चीनी कंपनी ने निकाले भारतीय कर्मचारी, तो पीएम मोदी ने उठाया ऐसा कड़ा कदम जिसके बाद रो पड़े चीनी |

भारत और चीन के बीच तनाव चरम सीमा पर जा पहुंचा है. हालांकि दोनों देशों ने सीधे तौर पर युद्ध का ऐलान तो नहीं किया है, लेकिन दोनों के बीच शीत युद्ध की शुरुआत हो गयी है. आइये आपको बताते है कि भारत को नीचा दिखाने के लिए चीन ने क्या चाल चली और कैसे पीएम मोदी के एक दांव से चीन की चाल उसी पर भारी पड़ गयी!

The tension between India and China has reached the extreme limit. Although the two countries have not directly declared war, but the Cold War has begun between the two. Let us tell you what the Chinese did to show humiliation to India and how the move of China was widespread on the one side of PM Modi.

इस पूरे मामले की शुरआत तब हुई जब डोकलाम मामले पर तनाव के कारण चीनी टेलीकॉम कंपनी हुवावे ने ईरान में अपने सभी भारतीय कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया. दुनिया की 500 सबसे बड़ी कंपनियों में से एक हुवावे ने तेहरान में काम करने वाले अपने सभी भारतीय कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से नौकरी से इसलिए निकाल दिया क्योंकि भारत डोकलाम मामले में पीछे नहीं हट रहा है!

The whole issue began when Chinese telecom company Huawei fired all its Indian employees in Iran due to the tension on the Dokalam case. One of the 500 largest companies in the world, Huawei has removed all its Indian employees working in Tehran with immediate effect because India is not backing in the docile case.

इसकी जानकारी आईबी टाइम्ज़ ने दी. बताया गया कि भारत और चीन के बीच सीमावर्ती विवाद के कारण इस कंपनी में काम करने वाले भारतीयों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा. तेहरान में हुवावे कंपनी में काम करने वाले रोहित ने ट्विटर पर भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को संबोधित करते हुए ट्ववीट किया कि हुवावे ईरान ने अपने सभी भारतीय कर्मचारियों को निकाल दिया है और यह व्यापार से जुड़ा हुआ फ़ैसला नहीं है!

Its information was given by IB Times. It was told that due to the border dispute between India and China, the Indians working in this company had to face their jobs. Rohit, who worked in Hawawei company in Tehran, tweeted about addressing India’s Prime Minister’s Office and External Affairs Minister Sushma Swaraj that Iran has removed all its Indian employees and it is not a matter related to trade.

ये खबर सोशल मीडिया में खूब वायरल हो गयी और लोगों ने चीन के इस कदम की बड़ी निंदा की. इसके फ़ौरन बाद भारत में मोदी सरकार ने ऐसा जबरदस्त फैसला लिया कि, जिसे देख चीन को समझ आ गया कि भारत में वाकई 56 इंच वाले की मजबूत सरकार है!

This news has become very viral in the social media and people have condemned the move of China. Shortly after this, the Modi Government in India took such a tremendous decision that China was able to understand that there really is a 56 -inch strong government in India.

सरकार ने पावर ट्रांसमिशन सेक्टर में नई कंपनियों की एंट्री के नियमों को कड़ा करने का फैसला ले लिया है. सरकार और इंडस्ट्री के अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील सेक्टर्स में चीन की बढ़ती पैठ पर नियंत्रण करने के लिए ऐसा किया जा रहा है. हार्बिन इलेक्ट्रिक, डॉन्गफैंग इलेक्ट्रॉनिक्स, शंघाई इलेक्ट्रिक और सिफांग ऑटोमेशन जैसी कई दिग्गज चीनी कंपनियां देश के 18 शहरों में उपकरणों की सप्लाइ कर रही हैं या फिर विद्युत वितरण का प्रबंधन कर रही हैं!

The government has decided to tighten the entry rules of new companies in the power transmission sector. Officials and industry officials said that this is being done to control China’s growing penetration in sensitive sectors. Many of the legendary Chinese companies such as Harbin Electric, Dongfang Electronics, Shanghai Electric and Syfang Automation are supplying equipment or managing power distribution in 18 cities of the country.

 देखिये मोदी सरकार का एक्शन                                                                                               See Modi’s action action

भारत में काफी नोट छाप लिए, अब इन सभी चीनी कंपनियों के धंधे बंद होंगे और ये सब वापस अपने देश लौटेंगे. स्थानीय भारतीय कंपनियां काफी लम्बे वक़्त से इस सेक्टर में चीन के बढ़ते दखल के खिलाफ यह कहते हुए आवाज उठाती रही हैं कि यह सुरक्षा के लिए खतरा है और बदले में उन्हें चीन के मार्केट में इस स्तर पर कारोबार करने की छूट नहीं है.

India has made a lot of notes, now the businesses of these Chinese companies will be closed and all of them will return to their country. Local Indian companies have long been vocalizing the growing interference of China in this sector, saying it is a threat to security and in return, they are not allowed to do business at this level in the Chinese market.

अब जबकि चीन ने शीत युद्ध की शुरुआत कर ही दी है, तो पीएम मोदी भी पूरी तरह से तैयार हैं. तुम हमारे भारतीय कर्मचारियों को नौकरी से निकालोगे, तो हम भारत से तुम्हारी अरबों रुपयों का व्यापार करने वाली कंपनियों को बाहर का रास्ता दिखाएँगे, जिससे एक-दो नहीं बल्कि लाखों चीनी नागरिकों की आजीविका का नुक्सान तो होगा ही, साथ ही चीनी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से बर्बाद भी हो जायेगी. भारत ने ऐसा कठोर फैसला लेकर मानो चीन को सीधी चुनौती दी है कि, आ जाओ, हम तैयार हैं.

Now that China has started the Cold War, PM Modi is fully prepared. If you will remove our Indian workers from the job, then we will show you the way out of the companies that have traded your billions of rupees from India, which will not only result in loss of livelihood of one or two million Chinese citizens but also the Chinese economy completely It will also get ruined. By taking such a tough decision, India has given a direct challenge to China that, come, we are ready.

SOURCE:thenamopress.com

पप्पू के बड़े-बड़े कारनामों में एक और कारनामा शामिल, जानकर कभी कांग्रेस को भूले से भी नही देंगे वोट |

राज्यसभा सांसद डॉक्टर सुब्रमण्यम स्वामी ने आज राहुल गाँधी पर एक बड़ा बयान दिया है, जिसे जानकर आपको भी हैरानी होगी की ऐसा भी करते है राहुल गाँधी. सबसे पहले तो हम आपको बता दें कि राहुल गाँधी को लेकर आजकल एक नयी बात सामने आई है. राहुल गाँधी अपने ट्वीटस को रीट्वीट करवाने, शेयर करवाने के लिए फर्जीवाड़ा कर रहे है. आज कल राहुल गाँधी ये काम भी करने लगे है!

Rajya Sabha MP, Dr. Subramaniam Swamy has given a big statement on Rahul Gandhi today, knowing that you will also be surprised that Rahul Gandhi also does this. First of all, let us tell you that a new thing has come out about Rahul Gandhi today. Rahul Gandhi is falsifying his tweet to get back, share it. Today, Rahul Gandhi has started doing this work too.

असल में राहुल गाँधी और कांग्रेस की आईटी सेल ने बड़े पैमाने पर फर्जी अकाउंट बनाये है, और ये अकाउंट बोत सॉफ्टवेयर से बनाये  गए है, लाखों अकाउंट को 1 बोत सॉफ्टवेयर चलाता है, और इन अकाउंट का इस्तेमाल कांग्रेस अपने नेताओं के ट्वीट को रीट्वीट करवाने में कर रही है! इन फर्जी अकाउंट से कोंग्रेस ये बताना चाहती है कि वो कितनी काबिल है. और क्या कर सकती है!

In fact, Rahul Gandhi and Congress’s IT cell have created fake accounts on a large scale, and these accounts have been made from bottle software, run 1-bottle software for millions of accounts, and the use of these accounts is to get the Congress to retract its tweets. Is doing in The Congress wants to tell these fake accounts that they are capable. What else can do.

जैसे ही राहुल गाँधी ट्वीट करते है, बोट सॉफ्टवेयर से कांग्रेस की आईटी सेल  ट्वीट को रीट्वीट करवाती है, कुल मिलाकर राहुल गाँधी ये दिखाना चाहते है कि वो सोशल मीडिया पर मोदी के टक्कर के है. वो इस काबिल है कि मोदी सरकार को आमने-सामने की टक्कर दे सकें. और इसी कारण कांग्रेस ने ये फर्जीवाड़ा किया है!

As soon as Rahul Gandhi tweetes, the Congress retains the IT cell tweet from the boat software, in all, Rahul Gandhi wants to show that he is on the social media with Modi’s collision. He is capable enough to give a face-to-face encounter to the Modi government. And for this reason Congress has done this fake.

राहुल गाँधी और कांग्रेस के इस फर्जीवाड़े के बाद डॉक्टर सुब्रमण्यम स्वामी ने राहुल गाँधीर बयान दिया है. डॉक्टर स्वामी ने कहा है कि राहुल गाँधी का सबकुछ या तो बोगस है या फ्रॉड है. राहुल गाँधी का दिमाग, राहुल गाँधी की नागरिकता, राहुल गाँधी की डिग्री, राहुल गाँधी के भाषण और अब राहुल गाँधी का ट्विटर सबकुछ या तो बोगस है या फिर फ्रॉड है!

After this Rahul Gandhi and Congress fraud, Dr. Subramaniam Swamy has given a statement of Rahul Gandhi. Doctor Swamy has said that everything of Rahul Gandhi is either bogus or fraud. Rahul Gandhi’s mind, Rahul Gandhi’s citizenship, Rahul Gandhi’s degree, Rahul Gandhi’s speech and now Rahul Gandhi’s Twitter everything is either bogus or fraud.

source:political report

 

अख़लाक़ काण्ड पर योगी सरकर का इंसाफ, हिन्दुओं पर लिया यह बड़ा फैसला !

बेशक अब उत्तर प्रदेश में एक ऐसी सरकार है जो हिन्दुओ को ख़त्म करने पर नहीं तुली हुई और वो है योगी सरकार, योगी सरकार के आने के बाद उत्तर प्रदेश के हालात ठीक होने लगे है, अन्यथा उत्तर प्रदेश इस्लामिक स्टेट बनने को अग्रसर था |

Of course, now there is a government in Uttar Pradesh which has not been bent on eliminating Hindus and after the arrival of the Yogi Sarkar, the Yogi Sarkar, the situation in Uttar Pradesh has started to recover, otherwise, Uttar Pradesh was going to become an Islamic State.

आपको ध्यान होगा दादरी में अख़लाक़ काण्ड, मोहम्मद अख़लाक़ नाम के एक जिहादी शख्स ने गाय के बछड़े की हत्या की थी, और उसके पुरे परिवार ने उसका मांस खाया था, इन लोगों ने गौहत्या की थी, जिसके बाद दंगे हुए थे और अख़लाक़ मारा गया था |

You will notice that the Akhlaqand in Dadri, a jihadist named Mohammed Akhalak, had killed the cow’s calf, and his whole family had eaten his flesh; these people had made a cow, after which there were riots and the game killed.

पर इसके बाद अख़लाक़ को निर्दोष घोषित कर दिया गया, और अखिलेश यादव की सरकार ने गौहत्यारे के परिवार के लिए सरकारी खजाने का मुँह खोल दिया, और इलाके के कई हिन्दुओ को फंसा दिया गया, एक हिन्दू जिसका नाम था रवि उसकी तो मृत्यु भी हो गयी |

After this Akhilak was declared innocent, and Akhilesh Yadav’s government opened the mouth of government treasury for the family of the cow, and many Hindus of the area were trapped, a Hindu whose name was Ravi also died. Added.

पर सबको अख़लाक़ की पड़ी थी जो की गौहत्यारा था, हिन्दुओ पर भीषण अत्याचार किये गए, उन्हें झूठे केस में फंसाया गया और प्रताड़ित किया गया, पर उत्तर प्रदेश में बदलाव आया और योगी सरकार आयी, और अब इस सरकार में न्याय हो रहा है |

But all had to be ignorant, who was a coward, they were subjected to horrendous tortures, were trapped in false cases and tortured, but Uttar Pradesh changed and the Yogi government came, and now justice is being done in this government.

https://twitter.com/RAJSONI30881709/status/919807681317105664

जिन निर्दोष हिन्दुओ को फंसाया और प्रताड़ित किया था उन्हें नौकरियां तथा मृतक रवि की पत्नी को आर्थिक सहायता तथा नौकरी, अखिलेश यादव ने तो गौहत्यारे और अपराधी मोहम्मद अख़लाक़ के परिजनों को आर्थिक मदद, फ्लैट और नौकरियां दी थीं, हिन्दुओ पर भीषण अत्याचार किये गए थे, पर योगी सरकार में न्याय हो रहा है, अब बेशक कहा जा सकता है की देश में कोई नेता तो है जो हिन्दुओ का है और उनका भला चाहता है और उनके अस्तित्व को बचाना चाहता है |

The innocent Hindus who had tortured and tortured them were given financial help, flats, and jobs to the jobs and jobs of the deceased Ravi’s wife, and the job, Akhilesh Yadav, the villagers of Gauhitre and criminal Mohammed Akhlaq, were subjected to horrific torture on Hindus. But justice is happening in Yogi Sarkar, now it can be said that there is a leader in the country who is Hindu and wants his good and his Titv wants to save

यह भी देखे :

https://www.youtube.com/watch?v=6KzO3XxanXM

BJP-PDP सरकार कश्मीर में लाये ऐसा भयंकर कानून कि फारुख अब्दुल्ला समेत अलगाववादियों के भी उड़े होश |

श्रीनगर : मोदी सरकार ने कश्मीर में बड़ा कमाल कर दिखाया है. पहले तो आतंकियों को ठोका जाना शुरू कर दिया. फिर अलगाववादियों को दी जाने वाली सुविधाओं को बंद करके हवाला और आतंक की फंडिंग केस में सभी पर शिकंजा कस दिया. और अब धारा 370 को ख़त्म करने की दिशा में पहला ठोस कदम उठाया है. राज्य की बीजेपी-पीडीपी सरकार जम्मू-कश्मीर में एक ऐसा अध्यादेश ला रही है, जिसे देख पूरी घाटी में तहलका मच गया है. जहाँ एक ओर ज्यादातर कश्मीरी इससे काफी खुश दिखाई दे रहे हैं, वहीँ देशद्रोहियों के दिल दहल उठे हैं.

Srinagar : The Modi Government has done a great job in Kashmir. At first the terrorists started beating. Then shut down the facilities given to the separatists and put the screws on everyone in the hawala and terror funding case. And now it has taken the first concrete step towards ending Article 370. The BJP-PDP government of the state is bringing an ordinance in Jammu and Kashmir, which has seen tourists in the entire valley. Whereas most Kashmiri people are appearing happier on this one side, the tremors of the traitors have started.

प्रदर्शनकारियों से वसूला जाएगा संपत्ति को हुआ नुकसान…
दरअसल जम्मू-कश्मीर में आए दिन हिंसक प्रदर्शनों व् पत्थरबाजी के कारण सार्वजनिक संपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचता है. लेकिन अब सरकार अब ऐसे प्रदर्शनकारियों से काफी सख्ती से निपटने जा रही है जो सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाते हैं, तोड़फोड़ करते हैं, स्कूल व् अन्य सरकारी इमारतें जलाते हैं, गाड़ियों व् दुकानों में आग लगते हैं.

The property will be recovered from the protesters …
In fact, the days in Jammu and Kashmir, due to violent demonstrations and molestation, public properties cause great damage. But now the government is now going to deal with such demonstrators quite harshly, who harm public property, subdivide, burn schools and other government buildings, fire in trains and shops.

जुर्माने के साथ-साथ जेल की रोटियां भी तोड़ेंगे…
यानी अब आजादी मांगने वालों ने तोड़फोड़ की, तो उनपर जुर्माना ठोक कर उनसे नुक्सान की भरपाई की जायेगी और नहीं दिया तो संपत्ति बेच का वसूल किया जाएगा और साथ ही 5 साल के लिए जेल में भी ठूंस दिया जाएगा. जम्मू-कश्मीर पब्लिक प्रॉपर्टी (प्रिवेंशन ऑफ डैमेज) (अमेंडमेंट) ऑर्डिनेंस, 2017 के तहत सार्वजनिक संपत्तियों के नुकसान से जुड़े मौजूदा कानूनों में बदलाव किया गया है और यह अध्यादेश तत्काल प्रभाव से लागू हो चुका है.

With the penalty, the prison breaks will also break …
That is, now the people who demand freedom, they will be fined, and if they do not pay the penalty, they will be compensated for the damage and if the property is not sold, then the property will be recovered and also will be punished for 5 years in jail. Under the Jammu and Kashmir Public Property (Prevention of Damage) (Amendment) Ordinance, 2017, the existing laws related to the loss of public properties have been changed and this ordinance has been implemented with immediate effect.

आधिकारिक बयान में कहा गया है, यह व्यक्तियों संगठनों के नुकसान पहुंचाने वाली उन गतिविधियों को रोकेगा/हतोत्साहित करेगा जिनसे सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचता है. दूसरा यह कि ऐसे अपराधों को अंजाम देने के लिए उकसानेवाले सीधे-सीधे अपराध के जिम्मेदार होंगे. साथ ही उन पर संपत्ति को पहुंचे नुकसान के बाजार मूल्य के बराबर जुर्माना लगाया जाएगा.

It has been said in the official statement that it will prevent / discourage the activities of individuals harming the organizations which damage public and private property. Secondly, those provocating to commit such crimes will be responsible for direct crime. At the same time, the penalty for the market value of the damage to property will be imposed.

गिलानी, यासीन मलिक जैसों के उड़े होश…
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस अध्यादेश को 2 उद्देश्यों के लिए लाया गया है. पहला उद्देश्य यह कि सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना दंडनीय होगा और दूसरा यह कि ऐसे अपराधों को अंजाम देने के लिए उकसानेवाले सीधे-सीधे अपराध के जिम्मेदार होंगे.बंद, हड़ताल, प्रदर्शन या किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन के दौरान अगर सावर्जनिक के साथ-साथ निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचता है तो बंद या प्रदर्शन के लिए आह्वान करने वालों को 2 से 5 पांच साल की सजा हो सकती है, साथ ही उन पर संपत्ति को पहुंचे नुकसान के बाजार मूल्य के बराबर जुर्माना लगाया जाएगा.

Gilani, Yasin Malik, as well as the other …
The official spokesman said that this Ordinance has been brought for 2 purposes. The first objective is that it will be punishable to harm public and private property and secondly, those inciting to commit such crimes will be directly responsible for the crime. During the protest, strike, demonstrations or any kind of protest, As well as personal property is damaged, those who call for closure or performance can be punished for 2 to 5 years, with the same Will be fined the equivalent market value of damage to property.

तत्काल प्रभाव से लागू क़ानून…
इससे पहले के कानूनों में निजी संपत्तियों के नुकसान की सूरत में कार्रवाई का प्रावधान नहीं था, इसलिए आजादी की आड़ में अलगाववादी व् पत्थरबाज आम लोगों की गाड़ियां तक फूंक डालते थे. अब करके दिखाएं जरा. अध्यादेश में इसे भी जगह दी गई है.पहले का कानून सिर्फ सरकारी संपत्ति या सरकारी संस्था के मालिकाना हक वाली संपत्ति को हुए नुकसान पर लागू होता था.

The applicable law with immediate effect …
Earlier, there was no provision of action in case of loss of private property in the laws, so under the guise of independence, separatists and stone-keepers used to blow up ordinary people’s carts. Do it now, please. It was also given the place in the Ordinance. The law of the first was only applicable to the damage done to the property owned by the government property or the government institution.

प्रवक्ता ने कहा कि मौजूदा कानून में सुधार का फैसला सुप्रीम कोर्ट के एक निर्देश को लागू करने के लिए किया गया है. प्रवक्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने री-डिस्ट्रक्शन ऑफ पब्लिक ऐंड प्राइवेट प्रॉपर्टीज vs स्टेट ऑफ आंध्र प्रदेश ऐंड अदर्स (2009) के केस में संपत्तियों से नुकसान से जुड़े कानूनों में संसोधन का निर्देश दिया था.

The spokesman said that the decision to amend the existing law has been done to implement a directive from the Supreme Court. The spokesman said that the Supreme Court had directed the amendment in the laws relating to the loss of property in the case of Re-District of Public and Private Properties vs State of Andhra Pradesh and Others (2009).

धारा 370 का अगला नंबर…
प्रवक्ता के मुताबिक राज्य विधानसभा का अभी सत्र नहीं चल रहा है इसलिए मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की सिफारिश पर राज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर के संविधान की धारा 91 के तहत अध्यादेश को लागू किया है. कानूनों की ताकत का अहसास अलगाववादियों को अब होना शुरू हुआ है. अब जल्द ही धारा 370 को लेकर भी इसी तरह आनन्-फानन में एक्शन लिया जाएगा और पाकिस्तान का कश्मीर में अलगाववाद का खेल सदा के लिए ख़त्म.

Next Number of Section 370 …
According to the spokesperson, the state assembly is not going through the current session, so on the recommendation of Chief Minister Mehbooba Mufti, the governor has implemented the Ordinance under section 91 of the Constitution of Jammu and Kashmir. Separators are now beginning to realize the power of laws. Soon action will be taken in the same way with section 370, and Pakistan’s Kashmiri separatism game will end forever.

यह भी देखें!

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

source : ddbharti.in

पप्पू के बड़े-बड़े कारनामों में एक और कारनामा शामिल, जानकर कभी कांग्रेस को भूले से भी नही देंगे वोट |

राज्यसभा सांसद डॉक्टर सुब्रमण्यम स्वामी ने आज राहुल गाँधी पर एक बड़ा बयान दिया है, जिसे जानकर आपको भी हैरानी होगी की ऐसा भी करते है राहुल गाँधी. सबसे पहले तो हम आपको बता दें कि राहुल गाँधी को लेकर आजकल एक नयी बात सामने आई है. राहुल गाँधी अपने ट्वीटस को रीट्वीट करवाने, शेयर करवाने के लिए फर्जीवाड़ा कर रहे है. आज कल राहुल गाँधी ये काम भी करने लगे है!

Rajya Sabha MP, Dr. Subramaniam Swamy has given a big statement on Rahul Gandhi today, knowing that you will also be surprised that Rahul Gandhi also does this. First of all, let us tell you that a new thing has come out about Rahul Gandhi today. Rahul Gandhi is falsifying his tweet to get back, share it. Today, Rahul Gandhi has started doing this work too.

असल में राहुल गाँधी और कांग्रेस की आईटी सेल ने बड़े पैमाने पर फर्जी अकाउंट बनाये है, और ये अकाउंट बोत सॉफ्टवेयर से बनाये  गए है, लाखों अकाउंट को 1 बोत सॉफ्टवेयर चलाता है, और इन अकाउंट का इस्तेमाल कांग्रेस अपने नेताओं के ट्वीट को रीट्वीट करवाने में कर रही है! इन फर्जी अकाउंट से कोंग्रेस ये बताना चाहती है कि वो कितनी काबिल है. और क्या कर सकती है!

In fact, Rahul Gandhi and Congress’s IT cell have created fake accounts on a large scale, and these accounts have been made from bottle software, run 1-bottle software for millions of accounts, and the use of these accounts is to get the Congress to retract its tweets. Is doing in The Congress wants to tell these fake accounts that they are capable. What else can do.

जैसे ही राहुल गाँधी ट्वीट करते है, बोट सॉफ्टवेयर से कांग्रेस की आईटी सेल  ट्वीट को रीट्वीट करवाती है, कुल मिलाकर राहुल गाँधी ये दिखाना चाहते है कि वो सोशल मीडिया पर मोदी के टक्कर के है. वो इस काबिल है कि मोदी सरकार को आमने-सामने की टक्कर दे सकें. और इसी कारण कांग्रेस ने ये फर्जीवाड़ा किया है!

As soon as Rahul Gandhi tweetes, the Congress retains the IT cell tweet from the boat software, in all, Rahul Gandhi wants to show that he is on the social media with Modi’s collision. He is capable enough to give a face-to-face encounter to the Modi government. And for this reason Congress has done this fake.

राहुल गाँधी और कांग्रेस के इस फर्जीवाड़े के बाद डॉक्टर सुब्रमण्यम स्वामी ने राहुल गाँधीर बयान दिया है. डॉक्टर स्वामी ने कहा है कि राहुल गाँधी का सबकुछ या तो बोगस है या फ्रॉड है. राहुल गाँधी का दिमाग, राहुल गाँधी की नागरिकता, राहुल गाँधी की डिग्री, राहुल गाँधी के भाषण और अब राहुल गाँधी का ट्विटर सबकुछ या तो बोगस है या फिर फ्रॉड है!

After this Rahul Gandhi and Congress fraud, Dr. Subramaniam Swamy has given a statement of Rahul Gandhi. Doctor Swamy has said that everything of Rahul Gandhi is either bogus or fraud. Rahul Gandhi’s mind, Rahul Gandhi’s citizenship, Rahul Gandhi’s degree, Rahul Gandhi’s speech and now Rahul Gandhi’s Twitter everything is either bogus or fraud.

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https://youtu.be/6KzO3XxanXM

दीपावली से पहेल PM मोदी ने दिया बड़ा तोहफा, ख़ुशी से झूमे लोग, कांग्रेस की साजिश रही नाकाम |

नई दिल्ली : काफी वक़्त से वृद्धि दर ज़रा सी घटने पर देश भर में मोदी सरकार के खिलाफ जोर जोर से ढिंढोरा पीटा गया. जिसके बाद खुद पीएम मोदी ने कोंग्रेसियों और कुछ शैल्य मानसिकता वाले लोगों को मुहतोड़ जवाब दिया और कांग्रेस को उनकी औकात भी दिखाई. तो वहीं दीवाली से ठीक पहले देशभर के लिए बड़ी खबर आ रही है लेकिन एक भी विरोधी अपना मुँह अब नहीं दिखायेगा.

New Delhi  : At the very least, the rate of increase in the rate of inflation has been strongly condemned across the country against the Modi government. After that, PM Modi himself responded to the people of Congress and some kind of mentality, and the Congress also showed his formality. So right there is a great news coming across the country right before Diwali but one opponent will not show his face anymore.

News of relief for people across the country before Diwali …
According to the latest news, there is no need to worry about inflation on the people of the country. Deliberately spreading illusion about inflation across the country. Right now, with the relentless efforts of the Modi Government, good news has come on the economic front before Diwali. Wholesale inflation eased to a low of 2.6 per cent in September.

इससे पहले भी बड़ा खुलासा हुआ था जब प्याज की बड़ी जमाखोरी सामने आयी थी. कुछ लोग जानबूझ कर प्याज की बड़े पैमाने पर कालाबाज़ारी कर रहे थे. जिससे दीवाली पर ये 100 से 150 रूपए किलो तक पहुंचाया जाने वाला था. लेकिन मोदी सरकार को बदनाम करने की इनकी इस साज़िश का पर्दाफाश हुआ. कई टन प्याज़ जब्त कर लिया गया.

Even before the big disclosures were made, the big hoarding of onions came out. Some people deliberately black-out the onion on a large scale. Which was going to be transported from Rs 100 to 150 rupees on Diwali. But their conspiracy to defame the Modi government was exposed. Several tons of onions were seized.

आज जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार सितंबर में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति घटकर 2.04 फीसदी पर आ गई है, जबकि अगस्त में यह वार्षिक आधार पर 5.75 फीसदी पर थी. तो वहीँ महीने के दौरान सब्जियों की मुद्रास्फीति नरम पड़कर 15.48 फीसदी पर आ गई, जबकि इससे पिछले महीने यह 44.91 फीसदी के उच्चस्तर पर थी.

According to official figures released today, inflation in food articles has come down to 2.04 per cent in September, while in August it was 5.75 per cent on annual basis. During the same month, the inflation in vegetables eased to 15.48 per cent, compared to 44.91 per cent last month.

इसके साथ-साथ ईंधन और पावर सेक्‍टर की बात करें, तो यहां भी महंगाई से राहत मिली है. सितंबर महीने में इस सेक्‍टर के लिए महंगाई 9.01 फीसदी पर रही. अगस्‍त में यह 9.99 फीसदी थी.

As well as talk about fuel and power sector, here also there is relief from inflation. In September, inflation for this sector was 9.01 percent. It was 9.99 percent in August.

दाल की कीमतों में कमी…
वहीं दलहन के दाम सितंबर में 24.26% नीचे आए. आलू की कीमतों में 46.52% तथा गेहूं में 1.71% की गिरावट दर्ज की गई. कॉमर्स मिनिस्‍ट्री की ओर से जारी सोमवार को जारी थोक महंगाई के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में सबसे ज्‍यादा गिरावट प्राइमरी वस्‍तुओं की कीमतों में आई. प्राइमरी आर्टिकल्‍स की महंगाई अगस्‍त के 2.66 फीसदी से गिरकर 0.11 फीसदी रह गई.

Lack of pulses prices …
The price of pulses came down to 24.26% in September. Potato prices were down by 46.52% and wheat by 1.71%. According to the wholesale inflation data released on Monday released by the commerce ministry, the drop in primary articles prices in September was the lowest in September. Primary articles’ inflation dropped from 2.66 percent in August to 0.11 percent.

सब्जियों,फलों के दाम गिरे…
सितंबर 2017 में फूड आर्टि‍ल्‍स की थोक महंगाई दर गिरकर 2.04 फीसदी रही, जो की अगस्‍त महीने में 5.75 फीसदी थी. WPI में फूड इन्‍फ्लेशन की हिस्‍सेदारी 5.26 फीसदी है. सितंबर में सब्जियों के दाम गिरे हैं. सब्जियों की थोक महंगाई गिरकर 15.48 फीसदी रह गई, जो अगस्‍त में 44.91 फीसदी पर थी. फलों की थोक महंगाई भी पिछले महीने गिरकर 2.93 फीसदी पर आ गई जो अगस्‍त में 7.35 फीसदी थी.

Vegetables and fruit prices fell …
In September 2017, wholesale inflation of food articles fell to 2.04 percent, from 5.75 percent in August. Food inflation is 5.26% in WPI. Vegetables prices fell in September. The wholesale price of vegetables declined to 15.48 per cent, which was 44.91 per cent in August. Bulk inflation in fruits also declined to 2.93 percent last month, which was 7.35 percent in August.

यह वीडियो भी देखें!

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

source : ddbharti.in