कासगंज हिंसा में आया बड़ा चौकाने वाला सच, जिहादियों और मुस्लिम संगठनों के छूटे पसीने !

गणतंत्र दिवस के मौके पर 26 जनवरी को कासगंज में हुई हिंसा के मामले में पुलिस की छापेमारी में जिहादियों के कई घरों से देसी बम व् देसी कट्टे बरामद हुए. वहीँ चन्दन गुप्ता के हत्यारों के समाजवादी पार्टी से कनेक्शन सामने आने के बाद ये मसला और भी गंभीर हो गया है. जिस इलाके में दंगा हुआ, उस इलाके को भारत का पाकिस्तान बताया जा रहा है. बीजेपी नेता ने इस इलाके को लेकर जो खुलासा किया है, वो तो और भी ज्यादा गंभीर है.

On the occasion of Republic Day, on January 26, in the case of violence in Kasganj, police raided many houses of the jihadis in the country’s bombs or desi bits were recovered. This issue has become even more serious after the connection of Chandni Gupta’s killers to Samajwadi Party. The area where the riots took place, the area is being described as Pakistan of India. The disclosures made by the BJP leader about this area are even more serious.

तेलंगाना से बीजेपी के विधायक राजा सिंह मृतक चंदन के परिजनों को सांत्वना देने कासगंज पहुंचे थे. यहां मीडिया बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि, ‘हिंसा वाले इलाके के हर घर में AK-47 है. बीजेपी विधायक ने कहा कि, ‘मैं चाहता हूं, जहां से घटना हुई उन इलाकों की तलाशी ली जाए. वहां हर घर में एके-47 मिलेगी.’

BJP MLA from Telangana Raja Singh reached Kasganj to console the relatives of the deceased Chandan. During a media interaction here, he said that every house in the violence-prone area has AK-47s. The BJP MLA said, ‘I want to search the areas from where the incident took place. There will be AK-47 in every house. ‘

बता दें कि राजा सिंह तेलंगाना के घोषामहल विधानसभा से बीजेपी ‌विधायक हैं. उन्होंने इस मसले पर आगे कहा कि यदि तिरंगा देखकर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगते हैं तो साफ है कि देश विरोधी तत्व काफी बढ़ गए हैं. ऐसी घटनाएं दोबारा न हों इसे रोकने के लिए योगीजी को कार्रवाई करनी चाहिए.
वहीँ कासगंज हिंसा के मुख्य आरोपी सलीम जावेद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. थाने में अपने तरीके से पूछताछ के बाद पुलिस ने बताया कि सलीम जावेद ने ही अपने घर की बालकनी से चंदन पर गोली चलाई थी, जिससे उसकी मौत हो गयी.

Explain that Raja Singh is a BJP legislator from Ghoshamahal assembly of Telangana. He further said that if the slogan of Pakistan Zindabad is seen by seeing the Tricolor then it is clear that anti-national elements have increased considerably. Yogi should take action to prevent such incidents from happening again.
The chief accused of Kasganj violence, Salim Javed has been arrested by the police. After questioning in his manner in the police station, the police said that Salim Javed had shot his sandal from the balcony of his house, which led to his death.

पिछले दो दिनों में पुलिस ने जिहादियों के घरों से कई हथियार बरामद किए हैं. अब चंदन के शरीर से मिली गोली का उन हथियारों से मिलान कर रहे हैं. दोषियों पर रासुका लगाने की तैयारी चल रही है. बड़े पैमाने पर छापेमारी की जा रही है.

In the last two days, the police has recovered many weapons from the jihadis’ houses. Now the bullets of the sandalwood body are matching with those weapons. Preparations for rasukas on the guilty are underway. Massive raiding is going on.

चन्दन गुप्ता के बारे में बताया जा रहा है कि वो सीए बनना चाहता था. वो बेहद होनहार छात्र तो था ही साथ ही दिल का भी काफी नेक इंसान था. वो एक स्‍थानीय गैर लाभकारी संस्‍था से जुड़ा था और गरीबों व् जरुरतमंदो की सहायता किया करता था. इसके अलावा वो गरीबों को कंबल बांटने और रक्‍दान जैसी मुहिमों में हिस्‍सा लिया करता था.

Chandan Gupta is being told that he wanted to become a CA. He was a very promising student and he was also a very good person of heart. He was associated with a local nonprofit organization and used to help the poor and the needy. Apart from this, he used to share the blankets with the poor and participate in campaigns like Raktan.

बहरहाल पुलिस को तालाशी में जिस तरह से हथियार व् असलाह इत्यादि बरामद हो रहे हैं, उससे ये तो साफ़ है कि यहाँ रहने वालों की मंशा क्या थी. पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाना, थोड़ी सी झड़प में गोलियां दाग देना इत्यादि से ये साफ़ हो जाता है कि ये जिहादी केवल नाम के लिए भारतीय हैं, वरना दिल तो इनका पाकिस्तान के लिए ही धड़कता है.

However, with the way the police is recovering in arms and in-arms in Talsi, it is clear from what the motives of the people living here were. The slogans of Pakistan Zindabad, staging bullets in a small clash etc. It becomes clear that these jihadis are Indians only for the name, otherwise the heart beats them for Pakistan.

बिना लाइसेंस के हथियार रखना, घरों में देसी बम रखना इत्यादि से ये भी साफ़ है कि ये अपराधी प्रवर्त्ती के जिहादी हैं और देश में बड़े गृहयुद्ध की तैयारियों में थे. अभी तक तो बंगाल में ही जिहादियों के घरों में देसी बम व् एके 47 मिलती थी, मगर अब यूपी में भी ऐसे मामले सामने आने लगे हैं.

Keeping arms without license, keeping domestic bombs in houses etc. It is also clear that these criminals are jihadis of Prvartti and were preparing for big civil war in the country. So far, in Bengal, there were domestic bombs and AK 47 in the houses of jihadis, but now such cases have started to emerge in UP too.

कासगंज हिंसा:पाकिस्तानी सेना और चाँद के हत्यारों के कनेक्शन का खुलासा,जिसे जान योगी समेत मोदी भी हैरान |

दिल्ली:गौरतलब है कि उत्‍तर-प्रदेश के कासगंज में बीते शुक्रवार को हुई हिंसा मे 22 वर्षीय चंदन गुप्‍ता की मौत हो गई थी. बता दे कि गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के मौके पर विश्‍व हिन्‍दू परिषद (वीएचपी) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्रों ने निकाली थी. इस तिरंगा-यात्रा को मुस्लिम बहुल इलाके से निकालने के दौरान भड़की हिंसा में चंदन गुप्ता की मौत हो गई थी.

चन्दन की हत्या उस समय में हुई थी जब एक तरफ सीमा पर जवान पाकिस्तानी सेना से लोहा ले रहे हैं वहीँ देश के अंडा जब कुछ हिन्दुतानी युवाओं ने मात्र यह कह दिया की आप यदि हिन्दुस्तानी हो तो वन्दे मातरम कहना ही चाहिए ,मग इससे देश में छुपे गद्दार बहार निकल आये और देश के इन सपूतों पर हमला कर चन्दन की बेरहम हत्या करदी ,यह क्कुछ वैसा ही है जैसे कुछ समय पहले सेना के जवानों को सीमा पर गश्त लगते हुए चुपके से मार दिया गया था ,इसलिए चन्दन को शहीद कहा जाना कुछ गलत नहीं होगा |

चंदन गुप्ता
पुलिस के एक सूत्र ने बताया, वहां पर करीब 50 की संख्या में युवक मौजूद थे और उनमें से एक ने हाथ में तिरंगा झंडा लिया हुआ था। इनमें एक युवक के हाथ में बंदूक भी दिख रही थी और कुछ अन्य ने डंडे ले रखे थे। इस दौरान कई राउंड हवाई फायर किए गए और मुस्लिम बहुल इलाकों की तरफ पत्थरबाजी भी की गई।

इसके साथ ही शहर कोतवाली के एसएचओ रिपुदमन सिंह की तरफ से फाइल की गई एफआईआर में कहा गया है कि, ‘तिरंगा यात्रा में शामिल युवाओं को दूसरे समुदाय के लोगों ने अपनी कॉलोनी के रास्ते जाने से मना किया, जिसके बाद दोनों समूहों में झड़प होने लगी। जब पुलिस ने मामला शांत कराने के लिए हस्तक्षेप किया तो किसी ने बात नहीं मानी। इसी दौरान गली में गोली चलने की आवाज आई। इसके बाद दोनों तरफ से पत्थरबाजी और फायरिंग होने लगी। पुलिसकर्मियों को भी टारगेट किया गया।’

आईएएस प्रदीप कासनी
तो वही कासगंज हिंसा पर बरेली डीएम के फेसबुक पोस्ट को लेकर विवाद अभी थमा नहीं था कि अब एक और आईएएस अधिकारी मामले में टिप्पणी कर विवादों को न्योता दे बैठे हैं। अपने फेसबुक पोस्ट्स और अलग-अलग मसलों पर बेबाक राय रखने के लिए मशहूर आईएएस प्रदीप कासनी ने बरेली के डीएम के पोस्ट का जिक्र कर कासगंज हिंसा पर तंज कसा है।

प्रदीप कासनी ने बरेली के डीएम कैप्टन राघवेंद्र विक्रम सिंह के पोस्ट का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है- ‘एक जिला मैजिस्ट्रेट? भीष्म साहनी कृत ‘तमस’ नहीं पढ़ा होगा!’ भीष्म साहनी की महान कृतियों में से एक मानी जाने वाली ‘तमस’ 1947 में बंटवारे के वक्त हुए सांप्रदायिक दंगों की कहानी है।

गौरतलब है कि बरेली के डीएम सिंह ने कासगंज हिंसा का नाम लिए बिना लिखा था कि मुस्लिम मोहल्लों में जबरदस्ती जुलूस ले जाने और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे का अजीब रिवाज बन गया है। उनका यह पोस्ट काफी वायरल हुआ था और बाद में उन्होंने इसे हटा लिया था।

यूपी के आगरा और फिरोजाबाद मे तिंरगा यात्रा को बुधवार को प्रशासन ने बीच में ही रोक दिया. आगरा में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता तिरंगा यात्रा निकाल रहे थे. प्रशासन ने इस तिरंगा यात्रा को निकालने की अनुमति नहीं दी थी. इसलिए प्रशासन इस यात्रा को रोक दिया. प्रशासन ने पहले ही कह दिया था कि पूरे शहर में धारा 144 लगी हुई है. यात्रा नहीं निकाली जा सकती है. लेकिन यहां सुबह से ही सैंकड़ों की संख्या में वीएचपी के कार्यकर्ता बड़ी़ संख्या में एकत्रित हो गए थे.

ऐसा ही एक वीडियो ‘Unofficial Sususwamy‏’ नाम के ट्विटर अकाउंट द्वारा 31 जनवरी को शेयर किया गया।वीडियो में कुछ गाड़‍ियों पर तिरंगा और कुछ पर भगवा झंडा लिए युवक नारेबाजी कर एक गली से गुजरते दिख रहे हैं। वीडियो फूलों की किसी दुकान के भीतर से लिया गया मालूम होता है। ‘वंदे मातरम’ के नारों के बीच कुछ युवक कहते हैं, ”हिंदुस्‍तान में रहना होगा, वंदे मातरम कहना होगा।’

कासगंज मामले में CM योगी को कामयाबी,पकड में आया हत्यारा तो उगले ये बड़े-बड़े नाम ,जिहादियों की रूह तक दहशत

लखनऊ : कासगंज दंगे के बाद सीएम योगी ने बयान दिया था कि आरोपियों को बक्शा नहीं जाएगा. सीएम योगी का वादा पूरा होता दिख रहा है क्योंकि पुलिस ने चंदन गुप्ता के हत्यारे तीन भाइयों में से एक को धर-दबोचा है. सलीम नाम का पहला जिहादी पुलिस की हिरासत में आ चुका है और फिलहाल कासगंज कोतवाली में तेल पिलाये डंडों से उसकी अच्छी तरह से खातिरदारी हो रही है.

Lucknow: After the Kasganj riots, CM Yogi made the statement that the accused will not be expelled. The promise of CM Yogi is being fulfilled because the police has arrested Chandan Gupta’s killer, one of the three brothers. The first jihadist named Salim has been in the custody of the police and at present he is getting good accountability with the oil pellet sticks in Kasganj Kotwali.

पुलिस अपने तरीके से पूछताछ कर रही है और वसीम व् नसीम को तलाश कर रही है. पुलिस ने इनके घर पर कुर्की का नोटिस भी लगाया है, यदि एक मार्च तक ये आरोपी कोर्ट में हाजिर नहीं हुए तो उनकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी.

The police is interrogating in their own way and looking for Wasim or Nasim. The police has also issued a notice of attachment to their house, if the accused did not appear in the court till March 1, their property would be seized.

सामने आया चंदन का आखिरी वीडियो
बता दें कि चंदन की 26 जनवरी को हत्या हुई थी और एबीपी न्यूज़ समेत कई चैनलों ने सारा दोष चन्दन व् उसके साथियों पर ही मढ़ दिया था. इन मीडिया चैनलों ने झूठी न्यूज़ चलाई कि चन्दन व् उसके साथी भगवा झंडा लेकर यात्रा निकाल रहे थे और मुसलमानों को भड़काने वाले नारे लगा रहे थे, जबकि चन्दन के वीडियो से साफ़ हो गया है कि वो बुलेट से तिरंगा यात्रा लेकर निकला था.

Chandan’s last video appeared
Please tell that Chandan was murdered on January 26 and several channels including ABP News had plundered the entire blame on the Chandni and his companions. These media channels carried out false news that Chandan and his companions were carrying out the saffron flag and were shouting slogans provoking Muslims, while the video of Chandan became clear that he had come out with a bullet from the bullet.

चन्दन गुप्ता तिरंगा यात्रा में सबसे आगे चल रहा था. उसके हाथ में तिरंगा झंडा था, नाकि भगवा झंडा और वो कोई आपत्तिजनक नारेबाजी भी नहीं कर रहा था. जिहादी तत्वों की सुनियोजित साजिश थी दंगा करने की. इसी के चलते जानबूझकर तिरंगा यात्रा को मुस्लिम बहुल इलाके से गुजरने से रोक दिया गया.

Chandan Gupta was leading in the tri-color journey. He had a tricolor flag in his hand, not a saffron flag and he was not even making any objectionable sloganeering. The planned plot of jihadist elements was to riot. Due to this, intentionally the Tiranga Yatra was stopped from passing through a Muslim dominated area.

जब एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने इसपर ऐतराज जताया तो उनपर घरों की छतों से फायरिंग की गयी और पत्थरबाजी की गयी. यूपी पुलिस के मुताबिक़ जिहादी तत्वों ने पुलिस के जवानों पर भी फायरिंग की.

When ABVP activists protested, they were fired and stone-shaped from the roofs of the houses. According to the UP Police, jihadi elements also firing on the police jawans.

गृह मंत्रालय ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को शुक्रवार को शुरू हुयी हिंसा तथा उसके बाद इलाके में शांति के लिए उठाए गए कदमों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है. राज्य सरकार से यह भी कहा गया है कि हिंसा में शामिल लोगों को दंडित करने के लिए उठाए गए कदमों का ब्यौरा भी मुहैया कराए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उनकी सरकार राज्य के हर नागरिक को सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और अराजकता फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा.

Detailed report sought by the Home Ministry
The Home Ministry has asked the state government to submit a detailed report on the violence launched on Friday and subsequently steps taken for peace in the area. It has also been said to the state government that details of the steps taken to punish people involved in the violence have also been provided. Chief Minister Yogi Adityanath has said that his government is committed to providing security to every citizen of the state and those who spread the chaos will be dealt with strictly.

हिंसा में अबतक 145 लोग गिरफ्तार
चंदन की हत्या के आरोप में 20 नामजद लोगो पर एफआईआर है. पांच नामजद और छह अज्ञात समेत 11 की गिफ्तारी हो चुकी है. 15 नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है. कासगंज में हिंसा के सिलसिले में 145 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

145 people arrested in violence
There is an FIR on 20 nominated people for the charge of killing Chandan. Five nominations and six unidentified 11 people have been arrested. 15 Nominated accused are yet to be arrested. 145 people have been arrested in connection with the violence in Kasganj.

कासगंज छोडिये: अमेठी में भी मचा ऐसा भयंकर तांडव, जिसे देख द्रोण में आये CM योगी ने दे डाले ये जबरदस्त आदेश !

लखनऊ : यूपी के कांसगंज में अभी हिंसा का दौर थमा ही था कि अब अमेठी जिले के जगदीशपुर कस्बे में ज़बरदस्त गैंगवार की खबर सामने आ रही है. जिसके बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल सा बन गया है, लोग अपनी दुकान बंद कर रहे हैं. यही नहीं धारा 144 लगाते हुए एसपी ने एसओ जेबी पांडेय को ससपेंड भी कर दिया है.

Lucknow: At the time of the violence in Kansanganj in UP, it was now that news of a gang-rape is coming out in Jagdishpur town of Amethi district. Since then, the atmosphere of panic has become almost everywhere in the area, people are shutting down their shops. Notwithstanding, Section 144 imposed by the SP has also made SOSPAND to SO JB Pandey.

कासगंज के बाद अब अमेठी में हुआ बड़ा बवाल
अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक बड़ागांव निवासी अशफाक मंगलवार को कुछ लोगों के साथ विजया बैंक आया था. इसी दौरान दो बाइकों पर चार युवकों ने अशफाक पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. अशफाक के साथ मौजूद लोगों ने भी उन पर फायरिंग की. दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में अशफाक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक राहगीर गोली लगने से घायल हो गया है.

After Bigg Boss Now in Amethi
According to the big news now, Ashaqaq from Bargaon came to Vijaya Bank with some people on Tuesday. At the same time, four young men started firing at Ashfaq on two bikes. People with Ashfaq also fired on them. Ashfaq died on the spot from the two sides, while a passerby was injured due to the bullet.

अशफाक की मौत के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए. हालात काबू करने के लिए पूरे जिले की फोर्स तैनात कर दी गई है. आपको बता दें अशफाक दो साल पहले पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजेश विक्रम सिंह पर हुए जानलेवा हमले में मुख्य आरोपी था. पुलिस का कहना है कि मामला आपसी रंजिश का लग रहा है. फिलहाल जांच की जा रही है। पुलिस के हाथ एक हमलावर भी लगा है, जिससे पूछताछ की जा रही है.

A large number of people gathered on the spot after Ashfaq’s death. The entire district force has been deployed to control the situation. Let us tell you Ashfaq was the main accused in the fatal attack on former Block chief Rajesh Vikram Singh two years ago. The police say that the case seems to be mutual rivalry. Currently being investigated. The police is also being attacked by an attacker, which is being questioned.

दो पक्षों के बीच गोली चलने की घटना से कस्बे में दहशत फैल गई। व्यापारियों ने अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए। मामला दो समुदायों के बीच का होने के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई. डीएम शकुंतला गौतम, पुलिस कप्तान, एसडीएम अभय कुमार पांडेय सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे. तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कस्बे में धारा 144 लागू कर दी गयी है। कस्बा बाजार से जाने वाले वाहनों का रूट डायवर्जन भी किया गया है। दो समुदाय के बीच फायरिंग के कारण दहशत बस व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दी.स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कस्बे में पुलिस फ्लैग मार्च कर रही है.

Panic spread among the two sides, the panic spread in the town. Merchants dropped shutters of their shops. The situation became tense due to the case between the two communities. DM Shakuntala Gautam, Police Captain, SDM Abhay Kumar Pandey and other officials reached the spot. Section 144 has been implemented in the town to control the stressful situation. Route diversion of vehicles from the Kasba market has also been done. Due to firing between two communities, terrorists just shut down their shops. The police flag is marching in the town to control the situation.

अब ये देखना होगा कि इस खबर को हमारा बिकाऊ टीवी मीडिया किस तरह मिर्च मसाला लगाकर, और कितने लम्बे समय तक चलाता है. इसके साथ ही अब वो सारे असहिणुता गैंग और अवार्ड वापसी गैंग वाले भी जाग जायेंगे जो कासगंज दंगे में चन्दन गुप्ता की मौत पर चादर ओढ़ कर सोये हुए थे. साथ ही कितनी पार्टियों के नेता अपनी राजनैतिक रोटी सेकने के लिए अमेठी का दौरा करेंगे ये भी पता चल जाएगा.

Now it is necessary to see how our selling TV media produces this news by using pepper masala, and how long it lasts. Along with that, all those genocide groups and the returning gang will also wake up, who slept under the cover of Chandan Gupta’s death in the Kasganj riots. Also, how many party leaders will visit Amethi for their political rituals will also be known.

कला जगत में देखें:

https://youtu.be/fBRvBB-0gH0

source olitical report

ब्रेकिंग न्यूज़– कासगंज हिंसा में हुआ अब तक का सबसे सनसनीखेज खुलासा, जेल जाएंगे अब ये बड़े नेता ?

कासगंज : गणतंत्र दिवस के मौके पर कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान हुई हिंसा के राज खुलते जा रहे हैं. एबीपी न्यूज़ जैसे कई मीडिया चैनलों ने बीजेपी व् एबीवीपी को जिम्मेदार ठहराने की भरसक कोशिश की, मगर अब इस पूरी साजिश के पीछे दरअसल अखिलेश-मुलायम की समाजवादी पार्टी का हाथ होने की बात सामने आ रही है. बेहद अहम् खुलासा हुआ है कि चन्दन गुप्ता को गोली मारने वालों का समाजवादी पार्टी से सीधा कनेक्शन है.

Kasganj: On the occasion of Republic Day, the reigns of violence during the tri-color journey in Kasganj are being opened. Many media channels such as ABP News have tried hard to blame BJP or ABVP, but now the fact that Akhilesh-Mulayam’s Samajwadi Party is in the hands of this whole plot is being revealed. It has been revealed very high that those who shot Chandan Gupta have a direct connection to the Samajwadi Party.

चन्दन के हत्यारों का सपा कनेक्शन
मीडिया और खासतौर पर एबीपी न्यूज़ और एनडीटीवी ने पूरे जोर-शोर से दुष्प्रचार किया कि दंगा इसलिए हुआ क्योंकि एबीवीपी वाले भगवा झंडा लेकर मुस्लिम बहुल इलाके में गए और तिरंगा झंडा फहरा रहे मासूम जिहादियों के सामने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे.

SP connection of Chandni killers
The media, and especially ABP News and NDTV, strongly influenced the rumor that the riots took place because of the ABVP carrying the saffron flag and went to the Muslim-dominated area and started shouting slogans of Pakistan Muradabad in front of innocent jihadists who had flown the Tricolor flag.

इतनी से बात पर जिहादी भड़क उठे और उन्होंने ताबड़तोड़ गोलियां दागनी शुरू कर दी और पत्थर फेकने भी शुरू कर दिए. वहीँ यूपी प्रशासन ने भी जिहादी तत्वों के खिलाफ शुरू में नरमी बरती और प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ का आर्डर आने के बाद जिहादियों के घरों की तालाशी शुरू हुई.

जिहादियों के घरों की तालाशी से बौखलाए अखिलेश
पहले तो तालाशी में जिहादियों के घरों से देसी बम व् पिस्तौल के साथ-साथ भारी मात्रा में असलाह बरामद होना शुरू हुआ. जिसे देख प्रशासन के कान खड़े हो गए. ऐसा लग रहा था मानो गृहयुद्ध की तैयारियां करके रखी गयी हों. जिहादियों के घरों से असलाह व् बम बरामद होते ही अखिलेश यादव हड़बड़ा उठे और पुलिस कार्रवाई पर ही सवाल खड़े करने लगे.

Akhilesh scared of the lock of the jihadis’ homes
Initially, there was a huge amount of asylum as well as domestic bombs and pistols from the jihadis’ homes in Talshi. Seeing the administration’s ears were standing. It seemed as if the preparations for civil war were kept up. Asylum and bombs were recovered from the jihadis’ houses, Akhilesh Yadav got upset and questioned the police action.

अखिलेश ने जिहादियों के घरों में छापेमारी को अन्याय करार देते हुए बीजेपी पर ही निशाना साध लिया. शायद अखिलेश को पता चल गया था कि उनकी पार्टी के कुकर्मों का पर्दाफ़ाश होने वाला है. वहीँ अखिलेश के ऊल-जलूल बयानबाजी से शक गहराता गया और अब सच्चाई सामने आनी शुरू हो गयी है.

सपा नेताओं के इशारे पर जला दिया कासगंज?
जांच थोड़ा आगे बढ़ी तो हिंसा का समाजवादी पार्टी कनेक्शन सामने आना शुरू हो गया है. खबर है कि चंदन गुप्ता की हत्या के आरोपी का समाजवादी पार्टी कनेक्शन है. टाइम्स नाउ चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी तीन भाइयों में से एक वसीम समाजवादी पार्टी के नेताओं का काफी करीबी है और सपा नेताओं के इशारे पर काम करता है.

Kasaganj burnt at the behest of SP leaders?
If the investigation goes a little further then the socialist party connection of violence has started to come out. It is reported that the accused of the murder of Chandan Gupta is a socialist party connection. According to Times Now channel’s report, one of the three brothers, Wasim, is very close to the Samajwadi Party leaders and works at the behest of SP leaders.

https://youtu.be/2NNjZ_hqgPI

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अब योगी सरकार से कासगंज हिंसा पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. बता दें कि हिंसा के दौरान चंदन गुप्ता की हत्या के मामले में तीन सगे भाइयों नसीम, वसीम और सलीम वर्की के शामिल होने की बात सामने आ रही है. इन्होने अपने घर की छत से चन्दन को गोली मारी थी.

The Union Home Ministry has now summoned a detailed report on Kasganj violence from the Yogi Government. In the case of murder of Chandan Gupta during the violence, there is an indication of the involvement of three brothers, Naseem, Wasim and Salim Verma. He shot the sandal from the roof of his house.

ये तीनों भाई फिलहाल फरार हैं और पुलिस जोर-शोर से इनकी तलाश में जुटी है. वसीम के समाजवादी पार्टी से जुड़े होने की बात सामने आने के बाद से इस मसले पर राजनीति और तेज हो गयी है.

मुँह छिपा रहे अब सपा नेता
समाजवादी पार्टी अब मुँह छिपाती नज़र आ रही है. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजीव राय से जब इस बारे में सवाल किया गया तो उसने कहा, ‘कोई भी हो उसके खिलाफ सरकार को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. सरकार को विपक्षी पार्टियों को बदनाम करने की बजाय आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.’ राय ने कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त ऐक्शन लिया जाना चाहिए.

यानी अभी तक बीजेपी के नेताओं व् एबीवीपी पर आरोप लगाने वालों ने मुँह में दही जमा लिया है और महाभ्रष्ट कुछ मीडिया चैनलों ने भी अब दूसरी ख़बरों को प्रमुखता से दिखाना शुरू कर दिया है ताकि जनता का ध्यान बाँट जाए और उनकी नीच हरकत के बारे में लोगों को पता ही ना चले.

That is, so far the BJP leaders and those who have accused ABVP have taken a dash in the mouth and some prominent media channels have now started showing other news prominently in order to share the attention of the public and about their lowly objection People do not know about it

बीजेपी शासित राज्यों में विपक्ष करवा रहा दंगे?
बताया जा रहा है कि योगी सरकार के आने से बौखलाए सपा नेताओं के इशारे पर इस दंगे को अंजाम देने की साजिश हो सकती है. ध्यान से देखा जाए तो बीजेपी शासित राज्यों में विपक्ष पिछले काफी वक़्त से इसी तरह से लाशों की राजनीति कर रहा है.

Rioting in opposition to BJP ruled states?
It is being told that due to the arrival of the Yogi government, there may be conspiracy to carry out this riot at the behest of SP leaders. Carefully seen, in the BJP ruled states, the Opposition is doing the politics of the corpses in the same way from the very last moment.

पहले मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन को कोंग्रेसी नेताओं ने हिंसक बना दिया, जिसके वीडियो भी सामने आये जिनमे कोंग्रेसी नेता आगजनी करने के लिए लोगों को उकसा रहे थे. साथ ही भीड़ में अपने लोगों को घुसा कर हिंसा फैला रहे थे. इस मामले की जांच चल रही है.

बीएचयू में हिंसा भी विपक्ष के इशारे पर ही फैलाई गयी, जिसमे बड़ा बवाल हुआ था. यहाँ भी आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर आरोप लगे कि उन्होंने छात्रों के आंदोलन को हिंसक रूप दिया.

इसके बाद गुजरात में दलितों पर हमला करवाया गया और उसका इल्जाम बीजेपी पर डालने की साजिश की गयी, मगर साबित हो गया कि वो हमला भी विपक्ष ने करवाया था. फिर महाराष्ट्र में दलित उत्सव समारोह में दंगा करवाया गया और दोष बीजेपी व् आरएसएस पर मढ़ दिया गया, जबकि बाद में पता चला कि ये दंगा भी जिग्नेश मवानी, उमर खालिद व् कांग्रेस समर्थकों ने करवाया था, इसकी जांच भी चल रही है.

After this, the Dalits were attacked in Gujarat and they were conspired to put the blame on BJP, but it proved that the attack was also done by the Opposition. Then there was a riot at the Dalit festival festival in Maharashtra and the faults were frozen on BJP and RSS, but later it was found that the riots had also been done by Jignesh Mavani, Omar Khalid and Congress supporters, it is also being investigated.

अब कासगंज में समाजवादी पार्टी के कनेक्शन की बात सामने आने से ये साबित हो जाता है कि मोदी को जब विकास के मुद्दे पर हरा नही सके तो सभी नेता बौखला गए हैं और जातिगत व् दो सम्प्रदायों के बीच साम्प्रदायिक दंगे फैला कर लाशों की राजनीति पर उतर आये हैं. मतलब इन्हे सत्ता से मतलब है, चाहे उसके लिए देश के नागरिकों को आपस में ही क्यों ना लड़वा दिया जाए.

कला जगत में देखें:

https://youtu.be/fBRvBB-0gH0

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ब्रेकिंग न्यूज़: कासगंज दंगे के मास्टरमाइंड का हुआ सनसनीखेज खुलासा, सामने आयी ये खौफ़नाक सच्चाई…

कासगंज : गणतंत्र दिवस के मौके पर तिरंगा यात्रा के दौरान मजहबी जिहादियों ने दंगा भड़का दिया. बेहिसाब पत्थरबाजी के साथ-साथ फायरिंग भी की गयी, जिसमे चन्दन नाम के एक युवक की जान चली गई. इस दंगे के पीछे जिम्मेदार चेहरे अब सामने आने शुरू हो गए हैं और जिहादियों के खून मंसूबों के पीछे की सच्चाई भी सामने आनी शुरू हो गयी है.

Kasganj: On the occasion of Republic Day, religious jihadis triggered riots during the trip to Tiranga. Firing was done with unaccounted rocketing, in which a young man named Chandan died. Responsible faces have started appearing behind this riot and the truth behind the bloodshed of the jihadis has also started to emerge.

पहले तो मीडिया ने इस खबर को दो समुदायों के बीच हुई झड़प बताकर मामले को टालने की कोशिश की. बाद में जब कुछ हिन्दुओं का माथा घूमा और उन्होंने हिंसा का जवाब प्रतिहिंसा से देना शुरू कर दिया तो मीडिया ने सारा दोष बीजेपी नेताओं व् एबीवीपी पर मढ़ दिया.

At first, the media tried to avoid the matter by telling the news about a clash between two communities. Later, when some Hindus came to the forehead and started giving responses to violence, the media plunged the entire blame on BJP leaders ABVP.

झूठ फैलाया जाना शुरू हो गया कि एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने मुस्लिमों के खिलाफ नारेबाजी की और भगवा झंडा फहराया. हालांकि अब सामने आ गया है कि ये सब दरअसल झूठ था और कासगंज को जलाने की साजिश सुनियोजित थी.

The lie began to spread that the ABVP workers shouted slogans against the Muslims and hoisted the saffron flag. Although it is now revealed that all this was a lie and conspiracy the conspiracy to burn Kasganj was well planned.

कासगंज हिंसा का आरोपी शकील फरार
पुलिस व् प्रशासन ने भी जिहादियों के खिलाफ एक्शन ना लेने की पूरी कोशिश की, सीएम योगी के आदेश के बाद ही पुलिस ठीक से एक्शन में आयी और जिहादियों के घरों पर छापेमारी शुरू हुई. पुलिस के निक्कमेपन के कारण चन्दन की हत्या करने वाला शकील फरार हो गया. आज शकील के घर में तलाशी के दौरान पुलिस को देशी बम और पिस्टल बरामद हुई है.

Shakeel absconding for Kasganj violence
Police and administration also made every effort to not take action against the jihadis, only after the order of CM Yogi the police came into action and started raiding the houses of jihadis. Due to the deficiency of the police, Shakeel, who killed Chandan, escaped. Today, during the search of Shakeel’s house, the country’s bombs and pistols have been recovered.

जिहादियों के घरों से असलाह, बारूद का जखीरा बरामद
तलाशी के दौरान राशिद होटल से भी देशी बम मिला है और एक युवक पिस्टल के साथ पकड़ा गया है. पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. आधे दर्जन घरों से देसी बम बरामद हुए हैं, जहाँ छापे मार रही है पुलिस वहीँ से देसी कट्टे व् गोलियां बरामद हो रही हैं. ऐसा लग रहा है कि बड़े पैमाने पर खून-खराबे की तैयारी की गयी थी.

Aslam, junkies recovered from jihadis’ houses
During the search, Rashid Hotel has also received country bombs and a young man has been caught with a pistol. Intensive search operations are being carried out in the entire area. Desi bombs have been recovered from half a dozen houses, where the raid is being carried out, the police are getting the country’s blacks and bullets from them. It seems that there was a massive bloody preparation.

कासगंज के कई इलाकों में आज भी आगजनी की घटनाएँ हुई हैं और बंद पड़ी कुछ दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया है. वहीँ पुलिस लगातार सघन तलाशी अभियान चलाकर दोषियों को पकड़ने की कोशिश में जुटी हुई है. अखिलेश यादव जिहादियों के खिलाफ पुलिस की इस कार्रवाई को अन्याय बता रहे हैं.

डीजीपी ओपी सिंह ने कहा है कि अफवाह न फैले इसलिए कासगंज में इन्टरनेट सेवाओं को रोका गया है. बाहरी नेताओं के आने से माहौल ख़राब हो सकता है, इसलिए उनके आने पर रोक लगाई गयी है.

जिहादियों के खिलाफ एक्शन क्यों नहीं लेती यूपी पुलिस?
कासगंज हिंसा की जाँच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है. कासगंज की हिंसा ने प्रशासन के रवैये पर लगातार सवाल उठाये हैं. आज तीसरे दिन भी पेट्रोलिंग के दौरान एक युवक पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया गया है. सीएम योगी ने कल हाई लेवल मीटिंग भी की थी और प्रमुख सचिव गृह ने भी कल कहा था कि जल्दी ही स्थिति नियंत्रण में होगी.

Why does the UP Police take action against jihadis?
SIT has been constituted to investigate Kasganj violence. The violence of Kasganj has consistently raised questions on the attitude of the administration. Today, on the third day, a young man has been arrested with pistol during patrol. CM Yogi had also made a high level meeting yesterday and the Principal Secretary’s house had said yesterday that the situation will be under control soon.

इस पूरे मामले में डीएम और एसपी की नाकामी पर भी सवाल उठ रहे हैं. सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक़ जिहादियों के खिलाफ वक़्त रहते सख्त एक्शन ना लेने के लिए सीएम योगी एटा और कासगंज प्रशासन से नाराज बताए जा रहे हैं. माना जा रहा है कि डीएम और एसपी पर गाज गिर सकती है और दोनों को हटाया जा सकता है.

यह भी देखें:

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

source political report

कासगंज मामले में CM योगी का बड़ा आदेश, घरों में छापे से सामने आया ये बड़ा सच, ख़ुफ़िया तंत्र समेत मोदी जी हैरान…

कासगंज (29 जनवरी) : यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने का संकल्प किया हुआ है. उनके आदेश पर यूपी पुलिस ने एनकाउंटरों की झड़ी लगाई हुई है, अब तक 400 से ज्यादा बदमाशों को ठोका जा चुका है. इसके बावजूद कासगंज में जिहादी तत्वों ने दंगा कर दिया और अबतक हालात पर काबू ना पाने पर सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ पुलिस व् प्रशासन के अधिकारियों से नाराज हैं. सीएम योगी के आदेश के बाद एक्शन में आयी पुलिस ने जिहादियों के घरों पर छापेमारी शुरू की, तो सामने आया ऐसा मंजर जिसे देख खुद पुलिस भी हैरान रह गयी.

Kasganj (January 29): UP Yogi Adityanath has pledged to make the state free from crime. On the orders of the UP Police, there have been demonstrations of encouchers, so far more than 400 miscreants have been hit. In spite of this, the jihadist elements in Kasganj have rioted and if the situation is not controlled now, the CM Yogi Adityanath of the province is angry with the police and administration officials. After the order of CM Yogi, the police who came into action started raids on the houses of the jihadis, then it came to light that the police themselves were also surprised.

जिहादियों के घरों से देसी कट्टे, बम व् असला बरामद
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को दंगाइयों के साथ सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं. उनके आदेश के बाद मजहबी कट्टरपंथियों के घरों पर पुलिस ने छापेमारी की तो अबतक आधा दर्जन घरों से बम बरामद हुए हैं. इसके अलावा कई घरों से देसी कट्टे और भारी मात्रा में असला बरामद हुआ है.

Landlords, bombs and recovered from the houses of jihadis
UP Yogi Adityanath has instructed the administration to deal with rioters strictly. After their order, police raided the homes of religious fundamentalists, so far the bombs have been recovered from half a dozen houses. In addition to this, many houses have been found in the country’s local area and heavy quantities have been recovered.

ना केवल देसी बंदूकें बल्कि इन मजहबी जिहादियों ने भारी मात्रा में गोलियां भी जमा की हुई थी. पत्थरबाजी करने के लिए पत्थर भी जमा किये हुए थे. ये सब किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है. जाहिर सी बात है कि पहले से ही कासगंज को सुलगाने की साजिश की गयी थी.

Not only domestic guns, but these religious jihadis had also collected large amounts of bullets. Stones were also collected for stone stone. All this points to a big conspiracy. Obviously, it was already conspired to smuggle Kasganj.

सुनियोजित साजिश के तहत किया दंगा?
अब तक 60 से ज्यादा लोगों गिरफ्तार किया जा चुका है. ड्रोन के जरिये दंगा प्रभावित शहर पर नजर रखी जा रही है. बताया जा रहा है कि दंगा होने से करीब पांच दिन पहले चामुंडा मंदिर के लिए प्रशासन द्वारा रोड पर अस्थायी बैरिकेड लगाने से जिहादी काफी नाराज थे.

The riot done under a planned conspiracy?
So far, more than 60 people have been arrested. Drought affected city is being monitored. It is being told that the jihadis were very angry with the administration for Chamunda temple by imposing a temporary barricade on the road by the administration about five days before the riots.

त्यौहार के कारण मंदिर रोड पर जाम ना लगे या कोई दुर्घटना ना हो जाए इसके लिए प्रशासन ने अस्थायी बैरिकेड लगाकर यहाँ वाहनों का प्रवेश वर्जित कर दिया था. ये बात मजहबी जिहादियों को नामंजूर थी और उन्होंने उस वक़्त भी बवाल करने की पूरी कोशिश की थी.

Due to the festival, due to lack of traffic on the temple road or any accident, the administration had barred entry of vehicles here by putting temporary barricades. This thing was denied to religious jihadis and they tried their best to organize that time too.

योगी सरकार ने की नर-संहार की साजिश नाकाम
कासगंज दंगा शायद उसी बात का बदला निकालने के लिए सुनियोजित साजिश के तहत किया गया. बड़े पैमाने पर बरामद हुए बम, देसी पिस्तौलें व् असला बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है. योगी सरकार ना होती तो शायद ये जिहादी और भी ज्यादा खून-खराबा
व् उत्पात मचाते.

Yogi Sarkar’s Plot Destroyed Plot
The Kasganj riot was probably done under a planned conspiracy to seek revenge for the same thing. Large-scale recovered bombs, indigenous pistols, and point to a big conspiracy. Had not been a yogi government, perhaps this jihadist would have been more bloody
And so forth.

सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक़ जिहादियों के खिलाफ वक़्त रहते सख्त एक्शन ना लेने के लिए सीएम योगी एटा और कासगंज प्रशासन से नाराज बताए जा रहे हैं. माना जा रहा है कि डीएम और एसपी पर गाज गिर सकती है और दोनों को हटाया जा सकता है. इसी के साथ यूपी डीजीपी ओपी सिंह ने कासगंज में जिहादी तत्वों द्वारा भड़काए गए दंगे की बात कबूल कर ली है.

According to the sources quoted in the sources, the CM Yogi is being annoyed with Eta and the Kasganj administration for not taking strict action against the jihadists. It is believed that ghazs can fall on DM and SP and both can be removed. With this, UP DGP OP Singh has confessed to the riots fired by jihadist elements in Kasganj.

जिहादियों को बचाने जुटे अखिलेश यादव
उन्होंने कहा है कि किसी भी कीमत पर दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा. घर-घर में तलाशी अभियान जारी है. वहीँ राजनीतिक गिद्ध भी लाशों की राजनीति करने आ पहुंचे हैं. यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने ऐसा बयान दिया जिस से कहीं न कहीं चन्दन गुप्ता हत्यारों के परिजनों में खुशी की लहर दौड़ती दिख रही है. पुलिस ने जैसे ही जिहादियों के घरों पर छापेमारी शुरू की, तुरंत अखिलेश यादव ने बयान दिया कि कासगंज में पुलिस कार्यवाही करे, अन्याय नहीं.

Akhilesh Yadav to save the jihadis
They have said that the culprits will not be spared at any cost. In-house search operation is in progress. The same political vulture has also come to fight the corpses. Former Uttar Pradesh Chief Minister Akhilesh Yadav made a statement that, somewhere, Chandan Gupta’s killers are showing a wave of happiness. As soon as the police started raids on the houses of the jihadis, Akhilesh Yadav immediately said that police should take action in Kasganj, not injustice, injustice

यानी पुलिस जिहादियों के घरों पर छापेमारी करके बम व् पिस्तौल बरामद कर रही है तो अखिलेश की नजर में ये अन्याय हो रहा है. एबीपी न्यूज़ जैसे कुछ मीडिया चैनल भी योगी आदित्यनाथ, बीजेपी व् एबीवीपी को दोषी ठहराने में जुट गए हैं. जिहादियों के खिलाफ एक्शन शुरू होते ही समाजवादी पार्टी ने पुलिस जांच पर ही सवाल खड़े कर दिए. साम्प्रदायिक हिंसा को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा ने प्रदेश की बीजेपी सरकार पर हमला बोल दिया है. साथ ही उन्होंने कहा कि सपा को पुलिस की जांच पर यकीन नहीं है.

That is, the police raiding the houses of jihadis, recovered the bomb and pistol, and this is being done in the eyes of Akhilesh. Some media channels like ABP News have also begun to blame Yogi Adityanath, BJP and ABVP. As the action against the jihadis started, the Samajwadi Party questioned the police investigation itself. Samajwadi Party’s National Vice-President Kiranmayee Nanda has attacked the state BJP government over communal violence. He also said that SP is not sure about police investigation.

यह भी देखें:

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

कासगंज तिरंगा यात्रा में हुयी मौत पर भड़के राष्ट्रवादी पत्रकार रोहित सरदाना ने बुद्धिजीवियों को लगाया ऐसा जोरदार तमाचा..

उत्तर प्रदेश : कासगंज, गणतंत्र दिवस के मौके पर कासगंज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की तिरंगा यात्रा में सांप्रदायिक बवाल हो गया। शहर में निकल रही इस तिरंगा यात्रा पर जिहादी समाज के लोगों ने पथराव के साथ जबरजस्त हमला कर दिया। इससे माहौल बिगड़ गया। पथराव से भड़के माहौल के बीच आगजनी भी शुरू हो गई। वहीं फायरिंग में घायल दो लोगों में से एक की मौत हो गई। फिलहाल शहर में कर्फ्यू जैसा माहौल बना है। इस तिरंगा यात्रा के दौरान हुए पथराव में दर्जनों गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं।

Uttar Pradesh: On the occasion of Republic Day, on the occasion of the Republic Day, the All India Student Council’s Tricolor journey in Kasganj became communal. On this trip to the city, the jihadist community attacked with stone pelting. This has worsened the environment. The fire started between the atmosphere of the stone-pelting environment. One of the two people injured in the firing died on the spot. At the moment there is a curfew-like atmosphere in the city. During this tricolor, dozens of vehicles were damaged in the stone pelting.

शहर के बडडू नगर मोहल्ले में तिरंगा यात्रा को लेकर दो वर्गों के युवक भिड़ गए। युवकों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट और पथराव के बाद फायरिंग भी शुरू हो गई। जिसमें दो लोगों को गोली लगी और गंभीर रूप से घायल चंदन गुप्ता की मौत हो गई। पुलिस ने दोनों वर्ग से आधा दर्जन लोगों को अपनी हिरासत में लिया है। इसके बाद भी शहर में तनाव बरकरार है। आज शनिवार को भी गुसाये लोगो ने दुकानों और वाहनों को आग के हवाले कर दिया!

Two sections of the youth were confronted about the tri-color journey in the city’s Baddu Nagar Mohalla. After firing among the youth, firing started after the assault and stone pelting. In which two people were shot and severely injured Chandan Gupta died. The police has taken half of the dozen people in their custody in their custody. Even after this the tension in the city remains intact. Today on Saturday, the people of Gusayee handed over shops and vehicles to the fire!

बता दे, गणतंत्र दिवस के मौके पर युवा तीन दर्जन बाइकों पर तिरंगा यात्रा एवं जुलूस निकाल रहे थे। तिरंगा यात्रा का काफिला जब शहर के बड्डू नगर मोहल्ले में पहुंचा, तो वहां मौजूद दूसरे वर्ग के युवकों ने किसी बात को लेकर उनका विरोध किया। इसके बाद दोनों वर्गों के युवकों के बीच विवाद शुरू हो गया और मारपीट व पथराव शुरू हो गया। मारपीट व पथराव तेज होने की वजह से तिरंगा यात्रा निकाल रहे युवक बाइक छोड़ भाग खड़े हुए। इस दौरान गोली भी चली जिसमे दो लोग घायल हुए थे और एक चन्दन गुप्ता की मौत हो गई! जिससे शहर में तनावपूर्ण स्थित पैदा हो गई।

Tell us, on the occasion of Republic Day, the youth were taking trips and trips on three dozen bikes. When the convoy reached the Baddu Nagar Mohalla in the city, the youth of the second class, present there, protested against something. After this there was a dispute between the youth of both the sections and the riot began. Due to the sharpening of the fire and the stones, the youths who traveled the tricolor left the bike. During this, the bullet went in which two people were injured and one Chandan Gupta died! As a result of which there was a tension in the city.

इस घटना को लेकर लोगो में आक्रोश व्याप्त है, वही लोग मीडिया के दोहरे चरित्र के लिए भी निशाना साध रहे है! लोगो का कहना है की मीडिया इस खबर को क्यों नहीं दिखा रही है, जबकि पद्मावत फिल्म के विरोध प्रदर्शन को लगातार मीडिया दिखा रही थी और तब समुदाय विशेष या जाती विशेष न कहकर राजपूत शब्द का इस्तेमाल किया जा रहा था लेकिन यहाँ समुदाय विशेष कहकर मीडिया kya साबित करना चाहती है, और सबसे बड़ी बात इनलोगो को किसका समर्थन मिला हुआ है!

There is anger in the people about this incident, the same people are also targeting the double character of the media! The logos say that the media is not showing this news, while Padmavat was constantly showing the media’s protests and then the word ‘Rajput’ was being used by the community, special or not specific, but the community here was called special media Kya wants to prove, and the biggest thing is that whose support is received by InoLogo!

इसी कड़ी में राष्ट्रवादी पत्रकार रोहित सरदाना ऐसे लोगो को आड़े हाथों लिया है, जो इस पुरे मसले पर चुप्पी साढ़े हुए है! रोहित सरदाना ने ट्विटर पर लिखा- “भारत में रह कर पाकिस्तान का झंडा फहराने वालों को बचाने अनेक ‘बुद्धिजीवी’ मैदान में कूद आते हैं. कासगंज में तिरंगा फहराने पे मार दिए गए आदमी के लिए कोई आवाज़ नहीं? #BharatKeDushman”

यह भी देखे :

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

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