अपने बयान से पलटे नवजोत सिंह सिद्धू, बोले- राहुल जी ने मुझे कभी पाकिस्तान जाने को नहीं कहा

नई दिल्ली : नवजोत सिंह सिद्धू का पाकिस्तान दौरे का विवाद और फिर वहां खालिस्तानियों से मिलने का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. कल ही सिद्धू ने एलान किया था कि उनके असली कप्तान राहुल गाँधी हैं और वे पाकिस्तान दौरे पर उन्ही के कहने पर गए थे साथ ही अमरिंदर सिंह सिर्फ सेना का कप्तान बताया था.

तो वहीँ अब चारों तरफ उनकी आलोचना होने लगी थी यही नहीं खुद कांग्रेस के नेता उनके पीछे हाथ धो के पड़ गए हैं. इस साबके के बीच आज नवजोत सिंह सिद्धू ने बड़ा यू टर्न मार लिया है.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक कांग्रेस नेता और पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू शनिवार को अपने उस बयान से पलट गए जिसमें उन्होंने शुक्रवार को कहा था कि करतारपुर साहिब कॉरिडोर के शिलान्यास कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान जाने को पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था. अपने बयान से यू-टर्न लेते हुए सिद्धू ने शनिवार को कहा कि राहुल गांधी ने मुझे कभी पाकिस्तान जाने को नहीं कहा.

सिद्धू ने अपने बयान पर सफाई देते हुए ट्वीट किया, ‘तोड़-मरोड़ करने से पहले तथ्य को जान लें. राहुल गांधी जी ने मुझे कभी पाकिस्तान जाने को नहीं कहा. पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के व्यक्तिगत आमंत्रण पर मैं वहां गया था.’

पाकिस्‍तान में करतारपुर कॉरीडोर के शिलान्‍यास कार्यक्रम में शिरकत करके लौटे कांग्रेस नेता और पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पर उन्‍हीं की पार्टी के नेता उनके कपड़े फाड़ने लगे हैं. सिद्धू ने कार्यक्रम से लौटने के बाद कहा था ‘मेरे कैप्‍टन राहुल गांधी हैं, उन्‍हें जहां जरूरत लगी, मुझे भेजा.’ इस पर पंजाब के मंत्री तृप्‍त राजिंदर बाजवा ने सिद्धू से इस्‍तीफा मांगा है.

बाजवा ने शनिवार को कहा ‘अगर राहुल गांधी की बात है तो वह हम सबके कैप्‍टन हैं. पंजाब में हमारे कैप्‍टन अमरिंदर सिंह हैं. अगर सिद्धू साहब के मन में कोई आशंका है कि पंजाब के कैप्‍टन कैप्‍टन अमरिंदर सिंह नहीं हैं तो मेरे ख्‍याल से उनकी नैतिक जिम्‍मेदारी बनती है कि वह कैबिनेट से इस्‍तीफा दे दें. मैं सिद्धू साहब से अपील करना चाहूंगा बाकी मानना ना मानना उनका काम है. सिद्धू साहब आप स्‍पेशल व्‍यक्ति हो, आप पर रब की मेहर है.’

बाजवा ने आगे कहा ‘सिद्धू साहब आपको रब ने एक्‍स्‍ट्रा क्‍वालिटी दी है. मैं आपसे अपील करुंगा, आपके सपने बहुत बड़े हैं. रब करे आपके सपने पूरे हों. लेकिन जिस तरह से आप बिना सोचे-समझे बोले जा रहे हो, मेरा ख्‍याल है यह तेजी आपको कहीं पहुंचने नहीं देगा. अगर मेरी बात का बुरा लगे तो मुझे माफ कर देना. हमारे कैप्‍टन कैप्‍टन अमरिंदर सिंह है. हिंदुस्‍तान में हम सबके कैप्‍टन राहुल गांधी है.’

उन्‍होंने कहा ‘सिद्धू साहब को समझ नहीं आ रहा कि उन्‍हें क्‍या कहना है और क्‍या नहीं कहना है. उन्‍होंने कहा कि राहुल गांधी ने उन्‍हें पाकिस्‍तान भेजा है लेकिन आज वह उस बात से मुकर गए.’

बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फेंस के दौरान सिद्धू ने कहा था कि उन्हें राहुल गांधी ने ही पाकिस्तान भेजा था. उन्होंने कहा, ‘मेरे कप्तान राहुल गांधी हैं, उन्होंने ही भेजा है हर जगह.’ सिद्धू ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुझे पाकिस्तान जाने से मना किया था. लेकिन करीब 20 कांग्रेसी नेताओं और केंद्रीय नेतृत्व के कहने पर मैं पाकिस्तान गया था. पंजाब के सीएम मेरे पिता के समान हैं. मैं उनसे पहले ही बता चुका था कि मैं पाकिस्तान जाऊंगा. मेरे कप्तान राहुल गांधी हैं और सीएम साहब के कप्तान भी राहुल गांधी हैं.

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पाक दौरे से लौटते ही नवजोत सिंह सिद्धू ने किया बड़ा खुलासा, किसके कहने पर चल रही है खालिस्तान मिलीभगत ,पाक का घिनौना चेहरा आया सामने

नई दिल्ली : कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तान में खालिस्तानियों के साथ हाथ मिलाकर वापिस भारत आ गए हैं. पिछली बार पाक चीफ बाजवा के गले लगकर आये थे तो इस बार सिर्फ पाक आर्मी चीफ से हाथ मिलाकर आये हैं. तो वहीँ अब भारत पहुंचते ही उन्होंने बड़ी प्रेस कांफ्रेंस कर दी है जिसमे उन्होंने खुलासा किया है कि वे किसके कहने पर पाकिस्तान जा रहे हैं.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी पाकिस्तान यात्रा पर बड़ा बयान दिया. सिद्धू ने कहा कि उन्हें राहुल गांधी ने ही पाकिस्तान भेजा था. उन्होंने कहा, ‘मेरे कप्तान राहुल गांधी हैं, उन्होंने ही भेजा है हर जगह.’

सिद्धू ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुझे पाकिस्तान जाने से मना किया था. लेकिन करीब 20 कांग्रेसी नेताओं के कहने पर मैं पाकिस्तान गया था. पंजाब के सीएम मेरे पिता के समान हैं. मैं उनसे पहले ही बता चुका था कि मैं पाकिस्तान जाऊंगा. मेरे कप्तान राहुल गांधी हैं और सीएम साहब के कप्तान भी राहुल गांधी हैं.

सिद्धू से कुछ हद तक अच्छे तो पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह निकले. उन्होंने अपने राज्य की जनता का मान रखा और पाकिस्तान जाने से मना कर दिया. यही नहीं उन्होंने सिद्धू को भी जाने से मना किया था लेकिन सिद्धू तो राहुल गाँधी के इशारों पर चल रहे थे. पहले सोनिया जी मनमोहन सिंह को इशारों पर चलाती थी अब राहुल सिद्धू को इशारों पर चला रहे हैं.

इसका मतलब ये सारा खेल रचाया हुआ राहुल गाँधी का है. करतारपुर कॉरिडोर के नाम पर कांग्रेस देश को तोड़ने और खालिस्तानियों को देश में घुसवाने की साज़िश रच रही है. सिद्धू की फोटो खालिस्तानी के साथ वायरल हो चुकी है, वो एक खास कमरे में ली गयी फोटो है लेकिन फिर भी सिद्धू साफ़ मुकर गए हैं कि वो नहीं जानते कौन खालिस्तानी है. खुद खालिस्तानी और हाफिज सईद के करीबी गोपाल चावला ने ये तस्वीर पोस्ट करी हैं.

यही नहीं सिद्धू ने पाकिस्तान जाते ही प्रेस कांफ्रेंस करी थी जिसमे उन्होंने बिना सोचे समझे राफेल जेट डील पर कटाक्ष किया था उसे घोटाला बताया था. मतलब ये भी राहुल गाँधी के इशारों हो रहा था. सब कुछ पहले से ही फिक्स करके गए थे सिद्धू.

इमरान की ‘गुगली’ में फंस गया भारत
तो वहीँ करतारपुर जिसे धर्म और आस्था का विषय समझा जा रहा था उसे पाकिस्तान अपनी बहुत बड़ी जीत बताने लगा है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने गुरुवार को कहा था कि करतारपुर कॉरिडोर शिलान्यास समारोह में इमरान खान ने ‘गुगली’ फेंकी थी और जिसमें मोदी सरकार और भारत बोल्ड हो गया है. मतलब सीधी बात ये पाकिस्तानी कभी नहीं सुधरेंगे.

हैदराबाद में कांग्रेस के लिए प्रचार करने पहुंचे सिद्धू ने कहा कि हम राहुल गांधी के सिपाही हैं, मेरा नारा है कि बुरे दिन जाने वाले हैं और राहुल गांधी आने वाले हैं. लाल किला पर झंडा फहराने वाले हैं, कोई रोक सके तो तो रोको.

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सुब्रमण्यम स्वामी सिद्धू के खालिस्तानी कनेक्शन के बाद किया बड़ा खुलासा ,इमरान खान समेत बाजवा हैरान

नई दिल्ली : पाकिस्तान ने करतारपुर कॉरिडोर के नाम पर अपना खतरनाक एजेंडा चल दिया है. सिद्धू सामने बैठ कर ताली बजाते रहे और इमरान खान ने शांति, अमन का चोला पहनकर कश्मीर राग अलाप दिया. इस कार्यक्रम में खालिस्तानी खुलेआम शामिल हुए, बाकायदा उन्हें निमंत्रण भेजा गया, खालिस्तानियों ने पाक चीफ बाजवा से हाथ मिलाया और सिद्धू के साथ भी खालिस्तानी की फोटो उसने खुद पोस्ट करी और नीचे पाकिस्तान ज़िंदाबाद लिखा.

ऐसे में अब सिद्धू की खालिस्तानी से मुलाक़ात के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ती नज़र आ रही हैं. अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी के फायर ब्रांड नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पर तगड़ा प्रहार किया है.

उन्होंने कहा कि सिद्धू को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (रासुका) के तहत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। स्वामी का यह बयान उस तस्वीर पर आया है जिसमें सिद्धू खालिस्तान सर्मथक गोपाल चावला के साथ खड़े हैं। चावला ने यह तस्वीर फेसबुक पर पोस्ट की थी। जिसके बाद बवाल शुरू हो गया। वहीं, इस पर सिद्धू ने सफाई देते हुए कहा था कि, हर दिन 5 से 10 हजार फोटो क्लिक होती हैं, मैं किसी चावला को नहीं जानता.

तस्वीर सामने आने के बाद स्वामी ने तीखा हमला करते हुए सिद्धू को गिरफ्तार किए जाने की मांग की है। स्वामी ने कहा, ‘अगर वह यह कह रहे हैं कि चावला को नहीं जानते तो उन्हें कहना चाहिए कि खालिस्तान से उनका कोई लेना देना नहीं और वह इसकी निंदा करें। उन्होंने कहा, ‘नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी को उनकी जांच करनी चाहिए। साथ ही उन्हें नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत गिरफ्तार करना चाहिए’।

बता दें जब सबसे पहली बार सिद्धू पाकिस्तान गए थे तब उन्होंने पाक चीफ बाजवा को गले लगा लिया था. जबकि उसके कुछ दिन पहले ही पाक फौजियों ने BSF जवान की निर्मम रूप से हत्या की थी. इसकी खूब आलोचना हुई तो वहीँ अब जब दूसरी बार सिद्धू पाक दौरे पर गए हैं तो वे खालिस्तानियों के साथ मिलकर आ गए हैं. वही खालिस्तानी जो हाफिज सईद के बगल में बैठकर देशविरोधी नारे लगाता है. ऐसे में अब अगर तीसरी बार सिद्धू पाकिस्तान गए तो ज़रूर हाफिज सईद को भी अमन,और शांति के नाम पर गले लगा लेंगे.

वहीं, अकाली दल ने सिद्धू के बर्खास्तगी की मांग की है। दिल्ली में अकाली दल के विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने एक ट्वीट कर कहा, ‘एक ग्रुप फोटो में नरेंद्र मोदी जी से बहुत दूर नीरव मोदी के खड़े होने पर बवाल मचाने वाले राहुल गांधी आज इस फोटो पर क्या कहेंगे। या तो मोदी जी से माफी मांगो राहुल गांधी या फिर सिद्धू को बर्खास्त करो!’

पाकिस्तान में करतारपुर कॉरिडोस के शिलान्यास के मौके पर सिद्धू की एक तस्वीर खालिस्तान समर्थक गोपाल चावला के साथ कैमरे में कैद हो गई। जो बहुत तेजी से वायरल हुई। इससे हंगामा मचने में समय नहीं लगा। इस पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा, रोजाना 5 से 10 हजार तस्वीरें खीची जाती हैं, मुझे नहीं पता कौन है गोपाल चावला.

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करतारपुर के नाम पर पाकिस्तान ने फिर से पीठ पीछे घोंपा छुरा, इमरान खान ने चली गहरी चाल और सिद्धू बजाते रहे ताली

नई दिल्ली : एक तरफ भारत में सिख समुदाय की आस्था का ख्याल रखा जा रहा है, उनकी 70 वर्षों पुरानी मांग करतारपुर कॉरिडोर भारत तैयार कर रहा है और दूसरी तरफ पाकिस्तान इस कॉरिडोर का इस्तेमाल आतंक को बढ़ाने और फिर पीठ पीछे छुरा घोपने की तयारी कर रहा है,वो भी कितनी चालाकी से ये देख आप भी हैरान रह जायेंगे.

कल पाकिस्तान में करतारपुर कॉरिडोर की नीव रखी गयी. ये एक धर्म और आस्था का विषय था. जहाँ सिद्धू इमरान की तारीफ में कसीदे पढ़े जा रहे थे. लेकिन इमरान के बोलने की बारी आयी तो उन्होंने पहले सिद्धू की तारीफ करके उन्हें आसमान पर चढ़ाया. यहाँ तक कह दिया कि अगर सिद्धू पाकिस्तान से चुनाव लड़ें तो वे पाकिस्तान में भी जीत जायेंगे.

इसके बाद पकिस्तान पीएम ने कहा अगर फ्रांस और जर्मनी अपनी दुश्मनी भुला सकते हैं तो हम क्यों नहीं. कश्मीर ऐसा कौन सा मसला है जो सुलझाया नहीं जा सकता. मतलब घूम फिरकर इमरान खान ने कश्मीर के राग को अलापा वो भी सिद्धू के सामने और सिद्धू सामने बैठे ठहाके लगते रहे और ताली बजाते रहे. उन्हें कोई फर्क ही नहीं पड़ा कि इमरान भारत के अभिन्न अंग कश्मीर को छीनने की बात कर रहे हैं.

पाकिस्तान कश्मीर को मसला तो ऐसे बताता है जैसे POK को उसने खुद सिंगापुर बना दिया हो. अपने देश को खिलाने के लिए दो वक़्त की रोटी नहीं है और बार बार कश्मीर का रोना शुरू कर देता है. और कोई होता तो ऐसी बात सुन तुरंत वहां से उठ के चला जाता. सिद्धू से अच्छे तो पंजाब सीएम कैप्टेन अमरिंदर सिंह निकले उन्होंने आम जनता और मुख्यमंत्री पद का मान रखा. उन्होंने कहा जो पाकिस्तान हमारे जवानों को मारता है मैं उस पाकिस्तान में नहीं जा सकता. उन्होंने धर्म से पहले अपने देश का मान रखा है क्यूंकि वो कभी सेना में थे आज भी उनके अंदर एक सेना का जवान, वो देशभक्ति ज़िंदा है.

वरना चाहते तो वो भी पाकिस्तान जा सकते थे. लेकिन उन्हें अभी अभी निरंकारी भवन पर हुए बम धमाके की याद थी जिसे खालिस्तानियों ने अंजाम दिया था. तो वहीँ गुरुनानक जयंती पर पाकिस्तान ने भारत अधिकारीयों को गुरूद्वारे में घुसने नहीं दिया क्यूंकि वहां खालिस्तानी नारे लग रहे थे, खालिस्तानी झंडे लगे हुए थे जिन पर “पंजाब की आज़ादी” ऐसा लिखा हुआ था और पाकिस्तान का भेद खुल जाता इसीलिए उसने अधियकारियों को घुसने नहीं दिया.

यही नहीं जिस पहली कतार में पाक पीएम ,पाक आर्मी चीफ सिद्धू बैठे हुए थे उसी कार्यक्रम में पहली कतार में खालिस्तानी भी बैठा हुआ था. वही खालिस्तानी जिसकी कुछ वक़्त पहले आतंकी हाफिज सईद के साथ तसवीरें सामने आयी थी. इससे साफ़ है कि पाकिस्तान करतारपुर की आड़ लेकर अपनी खालिस्तानी और ISI को भारत में घुसवा सकता है और इसीलिए भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने खतरा भी बताते हुए चेताया है.

इस धार्मिक आयोजन के दौरान कश्मीर का मुद्दा उछालने पर भारत ने सख्त प्रतिक्रिया दी तो वहीं पाक आर्मी चीफ से खालिस्तानी आतंकी गोपाल चावला की मुलाकात पर भारत के ऐतराज को पाकिस्तान ने दुष्प्रचार करार दिया.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान की जमीन से नियंत्रित होने वाले आतंकवाद पर लगाम लगाने का आह्वान करते हुए उसे कई नसीहतें दीं. विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘पाकिस्तान को अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को निभाते हुए उसकी जमीन से नियंत्रित होने वाले क्रॉस बॉर्डर आतंकवाद को रोकना चाहिए और इस दिशा में सख्त एक्शन लेना चाहिए.’

इसके आगे विदेश मंत्रालय ने इमरान खान के कश्मीर से जुड़े उस बयान की भी निंदा की, जिसमें उन्होंने कहा है कि दोनों मुल्कों के बीच विवाद की अहम वजह कश्मीर का मसला है. इमरान के इस बयान पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि करतारपुर गुरुद्वारा कॉरिडोर के इस पवित्र मौके पर पाकिस्तान के पीएम का कश्मीर मामले को उछालना गैर-जरूरी है. मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और इस मौके पर उसका जिक्र करना खेदजनक है.

कॉरिडोर की नींव रखने के मौके पर खालिस्तान समर्थक आतंकी गोपाल सिंह चावला और पाकिस्तान आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा की मुलाकात पर भी विवाद हो गया. भारत में इस तस्वीर को लेकर ऐतराज जताया गया तो पाकिस्तान ने इसे मेहमाननवाजी बता दिया.

पाकिस्तान आर्मी के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्वीट कर चावला और बाजवा की मुलाकात पर दिखाई जा रही खबरों को भारतीय मीडिया की तंगनजर करार दिया. उन्होंने कहा, ‘आर्मी चीफ ने पहचान से हटकर आयोजन में आए सभी मेहमानों से मुलाकात की. शांति की कोशिश को दुष्प्रचार का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए.’

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मोदी सरकार ने पाकिस्तान के मुँह पर मारा करारा तमाचा,सुषमा स्वराज के हमले से इमरान खान समेत बौखलाया पाकिस्तान

नई दिल्ली : आज पाकिस्तान में करतारपुर कॉरिडोर की नीव रखी जा रही है जिसके लिए नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तान पहुंच गए हैं. इसके बाद पाकिस्‍तान ने फिर SAARC शिखर सम्‍मेलन के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निमंत्रण भेजा था. लेकिन आज मोदी सरकार ने पाकिस्तान को करारा जवाब दे दिया.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सार्क सम्मेलन में शामिल होने से साफ इंकार कर दिया है. उन्होंने कहा, ‘सार्क सम्मेलन के लिए पाकिस्तान के न्योते पर हम सकारात्मक रूप से विचार नहीं कर रहे हैं क्योंकि हम पहले ही कह चुके हैं कि पाकिस्तान को भारत में आतंकवादी गतिविधियां रोकनी होंगी. इसके बिना कोई द्विपक्षीय बात नहीं होगी और हम सार्क सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेंगे.’

स्वराज ने करतारपुर कॉरिडोर के मुद्दे पर कहा, ‘पाकिस्तान जब तक आतंकवाद को नहीं रोकेगा तब तक भारत किसी मुद्दे पर बात नहीं करेगा. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय शांति और विकास के लिए बढ़ाए गए हर कदम का भारत स्वागत करता है.’

गौरतलब है कि मंगलवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की तरफ से यह जानकारी मिली थी कि पीएम मोदी को सार्क सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए न्योता भेजा जाएगा. इससे पहले 2016 में भी सार्क सम्मेलन पाकिस्तान में आयोजित होने वाला था लेकिन बाद में इसे रद्द कर दिया गया. उस दौरान इस सम्मेलन में हिस्सा लेने से भारत, बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान ने शामिल होने से मना कर दिया था. जो की एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की बेइज़्ज़ती थी.

इससे पहले पाकिस्तान ने करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास के लिए भी भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को न्योता भेजा था लेकिन सीएम अमरिंदर सिह और सुषमा स्वराज पहले ही इसमें शामिल होने से इनकार कर चुके हैं.

पाक के विदेश विभाग के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने मंगलवार को यह जानकारी दी कि सार्क शिखर सम्मेलन के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पाकिस्तान आमंत्रित करेगा. जिसके तुरंत बाद सुषमा स्वराज ने इसको ठुकराते हुए पाकिस्तान को मुहतोड़ जवाब दिया है.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खान ने अपने भारतीय समकक्ष को एक खत लिखकर मंशा जताई थी कि पाकिस्तान भारत के साथ सभी लंबित मुद्दों को बातचीत के जरिये सुलझाने का इच्छुक है। फैसल ने कहा, ”हमनें भारत के साथ एक जंग लड़ी है, रिश्ते तेजी से नहीं ठीक हो सकते। सार्क शिखर सम्मेलन की मेजबानी आम तौर पर हर दो साल में वर्णानुक्रम में एक सदस्य राष्ट्र द्वारा की जाती है। सम्मेलन की मेजबानी करने वाला सदस्य राष्ट्र समूह की अध्यक्षता करता है। पिछला सार्क सम्मेलन 2014 में कश्मीर में हुआ था जिसमें मोदी शामिल हुए थे।

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मुंबई मामले की 10 वीं बरसी पर पीएम मोदी का ये जबरदस्त बयान,अगर फिर हुआ मुंबई जैसा हमला, तो भारत-PAK में हो सकता है युद्ध

केंद्र में बीजेपी की सरकार आने के बाद से यह तो देखने को मिला है कि पाकिस्तान की हर नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब भारत की तरफ से दिया गया है. इसके बावजूद भी पाकिस्तान अपनी घटिया हरकतों से बाज़ आने का नाम नहीं ले रहा है. सीमा पर पाकिस्तान की तरफ से आये दिन आतंकियों की घुसपैठ और सीज फायर उलंघन के मामले सामने आ रहे हैं लगभग हर दिन घुसपैठ की कोशिश में आतंकी मारे जा रहे हैं. अभी 26/11 मुंबई में हुए हमले को 10 वर्ष पूरे हो गये हैं. इस हमले को लेकर देश के प्रधानमंत्री ने जो बोला है, वो जान पाकिस्तान भी सोच में पड़ जायेगा कि अब क्या होने वाला है?

Image Source-The Financial Express

जानकारी के लिए बता दें 26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान से समुद्री रास्ते से 10 आतंकी मुंबई में घुस आये थे, जिसके बाद उन्होंने अलग-अलग बंटकर लोगों को अपना निशाना बनाकर उनपर अँधाधुंध गोलियां बरसाई थी. मुंबई में हुए इस आतंकी हमले में 160 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. हालाँकि सेना और पुलिस के जवानों ने 9 आतंकियों को मार गिराया था बाकी एक आतंकी अजमल कसाब को जिंदा गिरफ्तार कर लिया था. जिसे कई साल बाद फांसी दे दी गयी थी. 26 नवंबर को इस हमले की 10 वीं बरसी पर पीएम मोदी ने जो कहा है वो जान पाक में मौजूद आतंकियों के होश उड़ जायेंगे.

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मुंबई हमले पर पीएम मोदी का बड़ा बयान

मुंबई हमले की 10 वीं बरसी पर पीएम मोदी ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा है कि  ‘‘हिंदुस्तान कभी भी 26/11 को भूलेगा नहीं और 26/11 के गुनहगारों को भी. हम मौके की तलाश में हैं. कानून अपना काम करता रहेगा, मैं देशवासियों को फिर से एक बार विश्वास दिलाता हूं.’’ पीएम मोदी ने अपने बयान में ये स्पष्ट नही किया है कि वे किस मौके की तलाश में है. मगर उनके बयान के बाद यह टी साफ हो गया है कि मौका लगते ही पाक पर फिर से बड़ी कार्रवाई हो सकती है.

Image Source-Deccan Chronicle

गौरतलब है कि पीएम मोदी के इस बयान के बाद पाकिस्तान में भी हड़कंप मच सकता है. इसी के साथ उन्होंने राजस्थान के भीलवाड़ा में एक सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा है. मुंबई में जिस समय आतंकवादी हमला हुआ, उस समय कांग्रेस चुनाव जीतने का खेल, खेल रही थी, वहीँ जब हमारी सेना ने पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक किया तो कांग्रेस इसका सबूत मांग रही थी. उन्होंने कहा कि ‘हमने आतंकवाद के खिलाफ ऐसी लड़ाई लड़ी है कि आज आतंकवादियों को कश्मीर की धरती के बाहर निकलना महंगा पड़ रहा है.’’ पीएम मोदी ने इस मौके पर पाकिस्तान पर बड़ी कार्रवाई का संकेत दे दिया है.

News Source-ZeeNews

मुंबई मामले की 10 वीं बरसी पर पीएम मोदी का ये जबरदस्त बयान,अगर फिर हुआ मुंबई जैसा हमला, तो भारत-PAK में हो सकता है युद्ध

केंद्र में बीजेपी की सरकार आने के बाद से यह तो देखने को मिला है कि पाकिस्तान की हर नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब भारत की तरफ से दिया गया है. इसके बावजूद भी पाकिस्तान अपनी घटिया हरकतों से बाज़ आने का नाम नहीं ले रहा है. सीमा पर पाकिस्तान की तरफ से आये दिन आतंकियों की घुसपैठ और सीज फायर उलंघन के मामले सामने आ रहे हैं लगभग हर दिन घुसपैठ की कोशिश में आतंकी मारे जा रहे हैं. अभी 26/11 मुंबई में हुए हमले को 10 वर्ष पूरे हो गये हैं. इस हमले को लेकर देश के प्रधानमंत्री ने जो बोला है, वो जान पाकिस्तान भी सोच में पड़ जायेगा कि अब क्या होने वाला है?

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जानकारी के लिए बता दें 26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान से समुद्री रास्ते से 10 आतंकी मुंबई में घुस आये थे, जिसके बाद उन्होंने अलग-अलग बंटकर लोगों को अपना निशाना बनाकर उनपर अँधाधुंध गोलियां बरसाई थी. मुंबई में हुए इस आतंकी हमले में 160 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. हालाँकि सेना और पुलिस के जवानों ने 9 आतंकियों को मार गिराया था बाकी एक आतंकी अजमल कसाब को जिंदा गिरफ्तार कर लिया था. जिसे कई साल बाद फांसी दे दी गयी थी. 26 नवंबर को इस हमले की 10 वीं बरसी पर पीएम मोदी ने जो कहा है वो जान पाक में मौजूद आतंकियों के होश उड़ जायेंगे.

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मुंबई हमले पर पीएम मोदी का बड़ा बयान

मुंबई हमले की 10 वीं बरसी पर पीएम मोदी ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा है कि  ‘‘हिंदुस्तान कभी भी 26/11 को भूलेगा नहीं और 26/11 के गुनहगारों को भी. हम मौके की तलाश में हैं. कानून अपना काम करता रहेगा, मैं देशवासियों को फिर से एक बार विश्वास दिलाता हूं.’’ पीएम मोदी ने अपने बयान में ये स्पष्ट नही किया है कि वे किस मौके की तलाश में है. मगर उनके बयान के बाद यह टी साफ हो गया है कि मौका लगते ही पाक पर फिर से बड़ी कार्रवाई हो सकती है.

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गौरतलब है कि पीएम मोदी के इस बयान के बाद पाकिस्तान में भी हड़कंप मच सकता है. इसी के साथ उन्होंने राजस्थान के भीलवाड़ा में एक सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा है. मुंबई में जिस समय आतंकवादी हमला हुआ, उस समय कांग्रेस चुनाव जीतने का खेल, खेल रही थी, वहीँ जब हमारी सेना ने पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक किया तो कांग्रेस इसका सबूत मांग रही थी. उन्होंने कहा कि ‘हमने आतंकवाद के खिलाफ ऐसी लड़ाई लड़ी है कि आज आतंकवादियों को कश्मीर की धरती के बाहर निकलना महंगा पड़ रहा है.’’ पीएम मोदी ने इस मौके पर पाकिस्तान पर बड़ी कार्रवाई का संकेत दे दिया है.

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सीएम अमरिंदर का सिद्धू को लेकर जबरदस्त बयान, इमरान खान समेत पुरे पाकिस्तान में खलबली

नई दिल्ली : करतारपुर कॉरिडोर के खुलने की खबरों के साथ ही इससे जुड़ी राजनीति और विवाद गर्माने लगे हैं. पाकिस्तान ने 28 तारीख को इसके लिए होने वाले समारोह में भारत से सुषमा स्वराज, अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू को बुलाया था. सुषमा और अमरिंदर तो नहीं गए, लेकिन सिद्धू फिर से पहुंच गए. उनके वहां जाने से एक बार फिर से बवाल मचता दिख रहा है. ये पहले से ही पता चल गया था कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू में इस मुद्दे पर तनातनी है.

अमरिंदर ने कहा था कि जिस देश के आतंकी हमारे सैनिकों को मार रहे हों, वहां मैं नहीं जा सकता. अब उन्होंने अपने ही मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के पाकिस्तान जाने पर मचे बवाल पर कहा, मैंने उन्हें अपना स्टैंड बता दिया था कि मैं नहीं जाऊंगा. जब उनका पाकिस्तान जाने का कार्यक्रम मेरे पास मंजूरी के लिए आया तो मैंने उनसे कहा कि वह इस पर फिर से विचार करें. जब मैंने उनसे इस बारे में अपने विचार के बारे में बताया तो उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान जाने का वादा कर चुके हैं. उन्होंने कहा, ये उनकी निजी यात्रा है. हालांकि उन्होंने कहा था कि एमपी में प्रचार के बाद वह मुझसे इस बारे में बात करेंगे. लेकिन इसके बाद उन्होंने अब तक कुछ नहीं बताया. मैं वैसे भी किसी को पाकिस्तान या दूसरे देश जाने से नहीं रोकते, वैसे भी ये उनकी निजी यात्रा है.

करतारपुर गलियारे के लिये बुधवार को नींव रखेंगे इमरान खान
पाकिस्तान के करतारपुर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारत के गुरदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक से जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित गलियारे की नींव प्रधानमंत्री इमरान खान बुधवार को रखेंगे. इससे भारतीय सिख श्रद्धालुओं को वीजा मुक्त आवाजाही की सुविधा मिल सकेगी. पाकिस्तान में करतारपुर साहिब, रावी नदी के पार डेरा बाबा नानक से करीब चार किलोमीटर दूर है. सिख गुरु ने 1522 में इसे स्थापित किया था. पहला गुरुद्वारा, गुरुद्वारा करतारपुर साहिब यहां बनाया गया था जहां माना जाता है कि गुरु नानक देव जी ने अंतिम दिन बिताए थे.

पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने मंगलवार को कहा कि करतारपुर गलियारे के छह महीने में पूरा होने की उम्मीद है. यह कदम अगले साल गुरु नानक जी की 550वीं जयंती से पहले उठाया गया है. भारत ने भी कहा है कि वह गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक से अंतरराष्ट्रीय सीमा तक एक गलियारा विकसित करेगा जिससे गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर जाने वाले सिख श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके.

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मोदी सरकार के इस जबरदस्त फैसले से कड़ी सुरक्षा एजेंसियों ने दी चेतावनी स्वामी के इस खतरनाक कदम,इमरान खान समेत पुरे पाकिस्तान खेमे में भूचाल

नई दिल्ली : देश में आज़ादी के वक़्त से चली आ रही सिख समुदायों की मांग करतारपुर कॉरिडोर का आखिरकार मोदी सरकार में निर्माण किया जा रहा है. कई पीएम आये और गए लेकिन कोई इसके लिए हिम्मत नहीं जुटा सका था. तो वहीँ कांग्रेस नेता सिद्धू ने करतारपुर कॉरिडोर का पूरा श्रेय पाक पीएम इमरान खान को दे दिया है.

लेकिन बड़े हैरानी वाली बात जो है वो ये कि पाकिस्तान भी इस कॉरिडोर के लिए तुरंत ही राज़ी हो गया है और उसने सुषमा स्वराज, पंजाब सीएम और सिद्दू को न्योता दे दिया है. हालाँकि सुषमा स्वराज और सीएम ने इसे ठुकरा दिया है लेकिन सिद्धू ने कहा है कि वो काँटों पर भी चलकर पाकिस्तान जायेंगे.

सुरक्षा एजेंसियों ने करतारपुर को लेकर जताई चिंता
लेकिन करतारपुर कॉरिडोर को लेकर बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी और सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ा खतरा भी बताते हुए आगाह किया है.

अभी मिल रही खबर के मुताबिक अभी गुरुनानक जयंती पर पाकिस्तान में भारत के अधिकारीयों को पाकिस्तान ने गुरूद्वारे में घुसने नहीं दिया क्यूंकि वहां पर खालिस्तानी नारे लगा रहे थे और खालिस्तान के झंडे लहराए जा रहे थे. उन झंडों पर लिखा हुआ था “भारत के कब्जे वाले पंजाब को आज़ाद करना है और खालिस्तान बनाना है”

 

पाकिस्तान का नहीं किया जा सकता भरोसा
इसीलिए करतारपुर कॉरिडोर को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने आगाह किया है कि इस मार्ग का दुरुपयोग भी हो सकता है। दरअसल पाकिस्तान में अभी भी खालिस्तान समर्थकों की तादाद काफी ज्यादा है और उन्हें पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का समर्थन हासिल है। ऐसे में आशंका है कि इस कॉरिडोर का उपयोग करते हुए खालिस्तान समर्थक पंजाब के युवाओं को उग्रवाद के लिए उकसा सकते हैं.

इतना ही नहीं, इस मार्ग का उपयोग नशीली दवाओं की तस्करी के लिए भी किया जा सकता है। यह बेहद दुखद लेकिन सच है कि इस महान धर्मस्थल के क्षेत्र को पाकिस्तान में खालिस्तान और आईएसआई का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां कई ब्लैकलिस्टेड खालिस्तानी आतंकियों के अड्डे आज भी सक्रिय हैं. पाकिस्तान पर किसी भी हाल पर भरोसा नहीं किया जा सकता है, धर्म की आड़ लेकर वो पीठ पीछे छुरा घोप सकता है.

अंग्रेजी अखबार मेल टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, करतारपुर कॉरिडोर खोलने के लिए पाकिस्तान की रजामंदी इस बात का सबूत है कि वह धार्मिक और मानवीय पहलु की आड़ में इस मार्ग से अपने घटिया मंसूबों को पूरा करना चाहता है। इस मार्ग को खोलने और विकसित करने को वो पूरी दुनिया में प्रचारित कर रहा है। पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा यह कहता है कि वह शांति का पक्षधर है, इसीलिए वह भारतीय श्रद्धालुओं के लिए यह मार्ग खोलने को राजी हुआ है.

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सुब्रमण्यम स्वामी कॉरीडोर को बताया खतरनाक
इसके साथ साथ भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने भी करतारपुर कॉरिडोर के फैसले को बहुत बड़ा खतरनाक कदम बताया है. उन्होंने कहा, “करतारपुर कॉरिडोर खतरनाक कदम है। यदि यहां हमेशा सही तरीके से जांच नहीं की गई तो इसका दुरूपयोग हो सकता है। सिर्फ पासपोर्ट दिखाना ही काफी नहीं है। आप चांदनी चौक से 250 रुपये में एक पासपोर्ट ले सकते हैं। यहां आने वाले लोगों का छह महीने पहले रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। हमें पाकिस्तानियों को यहां आने की इजाजत नहीं देनी चाहिए।”

इमरान खान इस कॉरिडोर के निर्माण की नींव रखेंगे
इधर भारत सरकार ने डेरा बाबा नानक से अंतरराष्ट्रीय सीमा तक एक कॉरिडोर बनाने की घोषणा की ताकि सिख श्रद्धालु गुरु नानक की कर्मस्थली करतारपुर गुरुद्वारे के दर्शन कर सकें।

उधर इसके कुछ घंटों के भीतर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि वो बाबा गुरु नानक के 550 प्रकाश पर्व पर पहले ही कॉरिडोर बनाने की घोषणा कर चुके हैं। उन्होंने ऐलान किया कि 28 नवंबर को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान इस कॉरिडोर के निर्माण की नींव रखेंगे।

क्यों जरूरी करतारपुर साहिब?
आपको बता दें कि सिखों के प्रथम गुरु नानकदेव ने करतारपुर में अपने जीवन के अंतिम कुछ साल व्यतीत किए थे. यहां पर एक गुरुद्वारा है, जिसे करतारपुर साहिब कहा जाता है. ये भारत-पाकिस्तान सीमा से चार किलोमीटर दूर है.

करतारपुर पाकिस्तान के पंजाब में नरोवाल जिले के शकरगढ़ में स्थित है। सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानकदेव ने अपने जीवन के 18 वर्ष यहां बिताए थे.

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मोदी के सामने झुका पाकिस्तान, उठाया ऐसा सनसनीखेज कदम, जिसे देख आपकी आँखें फटी रह जाएंगी

नई दिल्ली : भारत को तोड़ने, कश्मीर को छीनने और आतंकवाद फैलाने के सपने देखने वाले आतंकी देश पाकिस्तान की हालत अब पूरी तरह खराब हो चुकी है. पीएम मोदी को आँखें दिखाने वाला ना’पाक भारतीय सेना के एक्शन को देख गिड़गिड़ाने लगा है. पाकिस्तान से अब एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है.

NEW DELHI: The terrorism of Pakistan, the country’s dream of breaking India, snatching Kashmir and spreading terrorism has become completely worse. Na’pak, who showed eyes to PM Modi, is looking forward to seeing the Indian Army’s action. A shocking news is coming from Pakistan now.

पिछले 60 वर्षों से कांग्रेस सरकार पाकिस्तान के सामने गिड़गिड़ाती आयी थी. पाकिस्तान ने दिल्ली से लेकर गुजरात तक में बम धमाके करवाए, कश्मीर में पंडितों का कत्लेआम करवाया, मुम्बई में कसाब व् अन्य आतंकियों को भेजकर हमला करवाया, मगर कांग्रेस सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही और पाकिस्तान के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया.

For the past 60 years, the Congress Government had come to grief in front of Pakistan. Pakistan carried out bomb blasts from Delhi to Gujarat, massacred the Pandits in Kashmir, sent Kasab and other terrorists in Mumbai to attack, but the Congress government kept on hand and did not take any tough steps against Pakistan

भारत के सामने झुका ना’पाक
पीएम मोदी के सत्ता में आने के बाद भारतीय सेना ने जब गोलियों को जवाब गोलों से देना शुरू किया, तब भी कांग्रेस ने पाकिस्तान की निंदा करने की जगह मोदी का विरोध किया. मगर पीएम मोदी ने किसी भी दबाव के आगे झुकने से इंकार कर दिया. खुली छूट पाकर सेना ने पाक फ़ौज का इतना नुक्सान कर दिया है और कश्मीर में आतंकियों की इतनी लाशें बिछा दी हैं कि इतिहास में पहली बार पाक फ़ौज खुद भारत से शान्ति बहाल करने की गुजारिश कर रही है.

Jhukka Na ‘Pakak in front of India
Even after the arrival of PM Modi, when the Indian army started giving answers to the bullets, the Congress opposed Modi instead of condemning Pakistan. But PM Modi refused to bow before any pressure. With an open exemption, the army has caused so much damage to the Pak army and has laid so many dead bodies of terrorists in Kashmir that for the first time in the history of the Pak army itself, it is asking for restoring peace from India itself.

भारतीय सेना पर हमले करने वाले गिड़गिड़ा रहे हैं
बता दें कि पहले पाक फ़ौज के दिमाग कुछ ज्यादा ही खराब थे. पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, भारत के साथ संबंध सुधारने के इच्‍छुक थे लेकिन अपनी सेना के कारण वह ऐसा नहीं कर सके. मगर भारतीय सेना जिस तरह से बॉर्डर पर पाकिस्तान की सैन्य चौकियों को ध्वस्त करती आ रही है और कश्मीर में पाक परस्त आतंकियों का सफाया कर रही है, उसे देखते हुए पाक फ़ौज ने घुटने टेक लिए हैं.

The attackers on the Indian Army have been complaining
Let me tell you that earlier the army of Pak army was somewhat worse. Former Pakistan Prime Minister Nawaz Sharif was keen to improve relations with India but due to his army he could not do it. But the way the Indian army has been destroying Pakistan’s military checkpoints on the border and is wiping out militants from Pakistan in Kashmir, the Pak army has kneeled.

पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा अचानक भारत को लेकर दिए अपने बयानों के कारण सुर्खियों में आ गए हैं. पाकिस्‍तान की सबसे ताकतवर शख्सियत माने जाने वाले जनरल कमर जावेद बाजवा भारत से शान्ति की अपील की है. बाजवा का कहना है कि भारत-पाक के बीच कश्‍मीर समेत सभी विवादों का हल बंदूकों के बजाय विस्‍तृत रूप से सार्थक बातचीत से ही निकल सकता है.

Pakistani army chief Kamar Javed Bajwa has suddenly come to headlines due to his statements to India. General Kamar Javed Bajwa, who is considered Pakistan’s most powerful figure, has appealed for peace from India. Bajwa says that all the disputes between India and Pakistan, including Kashmir, can be resolved only through meaningful dialogue rather than guns.

अस्तित्व खतरे में देख पाकिस्तान की हालत खराब
बाजवा ने ये भी कहा है कि मोदी सरकार अपने सख्‍त रुख के कारण पाकिस्‍तान के साथ अभी बातचीत नहीं कर रही है लेकिन अपनी तेज गति से बढ़ती अर्थव्‍यवस्‍था के कारण उसको अगले दो-तीन साल के भीतर पाकिस्‍तान के साथ बातचीत करने की दरकार होगी. इसके साथ ही यह भी उन्‍होंने हाल में कहा है कि पाकिस्‍तान को ऐसे शांतिप्रेमी देश के रूप में स्‍थापित करने का सपना देखते हैं जो दुनिया के साथ शांतिपूर्ण और सह-अस्तित्‍व की भावना के साथ रहना चाहता है.

Pakistan’s condition worsened in existence
Bajwa has also said that the Modi government is not negotiating with Pakistan due to its strict stance, but due to its fast growing economy, it will need to negotiate with Pakistan within the next two-three years. At the same time, he has also said recently that he dreams of establishing Pakistan as a peace-loving country which wants to live with the world with a sense of peaceful and coexistence.

इन सारे बयानों को यदि एक साथ जोड़कर देखा जाए तो इसको पाकिस्‍तानी विदेश नीति के संदर्भ में बाजवा डॉक्ट्रिन (सिद्धांत) कहा जा रहा है. अब बड़ा सवाल उठता है कि आखिर जनरल बाजवा इस तरह के बयान क्‍यों दे रहे हैं?

If all these statements are seen together, then it is being called Bajwa Doctrine (theory) in the context of Pakistani foreign policy. Now the big question arises, why are General Bajwa giving such statements?

सैन्य व् आर्थिक, दोनों स्तर पर पाकिस्तान का बुरा हाल
दरअसल पीएम मोदी लगातार पाकिस्तान को शिकस्त दे रहे हैं. भारतीय सेना तो पाक फ़ौज को ध्वस्त कर ही रही है, साथ ही कश्मीर में पाकिस्तान ने अपना जो नेटवर्क बनाया हुआ था, वो भी ध्वस्त हो गया है. पाक के पाले हुए आतंकियों को उनके बिलों से निकाल-निकाल कर ठोका जा रहा है.

Pakistan’s bad situation at both military and economic level
Indeed, PM Modi is constantly defeating Pakistan. The Indian army has been destroying the Pak army, as well as the network that Pakistan had built in Kashmir, it has also collapsed. The Pak-based terrorists are being thrown out of their bills.

पाकिस्तान ने पूरी कोशिश की कि भारतीय वामपंथियों व् अन्य गद्दारों के सहारे भारत सरकार पर पाक से बातचीत का दबाव बनाया जाए, मगर मोदी पर कोई दबाव नहीं बना. वहीँ पीएम मोदी ने पाकिस्तान का दाना-पानी तक बंद करवा दिया. ईरान के चाबहार पोर्ट के जरिये अफगानिस्तान के साथ व्यापार शुरू किया, जिससे पाकिस्तान का अफगानिस्तान में किया जाने वाला निर्यात घट कर एक चौथाई रह गया है.

Pakistan tried hard to pressurize the Indian government to interact with Pakistan with the help of Indian Left and other traitors, but there was no pressure on Modi. The PM Modi has stopped the Pakistan’s grain and water. Iran started trade with Afghanistan through Chabahar Port, which has left Pakistan accounting for one fourth due to Afghanistan’s exports.

अंतर्राष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान अकेला
पाकिस्तान को अब हर साल अरबों रुपयों का घाटा झेलना पड़ रहा है. वहीँ अमेरिका के साथ मजबूत सम्बन्ध बनाकर पीएम मोदी ने पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग कर दिया है. अमेरिका ने आर्थिक व् सैन्य सहायता देना बंद कर दिया है. चीन से मिली ज़रा बहुत मदद से किसी तरह पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था चल रही है, मगर पाक जानता है कि चीन किसी का सगा नहीं है. मतलब निकलने के बाद वो पाक का हाथ भी छोड़ देगा.

Pakistan alone on international stage
Pakistan is now facing a loss of billions of rupees every year. By making strong connections with America, PM Modi has alienated Pakistan on the international stage. The US has stopped financial and military support. Pakistan’s economy is running in some way with a lot of help from China, but Pak knows that China is not affiliated with anybody. After leaving the meaning, he will also leave Pak’s hand.

ऐसे में पाक फ़ौज अब घुटनों पर आ रही है. अब भारत के साथ शान्ति के रास्ते खोज रही है. पाक सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा के हालिया बयान दर्शा रहे हैं कि मोदी के सामने पाकिस्तान को उसकी औकात पता चल चुकी है. लगातार हो रही बीजेपी की जीत ने भी पाकिस्तान को समझा दिया है कि भारत की जनता अब जाग चुकी है और कांग्रेस अब सत्ता में नहीं आने वाली. मोदी बार-बार पीएम बनेंगे.

In this way the Pak army is now coming to the knees. Now searching for peace with India. Recent statements by Pakistan Army chief Kamar Javed Bajwa show that Pakistan has already recognized its income in front of Modi. The persistent BJP victory has also convince Pakistan that the people of India are now awake and the Congress will not come to power anymore. Modi will be PM again and again

मोदी के दोबारा चुनाव जीतने और राज्यसभा में बहुमत पाते ही कश्मीर की धारा 370 हटाने की कवायद उसी तरह शुरू हो जायेगी, जैसे तीन तलाक को ख़त्म कर दिया गया. यूएन में भी अब पाकिस्तान की कोई सुनता नहीं. ऐसे में अब शान्ति की गुहार लगाने के अलावा पाकिस्तान के पास कोई चारा ही नहीं बचा.

As soon as Modi’s re-election and finding a majority in the Rajya Sabha, the drill for the removal of Section 370 of Kashmir will begin in the same way as the three divorces have been abolished. There is no hearing from Pakistan in the UN. In such a situation, apart from applying for peace, Pakistan has no choice but to leave.

 

यह भी देखें :

https://www.youtube.com/watch?v=m7CoPymK4gw

 

https://www.youtube.com/watch?v=8WfEyICu_NM