ममता बनो के राज में जनता में बरस रहा है कहर pm मोदी ने दिए इस मंत्री को ये बड़े आदेश

रामनवमी की यात्रा के दौरान पश्चिम बंगाल के आसनसोल में भड़की हिंसा ने सबको हैरान कर दिया है. पश्चिम बंगाल के आसनसोल में कहीं पथराव हुए तो कहीं बम फेंके गए. आपको बता दें कि पिछले पांच सालों में पश्चिम बंगाल में सांप्रदायिक तनाव में लगातार बढ़ोतरी हुई है. आसनसोल में रामनवमी के अवसर पर धर्म विशेष के लोगों ने रामनवमी यात्रा पर पथराव कर दिया. जिसके बाद वहां का माहौल बिगड़ गया.

During the visit of Ramnavmi, the violence in Asansol of West Bengal has surprised everyone. In Asansol, West Bengal, where stones were found somewhere, the bombs were thrown. Let us tell you that there has been a steady increase in communal tension in West Bengal in the last five years. On the occasion of Ramnavmi in Asansol, people of religion specially pelted stones on Ramnavmi Yatra. After that the atmosphere of the environment was worsened

स बीच बीजेपी के स्‍थानीय सांसद और केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने वहां का जायजा लेने की कोशिश की तो ममता बनर्जी की सरकार ने उन्हें ऐसा नहीं करने दिया. उसके बाद जो हुआ वो वाकैय हैरान करने वाला है.

Between BJP’s local MP and Union Minister Babul Supriyo tried to take stock of the situation, Mamta Banerjee’s government did not allow her to do so. The thing that happened after that is a shocking one.

पश्चिम बंगाल के आसनसोल में रामनवमी के बाद भड़की सांप्रदायिक हिंसा के बाद आहत हुए बीजेपी के स्‍थानीय सांसद बाबुल सुप्रियो ने अपने पद से इस्‍तीफा देने और राजनीति से संन्‍यास लेने तक की पेशकश कर दी. लेकिन इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह के बाद उन्‍होंने अपना मन बदल लिया. सुप्रियो ने बताया कि पीएम मोदी ने उन्‍हें संन्‍यास लेने की बजाय लड़ाई जारी रखने की सलाह दी. मुझे प्रेरित किया कि मैं मुकाबला करुं, भागूं नही. आज भी मैं घृणा की राजनीति से संघर्ष कर रहा हूं तो इसकी वजह पीएम मोदी की प्रेरणा है. पीएम मोदी ने मुझसे कहा कि संघर्ष जारी रखो, जीत तुम्‍हारी होगी जैसे कि उन्‍हें गुजरात में मिली.मैं अब ममता बनर्जी सरकार और टीएमसी के गुंडों के खिलाफ संघर्ष जारी रखूंगा.

After the Ramnavami in West Bengal’s Asansol, the BJP’s local MP Babul Supriyo, who was hurt after communal violence, offered his resignation from his post till he retired from politics. But after the advice of Prime Minister Narendra Modi, he changed his mind. Supriyo said that PM Modi advised him to continue the fight rather than retire. Encouraged me that I should fight, not Bhagwan. Even today, I am struggling with politics of hatred, the reason behind this is the motive of PM Modi. PM Modi told me to continue the struggle, the victory will be yours as they got in Gujarat. I will now continue the struggle against Mamata Banerjee government and TMC goons.

इस बात की जानकारी खुद केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने ट्वीट कर दी. सोमवार को बाबुल सुप्रियो ने सिलसिलेवार तरीके से एक साथ कई ट्वीट किये. इन ट्वीट के जरिए बाबुल सुप्रियो ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ जमकर निशाना साधा. उन्‍होंने कहा कि ममता बनर्जी किसी भी तरह से सत्‍ता में बने रहना चाहती हैं. तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता चाहते हैं कि पश्चिम बंगाल में विपक्ष रहे ही नहीं.

The information itself was tweeted by Union Minister Babul Supriyo. On Monday, Babul Supriyo tweeted several tweets together in a serial manner. Through these tweets, Babu Supriyo has targeted a lot against West Bengal’s Mamata Banerjee government. He said that Mamta Banerjee wants to remain in power in any way. Trinamool Congress workers want that there is no opposition in West Bengal

सुप्रियो ने बताया कि मैं मुंबई और दिल्‍ली में मैं बहुत अच्‍छा जीवन बिता रहा था लेकिन राजनीति में आने के बाद यहां मुझे घृणा की राजनीति, मानवता की बजाय अल्‍पसंख्‍यक और बहुसंख्‍यक का सामना करना पड़ रहा है. इसने मुझे गहरी निराशा में डाल दिया.

Supriyo told me that I was having a very good life in Mumbai and Delhi, but after coming to politics here I have to face politics of hatred, minorities and majority instead of humanity. It put me in deep despair.

इसी के साथ उन्होंने कहा कि टीएमसी कार्यकर्ताओं का ऐसा व्‍यवहार आग को और भड़का रहा है. पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के सत्‍ता में आने से पहले तक हिंदू और मुस्लिम मिलजुलकर रहते थे लेकिन दीदी की मंशा फूट डालो, राज करो की है. इन सब चीजों ने मुझे व्‍यथित कर दिया. आपको बता दें कि जब से ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की सत्ता संभाली है तब से वहां का माहौल हमेशा गर्म ही बना रहता है.

With this, he said that such behavior of TMC workers is fueling the fire. Until West Bengal came to power in Mamta Banerjee, Hindus and Muslims used to live together but divide the intention of sister, rule them. All these things made me distressed. Let me tell you that since the time Mamta Banerjee took charge of West Bengal, the atmosphere there remains always warm.

यह भी देखे

https://www.youtube.com/watch?v=VxtYK7YXsQ8&feature=youtu.be

https://www.youtube.com/watch?v=VxtYK7YXsQ8&feature=youtu.be

source name political report

नार्थईस्ट में bjp और कांग्रेस के निकले ये नतीजे जिसे देख, ममता दीदी का हाल हुआ ऐसा है जो बताने के लायक भी नहीं था

त्रिपुरा मेघालय और नागालैंड के नतीजे आ गए, तीनो जगह बीजेपी और उसके सहयोगी ही सरकार बना रहे है, ये खबर अब पुरानी हुई, और लेफ्ट कोंग्रेस और बीजेपी पर अब बहुत बात हो गयी, सबको सबकुछ पता है, पर क्या आप जानते है की ममाता बनर्जी की पार्टी ने भी त्रिपुरा में चुनाव लड़ा था

The results of Tripura, Meghalaya and Nagaland came, BJP and its allies are making the government in all three places, the news is old, and there is now a lot of talk on Left Congress and BJP, everyone knows everything, but do you know that Mamata Banerjee’s party also contested in Tripura

और क्या आप ये जानते है की ममाता बनर्जी की पार्टी का त्रिपुरा में क्या हाल हुआ ? ममाता बनर्जी की पार्टी यानि तृणमूल कांग्रेस ने त्रिपुरा में कुल वोट मिले है 6989, जो की कुल वोटों का 1% भी नहीं है, ममाता बनर्जी को त्रिपुरा में 0.3% वोट मिले, और सभी सीटों पर जमानत जप्त हो गयी, जबकि ममाता बनर्जी के पास कभी त्रिपुरा में विधायक भी थे!

And do you know what happened to Mamata Banerjee’s party in Tripura? Mamata Banerjee’s party, the Trinamool Congress, has won a total of 6989 votes in Tripura, which is not even 1% of the total votes, Mamata Banerjee gets 0.3% votes in Tripura, and all the seats have been seized, while Mamata Banerjee’s Tripura was once a legislator too!

अपनी पार्टी की स्थिति देखकर कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से त्रिपुरा में गठबंधन के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को नजरअंदाज करने की भूल की। त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि त्रिपुरा में भाजपा की जीत नहीं, बल्कि मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की हार हुई है। उन्होंने दावा किया भाजपा को 2019 के आम चुनाव में करारी हार मिलेगी।

Kolkata: West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee had said that she had asked Congress President Rahul Gandhi to form an alliance in Tripura but they forgot to ignore the proposal. After the results of the Tripura assembly elections, Mamata Banerjee said that Tripura has not lost the BJP, but the Marxist Communist Party (CPI) has lost. He claimed that the BJP will get a decisive defeat in the 2019 general elections.

इसके अलावा हम आपको अरविन्द केजरीवाल की पार्टी का भी हाल बता देते है, और केजरीवाल की पार्टी का नार्थईस्ट में क्या हाल हुआ वो आप देखिये कपिल मिश्रा के ट्वीट में:-

Apart from this, we also tell you the situation of Arvind Kejriwal’s party, and what happened to Kejriwal’s party in Northeast, you see Kapil Mishra’s tweet:

यह भी देखे

https://youtu.be/1YmeDP0wOXs

https://www.youtube.com/watch?v=k87GwTUEGuQ&t=18s

SOURCE NAME:POLITICAL REPORT

बड़ी खबर: ममता बनर्जी ने फिर से दिए हिंदू विरोधी होने के सबूत, इस झांकी में सामने आयी ये खतरनाक सच्चाई..

28 जनवरी, 2018 – पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की झांकी में एक बेहद खतरनाक मामला सामने आया है, जिससे हिंदू समाज गुस्साया हुआ है.

January 28, 2018 – A very dangerous case has emerged in the tableau of West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee, which has made the Hindu society angry.

https://l.facebook.com/l.php?u=http%3A%2F%2Fhindi.rntimes.in%2Fnation%2Findias-entire-dancer-in-south-asia-asean-countries-raised-such-a-step-that-the-sweat-of-china-pak%2F&h=ATPJIXWORa5uX_F8tH7pWfjLoCMxuCKNZWyYW-61u7I9FIqalPDih3G6W8RW08l6V2GgGfOCN-PBybuxTLKcZCsBHbyUhccCqv3CvwMAuHEAUoxmlC4pAaNNRcpodOsG1QEjz2lhan8px40 पूरे दक्षिण एशिया में भारत का बजा डंका! ASEAN देशों ने उठाया ऐसा कदम कि चीन-पाक के छूटे पसीने! तुरंत SHARE करें!

दरअसल ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक झांकी निकाली थी. इस झांकी के द्वारा ममता बनर्जी हिन्दू-मुस्लिम एकता का सन्देश दे रही थी. ये झांकी बंगाल की सड़कों से होते हुए निकली थी.

Actually Mamata Banerjee’s party Trinamool Congress had brought a tableau on the occasion of Republic Day. Through this tableau, Mamta Banerjee was sending messages of Hindu-Muslim unity. These tablets came out through the streets of Bengal.

इस झांकी में ममता की पार्टी ने एक हिन्दू लड़की को मुस्लिम के बगल में खड़ा करके दिखाया हुआ है और हिन्दू लड़की का हाथ मुस्लिम लड़के के हाथों में थमाया हुआ है. इस तरह की बेहूदा हरकत करके ममता बनर्जी सन्देश देना चाहती है कि हिन्दू-मुस्लिम इसी तरह से साथ रहो.

In this table, Mamta’s party has shown a Hindu girl standing next to the Muslim and the hand of the Hindu girl is placed in the hands of a Muslim boy. Mamata Banerjee wants to give a message that such Hindus and Muslims should stay in the same way.

बता दें कि इस झांकी को ममता बनर्जी की पार्टी ने हावड़ा जिले में निकाला था. और इसी झांकी में सबके सामने हिन्दू लड़की का हाथ मुस्लिम लड़के के हाथ में दिखाया गया था. इस झांकी का उद्देश्य हिंदू-मुस्लिम एकता के बारे में सन्देश देना नहीं बल्कि लव जिहाद को बढ़ावा देना है.

Please tell that this table was taken by Mamta Banerjee’s party in Howrah district. In this table, the hand of the Hindu girl was shown in front of everyone in the hands of a Muslim boy. The purpose of this tableau is not to send messages about Hindu-Muslim unity but to promote love jihad

क्यूंकि हिन्दू लड़के के हाथ में मुस्लिम लड़की का हाथ नहीं दिखाया गया, सिर्फ हिन्दू लड़की का हाथ मुस्लिम लड़के के हाथ में दिखाया गया. वे चाहते तो बगल में हिंदू लड़के को खड़ा करके उसका हाथ मुस्लिम लड़की के हाथ में भी दिखा सकते थे. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.

Because the hand of a Muslim girl was not shown in the hands of the Hindu boy, only the hand of the Hindu girl was shown in the hands of a Muslim boy. If they want, they could stand on the side of the Hindu boy and show his hand in the hands of a Muslim girl. But they did not do this.

इस बेहूदा हरकत से साफतौर पर पता चलता है कि ममता बनर्जी हिन्दू-मुस्लिम एकता के नाम लव जिहाद को बढ़ावा देने का सन्देश दे रही है. पूरा देश जानता है कि लव जिहाद के सबसे ज्यादा केस पश्चिम बंगाल में ही होते हैं, लेकिन सेकुलर मीडिया ऐसी ख़बरों को कभी नहीं दिखाते.

This ridiculous act clearly shows that Mamta Banerjee is sending messages of encouragement to Hindu-Muslim unity to promote love jihad. The whole nation knows that the most cases of love jihad are in West Bengal, but the secular media never shows such stories.

यह भी देखे :

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

बड़ी खबर: ममता ने उठाया ऐसा ऐतिहासिक कदम, जिसे देख PM मोदी समेत राष्ट्रपति कोविंद भी रह गये दंग..

बंगाल सरकार अपनी तुष्टिकरण की राजनीति को अब एक नए आयाम पर ले जा चुकी हैं. मुहर्रम के चलते दुर्गा पूजा मूर्ति विसर्जन समेत अन्य हिन्दू धर्म की यात्रा पर रोक लगायी गयी जिसके बाद कोर्ट ने ममता सरकार को ज़बरदस्त लताड़ लगायी और केवल एक समुदाय को खुश करने के आरोप भी लगाए.

लेकिन इस बार ममता बनर्जी ने जो कदम उठाया है उसे देख कर तो आप सभी के होश उड़ जाएंगे,ये कोई छोटी गलती नहीं बल्कि जानबूझ कर अपनी ओछी राजनीति के चलते किया गया देश का अपमान है.

ममता सरकार ने उठाया तुष्टिकरण भरा कदम
अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक कुछ वक़्त पहले ही AIMIM के अध्यक्ष अससुद्दीन ओवैसी ने धमकी भरा एलान किया था कि वो भगवा रंग से नहीं डरता ..‘मैं भी दरगाह जाऊंगा, मस्जिदों में जाऊंगा… हरा झंडा पहनकर जाऊंगा. हमारे हरे रंग के आगे कोई रंग नहीं टिकेगा. ना मोदी का रंग, ना कांग्रेस का रंग, किसी का रंग नहीं, खाली हमारा रंग रहेगा. हरा… हरा… हरा…। तो वहीँ अब ममता बनर्जी भी ओवैसी की राह पर चल पड़ी हैं.

बना दिया हरे रंग का अशोक स्तम्भ वाला लोगो
पश्चिम बंगाल सरकार ने कल राज्य का आधिकारिक लोगो जारी किया है. सीएम ममता इस लोगो को अपने जन्मदिन पर लॉन्च किया है. अपनी तुष्टिकरण की राजनीति के चलते नये लोगो में हरे रंग को ही प्राथमिकता दी गई है. हद तो तब हो गयी जब नये लोगो में भारत सरकार का राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ पर भी हल्का हरा रंग डाला गया है.

नीचे हरे रंग के बॉर्डर के बीच में पश्चिम बंगाल के मानचित्र को दिखाया गया है. बताया जा रहा है ये कोई अधिकारी की गलती से नहीं हुआ है बल्कि खुद ममता ने भी इस लोगों को तैयार करने में सहयोग किया है.

इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ बंगाल का लोगो ?
शीर्षेन्दु घोषाल ने ट्वीट करते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया है उन्होंने लिखा है “यह पश्चिम बंगाल का लोगो है या फिर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ बंगाल का लोगो ? ये वही लोग हैं जो योगी आदित्यनाथ के भगवा रंग से रंगे जाने पर आपत्ति जता रहे हैं . वास्तविकता ये है कि बंगाल में एक बड़ा वोटबैंक मुसलमानों का है जिसे हर हाल में ममता बनर्जी खोना नहीं चाहती हैं और इसके लिए वो हर सम्भव प्रयास कर रही हैं.

आपको बता दें बंगाल में ममता सरकार ही है जो हिन्दुओं की धार्मिक यात्राओं आदि पर रोक लगाने और दुनिया भर के नए नए प्रतिबंधों के लिए चर्चित है. खुद हाई कोर्ट के जज ने अक्सर ये बात कही है कि ममता सरकार केवल एक समुदाय को खुश करने में लगी रहती है.

ममता ने कहा मेरे सहयोग से ही बना है ये लोगो
यही नहीं खुद बंगाल के इस लोगो के लांच करते समय ममता ने फेसबुक पर पोस्ट किया “एक नई पहचान के साथ बंगाल ने आज अपनी एक नई यात्रा की शुरूआत की है. आजादी के 70 वर्षों के एक लम्बे इंतजार के बाद बंगाल को एक नई पहचान मिली है. यह ऐतिहासिक उपलब्धि है. आपको यह जानकर खुशी होगी कि इस लोगो को तैयार करने में मेरा भी छोटा सा योगदान है.” यहाँ ममता बनर्जी खुद कबूल रही हैं कि ये हरा रंग उनकी ही पसंद है.

हर सरकारी लेटर में लगेगा हरे रंगा का अशोक स्तम्भ
यही नहीं ममता ने अब ये भी एलान कर दिया है बंगाल के लोग मे राष्ट्रीय प्रतीक-चिन्ह, अशोक स्तभ को भी शामिल किया गया है. अब सरकारी कामकाज मे अलग से अशोक स्तभ के इस्तेमाल करने की जरूरत नही है.

आज से सरकारी तमाम कामकाज की फाइलो व लेडर हेड जारी लोगो अंकित होगा. इसका मतलब अब हर सरकारी कागज़ पर हरे रंग का अशोक स्तम्भ ही रहेगा. ममता का कहना है कि इससे राज्य का सम्मान बढ़ेगा.

तो वहीँ अब इस लोगो के लेकर सोशल मीडिया पर आम जनता का गुस्सा भड़क उठा है. एक शख्स ने लिखा है कि ये “इस्लमिक रिपब्लिक ऑफ़ वेस्ट बंगाल है”. तो वही एक शख्स ने लिखा है कि ” क्या पश्चिम बंगाल के लोगो में और कुछ नहीं दिखाया जा सकता था, बंगाल की शान क्या दुर्गा माता का त्रिशूल या रसगुल्ला का चित्र भी तो हो सकता था.

ये विडियो भी देखें:

https://youtu.be/UwDxmsQXZrI

https://youtu.be/27wySC5YcBQ

source zee news

रामनवमी पर हिन्दुओ पर लाठियां चलवाने वाली वामपंथी ममता को हिन्दुओं ने दिया ऐसा मुंहतोड़ जवाब, पहुँच गयी मंदिर…

सबसे बड़े दुर्भाग्य की चीज ये है की सभी समाज अपनी एकता की ताकत को पहचानता है पर हिन्दू है उसे एकता में क्या ताकत होती है वो समझ में नहीं आयी है, हिन्दू जहाँ एकजुट रहता है वहां पर सभी हिन्दू को सलाम करते है, जहाँ हिन्दू एकजुट नहीं रहता वहां हिन्दुओ को कोई पूछता भी नहीं

The biggest misfortune is that all the societies recognize the power of their unity, but Hindus, what is the strength in unity, they have not come to understand, where Hindus are united, they salute all Hindus, where Hindus There is no consensus, no one asks Hindus

और बंगाल की तो स्तिथि ये है की बहुसंख्यक हिन्दुओ पर अल्पसंख्यक जिहादी ही अत्याचार करते है, क्यूंकि हिन्दू एकजुट है ही नहीं, पर धीरे धीरे ही सही पश्चिम बंगाल में लगभग 15% हिन्दू एकजट हुए है, और देखिये मात्र 15% हिन्दुओ की एकजुट का ये असर हुआ

And the situation of Bengal is that the minority jihadis are oppressed on the majority of Hindus, because Hindu is not united, but gradually only 15% Hindus have united in West Bengal, and see only 15% of the united Hindu This has happened

आज ममता बनर्जी बोलपुर में हिन्दू मंदिर में पहुँच गयी, और पूजा पाठ भी करने लगी, और बाकायदा ममाता बनर्जी ने अपनी तस्वीर भी खिंचवाई, ताकि लोगों को भी दिखा सके, मात्र 15% हिन्दू एकजुट हुए तो ये स्तिथि है, हिन्दुओ को अपनी एकता की ताकत को पहचान लेना चाहिए

Today Mamata Banerjee reached the Hindu temple in Bolpur and started worshiping, and Mamta Banerjee also spotted her picture so that she could show to the people, if only 15% of the Hindus were united, then this is the situation, the Hindus have their unity Should recognize the power of

ये वही ममता बनर्जी है जिसने राम नवमी, हनुमान जयंती, सरस्वती पूजा के अवसर पर हिन्दुओ पर लाठी चार्ज करवाया था, यहाँ तक की मुहर्रम के दिन दुर्गा विसर्जन पर बैन तक लगाया था, हिन्दू एकजुट था नहीं तो कोई उसे नहीं पूछता था, अभी कुछ चुनावों में हिन्दू 15% तक एकजुट हुए तो देखिये ममाता बनर्जी मंदिर पहुंचकर हिन्दू हो गयी

This is the same Mamta Banerjee who had charged the blacksmith on the occasion of Ram Navami, Hanuman Jayanti, Saraswati Puja, even on the day of Muharram, Durga was immersed on banana, Hindus were united, otherwise no one would ask her, now In some elections, if the Hindus were united by 15%, then Mamta Banerjee reached the temple and became a Hindu

ये कमाल सिर्फ हिन्दू एकता का है , बता दें की अभी पश्चिम बंगाल के 1 सीट पर उपचुनाव हुआ था जहाँ जीत ममाता की पार्टी की ही हुई पर इस सीट पर बीजेपी नंबर 2 रही, और वामपंथी का तो ये हाल रहा की जमानत तक जप्त हो गयी , पश्चिम बंगाल में सारा मुस्लिम वोट TMC को जा रहा है, वहीँ जो हिन्दू नाम के लोगों का वोट है उसमे से भारी बदलाव देखने को मिला है

This is just a matter of Hindu unity, let’s tell that a by-election was held in 1 constituency in West Bengal, where victory was held only by the party of the party but BJP was number two on this seat, and the Left was confined to the security of this situation. All the Muslim votes in West Bengal are going to TMC, the huge change that has been seen from the people of Hinduism.

यह भी देखें:

https://youtu.be/aGHeWHD0uXg

https://youtu.be/xlRRjGN7n7U

बंगाल में भगवा ने पसारे पैर: तेज़ी से बढ़ रहा है संघ, दहशत में आई ममता बेनर्जी !

पश्चिम बंगाल के लोग काफी बुरे दौर का सामना कर रहे है, जिस ममता बेनर्जी को उन्होंने अपना मानकर वोट दिया और सोचा की चलो बामपंथी सरकार से मुक्ति मिल गयी| लेकिन कुछ नहीं बदला बल्कि ममता की TMC सरकार सिर्फ मुस्लिमो की हितैसी देखती है और उनको सहायता कर रही है! ममता बेनर्जी के सह पर बंगाल में हर जगह हिंदुयो पर अत्याचार हो रहे है, उनके घर जलाये जा रहे है, दुकाने लूटी जा रही है, मंदिर तोड़े जा रहे है! ऐसा प्रतीत होने लगा है की पश्चिम बंगाल भारत में नहीं बल्कि पाकिस्तान में है |

The people of West Bengal are facing a lot of bad times, whom Mamata Banerjee considered as her and voted her and thought that let’s get rid of the leftist government. But nothing changes, but Mamata’s TMC government sees only the interests of Muslims and is supporting them! With Mamata Banerjee, Bengal is being tortured everywhere in Bengal, her house is being burnt, shops are being looted, the temple is being broken down! It seems that West Bengal is not in India but in Pakistan.

लेकिन अब बंगाल का हिन्दू जाग रहा है | फिलहाल, बहुत से लोग आरएसएस के साथ जुड़ रहे हैं, वो समझने लगे हैं की अलग-थलग रहने से वो शायद अपने घर में भी सुरक्षित न रह पाएं | जहाँ इस्लामिक कट्टरपंथियों को खुली आजादी मिली हो, पुलिस चुप चाप बैठी हो और ममता का मुख्य वोट-बैंक मुस्लिम समुदाय हो तो वहां और क्या उम्मीद की जा सकती है? लेकिन आरएसएस अब चुप नहीं बैठेगा और संघ के जरिये बीजेपी का भी प्रवेश तेजी से बढ़ रहा है! जहा 2011 में बंगाल में आरएसएस की कुल 500 सखाये लगती थी तो अब 2017 में 1500 से भी ज्यादा सखाये लगती है! जैसे जैसे ताकत बढ़ेगी, यह समूह जिहादी ताकतों को सीधा जवाब देने में सक्षम होता चला जाएगा |

But now Bengal’s Hindu is awake. At the moment, many people are joining the RSS, they have started to understand that being separate is not possible even in their own home. Where Islamic fundamentalists got open freedom, if the police are quietly sitting and Mamata’s main vote-bank is a Muslim community, what else can be expected there? But the RSS will not be silent now and the entry of BJP through the Sangh is increasing fast! Where in 2011, there was a total of 500 RSS workers in the RSS in Bengal, now more than 1500 sakhayas are found in 2017! As the strength grows, this group will be able to answer jihadi forces directly.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी राष्ट्रविरोधी ताकतों का साथ देती आ रही है आज आलम यह है की बंगाल के जनता के बिच उनका असली चेहरा पूरी तरह सबके सामने आ गया है | जब से प्रधानमंत्री मोदी के नोटबंदी का एलान किया उसके पश्चात् ममता ने उनके खिलाफ जंग का एलान कर दिया! विरोध का आलम इतना बढ़ गया की बंगाल में हिन्दुओं पर दंगे को नज़रंदाज़ तक कर दिया गया! इन साड़ी घटनाओ से सिर्फ एक ही बात साफ़ होती है की ममता दीदी देशविरोधी है |

West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee has also been supporting anti-national forces today. Alam is here that the real face of the people of Bengal has come out completely in front of everyone. Since then, when he announced the ban of Prime Minister Modi, Mamta declared war against him! The opposition of the opposition has increased so much that the riots have been made to the Hindus in Bengal! Only one thing is clear from these sarees that Mamta’s sister is anti-national.

हद तो तब हुई जब उनके राज में एक मौलाना ने देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ आपतिजनक फतवा तक जारी कर दिया और उसके खिलाफ कोई कार्यवाई भी नहीं की गई! खुलेआम ये मौलवी अपनी मनमानी करते हैं, इस्लामिक कट्टरपंथी, हिन्दुओं पर हमला करते हैं और ममता अमूक दर्शक बनकर सारा तमाशा देख रही है |

The extent came when a maulana in his rule issued a fatwa against the country’s Prime Minister and no action was taken against him! Openly these clerics do their arbitrariness, Islamic fundamentalists attack Hindus, and Mamta is watching the whole spectacle by becoming a spectator.

लेकिन अब बंगाल का हिन्दू जाग रहा है! फिलहाल, बहुत से लोग आरएसएस के साथ जुड़ रहे हैं, वो समझने लगे हैं की अलग-थलग रहने से वो शायद अपने घर में भी सुरक्षित न रह पाएं! जहाँ इस्लामिक कट्टरपंथियों को खुली आजादी मिली हो, पुलिस चुप चाप बैठी हो और ममता का मुख्य वोट-बैंक मुस्लिम समुदाय हो तो वहां और क्या उम्मीद की जा सकती है? लेकिन आरएसएस अब चुप नहीं बैठेगा और संघ के जरिये बीजेपी का भी प्रवेश तेजी से बढ़ रहा है | जहा 2011 में बंगाल में आरएसएस की कुल 500 सखाये लगती थी तो अब 2017 में 1500 से भी ज्यादा सखाये लगती है! जैसे जैसे ताकत बढ़ेगी, यह समूह जिहादी ताकतों को सीधा जवाब देने में सक्षम होता चला जाएगा |

But now Bengal’s Hindu is awake! At the moment, many people are joining the RSS, they have started to understand that being separate is not possible even in their own home! Where Islamic fundamentalists got open freedom, if the police are quietly sitting and Mamata’s main vote-bank is a Muslim community, what else can be expected there? But the RSS will not be silent now and the entry of BJP through the Sangh is increasing rapidly. Where in 2011, there was a total of 500 RSS workers in the RSS in Bengal, now more than 1500 sakhayas are found in 2017! As the strength grows, this group will be able to answer jihadi forces directly.

लेकिन अब बंगाल का हिन्दू जाग रहा है | फिलहाल, बहुत से लोग आरएसएस के साथ जुड़ रहे हैं, वो समझने लगे हैं की अलग-थलग रहने से वो शायद अपने घर में भी सुरक्षित न रह पाएं | जहाँ इस्लामिक कट्टरपंथियों को खुली आजादी मिली हो, पुलिस चुप चाप बैठी हो और ममता का मुख्य वोट-बैंक मुस्लिम समुदाय हो तो वहां और क्या उम्मीद की जा सकती है? लेकिन आरएसएस अब चुप नहीं बैठेगा और संघ के जरिये बीजेपी का भी प्रवेश तेजी से बढ़ रहा है |

But now Bengal’s Hindu is awake. At the moment, many people are joining the RSS, they have started to understand that being separate is not possible even in their own home. Where Islamic fundamentalists got open freedom, if the police are quietly sitting and Mamata’s main vote-bank is a Muslim community, what else can be expected there? But the RSS will not be silent now and the entry of BJP through the Sangh is increasing rapidly.

यह भी देखे :

https://youtu.be/aGHeWHD0uXg

शर्मनाक: ममता ने दशहरा के दिन दुर्गा विसर्जन पर हिन्दुओं का किया ऐसा दमन, संविधान की उड़ा डाली धज्जियां

पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा है, ममता बनर्जी की संपत्ति या कोई मुस्लिम देश नही है, नही है,बंगाल में जाने के लिए किसी भारतीय को ममता बनर्जी से इजाजत लेने की जरूरत नही है, पर ममता बनर्जी ऐसी तानाशाह हो चुकी है की संविधान और कानून की भी खुलेआम धज्जियां उडा रही है,

West Bengal is a part of India, Mamta Banerjee’s property or no Muslim country, there is no need to take any permission from Mamta Banerjee to go to Bengal, but Mamta Banerjee has become such a dictator that the constitution and The law is also openly debunked,

हुआ ये की ममता बनर्जी ने मूर्ति विसर्जन के खिलाफ आदेश दिया था,जिसके बाद कई हिन्दुओं ने घिश्ना करी की वो ममता बनर्जी का गैर क़ानूनी फैसला नही मानेंगे क्यूंकि भारत का संविधान धार्मिक त्यौहार मनाने की छुट देता है, बीजेपी के तंजिदर सिंह ने भी ऐसी घोषणा की थी और वो दशहरा और मूर्ति विसर्जन के लिए आज कलकाता पहुंचे,पर ममता बनर्जी की सरकार ने तंजिदर सिंह को एयरपोर्ट पर ही हिरासत में ले लिया,

After this, Mamta Banerjee had ordered against idol immersion, after which many Hindus complained that she would not accept Mamta Banerjee’s non-legal verdict, because the Constitution of India leaves the celebration of religious festival, BJP’s Tanjidar Singh too The announcement was made and they reached Calcutta today for Dussehra and Murthy immersion, but Mamta Banerjee’s government took Tanjidar Singh into custody at the airport,

और ममता बनर्जी ने आदेश दिया कि तंजिदर बग्गा को वापस दिल्ली भेज दो, सुबह ही तंजिदर एयरपोर्ट पहुंचे,उन्होंने इन्ही हिन्दुओं के साथ दशहरा और मूर्ति विसर्जन हिस्सा लेना था पर ममता बनर्जी ने इन हिन्दुओं के धार्मिक आजादी हनन किया और एयरपोर्ट पर ही इन्हे हिरासत में ले लिया,

And Mamta Banerjee ordered that Tanjird Bagga should be sent back to Delhi, in the morning she reached the Tanjird Airport, she had to take part in the Dussehra and Murthy immersion with these Hindus, but Mamta Banerjee had violated the religious freedom of these Hindus and her custody at the airport. Taken in,

ममता ने दशहरा के दिन किया हिन्दुओं का दमन, नही मनाने दिया त्यौहार,संविधान की धज्जियां उड़ाई

Mamta did the suppression of Hindus on Dussehra, not celebrated festival, demolition of constitution

और अब तंजिदर सिंह और एनी हिन्दुओं को दशहरा और मूर्ति विसर्जन में हिस्सा भी नही लेने दिया गया,जबकि भारत में धार्मिक आजादी हमे संविधान से मिली हुई है और बंगाल में जाने के लिए ममता बनर्जी के वीजा की जरूरत भी नही थी,पर ममता बनर्जी की सर्कार तुष्टिकरण के नाम पर हिन्दुओं के अधिकारों का बर्बरता से हनन कर रही है,

And now Tangier Singh and Ani Hindus were not allowed to participate in Dussehra and idol immersion, whereas religious independence in India is from the Constitution and Mamta Banerjee’s visa was not needed to go to Bengal, but Mamta Banerjee The Government of India is violating the rights of Hindus in the name of appeasement,

बंगाल में गैर क़ानूनी रोहिंग्या मुस्लमान और बंगलादेशी तो रह सकते है, घुस सकते है पर देश के अन्य इलाकों के हिन्दू बंगाल जाकर अपने त्यौहार नही मना सकते है,

Non-legal Rohingya Muslim and Bangladeshi can live in Bengal, but they can enter but Hindus from other parts of the country cannot go to Bengal to celebrate their festivals,

source,www.dainikbharat.org

VIDEO: आज तक के रिपोर्टर निशांत चतुर्वेदी ने ममता बनर्जी का किया भंडाफोड़, खुद देखिये विडियो

ममता बनर्जी हेमशा से ही तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति करती आयी है, ममता समुदाय विशेष को अधिक तवज्जो देती है, जिसकी वजह से आज पश्चिम बंगाल में हिन्दुओं की स्थिति काफी ख़राब होती जा रही है, हिन्दू त्योहारो पर तरह-तरह की रोक लगाई जाती है!

Mamta Banerjee has come from Hemsha to appease the politics of vote bank, Mamata gives special attention to the community, due to which the condition of Hindus in West Bengal is getting worse today, there are various restrictions on Hindu festivals. She goes!

यहाँ तक की दुर्गा माँ के बंगाल में ही दुर्गा पूजा के विसर्जन को भी मुहर्रम के वजह से बाधित कर देती है, उनका कहना था की मोहर्रम के वजह से दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन दशमी के दिन ही होगा, क्युकी अगले दिन मुहर्रम था! वही दूसरी तरफ मुस्लिम समुदाय के लोगो पर कोई रोक टोक नहीं किया जाता है! आज बंगाल में हिन्दू परेशांन होकर विकल्प की तलाश में जुट गया है, जिस वजह से बंगाल में बीजेपी की जनाधार दिनों दिन बढ़ रही है!

Even in Durga’s mother, in Bengal, Durga Puja’s immersion is also inhibited by Muharram, she said that due to Muharram, the immersion of Durga statue will be on the day of Dasami, that was the next day Muhraham! On the other side there is no bar on the people of the Muslim community! Today, in Bengal, Hindus have gathered in trouble looking for alternatives, due to which the BJP’s base in Bengal is increasing day by day!

अगर ममता बनर्जी की बात करे तो उन्होंने अपने राजनितिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस की छात्र नेता के तौर पर की थी! पढाई के दौरान ममता बनर्जी का विषय था इस्लामिक हिस्ट्री! ममता बनर्जी बाद में कांग्रेस से अलग होकर अपनी पार्टी बनायीं और बंगाल के मुख्यमंत्री बन बैठी! लेकिन ममता बनर्जी ने सिर्फ और सिर्फ एक समुदाय विशेष को बढ़ावा देने का काम किया है! मदरसों को आर्थिक मदद देना और स्कूलों में सरसवती पूजा पर प्रतिबन्ध लगाना!

If Mamta Banerjee talked about her, she started her political life as a student of Congress. During the study, Mamta Banerjee’s theme was Islamic History! Mamta Banerjee later separated from the Congress and formed her party and became the Chief Minister of Bengal! But Mamta Banerjee has done just one and only to promote a community special! Financial aid to madarsas and ban on Saraswati worship in schools!

बंगाल में मुस्लिम समुदाय जमकर उत्पात मचा रहा है और ममता बनर्जी इनके खिलाफ कड़ा कदम उठाने के बजाय इन्हे बढ़ावा देती दिखाई दे रही है! इन्ही सब मुद्दों पर आज तक न्यूज चॅनेल के बरिष्ट पत्रकार ने फेसबुक लाइव के तहत खुलाशा किया है! निशांत चतुर्वेदी ने बताया कि 2013 में बंगाल में 106 सम्प्रदायिंग दंगे हुए जबकि उससे पहले पिछले पांच सालो में 12 से 40 सांप्रदायिक दंगे हुए थे

In Bengal, the Muslim community is making a lot of grief and Mamata Banerjee seems to be encouraging them instead of taking strong action against them! On all these issues, news channels of news channels have exposed under Facebook Live! Nishant Chaturvedi said that there were 106 communal riots in Bengal in 2013 while there were 12 to 40 communal riots in the last five years.

अगर पश्चिम बंगाल की आबादी की बात करे तो मुस्लिमो की कुल आबादी 27% है और अगर अवैध बांग्लादेशियो को मिला दिया जाये तो बंगाल में कुल 30% मुस्लिम रहते है! और इनमे बहुत से कट्टरपंथी भी है, और कहा ये जाता है की ममता बनर्जी इन्ही कट्टरपंथियों को खुश करने की कोशिश कर रही है!

If the West Bengal population speaks of the total population of Muslims, 27% of the total population and if illegal Bangladeshi is merged, then 30% Muslims in Bengal live. And there are many fundamentalists, and it is said that Mamata Banerjee is trying to please these fundamentalists!

निशांत चतुर्वेदी का वीडियो, ममता बनर्जी को बेनकाब कर डाला…

Video of Nishant Chaturvedi, exposed Mamta Banerjee …

क्या ममता बैनर्जी ने पश्चिम बंगाल को पाकिस्तान बना दिया है ? Shocking Facts 😡 Join In Live…..

Posted by Nishant Chaturvedi on Saturday, July 8, 2017

निशांत चतुर्वेदी ने बसीरहाट दंगे की बात करते हुए कहा की, एक माइनर लड़के ने फेसबुक पर अप्पतिजनक पोस्ट डाली, जो की गलत था और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया लेकिन फिर भी वह हिन्दुओं के साथ मारपीट किये गए, उनके घर और दुकाने जलाई गयी ये खा से सही है, क्या ममता बनर्जी को इसे रोकना नहीं चाहिए था! उन्होंने कहा की ये वही ममता बनर्जी है जो मदरसों को हार्ड कॅश देती है और इनके कृत्यों पर चप्पी साध लेती है!

Talking about the Basirhat riots, Nishant Chaturvedi said that a minor boy posted an objectionable post on Facebook, which was wrong and the police arrested him but still he was assaulted with the Hindus, his house and shops were lit This is correct with eating, should not Mamata Banerjee stop it! He said that this is the same Mamta Banerjee who gives hard cash to the madarsas and takes action on their actions!

निशांत चतुर्वेदी ने ममता बनर्जी के सैट्स सामने रखे, उन्होंने बताया की साल 2012 में ममता बनर्जी ने 32 हजार मस्जिदों को पैसा देना शुरू किया! ! जिसे विवाद बढ़ने पर बाद में बख्त बोर्ड के तहत कर दिया गया! और तो और इसको लेकर कोलकाता में इमामो ने एक बहुत बड़ी रैल्ली की और मांग किया की इस राशि को बढाकर 20000 रुपये मंथली कर देना चाहिए

Nishant Chaturvedi kept Mamata Banerjee’s sets in front, he said that in 2012, Mamta Banerjee started paying money to 32 thousand mosques! ! After the dispute grew, it was later transferred under the Board! And in this case, in Imphal, in Imphal, a huge rally was made in Kolkata and demanded that this amount should be increased to 20000 rupees.

आगे निशांत चतुर्वेदी ने धूलगढ़ के दंगो का भी जिक्र किया! उनोने बताया की धूलगढ़ दंगा क्यों हुआ था! धूलगढ़ दंगा 12 दिसंबर 2016 को शुरू हुआ था, उस दिन ईद था और जोर जोर से लाउडस्पीकर बजाये जा रहे थे, जिसके बाद हिन्दुओं ने कहा की लाउंडस्पीकर की आवाज थोड़ी काम कर दी जाये जिसपर मुस्लिम समुदाय के कट्टरपंथी भड़क उठे और हिन्दुओं की मकान और दुकाने जलनि शुरू कर दी!

Further Nishant Chaturvedi also mentioned the riots in Duggar! He told why there was a dusting riot! The Duggar riots started on December 12, 2016, that day the Id and the loudspeakers were being loud, after which the Hindus said that the sound of the loudspeaker should be done in a little bit on which the fundamentalists of the Muslim community got burnt and the houses of Hindus and The shops started burning!

अब सवाल यह उठता है की ईद जैसे तयोहार पर ये लाठी, डंडे और किरोसिन लेकर निकलते है लेकिन इनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जाता है! कोई गिरफ़्तारी नहीं की जाती है! ये बढ़ावा देना नहीं है तो और क्या है?

Now the question arises that on Eid like Eid, they come out with sticks, poles, and kerosene but no action is taken against them! No arrests are made! What does it do if it does not promote?

ये विडियो भी देखें

https://youtu.be/6KzO3XxanXM