130000000000 करोड़ के घोटाले का आरोपी आया PM मोदी के गिरफ्त में खुलेगे कोंग्रेसियों काले-चिट्ठे राहुल समेत कांग्रेस की हालत खराब

नई दिल्ली : भ्रष्ट कोंग्रेसियों ने अपनी सरकार के दौरान रेवड़ियों की तरह से लोन बांटे और बदले में जमकर दलाली खायी. मोदी सरकार की सख्ती के कारण जब ऐसे मामले निकल कर सामने आने शुरू हुए तो कांग्रेस ने उलटा सारा इल्जाम पीएम मोदी पर ही लगा दिया. नीरव मोदी के मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ, पीएम मोदी की छवि को धूमिल करने की कोशिश की गयी, मगर पीएम मोदी के सख्त एक्शन से नीरव मोदी आखिरकार फंस ही गया.

New Delhi: The corrupt Congressmen shared the loan in the form of ravds in their government and in the turn, they got brokered fiercely. When such cases arose due to the stubbornness of the Modi government, the Congress put the reversal all over to PM Modi. Similar to Nirvava Modi’s case, an attempt was made to tarnish the image of PM Modi, but with the hard action of PM Modi, Neerav Modi finally got trapped.

मोदी सरकार के चंगुल में ‘फंसा’ भगोड़ा नीरव
जानकारी के मुताबिक़ नीरव मोदी, मोदी सरकार ने शिकंजे में फंस गया है और अब उसे घसीट कर वापस भारत लाये जाने की तैयार की जा रही है. खबर है कि नीरव मोदी हांगकांग में छिपा बैठा है, जिसका पता भारत की जांच एजेंसियों ने लगा लिया है. देर ना करते हुए हांगकांग से नीरव मोदी की गिरफ्तारी व् उसके प्रत्यर्पण के बारे में बातचीत की गयी.

Modi government’s ‘trapped’ fugitive noir
According to the information, Neerav Modi, the Modi government has got stuck in the clutches and is now being drawn to drag it back to India. It is reported that Neerav Modi is hiding in Hong Kong, which has been addressed by India’s investigation agencies. While not late, talks about the arrest and extradition of Nirav Modi from Hong Kong were discussed.

बताया जा रहा है कि भगोड़े नीरव मोदी को स्थानीय कानूनों और आपसी न्यायिक सहायता समझौतों के आधार पर गिरफ्तार करने के भारत के अनुरोध को हांगकांग स्वीकार करके नीरव मोदी को दबोचने की तैयारी में है.

It is being told that the fugitive Nirvav is preparing to arrest Neerav Modi by accepting Hong Kong and requesting India to arrest Modi on the basis of local laws and mutual judicial assistance agreements.

चीन ने भी दिया मोदी का साथ
नीरव के भागने के सभी रास्ते भी बंद हो चुके हैं, ये तय माना जा रहा है कि अब वो पूरी तरह से फंस गया है. पीएनबी घोटाले का आरोपी नीरव मोदी हांगकांग में रह रहा है। जो कि चीन का विशेष प्रशासनिक क्षेत्र है. पिछले हफ्ते विदेश मामलों के राज्य मंत्री वीके सिंह ने संसद में एक प्रश्न के लिखित उत्तर का जवाब देते हुए कहा था कि विदेश मंत्रालय ने हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र, पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना सरकार से नीरव की अंतरिम गिरफ्तारी का अनुरोध किया है.

China also gave Modi’s support
All the way to escape from Nirav has been closed, it is believed that he is now completely trapped. Neerav Modi, accused of the PNB scam, is living in Hong Kong. Which is the special administrative region of China. Last week, Minister of State for External Affairs VK Singh, in reply to a written reply to a question in Parliament, had said that the Ministry of Foreign Affairs requested interim arrest of Neerav from the Hong Kong Special Administrative Region, the People’s Republic of China Government.

उन्होंने यह भी बताया कि विदेश मंत्रालय ने नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के पासपोर्ट भी रद्द कर दिए हैं. बता दें कि पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मजबूत रिश्ते भी काम आ रहे हैं. भारत के निवेदन पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेग शुआंग का कहना है कि एक देश दो सिस्टम के मुताबिक और बेसिक कानून का पालन करते हुए हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र (एचकेएसएआर) किसी अन्य देश की न्यायिक पारस्परिक सहायता के लिए उचित व्यवस्था करेगा.

He also told that the Foreign Ministry canceled the passports of Neerav Modi and Mehul Vigyan. Let’s say that PM Modi has been working with strong relations with Chinese President Xi Jinping. Chinese Foreign Ministry spokesman Geg Shuang, on the request of India, says that according to a system of two countries and following the basic law, the Hong Kong Special Administrative Region (HKSAR) will make appropriate arrangements for judicial mutual assistance of any other country.

उन्होंने कहा अगर भारत एचकेएसएआर से प्रसांगिक अनुरोध करता है तो एचकेएसएआर बेसिक कानूनों और प्रासंगिक कानूनों का पालन करते हुए प्रासंगिक न्यायिक समझौतों के तहत भारत की मदद जरूर करेगा.

He said that if India makes a relevant request from HKSAR, then HKSAR will definitely help India under relevant judicial agreements following basic laws and relevant laws.

कोंग्रेसियों को लग रहा डर?
गौरतलब है कि पंजाब नैशनल बैंक से 12,700 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी देश छोड़कर भाग गए थे. मौक़ा देखते हुए राहुल गाँधी ने पीएम मोदी पर जमकर कीचड उछालना भी शुरू कर दिया था. जिसके बाद से पीएम मोदी ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाया हुआ है.

CONGRITIES FEEL FEEL?
Significantly, Nirav Modi and Mehul, who were accused of fraud of Rs 12,700 crore from Punjab National Bank, fled the country. Seeing the opportune moment, Rahul Gandhi also started throwing a biting blow on PM Modi. Since then, PM Modi has adopted a tough stance on this matter.

ना केवल नीरव मोदी के ठिकानों पर छापेमारी करके उसकी संपत्ति जब्त कर ली गयी बल्कि विदेश मंत्रालय ने नीरव मोदी और मेहुल चौकसी को 16 फरवरी को शो कॉड नोटिस भी जारी किए. उन्हें एक हफ्ते में इसका जवाब देने को कहा गया था, पर उनकी तरफ से कोई जवाब न आने के बाद 23 फरवरी 2018 को उनके पासपोर्ट रद्द कर दिए गए.

Not only was his property seized by raids on the places of Nirav Modi, but the Foreign Ministry also released showcod notices on 16th February to Neerav Modi and Mehul Vigyan. He was asked to answer it in a week, but after no reply from him, his passports were canceled on February 23, 2018.

नीरव मोदी की गिरफ्तारी के बाद कोंग्रेसियों का कच्चा-चिट्ठा भी सामने आएगा. किस तरह से नीरव ने लोन हासिल किये और कोंग्रेसी नेताओं ने क्यों उसकी सहायता की, सब असलियत सामने आ जायेगी. राहुल गाँधी के लिए दुनिया का सामना करना मुश्किल हो जाएगा.

After the arrest of Nirav Modi, the raw paper of the Congress will also come out. In what way Neerav acquired loans and why Congress leaders helped him, all the facts will come out. Rahul Gandhi will be difficult to face the world.

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https://youtu.be/Uzs16fYnw1k
https://youtu.be/VxtYK7YXsQ8
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पीएम मोदी का ऐसा जबरदस्त एक्शन,जिससे नीरव मोदी समेत पुरे देश में हड़कंप

नई दिल्ली (27 फरवरी) : देश की सबसे भ्रष्टाचारी पार्टी का खिताब पा चुकी कांग्रेस जब सत्ता में थी, तब कोंग्रेसी नेताओं के साथ-साथ भ्रष्ट अधिकारियों व् कारोबारियों ने भी भ्रष्टाचार की मलाई जमकर खायी. मोदी सरकार के आने के बाद जब मामले खुलकर सामने आने लगे तो भ्रष्टाचारी जान बचाकर भाग रहे हैं. मगर अब मोदी सरकार ने ऐसा एक्शन लिया है, जिसे देख भ्रष्टाचारियों के भी होश उड़े हुए हैं, खासतौर पर उनके, जो ये सोचकर देश से भाग गए हैं कि भारत सरकार उनका कुछ बिगाड़ नहीं पाएगी.

New Delhi (February 27, 2013): When Congress was in power in the country’s most corrupt party, when the Congress leaders were in power, corrupt officials and businessmen ate along with the cream of corruption. After the Modi government came, when the cases came out openly, the corrupt people are running away. But now the Modi government has taken such action, which is also seen in the eyes of corrupt people, especially those who have fled from the country thinking that the Government of India will not be able to make any difference to them.

10 देशों में ईडी का एक्शन
हाल ही में सामने आये पीएनबी घोटाले में जांच एजेंसियां बेहद सख्त मूड में हैं. नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की ना केवल भारत की सभी सम्पत्तियाँ जब्त कर ली गयी हैं बल्कि अब विदेशों में भी इनका जीना दूभर करने की तैयार कर ली गयी है.

ED action in 10 countries
In the recent PNB scandal, investigating agencies are in a very strict mood. Nirav Modi and Mehul Vakasi have not only seized all the properties of India, but have now been prepared to confuse them in foreign countries.

प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब नेशनल बैंक से करीब 12600 करोड़ रुपये का लोन लेकर विदेश भागे आरोपी नीरव मोदी मामले में 10 देशों को पत्र लिखकर उनसे कहा है कि वो वहां नीरव मोदी की विदेशी संपत्ति और ठिकानों के बारे जानकारी भारत सरकार को दें, ताकि उन्हें जब्त कर लिया जाए.

The Enforcement Directorate has written a letter to the 10 countries of Punjab National Bank, taking a loan of around Rs 12,600 crore from abroad to Nirav Modi and asked them to give information about Neerav Modi’s foreign assets and locations to the Indian government, so that they may be seized. Be done

विदेशी संपत्ति जब्त कर बना देंगे भिखारी
ईडी ने कहा कि इससे वह हांगकांग, अमेरिका, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, दक्षिण अफ्रीका और सिंगापुर अपराध की कमाई जब्त करने और दस्तावेज तथा सबूत जुटाने में मदद मिलेगी. अनुरोध पत्र एक देश की अदालत द्वारा दूसरे देश की अदालत को जारी किया जाता है. निदेशालय ने अदालत को बताया कि नीरव मोदी ने कई कंपनियां बनाई हैं. इनमें डायमंड आर यूएस, सोलर एक्सपोर्ट्स, स्टेलर डायमंड, फायरस्टार डायमंड शामिल हैं.

Beggars will seize foreign property
ED said that this will help in seizing the earnings of Hong Kong, US, UK, United Arab Emirates, South Africa and Singapore crime and gathering documents and evidence. The request letter is issued by a country’s court to another country’s court. The Directorate told the court that Neerav Modi has made several companies. These include Diamond R US, Solar Exports, Stellar Diamond, Firestars Diamond.

ईडी ने अदालत में अपनी अपील में कहा कि नीरव मोदी ने अपना कारोबार अमेरिका, ब्रिटेन, यूएई, दक्षिण अफ्रीका और सिंगापुर तक फैलाया हुआ है. आवेदन में कहा गया है कि उसकी अपराध की कमाई का कुछ हिस्सा विदेशों में रखा हुआ है.

ED in its appeal in the court said that Neerav Modi has spread his business to the US, UK, UAE, South Africa and Singapore. The application says that part of the income of his crime is kept abroad.

साफ़ जाहिर है कि नीरव मोदी भले ही देश छोड़कर भाग गया हो, मगर जांच एजेंसियां उसके पीछे पूरी ताकत से लगी हुई हैं. ना केवल उसकी विदेशी सम्पत्तियाँ जब्त करने की पूरी तैयारी है बल्कि उसे वापस भारत लाने की भी पूरी कोशिशें की जा रही हैं. नीरव मोदी के भारत आने से कई अन्य भ्रष्टाचारियों का भी पर्दाफ़ाश होने की उम्मीद है, खासतौर पर उन नेताओं का, जिनकी सहायता से नीरव मोदी ने इतने बड़े पैमाने पर लूट मचाई.

Clearly, Neeru Modi may have left the country, but the investigating agencies have been behind him with full force. Not only is there complete preparation to seize its foreign properties but also efforts are being made to bring it back to India. Many other corrupt people are also expected to be exposed after the arrival of Nirv Modi, especially with the help of those leaders who had looted at such a massive scale.

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PM मोदी ने जो कहा कर दिखाया, कांग्रेस के इस सबसे बड़े नेता पर सर्जिकल स्ट्राइक, देश भर में मचा सियासी आतंक..

नई दिल्ली : एक कहावत बहुत मशहूर है कि बकरे की माँ कब तक खैर मनाएगी. कितने भी घपले बाज, घोटालेबाजी कर लें कितने ही साज़िशे रच ले कितने ही आरोप प्रत्यारोप करले लेकिन कानून के सही हाथों में आते ही कानून के शिकंजे से बचना नामुमकिन हो जाता है. अभी-अभी बहुत बड़ी ब्रेकिंग न्यूज़ आयी है. पीएम मोदी ने आखिरकार वो काम कर दिखाया जिसका उन्होंने वादा किया था. कांग्रेस के सबसे बड़े नेता पर बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक कर दी है, जिसने सुबह सुबह लोगों को नींद से जगा दिया है.

सुबह सुबह पीएम मोदी की कांग्रेस के ऊपर सर्जिकल स्ट्राइक
अभी मिल रही खबर के मुताबिक कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय वित्‍त मंत्री और वरिष्‍ठ कांग्रेसी नेता पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को सीबीआई ने सुबह-सुबह चेन्‍नई से गिरफ्तार कर लिया है. कार्ति की गिरफ्तारी बहुचर्चित आईएनएक्स मीडिया के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई है. सीबीआई का कहना है कि कार्ति जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे, इसलिए सीबीआई ने उन्हें उनके घर में से दबोच लिया है.

इससे पहले कोर्ट के रहमोकरम पर चिदंबरम लंदन भाग गए थे. लेकिन जैसे ही वो लंदन से लौटे तुरंत सीबीआई एक्शन में आयी और दुबारा विदेश भागने से पहले ही चेन्नै स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया है. इससे पहले करती चिदंबरम बार बार विदेश जाने की बात कर रहा था बेटी की पढाई का नाम लेकर लेकिन सीबीआई के ज़बरदस्त दबाव की वजह से कोर्ट इजाज़त नहीं दे सका.

अब बहुत जल्द कांग्रेस प्रेस कॉनफेरेन्स करके इसे बदले की कार्रवाई बता देगी. जब कार्रवाई नहीं होती तब कहते हैं अगर घोटाला किया है, हेराफेरी करी है और सबूत हैं तो जेल भेज दो.

सीबीआई के निशाने पर अब सारे खेल का मास्टरमाइंड
कोंग्रेसियों ने अपने 60 सालों के राज में देश को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी. सबसे बड़ी बात ये भी है कि लूट सबने मिल बाँट के की है. अपनी जान बचाने के लिए जांच एजेंसियों से लेकर न्यायपालिका तक में अपने चाटुकार भी घुसाए हुए हैं. मगर अब कोंग्रेसी नेताओं का भी चारा चोर लालू जैसा अंजाम होना तय है. इस केस की सीबीआई जांच में बाप चिदंबरम भी पूरे निशाने पर हैं. बेटे चिदंबरम के बाद अब बाप चिदंबरम का भी नंबर लगने वाला है.

गौरतलब है कि कि इससे पहले 26 फरवरी को दिल्ली की एक अदालत ने कार्ति चिदंबरम के चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) एस भास्कररमन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. भास्कररमन को आईएनएक्स मीडिया से जुड़े धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया गया था

 

ता दें कि विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड (एफआईपीबी) ने आईएनएक्स मीडिया को वर्ष 2007 में विदेशी पूंजी जुटाने की अनुमति दी थी. इस मामले में कार्ति का नाम आया है। उस समय कार्ति + के पिता पी. चिदंबरम तत्कालीन यूपीए सरकार में वित्त मंत्री थे। ईडी ने यह भी दावा किया था कि सीए भास्कर रमन ने गलत तरीके से अर्जित संपत्ति के प्रबंधन में कार्ति की मदद की थी.

चिदंबरम के घर पर ईडी का छापा
यही नहीं इससे पहले हमने आपको बहुत बड़ा खुलासा करते हुए बताया था कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 13 जनवरी को वरिष्ठ कोंग्रेसी नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम के दिल्ली स्थित घर पर छापा मारा था, वहां छापेमारी के दौरान उनके हाथ जो फाइल लगी है, उसने ईडी के अधिकारियों के होश उड़ा दिए. इस फाइल में ईडी को एक बेहद गोपनीय रिपोर्ट मिली है, जो शायद प्रधानमंत्री अथवा कोर्ट के अलावा किसी अन्य के पास होनी ही नहीं चाहिए थी.

हाथ लगे ऐसे ख़ुफ़िया दस्तावेज
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार ईडी के सूत्रों ने बताया है कि यह अतिगोपनीय रिपोर्ट रिपोर्ट एयरसेल मैक्सिस घोटाले से जुड़ी है, जिसकी कॉपी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी. यानी ये रिपोर्ट केवल और केवल सुप्रीम कोर्ट के पास ही होनी चाहिए थी, तो फिर ये बेहद गोपनीय जांच रिपोर्ट आखिर चिदंबरम के पास कैसे पहुंच गयी?

यही नहीं जो रिपोर्ट सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में भेजी थी, उसपर हस्ताक्षर किये थे, मगर ईडी को पी चिदंबरम के घर से जो रिपोर्ट मिली है, उसपर किसी अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं हैं, इसका मतलब ये रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट से नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट पहुंचने से पहले ही सीबीआई दफ्तर से लीक होकर चिदंबरम के पास पहुंच गयी थी.

यहाँ स्थिति की गंभीरता को समझिये, इन कोंग्रेसी नेताओं के खिलाफ कोई फैसला क्यों नहीं हो पाता कभी भी? क्योंकि इनके पालतू हर जांच एजेंसी में घुसे हुए हैं, पैसों के लिए अपनी आत्मा तक बेच देने वाले ऐसे भ्रष्ट अधिकारी कोर्ट में किसी रिपोर्ट के पहुंचने से पहले ही इन भ्रष्ट नेताओं की टेबल पर उस रिपोर्ट को पहुंचा देते हैं.

जिसके बाद वकीलों के झुंड उस रिपोर्ट की मदद से पहले ही सजग हो जाते हैं और दलीलें तैयार कर लेते हैं. चिदंबरम तो खुद भी वकील है. कुछ इसी तरह से 2जी केस के आरोपियों को भी बरी करवा लिया गया. सिस्टम में अंदर तक घुन लग चुका है, जो इतनी जल्दी तो साफ़ नहीं होने वाला.

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ब्रेकिंग:PM मोदी के इस बड़े एक्शन के बाद PNB,SBI के बाद अब एक और महाघोटाला आया सामने जिसे देख कांग्रेस भी रह गयी दंग

नई दिल्ली : देश में बैंको ने NPA के नाम पर करोड़ों के घोटाले का अब खुलासा हो रहा है. पूरे देश में करीब 9 लाख करोड़ से ज़्यादा के क़र्ज़ को NPA (ऐसा क़र्ज़ जो वसूला नहीं जा सकता) घोषित कर रखा है. तो वहीँ पीएम मोदी सभी बैंकों को 20 दिनों की अंतिम चेतवानी दी थी कि सभी घोटालों की तुरंत जानकरी दें, दबा के न रखें.

NEW DELHI: Banks in the country are now disclosing the crores scam in the name of the NPA. Over 9 lakh crores of rupees have been declared by the NPA (debt that can not be recovered) across the country. So the PM Modi gave all the banks 20 days of last consciousness that all the scandals should be immediately informed, do not suppress it.

PNB SBI के बाद एक बड़ा बैंक का घोटाला आया सामने

जिससे बैंकों में हड़कंप मच गया है और एक-एक करके घोटालों के खुलासे कर रहे हैं. पहले PNB , फिर रोटोमैक का घोटाला, फिर OBC बैंक, Canara बैंक, तो कल SBI बैंक का घोटाला सामने आया तो अभी-अभी UNION बैंक का ज़बरदस्त घोटाले ने देश में बड़ी उथल पुथल मचा के रख दी है.

After the PNB SBI, a big bank scam came in front

Thereby stirring up the banks and making disclosures of scams one by one. Firstly, PNB, then the Rotopomak scandal, then the OBC Bank, Canara Bank, then the SBI Bank scandal came to light yesterday, just after the scandal of the UNION Bank has put a big upheaval in the country.

13940000000 करोड़ रूपए का घोटाला हुआ कांग्रेस सरकार के साल 2012 में

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक पंजाब नैशनल बैंक में 13 हजार करोड़ रुपये के घोटाले के बाद अब तो जैसे बैंकों के घोटालों की झड़ी सी लग गयी है. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का 1394.43 करोड़ का एक और बैंकिंग घोटाला अभी सामने आया है. आम जनता के पैसे को इन बैंकों ने धन्ना सेठ की तरह दोनों हाथों से लुटाया है और अब हाथ फैला के सरकार से भीख मांग रहे हैं हमें और पैसे दो वरना बैंक डूब जायेंगे.

Congress government’s scandal in the year 1394 billion

According to the big news now, after the scam of Rs 13,000 crore in Punjab National Bank, now it is like a scam of bank scam. Another Banking scam of Union Bank of India’s 1394.43 crores has just emerged. These banks have looted the money of the common people with both hands like Dhanna Seth and now they are demanding begging from the government of the hand spreading money or else the bank will sink.

बैंक की शिकायत पर सीबीआई ने टोटेम इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, इसके प्रमोटर्स और डायरेक्टर्स टोटेमपुदी सलालिथ और टोटेमपुदी कविता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. यह मामला 1394.43 करोड़ रुपये का है. इस कंपनी को भी साल 2012 में कांग्रेस सरकार के वक़्त क़र्ज़ दिया गया.

On the complaint of the bank, the CBI has registered a case against Totem Infrastructure Ltd, its promoters and directors Totempudi Salalith and Totempudi poetry. This matter is Rs. 1394.43 crores. This company was also given the loan in the year 2012 for the Congress government.


इतना बड़ा अर्थशास्त्री जिसकी तारीफ कांग्रेस करती थकती नहीं है देश के दस साल प्रधानमंत्री रहा और उन्ही की नाक के नीचे इतने सारे घोटाले, एक के बाद एक सामने आ रहे और आज ये ही देश की अर्थव्यवस्था को डूबता हुआ बताते हैं.

Such a big economist whose praise does not tire of the Congress, has been the prime minister of the country for ten years and under the nose of his many scams, one after another one is coming out and today they are saying the economy of the country is drowning.

कंपनी ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया सहित 8 बैंकों से लोन लिया था. लोन को 30 जून 2012 को एनपीए घोषित कर दिया गया था. यूनियन बैंक ऑफ इंडस्ट्रियल फाइनैंस ब्रान्च ने 313 करोड़ का लोन दिया है. सीबीआई प्रमोटर्स और डायरेक्टर्स से पूछताछ कर रही है.

The company had taken loan from 8 banks including Union Bank of India. The loan was declared NPA on June 30, 2012. Union Bank of Industrial Finance Branch has given loan of Rs. 313 crores. CBI is interrogating the promoters and the directors.

गौरतलब है कि कल ही कनिष्क गोल्ड द्वारा 14 बैंकों को 824 करोड़ रुपये की चपत लगाए जाने के मामले में सीबीआई ने इसके प्रमोटर और डायरेक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.

It is worth mentioning that in the case of Kanishka gold imposing Rs 824 crore for 14 banks, CBI has registered a lawsuit against its promoter and director yesterday.

सरकारी और गैर सरकारी 14 बैंकों से कर्ज लेने के लिए फर्जी दस्तावेज और बैंक स्टेटमेंट का इस्तेमाल किया गया. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआइ) के इस घोटाले की सीबीआइ से जांच की मांग के बाद सीबीआइ ने एफआइआर दर्ज कर ली है.सीबीआइ ने कनिष्‍क गोल्‍ड प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर्स-डायरेक्‍टर्स के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया है. चेन्‍नई में दो स्‍थानों पर उनकी खोज चल रही है.

Fraudulent documents and bank statements were used to borrow from government and non-governmental 14 banks. The CBI has registered an FIR after seeking the probe of the scam of State Bank of India (SBI), which is being investigated by CBI. The CBI has released Look Out Circular against promoters and directors of Kanishka Gold Private Limited. They are searching for two places in Chennai.

पीएम मोदी पहले ही कह चुके हैं कि ये सारा NPA के नाम पर किया गया घोटाला कांग्रेस की देन है. OBC बैंक घोटाले में पंजाब कांग्रेस के सीएम के दामाद पर केस चल रहा है. कांग्रेस सरकार में वित्तीय मंत्रालय के दबाव के चलते अवैध तरीके से क़र्ज़ लुटाये गए ये खुद PNB बैंक के पूर्व कर्मचारी ने खुलासा करते हुए कहा था. वहीँ PNB बैंक के कई कर्मचारियों के बैंक खातों और संपत्ति की जाँच पर खुलासा हुआ है कि इनकी विदेशों में सम्पति है,और विदेशी बैंकों में खाते भी हैं.

PM Modi has already said that the scandal involving the entire NPA is Congress’s responsibility. In the OBC bank scam, the case of the son-in-law of Punjab Congress CM is going on. In the Congress government, under the pressure of the financial ministry, illegally looted the money themselves, former employee of PNB Bank said disclosing. There have been disclosures on bank accounts and property checks of several employees of PNB Bank that they have assets in foreign countries, and also have accounts in foreign banks.

अब जब ये बैंक घोटाला देश के सामने आ चुके हैं ये लिस्ट खत्म होने वाली नहीं है, इतने सालों से बैंकों ने करोड़ों के घोटाले दबा रखे थेऔर खुलासा नहीं कर रहे थे.कैसे करेंगे खुद बैंक के ही मैनेजर और जनरल मंजर इन घोटालों में शामिल हैं जैसे PNB घोटाले में मैनेजर की गिरफ़्तारी हुई है.

Now that these bank scam has come to the country, this list is not going to end, for so many years the banks were suppressing millions of scams and not disclosing how. The manager’s arrest has occurred in the PNB scam.

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ब्रेकिंग:नोटबंदी के बाद मोदी जी का एक और जोरदार हमला जिसे देख वामपंथी समेत कांग्रेस हैरान…..

नई दिल्ली (15 मार्च) : पिछले 60 वर्षों में कांग्रेस ने देश में इस कदर लूट मचाई, अपने साथ-साथ बड़े-बड़े कारोबारियों को भी लूट का खुला अवसर दिया. इन कारोबारियों से इसके बदले में मोटी दलाली भी मांगी गयी. नियम-क़ानून भी कुछ ऐसे बनाये गए ताकि खुली लूट मचाने वालों की पोल कभी खुले ही नहीं और यदि गलती से यदि खुल भी जाए तो वो आसानी से देश छोड़कर भाग निकलें.

New Delhi (March 15): In the last 60 years, Congress has looted so much in the country, as well as large businessmen, with open opportunities for looting. Thousands of brokers were also asked in exchange for these transactions. Some rules were made so that the open looters’ pole was never open and if they were opened by mistake, they would leave the country easily.

यही कारण है की माल्या और नीरव मोदी जैसे भ्रष्ट कारोबारी आसानी से देश से भाग निकले और विपक्ष ने उनके भागने का दोष पीएम मोदी पर ही मढ़ दिया, जबकि हकीकत तो ये है कि देश में ऐसे क़ानून ही नहीं जो ज्यादा लोन लेने वालों को विदेश जाने से रोक सके. पीएम मोदी ने अब नियम बदलने का फैसला लिया है.

This is the reason why corrupt businessmen like Mallya and Neerav Modi easily escaped from the country, and the opposition blamed the demise of their escape on PM Modi, whereas the fact is that there is no such law in the country that those who take more loans abroad Prevented PM Modi has now decided to change the rule.

डिफॉल्टरों के देश छोड़ने पर लगेगा बैन
बताया जा रहा है कि देश से भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेकने के लिए आतुर पीएम मोदी पीएनबी घोटाले के बाद डिफॉल्टरों को किसी भी तरह की रियायत देने के मूड में नहीं हैं. जानकारी के मुताबिक़ मोदी सरकार ने देश में मौजूद डिफॉल्टरों की लिस्ट बनानी शुर कर दी है, जिसके बाद सरकार इनके देश छोड़ने पर बैन लगाने जा रही है.

BAN will look at leaving the defaulters
It is being told that in order to overthrow corruption from the country, PM Modi is not in the mood to give any kind of concession to the defaulters after the PNB scam. According to the information, the Modi government has started issuing lists of defaulters in the country, after which the government is going to ban the country after leaving their country.

इन डिफॉल्टरों में कंपनी के वो निदेशक और मालिक शामिल होंगे जो साधनों के बावजूद बैंक का कर्ज चुकाने से इंकार करते आए हैं. सरकार ने ऐसी 400 कंपनियों की लिस्ट बनाई है. आपको बता दें कि कई मामलों में डिफॉल्टर कर्ज न चुकाने के बाद देश छोड़कर फरार हो जाते हैं, ऐसे में सरकार का यह कदम डिफॉल्टरों पर नकेल कसेगा.

These defaulters will include those directors and owners of the company who refuse to repay the loan of the bank despite the means. The government has made a list of such 400 companies. Let us tell you that, in many cases, defaulters are absconding after leaving the country, so how will the government take a step on defaulter?

कांग्रेस ने नहीं बनाया था क़ानून
हाल ही में पीएनबी बैंक में 12,6०० करोड़ रुपये के धोखाधड़ी का मामला सामने आया था. इस मामले में हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके चाचा मेहुल चोकसी देश छोड़कर पहले ही बाहर भाग गए. बैंक में बैठे भ्रष्ट अधिकारियों ने उन तक घोटाले के खुलने की खबर पहले ही पहुंचा दी और इससे पहले की सरकार कोई एक्शन लेती, वो पहले ही देश छोड़कर भाग निकले.

Congress did not create law
Recently, a case of cheating of Rs 12,600 crore in PNB Bank was revealed. In this case diamond trader Neerav Modi and his uncle Mehul Choksi fled the country before leaving. The corrupt officials sitting in the bank have already brought the news of the scandal opening to them and before that the government took action, they had already fled the country.

सवाल यहाँ ये भी है कि देश में 60 वर्षों तक राज करने वाली कांग्रेस सरकार क्या आजतक झक मार रही थी. ऐसा क़ानून क्यों नहीं बनाया गया, जो कर्ज ना चुकाने वालों के देश छोड़ने पर पाबंदी लगाए. ऐसी कोई व्यवस्था क्यों नहीं की गयी. मगर जिसके अपने मंत्री, वित्तमंत्री व् गृहमंत्री तक भ्रष्टाचार में गले तक डूबे हों, सोनिया-राहुल तो खुद भ्रष्टाचार के मामले में जमानत पर बाहर घूम रहे हैं और जल्द ही जेल जा सकते हैं, उनसे क्या उम्मीद की जा सकती है?

The question here is also that the Congress government, which ruled the country for 60 years, was shocked at this day. Why such a law was not created, which prohibits the non-repatriation of the country. Why no such arrangement has been made. But whose minister, the finance minister and the home minister are embroiled in corruption, Sonia and Rahul are themselves going out on bail in corruption cases and they can go to jail soon, what can be expected from them?

पासपोर्ट डीटेल के बिना 50 करोड़ से ज्यादा का लोन नहीं देंगे सरकारी बैंक
पीएम मोदी ने लोन लेकर विदेश भाग जाने वालों पर हल्ला बोल दिया है. सरकारी बैंकों से 50 करोड़ रुपए से ज्यादा का लोन मांगनेवालों के लिए पासपोर्ट डीटेल देना भी अनिवार्य कर दिया है, जोकि लोन फर्जीवाड़े की स्थिति में त्वरित और आसान कार्रवाई सुनिश्चित करेगा और धोखाधड़ी करनेवालों को देश से भागने पर रोक भी लगाएगा. साथ ही, बैंकों को 250 करोड़ रुपये से ज्यादा के लोन की निगरानी करने का भी आदेश दिया गया है.

Government bank not to lend more than Rs 50 crores without passport deal
Prime Minister Modi has said an attack on foreigners fleeing a loan. It is also mandatory to give passport details for those seeking loan of more than Rs. 50 crores to the public sector, which will ensure quick and easy action in the case of loan forgery and will also stop the fraudsters fleeing from the country. In addition, banks have also been ordered to monitor loans worth more than Rs 250 crore.

बहरहाल पीएम मोदी के रुख से साफ़ है कि ना केवल भगोड़ों को जल्द ही घसीट कर वापस लाया जाएगा बल्कि किसी भी अन्य के देश से भागने की गुंजाइश भी ख़त्म की जायेगी ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा करने के बारे में सोच तक ना पाए.

However, it is clear from the stand of the PM Modi that not only the fugitives will be dragged back soon, but the scope of any other country to escape will also be eliminated so that nobody in the future can think of doing so.

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अभी-अभी:नीरव मोदी के घोटाले के बाद PNB की मुंबई ब्रांच में एक और बड़ा महाघोटाला जिसे सुन pm मोदी समेत देश भर में हडकंप

नई दिल्‍ली : देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि मुंबई की पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ब्रांच में एक और फ्रॉड सामने आया है. मुंबई की पीएनबी ब्रांच में करीब 9.9 करोड़ रुपये का एक और फ्रॉड का खुलासा हुआ है, इसकी जानकारी फेडरल पुलिस को दी गई शिकायत के आधार पर हुई है. यह मामला भी उसी ब्रांच का बताया जा रहा है जिस शाखा में नीरव मोदी से जुड़ा घोटाला सामने आया था. सूत्रों के अनुसार यह मामला एक छोटी कंपनी चंदेरी पेपर एंड एलाइड प्रोडक्टस प्राइवेट लिमिटेड का बताया जा रहा है. फ्रॉड के ताजा मामले में अभी तक पीएनबी के प्रवक्ता का कोई बयान नहीं आया है. इसके अलावा चंदेरी पेपर की तरफ से भी कोई बयान नहीं दिया गया है.

New Delhi: The matter of the biggest banking scam in the country has not yet been quieted that another fraud has come out in the Punjab National Bank (PNB) branch of Mumbai. A further fraud of Rs 9.9 crore has been revealed in the PNB branch of Mumbai, the information was based on the complaint given to the Federal Police. This case is being told of the same branch which came to the notice of Nirav Modi related scam. According to sources, this case is being reported to a small company Chanderi Paper and Allied Products Private Limited. There is no statement of PNB spokesperson so far in the fresh case of Fraud. Apart from this, no statement has been made on behalf of Chanderi paper.

सीबीआई और ईडी तेजी से कार्रवाई कर रही
इससे पहले हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की तरफ से पीएनबी को 12,600 करोड़ रुपये से ज्यादा का चूना लगाकर विदेश भागने के मामले में जांच चल रही है. इस पूरे मामले में सीबीआई और ईडी तेजी से कार्रवाई कर रही हैं. सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले पर चुप्पी तोड़ते हुए बुधवार को आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा था कि सार्वजनिक बैंकों के घोटाले रोकने के लिए केंद्रीय बैंक को और अधिक नियामकीय शक्तियां दी जानी चाहिए.

CBI and ED take action fast
Earlier, investigations were on in the case of foreign currency by the diamond trader, Nirvav Modi and Mehul Choksi, for a paltry amount of more than Rs 12,600 crores to PNB. In this case, the CBI and ED are taking immediate action. Breaking the silence on the biggest banking scam, RBI Governor Urjit Patel had said on Wednesday that more regulatory powers should be given to the central bank to stop scams of public banks.

नीरव मोदी और माल्या ही नहीं, ये 31 कारोबारी भी विदेश फरार, पढ़िए पूरी लिस्ट

आरबीआई की शक्तियां बढ़ाने की जरूरत
उर्जित पटेल ने कहा कि उसके पास इस समय जो शक्तियां है वे घोटालेबाजों के मन में भय पैदा करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं. पटेल की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जबकि हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चौकसी की फर्मों के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को 12 हजार 600 करोड़ रुपये का चूना लगाए जाने का मामला सामने आया है. नीरव व मेहुल देश से बाहर भाग गए हैं.

Nirav Modi and Mallya, these 31 businessmen also absconding overseas, read full list

Need to increase the powers of RBI
Urjit Patel said that the powers that he has at this time are not enough to create fear in the mind of scandals. Patel’s remarks have come at a time when a case has been registered for the lien of Rs. 12,600 crore to Punjab National Bank (PNB) of firms of diamond trader Neerav Modi and his uncle Mahul Vigilance. Neerav and Mehul have fled the country.

उपचुनाव में हार के बीच मोदी सरकार के लिए वर्ल्ड बैंक से आई बड़ी खुशखबरी

पटेल ने केंद्रीय बैंक के पास बेहद सीमित अधिकार होने का जिक्र करते हुए कहा कि रिजर्व बैंक किसी सार्वजनिक बैंक के निदेशकों या प्रबंधन को हटाने में सक्षम नहीं है. आरबीआई सार्वजनिक बैंकों का विलय भी नहीं करा सकता है और न ही वह इन बैंकों को परिसमाप्त करने की कार्रवाई शुरू करा सकता है.

Major announcement from the World Bank for the Modi Government in the bye-election defeat

Referring to the central bank having very limited powers, Patel said that the Reserve Bank is not capable of removing the directors or management of any public bank. RBI can not even merge public banks, nor can it initiate the process of liquidating these banks.

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बेटे कार्ति की गिरफ्तारी के बाद पी चिंदबरम का बड़ा घोटाला कांग्रेस में हडकंप जुड़े है कई नाम

नई दिल्ली : एक के बाद एक ऐसे-ऐसे खुलासे हो रहे हैं, जिन्हे देखकर लगने लगा है कि पूरा का पूरा चिदंबरम परिवार ही महाभ्रष्ट है. दस वर्षों की कांग्रेस सरकार के दौरान पूर्व वित्तमंत्री ने तो लगता है भ्रष्टाचार के अलावा कुछ किया ही नहीं. देश में जमकर लूट की गयी. कार्ति चिदंबरम सीबीआई की हिरासत में है और पी चिदंबरम को लेकर अब बड़ा खुलासा हुआ है, जिसे देख लगता है कि जल्द ही पी चिदंबरम भी सलाखों के पीछे जाने वाला है.

New Delhi: After one, such disclosures are happening, which has started to appear that the whole of Chidambaram family is totally unknowable. During the ten years of Congress government, the former finance minister seems to have done nothing except corruption. There was a lot of looting in the country. Karti Chidambaram is in CBI custody and now there is a big disclosure about P Chidambaram, who seems to be seen that soon P P Chidambaram is going to be behind the bars.

चिदंबरम का सोना आयात योजना घोटाला
खुलासा हुआ है कि पी चिदंबरम ने अपने पद का दुरूपयोग करके मेहुल चोकसी और नीरव मोदी जैसे आभूषण कारोबारियों को अरबों का फायदा पहुंचाया. साफ़ सी बात है कि इसके बदले में चिदंबरम ने इन कारोबारियों से मोटी दलाली भी खायी होगी.

Chidambaram’s gold import scheme scam
It is revealed that P Chidambaram misused his position and benefited from billions of jewelery traders like Mehul Choksi and Neerav Modi. Obviously, in return Chidambaram would also have consumed a fat brokerage from these businessmen.

चिदंबरम के वित्त मंत्री रहने के दौरान यूपीए सरकार की ओर से 80:20 सोना आयात योजना शुरू की गई थी. मजे की बात तो ये है कि इस योजना को शुरू करने का उद्देशय केवल कुछ चुनिंदा कारोबारियों को फायदा पहुंचाने का था.

While Chidambaram was the Finance Minister, 80:20 gold import scheme was started by the UPA government. What is interesting is that the purpose of starting this scheme was to benefit only a few select businesses.

संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) की बैठक में इस योजना में पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम की भूमिका पर सवाल उठे. सीएजी ने 2016 में पेश अपनी रिपोर्ट में इस योजना पर सवाल उठाए थे. सोना आयात योजना को यूपीए सरकार ने अगस्त 2013 में अपनी मंजूरी दी थी.

In the meeting of the Public Accounts Committee of Parliament (PAC), the role of former Finance Minister Chidambaram in this scheme raised question. The CAG had questioned this plan in its report submitted in 2016. The UPA government had approved the gold import scheme in August 2013.

देश को सवा लाख करोड़ रुपये का नुकसान
इस योजना के तहत 100 किलोग्राम से ज्यादा का सोना आयात करने वाली कंपनी को ही इंपोर्ट ड्यूटी में रियायत मिलती थी. साथ ही व्यापारियों को सोने का आयात करने की अनुमति तभी दी जाती थी, जब वे अपने पिछले आयात से 20 प्रतिशत सोने का निर्यात कर चुके हों.

Loss of Rs 100 lakh crore to the country
Under this scheme, the importer of gold imported more than 100 kilogram only got the concession in imports duty. Also, traders were allowed to import gold, when they had exported 20 percent of their gold from their previous imports.

सीएजी रिपोर्ट के अनुसार 2013 से 2015 के बीच 80:20 सोना आयात योजना की वजह से सरकारी खजाने को करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये का चूना लगा था.

According to the CAG report, between 2013-2015 80:20 gold import scheme, the government treasury had lost about 1.25 lakh crore rupees.

खुलासा हुआ है कि मेहुल चोकसी जैसे आभूषण कारोबारियों ने मनी लॉन्ड्रिंग के लिए इस योजना का दुरुपयोग किया. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली पीएसी की उपसमिति के समक्ष राजस्व सचिव और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) तथा केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) के शीर्ष अधिकारी पेश हुए.

It is revealed that jewelery traders like Mehul Choksi misused the scheme for money laundering. Revenue Secretary and Enforcement Directorate (ED), Central Board of Direct Taxes (CBDT) and top officials of Central Board of Excise and Customs (CBEC) were present before the sub-committee of PAC headed by BJP MP Nishikant Dubey.

नीरव और मेहुल को हुआ मुनाफा
सीएजी की रिपोर्ट पर लोकलेखा की उपसमिति की बैठक में सोना आयात योजना को लेकर तत्कालीन वित्त मंत्री चिदंबरम की भूमिका पर सवाल उठे. इस योजना से जिन कंपनियों को फायदा पहुंचा, उनमें नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की कंपनियां भी शामिल हैं, जिन्हें इससे हजारों करोड़ों का मुनाफा हुआ.

Profit to Neerav and Mehul
The CAG report raises questions on the role of then Finance Minister Chidambaram in the meeting of the sub-committee on gold import scheme. Among the companies benefiting from this scheme are the companies of Neerav Modi and Mehul Vigilance, which have made profits of thousands of crores.

पीएसी ने वित्त सचिव, सीबीडीटी, ईडी से गोल्ड स्कीम से जुड़े सारे तथ्य और फाइल पीएसी की उपसमिति के समक्ष 15 दिन में देने को कहा, साथ ही इस योजना में चिदंबरम की भूमिका की जानकारी देने को भी कहा गया है.

PAC asked the finance secretary, CBDT, ED to give all the facts related to the gold scheme and the file before the sub-committees of PAC in 15 days, as well as informing about Chidambaram’s role in this scheme.

मोदी सरकार ने बंद की योजना
80:20 सोना आयात योजना की शुरुआत 2013 अगस्त में की गई थी, फिर 2014 फरवरी में इसमें बदलाव किए गए और सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि 2014 में आम चुनाव के नतीजे आने से महज दो दिन पहले 14 मई को इस योजना को आगे बढ़ाने का फैसला किया गया और यूपीए की हार के बाद 21 मई को इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया.

Modi government plans to close
80:20 The gold import scheme was started in August 2013, then it was changed in February 2014, and the most surprising thing was that the plan will be forwarded on May 14, just two days before the results of the general election. Decided to increase and after the UPA’s defeat, its notification was issued on M

सूत्रों की माने तो समिति की ओर से सीएजी रिपोर्ट के आधार पर जांच की जाएगी. पूर्व वित्तमंत्री चिदंबरम ने योजना में तीन बदलाव क्यों किए, जाहिर सी बात है कि इसके पीछे सोना आयात करने वाली कंपनियों को फायदा पहुंचाने की मंशा थी. मोदी सरकार ने सत्ता में आने के कुछ महीने बाद नवंबर में इस योजना को बंद कर दिया.

If sources are to be believed then the committee will be examined on the basis of CAG report. Why did the former finance minister chidambaram make three changes in the plan, obviously there was a motive behind the benefits of gold importing companies. A few months after the Modi government came to power, the scheme was closed in November.

समिति की अगली बैठक मार्च के तीसरे सप्ताह में होगी. पीएसी सभी एजेंसियों से एकत्र जानकारी आने के बाद पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम को इस संबंध में समन जारी कर सकती है. सूत्रों के अनुसार दुबे ने बैठक में कहा कि कैग की रिपोर्ट में स्पष्ट संकेत था कि चोकसी समेत आभूषण कारोबारियों ने काले धन को सफेद में बदलने के लिए योजना का इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि पी. चिदंबरम को इसकी जानकारी थी.

The next meeting of the committee will be held in the third week of March. After getting the information gathered from all the agencies, PAC can issue summons to former finance minister Chidambaram in this regard. According to sources, Dubey said in the meeting that the CAG report had a clear indication that jewelery traders including Choksi used the scheme to convert black money into white. He said that it seems that P. Chidambaram knew about this.

बिना दलाली खाये कोई काम नहीं करता था चिदंबरम
बता दें कि आईएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी पी चिदंबरम ही मुख्य भूमिका में है. इसी महाभ्रष्ट वित्तमंत्री ने अपने पद का दुरूपयोग करके आईएनएक्स मीडिया को अरबों का फायदा पहुंचाया और बदले में दलाली की रकम अपने बेटे कार्ति को दिलवाई. जानकारों के मुताबिक़ दोनों बाप-बेटा ने मिलकर देश में खुली लूट चलाई.

Chidambaram did not work without buying a brokerage
Please tell that P Chidambaram is also in the main role in the INX Media Money Laundering case. This mischievous finance minister misused his position to benefit the INX media by billions and in turn gave the amount of brokerage to his son Karti. According to the experts, both father and son jointly looted the country.

सफ़ेद कुर्ता-लुंगी में घूमने वाला चिदंबरम अंदर से इतना काला है कि बिना दलाली खाये तो मानो कोई काम ही नहीं करता था. बहरहाल अब धीरे-धीरे मामले खुलने लगे हैं और स्पष्ट है कि जल्द ही चिदंबरम भी सलाखों के पीछे होगा. सूत्रों के मुताबिक़ चिदंबरम के बाद अहमद पटेल, रोबर्ट वाड्रा, सोनिया और राहुल के भी भ्रष्टाचार इसी तरह सामने आएंगे.

Chidambaram, who is roaming in a white kurta-lungi, is so dark from inside that if he did not do any work, he would not have done any work. However, the cases have started slowly and it is clear that soon Chidambaram will be behind the bars. According to sources, after Chidambaram, corruption of Ahmed Patel, Robert Vadra, Sonia and Rahul will be similarly exposed.

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पीएम मोदी का ऐसा जबरदस्त एक्शन,जिससे नीरव मोदी समेत पुरे देश में हड़कंप

नई दिल्ली (27 फरवरी) : देश की सबसे भ्रष्टाचारी पार्टी का खिताब पा चुकी कांग्रेस जब सत्ता में थी, तब कोंग्रेसी नेताओं के साथ-साथ भ्रष्ट अधिकारियों व् कारोबारियों ने भी भ्रष्टाचार की मलाई जमकर खायी. मोदी सरकार के आने के बाद जब मामले खुलकर सामने आने लगे तो भ्रष्टाचारी जान बचाकर भाग रहे हैं. मगर अब मोदी सरकार ने ऐसा एक्शन लिया है, जिसे देख भ्रष्टाचारियों के भी होश उड़े हुए हैं, खासतौर पर उनके, जो ये सोचकर देश से भाग गए हैं कि भारत सरकार उनका कुछ बिगाड़ नहीं पाएगी.

New Delhi (February 27, 2013): When Congress was in power in the country’s most corrupt party, when the Congress leaders were in power, corrupt officials and businessmen ate along with the cream of corruption. After the Modi government came, when the cases came out openly, the corrupt people are running away. But now the Modi government has taken such action, which is also seen in the eyes of corrupt people, especially those who have fled from the country thinking that the Government of India will not be able to make any difference to them.

10 देशों में ईडी का एक्शन
हाल ही में सामने आये पीएनबी घोटाले में जांच एजेंसियां बेहद सख्त मूड में हैं. नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की ना केवल भारत की सभी सम्पत्तियाँ जब्त कर ली गयी हैं बल्कि अब विदेशों में भी इनका जीना दूभर करने की तैयार कर ली गयी है.

ED action in 10 countries
In the recent PNB scandal, investigating agencies are in a very strict mood. Nirav Modi and Mehul Vakasi have not only seized all the properties of India, but have now been prepared to confuse them in foreign countries.

प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब नेशनल बैंक से करीब 12600 करोड़ रुपये का लोन लेकर विदेश भागे आरोपी नीरव मोदी मामले में 10 देशों को पत्र लिखकर उनसे कहा है कि वो वहां नीरव मोदी की विदेशी संपत्ति और ठिकानों के बारे जानकारी भारत सरकार को दें, ताकि उन्हें जब्त कर लिया जाए.

The Enforcement Directorate has written a letter to the 10 countries of Punjab National Bank, taking a loan of around Rs 12,600 crore from abroad to Nirav Modi and asked them to give information about Neerav Modi’s foreign assets and locations to the Indian government, so that they may be seized. Be done

विदेशी संपत्ति जब्त कर बना देंगे भिखारी
ईडी ने कहा कि इससे वह हांगकांग, अमेरिका, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, दक्षिण अफ्रीका और सिंगापुर अपराध की कमाई जब्त करने और दस्तावेज तथा सबूत जुटाने में मदद मिलेगी. अनुरोध पत्र एक देश की अदालत द्वारा दूसरे देश की अदालत को जारी किया जाता है. निदेशालय ने अदालत को बताया कि नीरव मोदी ने कई कंपनियां बनाई हैं. इनमें डायमंड आर यूएस, सोलर एक्सपोर्ट्स, स्टेलर डायमंड, फायरस्टार डायमंड शामिल हैं.

Beggars will seize foreign property
ED said that this will help in seizing the earnings of Hong Kong, US, UK, United Arab Emirates, South Africa and Singapore crime and gathering documents and evidence. The request letter is issued by a country’s court to another country’s court. The Directorate told the court that Neerav Modi has made several companies. These include Diamond R US, Solar Exports, Stellar Diamond, Firestars Diamond.

ईडी ने अदालत में अपनी अपील में कहा कि नीरव मोदी ने अपना कारोबार अमेरिका, ब्रिटेन, यूएई, दक्षिण अफ्रीका और सिंगापुर तक फैलाया हुआ है. आवेदन में कहा गया है कि उसकी अपराध की कमाई का कुछ हिस्सा विदेशों में रखा हुआ है.

ED in its appeal in the court said that Neerav Modi has spread his business to the US, UK, UAE, South Africa and Singapore. The application says that part of the income of his crime is kept abroad.

साफ़ जाहिर है कि नीरव मोदी भले ही देश छोड़कर भाग गया हो, मगर जांच एजेंसियां उसके पीछे पूरी ताकत से लगी हुई हैं. ना केवल उसकी विदेशी सम्पत्तियाँ जब्त करने की पूरी तैयारी है बल्कि उसे वापस भारत लाने की भी पूरी कोशिशें की जा रही हैं. नीरव मोदी के भारत आने से कई अन्य भ्रष्टाचारियों का भी पर्दाफ़ाश होने की उम्मीद है, खासतौर पर उन नेताओं का, जिनकी सहायता से नीरव मोदी ने इतने बड़े पैमाने पर लूट मचाई.

Clearly, Neeru Modi may have left the country, but the investigating agencies have been behind him with full force. Not only is there complete preparation to seize its foreign properties but also efforts are being made to bring it back to India. Many other corrupt people are also expected to be exposed after the arrival of Nirv Modi, especially with the help of those leaders who had looted at such a massive scale.

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PNB मामले में नया मोड़ ,इस शख्स ने खोला कांग्रेस का काला -चिटठा जिसमे जुड़े कई नाम

मुंबई :देश के साथ बड़े बैंकिंग घोटाले में जाँच एजेसियों तेजी से एक्शन ले रही है घोटले में शामिल कई आरोपियों को धर धर दबोचा गया है के दोरान आरोपियों ने अपने गुनाहों को कबूलना भी शुरू कर दिया है साथ ही कुछ ऐसे चोकने वाले खुलसा भी किये है जिसके के बाद देश के कई बड़े नेता राजनितिक पार्टियों और मशहूर ह्श्तिया के काले कारनामो का पद्र्फाश हो रहा है खासतोर पर कांग्रेस के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी हो गयी है

MUMBAI: In the big banking scam along with the country, investigating agencies are increasingly taking action. Many of the accused involved in the scam have been arrested, the accused have started accepting their crimes and also opened some such chokes. After which, many big political leaders of the country and the famous celebrities of the famous Hathiyya are being seen, especially when there is a big problem for the Congress Programming is

गोकुलनाथ शेट्टी के कबुल्नामे से कांग्रेस परेशान

PNB घोटाले के सामने आते ही राहुल गन्धिउ सबसे पहले आगे आये और घोटाले का आरोप pm मोदी पर मढ़ दिया राहुल ने इसके लिए सीधे प्रधानमंत्री मोदी को जिम्मेदारी ठहराते हुए उनपर कीचड़ उछला मगर जाँच में तो कुछ और खुलासा हों रहा है जैसे जैसे आगे बढ़ रही ताहुल गाँधी रबड़ वाड्र और सोनिया गाँधी पर शिकांजा कसता जा रहा है

Congress disturbs Gokulanath Shetty’s confession

As soon as the PNB scandal came to light, Rahul Gandhite first came forward and blamed the PM for blaming Rahul Gandhi for the sake of this, directly raising the responsibility of Prime Minister Modi and muddled him but there is some more revealing in the investigation as soon as Tahul Gandhi is closing up on Rubber Vadra and Sonia Gandhi

अगला नबंर राहुल वाड्र सोनिया का

अब गोकुलनाथ शेट्टी के कबूलनामे के बाद बीजेपी ,कांग्रेस पर हमलावर हो गयी उत्तर प्रदेश के सासद ब्रज्बुष्ण शरण सिंग ने तो यही तक खा की pm मोदी भ्रश्टाचार के खिलाफ कम नीरव मोदी को जल्द ही व्हारत लाया जायगा और अगला नबर राहुल गाँधी रबड़ वाड्रा और सोनिया गाँधी का आ सकता है

NextNote Rahul Gandhi Sonia’s

Now after the confession of Gokulanath Shetty, the BJP, the Congress has been attacked, the Samajwadi Party of Uttar Pradesh, Saraswat Singh, Sharan Singh, will have to eat the same. PM Modi will be brought low on corruption and will be brought to Varat soon and next door Rahul Gandhi Rubber Vadra and Sonia Can come of Gandhi

आम आदमी पार्टी का घोटाला से लिंक

जाँच में pnb के मुख्य आरोपी नीरव मोदी रिश्तेदारी और सहयोगियो से जुडी 150शिली कंपनी का भी पता लगा है शेली कंपनी का इस्तेमाल गैर क़ानूनी गतिविधियो और कालेधन को खपाने ,में किया जाता था कांग्रेस सरकार के दोरान नेताओ के साथ मिलीभगत करके धडल्ले से लुट की जाती रही

Link to the Aam Aadmi Party scam

In the investigation, the main accused of the pnb, Nirav Modi relation and associations related to the 150 Shilli company also found that the use of the Shelley Company was used in the consumption of black money and black money, in collusion with the leaders of the Congress, were looted from Dhadle. doing

कपिल सिब्बल भी घपले में शामिल

दरअसल जितने कांग्रेस वामपंथी व् आम आदमी पर्त्य्के नेता pnb घोटाले को लेकर pm मोदी पर कीचड़ उछाल रहे है उन सभी के नाम घोटाले से जुड़े रहे है कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल जोकि राममंदिर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में केस लड़ रहे है उन्होंने भी pm मोदी पर काफी कीचड़ उछाला मगर अब नहीं का नाम इस म्हाघोताले से जुड़े गया है

Kapil Sibal is also involved in the scandal

In fact, as many Congress leaders and common people, the leader of the party is muddling Modi on the pnb scam, all of them have been linked to the scandal. Congress leader Kapil Sibal, who is fighting a case against Ram temple, The mud has sprung up but now the name has been associated with this mahaghota

उन्होंने बताया की mgf का समंध साथ है और एमआर को इस अवैध लें दें की जानकारी मिली तो mjaf के साथ पार्टनर शिप खत्म कर दी mjaf कनिष्क सिंग कंपनी है जो अब प्तियांका गाँधी के साथ काम कर रही है

They informed that the mgf is with the syndrome and the MR got the information that if the information was received, then the mjaf Kanishka Singh company which is now working with Patiala Gandhi

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PNB ने रचा ऐसा भ्रष्टाचार का नया इतिहास, जांच में हुआ ये सनसनी खेज खुलासा,जिसे देख PM समेत CBI के उड़े होश

नई दिल्ली:भारत के सबसे बड़े बैंक घोटाले को लेकर हर रोज नए नए खुलासे हो रहे है भ्रष्टाचार मिलीभगत से हुई इस लूट PNB के लचर सिस्टम का भी पर्दाफाश होता जा रहा जाँच में जुटी CBI के सामने पूछताछ के दोरान बैंक कर्मचारी ने ऐसे हैरत अंगेज खुलासे किये है जिन्हें देख आपके पेरो तले जमीं खिसक जायेगी

New Delhi: New disclosures are being made every day on the biggest bank scam of India: The looted system of corruption of the PNB looted from corruption has also been exposed. During the inquiry in front of the CBI engaged in the investigation, the bank employee has given such an alarm Have made disclosures that will be seen in your underground area.


PNB ने रचा भ्रष्टाचार का नया इतिहास
पैसो के लालच में PNB के भ्रष्ट अधिकार इस बिक चुके कि वो नीरव मोदी के कर्मचारी को अपने कंप्यूटर ही सोंपा देते थे और नीरव मोदी के कर्मचारी खुद ही लॉग इन कर लेते थे जाँच एजेसियों को इस घोटले में PNB के डिजिटल सिस्टम से छेड़छाड़ का पहले से ही आदेशा था.

PNB’s new history of corruption
PNB’s corrupt rights have been sold out of PNB that he used to give Nirav Modi’s staff to his computer and Nirav Modi’s staff would log in himself. The investigating agencies were first to tamper with PNB’s digital system in this scam It was the order from itself.

करीब 11,400 करोड़ रुएये के इस घोटले में pnb के अधिकारियों पर ये सवाल पहले ही था कि उन्होंने बिना जाँच पड़ताल के नीरव मोदी की कंपनियो को लोन कैसे दिया अब जानकारी सामने आई है कि cbi द्वारा हिरासत में लिए गए pnb के कर्मचारी ने कबूल किया है की नीरव मोदी की टीम को pnb के कंप्यूटर सिस्टम तक अनाधिकृत रूप में पहुंच दी गई थी |

In the Rs 11,400 crores scam, the question pnb officials were already questioned how they lent to the Modi’s companies without scrutiny. Now the information has come to the notice that the pnb employee who was detained by the cbi has admitted Neerav Modi’s team was given access to pnb’s computer system in unauthorized form.

पीएनबी के अफसरों को नीरव मोदी की कंपनियों को लेटर ऑफ अंडरटेकिंग देने के लिए अच्छा कमीशन मिलता था और इस कमीशन के लालच में ही उन्होंने यह सब किया. पिछले हफ्ते CBI ने पीएनबी लोन घोटाले के सिलसिले में इसके एक रिटायर्ड और एक कार्यरत कर्मचारी को गिरफ्तार किया था. इसके साथ ही पीएनबी के मुंबई में ब्रैडी रोड की उस ब्रांच की भी जांच की गई थी, जहां से इस घोटाले को अंजाम दिया गया था.

The officers of PNB got good commission to give the letter of undertaking to the companies of Nirav Modi, and they did all this in the greed of this commission. Last week, the CBI had arrested one retired and one working employee in connection with the PNB loan scam. At the same time PNB had also examined the branch of Brady Road in Mumbai, from where the scam was executed.

SWIFT में खुद ही लॉग-इन करते थे नीरव मोदी कर्मचारी

पूछताछ के दोरान बैंक के कर्मचारी ने खुलासा किया कि नीरव मोदी के लोगो को वो अपने पासवर्ड देते थे जिससे नीरव के कर्मचारी SWIFT में लॉग-इनकर लेते थे इसके बाद नीरव के कर्मचारी जली SWIFT मैसेज खुद ही भेजते थे आरोपियों ने यह भी खुलासा किया है कि इस घटना में pnb 5-6 और कर्मचारी शमिल थे कर्मचारी को जो कमीशन की रकम मिलती थी उसे वे आपस में बाँट लेते थे

Nirvava Modi employee used to log in to SWIFT itself

During the interrogation, the employee of the bank disclosed that he had given his password to the people of Nirav Modi, so that the employees of Neerav logged in SWIFT after which the Nirav employees sent the SWIFT message itself, the accused also disclosed this. In the event that pnb 5-6 employees were included in the incident, they used to get the amount of commission paid to the employees.

नीरव के लोगो को पासवर्ड दे देने का मतलब हुआ कि एक तरह से नीरव के लोगों के पुरे बैंक की चाबी दे दी जाती थी जितना मर्जी घोटाले कर सकते थे बस उसका तय कमीशन अफसरों को देने होता था यहाँ सवाल ये भी उठने लगे है कि क्या pnb अकेला ऐसा बैंक जहाँ ऐसा भ्रष्टाचार रहा था |

To give a password to the people of Nirvav means that the keys of the bank of the bank were given to the people in a way that they could scandal only if they had to give it to the appointed commissioners.Here the question has arisen whether pnb was the only bank where such corruption was happening

जानकारों के मुताबिक अभी कई बैंकों को नाम सामने आने है जहाँ इसी तरह से भरष्ट कारोबारियों को अनाधिकृत लोन दिए गए सौर जनता के पैसो की खुलकर लूट करने दी गयी

According to experts, the names of many banks are yet to be disclosed, in this way, the affluent businessmen were allowed to loot the money of the unauthorized loan given to the public.

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