ट्विटर पर कांग्रेस का पोल, किस जानवर पर बैठे थे नेहरू? लोग बोले- गधे पर

हाल ही में, भारत में राजनीतिक दलों, खासकर भाजपा ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल अपने प्रशंसकों के साथ सीधे जुड़ने के लिए किया है। हालांकि, माइक्रोब्लॉगिंग मंच ट्विटर भारी आलोचनाओं में आ गया है।ट्विटर पर तेजी से उस मंच के बनने का आरोप है जहां किसी राजनीतिक संगठन के “ट्रॉल्स” का भुगतान या अवैतनिक प्रचार के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। अब इस पूरे मामले में कांग्रेस पार्टी भी अपनी सोशल मीडिया की उपस्थिति बढ़ाने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है, यद्यपि बिना सफलता के! ग्रैंड ओल्ड पार्टी के नवीनतम कदम #KnowYourLegacy नामक चुनावों की एक श्रृंखला रही हैं, जहां वे इस तरह के लोगों से सवाल पूछते हैं!

Recently, political parties in India, especially the BJP, have used social media to connect directly with their fans. However, the microblogging platform Twitter has come under heavy criticism.Twitter is accused of quickly becoming the platform where a political organization uses “trolls” to pay or use it for unpaid publicity. Now in this entire case, the Congress party is also working hard to increase the presence of its social media, though without success! The Grand Old Party’s latest move has been a series of elections called #KnowYourLegacy, where they ask questions like these people!

पहले ऐसा लगता था कि आम जनता को पार्टी के योगदान के बारे में लोगों को याद दिलाने का एक अच्छा प्रयास है, जो कल्याण के लिए योगदान देता है और उनकी छवि बेहतर बनाती है।अगर आप सोच रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी आखिरकार अपनी सोशल मीडिया गेम बढ़ा रही है, तो आप अब जरा ठहरिए क्योंकि खेल अब बदल चुका है।

Earlier it seemed that the general public has a good effort to remind people about the contribution of the party, which contributes to welfare and improves their image.If you are thinking that the Congress party will eventually have its own social media The game is increasing, so be it just now, because the game has changed now.


पूरी तरह से अजीब सर्वेक्षण में 4 सितम्बर को कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर से जुड़े ट्वीट में पार्टी के आला नेता चाहते थे कि लोग इसका जवाब दें: “1958 में भूटान में मोटर सड़कों की अनुपस्थिति में, प्रधान मंत्री नेहरू ने देश की यात्रा के लिए एक जानवर पर चढ़ाई की। यह जानवर कौन सा था?’

In a completely strange survey on 4th of September, the party’s top leaders wanted that the people of the party in the ties linked to the official Twitter Twitter: “In 1958, in the absence of motor vehicles in Bhutan, Prime Minister Nehru visited the country Climbing on the animal. What was this animal? ‘


जैसे कि कांग्रेस इस बारे में पूरी तरह से अनजान है कि सोशल मीडिया कैसे काम करता है, क्योंकि भाजपा ने प्लेटफार्म पर बड़ी उपस्थिति है अतः उन्होंने एक विकल्प के रूप में ‘गधा’ को भी जोड़ा।यह दांव उस वक़्त बहुत ही उल्टा पड़ गया जब 67% वोट गधे पर पड़ गए।यह कांग्रेस के लिए बहुत ही लज्जाजनक स्थिति रही थी।

As the Congress is totally unaware of how social media works, because BJP has a large presence on the platform, so they added ‘donkey’ as an option. This bets were very reversed at that time. When 67% votes fell on the donkey. It was a very shameful situation for the Congress.

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https://youtu.be/Uzs16fYnw1k

https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8

source name political report

बड़ी खबर: मुगलों और नेहरु के हजारो षड्यंत्रों के बाद हिन्दू आज ज़िन्दा है तो उसका कारण मात्र यह शख्स है

पहले वो सब ठप्पे के साथ इफ़्तार पार्टियाँ करते थे, टोपियाँ पहनते थे, सजदे करते थे, नमाज़ पढ़ने का ढोंग करते थे क्योंकि हितैषी तो ये मुसलमानों के भी नहीं थे। ये सब करने के पीछे कारण केवल एक ही था मुसलमानों के थोकबंद वोट बटोरना। चंद रियायतें दे देना, इनके दिलों में हिंदुओं के प्रति नफ़रत पैदा करना और मुसलमानों के ज़्यादा तलवे चाटना कि हिंदुओं में भी मुसलमानों के प्रति नफ़रत पैदा होने लगी थी।

Earlier, all those parties used to perform Ipat parties, used to wear hats, worshiped, used to pretend to read namaz because they were not even Muslims. The only reason behind doing all this was to collect bulk vote of Muslims. To give a few concessions, to create hatred towards the Hindus in their hearts and to lick more sweets of the Muslims, even among the Hindus, started becoming a victim of hatred towards the Muslims.

कांग्रेस, वामपंथी, समाजवादी पार्टी, लालू, मुलायम, ममता बैनर्जी, केजरीवाल जैसे तमाम नेताओं और पार्टियों ने इतने ज़्यादा मुसलमानों के तलवे चाटे कि देश के हिंदुओं में हीन भावना पैदा होने लगी थी। ये नेता हिन्दू होकर भी हिंदुओं को गालियाँ देने, उनका अपमान करने से चूकते नहीं थे। जब भी कोई आतंकी घटना होती तो ये यही कहते थे कि आतंक का कोई धर्म नहीं होता लेकिन हिंदुओं को झूठे केस में फँसाकर इनको आतंक का धर्म दिख गया। याद कीजिये चिदंबरम का देश की संसद में ‘भगवा आतंकवाद’ शब्द का प्रयोग करना, कर्नल पुरोहित, साध्वी प्रज्ञा,असीमनन्द जैसे कई निर्दोष हिंदुओं को बिना किसी सबूत के गिरफ्तार करके अंतहीन यातनाएँ देना। ये सभी लोग मोदी सरकार के आने के बाद इन यातनाओं से मुक्त हुए हैं और जेल से रिहा हुए हैं अगर आज भी कांग्रेस सरकार में होती तो इन लोगों की शायद लाशें भी किसी को न मिलतीं।

All the leaders and parties like the Congress, Leftists, Samajwadi Party, Lalu, Mulayam, Mamta Banerjee, Kejriwal used to laugh so many Muslims that there was inferiority among the Hindus of the country. These leaders did not hesitate to abuse the Hindus, to insult them, even after becoming a Hindu. Whenever there was a terrorist incident, it used to say that there was no religion of terror but they were found to be the religion of terror by trapping the Hindus in a false case. Remember, Chidambaram should use the term ‘saffron terrorism’ in the country’s parliament, arresting innocent Hindus without any evidence, endless tortures by arresting Colonel Purohit, Sadhvi Pragya, Asimanand, without any evidence. All these people have been released from these tortures after being Modi government and have been released from jail. Even if the Congress was in the government today, probably the bodies of these people would not be available to anyone.

याद कीजिये दिग्विजयसिंह का मुंबई के 26/11 हमले में संघ को दोषी बताने वाली क़िताब का विमोचन करना जबकि सारी दुनिया उस वक़्त भी देख रही थी कि सारे आतंकी पाकिस्तान से आये थे। वो तो क़साब ज़िंदा पकड़ा गया वरना कांग्रेस इसमें भी कई निर्दोष हिंदुओं को फँसाकर उनकी ज़िंदगी बर्बाद कर देते।

Remember Digvijay Singh’s release of the book condemning the Sangh in Mumbai’s 26/11 attacks, while the whole world was also watching that all the terrorists came from Pakistan. That Kasad was caught alive or else the Congress would ruin his life by trapping many innocent Hindus in it too.

देश और हिंदुत्व के शत्रु यही नेता आज मंदिरों की घंटियां बजाने, पूजा अर्चना करने और माथा टेकने को मजबूर हो गए हैं। कभी मंदिर जाने वालों को लड़कियाँ छेड़ने वाला कहने वाला राहुल गाँधी आज खुद को जन्मजात हिन्दू बता रहा है, जबकि ये भी खबर है राहुल गाँधी दो पासपोर्ट हैं जिनमें से एक नाम उनका नाम रॉउल विंसी है। सोनिया गाँधी का मुस्लिम और ईसाई प्रेम किसी से छिपा नहीं है। बाटला हाउस एनकाउंटर में रोने वाली सोनिया आज परदे के पीछे जाकर क्यों बैठी है? बाबा विश्वनाथ की धरती पर जाकर बीमार (?) हुई सोनिया उसके बाद से कभी कहीं नज़र आईं क्या?

The enemies of the country and Hindutva have been forced to play bells of temples, to worship and worship the forehead. Rahul Gandhi, who once said that girls going to the temple, is telling a congenital person, while today it is also reported that Rahul Gandhi has two passports, one of which is his name, Raúl Vínsi. Sonia Gandhi’s Muslim and Christian love is not hidden from anyone. Sonia, who is crying at the Batla House encounter, why is she sitting behind the scenes today? Baba Vishwanath went to the earth and sick? (Sonia?) Have you ever seen somewhere since then?

आज हिंदुओं में शक्ति कहाँ से आई? कौन है वो जिसने सोते हुए हिंदुओं को जगाया है? वही है न 67 साल का ऊर्जावान, राष्ट्रभक्त, कर्मवीर जो कभी दूसरे धर्म का अपमान नहीं करता लेकिन अपने धर्म का पालन पूरी आन बान और शान के साथ करता है, जो सारी दुनिया के सामने जय श्रीराम के नारे लगाता है, जो जापान के प्रधानमंत्री के साथ गंगा आरती करता है, जो दुबई के शाही परिवार से मंदिर के लिए ज़मीन लेकर आता है। विदेशों में रहने वाले मित्र बताते हैं कि आज दुनिया भारतीयों को सम्मान की दृष्टि से देखने लगी है।

Where did the power come from Hindus today? Who is he who has awakened the Hindus while sleeping? That is the 67 years of energetic, nationalist, Karmaveer who never insulted another religion, but followed his religion with full faith and honor, which is shouting Jai Shriram in front of the whole world, which is the Prime Minister of Japan Ganga accompanies the Aarti, which brings the land from the royal family of Dubai to the temple. Friends in foreign countries show that today the world has started looking at Indians with respect.

वो बहुत कुछ हमें दे चुका है और देते ही जा रहा है, वो कभी किसी एक धर्म की बात नहीं करता वो हमेशा 130 करोड़ भारतीयों की बात करता है, इसके पहले वो 6 करोड़ गुजरातियों की बात करता था।

He has given us a lot and has been giving it, he does not talk about any one religion, he always talks about 130 million Indians, before that he used to talk about 6 crore Gujaratis.

ये GST की शुरुआती परेशानियां, ये मंदी का दौर सब कुछ अस्थायी है, ज़रा इतिहास खंगालो उसने भूकम्प से तबाह गुजरात को देश का सबसे उन्नत प्रदेश बना दिया, वो भी तब, जब उसे कोई भी प्रशासनिक अनुभव नहीं था। जबकि आज वो आग में तपकर, तेज धार में कटकर नायाब सोना हीरा बन चुका है। उसकी ईमानदारी, मज़बूती, कठोर परिश्रम का लोहा तो उसके दुश्मन भी मानते हैं, वो भारत को और हिंदुत्व को इतनी ऊँचाई पर ले जायेगा जिसकी हमने कभी कल्पना भी नहीं कि होगी।

These are the initial troubles of GST, this recession is all temporary, everything is history. It has destroyed the earthquake and made Gujarat the most advanced state of the country, even then, when it did not have any administrative experience. Whereas today he has become a precious gold diamond by cutting it in the fire and drifting in the fire. The iron of his honesty, strength, hard work, even his enemies believe that, he will take India and Hindutva to such a height which we have never imagined.

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https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

https://youtu.be/hsfxfSRtdUs

ब्रेकिंग–अमेरिका ने दी नेहरू से जुडी ऐसी खुफिया जानकारी जिसने पूरी दुनिया को रख दिया हिलाकर !

नेहरू के कारण भारत से छिन गया “अक्साई चिन”

भारत-चीन के बीच हुए युद्ध में भारत की हार को नेहरू की विफलता तो कई लोग कहते आये हैं लेकिन सीआईए की ये रिपोर्ट पढ़कर तो आपकी आँखें ही फटी रह जाएंगी. आपको बता दें कि हाल ही में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने एक करोड़ से अधिक पुराने ‘गोपनीय’ दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं. सीआईए के इन दस्तावेजों के सामने आने के बाद फ्रांसीसी मूल के तिब्बत विशेषज्ञ “क्लाड अर्पी” ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि यदि नेहरू प्रशासन समय रहते सतर्क हो जाता तो चीन कभी “अक्साई चिन” भारत से नहीं छीन पाता.

Aksai Chin” disappeared from India due to Nehru

Many people have said that Nehru’s failure to defeat India’s defeat in the war between India and China, but after reading these reports of CIA, your eyes will be torn apart. Let us know that recently the US intelligence agency CIA has made more than 10 million old ‘confidential’ documents public. After coming out of these CIA documents, French-origin Tibet expert “Claude Arpi” has claimed in a report that if the Nehru administration becomes alert during the time, then China could never take away “Aksai Chin” from India.

सीआईए की चेतावनी को किया दरकिनार
“क्लाड अर्पी” की रिपोर्ट के मुताबिक़ भारतीय सरकार को सीआईए की ओर से इस बारे में चेतावनी भी दी गयी थी लेकिन नेहरू की अक्ल पर पत्थर पड़े हुए थे इसलिए उन्होंने इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया. अर्पी के मुताबिक 1953 में सीआईए को पता था कि चीन अपनी सीमा पर भारी संख्या में सैनिक और निर्माण सामग्री जमा कर चुका था. इतना ही नहीं, 1957 में तो एक चीनी अखबार ने ये खबर तक छापी कि चीनी सरकार ने शिनजियांग और तिब्बत को जोड़ने वाली1200 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कर लिया है, लेकिन नेहरू का ध्यान इस ओर नहीं गया.

Bypassing CIA’s Warning
According to the report of “Claude Arpi”, the Indian government was warned on behalf of the CIA but stones were laid on Nehru’s sentiment, so he did not take this warning seriously. According to Arpi, in 1953, the CIA knew that China had accumulated a large number of military and construction material on its border. Not only that, in 1957, a Chinese newspaper published it to the news that the Chinese government has built a 1200-kilometer long road connecting Xinjiang and Tibet, but Nehru’s attention did not go towards it.

चीन भारतीय इलाकों में सड़के बना रहा था, नेहरू आँखें मूंदे बैठे थे
सीआईए की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी अखबार कुआंग-मिंग जी-पाओ ने 6 अक्टूबर, 1957 को इस बारे में खबर छापी थी कि दुनिया के सबसे ऊंचे हाईवे शिनजियांग-तिब्बत हाईवे का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. अखबार ने ये भी बताया था कि इस हाईवे पर ट्रायल के लिए कई दिनों से ट्रक भी दौड़ रहे थे.

China was making roads in Indian territory, Nehru was sitting idle
According to the CIA report, Chinese newspaper Qiang-Ming-ji-Pao published a news on October 6, 1957 that the construction of the world’s tallest highway Xinjiang-Tibet Highway has been completed. The newspaper had also told that trucks were also running for several days for trial on this highway.

इतना ही नहीं तत्कालीन विदेश सचिव ने 1958 में जब तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू को इस सड़क के भारत के अक्साई चीन इलाके से होकर गुजरने के बारे में बताया तब भी नेहरू के कान पर जूँ तक नहीं रेंगी. नेहरू तो मानो अपनी ही दुनिया में खोये हुए थे या फिर उनमे रत्तीभर भी राजनीतिक समझ नहीं थी इसलिए उन्हें दिख ही नहीं रहा था कि उनकी नाक के नीचे क्या चल रहा था.

Not only this, when the then Foreign Secretary told about the passing of this road in the Aksai Chin area of ​​India in 1958, when Nehru’s ears would not be lined up. Nehru was as if he was lost in his own world or there was no political understanding in him, so he could not see what was going on under his nose.

दो साल बाद होश आया नेहरू को
बाद में नेहरू ने 1959 में संसद ये बात स्वीकार भी कर ली कि चीन की ये सड़क भारतीय इलाके से होकर गुजरती है. क्लाड अर्पी के मुताबिक़ इस अत्यंत महत्वपूर्ण खबर को नेहरू तक पहुंचने में करीब दो साल लग गए. इन दो सालों में आईबी के तत्कालीन निदेशक बीएन मलिक को भी इस बात का एहसास तक नहीं हुआ कि चीन ने भारतीय इलाके “अक्साई चिन” में हाइवे बना लिया है.

Two years later, the senses came to Nehru
Nehru later accepted the Parliament in 1959 that this road of China passes through the Indian territory. According to Claude Arpi, it took almost two years to reach this extremely important news to Nehru. In these two years, the then IB director, BN Malik, did not even realize that China has made a highway in the Indian territory “Aksai Chin”.

 

चीन का हाईवे बन गया, उसके बनने की खबर भी छप गयी उसके भी करीब 5 महीने बाद 1958 में भारतीय विदेश सचिव सुबीमल दत्त ने नेहरू को बताया कि ऐसा लग रहा है कि चीन द्वारा बनाया गया 1200 किलोमीटर लंबा हाईवे भारत के अक्साई चिन से होकर गुजर रहा है.

China’s highway was created, the news of its formation was also printed, about five months later, in 1958, Indian Foreign Secretary Subimal Dutt told Nehru that it seems that the 1200 km long highway built by China is through Aksai Chin of India Passing.

राजनीतिक समझ का आभाव
हैरानी कि बात तो ये है कि नेहरू को इस बात का पता चलने के बाद भी उन्हें यही लगा कि चीन को इस हाईवे से कोई फायदा होगा ही नहीं. काफी जोर देने के बाद नेहरू ने दबे मन से इलाके के जमीनी निरीक्षण के लिए मंजूरी दी लेकिन अक्साई चिन के हवाई सर्वे को लेकर कोई उत्सुकता नहीं दिखाई. इतना सब होने के बाद नेहरू ने सुझाव दिया कि भारत चीन को अपना नक्शा भेज दे लेकिन अनौपचारिक तौर पर.

Lack of political understanding
Surprisingly, even after Nehru discovered this, he felt that China would not have any advantage over this highway. After a lot of emphasis, Nehru apologized for the land inspection of the area but there was no curiosity about Aksai Chin air survey. After all this, Nehru suggested that India send its map to China but informally

अंत में जब भारतीय सैनिक अक्साई चिन के जमीनी निरीक्षण के लिए गए तो चीनी सैनिकों ने उन्हें मार दिया. इतनी बड़ी घटना के होने के बाद भी 18 अक्टूबर 1958 को भारतीय विदेश सचिव ने चीनी राजदूत को केवल एक ‘अनौपचारिक नोट’ दिया, जिससे हालात पर कुछ ख़ास फर्क नहीं पड़ा.

Finally, when Indian soldiers went to Aksai Chin’s ground inspection, the Chinese soldiers killed them. Even after this huge incident, on October 18, 1958, the Indian Foreign Secretary gave only an ‘informal note’ to the Chinese ambassador, which did not make any difference to the situation.

नेहरू ने किया संसद को गुमराह
क्लाड ने अपनी इस रिपोर्ट में नेहरू पर भारत की संसद को गुमराह करने का भी आरोप लगाया है. उन्होंने लिखा है कि 22 अप्रैल 1959 को सांसद बृज राज सिंह ने मीडिया रिपोर्ट के हवाले से संसद में सवाल किया कि चीन ने अपने नक्शे में भारतीय इलाके को चीन का हिस्सा दिखाया है, इस बारे में भारत सरकार क्या कर रही है? तो नेहरू ने जवाब दिया, ‘मैं माननीय संसद सदस्य को सुझाव दूंगा कि वो कभी हॉन्ग कॉन्ग तो कभी कहीं और छपी मीडिया रिपोर्ट पर ज्यादा ध्यान न दिया करें’.

Nehru did mislead Parliament
Claude also accused Nehru of misleading Parliament of India in his report. He wrote that on April 22, 1959, Parliamentarian Brij Raj Singh asked the media report in Parliament that China has shown Indian part of China in its map, what is the Government of India doing about it? Nehru replied, “I would suggest to the Honorable Parliament that he never paid more attention to Hong Kong and nowhere else on the media report.”

क्लाड ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि अगस्त, 1959 में भारत के प्रधानमन्त्री नेहरू ने संसद में स्वीकार कर लिया कि चीन ने भारत के अक्साई चिन में सड़क बना ली है. यानी एक प्रकार से अक्साई चिन पर चीन की प्रभुसत्ता को नेहरू ने अपनी मौन स्वीकृति दे दी थी. चीन भारत पर कब्जे की योजनाएं बना कर उनपर अमल करता रहा और नेहरू अपनी अय्याशियों में खोये रहे. कहा जाता है कि उन्हें मिले भारत रत्न पुरस्कार के लिए अपना नाम उन्होंने खुद ही रिकमेंड कर दिया था.

Claude has written in his report that in August, 1959, Indian Prime Minister Nehru accepted it in Parliament that China had made a road in Aksai Chin of India. That is, in a way, Nehru gave his silence to China’s sovereignty on Aksai Chin. China continued to implement its plans to occupy India and Nehru lost its expenditure. It is said that he got his name for the Bharat Ratna award he got himself automatically.

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https://youtu.be/1YmeDP0wOXs

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अभी-अभी :नापाक सेना ने किया ऐसे भयानक हथियार,से घिनोना काम जिसे देख भारत समेत अमेरिका भी भड़क उठा |

नई दिल्ली : पाकिस्तान ने केवल भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर का जीना हराम किया हुआ है. खासतौर पर अमेरिका के साथ तो ऐसा विश्वासघात किया है, जसे देख पूरे अमेरिका में गुस्सा भड़क उठा है. अमेरिका काफी वक़्त से पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का मन बना रहा है, अब लगता है वो वक़्त आने वाला है.

New Delhi: Pakistan has not only survived the world but also the world. Especially with America, such betrayal has been seen, as the whole United States has got angry. The US has long been looking forward to taking tough action against Pakistan, now it seems that the time is coming.

पाकिस्तान भारत के खिलाफ कर रहा अमेरिकी हथियारों का दुरूपयोग
दरअसल अमेरिका ने पाकिस्तान को तालिबान के खिलाफ इस्तमाल करने के लिए टीओडब्ल्यू-2 एंटी टैंक गाइडेड मिसाइलें दी थी. मगर पाकिस्तान ने अमेरिका को दगा देते हुए ना तो तालिबान के खिलाफ कोई कार्रवाई की, बल्कि इन मिसाइलों का इस्तमाल करके वो अब नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारतीय चौकियों को निशाना बना रहा है.

Misuse of American Weapons Against Pakistan India
Indeed, the US had given TOW-2 anti-tank guided missiles to use Pakistan against the Taliban. But Pakistan did not take any action against the Taliban, insulting America, but using these missiles, he is now targeting Indian checkpoints on the LoC.

भारत ने अमेरिका के सामने इसकी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है. अमेरिका ने पाकिस्तान को ऐसी 2000 मिसाइलें अक्तूबर 2007 में आत्मरक्षा और अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ इस्तेमाल करने के लिए दी थीं. पहले खबर आयी थी कि पाकिस्तान चीनी मिसाइलों का इस्तमाल कर रहा है, मगर अब ताजा जानकारी के मुताबिक़ पाकिस्तान अमेरिकी मिसाइलों का इस्तमाल भारतीय सेना पर हमले के लिए कर रहा है.

India has filed its formal complaint to the US. The US had given Pakistan 2000 such missiles to use in October 2007 for self-defense and against the Taliban in Afghanistan. The first news was that Pakistan is using Chinese missiles, but according to the latest information, Pakistan is using US missiles to attack the Indian Army.

वाइट हाउस तक पहुंचा पाकिस्तान का कच्चा-चिट्ठा
पिछले हफ्ते इसी मिसाइल के हमले में सेना के कैप्टन कपिल कुंडू और दो जवान शहीद हुए थे. इस साल इन मिसाइलों के हमले में नौ जवान शहीद हो चुके हैं. बताया जा रहा है कि पाकिस्तान की इस हरकत को लेकर भारत ने ठोस सबूत भी अमेरिका को दिए हैं. भारत ने कहा है कि अफगानिस्तान में तालिबान से मुकाबले के लिए दी गई मिसाइलों का इस्तेमाल एलओसी पर हो रहा है.

Pakistan’s Crude Blog accessed to White House
Captain Kapil Kundu of the army and two jawans were martyred in the attack of the same missile last week. Nine jawans have been killed in the attacks of these missiles this year. It is being said that India has given concrete proof to the US about this move of Pakistan. India has said that the missiles used for fighting Taliban in Afghanistan are being used on the LoC.

पाकिस्तान संघर्ष विराम का उल्लंघन कर इसकी आड़ में आतंकवादियों की घुसपैठ करा रहा है. जानकारी के मुताबिक़ सेना एलओसी पर दागे गए एंटी टैंक मिसाइल के टुकड़ों को दिल्ली मुख्यालय लेकर आई है. इन टुकड़ों को अति गोपनीय तरीके से अमेरिकी प्रतिनिधियों को दिखाया गया है. बताया जा रहा है कि इससे पहले भी भारत अमेरिका से पाकिस्तान को बेचे जाने वाले खतरनाक हथियारों को लेकर आपत्ति जता चुका है.

Pakistan is infiltrating terrorists under the guise of violating ceasefire. According to the information, the Army has brought the pieces of the anti-tank missile fired on the LoC to Delhi Headquarters. These pieces have been shown to US representatives in a highly secretive way. It is being told that before this, India has expressed objection to the dangerous weapons being sold to the US from Pakistan.

कांग्रेस की गलतियों की सजा भुगत रहा देश
वैसे देखा जाए तो इस सारी समस्या के पीछे कांग्रेस ही जिम्मेदार है. सबसे पहले तो जवाहर लाल नेहरू ने सरदार वल्लभ भाई पटेल के प्रस्ताव को ठुकराते हुए कश्मीर समस्या पाल ली. इसके बाद अगले 60 सालों तक कांग्रेस की किसी भी सरकार ने अमेरिका के साथ रिश्ते मजबूत नहीं किये, क्योंकि उन्हें डर था कि इससे रूस नाराज हो जाएगा.

Congress is facing punishment for Congress’s mistakes
By the way, the Congress is responsible for all this problem. First of all, Jawaharlal Nehru rejected the proposal of Sardar Vallabh Bhai Patel and resolved the Kashmir problem. After this, for the next 60 years, any Congress Congress did not strengthen relations with the United States because they feared that Russia would be angry with it.

जिसके कारण अमेरिका की नजदीकी पाकिस्तान के साथ हो गयी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता हासिल करने के बाद अपनी चाणक्य कूटनीति का परिचय देते हुए ना केवल रूस बल्कि अमेरिका के साथ भी घनिष्ठ सम्बन्ध बना लिए.

Which led to the close proximity to the United States of Pakistan. After acquiring power, Prime Minister Narendra Modi made a close relationship with Russia and the United States, not only introducing his Chanakya diplomacy.

भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग में इजाफा हुआ है. साल 2015 में भारत और अमेरिका के बीच 10 साल के डिफेंस फ्रेमवर्क एग्रीमेंट को रिन्यू हुआ था. इसके एक साल बाद अमेरिका ने भारत को बड़े रक्षा भागीदार का दर्जा दे दिया.

Defense cooperation between India and the United States has increased. In 2015, the 10-year Defense Framework Agreement between India and the United States was renewed. A year later, the US gave India the status of a large defense partner.

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https://youtu.be/6KzO3XxanXM

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कांग्रेसियों के पाप गिनाते हुए गुस्से से फट पड़े मोदी,एक एक कांग्रेसी की ऐसी उतारी खाल कि बिलख कर रो पड़े कांग्रेसी

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जबसे सत्ता में आये, तबसे लगातार विकास के कामों में लगे हुए हैं. चुनावी रैलियों को छोड़कर कुछ ख़ास वाद-विवाद में पड़े बिना अपने काम में तेजी से लगे हुए हैं. मगर विपक्ष के आरोप-प्रत्यारोप से पीएम मोदी आज गुस्से से फट पड़े और फिर उन्होंने संसद के अंदर ही कांग्रेस को ऐसे-ऐसे करारे तमाचे लगाए हैं, जिन्हे वो एक अरसे तक भूल नहीं पाएगी. पीएम मोदी ने कांग्रेस की बखिया उधेड़ कर रख दी है.

New Delhi: Since Prime Minister Narendra Modi came to power, he has been continuously engaged in development works. Except for electoral rallies, there are people engaged in their work without being involved in certain debates. But the opposition’s allegations and counter-allegations have prompted PM Modi to break up with anger and then he has put the Congress in such a way that he can not forget for a long time within the Parliament. PM Modi has thrown the blame of Congress.

देश का पहला प्रधानमंत्री घोटाला करने वाले ज्ञान ना बांटे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में जवाहर लाल नेहरू पर हमला बोलते हुए, उनके देश के पहले प्रधानमंत्री के रूप में चुने जाने को लेकर सवाल उठाते हुए कांग्रेस को खूब खरी-खोटी सुनाई. उन्होंने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा है कि कम से कम कांग्रेस तो लोकतंत्र का पाठ ना ही पढ़ाये.
India’s first prime minister scandal does not divulge the knowledge
Prime Minister Narendra Modi, while speaking against Jawaharlal Nehru in Parliament, raised the question of Congress being elected as the first Prime Minister of his country, He criticized the Congress and said that at least Congress did not teach the lessons of democracy.

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि जब 12 कांग्रेस कमेटियों ने सरदार वल्लभ भाई पटेल को पहले प्रधानमंत्री के लिए चुना था और 3 कांग्रेस कमेटियों ने नोटा किया था, तब कैसे जवाहर लाल नेहरू को पहला प्रधानमंत्री बना दिया गया? तब लोकतंत्र कहाँ चला गया था?
During the thanks motion on the President’s address in the Lok Sabha, PM Modi said that when 12 Congress committees first elected Sardar Vallabh Bhai Patel for the Prime Minister and 3 Congress committees had made a note, then how did Jawaharlal Nehru become the first Prime Minister Gaya? Then where did democracy go?

कश्मीर समस्या कांग्रेस की देन
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि आज भी देश कांग्रेस की गलती की सजा भुगत रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि आपके मुंह में लोकतंत्र शोभा नहीं देता. कृपा करके आप लोकतंत्र के पाठ मत पढ़ाइए.

Kashmir problem lies with Congress
PM Modi accused Congress of misleading the country and said that even today the country is facing the punishment of Congress. PM Modi said that democracy does not suit your mouth. Please do not teach the lessons of democracy.

पीएम मोदी ने कहा कि यदि कांग्रेस कमेटियों की वोटिंग के आधार पर प्रधानमंत्री बनाया जाता तो सरदार वल्लभ भाई पटेल पहले पीएम होते ना कि नेहरू और यदि ऐसा होता तो आज कश्मीर का एक हिस्सा पाकिस्तान के पास नहीं होता. कश्मीर समस्या के चलते देश के हजारों सैनिकों का बलिदान नहीं होता.

PM Modi said that if the Prime Minister was made on the basis of voting of the Congress Committees, then Sardar Vallabh Bhai Patel was the first PM and not Nehru, and if it were so, then today Pakistan does not have a share of Kashmir. There is no sacrifice of thousands of soldiers in the country due to Kashmir problem.

कांग्रेस ने निजी स्वार्थ के लिए 90 बार राज्य सरकारों को बर्खास्त किया
पीएम मोदी ने कांग्रेस के तानाशाही रवैये पर निशाना साधते हुए कहा कि जब कांग्रेस केंद्र में थी तो सत्ताधारी पार्टी के तौर पर कांग्रेस ने 90 बार अलग-अलग राज्य सरकारों को उखाड़ फेंका था और लोकतंत्र को पनपने नहीं दिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 90 बार धारा 356 का दुरुपयोग किया और पंजाब, तमिलनाडु, केरल जैसे कई राज्यों में राज्यों सरकारों को बर्खास्त कर दिया था.

Congress sacked state governments for private self-interest 90 times
PM Modi, while targeting the dictatorship of Congress, said that when Congress was in the center, the Congress had overthrown 90 different state governments and democracy did not flourish as a ruling party. He said that Congress misused Article 356 90 times and dismissed state governments in several states like Punjab, Tamil Nadu and Kerala.

पीएम मोदी ने हाल ही में राहुल गांधी के अध्यक्ष चुने जाने पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वो चुनाव था या ताजपोशी थी. पीएम मोदी ने शहजाद पूनावाला की ओर इशारा करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी का एक नौजवान, पार्टी अध्यक्ष बनने के लिए पर्चा भरना चाहता था, लेकिन उसे ऐसा नहीं करने दिया गया.

Rahul’s coronation was dictatorship
PM Modi recently questioned the election of Rahul Gandhi as the president, saying that it was election or coronation. PM Modi, pointing to Shahzad Poonawala, said that a young man from the Congress party wanted to fill the form to become the party president, but he was not allowed to do so.

कांग्रेस ने किये देश के टुकड़े
पीएम मोदी बोले कि जब आपने (कांग्रेस) भारत का विभाजन किया और देश के टुकड़े कर दिए और जो जहर बोया उसके कारण ये हंगामा हो रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि आपके जहर की कीमत देश आज भी चुका रहा है, आंध्र के साथ जो हुआ वो सही नहीं हुआ था. कांग्रेस ने चुनाव के लिए जो हड़बड़ी में किया, उसके कारण ही 4 साल के बाद भी ये समस्या बनी हुई है.

Congress pieces made by the Congress
PM Modi said that when you divided the country (Congress) and divide the country and the poison was planted, the ruckus is happening. PM Modi said that the country is still paying the price of your poison, whatever happened with Andhra was not correct. This problem remained after four years due to the fact that the Congress did in the hurry to contest elections.

पीएम मोदी ने कहा कि कर्नाटक के चुनाव के बाद क्या पता खड़गे जी वहां होंगे या नहीं, ये शायद उनकी फेयरवेल स्पीच भी हो सकती है. जब फेयरवेल स्पीच होती है तो सम्मान से देखी जाती है.
PM Modi said that after the Karnataka elections, whether Kharge will be there or not, it may also be his fairwalk speech. When farewell is spoken, it is respected.

मीडिया को मैनेज करती आयी है कांग्रेस
दरअसल कांग्रेस पार्टी कभी इतने वक़्त तक लगातार भारत पर राज नहीं कर पाती अगर उस वक़्त जागरूकता फ़ैल गयी होती. मगर उस वक़्त मीडिया कम था और जो थोड़ा-बहुत था भी, उसमे भी कांग्रेस ने अपने चमचों व् वामपंथियों को घुसाया हुआ था. यही कारण था कि कांग्रेस के खिलाफ पत्रकारिता ना के बराबर होती थी.

Congress has managed to manage the media
In fact, the Congress party could not rule India indefinitely for such a long time if awareness was spread in that time. But at the time the media was low and which was a bit too much, in that too the Congress had penetrated its leather and leftists. That was the reason that journalism was equal to Congress against Congress.

सोशल मीडिया के आने के बाद समाज में जागरूकता फैली, जिसके बाद लोगों ने कांग्रेस को नकार दिया और अब प्रतिदिन कोंग्रेसी भ्रष्टाचार उजागर हो रहे हैं. सोशल मीडिया के कारण अब कोंग्रेसियों के कारनामे छिप नहीं पाते और जनता तक पहुंच जाते हैं.

Awareness spread in the society after the arrival of social media, after which people rejected the Congress and now the Congressional corruption is getting exposed every day. Due to the social media, the Congress is no longer able to hide the exploits and reach the people.


पीएम मोदी ने कहा कि भारत को आजादी मिलने के बाद कई देश आजाद हुए और हम से आगे बढ़ गए. हम नहीं बढ़ पाए ये मानना होगा, आपने मां भारती के टुकड़े कर दिए. इसके बावजूद भी ये देश आपके साथ रहा था, आप उस जमाने में देश पर राज कर रहे थे जब विपक्ष सिर्फ नाममात्र का था. मीडिया भी उस दौरान काफी कम था.

PM Modi said that after getting independence from India, many countries became independent and went ahead of us. We have not been able to get it, you have to believe that, you have split the mother Bharati. Despite this the country was with you, you were ruling the country in that era when the opposition was just nominal. Media was also quite low during that time.

पीएम मोदी ने कहा कि उस दौरान न्यायपालिका में नियुक्ति भी कांग्रेस पार्टी करती थी, आप जिन विचारों से पले-बढ़े हो उस दौरान वैसा ही माहौल देश में था. पंचायत से पार्लियामेंट तक आपका ही राज था, लेकिन आपने पूरा समय एक परिवार के गीत गाने में खपा दिया. देश के इतिहास को भुलाकर एक ही परिवार को याद किया

PM Modi said that during that time, the Congress party used to appoint judiciary; in the course of the ideas you grew up with, the same atmosphere was in the country. Your Panchayat was the only rule till the Parliament, but you spent a lifetime singing a family song. Missing the history of the country remembered the same family

यह भी देखे

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

https://youtu.be/nr_nk-1ILRI

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खुद मोदी जी ने सदन में खड्गे समेत कांग्रेस के मुंह पर लगाये जोरदार तमाचे, माँ बेटे के गाल हुए लाल

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बीच कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमले किए. पीएम मोदी ने अपने भाषण में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को निशाने पर लिया. उन्होंने भाषण की शुरुआत ही कांग्रेस पार्टी पर हमले के साथ शुरू की. कहा कि कांग्रेस पार्टी हमे लोकतंत्र का पाठ नहीं पढ़ाए. आइए जानें पीएम मोदी ने कांग्रेस पर किन शब्दों में हमले किए.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi on Wednesday strongly attacked the Congress party during the heavy ruckus of the opposition in the Lok Sabha. In his speech, PM Modi took on former prime minister Rajiv Gandhi, Congress president Rahul Gandhi and Congress leader Mallikarjun Kharge in the Lok Sabha. He started the speech with the attack on the Congress party. Said that the Congress Party did not teach us lessons of democracy. Let’s learn what PM Modi attacks on Congress.

1. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी हैदराबाद एयरपोर्ट पर पहुंचे थे. उनकी अगवानी के लिए आंध्र प्रदेश के दलित मुख्यमंत्री पहुंचे थे. राजीव गांधी ने इस दलित सीएम का अपमान किया था. उस अपमान की आग में से ही एनटी रामाराव निकले थे। कांग्रेस पार्टी दलित विरोधी है.

1. PM Narendra Modi said that the then Prime Minister Rajiv Gandhi had reached the Hyderabad airport. The Dalit Chief Minister of Andhra Pradesh had arrived for his resignation. Rajiv Gandhi insulted the Dalit CM. NT Rama Rao came out of the fire of insult The Congress party is anti-Dalit.

2. पीएम बोले, ‘कांग्रेस के मित्र कहते हैं कि देश को जवाहर लाल नेहरू और कांग्रेस ने भारत को लोकतंत्र दिया. मुझे इस बात पर आश्चर्य होता है. उन्होंने कहा कि हमारे देश में जब बुद्ध परंपरा थी तब भी देश में लोकतंत्र था, सिर्फ कांग्रेस और नेहरू जी ने लोकतंत्र नहीं दिया.

2. The PM said, ‘Friends of Congress say that Jawaharlal Nehru and Congress gave the country democracy to Jawaharlal Nehru and Congress. I am surprised at this He said that even when there was a Buddhist tradition in our country, there was democracy in the country, only Congress and Nehru did not give democracy.

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3. प्रधानमंत्री ने कहा, जब 12 कांग्रेस कमेटियों ने सरदार वल्लभ भाई पटेल को पहले प्रधानमंत्री के लिए चुना था और 3 कांग्रेस कमेटियों ने नोटा किया था, तब कैसे जवाहर लाल नेहरू को पहला प्रधानमंत्री बना दिया गया. मैं कहता हूं कि अगर सरदार पटेल प्रधानमंत्री बनते तो पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर का हिस्सा हमारा होता. कांग्रेस हमें लोकतंत्र का पाठ नहीं पढ़ाए, देश को लोकतंत्र नेहरू और कांग्रेस ने नहीं दिया, बल्कि यह सदियों से हमारी रगों और परंपराओं में है.

3. The Prime Minister said, when Jawaharlal Nehru was made the first Prime Minister when 12 Congress Committees had opted for Sardar Vallabh Bhai Patel first Prime Minister and 3 Congress committees had made a note. I say that if Sardar Patel became the Prime Minister, then Pakistan-occupied Kashmir would have been our share. Congress did not teach us the lessons of democracy, the country did not give democracy to Nehru and Congress, but it has been in our rugs and traditions for centuries.

4. पीएम ने कहा, पिछले साल दिसंबर में कांग्रेस पार्टी में अध्यक्ष पद का चुनाव हो रहा था. इन्हीं पार्टी के नेता ने कहा कि जहांगीर के बाद शाहजहां और शाहजहां के बाद औरंगजेब को कुर्सी मिलेगी. एक युवा ने अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी पेश की तो उसे भी शांत कर दिया गया. लेकिन मैं कांग्रेस से कहता हूं कि उन्हें सुनने की आदत डालनी होगी. वे शोर-शराबे से मेरी आवाज नहीं दबा सकते हैं.

4. The PM said that in December last year, the Congress party was going to be elected president. The leader of the same party said that after Jahangir Aurangzeb will be given the chair after Shah Jahan and Shahjahan. If a youth offered a claim for the post of president, he was also quieted. But I tell the Congress that they have to get used to hearing. They can not suppress my voice with noisy shout.

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5. पीएम ने कहा, आप देश को आगे ले जाने पर ध्यान केंद्रित करने की बजाय, एक ही परिवार के गीत गाते रहे. सिर्फ घोषणाएं करके सुर्खियों में आना हमारी संस्कृति नहीं है, हम जो योजनाएं शुरू करते हैं उन्हें पूरा करते हैं और पहले की अधूरी योजनाओं को भी पूरा करते हैं.

5. The PM said, instead of focusing on taking the country forward, instead of singing the same family songs. It is not our culture to make headlines by making announcements only, we fulfill the plans we start and fulfill the incomplete plans earlier.

6. पीएम मोदी ने कहा कि कर्नाटक के चुनाव के बाद क्या पता खड़गे जी वहां होंगे या नहीं, ये शायद उनकी फेयरवेल स्पीच भी हो सकती है. जब फेयरवेल स्पीच होती है तो सम्मान से देखी जाती है. खड़गे साहब अपने एक ही परिवार का गुणगान किया है, जिसके चलते चुनाव के बाद आपको विपक्ष नेता की कुर्सी पर बैठने का मौका मिला है.

6. PM Modi said that after the Karnataka elections, whether Kharge will be there or not, it may also be his fairwalk speech. When farewell is spoken, it is respected. Kharge has praised his own family, which has given you an opportunity to sit in the opposition leader’s chair after the election.

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7. पीएम मोदी ने कहा कि पंचायत से पार्लियामेंट तक आपका (कांग्रेस) का झंडा था, लेकिन आपने पूरा समय एक परिवार के गीत गाने में बिता दिया, आपने जिम्मेदारी के साथ काम किया होता तो इस देश की जनता में सामर्थ था कि ये देश आज जहां है इस से कई गुना आगे होता. वेल में आकर आंध्र कांग्रेस के सांसद कर रहे हैं हंगामा. आंध्र की हड़बड़ी का नतीजा है समस्‍या. पीएम मोदी ने कहा कि आपके (कांग्रेस) चरित्र में है ये कि जब भारत के टुकड़े किये आपने, जो जहर बोया. आज़ादी के 70 साल बाद भी, एक दिन भी ऐसा नहीं जाता है जब देश को आपके पाप का नुकसान उठाना नहीं पड़ता है.

7. PM Modi said that the Panchayat was the flag of your (Congress) till the Parliament, but you spent the whole time singing a family, if you had worked with responsibility, then the people of this country had the power that these countries Today is where it will be many times ahead of this. Andhra Pradesh Congress MPs are coming in Vaila and the ruckus. The result of Andhra’s hurriedness is the problem. PM Modi said that your (Congress) character is in that when you split India, who sowed poison. Even after 70 years of independence, one day it does not happen when the country does not have to suffer loss of your sin.

8. प्रधानमंत्री ने कहा कि उस दौरान न्यायपालिका में नियुक्ति भी कांग्रेस पार्टी करती थी, आप जिन विचारों से पले-बढ़े हो उस दौरान वैसा ही माहौल देश में था. पंचायत से पार्लियामेंट तक आपका ही राज था, लेकिन आपने पूरा समय एक परिवार के गीत गाने में खपा दिया. देश के इतिहास को भुलाकर एक ही परिवार को याद किया.

8. The Prime Minister said that during that time, the Congress party used to be appointed in the judiciary; in the course of the ideas you grew up with, the same atmosphere was in the country. Your Panchayat was the only rule till the Parliament, but you spent a lifetime singing a family song. Forget the history of the country and remember the same family.

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9. मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाया है कि केंद्र में सत्ताधारी पार्टी के तौर पर 90 बार राज्य सरकारों को उखाड़ फेंका गया और लोकतंत्र को पनपने नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 90 बार धारा 356 का दुरुपयोग किया है. पंजाब, तमिलनाडु, केरल में राज्यों सरकारों को बर्खास्त कर दिया गया.

9. Modi has accused the Congress party that 90 times state governments were overthrown as democracy and democracy was not flourished as a ruling party at the Center. He said that the Central Government has misused Section 356 90 times. States governments were sacked in Punjab, Tamil Nadu, Kerala

10. पीएम बोले- जब मैं चुनाव जीतकर आया तो आपने भ्रम फैलाया कि मोदी आधार को बंद कर देगा. जब हमने आधार को बढ़ावा दिया तो आपने इसका विरोध शुरू कर दिया. उल्टा हमारे राज में आधार को बढ़ावा मिला. आधार आने से लोन देने में बिचौलिए की कमाई खत्म हो गई. हमने आधार का वैज्ञानिक तरीके से इस्तेमाल किया. अभी तक विधवा, बुजुर्गों और दिव्यांगों की पेंशन सालों तक बिचौलियों की जेब में जा रही थी. लेकिन आधार के सही इस्‍तेमाल से सबको पेंशन मिलने लगी. अब आपको इसे लागू करने के तरीके से परेशानी हो रही है. क्योंकि जो रोजगार गया है वो दलालों और बिचौलियों का गया है

https://youtu.be/fzzUPncN_so

10. PM says- When I came to the conquest by winning the election, you spread illusions that Modi will close the base. When we promoted the base, then you started opposing it. On the contrary, the foundation was promoted in our rule. Intermediaries’ earnings ended in giving loans from the coming of the base. We used the base in scientific way. So far the widows, elderly and the pensioners of the Divyans were going to middlemen in the pocket for years. But with the right use of the base everyone got pension. Now you are having difficulty in implementing it. Because those who have gone to work have gone to brokers and intermediaries.

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sourcename:Zeewnews

 

नेहरु और पटेल के पुनर्जनम से देश की राजनीती में मचा हाहाकार, राजनितिक षड़यंत्र से बचने के लिए जनता के पास मात्र ये उपाय !

अगर इस देश में गाँधी और नेहरू नहीं होते, तो पाकिस्तान नहीं होता, क्यूंकि पटेल और बोस जैसे लोग भारत के टुकड़े नहीं होने देते, सत्ता के लिए देश के टुकड़े टुकड़े कर दिए जवाहरलाल नेहरू ने, पटेल ने 500 से अधिक रियासतों को भारत में मिलाया, आज का भारत पटेल का ही बनाया हुआ है|

If there were no Gandhi and Nehru in this country, then Pakistan would not have been, because people like Patel and Bose did not let India’s fragments, Jawaharlal Nehru split the country for power, Patel gave more than 500 princely states to India. Mixed, today’s India is made of Patel itself.

पटेल न होते तो भारत में कश्मीर न होता, जूनागढ़, हैदराबाद न होता, और ऐसे ही कई इलाके न होते, पटेल ने देश को एक किया और नेहरू ने सत्ता के लिए देश को तोडा, और आज वर्तमान में देश के पटेल हैं नरेंद्र मोदी जो सबका साथ सबका विकास का नारा देते है, 125 करोड़ हिन्दुस्तानियों की बात करते है|

If Patel were not there then there would be no Kashmir in India, Junagadh and Hyderabad would not have been there, and there would not have been many such areas, Patel united the country and Nehru broke the country for power, and today the country’s Patel is Narendra Modi Those who give a slogan to everyone with development, talk about 125 million Hindus.

और आज का नेहरू है राहुल खान उर्फ़ राहुल गाँधी, जो की एक फर्जी गाँधी है, जो सत्ता के लिए जाति के जहर से देश को तोड़ देना चाहता है, उसी तरह जैसे नेहरू ने सत्ता के लिए भारत के टुकड़े टुकड़े करवाए, पाकिस्तान बनाया, नेहरू न होता तो पाकिस्तान न होता न होता बांग्लादेश, राहुल खान न हो तो देश तेजी से बढ़ेगा, जातिवाद का जो जहर हर राज्य में फैलाया जा रहा है वो न फैलाया जा रहा होता|

And today’s Nehru is Rahul Khan, alias Rahul Gandhi, who is a fake Gandhi who wants to break the country with caste poison for power, just like Nehru broke pieces of India for power, made Pakistan, If there were no Nehru, then Pakistan would not have been Bangladesh, Rahul Khan would not be so, the country would grow rapidly, the poison of caste which was spreading in every state would not have been spread.

पिछले दिनों देश में कहाँ कहाँ आग लगाई गयी है, पहले हरियाणा जहाँ पर भूपिंदर सिंह हुड्डा का सचिव दंगे फैलाने के निर्देश दे रहा था, फिर मध्य प्रदेश में जहाँ पर कोंग्रस के नेता दंगे फैला रहे थे, बाद में गुजरात में जातिवाद का जहर कांग्रेस ने फैलाया, और अब महाराष्ट्र, कल ही आपने देखा की राहुल गाँधी का साथी दिल्ली में जिग्नेश मेवानी का प्रेस कांफ्रेंस करवा रहा था|

And today’s Nehru is Rahul Khan, alias Rahul Gandhi, who is a fake Gandhi who wants to break the country with caste poison for power, just like Nehru broke pieces of India for power, made Pakistan, If there were no Nehru, then Pakistan would not have been Bangladesh, Rahul Khan would not be so, the country would grow rapidly, the poison of caste which was spreading in every state would not have been spread.

देश की जनता की बड़ी भूल थी की उस ज़माने में उन्होंने नेहरू और गाँधी पर भरोसा किया, और आज भी देश की जनता बड़ी भूल कर रही है, जो राहुल खान द्वारा फैलाये जा रहे जातिवाद में आ रही है, देश की भलाई के लिए नेहरू वंश का खात्मा जरुरी है, और देश के लोगों इस बात को समझना होगा की भारत का भला करना है तो मिलकर मोदी का साथ देना होगा, वो तुम्हे जातिवाद में उलझाए रखेंगे, तुम मोदी पर अड़े रहना|

The people of the country had a great mistake that at that time they trusted Nehru and Gandhi, and even today the people of the country are making a big mistake, which is coming in casteism being spread by Rahul Khan, Nehru for the betterment of the country. The elimination of the offspring is necessary, and the people of the country have to understand that to do good to India, then together, Modi will have to cooperate, he will keep you in casteism, you remain firm on Modi.

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https://www.youtube.com/watch?v=4Tyz5onsJbA

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नेहरु की इन गलतियों की वजह से हुए थे देश के टुकड़े !

भारत के लोहे के आदमी, सरदार वल्लभभाई पटेल ने भारत के पहले प्रधान मंत्री, जवाहरलाल नेहरू को चेतावनी दी थी कि किसी दिन किसी भी देश ने आपके फैसले के लिए रोना होगा जो वर्तमान समय में सच हो गया है। हालांकि, अब नेहरू न ही उनके परिवार के सदस्य हैं लेकिन इस देश के 125 करोड़ लोग और कश्मीरी पंडित कहानी उस समय का है जब भारत को स्वतंत्रता मिली और दो देशों में विभाजित किया गया, अर्थात् भारत और पाकिस्तान। इस घटना के तुरंत बाद, पाकिस्तान के आदिवासियों ने कश्मीर पर पाकिस्तानी सरकार के समर्थन से हमला किया।

The iron man of India, Sardar Vallabhbhai Patel had warned the first Prime Minister of India, Jawaharlal Nehru that someday the whole country will cry for your decision which has become true in the present time. However, now there is neither Nehru nor his family members but 125 crore people of this country and the Kashmiri Pandits. The story is of the time when India got independence and was divided into two nations namely, India and Pakistan. Soon after this event, the tribals from Pakistan attacked on Kashmir with the support of Pakistani government.

तुरंत हमारे देश के तत्कालीन गृह मंत्री सरदार पटेल ने दुश्मनों को वापस मारने के लिए ट्रॉप्स भेजे। हमारे देश की रक्षा बलों ने कई लड़ाई जीत ली और उन्हें कश्मीर से फेंक दिया।
हालांकि, तत्कालीन प्रधान मंत्री नेहरू के निर्णय ने पटेल को दंग रहना ही नहीं, बल्कि कश्मीरी पंडितों की कत्लेआम और भारत के लिए लंबे समय से चलने वाले मुद्दे का कारण बन गया।

Immediately the then Home Minister of our country Sardar Patel sent the troupes to hit back the enemies. The defence forces of our country went ahead winning many battles and threw them from Kashmir.
However, the decision of the then Prime Minister Nehru not only stunned Patel but became the cause for man slaughtering of Kashmiri Pandits and a long standing issue for India.

स्वतंत्रता प्राप्त करने के तुरंत बाद, सरदार पटेल ने असम में दौरे की योजना बनाई थी। असम के कई जिलों को पूर्वी पाकिस्तान या वर्तमान बांग्लादेश का हिस्सा बना दिया गया था। हालांकि, उस क्षेत्र के लोग ज्यादातर ईसाई धर्म का अनुसरण कर रहे थे और भारत का हिस्सा बनना चाहते थे। यही कारण है कि पटेल ने इस काम को प्राथमिकता दी और 4 दिनों के दौरे के लिए असम गए और वहां उन्होंने अपना अधिकांश समय लोगों को बैठक में बिताया और उनकी चिंताओं को जानने का काम किया। वास्तव में उन्होंने असम के तत्कालीन मुख्यमंत्री, गोपीनाथ बारडोली और गोवर्नर अकबर हैदरि को भी निर्देश दिया था कि अगर वह 4 दिनों से भी ज्यादा समय में असम में अपने प्रवास का विस्तार करते हैं, तो ज्यादातर कार्यक्रम लोगों से मिलना चाहिए। उन्होंने लोगों के साथ गुणवत्ता का समय बिताया और उनकी कठिनाइयों को जान लिया।

Soon after attaining independence, Sardar Patel had planned to tour in Assam. Many districts of Assam were made part of the East Pakistan or the present Bangladesh. However, the people of that region were following mostly Christianity and wanted to be part of India. That is why Patel prioritized this work and went to Assam for a tour of 4 days where he spent most of his time meeting people and knowing their concerns. In fact he also instructed the then Chief Minister of Assam, Gopinath Bardoli and Govrnor Akbar Haidari that even if he extends his stay in Assam beyond 4 days, then most the programs should be to meet people. He spent quality time with the people there and got to know their difficulties.

नेहरू ने पटेल की सहमति के बिना संयुक्त राष्ट्र पहुंचा, जबकि पटेल दिल्ली में नहीं थे, नेहरू, प्रधान मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र संगठन (यूएनओ) तक पहुंचने का फैसला किया। नेहरू यह अच्छी तरह से जानते थे कि सरदार यूएनओ तक पहुंचने के लिए अपनी सहमति नहीं देंगे और पटेल को सरकार चलाने के लिए आत्मविश्वास को लेकर बहुत महत्वपूर्ण है। वह पटेल की अनुपस्थिति में है; नेहरू अंतर्राष्ट्रीय न्याय न्यायालय में पहुंचे |

Nehru reached UN without consent of Patel, While Patel was not in Delhi, Nehru, the Prime Minister decided to reach out to United Nations Organization (UNO). Nehru knew it well that Sardar will not give his consent to reach out to UNO and keeping Patel in confidence was very much important to run the government. That is in Patel’s absence; Nehru reached International Court of Justice.

जब सरदार असम में चार दिन के दौरे को पूरा करने के बाद दिल्ली लौट आया, तो उन्हें यह जानकर चौंक गया था कि नेहरू ने उनकी अनुपस्थिति का उपयोग किया था और जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को हल करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के पास पहुंचा था।

When Sardar returned to Delhi after completing 4 days tour in Assam, he was shocked to know that Nehru had utilized his absence and had reached out to International Court of Justice to resolve the issue of Jammu and Kashmir.

पटेल को बुरी तरह निराश किया गया था नेहरू के फैसले के लिए उन्हें बहुत बुरा लगा। भारत को एकजुट करने में ब्रिटिश, मुस्लिम लीग और कई अन्य बाधाओं का सामना करने वाले लोहे के आदमी को उनके ‘अच्छे दोस्त’ नेहरू ने निराश किया था।
उन्होंने पूरे घटना पर विचार किया, “यहां तक कि जिला अदालत में काम करने वाला एक वकील भी जानता है कि अगर आप कानून की अदालत में शिकायत करते हैं, तो आरोपी द्वारा की गई गलतियों का सबूत देने की जिम्मेदारी है। लेकिन अभियुक्त केवल आरोपों को नकारने का काम ” सरदार पटेल ने स्पष्ट रूप से कहा था कि “जवाहरलाल नेहरू ने ऐसा गलत फैसला किया है कि उन्हें पश्चाताप करना होगा और एक दिन बुरी तरह रोना होगा।

Patel was badly disappointed. He felt very bad for Nehru’s decision. The iron man who had faced British, Muslim league and many other obstacles in uniting India was let down by his ‘good friend’ Nehru.
He reflected on the whole incident saying “even a lawyer working at district court knows that if you take a complaint to the court of law, then it is your responsibility to provide proof for the mistakes committed by the accused. But the accused has only job of denying the accusations”
Sardar Patel categorically said that “Jawaharlal Nehru has committed such an incorrect decision that he will have to repent and cry badly one day.

SOURCE: postcardnews.com

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आखिर अंग्रेजों ने सत्ता RSS को क्यों नहीं सौंपी नेहरू को ही क्यों सौंपी ?

सबसे पहले तो आपको साफ़ कर दें की 15 अगस्त 1947 को जो भारत को अंग्रेजो से आज़ादी मिली थी ,उसके लिए ब्रिटिश पार्लियामेंट में अंग्रेजो ने “इंडियन इंडिपेंडेंस एक्ट” को पास किया था ,ये आज़ादी असल में सत्ता का हस्तांतरण थी  !

First of all, let us clear that on 15th August, 1947, the British who had got freedom from the British, had passed the “Indian Independence Act” in British Parliament, this freedom was actually the transfer of power!

जो तस्वीर आप ऊपर देख रहे है, उसमे अंग्रेजी माउंटबैटेन नेहरू के साथ बैठा हुआ है, ये तस्वीर पूरी नहीं है वहां पर जिन्ना भी बैठा हुआ था, माउंटबैटेन भारत की सत्ता का हस्तांतरण नेहरू को कर रहा था और पाकिस्तान की सत्ता जिन्ना को दी जा रही थी !

The photo you see above is sitting with Mountbatten Nehru in English, this picture is not complete; Jinnah was sitting there; Mountbatten was converting the power of India to Nehru and the power of Pakistan should be given to Jinnah. Was there!

आजकल कांग्रेस के नेता टीवी पर और साथ हो सोशल मीडिया पर एक चीज बड़े जोर देकर कहते है , कहते है की, आज़ादी तो कांग्रेस ने अंग्रेजो से लड़कर दिलाई, आरएसएस और बाकि हिन्दू  संगठन तो अंग्रेजो के दलाल थे, अंग्रेजो के लिए किया करते थे , अंग्रेजो के जासूस थे !

Nowadays, the leaders of the Congress are on TV and with a big emphasis on social media, It is said that independence, then the Congress fought with the British, the RSS and the other Hindu organizations were British brothels, used to do for the British, were the spyies of the British!

पर यहाँ गौर करने वाली चीज है की अंग्रेज भी बहुत चालाक थे, हिटलर ने 1945 तक ब्रिटेन की कमर तोड़ दी थी, ब्रिटैन की स्तिथि बहुत कमजोर हो गयी थी, भारत संभल नहीं रहा था , यहाँ क्रांतिकारियों ने हल्ला मचाया हुआ था, ऐसे में अंग्रेजो को सत्ता भारतियों को सौंपनी पड़ी !

But here is the thing to note that the British were too clever, Hitler broke the backs of Britain till 1945, the status of the Briton became very weak, India was not safe, the revolutionaries had attacked here, in such a way The British had to be handed over to the power-loving Indians!

अगर आरएसएस वाले और हिन्दू संगठन अंग्रेजो के जासूस थे, अंग्रेजो के पिट्ठू थे तो अंग्रेज भी यही चाहते होंगे की वो भारत की सत्ता ऐसे लोगों को सौंपे जो की उनके पिट्ठू हो, पर अंग्रेजो ने आरएसएस और हिन्दू संगठनो को सत्ता तो नहीं सौंपा , अंग्रेजो ने तो सत्ता गाँधी-नेहरू को सौंपा !

If RSS people and Hindu organizations were the detectives of the British, were British students, then the British would also want that they hand over the power of India to those who are their victims, but the British did not give power to the RSS and Hindu organizations, the British Has handed over power to Gandhi-Nehru!

अगर आरएसएस वाले अंग्रेजो के जासूस थे, तो अंग्रेजो ने अपने जासूसों को सत्ता क्यों नहीं सौंपा , नेहरू-गाँधी को क्यों सौंपा, इस प्रश्न पर आपको विचार करना चाहिए, और कॉंग्रेसी नेताओं से भी ये प्रश्न जरूर पूछना चाहिए !

If the RSS were the detectives of the British, why did not the British give their spies the power, why Nehru and Gandhi should be handed over this question, you should consider this question, and should also ask these Congress leaders!

source- dainik bharat