PM मोदी का एक तीर से दो शिकार बूँद बूँद को तरसेगा नापाक और ……

नई दिल्ली : पाकिस्तान हमेशा से भारत के लिए सबसे बड़ा सर दर्द रहा है. आजादी के बाद से ही पाकिस्तान, भारत के खिलाफ तरह-तरह की साजिशों को अंजाम देता आया है. नेहरू और जिन्ना की करतूतों का अंजाम भारत आज तक झेल रहा है. कांग्रेस भले ही तुष्टिकरण के चलते पाकिस्तान के खिलाफ कोई कदम ना उठा पायी हो, मगर पीएम मोदी ने पाकिस्तान के खिलाफ ऐसा एक्शन लिया है, जिससे ना’पाक का सबसे बुरा सपना सच होने जा रहा है.

New Delhi: Pakistan has always been the biggest headache for India. Since independence, Pakistan has come out with a series of conspiracies against India. India has been facing the consequences of Nehru and Jinnah till today. The Congress may not have taken any action against Pakistan due to appeasement, but PM Modi has taken such a action against Pakistan, which is going to be the worst nightmare of Na’pak.

किशनगंगा प्रोजेक्ट का काम पूरा, मोदी करेंगे उदघाटन
भूख-प्यास व् अकाल से ग्रस्त होने का पाकिस्तान का दुःस्वप्न अब सच होने जा रहा है. भारत के जिस प्रोजेक्ट का पाकिस्तान पुरजोर विरोध करता आया है, उसी 5750 करोड़ रुपये के किशनगंगा हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का काम पूरा हो गया है और पीएम मोदी अगले महीने इसका उदघाटन करेंगे.

Kishanganga project will be completed, Modi will inaugurate
Pakistan’s nightmare of hunger and thirst and famine is going to come true. The project of India’s Kishanganga Hydro Electric Project worth Rs. 5750 crores has been completed and the project which has been strongly opposed by Pakistan, and PM Modi will inaugurate it next month.

पाकिस्तान ने इस प्रोजेक्ट में खूब अड़ंगे लगाए. पाकिस्तान इस मसले को वर्ल्ड बैंक तक ले गया, मगर पीएम मोदी की कूटनीति के कारण वर्ल्ड बैंक में भी पाकिस्तान को मुँह की खानी पड़ी. पाकिस्‍तान इस मसले को इंटरनेशनल कोर्ट ले जाना चाहता था, मगर मोदी के आगे उसकी एक ना चली.

Pakistan has put a lot of pressure in this project. Pakistan took this issue to the World Bank, but due to PM Modi’s diplomacy, Pakistan also had to face the World Bank. Pakistan wanted to take this issue to the International Court, but Modi did not go ahead with his one.

भारत की बिजली की कमी होगी ख़त्म
पाकिस्तान के विरोध के बावजूद पीएम मोदी ने झेलम-चिनाब की सहायक नदियों पर दो हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्‍ट पर काम शुरू करवाया था. इसमें किशनगंगा प्रोजेक्‍ट 330 मेगावाट का है, जबकि रातले प्रोजेक्‍ट की क्षमता 850 मेगावाट है. किशनगंगा प्रोजेक्‍ट बन कर तैयार हो चुका है. नदी पर बाँध बनाया जा चुका है.

India’s lack of electricity will end
Despite opposition from Pakistan, PM Modi had started work on two Hydro Electric Projects on Jhelum-Chenab’s tributaries. The Kishanganga project is 330 MW, while the nightly project has a capacity of 850 megawatts. Kishanganga project has been completed. The dam has been built on the river.

इस प्रोजेक्ट के जरिये प्रतिवर्ष लगभग 171 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन किया जाएगा, जिससे देश में बिजली की कमी ख़त्म हो जायेगी. मगर ये तो इस प्रोजेक्ट का एक छोटा सा फायदा भर है. असली फायदा तो ये है कि ये प्रोजेक्ट पाकिस्तान के खिलाफ भारत की सामरिक ताकत को बढ़ाएगा.

Through this project, about 171 million units of electricity will be produced annually, which will reduce the power shortage in the country. But this is a small benefit of this project. The real advantage is that this project will enhance India’s strategic strength against Pakistan.

पाक के खिलाफ सामरिक ताकत बढ़ाएगा ये प्रोजेक्ट
एनएचपीसी के प्रोजेक्ट जनरल मैनेजर अमरेश कुमार ने इस बारे में बात करते हुए मीडिया को बताया कि भारत सिंधु जल समझौते के तहत अपने अधिकार का उपयोग कर रहा है. भारतीय सेना ने इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में काफी सहायता की व् सुरक्षा मुहैया करवाई.

These projects will boost tactical strength against Pak
Project General Manager of NHPC Amaresh Kumar told the media while talking about the fact that India is using its right under the Indus Water Treaty. The Indian Army has provided adequate assistance and security in fulfilling this project.

हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी के संजय कुमार ने बताया कि बाँध को बनता देखना गर्व की बात है. कई बार तो मुझे खुद को भी ऐसा लगा कि मानो मैं भी सेना का ही एक जवान हूँ, जो देश के लिए अपना दायित्व निभा रहा हूँ. वरना ऐसे हालातों में यहाँ टिकना संभव नहीं.

Sanjay Kumar of Hindustan Construction Company told that it is a matter of pride to see the dam being made. Many times I felt myself even as if I am a soldier of the army, who is carrying out my obligation to the country. Otherwise it is not possible to stay here in such situations.

इस बाँध के जरिये किशनगंगा से नदी के पानी को मोड़कर बिजली बनाने के लिए इस्तमाल किया जाता है और फिर एक नए रुट से पानी को वापस नदी में छोड़ा जाता है, जहाँ से वो पीओके की ओर जा रही झेलम में मिल जाता है. बिजली बनाने के लिए बाँध में तो काफी मात्रा में पानी रोका जाता है, ऐसे में यदि भारत ने बाँध एकाएक खोल दिया, वो भी तब जबकि नदी में काफी मात्रा में पानी पहले से हो, तो पाकिस्तान के कई इलाके बाढ़ में बह जाएंगे.

Through this dam Kishanganga is used to make the electricity by turning the water of the river and then the water is released back into the river from a new route, from where it gets in the Jhelum going towards PoK. In order to make electricity, sufficient water is stopped in the dam, in such a way that if India opened the dam suddenly, then even if there is already a lot of water in the river, many areas of Pakistan will be swept away in the flood.

क्या है सिंधु जल समझौता?
सिंधु जल समझौता (Indus Water Treaty) 1960 में हुआ। इस पर जवाहर लाल नेहरू और अयूब खान ने दस्तखत किए थे. समझौते के तहत छह नदियों- ब्यास, रावी, सतलज, सिंधु, चेनाब और झेलम का पानी भारत और पाकिस्तान को मिलता है. समझौते के मुताबिक, सतलज, व्यास और रावी का अधिकांश पानी भारत के हिस्से में रखा गया, जबकि सिंधु, झेलम और चेनाब का अधिकांश पानी पाकिस्तान के हिस्से में गया.

What is the Indus Water Treaty?
The Indus Water Treaty was born in 1960. Jawaharlal Nehru and Ayub Khan had signed this on. Under the agreement six water bodies – Beas, Ravi, Sutlej, Indus, Chenab and Jhelum – get water from India and Pakistan. According to the agreement, most of the water from Sutlej, Vyas and Ravi was kept in the part of India, whereas most of the water from Indus, Jhelum and Chenab was in part of Pakistan.

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यह भी देखें :

https://www.youtube.com/watch?v=m7CoPymK4gw

 

https://www.youtube.com/watch?v=8WfEyICu_NM

जवानों को बुलेट-प्रूफ जैकेट और गाड़ियाँ देकर मोदी व् राजनाथ ने दिए खतरनाक आदेश, महबूबा सन्न

श्रीनगर : केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह चार दिनों के लिए जम्मू कश्मीर दौरे पर हैं. आज उन्होंने वो काम कर दिया, जिसकी जवानों को सबसे ज्यादा जरुरत थी और जिसकी ओर कांग्रेस ने कभी ध्यान नहीं दिया. छाती तानकर दुश्मन की गोली का सामना करने वाले जवानों को राजनाथ सिंह ने बुलेट प्रूफ गाड़ियाँ और बुलेट प्रूफ जैकेट देते हुए कहा कि अब बेफिक्र होकर सारे आतंकियों को ढूंढ-ढूंढ कर मौत के घाट उतार दो.
Srinagar: Union Home Minister Rajnath Singh is on a Jammu-Kashmir tour for four days. Today, he did that work, whose jawans were the most needed and on which the Congress never paid attention. Rajnath Singh gave bullet proof vehicles and bullet proof jackets to the jawans who were facing enemy bullets and said that now, be anxious and find all the terrorists and find them dead.

आज उन्होंने पुलिस के एक कार्यक्रम को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि मैं आप लोगों की सभी मांगें पूरी कर रहा हूँ. सभी पुलिस थानों को बुलेट प्रूफ गाड़ियाँ दे रहा हूँ, सभी जवानों को बुलेट प्रूफ जैकेट दे रहा हूँ, बस आप दहशतगर्दी से घाटी को मुक्त कर दीजिये. सभी आतंकियों को ठोक डालिये और कश्मीर को फिर से स्वर्ग बना दीजिये. मुझे आशा है कि आप लोग यह काम करके दिखाएंगे क्योंकि आप सेना और सीआरपीएफ के साथ मिलकर फोर-फ्रंट पर लड़ रहे हैं.

Today, he addressed a police program. He said that I am fulfilling all the demands of you people. I am giving bullet proof vehicles to all the police stations, giving bullet-proof jackets to all the soldiers, you just release the valley from terror. Put all the terrorists down and make Kashmir a new heaven again. I hope you will show people this work because you are fighting with the army and the CRPF on the Four-Front.

उन्होंने कहा कि यदि कश्मीर पुलिस इसी तरह सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आतंकियों का सफाया करेगी तो कश्मीर फिर से स्वर्ग बनकर रहेगा, दुनिया की कोई ताकत कश्मीर को स्वर्ग बनने ने नहीं रोक सकती.
राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि, वो सभी से अपील करते हैं कि यदि कोई शिकवा या शिकायत हो तो सीधा हमसे बातचीत करें, वो खुले दिल से बातचीत करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने पीएम मोदी का सन्देश देते हुए कहा कि पीएम मोदी आप लोगों की बहादुरी से बहुत खुश हैं और आपको सलाम भेजा है. घाटी को आतंक से मुक्त करने के लिए आपने बहुत शहादत दी है और आपकी शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी.

He said that if the Kashmiri police like this, with the help of the army, they will be able to get rid of the terrorists. Kashmir will again be a paradise, no power in the world can stop Kashmir from becoming a paradise.
Rajnath Singh further said that he appeals to all that if there is any education or complaint, then talk directly to us, they are ready to talk openly. While delivering the message of PM Modi, he said that PM Modi is very happy with the bravery of the people and has sent you a salute. To liberate the valley from terror, you have given a lot of martyrdom and your martyrdom will not be wasted.

जवानों को बुलेट प्रूफ गाड़ियां व् जैकेट देने के बाद राजनाथ सिंह ने आतंकियों के मुँह पर करारा तमाचा लगाते हुए कहा कि इन दहशतगर्दों को केवल आतंक फैलाने से मतलब है, उन्हें कुछ और नहीं चाहिए. उन्हें लगता है कि अपराध और जिहाद करने से उन्हें जन्नत मिलेगी, क्या उन्हें यह नहीं मालूम है कि हमारे जम्मू कश्मीर पुलिस के जवान और सारे सीआरपीएफ व् सेना के जवान यदि किसी को जन्नत बनाना चाहते हैं तो इस कश्मीर को जन्नत बनाना चाहते हैं.
After giving bullet proof vehicles and jackets to the soldiers, Rajnath Singh slammed the curse on the faces of the terrorists and said that these terrorists are meant to spread terror only, they do not want anything else. They think that they will get a reward from crime and jihad, do not they know that if the jawans of Jammu and Kashmir Police and all the CRPF and Jawans of the army want to make anyone enlightened, then they want to make this Kashmir a jawan.

सेना कश्मीर को जन्नत बनाना चाहती है लेकिन आतंकियों ने इसे नरक बना रखा है. उन्होंने कहा कि जन्नत कहीं और नहीं बल्कि इसी हिन्दोस्तान के कश्मीर में ही है. उन्होंने सभी से अपील की कि जिस कश्मीर को सदा जन्नत के नाम से जाना जाता रहा है, कश्मीर फिर से उसी जन्नत के रूप में जाना जाएगा, इसके लिए सभी के सहयोग की जरूरत है.

यह भी देखे:

https://youtu.be/BVuWDLCqpCM

https://youtu.be/BVuWDLCqpCM

sourcename:politicalreport

बड़ी खबर: सेना के खिलाफ महबूबा सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम, PM मोदी समेत रौद्र रूप में आये सेना के जवान..

जम्मू : फर्जी सेकुलरिज्म की आड़ में किस तरह से देशद्रोही तत्व पनप रहे हैं, इसका अंदाजा आपको ये ताजा मगर दिल दहला देने वाली खबर को पढ़कर हो जाएगा. जिहादी मानसिकता देशभर में तेजी से फ़ैल रही है. भारतीय सेना तक को बक्शा नहीं जा रहा है और सेना का मनोबल गिराने की बड़ी साजिश एक बार फिर शुरू हो गयी है.

Jammu: In what way the anti-trafficking elements are flourishing under the guise of fake secularism, it will be understood by reading this latest but heartwarming news. The jihadi mentality is spreading rapidly across the country. The Indian army is not being expelled and the big conspiracy to demoralize the army has started once more.

पत्थरबाजों को मासूम बता कर सेना के मेजर और सैनिक पर ह्त्या का केस
जब भी आप दंगों, पत्थरबाजी जैसी खबर पढ़ते हैं तो आपके मन में सवाल आता होगा कि आखिर पुलिस दंगे करने वालों को सीधे गोली क्यों नहीं मार देती? क्यों दंगाइयों के खिलाफ एक्शन लेने से हिचकिचाता है प्रशासन?

The Case of the Army Major and the Army on the Army by telling the Marathas innocent
Whenever you read news like riots, stones, then there will be a question in your mind about why police do not kill people directly to the riots? Why is the administration hesitant to take action against the rioters?

सेना पर पत्थर फेकने वालों और आतंकवादियों को बचाने वालों को गोली क्यों नहीं मार दी जाती? ऐसे सवा आपके मन में उठते होंगे. आज आपको इन सवालों का जवाब मिल जाएगा. इसका जवाब हैं उच्च पदों पर बैठे हुए जिहादी, जो अपने जिहादी भाइयों को बचाने के लिए जी-जान लगा देते हैं.

अपनी छाती पर गोली खा कर देश के प्रत्येक नागरिक की रक्षा करने वाली भारत की महान सेना पर जब आतंकी गोलियां बरसा कर और पत्थरबाज पत्थर बरसा कर थक गये तो कश्मीर की महबूबा सरकार ने अब सेना का मनोबल गिराने का बीड़ा उठा लिया है.

मारे गए थे दो आतंक समर्थक पत्थरबाज
कल ही कश्मीर के शोपियां में कश्मीरी पत्थरबाजों ने भारतीय सेना के काफिले को घेर लिया और लगे पत्थरबाजी करने में. आतंक समर्थक इन पत्थरबाजों से अपने जीवन की रक्षा करने के लिए सेना ने हवा में गोलियां चलायीं, मगर दो गोलियां पत्थर फेकने वाले कट्टरपंथियों को जा लगीं. बस फिर क्या था, फ़ौरन देश के मीडिया ने पत्थरबाजों को मासूम नागरिक व् भटके हुए नौजवान करा दिया और सेना को ही हत्यारा बता दिया.

Two terror terrorists were killed
In Kashmir’s Shopian yesterday, Kashmiri stone-bearers surrounded the convoy of the Indian Army and engaged in rocketing. To protect their life from terrorists, the military launched fire in the air, but two bullets went to the fanatics throwing stones. What was just then, the media of the country immediately gave the stonebaughters to innocent civilians and strayed young men and told the army to be the killers.

महबूबा सरकार ने देर ना करते हुए आत्म रक्षा कर रहे सेना के जांबाजो पर हत्या अर्थात 302 के साथ साथ बेहद घातक 307 धारा दर्ज करवा दी है. बता दें कि सेना की 10वीं गढ़वाल यूनिट पर पत्थरबाजों ने भारी पथराव किया था, सैनिकों को अपनी आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी. जिससे दो पत्थरबाज मौके पर ही मारे गए और 9 पत्थरबाज घायल हो गये.

जिसके बाद कश्मीर पुलिस ने पत्थरबाजों को मासूम करार देते हुए गढ़वाल यूनिट के एक मेजर और एक अन्य सैनिक पर हत्या और हत्या के प्रयास के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया. वहीँ इस मामले की जानकारी होते ही राष्ट्रवादी संगठनो में आक्रोश की लहर दौड़ गयी है.

After which the Kashmir Police filed the lawsuit against the killers and murders of a Major and another soldier of the Garhwal unit while treating the stone slabs as innocent. As soon as the matter is known, the wave of resentment has risen in the nationalist organizations.

जिहादियों को उच्च पदाधिकारियों व् नेताओं का संरक्षण
आपको याद होगा कि इससे पहले मेजर गोगोई ने हालात काबू में रखने के लिए एक पत्थरबाज को जीप के बोनट पर बाँध दिया था. जिसके बाद तथाकथित सेकुलरों ने खूब बवाल मचाया था. कांग्रेस ने तो अपने शासनकाल में कर्नल पुरोहित, कर्नल डी के पठानिया, मेजर उपेन्द्र और मेजर उपाध्याय जैसे वीरों को बाकायदा फर्जी केसों में अपराधी तक बना डाला था, क्योंकि ये लोग जिहादियों के खिलाफ देश की रक्षा कर रहे थे.

Protection of high officials and leaders of jihadis
You must remember that before this, Major Gogoi had tied a stonecutter on the jeep’s bonnet to control the situation. After which the so-called secularists had played a great role. In the course of the Congress, the Congress had made the warriors like Colonel Purohit, Colonel DK Pathania, Major Upendra and Major Upadhyay in the fictitious case, as they were protecting the country against the jihadis.

कश्मीर में महबूबा सरकार ने भी सभी हदें पार कर दी हैं, एक ओर तो वो पत्थरबाजों के खिलाफ केस वापस ले रही है, दूसरी ओर सेना के अधिकारियों व् जनावों के खिलाफ ही फर्जी मुक़दमे दायर किये जा रहे हैं, जबकि इस मामले में सेना के प्रवक्ता ने बाकायदा बयान जारी करके कहा है कि जो कुछ भी हुआ, वो सब आत्मरक्षा के लिए किया गया था.

The Mehbooba government has also crossed all limits in Kashmir, on one hand it is withdrawing the case against stone makers, on the other hand, false cases are being filed against the army officers and the people, while in this case the army The spokesperson has issued a statement and said that whatever happened, all that was done for self defense.

अब यहाँ सवाल ये उठ रहा है कि क्या सेना के उन वीर जवानों को पत्थरबाजो के पत्थर खाने के लिए कश्मीर भेजा गया था? क्या ड्यूटी पर तैनात सेना के अधिकारी या सैनिक पर पत्थर फेकना जघन्य अपराध नहीं होता?

यह भी देखें:

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

source zee news

शोपियां में जवानों की जवाबी कार्यवाही पर भडकी महबूबा मुफ़्ती ने भारत सरकार से किया ये शर्मनाक बयान….

कश्मीर : एक लंबे समय से शांत घाटी आज फिर पत्थरबाजों ने माहौल को हिंसक बना दिया. शोपियां जिले के गनौपुरा इलाके में गश्त पर निकले सुरक्षाबलों पर पत्थरबाजों की भीड़ ने हमला कर दिया. भीड़ ने सुरक्षा बलों के 11 वाहनों में आग लग दी और सुरक्षाबलों पर पथराव किया. इस घटना में सेना के एक अफसर समेत 7 जवान गंभीर रूप से घायल हो गए. उग्र होती भीड़ से अपने बचाव के लिए सुरक्षा बलों को गोलियां चलानी पड़ीं. इस गोलीबारी में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हुए हैं.

सेना पर पथराव, वाहन फूंके
रक्षा विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि शोपियां के गनौपुरा में सेना रूटीन गश्त पर थी. अचानक पत्थरबाजों की भीड़ ने सेना के काफिले को घेर लिया और उन पर पत्थर बरसाने लगे. प्रवक्ता ने बताया कि 100-125 युवकों की भीड़ कुछ ही देर में 250-300 के हिंसक भीड़ में बदल गई.

चेहरे पर नकाब लगाए लोगों ने सेना के जवानों को पकड़ कर मारना शुरू कर दिया. काफी देर तक तो सेना हमेशा की तरह भीड़ से बचने की कोशिश करती रही, लेकिन भीड़ ने सेना के वाहनों में तोड़फोड़ कर उनमें आग लगानी शुरू कर दी. देखते ही देखते भीड़ ने 11 वाहनों को आग के हवाले कर दिया.

बचाव में चलाई गोली
सात जवानों को भी गंभीर चोटों आईं. बेकाबू होती भीड़ को तीतर-बितर करने के लिए पहले तो सेना ने लाठीचार्ज किया, लेकिन फिर भी भीड़ काबू में नहीं आई तो सेना को गोलियां चलानी पड़ीं. इस गोलीबारी में एक नागरिक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हुए हैं.

युवा चुन रहे हैं आतंकवाद का रास्ता
कश्मीर में काम कर रहीं Agencies से कुछ आंकड़े मिले हैं. और ये आंकड़े बहुत चिंताजनक हैं. वर्ष 2016 में 88 कश्मीरी युवाओं ने आतंकवाद का रास्ता चुना है. और ये संख्या पिछले 6 वर्षों में सबसे ज़्यादा है. वर्ष 2015 के मुक़ाबले 2016 में घुसपैठ की वारदात तीन गुना बढ़ी हैं

वर्ष 2012 में भारत की सीमा में पाकिस्तान की तरफ से 121 आतंकवादियों ने घुसपैठ की थी, जबकि वर्ष 2016 में ये आंकड़ा 119 आतंकवादियों का था. नोट करने वाली बात ये है, कि बुरहान वानी की मौत के बाद पिछले वर्ष जुलाई के महीने में. कश्मीर घाटी में 820 हिंसक वारदातें हुई थीं.

यह भी देखे :

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

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खास खबर: 2 मोर्चो पर युद्ध का सच आया सामने, सच्चाई जान -रक्षामंत्री समेत PM मोदी हैरान..

New Delhi: 1962 के युद्ध में चीन से भारत भले ही हार गया हो, लेकिन आज इंडियन आर्मी की ताकत इतनी ज्‍यादा है कि इसका अंदाजा चीन को जरूर होगा। चलिए बताते हैं भारतीय सेना के ऐसे ब्रह्मास्‍त्र के बारे में जो पूरी दुनिया को हिलाने की ताकत रखते हैं।

Su-30Mki-लड़ाकू विमानः अब तक का सबसे शानदार एयरक्राफ्ट जिसे वायुसेना की क्रीम भी कहा जाता है। रूस की मदद से बना ये फाइटर जेट किसी भी मौसम में मार करने की क्षमता रखता है। आज की तारीख में एयरफोर्स के पास 200 से ज्यादा सुखोई -30 विमान हैं जो 2100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है। इसमें 30 एमएम की गन के साथ हवा से हवा, हवा से जमीन और एंटीशिप मिसाइलें लगी हुई हैं। इसके अलवा इसमें 6 तरह के बम फिट किए जा सकते हैं।

अर्जुन मार्क-II टैंकः ये भारतीय सेना का मुख्य युद्धक टैंक है, जिसे बेहद खतरनाक माना जाता है। ये अर्जुन टैंक का अत्याधुनिक थर्ड जेनेरेशन टैंक है जिसमें कई सुधार किए गए हैं। ये टैंक किसी भी परिस्थिति में शानदार मार कर सकता है। ये पलक झपकते ही अपने शिकार को निशाना बना लेता है। इसके ऊपर रिमोट संचालित मशीन गन लगी होती हैं। सेना में इसे दीवार कहा जाता है, जिसे तोड़ना दुश्मनों के बस में नहीं।

INS विक्रमादित्यः अपनी खूबियों के चलते इसे तैरता एयरफील्ड और मिनी शहर भी कहा जाता है। INS विक्रमादित्य को समंदर का राजा कहा जाता है। नेवी के लिए ये गेम चेंजर की तरह है ये 45 हजार टन से ज्यादा वजन लेकर चलने में सक्षम है। इसकी लंबाई 283।5 मीटर है और 22 डेक हैं। आईएनएस विक्रमादित्य की रफ्तार लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटे है जिस पर 36 एयरक्राफ्ट रखे जा सकते हैं।

क्रूज मिसाइल – जिसे गेम फिनिशर भी कहा जाता है। इसे भारत और रूस ने मिलकर तैयार किया है जिसे पनडुब्बी, जहाज, एयरक्राफ्ट या जमीन कहीं से भी लॉन्च किया जा सकता है। ऑपरेशन के मामले में इसे दुनिया का सबसे तेज क्रूज मिसाइल माना जाता है। 300 किलो विस्फोटक ले जाने में सक्षम ये मिसाइल 300 किलोमीटर तक मार कर सकती है।

INS चक्रः इसे स्टील से बनी शार्क भी कहा जाता है। ये पनडुब्बी पानी के अंदर जब तक चाहे रह सकती है। भारत ने नेवी को ट्रेंड करने के लिए इसे दस साल के लिए रूस से लीज पर लिया है। ये परंपरागत हथियार, चार 533 एमएम और चार 650 एमएम टोरपेडो ट्यूब्स ले जाने में सक्षम है, जो दुश्मन के शिप को उड़ाने में काम आते हैं। इसे सबसे तेज परमाणु पनडुब्बी माना जाता है।

अग्नि-5: इसे किलर मिसाइल भी कहा जाता है। अग्नि-5 इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल है जिसकी मारक क्षमता 8 हजार किलोमीटर तक है और ये एक हजार किलो तक का परमाणु हथियार ले जाने की भी ताकत रखती है।

INS विक्रांत: ये देश में बना पहला एयरक्राफ्ट कैरियर है। ये 262 मीटर लंबा, 60 मीटर चौड़ा और 40 हजार मीट्रिक टन वजन ढोने में सक्षम है, इसका डिजाइन ऐसा बनाया गया है ताकि MiG-29K को यहां से ऑपरेट किया जा सके। एक बार में आईएनएस विक्रांत 30 एयरक्राफ्ट ले जाने में सक्षम है।

बराक 8: एंटी मिसाइल बराक 8 सेना के लिए रक्षा कवच की तरह है। ये लंबी दूरी का एंटी एयर और एंटी मिसाइल डिफेंस सिस्टम है। इसे इजराइल के साथ मिलकर तैयार किया गया है।

ग्लाइड बम: वो बम जो वायुसेना के लिए अचूक अस्त्र होगा। इसके जरिए निशाना तय कर बम गिरा सकेंगे। ये बम लड़ाकू विमान की मार को और सटीक करेगा। इसके अगले साल के अंत तक बनाने की तैयारी है।

P-81 नेप्चून: भारतीय नौसेना की आंख है नेप्यून। आठ नेप्चून विमान ससंदर की हर हलचल पर नजर रखते हैं, और जरूरत पड़ने पर किसी भी पनडुब्बी तक को बर्बाद कर सकते हैं।

NAMICA (नाग मिसाइल करियर):
ये टैंकरोधी सिस्टम है। नमिका एक साथ 8 नाग मिसाइलों को छोड़ सकती है। इसमें सेंसर लगे होते हैं। ये एक बार निशाना तय हो जाने के बाद टार्गेट को तबाह करके ही छोड़ती हैं। ये मिसाइलें दागो और भूल जाओ की नीति पर चलती हैं।

यह भी देखें :

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

‘जब कुत्ते भौंकते हैं तो आप गाड़ी नहीं रोको…गुजरात चुनाव से ऐन पहले ‘लकी अली’ का बड़ा बयान

नई दिल्ली: गायक लकी अली ने जम्मू-कश्मीर में आतंकी वारदातों और यहां सीमापार से अशांति फैलाने के लिए किए जा रहे कार्यों पर बेहद तल्ख टिप्पणी की है. न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक श्रीनगर में एक कंसर्ट में हिस्सा लेने पहुंचे गायक लकी अली ने कहा, ‘मेरे पिता कहते थे-जब कुत्ते भौंकते हैं तो आप गाड़ी नहीं रोको, चलते रहो. कश्मीर शांति है.’ गायक लकी अली ने स्पष्ट किया कि उनकी ये बातें इस संदर्भ में है कि जम्मू कश्मीर के विकास के लिए जो कुछ किया जा रहा है उसे जारी रखा जाए, कुछ लोग जो यहां अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं उनके बहकावे में न आएं. बॉलीवुड गायक लकी अली ने श्रीनगर में डल झील के तट पर आयोजित एक संगीत समारोह में अपना कार्यक्रम पेश किया. इसका आयोजन थल सेना ने किया था. अली 1990 के दशक के आखिर में गायन के क्षेत्र में एक सनसनी थे. उनके लोकप्रिय गीतों में ‘आ भी जा’, ‘ऐ सुबह’ और ‘जाने क्या ढूंढता है ये मेरा दिल’ शामिल है.

New Delhi: Singer Lucky Ali has made extremely cautious remarks about the acts of terrorism in Jammu and Kashmir, and to spread disturbance from across the border. According to the news agency ANI, singer Lucky Ali who came to participate in a concert in Srinagar said, “My father used to say,” When dogs bark, you do not stop the car, keep walking. Kashmir is peace. ‘ Singer Lucky Ali clarified that his words are in the context that whatever is being done for the development of Jammu Kashmir should be continued, some people who are trying to spread disturbance do not come here in the illusion. Bollywood singer Lucky Ali presented her program at a concert organized on the banks of the Dal Lake in Srinagar. It was hosted by the Army. Ali was a sensation in the field of singing in the late 1990s. His popular songs include ‘Aaa Aaya Jaa’, ‘A Morning’ and ‘Jaane Ki Mukta Hai This My Heart’.

‘श्रीनगर युवा उत्सव 2017’ के तहत यहां शेर ए कश्मीर इंटरनेशनल कंवेंशन सेंटर के प्रांगण में थल सेना ने इस समारोह का आयोजन किया था. हाल के समय में कश्मीर में खुले स्थान पर अपनी गायिकी का प्रदर्शन करने वाले अली बॉलीवुड के दूसरे गायक हैं. उनसे पहले अदनान सामी ने सात अक्टूबर को श्रीनगर में अपना कार्यक्रम पेश किया था. समारोह में राज्यपाल एनएन वोहरा मुख्य अतिथि थे. मालूम हो कि लगी मशहूर कॉमेडियन महमूद के बेटे हैं. इन्होंने ‘सुर’ फिल्म में एक्टिंग भी की है. इसके अलावा वे ‘कहो ना प्यार है’ फिल्म के गाने भी गा चुके हैं.

Under the ‘Srinagar Yuva Utsav 2017’, the Army organized this event in the premises of the Sher-e-Kashmir International Convention Center here. Ali is the second singer of Bollywood to showcase his singing at the open place in Kashmir in recent times. Before them, Adnan Sami had presented his program on October 7 in Srinagar. Governor NN Vohra was the chief guest at the function. It is known that the legendary Comedian is Mahmud’s son. He has also acted in the movie ‘Sur’. Apart from this, he has sung songs of the movie ‘Kaho Na Pyaar Hai’.

अदनान सामी के कंसर्ट पर पूर्व सीएम ने किया था ट्वीट
इसी साल 7 अक्टूबर को गायक अदनान सामी ने भी श्रीनगर में एक कंसर्ट किया था. यह कंसर्ट कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कराया गया था. इस कंसर्ट में ज्यादातर सीटें खाली रह गई थीं, जिसके बाद जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर अदनान पर तंज कंसा था. नाराज अदनान ने भी उन्हें जवाब दे दिया था.

Did the former CM on the Adnan Sami concert
On October 7 this year, singer Adnan Sami also had a concert in Srinagar. This concert was done to promote tourism in Kashmir. Most of the seats were left vacant in this concert, after which former Jammu and Kashmir Chief Minister Omar Abdullah tweeted a tan brace on Adnan. Angry Adnan also gave him the answer.

उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया था, ‘उम्मीद है कि अब लोगों ने उन सीटों को भर दिया गया होगा. यह म्यूजिक की एक शाम उन्हें शांति की ओर ले जा सकती थी.’

Omar Abdullah tweeted, ‘It is hoped that people will now have filled those seats. It was one evening of music that could lead them towards peace. ‘

जवाब में अदनान ने ट्वीट किया, ‘आप एक म्यूजिक कंसर्ट से ही काफी सकते में दिख रहे हैं. भाई आप एक पूर्व मुख्यमंत्री हैं आपको इस तरह एक म्यूजिक कंसर्ट से चकित नहीं होना चाहिए. शायद आपके सोर्स बेहद खराब हैं, जिन्होंने आपसे इस कॉन्सर्ट के बारे में झूठ बोला है.

In response, Adnan tweeted, “You are looking very much from a music concert. Brother You are a former Chief Minister. You should not be surprised at such a music concert. Perhaps your sources are very bad, who have lied about this concert with you.

गायक लकी अली ने जम्मू-कश्मीर में आतंकी वारदातों और यहां सीमापार से अशांति फैलाने के लिए किए जा रहे कार्यों पर बेहद तल्ख टिप्पणी की है.

Singer Lucky Ali has made extremely cautious remarks about the acts of terrorism in Jammu and Kashmir and to spread disturbance from across the border.

खास बातें
1.जम्मू कश्मीर में लकी अली ने किया कंसर्ट
2.कश्मीर के हालात पर बोले लकी अली की तल्ख टिप्पणी
3.कहा, अशांति फैलाने वालों पर ध्यान न दें, विकास के कार्य पर फोकस रखना जरूरी

Special things
1. Lucky Ali made concert in J & K
2. Lucky Ali’s critical remarks on Kashmir’s situation
3. Do not pay attention to those who spread unrest, it is important to focus on development work.

ये विडियो भी जरुर देखें

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

https://youtu.be/J9C7XKzLG-k

source- zee news