भारतीय जवानों के प्रचंड प्रहारों से तिमिलाया पाकिस्तान, भीख का बारूद खत्म हुआ तो भारत के कदमों में गिरा ना’पाक….

नई दिल्ली : पाकिस्तान आये दिन कायरता की नई मिसालें बनाता आ रहा है. पहले तो भारत की तरक्की से जल-भुन कर आतंकियों की घुसपैठ कराने के लिए सीजफायर का उलंघन करता है और फिर जब भारतीय सेना हमले का जोरदार जवाब देती है, तो पाकिस्तान तुरंत हाथ खड़े कर देता है. कुछ ऐसा ही नजारा एक बार फिर देखने को मिला है, जब भारतीय जवानों के हाथों बुरी तरह मार खाने के बाद पाकिस्तान फिर से गिड़गिड़ाने लगा.

New Delhi: Pakistan has been making new cases of cowardice on the day. First, it violates the siegefire for infiltrating terrorists by burning India’s progress and then when the Indian army gives a strong response to the attack, Pakistan immediately raises its hand. There is a similar look once again, when after being hit badly by the Indian soldiers, Pakistan again begun again.

भारतीय जवानों के हमले से गिड़गिड़ाया पाकिस्तान
दरअसल पिछले काफी वक़्त से पाक फ़ौज सीमापार से भारी गोलीबारी कर रही थी, जिसमे कुछ भारतीय जवानों समेत कई कश्मीरी नागरिक मारे गए. भारतीय सेना को सरकार की ओर से जवाब देने की खुली छूट है, लिहाजा भारत के जवानों ने पाक फ़ौज पर इतने बम बरसाए कि उसकी अग्रिम सैन्य चौकियां ध्वस्त करते चले गए.

Pak warrior Pakistan attacked by Indian soldiers
Actually, the Pakistani army was firing heavily from across the border, in which many Kashmiri civilians including some Indian soldiers were killed. The Indian Army has an open rebate on behalf of the government, so the soldiers of India have caused so many bombs on the Pak army that their advance military went to demolish the posts.

एक के बाद एक पाक रेंजर्स ढेर होते गए. पाकिस्तान का ऐसा जबरदस्त नुक्सान किया गया कि उसे एक बार फिर 1965 ओर 1971 की याद ताजा हो गयी. उसके एटम बम की धमकी भी काम नहीं आयी, जब सेना अध्यक्ष बिपिन रावत ने पाक को चेतावनी दी कि उसके परमाणु हमलों का भी वैसा ही जवाब दिया जाएगा.

After one Pak Rangers were stacked. Pakistan was so badly damaged that it was once again reminiscent of 1965 and 1971. The threat of his Atom bomb did not work even when Army Chief Bipin Rawat warned Pak that his nuclear attacks would be answered the same.

आरपार के युद्ध के मूड में भारतीय सेना
बहरहाल अपने फौजियों को मरता देख, पाकिस्तान काँप उठा है और भारत के सामने गिड़गिड़ाते हुए फायरिंग रोकने की गुजारिश कर रहा है. खबर है कि पाकिस्तान अब फायरिंग रोककर बातचीत करने के लिए तैयार हो गया है. 22 जनवरी को बीएसएफ और पाक रेंजर्स की मुलाकात होगी.

Indian Army in the Mood of the Alliance
However, seeing their soldiers die, Pakistan has raised crocodile and is requesting to stop firing in front of India. It is reported that Pakistan has now been prepared to stop the firing and negotiate. The BSF and the Pak Rangers will meet on January 22.

आपको बता दें कि अमेरिका ने पाकिस्तान को फंड देना बंद कर दिया है. चीन के अलावा दुनिया का कोई भी देश पाकिस्तान की मदद नहीं करना चाहता. पाकिस्तान जानता है कि पीएम मोदी की कूटनीति के कारण ही आज उसके सभी दोस्त उससे विमुख हो गए हैं. इसी झल्लाहट में वो सीमापार से गोलीबारी करके खुद के पैरों पर कुल्हाड़ी मार रहा है.

Let us tell you that the US has stopped funding to Pakistan. No country in the world except China, Pakistan does not want to help Pakistan. Pakistan knows that due to the PM Modi’s diplomacy all his friends have opted for him today. In this same fury, he is firing on his feet by firing across the border.

भारतीय जवानों के हाथों बुरी तरह से मुँह की खाने के बाद पाकिस्तान बातचीत करने के लिए राजी हो गया है. बीएसएफ और पाक रेंजर्स सेक्टर कमांडर स्तर की मुलाकात करने के लिए राजी हुए हैं. ये बैठक जम्मू के सेक्टर कमांडर और सियालकोट के सेक्टर कमांडर के बीच ऑक्ट्रॉय में होनी है. वहीं बीएसएफ का कहना है कि सुरक्षाबलों ने सीमा पर हालात सुधारने की कोशिश की है, लेकिन पाकिस्तान इस सिलसिले में टालमटोल कर रहा था.

Pakistan has agreed to negotiate after being eaten badly by the Indian soldiers. BSF and Pak Rangers have agreed to meet the sector commander level. These meetings are to be held in the Octroi between the sector commander of Jammu and the Sector Commanders of Sialkot. At the same time, the BSF says that the security forces have tried to improve the situation on the border, but Pakistan was relieved in this connection.

आज पाकिस्तान की ओर से लगातार तीसरे दिन संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हुए जम्मू-कश्मीर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगे तीन जिलों में गोलियां चलाई गईं, जिसमें एक जवान समेत कई लोग घायल भी हो गए. वहीं सीमा से लगे इलाकों में रहने वाले करीब 9 हजार लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा है.

Today, violating the ceasefire for the third consecutive day on behalf of Pakistan, firing was launched in three districts of Jammu and Kashmir, in which three people were injured, including a young man. Nearly 9,000 people living in the border areas had to leave their homes and go to safer places.

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खास खबर: शांतिदूतों पर टूटा मौत का ज़बरदस्त कहर, मस्जिद बम ब्लास्ट में राख हुए नमाज़ी

नई दिल्ली : आतंकवाद आज केवल एक देश या एक धर्म के खिलाफ नहीं रह गया है | जो आतंकवाद को पालेगा पोसेगा उसे भी यह आतंकवाद खा जाएगा और मासूम लोगों पर तो कहर बरपाता ही रहता है | अगर एक धर्म के लोगों को लगता है कि वे आतंकवाद से बच जायेंगे तो ये उनकी ग़लतफहमी है | ऐसी ही खबर अभी नाइजीरिया से आ रही है जहाँ एक मस्जिद में भयंकर धमाका हुआ है |

New Delhi: Terrorism is no longer against a single country or a religion Even if terrorism is found, it will also eat terrorism and continue to torment innocent people. If people of one religion think that they will escape terrorism, then this is their misunderstanding Such a news is just coming from Nigeria where there is a huge explosion in a mosque.

अभी-अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक पूर्वोत्तर नाइजीरिया की एक मस्जिद में बड़े आत्मघाती हमले में कम से कम 50 लोगों की मौत हो गई है ओर दर्जनों घायल बताये जा रहे हैं | एडमवा राज्य में किशोर बॉम्बर ने उस समय खुद को उड़ा दिया जब लोग मस्जिद में सुबह की नमाज़ अदा करने के लिए पहुंच रहे थे | किशोर ने अपने जैकेट में घातक बम लगा रखा था | धमाका इतना भीषण था कि लोगों कि चीथड़े तक नहीं मिल पा रहे हैं |

According to the latest news, at least 50 people have died and dozens more injured are being reported in a major suicide attack in a mosque in northeast Nigeria. Kishore Bomber blew himself in the state of Edwawa when people were arriving in the mosque for morning prayer. The teenager had put a deadly bomb in his jacket The explosion was so gruesome that people are not able to get the screw.

धमाके की तीव्रता इतनी ज़्यादा थी कि मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है | पुलिस प्रवक्ता ओथमान अबुबकर ने बताया कि वारदात में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है | हालांकि हमले की जिम्मेदारी का किसी आंतकी संगठन ने कोई दावा नहीं किया लेकिन “बोको हरम” पर इस हमले की आशंका जताई जा रही है | ये इस्लामी चरमपंथी समूह पड़ोसी राज्य बोर्नो में स्थित है और इस तरह के कई हमलों के लिए दोषी ठहराया जा चुका है |

The intensity of the blast was so great that the number of people killed is increasing Police spokesman Othman Abubakar said that the number of people killed in the incident can increase Although no terrorist organization claimed responsibility for the attack, but the “Boko Haram” is being feared for this attack. These Islamic extremist groups are located in neighboring Bornoo and have been convicted for many such attacks.

डमवा का शहर मुबी है जहां 2014 में बोको हरम का कब्‍जा था लेकिन बाद में सेना ने 2015 में आतंकियों को निकाल दिया था. आज ये आतंकवादी संगठन ही आपस में एक दूसरे के आतंकी संगठन के खात्मे पर तुले हुए हैं. हर कोई अपने आतंकवाद को एक दूसरे की आतंकवाद से ऊँचा बताने पर तुला हुआ है. जिसकी कीमत उन निर्दोष लोगों को अपनी जान गँवा कर चुकाना पड़ रहा है और यहाँ कुछ लोग भारत को असहिष्णु देश बताते हैं |

The town of Damwa is a mubi where Boko Haram was occupied in 2014 but later the army fired the terrorists in 2015. Today, these terrorist organizations are bent upon the end of each other’s terrorist organization. Everyone is bent on telling terrorism higher than each other. The price of those innocent people has to be lost due to their lives and some people here call India an intolerant country.

भारत छोड़ कर दूसरे देश में बसने की बात करते हैं | जबकि दूसरे बड़े देशों बड़े आतंकी हमले हो रहे हैं | अमेरिका में अभी एक शख्स ने ‘अल्लाह हू अकबर’ बोलकर लोगों पर ट्रक चढ़ा दिया. जिसके बाद कई मुस्लिम देशों के लोगों की एंट्री पर ही बैन लगा दिया है | तो वहीँ चीन ने तो मुस्लिम लोगों से कुरान और नमाज़ की चटाई तक छीन ली |

Talk about leaving India and settling in another country While other major countries are facing big terror attacks In America, a person has ordered a truck on people to speak ‘Allah Hu Akbar’. After which the people of many Muslim countries have banned the entry of the people So China itself took away the Muslim people from the Koran and Namaz mat

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अभी अभी: गृह मंत्रालय ने दिए सेना को ऐसे खतरनाक आदेश, पाकिस्तान हुआ निहत्था- ट्रम्प समेत पुतिन भौंचक्के …

जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की तरफ से हालिया गोलीबारी के खिलाफ भारतीय फौज की जवाबी कार्रवाई पर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत की दुनिया में अब एक मजबूत देश के रूप में छवि बन चुकी है। हिंदुस्तान ने पूरी दुनिया को संदेश दे दिया है कि वह सरहद के इस पार ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर उस पार भी घुसकर दुश्मन को मार सकता है।

Union Home Minister Rajnath Singh has said that the image of India has now become a strong country in the world in response to the recent action against the recent firing by Pakistan in Jammu and Kashmir. Hindustan has sent a message to the entire world that it can not only cross this side of the border but, if necessary, can also cross the enemy and kill the enemy.

यूपी की राजधानी लखनऊ में भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ के एक दिवसीय महाधिवेशन को संबोधित करते हुए राजस्थान ने पाकिस्तान का जिक्र करते हुए कहा, ‘भारत अपने पड़ोसी के साथ अच्छे संबंध रखना चाहता है लेकिन पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। मैं आपको यकीन दिलाना चाहता हूं कि पूरे हिंदुस्तान का मस्तक हमारी सरकार कभी झुकने नहीं देगी।’

While addressing the one-day general meeting of the Indian Railways Freight Warehouse Workers Union in Lucknow, capital of UP, Rajasthan said referring to Pakistan, “India wants to have a good relationship with its neighbor, but Pakistan is not able to respond to its objections. Let me assure you that our government will never bow down to the whole of India. ”

बहादुर सैनिकों ने दिखाया करिश्मा
उन्होंने कहा, ‘भारत अब दुनिया में कमजोर नहीं बल्कि एक ताकतवर देश के रूप में जाना जाता है। आज से कुछ महीने पहले पाकिस्तान के कुछ आतंकवादी भारत की सीमा में घुस आए थे। उन्होंने हमारी सेना के जवानों पर रात में कायरतापूर्ण हमला करके 17 सैनिकों की जान ले ली थी। उसके बाद हमारे प्रधानमंत्री हमारे साथ बैठे और उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय देते हुए फैसला किया।’

Brave soldiers showed charisma
He said, “India is no longer weak in the world but is known as a powerful country. A few months ago some Pakistani terrorists had entered the Indian border. They had captured the soldiers of our army by shooting them in the night and killing 17 soldiers. After that our Prime Minister sat with us and he decided to give his introduction to his will.

गृह मंत्री ने कहा ‘उसके बाद हमारे बहादुर सैनिकों ने कैसा करिश्मा किया, यह आपको बताने की जरूरत नहीं है। पाकिस्तान की धरती पर जाकर आतंकवादियों का सफाया करने में वे पूरी तरह कामयाब रहे। हमने सारी दुनिया को यह संदेश दे दिया कि हम केवल इस पार ही नहीं, जरूरत पड़ी तो उस पार भी जाकर मार सकते हैं। भारत के अंदर यह ताकत पैदा हो गई है।’

The Home Minister said, ‘Then there is no need to tell you how our brave soldiers did charisma. They were fully successful in wiping out terrorists by visiting Pakistan’s soil. We gave the message to the whole world that we can not only cross this side, but if we need to, we can kill it too. Within India, this strength has come up.

बीजेपी सरकार देश का सिर झुकने नहीं देगी
उन्होंने कहा कि वह देश को यकीन दिलाना चाहते हैं कि बीजेपी की सरकार हिंदुस्तान + का सिर नहीं झुकने देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में देश की अर्थव्यवस्था बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। आर्थिक दृष्टि से भी यदि देखा जाए तो भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत की प्रतिष्ठा भी अंतरराष्ट्रीय जगत में तेजी से आगे बढ़ रही है। हमारे प्रधानमंत्री ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अब अंतर्राष्ट्रीय अर्थशास्त्री और विशेषज्ञ भी इसे स्वीकार करते हैं।

BJP government will not let the country bend
He said that he wants to convince the country that the BJP government will not bow down to Hindustan +. Under the leadership of Prime Minister Narendra Modi, the economy of the country is moving very fast. Even if seen economically, India is moving fast forward. India’s reputation is also growing rapidly in the international arena. Our Prime Minister has taken several important steps. Now international economists and experts also accept it.

राजनाथ सिंह ने रेलवे माल गोदाम श्रमिकों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि सबसे बड़ी बात यही है कि आपकी समस्याओं का अब तक समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह रेल मंत्री पीयूष गोयल और श्रमिक संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठकर चर्चा करेंगे।

Regarding the problems of railway warehouse workers, Rajnath Singh said that the biggest thing is that your problems have not been resolved so far. He assured that he would sit and discuss with the Railway Minister Piyush Goyal and representatives of the Labor Union.

रेल कर्मचारियों पर भी नजर
हमें बताया गया है कि अपने पसीने से रेलवे को बड़ी आमदनी कराने वाले रेलवे माल गोदाम श्रमिकों में से बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं, जिनकी पिछली पीढ़ियां भी रेलवे श्रमिक ही थे। इसके बावजूद उनके पास कोई पहचान-पत्र नहीं है और ना ही रेलवे के अस्पतालों में चिकित्सा की सुविधा प्राप्त है। वह इन समस्याओं का समाधान कराने की पूरी कोशिश करेंगे।

Railway employees look after
We have been told that there are also a large number of people from railway warehouse warehouses who earn huge earnings to the Railways from their sweat, whose previous generations were also railway workers. Despite this, he does not have any ID card and neither is the facility of medical facilities in railway hospitals. He will do his best to solve these problems.

रेलवे ने वर्ष 2030 तक तीन अरब टन माल ढुलाई का लक्ष्य तय किया है और रेलवे के नेटवर्क को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार पांच लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी।

Railways have set a target of three billion tonnes of freight traffic by the year 2030 and the central government will spend five lakh crores to increase the railway network.

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ब्रेकिंग : गुस्से में आये सेना के जवानों ने किया रौद्र रूप धारण, कर डाला ऐसा जबरदस्त कांड, पाक समेत चीन में आया भूचाल…

नई दिल्ली : जहाँ एक ओर भारत-चीन के बीच जबरदस्त तनाव चल रहा है, वहीँ पाकिस्तान भी अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रह है. बुद्धवार को पाकिस्तान ने ऐसी नीच हरकत कर डाली, जिसके बाद भारतीय सेना ने आपा खोते हुए पाकिस्तानी फ़ौज पर भयानक हमला बोल दिया, जिसमे पाकिस्तान का काफी नुक्सान होने की खबर है.

New Delhi: While there is tremendous tension between India and China, Pakistan too is not able to see its impractical movements. On Wednesday, Pakistan had made such a negative move, after which the Indian Army had a terrible attack on the Pakistani army losing its temper, in which there was a lot of loss of Pakistan.

पाक फ़ौज को कारगिल की दिलाई याद
दरअसल बुधवार को पाकिस्तानी फ़ौज ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में सीजफायर का उल्लंघन करते हुए भारी गोलीबारी और मोर्टार से हमला कर दिया. जिसके बाद भारतीय सेना ने पाक फ़ौज पर ऐसा भीषण हमला किया, जैसा कारगिल युद्ध के बाद आजतक नहीं किया था.

Kargil remembers Pak army
In fact, on Wednesday, Pakistani troops violated the siegefire in Poonch sector of Jammu and Kashmir and attacked with heavy firing and mortars. After that the Indian army did such a fierce attack on the Pak army, as Kargil did not do it after the war.

गुस्से में थी कि पाक फ़ौज से जुडी जो भी चीज सामने दिखी, उसे ही उड़ा दिया गया. पीओके में मेढ़र सेक्टर में भारतीय सेना ने कई पाक बंकरों को तबाह करते हुए सामने दिखने वाले पाक सैन्य वाहनों को भी उड़ा दिया. ऐसा भीषण हमला जिसे देख पाक फ़ौज में हड़कंप मच गया और अपने साथियों को मारे जाते देख पाक फ़ौज के सैनिक अपनी-अपनी जान बचाकर युद्ध मैदान से एक बार फिर भाग खड़े हुए.

Anything related to the Pak army was fired, it was blown away. In the PoK, the Indian Army in the Mercury Sector also blown up Pak Pakshi vehicles which were seen in front of the devastating many Pak bunkers. Seeing such a fierce attack that saw the Pak army rushing and killing their comrades, the Pak army soldiers managed to save their lives once again from the battlefield.

स्कूलों पर शैलिंग
दरअसल पाकिस्तान की फ़ौज हर बार भारतीय नागरिकों को निशाना बनाकर हमला करती है लेकिन इस बार तो नीचता की सभी हदें पार करते हुए पाक फ़ौज ने बच्चों के स्कूलों को भी निशाना बनाया. स्थानीय प्रशासन के मुताबिक पाक फ़ौज ने 25 स्कूलों पर मोर्टार से हमला किया. बताया जा रहा है कि स्कूल परिसर में मोर्टार आकर गिरे.

Schools on shoring
Indeed, Pakistan’s army attacks every time by targeting Indian nationals, but this time, crossing all the limits of meanness, the Pak army also targeted children’s schools. According to the local administration, the Pak army attacked the 25 schools with mortar. It is being told that mortar has fallen in the school premises.

पाक फ़ौज की इस नीचता पूर्ण हरकत को देखते हुए सभी प्रभावित स्कूलों को बंद कर दिया गया है. पुंछ के जिला विकास कमिश्नर ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनज़र स्कूल बंद कर दिए गए हैं. उन्होंने बताया कि यदि जरुरत पड़ी तो इलाके के अन्य स्कूलों को बंद करने के निर्देश भी दिए जा सकते हैं.

All affected schools have been closed in view of this malafide failure of the Pak army. Poonch district development commissioner said that schools have been closed in view of security. He told that if necessary, instructions may be given to close other schools in the area.

मंगलवार को नौशेरा में की थी फायरिंग
बता दें कि मंगलवार को पाक फ़ौज ने एलओसी पर नौशेरा सेक्टर में मोर्टार से हमला किया था. जिसके कारण इलाके के 9 स्कूलों में लगभग 200 बच्चे और स्कूल स्टाफ के सदस्य स्कूलों में फंस गए थे. सभी बच्चे पूरा दिन स्कूलों में फंसे रहे. जिसके बाद सेना ने बुलेट प्रूफ वाहनों की मदद से उनकी जान बचाते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले गए. सेना के अलर्ट रहने और सही वक़्त पर एक्शन लेने के कारण किसी भी बच्चे की जान नहीं गयी.

Firing was done in Nowshera on Tuesday.
Let us know that on Tuesday the Pak army had attacked the LoC with mortar in Naushra sector. Due to which around 200 children and school staff members were stuck in schools in 9 schools of the area. All children are stuck in school all day long. After which the army took them to safer places while saving their lives with the help of bullet-proof vehicles. No child was killed due to the army’s alert and taking action on the right time.

वहीं नौगाम सेक्टर में पाकिस्तान फ़ौज की गोलीबारी में भारतीय सेना के एक जवान की जान चली गयी थी. जिसके बाद सेना ने आपा खोते हुए पाकिस्तान फ़ौज को बारूद से नहला दिया. गौरतलब है कि अभी कुछ ही वक़्त पहले पाकिस्तान में भी स्कूल पर आतंकियों ने हमला किया था, जिसमे कई बच्चों व् अध्यापकों की जान चली गयी थी. इस घटना पर पाकिस्तान ने काफी बवाल मचाया था और भारत में भी इस घटना का विरोध किया गया था.

At the same time, the firing of a Pakistani soldier in the navigat sector was lost. After that, the army gave up the Pakistan Army with gunpowder while losing its temper. It is worth noting that at least a few days ago, in Pakistan, the school was attacked by terrorists, in which many children and teachers died. Pakistan had played a great deal on this incident and in India too the incident was opposed.

जिसके बाद पाक फ़ौज ने जिम्मेदार आतंकियों पर हवाई हमले करके उन्हें मार गिराया था. आज उसी पाकिस्तान को भारतीय बच्चों पर हमला करते शर्म नहीं आयी. इस नीचता का जो भी सबक उन्हें सिखाया जाए वो ही कम है.

After that, the Pak army had attacked and assaulted the responsible terrorists by attacking them. Today, the same Pakistan has not come ashamed to attack Indian children. The lesson that this lesson can be taught to them is very less.

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टूट गया कश्मीर के लोगों की सहनशीलता का बाँध, निःशस्त्र ही किया ऐसा भयंकर कांड, भारतीय जवान भी हुए हैरान”

PM मोदी का मिशन कश्मीर सफल हो रहा है. जवानो को खुली छूट दिए जाने से और आतंकियों को मरते देख कश्मीर के लोग अब निर्भीक हो गए हैं. अपने मजबूत प्रधानमंत्री और मजबूत सेना के साथ के कारण अब ना तो वो आतंकियों के फरमानों से डरते हैं और ना ही उनके नापाक इरादों से. कश्मीरियों में आतंकियों के खिलाफ क्रोध इतना अधिक है कि वो अब उनसे भिड़ने से भी नहीं डरते. सोमवार देर शाम भी कश्मीर में एक ऐसा ही हैरतअंगेज मंजर देखने को मिला, जिसे देख आतंकियों की आँखों में आतंक छा गया.

PM Modi’s mission Kashmir is going to succeed The people of Kashmir have become fearless after leaving the jawans free and the terrorists die. Due to his strong prime minister and strong army, he is neither afraid of the orders of the terrorists nor his nefarious intentions. The anger against the terrorists in Kashmiris is so much that they are no longer afraid to confront them. In the late evening on Monday, a similar surprise angle was seen in Kashmir, which saw terror in the eyes of the terrorists.

गांव के लोगों ने ही ठोका भयानक आतंकी
दरअसल हुआ कुछ ऐसा कि कुछ आतंकियों ने शोपियां में सत्ताधारी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के हलका प्रधान व पूर्व सरपंच की उसके घर के बाहर गोलियों से भूनकर हत्या कर दी. ये देख गांव के लोगों और नेता के परिजनों का गुस्सा फट पड़ा और उन्होंने आव-देखा ना ताव और आतंकियों पर निहत्थे ही टूट पड़े.

The people of the village have just hit the terrible terror
Indeed, it was something like that some terrorists had filled the bulk of the ruling People’s Democratic Party and the former sarpanch in Shopian after being shot dead by bullets outside his house. The anger of the people of the village and the leader of the leader was torn apart, and they were unaware of the necessity and the unarmed terrorists.

आतंकियों को गांव के लोगों से इसकी उम्मीद नहीं थी, जब तक वो कुछ समझ पाते, तब तक उनकी तबियत से धुनाई हो चुकी थी. लातों और घूंसों के बीच एक गांव वाले ने बी श्रेणी के खूंखार और पांच लाख के इनामी आतंकी शौकत अहमद फलाही की राइफल छीन ली और उसके सर का निशाना ले कर दाग दी.

The terrorists were not expecting it from the people of the village, till they understood something, their health had been washed away. Between the strangers and the buffaloes, a villager snatched the rifle of the B-class dreaded and five lakh of the renowned terrorist Shaukat Ahmad Falahi and targeted him with a target.

राइफल से खोपड़ी के परखच्चे उड़ा दिए
एक ही गोली से शौकत अहमद फलाही की खोपड़ी फट गयी, जबकि ये मंजर देख उसके दो अन्य आतंकी साथियों की जान हलक में आ गयी और वो सर पर पैर रखकर भाग खड़े हुए. शौकत 25 अक्टूबर 2016 को आतंकी बना था.

Blast the scalp with a rifle
Shaukat Ahmad Falahi’s skull was broken by the same bullet, while seeing the differences, the lives of two other militant associates came to a haphazardly and they ran away from the feet on the head. Shaukat was made terror on October 25, 2016.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आतंकियों के डर से पहले गांव के लोग कांपते और घबराते थे, मगर मोदी सरकार ने गांव के लोगों का साहस भी बढ़ा है. कांग्रेस के वक़्त में तो आतंकियों को मारने वालों को ही फंसा दिया जाता था और जेल में डाल दिया जाता था, यही वजह है कि पिछले 15 सालों में जम्मू-कश्मीर में ऐसा केवल तीन बार ही हुआ, जब ग्रामीणों ने किसी आतंकी को मौत के घाट उतारा हो.

For your information, tell that before the fear of terrorists, the people of the village were shivering and frightening, but the Modi government has also increased the courage of the people of the village. At the time of Congress, those who killed terrorists were trapped and thrown in jail, this is the reason that in the last 15 years, this happened only three times in Jammu and Kashmir when villagers killed a terrorist Take off

इससे पहले एक बार दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में बक्करवाल नाम के शख्स ने एक आतंकी को कुल्हाड़ी से काट डाला था. वहीँ जम्मू संभाग के राजौरी जिले में एक बहादुर लड़की रुखसाना ने आतंकी को कुल्हाड़ी से काट डाला था. जम्मू-कश्मीर पुलिस महानिदेशक डॉ. एसपी वैद ने भी ट्वीट कर इस घटना की जानकारी दी है

Earlier, once a man named Bakkarwal in Kulgam in south Kashmir, he had cut a terrorist with ax. In the Rajouri district of Jammu division, a brave girl Rukhsana had cut the terrorist with ax. Jammu and Kashmir Police Director Dr SP Vaid also tweeted the incident.

नेता को सेना का मुखबिर बता कर मारा
रात करीब आठ बजे स्वचालित हथियारों से लैस हिजबुल मुजाहिदीन के तीन आतंकी शोपियां जिले के जेनपोरा इमामसाहब के साथ सटे होमुन गांव में पहुंचे. आतंकी पीडीपी नेता मुहम्मद रमजान शेख (50) के घर में घुस गए और उसे बाहर ले आए. पीडीपी नेता के परिजन भी घर के बाहर आ गए. इसी बीच आतंकियों ने पीडीपी नेता के साथ मारपीट शुरू कर दी. आतंकियों के मुताबिक़ नेता सुरक्षा बलों का मुखबिर था और आतंकियों से जुडी जानकारी सेना तक पहुंचाता था.

Told the leader to be the informer of the army
At around eight o’clock in the night, three militants of Hizb-ul-Mujahideen, armed with automatic weapons, arrived in Homun village adjacent to Jenpora Imamsah of Shopian district. The terrorists entered the house of PDP leader Muhammad Ramzan Sheikh (50) and brought him out. The family of the PDP leader also came out of the house. Meanwhile, the terrorists started assault with the PDP leader. According to the militants, the leader was the informer of the security forces and used to bring the information related to the terrorists to the army.

इसी दौरान वहां शोर-शराबा सुनकर भारी संख्या में गांव वाले जमा हो गए और तभी आतंकियों का प्रतिरोध करने लगे. इसी दौरान आतंकियों ने अंधाधुंध गोलियों की बौछार कर दी, जिसमें पीडीपी नेता की जान चली गई. बस फिर क्या था, अपने सामने अपने ही नेता को मरते देख गांव वालों का माथा ठनक गया और वो आतंकियों से निहत्थे ही भिड़ गए.

In the meantime, a large number of villagers gathered in large numbers after listening to the noise and then started to resist the terrorists. In the meantime, the terrorists fired indiscriminate firing, in which the PDP leader’s life was lost. What was the matter, seeing the death of his own leader in front of him, the head of the villagers was shocked and he got confused with the terrorists.

बदल रहा है कश्मीर
आतंकियों की लातों-घूंसों से अच्छी सेवा की गयी. इस दौरान एक ग्रामीण ने आतंकी शौकत से उसकी राइफल छीनकर उसके सिर में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. शोपियां के एसएसपी एसआर अंबरकर ने बताया कि शौकत के अन्य दो साथियों को जिंदा अथवा मुर्दा पकड़ने के लिए पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली गई है और तलाशी अभियान जारी है.

Is changing k
Good service was done by the ghosts of the terrorists. During this time, a villager snatched his rifle from terror shock and shot him in his head, which killed him on his own spot. Shoppani’s SSP SR Ambarkar told that the other two companions of Shaukat have been segregated from the entire area to catch alive or alive and the search operations are in progress.

मानना पडेगा कि कश्मीर अब बदल रहा है. लोगों के दिल से आतंकियों का डर ख़त्म हो रहा है. पहले तो लोग आतंकियों की जानकारियां ही सेना तक पहुंचाते थे, मगर अब तो खुद ही आतंकियों का न्याय भी कर दे रहे हैं.

Must have to believe that Kashmir is now changing. Fear of terrorists is ending with the hearts of people. At first, people used to send information of terrorists to the army, but now they are also judging the terrorists themselves.

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https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

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खास खबर: पाकिस्तान पर हुआ जोरदार हमला: मौत का नंगा नाच, सैंकड़ों घायल..

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पाकिस्तान के सिंध प्रांत के सहवान कस्बे में स्थित लाल शाहबाज कलंदर दरगाह के भीतर आज रात एक आत्मघाती हमलावर द्वारा किए गए विस्फोट में करीब 150 लोगों की मौत हो गई और 250 से ज्यादा लोग घायल हो गए।

New Delhi / Team Digital About 150 people were killed and more than 250 people were injured in a blast carried out by a suicide bomber tonight in Lal Shahbah Kalandar Dargah, located in Sehwan town of Sindh province of Pakistan.

पाकिस्तान में एक सप्ताह के भीतर यह पांचवां आतंकी हमला हुआ है। हमलावर ‘सुनहरे गेट’ से दरगाह के भीतर दाखिल हुआ और पहले उसने ग्रेनेड फेंका लेकिन वह नहीं फटा।

This is the fifth terrorist attack in Pakistan within a week. The attacker entered the dargah from ‘Golden Gate’ and first he threw a grenade but he did not crack.

पुलिस के अनुसार यह धमाका सूफी रस्म ‘धमाल’ के दौरान हुआ। विस्फोट के समय दरगाह के परिसर के भीतर सैकड़ों की संख्या में जायरीन मौजूद थे। सहवान के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा, ‘‘उसने अफरा-तफरी मचाने के लिए पहले ग्रेनेड फेंका और फिर खुद को उड़ा लिया।’’

According to the police, this blast took place during the Sufi ritual ‘Dhamal’. At the time of the explosion, there were hundreds of Jairins in the dargah campus. Sehwan’s senior superintendent of police said, “He threw away the first grenade and then blown himself up for a rift.”According to the police, this blast took place during the Sufi ritual ‘Dhamal’. At the time of the explosion, there were hundreds of Jairins in the dargah campus. Sehwan’s senior superintendent of police said, “He threw away the first grenade and then blown himself up for a rift.”

गौरतलब है की पाकिस्तान पर हुए इस हमले की ज़िम्मेदारी इस्लाम के रहनुमा होने का दावा करने वाले संगठन ISIS ने ली है|

Significantly, ISIS has claimed responsibility for the attack on Pakistan, claiming to be a liar for Islam.

। पाकिस्तान में साल 2005 से देश की 25 से अधिक दरगाहों पर हमले हुए हैं।

हैदराबाद के आयुक्त काजी शाहिद ने कहा कि यह दरगाह दूरस्थ इलाके में स्थित है, ऐसे में हैदराबाद, जमशोरो, मोरो, दादू और नवाबशाह से एंबुलेंस एवं वाहनों तथा चिकित्सा दलों को मौके पर भेजा जा रहा है।

Hyderabad Commissioner Kaji Shahid said that this dargah is located in the remote area, in which such ambulances and vehicles and medical teams from Hyderabad, Jamsoro, Moro, Dadu and Nawabshah are being sent on the spot.

उन्होंने कहा, ‘‘अस्पतालों में आपात स्थिति घोषित कर दी गई है और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है।’’ सेना ने कहा कि सी130 विमान के जरिए घायलों को नवाबशाह लाया जाएगा। प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इस हमले की निंदा की पाकिस्तान के लोगों से ‘एकजुट होकर खड़े होने’ की अपील की।

He said, “An emergency has been declared in the hospitals and the rescue operation has been started.” The army said that the injured people will be brought to Nawabshah through the C 130 aircraft. Prime Minister Nawaz Sharif condemned the attack and urged the people of Pakistan to ‘stand united’.

यह भी देखे :

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

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अभी अभी: घाटी में शुरू हुआ ज़बरदस्त ग़दर, कश्मीर पुलिस ने ही भारतीय सेना के खिलाफ शुरू किया विद्रोह, दंग रह गए लोग

नई दिल्ली : हमारी भारतीय सेना के जवानों को कई तरह के दुश्मनों का सामना करना पड़ता है, कभी सीमा पार से आ रहे दुश्मनों से, कभी देश के अंदर पल रहे दुश्मनों से तो कभी पुलिस से. जी हाँ आप भी दंग रह जाएंगे, कश्मीर से आ रही है बेहद हैरान करने वाली खबर यहाँ खुद कश्मीर पुलिस ने भारतीय सेना के खिलाफ विद्रोह छेड़ दिया है.

कश्मीर पुलिस का ट्रैक रिकॉर्ड पहले भी बहुत खराब रहा है, कई पुलिसवाले हथियार समेत भागने या गायब होने की खबर आती रहीं और बाद में वे आतंकी संगठन में शामिल पाए गए हैं. तो कई बार आतंकवादी इन पुलिसवालों से बड़ी आसानी से हथियार छीन कर भाग जाते हैं. अभी तक तो सीएम मुफ़्ती ही सेना के खिलाफ थी आज तो हद पार हो गयी कश्मीर पुलिस ने भी सेना पर ही FIR करवा दी.

J&K पुलिस ने सेना के ही खिलाफ छेड़ा विद्रोह
अभी मिल रही बड़ी खबर अनुसार जम्मू-कश्मीर में एक कॉलेज लेक्चरर की मौत के मामले में पुलिस ने अपनी जांच में भारतीय सेना के 23 जवानों को जिम्मेदार ठहराया है. ये सभी जवान सबसे खतरनाक रेजिमेंट 50 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) से ताल्लुक रखते हैं. कश्मीर पुलिस ने इसी के साथ इन जवानों के खिलाफ केंद्र में मोदी सरकार से केस चलाने की इजाजत मांगी है.

ये सेना को बदनाम करने की बड़ी साज़िश है. आज इन पथरबाज़ों का समर्थन ये पुलिस कर रही है जब यही पत्थरबाज बाढ़, भूकंप में डूब रहे होते हैं तब यही सेना के जवान अपनी जान पार खेलकर सबको बचते हैं और बदले में उन्हें क्या मिलता है सिर्फ पत्थर, पैट्रॉल बम. कश्मीर में ऊँचे स्तर पर सफाई की ज़रूरत आ गयी है आज, क्यूंकि देखा गया है जब भी कोई आतंकी मारा जाता है ये लोग उसके जनाजे में पाकिस्तान का झंडा ISIS का झंडा लहराते हुए देशविरोधी नारे लगाते हैं.

गौरतलब है कि अगस्त 2016 में सेना की हिरासत में 30 वर्षीय एक लेक्चरर की मौत हो गई थी, जिसके लिए 23 जवानों को जिम्मेदार ठहराया गया था. ये वहीँ सेना के जवान हैं जिन्हे कश्मीर में आतंकवादियों के खात्मे के लिए बुलाया जाता है. ये वही सेना के जवान हैं जो पथरबाज़ों का सामना न कर पाने में असमर्थ पुलिस के बचाव में आते हैं.

अवंतिपुरा एसएसपी मो.जाहिद ने बताया, “दो हफ्ते पहले इस मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने जांच पूरी की थी. अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है। हमें उनके (सेना के लोगों) खिलाफ केस चलाने के लिए ऑर्म्ड फोर्सेस स्पेशल पावर्स एक्ट (एएफएसपीए) के तहत मंजूरी चाहिए होगी.

केंद्र में मोदी सरकार हमेशा से सेना के साथ खड़ी है, सेना के साथ कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा.
इससे पहली अभी सीएम मुफ़्ती ने सेना के मेजर आदित्य के खिलाफ FIR करवाई थी. जिसका केस सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. मेजर आदित्य कुमार के पिता द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करने के लिए शुक्रवार (9 मार्च) को राजी हो गया. जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने गोलीबारी की एक घटना में नागरिकों की जान लेने के आरोप में मेजर के खिलाफ FIR दर्ज की थी.

10 गढ़वाल राइफल्स के मेजर कुमार और अन्य सैनिकों पर खुलेआम गोलीबारी करते हुए तीन पत्थरबाजों की मौत हो गयी थी. दरअसल जब 27 जनवरी को शोपियां जिले में गनोवपोरा गांव के पास भीड़ ने सेना के काफिले पर पत्थरबाजी करते हुए हमला किया था. इसके बाद 300 पत्थरबाजों की भीड़ ने सेना के वाहन को घेरकर उसमे आग लगा दी थी और सेना के अफसर को ज़िंदा जलाने जा रहे थे.

जिसके बाद आखिर सेना के जवान ने वही किया जो हर सैनिक को करना चाहिए था. वो अपने साथी अफसर को ज़िंदा जलते और तड़प तड़प के अमरते हुए कैसे देख सकता था और ना ही कायरों की तरह पीठ दिखाकर भाग सकता था. उसने तुरंत हवाई फायरिंग करके अपने साथी अफसर की जान बचायी. लेकिन अफ़सोस इस साहसी कार्य के लिए हमारी सेना को आज अदालत के कटघरे में खड़े हो कर अपनी बेगुनाही साबित करनी पड़ रही है.

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source bharti news

बड़ी खबर: रक्षा मंत्री निर्मला का बड़ा सनसनीखेज बयान, फ्रांस को लेकर किया ये बड़ा फ़ैसला, पाकिस्तान और चीन में बढ़ा तैनाव !

देश की नयी रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए फ्रांस को लेकर ये खास फ़ैसला लिया है. देश की नयी रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार एक के बाद एक फ़ैसले लेती जा रही हैं और अब देश की सीमाओं को और पुख्ता करने और वायुसेना को और ताक़त देने के मकसद से एक बड़ा कदम उठाया है.

The country’s new defense minister, Nirmala Sitharaman, took another major step and took a special decision regarding France. The country’s new Defense Minister, Nirmala Sitharaman is taking one step after another and now has taken a major step to strengthen the borders of the country and to strengthen the IAF.

गुरुवार को ग्वालियर पहुँचीं रक्षामंत्री कहा कि फ्रांस से राफेल विमान को लेकर बुधवार को ही उनके पास फ्रांस की रक्षा मंत्री का फोन आया है, जिसमें राफेल विमान की डील को लेकर अच्छी बात हुई है. दरअसल भारत और फ्रांस के बीच होने वाले सबसे महत्वपूर्ण सौदे राफेल विमानों की डील सबसे बड़ी है. भारत और फ्रांस की इस सामरिक डील में कहीं न कहीं ग्वालियर भी है क्योंकि 27 जुलाई 2013 में फ्रांस के तत्कालीन रक्षामंत्री वाय वेस ली ड्रियान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ग्वालियर भी आया था.

Defense Minister, who reached Gwalior on Thursday, said that on Wednesday about the Rafael aircraft from France, he has received a phone call from the Defense Minister of France, in which there is good talk about the deal of Rafael aircraft. Indeed, the most important deal between India and France is the deal of Rafael planes. This strategic deal of India and France is also somewhere in Gwalior as there was a delegation of Gwalior under the leadership of the then French Defense Minister Y Veis Le Dreyan in July 27, 2013.

ग्वालियर पहुंची रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने मिराज के कॉकपिट में बैठकर फाइटर विमान की कई बारीकियों को करीब से जाना और समझा. इस दौरान रक्षामंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें रक्षामंत्री का दायित्व इस निर्देश के साथ दिया कि वह तीनों सैन्य अमले के हर एक जवान की समस्याओं, चुनौतियों को करीब से समझते हुये उनका निराकरण कर सकें.

Defense Minister Nirmala Sitharaman, who arrived at Gwalior, sat in the cockpit of Miraj and got close to the many nuances of fighter aircraft. During this, the Defense Minister said that the Prime Minister had given him the responsibility of the Defense Minister with the directive that he could solve the problems, challenges and challenges of each of the three army personnel and solve them.

इसके अलावा समान काम, समान वेतन सहित सीमा पर तैनात जवानों को अच्छे भोजन सहित बुनियादी सुविधाएं मिलें. उन्होंने कहा कि उन्हें इन मसलों पर कई सुझाव अधिकारियों और जवानों के जरिये मिले हैं, जिन पर पॉलिसी के तहत कार्य जारी है.

Apart from this, the jawans deployed along the border with equal work, equal pay, get basic facilities including good food. He said that he has got many suggestions on these issues through officers and jawans, who are under the policy.

ग्वालियर एयरबेस पर करीब चार घंटे तक ग्वालियर एयरबेस पर रही देश की रक्षामंत्री ने उम्मीद जताई कि यदि सब कुछ ठीक रहा तो फ्रांसीसी मिराज की तरह आगामी दिनों में राफेल ग्वालियर के एयरबेस की शान बन सकता है. अगर एमओयू प्रभावी होता है, तो ग्वालियर उन एयरबेस में शामिल हो सकता है, जहां फ्रांस के फाइटर जेट की दूसरी पीढ़ी गर्जना करेगी.

The country’s Defense Minister on Gwalior Airbase, who was on Gwalior Airbase for nearly four hours, hoped that if everything was okay, like the French Mirage, the glory of RAFEL Gwalior’s airbase could come in the coming days. If the MOU is effective, then Gwalior can join the airbase, where the second generation of French jet fighter will roar.

आपको बता दें कि राफेल से पहले फ्रांस के मिराज 2000 भी यहां मौजूद हैं और राफेल अंतरराष्ट्रीय रक्षा उत्पाद के बाजार में पांचवीं पीढ़ी के दुर्लभ विमानों में से एक है

Let us tell you that Mirage 2000 of France is also here before Rafael, and Rafael is one of the fifth generation rare aircraft in the international defense product market.

देश की रक्षा मंत्री बनने के बाद अल्प प्रवास पर गुरुवार को ग्वालियर पहुंचीं निर्मला सीतारमण ने इस दौरान एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि देश को बार-बार 56 इंच का सीना दिखाने की जरुरत नहीं है. उन्होंने कहा कि एलओसी से संबंधित मामलों को डील कर रहे हैं और रक्षा से जुड़े मामलों में जमीनी स्तर पर काम चल रहा है. उन्होंने कहा कि बॉर्डर पर सीजफायर उल्लंघन के कुछ मामले सामने आ रहे हैं, आतंकी घटनाएं हुई हैं और ऐसे सभी संबंधित मामलों को लेकर रक्षा मंत्रालय गंभीर है.

Nirmala Sitharaman, who reached Gwalior on Thursday after being appointed Defense Minister of the country, gave a big statement during this time that the country does not need to show a 56-inch chest repeatedly. They said that they are dealing with matters related to the LoC and work on the field related to defense is going on at the grassroots level. He said that there are some cases of seizure violation on the border, terror incidents have taken place, and the Defense Ministry is serious about all such matters.

निर्मला सीतारमण ने कहा कि हमारी कोशिश है कि देश को नुकसान न हो, और साथ ही महायुद्ध के हालात न बनें, हमें बार-बार 56 इंच का सीना दिखाने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि यदि हालात विपरीत बनते हैं, तो सेनाएं हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं. रक्षामंत्री ने ग्वालियर एयरफोर्स स्टेशन का निरीक्षण किया और इस दौरान साथ ही सुखोई, मिराज, मिग-21 और जगुआर जैसे फाइटर विमानों के बारे में बारीकी से जानकारी भी ली.

Nirmala Sitharaman said that it is our effort that the country should not be harmed, as well as the situation of World War II, we do not need to show a 56-inch chest repeatedly. He said that if the situation becomes contrary, then the forces are ready to deal with every situation. The Defense Minister inspected the Gwalior Air Force Station and during this time, he also briefly got information about fighter aircraft like Sukhoi, Miraj, MiG-21 and Jaguar.

पाकिस्तान और चीन के साथ सीमा पर बढ़ते झगड़े के बीच रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने खास बयान दिया. उन्होंने कहा कि सीमा से संबंधित मुद्दों को व्यापक तरीके से संभाला जा रहा है. हालांकि, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि इससे देश को नुकसान न हो. सीतारमण ने यह भी कहा, ‘हम जंग के रास्ते पर नहीं जा रहे, लेकिन मैं यह कहना चाहूंगी कि हमारी सेनाएं किसी भी हालात से निपटने के लिए तैयार हैं.’

Defense Minister Nirmala Sitharaman gave a special statement amidst growing conflicts with Pakistan and China. He said issues related to border are being handled in a broad way. However, it is also being ensured that this does not harm the country. Sitharaman also said, “We are not going on the path of war, but I would like to say that our armies are ready to deal with any situation.”

सीतारमण ने यह बयान ऐसे वक्त में दिया है, जब पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन के मामले थमने के नाम नहीं ले रहे. शुक्रवार को ही पाकिस्तान की ओर से स्नाइपर फायरिंग में बीएसएफ का एक जवान शहीद हो गया. यह घटना अर्निया सेक्टर में हुई. घायल होने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. जवान की पहचान कॉन्स्टेबल ब्रिजेंद्र बहादुर के तौर पर हुई है। वह यूपी के बलिया जिले के रहने वाले थे.

Sitharaman has given this statement at a time when the issue of violation of the seizure violation by Pakistan is not taking place. On Friday, a BSF jawan died in the sniper firing on behalf of Pakistan. This incident happened in Arnia sector. After being injured, he was taken to the hospital, where doctors declared him dead. The young man has been identified as Constable Brigendra Bahadur. He was a resident of Ballia district of UP.

आपको बता दें कि बीते तीन दिनों से पाकिस्तान द्वारा सीमा पर सीजफायर उल्लंघन जारी है. बुधवार और गुरुवार को बिना किसी उकसावे पाकिस्तान की ओर से इंटरनैशनल बॉर्डर और लाइन ऑफ कंट्रोल पर की गई फायरिंग में तीन भारतीय जवान घायल हो गए थे. भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दो पाकिस्तानी जवान मार गिराए थे। इस साल अगस्त तक पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन के 285 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, 2016 में पूरे साल के दौरान 228 सीजफायर उल्लंघन के मामले सामने आए थे.

Let us tell you that for the last three days, the seizure of infringement on the border continues to be Pakistan. Three Indian soldiers were injured in firing on International Border and Line of Control from Pakistan without any provocation. India retaliated with two Pakistani soldiers who were killed. By August this year, 285 cases of seizure violation have been reported from Pakistan. At the same time, cases of violation of 228 siegefire during the whole year were revealed in 2016.

सीमा पर झगड़ा सिर्फ पाकिस्तान के मोर्चे पर नहीं है. चीन से भी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर टकराव लगातार जारी है. सिक्किम सेक्टर के डोकलाम में तो दोनों देशों की फौज महीनों तक एक दूसरे के सामने जमी रही. वहीं, लद्दाख में पेंगॉन्ग झील के नजदीक भी दोनों देशों के जवानों में झड़प की खबरें सामने आ चुकी हैं. भारतीय सेना प्रमुख भी भविष्य में कई मोर्चों पर एक साथ जंग की आशंका जता चुके हैं.

The quarrel over the border is not just on the Pakistan front. There is continuous confrontation with China on Line of Actual Control. In the Sikkim sector, the army of both countries remained in front of each other for months. At the same time, news of the clash has come out in the two countries, near the Lake of Pengong in Ladakh. The Indian Army chief has also feared a war with many fronts in the future.

आपको बता दें कि निर्मला सीतारमण तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ रोज़ बैठक कर रही हैं. रक्षा मंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए है कि तीनों सेनाओं के लिए जरूरी साजो-सामान और हथियारों की खरीद में बिल्कुल भी देरी नहीं होनी चाहिए.

Let us tell you that Nirmala Sitharaman is meeting daily with the heads of all the three forces. The Defense Minister has given clear instructions to the officials that there should not be any delay in procurement of necessary equipment and weapons for the three services.

रक्षा मंत्री ने तीनों सेनाओं और कोस्ट गार्ड से ऐसे सभी बेसों और जगहों की जानकारी मांगी हैं जहां वह जा सकती हैं और अगले एक साल में रक्षा मंत्री ने दुनिया के सबसे ऊंचे युद्ध क्षेत्र सियाचिन से लेकर कन्याकुमारी और गुजरात के कच्छ से लेकर उत्तर पूर्व में अरुणाचल बॉर्डर तक तीनों सेनाओं के हर बेस में जाने का लक्ष्य रखा है.

The Defense Minister has sought information from all three forces and coast guards where he can go and in the next one year, the Defense Minister ranges from Siachen to the world’s highest battlefield and Kanyakumari and Kutch of Gujarat to the north east. By Arunachal border, the goal of going to every base of the three armies has been fixed.

महिला रक्षा मंत्री के तौर पर निर्मला सीतारमण ने साउथ ब्लॉक में अपने ऑफिस में सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक काम करना शुरू कर दिया है और आने वाले दिनों में निर्मला सीतारामण काम के बल पर अपनी अलग पहचान बनाने में जुट गई हैं.

Narmala Seitraman, as the Defense Minister of Women, has started working from 9 am to 9 pm in South Block in his office and in the coming days

source dainik bharat

जोरदार हमला: मोदी सरकार ने दिया सेना को ऐसा जानलेवा बख़्तर, चीन समेत पाक में मची तबाही !

नई दिल्ली दुश्मनों से निपटने के लिए मोदी सरकार भारतीय सेना को वैसे तो कई तरह के आधुनिक हथियार और बुलेट प्रूफ जैकेट दे ही रही है, मगर इस बार सरकार ने एक ऐसा जबरदस्त फैसला लिया है, जिससे दुश्मनों में तबाही मचाने के लिए भारतीय सेना को काफी सहायता मिलने जा रही है. भारतीय सेना को मिलने जा रहे इस हथियार का जवाब चीन और पाकिस्तान सेना के पास भी नहीं है.

In order to deal with the enemies of the New Delhi, Modi Government has been giving various types of modern weapons and bullet proof jackets to the Indian Army, but this time the government has taken such a tremendous decision, to help the Indian Army There is a lot of support going on. The answer to this weapon going to meet the Indian Army is not even with the Chinese and Pakistan army.

बुलेट प्रूफ बंकरों से करेंगे दुश्मनों का विनाश
दरअसल अब भारतीय सेना ऐसे बंकर बनाने जा रही है जो पोर्टेबल और बुलेट प्रूफ हों. पत्थर और मिट्टी के बंकरों की जगह पर ऐसे बंकरों का निर्माण किया जाएगा, जो स्टील के हों और मजबूत हों. पाकिस्तान और चीन की चुनौतियों से मोर्चा लेने वाले जवानों को ऐसे बंकर मिलने से वो दुश्मन के हमले से सुअक्षित रह सकेंगे और मजबूती से दुशमन पर धावा बोल सकेंगे.

Bullet proof bunkers will destroy the enemies
Indeed, the Indian Army is going to build a bunker, which is portable and bullet proof. Bunkers will be constructed at the place of stone and soil bunkers, which are steel and strong. By getting such bunkers from the challenges of Pakistan and China, such a bunker will be able to stay safe with the enemy attack and will be able to rush firmly on the enemy.

नए बंकरो के निर्माण का उद्देश्य सुरक्षा मानकों को और मजबूत करना है. इसके लिए ज्यादा से ज्यादा मात्रा में बुलेटप्रूफ सामान का प्रयोग किया जाएगा, जिनमें जैकेट और गाड़ियां भी शामिल हैं. यानी बंकर भी बुलेट प्रूफ होंगे, साथ ही जवान बुलेट प्रूफ जैकेट पहने होंगे और उनकी गाड़ियां भी बख्तरबंद होंगी, जो दुश्मन की गोलियां आसानी से झेल जाएंगी और जवानों की जान बचा लेंगी.

The objective of building new bunkers is to strengthen security standards. For this, bulletproof bags will be used in maximum quantities, including jackets and trains. That means the bunker will also be bullet proof, as well as the youth will be wearing bullet proof jackets and their vehicles will also be armored, which will easily catch the enemy pills and save the lives of the soldiers.

बता दें कि कांग्रेस ने अपने 60 साल के राज में सेना के जवानों की सुरक्षा की ओर कभी कुछ ख़ास ध्यान नहीं दिया. जवान मिटटी व् पत्थरों के बंकरों से दुश्मन से लोहा लेते आये हैं और ऐसे बंकरों के कमजोर होने के कारण जवानों को असमय ही अपनी जान से हाथ धोना पड़ता था.

Let us state that the Congress has never given special attention towards the security of the army personnel in its 60-year rule. Young men have come from the land of the bunks of clay and stones, and due to the weakness of such bunkers, the soldiers had to wash their lives in the meantime.

मिटटी के नहीं, फौलाद के होंगे बंकर
सेना के इस कदम के पीछे मुख्य उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था और चाक-चौबंद करने के साथ सेना को स्थानीय जरूरतों के अनुसार तैयार करना है. विदेशी उपकरणों पर निर्भरता कम कर सेना को घरेलू हालात में और मजबूत बनाना ही भारतीय सेना की प्राथमिकता है.

Not of soil, steel can be bunker
The main objective behind this move of the army is to make the army in accordance with the local needs, with the security system and chalking. Reducing dependence on foreign equipment and strengthening the army in the domestic situation is the priority of the Indian Army.

बता दें कि इस वक्त सेना में 2 तरह के बंकर इस्तेमाल किए जाते हैं. पत्थर और मिट्टी वाले बंकर मजबूती के लिहाज से ठीक नहीं होते. दुश्मनों का हमला झेलने की इनकी क्षमता नहीं होती और जल्द ही ध्वस्त हो जाते हैं. दूसरे बंकर स्टील वाले होते हैं, जिनका निर्माण मुश्किल होता है. इन स्टील के बंकरों पर दुश्मन की गोलियों का असर नहीं होता और इनमे कुछ ऐसे छेद बने होते हैं, जिनसे जवान दुश्मनों पर गोलियां चलाते हैं

Explain that two types of bunkers are used in the army at this time. Boulders with stones and soil are not well enough in terms of strength. They do not have the ability to withstand the attack of enemies and they are destroyed soon. The second bunker is steel, which is difficult to construct. These steel bunkers are not affected by enemy bullets and some of these holes are formed by which the young soldiers firing on enemies

मगर अब कोयटंबूर की अमृता यूनिवर्सिटी ने एक ऐसे बंकर मॉडल का निर्माण किया है, जो हल्के स्टील से बना है और बीच में प्लाइवुड का इस्तेमाल किया गया है, ये बंकर बनाने आसान भी हैं और जवानों की रक्षा करने में भी बेहतरीन हैं. सेना को ये बंकर मिलने से हर जवान की ताकत कई गुना तक बढ़ जायेगी.

Now Amrita University of Coetambur has built a bunker model which is made of light steel and plywood is used in the middle, these bunkers are easy to make and are also excellent in protecting the soldiers. By getting this army bunker, the strength of every young man will increase manifold.

बड़ी खबर: सेना के खिलाफ महबूबा सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम, PM मोदी समेत रौद्र रूप में आये सेना के जवान..

जम्मू : फर्जी सेकुलरिज्म की आड़ में किस तरह से देशद्रोही तत्व पनप रहे हैं, इसका अंदाजा आपको ये ताजा मगर दिल दहला देने वाली खबर को पढ़कर हो जाएगा. जिहादी मानसिकता देशभर में तेजी से फ़ैल रही है. भारतीय सेना तक को बक्शा नहीं जा रहा है और सेना का मनोबल गिराने की बड़ी साजिश एक बार फिर शुरू हो गयी है.

Jammu: In what way the anti-trafficking elements are flourishing under the guise of fake secularism, it will be understood by reading this latest but heartwarming news. The jihadi mentality is spreading rapidly across the country. The Indian army is not being expelled and the big conspiracy to demoralize the army has started once more.

पत्थरबाजों को मासूम बता कर सेना के मेजर और सैनिक पर ह्त्या का केस
जब भी आप दंगों, पत्थरबाजी जैसी खबर पढ़ते हैं तो आपके मन में सवाल आता होगा कि आखिर पुलिस दंगे करने वालों को सीधे गोली क्यों नहीं मार देती? क्यों दंगाइयों के खिलाफ एक्शन लेने से हिचकिचाता है प्रशासन?

The Case of the Army Major and the Army on the Army by telling the Marathas innocent
Whenever you read news like riots, stones, then there will be a question in your mind about why police do not kill people directly to the riots? Why is the administration hesitant to take action against the rioters?

सेना पर पत्थर फेकने वालों और आतंकवादियों को बचाने वालों को गोली क्यों नहीं मार दी जाती? ऐसे सवा आपके मन में उठते होंगे. आज आपको इन सवालों का जवाब मिल जाएगा. इसका जवाब हैं उच्च पदों पर बैठे हुए जिहादी, जो अपने जिहादी भाइयों को बचाने के लिए जी-जान लगा देते हैं.

अपनी छाती पर गोली खा कर देश के प्रत्येक नागरिक की रक्षा करने वाली भारत की महान सेना पर जब आतंकी गोलियां बरसा कर और पत्थरबाज पत्थर बरसा कर थक गये तो कश्मीर की महबूबा सरकार ने अब सेना का मनोबल गिराने का बीड़ा उठा लिया है.

मारे गए थे दो आतंक समर्थक पत्थरबाज
कल ही कश्मीर के शोपियां में कश्मीरी पत्थरबाजों ने भारतीय सेना के काफिले को घेर लिया और लगे पत्थरबाजी करने में. आतंक समर्थक इन पत्थरबाजों से अपने जीवन की रक्षा करने के लिए सेना ने हवा में गोलियां चलायीं, मगर दो गोलियां पत्थर फेकने वाले कट्टरपंथियों को जा लगीं. बस फिर क्या था, फ़ौरन देश के मीडिया ने पत्थरबाजों को मासूम नागरिक व् भटके हुए नौजवान करा दिया और सेना को ही हत्यारा बता दिया.

Two terror terrorists were killed
In Kashmir’s Shopian yesterday, Kashmiri stone-bearers surrounded the convoy of the Indian Army and engaged in rocketing. To protect their life from terrorists, the military launched fire in the air, but two bullets went to the fanatics throwing stones. What was just then, the media of the country immediately gave the stonebaughters to innocent civilians and strayed young men and told the army to be the killers.

महबूबा सरकार ने देर ना करते हुए आत्म रक्षा कर रहे सेना के जांबाजो पर हत्या अर्थात 302 के साथ साथ बेहद घातक 307 धारा दर्ज करवा दी है. बता दें कि सेना की 10वीं गढ़वाल यूनिट पर पत्थरबाजों ने भारी पथराव किया था, सैनिकों को अपनी आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी. जिससे दो पत्थरबाज मौके पर ही मारे गए और 9 पत्थरबाज घायल हो गये.

जिसके बाद कश्मीर पुलिस ने पत्थरबाजों को मासूम करार देते हुए गढ़वाल यूनिट के एक मेजर और एक अन्य सैनिक पर हत्या और हत्या के प्रयास के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया. वहीँ इस मामले की जानकारी होते ही राष्ट्रवादी संगठनो में आक्रोश की लहर दौड़ गयी है.

After which the Kashmir Police filed the lawsuit against the killers and murders of a Major and another soldier of the Garhwal unit while treating the stone slabs as innocent. As soon as the matter is known, the wave of resentment has risen in the nationalist organizations.

जिहादियों को उच्च पदाधिकारियों व् नेताओं का संरक्षण
आपको याद होगा कि इससे पहले मेजर गोगोई ने हालात काबू में रखने के लिए एक पत्थरबाज को जीप के बोनट पर बाँध दिया था. जिसके बाद तथाकथित सेकुलरों ने खूब बवाल मचाया था. कांग्रेस ने तो अपने शासनकाल में कर्नल पुरोहित, कर्नल डी के पठानिया, मेजर उपेन्द्र और मेजर उपाध्याय जैसे वीरों को बाकायदा फर्जी केसों में अपराधी तक बना डाला था, क्योंकि ये लोग जिहादियों के खिलाफ देश की रक्षा कर रहे थे.

Protection of high officials and leaders of jihadis
You must remember that before this, Major Gogoi had tied a stonecutter on the jeep’s bonnet to control the situation. After which the so-called secularists had played a great role. In the course of the Congress, the Congress had made the warriors like Colonel Purohit, Colonel DK Pathania, Major Upendra and Major Upadhyay in the fictitious case, as they were protecting the country against the jihadis.

कश्मीर में महबूबा सरकार ने भी सभी हदें पार कर दी हैं, एक ओर तो वो पत्थरबाजों के खिलाफ केस वापस ले रही है, दूसरी ओर सेना के अधिकारियों व् जनावों के खिलाफ ही फर्जी मुक़दमे दायर किये जा रहे हैं, जबकि इस मामले में सेना के प्रवक्ता ने बाकायदा बयान जारी करके कहा है कि जो कुछ भी हुआ, वो सब आत्मरक्षा के लिए किया गया था.

The Mehbooba government has also crossed all limits in Kashmir, on one hand it is withdrawing the case against stone makers, on the other hand, false cases are being filed against the army officers and the people, while in this case the army The spokesperson has issued a statement and said that whatever happened, all that was done for self defense.

अब यहाँ सवाल ये उठ रहा है कि क्या सेना के उन वीर जवानों को पत्थरबाजो के पत्थर खाने के लिए कश्मीर भेजा गया था? क्या ड्यूटी पर तैनात सेना के अधिकारी या सैनिक पर पत्थर फेकना जघन्य अपराध नहीं होता?

यह भी देखें:

https://youtu.be/LvTwV08DsAo

https://youtu.be/gxWa3r-mlh0

source zee news