाने वाली रिपोर्ट ,जिसे देख शिजिंपिंग समेत दुनिया में मची खलबली

नई दिल्ली : 8 महीने पहले तक भारत को जंग की धमकी दे रहे चीन की अक्ल अब ठिकाने लग चुकी है. दोनों देशों की सेनाएं करीब 72 दिन तक डोकलाम में आमने-सामने थीं, मगर चीन भी अब 56 इंच का लोहा मान गया है और पीएम मोदी के लिए लाल कालीन बिछा रहा है. दरअसल भारत को लेकर हाल ही में आयी रिपोर्ट्स इतनी चौंकाने वाली हैं, जिसने चीन को हिला कर रख दिया है, साथ ही पीएम मोदी की ताकत का अहसास भी दिला दिया है.

New Delhi: Until 8 months ago, the Chinese intelligence, which threatens India’s war, has now become a hideout. The two countries’ armies were face-to-face in Dokalm for about 72 days, but China is now considered to be 56 inches iron and PM is laying red carpet for Modi. Indeed, recent reports about India are so shocking that those who have shaken China, have also given the feeling of strength of PM Modi.

दवाओं के निर्यात में चीन को पछाड़ा
हाल ही में आयी रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत अब जिनेरिक दवाइयों का सबसे बड़ा निर्माता बन चुका है और अमेरिका व् यूरोप में दवाओं के निर्यात में भारत ने चीन को पीछे छोड़ दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक़ आज दुनिया का हर पांचवा कैप्सूल, गोली और इंजेक्शन भारत में बनता है.

China overtures medicines export
According to a recent report, India has now become the largest producer of generic medicines and India has left China in the export of medicines in the US and Europe. According to the report, every fifth capsule, pill and injection in the world is made in India today.

सैन्य आदान-प्रदान को लेकर झुका चीन
भारत की सैन्य ताकत का लोहा भी चीन मान चुका है. चीन की गीदड़ भभकियों के सामने पीएम मोदी जिस तरह डटे रहे और सेना पीछे नहीं हटाई, उसे देखते हुए चीन समझ चुका है कि आज भारत की सत्ता एक मजबूत व् निडर प्रधानमंत्री के हाथ में है. डोकलाम विवाद के चलते चीन ने भारत के साथ सैन्य आदान-प्रदान पर रोक लगा दी थी, मगर अब आलम ये है कि चीन ने खुद सैन्य आदान-प्रदान शुरू करने के लिए भारत से संपर्क किया है.

China bend over military exchanges
China has even assumed the iron of India’s military power. In view of the way PM Modi stood behind China’s peacock feuds and the army did not back out, China understood that today the power of India is in the hands of a strong and fearless Prime Minister. Due to controversy, China had banned military exchanges with India, but now it is now that China itself has approached India to start military exchanges itself.

अगले 100 साल के रिश्तों की बात करेगा चीन
चीन ने अपनी सैन्य गतिविधियों का कैलेंडर भारत भेजा है. पीएम मोदी इसी हफ्ते चीन की यात्रा पर जाने वाले हैं और चीन में अभी से पीएम मोदी के स्वागत की जबरदस्त तैयारियां शुरू हो गयी हैं. जानकारी के मुताबिक़ चीन भारत की जनता का मूड समझ चुका है और जान गया है कि मोदी 2019 में भी चुनाव जीत कर फिर से पीएम बनने जा रहे हैं. ऐसे में इस बार चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पीएम मोदी के साथ मिलकर दस-बीस साल नहीं बल्कि अगले सौ साल के रिश्ते का खाका खींचने जा रहे हैं.

China will talk of 100 years of relationship
China has sent a calendar of its military activities to India. PM Modi is scheduled to visit China this week, and the tremendous preparations of PM Modi’s reception have begun in China. According to information, China has understood the mood of the people of India and it is known that Modi is going to become PM again in 2019. In this way, China’s President Xi Jinping is going to draw a blueprint for the next hundred years, not with the help of the PM Modi, but for 10 years.

पीएम मोदी के स्वागत में प्रोटोकॉल तोड़ेंगे जिनपिंग
सभी तरह के प्रोटोकाल को तोड़ते हुए वुहान में एक अभूतपूर्व अनौपचारिक शिखर सम्मेलन की तैयारी की जा रही है, जैसा कि अब बेहतर ताकतवर बन चुके राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पहले किसी विदेशी नेता के लिए नहीं किया था. वह पहली बार इस तरह के शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहे हैं, इसलिए सबको इससे काफी उम्मीदें हैं.

PM will break protocol in PM Modi
Breaking all kinds of protocols, Wuhan is preparing for an unprecedented unofficial summit, as it has now become a more powerful President, Xi Jinping, who had not previously done it for any foreign leader. They are hosting such a summit for the first time, so everyone has a lot of expectations from this.

भारतीय मामलों से जुड़े चीन के उप विदेश मंत्री कोंग शुआनयू ने यह संकेत दिया कि अब चीन आखिर क्यों मोदी के इतना करीब आ रहा है. भारत में 2019 में आम चुनाव हैं, लेकिन चीन को लगता है कि 2019 के बाद भी नरेंद्र मोदी भारत के पीएम रहेंगे. शुआनयू कहते हैं, ‘शी और मोदी दोनों के पास सामरिक दृष्ट‍ि और ऐतिहासिक जिम्मेदारी है. दोनों को अपनी जनता का व्यापक समर्थन हासिल है और वे इस रिश्ते को काफी महत्व दे रहे हैं.’

China’s Deputy Foreign Minister Kong Shuanyu, who was associated with Indian affairs, indicated that now China is coming so close to Modi. There are general elections in India in 2019, but China feels that even after 2019 Narendra Modi will be India’s PM. Shuanyu says, “Both Shi and Modi have strategic vision and historical responsibility. Both have extensive support from their people and they are giving great importance to this relationship.

अगले 100 साल की होगी बात!
कोंग ने बताया कि वुहान शिखर सम्मेलन में अनौपचारिक माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है, इसमें बिना किसी तय एजेंडा के कई व्यापक मसलों पर बात होगी और अगले 100 साल के लिए एक खाका तैयार हो सकता है. दोनों नेता अब डोकलाम से आगे बढ़ जाने की बात करेंगे.

The next 100 years will be the matter!
Kong told that the Wuhan Summit is trying to create an informal atmosphere, that there will be discussions on many broad issues without any fixed agenda and a template may be ready for the next 100 years. Both leaders will now talk about moving forward from Dokalm.

अमेरिका से ट्रेड वार का डर
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के फैक्टर ने भी चीन को अपना व्यवहार बदलने को मजबूर किया है. चीन-अमेरिका के बीच व्यापार युद्ध के खतरे को देखते हुए चीन अब अलग-थलग नहीं रहना चाहता और यह भी नहीं चाहता कि भारत पूरी तरह से अमेरिकी खेमे में चला जाए.

Fear of trade war from America
Factor of US President Trump has also forced China to change its behavior. Given the threat of trade war between China and America, China no longer wants to be isolated and does not want India to go completely into the American camp.

स्पष्ट है कि पीएम मोदी की कूटनीति अपना काम कर रही है. भारत के आज ना केवल रूस बल्कि अमेरिका के साथ भी मजबूत सम्बन्ध स्थापित हो चुके हैं. पीएम मोदी ने इजराइल और उसके कट्टर दुश्मन सऊदी अरब, ईरान, फिलिस्तीन जैसे कई खाड़ी देशों के साथ भी मजबूत रिश्ते बनाये हैं.

It is clear that PM Modi’s diplomacy is doing his job. India’s strong relations have been established not only with Russia but also the US today. PM Modi has also built strong relations with many Gulf countries like Israel and its staunch enemy Saudi Arabia, Iran and Palestine.

चीन के खिलाफ पीएम मोदी ने जापान व् अन्य देशों के साथ गठजोड़ किया है, यही कारण है कि चीन के तेवर ढीले पड़ चुके हैं और भारत को बर्बाद करने के सपने देखने वाला चीन आज 56 इंच की ताकत के सामने नतमस्तक दिखाई दे रहा है.

PM Modi has made an alliance with Japan and other countries against China, this is the reason that China’s tension has been loose and China, who dreams of ruining India, is now seen in front of the 56-inch power.

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source polotical report

ब्रेकिंग – बॉर्डर पर चीन के खिलाफ पीएम मोदी का बड़ा एक्शन, भारतीय सेना के इस कदम से चीन के होश हुए फाख्ता.

कांग्रेस राज में भले ही भारत चीन के साथ हुआ युद्ध हार गया हो, मगर मोदी राज में हालात बदल चुके हैं. भारत की ताकत आज इतनी बढ़ चुकी है कि चीन भारत पर हमला करने की सोच तक नहीं सकता. डोकलाम में चीनी सेना को पीछे हटने पर मजबूर करने के बाद भारत ने चीन के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है.

Though Congress may have lost the war with China in the Congress, but circumstances have changed in Modi Raj. India’s strength has become so big that China can not even think of attacking India. After forced the Chinese army to retreat in Dokalmal, India has taken a big step against China.

तिब्बत के पास चीन सीमा पर भारतीय सेना मुस्तैद
भारत ने अरुणाचल प्रदेश से सटी चीन सीमा पर भारी संख्या में सैनिकों को तैनात कर दिया है. सेना के एक बड़े हिस्से को रणनीतिक तौर पर संवेदनशील माने जाने वाले दिबांग, दाउ देलाइ और लोहित घाटी में तैनात किया गया है. इसके अलावा सेना ने बॉर्डर पर निगरानी भी काफी बढ़ा दी है, जिससे चीन की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है.
बताया जा रहा है कि ये कदम चीन के साथ हुए डोकलाम विवाद को ध्यान में रखकर लिया गया है. पिछले साल भारत और चीन की सेनाएं डोकलाम क्षेत्र को लेकर 72 दिनों तक आमने-सामने रही थीं. सेना के अधिकारियों के मुताबिक, अरुणाचल में सेना अपना निगरानी तंत्र विकसित करने में जुटी है, ताकि चीन पर नजर रखी जा सके.

Indian Army Mighty On Tibet Near China Border
India has deployed a large number of troops on the China border from Arunachal Pradesh. A large section of the army has been deployed in strategically sensitive areas like Dibang, Dau Deli and Lohit Valley. Apart from this, the Army has increased the monitoring on the border too, which is keeping an eye on every activity of China.
It is being said that these steps have been taken keeping in view the Docalm controversy with China. Last year, India and China’s armies were facing face-to-face for 72 days in the field of Dokalam region. According to army officials, the Arunachal army is engaged in developing its monitoring system so that China can be monitored.

चीन के छक्के छुड़ाने के लिए तैयार भारतीय सेना
इलाके की टोह लेने के लिए यहां हेलिकॉप्टर भी भेजे जाते रहे हैं. अधिकारियों ने बताया कि सेनाएं दिबांग, दाउ देलाइ और लोहित घाटियों के खतरनाक इलाकों पर मौजूदगी बढ़ाना चाहती हैं. इनमें 17 हजार फीट ऊंची बर्फीली पहाड़ियां और घाटी की गहराई में स्थित नदियां भी शामिल हैं. चीन हमेशा ही इन इलाकों को लेकर भारत पर दबाव बनाता रहा है.

ndian army ready to get rid of six Chinese chicks
Helicopters have also been dispatched to take recruitment of the area here. Officials said that the forces want to increase presence on the dangerous areas of Dibang, Daw Daili and Lohit valleys. These include the snowy hills of 17 thousand feet high and the rivers located in the depths of the valley. China has always been pressurizing India on these areas.

अरुणाचल के किबिथु में तैनात सेना के एक अधिकारी ने बताया- “डोकलाम के बाद सेना ने इस क्षेत्र में अपनी गतिविधियां बढ़ाई है. हम किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.”सभी रणनीतिक इलाकों पर सेना की पैनी नज़र

An army officer posted in Kibrithu, Arunachal Pradesh, said: “After the dawn, the army has increased its activities in this area. We are fully prepared to deal with any threat. “Army’s sharp eyes on all strategic areas

“भारतीय सेना अब अपनी लंबी दूरी की गश्तों (लॉन्ग रेंज पैट्रोल्स) को बढ़ाने पर ध्यान दे रही है. इसमें छोटी-छोटी टुकड़ियां 15 से 30 दिन के लिए गश्त पर भेजी जाती हैं.” अधिकारी ने बताया कि भारत ये कदम लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) को सुरक्षित बनाए रखने के लिए उठाया है. बता दें कि भारत और चीन बॉर्डर 1962 के बाद से आज तक एक भी गोली नहीं चली है.

“The Indian Army is now focusing on increasing its long range patrols. In this small pieces are sent to patrol for 15 to 30 days. “The official said that India has taken steps to keep the Line of Actual Control (LAC) safe. Please tell us that there has not been a single bullet from India since 1962 till today and China border.

अधिकारी ने नाम ना बताने की शर्त पर कहा कि सेना ने भारत, चीन और म्यांमार ट्राई-जंक्शन जैसे अहम रणनीतिक इलाकों को ध्यान में रखते हुए वहां भी सेना तैनात की है. ड्रोन के जरिये भी इलाके पर नज़र रखी जा रही है.

The official said on condition of anonymity that the army has deployed the army there keeping in mind the important strategic areas of India, China and Myanmar Tri-junction. The area is also being tracked through the drone.

बता दें कि पीएम मोदी ने सत्ता संभालते ही अरुणाचल से सटी चीन सीमा की ओर ध्यान दिया था. कांग्रेस ने तो यहाँ ढंग की सड़कें तक नहीं बनवायी थी, मगर अब ना केवल यहाँ अच्छी सड़कें बनायी जा रही हैं बल्कि ब्रह्मोस मिसाइल को भी यहाँ तैनात किया जा चुका है. चीनी सेना की किसी भी नापाक हरकत का मुहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय सेना को पूरी तरह से तैयार रखा गया है.

Let me tell you that when PM Modi took over the power, he had taken note of China border beyond Arunachal. The Congress did not even build up the roads of the modes, but now only good roads are being built here but the BrahMos missile has also been deployed here. The Indian Army has been fully prepared to give a counterattack to any of the nefarious movements of the Chinese army.

यह विडियो भी देखे

https://youtu.be/o9LQnPMci4I

https://youtu.be/WE3MmmBzG4k

source political report

इस देशद्रोह आतंकी के साथ भारतीय सेना ने किया ऐसा सुलोक की आतंकी की सरगनाओ की रूह कॉप उठी

भारत में यूँ तो कई ऐसी बातें हैं जिनसे मुझे खासा लगाव है लेकिन अगर आप मुझसे भारत की एक ऐसी बात के बारे में पूछे जिसपर मुझे हमेशा से गर्व रहा है और आखिरी सांस तक रहेगा तो यकीनन मेरा जवाब होगा भारतीय सेना. मुझे पता है कि आप भी भारतीय सेना पर काफी गर्व करते होंगे क्योंकि वो हमारी सुरक्षा के लिए अपनी जान की बाज़ी लगाकर हमारी सुरक्षा करते हैं लेकिन मेरी वजह इसके अलावा कुछ और भी है. दरअसल मैंने भारतीय सेना के कई रूप देखें हैं और कहने में कोई झिझक महसूस नहीं होता ये कहने पर कि मुझे भारतीय सेना के हर रूप से उतना ही प्यार और उसके लिए उतना ही सम्मान है.

There are so many things in India that I have a lot of attachment but if you ask me about a thing of India which is always proud of me and remains till the last breath, then my answer will definitely be the Indian Army. I know that you too should be very proud of the Indian Army because they protect us by putting our lives in the way of our security, but my reasons are anything other than that. In fact, I have seen many forms of Indian Army and do not feel hesitant in saying that I have the same respect for every form of Indian Army and the same respect for him

ऐसे में इसी भारतीय सेना का आज हम आपको एक ऐसा रूप दिखाने जा रहे हैं जिसे देखने के बाद आप भी मानेंगे कि भारतीय सेना का सिर्फ फौलादी जिगर ही नहीं है बल्कि बच्चों जैसा मासूम और ममतामयी दिल भी है. कुछ दिनों पहले ही खबर आई थी कि जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में एक आतंकी को भारतीय सेना ने जिंदा पकड़ा है. इस आतंकी की उम्र 17 साल है और नाम जबिउल्ला एजाज हमजा.

In this way, today we are going to show you a form of this Indian army which after seeing you will believe that there is not only the steely liver of the Indian army, but also the innocent and heart-felt heart of children. It was only a few days ago that there was news that a terrorist was captured alive by the Indian Army in Kupwara district of Jammu and Kashmir. The terrorist is 17 years old and the name Zaibullah Ejaz Hamza

शायद हम आप सही से समझ ना पाएं कि एक जिंदा आतंकी पकड़ना कितनी बड़ी बात होती है. सरल शब्दों में बताएं तो एक जिंदा बम डिफ्यूज करने जैसी बात होती होगी किसी आतंकी को जिन्दा पकड़ना..ऐसे में हमजा को भी पकड़ कर सेना ने एक जिंदा बम ही डिफ्यूज किया है. सेना ने हमजा को पकड़ा तो उससे थोड़ी बातचीत/पूछताछ की. इसी दौरान हमजा ने सेना के शेरदिल जवानों से कहा, “मुझे प्यास लगी है थोड़ा पानी मिलेगा?” जिसके जवाब में सेना ने..

Perhaps we can not realistically understand that holding a living terrorist is so big. In simple words, it would be a matter of defusing a living bomb, catching a terrorist alive. In such a situation, the army has defused a live bomb. When the army caught Hamza, he interrogated him / interrogated. During this time, Hamza said to the soldiers of the army, “I am thirsty, will you get some water?” In response to the army.

बहुत से लोगों के मन में ये सवाल उठेगा कि एक आतंकी ने पानी माँगा तो सेना ने क्या किया होगा. तो इसका जवाब हम आपको बताते हैं. दरअसल जैसे ही हमजा ने सेना के जवानों से पानी माँगा तो जवानों ने ना सिर्फ हमजा को पानी की बोतल थमाई बल्कि साथ में बिस्कुट का पैकेट भी दिया. हमजा ने पानी पिया और बिस्कुट खाया. इस दौरान जवान हमजा को घेरकर खड़े थे. जब हमजा पानी पी चुका तब जवानों ने अपना सवाल-जवाब दोबारा शुरू किया.

These questions will arise in the minds of many people that if a terrorist demands water then what will the army do? So, we tell you the answer. Actually, as soon as Hamza asked for the troops from the army, the jawans not only gave Hamza a bottle of water but also packed a biscuit pack. Hamza ate drinking water and biscuits. During this time the soldiers were surrounded by Hamza. When Hamza drank water, the soldiers started their question-answer again.

हालाँकि सेना के इस वीडियो को देखने के बाद कई लोगों ने तरह तरह के सवाल पूछे जैसे कि, “हमजा का हाथ कैसे टूटा है? अगर पानी पिलाने की हमदर्दी है तो सेना ने उसका हाथ क्यूँ तोड़ा?” “जवान इस मौके का वीडियो क्यूँ बना रहे हैं?” “अगर हमजा आतंकी है तो उसे पानी क्यूँ पिलाया जा रहा है?” वगैरह वगैरह. इन सब सवालों का जवाब हम आपको देते हैं.

However, after watching this video of the army, many people asked different kinds of questions such as, “How Hamza’s hand is broken? If the people are sympathetic to water, why did the army break his hand? “Why are the soldiers making the video of this spot?” “If Hamza is a terrorist, then why is she drinking water?” Etc. We give you the answer to all these questions.

“हमजा का हाथ कैसे टूटा है? अगर पानी पिलाने की हमदर्दी है तो सेना ने उसका हाथ क्यूँ तोड़ा?”
इस वीडियो को अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर करने वाले एक पत्रकार ने बताया है कि, “हमजा के हाथ में नज़र आने वाला फ्रैक्चर अभी का नहीं है. दरअसल इस बार पकड़े जाने से पहले मार्च के महीने में भी हमजा सेना के हाथ चढ़ते-चढ़ते रह गया था. उसी दौरान हमजा को चोट आई थी. सेना ने उसकी इसी हालत के मद्देनजर उसे पानी और बिस्कुट दिया.”

“How is Hamja broken? If there is the sympathy of drinking water, why did the army break his hand? ”
A journalist who shares this video on his twitter account has said that “The fracture that Hamah has seen in hand is not yet. In fact, in the month of March before being caught this time, Hamza had climbed the hands of the army. At the same time, Hamza was hurt. Army gave her water and biscuits in view of her 

“जवान इस मौके का वीडियो क्यूँ बना रहे हैं?”
लोगों के इस सवाल का जवाब देते हुए पत्रकार ने बताया है कि, “जिस वक़्त ये आतंकी सेना के हत्थे चढ़ा उस वक़्त उसने दावा किया था कि उसके पास कोई हथियार नहीं है. ऐसे में किसी भी पकड़े गए आतंकी का पहला बयान काफी मायने में रखता है. ऐसे में सेना वही रिकॉर्ड कर रही थी. इस समय सेना के पास कोई कैमरा भी नहीं होता है ऐसे में जायज़ है कि वो फोन में ही रिकॉर्ड करेंगे.

Why are young people making this video of the occasion? ”
Responding to this question of the people, the journalist has said that “at the time of the assassination of the militant army, he had claimed that he had no weapon. In such a case, the first statement of any captured terrorist puts a lot of meaning in it. The Army was recording the same. This time the army does not have any camera, it is justified that they will record in the phone itself.

ऐसे में इसी भारतीय सेना का आज हम आपको एक ऐसा रूप दिखाने जा रहे हैं जिसे देखने के बाद आप भी मानेंगे कि भारतीय सेना का सिर्फ फौलादी जिगर ही नहीं है बल्कि बच्चों जैसा मासूम और ममतामयी दिल भी है. कुछ दिनों पहले ही खबर आई थी कि जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में एक आतंकी को भारतीय सेना ने जिंदा पकड़ा है. इस आतंकी की उम्र 17 साल है और नाम जबिउल्ला एजाज हमजा.

In this way, today we are going to show you a form of this Indian army which after seeing you will believe that there is not only the steely liver of the Indian army, but also the innocent and heart-felt heart of children. It was only a few days ago that there was news that a terrorist was captured alive by the Indian Army in Kupwara district of Jammu and Kashmir. The terrorist is 17 years old and the name Zaibullah Ejaz Hamza

शायद हम आप सही से समझ ना पाएं कि एक जिंदा आतंकी पकड़ना कितनी बड़ी बात होती है. सरल शब्दों में बताएं तो एक जिंदा बम डिफ्यूज करने जैसी बात होती होगी किसी आतंकी को जिन्दा पकड़ना..ऐसे में हमजा को भी पकड़ कर सेना ने एक जिंदा बम ही डिफ्यूज किया है. सेना ने हमजा को पकड़ा तो उससे थोड़ी बातचीत/पूछताछ की. इसी दौरान हमजा ने सेना के शेरदिल जवानों से कहा, “मुझे प्यास लगी है थोड़ा पानी मिलेगा?” जिसके जवाब में सेना ने..

Perhaps we can not realistically understand that holding a living terrorist is so big. In simple words, it would be a matter of defusing a living bomb, catching a terrorist alive. In such a situation, the army has defused a live bomb. When the army caught Hamza, he interrogated him / interrogated. During this time, Hamza said to the soldiers of the army, “I am thirsty, will you get some water?” In response to the army.

बहुत से लोगों के मन में ये सवाल उठेगा कि एक आतंकी ने पानी माँगा तो सेना ने क्या किया होगा. तो इसका जवाब हम आपको बताते हैं. दरअसल जैसे ही हमजा ने सेना के जवानों से पानी माँगा तो जवानों ने ना सिर्फ हमजा को पानी की बोतल थमाई बल्कि साथ में बिस्कुट का पैकेट भी दिया. हमजा ने पानी पिया और बिस्कुट खाया. इस दौरान जवान हमजा को घेरकर खड़े थे. जब हमजा पानी पी चुका तब जवानों ने अपना सवाल-जवाब दोबारा शुरू किया.

These questions will arise in the minds of many people that if a terrorist demands water then what will the army do? So, we tell you the answer. Actually, as soon as Hamza asked for the troops from the army, the jawans not only gave Hamza a bottle of water but also packed a biscuit pack. Hamza ate drinking water and biscuits. During this time the soldiers were surrounded by Hamza. When Hamza drank water, the soldiers started their question-answer again.

हालाँकि सेना के इस वीडियो को देखने के बाद कई लोगों ने तरह तरह के सवाल पूछे जैसे कि, “हमजा का हाथ कैसे टूटा है? अगर पानी पिलाने की हमदर्दी है तो सेना ने उसका हाथ क्यूँ तोड़ा?” “जवान इस मौके का वीडियो क्यूँ बना रहे हैं?” “अगर हमजा आतंकी है तो उसे पानी क्यूँ पिलाया जा रहा है?” वगैरह वगैरह. इन सब सवालों का जवाब हम आपको देते हैं.

However, after watching this video of the army, many people asked different kinds of questions such as, “How Hamza’s hand is broken? If the people are sympathetic to water, why did the army break his hand? “Why are the soldiers making the video of this spot?” “If Hamza is a terrorist, then why is she drinking water?” Etc. We give you the answer to all these questions.

“हमजा का हाथ कैसे टूटा है? अगर पानी पिलाने की हमदर्दी है तो सेना ने उसका हाथ क्यूँ तोड़ा?”
इस वीडियो को अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर करने वाले एक पत्रकार ने बताया है कि, “हमजा के हाथ में नज़र आने वाला फ्रैक्चर अभी का नहीं है. दरअसल इस बार पकड़े जाने से पहले मार्च के महीने में भी हमजा सेना के हाथ चढ़ते-चढ़ते रह गया था. उसी दौरान हमजा को चोट आई थी. सेना ने उसकी इसी हालत के मद्देनजर उसे पानी और बिस्कुट दिया.”

“How is Hamja broken? If there is the sympathy of drinking water, why did the army break his hand? ”
A journalist who shares this video on his twitter account has said that “The fracture that Hamah has seen in hand is not yet. In fact, in the month of March before being caught this time, Hamza had climbed the hands of the army. At the same time, Hamza was hurt. Army gave him water and biscuits in view of this condition.

“जवान इस मौके का वीडियो क्यूँ बना रहे हैं?”
लोगों के इस सवाल का जवाब देते हुए पत्रकार ने बताया है कि, “जिस वक़्त ये आतंकी सेना के हत्थे चढ़ा उस वक़्त उसने दावा किया था कि उसके पास कोई हथियार नहीं है. ऐसे में किसी भी पकड़े गए आतंकी का पहला बयान काफी मायने में रखता है. ऐसे में सेना वही रिकॉर्ड कर रही थी. इस समय सेना के पास कोई कैमरा भी नहीं होता है ऐसे में जायज़ है कि वो फोन में ही रिकॉर्ड करेंगे.

Why are young people making this video of the occasion? ”
Responding to this question of the people, the journalist has said that “at the time of the assassination of the militant army, he had claimed that he had no weapon. In such a case, the first statement of any captured terrorist puts a lot of meaning in it. The Army was recording the same. This time the army does not have any camera, it is justified that they will record in the phone itself.

तो देश के जिन ज़हरीले लोगों का सेना पर सवाल होता है उनसे हमारा विनम्र निवेदन है कि वो सेना के इस रूप को भी देखे. यही है असली भारतीय सेना.

So we have a humble request from the poisonous people of the country who have a question on the army that they also see this form of army. This is the real Indian Army

यह भी देखे
https://youtu.be/Uzs16fYnw1k
https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8
source poltical report

अभी-अभी – कश्मीर में महबूबा मुफ़्ती ने लिया ऐसा हाहाकारी फैसला, PM मोदी समेत सारा देश रह गया दंग…

कश्मीर : घाटी में एक तरफ भारतीय सेना के जवान सीमापार से आतंकवादियों से निपट रहे हैं और घाटी में मौजूद उन आतंकियों के टुकड़ों पर पलने वाले समर्थक पत्थरबाजों से भी निपट रहे हैं. हाल ही में बेहद गंभीर मामला सामने आया जब पत्थरबाजों ने सेना के जवान को ज़िंदा जलाने की कोशिश करी और सेना के 4 वाहनों में आग लगा दी.

Kashmir: On one hand, the Indian Army personnel are handling the terrorists from across the border and supporters on the pieces of those terrorists present in the valley are also dealing with stone makers. Recently, a very serious case came up when the stonebirds tried to burn the army personnel alive and set fire to the four vehicles of the army.

अपनी जान पर बनती देख जवानों को आत्मरक्षा में फायरिंग करनी पड़ी जिसमे अब तक तीन पत्थरबाज मारे जा चुके हैं. लेकिन इसके बदले में सीएम महबूबा मुफ़्ती ने सेना पर ही FIR दर्ज़ करवा दी. तो वहीँ अब सीएम साहिबा का इससे भी मन नहीं भरा तो उन्होंने एक और हैरतंअगेज़ एलान कर दिया है जिसे देख आज पूरा देश हैरान है.

Seeing their lives, soldiers were fired into self-defense in which three stone slabs have been killed so far. But in return CM Mehbooba Mufti filed FIR on the army. So now that CM Sahib does not even mind it, he has announced another surprise, which the entire country is surprised to see today.

सीएम महबूबा सरकार की मेहरबानी, 9730 पत्थरबाजों को किया माफ
अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक सीएम महबूबा मुफ़्ती ने बड़ा ही बेशर्मी भरा फैसला लिया है. कश्मीर में पिछले 10 सालों में भारतीय सेना के जवानों पर पथराव करने वाले 9730 पत्थरबाजों को सीएम महबूबा मुफ्ती ने माफ कर दिया है. सभी पत्थरबाजों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने को मंजूरी दी है. जिन लोगों के खिलाफ मामले वापस लिए जाने हैं उसमें पहली बार अपराध करने वाले लोग भी शामिल हैं. बता दें मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती शुरू से ही पत्थर बरसाने वाले कश्मीर के युवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई न करने की हिमायत करती आ रही हैं.

CM Mehbooba’s Government, sorry for 9730 stone-makers
According to the big news now available, CM Mehbooba Mufti has taken a very shameless decision. CM Mehbooba Mufti has forgiven 9730 stone-bearers who pelted stones at Indian Army troops in Kashmir in the last 10 years. All stones have been approved to withdraw cases registered against them. People who are to be withdrawn for the first time include those who committed the crime for the first time. Let me tell you Chief Minister Mehbooba Mufti has been advocating not to take strict action against the youth of Kashmir who started rocks from the beginning.

सेना के जवानो के घावों पर रगड़ा नमक
एक तरफ सेना पर FIR दर्ज़ कर दी जाती है. इसका गुस्सा अभी देशभर में शांत भी नहीं हुआ था कि अब सेना के जवानो के घावों पर नमक रगड़ने का काम कर दिया गया है. ये पत्थरबाज एक whtsapp मैसेज पर आतंकवादी को अपना भाई बताते हुए सेना को घेरते हुए पत्थर बरसाना शुरू कर देते हैं. जिसके बाद मौका पा कर कई बार सेना के हाथ से खूंखार आतंकवादी निकल भी चुके हैं. ये पाकिस्तान और ISIS का झंडा लहराते हैं, सेना के बंकर पर हमला करते हैं.

Ragra salt on the wounds of army personnel
On one side the FIR is filed on the army. Its anger was not even calm in the country even now that the work of rubbing salt on the wounds of the soldiers was done. These stone-bearers, while describing the terrorists as their brothers on a whtsapp message, begin to rain stones while encircling the army. After that, many times the terrorists have also fled from the hands of the army. They waving the flag of Pakistan and ISIS, attack the army bunker.

महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को कहा कि 1,745 मामले वापस लेने की कार्रवाई कुछ शर्तों पर निर्भर करेगी. वहीं, मामले की पड़ताल के लिए गठित समिति की सिफारिशों पर बाकी को माफी दी जा रही है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने 4,000 से अधिक लोगों को आम माफी देने की सिफारिश की है. ये लोग पिछले दो वर्षों में पथराव जैसी मामूली घटनाओं में शामिल रहे हैं.

वोटबैंक के लिए अंधे हुए नेता
बताइये पत्थरबाज़ी को ये लोग मामूली घटना बताते हैं. अपने वोटबैंक को बचाने के लिए आज हमरे देश के नेता इस कदर गिर चुके हैं कि ये सेना के जवानों की भी आहुति देने से पीछे नहीं हटते. कल ही सीएम महबूबा मुफ़्ती ने एक और बड़ी बात कही थी कि पीओके के लोगों को भी कश्मीर में आने दिया जाय. कश्मीर में पर्यटन को बढ़ाया जाय. यहाँ सीएम को उन कश्मीरी पंडितों की याद नहीं है जिन्हे उनके अपने घरों से भागने पर मज़बूर किया गया.

Blind leaders for votebank
Tell these stones to be a minor phenomenon. To save our vote bank, our country’s leaders have fallen in such a way that they do not wander from sacrificing the soldiers of the army. Tomorrow Mehbooba Mufti had said another big thing that people of PoK should also be allowed to come to Kashmir. Tourism should be increased in Kashmir. Here CM does not remember the Kashmiri scholars who were forced to flee from their homes.

मुफ्ती ने कहा कि वह पहली बार अपराध में शामिल लोगों के ब्योरे का खुलासा ऐसे लोगों और उनके परिवार की सुरक्षा की वजह से नहीं करेंगी. उन्होंने कहा कि 2016 और 2017 के बीच 3773 मामले दर्ज किये गए. इनमें 11 हजार 290 लोगों को गिरफ्तार किया गया है 233 का अब तक पता नहीं लगा है. गौरतलब है कि हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर घाटी में काफी अशांति बढ़ी है. मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2016 में 2904 मामले दर्ज किये गए और 8570 लोगों को पथराव करने की घटनाओं के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया, वहीं 2017 में दर्ज मामलों की संख्या घटकर 869 हो गई. इस संबंध में 2720 लोगों को गिरफ्तार किया गया.

कश्मीर : घाटी में एक तरफ भारतीय सेना के जवान सीमापार से आतंकवादियों से निपट रहे हैं और घाटी में मौजूद उन आतंकियों के टुकड़ों पर पलने वाले समर्थक पत्थरबाजों से भी निपट रहे हैं. हाल ही में बेहद गंभीर मामला सामने आया जब पत्थरबाजों ने सेना के जवान को ज़िंदा जलाने की कोशिश करी और सेना के 4 वाहनों में आग लगा दी.

Kashmir: On one hand, the Indian Army personnel are handling the terrorists from across the border and supporters on the pieces of those terrorists present in the valley are also dealing with stone makers. Recently, a very serious case came up when the stonebirds tried to burn the army personnel alive and set fire to the four vehicles of the army.

अपनी जान पर बनती देख जवानों को आत्मरक्षा में फायरिंग करनी पड़ी जिसमे अब तक तीन पत्थरबाज मारे जा चुके हैं. लेकिन इसके बदले में सीएम महबूबा मुफ़्ती ने सेना पर ही FIR दर्ज़ करवा दी. तो वहीँ अब सीएम साहिबा का इससे भी मन नहीं भरा तो उन्होंने एक और हैरतंअगेज़ एलान कर दिया है जिसे देख आज पूरा देश हैरान है.

Seeing their lives, soldiers were fired into self-defense in which three stone slabs have been killed so far. But in return CM Mehbooba Mufti filed FIR on the army. So now that CM Sahib does not even mind it, he has announced another surprise, which the entire country is surprised to see today.

सीएम महबूबा सरकार की मेहरबानी, 9730 पत्थरबाजों को किया माफ
अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक सीएम महबूबा मुफ़्ती ने बड़ा ही बेशर्मी भरा फैसला लिया है. कश्मीर में पिछले 10 सालों में भारतीय सेना के जवानों पर पथराव करने वाले 9730 पत्थरबाजों को सीएम महबूबा मुफ्ती ने माफ कर दिया है. सभी पत्थरबाजों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने को मंजूरी दी है. जिन लोगों के खिलाफ मामले वापस लिए जाने हैं उसमें पहली बार अपराध करने वाले लोग भी शामिल हैं. बता दें मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती शुरू से ही पत्थर बरसाने वाले कश्मीर के युवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई न करने की हिमायत करती आ रही हैं.

CM Mehbooba’s Government, sorry for 9730 stone-makers
According to the big news now available, CM Mehbooba Mufti has taken a very shameless decision. CM Mehbooba Mufti has forgiven 9730 stone-bearers who pelted stones at Indian Army troops in Kashmir in the last 10 years. All stones have been approved to withdraw cases registered against them. People who are to be withdrawn for the first time include those who committed the crime for the first time. Let me tell you Chief Minister Mehbooba Mufti has been advocating not to take strict action against the youth of Kashmir who started rocks from the beginning.

सेना के जवानो के घावों पर रगड़ा नमक
एक तरफ सेना पर FIR दर्ज़ कर दी जाती है. इसका गुस्सा अभी देशभर में शांत भी नहीं हुआ था कि अब सेना के जवानो के घावों पर नमक रगड़ने का काम कर दिया गया है. ये पत्थरबाज एक whtsapp मैसेज पर आतंकवादी को अपना भाई बताते हुए सेना को घेरते हुए पत्थर बरसाना शुरू कर देते हैं. जिसके बाद मौका पा कर कई बार सेना के हाथ से खूंखार आतंकवादी निकल भी चुके हैं. ये पाकिस्तान और ISIS का झंडा लहराते हैं, सेना के बंकर पर हमला करते हैं.

Ragra salt on the wounds of army personnel
On one side the FIR is filed on the army. Its anger was not even calm in the country even now that the work of rubbing salt on the wounds of the soldiers was done. These stone-bearers, while describing the terrorists as their brothers on a whtsapp message, begin to rain stones while encircling the army. After that, many times the terrorists have also fled from the hands of the army. They waving the flag of Pakistan and ISIS, attack the army bunker.

महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को कहा कि 1,745 मामले वापस लेने की कार्रवाई कुछ शर्तों पर निर्भर करेगी. वहीं, मामले की पड़ताल के लिए गठित समिति की सिफारिशों पर बाकी को माफी दी जा रही है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने 4,000 से अधिक लोगों को आम माफी देने की सिफारिश की है. ये लोग पिछले दो वर्षों में पथराव जैसी मामूली घटनाओं में शामिल रहे हैं.

वोटबैंक के लिए अंधे हुए नेता
बताइये पत्थरबाज़ी को ये लोग मामूली घटना बताते हैं. अपने वोटबैंक को बचाने के लिए आज हमरे देश के नेता इस कदर गिर चुके हैं कि ये सेना के जवानों की भी आहुति देने से पीछे नहीं हटते. कल ही सीएम महबूबा मुफ़्ती ने एक और बड़ी बात कही थी कि पीओके के लोगों को भी कश्मीर में आने दिया जाय. कश्मीर में पर्यटन को बढ़ाया जाय. यहाँ सीएम को उन कश्मीरी पंडितों की याद नहीं है जिन्हे उनके अपने घरों से भागने पर मज़बूर किया गया.

Blind leaders for votebank
Tell these stones to be a minor phenomenon. To save our vote bank, our country’s leaders have fallen in such a way that they do not wander from sacrificing the soldiers of the army. Tomorrow Mehbooba Mufti had said another big thing that people of PoK should also be allowed to come to Kashmir. Tourism should be increased in Kashmir. Here CM does not remember the Kashmiri scholars who were forced to flee from their homes.

मुफ्ती ने कहा कि वह पहली बार अपराध में शामिल लोगों के ब्योरे का खुलासा ऐसे लोगों और उनके परिवार की सुरक्षा की वजह से नहीं करेंगी. उन्होंने कहा कि 2016 और 2017 के बीच 3773 मामले दर्ज किये गए. इनमें 11 हजार 290 लोगों को गिरफ्तार किया गया है 233 का अब तक पता नहीं लगा है. गौरतलब है कि हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद कश्मीर घाटी में काफी अशांति बढ़ी है. मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2016 में 2904 मामले दर्ज किये गए और 8570 लोगों को पथराव करने की घटनाओं के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया, वहीं 2017 में दर्ज मामलों की संख्या घटकर 869 हो गई. इस संबंध में 2720 लोगों को गिरफ्तार किया गया.