जबरदस्त खबर: इजराइल और PM मोदी के इस बड़े कदम ने, चीन समेत पूरे पाकिस्तान को रख दिया हिलाकर !

मोदी और इजराइल के PM की दोस्ती अब अपना रंग दिखाने ही वाली अहि और अब पाकिस्तान-चीन इससे बुरी तरह से चिढ जायेगा , गनतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि हो सकते है इजराइल के PM नेतन्याहू !

Modi and Israeli PM’s friendship are now going to show their colors, and now Pakistan-China will be appalled by it, Israel’s Prime Minister Netanyahu may be the chief guest on Ganapati Day.

सुबह की सबसे बड़ी खबर ये है जिसे सुनकर आप सभी देश भक्त झूम उठोगे , मीडिया से इस समय ये बड़ी खबर सामने निकल कर आ रही अहि और उस बड़ी खबर के अनुसार इस साल के गणतंत्र दिवस समारोह में मोदी जी के ख़ास मित्र और इजराइल के मुख्यमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मुख्य अथिति हो सकते है !

The biggest news of the morning is that, all the devotees of the country will wake up, this big news is coming out from the media at this time and according to the big news, this year’s Republic Day celebration will be a special friend of Modi ji and the people of Israel Chief Minister Benjamin Netanyahu may be the chief guest!

आपकी जानकारी के लिए हम आपको ये भी बता दें कि अभी जुलाई में PM मोदी जी ने मुस्लिम वोट बैंक के लिए इजराइल से दूरियां बनाई थी लेकिन मोदी जी उन दूरियों को कम करने का काम बहुत अच्छे से नजर आ रहे है , जिसे सुनकर पुरे भारत देश में खुशियाँ छा जाएँगी !

Let us also tell you that for the moment Modi Modi had made a distance from Israel for Muslim vote bank in July, but Modi ji is doing a great job of reducing the distances, which is the whole of India There will be happiness in the country!

ये खबर जो हमारे सामने आयी है ये कोई फेक खबर नही है ये खबर हमारे पास समाचार एजेंसी रायटर के इजराइल और फिलिस्तीन में रिपोर्टर डैन विलियम्स के माध्यम से इसकी जानकारी प्राप्त हुई है, उस पत्रकार ने एक ट्वीट भी किया है जिसमे उन्होंने साफ-साफ कहा है कि इजराइली प्रधानमंत्री ने अपनी सांसद को बताया कि वह जनवरी में PM मोदी के आमंत्रण पर भारत का दौरा करने वाले है, अगर जनवरी में इजराइल के PM भारत आ रहे है तो इससे साफ जाहिर होता है कि वो गणतंत्र दिवस पर ही भारत आ रहे है !

This news that has come to our attention is not a news. We have received this information through news agency Reuters’ Reporter Dan Williams in Israel and Palestine, the journalist has also made a tweet, in which he clearly It is said that Israeli Prime Minister told his MP that he is going to visit India on the invitation of PM Modi in January, if the Prime Minister of India comes to India in January So it is quite understandable Clearly, coming to India on Republic Day!

वैसे तो भारत सरकार ने अभी तक इसके बारे में किसी को भी जानकारी नही दी है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि जनवरी में अगर इजराइल के PM भारत का दौरा करते है तो गणतंत्र दिवस समारोह आयोजन के मुख्य और बहुत ही ख़ास अथिति होंगे और ऐसा होने पर पाकिस्तान और चीन की सांसे फूलना तय है पाकिस्तान पहले भी भारतीय PM की दोस्ती से जला हुआ है ,

However, the Indian government has not yet informed anyone about it, but it is expected that if Israel’s PM visits India in January, then the Republic Day celebrations will be the main and very special arrangements. If this happens, Pakistan and China are determined to blossom. Pakistan is also burnt by the friendship of the Indian PM,

आपको हम बता दें कि इससे पहले 2015 में तत्कालीन अम्रीका राष्ट्रपति बराक ओबामा को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनकर भारत में आ चुके है उस समय भी सभी के होश फाक्ता हो गए थे और इस बार भी इस तरह का ही होने वाला है जिससे पुरे पाकिस्तान और चीन की हवाइयां ही उड़ जाएँगी !

Let us tell you that before this time in 2015, the then President of America, Barack Obama, has become the chief guest at the Republic Day celebrations in India, even at that time everyone has become a conscious person and this time it is going to be like this, Pakistan and China will blow the winds!

जब हमारे प्रधानमंत्री PM मोदी जुलाई में इजराइल दौरे पर गये थे तो इजराइल पहुँचने पर खुद इजराइल के PM ने मोदी का बहुत ही शानदार स्वागत किया था और खुद मोदी जी को लेने के लिए पहुंचे थे बताता जा रहा है की PM मोदी बनने के बाद दोनों देशों के रिश्ते पहले से ही मजबूत हो गये थे !

When our Prime Minister PM Modi went on a trip to Israel in July, the Israeli PM himself welcomed Modi very much after coming to Israel and himself had come to take Modiji to tell that after becoming PM Modi, both The relations of the countries had already become stronger!

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

https://youtu.be/6cOdgN1Hizo

source zee news

 

हिंदू सेना का जोरदार प्रहार, भंसाली की हिंदू विरोधी फिल्म को लेकर दिया ऐसा बयान कि हिल उठा सुप्रीमकोर्ट……

27 जनवरी, 2018 – हिन्दू विरोधी फिल्म ‘पद्मावत’ को लेकर हिन्दू सेना ने सुप्रीम कोर्ट पर करारा प्रहार करते हुए बेहद चौंकाने वाला बयान दिया है.

January 27, 2018 – On the issue of Hindu anti-Hindu film ‘Padmavat’, the Hindu army has given a very shocking statement while striking the Supreme Court.

हिन्दू नारी के सम्मान को कलंकित करने के लिए भंसाली द्वारा बनाई गयी फिल्म पद्मावत में करीब 190 करोड़ रूपये खर्च हुए और देखा जाय तो इस फिल्म को रिलीज किये जाने से लेकर अब तक देश के अन्दर 5000 हजार करोड़ का भारी नुकसान हो चुका है.

In order to tarnish the honor of Hindu women, about 190 crore rupees was spent in the film, made by Bhansali, in Padmavat and if the film was released, so far the country has suffered a huge loss of 5000 thousand crores.

देश की कानून व्यवस्था तो बिगड़ी ही, साथ में सरकारी और निजी संपत्तियों के नुकसान का जो आंकड़ा है वो 5000 करोड़ है. इस फिल्म को लेकर देश के 4 राज्यों ने पहले ही सुप्रीम कोर्ट को चेताते हुए बता दिया था कि फिल्म पर रोक लगा दो, नहीं तो देश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ जाएगी.

The legal system of the country is so worrisome, together with the figure of loss of government and private property is 5000 crores. Concerned about this film, four states of the country had already warned the Supreme Court that prohibit the film, otherwise the law system of the country would be completely deteriorated.

लेकिन लगता है भंसाली की मीलॉर्ड के साथ अच्छी सेटिंग बैठ गयी और इसके बाद मीलॉर्ड ने भंसाली की फिल्म को सुरक्षा प्रदान करने और रिलीज करने का फरमान जारी कर दिया. 190 करोड़ की फिल्म के चक्कर में 5000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान मीलॉर्ड ने इस देश को दे दिया.

But it seems that Bhansali’s meeting got set up with a good setting and after that, Melegard issued a decree for the protection and release of Bhansali’s film. Millard gave this country the disadvantage of more than 5000 million rupees in the film’s 190 crores affair

 

देश में जो इतनी मात्रा में नुकसान हुआ है उसके लिए नुकसान करने वालों से ज्यादा भंसाली और मीलॉर्ड जिम्मेदार हैं. इन्हीं मीलॉर्ड से ये 5000 करोड़ रूपये की वसूली करनी चाहिए, हालाँकि मीलॉर्ड इस पैसा भी नहीं देंगे. ऐसी फिल्म बनाकर भंसाली ने देश में अराजकता का माहौल बनाया है और मीलॉर्ड ने तानाशाही दिखाते हुए इस फिल्म को रिलीज करवाया है.

Bhosali and Meeland are more responsible than those who have suffered such loss in the country. These should recover 5000 crores from these mills, although the merchandise will not even pay this money. By making such a film, Bhansali has created an atmosphere of chaos in the country and the film has released the movie showing the dictatorship.

इस बहुत गंभीर मुद्दे को देखते हुए हिन्दू सेना के महासचिव प्रेम वर्मा ने बहुत बड़ी बात कही. अपने बयान में उन्होंने कहा कि भंसाली की फिल्म को सुप्रीम कोर्ट ने जितनी सुरक्षा दी, अगर उसकी आधी सुरक्षा भी कश्मीरी हिन्दुओं और कांग्रेस से सिखों को दिलवाता तो इस देश में इतनी भारी मात्रा में में खून-खराबा नहीं होता.

In view of this very serious issue, the Hindu army general secretary Prem Verma said a big deal. In his statement, he said that the security given by the Supreme Court to Bhansali’s film, if its half-way security also provided the Sikhs with Kashmiri Hindus and Congress, then this country does not have such a huge amount of blood clots.

https://twitter.com/premrajput037/status/956582179252744192

भंसाली की हिन्दू विरोधी फिल्म को सुरक्षा प्रदान करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने रिलीज करने का आदेश दे दिया लेकिन इसी सुप्रीम कोर्ट ने कुछ दिन पहले कश्मीरी में बेरहमी से कत्लेआम किये गए हिन्दुओं के केसों को खुलवाने से साफ़ मना कर दिया था. इस तरह से काम करते हैं हमारे मीलॉर्ड.

The Supreme Court ordered the release of Bhansali’s anti-Hindu film, while protecting the film, but this Supreme Court had clearly rejected the cases of ruthlessly slaughtered Hindus in Kashmiri a few days ago. Work in this way our mildars

यह भी देखें:

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

खुला ख़त: पद्मावत विवाद पर ‘राजपूतो’को कोसने वालो के नाम एक हिन्दू ब्राह्मण का ये खुला पत्र, जिससे हिल गया पूरा देश,

राजपूत…
पिछले कुछ दिनों से देख रहा हूँ, पद्मावती फ़िल्म की आड़ में राजपूत राजाओं पर प्रश्न खड़ा करने और उन्हें कायर कहने वाले बुद्धिजीवी कुकुरमुत्ते की तरह उग आए हैं। अद्भुत अद्भुत प्रश्न गढ़े जा रहे हैं। राजपूत वीर थे तो हार क्यों जाते थे? राणा रतन सिंह योद्धा थे तो उनकी पत्नी को आग लगा कर क्यों जलना पड़ गया? स्वघोषित इतिहासकार यहां तक कह रहे हैं कि सल्तनत काल के राजपूत शासक इतने अकर्मण्य और कायर थे कि मुश्लिमों का प्रतिरोध तक नहीं कर सके।

सोचता हूँ, क्या यह देश सचमुच इतना कृतघ्न है कि राजपूतों को कायर कह दे? सन 726 ई. से 1857 ई. तक सैकड़ों नहीं हजारो बार, सामने हार देखने के बाद भी लाखों की संख्या में मैदान में उतर कर शीश चढ़ाने वाले राजपूतों पर यदि हम प्रश्न खड़ा करें, तो हमें स्वयं सोचना होगा कि हम कितने नीचे गिर चुके हैं।

आप कहते हैं वे हारे क्यों? श्रीमान, शिकारी और शेर के युद्ध मे शिकारी लगातार जीतता रहा है, तो क्या इससे शेर कायर सिद्ध हो गया? नहीं श्रीमान! शेर योद्धा होता है, और शिकारी क्रूर। राजपूत योद्धा थे, और अरबी आक्रमणकारी क्रूर पशु। राजपूतों के अंदर मनुष्यता थी, तुर्कों के अंदर रक्त पीने ही हवस। वहशी कुत्ते तो बड़े बड़े बैलों को काट लेते हैं, तो क्या बैल शक्तिहीन सिद्ध हो गए?

और यदि सच मे आपको लगता है कि तुर्कों, अरबों के सामने राजपूत बिल्कुल भी प्रभावी नहीं रहे, तो आप दुनिया की अन्य प्राचीन सभ्यताओं की ओर निगाह फेरिये, और खोजिए कि मिस्र के फराओ के वंसज कहाँ हैं? ढूंढिए कि मेसोपोटामिया की सभ्यता क्या हुई। पता लगाइए कि ईरान के सूर्यपूजक आर्य अब क्या कर रहे हैं।

श्रीमान! इस्लाम का झंडा ले कर अरब और तुर्क जहां भी गए, वहां की सभ्यता को चबा गए। वो राजपूत ही थे, जिनके कारण भारत बचा हुआ है। उन्होंने अपने सरों से तौल कर इस मिट्टी को खरीदा नहीं होता, तो आप अपने घर मे बैठ कर बुद्धिजीविता नहीं बघारते, बल्कि दाढ़ी बढ़ा कर यह तय कर रहे होते कि शौहर का अपनी बीवी को कितने कोड़े मारना जायज है।

Image result for इस्लाम का झंडा ले कर

आज एक अदना सा पाकिस्तान जब आपके सैनिकों का सर काटता है, तो आप बौखला कर घर मे बैठे बैठे उसको गाली देते और अपनी सरकार को कोसते रह जाते हैं। तनिक सोचिये तो, भारतीय राजाओं से मजबूत सैन्य उपकरण(बारूद और तोप वही ले कर आये थे), अपेक्षाकृत अधिक मजबूत और तेज घोड़े, और ध्वस्त कर देने का इरादा ले कर आने वालों के सामने वे सैकड़ों बार गए और शीश कटने तक लड़ते रहे, इसके बाद भी जब आप उनपर प्रश्न खड़ा करें तो क्या साबित होते हैं आप?

आपको जौहर अतार्किक लगता है तो यह आपकी दिक्कत है भाई, पर अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए आग में जल जाने वाली देवियों के ऊपर प्रश्न खड़ा करने की सामर्थ्य नहीं आपकी, आप तो 40 डिग्री तापमान पर ही बिजली के लिए सरकार को गाली देने वाले लोग हैं। भाई , जलती आग में कूद जाने के लिए मर्द का नहीं, स्त्री का कलेजा चाहिए, और हार दिखा रहे युद्ध में भी कूद कर शीश कटा लेने के लिए राजपूत का कलेजा।

दूसरों की छोड़िये, जिन चंद राजपूत राजाओं को हम और आप मुगलों का समर्थन करने के कारण गाली देते और गद्दार कहते हैं, उनके पुरुखोंने भी बीसों बार इस राष्ट्र के लिए सर कटाया था। आज भी किसी राजपूत लड़के के खानदान का पता कीजिये, मात्र तीन से चार पीढ़ी पहले ही उसके घर में कोई न कोई बलिदानी मिल जाएगा।

घर मे बैठ कर तो किसी पर भी उंगली उठाई जा सकती है बन्धु, पर राजपूत होना इस दुनिया का सबसे कठिन काम है। कलेजे के खून से आसमान का अभिषेक करने का नाम है राजपूत होना। तोप के गोले को अपनी छाती से रोकने के साहस का नाम है राजपूत। आप जिस स्थान पर रहते हैं न, पता कीजियेगा उस जगह के लिए भी सौ पचास राजपूतों ने अपना शीश कटाया होगा.. छोड़ दो डार्लिंग, तुमसे न हो पायेगा!

…..जय हिन्द

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https://youtu.be/LvTwV08DsAo

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source political report

वायरल हुआ ये विडियो: पद्मावत फिल्म देखकर निकले इस हिन्दू युवक ने खोल डाली पद्मावत की पोल- भंसाली समेत दीपिका को लगा तगड़ा झटका…

मीडिया के बड़े बड़े पत्रकार और फिल्म रिव्यु वाले मीडिया से लेकर सोशल मीडिया पर भंसाली की हिन्दू विरोधी फिल्म का खूब प्रचार कर रहे है, मीडिया वाले पैसा खाकर फिल्म को बहुत अच्छा बता रहे है, और ये भी कह रहे है की इस फिल्म में हिन्दू विरोध कुछ भी नहीं है, बहुत अच्छी फिल्म है

From media to large media and film reviews to social media, Bhansali’s anti-Hindu film is spreading a lot, media is telling the movie very well, and it is also saying that the film is being inspired by Hindus The opposition is nothing, it is a very good film

हालाँकि इन सेक्युलर मीडिया के लोगों की बातों को मानना अपने में ही एक बड़ी मूर्खता है, और आम जनता ने क्या रिव्यु दिया है इस फिल्म का वो मीडिया आपको दिखायेगा भी नहीं, क्यूंकि भंसाली ने आम जनता को अच्छा रिव्यु देने के लिए पैसे नहीं दिए है, देखिये एक आम हिन्दू ने क्या बताया जो फिल्म देखकर निकला था

However, accepting the views of people of these secular media is a big stupidity in itself, and what the general public has not released, the media of this film will not show you, because Bhansali did not give money to give good reviews to the general public. Look, see what a common Hindu said that came out of the movie

https://www.facebook.com/Aladeenv5/videos/972565909561507/

युवक ने बताया की पूरी फिल्म ही एक गे खिलजी को महान बताने के लिए बनाई गई है, और उसका जमकर महिमामंडन किया गया है, पूरी फिल्म बी ग्रेड फिल्मो से भी भद्दी है, और इस फिल्म को हिन्दू विरोधी मानसिकता से ही बनाया गया है, इस फिल्म के जरिये हिन्दुओ में हीन भावना डालने की कोशिश की गयी है और खिलजी को एक अजय योद्धा की तरह पेश किया गया है

The youth said that the whole film is made to tell a Gay Khilji a great, and he has been felicitated, the whole film is too bad with B-grade films, and this film is made with anti-Hindu mindset, Through this film, an attempt has been made to impose an inferiority complex in Hinduism and Khilji has been presented as an Ajay warrior

अब आप समझ सकते है की ये आम युवक क्या बता रहा है और मीडिया के पत्रकार सोशल मीडिया से लेकर मीडिया में क्या बता रहे है, आपकी जानकारी के लिए ये भी बता दें की भंसाली ने अपनी इस फिल्म को पाकिस्तान में भी रिलीज करवाया है और पाकिस्तान में जो फिल्म दिखाई गयी है उसमे कोई कट भी नहीं किया गया है, यानि जमकर हिन्दू विरोध और इस्लामिक आतंकी खिलजी का महिमामंडन

Now you can understand what the common man is saying and what media journalists are saying in the media from social media, for your information, please also tell that Bhansali has released his film in Pakistan also and There has been no cut in the film that has been shown in Pakistan, that is, the fierce opposition and glorification of the Islamic terrorist Khaliji

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https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

source dainik bharat

 

विवादित फिल्म ‘पद्मावत’को लेकर RSS का एक और ऐसा धमाकेदार बयान, बंसाली समेत पूरी फिल्म इंडस्ट्री में हडकंप…

24 जनवरी, 2018 : जैसा हम सभी इस बात को जानते हैं कि फिल्म ‘पद्मावत’ को लेकर देशभर में बवाल मचा हुआ है. जानकारी के अनुसार आपको बता दें कि ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ’ (आरएसएस) ने इस फिल्म को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है. आरएसएस को आशंका है कि फिल्म पद्मावत में इतिहास के ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ की गयी है. इस तरह इतिहास के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करना सही नहीं है.

January 24, 2018: As we all know, there has been a furor across the country with the film ‘Padmavat’. According to the information, please tell you that the RSS has cleared its stand on this film. RSS feared that historic facts of history have been tampered with in Padmavat. In this way, any kind of tampering with history is not right.

सूत्रों के अनुसार ‘भगवती प्रसाद’ जोकि आरएसएस के उत्तर पश्चिम क्षेत्रिय संघ चालक है, उन्होंने कहा है कि पहले की तरह इतिहास की गरिमा को बनाये रखने के लिए सरकार को भी ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ करने वालों को नियंत्रण में रखना बहुत आवश्यक है. ध्यान देने वाली बात यह है कि आरएसएस ने सोमवार (22 जनवरी) को साफ किया था कि संघ भी पद्मावत को रिलीज नहीं चाहता है.

According to sources, Bhagwati Prasad, a North West Regional Union conductor of the RSS, has said that it is very necessary for the government to keep control of the history of the people as well as to keep the history of the people in control. The point of note is that the RSS had made clear on Monday (January 22) that even the Sangh does not want to release Padmavat.

उन्होंने कहा है कि इतिहास को लेकर जनभावना को ध्यान में रखकर किसी भी तरह की बात हो तो वह राष्ट्र हित के अनुसार होनी चाहिए. साथ उन्होंने यह भी कहा है कि अगर कोई भी व्यक्ति आजादी की बात कहकर इतिहास के ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ करता है तो इससे लोगों भी भावनाओं को दुःख पहुँचता है. यदि कोई ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ करता है तो समाज भी जनतांत्रिक तरीके से उसके खिलाफ आंदोलन कर सकता है.

He said that if there is any kind of thing in keeping with the public sentiment about history, it should be according to the national interest. Together they have also said that if any person tampering the historical facts of history by speaking about independence, then people also suffer feelings of emotions. If a person tamper with historical facts, then society can agitate against it in a democratic way.

मलिक मोहम्मद जायसी ने ‘पद्मावत’ में शामिल की कल्पनाएं
भगवती प्रसाद ने कहा है कि संघ का हमेशा से यही मानाना रहा है कि हमारे राष्ट्र में ऐतिहासिक संदर्भों को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में, इतिहास सम्मत जन भावना के अनुरूप ही अभिव्यक्त करना चाहिए।

Imagery of Malik Mohammed Joyce included in ‘Padmavat’
Bhagwati Prasad has said that the Sangh has always believed that historical references in our nation should be expressed in a national perspective, in line with the history-based public sentiment.

संघ चालक भवती प्रसाद ने कहा है कि हमारे राष्ट्र में ऐतिहासिक संदर्भों को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में, इतिहास सम्मत जन भावना के अनुसार ही दिखाना चाहिए. आरएसएस सदैव से ऐसा मानता आ रहा है. साथ ही संघ चालक प्रसाद ने कहा है कि ‘मलिक मोहम्मद जायसी’ ने एक ऐतिहासिक कथानक फिल्म पद्मावत में अपनी कल्पनाओं को जोड़ दिया है. परंतु पात्रों की गरिमा, ऐतिहासिक तथ्य और जनभावनाओं को ध्यान में नहीं रखा गया.

Sangh driver Bhavati Prasad has said that historical references in our nation should be shown in the national perspective, according to the history wise sentiment of the people. RSS has always believed this. At the same time Union Driver Prasad has said that ‘Malik Mohammed Joyce’ has added his fantasy to Padmavat in a historical plot. But the dignity of the characters, historical facts and genitals were not kept in mind.

भगवती प्रसाद ने कहा है कि ‘भारत’ में ऐतिहासिक उपन्यास, कथा, नाट्य, लेखन, मंचन तथा फिल्म निर्माण आदि की हमारे देश में पुरानी परंपरा चली आ रही है. इतिहास के ऐतिहासिक कथानक को मलिक मुहम्मद जायसी ने कलपना का विस्तार बताया है.

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https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

अभी अभी: रिलीज डेट से ऐन पहले गुजरात के सिनेमा घरों ने दिया बड़ा बयान, जिसे देख करनी सेना हैरान….

गुजरात मल्‍टीप्‍लेक्‍स असोसिएशन के डायरेक्‍टर, राकेश पटेल ने कहा, ‘हमने तय किया है कि हम पूरे गुजरात में यह फिल्‍म रिलीज नहीं करेंगे. सभी डरे हुए हैं, कोई भी मल्‍टीप्‍लेक्‍स इस नुकसान या परेशान नहीं उठाना चाहता.’

निर्देशक संजय लीला भंसाली ने भले ही ‘पैडमैन’ यानी अक्षय कुमार को मना कर अपनी फिल्‍म के सिंगल रिलीज होने का रास्‍ता साफ कर लिया हो, लेकिन उनकी मुसीबतें अभी खत्‍म नहीं हुई हैं. अब उनके ही गृहनगर गुजरात के मल्‍टीप्‍लेक्‍स असोसिएशन ने यह घोषणा कर दी है कि वह गुजरात के किसी भी सिनेमाघर में यह फिल्‍म रिलीज नहीं करेंगे. न्‍यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार गुजरात मल्‍टीप्‍लेक्‍स असोसिएशन के डायरेक्‍टर, राकेश पटेल ने कहा, ‘हमने तय किया है कि हम पूरे गुजरात में यह फिल्‍म रिलीज नहीं करेंगे. सभी डरे हुए हैं, कोई भी मल्‍टीप्‍लेक्‍स इस नुकसान या परेशान नहीं उठाना चाहता. आखिर हम यह नुकसान क्‍यों उठाएं?’

इस फिल्‍म का शुरुआत से ही जमकर विरोध हो रहा है. एक दिन पहले ही हैदराबाद के बीजेपी विधायक टी राजा सिंह ने फिल्‍म ‘पद्मावत’ के विरोध के लिए लोगों को किसी भी हद तक जाने का एलान किया है. टी राजा ने एक वीडियो में कहा, ‘मैं लोगों से इस फिल्‍म का विरोध करने की विनती करता हूं. जो भी थिएटर यह फिल्‍म दिखाए, आप उसे आप तहस नहस कर दें, वहां आग लगा दें. आप यह कोशिश करें कि संजय लीला भंसाली जैसे डायरेक्‍टर को बुरी तरह नुकसान हो और कोई भी और निर्देशक इतिहास के साथ कभी छेड़छाड़ न करे.’

बता दें कि ‘पद्मावत’ 25 जनवरी को सिनेमाघर में रिलीज होने वाली है. इस फिल्‍म का विरोध देशभर में हो रहा है. इस फिल्‍म में रणवीर सिंह, शाहिद कपूर और दीपिका पादुकोण नजर आएंगे. यह पहली फिल्‍म है जिसमें भंसाली के साथ शाहिद कपूर काम करते नजर आएंगे. इस फिल्‍म पर 4 राज्‍यों ने बैन लगा दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पूरे देश में इस फिल्‍म की रिलीज को हरी झंडी मिल चुकी है.

और आपको ये भी बता दें की सुप्रीम कोर्ट के मिलार्ड के पास करोड़पति प्रोडूसर संजय लीला भंसाली ने याचिका लगायी, मिलार्ड के पास 3 करोड़ से ज्यादा केस पेंडिंग है, जिनकी 20-20 साल सुनवाई नहीं होती, पर भंसाली के केस को फटाफट सूना गया और भंसाली के पक्ष में 20 मिनट से भी कम समय में फैसला दे दिया गया

4 राज्यों ने भंसाली की फिल्म पद्मावत पर रोक लगाई थी सुप्रीम कोर्ट ने रोक को हटा दिया और कहा की फिल्म पुरे देश में दिखाई जानी चाहिए, अब सरकारों पर तो कोर्ट ने अपने आदेश की कॉपी चिपका दी, पर गुजरात में हिन्दुओ ने मिलार्ड और भंसाली दोनों को अपना जवाब दे दिया है

गुजरात में मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन की बैठक हुई और सिनेमा हॉल के मालिकों ने भंसाली की फिल्म पद्मावत का बहिष्कार कर दिया, सिनेमा हॉल मालिकों ने ऐलान किया की वो भंसाली की फिल्म अपने सिनेमा हॉल में लगाएंगे ही नहीं, न लगेगी भंसाली की फिल्म और न ही इस बेहूदा फिल्म को कोई देखेगा

गुजरात आज़ादी के बाद से ही हिंदुत्व का सबसे प्रखर इलाका रहा है, अयोध्या में भी उत्तर प्रदेश से अधिक कारसेवक गुजरात के ही होते थे, और आज गुजराती हिन्दुओ ने मिलार्ड और भंसाली दोनों को जवाब दे दिया है, हिन्दुओ में एकता और जागरूकता आ ही रही है, भले हिन्दुओ को जातियों में कितना भी तोडा गया हो गुजरात में पर हिन्दुओ ने एकजुटता और स्वाभिमान का एक बार फिर परिचय दिया है

सिनेमा हॉल के मालिकों ने फ़िल्मी धंधे को नहीं बल्कि हिन्दू स्वाभिमान को महत्त्व दिया है, मीडिया के लोग भंसाली की फिल्म का समर्थन कर रहे है, बहुत से नेता भी भंसाली की फिल्म का समर्थन कर रहे है, ये समर्थन इसलिए कर रहे है क्यूंकि भंसाली ने करोडो रुपए का खर्च इनपर भी किया है, पर गुजराती सिनेमा हॉल मालिकों ने हिन्दू स्वाभिमान को झुकने नहीं दिया और भंसाली की बेहूदा फिल्म पद्मावत का बहिष्कार कर दिया

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https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

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बड़ी खबर: पद्मावत विवाद पर अचानक आये इस फैंसले से दहला पूरा हिंदुस्तान…

जयपुर: राजस्थान के जयपुर में राजपूत महिलाओं ने जौहर दिखाने की धमकी दी है। फिल्म पद्मावत की रिलीज से खफा राजपूत महिलाओं का कहना है कि अगर फिल्म रिलीज हुई तो जौहर का इतिहास फिर दोहराया जाएगा।

Jaipur: Rajput women have threatened to show jawar in Jaipur, Rajasthan. Khapha Rajput women from the release of the film Padmavat says that if the film is released then the history of Johar will be repeated again.

बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फिल्म पद्मावत की रिलीज पर 4 राज्यों में लगी रोक हटाने का आदेश दिया था। फिल्म 24 जनवरी को रिलीज हो रही है। हालांकि एक दूसरे समुदाय ने कहा है कि वे फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में फिर से याचिका दायर करेंगे।

Let the Supreme Court order on the release of Padmavat on Thursday, order to lift the ban in 4 states Had given. The film is being released on January 24. However, another community has said that they will file a petition again in the Supreme Court to ban the release of the film.

राजस्थान और मध्य प्रदेश की राजपूत महिलाओं के संगठन क्षत्राणी मंच ने कहा है कि उनके समुदाय की महिलाएं अपना जीवन जौहर स्थल पर खत्म कर देगीं। उन्होंने बताया कि राजपूतों को मानना है कि जौहर स्थल चित्तौड़गढ़ किले में है, जहां रानी पद्मावती ने जौहर दिखाया था।

Organization of Rajput women from Rajasthan and Madhya Pradesh has said that the women of their community will end their lives at the Johor site. He told that Rajputs believe that the Jauhar site is in Chittorgarh Fort, where Rani Padmavati showed Jauhar.

क्षत्राणी मंच की समन्वयक निर्मला राठौर ने कहा कि उन लोगों की मांग है कि फिल्म पद्मावत पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए। फिल्म का कहीं पर भी रिलीज होना उन लोगों का अपमान है। उन्होंने कहा कि क्षत्राणी महिलाएं समुदाय के सम्मान के लिए रानी पद्मावती की तरह जौहर दिखाने में कोई हिचक महसूस नहीं करेंगी।

Nirmala Rathore, coordinator of the Ahratti Panchayat said that those people demand that the film Padmav will be banned altogether. The release of the film anywhere is an insult to those people. He said that women will not feel any hesitation in showing the jewelers like Rani Padmavati for the respect of the community.

उन्होंने बताया कि क्षत्रिय मंच की तरफ से स्वाभिमान मार्च 21 जनवरी को निकाला जाएगा। इस मार्च में कई शाही परिवारों की महिलाएं भी हिस्सा ले रही हैं। मार्च करते हुए महिलाएं जौहर स्थल तक पहुंचेंगी। उन्होंने बताया कि चौमू की राजकुमारी और उदयपुर के शाही परिवारों की महिलाओं ने इस मार्च में हिस्सा लेने की सहमति दे दी है। राजपूत महिलाएं जौहर स्थल + पर पहुंचकर वहां की मिट्टी हाथों में लेंगी और इस लड़ाई की प्रतिज्ञा लेंगी।

He said that self-respect from the Kshatriya platform will be removed on March 21st. In this March, women of many royal families are also participating. While marching, women will reach Jauhar site. He told that the women of the Chumu’s princess and the royal families of Udaipur have agreed to take part in this march. Rajput women will reach Jauhar site + and take the soil of their hands and take a pledge for this fight.

यह भी देखें :

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

पद्मावत विवाद पर आया नया, SC को लेकर करणी सेना का ये बड़ा बयान- हम सर कटा देंगे….

सुप्रीम कोर्ट ने निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ को पूरे देश में रिलीज करने का आदेश दिया है। बावजूद इसके करणी सेना ने फिल्म का विरोध करना बंद नहीं किया है। इधर, गुरुवार (18 जनवरी, 2017) को बिहार के कुछ सिनेमाघरों में प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ की है। करणी सेना से जुड़े कुछ लोगों ने फिल्म रिलीज होने पर बुरे हालात पैदा करने की धमकी दी है। सेना के नेता तो यहां तक कह रहे हैं कि गर्दन कटा सकते हैं लेकिन माफी नहीं मांगेंग।लिहाजा, मीडिया में अब इस बात की चर्चा है कि क्या करणी सेना सुप्रीम कोर्ट से ऊपर है। न्यूज 18 इंडिया के एंकर अमीष देवगन ने भी अपने कार्यक्रम आर-पार में इस मुद्दे पर बहस बुलाई कि क्या सुप्रीम कोर्ट से भी बड़ी है करणी सेना।

The Supreme Court has ordered producer-director Sanjay Leela Bhansali’s film ‘Padmavat’ to be released all over the country. Despite this, the army has not stopped opposing the film. Here, Thursday (January 18, 2017), some protesters in Bihar have demolished the protesters. Some people related to the Karani army have threatened to create bad conditions when film releases. Army leaders are even saying that they can cut the neck but will not apologize. Look, the media is now discussing whether the army is above the Supreme Court. News 18 India’s Anchor Amish Devgan also raised a debate on this issue in his program, whether the Supreme Court is larger than the Supreme Court.

प्रोग्राम में एंकर अमीष देवगन ने कहा कि आप धमकी दे रहे हैं, कानून और सुप्रीम कोर्ट को चैलेंज कर रहे हैं और उन लोगों का समर्थन कर रहे हैं जो उपद्रवी हैं। एंकर ने कहा, आप माफी मांगिए। इस पर करणी सेना के महासचिव सूरजपाल अम्मू बिफर पड़े। उन्होंने कहा, “गर्दन कट सकती है, फांसी चढ़ सकते हैं, माफी हमारी किताब में नहीं है।” हम माफी नहीं मांगेंगे। माफी मांगनी है तो संजय लीला भंसाली माफी मांगे, जिसने यह फिल्म बनाई है। सूरजपाल ने यह भी कहा कि सेंसर बोर्ड के चेयरमैन प्रसून जोशी ने इतिहासकारों का अपमान किया है।
In the program, Anchor Ameesh Devgan said that you are threatening, you are challenging the law and the Supreme Court and supporting those who are troublesome. Anchor said, you apologize. On this, Karan army general secretary Surajpal Ammu Bichar They said, “Neck can be cut, hang up, apology is not in our book.” We will not apologize. If you want to apologize then Sanjay Leela Bhansali apologizes, who made this movie. Surajpal also said that Prasun Joshi, chairman of the censor board, has insulted historians.

सुप्रीम कोर्ट ने निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ को पूरे देश में रिलीज करने का आदेश दिया है। बावजूद इसके करणी सेना ने फिल्म का विरोध करना बंद नहीं किया है। इधर, गुरुवार (18 जनवरी, 2017) को बिहार के कुछ सिनेमाघरों में प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ की है। करणी सेना से जुड़े कुछ लोगों ने फिल्म रिलीज होने पर बुरे हालात पैदा करने की धमकी दी है। सेना के नेता तो यहां तक कह रहे हैं कि गर्दन कटा सकते हैं लेकिन माफी नहीं मांगेंग।लिहाजा, मीडिया में अब इस बात की चर्चा है कि क्या करणी सेना सुप्रीम कोर्ट से ऊपर है। न्यूज 18 इंडिया के एंकर अमीष देवगन ने भी अपने कार्यक्रम आर-पार में इस मुद्दे पर बहस बुलाई कि क्या सुप्रीम कोर्ट से भी बड़ी है करणी सेना।

The Supreme Court has ordered producer-director Sanjay Leela Bhansali’s film ‘Padmavat’ to be released all over the country. Despite this, the army has not stopped opposing the film. Here, Thursday (January 18, 2017), some protesters in Bihar have demolished the protesters. Some people related to the Karani army have threatened to create bad conditions when film releases. Army leaders are even saying that they can cut the neck but will not apologize. Look, the media is now discussing whether the army is above the Supreme Court. News 18 India’s Anchor Amish Devgan also raised a debate on this issue in his program, whether the Supreme Court is larger than the Supreme Court.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि जब सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिल गया है तो इस फिल्म को रिलीज होने से क्यों रोका जा रहा है? साथ ही सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला है। फिल्म को रिलीज होने से नहीं रोका जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने एमपी, हरियाणा, गुजरात, राजस्थान सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है। यह राज्य अपने यहां फिल्म को रिलीज करने के खिलाफ हैं। ‘पद्मावत’ 25 जनवरी को रिलीज होनी है। फिल्म को तमिल, तेलुगु और हिंदी में रिलीज किया जाएगा।

Significantly, the Supreme Court said on Thursday that when the certificate has been received from the censor board, why is this film being stopped from being released? Also, the Supreme Court says that it is a matter of freedom of expression. The film can not be stopped by the release. The Supreme Court has banned the order of MP, Haryana, Gujarat and Rajasthan government. This state is against the release of the movie here. ‘Padmavat’ is to be released on January 25. The film will be released in Tamil, Telugu and Hindi.

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पद्मावत विवाद पर करनी सेना ने दी बड़ी चुनौती, राष्ट्रपति कोविंद समेत पूरी “फिल्म इंडस्ट्री” सदमे में..

नई दिल्लीः संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ की रिलीज को लेकर भले ही सेंसर बोर्ड से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक ने हरी झंडी दे दी हो लेकिन फिल्म का विरोध कर रही राजपूत करणी सेना ने अपने तेवर कम नहीं किए है. करणी सेना के सुखदेव सिंह ने मीडिया को बताया, ‘हमें हमारे वकीलों ने बताया है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में आखिरी में लिखा है कि यदि कानून-व्यवस्था बिगड़ती हो तो राज्यों को यह अधिकार है कि वह फिल्म की रिलीज को लेकर कोई निर्णय ले सके.’ उन्होंने कहा कि करणी सेना इस फिल्म पर से बैन हटाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बड़ी बेंच और राष्ट्रपति तक के पास लेकर जाएगी.

सुखदेव सिंह ने काफी गुस्से भरे स्वर में कहा कि इस फिल्म के जरिए देश में हिंदुत्व को नीचा दिखाया जा रहा है. करणी सेना के नेता ने कहा है कि हिंदुत्व की बात करने वाले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और पीएम मोदी की चुप क्यों है?

‘वीएचपी के प्रवीण तोगड़िया की शुक्रिया’
करणी सेना सुखदेव सिंह ने कहा कि मैं विश्व हिंदू परिषद के प्रवीण तोगड़िया का धन्यवाद देता हूं जिन्होंने इस फिल्म को बैन किए जाने का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि ‘पद्मावत’ फिल्म देश में हिंदू और मुस्लमानों के बीच विवाद पैदा करेगी. इस फिल्म से राजपूतों और ब्राह्मणों के बीच भी विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और सेंसर बोर्ड को चाहिए की पहले यह फिल्म 10 इतिहासकारों को दिखाए फिर इसके रिलीज के बारे में सोचे.

करणी सेना की प्रसून जोशी को धमकी
सुखदेव सिंह ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेश (CBFC) के प्रमुख प्रसून जोशी को लेकर भी धमकी दी है. उन्होंने कहा है कि ‘हम प्रसून जोशी को राजस्थान में घुसने नहीं देंगे.’ सुखदेव सिंह ने कहा है कि हम सुप्रीम कोर्ट में बड़ी बेंच के पास जाएंगे और फिल्म पर बैन लगाने की अपनी मांग को रखेंगे.

कलवी ने पीएम मोदी से की हस्तक्षेप की मांग
इसके अलावा करणी सेना के प्रमुख लोकेंद्र सिंह कलवी ने कहा है कि, लॉ एंड ऑडर को लेकर मुख्यमंत्रियों के बयान आना शुरू हो गए है. गुजरात के सीएम ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए फिल्म पर लगाया बैन जारी रखा है. उन्होंने कहा कि पूरा राजपूत समाज इस वक्त पीएम मोदी की तरह देख रहा है. यह बहुत गंभीर मामला है उन्हें हस्तक्षेप करना चाहिए. कलवी ने बताया कि यदि राज्य सरकार को ऐसा लगता हो कि किसी फिल्म के रिलीज से राज्य में कानून व्यवस्था खराब हो सकती है तो ऐसी स्थिति में वह फिल्म की रिलीज रोक सकती है. उन्होंने इसका उदाहरण देते हुए कहा कि, राजस्थान में आशुतोष गोवारिकर की फिल्म जोधा अकबर (2008) और गुजरात में यश राज फिल्म की फना (2006) को सेंसर बोर्ड की हरी झंडी मिलने के बाद भी बैन कर दिया गया था.

सेंसर सर्टिफिकेट को रद्द करने की याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ‘पद्मावत’ को सेंसर बोर्ड द्वारा दिए गए सर्टिफिकेट को गैर कानूनी बताने वाली याचिका को खारिज कर दिया. इस याचिका को खारिज करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा की अध्‍यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने कहा, ‘अदालत, संविधान के अनुसार चलती है और हम कल ही अपने अंतरिम फैसले में यह कह चुके हैं कि राज्‍य सरकारों के पास किसी भी फिल्‍म की स्‍क्रीनिंग रोकने का अधिकार नहीं है.’ यह याचिका वकील मनोहर लाल शर्मा ने दाखिल की थी.

सुुप्रीम कोर्ट ने फिल्म से बैन हटाया
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 18 जनवरी को फिल्म ‘पद्मावत’ की 25 जनवरी को देशभर में रिलीज का रास्ता साफ कर दिया था. शीर्ष अदालत ने गुजरात और राजस्थान में इस विवादित फिल्म के प्रदर्शन पर लगी रोक हटा दी थी. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने अन्य राज्यों पर फिल्म के प्रदर्शन पर पाबंदी लगाने की इस तरह की अधिसूचना या आदेश जारी करने पर रोक लगा दी. इस फिल्म की कहानी 13वीं सदी में महाराजा रतन सिंह एवं मेवाड़ की उनकी सेना और दिल्ली के सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी के बीच हुए ऐतिहासिक युद्ध पर आधारित है.

करणी सेना ने फिल्म पद्मावत के रिलीज के दिन ‘जनता कर्फ्यू’ लगाने का किया आह्वान
रिलीज होने से पहले ही विवादों में आ चुकी फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ के मुखर विरोधी संगठन श्री राजपूत करणी सेना के संरक्षक लोकेन्द्रसिंह कालवी ने लोगों से फिल्म की रिलीज की तारीख 25 जनवरी के दिन पूरे देश में फिल्म को लेकर ‘‘जनता कर्फ्यू’’ लगाने का आह्वान किया. कालवी ने गुरुवार (18 जनवरी) यहां मीडिया से चर्चा करते हुए दावा किया, ‘‘इस फिल्म का विरोध अब केवल राजपूत समाज ही नहीं, बल्कि सभी समाजों के लोग कर रहे हैं. हम जनता से अनुरोध करते हैं कि फिल्म के रिलीज होने की तारीख 25 जनवरी को पूरे देश में सामाजिक जनता कर्फ्यू लगाया जाये.’’ मध्यप्रदेश सहित चार राज्यों की सरकारों ने अपने राज्यों में फिल्म के प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने की घोषणा की थी लेकिन उच्चतम न्यायालय ने इसे पूरे देश में रिलीज करने के आदेश दिये हैं. कालवी यहां राजपूत समाज के कार्यक्रम में शामिल होने आये थे.

करणी सेना ने सिनेमा हॉल पर हमला किया, पद्मावत फिल्म के पोस्टर फाड़े
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में ‘करणी सेना’ के कार्यकर्ताओं ने एक सिनेमा हॉल पर हमला किया और पद्मावत फिल्म के पोस्टर फाड़े. मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा थाना अध्यक्ष विजय कुमार ने बताया कि करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने पद्मावत फिल्म के प्रदर्शन के विरोध में शहर में जुलुस निकाला और प्रदर्शन किया . उन्होंने बताया कि करणी सेना के कार्यकर्ता हाथों में तलवार लिए ज्योति सिनेमा हॉल पहुंचे और वहां तोड—फोड की. कुमार ने बताया कि उन्होंने ज्योति सिनेमा हॉल परिसर में लगाए गए ‘पद्मावत’ फिल्म के पोस्टर फाड़ दिए .

करणी सेना के कार्यकर्ताओ ने धमकी दी कि इस फिल्म को अगर प्रदर्शित किया गया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे. आगामी 25 जनवरी को रिलीज होने वाली इस फिल्म के प्रदर्शन पर हरियाणा, गुजरात, राजस्थान और मध्यप्रदेश में लगी रोक पर उच्चतम न्यायालय ने रोक लगा दी है . हालांकि बिहार सरकार ने इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक नहीं लगायी है पर प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहले कहा था कि इस फिल्म के निर्माता और अन्य लोगों को फिल्म से जुड़ी शंकाएं दूर करने के बाद इसे रिलीज करना चाहिए.

करणी सेना सुखदेव सिंह ने कहा कि मैं विश्व हिंदू परिषद के प्रवीण तोगड़िया का धन्यवाद देता हूं जिन्होंने इस फिल्म को बैन किए जाने का समर्थन किया है

खास बातें
करणी सेना ने सेंसर बोर्ड के प्रमुख प्रसून जोशी को दी धमकीअ
प्रसून जोशी को राजस्थान में घुसने नहीं देंगेः सुखदेव सिंह, करणी सेना
करणी सेना ने ‘पद्मावत’ पर पीएम मोदी-आरएसएस की चुप्पी पर भी उठाए सवाल

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