अमेरिका पर हुए हमले के बाद डोनाल्ड ट्रम्प कि जवाबी कार्यवाही से सेना समेत पाकिस्तान में हाहाकार |

नई दिल्ली : अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश में आज हर दूसरे दिन आतंकवादी हमले होने लगे हैं. कुछ वक़्त पहले लॉस वेगास में गोलियां बरसाई गयी, कभी टेक्सास में गोलियां चली, तो अभी दो दिन पहले न्यूयोर्क में ट्रक से लोगों को कुचल दिया गया साथ ही आतंकवादी ने अल्लाह हु अकबर बोलते हुए गोलियां भी बरसाई. ऐसे में अब अमेरिका ताबड़तोड़ एक्शन लेने जा रहा है जिसमें सबसे पहले उसका कहर टूटा है पाकिस्तान पर!

New Delhi : In a powerful country like America, terror strikes are going on every other day today. The guns were rained in Las Vegas sometime in the past, when tablets shot in Texas, just two days ago in New York the people were crushed by the truck, and the terrorists also shot bullets while talking with Allah Hu Akbar. In such a situation, now America is going to take a swift action, in which the first of its havoc is broken on Pakistan.

आतंकी हमले के बाद ट्रम्प का पाकिस्तान पर टूटा कहर !
अभी मिल रही खबर के मुताबिक जिस आतंकवादी ने न्यूयोर्क में मासूमों पर ट्रक चढ़ाया वह उज़्बेकिस्तान का रहने वाला था ओर कुछ साल पहले ही अमेरिका आया था. वह ऐसे हमले की तैयारी काफी वक़्त से कर रहा था. उसके पास अमेरिका का ग्रीन कार्ड भी था. ऐसे में अब अमेरिका के राष्ट्रपति सबसे पहले बाहर से आने वाले लोगों पर कड़े नियम लगाने जा रहे है. जिसमे सबसे पहला नंबर पाकिस्तान का लगा है!

After the terrorist attack, Trump’s broken havoc on Pakistan!
According to the news now available, the terrorist who carried trucks on the streets in New York was supposed to be from Uzbekistan and came to America a few years ago. He was preparing for such an attack quite a long time. He also had a US green card. In such a situation, the President of the United States is going to put stricter rules on people coming from outside. In which the first number is Pakistan.

मैनहैटन अटैक के बाद लगता है अमेरिका में पाकिस्तानियों की एंट्री और मुश्किल होने वाली हैं. पाकिस्तान से आने वाले हर नागरिक की अच्छे से तलाशी ली जाए ओर ख़ास नज़र रखी जाय क्यूंकि वहीँ सबसे ज़्यादा आतंकी मौजूद हैं. यह बात खुद अमेरिकी सांसद पीटर किंग ने कही है. पीटर किंग ने सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि पाकिस्तान आतंकवादियों का स्वर्ग है, जो भी शख्स पाकिस्तान या अन्य आतंकी देश से आएगा उसपर पैनी नज़र रखी जायेगी ओर उसकी खास तलाशी ली जायेगी. इससे पहले भी आपको याद दिला दें पाकिस्तान से आने वाले नागरिकों के कपड़े उतरवाकर कुत्तों से सुंघवा कर तलाशी ली जाती थी!

After the Manhattan attack, Pakistanis’ entry in the US seems to be difficult. Every citizen coming from Pakistan should be searched and closely monitored, as the most terrorists are present. This is what the American MP Peter King himself said. Peter King said in an interview to CNN that Pakistan is a paradise of terrorists, the person who comes from Pakistan or other terrorist country will be monitored and will be searched for a special investigation. Earlier reminded you that the clothes of civilians coming from Pakistan were stripped and dogs were searched and searched.

पाकिस्तान से 800 आतंकी IS में शामिल होने गए थे!
अमेरिकी सांसद ने कहा पाकिस्तान में सबसे ज़्यादा आतंकवादी संगठन हैं. अब तक जितने भी हमले हुए है उनमे से कईयों का संबंद्ध पाकिस्तानी आतंक से था.पीटर ने खुलासा किया कि पाकिस्तान से करीब 800 लोग ISIS में शामिल होने के लिए सीरिया गए थे. ऐसे में अब पाकिस्तान के लोगों पर फिर से कड़ी चेकिंग करने की ज़रूरत हो गयी है. क्योंकि जिस तरह से ये आतंकी हमले हो रहे है इससे एक बात तो साफ है कि ये आतंकी एक बड़ी साजिश के तहत एक के बाद एक हमला कर रहे है!

800 terrorists from Pakistan were involved in IS!
The American MP said that there are the most terrorist organizations in Pakistan. Many of the attacks that have happened so far have belonged to Pakistani terror.Peter revealed that about 800 people from Pakistan had gone to Syria to join ISIS. In such a situation, the people of Pakistan are now required to make strict checkup again. Because, by the way the terrorist attacks are happening, one thing is clear that these terrorists are attacking one after another under a big conspiracy.

पीटर किंग का यह बयान न्यू यॉर्क में हुए आतंकी हमले के बाद आया है. जिसमें हमलावर ने एक ट्रक को लोगों पर चढ़ा दिया था जिसमें आठ लोगों की जान चली गई थी. इसके बाद ट्रंप ने कहा था कि वह किसी भी कीमत पर आईएस को अमेरिका में घुसने नहीं देंगे. उस हमले के बाद से उसने ये कानून जारी कर दिया कि बाहर से आने वाले हर किसी कि पूरी तलाशी ली जाएगी. और संदिग्द होने पर सक्त कार्यवाही कि जाएगी!

This statement of Peter King came after the terrorist attack in New York. In which the assailant had given a truck to people, in which eight people lost their life. After this, Trump had said that he would not let the IS enter the US at any cost. Since that attack, he has issued the law that everybody coming from outside will be searched for the whole. And if there is suspicion there will be strong action.

तो वहीँ गुस्साए ट्रंप ने बुधवार को कहा था कि आतंकी को एक स्टेट डिपार्टमेंट प्रोग्राम के तहत अमेरिका में घुसने की इजाजत दी गई थी जिसे ‘विविधता लॉटरी कार्यक्रम’ कहा जाता है. इस वीजा कार्यक्रम के तहत उन देशों के लोगों को ग्रीन कार्ड दिया जाता है जहां से आमौतर पर उनके मेरिट आधारित उम्मीदवार नहीं होते. हमले को अंजाम देने वाला 29 वर्षीय उज्बेक प्रवासी साइपोव 2010 में वैध रूप से अमेरिका आया था ओर अब ऐसे किसी भी कार्यक्रम को ख़त्म करने की योजना बनायीं जा रही है!

So angry, Trump had said on Wednesday that the terrorists were allowed to enter the US under a State Department program called ‘Diversity Lottery Program’. Under this visa program, green card is given to people from those countries where they are not merit based candidates on the ground floor. The 29-year-old Uzbek migrant who executed the attack, came to the US legally in 2010, and now plans to finish any such program is being done.

source : ddbharti.in

ISIS आतंकियों के चंगुल से छुड़ाई गयी नर्सों ने जो बात कही , उसे सुन सुषमा समेत PM मोदी भी हैरान

केरल की हालत कितनी चिंताजनक हो चुकी है, इसका अंदाजा आप इस खबर को पढ़कर लगा सकते हैं. केरल की जिन नर्सों का कट्टरपंथी सुन्नी आतंकी संगठन आईएसआईएस ने ईराक में अपहरण कर लिया था और जिन्हे भारत सरकार ने ना जाने कितनी कोशिशों के बाद आतंकियों के चुंगल से आजाद करवाया. उन नर्सों ने लौट कर जो बात कही, उसे सुनकर आपका दिमाग घूम जाएगा.

The condition of Kerala has become so worrisome, you can guess by reading this news. The nurses of Kerala who had been kidnapped by the radical Sunni terrorist organization ISIS in Iraq, and those who did not know by the Indian government, after independence, were liberated from the chaos of the terrorists. When those nurses return, what you say, listening to your brain will move your mind

आईएसआईएस आतंकी बहुत भले लोग थे ?
इन नर्सों के मुताबिक़ आईएसआईएस के आतंकी तो बड़े भले लोग थे. इराक के पूर्व तानाशाह सद्दाम हुसैन के गृहनगर टिकरिट के एक अस्पताल में काम करने वाली इन 46 नर्सों का पिछले महीने आईएसआईएस आतंकियों ने अपहरण कर लिया था.

ISIS terrorists were very good people?
According to these nurses, terrorists of ISIS were very good people. The 46 nurses who worked in a hospital in hometown Tikrit of the former Iraqi dictator Saddam Hussein had kidnapped last month by ISIS militants.

इन नर्सों ने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई, जिसपर मोदी सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए उन्हें बचाने के लिए जी-जान से कोशिश की और आखिरकार उन्हें मौत के मुँह से निकाल लाये. मगर केरल में हालात ही कुछ ऐसे हैं कि आईएसआईएस के खिलाफ कोई बोल ही नहीं सकता. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत से आईएसआईएस

These nurses pleaded for help from the Indian government, on which the Modi government tried to save them by taking action immediately and finally brought them out of the mouth of death. But there are some situations in Kerala that there can be no speech against ISIS. For your information tell us that ISIS from India

आतंकी संगठन ज्वाइन करने वाले युवकों में सबसे ज्यादा केरल से ही हैं.
मौत के मुँह से निकल कर आयी इन नर्सों ने पहले तो भारत सरकार का शुक्रिया अदा किया था, लेकिन बाद में इनके सुर बदल गए और इन्होने कहा कि इन्हे आतंकियों को अपहरणकर्ता कहना अच्छा नहीं लगता, क्योंकि आतंकियों ने तो दरअसल उन्हें अगवा करके उनकी रक्षा ही की.

Most of the youth joining the terrorist organization are from Kerala.
These nurses who came out of the mouth of death had earlier thanked the Government of India, but later their tears changed and they said that they do not like to call these terrorists a kidnapper, because the terrorists are actually abducting them and protecting them. Only that

नर्सों की दोगलापंथी से देश सन्न !
आतंकियों से बचाई गयी नर्सों में से एक नर्स एन एस श्रुति ने कहा कि, “हमारी आशंका ने हमें उनसे नफरत करने के लिए मजबूर किया, मगर दरअसल वो भले लोग तो हमारी सुरक्षा ही कर रहे थे. वो हमारे साथ कुछ भी कर सकते थे, मगर उन्होंने हमपर दया दिखाई और हमारे साथ बुरा बर्ताव नहीं किया.”

Nurses’ countryside with diarrhea!
Nars Shruti, one of the nurses who were rescued from the terrorists said, “Our fears forced us to hate them, but in reality those good people were only protecting us. They could do anything with us, but they showed kindness to us and did not treat us badly. ”

हालांकि शुरू में आतंकी कमसे काफी विनम्रता से बात कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्होंने चिल्लाना, डांटना-फटकारना शुरू कर दिया था. ऐसा लगता है कि वो हमारी रक्षा करने के लिए काफी दबाव में थे क्योंकि आतंकियों को इराकी सेना द्वारा खुद पर हमले का ख़तरा था. मरीना जोसे नाम की नर्स ने भी आतंकियों को भला इंसान बताया.

Although initially the terrorists were speaking very politely, but later they started shouting, scolding. It seems that they were under great pressure to protect us because the terrorists were threatened by an Iraqi military attack on themselves. The nurse named Marina José also called the terrorists a good man.

यहाँ सवाल ये है कि यदि आतंकी इतने ही भले लोग थे, तो फिर इन नर्सों ने चोरी-छिपे भारत में अपने रिश्तेदारों को फोन करके ये क्यों कहा कि उनकी जान खतरे में है? वहीँ आतंकियों के साथ ही रह जाना चाहिए था?

The question here is that if terrorists were so good, then why did these nurses call their relatives in a secret India and why did they say that their life is in danger? Should the terrorists stay the same?

yeh bhi dekhe

https://youtu.be/1YmeDP0wOXs

https://youtu.be/1YmeDP0wOXs

sourcename:politicalreport

अमेरिका पर हुए हमले के बाद डोनाल्ड ट्रम्प कि जवाबी कार्यवाही से सेना समेत पाकिस्तान में हाहाकार |

नई दिल्ली : अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश में आज हर दूसरे दिन आतंकवादी हमले होने लगे हैं. कुछ वक़्त पहले लॉस वेगास में गोलियां बरसाई गयी, कभी टेक्सास में गोलियां चली, तो अभी दो दिन पहले न्यूयोर्क में ट्रक से लोगों को कुचल दिया गया साथ ही आतंकवादी ने अल्लाह हु अकबर बोलते हुए गोलियां भी बरसाई. ऐसे में अब अमेरिका ताबड़तोड़ एक्शन लेने जा रहा है जिसमें सबसे पहले उसका कहर टूटा है पाकिस्तान पर!

New Delhi : In a powerful country like America, terror strikes are going on every other day today. The guns were rained in Las Vegas sometime in the past, when tablets shot in Texas, just two days ago in New York the people were crushed by the truck, and the terrorists also shot bullets while talking with Allah Hu Akbar. In such a situation, now America is going to take a swift action, in which the first of its havoc is broken on Pakistan.

आतंकी हमले के बाद ट्रम्प का पाकिस्तान पर टूटा कहर !
अभी मिल रही खबर के मुताबिक जिस आतंकवादी ने न्यूयोर्क में मासूमों पर ट्रक चढ़ाया वह उज़्बेकिस्तान का रहने वाला था ओर कुछ साल पहले ही अमेरिका आया था. वह ऐसे हमले की तैयारी काफी वक़्त से कर रहा था. उसके पास अमेरिका का ग्रीन कार्ड भी था. ऐसे में अब अमेरिका के राष्ट्रपति सबसे पहले बाहर से आने वाले लोगों पर कड़े नियम लगाने जा रहे है. जिसमे सबसे पहला नंबर पाकिस्तान का लगा है!

After the terrorist attack, Trump’s broken havoc on Pakistan!
According to the news now available, the terrorist who carried trucks on the streets in New York was supposed to be from Uzbekistan and came to America a few years ago. He was preparing for such an attack quite a long time. He also had a US green card. In such a situation, the President of the United States is going to put stricter rules on people coming from outside. In which the first number is Pakistan.

मैनहैटन अटैक के बाद लगता है अमेरिका में पाकिस्तानियों की एंट्री और मुश्किल होने वाली हैं. पाकिस्तान से आने वाले हर नागरिक की अच्छे से तलाशी ली जाए ओर ख़ास नज़र रखी जाय क्यूंकि वहीँ सबसे ज़्यादा आतंकी मौजूद हैं. यह बात खुद अमेरिकी सांसद पीटर किंग ने कही है. पीटर किंग ने सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि पाकिस्तान आतंकवादियों का स्वर्ग है, जो भी शख्स पाकिस्तान या अन्य आतंकी देश से आएगा उसपर पैनी नज़र रखी जायेगी ओर उसकी खास तलाशी ली जायेगी. इससे पहले भी आपको याद दिला दें पाकिस्तान से आने वाले नागरिकों के कपड़े उतरवाकर कुत्तों से सुंघवा कर तलाशी ली जाती थी!

After the Manhattan attack, Pakistanis’ entry in the US seems to be difficult. Every citizen coming from Pakistan should be searched and closely monitored, as the most terrorists are present. This is what the American MP Peter King himself said. Peter King said in an interview to CNN that Pakistan is a paradise of terrorists, the person who comes from Pakistan or other terrorist country will be monitored and will be searched for a special investigation. Earlier reminded you that the clothes of civilians coming from Pakistan were stripped and dogs were searched and searched.

पाकिस्तान से 800 आतंकी IS में शामिल होने गए थे!
अमेरिकी सांसद ने कहा पाकिस्तान में सबसे ज़्यादा आतंकवादी संगठन हैं. अब तक जितने भी हमले हुए है उनमे से कईयों का संबंद्ध पाकिस्तानी आतंक से था.पीटर ने खुलासा किया कि पाकिस्तान से करीब 800 लोग ISIS में शामिल होने के लिए सीरिया गए थे. ऐसे में अब पाकिस्तान के लोगों पर फिर से कड़ी चेकिंग करने की ज़रूरत हो गयी है. क्योंकि जिस तरह से ये आतंकी हमले हो रहे है इससे एक बात तो साफ है कि ये आतंकी एक बड़ी साजिश के तहत एक के बाद एक हमला कर रहे है!

800 terrorists from Pakistan were involved in IS!
The American MP said that there are the most terrorist organizations in Pakistan. Many of the attacks that have happened so far have belonged to Pakistani terror.Peter revealed that about 800 people from Pakistan had gone to Syria to join ISIS. In such a situation, the people of Pakistan are now required to make strict checkup again. Because, by the way the terrorist attacks are happening, one thing is clear that these terrorists are attacking one after another under a big conspiracy.

पीटर किंग का यह बयान न्यू यॉर्क में हुए आतंकी हमले के बाद आया है. जिसमें हमलावर ने एक ट्रक को लोगों पर चढ़ा दिया था जिसमें आठ लोगों की जान चली गई थी. इसके बाद ट्रंप ने कहा था कि वह किसी भी कीमत पर आईएस को अमेरिका में घुसने नहीं देंगे. उस हमले के बाद से उसने ये कानून जारी कर दिया कि बाहर से आने वाले हर किसी कि पूरी तलाशी ली जाएगी. और संदिग्द होने पर सक्त कार्यवाही कि जाएगी!

This statement of Peter King came after the terrorist attack in New York. In which the assailant had given a truck to people, in which eight people lost their life. After this, Trump had said that he would not let the IS enter the US at any cost. Since that attack, he has issued the law that everybody coming from outside will be searched for the whole. And if there is suspicion there will be strong action.

तो वहीँ गुस्साए ट्रंप ने बुधवार को कहा था कि आतंकी को एक स्टेट डिपार्टमेंट प्रोग्राम के तहत अमेरिका में घुसने की इजाजत दी गई थी जिसे ‘विविधता लॉटरी कार्यक्रम’ कहा जाता है. इस वीजा कार्यक्रम के तहत उन देशों के लोगों को ग्रीन कार्ड दिया जाता है जहां से आमौतर पर उनके मेरिट आधारित उम्मीदवार नहीं होते. हमले को अंजाम देने वाला 29 वर्षीय उज्बेक प्रवासी साइपोव 2010 में वैध रूप से अमेरिका आया था ओर अब ऐसे किसी भी कार्यक्रम को ख़त्म करने की योजना बनायीं जा रही है!

So angry, Trump had said on Wednesday that the terrorists were allowed to enter the US under a State Department program called ‘Diversity Lottery Program’. Under this visa program, green card is given to people from those countries where they are not merit based candidates on the ground floor. The 29-year-old Uzbek migrant who executed the attack, came to the US legally in 2010, and now plans to finish any such program is being done.

source : ddbharti.in

बड़ा खुलासा- अहमद पटेल का हुआ पर्दाफाश, जांच में इन बड़े नेताओं का नाम आया सामने !

नामोभारत ने सबसे पहले अपने पाठको को बताया था की गुजरात में जो 2 ISIS के आतंकी पकडे गए है उनमे से एक के तार कांग्रेस नेता अहमद पटेल से जुड़े हुए है, नामोभारत के बाद अन्य पोर्ट्सल और फिर टीवी वाली मीडिया ने भी ये खबर दिखाना शुरू कर दिया|

Namobharat had first told his readers that one of the two ISIS terrorists in Gujarat has been linked to Congress leader Ahmed Patel, after Nomination, other portals and then TV-based media also started showing this news. Done

अहमद पटेल सिर्फ उस अस्पताल का ट्रस्टी ही नहीं बल्कि उसका संस्थापक भी था, ये अहमद पटेल का ही अस्पताल है, 2014 में ट्रस्टी पद से इस्तीफा दिया, पर मालिकाना हक अहमद पटेल का ही है, 2016 में वो इस अस्पताल के एक कार्यक्रम में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भी लाया था |

Ahmed Patel was not only the trustee of that hospital but also the founder of it, it is Ahmad Patel’s hospital, resigned from the trustee post in 2014, but belongs to the owner of Ahmed Patel, in 2016 in a hospital program, President Pranab Mukherjee was also brought.

अहमद पटेल के अस्पताल से ISIS का आतंकवादी निकला है, पर कांग्रेस का कहना है की अहमद पटेल और कांग्रेस का इस से कुछ लेना देना नहीं है, इतनी बड़ी खबर के बाद भी सी.पी.एम. और आम आदमी पार्टी ने चुप्पी साध रखी है, इनका सोशल मीडिया आईटी सेल भी एकदम चुप है, और इसी चुप्पी पर भारतीय सेना के पूर्व मेजर ने सवाल पूछा है |

ISIS has emerged as a terrorist from Ahmed Patel’s hospital, but the Congress says that Ahmed Patel and the Congress have nothing to do with it, even after such a big news, CPM And the Aam Aadmi Party has kept quiet, their social media IT cell is also quite silent, and on this silence the former Major of the Indian Army has asked the question.

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जिस अस्पताल का कर्मचारी ISIS का आतंकी निकला है उस अस्पताल अहमद पटेल का है जो गुजरात में मुख्यमंत्री पद का भी कांग्रेस दावेदार है, पर इतनी बड़ी खबर पर आम आदमी पार्टी और सी.पी.एम. और अन्य सेक्युलर दल बिलकुल चुप है|

Hospital hospital employee ISIS is out of the hospital Ahmed Patel, who is also a Congress contender for the Chief Minister in Gujarat, but on such a big news, the Aam Aadmi Party and the CPM. And other secular parties are absolutely silent.

अगर अहमद पटेल की जगह इस अस्पताल से मोदी या अमित शाह जुड़े होते, या इस अस्पताल के ट्रस्टी में कोई बीजेपी का नेता होता, तो क्या आम आदमी पार्टी सी.पी.एम. और अन्य सेक्युलर और वामपंथी इसी प्रकार चुप रहते ?

Had Ahmed or Amit Shah been associated with this hospital instead of Ahmed Patel, or if there was a BJP leader in the trustee of this hospital, would the Aam Aadmi Party CPM? And other secular and leftists remain silent in the same way?

ये तो अहमद पटेल का नाम आया इसलिए सभी सेक्युलर तत्व खामोश है, बीजेपी के किसी नेता या संघ के किसी नेता का नाम आता तो हिन्दू आतंकवाद का राग सभी सेक्युलर अलापने लगते |

It was Ahmad Patel’s name that all the secular elements are silent; the name of any leader of BJP or any leader of the Sangh, the name of the Hindu terrorism, all the secular alarms begin.

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https://www.youtube.com/watch?v=6KzO3XxanXM&t=6s