मोदी के सामने झुका पाकिस्तान, उठाया ऐसा सनसनीखेज कदम, जिसे देख आपकी आँखें फटी रह जाएंगी

नई दिल्ली : भारत को तोड़ने, कश्मीर को छीनने और आतंकवाद फैलाने के सपने देखने वाले आतंकी देश पाकिस्तान की हालत अब पूरी तरह खराब हो चुकी है. पीएम मोदी को आँखें दिखाने वाला ना’पाक भारतीय सेना के एक्शन को देख गिड़गिड़ाने लगा है. पाकिस्तान से अब एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है.

NEW DELHI: The terrorism of Pakistan, the country’s dream of breaking India, snatching Kashmir and spreading terrorism has become completely worse. Na’pak, who showed eyes to PM Modi, is looking forward to seeing the Indian Army’s action. A shocking news is coming from Pakistan now.

पिछले 60 वर्षों से कांग्रेस सरकार पाकिस्तान के सामने गिड़गिड़ाती आयी थी. पाकिस्तान ने दिल्ली से लेकर गुजरात तक में बम धमाके करवाए, कश्मीर में पंडितों का कत्लेआम करवाया, मुम्बई में कसाब व् अन्य आतंकियों को भेजकर हमला करवाया, मगर कांग्रेस सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही और पाकिस्तान के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया.

For the past 60 years, the Congress Government had come to grief in front of Pakistan. Pakistan carried out bomb blasts from Delhi to Gujarat, massacred the Pandits in Kashmir, sent Kasab and other terrorists in Mumbai to attack, but the Congress government kept on hand and did not take any tough steps against Pakistan

भारत के सामने झुका ना’पाक
पीएम मोदी के सत्ता में आने के बाद भारतीय सेना ने जब गोलियों को जवाब गोलों से देना शुरू किया, तब भी कांग्रेस ने पाकिस्तान की निंदा करने की जगह मोदी का विरोध किया. मगर पीएम मोदी ने किसी भी दबाव के आगे झुकने से इंकार कर दिया. खुली छूट पाकर सेना ने पाक फ़ौज का इतना नुक्सान कर दिया है और कश्मीर में आतंकियों की इतनी लाशें बिछा दी हैं कि इतिहास में पहली बार पाक फ़ौज खुद भारत से शान्ति बहाल करने की गुजारिश कर रही है.

Jhukka Na ‘Pakak in front of India
Even after the arrival of PM Modi, when the Indian army started giving answers to the bullets, the Congress opposed Modi instead of condemning Pakistan. But PM Modi refused to bow before any pressure. With an open exemption, the army has caused so much damage to the Pak army and has laid so many dead bodies of terrorists in Kashmir that for the first time in the history of the Pak army itself, it is asking for restoring peace from India itself.

भारतीय सेना पर हमले करने वाले गिड़गिड़ा रहे हैं
बता दें कि पहले पाक फ़ौज के दिमाग कुछ ज्यादा ही खराब थे. पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, भारत के साथ संबंध सुधारने के इच्‍छुक थे लेकिन अपनी सेना के कारण वह ऐसा नहीं कर सके. मगर भारतीय सेना जिस तरह से बॉर्डर पर पाकिस्तान की सैन्य चौकियों को ध्वस्त करती आ रही है और कश्मीर में पाक परस्त आतंकियों का सफाया कर रही है, उसे देखते हुए पाक फ़ौज ने घुटने टेक लिए हैं.

The attackers on the Indian Army have been complaining
Let me tell you that earlier the army of Pak army was somewhat worse. Former Pakistan Prime Minister Nawaz Sharif was keen to improve relations with India but due to his army he could not do it. But the way the Indian army has been destroying Pakistan’s military checkpoints on the border and is wiping out militants from Pakistan in Kashmir, the Pak army has kneeled.

पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा अचानक भारत को लेकर दिए अपने बयानों के कारण सुर्खियों में आ गए हैं. पाकिस्‍तान की सबसे ताकतवर शख्सियत माने जाने वाले जनरल कमर जावेद बाजवा भारत से शान्ति की अपील की है. बाजवा का कहना है कि भारत-पाक के बीच कश्‍मीर समेत सभी विवादों का हल बंदूकों के बजाय विस्‍तृत रूप से सार्थक बातचीत से ही निकल सकता है.

Pakistani army chief Kamar Javed Bajwa has suddenly come to headlines due to his statements to India. General Kamar Javed Bajwa, who is considered Pakistan’s most powerful figure, has appealed for peace from India. Bajwa says that all the disputes between India and Pakistan, including Kashmir, can be resolved only through meaningful dialogue rather than guns.

अस्तित्व खतरे में देख पाकिस्तान की हालत खराब
बाजवा ने ये भी कहा है कि मोदी सरकार अपने सख्‍त रुख के कारण पाकिस्‍तान के साथ अभी बातचीत नहीं कर रही है लेकिन अपनी तेज गति से बढ़ती अर्थव्‍यवस्‍था के कारण उसको अगले दो-तीन साल के भीतर पाकिस्‍तान के साथ बातचीत करने की दरकार होगी. इसके साथ ही यह भी उन्‍होंने हाल में कहा है कि पाकिस्‍तान को ऐसे शांतिप्रेमी देश के रूप में स्‍थापित करने का सपना देखते हैं जो दुनिया के साथ शांतिपूर्ण और सह-अस्तित्‍व की भावना के साथ रहना चाहता है.

Pakistan’s condition worsened in existence
Bajwa has also said that the Modi government is not negotiating with Pakistan due to its strict stance, but due to its fast growing economy, it will need to negotiate with Pakistan within the next two-three years. At the same time, he has also said recently that he dreams of establishing Pakistan as a peace-loving country which wants to live with the world with a sense of peaceful and coexistence.

इन सारे बयानों को यदि एक साथ जोड़कर देखा जाए तो इसको पाकिस्‍तानी विदेश नीति के संदर्भ में बाजवा डॉक्ट्रिन (सिद्धांत) कहा जा रहा है. अब बड़ा सवाल उठता है कि आखिर जनरल बाजवा इस तरह के बयान क्‍यों दे रहे हैं?

If all these statements are seen together, then it is being called Bajwa Doctrine (theory) in the context of Pakistani foreign policy. Now the big question arises, why are General Bajwa giving such statements?

सैन्य व् आर्थिक, दोनों स्तर पर पाकिस्तान का बुरा हाल
दरअसल पीएम मोदी लगातार पाकिस्तान को शिकस्त दे रहे हैं. भारतीय सेना तो पाक फ़ौज को ध्वस्त कर ही रही है, साथ ही कश्मीर में पाकिस्तान ने अपना जो नेटवर्क बनाया हुआ था, वो भी ध्वस्त हो गया है. पाक के पाले हुए आतंकियों को उनके बिलों से निकाल-निकाल कर ठोका जा रहा है.

Pakistan’s bad situation at both military and economic level
Indeed, PM Modi is constantly defeating Pakistan. The Indian army has been destroying the Pak army, as well as the network that Pakistan had built in Kashmir, it has also collapsed. The Pak-based terrorists are being thrown out of their bills.

पाकिस्तान ने पूरी कोशिश की कि भारतीय वामपंथियों व् अन्य गद्दारों के सहारे भारत सरकार पर पाक से बातचीत का दबाव बनाया जाए, मगर मोदी पर कोई दबाव नहीं बना. वहीँ पीएम मोदी ने पाकिस्तान का दाना-पानी तक बंद करवा दिया. ईरान के चाबहार पोर्ट के जरिये अफगानिस्तान के साथ व्यापार शुरू किया, जिससे पाकिस्तान का अफगानिस्तान में किया जाने वाला निर्यात घट कर एक चौथाई रह गया है.

Pakistan tried hard to pressurize the Indian government to interact with Pakistan with the help of Indian Left and other traitors, but there was no pressure on Modi. The PM Modi has stopped the Pakistan’s grain and water. Iran started trade with Afghanistan through Chabahar Port, which has left Pakistan accounting for one fourth due to Afghanistan’s exports.

अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान अकेला
पाकिस्तान को अब हर साल अरबों रुपयों का घाटा झेलना पड़ रहा है. वहीँ अमेरिका के साथ मजबूत सम्बन्ध बनाकर पीएम मोदी ने पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग कर दिया है. अमेरिका ने आर्थिक व् सैन्य सहायता देना बंद कर दिया है. चीन से मिली ज़रा बहुत मदद से किसी तरह पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था चल रही है, मगर पाक जानता है कि चीन किसी का सगा नहीं है. मतलब निकलने के बाद वो पाक का हाथ भी छोड़ देगा.

Pakistan alone on international stage
Pakistan is now facing a loss of billions of rupees every year. By making strong connections with America, PM Modi has alienated Pakistan on the international stage. The US has stopped financial and military support. Pakistan’s economy is running in some way with a lot of help from China, but Pak knows that China is not affiliated with anybody. After leaving the meaning, he will also leave Pak’s hand.

ऐसे में पाक फ़ौज अब घुटनों पर आ रही है. अब भारत के साथ शान्ति के रास्ते खोज रही है. पाक सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा के हालिया बयान दर्शा रहे हैं कि मोदी के सामने पाकिस्तान को उसकी औकात पता चल चुकी है. लगातार हो रही बीजेपी की जीत ने भी पाकिस्तान को समझा दिया है कि भारत की जनता अब जाग चुकी है और कांग्रेस अब सत्ता में नहीं आने वाली. मोदी बार-बार पीएम बनेंगे.

In this way the Pak army is now coming to the knees. Now searching for peace with India. Recent statements by Pakistan Army chief Kamar Javed Bajwa show that Pakistan has already recognized its income in front of Modi. The persistent BJP victory has also convince Pakistan that the people of India are now awake and the Congress will not come to power anymore. Modi will be PM again and again

मोदी के दोबारा चुनाव जीतने और राज्यसभा में बहुमत पाते ही कश्मीर की धारा 370 हटाने की कवायद उसी तरह शुरू हो जायेगी, जैसे तीन तलाक को ख़त्म कर दिया गया. यूएन में भी अब पाकिस्तान की कोई सुनता नहीं. ऐसे में अब शान्ति की गुहार लगाने के अलावा पाकिस्तान के पास कोई चारा ही नहीं बचा.

As soon as Modi’s re-election and finding a majority in the Rajya Sabha, the drill for the removal of Section 370 of Kashmir will begin in the same way as the three divorces have been abolished. There is no hearing from Pakistan in the UN. In such a situation, apart from applying for peace, Pakistan has no choice but to leave.

 

यह भी देखें :

https://www.youtube.com/watch?v=m7CoPymK4gw

 

https://www.youtube.com/watch?v=8WfEyICu_NM

टूट गया कश्मीर के लोगों की सहनशीलता का बाँध, निःशस्त्र ही किया ऐसा भयंकर कांड, भारतीय जवान भी हुए हैरान”

PM मोदी का मिशन कश्मीर सफल हो रहा है. जवानो को खुली छूट दिए जाने से और आतंकियों को मरते देख कश्मीर के लोग अब निर्भीक हो गए हैं. अपने मजबूत प्रधानमंत्री और मजबूत सेना के साथ के कारण अब ना तो वो आतंकियों के फरमानों से डरते हैं और ना ही उनके नापाक इरादों से. कश्मीरियों में आतंकियों के खिलाफ क्रोध इतना अधिक है कि वो अब उनसे भिड़ने से भी नहीं डरते. सोमवार देर शाम भी कश्मीर में एक ऐसा ही हैरतअंगेज मंजर देखने को मिला, जिसे देख आतंकियों की आँखों में आतंक छा गया.

PM Modi’s mission Kashmir is going to succeed The people of Kashmir have become fearless after leaving the jawans free and the terrorists die. Due to his strong prime minister and strong army, he is neither afraid of the orders of the terrorists nor his nefarious intentions. The anger against the terrorists in Kashmiris is so much that they are no longer afraid to confront them. In the late evening on Monday, a similar surprise angle was seen in Kashmir, which saw terror in the eyes of the terrorists.

गांव के लोगों ने ही ठोका भयानक आतंकी
दरअसल हुआ कुछ ऐसा कि कुछ आतंकियों ने शोपियां में सत्ताधारी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के हलका प्रधान व पूर्व सरपंच की उसके घर के बाहर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी. ये देख गांव के लोगों और नेता के परिजनों का गुस्सा फट पड़ा और उन्होंने आव-देखा ना ताव और आतंकियों पर निहत्थे ही टूट पड़े.

The people of the village have just hit the terrible terror
Indeed, it was something like that some terrorists had filled the bulk of the ruling People’s Democratic Party and the former sarpanch in Shopian after being shot dead by bullets outside his house. The anger of the people of the village and the leader of the leader was torn apart, and they were unaware of the necessity and the unarmed terrorists.

आतंकियों को गांव के लोगों से इसकी उम्मीद नहीं थी, जब तक वो कुछ समझ पाते, तब तक उनकी तबियत से धुनाई हो चुकी थी. लातों और घूंसों के बीच एक गांव वाले ने बी श्रेणी के खूंखार और पांच लाख के इनामी आतंकी शौकत अहमद फलाही की राइफल छीन ली और उसके सर का निशाना ले कर दाग दी.

The terrorists were not expecting it from the people of the village, till they understood something, their health had been washed away. Between the strangers and the buffaloes, a villager snatched the rifle of the B-class dreaded and five lakh of the renowned terrorist Shaukat Ahmad Falahi and targeted him with a target.

राइफल से खोपड़ी के परखच्चे उड़ा दिए
एक ही गोली से शौकत अहमद फलाही की खोपड़ी फट गयी, जबकि ये मंजर देख उसके दो अन्य आतंकी साथियों की जान हलक में आ गयी और वो सर पर पैर रखकर भाग खड़े हुए. शौकत 25 अक्टूबर 2016 को आतंकी बना था.

Blast the scalp with a rifle
Shaukat Ahmad Falahi’s skull was broken by the same bullet, while seeing the differences, the lives of two other militant associates came to a haphazardly and they ran away from the feet on the head. Shaukat was made terror on October 25, 2016.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आतंकियों के डर से पहले गांव के लोग कांपते और घबराते थे, मगर मोदी सरकार ने गांव के लोगों का साहस भी बढ़ा है. कांग्रेस के वक़्त में तो आतंकियों को मारने वालों को ही फंसा दिया जाता था और जेल में डाल दिया जाता था, यही वजह है कि पिछले 15 सालों में जम्मू-कश्मीर में ऐसा केवल तीन बार ही हुआ, जब ग्रामीणों ने किसी आतंकी को मौत के घाट उतारा हो.

For your information, tell that before the fear of terrorists, the people of the village were shivering and frightening, but the Modi government has also increased the courage of the people of the village. At the time of Congress, those who killed terrorists were trapped and thrown in jail, this is the reason that in the last 15 years, this happened only three times in Jammu and Kashmir when villagers killed a terrorist Take off

इससे पहले एक बार दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में बक्करवाल नाम के शख्स ने एक आतंकी को कुल्हाड़ी से काट डाला था. वहीँ जम्मू संभाग के राजौरी जिले में एक बहादुर लड़की रुखसाना ने आतंकी को कुल्हाड़ी से काट डाला था. जम्मू-कश्मीर पुलिस महानिदेशक डॉ. एसपी वैद ने भी ट्वीट कर इस घटना की जानकारी दी है

Earlier, once a man named Bakkarwal in Kulgam in south Kashmir, he had cut a terrorist with ax. In the Rajouri district of Jammu division, a brave girl Rukhsana had cut the terrorist with ax. Jammu and Kashmir Police Director Dr SP Vaid also tweeted the incident.

नेता को सेना का मुखबिर बता कर मारा
रात करीब आठ बजे स्वचालित हथियारों से लैस हिजबुल मुजाहिदीन के तीन आतंकी शोपियां जिले के जेनपोरा इमामसाहब के साथ सटे होमुन गांव में पहुंचे. आतंकी पीडीपी नेता मुहम्मद रमजान शेख (50) के घर में घुस गए और उसे बाहर ले आए. पीडीपी नेता के परिजन भी घर के बाहर आ गए. इसी बीच आतंकियों ने पीडीपी नेता के साथ मारपीट शुरू कर दी. आतंकियों के मुताबिक़ नेता सुरक्षा बलों का मुखबिर था और आतंकियों से जुडी जानकारी सेना तक पहुंचाता था.

Told the leader to be the informer of the army
At around eight o’clock in the night, three militants of Hizb-ul-Mujahideen, armed with automatic weapons, arrived in Homun village adjacent to Jenpora Imamsah of Shopian district. The terrorists entered the house of PDP leader Muhammad Ramzan Sheikh (50) and brought him out. The family of the PDP leader also came out of the house. Meanwhile, the terrorists started assault with the PDP leader. According to the militants, the leader was the informer of the security forces and used to bring the information related to the terrorists to the army.

इसी दौरान वहां शोर-शराबा सुनकर भारी संख्या में गांव वाले जमा हो गए और तभी आतंकियों का प्रतिरोध करने लगे. इसी दौरान आतंकियों ने अंधाधुंध गोलियों की बौछार कर दी, जिसमें पीडीपी नेता की जान चली गई. बस फिर क्या था, अपने सामने अपने ही नेता को मरते देख गांव वालों का माथा ठनक गया और वो आतंकियों से निहत्थे ही भिड़ गए.

In the meantime, a large number of villagers gathered in large numbers after listening to the noise and then started to resist the terrorists. In the meantime, the terrorists fired indiscriminate firing, in which the PDP leader’s life was lost. What was the matter, seeing the death of his own leader in front of him, the head of the villagers was shocked and he got confused with the terrorists.

बदल रहा है कश्मीर
आतंकियों की लातों-घूंसों से अच्छी सेवा की गयी. इस दौरान एक ग्रामीण ने आतंकी शौकत से उसकी राइफल छीनकर उसके सिर में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. शोपियां के एसएसपी एसआर अंबरकर ने बताया कि शौकत के अन्य दो साथियों को जिंदा अथवा मुर्दा पकड़ने के लिए पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली गई है और तलाशी अभियान जारी है.

Is changing k
Good service was done by the ghosts of the terrorists. During this time, a villager snatched his rifle from terror shock and shot him in his head, which killed him on his own spot. Shoppani’s SSP SR Ambarkar told that the other two companions of Shaukat have been segregated from the entire area to catch alive or alive and the search operations are in progress.

मानना पडेगा कि कश्मीर अब बदल रहा है. लोगों के दिल से आतंकियों का डर ख़त्म हो रहा है. पहले तो लोग आतंकियों की जानकारियां ही सेना तक पहुंचाते थे, मगर अब तो खुद ही आतंकियों का न्याय भी कर दे रहे हैं.

Must have to believe that Kashmir is now changing. Fear of terrorists is ending with the hearts of people. At first, people used to send information of terrorists to the army, but now they are also judging the terrorists themselves.

यह भी देखें :

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

SOURCE POLITICAL REPORT

कश्मीरी पंडितों के खिलाफ बड़ी साजिश फिर दोहराएगा इतिहास |

19 अक्टूबर को पूरी दुनिया में दीपावली थी, जहाँ हिन्दू अपने इस त्यौहार को धूमधाम से मना रहे थे, पर कश्मीर में एक हिन्दू परिवार को दीपावली पर दिया जलाना बहुत महंगा पड़ा, और हिन्दू परिवार की जान आफत में आ गयी, दिया जलाने के कारण स्थानीय मुसलमान भड़क गए और उन्होंने हिन्दू परिवार पर हमला दिया

On 19th October, there was Diwali in the whole world, where Hindus were celebrating this festival with pomp, but the burning of a Hindu family on Diwali was very costly, and the life of the Hindu family came in disaster, due to the burning of Local Muslims flared up and attacked the Hindu family

मामला है कश्मीर के कुलगाम जिले की है, जहाँ पर 1 ही हिन्दू परिवार रह रहा था, दीपावली पर इस हिन्दू परिवार ने दिया जलाया, जब ये बात स्थानीय मुसलमानो को पता चला तो पूरी भीड़ आ गयी और हिन्दू परिवार पर हमला करते हुए पत्थरबाजी और नारेबाजी की गयी

The matter is of Kulgam district of Kashmir, where only 1 Hindu family was living, this Hindu family burnt Diwali on this Hindu family, when it became known to the local Muslims, the whole crowd came and attacked the Hindu family and stoneing them. Slogan

इस मामले को मीडिया ने पूरी तरह दबा दिया, कुलगाम से 1990 के बाद से ही हिन्दुओ को भगा दिया गया, किसी भी तरह मैनेज करके एक हिन्दू परिवार वही रह गया, वो अपने पूर्वजो की भूमि को छोड़ना नहीं चाहते थे, और इस दिवाली उन्होंने बस दिया जलाया जिसके बाद स्थानीय मुसलमानो ने उस परिवार पर हमला कर दिया

The family has given full testimony of the attack after the burning of Diwali on her, whose video you have seen above but the media has taken full vows to suppress the matter.

जम्मू (जेएनएन)। दक्षिण कश्मीर के जिला कुलगाम के रेनिपोरा गांव में दीपावली के दिन समुदाय विशेष ने एक कश्मीरी पंडित परिवार को घाटी से बेदखल करने का फरमान सुनाया। उसके घर पथराव तक किया गया। मामला उछलते ही पुलिस इसे दो परिवारों का भूमि विवाद बता रही है।

Jammu (JnN). On the day of Diwali in Renipora village of Kulgam, district of South Kashmir, the community special decreed the removal of a Kashmiri Pandit family from the valley. His house was made up to stone pelting. As the matter goes out, the police is telling the land of two families to dispute.

सोशल साइट पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें कश्मीरी पंडित दंपती सड़क पर कश्मीर छोड़ने के फरमान के विरोध में प्रदर्शन करते हुए दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय समाचार चैनल के वीडियो में दिखाया गया है कि जिला कृषि अधिकारी अवतार कृष्ण और उनकी पत्नी मुख्य सड़क पर यातायात अवरुद्ध कर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने पड़ोस में रहने वाले तीन भाइयों पर आरोप लगाया कि गांव से निकालने के लिए उन्होंने दीपावली की रात उनके घर पर पथराव किया। उस समय वे घर के बाहर मोमबत्ती जला रहे थे। जैसे-तैसे उन्होंने अपनी जान बचाई।

A video has been viral on the social site, in which Kashmiri Pandit couple is seen appearing in protest against the order to leave Kashmir on the road. In the video of the local news channel it is shown that District Agriculture Officer Avtar Krishna and his wife are blocking the traffic on the main road. They accused the three brothers living in the neighborhood that they took stones at their house on Deepawali night to take them out of the village. At that time they were burning candles outside the house. By the way, they saved their lives.

अवतार ने कहा कि मैं विस्थापित नहीं हूं। मैं घाटी में अपने घर में मुसलमान भाइयों के बीच पूरी गरिमा के साथ रह रहा हूं। उन्होंने राज्य सरकार से सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि तीन भाइयों को छोड़ बाकी मुस्लिम भाइयों ने हमेशा उनके साथ अच्छा व्यवहार किया है। वीडियो में शामिल बुजुर्ग कश्मीरी पंडित महिला ने भी पड़ोसियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्रीधर पंत ने कहा कि उन्होंने एडीसी तलत परवेज के साथ शनिवार को पंडित परिवार से मुलाकात की।

Avtar said that I am not displaced. I am living in the valley with full dignity among the Muslim brothers in my house. He demanded protection from the state government and said that except for the three brothers, the other Muslim brothers have always treated them well. The elderly Kashmiri Pandit woman in the video also accused neighbors of harassment. Senior Superintendent of Police Shridhar Pant said that he met the Pandit family on Saturday with ADC Talat Parvez.

पंडित परिवार और उनके पड़ोसी दोनों की भूमि के एक टुकड़े पर नजर है। इसी सरकारी भूमि पर कब्जे को लेकर झगड़ा चला आ रहा है। उन्होंने पहले भी उनकी शिकायत पर मामला दर्ज किया है, जिस पर जांच चल रही है। कानून के तहत कार्रवाई भी की जाएगी। पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि पुलिस नियंत्रण कक्ष, कुलगाम में शिकायत मिलते ही पुलिस की एक टीम परिवार की मदद के लिए भेज दी गई थी। पंडित परिवार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है।

Look at a piece of land of the Pandit family and their neighbors. There is a quarrel over possession of this government land. They have filed a case before their complaint, which is under investigation. Action will also be taken under the law. A police spokesman said that once a complaint was received in Police Control Room, Kulgam, a team of police was sent to help the family. The case has been registered against the Pandit family’s complaint.

Look at a piece of land of the Pandit family and their neighbors. There is a quarrel over possession of this government land. They have filed a case before their complaint, which is under investigation. Action will also be taken under the law. A police spokesman said that once a complaint was received in Police Control Room, Kulgam, a team of police was sent to help the family. The case has been registered against the Pandit family’s complaint.

अपने ऊपर दिवाली के दिए जलाने के बाद हुए हमले की पूरी गवाही इस परिवार ने दी है जिसका वीडियो भी आपने ऊपर देख लिया पर मीडिया ने इस मामले को दबाने की पूरी कसम उठाई हुई है

ये विडियो भी देखें :

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

SOURCE POLITICAL REPORT

खास खबर :कश्मीर समस्या को जड़ से ख़त्म करने के लिए RSS का ये ऐसा बड़ा एलान, जिसे देख महबूबा समेत अलगाववादियों में मची हडकंप

नई दिल्ली : कांग्रेस की देन कश्मीर समस्या की वजह से आज पूरा देश इसका परिणाम भुगत रहा है. कश्मीर से कश्मीरी पंडितों के साथ अन्याय हुआ, बड़े नरसंहार के बाद लाखों की संख्या में कश्मीरी पंडितों को पलायन करना पड़ा.

लेकिन अब जब सेना ने कश्मीर में आतंकियों के ताबड़तोड़ एनकाउंटर शुरू किये हैं, मिशन आल आउट के तहत पिछले साल 200 से ज़्यादा आतंकवादी मारे गए, कई अलगाववादी गिरफ्तार कर लिए गये हैं.

लेकिन जब सेना पत्थरबाजों को ठोकती है तो यही विरोधी सेना के खिलाफ कोर्ट और केस चलाने की कार्रवाई की मांग करते हैं. बता दें कांग्रेस के ही एक नेता ने कहाँ था कि अगर हम सरकार में होते तो आज आतंकी बुरहान वानी ज़िंदा होता. कांग्रेस हमेशा से आतंकवादियों को पालना चाहती रही है.

ऐसे ही अब कश्मीर समस्या को जड़ से खात्मे के लिए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने युक्ति के साथ शक्ति का सहारा लेने का भी सुझाव दिया है.

कश्मीर समस्या के खात्मे पर आरएसएस का बड़ा एलान

अभी मिल रही ताज़ा खबर के मुताबिक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के ”लोगों को बांटने की कोशिश करने वाली ताकतों” से निपटने के लिए शक्ति और युक्ति के इस्तेमाल का आह्वान करते हुए कहा कि परेशानी पैदा करने वाले ताकत की ही भाषा समझते हैं. उन्होंने कहा कि ”सत्य की जीत” सुनिश्चित करने के लिए शक्ति और युक्ति की जरूरत है.

भागवत ने आगे कहा कि भारतीय सेना ने अपने ”प्रयासों, बलिदानों और समर्पण के साथ” शक्ति बनाए रखी है. इसकी इसलिए जरूरत है, क्योंकि परेशानी पैदा करने वाले ”केवल ताकत की भाषा ही समझते हैं.उन्होंने कश्मीर के भारत के अभिन्न हिस्सा होने की बात पर जोर देते हुए कहा कि भारतीय उपमहाद्वीप एक राष्ट्र का है और उसका डीएनए एक ही है.

बता दें मुसीबत में आरएसएस के स्वयंसेवक सेना के जवानों को मुश्किल हालात में खाना पानी कपड़े इस सबके साथ मदद करते नज़र आते रहे हैं. कश्मीर में जब बाढ़ की भयानक स्थिति उत्पन्न हो गयी थी तब भी आरएसएस ने खाने की सामग्री का सेना के लिए इंतज़ाम किया था.

इससे पहले राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने ही रविवार (11 फरवरी) को कहा था कि अगर जरूरत हुई तो उनका संगठन देश के दुश्मनों से सीमा पर लड़ने के लिए भी तैयार है. बिहार के मुजफ्फरनगर जिले में आरएसएस के एक समारोह के दौरान भागवत ने कहा था, “राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ कोई सैन्य संगठन नहीं है.

लेकिन हमारे पास सेना जैसा अनुशासन है. यदि देश की आश्यकता है और देश का संविधान इजाजत देता है तो आएसएस सीमा पर शत्रुओं के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार है.” भागवत ने कहा कि देश की खातिर लड़ाई के लिए आरएसएस कुछ दिनों के भीतर सेना बनाने की क्षमता रखती है.

आरएसएस के इस देशभक्ति के जज़्बे का कांग्रेस के षड्यंत्रकारी राजनेताओं ने माज़क उदय और सेना के खिलाफ ही भड़का दिया. कांग्रेसी नेताओं ने बयान दिया कि आरएसएस सेना को काबिल नहीं समझता और खुद रक्षा करने कि बात करता है. जबकि ऐसा कुछ नहीं कहा गया था. कांग्रेस देश में झूठ फ़ैलाने और ज़हर घोलने का का काम किया है.

यह भी देखे

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

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SOURCENAME POLITICAL REPORT

अभी-अभी:सुकमा के शहीद जवानों के परिवारों के लिए ,CM योगी ने लिया ऐसा बड़ा फैसला, जिसे देख वामपंथियों समेत नक्सलियों में हडकंप…..

नई दिल्ली : जब देशद्रोही तत्व देश के अंदर ही घुल मिलकर घुस जाते हैं तब वे उस दुश्मन से भी ज़्यादा खतरनाक हो जाते हैं जो सीमा पार करके आ रहा होता है. ये देशद्रोही देश को अंदर ही अंदर से खोखला करने लगते हैं ओर इसकी कीमत हमारे जवानों को अपनी शहादत देकर चुकानी पड़ती है.

New Delhi: When anti-national elements enters the country together, they become more dangerous than the enemy who is crossing the border. These anti-trafficking countries start hollowing inside and its cost is to pay our soldiers their martyrdom.

श्रीनगर जेल में NIA , CRPF , NSG कमांडो की ज़बरदस्त रेड

हमने आपको पिछले महीने ही बहुत बड़ा खुलासा करके बताया था जब श्रीनगर के अस्पताल से एक आतंकवादी भाग गया था. जिसके बाद बड़ी चौंकाने वाली खबर सामने आयी थी कि दरअसल वो आतंकी भागा नहीं था उसे भगवाया गया था ओर उसकी प्लानिंग श्रीनगर के जेल में ही हो गयी थी. आज भी उसी जेल में सैकड़ों खूंखार आतंकवादी मज़े कर रहे हैं. आज उसी श्रीनगर की जेल में धमाकेदार NIA ने छापेमारी करी है जिसमे बेहद चौकने वाली चीज़ें हाथ लगी हैं.

NIA, CRPF, NSG commandos in Strong Raid in Srinagar Jail

We had told you a very big disclosure last month when a terrorist from Srinagar’s hospital had fled. After which a shocking news came to light that in fact he did not run the terrorist, he was saffron and his planning was done in Srinagar jail. Even today hundreds of dreaded terrorists are enjoying the same jail. Today, in the same Srinagar jail, the raided NIA has raided, in which lots of scary things are in hand.

हाथ लगी ऐसी चीज़े जिसे देख फटी रह गयी सबकी आखें

अभी मिल रही ताज़ा खबर के मुताबिक नेशनल इन्वेस्टिगेटिव एजेंसी यानी NIA ने श्रीनगर सेंट्रल जेल पर छापा मारा है. उसके बाद जांच अधिकारीयों के हाथ ऐसी ज़बरदस्त ख़ुफ़िया चीज़ें हाथ लगी हैं जिसके बाद आप श्रीनगर की कैद आतंकियों की जेल नहीं बल्कि आतंकियों का अड्डा या स्वर्ग कहेंगे तो ज़्यादा बेहतर होगा.

Things that are torn by the hand

According to the latest news available now, the National Investigative Agency (NIA) has raided the Srinagar Central Jail. After that, such tremendous intelligence has been handed over to the investigating officers, after which you will be better off if you call Srinagar’s imprisoned terrorists but not a prisoner of war or a paradise.

आज उस वक़्त हड़कंप मच गया जब श्रीनगर की जेल में एक साथ राष्ट्रीय जांच एजेंसी के साथ सीआरपीएफ और एनएसजी कमांडोज ने धरपकड़ ओर छापेमारी करी. छापेमारी में श्रीनगर की सेंट्रल जेल से कई प्रतिबंधित सामान बरामद हुए हैं. इस खुलासे के बाद सबसे पहले 40 आतंकवादियों को गुप्त स्थान पर भेज दिया गया है. इन जेलों असिया अंद्राबी, यासीन मालिक जैसे अलगाववादी भी रह चुके हैं.

Today, there was a stir when the CRPF and NSG Commandos raided and raided the National Investigation Agency together in Srinagar jail. Several raided items have been recovered from the central jail of Srinagar in the raid. After this disclosure, the first 40 terrorists have been sent to the secret place. These prisoners have also lived as separatists like Asiya Andrabi, Yasin Malik.

जेल में पल रहे हैं जिहादी

श्रीनगर की सेंट्रल जेल में छापेमारी में एनआईए की करीब 20 टीमों, सीआरपीएफ जवानों और एनएसजी कमांडोज ने हिस्सा लिया है. इस छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने जेल की तमाम बैरकों के निरीक्षण के दौरान कई पाकिस्तानी झंडे, कई दर्जन मोबाइल फ़ोन अनेक सिम कार्ड की भरमार, आईपैड, हिजबुल आतंकी संगठन के पोस्टर, डाटा हार्डवेयर, कई जिहादी प्रतिबंधित किताबें, साहित्य भी बरामद हुआ है.

Jihadi in prison

Around 20 teams of NIA, CRPF jawans and NSG commandos participated in the raid in Srinagar Central Jail. During the raid, the officers have recovered many Pakistani flags, dozens of mobile phones, many SIM cards, many posters of IPS, Hizb militant organizations, data hardware, many jihadi restricted books, literature have also been recovered during the inspection of all prison barracks.


आपको लगता था कि अरे वाह आतंकवादी गिरफ्तार हो गया अब पुलिस पूछताछ में सब उगलवाएगी अब कोई चिंता नहीं. लेकिन आपके पैरों तले ज़मीन खिसक जायेगी जब आप जानेंगे कि ये जेल आतंकवादियों के लिए स्वर्ग का काम कर रहीं थी. अंदर का एक एक जेल अधिकारी कौड़ियों के भाव बिक चुका है.

You thought that the WoW terrorist was arrested. Now the police will implicate everyone in the inquiry. Now no worries. But the ground beneath your feet will slip away when you know that the prison was working as a paradise for the terrorists. The inside of one prison officer has sold the prices.

श्रीनगर जेल में पनप रहे आतंकवादी

श्रीनगर की जेल आतंकवादियों के लिए होटल से ज़्यादा स्वर्गनुमा जगह बन गयी हैं ओर इस जेल में मौज से रह रहे और देश के खिलाफ साज़िश रच रहे मोस्टवांटेड आतंकवादी हैं, यही नहीं कुछ पाकिस्तानी खूंखार आतंकवादी भी श्रीनगर की इस जेल में देश के खिलाफ आराम से षड़यत्र रच रहे हैं.

Terrorists flourishing in Srinagar jail

Srinagar jail has become a more heavenly place for the terrorists than the hotel, and in this jail there are the most militant terrorists living in the jails and conspiring against the country, not only that some Pakistani terrorists are also in the jail in Srinagar. Creating conspiracy.

एनआईए को पाकिस्तानी आतंकी संगठन अल बद्र के आतंकियों द्वारा श्रीनगर जेल में किसी बड़ी साजिश के होने के इनपुट मिले थे, इसके बाद एजेंसी ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया. NIA टीम ने छापे के दौरान जेल के हर कोने की बारीकी से तलाशी ली. तलाशी में ड्रोन की भी मदद ली गई. जिहादी साहित्य और हिज़्बुल आतंकी संगठन के पोस्टर मिलने के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारियों और जेल में बंद कैदियों से एनआईए के अधिकारी गहराई से पूछताछ करने में जुटे हुए हैं.

The NIA had received input from the Pakistani terrorist organization al-Badr’s in-charge of having some big conspiracy in Srinagar jail, after which the agency carried out the operation. The NIA team searched closely every corner of the jail during the raids. Drawn also taken help in the search After getting the posters of Jihadi literature and Hizb militant organization, officials of the Jammu and Kashmir Police and the prisoners lodged in the jail have been involved in deep inspection by the NIA officials.

आतंकी भागा नहीं बल्कि भगवाया गया था

बता दें पिछले महीने श्रीनगर की सेंट्रल जेल में बंद आतंकी नवीद जट शहर के महाराजा हरि सिंह अस्पताल में इलाज के दौरान हिरासत से फरार हो गया था. वहीं वारदात के बारे में बताते हुए एडीजी मुनीर खान ने कहा था कि नवीद के भागने की साजिश श्रीनगर की सेंट्रल जेल में ही रची गई थी। इसके लिए आतंकियों ने खुद उससे कई बार जेल में जाकर मुलाकात भी की थी.

Terror was not parted but saffron

Let me tell you that last night in the Central Jail in Srinagar Central Jail, Naveed Jat had escaped from custody during treatment at Maharaja Hari Singh Hospital in the city. While talking about the incident, ADG Munir Khan had said that the conspiracy to flee Navidas was hatched in Srinagar Central Jail. For this, the terrorists had visited him several times in jail.

चल रही हथियारों की ट्रेनिंग और भर्ती

इसके बाद कुपवाड़ा से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था दानिश गुलाम लोन तथा सोहेल अहमद भट जिन्होंने बेहद ज़बरदस्त खुलासे में बताया था कि आतंकी संगठन अल बदर की ओर से भर्ती होने वाले युवाओं को हथियारों की ट्रेनिंग के लिए सीमा पार भेजा जाता है. इसकी साजिश सेंट्रल जेल के भीतर रची जाती है.

Training and recruitment of ongoing weapons

After this, two suspects from Kupwara were arrested by Danish Ghulam Lone and Sohail Ahmed Bhat who had said in a very strong disclosure that the youth recruited from the terrorist organization Al Badar is sent across the border to train arms. Its conspiracy is formed within the Central Jail.


सीआईडी की रिपोर्ट ने खुलासा किया

पिछले महीने ही जम्मू-कश्मीर सीआईडी की रिपोर्ट ने खुलासा किया था कि श्रीनगर की सेंट्रल जेल आंतकवादियों की भर्ती करने का एक अड्डा बन गई है. यहां कैदी एक समानांतर प्रशासनिक ढांचा खड़ा कर रहे हैं. रिपोर्ट में कहा गया है जेल अधिकारियों द्वारा चेतावनी दिए जाने के बावजूद स्थानीय पुलिस ने इसे नजरअंदाज किया. रिपोर्ट में कहा गया कि वर्तमान में सेंट्रल जेल की भूमिका इतनी महत्त्वपूर्ण हो गई है कि प्रत्येक नए आतंकवादी की भर्ती केवल जेल के भीतर से मंजूरी मिलने के बाद ही होती है.

CID report disclosed

Last month, the Jammu and Kashmir CID report had revealed that the central jail of Srinagar has become a haven for recruitment of terrorists. The prisoners here are standing a parallel administrative framework. The report said that despite being warned by jail officials, the local police ignored it. The report said that the role of Central Jail has become so important that recruitment of every new terrorist only happens after getting approval from jail.

जवानों के साथ खिलवाड़

ये बेहद ही शर्मनाक बात है एक तरफ यहाँ हमारे सेना के जवान अपनी जान हथेली पर रखकर इन आतंकवादियों को पकड़ते हैं. हालाँकि ज़्यादातर को एनकाउंटर में ठोक दिया जाता है, लेकिन कुछ को ख़ुफ़िया जानकारी हासिल करने के लिए गिरफ्तार भी करना पड़ता है. ऐसे में कई बार हमारे देश के जवान भी शहीद हो जाते हैं. देश की जनता को लगता है वो देश के नाम पर शहादत दे रहे हैं और वहां जेल प्रशासन की ऐसी मिलीभगत सेना के साथ कितना बड़ा धोखा है. इतनी गंभीर मुद्दा सामने आने के बाद अब तो सेना को अपनी खुद की जेल बनानी चाहिए, जिसमे कुख्यात आतंकवादी को रखा जाय. ये तो देश की सुरक्षा और जवानों के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ है.

This is very shameful, on one hand, the soldiers of our army here keep their lives on the palm and catch these terrorists. Although most are knocked down in the encounter, some have to be arrested for getting intelligence information. Many times our soldiers of our country also become martyrs. The people of the country think that they are martyrating in the name of the country and there is such a big deception with the army of such collusion of jail administration. After such a serious issue has emerged, the army should now make its own prison, in which the infamous terrorist should be kept. This is a great mess with the security of the country and the jawans.

यह भी देखे

https://youtu.be/1YmeDP0wOXs

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

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अभी अभी: घाटी में शुरू हुआ ज़बरदस्त ग़दर, कश्मीर पुलिस ने ही भारतीय सेना के खिलाफ शुरू किया विद्रोह, दंग रह गए लोग

नई दिल्ली : हमारी भारतीय सेना के जवानों को कई तरह के दुश्मनों का सामना करना पड़ता है, कभी सीमा पार से आ रहे दुश्मनों से, कभी देश के अंदर पल रहे दुश्मनों से तो कभी पुलिस से. जी हाँ आप भी दंग रह जाएंगे, कश्मीर से आ रही है बेहद हैरान करने वाली खबर यहाँ खुद कश्मीर पुलिस ने भारतीय सेना के खिलाफ विद्रोह छेड़ दिया है.

कश्मीर पुलिस का ट्रैक रिकॉर्ड पहले भी बहुत खराब रहा है, कई पुलिसवाले हथियार समेत भागने या गायब होने की खबर आती रहीं और बाद में वे आतंकी संगठन में शामिल पाए गए हैं. तो कई बार आतंकवादी इन पुलिसवालों से बड़ी आसानी से हथियार छीन कर भाग जाते हैं. अभी तक तो सीएम मुफ़्ती ही सेना के खिलाफ थी आज तो हद पार हो गयी कश्मीर पुलिस ने भी सेना पर ही FIR करवा दी.

J&K पुलिस ने सेना के ही खिलाफ छेड़ा विद्रोह
अभी मिल रही बड़ी खबर अनुसार जम्मू-कश्मीर में एक कॉलेज लेक्चरर की मौत के मामले में पुलिस ने अपनी जांच में भारतीय सेना के 23 जवानों को जिम्मेदार ठहराया है. ये सभी जवान सबसे खतरनाक रेजिमेंट 50 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) से ताल्लुक रखते हैं. कश्मीर पुलिस ने इसी के साथ इन जवानों के खिलाफ केंद्र में मोदी सरकार से केस चलाने की इजाजत मांगी है.

ये सेना को बदनाम करने की बड़ी साज़िश है. आज इन पथरबाज़ों का समर्थन ये पुलिस कर रही है जब यही पत्थरबाज बाढ़, भूकंप में डूब रहे होते हैं तब यही सेना के जवान अपनी जान पार खेलकर सबको बचते हैं और बदले में उन्हें क्या मिलता है सिर्फ पत्थर, पैट्रॉल बम. कश्मीर में ऊँचे स्तर पर सफाई की ज़रूरत आ गयी है आज, क्यूंकि देखा गया है जब भी कोई आतंकी मारा जाता है ये लोग उसके जनाजे में पाकिस्तान का झंडा ISIS का झंडा लहराते हुए देशविरोधी नारे लगाते हैं.

गौरतलब है कि अगस्त 2016 में सेना की हिरासत में 30 वर्षीय एक लेक्चरर की मौत हो गई थी, जिसके लिए 23 जवानों को जिम्मेदार ठहराया गया था. ये वहीँ सेना के जवान हैं जिन्हे कश्मीर में आतंकवादियों के खात्मे के लिए बुलाया जाता है. ये वही सेना के जवान हैं जो पथरबाज़ों का सामना न कर पाने में असमर्थ पुलिस के बचाव में आते हैं.

अवंतिपुरा एसएसपी मो.जाहिद ने बताया, “दो हफ्ते पहले इस मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने जांच पूरी की थी. अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है। हमें उनके (सेना के लोगों) खिलाफ केस चलाने के लिए ऑर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर्स एक्ट (एएफएसपीए) के तहत मंजूरी चाहिए होगी.

केंद्र में मोदी सरकार हमेशा से सेना के साथ खड़ी है, सेना के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा.
इससे पहली अभी सीएम मुफ़्ती ने सेना के मेजर आदित्य के खिलाफ FIR करवाई थी. जिसका केस सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. मेजर आदित्य कुमार के पिता द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करने के लिए शुक्रवार (9 मार्च) को राजी हो गया. जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने गोलीबारी की एक घटना में नागरिकों की जान लेने के आरोप में मेजर के खिलाफ FIR दर्ज की थी.

10 गढ़वाल राइफल्स के मेजर कुमार और अन्य सैनिकों पर खुलेआम गोलीबारी करते हुए तीन पत्थरबाजों की मौत हो गयी थी. दरअसल जब 27 जनवरी को शोपियां जिले में गनोवपोरा गांव के पास भीड़ ने सेना के काफिले पर पत्थरबाजी करते हुए हमला किया था. इसके बाद 300 पत्थरबाजों की भीड़ ने सेना के वाहन को घेरकर उसमे आग लगा दी थी और सेना के अफसर को ज़िंदा जलाने जा रहे थे.

जिसके बाद आखिर सेना के जवान ने वही किया जो हर सैनिक को करना चाहिए था. वो अपने साथी अफसर को ज़िंदा जलते और तड़प तड़प के अमरते हुए कैसे देख सकता था और ना ही कायरों की तरह पीठ दिखाकर भाग सकता था. उसने तुरंत हवाई फायरिंग करके अपने साथी अफसर की जान बचायी. लेकिन अफ़सोस इस साहसी कार्य के लिए हमारी सेना को आज अदालत के कटघरे में खड़े हो कर अपनी बेगुनाही साबित करनी पड़ रही है.

देखें ये वीडियो :

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बड़ी खबर :कश्मीर को लेकर PM मोदी ने लिया ऐसा जबरदस्त फैसला जिसे, देख महबूबा समेत अब्दुल्ला की राजनीति भी खतरे में हडकंप

नई दिल्ली (06 मार्च) : कश्मीर को लेकर मोदी सरकार शुरू से ही काफी गंभीर रही है. घाटी से आतंकवाद का लगभग सफाया हो चुका है. ऑपरेशन आल आउट चला कर भारतीय सेना व् सुरक्षाबलों ने घाटी को करीब-करीब आतंक मुक्त कर दिया है. अब कश्मीर के लोगों के लिए मोदी सरकार एक और बड़ी खुशखबरी लाने जा रही है.

New Delhi (March 06): The Modi government has been very serious about Kashmir since its inception. Terrorism has almost been eliminated from the valley. The Indian Army and the security forces have almost all panic-stricken in the valley by running Operation All Out. Now the Modi Government is going to bring another great news to the people of Kashmir.

कश्मीरियों को करोड़पति बनाएगी मोदी सरकार
कश्मीर में शांति बढ़ाने के लिए सरकार राज्य सरकार के दूरदर्शन (डीडी) कश्मीर पर कई टीवी शो लाने पर विचार कर रही है. गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार खेल और प्रतिभा के साथ कश्मीर के दर्शकों के लिए “भारत की विभिन्न संस्कृतियों” को प्रदर्शित करेगी, जिससे कश्मीर में लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्रीय एकता, सांप्रदायिक सद्भाव, धर्मनिरपेक्षता और देशभक्ति की भावना बढ़े.

Modi government will make Kashmiris millionaires
In order to increase peace in Kashmir, the government government is considering bringing TV show on Kashmir (DD) Kashmir. A senior official of the Home Ministry said that the government will display “different cultures of India” for Kashmir viewers with sports and talent, thereby enhancing the spirit of democratic values, national unity, communal harmony, secularism and patriotism in Kashmir.

इसके अलावा सरकार कौन बनेगा करोडपति का कश्मीर वर्जन लाने पर भी विचार कर रही है. साथ ही डांसिग और सिंगिंग के शो लाने पर भी विचार किया जा रहा है. उम्मीद है कि इस तरह की योजनाओं से कश्मीर में शांति व्यवस्था बढ़ेगी.

Apart from this, the government is contemplating to bring Kardashati’s Kashmir version of Kaun Banega Crorepati. Also, bringing dance and singing shows is also being considered. It is expected that such schemes will increase the peace system in Kashmir.

पिछले साल धूमधाम से मना था दशहरा
बता दें कि कांग्रेस सरकार ने कश्मीर को हमेशा राजनीति के लिए इस्तमाल किया, महबूबा व् अब्दुल्ला सरकारों ने भी कश्मीरियों के विकास की ओर ध्यान नहीं दिया और केवल अपनी राजनीति चमकाने में लगे रहे. मगर पहली बार मोदी सरकार ने कश्मीर समस्या को सुलझाने के लिए सटीक प्रयास किये. पीएम मोदी के प्रयासों का परिणाम था कि पिछले साल कश्मीर के अनंतनाग में कश्मीरी पंडितों ने रावण दहन किया और दशहरा जोरशोर से मनाया और पूरे कश्मीर में जय श्री राम के नारे गूंजने लगे.

Dusshera was celebrated last year
Let the Congress government always use Kashmir for politics, Mehbooba and Abdullah Governments did not pay attention to the development of Kashmiris and only engaged in polishing their politics. But for the first time, Modi Government has made perfect efforts to solve the Kashmir problem. The result of PM Modi’s efforts was that last year Kashmiri Pandits in Kashmir’s Anantnag attacked Ravana and celebrated Dussehra with loud arms and shouting slogans of Jai Shri Ram in entire Kashmir.

लगभग 28 सालों बाद ऐसा नजारा देखने को मिला था. जिन कश्मीरी पंडितों के साथ बड़े स्तर पर नरसंहार किया गया और कश्मीर से निकाल दिया गया था. उन्होंने वापस अपनी जमीन पर जाकर बुराई पर अच्छाई की जीत के इस पर्व को मनाया था.

After some 28 years, such a scene was found. Those who were massacred at large and were fired from Kashmir with Kashmiri Pandits. They went back to their land and celebrated this festival of good victory over evil.

कश्मीरियों को देश के साथ जोड़ने के लिए मोदी सरकार ने नयी पहले शुरू की है, जिससे कश्मीर में लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्रीय एकता, सांप्रदायिक सद्भाव, धर्मनिरपेक्षता और देशभक्ति की भावना बढ़े. कश्मीर पर लाये जा रहे इन टीवी शो के जरिये कश्मीरी लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्त होगा. इससे कश्मीरियों की कमाई तो होगी ही, साथ ही उन्हें भारत की विभिन्न संस्कृतियों के बारे में जानकारी भी मिलेगी. बताया जा रहा है कि इससे कश्मीर में शान्ति स्थापित करने में काफी सहायता प्राप्त होगी.

In order to connect the Kashmiris with the country, Modi Government has launched a new era, which will increase the spirit of democratic values, national unity, communal harmony, secularism and patriotism in Kashmir. Kashmiri people will get an opportunity to show their talents through these TV shows being brought to Kashmir. This will make the Kashmiris earn, and they will also get information about different cultures of India. It is being told that this will get a lot of help in establishing peace in Kashmir

इसके साथ अब मोदी सरकार ने कश्मीर से आर्टिकल 35 (a) को ख़त्म करने की भी तैयारी पूरे जोर शोर से चल रही है. जिसके तहत देश का कोई भी आम नागरिक कश्मीर में जाकर ज़मीन खरीद सकेगा और एक बार फिर कश्मीरी पंडितों को इंसाफ मिलेगा.

With this, the Modi government has now been preparing to cut Article 35 (a) from Kashmir with full force in noise. Under which any common citizen of the country can buy land in Kashmir and once again Kashmiri Pandits will get justice.

यह भी देखे

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बड़ी खबर: सेना के खिलाफ महबूबा सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम, PM मोदी समेत रौद्र रूप में आये सेना के जवान..

जम्मू : फर्जी सेकुलरिज्म की आड़ में किस तरह से देशद्रोही तत्व पनप रहे हैं, इसका अंदाजा आपको ये ताजा मगर दिल दहला देने वाली खबर को पढ़कर हो जाएगा. जिहादी मानसिकता देशभर में तेजी से फ़ैल रही है. भारतीय सेना तक को बक्शा नहीं जा रहा है और सेना का मनोबल गिराने की बड़ी साजिश एक बार फिर शुरू हो गयी है.

Jammu: In what way the anti-trafficking elements are flourishing under the guise of fake secularism, it will be understood by reading this latest but heartwarming news. The jihadi mentality is spreading rapidly across the country. The Indian army is not being expelled and the big conspiracy to demoralize the army has started once more.

पत्थरबाजों को मासूम बता कर सेना के मेजर और सैनिक पर ह्त्या का केस
जब भी आप दंगों, पत्थरबाजी जैसी खबर पढ़ते हैं तो आपके मन में सवाल आता होगा कि आखिर पुलिस दंगे करने वालों को सीधे गोली क्यों नहीं मार देती? क्यों दंगाइयों के खिलाफ एक्शन लेने से हिचकिचाता है प्रशासन?

The Case of the Army Major and the Army on the Army by telling the Marathas innocent
Whenever you read news like riots, stones, then there will be a question in your mind about why police do not kill people directly to the riots? Why is the administration hesitant to take action against the rioters?

सेना पर पत्थर फेकने वालों और आतंकवादियों को बचाने वालों को गोली क्यों नहीं मार दी जाती? ऐसे सवा आपके मन में उठते होंगे. आज आपको इन सवालों का जवाब मिल जाएगा. इसका जवाब हैं उच्च पदों पर बैठे हुए जिहादी, जो अपने जिहादी भाइयों को बचाने के लिए जी-जान लगा देते हैं.

अपनी छाती पर गोली खा कर देश के प्रत्येक नागरिक की रक्षा करने वाली भारत की महान सेना पर जब आतंकी गोलियां बरसा कर और पत्थरबाज पत्थर बरसा कर थक गये तो कश्मीर की महबूबा सरकार ने अब सेना का मनोबल गिराने का बीड़ा उठा लिया है.

मारे गए थे दो आतंक समर्थक पत्थरबाज
कल ही कश्मीर के शोपियां में कश्मीरी पत्थरबाजों ने भारतीय सेना के काफिले को घेर लिया और लगे पत्थरबाजी करने में. आतंक समर्थक इन पत्थरबाजों से अपने जीवन की रक्षा करने के लिए सेना ने हवा में गोलियां चलायीं, मगर दो गोलियां पत्थर फेकने वाले कट्टरपंथियों को जा लगीं. बस फिर क्या था, फ़ौरन देश के मीडिया ने पत्थरबाजों को मासूम नागरिक व् भटके हुए नौजवान करा दिया और सेना को ही हत्यारा बता दिया.

Two terror terrorists were killed
In Kashmir’s Shopian yesterday, Kashmiri stone-bearers surrounded the convoy of the Indian Army and engaged in rocketing. To protect their life from terrorists, the military launched fire in the air, but two bullets went to the fanatics throwing stones. What was just then, the media of the country immediately gave the stonebaughters to innocent civilians and strayed young men and told the army to be the killers.

महबूबा सरकार ने देर ना करते हुए आत्म रक्षा कर रहे सेना के जांबाजो पर हत्या अर्थात 302 के साथ साथ बेहद घातक 307 धारा दर्ज करवा दी है. बता दें कि सेना की 10वीं गढ़वाल यूनिट पर पत्थरबाजों ने भारी पथराव किया था, सैनिकों को अपनी आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी. जिससे दो पत्थरबाज मौके पर ही मारे गए और 9 पत्थरबाज घायल हो गये.

जिसके बाद कश्मीर पुलिस ने पत्थरबाजों को मासूम करार देते हुए गढ़वाल यूनिट के एक मेजर और एक अन्य सैनिक पर हत्या और हत्या के प्रयास के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया. वहीँ इस मामले की जानकारी होते ही राष्ट्रवादी संगठनो में आक्रोश की लहर दौड़ गयी है.

After which the Kashmir Police filed the lawsuit against the killers and murders of a Major and another soldier of the Garhwal unit while treating the stone slabs as innocent. As soon as the matter is known, the wave of resentment has risen in the nationalist organizations.

जिहादियों को उच्च पदाधिकारियों व् नेताओं का संरक्षण
आपको याद होगा कि इससे पहले मेजर गोगोई ने हालात काबू में रखने के लिए एक पत्थरबाज को जीप के बोनट पर बाँध दिया था. जिसके बाद तथाकथित सेकुलरों ने खूब बवाल मचाया था. कांग्रेस ने तो अपने शासनकाल में कर्नल पुरोहित, कर्नल डी के पठानिया, मेजर उपेन्द्र और मेजर उपाध्याय जैसे वीरों को बाकायदा फर्जी केसों में अपराधी तक बना डाला था, क्योंकि ये लोग जिहादियों के खिलाफ देश की रक्षा कर रहे थे.

Protection of high officials and leaders of jihadis
You must remember that before this, Major Gogoi had tied a stonecutter on the jeep’s bonnet to control the situation. After which the so-called secularists had played a great role. In the course of the Congress, the Congress had made the warriors like Colonel Purohit, Colonel DK Pathania, Major Upendra and Major Upadhyay in the fictitious case, as they were protecting the country against the jihadis.

कश्मीर में महबूबा सरकार ने भी सभी हदें पार कर दी हैं, एक ओर तो वो पत्थरबाजों के खिलाफ केस वापस ले रही है, दूसरी ओर सेना के अधिकारियों व् जनावों के खिलाफ ही फर्जी मुक़दमे दायर किये जा रहे हैं, जबकि इस मामले में सेना के प्रवक्ता ने बाकायदा बयान जारी करके कहा है कि जो कुछ भी हुआ, वो सब आत्मरक्षा के लिए किया गया था.

The Mehbooba government has also crossed all limits in Kashmir, on one hand it is withdrawing the case against stone makers, on the other hand, false cases are being filed against the army officers and the people, while in this case the army The spokesperson has issued a statement and said that whatever happened, all that was done for self defense.

अब यहाँ सवाल ये उठ रहा है कि क्या सेना के उन वीर जवानों को पत्थरबाजो के पत्थर खाने के लिए कश्मीर भेजा गया था? क्या ड्यूटी पर तैनात सेना के अधिकारी या सैनिक पर पत्थर फेकना जघन्य अपराध नहीं होता?

यह भी देखें:

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

source zee news

कश्मीर को लेकर उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने किया ऐसा हाहाकारी ऐलान, पीएम मोदी भी रह गए दंग..

कश्मीर में आतंकियों, अलगाववादियों और रोहिंग्या मुस्लिमों के लिए प्रदर्शन करने वाले कान खोल कर सुन लें, अब देश में तुष्टिकरण वाली सरकार नहीं बल्कि एक राष्ट्रवादी सरकार है. पीएम मोदी के बाद अब नव-निर्वाचित उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी आतंकवाद को लेकर हल्ला-बोल दिया है. उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू की ये हुंकार सुन देशद्रोहियों के कान बहरे हो गए हैं.

आतंकवाद को बिना दया दिखाए कुचल दो !

वेंकैया नायडू ने कहा है कि आतंक फैलाने वालों को बिना दया दिखाए कुचल देना चाहिए, ऐसे असामाजिक तत्वों को हर तरह से ख़त्म कर दो. अब तक आप और हम इस देश में देखते आये थे कि सत्ता में जब कांग्रेस सरकार थी, तब तो आतंकियों के खिलाफ केवल निंदा करके ही काम चला लिया जाता था.

पीएम मोदी के आने के बाद जब उन्होंने आतंकियों के खिलाफ सख्त फैसले लिए, तब तत्कालीन राष्ट्रपति सेकुलरिज्म की दुहाई देने लगते थे. उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी को तो मुस्लिम हमेशा खतरे में ही दिखाई देते रहे.

मगर अब वक़्त बदल गया है. उप-राष्ट्रपति नायडू ने साफ़ शब्दों में कहा है कि आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है. उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से कुछ लोग आतंकवाद का इस्तमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए करते हैं. उन्होंने कहा कि आतंकवाद मानवता का दुश्मन है और वो अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हैं, विशेष रूप से वकीलों और पेशेवर लोगों से अपील करते हैं कि इस मुद्दे पर ध्यान दें और अपने देशों में आतंकवाद से लड़ने के लिए कानून लाएं.

आतंक रोको वरना मरो !

वेंकैया नायडू ने कहा कि भारत बहुत पहले से आतंकवाद का शिकार रहा है लेकिन दुनिया ने इस पीड़ा का अनुभव कभी नहीं किया. जब अमेरिका, यूरोप और लगभग हर देश में आतंकवादी हमले होने लगे, तब जाकर उन्हें इस पीड़ा का अनुभव हुआ.

मैं कहता हूँ कि आतंकवाद मानवता का दुश्मन है इसलिए इसे बिना दया दिखाए कुचल देना चाहिए, आतंकवाद को हर तरह से कुचलना चाहिए, इसे कानूनी रूप से, राजनीतिक रूप से और प्रशासनिक रूप से ख़त्म कर देना चाहिए, साथ ही लोगों को आतंकवाद के खिलाफ जागरूक भी किया जाना चाहिए.

नायडू ने कश्मीर में आतंकियों का समर्थन करने वाले नेताओं की बोलती करके रख दी. पीएम मोदी ने तो पहले ही सख्त रुख अपनाया हुआ है और सेना को सफाया करने के आदेश दिए हुए हैं. अब राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति ने भी आतंकवाद को लेकर अपना सख्त रुख दिखा दिया.

वहीँ सुप्रीम कोर्ट ने भी पेलेट गन के खिलाफ याचिका करने वालों से कह दिया है कि पहले आतंक बंद करो वरना कोई बात-वात नहीं की जायेगी, सीधा ठोका जाएगा.

ये वीडियो भी देखें :

https://youtu.be/BVuWDLCqpCM

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

अंजना के तीखे सवालों का जवाब दिए बिना ही शो छोड़ कर भागा ये अलगावादी नेता !

कश्मीर के डिप्टी मुफ्ती-ए-आजम मुफ्ती नासिर-उल-इस्लाम ने कहा है कि कि अब भारत से अलग होने के सिवा मुसलमानों के पास कोई रास्ता नहीं है। इसके पीछे उन्होंने भारत में मुसलमानों की दयनीय हालत का तर्क दिया है। मुफ्ती ने कहा है कि- ‘‘ भारत में मुसलमान दयनीय हालत में गुजर-बहस कर रहे हैं। सरकार उनकी बातें नहीं सुन रही है। अब भारत से अलग होने के सिवा कोई रास्ता नहीं बचा है। डिप्टी मुफ्ती ने यह बातें समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान कही।”

Kashmiri deputy Mufti-i-Azam Mufti Nasir-ul-Islam has said that Muslims have no choice but to separate from India. Following this, they have argued the miserable condition of Muslims in India. Mufti has said that: “In India, Muslims are passing in a miserable condition. The government is not listening to their words. Now there is no way left for separation from India. Deputy Mufti said this while talking to the news agency ANI. ”

बता दें कि मुफ्ती नासिर-उल- इस्लाम कश्मीर के मुफ्ती-ए-आजम मुफ्ती बशीरुद्दीन के पुत्र हैं, जिन्होंने कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए वादी में सेटलाइट सिटी बसाने का विरोध किया था। डिप्टी मुफ्ती नासिर-उल-इस्लाम इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले पर भी विरोध जता चुके हैं, जिसमें शरिया अदालतों को अवैध करार दिया गया था। जब 2014 में यह फैसला आया था, तब मुफ्ती ने कहा था कि मजहबी मामलों में वह दखलंदाजी बर्खास्त नहीं करेंगे। मुफ्ती नासिर-उल-इस्लाम अपने तीखे बयानों के लिए जाने जाते हैं।

Explain that Mufti Nasir-ul-Islam is the son of Mufti-i-Azam Mufti Bashiruddin of Kashmir, who opposed the settlement of Settleite City for the rehabilitation of Kashmiri Pandits. Deputy Mufti Nasir-ul-Islam has earlier opposed the decision of the Supreme Court, in which Shariah courts were declared illegal. When this decision came in 2014, Mufti had said that he would not dismiss the interference in religious matters. Mufti Nasir-ul-Islam is known for his sharp statements.

जम्मू-कश्मीर में सेना पर गोलीबारी के मामले में मुकदमा दर्ज होने पर हंगामा मचा है। जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को कहा कि शोपियां में गोलीबारी में शामिल सेना की एक यूनिट के खिलाफ पुलिस की प्राथमिकी वापस नहीं ली जाएगी। गोलीबारी की घटना में दो कश्मीरी व्यक्तियों की मौत हो गई थी। भाजपा विधायक आर एस पठानिया ने विधानसभा में हंगामे के बीच जब सेना पर से मुकदमा हटाने की मांग की तो मुख्यमंत्री महबूबा महबूबा ने यह बात कही। यह केस गढ़वाल यूनिट के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 307 के तहत दर्ज हुई है।

There is a ruckus when the case is registered in Jammu and Kashmir for the firing of the army. Jammu and Kashmir Chief Minister Mahbuba Mufti said on Tuesday that the police fir would not be withdrawn against a unit of army involved in firing in Shopian. Two Kashmiri people were killed in the firing incident. Chief Minister Mahbuba Mehbooba said this when BJP MLA RS Pathania demanded the removal of the case between the army during the ruckus in the Assembly. This case has been filed against Garhwal unit under sections 302 and 307 of Indian Penal Code.

महबूबा ने कहा, ‘हम सेना और अन्य सुरक्षा बलों से कह रहे हैं कि वे अत्यंत संयम बरतें लेकिन यह भी तथ्य है कि पहले जब कोई मुठभेड़ होती थी, या यहां तक कि कोई फर्जी मुठभेड़ भी होती थी, गांव खाली हो जाते थे. लेकिन अब जब कोई मुठभेड़ शुरू होती है तो सैकड़ों लोग सुरक्षा बलों पर पथराव में लिप्त हो जाते हैं.’

Mehbooba said, “We are telling the army and other security forces that they will exercise utmost restraint but it is also a fact that when there was an encounter earlier, or even a fake encounter, the villages would have been evacuated. But now when an encounter begins, hundreds of people are involved in stone pelting on security forces.

मुफ़्ती नासिर ने शोपियां में हुई गोलीबारी की घटना पर मीडिया से बात करते हुए देश के मुस्लिमों से आवाहन किया है कि वो अपने लिए एक अलग देश की मांग करना शुरू कर दें, जैसे पाकिस्तान बना है, वैसे ही मुस्लिम भारत को तोड़कर एक और मुस्लिम देश बना लें! मुफ़्ती ने अपने बयान में मुस्लिमों को सन्देश देते हुए कहा है कि, ‘1975 के बाद से भारत में मुस्लिमों के साथ जिस तरह का व्यवहार हो रहा है, वो बेहद शर्मनाक है!

Mufti Nasir has been talking to the media on the incident of a shootout in Shopian, and has urged the Muslims of the country to start demanding a separate country for themselves, just like Pakistan is, similarly another Muslim by breaking Muslim India Make the country! Mufti in his statement, while giving a message to the Muslims, said, ‘Since 1975, the kind of behavior that is happening with Muslims in India is very shameful!

मुफ़्ती नासिर ने कहा कि भारत में मुस्लिमों को कभी लव जिहाद के नाम पर, कभी गोमांस के नाम की आड़ में तो कभी तीन तलाक के नाम पर परेशान किया जाता है, मुस्लिमों के मजहबी मामलों में दखल दिया जाता है। वर्ष 1947 में सिर्फ 17 करोड़ मुसलमानों ने पाकिस्तान बनवा लिया था। अब मुस्लिमों की आबादी दूसरे दर्जे पर है। उन्हें अब अपने लिए भारत में ही एक अलग मुल्क बनाना चाहिए, अलग मुल्क की मांग करनी चाहिए, जहां वह इस्लामिक तौर तरीकों के साथ आजादी के साथ रह सकें।

Mufti Nasir said that Muslims in India are sometimes harassed in the name of love jihad, under the name of beef and sometimes in the name of three divorces, Muslims have interfered in religious matters. In the year 1947, only 17 million Muslims had made Pakistan. Now the population of Muslims is in second place. They should now make themselves a separate country in India, demand a separate country, where they can live with independence with Islamic methods.

अंजना के सवाल पर शो छोड़कर भागा डिप्टी मुफ्ती | News Tak

अंजना के सवाल पर शो छोड़कर भागा डिप्टी मुफ्ती | News Tak

Posted by News Tak on Tuesday, January 30, 2018

मुफ्ती नासिर के इस वयान के बात आज तक न्यूज़ चॅनेल ने एक लाइव डिबेट रखा था जिसमे शो की एंकर अंजना ओम कश्यप ने मुफ़्ती से कुछ तीखे सवाल किये! जिसका जबाब देने के वजाये पहले तो मुफ़्ती नासिर अंजना को तमीज सिखाने लगा और फिर गोल मटोल जबाब देने लगा! शो की एंकर अजना को मुफ़्ती की तमीज सीखने वाली बात चुभ गयी और कमरे के सामने ही अंजना ने फटकार लगा दी, जिसके बाद मुफ़्ती शो से भाग खड़ा हुआ!

Talking about Mufti Nasser’s statement, the news channel had kept alive debate till now, where Anchor Anjana Om Kashyap, the anchor of the show, gave some sharp questions to Mufti! Before giving a reply to him, he began to teach Mumtati Nasir Anjana a tamiz and then began to give a round assimilation! The anchor of the show, Ajna, was asked to learn the tamma of Mufti, and in front of the room, Anjana reprimanded, after which she ran away from the Mufti Show!

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=2p5FWA_BBz4

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

SOURCE: Jansatta.com