ब्रेकिंग न्यूज़– कासगंज हिंसा में हुआ अब तक का सबसे सनसनीखेज खुलासा, जेल जाएंगे अब ये बड़े नेता ?

कासगंज : गणतंत्र दिवस के मौके पर कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान हुई हिंसा के राज खुलते जा रहे हैं. एबीपी न्यूज़ जैसे कई मीडिया चैनलों ने बीजेपी व् एबीवीपी को जिम्मेदार ठहराने की भरसक कोशिश की, मगर अब इस पूरी साजिश के पीछे दरअसल अखिलेश-मुलायम की समाजवादी पार्टी का हाथ होने की बात सामने आ रही है. बेहद अहम् खुलासा हुआ है कि चन्दन गुप्ता को गोली मारने वालों का समाजवादी पार्टी से सीधा कनेक्शन है.

Kasganj: On the occasion of Republic Day, the reigns of violence during the tri-color journey in Kasganj are being opened. Many media channels such as ABP News have tried hard to blame BJP or ABVP, but now the fact that Akhilesh-Mulayam’s Samajwadi Party is in the hands of this whole plot is being revealed. It has been revealed very high that those who shot Chandan Gupta have a direct connection to the Samajwadi Party.

चन्दन के हत्यारों का सपा कनेक्शन
मीडिया और खासतौर पर एबीपी न्यूज़ और एनडीटीवी ने पूरे जोर-शोर से दुष्प्रचार किया कि दंगा इसलिए हुआ क्योंकि एबीवीपी वाले भगवा झंडा लेकर मुस्लिम बहुल इलाके में गए और तिरंगा झंडा फहरा रहे मासूम जिहादियों के सामने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे.

SP connection of Chandni killers
The media, and especially ABP News and NDTV, strongly influenced the rumor that the riots took place because of the ABVP carrying the saffron flag and went to the Muslim-dominated area and started shouting slogans of Pakistan Muradabad in front of innocent jihadists who had flown the Tricolor flag.

इतनी से बात पर जिहादी भड़क उठे और उन्होंने ताबड़तोड़ गोलियां दागनी शुरू कर दी और पत्थर फेकने भी शुरू कर दिए. वहीँ यूपी प्रशासन ने भी जिहादी तत्वों के खिलाफ शुरू में नरमी बरती और प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ का आर्डर आने के बाद जिहादियों के घरों की तालाशी शुरू हुई.

जिहादियों के घरों की तालाशी से बौखलाए अखिलेश
पहले तो तालाशी में जिहादियों के घरों से देसी बम व् पिस्तौल के साथ-साथ भारी मात्रा में असलाह बरामद होना शुरू हुआ. जिसे देख प्रशासन के कान खड़े हो गए. ऐसा लग रहा था मानो गृहयुद्ध की तैयारियां करके रखी गयी हों. जिहादियों के घरों से असलाह व् बम बरामद होते ही अखिलेश यादव हड़बड़ा उठे और पुलिस कार्रवाई पर ही सवाल खड़े करने लगे.

Akhilesh scared of the lock of the jihadis’ homes
Initially, there was a huge amount of asylum as well as domestic bombs and pistols from the jihadis’ homes in Talshi. Seeing the administration’s ears were standing. It seemed as if the preparations for civil war were kept up. Asylum and bombs were recovered from the jihadis’ houses, Akhilesh Yadav got upset and questioned the police action.

अखिलेश ने जिहादियों के घरों में छापेमारी को अन्याय करार देते हुए बीजेपी पर ही निशाना साध लिया. शायद अखिलेश को पता चल गया था कि उनकी पार्टी के कुकर्मों का पर्दाफ़ाश होने वाला है. वहीँ अखिलेश के ऊल-जलूल बयानबाजी से शक गहराता गया और अब सच्चाई सामने आनी शुरू हो गयी है.

सपा नेताओं के इशारे पर जला दिया कासगंज?
जांच थोड़ा आगे बढ़ी तो हिंसा का समाजवादी पार्टी कनेक्शन सामने आना शुरू हो गया है. खबर है कि चंदन गुप्ता की हत्या के आरोपी का समाजवादी पार्टी कनेक्शन है. टाइम्स नाउ चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी तीन भाइयों में से एक वसीम समाजवादी पार्टी के नेताओं का काफी करीबी है और सपा नेताओं के इशारे पर काम करता है.

Kasaganj burnt at the behest of SP leaders?
If the investigation goes a little further then the socialist party connection of violence has started to come out. It is reported that the accused of the murder of Chandan Gupta is a socialist party connection. According to Times Now channel’s report, one of the three brothers, Wasim, is very close to the Samajwadi Party leaders and works at the behest of SP leaders.

https://youtu.be/2NNjZ_hqgPI

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अब योगी सरकार से कासगंज हिंसा पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. बता दें कि हिंसा के दौरान चंदन गुप्ता की हत्या के मामले में तीन सगे भाइयों नसीम, वसीम और सलीम वर्की के शामिल होने की बात सामने आ रही है. इन्होने अपने घर की छत से चन्दन को गोली मारी थी.

The Union Home Ministry has now summoned a detailed report on Kasganj violence from the Yogi Government. In the case of murder of Chandan Gupta during the violence, there is an indication of the involvement of three brothers, Naseem, Wasim and Salim Verma. He shot the sandal from the roof of his house.

ये तीनों भाई फिलहाल फरार हैं और पुलिस जोर-शोर से इनकी तलाश में जुटी है. वसीम के समाजवादी पार्टी से जुड़े होने की बात सामने आने के बाद से इस मसले पर राजनीति और तेज हो गयी है.

मुँह छिपा रहे अब सपा नेता
समाजवादी पार्टी अब मुँह छिपाती नज़र आ रही है. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजीव राय से जब इस बारे में सवाल किया गया तो उसने कहा, ‘कोई भी हो उसके खिलाफ सरकार को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. सरकार को विपक्षी पार्टियों को बदनाम करने की बजाय आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.’ राय ने कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त ऐक्शन लिया जाना चाहिए.

यानी अभी तक बीजेपी के नेताओं व् एबीवीपी पर आरोप लगाने वालों ने मुँह में दही जमा लिया है और महाभ्रष्ट कुछ मीडिया चैनलों ने भी अब दूसरी ख़बरों को प्रमुखता से दिखाना शुरू कर दिया है ताकि जनता का ध्यान बाँट जाए और उनकी नीच हरकत के बारे में लोगों को पता ही ना चले.

That is, so far the BJP leaders and those who have accused ABVP have taken a dash in the mouth and some prominent media channels have now started showing other news prominently in order to share the attention of the public and about their lowly objection People do not know about it

बीजेपी शासित राज्यों में विपक्ष करवा रहा दंगे?
बताया जा रहा है कि योगी सरकार के आने से बौखलाए सपा नेताओं के इशारे पर इस दंगे को अंजाम देने की साजिश हो सकती है. ध्यान से देखा जाए तो बीजेपी शासित राज्यों में विपक्ष पिछले काफी वक़्त से इसी तरह से लाशों की राजनीति कर रहा है.

Rioting in opposition to BJP ruled states?
It is being told that due to the arrival of the Yogi government, there may be conspiracy to carry out this riot at the behest of SP leaders. Carefully seen, in the BJP ruled states, the Opposition is doing the politics of the corpses in the same way from the very last moment.

पहले मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन को कोंग्रेसी नेताओं ने हिंसक बना दिया, जिसके वीडियो भी सामने आये जिनमे कोंग्रेसी नेता आगजनी करने के लिए लोगों को उकसा रहे थे. साथ ही भीड़ में अपने लोगों को घुसा कर हिंसा फैला रहे थे. इस मामले की जांच चल रही है.

बीएचयू में हिंसा भी विपक्ष के इशारे पर ही फैलाई गयी, जिसमे बड़ा बवाल हुआ था. यहाँ भी आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर आरोप लगे कि उन्होंने छात्रों के आंदोलन को हिंसक रूप दिया.

इसके बाद गुजरात में दलितों पर हमला करवाया गया और उसका इल्जाम बीजेपी पर डालने की साजिश की गयी, मगर साबित हो गया कि वो हमला भी विपक्ष ने करवाया था. फिर महाराष्ट्र में दलित उत्सव समारोह में दंगा करवाया गया और दोष बीजेपी व् आरएसएस पर मढ़ दिया गया, जबकि बाद में पता चला कि ये दंगा भी जिग्नेश मवानी, उमर खालिद व् कांग्रेस समर्थकों ने करवाया था, इसकी जांच भी चल रही है.

After this, the Dalits were attacked in Gujarat and they were conspired to put the blame on BJP, but it proved that the attack was also done by the Opposition. Then there was a riot at the Dalit festival festival in Maharashtra and the faults were frozen on BJP and RSS, but later it was found that the riots had also been done by Jignesh Mavani, Omar Khalid and Congress supporters, it is also being investigated.

अब कासगंज में समाजवादी पार्टी के कनेक्शन की बात सामने आने से ये साबित हो जाता है कि मोदी को जब विकास के मुद्दे पर हरा नही सके तो सभी नेता बौखला गए हैं और जातिगत व् दो सम्प्रदायों के बीच साम्प्रदायिक दंगे फैला कर लाशों की राजनीति पर उतर आये हैं. मतलब इन्हे सत्ता से मतलब है, चाहे उसके लिए देश के नागरिकों को आपस में ही क्यों ना लड़वा दिया जाए.

कला जगत में देखें:

https://youtu.be/fBRvBB-0gH0

source zee news

1990 में हुए हिन्दुओं के कत्लेआम को लेकर मुलायम का हुआ सनसनीखेज खुलासा, खुद जानिए !

1990, बचपन का वह काला दिन याद आ गया, जब मुलायम सिंह यादव ने अयोध्या में निहत्थे रामभक्त कारसेवकों पर अंधाधुंध गोलियां चलवाकर अंग्रेज डायर के कुकृत्य को भी मात दे दिया था, और हिन्दुओं का भी कत्लेआम करवाया था , वो दिन आज तक हम को अच्छे से याद है जब बहुत से हिन्दुओं को मारकर अपना शासन बनाया था , उस समय बेचारे मासूम हिन्दूओं का कत्लेआम हुआ था !

1990, remembered the dark days of childhood, when Mulayam Singh Yadav had killed indiscriminately firing on the unarmed Rambhat kar sevaks in Ayodhya and also defeated the virulence of English Dyer, and even the Hindus were massacred, that day till today we have Remember, when many Hindus were killed and made their rule, then the massacre of innocent Hindu On had been slaughtered!

उस दिन अयोध्या की पतित पावनी सरयू सलिला, कार सेवकों के रक्त से लाल – लाल हो गयी थी | सरकारी आंकड़े चाहे जो कहें पर कार सेवकों की लाशों को ट्रक में भर – भर कर फेंका गया था, प्रत्यक्ष दर्शिओं के अनुसार मरने वाले राम भक्तों की संख्या हजारों में थी | अयोध्या की गलियों ने इस दिन बाबर द्वारा किये गए नरसंहार को पांच सौ वर्ष बाद पुनः देखा था | वहां की पवित्र माटी, राम भक्तों के रक्त से सरोबार हो लोहित कीचड़ में बदल गई थी | यह क्रम 2 नवम्बर को पुनः दोहराया गया था !

On that day, Saryu Salila, a descendant of Ayodhya, became red-red with the car’s blood. Whatever the official figures, the bodies of the car servants were thrown into the truck, and according to the direct audience, there were thousands of dead devotees. The streets of Ayodhya saw the massacre by Babar on this day five hundred years later. The holy mud of it, the blood of Ram devotees, was transplanted into the liquid mud. This sequence was repeated again on November 2th!

दुःख है कि उत्तर प्रदेश की दिग्भ्रमित जनता ने, उसी हत्यारे मुलायम सिंह यादव को बार- बार सत्ता सौंप कर बार-बार अपनी ऐसी – तैसी करवाई | बिकी हुयी मीडिया हर दूसरे दिन गुजरात पर स्यापा करती है | एक इखलाक की लाश का सौदा करने के लिए सभी न्यूज़ रूम मछली बाजार बन जाते हैं | रोहिंग्या के मानवाधिकारों की दुहाई रोज दी जाती है | पर हाय रे हिदुओं का दुर्भाग्य, हजारों कार सेवकों का रक्त पात कभी किसी को याद नहीं आता !

Sadly, the misguided people of Uttar Pradesh, repeatedly handed their powers to the same killer Mulayam Singh Yadav and repeatedly made such tension. The marketed media sits on Gujarat every other day. All news rooms become the market of fish to deal with a scavenger’s corpse. Rohingyas’ human rights record is given daily. But the misfortune of the High Ray Hindus, never the blood of thousands of car servants ever remembers!

याद भी कैसे आये, आखिर वैश्या की निष्ठा हमेशा खरीददार के प्रति होती है और वह अरब से आने वाले पेट्रो डालरों में बिक चुकी है , आइये नतशीश हो, उन समस्त अमर धर्म पुरोधाओं को श्रद्धासुमन अर्पित करें जिन्होंने 27 वर्ष पूर्व हिंदुत्व रक्षार्थ आज ही के दिन अपने प्राणों को आहूत कर दिया था और यह जीत हासिल की थी, हिन्दुत्त्व की रक्षा के लिए उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दे दी, और हिन्दुओं की रक्षा बचा ली !

Remember how Vaisya’s allegiance is always towards the buyer and she has been sold in petro dollars coming from Arabia, let’s be happy, devote all the Amar Dharmadhikars to those who devoted 27 years ago to Hindutva Defend today. The day had passed on to his soul and he had won, he sacrificed his life to protect Hindutva, and to protect the Hindus Got saved!

धन्य हैं जो शोडित धारा से, माटी को लोहित कर जाते हैं । युगों युगों तक जीवित रहते, कुल को शोभित कर जाते हैं ।।धर्म चिता में जल कर जो, रण में शीश दान कर जाते हैं । वो शूरवीर हैं अमर सदा, सुरपुर में देवों की पदवी पाते है !

Blessed are those who take the clay to the clay, from the Shoddha stream. Ages survive for ages, they are decorated to the total .. by burning water in the chita, which is donated by Shesh in the Rann. They are the brave heroes of Amar Dev, in Goddess of Surpur!

यह भी देखें :

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

इस बड़े नेता ने राम भक्तों पर इसलिए चलवाई थी गोलियां, हिन्दुओं का किया था कत्लेआम !

आज शौर्य दिवस है, और आज ही के दिन 6 दिसंबर 1992 को हिन्दुओ ने एकजुटता का परिचय देते हुए भारत की धरती पर खड़े एक बड़े कलंक को मिटाया था, जी हां, आज ही के दिन अयोध्या से बाबरी ढाँचे को साफ़ किया था हिन्दू वीरों ने और भारत की धरती पर इस बड़े कलंक को मिटा दिया था

Today is Shaurya Day, and on 6th December 1992, on the day of introduction of solidarity, India had erased one big stigma standing on the soil of India; Yes, today, on the day the Ayodhya had cleaned the Babri structure, the Hindu heroes And erased this big blot on the soil of India

बता दें की अयोध्या में भव्य राम मंदिर था, 50 हज़ार हिन्दुओ के कत्लेआम के बाद बाबर ने राम मंदिर तुड़वाकर वहां मस्जिद बनवा दिया था, परन्तु हिन्दुओ ने कभी इस स्थान को नहीं छोड़ा, और उसी ज़माने से कारसेवा शुरू कर दी

Tell us that there was a grand temple in Ayodhya, after the massacre of 50 thousand Hindus, Babar had built a mosque there by tearing down the Ram temple, but Hindus never left this place, and started a caravan service from that time.

हिन्दू 1992 तक कारसेवा करते रहे, कारसेवा मतलब राम जन्मभूमि पर आकर राम की जी पूजा, राम मंदिर के निर्माण की मांग इत्यादि, और लाखों कारसेवकों ने राम मंदिर के लिए बलिदान दिया, राम मंदिर के लिए कड़ी मेहनत की और आखिरकार 6 दिसंबर 1992 को भारत की धरती पर खड़े इस बड़े कलंक को मिटा दिया गया

Hindus continued performing the service till 1992, Karseva means visiting Ram ji Puja, Ram temple, Ram Mandir for the construction of Ram temple, etc. and millions of kar sevaks sacrificed for Ram temple, worked hard for Ram temple and finally on December 6, 1992 This big blot standing on the soil of India was wiped out

आज का दिन बड़ा ही अद्भुत है, अब हम उन कारसेवकों को नमन कर रहे है, जिन्होंने राम मंदिर के लिए अपना बलिदान दे दिया जिनमे कोठरी बंधू भी शामिल हैं, जिन्हे मुलायम सिंह यादव ने मरवा दिया था, कोठरी बन्दुओं के अलावा भी 15वी सदी से ही लाखों हिन्दुओ ने अपना बलिदान कारसेवा में दिया, उन सभी को आज हम याद कर रहे है, ह्रदय की गहराइयों से नमन कर रहे है

Today is a wonderful day, now we are bowing down to the kar sevaks, who sacrificed their lives for the Ram temple, which included the closet brothers, who had died by Mulayam Singh Yadav, apart from the closet, 15th century Lakhs of Hindus have sacrificed their sacrifice in the service of the service, we are remembering them all today, bowing deeply to the heart.

और भारत की धरती से बाबरी ढाँचे के कलंक को मिटा देने वाले कारसेवकों को हम प्रणाम कर रहे है, की उन्ही के शौर्य के कारण ही भारत की धरती से एक बड़ा कलंक मिटाया गया था, जय जय श्री राम

And we are bowing down to the karsevaks who eradicate the stigma of the Babri structure from the land of India, because of their bravery, a big blot was eradicated from India’s land, Jai Jai Shri Ram

यह भी देखें :

https://youtu.be/Q1GAObsp__A

source zee news