लाशों के ढेर पर PM बनने की चाह वाली ममता को हिंदु पत्रकार मानक गुप्ता ने मारा जोरदार तमाचा,याद दिलाये अटल जी के ये बड़े शब्द |

बिहार में और बंगाल में दोनों जगहों पर राम नवमी पर दो समुदायों के बिच भड़के हिंसा ने पुरे देश में चिंता बढ़ा दी है! पर बिहार और बंगाल में अलग अलग रिएक्शन हुआ, और एक बड़ा फर्क तो ये है की बिहार में बीजेपी शासन में शामिल है, जबकि बंगाल में ममाता बनर्जी, बिहार में पुलिस भी काम कर रही है, पर बंगाल में पुलिस खुद सुरक्षित नहीं है, उसके आईपीएस अफसर का हाथ उड़ा दिया जा रहा है, फिर भी दंगाइयों पर कार्यवाही नहीं हो रही है!

Violence has raised anxiety over the whole of the country in Bihar and between two communities on both Ram Navy in Bengal. But there was a different reaction in Bihar and Bengal, and one major difference is that in Bihar BJP is included in the rule, whereas in Bengal, Mamata Banerjee, Bihar police is also working, but the police itself is not safe in Bengal, His IPS officer is being handed over, yet the rioters are not being prosecuted!

इसी कड़ी में पत्रकार मानक गुप्ता ने इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर का हवाला देते हुए एक तीखा सवाल पूछा, उन्होंने कहा की “ममाता बनर्जी को कोई राजधर्म बताने वाला है क्या ?” क्यूंकि बंगाल जल रहा है, पुलिस का कुछ अता पता नहीं, पर ममाता बनर्जी तो राजनितिक गोटियाँ सेंकने में व्यस्त है! ममता बनर्जी प्रधानमंत्री बनने के ख्वाब लिए दिल्ली में डेरा डाले हुए है और बीजेपी के खिलाफ सभी विपक्षी पार्टयों को एकजुट करने की कोशिश कर रही है!

In this episode, the journalist standard Gupta asked a tighter question citing the news in the Indian Express, he said, “Is there any state religion to tell Mamata Banerjee?” Since Bengal is burning, the police do not know anything at all. Mamata Banerjee is busy baking political guts! Mamata Banerjee is camping in Delhi to dream of becoming the Prime Minister and is trying to unify all the opposition parties against the BJP!\

मानक गुप्ता ने ये भी कहा की – “आसनसोल से जान बचाकर भागने वाले अधिकतर लोग हिन्दू ही है, और वो लोग इतने डरे हुए है की वापस अपने घरों में भी आने से डर रहे है”! बंगाल में आलम यह है की खुद बंगाल पुलिस भी सुरक्षित नहीं है! और जब बंगाल के राजयपाल ने आसनसोल का दौरा कर स्थिति का जायजा लेने की बात कही तो ममता सरकार की तरफ से उनसे कहा गया की उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने में सरकार असमर्थ है!

Standard Gupta also said that “Most of the people who escape from Asansol are Hindus, and they are so scared that they are scared to come back to their homes”! Alam in Bengal is that the Bengal police itself is not safe too! And when the Bengal governor visited Asansol and asked to take stock of the situation, on behalf of the Mamta government he was told that the government is unable to provide adequate security to him!

आपकी जानकारी के लिए बता दें की बंगाल की स्तिथि ये है की वहां का स्थानीय हिन्दू पलायन को मजबूर है, वहीँ बंगाल में लगातार रोहिंग्या और बंगलादेशी घुसाए जा रहे है, कदाचित हिन्दुओ को भागकर इन इलाकों में अवैध बांग्लादेशियों और रोहिंग्यों को बसाने की मंशा है!

For your information, let us know that the condition of Bengal is that local Hindus are forced to flee there, and Rohingya and Bangalandis are constantly being persuaded in Bengal, perhaps Hindus have the intention of running illegal Bangladeshi and Rohingyas in these areas. !

यह भी देखे

https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8

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योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने पर फट पड़ा ओवैसी का गुस्सा,काँपे जिसे देख अखिलेश और कांग्रेस समेत मुस्लिम मैं हाहाकार

पटना : अभी कुछ ही वक़्त पहले यूपी के कासगंज में तिरंगा यात्रा पर पथराव व् गोलीबारी हुई थी, जिसमे चन्दन गुप्ता नाम के एक युवक की मौत हो गयी थी और इसके बाद वहां दंगे भड़क उठे थे. कुछ वही हाल राम नवमी के मौके पर बिहार व् बंगाल में भी रहा. शोभा यात्रा पर कट्टरपंथियों द्वारा पथराव किया गया, जिसने दंगे का रूप ले लिया. वहीँ मीडिया का एक धड़ा एक बार फिर कट्टरपंथियों के बचाव में खड़ा हो गया है.

Patna: Just a few days ago, there was a stone pelting and firing on the Tiranga yatra in UP, in which a young man named Chandan Gupta was killed and after that there were riots. Some were also in Bihar and Bengal on the occasion of Ram Navami. Shobha Yatra was stoned to death by the extremists, who took the form of riots. At the same time, one faction of the media has once again stood in the defense of the fundamentalists.

क्या है पूरा मामला?

औरंगाबाद में सोमवार को निकाली गई रामनवमी की शोभायात्रा पर कट्टरपंथियों ने पथराव कर दिया, जिसके बाद लोग भड़क उठे. आक्रोशित भीड़ ने कई दुकानों में आग लगा दी और बवाल किया. कट्टरपंथियों के पथराव में शोभायात्रा में शामिल छह से अधिक लोग घायल हुए वहीं कई अधिकारियों को भी चोटें आई हैं.

What is the whole matter?

After the raid on Ramnavmi in Aurangabad on Monday, the fundamentalists hurled stones at them, after which the people got upset. The angry crowd set fire to many shops and made a fire. More than six people involved in the Shobhayatra were injured in the stone pelting stones, while many officials have also been injured.

सवाल ये है कि आखिर शोभा यात्रा पर पत्थरबाजी की ही क्यों गयी? आखिर कब तक लोग कट्टरपंथियों के पत्थर खाते रहेंगे? वहीँ मीडिया का एक धड़ा फिर से सक्रिय हो गया है और दंगों का सारा दोष हिन्दुओं पर ही मढ़ा जा रहा है.

The question is, why did it go rocking on Shobha? After all, how long will people keep on stoning stones of fanaticism? At the same time a faction of the media has been activated and all the blame on the riots is being planted on the Hindus only.

पथराव से गुस्साए हिन्दू युवक

बताया जा रहा है कि कट्टरपंथियों की पत्थरबाजी से गुस्साए कुछ हिन्दू युवकों ने बिहार के समस्‍तीपुर के रोसड़ा कस्‍बे में स्थित जामा मस्जिद पर धावा बोल दिया. युवक मस्जिद के ऊपर चढ़ गए और उसपर भगवे झंडे फहरा दिए. हालांकि समस्‍तीपुर के एसपी दीपक रंजन के मुताबिक़ जब पुलिस वहां पहुंची तो उन्‍हें भगवा झंडे नहीं मिले, केवल तिरंगा लगा हुआ मिला.

Hindu youth angry with stone pelting

It is being told that some Hindu youths, angry at the stone-throwing stones, attacked the Jama Masjid in Rosda town of Samastipur, Bihar. The youth climbed to the mosque and hoisted the saffron flag on it. However according to SP Deepak Ranjan of Samastipur, when the police arrived there, they did not get the saffron flag, only got the tricolor.

कट्टरपंथी शिक्षा देने वाले एक मदरसे पर भी धावा बोला गया और उसे तहस-नहस कर दिया गया. खबर के मुताबिक रोसड़ा के गुदरी बाजार स्थित मस्जिद के पास से सोमवार को माता दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन को जा रही थी. ये बात कट्टरपंथी युवकों से सहन नहीं हुई और उन्होंने मूर्ति की ओर चप्‍पल फेंक दी. इसी के विरोध में सैकड़ों लोग मस्जिद के पास इकट्ठा होकर आरोपी की बलि देने की मांग करने लगे.

A madrasa who gave fundamental education was also attacked and it was demolished. According to the news, the statue of Mata Durga was going to immersion on Monday near Mosad, situated in Gudri Bazaar in Rosda. This thing was not tolerated by fundamentalist youths and they threw slippers towards the idol. In protest against this, hundreds of people gathered near the mosque and demanded the sacrifice of the accused.

बिहार-बंगाल में कट्टरपंथियों का आतंक

बता दें कि औरंगाबाद में ठाकुरबाड़ी की तरफ से रामनवमी की शोभायात्रा बाजार के लिए प्रवेश किया था. इस्लाम टोली मोड़ के पास कट्टरपंथियों की भीड़ ने अचानक पथराव शुरू कर दिया. जिससे लोग भड़क गए. कट्टरपंथी शोभायात्रा को वहां से जाने तक नहीं देना चाहते थे. बड़ी मुश्किल से मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने किसी तरह जुलूस को पार कराया.

Terror of fanatic in Bihar-Bengal

Please tell that on behalf of Thakurbadi in Aurangabad, Ramanavami’s Shobhayatra entered the market. A crowd of fundamentalists suddenly started stone pelting near Islam Toli Mutt. Thereby, people flared up. The fundamentalists did not want to give Shobhayatra away from there. The police officers present on the spot barely passed the procession.

ये खबर आग की तरह फैली और देखते ही देखते दूसरी और खड़े लोग भड़क उठे और एक-एक कर दुकानों में आग लगाई जाने लगी. एक दर्जन से अधिक दुकानों और गुमटियों को फूंक दिया गया. यहाँ ध्यान देने वाली बात ये है कि कट्टरपंथियों द्वारा पत्थरबाजी के बाद ही दंगे की शुरुआत हुई, मगर मीडिया ने बड़ी ही आसानी से सारा दोष आरएसएस व् हिन्दुओं पर ही मढ़ दिया.

The news spread like a fire, and seeing the other people standing standing broke out and each one started setting fire to shops. More than a dozen shops and dummies were blown up. The point here to note is that after the rhetoric by the fundamentalists, the riots took place, but the media easily eased the blame on RSS and Hindus only.

इसी बहाने से नितीश कुमार पर कीचड उछाला जाना भी शुरू हो गया. वहीँ बंगाल में हिन्दुओं के अलावा पुलिस अधिकारी तक दंगों में घायल हो गए, मगर ममता से सवाल पूछने या बंगाल दंगों की खबर चलाने की जगह देश के मीडिया ने बड़ी सफाई से उस खबर को छिपा लिया.

With this excuse Nitish Kumar also started to throw the kitchad. In addition to the Hindus in Bengal, police officials were injured in the riots, but instead of asking questions from Mamata or playing the news of the Bengal riots, the country’s media hid that news with great cleanliness.

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SOURCE NAME POLITICAL REPORT

ब्रेकिंग: रामनवमी से ऐन पहले, ममता बैनर्जी ने सुनाया तुग़लकी फरमान, PM मोदी सरकार समेत हिन्दुओं में हडकंप…

नई दिल्ली : अभी तक बीजेपी से ही भगवान राम और राम नवमी की बातें सुनने को मिलती थी लेकिन अब तो विरोधी भी राम भक्त बनते नज़र आ रहे हैं. बीजेपी की आक्रामक रणनीति और त्रिपुरा के लाल किले के ढहने के बाद अब धार्मिक गतिविधि से दूर रहने वाली लेफ्ट पार्टी को भी अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर होना पड़ रहा है.

ममता सरकार निकालेगी रामरथ यात्रा दिए आदेश
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 25 मार्च को रामनवमी से पहले बंगाल में ममता सरकार ने एक के बाद एक कई सरकारी फरमान जारी कर दिए हैं. BJP की राह पर ममता चल पड़ी हैं , पश्चिम बंगाल के हर जिले में रथ यात्रा निकालने का ऐलान कर दिया गया है. इसके साथ साथ बेहद चौंकाने वाली खबर आ रही है कि ममता सरकार ने राम नवमी पर निकलने वाली शस्त्र यात्रा पर रोक लगा दी है.

राम नवमी से ठीक पहली ममता बैनर्जी ने लगायी रोक
राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि 25 तारीख को राम नवमी है, जो लोग जुलूस निकालना चाहते हैं, वे जरूर निकालें. लेकिन इजाज़त लेकर और बिना हथियारों के साथ निकालें. बता दें रामनवमी के साथ एक परंपरा वर्षों से चली आ रही शस्त्र पूजा और शस्त्र रैली भी है. ऐसे में इस पर रोक लगाने के बाद बीजेपी और विहिप बुरी तरह भड़क गयी है.

बीजेपी, वीएचपी ने कहा- हथियार लेकर निकालेंगे
ममता की इस अपील पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि मैं गदा लेकर निकलूंगा कोई रोक सके तो रोक ले. वहीं बिहार के बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि धन्य हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और धन्य है बीजेपी, जिसने ममता बनर्जी से ब्राह्मण सम्मेलन करा दिया और रामनवमी पर वे रामरथ यात्रा निकाल रही हैं. राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि ये प्रधानमंत्री का ही असर है कि बबुआ मंदिर-मंदिर घूम रहे हैं.

बीजेपी नेता ने कहा कि कोलकाता की जनता भूली नहीं है कि बंगाल की मुख्यमंत्री ने दुर्गापूजा पर कैसे लाठीचार्ज करवाया था और सरस्वती पूजा पर रोक लगवा दी थी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा देश बांटने का, हिंदुओं को खत्म करने का काम किया है.

उन्होंने कहा, ‘मैं एक बात कहना चाहता हूं कि ममता बनर्जी कह रही हैं कि रामभक्त यात्रा में डंडे लाठी नहीं लेकर आये, लेकिन एक विशेष सम्प्रदाय के लोग तजिया पर हथियार लेकर निकलेंगे, ये नहीं चलेगा. ये दोगला रवैया क्यों?’

लंबे समय से चली आ रही परंपरा को निभाएंगे
ममता ने प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए सख्त निर्देश दिए हैं कि ,’सांप्रदायिक घटना को कतई नजरअंदाज न करें. इसका तत्काल संज्ञान लें और तुरंत गिरफ्तार करें’ ममता ने कहा कि पूर्व अनुमति के बाद ही जुलूस निकाला जा सकता है, वह भी बिना हथियार के. दूसरी तरफ, बीजेपी और वीएचपी ने कहा कि वे लंबे समय से चली आ रही परंपरा को निभाएंगे और उस दिन जुलूस जरूर निकालेंगे. देश भर में 25 मार्च को रामनवमी का उत्सव मनाया जाएगा, रामनवमी में शस्त्र रैली निकलाने की लंबे समय से परंपरा चली आ रही है.

बंगाल में लेफ्ट को भी याद आये भगवान राम
रामनवमी के उपलक्ष्य में पूर्व संध्या पर यानी 24 मार्च को सीपीएम भी एक बड़े जुलूस का आयोजन करेगी. ये जुलूस बीरभूम के रामपुरघाट में निकाले जाने की योजना है. बता दें रामपुरघाट में आरएसएस का बड़ा प्रभुत्व है ये हिन्दू बहुल इलाका है.

पिछली साल रामनवमी के जुलूस में यहां 12000 संघ कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया था. बाकी पार्टियां इस संख्या को देखकर चौंक गई थीं. राजनितिक जानकारों का मानना है कि आरएसएस के बाहुबल को तोड़ने और हिन्दुओं को लुभाने के लिए CPM राम नवमी पर विशाल शोभा यात्रा निकालेगी. हालांकि पार्टी का नेतृत्व इस तरह के जुलूस के लिए बिलकुल राजी नहीं था.

राम रहीम यात्रा
वैसे भी पश्चिम बंगाल में मुस्लिम वोटर काफी तादाद में हैं और रामनवमी का कोई भी आयोजन करने से उनका वोटबैंक खिसका सकता है. इसलिए तुष्टिकरण की राजनीति के चलते फॉरमूला ये तय हुआ है कि इसको राम नवमी जुलूस के बजाय राम रहीम यात्रा के नाम से निकाला जाएगा.

अब तक रामनवमी का त्योहार पश्चिम बंगाल में इतने बड़े पैमाने पर मनाया भी नहीं जाता था, लेकिन पिछले कुछ सालों से संघ-बीजेपी ने इस तरह के कार्यक्रमों में बड़ी तेजी ला दी है.अब बीजेपी और तृणमूल दोनों ने अपने अपने रामनवमी जुलूसों का ऐलान कर दिया है, जवाब में सीपीएम की लोकल यूनिट ने राम रहीम यात्रा का ऐलान कर दिया है. लगता है पश्चिम बंगाल की फिजा बदल रही है.

यह भी देखें:

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

https://youtu.be/hsfxfSRtdUs

source name:political report

BJP की जीत से बौखला गईं ममता बनर्जी दिया ऐसा बयान जिसे देख PM मोदी समेत अमित शाह हैरान

पूर्वोत्तर राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने लहराया अपना परचम. जहाँ त्रिपुरा में 25 साल से सत्ता संभालने वाले माणिक सरकार को भारतीय जनता पार्टी ने इतनी बड़ी मात दी है जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी. वहीँ नागालैंड और मेघालय में भी भाजपा सरकार बनाती दिख रही है. जिस तरह से पूर्वोत्तर राज्यों में भाजपा ने अपना शानदार प्रदर्शन दिखाया है. उससे साफ़ पता चल रहा है कि आज पीएम मोदी का जादू पहले की भांति ही बरक़रार है. भाजपा की जीत से विरोधी दलों का बौखलाना भी तय ही है. आखिरकार 25 साल का लाल किला जो ध्वस्त किया है. त्रिपुरा जीत पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बयान सामने आया है.

In the Assembly elections held in the North-East, the Bharatiya Janata Party Where Manik Sarkar, who has been ruling in Tripura for 25 years, has defeated the Bharatiya Janata Party so badly that no one was expected. Even in Nagaland and Meghalaya, BJP government seems to be making it. The manner in which the BJP has shown its magnificent performance in the North-Eastern states. It is evident from the fact that today the magic of PM Modi is similar to the earlier. The victory of the BJP is also determined by the opposition parties. After all, the 25-year-old Red Fort that has been demolished. West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee’s statement came out on Tripura victory.

दरअसल, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भाजपा की जीत पर भाषण देते हुए कहा कि अब अगला नंबर पश्चिम बंगाल, ओडिशा और केरल का है. इसी के साथ ही अमित शाह ने कहा कि कर्नाटक में जीत पक्की है. अमित शाह के इस बयान से लगता है ममता बनर्जी बुरी तरह से बौखला गईं है और उन्होंने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अपना बयान जारी किया है.

Indeed, BJP national president Amit Shah gave a speech on BJP’s victory and said that the next number is now from West Bengal, Odisha and Kerala. At the same time, Amit Shah said that the victory in Karnataka is convincing. This statement from Amit Shah seems that Mamata Banerjee has been severely frustrated and she has issued a statement expressing her reaction.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि “ऐसा कभी नहीं होगा और यह सपना ही रह जाएगा.’तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि बीजेपी को 50 प्रतिशत मत मिले जबकि सीपीआई को 45 प्रतिशत. जीत में केवल 5 प्रतिशत का अंतर ही रहा. उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी ने कांग्रेस, तृणमूल और स्थानीय पहाड़ी दलों के बीच गठबंधन के मेरे प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया होता तो त्रिपुरा में स्थिति कुछ अलग ही होती. ममता बनर्जी का यह बयान साफतौर से बौखलाहट बयां कर रहा है.

Talking to the media, Chief Minister Mamata Banerjee said, “This will never happen and this dream will remain.” The Trinamool Congress chief said that BJP got 50 percent votes while CPI got 45 percent. There was only a difference of 5 percent in the victory. He said that if Rahul Gandhi had accepted my proposal of the alliance between Congress, Trinamool and local hill parties then the situation in Tripura would be different. This statement of Mamata Banerjee is utterly disturbed.

इसी के साथ सीपीआई सचिव सीताराम येचुरी ने भी भाजपा की जीत पर बौखलाहट भरा बयान जारी करते हुए भाजपा पर विधानसभा चुनाव जीतने के लिए धन व बाहुबल का प्रयोग करने का आरोप लगा दिया. जैसे ही चुनाव परिणामआया उन्होंने कहा कि हां चुनाव में ऐसा हुआ क्योंकि बीजेपी ने बईमानी से बड़े पैमाने पर इकट्ठा किए धन व बाहुबल का इस्तेमाल किया.

Simultaneously, CPI Secretary Sitaram Yechury also blamed the BJP’s victory and accused the BJP of using money and muscle to win assembly elections. As soon as the election results came, he said that it happened in the elections because the BJP used the money collected from the big money and muscle.


पीएम मोदी के मैजिक के चलते ही अब देश के 21 राज्यों में भाजपा की सरकार होगी. ऐसा भारतीय राजनीति में पहली बार ही हुआ है जब किसी पार्टी की इतने राज्यों में सरकार बनी है . इससे पहले इंदिरा गाँधी के दौर में कांग्रेस की 18 राज्यों में सरकार थी लेकिन पीएम मोदी के जादू ने उनका भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है . पीएम मोदी और अमित शाह ने पार्टी की इस स्थिति को बनाने के लिए कई कठोर फैसले भी लिए हैं .

With the help of PM Modi’s magic, now there will be a BJP government in 21 states of the country. This is the first time in Indian politics that when a party has formed a government in so many states. Earlier, in the era of Indira Gandhi, the Congress had a government in 18 states but the magic of PM Modi broke his record. PM Modi and Amit Shah have also taken many tough decisions to create this situation of the party.

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https://youtu.be/1YmeDP0wOXs

https://www.youtube.com/watch?v=k87GwTUEGuQ&t=18s

SOURCE NAME:POLITICAL REPORT

 

ममता ने SC के इन जजों को लेकर दे डाला ऐसा विवादित बयान, जिसे सुन PM मोदी समेत CM योगी के उड़े होश..

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों की ओर मीडिया के समक्ष सर्वोच्च न्यायालय की कार्यशैली पर सवाल उठाए जाने की घटना को दुखद करार देते हुए शुक्रवार को केन्द्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में केन्द्र सरकार का हस्तक्षेप लोकतंत्र के लिए खतरा है।ममता बनर्जी ने कहा कि न्यायपालिका और मीडिया लोकतंत्र के स्तंभ हैं। केंद्र सरकार का न्यायपालिका में बहुत ज्यादा दखल लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।

Kolkata: West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee on Tuesday hit out at the Central Government on four senior judges of the Supreme Court, accusing the incident of questioning the functioning of the Supreme Court before the media. He said that intervention of the central government in the judiciary is a threat to democracy. Mamata Banerjee said that judiciary and media are pillars of democracy. The intervention of the central government in the judiciary is dangerous for democracy.

ममता का बीजेपी पर हमला
ममता ने ट्विटर पर लिखा है ‘हम आज सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों के उठाए गए सवाल से दुखी हैं। सुप्रीम कोर्ट के प्रशासन के बारे में सुप्रीम कोर्ट के जजों की ओर से उठाए गए सवालों से एक नागरिक के तौर पर मैं बहुत दुखी हूं। न्यायपालिका और मीडिया लोकतंत्र के स्तंभ हैं। केंद्र सरकार का न्यायपालिका में बहुत ज्यादा दखल लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।’

Mamata attacks BJP
Mamata has written on Twitter: “We are unhappy with the question raised by the Supreme Court of 4 judges today. I am very sad as a citizen with questions raised by the Supreme Court judges about the administration of the Supreme Court. The judiciary and the media are the pillars of democracy. The intervention of the central government in the judiciary is dangerous for democracy. ‘

बीजेपी बोली- ममता लोकतंत्र की दुश्मन
तो दूसरी ओर बीजेपी ने ममता के इस बयान की कड़ी आलोचना की है। बीजेपी ने उन्हें लोकतंत्र की दुश्मन करार दिया है। तो वहीं वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने चीफ जस्टिस की सार्वजनिक आलोचना करने वाले चारों जजों की सराहना की है।

BJP quote: Mamata’s enemy of democracy
On the other hand, the BJP has strongly criticized Mamta’s statement. BJP has called him an enemy of democracy. At the same time, senior advocate Prashant Bhushan appreciated the four judges of the Chief Justice’s public criticism.

भूषण ने जजों की तारीफ की
भूषण ने ट्विटर पर लिखा कि सही मायने में अभूतपूर्व! सर्वोच्च न्यायालय के चार शीर्ष न्यायाधीशों ने आज एक संवाददाता सम्मेलन किया, जिसमें राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामलों को अपेक्षित परिणाम के लिए चुनिंदा कनिष्ठ न्यायाधीशों को दिया जाता है, जो कि सत्ता का घोर दुरुपयोग है।”

Bhushan praised the judges
Bhushan wrote on Twitter that it is truly unprecedented! Four top judges of the Supreme Court today held a press conference, in which politically sensitive matters are given to selected junior judges for the expected results, which is a gross misuse of power. ”

निष्पक्ष न्याय प्रणाली की जरूरत
देश में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के चार सीनियर जज प्रेस कॉंफ्रेंस कर कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का प्रशासन ठीक सेकाम नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि हमने इस मुद्दे को लेकर मुख्य न्यायधीश से बात करनी चाही, लेकिन उन्होंने हमारी बात नहीं सुनी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जस्टिस जस्ती चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ शामिल हुए। सीनियर जज जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो देश का लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा।

Neutral justice system needs
For the first time in the country, four senior judges of the Supreme Court press conference said that the administration of the Supreme Court is not working properly. They said that we should talk to the Chief Justice about this issue, but they did not listen to us. The press conference included Justices Galati Chelameswar, Justice Ranjan Gogoi, Justice Madan Lokur and Justice Kurien Joseph. Senior Judge Justice Chelleshwar said that if such a practice continues then the country’s democracy will be in danger.

यह भी देखें:

https://youtu.be/27wySC5YcBQ

https://youtu.be/yRjJWWjiQVA