अभी अभी :भारत ने कर दिखाया वो कारनामा हिला दिए चीन समेत जापान की जड़े विपक्ष समेत कांग्रेस के उड़े होश

नई दिल्ली : भारत तेज़ी से हर सूचि में अपना कद बढ़ता जा रहा है, अभी 2018 के शरुआत में अर्थव्यस्था के मामले में चीन को पछाड़ते हुए दुनिया की सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था भारत बना, उससे पहले सबसे ज़्यादा FDI पाने वाला भारत पहला देश बना.

New Delhi: India is growing rapidly in every index; Now, in the beginning of 2018, in the case of economy, chasing China, India becomes the fastest growing economy, before India becomes the first FDI recipient. Make the country

तो अभी पर्यटन सूचि में रूस, जर्मनी को पछाड़ते हुए दुनिया में तीसरा देश बना. तो वहीँ अब एक बार फिर से अब जापान को पछाड़ते हुए भारत ने नया मुकाम हासिल किया है जिसे देख आप भी गर्व महसूस करेंगे.

So, now in the tourism index, Russia, Germany, becoming the third country in the world. So, now, once again, India has achieved a new status, which, after retreating Japan, you will also feel proud.

जापान को पछाड़कर भारत बना दूसरा सबसे बड़ा स्टील निर्माता
अभी मिल रही ताज़ा खबर के मुताबिक आपको जानकार गर्व होगा कि जापान जैसे शक्तिशाली देश को पछाड़ते हुए भारत स्टेनलेस स्टील का उत्पादन करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है, हालाँकि इस सूचि में अभी चीन पहले पायदान पर है.

Second largest steel maker making India by overtaking Japan
According to the latest news available now, you will be proud to know that India is the second largest producer of stainless steel, while retreating a powerful country like Japan, although China is on the top of the list.

फरवरी में 3.4% की बढ़ोतरी के साथ भारत का स्टील उत्पादन 8.4 मिलियन टन पर पहुंच गया, जबकि जापान के स्टील उत्पादन में 0.5% की गिरावट दर्ज की गई. फरवरी में जापान का स्टील उत्पादन 8.2 मिलियन टन रहा. जापान में 2017 में 104.7 मिलियन टन स्टील का उत्पादन हुआ, जबकि भारत में 101.4 मिलियन टन का.

With an increase of 3.4% in February, India’s steel production reached 8.4 million tonnes, while Japan’s steel production declined 0.5%. Japan’s steel production in February was 8.2 million tonnes. In Japan, 104.7 million tonnes of steel was produced in 2017, while in India 101.4 million tonnes.

पिछले कुछ समय में भारत और जापान के बीच स्टील उत्पादन को लेकर जो अंतर था वह काफी कम हो गया है। इससे 2018 में भारत के स्टील उत्पादन में दूसरे स्थान पर आने की संभावना प्रबल हो गई है. इसी गति से भारत तरक्की करता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब भारत चीन को भी पछाड़ देगा. भारत की अर्थव्यस्था चीन की अर्थव्यवस्था से कहीं ज़्यादा आगे है.

In the last few years, the difference between steel and steel between India and Japan has reduced considerably. This has made the prospect of coming second in India’s steel production in 2018. If India continues to grow at this pace, then that day is not far when India will beat China too. India’s economy is far ahead of China’s economy.

रचा इतिहास तीन अंकों में पंहुचा भारत का उत्पादन

2016 में भारत और जापान के बीच में बहुत ज़्यादा अंतर था लेकिन फिर तेज़ी से भारत ने प्रगति करी. जिसके बाद इतिहास में पहली बार भारत ने तीन अंकों में अपने उत्पादन को ला कर खड़ा कर दिया है. ये पहली बार है की भारत ने साल 2017 में 101.4 मिलियन टन तक का विशाल उत्पादन किया.

Production of three-point production of India

There was a huge gap between India and Japan in 2016, but then India progressed rapidly. After that, for the first time in history, India has brought its output in three points. This is the first time that India produced a huge production of 101.4 million tonnes in 2017.

इससे पहले साल 2015 में भारत ने अमेरिका को पछाड़ते हुए चौथे स्थान से तीसरे स्थान पर छलांग लागई थी. लेकिन दुनिया के कई जानकारों के लिए ये बेहद आश्चर्य की बात है कि जापान जैसा इतना शक्तिशाली संपन्न देश का लगातार साल दर साल उत्पादन गिर रहा है जबकि वहीँ भारत का 2014 के बाद से साल दर साल उत्पादन हैरतअंगेज़ तरीके से बढ़ता ही जा रहा है.

Earlier in the year 2015, India had leapfrogged the US to fourth place from fourth place. But for many experts in the world, it is astonishingly surprising that such a prosperous country like Japan is producing year after year, while India’s production year after year has been growing steadily.

इसके बाद अब मोदी सरकार ने अगला लक्ष्य सीधा 128 मिलियन टन से 300 मिलियन टन के आंकड़े को छूने को रखा है.

यूपीए सरकार के अंतिम तीन सालों की अर्थव्यवस्था की गति पर गौर करें तो ये 2011-12 में 6.7, 2012-13 में 4.5 और 2013-14 में 4.7 प्रतिशत थी. वहीं बीते तीन साल के मोदी सरकार के कार्यकाल पर गौर करें तो 2014-15 में 7.2, 2015-16 में 7.6 थी, वहीं 2016-17 में 7.1 है। जाहिर है बीते तीन सालों में जीडीपी ग्रोथ रेट 7 से ज्यादा रही है। जबकि यूपीए के अंतिम तीन सालों के औसत जीडीपी ग्रोथ रेट 5.3 ही रही है

After this, the Modi Government has now put the next target directly touching 128 million tonnes to 300 million tonnes of data.

Considering the speed of the economy of the last three years of the UPA government, it was 6.7 in 2011-12, 4.5 in 2012-13 and 4.7 percent in 2013-14. At the same time, look at the tenure of the last three years of Modi government, 7.2 in 2014-15 was 7.6 in 2015-16, and 7.1 in the year 2016-17. Clearly, in the last three years, the GDP growth rate is more than 7. While the average GDP growth rate of the last three years of UPA has been 5.3

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https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

https://youtu.be/hsfxfSRtdUs

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अब तक ये सबसे बड़ी भविष्‍यवाणी 18 महीने में इतने राज्‍यों के चुनाव हारेगी कांग्रेस ?

देश की राजनीति में कांग्रेस पार्टी के लिए राह बेहद मुश्किल हो चली हैं , ना उसे आगे की बात सूझ रही है ना पीछे की , अब राजनीति के गलियारों में जो भविष्‍यवाणी जानकारों और पंडितों द्वारा की जा रही है वो कांग्रेस के हितेशियों के लिए बेहद डराने वाली है।

n the politics of the country, the road to the Congress party has become extremely difficult, nor is it going to suggest the next thing, nor is it in the corridors of politics, which is being done by the experts and scholars to scare too much for the Congress Is supposed to be

असल में , आने वाले 18 महीने में देश के कुल सात राज्‍यों में विधानसभा और लोकसभा के उप चुनाव होने हैं और इनमे भाजपा का पलड़ा काफ़ी भारी दिख रहा है और इन विधानसभा चुनावों से पहले ही कांग्रेस पार्टी की हालत खराब होती जा रही है। उसका चेहरा जनता के सामने बेनकाब होता जा रहा है। पार्टी ऐसा कुछ भी नहीं कर पा रही है जिसे देख कर ये कहा जा सके कि वो बीजेपी और PM मोदी को टक्‍कर दे पाएगी , टक्कर तो दूर की बात पार्टी अपने लोगों को ही सम्भाल नहीं पा रही है ।

Actually, in the coming 18 months, the sub-elections of assembly and Lok Sabha are to be held in seven states of the country and in this, the BJP is showing a lot of strength and the Congress party’s condition is getting worse before these assembly elections. His face is being exposed in front of the public. The party is not able to do anything that can be seen seeing that it will be able to give a chance to BJP and PM Modi. The party is not able to handle its own people.

ज्‍यादातर जानकारों का कहना है कि इसमें कोई गुंजाइश नहीं है कि 2019 का चुनाव बीजेपी के पाले में जाएगा और सात राज्‍यों में होने वाले विधान सभा चुनावों में भी जीत भाजपा की ही होगी। सात राज्‍यों में से 6 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं , जबकि इसके साथ ही, पंजाब में एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव और 4 नगर निगमों के लिए चुनाव होने हैं। बता दें कि इस साल के अंत में हिमाचल प्रदेश और गुजरात विधानसभा का चुनाव होगा । जबकि अगले साल कर्नाटक, राजस्‍थान, मध्‍यप्रदेश और छत्‍तीसगढ़ में चुनाव होने हैं , हर जगह कांग्रेस पार्टी दुविधा में है ।

Most experts say that there is no scope for the 2019 elections to go to the BJP’s lap and the victory of assembly in seven states will also be the victory of the BJP. In six of the seven states, assembly elections are going to be held, while in Punjab, there will be elections for a bypoll in the Lok Sabha and four municipal corporations in Punjab. Let us know that the elections of Himachal Pradesh and Gujarat Assembly will be held later this year. While elections are going to be held in Karnataka, Rajasthan, Madhya Pradesh and Chhattisgarh next year, the Congress party is in dilemma everywhere.

सात राज्‍यों की स्थिति
सबसे पहले PM मोदी के गृहनगर गुजरात से शुरू करते हैं , वहाँ की बात करें तो विधानसभा चुनाव से पहले ही कांग्रेस के सबसे वरिष्‍ठ नेता शंकर सिंह वाघेला बगावत कर चुके हैं और कांग्रेस पार्टी यहां पर टूट चुकी है। गुजरात की हालत ये है कि कांग्रेस पार्टी के सबसे मजबूत नेता अहमद पटेल का राज्‍यसभा पहुंचना मुश्किल हो गया है।

Status of seven states
First, Modi’s hometown starts from Gujarat, talk about it, even before the assembly elections, Congress senior leader Shankar Singh Vaghela has rebelled and the Congress party has broken up here. The condition of Gujarat is that the Congress party’s strongest leader Ahmed Patel has become difficult to reach the Rajya Sabha.

अब बात करते हैं हिमाचल प्रदेश की जहाँ इस वक्‍त कांग्रेस की सरकार है । वीरभद्र सिहं हिमाचल प्रदेश के मुख्‍यमंत्री हैं लेकिन ख़ुद वीरभद्र सिंह लंबे समय से भ्रष्‍टाचार के आरोप में घिरे हुए हैं। उन पर आय से अधिक संपत्ति का मामला चल रहा है। लोगों का कहना है कि हिमाचल प्रदेश की जनता कांग्रेस के इस कथित भ्रष्‍टाचार से अब ऊब चुकी है , इसके अलावा वीरभद्र के ख़ुद के इलाक़े में एक बालिका गुड़िया के साथ हुए जघन्य बलात्कार के अपराध के बाद कांग्रेस की स्थिति वहाँ बेहद पतली है, लोगों का तो ये भी कहना है कि जनता इस क़दर ग़ुस्से में है कि पहली बार वीरभद्र ख़ुद हार जाएँ तो आश्चर्य की बात नहीं होगी।

Status of seven states
First, Modi’s hometown starts from Gujarat, talk about it, even before the assembly elections, Congress senior leader Shankar Singh Vaghela has rebelled and the Congress party has broken up here. The condition of Gujarat is that the Congress party’s strongest leader Ahmed Patel has become difficult to reach the Rajya Sabha.

दूसरा राज्य जहाँ कांग्रेस सत्ता में है वो है कर्नाटक , वहाँ भी कांग्रेस की स्थिति बहुत अच्‍छी नहीं है।सिद्धारमैया की सरकार में तमाम ऐसे कांड सामने आ चुके हैं। जिससे लोगों का सिर शर्म से झुक चुका है। उधर बाक़ी जगह की बात की जाए तो मध्‍य प्रदेश, राजस्‍थान और छत्‍तीसगढ़ तीनों ही जगहों पर भारतीय जनता पार्टी का कब्‍जा और दबदबा है लेकिन राजस्थान में भाजपा के ख़िलाफ़ काफ़ी असंतोष की ख़बरें सामने आ रही हैं , कांग्रेस के लिए मध्‍यप्रदेश से शिवराज सिंह चौहान को हिलाना मुश्किल है। छतीसगढ़ में कांग्रेस कुछ बढ़त हासिल कर सकती है लेकिन भाजपा से कुर्सी छीन लेने की स्थिति में नहीं दिखती। और ना ही कोई ऐसा नेता है जिसे देखकर ये कहा जा सके कि वो बीजेपी को टक्‍कर दे पाएगा।

The second state where the Congress is in power is Karnataka, the situation of the Congress is not very good. All such cases have come out in the government of Siddaramaiah. As a result, the head of people has bowed down with shame. If you talk about the rest of the place, then Madhya Pradesh, Rajasthan and Chhattisgarh are the occupation and dominance of the Bharatiya Janata Party. But there are reports of dissatisfaction against the BJP in Rajasthan, Shivraj Singh Chauhan from Madhya Pradesh It is difficult to move In Chhattisgarh the Congress can gain some advantage but the BJP is not in a position to take the chair. Nor is there any leader who can be seen seeing that he will be able to fight the BJP.

ऐसे में राजनैतिक पंडितों का तो यही कहना है कि सात राज्‍यों के सेमीफाइनल को बीजेपी ने चुनाव से पहले ही जीत लिया है और कांग्रेस की हालत बेहद पतली है

In such a case, political pundits say that the BJP has won the semi-final of seven states before the elections and the condition of the Congress is very thin.

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https://youtu.be/1YmeDP0wOXs

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बड़ी खबर: PNB महाघोटाले में इस कांग्रेस नेता का नाम आया सामने देश की राजनितिक में जबरदस्त खलबली

पहले जमकर भ्रष्टाचार करो, देश को लूटो और बाद में मीडिया की मिलीभगत से सारा इल्जाम दूसरों पर थोप दो”, कांग्रेस के लिए ये अब आम बात सी बन गयी है. विजय माल्या को अवैध तरीके से लोन कांग्रेस राज में दिए गए, कोंग्रेसी दामाद रोबर्ट वाड्रा ने जमीन घोटाले कांग्रेस राज में किये, पीएनबी का महाघोटाला भी कांग्रेस राज में ही हुआ, मगर अब कांग्रेस ने सारा आरोप मोदी सरकार के मत्थे मढ़ दिया है.

First, get rid of corruption, loot the country and later impose all charges against others on the collusion of the media “, it has now become a common matter for the Congress. Vijay Mallya was illegally given loan in Congress rule, Congressman son-in-law Robert Vadra made land scam in Congress rule, PNB’s Maha Ghotla was also done in Congress rule, but now the Congress has blamed the Modi government’s statement.

केजरीवाल, कांग्रेस ने मोदी सरकार पर लगाए आरोप
हालांकि दरबारी पत्रकारों की पूरी कोशिश थी कि पूरे मामले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सर मढ़ दिया जाए, मगर सोशल मीडिया के सहारे खबर बाहर आ ही गयी कि दरअसल पीएनबी में ये महाघोटाला भी उसी वक़्त हुआ था, जब देश में कांग्रेस की सरकार थी.

Kejriwal, Congress accuse Modi government
Although the press was a complete effort of journalists that the entire matter should be handed over to Prime Minister Narendra Modi, but the news came out with the help of social media that in fact, this MahaGotala in PNB was also at the same time when there was a Congress government in the country.

पीएनबी में ‘महाघोटाले’ को लेकर आम आदमी पार्टी सरगना और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार को घेरा लिया है. केजरीवाल ने एक ट्वीट को रीट्वीट करते हुए बीजेपी सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया है. केजरीवाल ने लगे हाथ विजय माल्या के फरार होने का प्रकरण भी उठाया है और इन दोनों का ठीकरा मोदी सरकार के माथे पर फोड़ा है.

Aam Aadmi Party leader and Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal has encroached the Modi government on ‘Maha Ghotala’ in PNB. Kejriwal has accused the BJP government of ignoring the tweet and ignoring it. Kejriwal has also taken up the case of the absconding Vijay Mallya’s absconding, and both of them are blamed on the forehead of the Modi Government.

उलटा चोर, कोतवाल को डांटे
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी घोटाले के साथ मोदी सरकार को जोड़ते हुए #ModiScam से ट्वीट किया है. जबकि सच तो ये है कि मामले के सामने आने से पहले ही नीरव मोदी देश छोड़कर भाग चुका था. घपला तब हुआ था, जब कांग्रेस सरकार देश की सत्ता पर काबिज थी और हिन्दुओं को आतंकवादी घोषित करने के लिए साजिशों में जुटी हुई थी.

Inverted thief, scolded Kotwal
Senior Congress leader Randeep Surjewala also tweeted with the #ModiScam linking the Modi government with the scam. While it is true that even before the matter came to light, Nirav Modi had fled the country. The scandal came when the Congress government was occupying power of the country and was engaged in conspiracies to declare Hindus as terrorists.

कोंग्रेसी दामाद रोबर्ट वाड्रा मिलीभगत करके औने-पौने दामों पर किसानों की जमीन खरीदकर उससे अरबों कमा रहे थे. कोंग्रेसी नेता हेलीकॉप्टर घोटाले में व्यस्त थे. अब जब मामला खुल रहा है तो इन नेताओं को शर्म तक नहीं आ रही और उलटा चोर ही कोतवाल को डांट रहा है.

Congressman son-in-law Robert Vadra was earning billions of rupees by buying farmers’ land at an average price of three and a half times. Congress leaders were busy in the helicopter scam. Now, when the matter is open, these leaders are not coming to shame and the upside thief is scolding Kotwal.

नीरव मोदी के खिलाफ सख्त एक्शन
पब्लिक सेक्टर के बड़े बैंक पीएनबी में करीब 11,300 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े की बात सामने आयी है. इस महाघोटाले का मुख्य आरोपी हीरा कारोबारी नीरव मोदी को बताया जा रहा है. मामला सामने आते ही मोदी सरकार ने फ़ौरन एक्शन लिया और ईडी ने नीरव मोदी के ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है.

Hard Action against Neerav Modi
In the public sector’s big bank PNB, the matter of fraud worth Rs 11,300 crore has come up. Diamond trader Neerav Modi, the main accused of this big trunk, is being told. As soon as the matter came to light, the Modi government immediately took action and the ED has started raids on the locations of Nirav Modi.

मगर अब इस घोटाले की खबर ने राजनीतिक रंग लेना भी शुरू कर दिया है. इसी संदर्भ में केजरीवाल और सुरजेवाला का ट्विटर अटैक सामने आया है. इस हमले की शुरुआत दिल्ली को मूर्ख बनाकर वोट हथियाने वाले अरविंद केजरीवाल की तरफ से हुई है, जिसके अपने 20 विधायकों को चुनाव आयोग द्वारा अयोग्य करार दिया जा चुका है.

But now the news of the scandal has started to take political color. In this context, Kejriwal and Surjewala’s Twitter attack came out. The beginning of this attack has been made foolish by Arvind Kejariwal, who has voted for Delhi, whose 20 MLAs have been disqualified by the Election Commission.

सुरजेवाला ने ट्वीट में सवाल उठाए हैं कि क्या ललित मोदी और विजय माल्या की तरह ही किसी ने सरकार के भीतर से नीरव मोदी को भागने में मदद की? सुरजेवाला ने पूछा है कि क्या यह नियम बन गया है कि पब्लिक का पैसा लेकर लोगों को भागने दिया जाएगा? कौन दोषी है? कांग्रेस इस मुद्दे पर दोपहर 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करने वाली है.

Surjevala has questioned in the tweet whether anybody like Neelvard Modi and Vijay Mallya helped Nirav Modi escape from within the government? Surjewala has asked if it has become a rule that people will be allowed to run away with public money? Who is guilty? The Congress is going to have a press conference at 2 pm on this issue.

कांग्रेस के चाल-चरित्र पर ज़रा नज़र डालिये तो पता चलता है कि ये पार्टी किस हद तक गिर चुकी है. कोयले, 2जी से लेकर हेलीकॉप्टर घोटाले तक करने वाली कांग्रेस सरकार ने आपसी मिलीभगत के चलते भ्रष्टाचारी कारोबारियों को गलत तरीके से लोन दिलवा दिए. खुद सोनिया-राहुल भी भ्रष्टाचार के केस में जमानत पर बाहर हैं. मगर अब मोदी सरकार जब कार्रवाई कर रही है तो अपने पापों का दोष भी ये मोदी सरकार पर मढ़ने से बाज नहीं आ रहे.

Take a closer look at the trick-character of Congress, then it is known to what extent this party has fallen. The Congress government, which has been able to get coal from 2G to helicopter scam, has given wrongful loans to corrupt businessmen due to mutual collusion. Sonia herself and Rahul are also out on bail in corruption cases. But now when the Modi government is taking action, it is not possible to blame the sins of our sins on this Modi government.

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PM मोदी का सबसे बड़ा तोहफा, पेट्रोल-डीजल पर आयी इस रिपोर्ट को पढ़कर जनता में वाह वाह-कांग्रेस के निकले आंसू…

मुस्लिम देशों की हिल जाएँगी नींव
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अब भारत को उस दिशा की ओर बढ़ने के आदेश दे दिए हैं जहाँ अभी तक कई देश सोच भी नहीं सकते हैं. आपको बता दें भारत सबसे ज़्यादा पेट्रोल का आयात करने वाला देश है. जिसके लिए कई अरबों डॉलर की कीमत भारत मुस्लिम देशों जैसे सऊदी, ईरान इराक,दुबई, क़तर को चुकाता है. जिन पैसों का इस्तेमाल आज ये मुस्लिम देश तेल के अकेले दम पर आतंकवादी संगठनों को हथियार खरीदने में मुहैया करते हैं.

Foundation will move to Muslim countries
Union Road Transport Minister Nitin Gadkari has now ordered India to move towards that direction where so many countries can not even think. Let us tell you India is the nation to import petrol. For which billions of dollars worth of rupees repay to India Muslim countries like Saudi, Iran, Iraq, Dubai, Qatar. The money used by these Muslim countries today is to provide weapons to the terrorist organizations on the basis of oil alone.

मोदी सरकार ने दे दी है अंतिम चेतावनी
इस समस्या का इलाज अब मोदी सरकार ने ढूंढ निकाला है. मोदी सरकार ने देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के प्रयास में जी जान से लग गयी है. जिसमें अभी-अभी नितिन गडकरी ने सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के एक कार्यक्रम में ऑटो कंपनियों के प्रतिनिधियों को सख्त लहज़े में चेतावनी देते हुए कहा है कि “हमें पेट्रोल-डीजल को छोड़कर स्वच्छ ईंधन की तरफ बढ़ना होगा. और मैं ये कर के रहूंगा. आप लोगों को यह पसंद आए चाहे न आए. मैं आप लोगों को पूछूंगा नहीं, बल्क‍ि सीधे फैसला ले लूंगा.”

Modi government has given the final warning
The Modi government has now been cured by this problem. The Modi government has been alive in an effort to promote electric vehicles in the country. In which Nitin Gadkari has just warned the representatives of auto companies in a program of Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM), saying that “we have to move from petrol-diesel to clean fuel.” And I will continue to do this. Do not you like people you like it I will not ask you people, but rather I will make a decision. ”

गडकरी ने कार कंपनियों के प्रतिनिधियों से साफ कहा कि वह पेट्रोल और डीजल की कारों को अब कम करने के लिए कड़े कदम उठाएंगे. उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि कार कंपनियों को अब इलेक्ट्र‍िक वाहन बनाने पर फोकस करना चाहिए. गडकरी ने कहा कि जो कार कंपनियां इस मिशन में सरकार के साथ होंगी, वे फायदे में रहेंगी. लेकिन जो सिर्फ पैसे कमाने के चक्कर में पेट्रोल-डीजल कार पर ही अटके रहेंगे, तो उनके लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है.

Gadkari has clearly told representatives of car companies that he will take stern steps to reduce petrol and diesel cars now. He has warned that car companies should now focus on making electric vehicles. Gadkari said that the car companies that will be with the government in this mission will be in the benefits. But those who are stuck on the petrol and diesel car in the pursuit of earning money, they may have trouble for them.

आपको बता दें आज आज मोदी सरकार मेक इन इंडिया के तहत सौर ऊर्जा पर पूरा ज़ोर दे रही है. तेल के कुंए आज नहीं तो कल इन मुस्लिम देशों के पास ख़त्म होने वाले हैं जिससे पूरे विश्व को तगड़ा झटका लगेगा लेकिन भारत अगर अभी से सचेत हो जाए और बिजली से चलने वाले वाहनों पर ज़ोर दे तो जहाँ सारे देश मुसीबत में होंगे वहां भारत चैन की नींद ले रहा होगा.

Let me tell you today, today the Modi Government is giving full emphasis on solar power under Make in India. Oil wells are not going to end today if they are going to be close to these Muslim countries, which will cause a complete blow to the entire world, but if India becomes alert now and insists on electric-powered vehicles, where all the countries will be in trouble, India will Would have been sleeping.

मिशन 2030 से पहले पूरा कर लेंगे सपना, जल्द लाएगी पालिसी
इसके लिए मोदी सरकार ने मिशन 2030 की योजना तैयार करि है जिसके तहत भारत की सड़कों पर सिर्फ इलेक्ट्र‍िक कारें ही होंगी. जिससे बढ़ते प्रदुषण की समस्या से भी निजात मिलेगी. इसके लिए मोदी सरकार जल्द ऐसी पालिसी लाएगी जिससे सभी कार कंपनियों को अब सिर्फ बिजली की कारों का ही उत्पादन करना होगा. ऐसे में कार कंपनियों ने भी इलेक्ट्रिक कारों को लाने को लेकर काम तेज़ी से करना शुरू कर दिया है.

Mission will complete before 2030, soon bring policy
For this, Modi Government has prepared a plan of Mission 2030 under which only electric cars will be on India’s roads. This will also get rid of the problem of increasing pollution. For this, Modi Government will soon bring a policy so that all car companies will now have to produce only electric cars. In this case, car companies have started working fast enough to bring electric cars.

आज सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बहुत तेज़ी से भारत में बढ़ रहा है, सिर्फ मेट्रो स्टेशन में ही नहीं भारतीय रेलवे में भी अब सोलर पेनल्स का इस्तेमाल हो रहा है . जिससे लाखों रुपयों की बचत हो रही है. तो वहीं दिल्ली जैसे बड़े शहरों में अब मेट्रो स्टेशन के बाहर बिजली से चलने वाले ऑटो का चलन बहुत तेज़ी से बढ़ गया है. तो वहीँ बिजली के दो पहिया वाहन का भी आम जनता ने इस्तेमाल में लाना शुरू कर दिया है.

Today the use of solar power is increasing rapidly in India, not only in the metro station but also in the Indian Railways, solar panels are also being used. Saving millions of rupees. So in the big cities like Delhi, now the speed of electricity running out of the metro station has increased very rapidly. So the same general electric vehicle has started using the two wheelers.

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हाईकोर्ट में हुआ मनमोहन सिंह और कांग्रेस की ऐसी खौफनाक साजिश का पर्दाफ़ाश, दंग रह गया पूरा देश !

नई दिल्ली : देश की सुरक्षा को खतरे में डालने और अपने वोट बैंक के तुष्टिकरण करने के लिए कांग्रेस सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी. 2004 में सत्ता में आते ही कांग्रेस ने सबसे पहला काम जो किया, वो था POTA क़ानून को हटाने का, जिसे बीजेपी ने पास किया था जब अटल बिहारी वाजपेयी पीएम थे. इस क़ानून के जरिये जांच एजेंसियां उन लोगों को गिरफ्तार करके पूछताछ कर सकती थीं, जिनपर आतंकी घटनाओं से जुड़े होने का शक होता था. मगर अपने वोटबैंक को और इशरत जहाँ व् यासीन भटकल जैसे आतंकियों को बचाने के लिए कांग्रेस ने सत्ता में आते ही इस क़ानून को हटा दिया था |

New Delhi: The Congress government has left no stone unturned to threaten the country’s security and appease its vote bank. The first thing Congress did when it came to power in 2004 was the removal of the POTA law, which the BJP had passed when Atal Bihari Vajpayee was PM. Through this law the investigating agencies could arrest and interrogate those people who were suspected to be involved in terrorist incidents. But to save the terrorists like their vote bank and Ishrat Jahin and Bhatkal, the Congress had removed this law when it came to power.

मगर अब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लेकर एक और बेहद सनसनीखेज खुलासा हुआ है. मनमोहन सिंह ने जामा मस्जिद के शाही इमाम बुखारी को अक्टूबर 2004 में निजी तौर पर पत्र लिखकर भरोसा दिलाया था कि जामा मस्जिद को संरक्षित स्मारक का दर्जा नहीं दिया जाएगा | आज दिल्ली हाई कोर्ट ने इस केस को उठाते हुए मनमोहन सिंह के उस फैसले पर सवाल उठाया है कि आखिर क्यों उन्होंने शाही इमाम से ऐसा वादा किया. इस पूरी खबर को पढियेगा जरूर, आप हैरान रह जाएंगे. मनमोहन सिंह का वो फैसला अब जांच के दायरे में आ गया है और कोर्ट ने पूछा है कि आखिर ऐसा वादा करने के पीछे मनमोहन सिंह का मकसद क्या था?

But now another very sensational disclosure has happened about former Prime Minister Manmohan Singh. Manmohan Singh had personally written a letter to the Imam Bukhari of Jama Masjid in October 2004 and assured that the Jama Masjid would not be given the status of a protected monument. Today, the Delhi High Court has raised the question of Manmohan Singh’s decision, raising the case, why he made such a promise to the Imam Imam. Of course, you will be surprised at this whole news. The decision of Manmohan Singh has now come under the purview of the investigation and the court has asked, what was the motive behind Manmohan Singh’s promise to make such a promise?

क्या है सारा मामला ?
दरअसल सुहैल अहमद खान नाम के एक व्यक्ति ने हाई कोर्ट में एक पीआईएल दाखिल की थी. पीआईएल में मांग की गई थी कि जामा मस्जिद को संरक्षित स्मारक घोषित किया जाए और उसके अंदर व् आसपास किये गए अतिक्रमण को हटाया जाए. पिछले साल नवंबर में सुहैल अहमद खान ने शाही इमाम के बेटे की दस्तारबंदी को चुनौती देते हुए भी एक पीआईएल दाखिल की थी और मस्जिद के मैनेजमेंट की सीबीआई जांच की मांग की थी | इसी पीआईएल पर सुनवाई के दौरान भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने हाई कोर्ट को ‘मनमोहन काल’ की एक चिट्ठी सौंपी है. इस चिट्ठी में खुलासा किया गया है कि 10 साल सत्ता में रहने के बावजूद यूपीए सरकार जामा मस्जि‍द को संरक्षि‍त स्मारक का दर्जा इसलिए नहीं दे सकी क्योंकि खुद प्रधानमंत्री ने ही शाही इमाम को ऐसा ना करने का वादा किया था |

What is the whole matter?
In fact, a person named Suhail Ahmad Khan filed a PIL in the High Court. PIL was demanded that the Jama Masjid be declared a protected monument and the encroachment surrounding it and the surrounding areas should be removed. In November last year, Suhail Ahmad Khan had also filed a PIL challenging the royal imam’s son and demanded a CBI inquiry into the management of the mosque. During the hearing on this PIL, the Archaeological Survey of India has handed over a letter to the High Court ‘Manmohan Kal’. In this letter, it has been disclosed that despite being in power for 10 years, the UPA Government could not provide the Jama Masjid as a protected monument because itself the Prime Minister had promised to not do the same to Imam Imam.

क्या लिखा है पत्र में ?
सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि मनमोहन सिंह ने यह पत्र 20 अक्टूबर 2004 को लिखा था. यानी प्रधानमंत्री बनने के ठीक बाद. पीएम ने चिट्ठी में लिखा था कि उन्होंने संस्कृति मंत्रालय और एएसआई को निर्देश दे दिया है कि वे मरम्मत का काम तय वक्त में पूरा कर दें. इस मरम्मत का अनुरोध इमाम ने 10 अगस्त 2004 के लेटर में किया था. पीएम ने उन्हें लेटर में यह भी बताया था कि मंत्रालय ने तय किया है कि जामा मस्जिद को संरक्षित स्मारक घोषित नहीं किया जाएगा | हैरानी की बात है कि जामा मस्जिद एक संरक्षित स्मारक नहीं है लेकिन इसके बावजूद 1956 से भारत सरकार लगातार इसके रख-रखाव का काम अपने खर्च पर करती आ रही है. यानि जनता के टैक्स का पैसा एक धर्म की इबादत स्थल के रख-रखाव में खर्च होता रहा है, जोकि पूरी तरह से गैर-कानूनी है. जामा मस्जिद की इमारत पर शाही इमाम और वक्फ बोर्ड अपना दावा ठोकते आये हैं लेकिन इसके रख-रखाव का पैसा अपनी जेब से नहीं भरते बल्कि भारत के संस्कृति मंत्रालय से लेते हैं. अरे ये लोग तो बिजली का बिल तक जमा नहीं करते और हर जगह एयर कंडीशनिंग आपको दिख जायेगी |

What is written in the letter?
The most interesting thing is that Manmohan Singh wrote this letter on October 20, 2004. That is, immediately after becoming the Prime Minister. The PM wrote in the letter that he has instructed the Ministry of Culture and ASI to complete the repair work in due time. This repair was requested by Imam on August 10, 2004. The PM had also told him in the letter that the ministry has decided that the Jama Masjid will not be declared a protected monument. Surprisingly, the Jama Masjid is not a protected monument but in spite of this, since 1956, the Indian government has been continuously doing its maintenance work at its expense. That is, the public tax has been spent in the maintenance of the place of worship of a religion, which is totally illegal. Imperial Imams and Waqf boards have been claiming their claims on the building of Jama Masjid but do not fill up the maintenance money of their pockets but from the Ministry of Culture of India. These people do not deposit the electricity bill and air conditioning will be visible everywhere.

अब जानिये अंदर की बात !
आइये अब आपको बताते हैं वो राज की बात जो कोई मीडिया आपको नहीं बताएगा. दरअसल नियमानुसार यदि किसी इमारत को संरक्षित स्मारक का दर्जा दे दिया गया तो उसे सार्वजनिक मीटिंग या सम्मेलनों के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. केंद्र से विशेष अनुमति लिए बिना एक संरक्षित स्मारक का उपयोग स्वागत, पार्टियों, सम्मेलनों या मनोरंजन कार्यक्रमों के लिए नहीं किया जा सकता | लेकिन जामा मस्जिद अब राजनीतिक गतिविधियों, बैठकों, वोट बैंक की राजनीति और कई अन्य अवैध व्यवसायों का केंद्र बन चुका है. और भी ज्यादा चौंकाने वाली बात तो ये है कि 2004 में मनमोहन सिंह के पीएम बनने से पहले 2002 में ही जामा मस्जिद में चल रहीं आतंकी और देश विरोधी गतिविधियों के बारे में और शाही इमाम अहमख बुखारी द्वारा मस्जिद का दुरुपयोग के बारे में दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी |

Now know the inside thing!
Let’s now tell you the matter of the secret which no media will tell you. Actually, if a building is given a protected monument status, it can not be used for public meetings or conferences. Without a special permission from the Center, a protected monument can not be used for reception, parties, conferences or entertainment programs. But Jama Masjid has now become a center for political activities, meetings, vote bank politics and many other illegal occupations. Even more alarming thing is that were running before Manmohan Singh became the Prime Minister in 2004, the Jama Masjid in 2002, the Delhi High Court about the terror and abuse of the mosque by about anti-state activities and Imam Ahmk Bukhari A petition was filed in

सब कुछ जानते हुए भी मौन रहे मनमोहन सिंह !
रईसुद्दीन नाम के एक शख्स ने एक पीआईएल दाखिल करके आरोप लगाया था कि, “अहमद बुखारी और उनके पिता ने अपने निजी इस्तेमाल के लिए जामा मस्जिद के आसपास के इलाकों का अवैध इस्तेमाल शुरू कर दिया था और यहाँ सभी प्रकार की अवैध गतिविधियां, अवैध बाज़ार, आतंकवादी गतिविधियां यहाँ होती हैं और साथ ही कई असामाजिक तत्व भी इस स्मारक में आश्रय लेते हैं ” | जिसके बाद हाई कोर्ट ने इस मुद्दे की जांच करने के लिए दिल्ली सरकार के लेफ्टिनेंट गवर्नर को नोटिस जारी किया था. ये सब जानने के बावजूद कांग्रेस सरकार ने अपने वोट बैंक की खातिर जामा मस्जिद में परोक्ष रूप से आतंकवाद और देश विरोधी गतिविधियों को बचाये रखा. मनमोहन सिंह को शर्म आनी चाहिए कि आतंकवादी देश के लिए बड़ा ख़तरा बन गए, ये जानने के बावजूद वो मौन रहे और सोनिया गांधी के हाथों कठपुतली बने रहे |

Manmohan Singh, who was silent knowing everything!
A man named Raisuddin had filed a PIL alleging that, “Ahmed Bukhari and his father had started illegal use of the areas surrounding the Jama Masjid for their personal use and here all illegal activities, illegal market Terrorist activities are here, as well as many anti-social elements also take shelter in this memorial. ” After which the High Court issued notice to the Lieutenant Governor of Delhi Government to look into the issue. In spite of knowing this, the Congress government has indirectly protected terrorism and anti-national activities in Jama Masjid for its vote bank. Manmohan should be ashamed that terrorists became a big threat to the country, despite knowing this, he remained silent and remained a puppet in Sonia Gandhi’s hands.

कला जगत में देखें:

https://youtu.be/fBRvBB-0gH0

कार्ति चिदंबरम ने स्वीकार किया सुप्रीम कोर्ट में भौंचक्का कर देने वाला सच, खुल गया सोनिया-मनमोहन का काला-चिट्ठा

नई दिल्ली : लालू यादव के बाद अब कांग्रेसियों के बड़े नेताओं के जेल जाने की पूरी तैयारी हो चुकी है, मोदी सरकार भ्रष्टाचारियों को सख्त से सख्त सजा दिलवाने का अपना वादा बखूबी निभाती नज़र आ रही है. बताया जा रहा है कि जेल जाने वालों में सब पहला नाम पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम का आने जा रहा है. ताजा जानकारी के मुताबिक़ कार्ति चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट में अपने विदेशी खातों और सम्पत्तियों की बात कबूल ली है.

New Delhi: After Laloo Yadav, there is now a complete preparation for the big leaders of the Congress leaders to go to jail, the Modi government seems to be showing its promise of giving a strict punishment to the corrupt people. It is being told that the first name of the prisoners, Karti Chidambaram, son of former finance minister P Chidambaram, is going to arrive. According to the latest information, Karti Chidambaram has accepted the matter of his foreign accounts and properties in the Supreme Court.

सुप्रीम कोर्ट में कार्ति ने कबूली विदेश में अकाउंट होने की बात
हालांकि अभी तक कार्ति ने अपने केवल दो ही खाते और एक ही विदेशी संपत्ति की बात कबूली है, लेकिन जानकारों के मुताबिक़ ये एक बड़ी कामयाबी है. जल्द ही कार्ति सारा सच उगल देगा. कार्ति ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि विदेश में उसका एक बैंक खाता और एक संपत्ति है.

Karti has an affair in the Supreme Court
Although Karti has only acknowledged only two accounts and one foreign property, but according to experts it is a big success. Soon Karti will spit the whole truth. Karti has said in the Supreme Court that he has a bank account and a property abroad.

बता दें कि कार्ति पर सीबीआई की जांच चल रही है और सीबीआई ने उनके विदेश जाने पर ये कहते हुए रोक लगाई हुई है कि कार्ति अपने काले कारनामे छिपाने के लिए विदेश जा कर अपने बैंक खाते बंद करवाने की कोशिशें कर रहे हैं.

Let us know that Karti is investigating the CBI and the CBI has been banned from going abroad and saying that Karti is trying to close his bank accounts abroad to hide his black deeds.

बहुत बड़े भ्रष्टाचारी हैं चिदंबरम और उसका बेटा कार्ति
वहीँ बीजेपी के फायरब्रांड नेता डॉक्टर सुब्रमण्यन स्वामी आयकर विभाग को कार्ति चिदंबरम और उनकी कंपनियों के कई विदेशी बैंकों में 21 बैंक खातों के सबूत पहले ही सौंप चुके हैं. जानकारी के मुताबिक़ कार्ति ने अपने पिता के पद का फायदा उठाकर बड़े पैमाने पर मनी लॉन्डरिंग को अंजाम दिया है. बताया जा रहा है कि कार्ति के मोनाको के बार्कलेज बैंक, यूके के मेट्रो और एचएसबीसी बैंक, सिंगापुर के स्टैंडर्ड चार्टर्ड और ओसीबीसी बैंक, स्विट्जरलैंड के UBS बैंक में भी खाते हैं.

Chidambaram and his son Karti are very corrupt Bala
At the same time, BJP’s firebrand leader Dr. Subramanian Swamy has already submitted evidence of 21 bank accounts in Karti Chidambaram and several foreign banks of his companies to the Income Tax Department. According to information, Karti has taken advantage of his father’s position and has done a huge amount of money laundering. It is being reported that Karti’s Barclays Bank of Monaco, UK’s Metro and HSBC Bank, Singapore’s Standard Chartered and OBC Bank, also accounts for UBS Bank of Switzerland.

इसके अलावा कार्ति की कालेधन से खरीदी गयी विदेशों में कई सम्पत्तियाँ भी हैं. सीबीआई व् आयकर विभाग पहले से ही कार्ति के कई ठिकानों पर छापे मारकर अहम् दस्तावेज जब्त कर चुके हैं. कार्ति के खिलाफ जांच एजेंसियों के पास पुख्ता सबूत आ चुके हैं और कार्ति को जेल जाने में अब ज्यादा वक़्त नहीं लगेगा.

Apart from this, there are many properties abroad purchased from Karti’s black money. The CBI and the Income Tax Department have already seized ego documents by raiding many Katiyas. Against Karti there has been strong evidence against the investigating agencies and Karti will not take much time to go to jail.

विदेश में जाने के लिए गिड़गिड़ा रहा चिदंबरम का बेटा
वहीँ कार्ति अपने पाप छिपाने के लिए विदेश जाने के लिए बेताब हैं. सोमवार को कार्ति ने सुप्रीम कोर्ट के सामने अपनी बेटी के कैंब्रिज विश्वविद्यालय में दाखिला कराने का बहाना लगाते हुए ब्रिटेन जाने देने की मांग की. कार्ति की तरफ से उनके वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह यह हलफनामा देने को तैयार हैं कि वह वहां किसी बैंक में नहीं जाएंगे.

Chidambaram’s son, who was in love for going abroad
Karti is desperate to go abroad to hide his sin. On Monday, Karti asked the Supreme Court to let her daughter go to the UK, pretending to be enrolled at Cambridge University. On behalf of Karti, his lawyer Kapil Sibal said in the Supreme Court that he is ready to give an affidavit that he will not go to any bank there.

कार्ति ने कोर्ट से अपील दर्ज की है कि उन्हें 19 अक्टूबर से 13 नवंबर तक ब्रिटेन जाने की अनुमति दी जाए, यदि उन्हें विदेश जाने की अनुमति मिलती है तो वह वहाँ अपने खाते बंद नहीं करेंगे. हालांकि अभी तक कार्ति को विदेश जाने की इजाजत नहीं दी गयी है.

Karti has filed an appeal with the court that he should be allowed to go to Britain from October 19 to November 13, if he gets permission to go abroad, he will not close his account there. Although Karti has not been allowed to move abroad yet.

हजारों करोड़ों से लेकर अरबों के घपले में शामिल बाप-बेटा
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कार्ति के खिलाफ आईएनएक्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड में एफडीआई के लिए भ्रष्टाचार करने और आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप हैं. मामला कोई छोटा-मोटा नहीं बल्कि 350 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का है. INX मीडिया के फंड को FIPB के जरिये तब मंजूरी दी गई थी, जब पी. चिदंबरम विभाग के मंत्री थे.

Thousands of crores to billions of crusaders included father-son
For your information, let us know that FDI in the INX Media Pvt Ltd against Karti is alleged to have corruption and criminal conspiracy. The matter is no small but corruption of 350 crore rupees. Fund of INX Media was approved through FIPB when P. Chidambaram was the minister of the department.

गैर-कानूनी तरीके से मंजूरी दिए जाने और भ्रष्टाचार के लिए इस मामले में जांच शुरू तो हुई थी लेकिन कांग्रेस सरकार के दौरान इस मामले को दबाने की कोशिशें की गई थी, मगर मोदी सरकार आते ही मामले की दोबारा से जांच शुरू की गयी.

In the case of illegally sanctioned and corruption, the investigation was started, but during the Congress government, an attempt was made to suppress this matter, but the investigation of the case was started once the Modi government came.

चिदंबरम, सोनिया, मनमोहन सिंह सभी की मिलीभगत?
मैक्सिस मलेशिया की एक कंपनी है, जिसका मालिकाना हक बिजनेसमैन टी आनंद कृण्णन के पास है. एयरसेल को सबसे पहले एक एनआरआई बिजनेसमैन सी सिवसंकरन (सिवा) ने प्रमोट किया था, जो तमिलनाडु के मूल निवासी थे. 2006 में मैक्सिस ने एयरसेल की 74 फीसदी शेयर खरीद लिए थे. बचे हुई 26 फीसदी शेयर का मालिकाना हक सुनीता रेड्डी के पास है जो अपोलो के ग्रुप फाउंडर डॉ सी प्रताप रेड्डी की बेटी हैं.

Chidambaram, Sonia, Manmohan Singh all have collision?
Maxis is a Malaysian company owned by Bijesenman T. Anand Krishnan. Aircel was first promoted by an NRI businessman, C Sivsankaran (Siwa), who was the native of Tamil Nadu. In 2006, Maxis bought 74 percent of Aircel shares. The remaining 26 percent is owned by Sunita Reddy, the daughter of Apollo Group Founder Dr. Pratap Reddy.

पी. चिदंबरम पर इस मामले में आरोप है कि उन्होंने 3500 करोड़ रुपये की एयरसेल मैक्सिस डील को कैबिनेट कमेटी की इजाज़त के बिना ही मंजूरी दे दी थी जबकि नियमों के मुताबिक कोई भी वित्तमंत्री 600 करोड़ रुपये तक की डील को ही मंजूरी दे सकता है. मगर कोंग्रेसी नेता तो देश को अपने बाप का समझते हैं और जनता को अपने पाँव की जूती. ऊपर से पीएम बना दिया मनमोहन सिंह को, जिनके सामने सारे घपले होते रहे और वो मैडम का हुक्म बजाते रहे.

P. Chidambaram is accused in the case that he had cleared the Aircel Maxis Deal of Rs 3,500 crore without the permission of the Cabinet Committee, and according to the rules, any finance minister can approve a deal worth 600 crores only. But the Congress leader considers the country as its father and the public has its feet shoe. From the top, the PM made Manmohan Singh, who had all the scandals in front of him and he kept the orders of Madam.

source- dd bharti