आतंकवाद के जनक सऊदी से आयी सनसनीखेज खबर, जानकर आप भी ख़ुशी से झूम उठेंगे- आखिर आ ही गया ऊँट पहाड़ के नीचे

नई दिल्ली : इस्लामिक आतंकवाद अब दुनिया से पूरी तरह ख़त्म होने ही वाला है. सलाफी इस्लाम की आड़ में आतंकवाद का जनक सऊदी अरब अब घुटनों पर आ रहा है. सऊदी अरब पिछले काफी वक़्त से तेल कारोबार में भारी मंदी को झेलता चला आ रहा है, जिसके कारण टैक्स फ्री जीवन अब गुजरे जमाने की बात हो जाएगी. बता दें कि खाड़ी क्षेत्र की सबसे बडी अर्थव्यवस्था कहलाने वाले सऊदी अरब और यूएई में अब तक कोई टैक्स नहीं वसूला जाता था और सरकार कई तरह की सब्सिडी भी देती थी.

New Delhi: Islamic terrorism is now about to end completely with the world. Saudi Arabia, the father of terrorism under the guise of Salafi Islam, is now coming to the knees. Saudi Arabia has been facing heavy recession in the oil business for quite some time, due to which it will be a matter of tax free life. Let us say that no tax was levied in Saudi Arabia and UAE, which was called the biggest economy of the Gulf region, and the government also offered a lot of subsidies.

कंगाली के कगार पर खाड़ी देश
तेल से मोटी कमाई करने वाले इन देशों में आम जनता को सरकार को अपनी कमाई पर ना तो कोई इनकम टैक्स देना होता था और ना ही किसी उत्पाद और सेवा को खरीदने पर कोई सेल्स टैक्स या सर्विस टैक्स देना होता था. मगर कई दशकों से चली आ रही ये परम्परा अब नए साल से ख़त्म हो जायेगी.

Gulf country on the verge of bankruptcy
In these countries, who were making huge profits from oil, the general public had to pay no income taxes to the government on their earnings and neither had any sales tax or service tax for buying a product or service. But this tradition that has been going on for several decades will now end with the new year.

दरअसल यहाँ की सरकारें तेल से होने वाली कमाई के घटने के कारण काफी परेशान है और अब जनता से टैक्स वसूलने के अलावा उनके पास कोई चारा नहीं है. इसी के चलते 1 जनवरी 2018 से ये देश वैल्यू एडेड टैक्स व्यवस्था की शुरुआत करने जा रहे है.

Actually, the governments here are very disturbed due to the loss of earnings from oil and now they have no choice other than to tax the public. Because of this, these countries are going to start the Value Added Tax System from January 1, 2018.

वैट की पहल करने वाले दोनों देश गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के सदस्य हैं और इनके अलावा कुवैत, बहरैन, ओमान और कतर भी इसमें शामिल हैं. इन सभी देशों की कमाई का मुख्य जरिया तेल ही था, इसी को बेच-बेच कर इन देशों के पास अकूत दौलत आती थी. मगर पिछले कुछ सालों में वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में गिरावट से यहाँ की सरकारों को काफी घाटा हो रहा है.

Both of the VAT initiatives are members of the Gulf Cooperation Council and besides this Kuwait, Bahrain, Oman and Qatar are also included in this. The main means of earning of all these countries was oil, selling and selling them to these countries came in great wealth. But in the past few years, the decline in oil prices globally is causing a lot of loss to the governments here.

मिडिल ईस्ट में कम होंगे युद्ध के हालात
ख़ास बात ये भी है कि ये देश कभी शान्ति से भी नहीं रहते और आपस में ही युद्ध करते रहते हैं. यमन और सऊदी के बीच तो आये दिन राकेट व् मिसाइलें दागी जाती हैं. वहीँ ईरान का भी सऊदी से छत्तीस का आंकड़ा रहता है. ऐसे में इन देशों का हथियार और युद्ध की तैयारी के क्षेत्र में भी काफी पैसा खर्च होता है, जिसके चलते सरकार की कमाई लगातार कम हो रही है.

The situation in the Middle East will be less
It is also a special thing that these countries do not live in peace anymore and keep fighting in their midst only. Between Yemen and Saudi, racquets and missiles are tainted. There is also a figure of thirty-six from Iran. In such a situation, the amount of money spent in the field of arms and war preparations of these countries is also being used, due to which the government’s earnings are continuously decreasing.

लिहाजा, दोनों देशों में सरकार ने नए साल से वैट के जरिए खाने-पीने के सामान, कपडे, इलेक्ट्रॉनिक और गैसोलीन, फोन, बिजली और पानी सप्लाई समेत होटल जैसे उत्पाद और सेवा पर कम से कम 5 फीसदी टैक्स लगाने का फैसला किया है.

So, in both the countries, the Government has decided to levy at least 5 per cent tax on goods and services such as hotels including food, clothing, electronic and gasoline, phone, electricity and water supply through VAT for the new year.

इसके अलावा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी वैट लगाने की तैयारी की जा रही है और स्कूली शिक्षा में स्कूल यूनीफॉर्म, किताबें, स्कूल बस फीस और लंच जैसी सेवाओं को टैक्स के दायरे में रखा जाएगा.

Apart from this, preparations for VAT are also being made in the field of higher education and in school education, services such as school uniforms, books, school bus fees and lunch will be kept under tax.

गौतलब है कि खाड़ी देशों में बढ़ते राजस्व घाटे के असर को कम करने के लिए 2015 में गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल में सभी सदस्य देशों ने टैक्स फ्री तमगा हटाते हुए उत्पाद और सेवाओं पर टैक्स लगाने पर सहमति जताई थी. इसके बाद अब 2018 में सऊदी और यूएई इस दिशा में पहला कदम बढ़ा रहे हैं. माना जा रहा है कि इसके बाद अन्य खाड़ी देश भी इसी फॉर्मूले पर अपने-अपने देश में वैट लगाने की पहल करेंगे.

In order to reduce the impact of the growing revenue deficit in the Gulf countries, in 2015, all the member countries in the Gulf Cooperation Council had agreed to impose tax on products and services by removing the tax free limit. After this, Saudi and UAE are now taking the first step in this direction in 2018. It is believed that after this, other Gulf countries will also take initiative to put VAT on this formula in their respective countries.

मुफ्तखोरी ख़त्म होने से आतंक का सफाया
जानकारों के मुताबिक़ तेल से होने वाली घटती कमाई से दुनिया में आतंकवाद में भी भारी कमी आएगी, क्योंकि सऊदी अरब को ही आतंक का जनक माना जाता है. तेल बेचकर आयी अथाह दौलत का इस्तेमाल दुनिया में सलाफी विचारधारा के प्रचार और आतंक को प्रायोजित करने के लिए किया जाता रहा है मगर अब वो दिन लदने लगे हैं.

Elimination of terror by eliminating free poker
According to experts, decreasing earnings from oil will also lead to a huge reduction in terrorism in the world, because Saudi Arabia is considered to be the father of terror. The wealth that came from selling oil has been used to sponsor Salafi ideology and to sponsor terror in the world but now they are starting to struggle.

जैसे-जैसे सऊदी समेत अन्य खाड़ी देशों का तेल व्यापार ठप्प होता जाएगा, वैसे-वैसे पैसे कमाने के लिए मेहनत करनी पड़ेगी और व्यापारिक सम्बन्ध बनाने के लिए दूसरे देशों के साथ अच्छे तालमेल बिठाने पड़ेंगे. सऊदी अरब तो इजराइल के साथ दोस्ती करने को भी काफी उत्सुक दिखाई दे रहा है.

As the oil trade of other Gulf countries, including Saudi, will get stalled, in the same way, it will have to work hard to earn money and in order to have a business relationship, it will have to adjust to other countries. Saudi Arabia is also looking forward to being friendly with Israel.

सऊदी जलवायु बहुत ज्यादा उद्योग व् व्यापार के अनुकूल भी नहीं है, ऐसे में दूसरे देशों पर निर्भर रहना पडेगा. मेहनत से कमाए गए पैसे का महत्व समझ में आएगा

The Saudi climate is not very favorable to the industry and business, in such cases, it will have to depend on other countries. The importance of hard-earned money will be understood.

 

यह भी देखें:

https://www.youtube.com/watch?v=m7CoPymK4gw

 

https://www.youtube.com/watch?v=8WfEyICu_NM

PM मोदी का सबसे बड़ा तोहफा, पेट्रोल-डीजल पर आयी इस रिपोर्ट को पढ़कर जनता में वाह वाह-कांग्रेस के निकले आंसू…

मुस्लिम देशों की हिल जाएँगी नींव
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अब भारत को उस दिशा की ओर बढ़ने के आदेश दे दिए हैं जहाँ अभी तक कई देश सोच भी नहीं सकते हैं. आपको बता दें भारत सबसे ज़्यादा पेट्रोल का आयात करने वाला देश है. जिसके लिए कई अरबों डॉलर की कीमत भारत मुस्लिम देशों जैसे सऊदी, ईरान इराक,दुबई, क़तर को चुकाता है. जिन पैसों का इस्तेमाल आज ये मुस्लिम देश तेल के अकेले दम पर आतंकवादी संगठनों को हथियार खरीदने में मुहैया करते हैं.

Foundation will move to Muslim countries
Union Road Transport Minister Nitin Gadkari has now ordered India to move towards that direction where so many countries can not even think. Let us tell you India is the nation to import petrol. For which billions of dollars worth of rupees repay to India Muslim countries like Saudi, Iran, Iraq, Dubai, Qatar. The money used by these Muslim countries today is to provide weapons to the terrorist organizations on the basis of oil alone.

मोदी सरकार ने दे दी है अंतिम चेतावनी
इस समस्या का इलाज अब मोदी सरकार ने ढूंढ निकाला है. मोदी सरकार ने देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के प्रयास में जी जान से लग गयी है. जिसमें अभी-अभी नितिन गडकरी ने सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के एक कार्यक्रम में ऑटो कंपनियों के प्रतिनिधियों को सख्त लहज़े में चेतावनी देते हुए कहा है कि “हमें पेट्रोल-डीजल को छोड़कर स्वच्छ ईंधन की तरफ बढ़ना होगा. और मैं ये कर के रहूंगा. आप लोगों को यह पसंद आए चाहे न आए. मैं आप लोगों को पूछूंगा नहीं, बल्क‍ि सीधे फैसला ले लूंगा.”

Modi government has given the final warning
The Modi government has now been cured by this problem. The Modi government has been alive in an effort to promote electric vehicles in the country. In which Nitin Gadkari has just warned the representatives of auto companies in a program of Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM), saying that “we have to move from petrol-diesel to clean fuel.” And I will continue to do this. Do not you like people you like it I will not ask you people, but rather I will make a decision. ”

गडकरी ने कार कंपनियों के प्रतिनिधियों से साफ कहा कि वह पेट्रोल और डीजल की कारों को अब कम करने के लिए कड़े कदम उठाएंगे. उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि कार कंपनियों को अब इलेक्ट्र‍िक वाहन बनाने पर फोकस करना चाहिए. गडकरी ने कहा कि जो कार कंपनियां इस मिशन में सरकार के साथ होंगी, वे फायदे में रहेंगी. लेकिन जो सिर्फ पैसे कमाने के चक्कर में पेट्रोल-डीजल कार पर ही अटके रहेंगे, तो उनके लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है.

Gadkari has clearly told representatives of car companies that he will take stern steps to reduce petrol and diesel cars now. He has warned that car companies should now focus on making electric vehicles. Gadkari said that the car companies that will be with the government in this mission will be in the benefits. But those who are stuck on the petrol and diesel car in the pursuit of earning money, they may have trouble for them.

आपको बता दें आज आज मोदी सरकार मेक इन इंडिया के तहत सौर ऊर्जा पर पूरा ज़ोर दे रही है. तेल के कुंए आज नहीं तो कल इन मुस्लिम देशों के पास ख़त्म होने वाले हैं जिससे पूरे विश्व को तगड़ा झटका लगेगा लेकिन भारत अगर अभी से सचेत हो जाए और बिजली से चलने वाले वाहनों पर ज़ोर दे तो जहाँ सारे देश मुसीबत में होंगे वहां भारत चैन की नींद ले रहा होगा.

Let me tell you today, today the Modi Government is giving full emphasis on solar power under Make in India. Oil wells are not going to end today if they are going to be close to these Muslim countries, which will cause a complete blow to the entire world, but if India becomes alert now and insists on electric-powered vehicles, where all the countries will be in trouble, India will Would have been sleeping.

मिशन 2030 से पहले पूरा कर लेंगे सपना, जल्द लाएगी पालिसी
इसके लिए मोदी सरकार ने मिशन 2030 की योजना तैयार करि है जिसके तहत भारत की सड़कों पर सिर्फ इलेक्ट्र‍िक कारें ही होंगी. जिससे बढ़ते प्रदुषण की समस्या से भी निजात मिलेगी. इसके लिए मोदी सरकार जल्द ऐसी पालिसी लाएगी जिससे सभी कार कंपनियों को अब सिर्फ बिजली की कारों का ही उत्पादन करना होगा. ऐसे में कार कंपनियों ने भी इलेक्ट्रिक कारों को लाने को लेकर काम तेज़ी से करना शुरू कर दिया है.

Mission will complete before 2030, soon bring policy
For this, Modi Government has prepared a plan of Mission 2030 under which only electric cars will be on India’s roads. This will also get rid of the problem of increasing pollution. For this, Modi Government will soon bring a policy so that all car companies will now have to produce only electric cars. In this case, car companies have started working fast enough to bring electric cars.

आज सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बहुत तेज़ी से भारत में बढ़ रहा है, सिर्फ मेट्रो स्टेशन में ही नहीं भारतीय रेलवे में भी अब सोलर पेनल्स का इस्तेमाल हो रहा है . जिससे लाखों रुपयों की बचत हो रही है. तो वहीं दिल्ली जैसे बड़े शहरों में अब मेट्रो स्टेशन के बाहर बिजली से चलने वाले ऑटो का चलन बहुत तेज़ी से बढ़ गया है. तो वहीँ बिजली के दो पहिया वाहन का भी आम जनता ने इस्तेमाल में लाना शुरू कर दिया है.

Today the use of solar power is increasing rapidly in India, not only in the metro station but also in the Indian Railways, solar panels are also being used. Saving millions of rupees. So in the big cities like Delhi, now the speed of electricity running out of the metro station has increased very rapidly. So the same general electric vehicle has started using the two wheelers.

यह भी देखे :

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

https://youtu.be/hsfxfSRtdUs

source political report

PM मोदी का सबसे बड़ा तोहफा, पेट्रोल-डीजल पर आयी इस रिपोर्ट को पढ़कर जनता में वाह वाह-कांग्रेस के निकले आंसू…

मुस्लिम देशों की हिल जाएँगी नींव: केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अब भारत को उस दिशा की ओर बढ़ने के आदेश दे दिए हैं जहाँ अभी तक कई देश सोच भी नहीं सकते हैं. आपको बता दें भारत सबसे ज़्यादा पेट्रोल का आयात करने वाला देश है. जिसके लिए कई अरबों डॉलर की कीमत भारत मुस्लिम देशों जैसे सऊदी, ईरान इराक,दुबई, क़तर को चुकाता है. जिन पैसों का इस्तेमाल आज ये मुस्लिम देश तेल के अकेले दम पर आतंकवादी संगठनों को हथियार खरीदने में मुहैया करते हैं
मोदी सरकार ने दे दी है अंतिम चेतावनी
इस समस्या का इलाज अब मोदी सरकार ने ढूंढ निकाला है. मोदी सरकार ने देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के प्रयास में जी जान से लग गयी है.

Movement of Muslim countries will move: Union Road Transport Minister Nitin Gadkari has now ordered India to move towards that direction where so many countries can not even think. Let us tell you India is the nation to import petrol. For which billions of dollars worth of rupees repay to India Muslim countries like Saudi, Iran, Iraq, Dubai, Qatar. The money used by these Muslim countries today is to provide weapons to the terrorist organizations on the basis of oil alone.
Modi government has given the final warning
The Modi government has now been cured by this problem. The Modi government has been alive in an effort to promote electric vehicles in the country.

पेट्रोल-डीजल को छोड़कर स्वच्छ ईंधन की तरफ बढ़ना होगा. और मैं ये कर के रहूंगा. आप लोगों को यह पसंद आए चाहे न आए. मैं आप लोगों को पूछूंगा नहीं, बल्किर सीधे फैसला ले लूंगा.
गडकरी ने कार कंपनियों के प्रतिनिधियों से जिसमें अभी-अभी नितिन गडकरी ने सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के एक कार्यक्रम में ऑटो कंपनियों के प्रतिनिधियों को सख्त लहज़े में चेतावनी देते हुए कहा है कि “हमें साफ कहा कि वह पेट्रोल और डीजल की कारों को अब कम करने के लिए कड़े कदम उठाएंगे. उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि कार कंपनियों को अब इलेक्ट्रिबक वाहन बनाने पर फोकस करना चाहिए. गडकरी ने कहा कि जो कार कंपनियां इस मिशन में सरकार के साथ होंगी, वे फायदे में रहेंगी. लेकिन जो सिर्फ पैसे कमाने के चक्कर में पेट्रोल-डीजल कार पर ही अटके रहेंगे, तो उनके लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है

Except petrol-diesel will have to move towards clean fuel. And I will continue to do this. Do not you like people you like it I will not ask you people, Bulkish will take a straight decision.
Gadkari, among the representatives of car companies, in which Nitin Gadkari has just warned the representatives of auto companies in a program of the Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM), said, “We have made it clear that it will be used for petrol and diesel Now we will take strict measures to reduce the cars. He has warned that car companies should now focus on making electric vehicles. Gadkari said that the car companies that will be with the government in this mission will be in the benefits. But only those who are stuck on the petrol-diesel car in the wake of money making money can have trouble for them.

आपको बता दें आज आज मोदी सरकार मेक इन इंडिया के तहत सौर ऊर्जा पर पूरा ज़ोर दे रही है. तेल के कुंए आज नहीं तो कल इन मुस्लिम देशों के पास ख़त्म होने वाले हैं जिससे पूरे विश्व को तगड़ा झटका लगेगा लेकिन भारत अगर अभी से सचेत हो जाए और बिजली से चलने वाले वाहनों पर ज़ोर दे तो जहाँ सारे देश मुसीबत में होंगे वहां भारत चैन की नींद ले रहा होगा.

Let me tell you today, today the Modi Government is giving full emphasis on solar power under Make in India. Oil wells are not going to end today if they are going to be close to these Muslim countries, which will cause a complete blow to the entire world, but if India becomes alert now and insists on electric-powered vehicles, where all the countries will be in trouble, India will Would have been sleeping.

मिशन 2030 से पहले पूरा कर लेंगे सपना, जल्द लाएगी पालिसी
इसके लिए मोदी सरकार ने मिशन 2030 की योजना तैयार करि है जिसके तहत भारत की सड़कों पर सिर्फ इलेक्ट्रिमक कारें ही होंगी. जिससे बढ़ते प्रदुषण की समस्या से भी निजात मिलेगी. इसके लिए मोदी सरकार जल्द ऐसी पालिसी लाएगी जिससे सभी कार कंपनियों को अब सिर्फ बिजली की कारों का ही उत्पादन करना होगा. ऐसे में कार कंपनियों ने भी इलेक्ट्रिक कारों को लाने को लेकर काम तेज़ी से करना शुरू कर दिया है.

Mission will complete before 2030, bring policy soon
For this, Modi Government has prepared a plan for Mission 2030, which will have only electric cars on India’s roads. This will also get rid of the problem of increasing pollution. For this, Modi Government will soon bring a policy so that all car companies will now have to produce only electric cars. In this case, car companies have started working faster due to the introduction of electric cars.

आज सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बहुत तेज़ी से भारत में बढ़ रहा है, सिर्फ मेट्रो स्टेशन में ही नहीं भारतीय रेलवे में भी अब सोलर पेनल्स का इस्तेमाल हो रहा है .
जिससे लाखों रुपयों की बचत हो रही है. तो वहीं दिल्ली जैसे बड़े शहरों में अब मेट्रो स्टेशन के बाहर बिजली से चलने वाले ऑटो का चलन बहुत तेज़ी से बढ़ गया है. तो वहीँ बिजली के दो पहिया वाहन का भी आम जनता ने इस्तेमाल में लाना शुरू कर दिया है.

Today, the use of solar power is increasing rapidly in India, not only in the metro station but also in the Indian Railways, solar panels are also being used.
Saving millions of rupees. So in the big cities like Delhi, now the speed of electricity running out of the metro station has increased very rapidly. So the same general electric vehicle has started using the two wheelers.

यह भी देखे

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

https://youtu.be/DIe9xpCgLks?t=25

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अभी अभी: PM मोदी ने किया जबरदस्त कमाल, अबू धाबी पर हुआ भारत का ऐसा कब्जा, जिसे देख मुस्लिम देशों में खलबली…..

नई दिल्ली (11 फरवरी) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अबू धाबी दौरे के दौरान एक के बाद एक बड़ी ख़बरें सामने आ रही हैं. पहले तो केवल हिन्दू मंदिर के शिलान्यास की ही खबर थी, मगर अब अबू धाबी से ऐसी जबरदस्त खबर सामने आ रही है, जिसे देख आपकी आँखें फटी रह जाएंगी. पीएम मोदी ने पेट्रोल-डीजल की समस्या से जूझ रहे भारत की बड़ी परेशानी का हल कर दिया है.

New Delhi (February 11): A big news is coming out after one by one during Prime Minister Narendra Modi’s Abu Dhabi tour. At first it was only the story of the temple of the Hindu temple, but now there is a tremendous news coming from Abu Dhabi, which will keep your eyes closed. PM Modi has solved the huge problem of India facing the problem of petrol and diesel.

अबू धाबी के 10% तेल पर हुआ भारत का कब्जा
ओएनजीसी विदेश लिमिटेड ने अबू धाबी ऑयल फील्ड में 10 प्रतिशत हिस्सा खरीदा है, इसके लिए 60 करोड़ डॉलर का भुगतान किया गया है. आपको बता दें कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब अबू धाबी में किसी ऑयल फील्ड में किसी भारतीय तेल कंपनी को हिस्सा बेचा गया है.

India captures 10% of Abu Dhabi oil
ONGC Videsh has bought a 10 percent stake in the Abu Dhabi oil field, for which 60 million dollars has been paid. Let us tell you that this has happened for the first time when a portion of the oil company has been sold to an oil company in Abu Dhabi.


इस करार के तहत अबू धाबी की इस ऑयल फील्ड से निकलने वाले कच्च तेल के करीब 10 प्रतिशत हिस्से पर ओएनजीसी विदेश लिमिटेड का हक होगा. यह करार 9 मार्च 2018 से लागू हो जाएगा.

Under this agreement, ONGC Videsh will be entitled to 10% of the crude oil from the Abu Dhabi oil field. This agreement will be effective from March 9, 2018.

भारत की पेट्रोल-डीजल की समस्या का हुआ समाधान
इस ऑयल फील्ड के जरिए प्रतिदिन लगभग 4 लाख बैरल यानि सालभर में करीब 2 करोड़ टन कच्चे तेल का उत्पादन होता है. इसमें से भारत को हर साल इसका 10 प्रतिशत यानि करीब 20 लाख टन कच्चा तेल मिलेगा. जैसे-जैसे ऑयल फील्ड से कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ेगा, वैसे-वैसे भारत को भी ज्यादा मात्रा में कच्चा तेल मिलता जाएगा.

India’s solution to the problem of petrol and diesel
Through this oil field, approximately 4 million barrels per day (i.e., about a quarter of a million tonnes of crude oil is produced in a year). Out of this, India will get 10 per cent i.e. roughly 2 million tonnes of crude oil every year. As the production of crude oil will increase from the oil field, India will also get crude oil in much quantity.

2025 तक इस ऑयल फील्ड का रोजाना उत्पादन 4.5 लाख बैरल किए जाने का लक्ष्य है. ओएनजीसी विदेश लिमिटेड भारत की 3 बड़ी तेल कंपनियों यानि ओएनजीसी, इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम की तरफ से बनाई गई संयुक्त कंपनी है.

By 2025, the daily production of this oil field is targeted to be 4.5 lakh barrels. ONGC Videsh Limited is a joint venture company of India’s 3 major oil companies ie ONGC, Indian Oil and Bharat Petroleum.

मोदी ने रखी हिन्दू मंदिर की आधारशिला
भारत के लिए ये एक बड़ी सफलता है. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपनी यूएइ यात्रा के दौरान अबू धाबी में प्रथम हिंदू मंदिर की आधारशीला रखी है. दुबई के ओपेरा हाउस में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंदिर का शिलान्यास किया गया. अबू धाबी में अभीतक एक भी हिन्दू मंदिर नहीं था. मंदिर की नींव रखने के बाद पीएम ने भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया. पीएम के भाषण के दौरान कई बार मोदी-मोदी और भारत माता की जय के नारे लगे.

Modi laid the foundation stone of Hindu temple
This is a big success for India. Let us know that Prime Minister Narendra Modi today laid the foundation for the first Hindu temple in Abu Dhabi during his UAE tour. The foundation stone of the temple was done through video conferencing in Dubai’s opera house. There was not even a single Hindu temple in Abu Dhabi. Following the foundation of the temple, the PM addressed the people of the Indian community. During the PM’s speech, many times Modi-Modi and Bharat Mata Ki Jai’s slogans started.

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आएगा बदलाव
साथ ही कच्चे तेल को लेकर हुई इस ऐतिहासिक डील से भारत में पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर भी राहत मिलेगी. पहले जॉर्डन, फिर फिलिस्तीन और अब अबू धाबी, जैसा स्वागत पीएम मोदी का हुआ है, उसे देख सभी बेहद हैरान हैं, खासतौर पर कांग्रेसी. आपको याद होगा कि 2002 से लेकर 2014 तक कांग्रेस ने पीएम मोदी पर कीचड उछालने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी. अमेरिका को पत्र लिखा गया था कि उन्हें वीजा ना दिया जाए.

Petrol and diesel prices will go up
Also, this historic deal involving crude oil will also provide relief for petrol and diesel prices in India. First of all, Jordan, then Palestine and now Abu Dhabi, welcome PM Modi, all are very surprised to see him, especially the Congressman. You will remember that from 2002 to 2014, the Congress had left no stone unturned on the PM Modi. The letter was written to the US that they were not granted a visa.

मगर पीएम मोदी ना केवल सत्ता पर काबिज हुए बल्कि आज अमेरिका से लेकर रूस व् इजराइल से लेकर अरब देशों तक सभी पीएम मोदी के लिए पलकें बिछाते हैं. दुनिया का हर देश आज भारत के साथ जुड़ना चाहता है. यही वजह है कि इतिहास में पहली बार अबू धाबी ने भारतीय कंपनी को आयल फील्ड में हिस्सेदारी बेचीं है. जो काम कांग्रेस 60 सालों में नहीं कर सकीय, वो मोदी ने 4 सालों में कर दिखाया.

But PM Modi not only took power, but today, from America to Russia and Israel to the Arab countries, all PM Modi lays the eyelids. Every country in the world today wants to connect with India. This is the reason that for the first time in history, Abu Dhabi has sold the Indian company in oil field. What Congress can not do in 60 years, Modi has done it in 4 years.

अब अबू धाबी की देखा-देखी अन्य अरब देश भी भारत के साथ इसी तरह के करार करने को उत्सुक हैं. ईरान के साथ चाबहार पोर्ट का करार तो पहले ही हो चुका है. अब सऊदी अरब व् अन्य खाड़ी देश भी भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को प्रगाढ़ करने के लिए उत्सुक हैं.

Now the sight of Abu Dhabi-seen other Arab countries are also eager to make a similar deal with India. Chabahar Port has already been signed with Iran. Now Saudi Arabia and other Gulf countries are also keen to strengthen business relations with India.

यह भी देखे

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

sourcename:politicalreport

पेट्रोल-डीजल के बाद रसोई गैस सिलेंडर को लेकर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, ख़ुशी से झूमे लोग

नई दिल्ली : पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के बाद अब रसोई गैस सिलेंडर के दाम भी कुछ बढ़ गए हैं, हालांकि आपको घबराने की जरुरत नहीं क्योंकि बढे हुए दाम का असर अपनी जेब पर पड़ने से आप बचा सकते हैं. मोदी सरकार ने रसोई गैस सिलेंडर को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है, अगर आप रसोई गैस सिलेंडर खरीदते हैं तो यह खबर जानना आपके लिए बेहद ही जरूरी है.’

New Delhi: After the rising prices of petrol and diesel, the price of LPG cylinders has increased even though you do not need to panic because you can save the impact of the increased price on your pocket. The Modi government has taken a big decision regarding the LPG cylinder, if you buy LPG cylinders then it is very important for you to know this news.

रसोई गैस सिलेंडर के दाम बढे, फिर भी आपको मिलेगा सस्ता
दरअसल केंद्र सरकार ने रविवार को रसोई गैस की कीमतों में 1.50 रुपये का इजाफा कर दिया है. जिसके कारण दिल्‍ली में अब सब्सिडी वाला एक सिलेंडर आपको 488.68 रुपये में मिलेगा, जबकि पहले दिल्‍ली में सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत 487.18 रुपये थी. इन बढ़ी कीमतों का असर आपकी जेब पर ना पड़े, इसके लिए आपको सिर्फ एक काम करना पड़ेगा.

LPG cylinders increase, but you will get cheaper
In fact, the central government has increased the price of LPG by Rs 1.50 a liter on Sunday. Because of this, a subsidized cylinder will now get you Rs 488.68 in Delhi, while the price of subsidized cylinders in Delhi earlier was Rs 487.18. You will have to do one thing just because these increased prices do not affect your pocket.

आप को पेमेंट का तरीका बदलना होगा, जिससे ना केवल आप बढ़ी कीमतों के असर से बच पाएंगे, बल्कि आपको सब्सिडी वाला सिलेंडर पहले से भी सस्ते रेट पर भी मिलेगा. रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग पर डिस्‍काउंट पाने के लिए आपको कैश पेमेंट करने की अपनी आदत को छोड़ना होगा. ऑनलाइन भुगतान कीजिये या फिर अपने क्रेडिट व् डेबिट कार्ड का इस्तमाल करके भुगतान कीजिये. यदि आप गैस बुकिंग के लिए ऐसे भुगतान करते हैं, तो इसके लिए आपको टोटल बिल पर 5 रुपये का डिस्‍काउंट मिलेगा.

You have to change the method of payment, which will not only save you from the impact of increased prices, but you will also get subsidized cylinders already at cheap rates. To get a discount on the booking of LPG cylinders, you have to leave your habit of making cash payments. Pay online or pay by using your credit and debit card. If you pay such a fee for gas booking, you will get a discount of 5 rupees on the total bill for this.

देश बचाने के लिए दें पीएम मोदी का साथ, हो जाएँ कैशलेस
जैसे ही आप कैशलेस मोड से भुगतान करेंगे, ये डिस्‍काउंट अपने आप आपके बिल में से घट जाएगा. इस छूट के बाद दिल्‍ली में 488.68 रुपये के एक सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर आपको केवल 483.68 रुपये में मिलेगा, जो पिछली कीमतों से भी कम है. आपको यह डिस्‍काउंट हमेशा मिलते रह सकता है बशर्ते आप हमेशा कैशलेस पेमेंट करें.

Let Modi save the country, save money with cash
As soon as you pay with cashless mode, these discounts will automatically decrease from your bill. After this exemption, you will get a subsidized gas cylinder of Rs 488.68 in Delhi for only Rs 483.68, which is less than the previous prices. You can always meet this discount provided you always make cashless payments.

मोदी सरकार ऑनलाइन व् कैशलेस भुगतान को बढ़ावा दे रही है ताकि नकली करेंसी व् कालाधन देश से पूरी तरह से ख़त्म हो सके. ये बात तो सभी जानते हैं कि इसी कालेधन से आतंकवाद को फंडिंग होती है. अलगाववाद की फंडिंग होती है. अपराधों को बढ़ावा मिलता है. किसी को अगवा करके फिरौती के पैसे भी तो कैश ही मांगे जाते हैं. ऐसे में रसोई गैस सिलेंडर के माध्यम से सरकार ने नयी मुहिम शुरू की है. रसोई गैस सिलेंडर लगभग सभी को खरीदना ही पड़ता है, ऐसे में इस मुहिम के जरिये ज्यादा से ज्यादा लोगों को कैशलेस भुगतान करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है.

The Modi government is promoting online and cashless payments so that counterfeit currency and black money can be completely eliminated from the country. All this knows that terrorism is funded by this black money. Separation is funding. Crime is promoted. Ransom money is also asked for cash by kidnapping someone. In this way, the government has started a new campaign through LPG cylinders. Almost everyone has to buy the LPG cylinder, in this way, through this campaign, more and more people can be encouraged to make cashless payments.

यह भी देखे

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

https://youtu.be/nr_nk-1ILRI

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PM मोदी का सबसे बड़ा तोहफा, पेट्रोल-डीजल पर आयी इस रिपोर्ट को पढ़कर जनता में वाह वाह-कांग्रेस के निकले आंसू…

मुस्लिम देशों की हिल जाएँगी नींव
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अब भारत को उस दिशा की ओर बढ़ने के आदेश दे दिए हैं जहाँ अभी तक कई देश सोच भी नहीं सकते हैं. आपको बता दें भारत सबसे ज़्यादा पेट्रोल का आयात करने वाला देश है. जिसके लिए कई अरबों डॉलर की कीमत भारत मुस्लिम देशों जैसे सऊदी, ईरान इराक,दुबई, क़तर को चुकाता है. जिन पैसों का इस्तेमाल आज ये मुस्लिम देश तेल के अकेले दम पर आतंकवादी संगठनों को हथियार खरीदने में मुहैया करते हैं.

Foundation will move to Muslim countries
Union Road Transport Minister Nitin Gadkari has now ordered India to move towards that direction where so many countries can not even think. Let us tell you India is the nation to import petrol. For which billions of dollars worth of rupees repay to India Muslim countries like Saudi, Iran, Iraq, Dubai, Qatar. The money used by these Muslim countries today is to provide weapons to the terrorist organizations on the basis of oil alone.

मोदी सरकार ने दे दी है अंतिम चेतावनी
इस समस्या का इलाज अब मोदी सरकार ने ढूंढ निकाला है. मोदी सरकार ने देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के प्रयास में जी जान से लग गयी है. जिसमें अभी-अभी नितिन गडकरी ने सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के एक कार्यक्रम में ऑटो कंपनियों के प्रतिनिधियों को सख्त लहज़े में चेतावनी देते हुए कहा है कि “हमें पेट्रोल-डीजल को छोड़कर स्वच्छ ईंधन की तरफ बढ़ना होगा. और मैं ये कर के रहूंगा. आप लोगों को यह पसंद आए चाहे न आए. मैं आप लोगों को पूछूंगा नहीं, बल्क‍ि सीधे फैसला ले लूंगा.”

Modi government has given the final warning
The Modi government has now been cured by this problem. The Modi government has been alive in an effort to promote electric vehicles in the country. In which Nitin Gadkari has just warned the representatives of auto companies in a program of Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM), saying that “we have to move from petrol-diesel to clean fuel.” And I will continue to do this. Do not you like people you like it I will not ask you people, but rather I will make a decision. ”

गडकरी ने कार कंपनियों के प्रतिनिधियों से साफ कहा कि वह पेट्रोल और डीजल की कारों को अब कम करने के लिए कड़े कदम उठाएंगे. उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि कार कंपनियों को अब इलेक्ट्र‍िक वाहन बनाने पर फोकस करना चाहिए. गडकरी ने कहा कि जो कार कंपनियां इस मिशन में सरकार के साथ होंगी, वे फायदे में रहेंगी. लेकिन जो सिर्फ पैसे कमाने के चक्कर में पेट्रोल-डीजल कार पर ही अटके रहेंगे, तो उनके लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है.

Gadkari has clearly told representatives of car companies that he will take stern steps to reduce petrol and diesel cars now. He has warned that car companies should now focus on making electric vehicles. Gadkari said that the car companies that will be with the government in this mission will be in the benefits. But those who are stuck on the petrol and diesel car in the pursuit of earning money, they may have trouble for them.

आपको बता दें आज आज मोदी सरकार मेक इन इंडिया के तहत सौर ऊर्जा पर पूरा ज़ोर दे रही है. तेल के कुंए आज नहीं तो कल इन मुस्लिम देशों के पास ख़त्म होने वाले हैं जिससे पूरे विश्व को तगड़ा झटका लगेगा लेकिन भारत अगर अभी से सचेत हो जाए और बिजली से चलने वाले वाहनों पर ज़ोर दे तो जहाँ सारे देश मुसीबत में होंगे वहां भारत चैन की नींद ले रहा होगा.

Let me tell you today, today the Modi Government is giving full emphasis on solar power under Make in India. Oil wells are not going to end today if they are going to be close to these Muslim countries, which will cause a complete blow to the entire world, but if India becomes alert now and insists on electric-powered vehicles, where all the countries will be in trouble, India will Would have been sleeping.

मिशन 2030 से पहले पूरा कर लेंगे सपना, जल्द लाएगी पालिसी
इसके लिए मोदी सरकार ने मिशन 2030 की योजना तैयार करि है जिसके तहत भारत की सड़कों पर सिर्फ इलेक्ट्र‍िक कारें ही होंगी. जिससे बढ़ते प्रदुषण की समस्या से भी निजात मिलेगी. इसके लिए मोदी सरकार जल्द ऐसी पालिसी लाएगी जिससे सभी कार कंपनियों को अब सिर्फ बिजली की कारों का ही उत्पादन करना होगा. ऐसे में कार कंपनियों ने भी इलेक्ट्रिक कारों को लाने को लेकर काम तेज़ी से करना शुरू कर दिया है.

Mission will complete before 2030, soon bring policy
For this, Modi Government has prepared a plan of Mission 2030 under which only electric cars will be on India’s roads. This will also get rid of the problem of increasing pollution. For this, Modi Government will soon bring a policy so that all car companies will now have to produce only electric cars. In this case, car companies have started working fast enough to bring electric cars.

आज सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बहुत तेज़ी से भारत में बढ़ रहा है, सिर्फ मेट्रो स्टेशन में ही नहीं भारतीय रेलवे में भी अब सोलर पेनल्स का इस्तेमाल हो रहा है . जिससे लाखों रुपयों की बचत हो रही है. तो वहीं दिल्ली जैसे बड़े शहरों में अब मेट्रो स्टेशन के बाहर बिजली से चलने वाले ऑटो का चलन बहुत तेज़ी से बढ़ गया है. तो वहीँ बिजली के दो पहिया वाहन का भी आम जनता ने इस्तेमाल में लाना शुरू कर दिया है.

Today the use of solar power is increasing rapidly in India, not only in the metro station but also in the Indian Railways, solar panels are also being used. Saving millions of rupees. So in the big cities like Delhi, now the speed of electricity running out of the metro station has increased very rapidly. So the same general electric vehicle has started using the two wheelers.

यह भी देखे

https://youtu.be/6KzO3XxanXM

https://youtu.be/BVuWDLCqpCM

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पेट्रोल डीजल को लेकर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, सऊदी समेत सभी मुस्लिम देशों की हालत ख़राब

मुस्लिम देशों की हिल जाएँगी नींव
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अब भारत को उस दिशा की ओर बढ़ने के आदेश दे दिए हैं जहाँ अभी तक कई देश सोच भी नहीं सकते हैं. आपको बता दें भारत सबसे ज़्यादा पेट्रोल का आयात करने वाला देश है. जिसके लिए कई अरबों डॉलर की कीमत भारत मुस्लिम देशों जैसे सऊदी, ईरान इराक,दुबई, क़तर को चुकाता है. जिन पैसों का इस्तेमाल आज ये मुस्लिम देश तेल के अकेले दम पर आतंकवादी संगठनों को हथियार खरीदने में मुहैया करते हैं.

Foundation will move to Muslim countries
Union Road Transport Minister Nitin Gadkari has now ordered India to move towards that direction where so many countries can not even think. Let us tell you India is the nation to import petrol. For which billions of dollars worth of rupees repay to India Muslim countries like Saudi, Iran, Iraq, Dubai, Qatar. The money used by these Muslim countries today is to provide weapons to the terrorist organizations on the basis of oil alone.

मोदी सरकार ने दे दी है अंतिम चेतावनी
इस समस्या का इलाज अब मोदी सरकार ने ढूंढ निकाला है. मोदी सरकार ने देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के प्रयास में जी जान से लग गयी है. जिसमें अभी-अभी नितिन गडकरी ने सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के एक कार्यक्रम में ऑटो कंपनियों के प्रतिनिधियों को सख्त लहज़े में चेतावनी देते हुए कहा है कि “हमें पेट्रोल-डीजल को छोड़कर स्वच्छ ईंधन की तरफ बढ़ना होगा. और मैं ये कर के रहूंगा. आप लोगों को यह पसंद आए चाहे न आए. मैं आप लोगों को पूछूंगा नहीं, बल्क‍ि सीधे फैसला ले लूंगा.”

Modi government has given the final warning
The Modi government has now been cured by this problem. The Modi government has been alive in an effort to promote electric vehicles in the country. In which Nitin Gadkari has just warned the representatives of auto companies in a program of Society of Indian Automobile Manufacturers (SIAM), saying that “we have to move from petrol-diesel to clean fuel.” And I will continue to do this. Do not you like people you like it I will not ask you people, but rather I will make a decision. ”

गडकरी ने कार कंपनियों के प्रतिनिधियों से साफ कहा कि वह पेट्रोल और डीजल की कारों को अब कम करने के लिए कड़े कदम उठाएंगे. उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि कार कंपनियों को अब इलेक्ट्र‍िक वाहन बनाने पर फोकस करना चाहिए. गडकरी ने कहा कि जो कार कंपनियां इस मिशन में सरकार के साथ होंगी, वे फायदे में रहेंगी. लेकिन जो सिर्फ पैसे कमाने के चक्कर में पेट्रोल-डीजल कार पर ही अटके रहेंगे, तो उनके लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है.

Gadkari has clearly told representatives of car companies that he will take stern steps to reduce petrol and diesel cars now. He has warned that car companies should now focus on making electric vehicles. Gadkari said that the car companies that will be with the government in this mission will be in the benefits. But those who are stuck on the petrol and diesel car in the pursuit of earning money, they may have trouble for them.

आपको बता दें आज आज मोदी सरकार मेक इन इंडिया के तहत सौर ऊर्जा पर पूरा ज़ोर दे रही है. तेल के कुंए आज नहीं तो कल इन मुस्लिम देशों के पास ख़त्म होने वाले हैं जिससे पूरे विश्व को तगड़ा झटका लगेगा लेकिन भारत अगर अभी से सचेत हो जाए और बिजली से चलने वाले वाहनों पर ज़ोर दे तो जहाँ सारे देश मुसीबत में होंगे वहां भारत चैन की नींद ले रहा होगा.

Let me tell you today, today the Modi Government is giving full emphasis on solar power under Make in India. Oil wells are not going to end today if they are going to be close to these Muslim countries, which will cause a complete blow to the entire world, but if India becomes alert now and insists on electric-powered vehicles, where all the countries will be in trouble, India will Would have been sleeping.

मिशन 2030 से पहले पूरा कर लेंगे सपना, जल्द लाएगी पालिसी
इसके लिए मोदी सरकार ने मिशन 2030 की योजना तैयार करि है जिसके तहत भारत की सड़कों पर सिर्फ इलेक्ट्र‍िक कारें ही होंगी. जिससे बढ़ते प्रदुषण की समस्या से भी निजात मिलेगी. इसके लिए मोदी सरकार जल्द ऐसी पालिसी लाएगी जिससे सभी कार कंपनियों को अब सिर्फ बिजली की कारों का ही उत्पादन करना होगा. ऐसे में कार कंपनियों ने भी इलेक्ट्रिक कारों को लाने को लेकर काम तेज़ी से करना शुरू कर दिया है.

Mission will complete before 2030, soon bring policy
For this, Modi Government has prepared a plan of Mission 2030 under which only electric cars will be on India’s roads. This will also get rid of the problem of increasing pollution. For this, Modi Government will soon bring a policy so that all car companies will now have to produce only electric cars. In this case, car companies have started working fast enough to bring electric cars.

आज सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बहुत तेज़ी से भारत में बढ़ रहा है, सिर्फ मेट्रो स्टेशन में ही नहीं भारतीय रेलवे में भी अब सोलर पेनल्स का इस्तेमाल हो रहा है . जिससे लाखों रुपयों की बचत हो रही है. तो वहीं दिल्ली जैसे बड़े शहरों में अब मेट्रो स्टेशन के बाहर बिजली से चलने वाले ऑटो का चलन बहुत तेज़ी से बढ़ गया है. तो वहीँ बिजली के दो पहिया वाहन का भी आम जनता ने इस्तेमाल में लाना शुरू कर दिया है.

Today the use of solar power is increasing rapidly in India, not only in the metro station but also in the Indian Railways, solar panels are also being used. Saving millions of rupees. So in the big cities like Delhi, now the speed of electricity running out of the metro station has increased very rapidly. So the same general electric vehicle has started using the two wheelers.

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https://youtu.be/BVuWDLCqpCM

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जानिए आखिर पेट्रोल और डीज़ल को GST के अन्दर लाने में सरकार को क्या कठिनाई आ रही है?

कई लोगों के मन में यह सवाल कई समय से आ रहा है की अंतराष्ट्रीय बाज़ार में पेट्रॊल और डीज़ल के कच्चे तेल के दामों में गिरावट आने के बाद भी भारत में पेट्रॊल और डीज़ल के दाम कम क्यों नहीं है? साथ ही साथ पेट्रॊल और डीज़ल के ऊपर जीएसटी लागू क्यों नहीं किया गया है। यह सत्य है कि पेट्रोल और डीज़ल की दाम गिरने से या उसे जीएसटी के अंदर लाने से देश के आम नागरिकों का जेब का बोज़ हल्का होगा, लेकिन यह भी सत्य है कि सरकार के कंधों पर बहुत सारा बोज़ बढ़ेगा।

Many people have come to this question from time to time that even after petrol and diesel crude prices have fallen in the international market, why is the price of petrol and diesel not low in India? Also, why GST has not been applied above petrol and diesel. It is true that the cost of petrol and diesel falling or bringing it inside the GST will reduce the burden of pockets of ordinary citizens of the country, but it is also true that there will be a lot of increase in the burden on the shoulders of the government.

अंतराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दाम गिरने के बावजूद भारत में तेल के दामों में कटौती नहीं की गयी क्यों की पेट्रॊल और डीज़ल की बिकरी से आने वाली एक्साईस ड्यूटी से ही भारत सरकार को बड़ी रकम मिलती है जिसे वह भारत के मूलभूत ढांचे को सुधारने में डाल रही थी। ये जो आज देश के राष्ट्रीय राजमार्गों का काम इतनी तेज़ी से बड़ रहा है इसका पैसा एक्साईस ड्यूटी से ही आता है। 2016 में तेल के ऊपर की एक्साइस ड्यूटी के कारण सरकार को 1.5 लाख करोड़ रूपए का आय मिला था जिसे मोदी सरकार ने विकास के कामों में लगा दिया था।

Despite the fall in crude oil prices in the international market, the price of oil was not cut in India, because the excise duty coming from petrol and diesel briquettes gets a huge amount from the government of India, to improve the basic structure of India. Was putting. Today, the work of national highways of the country which is growing so fast, its money comes from Excise duty. In 2016, due to excise duty on oil, the government had received a revenue of Rs 1.5 lakh crore, which the Modi government had invested in development works.

इसके पहले की सरकार ने घॊटाले करके देश का पैसा विदेशी बैंको में जमा किया था इसी कारण देश के खज़ाने में एक कौड़ी नहीं बची थी। मोदी जी ने जब सत्ता संभाली थी उनके सर पर करोड़ों का विदेशी कर्ज़ा था जिन्हें इस वर्ष के अंत तक चुकाना था। देश में प्रगती लाना और देश का विदेशी कर्जा चुकाना हो और खज़ाना एक दम खाली हो तो इन्सान करे भी तो क्या करे। जो पैसा पेट्रोल और डीज़ल की बिकरी से मिला उसे मॊदी सरकार ने विकास के कामों में लगा दिया और ईरान के कर्ज़ का एक हिस्सा तुरंत चुका दिया।

Earlier, the government had deposited the country’s money in foreign banks, which was why there was no clue in the country’s treasury. When Modi took over the power, he had an overseas loan of crores of rupees which he had to pay until the end of this year. To make progress in the country and to repay the foreign debt of the country, and if the treasury is empty, then what can you do? The money that was met by the bakery of petrol and diesel has been invested by the government in the development works and repaid one part of Iran’s debt immediately.

देश के सर पर कर्ज़ का बोज़ टला नहीं है। अल्प कालिक और दीर्घ कालिक कर्ज़ को अभी हमें चुकाना है। 2016 में देश का कुल विदेशी कर्ज दिसंबर अंत तक पिछले साल मार्च अंत की तुलना में मामूली बढ़कर 480.2 अरब डॉलर (करीब 317 खरब रुपये) पर पहुंच गया था। मार्च अंत की तुलना में दिसंबर अंत तक कुल विदेशी कर्ज में 4.9 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई थी। सरकार का सॉवरन फॉरन ऋण दिसंबर अंत तक 90.7 अरब डॉलर पर था जबकि गैर सरकारी ऋण 389.5 अरब डॉलर पर था। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का विदेशी कर्ज प्रबंधन योग्य सीमा में है।

There is no debt burden on the country’s head. We have to pay short-term and long-term debt now. In 2016, the country’s total foreign debt reached marginally lower at $ 480.2 billion (about Rs 317 trillion) compared to the end of March last year till the end of December. By the end of December, the total external debt increased by $ 4.9 billion compared to the end of March. The government’s Sovereign Loan was at $ 90.7 billion by December end while non-government debt was at $ 389.5 billion. A report says that India’s external debt management is in the qualified range.

मोदी जी दो धारी तलवार के ऊपर चल रहे हैं पेट्रॊल और डीजल को जीएसटी के अंतर्गत लाया गया तो सरकार का नुकसान होगा जिससे विकास के कामों को तेज़ी से निपटाया नहीं जा सकता और ना ही जल्द से जल्द विदेशी कर्ज़ों को चुकाया जा सकता है। बावजूद इसके पिछले हफ़्ते वित्त मंत्री ने इस मसले से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए साफ कहा है की पेट्रोल एवं डीजल भी जीएसटी कक्षा में लाए जाए, ऐसी सरकार की इच्छा है। जीएसटी के कानून में पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी की कक्षा से बाहर नहीं रखा जाएगा। पर उस के लिए विभिन्न राज्यों की मंजूरी होना, यह सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है।

Modiji is running two stripe swords, petrol and diesel are brought under GST, then the government will be harmed so that the development works cannot be dealt with faster nor can the foreign debts be repaid at the earliest. Despite this, last week, the Finance Minister, in reply to the question related to this issue, has clearly said that the petrol and diesel should be brought to the GST class, such a government has a desire. In GST’s law, petroleum products will not be kept out of the class of GST. But for the approval of different states for that, this is the most important issue.

मोदी सरकार का उद्देश्य है कि देश का विकास तेज़ी से हो और इसलिए वह हर संभव प्रयास कर रही है। मॊदी जी के लिए यह परीक्षा की घड़ी है और हमारे लिए भी कि हम अपने देश के कठिंन समय में मोदी जी के साथ खड़े रहते है या नहीं। विरॊधियों की चाल है कि जीएसटी, नॊटबंदी और पेट्रॊल-डीजल के विषय में झूठ फैलाकर जनता को मोदी जी के खिलाफ भड़काए। अब यह जनता पर निर्भर करता है की वे झूठ को ही सच मानेंगे या फिर सच की जड़ तक पहुंचने का प्रयत्न करेंगे।

The aim of the Modi Government is that the country’s development is fast and therefore it is making every effort. It is a test of time for Modi and for us also whether we stand with Modiji in the difficult times of our country. The villagers are laughing that spreading lies about GST, knotting, and petrol-diesel and spreading the public against Modiji. Now it depends on the public that they will accept falsehood as truth or try to reach the root of truth.

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https://www.youtube.com/watch?v=aGHeWHD0uXg

https://www.youtube.com/watch?v=xlRRjGN7n7U

खास खबर- अगर आप स्कूटर या मोटरसाइकिल चलाते हैं तो जान लीजिये पेट्रोल पाने के अपने ये अधिकार !

यूटिलिटी: पेट्रोल पंप से पेट्रोल तो सभी भरवाते हैं लेकिन अपने अधिकारों को नहीं जानते। क्या आप जानते हैं कि इमरजेंसी होने पर आप एक फोन पेट्रोल पंप से कर सकते हैं। पंप संचालक इसका कोई चार्ज भी आप से नहीं वसूल सकता। ऐसे ही कई अधिकार हैं, जो आम लोगों को मिले हुए हैं लेकिन अधिकतर लोग इनसे अवेयर नहीं। आज हम आपको ऐसे ही अधिकारों के बारे में बता रहे हैं, जो आपको पता होना ही चाहिए।

Utility: Gasoline from petrol pumps but they do not know their rights. Do you know that if you have an emergency then you can do a phone with a gas station? The pump operator cannot charge any of its charges to you. There are many such rights which are received by ordinary people, but most people do not have any invoices from them. Today we are telling you about the same rights which you must know.

 

एक रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में 58 हजार से भी ज्यादा पेट्रोल पंप हैं। इसमें 90 परसेंट से ज्यादा को गवर्नमेंट ऑइल कंम्पनियां चला रही हैं। इनमें इंडियन ऑइल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम बड़े नाम हैं। जानिए आपको पेट्रोल पंप पर क्या अधिकार मिले हुए हैं। यदि आपको कोई ये सुविधाएं देने से मना करता है तो आप उसके खिलाफ शिकायत कर सकते हैं।

According to a report, there are more than 58 thousand petrol pumps across the country. In this, more than 90 percent of government oil companies are running. Among them, Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum, Hindustan Petroleum are big names. Know what you have got on the petrol pump. If someone refuses to give you these facilities then you can complain about him.

 

किसी भी ग्राहक को यदि पेट्रोल पंप इन सुविधाओं को देने से मना करता है तो वो इसकी शिकायत असिस्टेंट सेल्स मैनेजर या डिविजनल मैनेजर को कर सकते हैं। इनके नंबर सभी पेट्रोल पंप पर लिखे होते हैं। फेडरेशन ऑफ पेट्रोल डीलर एसोसिएशन, मप्र के वाइस प्रेसीडेंट पारस जैन ने बताया कि सभी पेट्रोल पंप संचालकों को ग्राहकों को ये अधिकार देना जरूरी है।

If any petrol pump refuses to give these facilities to any customer, then they can complain to the Assistant Sales Manager or the Divisional Manager. Their numbers are all written on petrol pumps. Federation of Petrol Dealers Association, MP Vice President Paras Jain told that all petrol pump operators have to give these rights to the customers.

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https://www.youtube.com/watch?v=6KzO3XxanXM

खास खबर: ईरान से आई बड़ी ख़बर, PM मोदी के उड़े होश– कांग्रेसियों की इस गलती का खामियाजा भुगतेगा पूरा देश !

एक ओर पाकिस्तान ने बॉर्डर पर घुसपैठ की कोशिशें तेज की हुई हैं, दूसरी ओर चीन भी डोकलाम में घुसपैठ को लेकर अड़ा हुआ है. दो मोर्चों पर सरकार निपटने की कोशिश कर ही रही थी कि अब ईरान ने भी भारत की पीठ में खंजर घोंपते हुए ये सोचने पर मजबूर कर दिया है कि खाड़ी देशों पर भारत आखिर कितना निर्भर रह सकता है.

On one hand, Pakistan has intensified efforts to infiltrate the border; on the other hand, China is stuck with infiltration in Dokalm. The government was trying to tackle the two fronts, now Iran has dug the daggers in the back of India and has forced them to think about how India can be dependent on the Gulf countries.

ईरान ने फरजाद बी गैस फील्‍ड का काम भारत की जगह रूसी कंपनी को दे दिया है और ईरान ने इसके लिए रूसी ऊर्जा कंपनी गजप्रोम के साथ समझौता कर भी लिया है. आपको बता दें कि फरजाद बी गैस फील्‍ड को खोजने में भारत सरकार की कंपनी ने ईरान की मदद की थी और उस वक़्त शर्त ये थी कि बदले में ईरान वहां से गैस निकालने का काम भारत को देगा लेकिन गैस फील्ड की खोज होने के बाद ईरान अपने वादे से साफ़ मुकर गया.

Iran has given the job of Farjad B Gas Field to the Russian company instead of India and Iran has also entered into an agreement with the Russian energy company, Gazprom. Let us tell you that the Government of India’s company had helped Iran to find Farjad B gas field, and the condition was that in return, Iran would give it to India to remove gas from there but after the discovery of gas field Iran Void.

दरअसल 2008 में भारत की ओएनजीसी विदेश लिमिटेड ने अपनी अत्याधुनिक तकनीक के इस्तमाल से ईरान की इस गैस फील्ड को खोजा था और चीन के बाद भारत ईरान से सबसे ज्यादा तेल आयात करता है, यानी ईरान को भारत से प्रतिवर्ष मोटी कमाई होती है.

Indeed, in 2008, India’s ONGC Videsh had invented Iran’s gas field by using its latest technology, and after China, India imports the highest oil with Iran, that is, Iran earns huge revenue annually from India.

पिछले दिनों अपने परमाणु कार्यक्रम के कारण अमेरिका समेत कई देशों से आर्थिक प्रतिबन्ध झेल रहे ईरान से उस नाजुक वक़्त में भी भारत ने दगा नहीं किया और उससे तेल आयात करना जारी रखा था, लेकिन आर्थिक प्रतिबंध हटते ही ईरान के सुर बदल गए और उसने तेल और गैस की बेहतर कीमत के लिए आक्रामक रुख अपना लिया, जबकि भारत अपनी कंपनियों के पक्ष में ईरान से उदार व्यवहार की उम्मीद कर रहा था, क्योंकि आड़े वक़्त में भारत ने ईरान का साथ जो दिया था.

In the past, due to its nuclear program, due to economic sanctions from many countries including the US, India did not indulge in such a delicate time and continued to import oil from it, but the tension of Iran changed as the economic restrictions had changed And took aggressive approach to better price of gas, while India was hoping for liberal behavior from Iran in favor of its companies, because at the helm What India gave to Iran

अब दगाबाज ईरान ने योजना बनायी कि जिस गैस फील्ड को भारत की कंपनी ने खोजा है, उसका एक बड़ा हिस्सा अन्य देशों की कंपनियों को दे दिया जाए और भारतीय कंपनियों के लिए केवल थोड़ा सा हिस्सा छोड़ा जाए.

Now the treacherous Iran planned that a large part of the gas field discovered by the company of India should be given to companies of other countries and to leave only a small part for Indian companies.

भारतीय कंपनी ओएनजीसी की ओर से ईरान को गैस फील्ड विकसित करने के लिए 11 बिलियन डॉलर के निवेश का प्रस्ताव भी दिया गया, लेकिन ईरान ने दिखा दिया कि वो मुनाफे के लिए किसी को भी धोखा दे सकता है. अब इतने बड़े विश्वासघात के बाद भारत सरकार ने एक्शन लेते हुए ईरान से तेल आयात को 20 फ़ीसदी तक कम कर दिया है.

On behalf of ONGC, Indian company ONGC has proposed to invest 11 billion dollars to develop gas fields, but Iran has shown that it can deceive anyone for profit. Now after the great betrayal, the Indian government has reduced the import of oil from Iran to 20 percent while taking action.

भारत के इस कदम से तिलमिलाए ईरान ने भारत को होने वाले तेल निर्यात के भुगतान की अवधि को 3 महीने से घटाकर 2 महीने करने का फैसला ले लिया है और इसके साथ ही उसने भारतीय कंपनियों को समुद्री लीज़ पर दी जा रही 80 फीसदी की छूट को घटाकर 60 फीसदी कर दिया है.

Tarnished by this move of India, Iran has decided to reduce the period of payment of oil exports to India from 3 months to 2 months and simultaneously it will offer 80% discount on maritime lease to Indian companies. Reduced to 60 percent.

यानी अब भारतीय तेल कंपनियों को 2 महीने में ही तेल कीमत का भुगतान कर देना होगा और अब उन्हें समुद्री भाड़ा भी सामान्य दर का 40 फीसदी चुकाना होगा. इस मामले पर ईरान का कहना है कि भारतीय सरकारी कंपनियों के साथ उसका समझौता केवल गैस फील्ड की खोज और रिसर्च के लिए था, जो अब पूरा हो चुका है.

That is, the Indian oil companies will have to pay the oil price in two months and now they will have to pay 40% of the normal rate of sea freight. On this matter, Iran says that its agreement with Indian government companies was only for the search and research of the gas field, which has now been completed.

इस समझौते में ऐसा कहीं नहीं लिखा कि वो भारतीय कंपनियां ही इस गैस फील्ड का विकास करके गैस निकालने का काम करेंगी. ईरान का कहना है कि वो भारत के साथ ही गैस फील्ड में काम करने के लिए बाध्य नहीं है. इसके साथ ईरान ने गैस निकालने के लिए रूसी गेजप्रोम ऑयल कंपनी से समझौता भी कर लिया.

In this agreement, it has not been written anywhere that Indian companies will be working to extract gas by developing this gas field. Iran says it is not bound to work in the gas field with India as well. With this, Iran also compromised with the Russian gypsum oil company to remove the gas.

दरअसल ये समझौता कांग्रेस सरकार के दौरान ख़त्म हुआ था, घोटाले करने में व्यस्त कांग्रेस सरकार ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया. कांग्रेस सरकार द्वारा फैलाये रायते को समेटने के लिए और समझौते से जुडी इस डील को करने की पीएम मोदी ने काफी कोशिशें की. पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति हसन रौहानी के बीच पिछले साल इस गैस फील्ड को लेकर बातचीत भी हुई, लेकिन सकारात्मक हल नहीं निकल पाया.

Indeed, this agreement was terminated during the Congress government, the Congress government busy in scams did not pay attention to it. PM Modi has made a lot of efforts to coordinate the Congress spreading by the Congress government and to deal with this deal related to the deal. Between PM Modi and Iranian President Hassan Rohani, there was the talk of this gas field last year, but a positive solution was not solved.

ईरान के मजलिस एनर्जी कमीशन के प्रवक्ता असदोल्लाह घरेखानी ने स्पष्ट कह दिया कि भारतीय कंपनी के साथ केवल फरजाद-बी गैस फील्ड में रिसर्च का समझौता था, जो अब पूरा हो चुका है और उस समझौते में ये कहीं नहीं लिखा है कि गैस निकालने का कॉन्ट्रैक्ट भी भारत को दिया जाएगा, ईरान अपने फायदे के मुताबिक दूसरा साथी भी ढूंढ सकता है. लिहाज़ा कांग्रेस सरकार की इस गलती का खामियाजा अब पूरा देश भुगतेगा और जो हक भारत का था उसे अब नहीं मिलेगा.

Iran’s Majlis Energy Commission spokesman Asodollah Gharkani made clear that the only agreement with the Indian company was the agreement of research in the Farjad-B gas field, which has now been completed and in that agreement it has not written anywhere that the contract for the removal of gas It will also be given to India, Iran can find another partner as per its own advantage. Therefore, the fault of the Congress Government’s fault is that the whole country will now pay the price and the right of the country will not get it anymore.

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