जवानो के खातिर पीएम मोदी ने जबरदस्त फैसला,जिसे देख पूरे विपक्ष में भूचाल

यानी कि अगर मोदी सरकार नहीं आती तो ना जाने और कितने वर्ष वही पुराने जेट और हथियार सेना को घिसने पड़ते. ये बेहद शर्म की बात है कि 2G ,कामनवेल्थ, कोयला इतने घोटाले हुए लेकिन सेना के लिए कभी कुछ नहीं किया गया.

लेकिन अब मोदी सरकार में एक के बाद एक सेना को ताक़तवर बनाने के फैसले लिए जा रहे हैं. मॉडर्न तोप, जेट, लड़ाकू चॉपर, S400 के बाद अब सेना की ताकत को और बढ़ाने के लिए, ब्रह्मोस और ARV सहित 3000 करोड़ रुपये की सैन्य खरीद को मंजूरी दे दी गयी है.

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को नौसेना के दो स्टेल्थ फ्रिगेट (रडार की नजर में पकड़ नहीं आने वाले युद्धपोतों) के लिए ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें और सेना के मुख्य युद्धक टैंक ‘अर्जुन’ के लिए बख्तरबंद रिकवरी वाहन सहित 3,000 करोड़ रुपये मूल्य की सैन्य खरीद को मंजूरी दी. एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी.

सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों खरीद के लिए रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) से अनुमति मिली. डीएसी रक्षा खरीद को लेकर निर्णय लेने वाली रक्षा मंत्रालय की शीर्ष संस्था है.

उन्होंने कहा,‘रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में डीएसी ने करीब 3,000 करोड़ रुपये के रक्षा उपकरणों की खरीद के लिये मंजूरी दी.’ भारत एक अरब डॉलर की कीमत के दो स्टेल्थ फ्रिगेट खरीद रहा है और दोनों जहाज स्वदेश निर्मित ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस होंगे.

अधिकारी ने बताया,‘देश में निर्मित ब्रह्मोस मिसाइल एक जांची-परखी और प्रमाणिक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है और इसे इन जहाजों पर प्राथमिक हथियार के तौर पर रखा जायेगा.’

अधिकारी ने बताया कि डीएसी ने भारतीय सेना के मुख्य युद्धक टैंक ‘अर्जुन’ के लिए बख्तरबंद रिकवरी वाहन (एआरवी) की खरीद की भी स्वीकृति दी. एआरवी का डिजाइन और विकास डीआरडीओ ने किया है और इसका निर्माण रक्षा क्षेत्र की सार्वजनिक कंपनी बीईएमएल करेगी.
SOURCE DD BHARTI
URL:WWW.BHARTI.IN

बुलंदशहर – राम मंदिर के खिलाफ प्रदर्शन, रामभक्त को डराने के लिए पाकिस्तान से बुलाये गए कट्टरपंथ

Muslims protesting Against ram mandir in Bulandshahar : ऊपर मुस्लिम भीड़ आप जो तस्वीर में देख रहे है ये तस्वीर बुलंदशहर की है जो की दिल्ली के काफी पास उत्तर प्रदेश का एक जिला है 

अधिकतर मीडिया ने इस खबर को दबा दिया है पर इस खबर की पुष्टि सुदर्शन न्यूज़ के पत्रकार ने की है, इसका एक विडियो भी सुदर्शन न्यूज़ के पत्रकार ने जारी किया है जिसे आप नीचे देख सकते है

आज मुसलमानों की भीड़ बुलाई गयी थी अयोध्या में राम मंदिर के खिलाफ प्रदर्शन के लिए और इसमें सबसे बड़ी चीज ये रही की इस कार्यक्रम में पाकिस्तानी मुसलमान भी शामिल थे

हिन्दुओ को डराने और अयोध्या में राम मंदिर के खिलाफ प्रदर्शन कर अपनी शक्ति दिखाने के लिए पाकिस्तानी मुसलमानों को भी बुलाया गया था

इतना ही नहीं जो पाकिस्तानी मुस्लिम इस प्रदर्शन में शामिल है, वो टूरिस्ट वीजा लेकर भारत पहुंचे है, सुदर्शन न्यूज़ के गौरव मिश्रा ने इस खबर की पुष्टि की है

इस भीड़ में भारतीय मुसलमानों के साथ पाकिस्तानी मुसलमान भी शामिल है, राम मंदिर के खिलाफ प्रदर्शन और हिन्दुओ को डराने के लिए अपनी शक्ति दिखाने के लिए पाकिस्तानी मुसलमान भी बुलाये गए

बड़ी चीज ये है की प्रशासन ने इस कार्यक्रम के अयोजको के खिलाफ अभी कोई कार्यवाही नहीं की है, जबकि पाकिस्तानी मुसलमान भारत में आकर हिन्दूओ को डराने के लिए अपनी भीड़ दिखा रहे है

source name:dainikbharat

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अभी अभी: प्रधानमंत्री का बड़ा ऐलान, आज रात से आपकी यह कीमती चीज बंद !

सुंदरनगर/कांगड़ा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (4 नवंबर) को बेनामी संपत्ति को लेकर कार्रवाई का संकेत दिया और कहा कि कांग्रेस परेशान है क्योंकि इस तरह की कार्रवाई में उसके नेताओं की ऐसी सपंत्ति को छोड़ा नहीं जाएगा. हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर में एक चुनावी सभा में मोदी ने विपक्षी पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि नोटबंदी के विरुद्ध कांग्रेस का अभियान उनके बेनामी संपत्तियों पर धावा बोलने से पहले लोगों को गुमराह करने और उनके खिलाफ माहौल तैयार करने के प्रयासों का हिस्सा है.

Sundernagar / Kangra: Prime Minister Narendra Modi indicated an action on the Anonymous property on Saturdays (November 4) and said that the Congress is upset because such a conspiracy of its leaders will not be left in such an action. HP Modi at an election rally in Surendranagar campaign for Congress against saying Notbandi strongly attacked the opposition party is part of efforts to mislead the people before storming their Anonymous properties and create an atmosphere against them.

उन्होंने कहा, ‘‘समय आ गया है कि गरीबों को वह लौटाया जाए जो उनसे लूटा गया है….मैं ऐसे हालात पैदा करने जा रहा हूं जहां वे (कांग्रेस नेता) बेनामी संपत्तियों पर अपना फिर से दावा नहीं कर सकेंगे.’’ आगामी आठ नवंबर को नोटबंदी को एक साल पूरा होने के मौके पर कांग्रेस की ओर से काला दिवस मनाने के फैसले को लेकर कटाक्ष करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि असल में यह विपक्षी दलों के लिए ‘कालाधन दिवस’ है !

He said, “The time has come that the poor should be returned to the people who have been robbed from them …. I am going to create a situation where they (Congress leaders) can not reclaim their claim on benami properties.” “Speaking about the decision to celebrate the black days on the occasion of the anniversary of the anniversary on November 8, the Prime Minister said that in reality it is ‘Kaladhan Din’ for opposition parties!

उन्होंने कहा, ‘मैंने कांग्रेस नेताओं से कुछ सूचना हासिल करने का प्रयास किया…..कुछ लोगों ने 500 रुपये के नोटों वाला थैला गंवा दिया, कुछ ने 1,000 रुपये के नोटों वाला. इसी दौरान मोदी बेनामी कानून के साथ आ गया. उनकी परेशानी यह है कि मोदी नतीजे दिखाना शुरू कर देगा !

He said, “I tried to get some information from the Congress leaders … Some people lost a bag containing notes of Rs 500, some of the notes of 1,000 rupees. During this time Modi came with benami law. Their problem is that Modi will start showing results!

मोदी ने कहा, ‘उनकी परेशानी है कि भूमि, फ्लैट, दुकान जैसी संपत्तियों को भी 500 और 1,000 रुपये के नोट की तरह छोड़ा नहीं जाएगा. ऐसे में वे बेनामी संपत्ति पर मोदी के तूफान खड़ा करने से पहले इस तरह का माहौल तैयार कर रहे हैं ताकि वे कालाधन दिवस मनाएं और लोगों को गुमराह करें !

Modi said, ‘His problem is that properties like land, flats and shops will not be left like a note of 500 and 1,000 rupees. In such a situation, before creating the hurricane of Modi on Anonymous property, they are preparing this kind of atmosphere so that they celebrate black day and mislead people!

उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसे हालात पैदा करने जा रहा हूं कि वे इन संपत्तियों पर फिर से दावा नहीं कर सकेंगे. यह लोगों का धन है. यह जनता से लूटा गया है और उनके कल्याण पर खर्च किया जाएगा.’ मोदी ने कहा कि लोगों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के लिए 2014 में सत्ता दी थी और वह ऐसा करना जारी रखेंगे !

He said, “I am going to create such conditions that they will not be able to claim these properties again. This is the wealth of people. It has been looted from the public and will be spent on their welfare. “Modi said that people had given power in 2014 to fight against corruption and they will continue to do so!

मोदी ने विपक्षी पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि नोटबंदी के विरुद्ध कांग्रेस का अभियान उनके बेनामी संपत्तियों पर धावा बोलने से पहले लोगों को गुमराह करने और उनके खिलाफ माहौल तैयार करने के प्रयासों का हिस्सा है !

Striking a protest against the opposition party, Modi said that the Congress campaign against the ban was a part of efforts to mislead people and create an environment against them before calling upon their benami properties.

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नोटबंदी को लेकर तरह-तरह की बातें सामने आई हैं. किसी को इससे परेशानी का सामना करना पड़ा तो वहीं कुछ लोगों ने इसे अच्छा कदम बताया. लेकिन, अब जो आंकड़ा निकलकर सामने आ रहा है वो यकीनन केंद्र सरकार के लिए अच्छी खबर है. नोटंबदी के बाद से लोगों का रुझान डिजिटल लेनदेन की तरफ बढ़ा है. वर्ष 2017-18 में डिजिटल लेनदेन में 80 फीसदी का इजाफा हो सकता है. यह रकम कुल मिलाकर 1800 करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है.

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Various types of issues have been reported about the ban on bondage. Someone had to face this problem, while some people called it a good step. But, the figure that is coming out now is arguably good news for the Central Government. Since the postmortem, the trend of people has increased towards digital transactions. Digital transactions can increase by 80% in the year 2017-18. This amount is expected to reach an all-time high of Rs 1800 crore.

डिजिटल लेनदेन में बड़ा इजाफा
मार्च-अप्रैल 2017 में जब नोटबंदी के बाद नकदी की किल्लत दूर होने लगी थी, तो डिजिटल लेनदेन में इजाफा देखा गया. एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों महीनों में 156 करोड़ रुपए का डिजिटल लेनदेन हुआ. उसके बाद से औसतन 136-138 करोड़ रुपए के डिजिटल लेनदेन हो रहे हैं.

Bigger increase in digital transactions
In March-April 2017, when the cash shortage began to go away after the ban, digital transactions were seen to increase. According to a report, in these two months there was a digital transaction of Rs. 156 crores. Since then on average, digital transactions of Rs. 136-138 crore are happening.

ऐप और वॉलेट से बढ़ा लेनदेन
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, देश में पिछले साल 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा के बाद से ही डिजिटल लेनदेन बढ़ रहा है. संसद के वित्त स्थायी समिति को सौंपी गई रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि UPI-BHIM, आईएमपीएस, एम-वॉलेट और डेबिट कार्ड के जरिए लोग पहले से ज्यादा डिजिटल पेमेंट कर रहे हैं. एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि रोजमर्रा के कामकाजों में डिजिटल पेमेंट का चलन बढ़ा है.

Extra transactions from apps and wallet
According to the Times of India, digital transactions are increasing since Prime Minister Narendra Modi announced the ban on November 8 last year in the country. In the report submitted to the Standing Committee of the Parliament, it is mentioned that people through the UPI-BHIM, IMPS, M-Wallet and Debit Cards are making more digital payment than before. It has been reported in a report that the practice of digital payments has increased in everyday activities.

अक्टूबर तक 1000 करोड़ पहुंचा आंकड़ा
अक्टूबर तक करीब 1000 करोड़ रुपए का डिजिटल ट्रांजैक्शन हो चुका है. जो कि 2016-17 के पूरे लेनदेन के बराबर है. सूचना एंव प्रौद्योगिकी मंत्रालय के मुताबिक, जून-जुलाई और अगस्त में औसतन 136-138 करोड़ रुपए का लेनदेन डिजिटल माध्यम से किया गया. जनधन-आधार-मोबाइल की तिकड़ी स्थापित करने में भी काफी प्रगति देखी गई है. देश में 118 करोड़ मोबाइल, करीब इतने ही आधार नंबर और 31 करोड़ जनधन खाते होने की बात इस रिपोर्ट में कही गई है.

1000 crores figure by October
The digital transaction of about Rs.1000 crores has been done till October. Which is equal to the whole transaction of 2016-17. According to the Ministry of Information and Technology, on an average, between Rs. 136-138 crore in June-July and August, transactions were done through digital medium. There has also been a lot of progress in establishing a Trio of Jananan-base-mobile. There has been talk of having 118 million mobile phones, nearly similar base numbers and 31 crore in the country in this report.

डिजिटल ट्रांजैक्शन का फायदा

2017-18 में डायरेक्ट बनिफिट ट्रांजैक्शन के जरिए 6.28 लाख करोड़ रुपए दिए गए.
अक्टूबर 2016 में जहां PoS मशीन 15 लाख थीं, वहीं अगस्त 2017 में ये बढ़कर 29 लाख हुईं.
78% बैंक खाते मोबाइल से जोड़े गए, 73% बैंक खातों को आधार से लिंक किया गया.
रोजाना इतना होता है डिजिटल लेनदेन

The advantage of digital transaction

6.28 lakh crore rupees were given through direct benefit transaction in 2017-18.
In October 2016, where the PoS machine was 1.5 million, it increased to 29 lakh in August 2017.
78% of bank accounts linked from mobile, 73% bank accounts linked from the base.
Daily transactions are so expensive

UPI-BHIM से नवंबर 2016 में 0.1 लाख, अक्टूबर 2017 तक 23.36 लाख रुपए
AEPS से नवंबर 2016 में 12.06 लाख, अक्टूबर 2017 में 29.08 लाख रुपए का ट्रांजैक्शन
IMPS से नवंबर 2016 में 8.96 लाख, अक्टूबर 2017 में 32.42 लाख रुपए का ट्रांजैक्शन
एम-वॉलेट से नवंबर 2016 में 46.03 लाख, अक्टूबर 2017 में 72.72 लाख रुपए का ट्रांजैक्शन
इनकम टैक्स रिटर्न में 23% का इजाफा
ऑनलाइन इनकम टैक्स रिटर्न भरने के मामले में भी बड़ा कामयाबी हासिल हुई है. 2016-17 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न की ई-फाइलिंग में करीब 23% का इजाफा हुआ है.

UPI-BHIM from 0.1 lakh in November 2016, 23.36 lakhs till October 2017
Transaction of Rs 29.08 lakhs from AEPS to 12.06 lakh in November 2016, October 2017
Transactions of 32.42 lakhs by IMPS in November 2016, 8.96 lakh, October 2017
Transaction of Rs. 72.72 lakhs from M-Wallet to 46.03 lakh in November 2016, October 2017
Income Tax Returns Increased by 23%
There has also been a big success in filling the online income tax returns. E-filing of income tax returns for the year 2016-17 has increased by 23%.

ई-टोल पेमेंट में भी जबरदस्त उछाल
नोटबंदी के बाद से ई-टोल पेमेंट में बड़ा उछाल देखने को मिला है. जहां जनवरी 2016 में यह आंकड़ा 88 करोड़ रुपए था वहीं, अगस्त 2017 में यह आंकड़ा बढ़कर 275 करोड़ रुपए हो गया.

Tremendous buoyancy in e-toll payments
There has been a big jump in the e-toll payment since the notebook. Where this figure was 88 crores in January 2016, the figure increased to Rs 275 crores in August 2017.

खास बातें
हिमाचल प्रदेश में कुल 68 विधानसभा सीटें हैं.
हिमाचल प्रदेश में 9 नवंबर को वोट डाले जाएंगे.
18 दिसंबर को गुजरात चुनाव के साथ राज्य के नतीजे घोषित किए जाएंगे.

Special things
There are 68 assembly seats in Himachal Pradesh.
Voting will be held on November 9 in Himachal Pradesh.
The state’s results will be declared on December 18 with the Gujarat elections.

देखें ये वीडियो

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CM योगी के जबरदस्त एक्शन से यूपी से उर्दू शिक्षक का बेहद हैरान करने वाला सनसनीखेज़ कांड का हुआ खुलासा,देश में देशविरोधी समेत कट्टरपंथी सन्न

लखनऊ : देश में देशविरोधी और कट्टरपंथी विचारधारा के लोग तेज़ी से बढ़ते जा रहे हैं. यही नहीं अब तो इन्होने छोटे छोटे बच्चों को इसका शिकार बनाना शुरू कर दिया है. यूपी के ऐसी ही एक स्कूल के कटरपंथी शिक्षक की हैरतअंगेज़ करतूत सामने आयी है जिसे देख लोगों का गुस्सा भड़क उठा है.

अभी मिल रही खबर के मुताबिक प्रदेश के एक स्कूल में शिक्षक द्वारा धार्मिक आस्था छात्रों पर थोपने का मामला सामने आया है। मामला एक सरकारी स्कूल का है. जो पैसे तो सरकार से लेता है लेकिन छात्रों में कट्टरपंथी की शिक्षा दे रहा था.

इस सरकारी स्कूल में तैनात उर्दू शिक्षक पर बच्चों को नमस्ते की जगह लाम वालेकुम करना सिखाने का आरोप लगा है। इसकी जानकारी होते ही अभिभावकों ने स्कूल पहुंच हंगामा काटा। अभिभावकों के साथ बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भी विरोध दर्ज कराया। मामला अधिकारियों तक पहुंचते ही शिक्षक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

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अखिलेश सरकार में तैनात किया गया

ऐसे ही कई उर्दू शिक्षकों को अखिलेश सरकार में तैनात किया गया था. यही नहीं कई हज़ार उर्दू शिक्षक और थे जिनको रखने का फरमान अखिलेश सुना कर चले गए थे लेकिन सीएम योगी ने आते ही सबसे पहले इन उर्दू शिक्षकों की भर्ती को रद्द किया.

अभी अगर ऐसा कुछ हिंदूवादी संगठन ने किया होता तो अब तक सेकुलरिज्म,लोकतंत्र खतरे आ चुका होता और कुछ लोग तो अपने अवार्ड भी वापिस करने चले आते लेकिन अब ना तो ये खबर बिकाऊ मीडिया दिखायेगा और ना ही कोई हंगामा मचेगा.

मामला राजधानी लखनऊ से सटे हरदोई जिले संडीला में उच्च प्राथमिक विद्यालय रसूलपुर का है। यहां तैनात उर्दू शिक्षक मोहम्मद इश्तियाक खान ने बच्चों नमस्ते न करके सलाम वालेकुम करने की शिक्षा दबाव बनाकर दे रहे हैं। स्कूल के मास्टर की यह करतूत बच्चों ने घर पर बताई। विद्यालय के दूसरे बच्चों से जब इस बारे में पूछा तो पता चला कि यह उर्दू शिक्षक मोहम्मद इश्तियाक ने सिखाया है।

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उर्दू शिक्षक की इस हरकत से नाराज अभिभावकों ने स्कूल पर धावा बोल दिया। आरोपी शिक्षक के खिलाफ जमकर हंगामा किया गया। खबर पाते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता भी हंगामा काटने पहुंच गए। मामला बढ़ता देख प्रिंसिपल ने किसी तरह समझा बुझाकर माहौल शांत कराया। बताया जा रहा है कि पहले भी उर्दू शिक्षक की शिकायत की जा चुकी है। उनपर झाड़फूंक और बच्चों को दी जाने वाली स्टेशनरी बेचने के भी आरोप लग चुके हैं.

इस मामले पर बजरंग दल के एक कार्यकर्ता सुधीर सिंह ने कहा, उसकी भतीजी ने भी शिक्षक द्वारा सलाम सिखाए जाने की बात कही थी। जिसके बारे में प्रिंसिपल से शिकायत की थी। वहीं, इस मामले पर बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव का कहना है कि, उर्दू शिक्षक को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। अगर उनके जवाब से विभाग संतुष्ट नहीं होता है तो मामले में उचित कार्रवाई भी कराई जाएगी

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यूपी STFफाॅर्स के हाथ बड़ी कामयाबी ,कई वर्षों से जिसकी तलाश थी ,उसकी जाँच मिला देख अधिकारीयों के उड़े होश

नई दिल्ली : प्रदेश में योगी राज में अपराधियों, गैंगस्टर को चुन चुन के पकड़ा जा रहा है. पूरी तरह से यूपी को अपराध मुक्त करने के लिए स्पेशल टास्क फाॅर्स के ऑपरेशन तेज़ी से चल रहे हैं. पिछली सरकार में तुष्टिकरण की राजनीति के चलते इन्हे हमेशा बचाया गया.

यूपी STF के हाथ बड़ी कामयाबी लगी
अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक यूपी एसटीएफ के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है. एसटीएफ ने मेरठ से एक लाख के इनामी मोहम्मद अकरम को देर रात मुजफ्फरनगर के खतौली इलाके से गिरफ्तार किया है. उसने पुलिस से हाथापाई की। इस दौरान एसटीएफ के तीन सिपाही चोटिल हो गए। अकरम के खिलाफ करीब 30 मुकदमें दर्ज हैं. STF ने गोली के बदले गोली चलाने की बात कही लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया. बता दें काफी सालों से इसकी पुलिस को तलाश थी.

सटीएफ को इस कुख्यात बदमाश के कब्जे से ढेर सारा असलाह और कारतूस का जखीरा बरामद किया हैं. बड़ी साज़िश को अंजाम देने की साज़िश रच रहा था. डेढ़ साल पहले वह मुजफ्फरनगर से पुलिस की हिरासत से फरार हो गया था और झारखंड की राजधानी रांची में जाकर छिप गया था.

अकरम मुजफ्फरनगर नगर के खालापार मोहल्ले का रहने वाला है और बेहद शातिर बदमाश है. अकरम पर लूट, डकैती, हत्या आदि के 35 से ज्यादा मुकदमे चल रहे हैं. एसटीएफ से मिली जानकारी के मुताबिक मुजफ्फरनगर के खालापार निवासी अकरम मुकीम काला गैंग से जुड़ा हुआ है. जिसके खिलाफ सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर और मेरठ में गंभीर धाराओं में केस दर्ज है.

वामपंथियों के दबाव के चलते नहीं किया एनकाउंटर
विपक्षी, मानवाधिकारी गैंग और कोर्ट के जजों के चक्कर में STF को मज़बूरन इस अपराधी को गिरफ्तार करना पड़ा. दरअसल एक लाख के इनामी बदमाश अकरम ने पुलिस व एसटीएफ पर फायर किया तो एसटीएफ ने भी पुलिस से जवाबी गोली चलाने को कहा, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया। खतौली पुलिस को डर था कि कहीं खतौली में भी बवाल न हो जाए, इसलिए उसे गोली मारे बिना ही गिरफ्तार किया. हालाँकि इस मुठभेड़ में तीन STF जवान घायल हो गए.

लेकिन साफ़ देखा जा सकता है कि कुछ वामपंथियों की साज़िश और दबाव के चलते अब पुलिस भी एनकाउंटर करने में कतरा रही है हिचकिचा रही है. चाहे बदमाश कितना फायरिंग करता रहे लेकिन पुलिस उसे सिर्फ गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है. ये वामपंथी मानवाधिकारियों के पेट में तभी दर्द होता है जब अपराधी मरता है, अगर कोई पुलिसवाला शहीद हो जाए तब ये सारे गायब हो जाते हैं.

गोकशी से रखा अपराध की दुनिया में कदम गिरफ्तार किए गए अकरम ने बताया कि उसने 2004 में खालापार में गोकशी से अपराध की शुरुआत की. अकरम ने बताया कि वह रांची के कारगिल चौक पर डेढ़ वर्ष से मोहम्मद उमर नाम से चाय की दुकान चला रहा था.

अपराध की दुनिया में आने से पहले अकरम ने डेढ़ दशक पूर्व इसने एक हिन्दू युवती से प्रेम विवाह किया था, जिसका परिवार और ससुराल वालों ने विरोध किया था। शादी के बाद उसकी पत्नी ने नाम बदलकर मुस्कान रख लिया था.

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अकबरुद्दीन ओवैसी ने पीएम को लेकर की नीचता की सभी हदे पार ,भड़का देश गुस्सा

नई दिल्ली। तेलंगाना विधानसभा चुनाव को लेकर जुबानी जंग छिड़ी हुई है। यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बीच वार-पलटवार का सिलसिला जारी तो था ही अब उसमें अकबरुद्दीन ओवैसी ने भी अपनी टांग अड़ा ही ली है।

असदुद्दीन ओवैसी के छोटे भाई अकबरुद्दीन ओवैसी ने रैली को संबोधित करने के दौरान योगी पर तो निशाना साधा ही वहीं पीएम मोदी पर भी जमकर हमला बोला। जिसका वीडियो भी सामने आया है।

बता दें, हैदराबाद के चारमिनार विधानसभा क्षेत्र में रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ”चाय वाले, हमें मत छेड़, चाय-चाय चिल्लाते हो, याद रखो इतना बोलूंगा कि कान में से पीक निकलने लगेगा, खून निकलने लगेगा”

योगी पर भी हमला

इसके साथ ही अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा, ”आज एक और आया, वो कैसे-कैसे कपड़े पहनता है, तमाशे जैसा दिखता है। किस्मत से चीफ मिनिस्टर भी बन गया, कह रहा है निजाम की तरह ओवैसी को भगाऊंगा, अरे तू क्या, तेरी हैसियत क्या, तेरी बिसात क्या, तेरे जैसे 56 आए और चले गए, अरे ओवैसी को छोड़ो, उसकी आने वाली 1000 नस्लें भी इस मुल्क में रहेंगी और तुझसे लड़ेंगे। तेरा मुकाबला करेंगे और तेरी मुखालफत करेंगे”।

Akbaruddin Owaisi ने PM MODI पर की ऐसी टिप्पणी, सुनकर आपको भी आएगा गुस्सा

Akbaruddin Owaisi ने PM MODI पर की ऐसी टिप्पणी, सुनकर आपको भी आएगा गुस्सा

Posted by Newsroom Post on Sunday, December 2, 2018

गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ और असदुद्दीन ओवैसी के बीच जुबानी जंग चल रही है। तेलंगाना के विकाराबाद के तेंदूर में एक रैली को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि यदि बीजेपी सत्ता में आती है तो मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि ओवैसी को तेलंगाना छोड़कर वैसे ही भागना पड़ेगा, जैसे निजाम हैदराबाद छोड़कर भागे थे।

 

कांग्रेस के मंत्री ने ही सिद्धू की साजिश को लेकर किया जबरदस्त खुलासा,अमरिंदर सिंह की खिलाफ बगावत को देख राहुल गाँधी समेत कांग्रेसी खेमे में खलबली

नई दिल्ली : सिद्धू का करतारपुर कॉरिडोर के लिए पाकिस्तान जाना और वहां जा कर मीडिया के सामने राफेल डील का मज़ाक उड़ाने और फिर खालिस्तानियों से हाथ मिलाने फोटो खिचवाने का विवाद अब घमसान का रूप ले रहा है. कांग्रेस आपस में ही भिड़ने लगी है. सिद्धू अपने ही सीएम अमरिंदर सिंह के खिलाफ बयान देने लगे हैं.

सिद्धू की पत्नी ने भी दिखाई बगावत
पहले सिद्धू ने बयान दिया कि वे राहुल गाँधी के कहने पर पाकिस्तान गए थे उसके बाद वे अपने बयान से पलट गए. इसके बाद उन्होंने कहा अमरिन्दर सिंह सिर्फ सेना के कप्तान हैं मेरे असली कप्तान तो राहुल हैं. यही नहीं अब सिद्धू की पत्नी ने भी सीएम अमरिंदर के खिलाफ बागवती सुर दिखाते हुए कहा है कि हम सिर्फ राहुल के सिपाही हैं. इसके बाद कई कांग्रेस मंत्रियों ने सिद्धू से इस्तीफा माँगा, तो वहीँ अब खुद कांग्रेस के मंत्री ने सिद्धू की अलग ही साज़िश को लेकर बड़ा खुलासा किया है.

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कांग्रेस मंत्री का सिद्धू को लेकर बड़ा खुलासा
अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक पंजाब सरकार के खेल मंत्री राणा गुरमीत ने मंत्रिमंडल के सदस्य नवजोत सिंह सिद्धू को लेकर बहुत बड़ा खुलासा किया है. राणा ने आरोप लगाया है कि सिद्धू पिछले दो-तीन दिनों से जिस तरह की सीएम अमरिंदर के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं, उससे संकेत मिल रहे हैं कि वह पंजाब में तख्तापलट करना चाहते हैं.

पंजाब का मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं
उन्होंने आरोप लगाया कि वह मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को कुर्सी से हटाकर खुद इस पद पर बैठना चाहते हैं. यानी की सिद्धू खुद पंजाब का मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं इसीलिए आज कल राहुल गाँधी की सबसे ज़्यादा ‘जय जय कार’ कर रहे हैं. यही नहीं इस वक़्त पंजाब कांग्रेस का हर मंत्री सिद्धू के खिलाफ खड़ा हो गया है और उनसे इस्तीफा मांगने लग रहा है.

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अपने ही मुख्यमंत्री की बेइज्जती कर रहे हैं
सिद्धू ने हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को अपना ‘कैप्टन’ बताया था. उनके इस बयान को लेकर अब उन्हीं की पार्टी के मंत्री नाराज दिखाई दे रहे हैं. जहां एक तरफ सिद्धू के इस बयान का पंजाब के कई मंत्री विरोध कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ बीजेपी की नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी नवजोत सिंह सिद्धू पर हमला बोला है. स्मृति ईरानी ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि पंजाब के मंत्री अपने ही मुख्यमंत्री की बेइज्जती कर रहे हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को इसका जवाब देना चाहिए.

ति ईरानी ने कहा, ‘ये कांग्रेस का मंत्री अपने ही प्रदेश के मुख्यमंत्री का सार्वजनिक अपमान क्यों करता है.. ये जवाब राहुल गांधी को देना होगा. कांग्रेस का एक नेता हिंदुस्तान से ज्यादा पाकिस्तान से प्रेम क्यों करता है. ये जवाब राहुल गांधी को देना होगा. ‘

उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए
इससे पहले नवजोत सिंह सिद्धू के ‘राहुल मेरे कैप्टन हैं’ वाले बयान पर पंजाब सरकार के मंत्री टीआर बाजवा ने कहा था कि ‘अगर सिद्धू कैप्टन साहब (अमरिंदर सिंह) को अपना कैप्टन नहीं मानते तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए.. राहुल गांधी हमारे भारत के कैप्टन हैं.. लेकिन पंजाब के कैप्टन अमरिंदर सिंह हैं. सिद्धू साहब एक एक्स्ट्रा ऑडिनरी इंसान हैं.. उनका अभी काफी लंबा भविष्य है.. उन्हें शब्दों का सही तरीके से चयन करना चाहिए.’

मंत्री राणा गुरमीत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सिद्धू कहते हैं कि उन्हें कांग्रेस के कैप्टन ने पाकिस्तान जाने को कहा था, लेकिन उन्हें मालूम होना चाहिए कि वह पंजाब सरकार के मंत्री हैं. ऐसे में उनके कैप्टन सीएम अमरिंदर सिंह हैं. अमरिंदर सिंह को कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने अध्यक्ष बनाया है, वे उन्हीं की रजामंदी से मुख्यमंत्री बने हैं. ऐसे में सिद्धू का अमरिंदर सिंह को कैप्टन नहीं मानना उनकी मंशा को जाहिर करता है. सिद्धू को समझना चाहिए कि वे अभी भी अमरिंदर सिंह की मर्जी के चलते ही मंत्री हैं.

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के मना करने के बावजूद नवजोत सिंह सिद्धू करतारपुर कॉरिडोर की नींव रखने के लिए पाकिस्तान के बुलावे पर वहां गए थे. वहां से लौटने के बाद जब मीडियाकर्मियों ने उनसे इस बाबत पूछा तो सिद्धू ने कहा था कि वह कांग्रेस के कैप्टन राहुल गांधी की इजाजत पर पाकिस्तान गए थे. अमरिंदर सिंह की ओर से मना किए जाने के सवाल पर सिद्धू ने उन्हें अभिभावक बताते हुए कुछ भी बोलने से मना कर दिया था.

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ब्रेकिंग न्यूज़:देश की अब तक की सबसे तेज दौड़ने वाली ट्रेन टी-18 ने रच दिया इतिहास ,एक फैसले से दुनियाभर में भारत का डंका,कांग्रेसी खेमे में भूचाल

नई दिल्ली : पीएम मोदी के मेक इन इंडिया और न्यू इंडिया के शानदार आगाज़ के लिए आज भारतीय रेलवे ने इतिहास रच दिया है. न्यू इंडिया में रेलवे उन 70 साल पुरानी रेल को बदल कर आधुनिक तकनीक और तेज़ रफ़्तार वाली रेल ला रहा है.

अभी मिल रही खबर के मुताबिक देश की सबसे आधुनिक बिना इंजन वाली ट्रेन T-18 का रविवार को सबसे हाई स्पीड पर टेस्ट किया गया. ट्रेन-18 ट्रायल के दौरान 180 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की स्पीड से दौड़ी और इस तरह यह देश की अब तक की सबसे तेज दौड़ने वाली ट्रेन बन गई है। बता दें, इस ट्रेन की अधिकतम स्पीड 220 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है.

इससे पहले भारतीय पटरियों पर टैल्गो ट्रेन 180 की स्पीड से दौड़ी थी, लेकिन वह स्पेन की ट्रेन थी। मौजूदा समय में भारत की सबसे तेज दौड़ने वाली ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस दिल्ली से झांसी के बीच अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से सफर करती है।

ICF प्रमुख सुधांशु मनी दूसरे ट्रायल के दौरान मौजूद रहे. रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इस संबंध में एक वीडियो ट्वीट किया है. अभी इस ट्रेन को 200 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलाए जाने की संभावना है.

पिछली सरकार वही 70 सालों से आज़ादी से भी पहले वाली ट्रेन घिसे जा रही थी. कोंग्रेस ने सेना को 30 सालों से आधुनिक हथियार नहीं दिए, आधुनिक ट्रेन क्या देते. जबकि आज आधुनिक ज़माने में भारत को आधुनिक और सुरक्षित ट्रेन की ज़रूरत है जो मोदी सरकार में संभव हो रहा है.

नेक्स्ट जेनरेशन की ट्रेन कही जा रही ट्रेन-18 का ट्रायल दिल्ली-मुंबई राजधानी रूट पर किया जा रहा है। शनिवार को ट्रायल के दौरान ट्रेन 170 किलोमीटर प्रति घंटे के स्पीड से दौड़ी, जबकि रविवार को इसने नया रेकॉर्ड बनाया। रेलमंत्री पीयूष गोयल ने एक विडियो शेयर करके बताया है कि इतनी स्पीड में भी ट्रेन में झटके नहीं लग रहे हैं। विडियो में पानी के बोतलों को दिखाया गया है, जो काफी स्थिर हैं। उन्होंने लिखा, ‘जोर स्पीड का झटका धीरे से लगा।’

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G-20 पीएम मोदी की अब तक की बड़ी कूटनीतिक जीत,जो आज तक नहीं हुआ वो पीएम मोदी ने कर दिखाया ,जिसे सुन देशवासी ख़ुशी से झूम उठे

नई दिल्ली : आज मोदी सरकार में भारत तेज़ी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बन गया है. पहले फ्रांस को पछाड़कर दुनिया की छठे नंबर की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना तो अब अगले साल तक जापान को पछाड़कर पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है. इस प्रगति को अब पूरी दुनिया और अंतर्राष्ट्रीय संगठन भी सराह रहे हैं. तभी तो एक बार फिर G20 सम्मलेन में गए पीएम मोदी और भारत को बड़ी ज़बरदस्त कामयाबी मिली है जो आज तक नहीं हुआ.

अभी G20 सम्मलेन से भारत के लिए बहुत बड़ी खबर आ रही है जिसे सुन हर भारतवासी का सीना गर्व से फूल उठेगा. अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत को बड़ी कूटनीतिक कामयाबी मिली है। अब भारत 2022 में विश्व के 20 ताकतवर देशों के समूह G-20 की मेजबानी करेगा.

g20

2022 में भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने वाले हैं। मोदी सरकार ने 2022 में न्यू इंडिया का नारा भी दिया है। ऐसे में इस महत्वपूर्ण समूह की बैठक की मेजबानी मिलने को एक बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है. जी-20 विश्व की 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है. ऐसे में भारत में इसका आयोजन होना बहुत ज़्यादा गर्व की बात है. मतलब इन सभी ताक़तवर 20 देशों के राष्ट्रपति भारत आएंगे.

पीएम मोदी ने यहां अर्जेंटीना की राजधानी में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन के समापन समारोह में यह घोषणा की. वर्ष 2022 में जी 20 सम्मेलन की मेजबानी इटली को करनी थी. मोदी ने भारत को इसकी मेजबानी मिलने के बाद इसके लिए इटली का शुक्रिया अदा किया. इसके साथ ही उन्होंने जी-20 समूह के नेताओं को 2022 में भारत आने का न्यौता दिया. वर्ष 2022 में भारत की आजादी के 75 साल भी पूरे हो रहे हैं.

प्रधानमंत्री ने घोषणा के बाद ट्वीट किया, ‘‘वर्ष 2022 में भारत की आजादी के 75 साल पूरे हो रहे हैं. उस विशेष वर्ष में, भारत जी-20 शिखर सम्मेलन में विश्व का स्वागत करने की आशा करता है. विश्व की सबसे तेजी से उभरती सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भारत में आइए. भारत के समृद्ध इतिहास और विविधता को जानिए और भारत के गर्मजोशी भरे आतिथ्य का अनुभव लीजिए.’’

इससे पहले पीएम मोदी ने साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रमफोसा के साथ मुलाकात की थी. मोदी ने उन्हें 2019 के गणतंत्र दिवस परेड में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का न्यौता दिया था. इसे अफ्रीकी राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है.

बता दें, आर्थिक और कूटनीतिक मामलों के लिए जी-20 काफी अहम संस्था है. यह विश्व की 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नर्स का एक संगठन है, जिसमें भारत, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, इटली समेत 19 देश और यूरोपीय संघ शामिल हैं.

कांग्रेस सरकार के दस साल में याद दिला दें बड़े अंतर्राष्ट्रीय संगठन ने भारत की अर्थव्यवस्था को खतरनाक बताते हुए FRAGILE FIVE ग्रुप में डाल दिया था. ये बेहद शर्मनाक पल था क्यूंकि इसका मतलब होता है कि भारत ना सिर्फ अपने लिए बल्कि अपने पडोसी देशों के लिए भी खतरा है.

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अमेरिका पर हुए हमले के बाद डोनाल्ड ट्रम्प कि जवाबी कार्यवाही से सेना समेत पाकिस्तान में हाहाकार |

नई दिल्ली : अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश में आज हर दूसरे दिन आतंकवादी हमले होने लगे हैं. कुछ वक़्त पहले लॉस वेगास में गोलियां बरसाई गयी, कभी टेक्सास में गोलियां चली, तो अभी दो दिन पहले न्यूयोर्क में ट्रक से लोगों को कुचल दिया गया साथ ही आतंकवादी ने अल्लाह हु अकबर बोलते हुए गोलियां भी बरसाई. ऐसे में अब अमेरिका ताबड़तोड़ एक्शन लेने जा रहा है जिसमें सबसे पहले उसका कहर टूटा है पाकिस्तान पर!

New Delhi : In a powerful country like America, terror strikes are going on every other day today. The guns were rained in Las Vegas sometime in the past, when tablets shot in Texas, just two days ago in New York the people were crushed by the truck, and the terrorists also shot bullets while talking with Allah Hu Akbar. In such a situation, now America is going to take a swift action, in which the first of its havoc is broken on Pakistan.

आतंकी हमले के बाद ट्रम्प का पाकिस्तान पर टूटा कहर !
अभी मिल रही खबर के मुताबिक जिस आतंकवादी ने न्यूयोर्क में मासूमों पर ट्रक चढ़ाया वह उज़्बेकिस्तान का रहने वाला था ओर कुछ साल पहले ही अमेरिका आया था. वह ऐसे हमले की तैयारी काफी वक़्त से कर रहा था. उसके पास अमेरिका का ग्रीन कार्ड भी था. ऐसे में अब अमेरिका के राष्ट्रपति सबसे पहले बाहर से आने वाले लोगों पर कड़े नियम लगाने जा रहे है. जिसमे सबसे पहला नंबर पाकिस्तान का लगा है!

After the terrorist attack, Trump’s broken havoc on Pakistan!
According to the news now available, the terrorist who carried trucks on the streets in New York was supposed to be from Uzbekistan and came to America a few years ago. He was preparing for such an attack quite a long time. He also had a US green card. In such a situation, the President of the United States is going to put stricter rules on people coming from outside. In which the first number is Pakistan.

मैनहैटन अटैक के बाद लगता है अमेरिका में पाकिस्तानियों की एंट्री और मुश्किल होने वाली हैं. पाकिस्तान से आने वाले हर नागरिक की अच्छे से तलाशी ली जाए ओर ख़ास नज़र रखी जाय क्यूंकि वहीँ सबसे ज़्यादा आतंकी मौजूद हैं. यह बात खुद अमेरिकी सांसद पीटर किंग ने कही है. पीटर किंग ने सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि पाकिस्तान आतंकवादियों का स्वर्ग है, जो भी शख्स पाकिस्तान या अन्य आतंकी देश से आएगा उसपर पैनी नज़र रखी जायेगी ओर उसकी खास तलाशी ली जायेगी. इससे पहले भी आपको याद दिला दें पाकिस्तान से आने वाले नागरिकों के कपड़े उतरवाकर कुत्तों से सुंघवा कर तलाशी ली जाती थी!

After the Manhattan attack, Pakistanis’ entry in the US seems to be difficult. Every citizen coming from Pakistan should be searched and closely monitored, as the most terrorists are present. This is what the American MP Peter King himself said. Peter King said in an interview to CNN that Pakistan is a paradise of terrorists, the person who comes from Pakistan or other terrorist country will be monitored and will be searched for a special investigation. Earlier reminded you that the clothes of civilians coming from Pakistan were stripped and dogs were searched and searched.

पाकिस्तान से 800 आतंकी IS में शामिल होने गए थे!
अमेरिकी सांसद ने कहा पाकिस्तान में सबसे ज़्यादा आतंकवादी संगठन हैं. अब तक जितने भी हमले हुए है उनमे से कईयों का संबंद्ध पाकिस्तानी आतंक से था.पीटर ने खुलासा किया कि पाकिस्तान से करीब 800 लोग ISIS में शामिल होने के लिए सीरिया गए थे. ऐसे में अब पाकिस्तान के लोगों पर फिर से कड़ी चेकिंग करने की ज़रूरत हो गयी है. क्योंकि जिस तरह से ये आतंकी हमले हो रहे है इससे एक बात तो साफ है कि ये आतंकी एक बड़ी साजिश के तहत एक के बाद एक हमला कर रहे है!

800 terrorists from Pakistan were involved in IS!
The American MP said that there are the most terrorist organizations in Pakistan. Many of the attacks that have happened so far have belonged to Pakistani terror.Peter revealed that about 800 people from Pakistan had gone to Syria to join ISIS. In such a situation, the people of Pakistan are now required to make strict checkup again. Because, by the way the terrorist attacks are happening, one thing is clear that these terrorists are attacking one after another under a big conspiracy.

पीटर किंग का यह बयान न्यू यॉर्क में हुए आतंकी हमले के बाद आया है. जिसमें हमलावर ने एक ट्रक को लोगों पर चढ़ा दिया था जिसमें आठ लोगों की जान चली गई थी. इसके बाद ट्रंप ने कहा था कि वह किसी भी कीमत पर आईएस को अमेरिका में घुसने नहीं देंगे. उस हमले के बाद से उसने ये कानून जारी कर दिया कि बाहर से आने वाले हर किसी कि पूरी तलाशी ली जाएगी. और संदिग्द होने पर सक्त कार्यवाही कि जाएगी!

This statement of Peter King came after the terrorist attack in New York. In which the assailant had given a truck to people, in which eight people lost their life. After this, Trump had said that he would not let the IS enter the US at any cost. Since that attack, he has issued the law that everybody coming from outside will be searched for the whole. And if there is suspicion there will be strong action.

तो वहीँ गुस्साए ट्रंप ने बुधवार को कहा था कि आतंकी को एक स्टेट डिपार्टमेंट प्रोग्राम के तहत अमेरिका में घुसने की इजाजत दी गई थी जिसे ‘विविधता लॉटरी कार्यक्रम’ कहा जाता है. इस वीजा कार्यक्रम के तहत उन देशों के लोगों को ग्रीन कार्ड दिया जाता है जहां से आमौतर पर उनके मेरिट आधारित उम्मीदवार नहीं होते. हमले को अंजाम देने वाला 29 वर्षीय उज्बेक प्रवासी साइपोव 2010 में वैध रूप से अमेरिका आया था ओर अब ऐसे किसी भी कार्यक्रम को ख़त्म करने की योजना बनायीं जा रही है!

So angry, Trump had said on Wednesday that the terrorists were allowed to enter the US under a State Department program called ‘Diversity Lottery Program’. Under this visa program, green card is given to people from those countries where they are not merit based candidates on the ground floor. The 29-year-old Uzbek migrant who executed the attack, came to the US legally in 2010, and now plans to finish any such program is being done.

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