अभी अभी: सुप्रीम कोर्ट ऐसी हरकत देख, इन वरिष्ठ पत्रकारों ने SC को दिया बड़ा झटका…

भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतान्त्रिक देश है और भारत में गंगा जमुनी संस्कृति के तहत विभिन्न समुदायों के लोग शादियों से यहां प्यार और भाईचारे के साथ रहते हुए आ रहे है! आजादी के बाद बने संविधान के तहत सभी वर्ग के लोगों को वो अधिकार दिए गए है जिससे वो अपनी सामजिक स्थिति को बेहतर बना सके बिना किसी विभेद के! लेकिन राजनीती की आकांक्षा अपने राजनितिक स्वार्थ के लिए हमेसा से भारत की गंगा जमुनी संस्कृति को दुसित करते आयी है! यह बात काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि यतो धर्मस्य जया की बात करने वाली सुप्रीम कोर्ट की अब उसी एक छद्म सेकुलर बाद के ऊपर उतर आई है जिसको देखकर इस देश में यह सोचने पर मजबूर होना पड़ता है कि क्या इस देश को एक बार फिर से अपने कानून के ऊपर सोचना पड़ेगा क्योंकि संवैधानिक शक्तियों का जिस प्रकार से दुरुपयोग किया जा रहा है!

India is the world’s largest democratic country and under the Ganga-Jamuni culture in India, people of different communities are coming here with weddings with love and brotherhood! Under the constitution made after independence, people of all classes have been given the right to make their social status better without any difference! But the ambition of politics has come to nurture the Ganga Jamuni culture of India, for its political selfishness! It is very unfortunate that the Supreme Court of the Supreme Court, who has talked about the religion of Jaya, has now come down to the same paradoxical posture which has to be forced to think in this country whether this country will once again have its own law Will have to think above the way the constitutional powers are being misused!

आज सुप्रीम कोर्ट की इस रवैये की वजह से कोई भी व्यक्ति देश की न्याय व्यवस्था पर भरोसा करने को तैयार नहीं है पहले 2G केस में आरोपियों का छूट जाना उसके बाद से लालू यादव को ढाई सौ करोड़ के घोटाले में भी केवल 3 साल की सजा होना यह सारी बातें बताती है कि हमारे देश के कानून के अंदर बहुत सारी चीजें ऐसी हैं जिन को दुरुस्त करने की बहुत आवश्यकता है तभी हमारा कानून ज्यादा सशक्त और मजबूत बन पाएगा और इसको लेकर किए जा रहे हैं सारे वादे भी जमीन पर उतर आएंगे लेकिन फिलहाल जो खबर हम आज आपको बताने जा रहे हैं उसको सुनकर हर उस बड़े सनातनी का हृदय व्यतीत होगा जो सदैव ही हिंदुत्व के बारे में सोचता है!

Today, because of this attitude of the Supreme Court, no person is willing to count on the judicial system of the country. Earlier, in the 2G case, the accused would be released, since then Laloo Yadav has been convicted only in the scam of Rs 2.5 crore. It says all these things that there are a lot of things inside the law of our country which needs a lot to be corrected only then our law will become more powerful and strong and All promises that are being done will also come to the ground. But at the moment, the news we are going to tell you today will be the heart of every big conscience, who always thinks of Hindutva!

इस बार एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए देश की सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय विद्यालय में गाए जाने वाले तमसो मा ज्योतिर्गमय वाली कविता को गाने के लिए केंद्र सरकार को एक नोटिस दिया है और कहा गया है कि यह हिंदुत्व को बढ़ावा दे रहा है इसके ऊपर कई लोगों ने अपनी उंगली उठाते हुए बताया है कि आ रहे हैं इतनी देर से क्यों कि खुद देश का सुप्रीम कोर्ट भी यतो धर्मस्य चयन के सिद्धांत पर चलता है तो इस हिसाब से सत्यमेव जयते को भी हटा देना चाहिए क्योंकि वह भी हिंदुत्व को प्रमोट करता है और इस हिसाब से तो अर्ली टू बेड अर्ली टू राइज वाली पोयम को भी हटा देना चाहिए क्योंकि यह क्रिश्चियनिटी को सपोर्ट करता है?

This time, hearing a public interest petition, the Supreme Court of India has given a notice to the central government to sing the poem Tamoso Ma Jyotigamayam in the Central School and it has been said that it is promoting Hindutva. Many people have raised their finger saying that they are coming so long that why the Supreme Court of India itself also runs on the principle of religion selection, then this is Should also remove Truth always wins the Saab because he also promoted Hindutva and accordingly should be early to bed removes the poet by Early to rise because it supports Christianity?

लेकिन आज राजनीती का स्तर इस कदर निचे गिरते हुए जा रहा है की अब आज कोर्ट द्वारा केंद्रीय स्कूलों में प्रातः प्रार्थना पर केंद्र सरकार से सवाल करना ये बताता है कि अब हम हिन्दू भाई बहन प्रार्थना के लिए भी कोर्ट के आदेश का इंतजार करेंगे क्या दिन आ गए है हिंदुस्तान के! राजनीती ने अब प्रार्थना का भी धर्म ढूंढ लिया लेकिन अफ़सोस की बात ये है की आतंकवाद का धर्म आज तक पता नहीं चला! अब ईश्वर से सद्बुद्धि की मांग करना और नेक राह पर चलने का आशीर्वाद मांगना भी धार्मिक हो गया है अब स्कूल में बच्चों की प्राथना पे भी सुप्रीम कोर्ट का संज्ञान लेना किस ओर इसारा कर रहा है ये समझने में ज्यादा समय नहीं लगेगा!

But today the level of politics is declining so low that nowadays, questioning the Central Government on the request of central schools in the court today shows that now we will await the order of the court for Hindu Bhai Sister prayers. Hindustan has come! Politics has now found a religion of prayer, but it is a matter of regret that the religion of terrorism has not been known till date! Now seeking the blessings of God and seeking the blessings of righteousness, it has become religious now. Now it is not too much time to understand what is going on in the eyes of the Supreme Court on the prayer of children in school.

रोहित सरदाना, मानव गुप्ता, स्वेता सिंह और निशांत चतुर्वेदी जैसे पत्रकारों में तो ट्विटर पर अपनी राय/ नाराजगी भी जाहिर की है! उनके ट्वीट इस प्रकार हैं:-

ये भी देखें:

https://youtu.be/27wySC5YcBQ

https://youtu.be/yRjJWWjiQVA

source aajtak

VIDEO: आज तक के इस वरिष्ठ पत्रकार ने कोरेगांव से भड़के हिंसा पर, जिग्नेश मेवानी और उमर खालिद को भिंगो-भिंगो कर धोया

पुणे के कोरेगांव में दलितों की सेना की जीत के दो सौ वर्ष पुरे होने के अवसर पर आयोजित रैली में भड़की हिंसा के बाद महाराष्ट्र में हालात तनावपूर्ण है! महाराष्ट्र के कई इलाकों में जातीय हिंसा के चलते मंगलवार को दलित नेता और जेएनयू के छात्र नेता उमर खालिद के खिलाफ शिकायत की गई है! पुणे के डेक्कन पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया इन लोगों ने अपने भाषण से जनता को उकसाने का काम किया! जिसके चलते दो समुदायों के बीच झड़प हुई!

Things are tense in Maharashtra after the violence in the rally organized on the occasion of the completion of two hundred years of the victory of the Dalit army in Koregaon, Pune. Due to racial violence in many areas of Maharashtra, on Tuesday, a complaint has been lodged against Dalit leader and student leader of JNU, Omar Khalid! In a complaint lodged at the Deccan Police Station in Pune, these people have done the job of provoking the public with their speech! This led to a clash between two communities!

अब भीमा कोरेगाव में भड़के हिंसा को लेकर आज तक के बरिष्ट पत्रकार निशांत चतुर्वेदी ने जिग्नेश मेवानी और उमर खालिद को जमकर धोया है! निशांत ने फेसबुक पर लाइव वीडियो के जरिये दलित नेता और JNU के उमर खालिद की भूमिका के बारे में बताया है! निशांत ने अपने वीडियो में कहा की पुणे में इस जनसभा का आयोजन कई वर्षो से होता चला आ रहा है लेकिन इस साल ही ऐसा क्यों हुआ! जाहिर सी बात है २०१९ के चुनाव को लेकर माहौल तैयार किया जा रहा है!

Nishant Chaturvedi, the long-awaited journalist, has now wiped Jignesh Mewani and Omar Khalid in the violence of Bhima Koregaon. Nishant has told about the role of Dalit leader and Omar Khalid of JNU through live video on Facebook! In his video, Nishant said that this public meeting in Pune has been going on for many years, but why this happened this year! Obviously, the atmosphere is being prepared for the 2019 elections!

उन्होंने आगे कहा पुणे जो की गुजरात से काफी दूर है वहा का एक विधायक जो दलित नेता है उसे बुलाया जाता है, क्या बीजेपी से किसी दलित नेता को बुलाया गया था? और तो और आतंकवादी का समर्थन करने वाले उमर खालिद को पुणे बुलाया जाता है! ये कही से तर्क सांगत नहीं लगता! हालाँकि निशांत ने प्रशाशन की नाकामी को भी अपने इस वीडियो में बताया है!

He further said, Pune, which is far from Gujarat, is a legislator who is a Dalit leader, is called, did any Dalit leader from BJP call him? And so, Omar Khalid, who supports the terrorist, is called Pune! It does not seem to argue! However, Nishant has told the failure of the administration in this video too!

निशांत चतुर्वेदी ने जिग्नेश मेवानी और उमर खालिद की जमकर क्लास लगायी

क्या जिग्नेश मेवानी और उमर खालिद ने महाराष्ट्र में दंगा भड़काया ?कहां नाकाम हुआ प्रशासन ? Facebook Live …

Posted by Nishant Chaturvedi on Wednesday, January 3, 2018

आपको बता दे महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव में 31 दिसंबर को कोरेगांव लड़ाई की 200 वीं वर्षगांठ पर एक कार्यक्रम रखा गया था! इस कार्यक्रम में जिग्नेश मेवाणी और जेएनयू छात्र उमर खालिद, रोहित वेमुला की मां राधिका वेमुला, भीम आर्मी अध्यक्ष विनय रतन सिंह और पूर्व सांसद और डॉ. भीमराव अंबेडकर के पौत्र प्रकाश अंबेडकर भी शामिल थे!

Tell you, a program was organized on 31st anniversary of the Battle of Koregaon on Dec. 31 in Bhima Koregaon, Maharashtra! The program included Jignesh Mawni and JNU student Umar Khalid, Rohit Vemula’s mother Radhika Vemula, Bhima Army president Vinay Ratan Singh and former MP and grandson of Dr. Bhimrao Ambedkar, Prakash Ambedkar.

भीमा-कोरेगांव की लड़ाई में महार जाती के लोगो ने अंग्रेजो के तरफ से लड़ा था और 1818 में हुए इस युद्ध में ईस्ट इंडिया कंपनी ने पेशवा को शिकश्त दी थी! महार जताई के लोग बहादुरी का परिचय देते हुए पेशवा की बड़ी फौज को हरा दिया था! इसके बाद से हर साल दलित समुदाय के लोग हर साल उन सैनिकों की बहादुरी का जश्न मनाते हैं जो ईस्ट इंडिया कंपनी की ओर से लड़े थे!

In the battle of Bhima-Koregaon, Maharaj’s people had fought against the British and in 1818 the East India Company had trained Peshwa in this war! The people of Maharajati had defeated the great army of Peshwa, introducing bravery! Since then, every year, the Dalit community celebrates the bravery of those soldiers who fought on behalf of the East India Company every year!

यह भी देखें:

https://youtu.be/aGHeWHD0uXg

https://youtu.be/xlRRjGN7n7U

source political news

VIDEO: आज तक के रिपोर्टर निशांत चतुर्वेदी ने किया ममता बेनर्जी का पर्दाफाश, ममता गई सदमे में !

ममता बनर्जी हेमशा से ही तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति करती आयी है, ममता समुदाय विशेष को अधिक तवज्जो देती है, जिसकी वजह से आज पश्चिम बंगाल में हिन्दुओं की स्थिति काफी ख़राब होती जा रही है, हिन्दू त्योहारो पर तरह-तरह की रोक लगाई जाती है!

यहाँ तक की दुर्गा माँ के बंगाल में ही दुर्गा पूजा के विसर्जन को भी मुहर्रम के वजह से बाधित कर देती है, उनका कहना था की मोहर्रम के वजह से दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन दशमी के दिन ही होगा, क्युकी अगले दिन मुहर्रम था! वही दूसरी तरफ मुस्लिम समुदाय के लोगो पर कोई रोक टोक नहीं किया जाता है! आज बंगाल में हिन्दू परेशांन होकर विकल्प की तलाश में जुट गया है, जिस वजह से बंगाल में बीजेपी की जनाधार दिनों दिन बढ़ रही है!

अगर ममता बनर्जी की बात करे तो उन्होंने अपने राजनितिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस की छात्र नेता के तौर पर की थी! पढाई के दौरान ममता बनर्जी का विषय था इस्लामिक हिस्ट्री! ममता बनर्जी बाद में कांग्रेस से अलग होकर अपनी पार्टी बनायीं और बंगाल के मुख्यमंत्री बन बैठी! लेकिन ममता बनर्जी ने सिर्फ और सिर्फ एक समुदाय विशेष को बढ़ावा देने का काम किया है! मदरसों को आर्थिक मदद देना और स्कूलों में सरसवती पूजा पर प्रतिबन्ध लगाना!

बंगाल में मुस्लिम समुदाय जमकर उत्पात मचा रहा है और ममता बनर्जी इनके खिलाफ कड़ा कदम उठाने के बजाय इन्हे बढ़ावा देती दिखाई दे रही है! इन्ही सब मुद्दों पर आज तक न्यूज चॅनेल के बरिष्ट पत्रकार ने फेसबुक लाइव के तहत खुलाशा किया है! निशांत चतुर्वेदी ने बताया कि 2013 में बंगाल में 106 सम्प्रदायिंग दंगे हुए जबकि उससे पहले पिछले पांच सालो में 12 से 40 सांप्रदायिक दंगे हुए थे

अगर पश्चिम बंगाल की आबादी की बात करे तो मुस्लिमो की कुल आबादी 27% है और अगर अवैध बांग्लादेशियो को मिला दिया जाये तो बंगाल में कुल 30% मुस्लिम रहते है! और इनमे बहुत से कट्टरपंथी भी है, और कहा ये जाता है की ममता बनर्जी इन्ही कट्टरपंथियों को खुश करने की कोशिश कर रही है!

निशांत चतुर्वेदी ने बसीरहाट दंगे की बात करते हुए कहा की, एक माइनर लड़के ने फेसबुक पर अप्पतिजनक पोस्ट डाली, जो की गलत था और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया लेकिन फिर भी वह हिन्दुओं के साथ मारपीट किये गए, उनके घर और दुकाने जलाई गयी ये खा से सही है, क्या ममता बनर्जी को इसे रोकना नहीं चाहिए था! उन्होंने कहा की ये वही ममता बनर्जी है जो मदरसों को हार्ड कॅश देती है और इनके कृत्यों पर चप्पी साध लेती है!

निशांत चतुर्वेदी ने ममता बनर्जी के सैट्स सामने रखे, उन्होंने बताया की साल 2012 में ममता बनर्जी ने 32 हजार मस्जिदों को पैसा देना शुरू किया! ! जिसे विवाद बढ़ने पर बाद में बख्त बोर्ड के तहत कर दिया गया! और तो और इसको लेकर कोलकाता में इमामो ने एक बहुत बड़ी रैल्ली की और मांग किया की इस राशि को बढाकर 20000 रुपये मंथली कर देना चाहिए

आगे निशांत चतुर्वेदी ने धूलगढ़ के दंगो का भी जिक्र किया! उनोने बताया की धूलगढ़ दंगा क्यों हुआ था! धूलगढ़ दंगा 12 दिसंबर 2016 को शुरू हुआ था, उस दिन ईद था और जोर जोर से लाउडस्पीकर बजाये जा रहे थे, जिसके बाद हिन्दुओं ने कहा की लाउंडस्पीकर की आवाज थोड़ी काम कर दी जाये जिसपर मुस्लिम समुदाय के कट्टरपंथी भड़क उठे और हिन्दुओं की मकान और दुकाने जलनि शुरू कर दी!

अब सवाल यह उठता है की ईद जैसे तयोहार पर ये लाठी, डंडे और किरोसिन लेकर निकलते है लेकिन इनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जाता है! कोई गिरफ़्तारी नहीं की जाती है! ये बढ़ावा देना नहीं है तो और क्या है?

देखे निशांत चतुर्वेदी का वीडियो, ममता बनर्जी को बेनकाब कर डाला…

क्या ममता बैनर्जी ने पश्चिम बंगाल को पाकिस्तान बना दिया है ? Shocking Facts 😡 Join In Live…..

Posted by Nishant Chaturvedi on Saturday, July 8, 2017

देखिये ये विडियो :

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

https://youtu.be/J9C7XKzLG-k

source zee news

VIDEO: आज तक के रिपोर्टर निशांत चतुर्वेदी ने ममता बनर्जी का किया भंडाफोड़, खुद देखिये विडियो

ममता बनर्जी हेमशा से ही तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति करती आयी है, ममता समुदाय विशेष को अधिक तवज्जो देती है, जिसकी वजह से आज पश्चिम बंगाल में हिन्दुओं की स्थिति काफी ख़राब होती जा रही है, हिन्दू त्योहारो पर तरह-तरह की रोक लगाई जाती है!

Mamta Banerjee has come from Hemsha to appease the politics of vote bank, Mamata gives special attention to the community, due to which the condition of Hindus in West Bengal is getting worse today, there are various restrictions on Hindu festivals. She goes!

यहाँ तक की दुर्गा माँ के बंगाल में ही दुर्गा पूजा के विसर्जन को भी मुहर्रम के वजह से बाधित कर देती है, उनका कहना था की मोहर्रम के वजह से दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन दशमी के दिन ही होगा, क्युकी अगले दिन मुहर्रम था! वही दूसरी तरफ मुस्लिम समुदाय के लोगो पर कोई रोक टोक नहीं किया जाता है! आज बंगाल में हिन्दू परेशांन होकर विकल्प की तलाश में जुट गया है, जिस वजह से बंगाल में बीजेपी की जनाधार दिनों दिन बढ़ रही है!

Even in Durga’s mother, in Bengal, Durga Puja’s immersion is also inhibited by Muharram, she said that due to Muharram, the immersion of Durga statue will be on the day of Dasami, that was the next day Muhraham! On the other side there is no bar on the people of the Muslim community! Today, in Bengal, Hindus have gathered in trouble looking for alternatives, due to which the BJP’s base in Bengal is increasing day by day!

अगर ममता बनर्जी की बात करे तो उन्होंने अपने राजनितिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस की छात्र नेता के तौर पर की थी! पढाई के दौरान ममता बनर्जी का विषय था इस्लामिक हिस्ट्री! ममता बनर्जी बाद में कांग्रेस से अलग होकर अपनी पार्टी बनायीं और बंगाल के मुख्यमंत्री बन बैठी! लेकिन ममता बनर्जी ने सिर्फ और सिर्फ एक समुदाय विशेष को बढ़ावा देने का काम किया है! मदरसों को आर्थिक मदद देना और स्कूलों में सरसवती पूजा पर प्रतिबन्ध लगाना!

If Mamta Banerjee talked about her, she started her political life as a student of Congress. During the study, Mamta Banerjee’s theme was Islamic History! Mamta Banerjee later separated from the Congress and formed her party and became the Chief Minister of Bengal! But Mamta Banerjee has done just one and only to promote a community special! Financial aid to madarsas and ban on Saraswati worship in schools!

बंगाल में मुस्लिम समुदाय जमकर उत्पात मचा रहा है और ममता बनर्जी इनके खिलाफ कड़ा कदम उठाने के बजाय इन्हे बढ़ावा देती दिखाई दे रही है! इन्ही सब मुद्दों पर आज तक न्यूज चॅनेल के बरिष्ट पत्रकार ने फेसबुक लाइव के तहत खुलाशा किया है! निशांत चतुर्वेदी ने बताया कि 2013 में बंगाल में 106 सम्प्रदायिंग दंगे हुए जबकि उससे पहले पिछले पांच सालो में 12 से 40 सांप्रदायिक दंगे हुए थे

In Bengal, the Muslim community is making a lot of grief and Mamata Banerjee seems to be encouraging them instead of taking strong action against them! On all these issues, news channels of news channels have exposed under Facebook Live! Nishant Chaturvedi said that there were 106 communal riots in Bengal in 2013 while there were 12 to 40 communal riots in the last five years.

अगर पश्चिम बंगाल की आबादी की बात करे तो मुस्लिमो की कुल आबादी 27% है और अगर अवैध बांग्लादेशियो को मिला दिया जाये तो बंगाल में कुल 30% मुस्लिम रहते है! और इनमे बहुत से कट्टरपंथी भी है, और कहा ये जाता है की ममता बनर्जी इन्ही कट्टरपंथियों को खुश करने की कोशिश कर रही है!

If the West Bengal population speaks of the total population of Muslims, 27% of the total population and if illegal Bangladeshi is merged, then 30% Muslims in Bengal live. And there are many fundamentalists, and it is said that Mamata Banerjee is trying to please these fundamentalists!

निशांत चतुर्वेदी का वीडियो, ममता बनर्जी को बेनकाब कर डाला…

Video of Nishant Chaturvedi, exposed Mamta Banerjee …

क्या ममता बैनर्जी ने पश्चिम बंगाल को पाकिस्तान बना दिया है ? Shocking Facts 😡 Join In Live…..

Posted by Nishant Chaturvedi on Saturday, July 8, 2017

निशांत चतुर्वेदी ने बसीरहाट दंगे की बात करते हुए कहा की, एक माइनर लड़के ने फेसबुक पर अप्पतिजनक पोस्ट डाली, जो की गलत था और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया लेकिन फिर भी वह हिन्दुओं के साथ मारपीट किये गए, उनके घर और दुकाने जलाई गयी ये खा से सही है, क्या ममता बनर्जी को इसे रोकना नहीं चाहिए था! उन्होंने कहा की ये वही ममता बनर्जी है जो मदरसों को हार्ड कॅश देती है और इनके कृत्यों पर चप्पी साध लेती है!

Talking about the Basirhat riots, Nishant Chaturvedi said that a minor boy posted an objectionable post on Facebook, which was wrong and the police arrested him but still he was assaulted with the Hindus, his house and shops were lit This is correct with eating, should not Mamata Banerjee stop it! He said that this is the same Mamta Banerjee who gives hard cash to the madarsas and takes action on their actions!

निशांत चतुर्वेदी ने ममता बनर्जी के सैट्स सामने रखे, उन्होंने बताया की साल 2012 में ममता बनर्जी ने 32 हजार मस्जिदों को पैसा देना शुरू किया! ! जिसे विवाद बढ़ने पर बाद में बख्त बोर्ड के तहत कर दिया गया! और तो और इसको लेकर कोलकाता में इमामो ने एक बहुत बड़ी रैल्ली की और मांग किया की इस राशि को बढाकर 20000 रुपये मंथली कर देना चाहिए

Nishant Chaturvedi kept Mamata Banerjee’s sets in front, he said that in 2012, Mamta Banerjee started paying money to 32 thousand mosques! ! After the dispute grew, it was later transferred under the Board! And in this case, in Imphal, in Imphal, a huge rally was made in Kolkata and demanded that this amount should be increased to 20000 rupees.

आगे निशांत चतुर्वेदी ने धूलगढ़ के दंगो का भी जिक्र किया! उनोने बताया की धूलगढ़ दंगा क्यों हुआ था! धूलगढ़ दंगा 12 दिसंबर 2016 को शुरू हुआ था, उस दिन ईद था और जोर जोर से लाउडस्पीकर बजाये जा रहे थे, जिसके बाद हिन्दुओं ने कहा की लाउंडस्पीकर की आवाज थोड़ी काम कर दी जाये जिसपर मुस्लिम समुदाय के कट्टरपंथी भड़क उठे और हिन्दुओं की मकान और दुकाने जलनि शुरू कर दी!

Further Nishant Chaturvedi also mentioned the riots in Duggar! He told why there was a dusting riot! The Duggar riots started on December 12, 2016, that day the Id and the loudspeakers were being loud, after which the Hindus said that the sound of the loudspeaker should be done in a little bit on which the fundamentalists of the Muslim community got burnt and the houses of Hindus and The shops started burning!

अब सवाल यह उठता है की ईद जैसे तयोहार पर ये लाठी, डंडे और किरोसिन लेकर निकलते है लेकिन इनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जाता है! कोई गिरफ़्तारी नहीं की जाती है! ये बढ़ावा देना नहीं है तो और क्या है?

Now the question arises that on Eid like Eid, they come out with sticks, poles, and kerosene but no action is taken against them! No arrests are made! What does it do if it does not promote?

ये विडियो भी देखें

https://youtu.be/6KzO3XxanXM