बड़ी खबर: रक्षा मंत्री निर्मला का बड़ा सनसनीखेज बयान, फ्रांस को लेकर किया ये बड़ा फ़ैसला, पाकिस्तान और चीन में बढ़ा तैनाव !

देश की नयी रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए फ्रांस को लेकर ये खास फ़ैसला लिया है. देश की नयी रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार एक के बाद एक फ़ैसले लेती जा रही हैं और अब देश की सीमाओं को और पुख्ता करने और वायुसेना को और ताक़त देने के मकसद से एक बड़ा कदम उठाया है.

The country’s new defense minister, Nirmala Sitharaman, took another major step and took a special decision regarding France. The country’s new Defense Minister, Nirmala Sitharaman is taking one step after another and now has taken a major step to strengthen the borders of the country and to strengthen the IAF.

गुरुवार को ग्वालियर पहुँचीं रक्षामंत्री कहा कि फ्रांस से राफेल विमान को लेकर बुधवार को ही उनके पास फ्रांस की रक्षा मंत्री का फोन आया है, जिसमें राफेल विमान की डील को लेकर अच्छी बात हुई है. दरअसल भारत और फ्रांस के बीच होने वाले सबसे महत्वपूर्ण सौदे राफेल विमानों की डील सबसे बड़ी है. भारत और फ्रांस की इस सामरिक डील में कहीं न कहीं ग्वालियर भी है क्योंकि 27 जुलाई 2013 में फ्रांस के तत्कालीन रक्षामंत्री वाय वेस ली ड्रियान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ग्वालियर भी आया था.

Defense Minister, who reached Gwalior on Thursday, said that on Wednesday about the Rafael aircraft from France, he has received a phone call from the Defense Minister of France, in which there is good talk about the deal of Rafael aircraft. Indeed, the most important deal between India and France is the deal of Rafael planes. This strategic deal of India and France is also somewhere in Gwalior as there was a delegation of Gwalior under the leadership of the then French Defense Minister Y Veis Le Dreyan in July 27, 2013.

ग्वालियर पहुंची रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने मिराज के कॉकपिट में बैठकर फाइटर विमान की कई बारीकियों को करीब से जाना और समझा. इस दौरान रक्षामंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें रक्षामंत्री का दायित्व इस निर्देश के साथ दिया कि वह तीनों सैन्य अमले के हर एक जवान की समस्याओं, चुनौतियों को करीब से समझते हुये उनका निराकरण कर सकें.

Defense Minister Nirmala Sitharaman, who arrived at Gwalior, sat in the cockpit of Miraj and got close to the many nuances of fighter aircraft. During this, the Defense Minister said that the Prime Minister had given him the responsibility of the Defense Minister with the directive that he could solve the problems, challenges and challenges of each of the three army personnel and solve them.

इसके अलावा समान काम, समान वेतन सहित सीमा पर तैनात जवानों को अच्छे भोजन सहित बुनियादी सुविधाएं मिलें. उन्होंने कहा कि उन्हें इन मसलों पर कई सुझाव अधिकारियों और जवानों के जरिये मिले हैं, जिन पर पॉलिसी के तहत कार्य जारी है.

Apart from this, the jawans deployed along the border with equal work, equal pay, get basic facilities including good food. He said that he has got many suggestions on these issues through officers and jawans, who are under the policy.

ग्वालियर एयरबेस पर करीब चार घंटे तक ग्वालियर एयरबेस पर रही देश की रक्षामंत्री ने उम्मीद जताई कि यदि सब कुछ ठीक रहा तो फ्रांसीसी मिराज की तरह आगामी दिनों में राफेल ग्वालियर के एयरबेस की शान बन सकता है. अगर एमओयू प्रभावी होता है, तो ग्वालियर उन एयरबेस में शामिल हो सकता है, जहां फ्रांस के फाइटर जेट की दूसरी पीढ़ी गर्जना करेगी.

The country’s Defense Minister on Gwalior Airbase, who was on Gwalior Airbase for nearly four hours, hoped that if everything was okay, like the French Mirage, the glory of RAFEL Gwalior’s airbase could come in the coming days. If the MOU is effective, then Gwalior can join the airbase, where the second generation of French jet fighter will roar.

आपको बता दें कि राफेल से पहले फ्रांस के मिराज 2000 भी यहां मौजूद हैं और राफेल अंतरराष्ट्रीय रक्षा उत्पाद के बाजार में पांचवीं पीढ़ी के दुर्लभ विमानों में से एक है

Let us tell you that Mirage 2000 of France is also here before Rafael, and Rafael is one of the fifth generation rare aircraft in the international defense product market.

देश की रक्षा मंत्री बनने के बाद अल्प प्रवास पर गुरुवार को ग्वालियर पहुंचीं निर्मला सीतारमण ने इस दौरान एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि देश को बार-बार 56 इंच का सीना दिखाने की जरुरत नहीं है. उन्होंने कहा कि एलओसी से संबंधित मामलों को डील कर रहे हैं और रक्षा से जुड़े मामलों में जमीनी स्तर पर काम चल रहा है. उन्होंने कहा कि बॉर्डर पर सीजफायर उल्लंघन के कुछ मामले सामने आ रहे हैं, आतंकी घटनाएं हुई हैं और ऐसे सभी संबंधित मामलों को लेकर रक्षा मंत्रालय गंभीर है.

Nirmala Sitharaman, who reached Gwalior on Thursday after being appointed Defense Minister of the country, gave a big statement during this time that the country does not need to show a 56-inch chest repeatedly. They said that they are dealing with matters related to the LoC and work on the field related to defense is going on at the grassroots level. He said that there are some cases of seizure violation on the border, terror incidents have taken place, and the Defense Ministry is serious about all such matters.

निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमारी कोशिश है कि देश को नुकसान न हो, और साथ ही महायुद्ध के हालात न बनें, हमें बार-बार 56 इंच का सीना दिखाने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि यदि हालात विपरीत बनते हैं, तो सेनाएं हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं. रक्षामंत्री ने ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन का निरीक्षण किया और इस दौरान साथ ही सुखोई, मिराज, मिग-21 और जगुआर जैसे फाइटर विमानों के बारे में बारीकी से जानकारी भी ली.

Nirmala Sitharaman said that it is our effort that the country should not be harmed, as well as the situation of World War II, we do not need to show a 56-inch chest repeatedly. He said that if the situation becomes contrary, then the forces are ready to deal with every situation. The Defense Minister inspected the Gwalior Air Force Station and during this time, he also briefly got information about fighter aircraft like Sukhoi, Miraj, MiG-21 and Jaguar.

पाकिस्तान और चीन के साथ सीमा पर बढ़ते झगड़े के बीच रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने खास बयान दिया. उन्होंने कहा कि सीमा से संबंधित मुद्दों को व्यापक तरीके से संभाला जा रहा है. हालांकि, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि इससे देश को नुकसान न हो. सीतारमण ने यह भी कहा, ‘हम जंग के रास्ते पर नहीं जा रहे, लेकिन मैं यह कहना चाहूंगी कि हमारी सेनाएं किसी भी हालात से निपटने के लिए तैयार हैं.’

Defense Minister Nirmala Sitharaman gave a special statement amidst growing conflicts with Pakistan and China. He said issues related to border are being handled in a broad way. However, it is also being ensured that this does not harm the country. Sitharaman also said, “We are not going on the path of war, but I would like to say that our armies are ready to deal with any situation.”

सीतारमण ने यह बयान ऐसे वक्त में दिया है, जब पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन के मामले थमने के नाम नहीं ले रहे. शुक्रवार को ही पाकिस्तान की ओर से स्नाइपर फायरिंग में बीएसएफ का एक जवान शहीद हो गया. यह घटना अर्निया सेक्टर में हुई. घायल होने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. जवान की पहचान कॉन्स्टेबल ब्रिजेंद्र बहादुर के तौर पर हुई है। वह यूपी के बलिया जिले के रहने वाले थे.

Sitharaman has given this statement at a time when the issue of violation of the seizure violation by Pakistan is not taking place. On Friday, a BSF jawan died in the sniper firing on behalf of Pakistan. This incident happened in Arnia sector. After being injured, he was taken to the hospital, where doctors declared him dead. The young man has been identified as Constable Brigendra Bahadur. He was a resident of Ballia district of UP.

आपको बता दें कि बीते तीन दिनों से पाकिस्तान द्वारा सीमा पर सीजफायर उल्लंघन जारी है. बुधवार और गुरुवार को बिना किसी उकसावे पाकिस्तान की ओर से इंटरनैशनल बॉर्डर और लाइन ऑफ कंट्रोल पर की गई फायरिंग में तीन भारतीय जवान घायल हो गए थे. भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दो पाकिस्तानी जवान मार गिराए थे। इस साल अगस्त तक पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन के 285 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, 2016 में पूरे साल के दौरान 228 सीजफायर उल्लंघन के मामले सामने आए थे.

Let us tell you that for the last three days, the seizure of infringement on the border continues to be Pakistan. Three Indian soldiers were injured in firing on International Border and Line of Control from Pakistan without any provocation. India retaliated with two Pakistani soldiers who were killed. By August this year, 285 cases of seizure violation have been reported from Pakistan. At the same time, cases of violation of 228 siegefire during the whole year were revealed in 2016.

सीमा पर झगड़ा सिर्फ पाकिस्तान के मोर्चे पर नहीं है. चीन से भी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर टकराव लगातार जारी है. सिक्किम सेक्टर के डोकलाम में तो दोनों देशों की फौज महीनों तक एक दूसरे के सामने जमी रही. वहीं, लद्दाख में पेंगॉन्ग झील के नजदीक भी दोनों देशों के जवानों में झड़प की खबरें सामने आ चुकी हैं. भारतीय सेना प्रमुख भी भविष्य में कई मोर्चों पर एक साथ जंग की आशंका जता चुके हैं.

The quarrel over the border is not just on the Pakistan front. There is continuous confrontation with China on Line of Actual Control. In the Sikkim sector, the army of both countries remained in front of each other for months. At the same time, news of the clash has come out in the two countries, near the Lake of Pengong in Ladakh. The Indian Army chief has also feared a war with many fronts in the future.

आपको बता दें कि निर्मला सीतारमण तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ रोज़ बैठक कर रही हैं. रक्षा मंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए है कि तीनों सेनाओं के लिए जरूरी साजो-सामान और हथियारों की खरीद में बिल्कुल भी देरी नहीं होनी चाहिए.

Let us tell you that Nirmala Sitharaman is meeting daily with the heads of all the three forces. The Defense Minister has given clear instructions to the officials that there should not be any delay in procurement of necessary equipment and weapons for the three services.

रक्षा मंत्री ने तीनों सेनाओं और कोस्ट गार्ड से ऐसे सभी बेसों और जगहों की जानकारी मांगी हैं जहां वह जा सकती हैं और अगले एक साल में रक्षा मंत्री ने दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र सियाचिन से लेकर कन्याकुमारी और गुजरात के कच्छ से लेकर उत्तर पूर्व में अरुणाचल बॉर्डर तक तीनों सेनाओं के हर बेस में जाने का लक्ष्य रखा है.

The Defense Minister has sought information from all three forces and coast guards where he can go and in the next one year, the Defense Minister ranges from Siachen to the world’s highest battlefield and Kanyakumari and Kutch of Gujarat to the north east. By Arunachal border, the goal of going to every base of the three armies has been fixed.

महिला रक्षा मंत्री के तौर पर निर्मला सीतारमण ने साउथ ब्लॉक में अपने ऑफिस में सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक काम करना शुरू कर दिया है और आने वाले दिनों में निर्मला सीतारामण काम के बल पर अपनी अलग पहचान बनाने में जुट गई हैं.

Narmala Seitraman, as the Defense Minister of Women, has started working from 9 am to 9 pm in South Block in his office and in the coming days

source dainik bharat

ब्रेकिंग: भारत ने किया अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण, एक ही वार से चीन-पाक तबाह…

नई दिल्‍ली : भारत ने परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइल का गुरुवार को ओडिशा में सफल परीक्षण किया. रक्षा सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी कि सतह से सतह पर मार करने वाली इस शक्तिशाली मिसाइल का परीक्षण ओडिशा तट के अब्दुल कलाम द्वीप से सुबह 9:53 बजे किया गया. यह बेहद शक्तिशाली मिसाइल 5,000 किलोमीटर तक मार कर सकती है और इसकी रेंज में भारत के पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान भी हैं.

New Delhi: India successfully tested the Agni-5 ballistic missile capable of carrying nuclear weapons on Thursday in Odisha. Defense sources on Thursday informed that the powerful surface-to-surface missile from surface to surface was tested at 9.35 am from Abdul Kalam Island of Odisha coast. This extremely powerful missile can kill up to 5,000 kilometers and its range is also neighboring India, China and Pakistan.

इस बड़ी कामयाबी पर रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ‘हमने परमाणु क्षमता से लैस अग्नि 5 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. यह भारतीय वायु सेना के लिए बड़ी कामयाबी है’.

On this great success, Defense Minister Nirmala Sitharaman said that “we have successfully tested the Agni 5 ballistic missile equipped with nuclear power.” This is a big success for the Indian Air Force ‘

अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइल की खासियत…

अग्नि 5 बैलिस्टिक मिसाइल कई हथियार ले जाने में सक्षम है.
यह मिसाइल एंटी बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम के खिलाफ कार्रवाई करने में सक्षम है.
इसकी रेंज में भारत के पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान भी आएंगे.
इसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने बनाया है.
यह भारत की लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों में से एक है.
इस मिसाइल की ऊंचाई 17 मीटर, जबकि व्यास 2 मीटर है.
यह मिसाइल डेढ़ टन तक परमाणु हथियार ले जा सकती है.
इसका वजन करीब 20 टन है.
इसकी गति ध्वनि की गति से 24 गुना ज्यादा है.

Agni 5 ballistic missile is capable of carrying many weapons.
This missile is capable of taking action against the anti-ballistic missile system.
In its range, India’s neighboring country China and Pakistan will also come.
It was created by Defense Research and Development Organization (DRDO).
It is one of India’s long range hitting missiles.
The height of the missile is 17 meters, while the diameter is 2 meters.
This missile can carry nuclear weapons up to one and a half times.
It weighs about 20 tons.
Its speed is 24 times the speed of sound.

यह भी देखें:

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

अभी अभी – रक्षामंत्री सीतारमण ने लिया अब तक का सबसे बड़ा ऐतिहासिक फैसला, पाक समेत चीन में मची खलबली

नई दिल्ली : देश की नई रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पद संभालने के बाद से लगातार एक्शन में हैं. वो एक के बाद एक ऐसे-ऐसे बड़े फैसले ले रही हैं, जिनसे भारतीय सेना की ताकत कुछ ही वक़्त में दोगुनी से भी अधिक हो जायेगी. ताजा जानकारी के मुताबिक़ सेना की शक्ति बढ़ाने के लिए उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसे आजादी के बाद से अब तक किसी ने नहीं लिया.

New Delhi: Nirmala Sitharaman, the country’s new Defense Minister, has been in active action ever since assuming the post. They are taking one such big decision after one, from whom the strength of the Indian army will be more than doubled in a little bit. According to the latest information, they have taken a decision to increase the force of the army, which has not been taken since independence so far.

सेना के पास लगेगा हथियारों का अम्बार !
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने तय किया है कि वो प्रतिदिन तीनों सेना प्रमुखों के साथ मीटिंग करेंगी. देश की रक्षा से सम्बंधित सभी मुद्दों को हर रोज सुनेंगी. देश की रक्षा से जुड़े सौदों को जल्द से जल्द निपटाने के लिए हर 15 दिनों में रक्षा खरीद परिषद की मीटिंग करेंगी. बता दें कि इससे पहले इतनी तेजी से काम किसी भी रक्षामंत्री ने नहीं किया.

Army will look for weapons!
Defense Minister Nirmala Sitharaman has decided that he will be meeting with the three Army Chief daily. All issues related to the defense of the country will be heard every day. For the disposal of defense related deals, the defense procurement council will meet every 15 days. Let me tell you that no Defense Minister has done so much speed before that.

मंत्रालय की ओर से जानकारी दी गयी है कि हाल ही में रक्षामंत्री का पदभार संभालने के बाद निर्मला सीतारमन ने मंत्रालय की गतिविधियों और कामकाज को समझने के लिए मंत्रालय व् सेना के कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई मीटिंग कीं और महत्वपूर्ण मुद्दों पर टालमटोली की जगह स्पष्ट निर्देश दिए.

It has been informed from the ministry that after taking over as the Defense Minister recently, Nirmala Sitharaman held meetings with several senior officials of the Ministry and the Army to understand the activities and functioning of the Ministry and to clarify the situation on the important issues. gave instructions.

आपको याद होगा कि चीन के साथ डोकलाम विवाद के दौरान मीडिया ने खबर उड़ाई थी कि सेना के पास ज्यादा गोला-बारूद ही नहीं है. हालांकि वो खबर पूरी तरह से झूठी निकली थी, लेकिन फिर भी सेना के हथियारों के भण्डार को तेजी से ऊपर तक भरने के लिए रक्षा सौदों में अब तेजी लायी जायेगी. रक्षा मंत्री ने रक्षा सौदों को समयबद्ध तरीके से तेजी से निपटाने के लिए तय किया है कि रक्षा खरीद परिषद की मीटिंग हर 15 दिन में होगी.

You must remember that during the Dolaam dispute with China, the media had reported that the army did not have much ammunition. Although the news was completely false, but the defense deals will now be expedited to fill up the Army’s weapons stock up to the top. The Defense Minister has decided to expedite the defense deals in a time bound manner, that the meeting of the Defense Purchase Council will be held every 15 days.

बेहद आक्रामक रूप में रक्षामंत्री !
इस परिषद की अध्यक्ष रक्षामंत्री स्वयं हैं. तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ कई मीटिंग तय की गई हैं, ताकि रक्षा तैयारियों और रणनीतिक महत्व से जुड़े अन्य मुद्दों का जायजा लिया जा सके. तीनों सेना प्रमुखों और रक्षा सचिव के साथ हर सुबह अलग से मीटिंग भी होगी. इसे जल्द फैसला लेने के लिए शुरू किया गया है. जो अन्य मुद्दे फोकस में होंगे, उनमें जमीन और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्टों से जुड़े मुद्दों और रक्षा कर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण से जुड़े मुद्दों को सुलझाना शामिल है.

Defense Minister in a very aggressive form!
The President of the Council is the Defense Minister himself. Several meetings have been fixed with the heads of all the three forces, so that other issues related to defense preparedness and strategic importance can be taken into account. Every morning, there will be separate meetings with the three Chiefs of the Army and the Defense Secretary. It has been started to take a quick decision. Other issues that will be in focus, include issues related to land and infrastructure projects and the issues related to the welfare of the defense personnel and their families.

प्रतिदिन देश की रक्षा से जुडी जानकारियां ली जाएंगी. हर 15 दिनों में ये देखा जाएगा कि रक्षा सौदों में काम कितनी तेजी से हो रहा है. यदि कोई रुकावट है, तो क्यों है. यानी देश का हथियार भण्डार भरने में अब ज्यादा देर नहीं लगेगी. निर्मला सीतारमण अब तक की सबसे ज्यादा आक्रामक रक्षामंत्री के रूप में नजर आ रही हैं.

Daily information related to the country’s security will be taken. Every 15 days it will be seen how fast the work is going on in defense deals. If there is any obstruction, then why is it. That is, it will not take much longer to fill the country’s weapons reserves. Nirmala Sitharaman is seen as the most aggressive defense minister till now.

यह भी देखें :

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

source aajtak