NGT कोर्ट का बंगाल में ममता सरकार पर टूटा जबरदस्त कहर, इतनी बड़ी लापरवाही की चुकाई भारी कीमत, सन्न रह गए वामपंथी

नई दिल्ली : आज कल पूरा देश बढ़ते प्रदुषण से परेशान है खासतौर पर दिल्ली. लेकिन इसके पीछे बाकी राज्य भी कई हद तक ज़िम्मेवार हैं क्यूंकि वे इसके लिए जो कदम उठाये जाने चाहिए वे उन्हें नहीं उठा रहे हैं. ऐसे में अब NGT कोर्ट ने लाइन से सभी राज्यों को रिमांड पर ले लिया है पहले पंजाब फिर दिल्ली तो अब ममता बनर्जी के ऊपर कड़ा कहर टूट पड़ा है.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक कोलकाता और हावड़ा में वायु प्रदूषण कम करने में विफल रही पश्चिम बंगाल सरकार पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने पांच करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। दो साल पहले ही एनजीटी ने इससे संबंधित निर्देश दिया था, लेकिन राज्य सरकार इस पर खरा नहीं उतर सकी.

कोलकाता और हावड़ा में वायु प्रदूषण कम करने में विफल रही पश्चिम बंगाल सरकार पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने पांच करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। दो साल पहले ही एनजीटी ने इससे संबंधित निर्देश दिया था, लेकिन राज्य सरकार इस पर खरा नहीं उतर सकी. पीठ ने कहा कि उक्त आदेश इसलिए दिया गया क्योंकि एनजीटी के वर्ष 2016 के आदेश में वायु प्रदूषण रोकने के लिए जो उपाय सुझाए थे, उन्हें पश्चिम बंगाल सरकार ने लागू नहीं किया.

ऑफर तीन हफ्ते के अंदर ममता सरकार ने ये जुरमाना नहीं भरा तो दो प्रति महीने जुर्माने की राशि एक करोड़ रुपये बढ़ती जाएगी. मतलब जितना विलम्ब राशि उतनी ज़्यादा बढ़ती जायेगी.

बता दें राज्य में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए खंडपीठ ने वर्ष 2016 में पहले के निर्देश में एनजीटी द्वारा अनुशंसित कई उपायों को लागू नहीं करने के लिए यह जुर्माना लगाया है। एनजीटी ने कोलकाता और हावड़ा के जुड़वां शहरों में डीजल वाहनों की संख्या कम करने के लिए वैकल्पिक तंत्र शुरू करने जैसे उपायों की सिफारिश की थी, धूम्रपान उत्सर्जन की निगरानी के लिए रिमोट सेंसिंग डिवाइस (आरएसडी) शुरू करने, कम्प्यूटरीकृत निगरानी स्टेशन तैयार करने को कहा गया था लेकिन राज्य सरकार ने इनमें से किसी भी आदेश का पालन नहीं किया।

अन्य उपायों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में डंपिंग साइटों में अपशिष्ट जलने से रोकने, जुड़वां शहरों में गैर-बीएस-4 वाणिज्यिक वाहनों की प्रविष्टि की निगरानी आदि का निर्देश भी दिया गया था जिसे राज्य सरकार ने नहीं माना है।

दो साल की मध्यवर्ती अवधि के बाद एनजीटी ने यह जानना चाहा था कि राज्य पर्यावरण विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन निर्देशों को लागू करने के लिए कोई कदम उठाया था या नहीं। एनजीटी ने एक विशेषज्ञ समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर 2016 के आदेश पारित किए थे, लेकिन पर्यावरणविद्

सुभाष दत्ता ने हाल में एक अवमानना ​​याचिका दायर की थी जिसके कारण ट्रिब्यूनल द्वारा जुर्माना लगाया गया है। एनजीटी ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को अनुवर्ती कार्रवाई योजना और जुर्माना के भुगतान के संबंध में आठ जनवरी 2019 तक शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है

source:dd bharti

अभी-अभी ममता का मुहं हुआ काला कट्टरपंथियों,ने मचाया ऐसा खौफनाक कोहराम, जिसे देख डर से सहम उठी जनता

नई दिल्ली : बंगाल की हालत बद्द से बदतर होती जा रही है, जिस तरह पाकिस्तान में बम धमाके होते हैं वैसे ही ये सब अब बंगाल में देखना सामान्य बात हो चली है. अभी राम नवमी में बंगाल में खूनी मंजर देखने को मिला,आखिर में वही हुआ जिसका सबको डर था. हिन्दुओं को घर छोड़कर पलायन करना पड़ा जहाँ कट्टरपंथियों,जिहादियों की जनसँख्या कम हो.

अन्य राज्य में तो कट्टरपंथी सिर्फ हिन्दू त्योहारों पर पत्थरबाज़ी करते हैं, लेकिन बंगाल ने ममता राज में और प्रगति कर ली है यहाँ पत्थरबाज़ी की जगह अब बमबाजी भी होती है. हर कट्टरपंथी अपने घर में बम को ट्रॉफी की तरह सजा के रखता है.

जब बंगाल जिहादियों के दंगों की आग में जल रहा था, खुद पुलिस के अधिकारी पर बम से हमला हो रहा था. तब ममता दिल्ली में बीजेपी के खिलाफ तीसरा मोर्चा खड़ा करने और सारे विपक्ष को मोदी के खिलाफ खड़ा कर रही थी और अपने लिए पीएम की कुर्सी बना रही थी. जिससे जो आज बंगाल में हो रहा है कल को वो पूरे देश में हो.

आप आईपीएल में बिजी हैं वह बंगाल में मच गया ग़दर
तो वहीँ अभी तक दंगे की आग शांत भी नहीं हुई थी कि एक बार फिर बंगाल में ग़दर मचना शुरू हो गया है. ममता सरकार पूरे विपक्ष को ख़त्म करने पर तुली हुई हैं. कोई विपक्ष होगा ही नहीं तो हमेशा ममता राज रहेगा. पंचायत चुनाव में नामांकन भरने गए बीजेपी के नेताओं के साथ जो हुआ उसे देख तो आपके भी रौंगटे खड़े हो जायेंगे.

सरेआम पत्थरबाज़ी के साथ बमबाजी कर रहे जिहादी

अभी मिल रही ताज़ा खबर के मुताबिक पश्चिम बंगाल में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर कोहराम मचा हुआ है. पिछले छह दिनों से नामांकन दाखिल करने को लेकर एक एक करके हर क्षेत्र में बीजेपी प्रत्याशिओं पर बम से हमले हो रहे हैं. हर दिन उनके सर पर मौत मंडरा रही है. ममता सरकार विपक्ष को ही समाप्त करने पर तुली हुई है.

कोर्ट ने पुलिस को दिए सख्त आदेश

नौबत तो यहाँ तक आ गयी है कि कलकत्ता हाई कोर्ट ने खुद कड़ा फैसला सुनाया और पुलिस प्रशासन को पंचायत चुनाव में नामांकन करने वाले प्रत्याशियों को सुरक्षा देने के कड़े आदेश दिए हैं.

बिकाऊ मीडिया बिजी है सलमान में

लेकिन फिर भी शनिवार को हिंसा हुई. राज्य के कई जिलों में पूरे दिन व्यापक हिंसा होती रही, बीरभूम जिले में भाजपा प्रत्याशियों को नामांकन से रोकने के लिए बमबाजी व गोलीबारी की गई, जिसमें दो दर्ज़न लोगों के घायल होने की खबर है और ये सब पुलिस की मौजूदगी में हो रहा है और हमारा बिकाऊ मीडिया पूरा दिन सिर्फ सलमान पर बिजी है, सलमान को बेल मिली कि नहीं, कब मिलेगी, कैसे मिलेगी, रात में जेल में क्या किया, खाना खाया कि नहीं इस सबसे फुर्सत नहीं मिल रही और कुछ फर्जी सेक्युलर लोग भी IPL शुरू हो गए तो उसमे बिजी हैं.

भाजपा कार्यकर्ता व समर्थक भी पीछे हटने को तैयार नहीं वे जान हथेली पर लेकर नामंकर भर रहे हैं और बंगाल में लोकतंत्र की हत्या हो रही है, विपक्ष को ख़त्म किया जा रहा है कोई मीडिया खबर नहीं दिखा रहा.

भाजपा के नेताओं का आरोप है कि तृणमूल कार्यकर्ता पुलिस की मदद से बैरिकेड लगाकर विरोधी दलों के प्रत्याशियों को नामांकन करने से रोक रहे हैं. मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी, पूर्व व पश्चिम ब‌र्द्धमान, हुगली तथा पश्चिम व पूर्व मेदिनीपुर जिलों में भी नामांकन दाखिल करने को लेकर हिंसा होती रही. ऐसा लगता है ममता राज में कट्टरपंथियों को पूरी आज़ादी दे दी गयी है.

मुंह पर कालिख पोत दी गई

हुगली जिले में तो नामांकन करने जा रहीं फॉरबर्ड ब्लॉक की महिला प्रत्याशियों तथा पूर्व विधायक के मुंह पर कालिख पोत दी गई. इधर राज्य चुनाव आयोग भी मौनव्रत रखे हुए है. हिंसा को लेकर भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है, जिस पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया है। सोमवार को फैसला आएगा.

तो अब खुद ममता उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत सार्थक कर रही है. तृणमूल महासचिव एवं मंत्री पार्थ चटर्जी का आरोप है कि माकपा व भाजपा हिंसा करा रही है, क्योंकि उनके साथ जनता नहीं है. नगर विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा है कि विपक्षी दल आपस में मारपीट कर हिंसा फैला रहे हैं और तृणमूल कांग्रेस को बदनाम कर रहे हैं.

भाजपा जिलाध्यक्ष लखन घोरुई को पर चाकू से हमला

पंचायत चुनाव में नामांकन दाखिल करना भी भाजपा और माकपा कार्यकर्ताओं के लिए दुर्गापुर और ब‌र्द्धमान में तो जैसे चुनौती बन गया है. तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हमले से दोनों दलों के समर्थक सकते में हैं. शनिवार को दुर्गापुर में भाजपा के कैंप कार्यालय पर हमला हुआ. भाजपा जिलाध्यक्ष लखन घोरुई को तो चाकू मारकर जख्मी कर दिया गया.

जबकि ब‌र्द्धमान में नामांकन कराने जा रहे माकपा प्रत्याशियों व कटवा में नामांकन कराने जा रहे भाजपा प्रत्याशियों के जुलूस पर बम फेंके गए. हमलों में भाजपा और माकपा के कई समर्थक बुरी तरह जख्मी हुए हैं और अस्पताल में भर्ती हैं.

क्यों नहीं लगाते पीएम मोदी राष्ट्रपति शासन? समझिये इसे

अब जब बंगाल में इतने बुरे हालत हैं, तो लोग अक्सर सवाल करते हैं कि जब आप लोगों को सब कुछ पता है तो मोदी जी शांत क्यों बैठे हैं क्यों नहीं राष्ट्रपति शासन लगवा देते बंगाल में. लेकिन लोग भावनाओं में बह कर भूल जाते हैं कि संविधान के नियम अनुसार बीजेपी में अभी उतनी शक्ति नहीं है कि वो किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा सके. इसके लिए आपको राष्ट्रपति शासन की प्रक्रिया और नियम को समझना होगा.

राष्ट्रपति शासन की ये है प्रक्रिया

राष्ट्रपति शासन से जुड़े प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 356 और 365 में हैं. संविधान के आर्टिकल 356 अनुसार राज्य में अशांति स्थापित होने पर राज्यपाल को राष्ट्रपति को रिपोर्ट देनी होती है. जिसके बाद राष्ट्रपति शासन लगा सकते हैं लेकिन उससे पहले संसद के दोनों सदन लोकसभा और राज्यसभा से दो महीने के अंदर उसे पास होना पड़ता है. दोनों सदनों से पास होने के बाद ही राष्ट्रपति शासन 6 महीना या एक साल तक लग सकता है.

अब लोकसभा में तो बीजेपी को बहुमत है लेकिन राज्यसभा में अभी भी बीजेपी बहुमत से थोड़ा सा दूर है. हालाँकि हाल ही में बीजेपी ने कई राज्यसभा चुनाव जीते हैं लेकिन अभी भी बहुमत के आंकड़े से बस थोड़ा सा पीछे है. इसी वजह से अभी तक तीन तलाक का कानून नहीं बन सका है. क्यूंकि लोकसभा से तो तीन तलाक का बिल पास हो गया था लेकिन राज्यसभा में कांग्रेस ने अड़ंगा मार दिया. आने वाले कुछ और वक़्त बाद राज्यसभा में भी बीजेपी को बहुमत मिल जाये तो कई सारी समस्याएं ख़त्म हो जाएं, जैसे धारा 370, तीन तलाक, हलाला, दो बच्चों का कानून आदि.

यह भी देखे

https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8

SOURCE NAME POLITICAL REPORT

ब्रेकिंग: 2019 चुनाव से पहले कांग्रेस को लगा बड़ा झटका , सोनिया के बुलाने पर भी नही आई ममता बनर्जी …

नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के विजय रथ को रोकने के लिए पूरे विपक्ष को एकजुट करने की पुरजोर कोशिश कर रही हैं। इसके लिए आज उन्‍होंने दिल्ली में सभी विपक्षी दलों के नेताओं को डिनर दिया।

इस भोज में 20 दलों के नेताओं को बुलाया गया था। इसमें कांग्रेस समेत 20 राजनीतिक दलों के नेता पहुंचे। भाजपा विरोधी मोर्चा बनाने की सोनिया गांधी की मुहिम को ममता बनर्जी का डिनर से दूरी बनाना एक झटके के तौर पर देखा जा रहा है। ममता बनर्जी का इस कवायद से दूर रहने की वजह यही मानी जा रही है कि बंगाल की मुख्यमंत्री इस तरह की किसी भी कोशिश के केंद्र में खुद रहना चाहती हैं और ऐसे किसी भी मोर्चे की कमान संभालना चाहती हैं।

अभी बीते दिनों नरेंद्र मोदी और भाजपा विरोधी फ्रंट बनाने की कोशिश के तौर ममता ने शरद पवार और तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर राव से बात भी की थी। ऐसे में अगर सोनिया गांधी ने 20 दलों के नेताओं को अपने​ डिनर पर जुटा भी लिया है तो सवाल यह उठता है कि भाजपा विरोधी मोर्चा बनाकर मोदी का रथ रोकने की यूपीए अध्यक्ष की कोशिशें कामयाब होंगी भी या नहीं। नेतत्व की लडाई में इस तरह की कोशिशें पहले भी उलझती रहीं हैं और इसे फिर से दोहराते हुए देखा जाए तो अचरज नहीं होना चाहिए।

डिनर के बाद कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा- यूपीए अध्यक्षा ने सौहार्द्र और मित्रता वाला भोज दिया है। सरकार जहां दीवारें खड़ी करेगी, तो हम सबसे मिलकर रहेंगे। सरकार संसद चला नहीं रही. किसान, गरीब, मज़दूर के मुद्दे पर चर्चा हो।

डिनर में ये नेता हुए शामिल

1- समाजवादी पार्टी- रामगोपाल यादव

2- एनसीपी- शरद पवार

3- राजद- तेजस्वी यादव और मीसा भारती

4- नेशनल कॉन्फ्रेंस- उमर अबदुल्ला

5- झारखंड मुक्ति मोर्चा- हेमंत सोरेन

6- सीपीआई- डी राजा

7- रालोद- अजित सिंह

8- सीपीएम- मोहम्मद सलीम

9- डीएमके- कनिमोझी

10- बीएसपी- सतीश मिश्रा

11- जेवीएम- बाबूलाल मरांडी

12- आरएसपी- रामचंद्र

13- हिंदुस्तान अवाम मोर्चा- जीतन राम मांझी

14- जेडीएस- डॉ. के रेड्डी

15- एआईयूडीएफ- बदरुद्दीन अजमल

16- तृणमूल कांग्रेस- सुदीप बंदोपाध्याय

17- आईयूएमएल- कुट्टी

18- केरल कांग्रेस के जोश के मनी

19- हिंदुस्तान ट्राइबल पार्टी- शरद यादव

20- कांग्रेस के राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, गुलाम नबी आजाद, मनमोहन सिंह, एके एंटनी, रणदीप सुरजेवाला, अहमद पटेल आदि

यह भी देखें:

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

https://youtu.be/hsfxfSRtdUs

source name:political report

2019 चुनाव में UPA के खिलाफ ममता बेनर्जी ने किया ऐसा काम राहुल गाँधी समेत मुलायम सिंह भी हैरान |

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राजस्थान उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के लिए संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी को बधाई दी और कहा कि भाजपा की हार की शुरूआत हो चुकी है. सोनिया गांधी ने भी पश्चिम बंगाल उपचुनावों में तृणमूल काग्रेस की जीत पर ममता बनर्जी को बधाई दी . पूर्व की व्यस्तताओं के कारण ममता बनर्जी नयी दिल्ली में संप्रग अध्यक्ष की अध्यक्षता में विपक्षी नेताओं की बैठक में हिस्सा नहीं ले पाईं .

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी की सुप्रीमो ममता बनर्जी खास रणनीति के तहत कांग्रेस से दूरी बना रही हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव को नजदीक आते देख अब ममता बनर्जी ने अपनी नई रणनीति बनाना शुरू कर दिया है.

ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी कांग्रेस की अगुआई वाली विपक्ष के साथ दिखने से परहेज कर रही है और ‘एकला चलो रे’ की नीति पर चलती दिखाई दे रही है. ममता बनर्जी के इस कदम से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी को करारा झटका लग सकता है.

राहुल गाँधी ने ऐसा कभी नहीं सोचा होगा कि ममता बनर्जी लोकसभा चुनाव को लेकर इस तरह का फैसला भी ले सकती हैं क्योंकि ममता बनर्जी पीएम मोदी को लेकर हमेशा कड़े तेवर दिखाती रहती हैं. शायद यही सोचते हुए राहुल गाँधी ने सोचा होगा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में वह एक मजबूत विपक्ष बना सकते हैं.

आपको बता दें कि अभी कुछ दिनों पहले राजनीतिक घटनाक्रम से भी कांग्रेस और ममता बनर्जी से दूरी बनी है. कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के समय ममता बनर्जी की बजाय लेफ्ट को ज्यादा तरजीह दी है. इसी के चलते ममता बनर्जी ने इस बार ऐसा फैसला लिया है.

वहीं जब राहुल गाँधी को कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया तब भी ममता बनर्जी ने उन्हें किसी तरह की कोई बधाई संदेश नहीं दिया था. अभी कुछ दिन पहले एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार द्वारा एक बैठक का आयोजन किया गया. इस बैठक में ममता बनर्जी की पार्टी के प्रमिख नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि निर्दोष पहचान वाले व्यक्ति केवल 201 9 में मुख्य भूमिका निभा सकता है.

उन्होंने कहा कि 2019 लोकसभा चुनाव में प्रमुख चेहरा निर्विवाद नेता, पार्टी का सुप्रीमो और मुख्यमंत्री होना चाहिए इसी के साथ वह केंद्रीय कैबिनेट में होना चाहिए था . वर्तमान में एक राज्य चलाना चाहिए, और एक या दो दशकों के लिए संसद सदस्य होना चाहिए. इस लिहाज से देखा जाए तो विपक्ष के लिए राहुल गाँधी पीएम पद के उम्मीदवार का चेहरा नहीं बन सकते हैं.

यह भी देखें:-

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

source:namopress

VIDEO: आज तक के रिपोर्टर निशांत चतुर्वेदी ने किया ममता बेनर्जी का पर्दाफाश, ममता गई सदमे में !

ममता बनर्जी हेमशा से ही तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति करती आयी है, ममता समुदाय विशेष को अधिक तवज्जो देती है, जिसकी वजह से आज पश्चिम बंगाल में हिन्दुओं की स्थिति काफी ख़राब होती जा रही है, हिन्दू त्योहारो पर तरह-तरह की रोक लगाई जाती है!

यहाँ तक की दुर्गा माँ के बंगाल में ही दुर्गा पूजा के विसर्जन को भी मुहर्रम के वजह से बाधित कर देती है, उनका कहना था की मोहर्रम के वजह से दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन दशमी के दिन ही होगा, क्युकी अगले दिन मुहर्रम था! वही दूसरी तरफ मुस्लिम समुदाय के लोगो पर कोई रोक टोक नहीं किया जाता है! आज बंगाल में हिन्दू परेशांन होकर विकल्प की तलाश में जुट गया है, जिस वजह से बंगाल में बीजेपी की जनाधार दिनों दिन बढ़ रही है!

अगर ममता बनर्जी की बात करे तो उन्होंने अपने राजनितिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस की छात्र नेता के तौर पर की थी! पढाई के दौरान ममता बनर्जी का विषय था इस्लामिक हिस्ट्री! ममता बनर्जी बाद में कांग्रेस से अलग होकर अपनी पार्टी बनायीं और बंगाल के मुख्यमंत्री बन बैठी! लेकिन ममता बनर्जी ने सिर्फ और सिर्फ एक समुदाय विशेष को बढ़ावा देने का काम किया है! मदरसों को आर्थिक मदद देना और स्कूलों में सरसवती पूजा पर प्रतिबन्ध लगाना!

बंगाल में मुस्लिम समुदाय जमकर उत्पात मचा रहा है और ममता बनर्जी इनके खिलाफ कड़ा कदम उठाने के बजाय इन्हे बढ़ावा देती दिखाई दे रही है! इन्ही सब मुद्दों पर आज तक न्यूज चॅनेल के बरिष्ट पत्रकार ने फेसबुक लाइव के तहत खुलाशा किया है! निशांत चतुर्वेदी ने बताया कि 2013 में बंगाल में 106 सम्प्रदायिंग दंगे हुए जबकि उससे पहले पिछले पांच सालो में 12 से 40 सांप्रदायिक दंगे हुए थे

अगर पश्चिम बंगाल की आबादी की बात करे तो मुस्लिमो की कुल आबादी 27% है और अगर अवैध बांग्लादेशियो को मिला दिया जाये तो बंगाल में कुल 30% मुस्लिम रहते है! और इनमे बहुत से कट्टरपंथी भी है, और कहा ये जाता है की ममता बनर्जी इन्ही कट्टरपंथियों को खुश करने की कोशिश कर रही है!

निशांत चतुर्वेदी ने बसीरहाट दंगे की बात करते हुए कहा की, एक माइनर लड़के ने फेसबुक पर अप्पतिजनक पोस्ट डाली, जो की गलत था और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया लेकिन फिर भी वह हिन्दुओं के साथ मारपीट किये गए, उनके घर और दुकाने जलाई गयी ये खा से सही है, क्या ममता बनर्जी को इसे रोकना नहीं चाहिए था! उन्होंने कहा की ये वही ममता बनर्जी है जो मदरसों को हार्ड कॅश देती है और इनके कृत्यों पर चप्पी साध लेती है!

निशांत चतुर्वेदी ने ममता बनर्जी के सैट्स सामने रखे, उन्होंने बताया की साल 2012 में ममता बनर्जी ने 32 हजार मस्जिदों को पैसा देना शुरू किया! ! जिसे विवाद बढ़ने पर बाद में बख्त बोर्ड के तहत कर दिया गया! और तो और इसको लेकर कोलकाता में इमामो ने एक बहुत बड़ी रैल्ली की और मांग किया की इस राशि को बढाकर 20000 रुपये मंथली कर देना चाहिए

आगे निशांत चतुर्वेदी ने धूलगढ़ के दंगो का भी जिक्र किया! उनोने बताया की धूलगढ़ दंगा क्यों हुआ था! धूलगढ़ दंगा 12 दिसंबर 2016 को शुरू हुआ था, उस दिन ईद था और जोर जोर से लाउडस्पीकर बजाये जा रहे थे, जिसके बाद हिन्दुओं ने कहा की लाउंडस्पीकर की आवाज थोड़ी काम कर दी जाये जिसपर मुस्लिम समुदाय के कट्टरपंथी भड़क उठे और हिन्दुओं की मकान और दुकाने जलनि शुरू कर दी!

अब सवाल यह उठता है की ईद जैसे तयोहार पर ये लाठी, डंडे और किरोसिन लेकर निकलते है लेकिन इनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जाता है! कोई गिरफ़्तारी नहीं की जाती है! ये बढ़ावा देना नहीं है तो और क्या है?

देखे निशांत चतुर्वेदी का वीडियो, ममता बनर्जी को बेनकाब कर डाला…

क्या ममता बैनर्जी ने पश्चिम बंगाल को पाकिस्तान बना दिया है ? Shocking Facts 😡 Join In Live…..

Posted by Nishant Chaturvedi on Saturday, July 8, 2017

देखिये ये विडियो :

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

https://youtu.be/J9C7XKzLG-k

source zee news

VIDEO: आज तक के रिपोर्टर निशांत चतुर्वेदी ने ममता बनर्जी का किया भांडाफोड़, खुद देखिये विडियो

ममता बनर्जी हेमशा से ही तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति करती आयी है, ममता समुदाय विशेष को अधिक तवज्जो देती है, जिसकी वजह से आज पश्चिम बंगाल में हिन्दुओं की स्थिति काफी ख़राब होती जा रही है, हिन्दू त्योहारो पर तरह-तरह की रोक लगाई जाती है!

Mamta Banerjee has come from Hemsha to appease the politics of vote bank and Mamata gives special attention to the community, due to which the condition of Hindus in West Bengal is getting worse today, there is a variety of restrictions on Hindu festivals. She goes!

यहाँ तक की दुर्गा माँ के बंगाल में ही दुर्गा पूजा के विसर्जन को भी मुहर्रम के वजह से बाधित कर देती है, उनका कहना था की मोहर्रम के वजह से दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन दशमी के दिन ही होगा, क्युकी अगले दिन मुहर्रम था! वही दूसरी तरफ मुस्लिम समुदाय के लोगो पर कोई रोक टोक नहीं किया जाता है! आज बंगाल में हिन्दू परेशांन होकर विकल्प की तलाश में जुट गया है, जिस वजह से बंगाल में बीजेपी की जनाधार दिनों दिन बढ़ रही है |

Even Durga mother of Bengal, in Durga Puja, is immersed in Bengal due to Muharram, she said that due to Muharram, the immersion of the Durga statue will be on the day of Dasami, that was the next day Muhraham! On the other side, there is no bar on the people of the Muslim community! Today, in Bengal, Hindus have gathered in trouble looking for alternatives, due to which the BJP’s base in Bengal is increasing day by day!

अगर ममता बनर्जी की बात करे तो उन्होंने अपने राजनितिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस की छात्र नेता के तौर पर की थी! पढाई के दौरान ममता बनर्जी का विषय था इस्लामिक हिस्ट्री! ममता बनर्जी बाद में कांग्रेस से अलग होकर अपनी पार्टी बनायीं और बंगाल के मुख्यमंत्री बन बैठी! लेकिन ममता बनर्जी ने सिर्फ और सिर्फ एक समुदाय विशेष को बढ़ावा देने का काम किया है! मदरसों को आर्थिक मदद देना और स्कूलों में सरसवती पूजा पर प्रतिबन्ध लगाना!

If Mamta Banerjee talked about her, she started her political life as a student of Congress. During the study, Mamta Banerjee’s theme was Islamic History! Mamta Banerjee later separated from the Congress and formed her party and became the Chief Minister of Bengal! But Mamta Banerjee has done just one and only to promote a community special! Financial aid to madarsas and ban on Saraswati worship in schools!

बंगाल में मुस्लिम समुदाय जमकर उत्पात मचा रहा है और ममता बनर्जी इनके खिलाफ कड़ा कदम उठाने के बजाय इन्हे बढ़ावा देती दिखाई दे रही है! इन्ही सब मुद्दों पर आज तक न्यूज चॅनेल के बरिष्ट पत्रकार ने फेसबुक लाइव के तहत खुलाशा किया है! निशांत चतुर्वेदी ने बताया कि 2013 में बंगाल में 106 सम्प्रदायिंग दंगे हुए जबकि उससे पहले पिछले पांच सालो में 12 से 40 सांप्रदायिक दंगे हुए थे

In Bengal, the Muslim community is fiercising and Mamata Banerjee appears to be promoting them instead of taking strong action against them! On all these issues, news channels of news channels have published under Facebook Live! Nishant Chaturvedi said that there were 106 communal riots in Bengal in 2013 while there were 12 to 40 communal riots in the last five years.

अगर पश्चिम बंगाल की आबादी की बात करे तो मुस्लिमो की कुल आबादी 27% है और अगर अवैध बांग्लादेशियो को मिला दिया जाये तो बंगाल में कुल 30% मुस्लिम रहते है! और इनमे बहुत से कट्टरपंथी भी है, और कहा ये जाता है की ममता बनर्जी इन्ही कट्टरपंथियों को खुश करने की कोशिश कर रही है!

If the West Bengal population speaks of the total population of Muslims, 27% of the total population and if illegal Bangladeshi is mixed, then 30% of Muslims live in Bengal. And there are many fundamentalists, and it is said that Mamata Banerjee is trying to please these fundamentalists!

निशांत चतुर्वेदी ने बसीरहाट दंगे की बात करते हुए कहा की, एक माइनर लड़के ने फेसबुक पर अप्पतिजनक पोस्ट डाली, जो की गलत था और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया लेकिन फिर भी वह हिन्दुओं के साथ मारपीट किये गए, उनके घर और दुकाने जलाई गयी ये खा से सही है, क्या ममता बनर्जी को इसे रोकना नहीं चाहिए था! उन्होंने कहा की ये वही ममता बनर्जी है जो मदरसों को हार्ड कॅश देती है और इनके कृत्यों पर चप्पी साध लेती है!

Talking about the Basirhat riots, Nishant Chaturvedi said that a minor boy posted an objectionable post on Facebook, which was wrong and the police arrested him but still he was assaulted with the Hindus, his house and shops were lit This is correct with eating, should not Mamata Banerjee stop it! He said that this is the same Mamta Banerjee who gives hard cash to the madarsas and takes action on their actions!

निशांत चतुर्वेदी ने ममता बनर्जी के सैट्स सामने रखे, उन्होंने बताया की साल 2012 में ममता बनर्जी ने 32 हजार मस्जिदों को पैसा देना शुरू किया! ! जिसे विवाद बढ़ने पर बाद में बख्त बोर्ड के तहत कर दिया गया! और तो और इसको लेकर कोलकाता में इमामो ने एक बहुत बड़ी रैल्ली की और मांग किया की इस राशि को बढाकर 20000 रुपये मंथली कर देना चाहिए

Nishant Chaturvedi kept Mamata Banerjee’s sets in front, he said that in 2012, Mamta Banerjee started paying money to 32 thousand mosques! ! As the controversy grew, it was later reduced to under the Board! And in this case, in Imphal, in Kolkata, a large rally was made and demanded that this amount should be increased to 20000 rupees.

आगे निशांत चतुर्वेदी ने धूलगढ़ के दंगो का भी जिक्र किया! उनोने बताया की धूलगढ़ दंगा क्यों हुआ था! धूलगढ़ दंगा 12 दिसंबर 2016 को शुरू हुआ था, उस दिन ईद था और जोर जोर से लाउडस्पीकर बजाये जा रहे थे, जिसके बाद हिन्दुओं ने कहा की लाउंडस्पीकर की आवाज थोड़ी काम कर दी जाये जिसपर मुस्लिम समुदाय के कट्टरपंथी भड़क उठे और हिन्दुओं की मकान और दुकाने जलनि शुरू कर दी!

Further Nishant Chaturvedi also mentioned the riots of Durggarh! He told why there was a dusting riot! The Durggarh riots started on December 12, 2016, the Eid that day and loud loudspeakers were playing loudly, after which the Hindus said that the sound of the loudspeaker should be done in a little bit, on which the fundamentalists of the Muslim community got burnt and the houses of the Hindus and The shops started burning!

अब सवाल यह उठता है की ईद जैसे तयोहार पर ये लाठी, डंडे और किरोसिन लेकर निकलते है लेकिन इनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जाता है! कोई गिरफ़्तारी नहीं की जाती है! ये बढ़ावा देना नहीं है तो और क्या है?

Now the question arises that on Eid like Eid, they come out with sticks, poles and kerosene but no action is taken against them! No arrests are made! What does it do if it does not promote?

क्या ममता बैनर्जी ने पश्चिम बंगाल को पाकिस्तान बना दिया है ? Shocking Facts 😡 Join In Live…..

Posted by Nishant Chaturvedi on Saturday, July 8, 2017

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=8ImzYyVUuNQ

अभी अभी: मोदी सरकार ने रोहिंग्या मुस्लिमों के लिए उठाया ये बड़ा कदम , कांग्रेस और बसपा पार्टी हुए एक जुट

रोहिंग्याओ पर हो रहे अत्याचार को लेकर दुनिया में हर तरफ चर्चा हो रही है, तमाम मुस्लीमो देश रोहिंग्याओ की मदद में जुड़े है. भारत में भी जगह जगह प्रदर्शन किये जा रहे है, जहाँ लोग इस मुद्दे पर भारत की राय जानना चाह रहे थे वहीं दूसरी तरफ भारत ने ऐसा कदम उठाया जिसे देखकर लोग हैरान रह गये,

There is a discussion in the world about the atrocities on Rohingya, all the Muslim countries are involved in the help of Rohingya. There is also a place in place in India, where people were seeking to know India’s opinion on this issue, on the other hand, India took such a step which people were surprised to see,

आपको बता दें भारत की तरफ से इस मुद्दे पर कोई प्रक्रिया देखने को नही मिली है लेकिन गुरुवार को भारत ने  ऑपरेशन इंसानियत के नाम से एक ऐसा कदम उठाया जिसकी हर तरफ हो रही ही चर्चाये ! भारत ने बंगलादेश में म्यामार से आये रोहिंग्या शर्णार्थियो के लिए 53 टन रहत सामग्री भेजी है, बीपी न्यूज़ के अनुसार भारत ने मदद करने का फैंसला किया और पहली रहत सामग्री भी भेज दी है,

Let us tell you that no action has been taken on behalf of India, but on Thursday, India took a step in the name of Operation Humanity, which is being discussed on every side! India has sent 53 tonnes of material for Rohingya refugees from Myanmar in Bangladesh, according to BP news, India has fenced to help and sent the first stamped material,

राहत सामग्री में चावल दाल, चीनी,नमक,तेल,चाय,बिस्किट,मच्छरदानी जैसी आवश्यक चीजे मौजूद थी,

The relief material was essential in the form of rice dal, sugar, salt, oil, tea, biscuits, mosquito nets,

दुतावास ने ट्वीट कर बताया है “भारत ने ऑपरेशन इंसानियत हाई कमीशन के तहत बांग्लादेश को मानवीय सहायता की फल खेप सौपी”

Dushavas tweeted “India has handed over the fruits of humanitarian aid to Bangladesh under the Operation Humanitarian High Commission”

आपको बतादें कि पहली खेप 53 टन की सौपी गयी है, सुषमा स्वराज के तहत ये रहत्र सामग्री भेजी गयी, भारत बांग्लादेश को 7000 टन राहत सामग्री भेजेगा,

Please tell you that the first ship has been handed over 53 tonnes, this sine material was sent under Sushma Swaraj, India will send 7000 tonnes of relief material to Bangladesh,

मोदी सरकार पर बना रहे विरोधी दवाब    

आपको बता दें कि रोहिंग्या मुस्लिमो को लेकर मोदी सरकार पर बहुत दवाब बनाया गया है कि वो रोहिंग्या को भारत में आने दे, जिसके कारण कई वाम्पंथी पत्रकार कांग्रेस पार्टी, मायावती, लालू सब एक साथ रोहिंग्याओ के समर्थक में उतर आये है,

Modi’s anti-government pressures

Let me tell you that there has been a lot of pressure on the Modi government regarding Rohingya Muslims, that they allow Rohingya to come to India, due to which many Pampanti journalist Congress Party, Mayawati, and Lalu have come together in support of Rohingya,

यही नही बंगाल के सीएम ममता ने तो ये तक कह दिया है कि रोहिंग्या मुसलमानों को बंगाल में वे तहे दिल से स्वागत करती है, इससे पहले अवैध बांग्लादेशी को वह सफलतापूर्वक घुसवा चुकी है , सबके आधार और वोटर आईडी कार्ड भी है,

Not only this, the CM of West Bengal, Mamta has betrayed Rohingya Muslims in West Bengal with full heart, before that she has successfully entered the Bangladeshi Bangladeshi successfully, there is also the basis and voter ID card of all,

इसके साथ अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग कर अध्यक्ष जैद बिन राद अल हुसैन भी भारत को हिदायत दे चुक्के है की रोहिंग्या की मदद करिये ,जिसके दवाब भी मोदी सरकार मानवाधिकार को सख्त लहजे में बता चुकी है कि रोहिंग्या देश के लिए आतंकी खतरा है, किनका कई आतंकवादी संगठन इस्तेमाल कर रहे है,

With this, the International Human Rights Commission, the President, Jed Bin Rad al-Hussein, has also instructed India to help Rohingya, the pressure of which Modi Government has conveyed to the human rights violation is that Rohingya is a terrorist threat to the country, many of whom are terrorists The organization is using,

जयपुर में फैलाया गया था दंगा          

इससे पहले अभी कुछ दिन पहले ही जयपुर में जो दंगा भड़काया गया उसमे भी रोहिन्य ही शामिल थे,4 क्षेत्रो में कर्फु लगाना पडा था, 4 पुलिस वाहन फूंक दिए, एम्बुलेंस जला दी गयी, पॉवर हाउस में आग लगाई गयी,’

Riot was spread in Jaipur

Earlier, just a few days earlier, the riot that was thrown in Jaipur was also involved in Rohini, 4 areas had to be set up, four police vehicles were burnt, ambulance burnt, powerhouse fire,

आपको बता दें कि मोदी सरकार पहले ही ये एडवाइज जारी कर चुकी है जिसके साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट में भी हवाला दे चुकी है की रोहिंग्या मुस्लिम देश के लिए बहुत बड़ा आतंकी खतरा है, जिसके लिए सभी राज्य को ये आदेश दिए जा चुके है कि सभी अवैध रोहिंग्या को देश से बाहर निकल दुया जाये, साथ ही बॉर्डर को आधुनिक लेजर कैमरों की मदद से सिलकरवा दिया गया

Let me tell you that the Modi government has already issued this advice, along with which the Supreme Court has also mentioned that Rohingya is a great terrorist threat to the Muslim country, for which all the states have been ordered to All illegal Rohingya should be taken out of the country, along with the help of modern laser cameras bordered.