खास खबर: करनी सेना को बदनाम करने की साजिश का हुआ खुलासा, इस शख्स ने किया पर्दाफाश..

कल भारतीय मीडिया ने एक वीडियो चलाना शुरू किया और बताने लगे की ये गुरुग्राम के बस का वीडियो है जहाँ करणी सेना ने बच्चों के बस पर पत्थरबाजी कर दी, मीडिया ने इस हिंसा को करणी सेना पर थोप दिया, फिर करणी सेना छोड़ मीडिया वाले राजपूतों के पीछे पड़ गए और उसके बाद हिन्दुओ ने बच्चों पर हमला किया

The Indian media started playing a video yesterday and began to tell that this is a video of the Gurugrama bus where Karani army stoned the children on the bus, the media imposed this violence on the army, then the Karani army left the Rajputs of the media Fell behind and after that Hindus attacked the children

हमेशा से अपने पाठकों को आगाह करता है, की भारतीय मीडिया पर भरोसा करने से पहले 10 बार जरूर सोच लें, और जल्दबाजी में मीडिया के बहकावे में न आये, मीडिया तो गौरी लंकेश की हत्या के पीछे भी हिन्दुओ का हाथ बताती थी, अब हम आपको उस स्कुल बस के ड्राइवर का वीडियो दिखा रहे है, आप ध्यान से सुनिए बस के ड्राइवर ने क्या कहा, ये शख्स उस समय बस को चला रहा था

Always warns his readers that, before believing on the Indian media, definitely think 10 times, and did not come into the media misbehavior in haste, the media used to tell Hindus’ hands even after killing Gauri Lankesh, now we You are showing the video of the driver of that school bus, you listen carefully, what the driver of the bus said, this person was driving the bus at that time.

https://www.facebook.com/Aladeenv5/videos/972544796230285/

बस के ड्राइवर ने साफ़ कर दिया की करणी सेना के लोगो ने बच्चों की बस पर कोई पत्थरबाजी नहीं की, यहाँ तक की करणी सेना के लोग तो खुद ये कह रहे थे की बस को आगे जाने का रास्ता दे दो, चूँकि ये बस बच्चों की है, करणी सेना तो स्कुल बस के लिए रास्ता बना रही थी, और पत्थरबाजी का तो सवाल ही नहीं उठता

The driver of the bus cleared that the people of the army did not take any stone stone on the buses of the army, even the people of the army’s army were saying that give the bus the way to go ahead, because it is just children’s That is, the army was making way for the school bus, and the question of stonework does not arise.

इस बस पर टुकड़े टुकड़े गैंग के लोगों ने पत्थरबाजी की और जिनसे मीडिया ने भी सांठगांठ कर रखी थी, पत्थरबाजी टुकड़े टुकड़े गैंग ने की और मीडिया ने ठीकरा फोड़ना शुरू कर दिया की, बच्चों पर करणी सेना ने हमला कर दिया, फिर मीडिया वाला बोला की राजपूतों ने बच्चो पर हमला शुरू कर दिया, फिर दूसरा मीडिया वाला बोला की हिन्दुओ ने बच्चों पर हमला कर दिया, करणी सेना कायर है, राजपूत कायर है, हिन्दू कायर है, पूरी मीडिया इसी खेल में लग गयी

On this bus the people of the laminated gang stoned and the media had also connived, the stone was broken by the gang and the media began to crack, that the Karmic army attacked the children, then talk about the media The Rajputs started attacking the children, then the second media said that Hindus attacked the children, the army is cowardly, the Rajput is cowardly, Hindu is cowardly, the whole mile Dia got into this game

और देश के अधिकांश लोग इस मीडिया की बातों में फटाफट आ गए और हिन्दुओ को गालियां देने का खेल शुरू हो गया, जबकि किसी भी मीडिया वाले के पास 1 भी सबूत नहीं है की वो बता सके की बच्चों पर पत्थर फेंकने वाले लोग करणी सेना के ही थे, और अब तो बस के ड्राइवर ने पूरी मीडिया के गंदे खेल को पेपरदा कर दिया

And most of the people of the country came to the forefront of this media and started playing a game of abuses against Hindus, while no media person has no proof that they could tell that those who throw stones at children, It was the same, and now the driver of the bus papers the dirty game of the whole media

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अभी अभी: रिलीज डेट से ऐन पहले गुजरात के सिनेमा घरों ने दिया बड़ा बयान, जिसे देख करनी सेना हैरान….

गुजरात मल्‍टीप्‍लेक्‍स असोसिएशन के डायरेक्‍टर, राकेश पटेल ने कहा, ‘हमने तय किया है कि हम पूरे गुजरात में यह फिल्‍म रिलीज नहीं करेंगे. सभी डरे हुए हैं, कोई भी मल्‍टीप्‍लेक्‍स इस नुकसान या परेशान नहीं उठाना चाहता.’

निर्देशक संजय लीला भंसाली ने भले ही ‘पैडमैन’ यानी अक्षय कुमार को मना कर अपनी फिल्‍म के सिंगल रिलीज होने का रास्‍ता साफ कर लिया हो, लेकिन उनकी मुसीबतें अभी खत्‍म नहीं हुई हैं. अब उनके ही गृहनगर गुजरात के मल्‍टीप्‍लेक्‍स असोसिएशन ने यह घोषणा कर दी है कि वह गुजरात के किसी भी सिनेमाघर में यह फिल्‍म रिलीज नहीं करेंगे. न्‍यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार गुजरात मल्‍टीप्‍लेक्‍स असोसिएशन के डायरेक्‍टर, राकेश पटेल ने कहा, ‘हमने तय किया है कि हम पूरे गुजरात में यह फिल्‍म रिलीज नहीं करेंगे. सभी डरे हुए हैं, कोई भी मल्‍टीप्‍लेक्‍स इस नुकसान या परेशान नहीं उठाना चाहता. आखिर हम यह नुकसान क्‍यों उठाएं?’

इस फिल्‍म का शुरुआत से ही जमकर विरोध हो रहा है. एक दिन पहले ही हैदराबाद के बीजेपी विधायक टी राजा सिंह ने फिल्‍म ‘पद्मावत’ के विरोध के लिए लोगों को किसी भी हद तक जाने का एलान किया है. टी राजा ने एक वीडियो में कहा, ‘मैं लोगों से इस फिल्‍म का विरोध करने की विनती करता हूं. जो भी थिएटर यह फिल्‍म दिखाए, आप उसे आप तहस नहस कर दें, वहां आग लगा दें. आप यह कोशिश करें कि संजय लीला भंसाली जैसे डायरेक्‍टर को बुरी तरह नुकसान हो और कोई भी और निर्देशक इतिहास के साथ कभी छेड़छाड़ न करे.’

बता दें कि ‘पद्मावत’ 25 जनवरी को सिनेमाघर में रिलीज होने वाली है. इस फिल्‍म का विरोध देशभर में हो रहा है. इस फिल्‍म में रणवीर सिंह, शाहिद कपूर और दीपिका पादुकोण नजर आएंगे. यह पहली फिल्‍म है जिसमें भंसाली के साथ शाहिद कपूर काम करते नजर आएंगे. इस फिल्‍म पर 4 राज्‍यों ने बैन लगा दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पूरे देश में इस फिल्‍म की रिलीज को हरी झंडी मिल चुकी है.

और आपको ये भी बता दें की सुप्रीम कोर्ट के मिलार्ड के पास करोड़पति प्रोडूसर संजय लीला भंसाली ने याचिका लगायी, मिलार्ड के पास 3 करोड़ से ज्यादा केस पेंडिंग है, जिनकी 20-20 साल सुनवाई नहीं होती, पर भंसाली के केस को फटाफट सूना गया और भंसाली के पक्ष में 20 मिनट से भी कम समय में फैसला दे दिया गया

4 राज्यों ने भंसाली की फिल्म पद्मावत पर रोक लगाई थी सुप्रीम कोर्ट ने रोक को हटा दिया और कहा की फिल्म पुरे देश में दिखाई जानी चाहिए, अब सरकारों पर तो कोर्ट ने अपने आदेश की कॉपी चिपका दी, पर गुजरात में हिन्दुओ ने मिलार्ड और भंसाली दोनों को अपना जवाब दे दिया है

गुजरात में मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन की बैठक हुई और सिनेमा हॉल के मालिकों ने भंसाली की फिल्म पद्मावत का बहिष्कार कर दिया, सिनेमा हॉल मालिकों ने ऐलान किया की वो भंसाली की फिल्म अपने सिनेमा हॉल में लगाएंगे ही नहीं, न लगेगी भंसाली की फिल्म और न ही इस बेहूदा फिल्म को कोई देखेगा

गुजरात आज़ादी के बाद से ही हिंदुत्व का सबसे प्रखर इलाका रहा है, अयोध्या में भी उत्तर प्रदेश से अधिक कारसेवक गुजरात के ही होते थे, और आज गुजराती हिन्दुओ ने मिलार्ड और भंसाली दोनों को जवाब दे दिया है, हिन्दुओ में एकता और जागरूकता आ ही रही है, भले हिन्दुओ को जातियों में कितना भी तोडा गया हो गुजरात में पर हिन्दुओ ने एकजुटता और स्वाभिमान का एक बार फिर परिचय दिया है

सिनेमा हॉल के मालिकों ने फ़िल्मी धंधे को नहीं बल्कि हिन्दू स्वाभिमान को महत्त्व दिया है, मीडिया के लोग भंसाली की फिल्म का समर्थन कर रहे है, बहुत से नेता भी भंसाली की फिल्म का समर्थन कर रहे है, ये समर्थन इसलिए कर रहे है क्यूंकि भंसाली ने करोडो रुपए का खर्च इनपर भी किया है, पर गुजराती सिनेमा हॉल मालिकों ने हिन्दू स्वाभिमान को झुकने नहीं दिया और भंसाली की बेहूदा फिल्म पद्मावत का बहिष्कार कर दिया

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बड़ी खबर: पद्मावत विवाद पर अचानक आये इस फैंसले से दहला पूरा हिंदुस्तान…

जयपुर: राजस्थान के जयपुर में राजपूत महिलाओं ने जौहर दिखाने की धमकी दी है। फिल्म पद्मावत की रिलीज से खफा राजपूत महिलाओं का कहना है कि अगर फिल्म रिलीज हुई तो जौहर का इतिहास फिर दोहराया जाएगा।

Jaipur: Rajput women have threatened to show jawar in Jaipur, Rajasthan. Khapha Rajput women from the release of the film Padmavat says that if the film is released then the history of Johar will be repeated again.

बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फिल्म पद्मावत की रिलीज पर 4 राज्यों में लगी रोक हटाने का आदेश दिया था। फिल्म 24 जनवरी को रिलीज हो रही है। हालांकि एक दूसरे समुदाय ने कहा है कि वे फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में फिर से याचिका दायर करेंगे।

Let the Supreme Court order on the release of Padmavat on Thursday, order to lift the ban in 4 states Had given. The film is being released on January 24. However, another community has said that they will file a petition again in the Supreme Court to ban the release of the film.

राजस्थान और मध्य प्रदेश की राजपूत महिलाओं के संगठन क्षत्राणी मंच ने कहा है कि उनके समुदाय की महिलाएं अपना जीवन जौहर स्थल पर खत्म कर देगीं। उन्होंने बताया कि राजपूतों को मानना है कि जौहर स्थल चित्तौड़गढ़ किले में है, जहां रानी पद्मावती ने जौहर दिखाया था।

Organization of Rajput women from Rajasthan and Madhya Pradesh has said that the women of their community will end their lives at the Johor site. He told that Rajputs believe that the Jauhar site is in Chittorgarh Fort, where Rani Padmavati showed Jauhar.

क्षत्राणी मंच की समन्वयक निर्मला राठौर ने कहा कि उन लोगों की मांग है कि फिल्म पद्मावत पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए। फिल्म का कहीं पर भी रिलीज होना उन लोगों का अपमान है। उन्होंने कहा कि क्षत्राणी महिलाएं समुदाय के सम्मान के लिए रानी पद्मावती की तरह जौहर दिखाने में कोई हिचक महसूस नहीं करेंगी।

Nirmala Rathore, coordinator of the Ahratti Panchayat said that those people demand that the film Padmav will be banned altogether. The release of the film anywhere is an insult to those people. He said that women will not feel any hesitation in showing the jewelers like Rani Padmavati for the respect of the community.

उन्होंने बताया कि क्षत्रिय मंच की तरफ से स्वाभिमान मार्च 21 जनवरी को निकाला जाएगा। इस मार्च में कई शाही परिवारों की महिलाएं भी हिस्सा ले रही हैं। मार्च करते हुए महिलाएं जौहर स्थल तक पहुंचेंगी। उन्होंने बताया कि चौमू की राजकुमारी और उदयपुर के शाही परिवारों की महिलाओं ने इस मार्च में हिस्सा लेने की सहमति दे दी है। राजपूत महिलाएं जौहर स्थल + पर पहुंचकर वहां की मिट्टी हाथों में लेंगी और इस लड़ाई की प्रतिज्ञा लेंगी।

He said that self-respect from the Kshatriya platform will be removed on March 21st. In this March, women of many royal families are also participating. While marching, women will reach Jauhar site. He told that the women of the Chumu’s princess and the royal families of Udaipur have agreed to take part in this march. Rajput women will reach Jauhar site + and take the soil of their hands and take a pledge for this fight.

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पद्मावत विवाद पर करनी सेना ने दी बड़ी चुनौती, राष्ट्रपति कोविंद समेत पूरी “फिल्म इंडस्ट्री” सदमे में..

नई दिल्लीः संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ की रिलीज को लेकर भले ही सेंसर बोर्ड से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक ने हरी झंडी दे दी हो लेकिन फिल्म का विरोध कर रही राजपूत करणी सेना ने अपने तेवर कम नहीं किए है. करणी सेना के सुखदेव सिंह ने मीडिया को बताया, ‘हमें हमारे वकीलों ने बताया है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में आखिरी में लिखा है कि यदि कानून-व्यवस्था बिगड़ती हो तो राज्यों को यह अधिकार है कि वह फिल्म की रिलीज को लेकर कोई निर्णय ले सके.’ उन्होंने कहा कि करणी सेना इस फिल्म पर से बैन हटाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बड़ी बेंच और राष्ट्रपति तक के पास लेकर जाएगी.

सुखदेव सिंह ने काफी गुस्से भरे स्वर में कहा कि इस फिल्म के जरिए देश में हिंदुत्व को नीचा दिखाया जा रहा है. करणी सेना के नेता ने कहा है कि हिंदुत्व की बात करने वाले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और पीएम मोदी की चुप क्यों है?

‘वीएचपी के प्रवीण तोगड़िया की शुक्रिया’
करणी सेना सुखदेव सिंह ने कहा कि मैं विश्व हिंदू परिषद के प्रवीण तोगड़िया का धन्यवाद देता हूं जिन्होंने इस फिल्म को बैन किए जाने का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि ‘पद्मावत’ फिल्म देश में हिंदू और मुस्लमानों के बीच विवाद पैदा करेगी. इस फिल्म से राजपूतों और ब्राह्मणों के बीच भी विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और सेंसर बोर्ड को चाहिए की पहले यह फिल्म 10 इतिहासकारों को दिखाए फिर इसके रिलीज के बारे में सोचे.

करणी सेना की प्रसून जोशी को धमकी
सुखदेव सिंह ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेश (CBFC) के प्रमुख प्रसून जोशी को लेकर भी धमकी दी है. उन्होंने कहा है कि ‘हम प्रसून जोशी को राजस्थान में घुसने नहीं देंगे.’ सुखदेव सिंह ने कहा है कि हम सुप्रीम कोर्ट में बड़ी बेंच के पास जाएंगे और फिल्म पर बैन लगाने की अपनी मांग को रखेंगे.

कलवी ने पीएम मोदी से की हस्तक्षेप की मांग
इसके अलावा करणी सेना के प्रमुख लोकेंद्र सिंह कलवी ने कहा है कि, लॉ एंड ऑडर को लेकर मुख्यमंत्रियों के बयान आना शुरू हो गए है. गुजरात के सीएम ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए फिल्म पर लगाया बैन जारी रखा है. उन्होंने कहा कि पूरा राजपूत समाज इस वक्त पीएम मोदी की तरह देख रहा है. यह बहुत गंभीर मामला है उन्हें हस्तक्षेप करना चाहिए. कलवी ने बताया कि यदि राज्य सरकार को ऐसा लगता हो कि किसी फिल्म के रिलीज से राज्य में कानून व्यवस्था खराब हो सकती है तो ऐसी स्थिति में वह फिल्म की रिलीज रोक सकती है. उन्होंने इसका उदाहरण देते हुए कहा कि, राजस्थान में आशुतोष गोवारिकर की फिल्म जोधा अकबर (2008) और गुजरात में यश राज फिल्म की फना (2006) को सेंसर बोर्ड की हरी झंडी मिलने के बाद भी बैन कर दिया गया था.

सेंसर सर्टिफिकेट को रद्द करने की याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ‘पद्मावत’ को सेंसर बोर्ड द्वारा दिए गए सर्टिफिकेट को गैर कानूनी बताने वाली याचिका को खारिज कर दिया. इस याचिका को खारिज करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा की अध्‍यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने कहा, ‘अदालत, संविधान के अनुसार चलती है और हम कल ही अपने अंतरिम फैसले में यह कह चुके हैं कि राज्‍य सरकारों के पास किसी भी फिल्‍म की स्‍क्रीनिंग रोकने का अधिकार नहीं है.’ यह याचिका वकील मनोहर लाल शर्मा ने दाखिल की थी.

सुुप्रीम कोर्ट ने फिल्म से बैन हटाया
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 18 जनवरी को फिल्म ‘पद्मावत’ की 25 जनवरी को देशभर में रिलीज का रास्ता साफ कर दिया था. शीर्ष अदालत ने गुजरात और राजस्थान में इस विवादित फिल्म के प्रदर्शन पर लगी रोक हटा दी थी. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने अन्य राज्यों पर फिल्म के प्रदर्शन पर पाबंदी लगाने की इस तरह की अधिसूचना या आदेश जारी करने पर रोक लगा दी. इस फिल्म की कहानी 13वीं सदी में महाराजा रतन सिंह एवं मेवाड़ की उनकी सेना और दिल्ली के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी के बीच हुए ऐतिहासिक युद्ध पर आधारित है.

करणी सेना ने फिल्म पद्मावत के रिलीज के दिन ‘जनता कर्फ्यू’ लगाने का किया आह्वान
रिलीज होने से पहले ही विवादों में आ चुकी फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ के मुखर विरोधी संगठन श्री राजपूत करणी सेना के संरक्षक लोकेन्द्रसिंह कालवी ने लोगों से फिल्म की रिलीज की तारीख 25 जनवरी के दिन पूरे देश में फिल्म को लेकर ‘‘जनता कर्फ्यू’’ लगाने का आह्वान किया. कालवी ने गुरुवार (18 जनवरी) यहां मीडिया से चर्चा करते हुए दावा किया, ‘‘इस फिल्म का विरोध अब केवल राजपूत समाज ही नहीं, बल्कि सभी समाजों के लोग कर रहे हैं. हम जनता से अनुरोध करते हैं कि फिल्म के रिलीज होने की तारीख 25 जनवरी को पूरे देश में सामाजिक जनता कर्फ्यू लगाया जाये.’’ मध्यप्रदेश सहित चार राज्यों की सरकारों ने अपने राज्यों में फिल्म के प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने की घोषणा की थी लेकिन उच्चतम न्यायालय ने इसे पूरे देश में रिलीज करने के आदेश दिये हैं. कालवी यहां राजपूत समाज के कार्यक्रम में शामिल होने आये थे.

करणी सेना ने सिनेमा हॉल पर हमला किया, पद्मावत फिल्म के पोस्टर फाड़े
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में ‘करणी सेना’ के कार्यकर्ताओं ने एक सिनेमा हॉल पर हमला किया और पद्मावत फिल्म के पोस्टर फाड़े. मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा थाना अध्यक्ष विजय कुमार ने बताया कि करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने पद्मावत फिल्म के प्रदर्शन के विरोध में शहर में जुलुस निकाला और प्रदर्शन किया . उन्होंने बताया कि करणी सेना के कार्यकर्ता हाथों में तलवार लिए ज्योति सिनेमा हॉल पहुंचे और वहां तोड—फोड की. कुमार ने बताया कि उन्होंने ज्योति सिनेमा हॉल परिसर में लगाए गए ‘पद्मावत’ फिल्म के पोस्टर फाड़ दिए .

करणी सेना के कार्यकर्ताओ ने धमकी दी कि इस फिल्म को अगर प्रदर्शित किया गया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे. आगामी 25 जनवरी को रिलीज होने वाली इस फिल्म के प्रदर्शन पर हरियाणा, गुजरात, राजस्थान और मध्यप्रदेश में लगी रोक पर उच्चतम न्यायालय ने रोक लगा दी है . हालांकि बिहार सरकार ने इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक नहीं लगायी है पर प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहले कहा था कि इस फिल्म के निर्माता और अन्य लोगों को फिल्म से जुड़ी शंकाएं दूर करने के बाद इसे रिलीज करना चाहिए.

करणी सेना सुखदेव सिंह ने कहा कि मैं विश्व हिंदू परिषद के प्रवीण तोगड़िया का धन्यवाद देता हूं जिन्होंने इस फिल्म को बैन किए जाने का समर्थन किया है

खास बातें
करणी सेना ने सेंसर बोर्ड के प्रमुख प्रसून जोशी को दी धमकीअ
प्रसून जोशी को राजस्थान में घुसने नहीं देंगेः सुखदेव सिंह, करणी सेना
करणी सेना ने ‘पद्मावत’ पर पीएम मोदी-आरएसएस की चुप्पी पर भी उठाए सवाल

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करणी सेना का ‘पद्मावती’ पर बड़ा बयान, किसी भी रूप में फिल्म रिलीज हुई तो होगा….

जयपुर: संजय लीला भंसाली की विवादित फिल्म ‘पद्मावती’ को लेकर सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन के सुझाव को लेकर मीडिया रिपोर्ट पर राजपूत करणी सेना के तेवर अभी भी तीखे ही हैं. करणी सेना के नेता सुखदेव सिंह ने धमकी देते हुए कहा है, “अगर फिल्म रिलीज हुई तो हमारे कार्यकर्ता हर सिनेमा हॉल में तोड़-फोड़ करेंगे. फिल्म की समीक्षा के लिए जो कमेटी बनी थी उसने कई सीन को लेकर आपत्ति जताई लेकिन अंडर वर्ल्ड के दबाव की वजह से फिल्म को रिलीज करने का फैसला किया जा रहा है.”

उधर, राजपूत करणी सेना के संयोजक लोकेन्द्र सिंह कालवी के तेवर अभी भी तीखे ही हैं. उन्होंने कहा अभी तो बहुत से स्पष्टीकरण आने बाकी है, इस बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. मेरी दिशा स्पष्ट है, यह सब को पता है. दूसरी तरफ राजस्थान राजपूत सभा के अध्यक्ष गिरिराज सिंह लोटवाडा ने कहा कि सेंसर बोर्ड कमेटी की सिफारिश को तवज्जो नहीं देकर फिल्म निर्माताओं की मदद करना चाहता है. यह देश का दुर्भाग्य है. हम लोकतांत्रिक तरीके से विवादित फिल्म पद्मावती का विरोध जारी रखेंगे. कालवी और लोटवाडा ने शुरुआती प्रतिक्रिया में यह कहा.

उन्होंने कहा अभी तो बहुत से स्पष्टीकरण आने बाकी है, इस बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. मेरी दिशा स्पष्ट है, यह सब को पता है. दूसरी तरफ राजस्थान राजपूत सभा के अध्यक्ष गिरिराज सिंह लोटवाडा ने कहा कि सेंसर बोर्ड कमेटी की सिफारिश को तवज्जो नहीं देकर फिल्म निर्माताओं की मदद करना चाहता है. यह देश का दुर्भाग्य है. हम लोकतांत्रिक तरीके से विवादित फिल्म पद्मावती का विरोध जारी रखेंगे. कालवी और लोटवाडा ने शुरुआती प्रतिक्रिया में यह कहा.

कालवी ने कहा कि इस फिल्म को नौ लोगों की कमेटी को देखना था, लेकिन मात्र तीन सदस्यों ने फिल्म देखी है, तीनों सदस्यों ने क्या सिफारिश दी, यह सामने नहीं है. अभी इस बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी है, हालांकि मैं जिस रास्ते पर चला था, आज भी उसी रास्त पर हूं. लोटवाडा ने कहा कि बोर्ड ने विवादित फिल्म पदमावती की समीक्षा के लिए जिस कमेटी का गठन किया था, वह कमेटी फिल्म को लेकर प्रतिकूल सिफारिश कर रही है तो फिर बोर्ड ने फिल्म में छब्बीस दृश्य को नहीं दिखाने और फिल्म का नाम बदलने का सुझाव क्यों दिया है

उन्होंने कहा कि बोर्ड को पारदर्शी होना चाहिए और उसे राष्ट्र हित में सोचना चाहिए. बोर्ड अपने द्वारा गठित कमेटी की सिफारिश को नहीं मान रहा है तो फिर कमेटी गठित ही क्यों की गई थी. हमारा लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रहेगा. अगली क्या रणनीति​ होगी, यह बातचीत करने के बाद तय किया जाएगा. मेवाड़ राजघराने के सदस्य लक्ष्यराज मेवाड़ ने कहा कि पद्मावती को लेकर अभी हाल में मीडिया से ही जानकारी मिली है, जब तक पूरी स्थिति सामने नहीं आ जाती, कुछ कहना उचित नहीं होगा.

सीबीएफसी द्वारा गठित ‘विशेष पैनल’ में उदयपुर से अरविंद सिंह, डॉ चन्द्रमणि सिंह और जयपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर के के सिंह शामिल थे. गठित कमेटी में शामिल में अरविंद सिंह, डॉ चन्द्रमणि सिंह और जयपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर केके सिंह से इस बारे में सम्पर्क नहीं हो सका.

गौरतलब है कि फिल्म पद्मावती शूटिंग के साथ ही विवादो के साये में रही है. पद्मावती में ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर दिखाने की तैयारी में फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली के साथ जयपुर में करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने दुर्व्यवहार किया और शूटिंग स्थल पर जमकर तोड़फोड़ की थी. विवादित फिल्म पद्मावती पर रोक लगाने की मांग को लेकर देश भर में पिछले दिनों जमकर प्रदर्शन हुए हैं. जिसके बाद भाजपा शासित प्रदेशों ने जारी विरोध को देखते हुए फिल्म पदमावती के प्रदर्शन पर रोक लगा दी थी .

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अभी अभी : इस गद्दार अभिनेत्री को करणी सेना ने दे डाली ये खुली धमकी, बचाव में कूदा भाई सामान खान !

कुछ लोगों का मानना है की एक्टर्स की कोई गलती नहीं है, गलती तो लेखक और डायरेक्टर की है, जो लेखक स्क्रिप्ट लिखता है, डायरेक्टर जो कहता है,एक्टर तो बस परफॉर्म करता है, पद्मावती फिल्म के लिए उसके एक्टर्स को दोषी ठहरना ठीक नहीं है, कई सारे लोगों का यही तर्क रहता है |

Some people believe that there is no fault of the actors, the mistake is by the writer and the director, the author writes the script, the director who says, the actor just performs the work, it is not right to blame his actors for the Padmavati film This is the logic of many people.

आप इस तर्क में बिलकुल भी मत आइये, कारण हम आपको बताते है, वो भी बहुत ही आसान शब्दों में, देखिये कोई भी फिल्म लेने से पहले एक्टर उसकी कहानी तो पढता है, उसे क्या रोल करना है, डायलॉग क्या होंगे, क्या पहनना होगा, एक्टर स्क्रिप्ट देखता है, फिर फिल्म का साइनिंग अमाउंट बताकर फिल्म करने की हामी भरता है यानि एक्टर को पता है की वो क्या करने वाला है, क्या करने वाली है, और उसका उस काम को समर्थन रहता है, तभी तो वो एक्टर वो काम करता है, काफी सरल है ये समझना, अब इसी दीपिका को आप इस्लाम की आयशा का रोल करने को कहेंगे, तो क्या करेगी ?, नहीं करेगी, पर इसे पद्मावती बनाकर नाचना हो, राधा बनकर नाचना हो, ये करेंगी, भैया जितना दोषी डायरेक्टर है, ये सभी फिल्मबाज़, फिल्म में काम करने वाला 1-1 फिल्मबाज़, और निर्माता, ये सब बराबर के दोषी है, सिर्फ डायरेक्टर और लेखक नहीं |

You do not come in this argument at all, because we tell you, in that very simple words, before taking any film, the actor reads his story, what he has to roll, what the dialog will be, what will we wear , The actor watches the script, then the movie signifies the amount to be signed by the movie, that is, the actor knows what he is going to do, what he is going to do, and his work is supported by that So, the actor does that work, it is quite simple to understand, now you will be asked to do the role of Islam’s role in this Deepika, what will you do, will not do it, but you have to dance it like a Padmavati, dance to Radha and dance. The brother is as guilty as the director, all these film-makers, 1-1 filmmakers working in the film, and the producer, these are all equally guilty, not just directors and writers.

फिल्म ‘पद्मावती’ को लेकर पैदा हुआ विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. जैसे-जैसे फिल्म की रिलीज डेट नजदीक आ रही है, विरोध के स्वर भी तेज होते जा रहे हैं. करणी सेना के एक सदस्य ने अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की नाक काटने की धमकी दी है. करणी सेना के नेता महीपाल सिंह मकराना ने गुरुवार को धमकी दी कि अगर बालीवुड फिल्म पद्मावती पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया और दीपिका पादुकोण अपनी भड़काऊ बातों से भावनाओं को भड़काना बंद नहीं करती हैं तो महाकाव्य रामायण में जिस तरह सूर्पणखा की नाक काट दी गई थी उसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी |

The controversy surrounding the movie ‘Padmavati’ is constantly increasing. As the film’s release date is approaching, the voices of protest are getting stronger. A member of the Karani army has threatened to cut the nose of actress Deepika Padukone. Karan Sena leader Mahipal Singh Makrana on Thursday threatened that if Bollywood film Padmavati was not banned and Deepika Padukone does not stop provoking emotions with her provocative words, then in the epic Ramayana, in the way the nuptial nose was cut Type of action will be taken.

दीपिका पादुकोण इस फिल्म में नायिका की मुख्य भूमिका में है और फिल्म 1 दिसंबर को पूरे भारत में रिलीज होने वाली है. करणी सेना की ओर से इस दिन भारत बंद का एलान किया गया है. अब एक और धमकी सामने आई है. उत्तर प्रदेश के क्षत्रिय समाज ने दीपिका और फिल्म निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली की गर्दन काटने वाले को 5 करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा की है. पद्मावती पर बैन लगाने की मांग करते हुए ठाकुर अभिषेक सोम ने इनाम की घोषणा की | समाजवादी पार्टी से जुड़े अभिषेक ने देश छोड़ने या गर्दन काटने की धमकी दी |

Deepika Padukone is in the lead role of the heroine in the film and the film is going to be released all over India on December 1. On this day the Bandh has been announced by the Army on behalf of the Army. Now another threat has emerged. Uttar Pradesh’s Kshatriya Samaj has announced a reward of Rs 5 crore for the neck cutter of Deepika and film producer-director Sanjay Leela Bhansali. Demanding ban on Padmavati, Thakur Abhishek Som announced the reward. Abhishek associated with Samajwadi Party threatens to leave the country or to cut neck.

दीपिका पादुकोण तो कुख्यात रही है, अपने समाज विरोधी दुःख के लिए, समाज को दूषित करने के, असामाजिक सेक्स फैलाने के लिए दीपिका पादुकोण ने एक वीडियो सन्देश बनाया था जिसमे ये बोल रही थी की, मैं जहाँ मन वहां सेक्स करूँ, शादी से पहले करूँ, शादी के बाद करू, जिस से मन उस से करूँ और यही दीपिका पादुकोण जिसकी अब फिल्म पद्मावती का विरोध हो रहा है, तो कह रही है की भारत एक धकियानूसी देश है, एक रूढ़िवादी देश है, जिस देश से पैसा कमाकर मैडम रोटी खाती है, उसे ही गालियां देती है, साफ़ होता है की दीपिका पादुकोण किस मानसिकता की महिला है |

Deepika Padukone has been notorious, for her anti-social suffering, Deepika Padukone had created a video message in order to contaminate the society, to spread anti-social sex in which she was saying, where I am having sex there, before marriage Let me do it after marriage, which I can do with him and Deepika Padukone, whose film is now being opposed to Padmavati, is saying that India is a tropical country, a conservative country It is clear that Deepa Padukone is a woman of mentality.

सोम ने कहा, “दीपिका ने इस भूमिका को निभाकर राजपूत महिलाओं का अपमान किया है. कोई भी राजपूत महिला सार्वजनिक रूप से नृत्य नहीं करती. निर्देशक संजय लीला भंसाली को देश के राजपूत समाज के बारे में कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की है. उन्हें दंडित किया जाना चाहिए.” उधर, दीपिका को मिल रही धमकियों के मद्देनजर मुंबई पुलिस ने अभिनेत्री की सुरक्षा बढ़ा दी. संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) देवेन भारती ने बताया, ‘‘संगठन द्वारा नाक काटने की धमकी दिए जाने के बाद मुंबई पुलिस ने अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की सुरक्षा बढ़ा दी है .’’ उन्होंने कहा कि हम धमकी के बाद उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया करा रहे हैं . पुलिस अभिनेत्री मुंबई स्थित घर और कार्यालय में सुरक्षा मुहैया कराएगी. पुलिस पहले ही फिल्मकार संजय लीला भंसाली को सुरक्षा प्रदान कर चुकी है |

Som said, “Deepika has insulted Rajput women by playing this role, no Rajput woman does not dance in public, director Sanjay Leela Bhansali has no information about Rajput society of the country. They have to be tampered with. They should be punished. ” On the other hand, in the wake of the threats to Deepika, Mumbai Police increased the security of the actress. Joint Commissioner of Police (law and order) Deven Bharti said, “After the threat of nose cutting by the organization, Mumbai police has increased the security of actress Deepika Padukone.” He said that we should provide adequate protection after threat Are there. The police actress will provide security at the home and office in Mumbai. Police has already provided security to filmmaker Sanjay Leela Bhansali.

और आज करनी सेना ने दीपिका पादुकोण को माकूल जवाब दिया, और करनी सेना के प्रमुख महिपाल सिंह मकराना ने तो यहाँ तक कह दिया की क्षत्रिय महिला पर हाथ तो नहीं उठाएंगे, पर दीपिका पादुकोण जैसे महिलाओं को जो समाज को दूषित करने का काम करती है, उनकी नाक काट दी जाएगी | इस बीच फिल्म की अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने कहा है कि ऐसा कुछ भी नहीं है जो फिल्म को रिलीज होने से रोक सकता है. दीपिका ने कहा, “यह डरावनी स्थिति है, बिल्कुल भयभीत करने वाली. हमने अब तक क्या हासिल किया है और एक राष्ट्र के रूप में हमारी क्या उपलब्धि है. प्रगति के बजाय हम अवनति की ओर उन्मुख हुए हैं.” फिल्म पद्मावती में शाहिद कपूर और रणवीर सिंह भी मुख्य भूमिका में हैं. इस फिल्म को सीबीएफसी की हरी झंडी का अभी इंतजार है |

And today the Karni army responded favorably to Deepika Padukone, and Karni army chief Mahipal Singh Makrana even said that Kshatriya will not take the hand on the woman, but Deepika Padukone, who works for contaminating the society , His nose will be cut off. Meanwhile, film actress Deepika Padukone has said that there is nothing that can stop the film from releasing. Deepika said, “This is a horror situation, it is intimidating, what we have achieved so far and what is our achievement as a nation, instead of progress, we have been oriented towards demotion.” Shahid Kapoor and Ranvir Singh are also in the lead role in the movie Padmavati. The film is awaiting the CBFC’s green signal.

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https://www.youtube.com/watch?v=6KzO3XxanXM

source: zeenews.india.com