बड़ा खुलासा:हिन्दुओं का फूटा गुस्सा,NDTV के बाद अब ये बड़ा चैनल आया PM मोदी की रेडार पर,जल्द आसकते हैं बड़े आदेश |

इतिहास अपने आप को दोहरा रहा है. फिर एक नैरेटिव सेट हो रहा है. भारत की मीडिया ने किस प्रकार गजवा हिन्द करने के लिए हिन्दुओ और भारत के खिलाफ जिहाद को छेड़ा है आप इस चीज को समझने की कोशिश कीजिये, हिन्दू नामो में घूम रहे ये छद्म जिहादी किस प्रकार गजवा हिन्द में योगदान दे रहे है इसे समझे

जैसे जेएनयू में हुआ था. ‘देश के टुकड़े होने के नारे लगे ही नहीं. वीडियो झूठा है. पाकिस्तान ज़िंदाबाद कहा ही नहीं गया. कैमरे झूठ बोल रहे हैं.’ जैसे कैराना में हुआ था. ‘लोग घर छोड़ कर गए ही नहीं. घरों पे लगे ताले झूठे हैं. कोई पलायन हुआ ही नहीं. बरसों बरस से पुश्तैनी मकान छोड़ कर और जगहों पर बस गए लोग झूठ बोलते हैं. मीडिया झूठ दिखा रहा है.’

जैसे मालदा में हुआ था. ‘कोई हंगामा या प्रदर्शन हुआ ही नहीं. ये टीवी वाले तो झूठ दिखा रहे हैं. बंगाल के तो किसी अखबार में छपा ही नहीं है. थाने में आग लगा दी ? अच्छा? वो तो कोई गुंडे थे, दंगा थोड़े न हुआ !’ जैसे धूलागढ़ में हुआ था. जैसे दादरी में हुआ था. जैसे कर्नाटक में प्रशांत पुजारी की मौत पर हुआ था.
या फिर जैसे कश्मीरी पंडितों के साथ हुआ था.

ABP न्यूज़ नाम का न्यूज़ चैनल हिन्दुओ के खिलाफ किस प्रकार एजेंडा चलाता है ये आज हम आपको दिखाएंगे, हम आपको ABP न्यूज़ पर चलाई गयी खबरों के कुछ स्क्रीनशॉट भी दिखाएंगे ताकि आप समझ सके की ABP न्यूज़ भारत में पत्रकारिता के नाम पर हिन्दुओ के खिलाफ जिहादी छेड़े हुए है, पहले तो जरा कुछ स्क्रीनशॉट्स पर आप नजर डालिये, ध्यान दीजिये

हिन्दू समाज पार्टी के प्रमुख कमलेश तिवारी का कहना है की ABP न्यूज़ हिन्दुओ के खिलाफ नफरत फैला रहा है, वहीँ इस्लामिक आतंकवाद को समर्थन दे रहा है, ABP न्यूज़ इतना ही खतरनाक है जितना कोई आतंकवादी संगठन इसी कारण ABP न्यूज़ को जितना जल्द बैन किया जाये देश और हिन्दू समाज के लिए उतना ही अच्छा है, कमलेश तिवारी ने हिन्दुओ से भी अपील करी है की ABP न्यूज़ का टीवी से लेकर सोशल मीडिया तक में पूर्ण बहिष्कार करें

आपने कभी देखा है की ABP न्यूज़ ने खबर चलाई हो की मुस्लिम आतंकी पकड़ा गया है ? पर एक मुस्लिम आतंकी को जो इस्लाम अपना चूका था उसे ABP न्यूज़ हिन्दू आतंकी , हिन्दू आतंकी, हिन्दू आतंकी बताकर प्रचारित कर रहा था

और अभी हाल ही में कासगंज में चन्दन गुप्ता की हत्या को भी ABP न्यूज़ ने जायज ठहरा दिया, ABP न्यूज़ ने बताया की बिना इज़ाज़त के तिरंगा यात्रा निकाल रहे थे, मतलब तिरंगा यात्रा के भी भी इज़ाज़त लेनी होगी, ABP न्यूज़ के रिपोर्टर और पत्रकार बता रहे थे की भारत माता की जय, वन्दे मातरम जैसे भड़काऊ नारे लगाए जा रहे थे, आप समझ सकते है की ABP न्यूज़ किस प्रकार का एक जिहादी न्यूज़ संस्थान है जिसने हिन्दुओ के खलाफ जिहाद छेड़ रखा है

आज लखनऊ में हिन्दुओ ने कमलेश तिवारी के नेतृत्व में ABP न्यूज़ को बैन करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया है, और मांग करि है की समाज द्रोही ABP न्यूज़ को जल्द से जल्द बैन किया जाये

एक कहावत है, जब किसी को यकीन न दिला सको – तो उसे भ्रमित कर दो. इफ यू कांट कन्विन्स देम, कन्फ्यूज़ देम. उनके सामने इतने सारे झूठ परोस दो कि वो मजबूरन उनमें से किसी झूठ को ही सच मानने को मजबूर हो जाएं. इसी लिए करणी सेना के कथित ‘गुंडे’ जब भंसाली के विरोध में सड़क पर उतरते हैं, तो उन्हें आतंकवादी कहने में देर नहीं लगाई जाती. लेकिन कासगंज के आरोपियों के यहां जब बंदूकें और होटलों में देसी बम मिलते हैं – तो उन्हें आतंकवादी कहना तो दूर उनकी पैरवी के लिए लोग टीवी-अखबार छोड़िए, घर में बनाए जाने वाले सुतली बमों जैसे देसी वीडियो तक बना बना कर मैदान में कूदते हैं.

तिरंगे की यात्रा निकालने पर झगड़ा हुआ या नहीं, इस पर जान गंवाने वाले लड़के की बिलखती मां की गवाही झूठी हो जाती है. उनकी गवाही सही हो जाती है जिन पर उस सोलह साल के बच्चे को मार देने का आरोप लगता है ! गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराने की इजाज़त नहीं ली गई थी जैसे तर्क दिए जाते हैं. और जब वो कुतर्क फेल हो जाते हैं तो तिरंगा ले के निकलने वालों को ‘भगवा गुंडे’ क़रार दे दिया जाता है.

ये संज्ञाएं गढ़ने वाले वही लोग हैं जो हरियाणा के जाटों पर ‘बलात्कारी’ होने का झूठ चस्पां करने में पल भर नहीं सोचते. और फिर अपने उस झूठ को सच साबित करने के लिए झूठी गवाहियां भी गढ़ते हैं, सुबूत भी. ये वही लोग हैं जिन्हें खाने की थाली का धर्म पता है, स्कूल की प्रार्थना का धर्म पता है, इमारतों की दीवारों के रंगों का धर्म पता है, योग का धर्म पता है, सूर्य नमस्कार का धर्म पता है, वंदे मातरम का धर्म पता है, भारत माता की जय का धर्म पता है – बस आतंक का धर्म नहीं पता ! तय कीजिए, झूठ ये फैलाते आए हैं – या वो फैला रहे हैं जिन्होंने इनके झूठ की पोलें खोलनी शुरू की तो इनकी चूलें हिलने लगी हैं?

यह भी देखें:-

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

बड़ी खबर: PM मोदी के विरुद्ध कांग्रेसी दलालों की रची बड़ी साजिश का हुआ खुलासा, UP पुलिस ने किया पर्दाफ़ाश

नई दिल्ली : चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस और उनके दलाल किस हद तक गिर सकते हैं, इस बात का अंदाजा आपको ये हैरतअंगेज खबर पढ़कर हो जाएगा. यूपी चुनाव से पहले सपा नेताओं ने गुजरात के लोगों को गधा तक कह डाला था. अब गुजरात चुनाव में एक बार फिर गधों का सहारा लेकर कांग्रेस चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस के दलाल माने जाने वाले एनडीटीवी ने बीजेपी सरकार का मजाक उड़ाते हुए झूठी खबर वायरल कर दी कि यूपी पुलिस ने गधों को चार दिनों के लिए जेल में डाल दिया, मगर यूपी पुलिस ने तुरंत इनकी अक्ल ठिकाने लगा दी.

आकाओं की मदद के लिए झूठी ख़बरें छाप रहा एनडीटीवी
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक़ उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में जेल प्रशासन ने गधों के एक समूह को हिरासत में ले लिया था. इस रिपोर्ट के मुताबिक़ उरई में हिरासत में लिए गए इन गधों ने जिला जेल के बाहर लगे पेड़ों को नुकसान पहुंचाया था, जिसके बाद जेल प्रशासन के कर्मचारी इन्हें पकड़कर ले आए.

हालांकि ये खबर पूरी तरह से झूठी और बकवास थी, मगर फिर भी बिना सच्चाई की पड़ताल किये कई मीडिया चैनलों व् अखबारों ने प्रमुखता से इस खबर को चलाया और बीजेपी सरकार पर खूब कीचड उछाला गया. कोंग्रेसी दलालों की पूरी कोशिश थी कि किसी तरह इस मुद्दे को लेकर मोदी को घेर लिया जाए और गुजरात चुनाव को प्रभावित किया जाए.

यूपी पुलिस ने दी चेतावनी
मगर यूपी पुलिस ने तुरंत घटना का संज्ञान लेते हुए जांच की और पाया कि पूरी खबर कोरी बकवास है और यूपी पुलिस ने किसी गधे को नहीं पकड़ा है. जिसके बाद एनडीटीवी को फटकार लगाते हुए यूपी पुलिस ने आगे से जांच करके रिपोर्ट छापने के लिए कहा.

मगर बदतमीजी की इंतहां देखिये कि गलती पकडे जाने पर भी एनडीटीवी ने माफ़ी नहीं मांगी. माफ़ी मांगना तो दूर, उलटा यूपी पुलिस को ही नसीहत देते हुए कह दिया कि ये रिपोर्ट उनके बारे में है ही नहीं. वहीँ देश की जनता इस झूठी खबर और मोदी के खिलाफ मीडिया के एक वर्ग द्वारा किये जा रहे षड्यंत्र को देख बुरी तरह भड़क उठे.

https://twitter.com/Rajdeep4G/status/935375764794388480

ट्विटर व् फेसबुक पर लोगों ने एनडीटीवी को जी-भर कर कोसा. लोगों ने ट्वीट करके कहा कि मीडिया जितनी झूठी ख़बरें चलाएगा, मोदी उतना ही आगे बढ़ेगा. वहीँ कुछ लोगों ने एनडीटीवी पत्रकारों को अफवाह फैलाने के लिए जेल भेजे जाने तक के लिए कहा.

बता दें कि एनडीटीवी सदा ही देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहा है. इससे पहले भी आतंकवादियों की मादा करने के आरोप के चलते सरकार ने इस चैनल को एक दिन के लिए बैन करने का फैसला लिया था, मगर तब सभी वामपंथी पत्रकार उसके समर्थन में आकर घड़ियाली आंसू बहाते हुए उसे प्रेस की आजादी पर ख़तरा बताने लगे थे.

मगर ये साफ़ है कि एक पार्टी के खिलाफ एजेंडा चलाने वाले ऐसे डिज़ाइनर पत्रकार अपने आकाओं को चुनाव में जीत दिलाने के लिए झूठी, फर्जी ख़बरें छापने से भी संकोच नहीं करते हैं. ऐसे में इनके द्वारा छापी गयी किसी भी खबर का विशवास करना मुश्किल हो जाता है.

यह भी देखें :

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

https://youtu.be/KZmJrB0_U64

source zee news

अभी अभी: देश में उठी ये जोरदार मांग, NDTV ने रोहिंग्या मुसलमान पर लिया बड़ा जबरजस्त फैसला !

भारत के अंदर गैर क़ानूनी रोहिंग्या मुसलमान रहे इसके लिए बहुत से लोग आवाज उठा रहे है, कुछ लोग कोर्ट में केस लड रहे है, तो कुछ लोग हिन्दुओ और भारत को धमकियां दे रहे है,

Many people are raising voice for non-legal Rohingya Muslims inside India, some people are in court, so some people are giving threats to Hindus and India,

अलकायदा से लेकर कांग्रेस तक, और हाफिज साईंद से लेकत प्रशांत भूषण जैसे वकील सभी रोहिंग्या मुसलमान को भारत के अंदर बसाना चाहते है,

From Al Qaeda to the Congress, and from Hafiz Sahend, advocates like Lax Prashant Bhushan want to place all Rohingya Muslims inside India.

बहुत तरह के बुद्धिजीवी और मीडिया के लोग भी रोहिंग्यो के समर्थन में प्रोपोगंडा चला रहे है और रोहिंग्यों का सबसे बड़ा समर्थक मीडिया नेटवर्क है NDTV,

A lot of intellectuals and media people are also running Propaganda in support of Rohingya and Rohingyon’s biggest supporting media network is NDTV,

NDTV के सारे पत्रकार, सरे वैसे लोग जो NDTV से जुड़े हुए है वो रोहिंग्यों के समथन में बयानबाजी कर रहे है, ट्वीट कर रहे है, NDTV के लोग रोहिंग्याओं के समर्थन में कार्यक्रम चलाए जा रहे है, NDTV के लोग रोहिंग्याओं के लिए बहुत ज्यादा परेशान है,

All journalists of NDTV, all the people who are connected with NDTV are making statements in support of Rohingya, tweeting that NDTV people are running programs in support of Rohingya, NDTV people are very much interested in Rohingya The trouble is,

अब ऐसे में देश में एक जबरजस्त मांग शुरू हो चुकी है सोशल मीडिया पर इस मांग को उठाया जा रहा है, आपको भी इसे देखना चाहिए,

Now such a demand has started in the country, this demand is being raised on social media, you should also see this,

लोगो की मांग है, लोग प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी से मांग कर रहे है कि NDTV के लोग रोहिंग्याओं के लिए बहुत परेशान है,

The demand of the people is that people are demanding from Prime Minister Narendra Modi that the people of NDTV are very upset for Rohingyas,

वो किसी भी कीमत पर रोहिंग्याओ की भारत के अंदर ही रखना चाहते है ऐसे में सरकार NDTV की संपत्तियों को बेच और रोहिंग्या मुस्लिमो के लिए उस पैसे से घर, कपड़ा खाना इत्यादी. खरीदें

They want to keep Rohingya in India at any cost, in such a way, the government sells properties of NDTV and for Rohingya Muslims, the house, cloth etc., with that money. Buy

देश में उठी जोरदार मांग! * NDTV रोहिंग्याओं के लिए बहुत ज्यादा परेशान * NDTV की संपत्तियां बेच कर खरीदे जायेंगे रोहिंग्याओं के लिए घर,

Strong demand in the country! * NDTV will be very troubled for Rohingya by selling NDTV properties * Home for Rohingyas,

” NDTV की सम्पतियों कप बेचकर उस से रोहिंग्याओ के लिए जुटाया जाये रोटी कपड़ा और मकान

“NDTV’s assets can be sold by selling cups and roti cloth and house for Rohingya