ब्रेकिंग:PM मोदी के इस बड़े एक्शन के बाद PNB,SBI के बाद अब एक और महाघोटाला आया सामने जिसे देख कांग्रेस भी रह गयी दंग

नई दिल्ली : देश में बैंको ने NPA के नाम पर करोड़ों के घोटाले का अब खुलासा हो रहा है. पूरे देश में करीब 9 लाख करोड़ से ज़्यादा के क़र्ज़ को NPA (ऐसा क़र्ज़ जो वसूला नहीं जा सकता) घोषित कर रखा है. तो वहीँ पीएम मोदी सभी बैंकों को 20 दिनों की अंतिम चेतवानी दी थी कि सभी घोटालों की तुरंत जानकरी दें, दबा के न रखें.

NEW DELHI: Banks in the country are now disclosing the crores scam in the name of the NPA. Over 9 lakh crores of rupees have been declared by the NPA (debt that can not be recovered) across the country. So the PM Modi gave all the banks 20 days of last consciousness that all the scandals should be immediately informed, do not suppress it.

PNB SBI के बाद एक बड़ा बैंक का घोटाला आया सामने

जिससे बैंकों में हड़कंप मच गया है और एक-एक करके घोटालों के खुलासे कर रहे हैं. पहले PNB , फिर रोटोमैक का घोटाला, फिर OBC बैंक, Canara बैंक, तो कल SBI बैंक का घोटाला सामने आया तो अभी-अभी UNION बैंक का ज़बरदस्त घोटाले ने देश में बड़ी उथल पुथल मचा के रख दी है.

After the PNB SBI, a big bank scam came in front

Thereby stirring up the banks and making disclosures of scams one by one. Firstly, PNB, then the Rotopomak scandal, then the OBC Bank, Canara Bank, then the SBI Bank scandal came to light yesterday, just after the scandal of the UNION Bank has put a big upheaval in the country.

13940000000 करोड़ रूपए का घोटाला हुआ कांग्रेस सरकार के साल 2012 में

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक पंजाब नैशनल बैंक में 13 हजार करोड़ रुपये के घोटाले के बाद अब तो जैसे बैंकों के घोटालों की झड़ी सी लग गयी है. यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का 1394.43 करोड़ का एक और बैंकिंग घोटाला अभी सामने आया है. आम जनता के पैसे को इन बैंकों ने धन्ना सेठ की तरह दोनों हाथों से लुटाया है और अब हाथ फैला के सरकार से भीख मांग रहे हैं हमें और पैसे दो वरना बैंक डूब जायेंगे.

Congress government’s scandal in the year 1394 billion

According to the big news now, after the scam of Rs 13,000 crore in Punjab National Bank, now it is like a scam of bank scam. Another Banking scam of Union Bank of India’s 1394.43 crores has just emerged. These banks have looted the money of the common people with both hands like Dhanna Seth and now they are demanding begging from the government of the hand spreading money or else the bank will sink.

बैंक की शिकायत पर सीबीआई ने टोटेम इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, इसके प्रमोटर्स और डायरेक्टर्स टोटेमपुदी सलालिथ और टोटेमपुदी कविता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. यह मामला 1394.43 करोड़ रुपये का है. इस कंपनी को भी साल 2012 में कांग्रेस सरकार के वक़्त क़र्ज़ दिया गया.

On the complaint of the bank, the CBI has registered a case against Totem Infrastructure Ltd, its promoters and directors Totempudi Salalith and Totempudi poetry. This matter is Rs. 1394.43 crores. This company was also given the loan in the year 2012 for the Congress government.


इतना बड़ा अर्थशास्त्री जिसकी तारीफ कांग्रेस करती थकती नहीं है देश के दस साल प्रधानमंत्री रहा और उन्ही की नाक के नीचे इतने सारे घोटाले, एक के बाद एक सामने आ रहे और आज ये ही देश की अर्थव्यवस्था को डूबता हुआ बताते हैं.

Such a big economist whose praise does not tire of the Congress, has been the prime minister of the country for ten years and under the nose of his many scams, one after another one is coming out and today they are saying the economy of the country is drowning.

कंपनी ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया सहित 8 बैंकों से लोन लिया था. लोन को 30 जून 2012 को एनपीए घोषित कर दिया गया था. यूनियन बैंक ऑफ इंडस्ट्रियल फाइनैंस ब्रान्च ने 313 करोड़ का लोन दिया है. सीबीआई प्रमोटर्स और डायरेक्टर्स से पूछताछ कर रही है.

The company had taken loan from 8 banks including Union Bank of India. The loan was declared NPA on June 30, 2012. Union Bank of Industrial Finance Branch has given loan of Rs. 313 crores. CBI is interrogating the promoters and the directors.

गौरतलब है कि कल ही कनिष्क गोल्ड द्वारा 14 बैंकों को 824 करोड़ रुपये की चपत लगाए जाने के मामले में सीबीआई ने इसके प्रमोटर और डायरेक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.

It is worth mentioning that in the case of Kanishka gold imposing Rs 824 crore for 14 banks, CBI has registered a lawsuit against its promoter and director yesterday.

सरकारी और गैर सरकारी 14 बैंकों से कर्ज लेने के लिए फर्जी दस्तावेज और बैंक स्टेटमेंट का इस्तेमाल किया गया. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआइ) के इस घोटाले की सीबीआइ से जांच की मांग के बाद सीबीआइ ने एफआइआर दर्ज कर ली है.सीबीआइ ने कनिष्‍क गोल्‍ड प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर्स-डायरेक्‍टर्स के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया है. चेन्‍नई में दो स्‍थानों पर उनकी खोज चल रही है.

Fraudulent documents and bank statements were used to borrow from government and non-governmental 14 banks. The CBI has registered an FIR after seeking the probe of the scam of State Bank of India (SBI), which is being investigated by CBI. The CBI has released Look Out Circular against promoters and directors of Kanishka Gold Private Limited. They are searching for two places in Chennai.

पीएम मोदी पहले ही कह चुके हैं कि ये सारा NPA के नाम पर किया गया घोटाला कांग्रेस की देन है. OBC बैंक घोटाले में पंजाब कांग्रेस के सीएम के दामाद पर केस चल रहा है. कांग्रेस सरकार में वित्तीय मंत्रालय के दबाव के चलते अवैध तरीके से क़र्ज़ लुटाये गए ये खुद PNB बैंक के पूर्व कर्मचारी ने खुलासा करते हुए कहा था. वहीँ PNB बैंक के कई कर्मचारियों के बैंक खातों और संपत्ति की जाँच पर खुलासा हुआ है कि इनकी विदेशों में सम्पति है,और विदेशी बैंकों में खाते भी हैं.

PM Modi has already said that the scandal involving the entire NPA is Congress’s responsibility. In the OBC bank scam, the case of the son-in-law of Punjab Congress CM is going on. In the Congress government, under the pressure of the financial ministry, illegally looted the money themselves, former employee of PNB Bank said disclosing. There have been disclosures on bank accounts and property checks of several employees of PNB Bank that they have assets in foreign countries, and also have accounts in foreign banks.

अब जब ये बैंक घोटाला देश के सामने आ चुके हैं ये लिस्ट खत्म होने वाली नहीं है, इतने सालों से बैंकों ने करोड़ों के घोटाले दबा रखे थेऔर खुलासा नहीं कर रहे थे.कैसे करेंगे खुद बैंक के ही मैनेजर और जनरल मंजर इन घोटालों में शामिल हैं जैसे PNB घोटाले में मैनेजर की गिरफ़्तारी हुई है.

Now that these bank scam has come to the country, this list is not going to end, for so many years the banks were suppressing millions of scams and not disclosing how. The manager’s arrest has occurred in the PNB scam.

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PNB घोटाले के बाद PM मोदी ने दिया अल्टीमेटम, सामने आया 842000000 रूपए का घोटाला, कांग्रेस ने लुटवाया आम जनता का पैसा

नई दिल्ली : 2011 में हुए PNB बैंक घोटाले से जैसे अब घोटालों की झड़ी लग गयी है. इसके बाद रोटोमैक पेन कंपनी का घोटाला सामने आया, फिर OBC बैंक का करोड़ों का घोटाला सामने आया जिसमे पंजाब के सीएम के दामाद पर केस चल रहा है. उसके बाद CANARA बैंक का घोटाला सामने आया जिसमे ममता बैनर्जी का करीबी गिरफ्तार हुआ है.

New Delhi: Like the PNB Bank scandal in 2011, there has been a scorching scandal. After this, the scam of the Rottomack Pen Company came to light, then the scam of the OBC Bank came into the scandal where the case of CM’s son in Punjab is on. Then there was a scam of the CANARA Bank, which has been arrested near Mamta Banerjee.

इस सबके बाद मोदी सरकार ने तुरंत बैंकों को फाइनल अल्टीमेटम जारी करते हुए 20 दिनों का टाइम दिया था कि हर क़र्ज़ की जानकारी सरकार को तुरंत दे. साथ मोदी सरकार ने 50 करोड़ के ऊपर के हर क़र्ज़ धारकों के पासपोर्ट की जानकारी मांगी है और भगोड़ा आर्थिक अपराध कानून बना दिया है. जिसके बाद अब SBI बैंक का बड़ा घोटाला सामने आया है.

After this, the Modi government immediately gave 20 days to the banks by issuing final ultimatum to the banks that the information of every loan should be given to the government immediately. The Modi government has sought information from the passport holders of every loan holder above 50 crore and made a fugitive economic crime law. After which the big scam of SBI Bank has come out now.

PNB के बाद अब SBI का 8420000000 रूपए का घोटाला

अभी मिल रही बड़ी खबर के मुताबिक पंजाब नेशनल बैंक के 14000 करोड़ के घोटाले के बाद अगला नंबर SBI बैंक का लगा है. चेन्नई स्थित ज्वेलरी कंपनी कनिष्क गोल्ड के मालिक ने एक साथ 14 बैंकों को एक हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की चपत लगाई है.

SBI’s 8420000000 rupees scam after PNB

According to the big news now, after the Punjab National Bank’s 14,000-crore scandal, the next number is SBI Bank. The owner of Chennai-based jewelery company Kanishka Gold, together with 14 banks, has invested more than Rs. 1,000 crores.

साल 2007 में कांग्रेस सरकार में दिया गया

कनिष्क गोल्ड के मालिक भूपेश जैन और उनकी पत्नी नीता जैन ने एसबीआई सहित 13 अन्य बैंकों से करीब 842.15 करोड़ रुपये का लोन लिया था. इन बैंकों में सरकारी और प्राइवेट बैंक भी शामिल हैं. एसबीआई ने सबसे ज्यादा लोन कनिष्क गोल्ड को दिया था. एसबीआई की ओर से लिखे पत्र के अनुसार, कनिष्क गोल्ड ने साल 2007 कांग्रेस सत्ता के वक़्त में तेज़ी से कर्ज लेना शुरू किया और बाद में उसने अपनी क्रेडिट की सीमा भी बढ़वा लिया. मार्च 2017 में पहली बार कंपनी ने सभी 14 बैंकों की लोन की किश्त चुकाना बंद कर दिया था.

Given in Congress government in 2007

Kanishka Gold owner Bhupesh Jain and his wife Neeta Jain took a loan of about Rs 842.15 crore from 13 other banks, including SBI. These banks also include government and private banks. SBI has given the loan to Kanishka Gold. According to the letter written by SBI, Kanishka Gold started taking a quick loan during the year 2007 Congress rule and later also increased the credit limit. For the first time in March 2017, the company had stopped paying the installment of all 14 loans.

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, 25 जनवरी 2018 को सीबीआई को लिखे एक लेटर में एसबीआई ने आरोप लगाया था कि कनिष्क गोल्ड रिकॉर्ड को बदलने की कोशिश और रातोंरात दुकानें बंद कर रही है. बैंकों के मुताबिक, कंपनी पर 824 करोड़ का कर्ज है और ब्याज मिलाकर यह रकम 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकती है.

According to the news published in Times of India, in a letter to the CBI on January 25, 2018, SBI had alleged that Kanishka was trying to change the record and closed the shops overnight. According to the banks, the company has a debt of 824 crores and with interest it can be more than Rs. 1000 crores.

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ब्रेकिंग:नोटबंदी के बाद मोदी जी का एक और जोरदार हमला जिसे देख वामपंथी समेत कांग्रेस हैरान…..

नई दिल्ली (15 मार्च) : पिछले 60 वर्षों में कांग्रेस ने देश में इस कदर लूट मचाई, अपने साथ-साथ बड़े-बड़े कारोबारियों को भी लूट का खुला अवसर दिया. इन कारोबारियों से इसके बदले में मोटी दलाली भी मांगी गयी. नियम-क़ानून भी कुछ ऐसे बनाये गए ताकि खुली लूट मचाने वालों की पोल कभी खुले ही नहीं और यदि गलती से यदि खुल भी जाए तो वो आसानी से देश छोड़कर भाग निकलें.

New Delhi (March 15): In the last 60 years, Congress has looted so much in the country, as well as large businessmen, with open opportunities for looting. Thousands of brokers were also asked in exchange for these transactions. Some rules were made so that the open looters’ pole was never open and if they were opened by mistake, they would leave the country easily.

यही कारण है की माल्या और नीरव मोदी जैसे भ्रष्ट कारोबारी आसानी से देश से भाग निकले और विपक्ष ने उनके भागने का दोष पीएम मोदी पर ही मढ़ दिया, जबकि हकीकत तो ये है कि देश में ऐसे क़ानून ही नहीं जो ज्यादा लोन लेने वालों को विदेश जाने से रोक सके. पीएम मोदी ने अब नियम बदलने का फैसला लिया है.

This is the reason why corrupt businessmen like Mallya and Neerav Modi easily escaped from the country, and the opposition blamed the demise of their escape on PM Modi, whereas the fact is that there is no such law in the country that those who take more loans abroad Prevented PM Modi has now decided to change the rule.

डिफॉल्टरों के देश छोड़ने पर लगेगा बैन
बताया जा रहा है कि देश से भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेकने के लिए आतुर पीएम मोदी पीएनबी घोटाले के बाद डिफॉल्टरों को किसी भी तरह की रियायत देने के मूड में नहीं हैं. जानकारी के मुताबिक़ मोदी सरकार ने देश में मौजूद डिफॉल्टरों की लिस्ट बनानी शुर कर दी है, जिसके बाद सरकार इनके देश छोड़ने पर बैन लगाने जा रही है.

BAN will look at leaving the defaulters
It is being told that in order to overthrow corruption from the country, PM Modi is not in the mood to give any kind of concession to the defaulters after the PNB scam. According to the information, the Modi government has started issuing lists of defaulters in the country, after which the government is going to ban the country after leaving their country.

इन डिफॉल्टरों में कंपनी के वो निदेशक और मालिक शामिल होंगे जो साधनों के बावजूद बैंक का कर्ज चुकाने से इंकार करते आए हैं. सरकार ने ऐसी 400 कंपनियों की लिस्ट बनाई है. आपको बता दें कि कई मामलों में डिफॉल्टर कर्ज न चुकाने के बाद देश छोड़कर फरार हो जाते हैं, ऐसे में सरकार का यह कदम डिफॉल्टरों पर नकेल कसेगा.

These defaulters will include those directors and owners of the company who refuse to repay the loan of the bank despite the means. The government has made a list of such 400 companies. Let us tell you that, in many cases, defaulters are absconding after leaving the country, so how will the government take a step on defaulter?

कांग्रेस ने नहीं बनाया था क़ानून
हाल ही में पीएनबी बैंक में 12,6०० करोड़ रुपये के धोखाधड़ी का मामला सामने आया था. इस मामले में हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके चाचा मेहुल चोकसी देश छोड़कर पहले ही बाहर भाग गए. बैंक में बैठे भ्रष्ट अधिकारियों ने उन तक घोटाले के खुलने की खबर पहले ही पहुंचा दी और इससे पहले की सरकार कोई एक्शन लेती, वो पहले ही देश छोड़कर भाग निकले.

Congress did not create law
Recently, a case of cheating of Rs 12,600 crore in PNB Bank was revealed. In this case diamond trader Neerav Modi and his uncle Mehul Choksi fled the country before leaving. The corrupt officials sitting in the bank have already brought the news of the scandal opening to them and before that the government took action, they had already fled the country.

सवाल यहाँ ये भी है कि देश में 60 वर्षों तक राज करने वाली कांग्रेस सरकार क्या आजतक झक मार रही थी. ऐसा क़ानून क्यों नहीं बनाया गया, जो कर्ज ना चुकाने वालों के देश छोड़ने पर पाबंदी लगाए. ऐसी कोई व्यवस्था क्यों नहीं की गयी. मगर जिसके अपने मंत्री, वित्तमंत्री व् गृहमंत्री तक भ्रष्टाचार में गले तक डूबे हों, सोनिया-राहुल तो खुद भ्रष्टाचार के मामले में जमानत पर बाहर घूम रहे हैं और जल्द ही जेल जा सकते हैं, उनसे क्या उम्मीद की जा सकती है?

The question here is also that the Congress government, which ruled the country for 60 years, was shocked at this day. Why such a law was not created, which prohibits the non-repatriation of the country. Why no such arrangement has been made. But whose minister, the finance minister and the home minister are embroiled in corruption, Sonia and Rahul are themselves going out on bail in corruption cases and they can go to jail soon, what can be expected from them?

पासपोर्ट डीटेल के बिना 50 करोड़ से ज्यादा का लोन नहीं देंगे सरकारी बैंक
पीएम मोदी ने लोन लेकर विदेश भाग जाने वालों पर हल्ला बोल दिया है. सरकारी बैंकों से 50 करोड़ रुपए से ज्यादा का लोन मांगनेवालों के लिए पासपोर्ट डीटेल देना भी अनिवार्य कर दिया है, जोकि लोन फर्जीवाड़े की स्थिति में त्वरित और आसान कार्रवाई सुनिश्चित करेगा और धोखाधड़ी करनेवालों को देश से भागने पर रोक भी लगाएगा. साथ ही, बैंकों को 250 करोड़ रुपये से ज्यादा के लोन की निगरानी करने का भी आदेश दिया गया है.

Government bank not to lend more than Rs 50 crores without passport deal
Prime Minister Modi has said an attack on foreigners fleeing a loan. It is also mandatory to give passport details for those seeking loan of more than Rs. 50 crores to the public sector, which will ensure quick and easy action in the case of loan forgery and will also stop the fraudsters fleeing from the country. In addition, banks have also been ordered to monitor loans worth more than Rs 250 crore.

बहरहाल पीएम मोदी के रुख से साफ़ है कि ना केवल भगोड़ों को जल्द ही घसीट कर वापस लाया जाएगा बल्कि किसी भी अन्य के देश से भागने की गुंजाइश भी ख़त्म की जायेगी ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा करने के बारे में सोच तक ना पाए.

However, it is clear from the stand of the PM Modi that not only the fugitives will be dragged back soon, but the scope of any other country to escape will also be eliminated so that nobody in the future can think of doing so.

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अभी-अभी:नीरव मोदी के घोटाले के बाद PNB की मुंबई ब्रांच में एक और बड़ा महाघोटाला जिसे सुन pm मोदी समेत देश भर में हडकंप

नई दिल्‍ली : देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि मुंबई की पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ब्रांच में एक और फ्रॉड सामने आया है. मुंबई की पीएनबी ब्रांच में करीब 9.9 करोड़ रुपये का एक और फ्रॉड का खुलासा हुआ है, इसकी जानकारी फेडरल पुलिस को दी गई शिकायत के आधार पर हुई है. यह मामला भी उसी ब्रांच का बताया जा रहा है जिस शाखा में नीरव मोदी से जुड़ा घोटाला सामने आया था. सूत्रों के अनुसार यह मामला एक छोटी कंपनी चंदेरी पेपर एंड एलाइड प्रोडक्टस प्राइवेट लिमिटेड का बताया जा रहा है. फ्रॉड के ताजा मामले में अभी तक पीएनबी के प्रवक्ता का कोई बयान नहीं आया है. इसके अलावा चंदेरी पेपर की तरफ से भी कोई बयान नहीं दिया गया है.

New Delhi: The matter of the biggest banking scam in the country has not yet been quieted that another fraud has come out in the Punjab National Bank (PNB) branch of Mumbai. A further fraud of Rs 9.9 crore has been revealed in the PNB branch of Mumbai, the information was based on the complaint given to the Federal Police. This case is being told of the same branch which came to the notice of Nirav Modi related scam. According to sources, this case is being reported to a small company Chanderi Paper and Allied Products Private Limited. There is no statement of PNB spokesperson so far in the fresh case of Fraud. Apart from this, no statement has been made on behalf of Chanderi paper.

सीबीआई और ईडी तेजी से कार्रवाई कर रही
इससे पहले हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की तरफ से पीएनबी को 12,600 करोड़ रुपये से ज्यादा का चूना लगाकर विदेश भागने के मामले में जांच चल रही है. इस पूरे मामले में सीबीआई और ईडी तेजी से कार्रवाई कर रही हैं. सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले पर चुप्पी तोड़ते हुए बुधवार को आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा था कि सार्वजनिक बैंकों के घोटाले रोकने के लिए केंद्रीय बैंक को और अधिक नियामकीय शक्तियां दी जानी चाहिए.

CBI and ED take action fast
Earlier, investigations were on in the case of foreign currency by the diamond trader, Nirvav Modi and Mehul Choksi, for a paltry amount of more than Rs 12,600 crores to PNB. In this case, the CBI and ED are taking immediate action. Breaking the silence on the biggest banking scam, RBI Governor Urjit Patel had said on Wednesday that more regulatory powers should be given to the central bank to stop scams of public banks.

नीरव मोदी और माल्या ही नहीं, ये 31 कारोबारी भी विदेश फरार, पढ़िए पूरी लिस्ट

आरबीआई की शक्तियां बढ़ाने की जरूरत
उर्जित पटेल ने कहा कि उसके पास इस समय जो शक्तियां है वे घोटालेबाजों के मन में भय पैदा करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं. पटेल की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जबकि हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चौकसी की फर्मों के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को 12 हजार 600 करोड़ रुपये का चूना लगाए जाने का मामला सामने आया है. नीरव व मेहुल देश से बाहर भाग गए हैं.

Nirav Modi and Mallya, these 31 businessmen also absconding overseas, read full list

Need to increase the powers of RBI
Urjit Patel said that the powers that he has at this time are not enough to create fear in the mind of scandals. Patel’s remarks have come at a time when a case has been registered for the lien of Rs. 12,600 crore to Punjab National Bank (PNB) of firms of diamond trader Neerav Modi and his uncle Mahul Vigilance. Neerav and Mehul have fled the country.

उपचुनाव में हार के बीच मोदी सरकार के लिए वर्ल्ड बैंक से आई बड़ी खुशखबरी

पटेल ने केंद्रीय बैंक के पास बेहद सीमित अधिकार होने का जिक्र करते हुए कहा कि रिजर्व बैंक किसी सार्वजनिक बैंक के निदेशकों या प्रबंधन को हटाने में सक्षम नहीं है. आरबीआई सार्वजनिक बैंकों का विलय भी नहीं करा सकता है और न ही वह इन बैंकों को परिसमाप्त करने की कार्रवाई शुरू करा सकता है.

Major announcement from the World Bank for the Modi Government in the bye-election defeat

Referring to the central bank having very limited powers, Patel said that the Reserve Bank is not capable of removing the directors or management of any public bank. RBI can not even merge public banks, nor can it initiate the process of liquidating these banks.

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बड़ी खबर : चिदंबरम घोटाले में नया मोड़, हाई कोर्ट ने सुनाया बेहद चौंकाने वाला फैसला, CBI समेत PM मोदी हैरान, ख़ुशी से पागल हुए कांग्रेसी…

नई दिल्ली : भ्रष्टाचार किस हद तक देश के सिस्टम में घुस गया है कि आज देश में एक भी आरोपी अगर गलती से पकड़ा भी जाता है तो हमारे देश की उदारदिल वाली न्यायपालिका उसे रहम दिखाकर छोड़ देती है और जब वही आरोपी देश से फरार हो जाते हैं तब मोदी सरकार पर आरोप थोप दिया जाता है.

New Delhi: To the extent that corruption has entered the system of the country, if a single accused is caught by mistake in the country today, then the liberal judiciary of our country shows him mercy and when the same accused escaped from the country Then the charge is imposed on the Modi Government.

सबसे बड़े घोटाले में हाई कोर्ट ने सुनाया बेहद चौंकाने वाला फैसला
सबसे बड़े घोटाले INX मीडिया केस में बेहद आश्चर्यजनक फैसला सुनाकर सारी सीबीआई की मेहनत पर आज हाईकोर्ट ने पानी फेर दिया. दिल्ली हाईकोर्ट अपने पुराने ट्रैक रिकॉर्ड के लिए मशहूर है, इससे पहले भी एक जज को घूस लेने के मामले में गिरफ़्तार किया गया था. आज फिर लोगों का देश की न्यायव्यवस्था पर से भरोसा उठ गया.

High court pronounced a very shocking decision in the biggest scam
High court verdict in the biggest scandal INX media case, after hearing a very surprising decision, on the whole of the CBI’s work hardened the water. The Delhi High Court is famous for its old track record, even before a judge was arrested in connection with a bribe. Today, the people got reliance on the judiciary of the country.

गुस्से से भड़के लोग
अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक दिल्ली हाईकोर्ट ने आईएनएक्स मीडिया धन शोधन मामले में ED (प्रवर्तन निदेशालय) द्वारा दर्ज मामले में कार्ति चिदंबरम को गिरफ्तारी से 20 मार्च तक के लिए अंतरिम राहत दे दी है. इस फैसले ने देशभर के लोगों को चौंका के रख दिया. सोशल मीडिया पर लोगों का न्यायपालिका के विर्रुध गुस्सा भड़क उठा है.

Angry people
According to the very big news, the Delhi High Court has given interim relief for arrest of Karti Chidambaram till March 20 in the case filed by the ED (Enforcement Directorate) in the INX media money laundering case. This decision surprised the people of the country. On the social media, people’s anger against the judiciary has erupted.

सीबीआई ED चीख-चीख के कहती रही कि बेल(राहत) न दी जाय, बाहर जाकर सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर दी जायेगी लेकिन कोर्ट ने वकीलों की एक भी दलील नहीं सुनी और आज ही मामला हाईकोर्ट पंहुचा और आज ही राहत मिल गयी. यही नहीं उल्टा खुद जज साहब ने सुनवाई को चुनौती देने वाली कार्ति की याचिका पर केन्द्र में मोदी और प्रवर्तन निदेशालय से कड़ा जवाब मांगा है.

The CBI ED was shouting that Bell did not get relief, the evidence would be tampered with outside but the court did not hear any plea of ​​lawyers and today the matter reached the High Court and got relief today. Not only this, the judge himself asked for a strong response from the Modi and the Enforcement Directorate at the Center on the petition of Karti challenging the hearing.

चिंता मत करो मैं हूँ ना सब देख लूंगा
अब कोर्ट में सुनवाई में चिदंबरम ने सारे सबूत देख लिए हैं अब बेशक उनके साथ बाहर छेड़छाड़ होने की सम्भावना है, ऐसे में कोर्ट कैसे ऐसा फैसला सुना सकता है. जबकि खुद जेल में कैद इन्द्राणी मुखर्जी ने कबूला है की चिदंबरम ने करोड़ों के फर्जीवाड़े किये हैं. कार्ति के गिरफ़्तारी पर खुद पी चिदंबरम ने कहा था चिंता मत करो मैं हूँ ना सब देख लूंगा.

Do not worry i am not sure
Now Chidambaram has seen all the evidence in the hearing in the court. Now of course, he is likely to be tampered with, in this case, the court can decide such a decision. While imprisoned in jail himself, Indrani Mukherjee has admitted that Chidambaram has made crores of rupees. P. Chidambaram himself said on Karti’s arrest: “Do not worry, I am not sure.

खून कर दूंगा तब भी छूट जाऊंगा
बता दें कार्ति चिदंबरम को दिल्ली एयरपोर्ट से सीबीआई ने सुबह तड़के गिरफ्तार कर लिया था. इससे पहले जबकि कार्ति चिदंबरम खुद सीबीआई जांच में सहयोग नहीं कर रहा था. सीबीआई अधिकारीयों को धमकी दे रहा था बाहर निकलते ही देख लूंगा, पासवर्ड नहीं दूंगा भाड़ में जाओ. यही नहीं ट्विटर पर गौरवप्रधान ने खुलासा किया है कि कार्ति चिदंबरम ने कहा था कि मामला अब हाई कोर्ट में आ गया है मैं अगर खून भी कर दूंगा न तब भी मैं छूट जाऊँगा और तुम कुछ नहीं कर पाओगे.

I will die even after killing
Karti Chidambaram was arrested by the CBI from the Delhi airport early in the morning. Earlier, while Karti Chidambaram himself was not cooperating in the CBI inquiry. CBI officials were threatening to see me as soon as I came out, I will not pass my password. Not only this, the proud Prime Minister has revealed that Karti Chidambaram had said that the matter has now come to the High Court. Even if I will do the blood, I will still be able to do it and you will not be able to do anything.


आज फैसला सुनाते हुए जज एस. रविन्द्र भट ने यह राहत प्रदान करते हुए स्पष्ट किया कि सीबीआई के मामले में विशेष अदालत यदि कार्ति को जमानत देती है तो, ऐसी स्थिति में अगली सुनवाई तक निदेशालय उन्हें गिरफ्तार नहीं करेगा.

I will die even after killing
Karti Chidambaram was arrested by the CBI from the Delhi airport early in the morning. Earlier, while Karti Chidambaram himself was not cooperating in the CBI inquiry. CBI officials were threatening to see me as soon as I came out, I will not pass my password. Not only this, the proud Prime Minister has revealed that Karti Chidambaram had said that the matter has now come to the High Court. Even if I will do the blood, I will still be able to do it and you will not be able to do anything.

इससे पहले हमने आपको बताया था कि जब सीबीआई ने चिदंबरम के घर पर रेड मारी तो कैसे इस केस जुडी ख़ुफ़िया फाइल जो की कोर्ट में होनी चाहिए थी वो चिदंबरम के घर से बरामद हुई थी. एक लालू को जेल भजने में हमारे देश की लचर न्यायपालिका को 20 साल लग गए. इसके अंदर करने में और 20 साल लगने का इंतज़ार करना पड़ेगा.

Earlier, we had told you that when the CBI had killed Reddy at Chidambaram’s house, then how did the case that was supposed to be in the court, was recovered from Chidambaram’s house. It took 20 years for the lucrative judiciary of our country to worship a Lalu Prison. It needs to wait for another 20 years to get inside it.

इस फैसले के बाद से ट्विटर पर लोगों का गुस्सा भड़क उठा है. प्रिया नाम की एक यूजर ने लिखा बहुत अच्छा काम किया मीलॉर्ड, सरे भ्रष्ट लोगों को आज़ाद कर दो वरना वो तुम्हे टेबल के नीचे से मोटा पैसा कैसे देंगे. एक यूजर ने लिखा है कि खुद जज साहब की पत्नी कार्ति चिदंबरम का केस देख रही हैं ये तो होना ही था.

Since this verdict, people have got angry at Twitter. A user named Priya wrote a very good job, liberate the meleards, all the corrupt people, or else they will give you a rough money from under the table. A user has written that the person himself is watching the case of Mrs. Karti Chidambaram, wife of the judge, that was it.

तो वहीँ एक यूजर ने लिखा है हाई कोर्ट मशहूर है अपने इसी इतिहास की वजह से. यही होता है जब वामपंथियों जज के सेना कुर्सी पर जमकर बैठ जाती है. कांग्रेस ने 10 सालों में सब जगह अपनी जड़ें जमाई हुई हैं वरना इतने संगीन घोटाले में छूट कैसे दी जा सकती है.

So a user has written the High Court is famous because of its history. This is what happens when the army of the judge settles down on the chair. The Congress has rooted all over the place in 10 years or else, how much relaxation can be given in such a bogus scam.

एक यूजर ने लिखा है पीएम मोदी इसमें क्या कर लेंगे वो अकेले इन सब भ्रष्ट तंत्रों के चलते अकेले लड़ाई लड़ रहे हैं.

यह मामला आईएनएक्स मीडिया से जुड़ा है. आईएनएक्स मीडिया के फंड को FIPB के जरिये तब मंजूरी दी गई थी, जब पी. चिदंबरम विभाग के मंत्री थे. गैर-कानूनी तरीके से मंजूरी दिए जाने के लिए इस मामले में जांच शुरू तो हुई थी लेकिन यूपीए सरकार के दौरान इस मामले को दबाने की कोशिशें की गई थी, जिसे अब दोबारा शुरू किया गया है

One user has written what PM Modi will do in this matter alone, they are fighting alone because of all these corrupt systems.

This matter is connected to the INX media. Fund of INX Media was approved by FIPB, when P. Chidambaram was the minister of the department. In the matter of investigation for illegal approval, it was started, but during the UPA government, an attempt was made to suppress the case, which has now been started again.

यह भ देखे

https://youtu.be/1YmeDP0wOXs

https://youtu.be/k87GwTUEGuQ

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पीएम मोदी का ऐसा जबरदस्त एक्शन,जिससे नीरव मोदी समेत पुरे देश में हड़कंप

नई दिल्ली (27 फरवरी) : देश की सबसे भ्रष्टाचारी पार्टी का खिताब पा चुकी कांग्रेस जब सत्ता में थी, तब कोंग्रेसी नेताओं के साथ-साथ भ्रष्ट अधिकारियों व् कारोबारियों ने भी भ्रष्टाचार की मलाई जमकर खायी. मोदी सरकार के आने के बाद जब मामले खुलकर सामने आने लगे तो भ्रष्टाचारी जान बचाकर भाग रहे हैं. मगर अब मोदी सरकार ने ऐसा एक्शन लिया है, जिसे देख भ्रष्टाचारियों के भी होश उड़े हुए हैं, खासतौर पर उनके, जो ये सोचकर देश से भाग गए हैं कि भारत सरकार उनका कुछ बिगाड़ नहीं पाएगी.

New Delhi (February 27, 2013): When Congress was in power in the country’s most corrupt party, when the Congress leaders were in power, corrupt officials and businessmen ate along with the cream of corruption. After the Modi government came, when the cases came out openly, the corrupt people are running away. But now the Modi government has taken such action, which is also seen in the eyes of corrupt people, especially those who have fled from the country thinking that the Government of India will not be able to make any difference to them.

10 देशों में ईडी का एक्शन
हाल ही में सामने आये पीएनबी घोटाले में जांच एजेंसियां बेहद सख्त मूड में हैं. नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की ना केवल भारत की सभी सम्पत्तियाँ जब्त कर ली गयी हैं बल्कि अब विदेशों में भी इनका जीना दूभर करने की तैयार कर ली गयी है.

ED action in 10 countries
In the recent PNB scandal, investigating agencies are in a very strict mood. Nirav Modi and Mehul Vakasi have not only seized all the properties of India, but have now been prepared to confuse them in foreign countries.

प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब नेशनल बैंक से करीब 12600 करोड़ रुपये का लोन लेकर विदेश भागे आरोपी नीरव मोदी मामले में 10 देशों को पत्र लिखकर उनसे कहा है कि वो वहां नीरव मोदी की विदेशी संपत्ति और ठिकानों के बारे जानकारी भारत सरकार को दें, ताकि उन्हें जब्त कर लिया जाए.

The Enforcement Directorate has written a letter to the 10 countries of Punjab National Bank, taking a loan of around Rs 12,600 crore from abroad to Nirav Modi and asked them to give information about Neerav Modi’s foreign assets and locations to the Indian government, so that they may be seized. Be done

विदेशी संपत्ति जब्त कर बना देंगे भिखारी
ईडी ने कहा कि इससे वह हांगकांग, अमेरिका, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, दक्षिण अफ्रीका और सिंगापुर अपराध की कमाई जब्त करने और दस्तावेज तथा सबूत जुटाने में मदद मिलेगी. अनुरोध पत्र एक देश की अदालत द्वारा दूसरे देश की अदालत को जारी किया जाता है. निदेशालय ने अदालत को बताया कि नीरव मोदी ने कई कंपनियां बनाई हैं. इनमें डायमंड आर यूएस, सोलर एक्सपोर्ट्स, स्टेलर डायमंड, फायरस्टार डायमंड शामिल हैं.

Beggars will seize foreign property
ED said that this will help in seizing the earnings of Hong Kong, US, UK, United Arab Emirates, South Africa and Singapore crime and gathering documents and evidence. The request letter is issued by a country’s court to another country’s court. The Directorate told the court that Neerav Modi has made several companies. These include Diamond R US, Solar Exports, Stellar Diamond, Firestars Diamond.

ईडी ने अदालत में अपनी अपील में कहा कि नीरव मोदी ने अपना कारोबार अमेरिका, ब्रिटेन, यूएई, दक्षिण अफ्रीका और सिंगापुर तक फैलाया हुआ है. आवेदन में कहा गया है कि उसकी अपराध की कमाई का कुछ हिस्सा विदेशों में रखा हुआ है.

ED in its appeal in the court said that Neerav Modi has spread his business to the US, UK, UAE, South Africa and Singapore. The application says that part of the income of his crime is kept abroad.

साफ़ जाहिर है कि नीरव मोदी भले ही देश छोड़कर भाग गया हो, मगर जांच एजेंसियां उसके पीछे पूरी ताकत से लगी हुई हैं. ना केवल उसकी विदेशी सम्पत्तियाँ जब्त करने की पूरी तैयारी है बल्कि उसे वापस भारत लाने की भी पूरी कोशिशें की जा रही हैं. नीरव मोदी के भारत आने से कई अन्य भ्रष्टाचारियों का भी पर्दाफ़ाश होने की उम्मीद है, खासतौर पर उन नेताओं का, जिनकी सहायता से नीरव मोदी ने इतने बड़े पैमाने पर लूट मचाई.

Clearly, Neeru Modi may have left the country, but the investigating agencies have been behind him with full force. Not only is there complete preparation to seize its foreign properties but also efforts are being made to bring it back to India. Many other corrupt people are also expected to be exposed after the arrival of Nirv Modi, especially with the help of those leaders who had looted at such a massive scale.

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PNB बैंक के बाद इस बड़े बैंक, में घोटाला शामिल है ये बड़ा कांग्रेसी दामाद

नई दिल्ली : PNB बैंक के घोटाले में ताबड़तोड़ एक्शन से नीरव मोदी और उसके परिवार की सम्पत्तियों को जब्त करने का काम तेज़ी से चल रहा है. 6000 करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली गयी है अब तक और 18 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं. कांग्रेस शासन में हुए इस घोटाले का इल्जाम कांग्रेस ने पीएम मोदी पर लगा रही है.

New Delhi: The process of seizing properties of Nirav Modi and his family is being carried out fast with prompt action in the PNB Bank scam. Property worth 6000 crores has been seized so far and 18 arrests have taken place. The Congress is putting PM on the blame for the scam in the Congress rule.

PNB के बाद OBC घोटाले में कोंग्रेसी दामाद का निकला कनेक्शन
इस बीच एक और OBC बैंक का साल 2007 का ज़बरदस्त 2000000000 रूपए घोटाला सामने आ गया है. घोटाले का खुलासा होते ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने इसके लिए फुर्ती से पीएम मोदी पर हमला बोलना शुरू कर दिया. लेकिन मज़े की बात देखिये इस घोटाले में भी कांग्रेस का गहरा कनेक्शन निकल आया. वो भी कोई छोटा मोटा कांग्रेसी नहीं मुख्यमंत्री का दामाद बुरी तरह इस घोटाले में लिप्त पाया गया है.

Congressional son-in-law connection in OBC scandal after PNB
In the meanwhile, another OBC bank’s 2007 year-old 200,000,000 rupees scandal has come out. When the scandal was exposed, Congress President Rahul Gandhi hastily started attacking PM Modi for this. But watch out for fun, there was a deep connection of Congress in this scam. The son-in-law of the Chief Minister, who is also a small, thick Congressman, has been found badly involved in this scam.

सिंभावली शुगर लिमिटेड
अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक पीएनबी घोटाले के बाद अब ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में 200 करोड़ के लोन डिफॉल्ट और धोखधड़ी का मामला सामने आया है. यूपी की सिंभावली शुगर लिमिटेड कंपनी पर सीबीआई ने धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है. आप जानकार हैरान रह जाएंगे इस बड़े घोटाले में सीबीआई ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह के दामाद समेत 13 लोगों पर केस दर्ज किया है.


Sinbhavali Sugar Limited
According to the very big news now, after the PNB scam, the case of loan default and scam of Rs 200 crore has come out in the Oriental Bank of Commerce. The CBI has registered an FIR in the case of fraud in the Sinchanghi Sugar Ltd Company of UP. You will be surprised that in this big scandal, the CBI has registered a case against 13 people, including son of Punjab Chief Minister Capt Amarinder Singh.

क्या अब इस घोटाले के बाद भी कांग्रेस मोदी सरकार पर इल्जाम लगाएगी ? हर घोटाले में कहीं न कहीं कांग्रेस का बड़ा हाथ निकल ही आता है. अकेले सिंभावली शुगर लिमिटेड पर 97.85 करोड़ रुपए का लोन नहीं चुकाने का मामला दर्ज किया गया है. इस कंपनी के इसके सीएमडी गुरमीत सिंह मान, डिप्टी एमडी गुरुपाल सिंह और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

Will the Congress still blame the Modi government after this scam? Somewhere in every scam the Congress’s big hand comes out. A case has been filed for not paying a loan of Rs. 97.85 crores on Singbhali Sugar Limited alone. The company has registered a case against its CMD Gurmeet Singh Mann, deputy MD Gurpal Singh and others.

गन्ना किसानों के साथ इतना बड़ा धोखा
यही नहीं इस घोटाले में भी PNB घोटाले की तरह एफआईआर में OBC बैंक के बड़े अधिकारीयों का नाम शामिल है. इस घपले के पीछे तो बेहद दर्दनाक बात छुपी हुई है, जिसने अब इस देश को झकझोर के रख दिया है. PNB घोटाला तो हीरा व्यापारी ने अपने लिए लिया था लेकिन ये OBC घोटाला में तो कंपनी ने साल 2011 में रिजर्व बैंक की गन्‍ना किसानों के लिए लाई गई योजना के तहत ही 97.85 करोड़ का लोन लिया था. इस भारी भरकम रकम को 5762 गन्ने के किसानों को वित्तीय सहायता दी जानी थी. लेकिन इस लोन की राशि को बैंक और कंपनी ने अपने निजी इस्तेमाल के लिए गलत ढंग से ट्रांस्फर कर लिया.

Such a big fraud with sugar cane farmers
Not only this, this scam also includes the names of senior officers of OBC Bank in the FIR like PNB scam. This painful thing has been hidden behind this scandal, which has now kept the country shameless. The PNB scam was taken by the diamond trader for himself, but in the OBC scam, the company had taken a loan of Rs 97.85 crore in 2011, under the scheme for the sugarcane farmers of the Reserve Bank. Financial assistance to 5762 sugarcane growers was to be given to this huge amount. But the amount of this loan was incorrectly transferred by the bank and the company for its personal use.

इस वजह से कर रहे थे किसान आत्महत्या
आपको याद होगा कुछ वर्षों पहले एक के बाद एक गन्ना किसानो की आत्महत्या का मामला सामने आया था. जिसके पीछे के राज़ अब खुलकर सामने आ रहे हैं. गन्ना किसानों के नाम पर ये क़र्ज़ लिया गया और जैसे ही मोदी सरकार सत्ता में आयी ये क़र्ज़ को तुरंत NPA घोषित कर दिया गया. NPA मतलब ऐसा क़र्ज़ जिसे बैंक वसूलने में असमर्थ है और उसकी भरपाई अब सरकार करेगी.

Farmers commit suicide due to this
You will remember a few years ago a case of suicide of sugarcane farmers was revealed. The secret behind which is now openly exposed. This loan was taken in the name of sugarcane farmers and as soon as the Modi government came to power, this loan was immediately declared as an NPA. NPA means a loan which is unable to recover the bank and the government will compensate it now.

कर्जे के ऊपर दिया गया एक और कर्ज
यही नहीं जब कंपनी पहले से ही कर्ज़े में डूबी हुई थी उसके बाद फिर से कंपनी ने पिछले लोन को चुकाने के लिए 110 करोड़ रु का एक और नया लोन ले लिया. एफआईआर के अनुसार दूसरे लोन को भी नोटबंदी के 20 दिन बाद 29 नवंबर 2016 को NPA घोषित कर दिया गया.

Another loan above loan
Not only this, when the company was already in debt, the company again took another loan of Rs 110 crore to repay the previous loan. According to the FIR, the second loan was declared NPA after 20 days of note-taking on November 29, 2016.

एफआईआर के अनुसार बैंक से 97.85 करोड़ रु की धोखाधड़ी का मामला है लेकिन असल में बैंक को 109.08 करोड़ रु का नुकसान हुआ है. सीबीआई ने सिंभावली शुगर्स लिमिटेड के खिलाफ मामले के सिलसिले में दिल्ली और उत्तरप्रदेश में कई स्थानों पर छापेमारी की है. छापेमारी के साथ सीबीआई ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है. गौरतलब है कि यह कंपनी शुगर रिफाइनरी कंपनियों की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है. यह कंपनी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में भी लिस्टेड है.

According to the FIR, there is a case of fraud of Rs 97.85 crore from the bank, but in reality the bank has suffered a loss of Rs 109.08 crore. The CBI has conducted raids at various places in Delhi and Uttar Pradesh in connection with the case against Sinbhavali Sugars Limited. With the raid, the CBI has started looking for the accused. Significantly, this company is one of the largest companies of Sugar Refinery Companies. The company is also listed on the Bombay Stock Exchange.

बड़ी सोची समझी साज़िश का खुलासा
इससे पहले हमने आपको बताया था ये घोटाले बैंक के बड़े अधिकारी भी शामिल हैं. बड़ी सोची समझी साज़िश के तहत ज़बरदस्त लूट मचाई गयी है. जानबूझ कर कर्ज़ों को NPA घोषित किया जा रहा है और इसकी भरपाई के लिए जब मोदी सरकार सत्ता में आयी तो उन्होंने बैंकों के खस्ता हालत के लिए ढाई लाख करोड़ दिए क्यूंकि देशभर के बैंक करीब 9 लाख करोड़ रूपए का क़र्ज़ अब तक लुटा चुके हैं.

Explanation of a very intriguing conspiracy
Earlier we had told you that these scams are also included in the bank’s top officials. Under a very thoughtful conspiracy, there was a great loot. Deliberately the loans are being declared as NPA and when the Modi government came to power to compensate it, they gave 2.5 lakhs for the tranquil condition of the banks, because the banks across the country have lienged nearly Rs.9 lakh crore so far.

नोटबंदी के बाद मचा हड़कंप
कुल मिलाकर मिल बाँट कर ये सभी देश को लूटने में लिप्त रहे. मगर देश की जनता ने मोदी को प्रधानमंत्री बनाकर इनका खेल बिगाड़ दिया. जैसे ही पीएम मोदी ने नोटबंदी की, सभी भ्रष्टाचारी एक सुर में रोने-चिल्लाने लगे थे. अगर आज भी मोदी सरकार ना आयी होती तो कभी देश को पता ही नहीं चलता कि अंदर ही अंदर दीमक की तरह देश को खोखला किया जा रहा है और बैंक अधिकारीयों की मिलीभगत के साथ कांग्रेस दामाद देश की जनता का पैसा और गन्ना किसानों का खून चूस रहे हैं.

Circulation after registering
Overall, they are involved in looting all the country by distributing the mill. But the people of the country spoiled the game by making Modi the Prime Minister. As soon as PM Modi made a ban, all the corrupt people started crying and crying. If the Modi government had not come even today, then the country would never know that inside the country like the termite is being hollowed out and Congress son-in-law with the collusion of bank officials, the money of the people of the country and the sugarcane farmers shed blood Are there.

https://youtu.be/zebp2pu1dW4

आपको बता दें कि बीते 10 दिनों में सीबीआइ ने बैंकों की शिकायत पर कुल 7 से ज्यादा मामले दर्ज किए हैं। शिकायत करने वाले बैंकों में एसबीआइ, पंजाब नेशनल बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और तेलांगना ग्रामीण बैंक हैं। दर्ज किये गए ज्यादातर मामले बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से धोखाधड़ी के हैं.

Let me tell you that in the last 10 days, the CBI has registered more than 7 cases against the banks’ complaint. The banks complaining are SBI, Punjab National Bank, Oriental Bank of Commerce, Bank of Maharashtra and Telangana Rural Bank. Most of the cases registered are fraud by the collusion of bank employees.

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PNB के बाद एक अब इस बड़े बैंक ने किया घोटाला,मोदी सर्कार की सतर्कता ने उदय माँ बेटे के होश

नई दिल्ली :PNB घोटाले में मचा देश में मचा बवाल अभी शांत भी हुआ था हर रोज ताबतोड छापेमारी और सम्पत्ति जब्त को CBI ने कुर्क कर लिया है इस बीच अब अब PNB के बाद एक और बैंक का घोटाले सामने आया है इसके साथ -साथ चौंकाने सोची समझी साजिश सामने आई है जिसमे इन बांको पर भी अब शक की सुई आ अटकी

New Delhi: In the PNB scam, there was a lot of pressure in the country. Now every day, the seizure of seizure and property seizure has been sealed by the CBI. Meanwhile, now another bank scam has emerged after the PNB, along with the startling scandal A thoughtful conspiracy has surfaced, in which these needles of suspicion are still stuck

PNB के बाद एक और बड़ा बैंक घोटाला, खेला जा रहा बड़ा खेल

PNB बैंक के 11400 करोड़ के घोटाले में कोई छोटे कर्मचारियों ने खेल नहीं खेला है बल्कि अब तक पूर्व GM पूर्व DM पूर्व AGM समेत 18 बड़े अधिकारीयों को गिरफ्तार किया गया है. यही नहीं मौजूद बैंक के जनरल मैनेजर और बड़े अधिकारीयों से भी सीबीआई पूछताछ कर रही है. अगर एक बैंक का मैनेजर ही घोटाले करने लगेगा तो फिर सोचिये जो 9 लाख करोड़ के कर्ज हैं वो भी बैंकों ने ऐसे ही लुटाये हैं.

Another big bank scam after PNB, big game being played

Some small employees have not played the game in PNB Bank’s 114 million crore scandal, but so far 18 major officers including former GM former DM pre-AGM have been arrested. Not only this, the CBI is also interrogating the General Manager and senior officials of the existing bank. If a bank manager starts scam, then think again which banks have looted 9 lakh crores.

ये बात आज साबित होती हैं क्यूंकि PNB महाघोटाले के बाद अब दिल्ली स्थित OBC ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में करीब 389 करोड़ 90 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. मामले में दिल्ली के हीरा निर्यातक कंपनी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. लेकिन इस घोटाले में बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है जिससे आप 9 लाख करोड़ के क़र्ज़ (NPA) को अच्छे से समझ जाएंगे.

This is proved today because after the PNB accusations, a case of fraud worth Rs 389 crore 90 lakh has come to the OBC Oriental Bank of Commerce in Delhi. In the case, the case has been registered against the diamond exporter company of Delhi. But there has been a huge fraud in this scam which will make you understand the NPA worth 9 lakh crores.

बैंक ने दर से फर्जीवाड़े की जानकारी दी

हरियाणा स्थित गुरुग्राम के सेक्टर-32 स्थित ओबीसी बैंक के ब्रांच से यह फर्जीवाडा हुआ है. बैंक के एजीएम स्तर के अधिकारी ने इस मामले की जानकारी सीबीआई को लिखित तौर पर दी और सीबीआई ने मामला दर्ज करके तफ्तीश शुरू कर दी है. इतने सालों से शांत बैंक ने इसकी जानकारी अब जाकर सीबीआई को दी है.

Bank gave information on fraud

This is a forgery from the OBC Bank branch of Sector-32 located in Gurugrama, Haryana. The AGM level officer of the bank gave the information to the CBI in writing and the CBI has started the investigation by filing the case. For so many years, the bank has given its information now to the CBI.

कर्ज में डूबी कंपनी को और क़र्ज़ चढ़ाते रहे
लेकिन इससे भी बड़ी चौंकने वाली बात जो सामने आयी है वो ये कि इस बैंक की शाखा ने 31 मार्च 2014 मोदी सरकार के आते ही कंपनी के क़र्ज़ को NPA की लिस्ट में भी डाल दिया था. लेकिन उसके बाद भी यह खेल जारी रहा. NPA की लिस्ट में शामिल होने के बावजूद कंपनी को करोडों का लोन मिलता रहा.

Lending the debt to the company immersed in debt
But the more shocking thing that has come out is that the bank’s branch had put the company’s debt on the list of NPAs as soon as the March 31, 2014 Modi government came. But this game continued even after that. Despite joining the NPA list, the company got a loan of crores of rupees.

बड़ी सोची समझी साज़िश का खुलासा
आपको याद होगा एक वक़्त हुआ करता था जब बैंक किसी के भी क़र्ज़ को इतनी आसानी से नहीं छोड़ता था. धमकी दी जाती थी, घर से सामान उठा लिया जाता था लेकिन अचानक से सारे व्यापारियों के क़र्ज़ को बैंकों ने भूलना शुरू कर दिया और सारे करोड़ों की क़र्ज़ को BAD LOAN यानि NPA मतलब ऐसा क़र्ज़ जिसे वसूला नहीं जा सकता उस श्रेणी में डाल दिया.

Explanation of a very intriguing conspiracy
Remember you used to be a time when the bank did not leave anyone’s debt so easily. Threats were taken, goods were taken from the house, but suddenly the banks started forgetting the debt of all the traders, and the debt of millions of crores was called BAD LOAN i.e. NPA, which means that the loan can not be recovered.

जिसके बाद बैंक को डूबता हुआ दिखा कर सरकार से पैसे वसूले जा सके. जिसके बाद मोदी सरकार ने आते ही बैंकों के खस्ता हालत देखते हुए , बैंकों को दुबारा जीवित करते हुए 2.5 लाख करोड़ की राशि दी और यही तो बैंक के मैनेजर अधिकारीयों और छुपे हुए खिलाडियों की योजना थी.

After that the money can be levied by the government by showing the bank drowning. After the Modi government came to see it, seeing the poor condition of the banks, the banks gave the amount of Rs 2.5 lakh crore again, and this was the plan for the bank’s manager officers and the hidden players.

2007 कांग्रेस सरकार के वक़्त से होता आ रहा है घोटाला
इस फर्जीवाड़े की गंभीरता को देखते हुए CBI ने दिल्ली के ज्वेलर समेत कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. गुरूग्राम स्थित ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स बैंक के अधिकारियों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है. मामले में बैंकों से साल 2007 कांग्रेस सरकार शासन से लगातार फर्जीवाड़ा करके लोन लेने का आरोप है. बैंक को पैसे नहीं चुकाने के बावजूद मामले में लापरवाही दिखाई गई. इसका मतलब साकार तो पैसा दे ही देगी, एक हाथ पैसा लो दूसरे हाथ से क़र्ज़ देकर उड़ा दो और बीच में मालामाल हो जाएंगे बैंक अधिकारी. तभी तो PNB के आरोपी शेट्टी ने 4 करोड़ का बंगला खरीदा रिटायर होते ही.

2007 Congress is coming out of the government’s scandal
Given the seriousness of the fraud, the CBI has registered a case against several people including Delhi’s jeweler. A case has been registered against the officials of the Gurgaum-Oriental Bank of Commerce Bank. In the case of the bank, the 2007 Congress government has been accused of taking loans by fraudulently forgery. In spite of not paying the money to the bank, negligence was shown in the case. The meaning of this will give money only, take one hand and take it with the other hand and give it to the bank officer. Only then PNB accused Shetty bought a 4 crore bungalow for retirees, as soon as he retired.

केस दर्ज सीबीआई आयी एक्शन में
सीबीआई के अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली की मेसर्स द्वारिका दास सेठ इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड और द्वारका दास सेठ सेज इनकॉरपोरेशन नाम की कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. ये कंपनी दिल्ली के करोलबाग में स्थित है. मामले में CBI ने जिनके खिलाफ केस दर्ज किया है, उसमें कंपनी के मालिक सभ्य सेठ और रिता सेठ के अलावा कृष्ण कुमार सिंह, रवि कुमार सिंह समेत कई सरकारी अधिकारी शामिल हैं.

Case registered in CBI action
According to CBI officials, a case has been registered against the company of Delhi’s M / s Dwarka Das Seth International Pvt Ltd and Dwarka Das Seth Sage Incorporation. This company is located in Delhi’s Karol Bagh. In the case of whom the CBI has registered the case, in addition to the company’s owners, including civil servants Sride Seth and Rita Seth, several government officials including Krishna Kumar Singh, Ravi Kumar Singh are included.

बता दें सभ्य सेठ और रिता सेठ दिल्ली के पंजाबी बाग में रहते हैं, जबकि कृष्ण कुमार सिंह सराय काले खां इलाके में रहते हैं. CBI जल्द ही इन सभी आरोपियों के खिलाफ मामले में जांच करेगी. CBI इनको पूछताछ के लिए अपने दफ्तर में बुलाने वाली है. सूत्रों की मानें तो तीन दिन के अंदर ही इन आरोपियों के खिलाफ सीबीआई बड़ी कार्रवाई करने वाली है.

Tell Saree Seth and Rita Seth live in Punjabi Bagh of Delhi, while Krishna Kumar Sarai lives in Sarai Kale Khan area. CBI will soon investigate the case against all these accused The CBI is going to call him in the office for questioning. According to sources, the CBI is going to take big action against these accused within three days.

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https://www.youtube.com/watch?v=1YmeDP0wOXs

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PNB ने रचा ऐसा भ्रष्टाचार का नया इतिहास, जांच में हुआ ये सनसनी खेज खुलासा,जिसे देख PM समेत CBI के उड़े होश

नई दिल्ली:भारत के सबसे बड़े बैंक घोटाले को लेकर हर रोज नए नए खुलासे हो रहे है भ्रष्टाचार मिलीभगत से हुई इस लूट PNB के लचर सिस्टम का भी पर्दाफाश होता जा रहा जाँच में जुटी CBI के सामने पूछताछ के दोरान बैंक कर्मचारी ने ऐसे हैरत अंगेज खुलासे किये है जिन्हें देख आपके पेरो तले जमीं खिसक जायेगी

New Delhi: New disclosures are being made every day on the biggest bank scam of India: The looted system of corruption of the PNB looted from corruption has also been exposed. During the inquiry in front of the CBI engaged in the investigation, the bank employee has given such an alarm Have made disclosures that will be seen in your underground area.


PNB ने रचा भ्रष्टाचार का नया इतिहास
पैसो के लालच में PNB के भ्रष्ट अधिकार इस बिक चुके कि वो नीरव मोदी के कर्मचारी को अपने कंप्यूटर ही सोंपा देते थे और नीरव मोदी के कर्मचारी खुद ही लॉग इन कर लेते थे जाँच एजेसियों को इस घोटले में PNB के डिजिटल सिस्टम से छेड़छाड़ का पहले से ही आदेशा था.

PNB’s new history of corruption
PNB’s corrupt rights have been sold out of PNB that he used to give Nirav Modi’s staff to his computer and Nirav Modi’s staff would log in himself. The investigating agencies were first to tamper with PNB’s digital system in this scam It was the order from itself.

करीब 11,400 करोड़ रुएये के इस घोटले में pnb के अधिकारियों पर ये सवाल पहले ही था कि उन्होंने बिना जाँच पड़ताल के नीरव मोदी की कंपनियो को लोन कैसे दिया अब जानकारी सामने आई है कि cbi द्वारा हिरासत में लिए गए pnb के कर्मचारी ने कबूल किया है की नीरव मोदी की टीम को pnb के कंप्यूटर सिस्टम तक अनाधिकृत रूप में पहुंच दी गई थी |

In the Rs 11,400 crores scam, the question pnb officials were already questioned how they lent to the Modi’s companies without scrutiny. Now the information has come to the notice that the pnb employee who was detained by the cbi has admitted Neerav Modi’s team was given access to pnb’s computer system in unauthorized form.

पीएनबी के अफसरों को नीरव मोदी की कंपनियों को लेटर ऑफ अंडरटेकिंग देने के लिए अच्छा कमीशन मिलता था और इस कमीशन के लालच में ही उन्होंने यह सब किया. पिछले हफ्ते CBI ने पीएनबी लोन घोटाले के सिलसिले में इसके एक रिटायर्ड और एक कार्यरत कर्मचारी को गिरफ्तार किया था. इसके साथ ही पीएनबी के मुंबई में ब्रैडी रोड की उस ब्रांच की भी जांच की गई थी, जहां से इस घोटाले को अंजाम दिया गया था.

The officers of PNB got good commission to give the letter of undertaking to the companies of Nirav Modi, and they did all this in the greed of this commission. Last week, the CBI had arrested one retired and one working employee in connection with the PNB loan scam. At the same time PNB had also examined the branch of Brady Road in Mumbai, from where the scam was executed.

SWIFT में खुद ही लॉग-इन करते थे नीरव मोदी कर्मचारी

पूछताछ के दोरान बैंक के कर्मचारी ने खुलासा किया कि नीरव मोदी के लोगो को वो अपने पासवर्ड देते थे जिससे नीरव के कर्मचारी SWIFT में लॉग-इनकर लेते थे इसके बाद नीरव के कर्मचारी जली SWIFT मैसेज खुद ही भेजते थे आरोपियों ने यह भी खुलासा किया है कि इस घटना में pnb 5-6 और कर्मचारी शमिल थे कर्मचारी को जो कमीशन की रकम मिलती थी उसे वे आपस में बाँट लेते थे

Nirvava Modi employee used to log in to SWIFT itself

During the interrogation, the employee of the bank disclosed that he had given his password to the people of Nirav Modi, so that the employees of Neerav logged in SWIFT after which the Nirav employees sent the SWIFT message itself, the accused also disclosed this. In the event that pnb 5-6 employees were included in the incident, they used to get the amount of commission paid to the employees.

नीरव के लोगो को पासवर्ड दे देने का मतलब हुआ कि एक तरह से नीरव के लोगों के पुरे बैंक की चाबी दे दी जाती थी जितना मर्जी घोटाले कर सकते थे बस उसका तय कमीशन अफसरों को देने होता था यहाँ सवाल ये भी उठने लगे है कि क्या pnb अकेला ऐसा बैंक जहाँ ऐसा भ्रष्टाचार रहा था |

To give a password to the people of Nirvav means that the keys of the bank of the bank were given to the people in a way that they could scandal only if they had to give it to the appointed commissioners.Here the question has arisen whether pnb was the only bank where such corruption was happening

जानकारों के मुताबिक अभी कई बैंकों को नाम सामने आने है जहाँ इसी तरह से भरष्ट कारोबारियों को अनाधिकृत लोन दिए गए सौर जनता के पैसो की खुलकर लूट करने दी गयी

According to experts, the names of many banks are yet to be disclosed, in this way, the affluent businessmen were allowed to loot the money of the unauthorized loan given to the public.

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PNB महाघोटाले में बैंक कर्मचारी ने ही किया ऐसा ज़बरदस्त खुलासा इसे देख बुरे फंसे चिदंबरम, CBI,ED समेत रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के भी उड़े होश

नई दिल्ली : 2011 में कांग्रेस शासन में हुए पीएनबी के 11400 करोड़ के महाघोटाले ने पूरे देश को हिला के रख दिया है. फिलहाल अभी तक छापेमारी में 5100 करोड़ की संपत्ति हीरे, जवाहरात सोना जब्त किया जा चुका है. एक तरफ आम आदमी को लोन देते वक़्त हज़ार सवाल का सामना करना पड़ता है और रईसजादों के लिए बैंक दुम हिलाते नज़र आने लगते हैं. जहाँ इस घोटाले को लेकर कांग्रेस पीएम मोदी पर हमला बोल रही है, ‘छोटा मोदी’ बोलते हुए रणदीप सुर्जेवाला प्रेस कॉनफेरेन्स कर रहे हैं.

New Delhi: In the 2011 Congressional PNB, the 1148 crore Maha Ghollatla of Congress has kept the whole country shake. Right now, in the raid, gold worth Rs. 5100 crore has been seized and gold jewelery has been seized. On the one side, the common man has to face the thousand questions while giving loans, and for the raiyasadas the bank starts shaking. Where the Congress is attacking PM Modi over this scam, Randeep Sarjwala is speaking with press conference while speaking ‘small Modi’.

कांग्रेस का सबसे बड़ा अर्थशात्री अब तक मौन कैसे ?
लेकिन जैसे-जैसे खुलासे सामने आ रहे हैं कांग्रेस खुद अपने जाल में फंसती जा रही है. आप सोच रहे होंगे कांग्रेस के सबसे बड़े अर्थशास्त्री पी चिदंबरम. हर बार कालेधन,जीएसटी,नोटबंदी पर पूरा दिन हमला बोलते हैं. लेकिन इतना बड़ा घोटाला हो गया अब तक उनका एक भी बयान सामने नहीं आया , एक भी ट्वीट नहीं आया और न वो खुद शकल दिखा रहे हैं. क्यूंकि वे खुद जानते हैं कि उनके हाथ भी इस घोटाले में शामिल हैं लेकिन सच ज़्यादा देर तक छिप नहीं सकता था.

How to silence Congress’s biggest economist so far?
But as the disclosures are coming out, the Congress itself is stuck in its own trap. You might be thinking, Congressman P Chidambaram, Congress’s biggest economist. Every time blacksmith, GST speaks for a day after the ban on bondage. But such a big scam has happened so far none of his statements have come out, no one tweeted nor did he show himself. Because he himself knows that his hands are also involved in this scandal but the truth could not hide much longer.

बैंक के ही कर्मचारी ने किया झकझोर देने वाला खुलासा
दरअसल इस बार खुद बैंक के पूर्व कर्मचारी ने PNB के महाघोटाले पर बेहद हैरतअंगेज़ खुलासा किया है जिसकी वजह से पूर्व वित्तीय मंत्री पी चिंदमबरम बड़ी मुसीबत में फंसते नज़र आ रहे हैं.

The employee of the bank did a shocking disclosure
In fact, this time, the former employee of the bank himself has exposed a lot of surprises on PNB’s big tragedy, due to which former finance minister P. Chidambaram is stuck in big trouble.

अभी मिल रही बहुत बड़ी खबर के मुताबिक नरेंद्र मोदी सरकार पर अंगुली उठा रही कांग्रेस ही अब इस पूरे मामले में घिरती नजर आ रही है. इलाहाबाद बैंक के पूर्व निदेशक दिनेश दुबे ने ऐसा खुलासा किया है कि कांग्रेस ही सवालों के घेरे में आ गई है. कांग्रेस सरकार के दौरान यानी 14 सितंबर 2013 में इलाहाबाद बैंक के बोर्ड की बैठक के बारे में दिनेश दुबे ने ऐसा खुलासा किया है कि कांग्रेस को अपना मुँह छुपाना तक मुश्किल हो जाएगा.

According to the very big news that just getting the finger on the Narendra Modi government, the Congress is now looking into the whole issue. Dinesh Dubey, former director of Allahabad Bank, has disclosed that the Congress itself has come under the scanner. Dinesh Dubey has made this disclosure about the meeting of Allahabad Bank during the Congress government ie, on September 14, 2013, that it will be difficult for the Congress to hide its mouth.

दिनेश दुबे को धमकाया गया
दिनेश दुबे ने मीडिया से बातचीत में खुलासा किया है कि उन्होंने नीरव मोदी के मामा मेहुल चोकसी की कंपनी गीतांजली ज्वैलर्स को 550 करोड़ रुपये लोन दिए जाने का विरोध करते हुए कहा था कि पहले उनसे 1500 करोड़ रुपये का लोन वापस लेना चाहिए वरना आगे चलकर यह एक बड़ा घोटाला हो जाएगा. दुबे ने आगे बताया कि उन्हें इस विरोध के लिए बैंक के बोर्ड के अधिकारियों ने नाराजगी झेलनी पड़ी यही नहीं अधिकारियों ने उन्हें डराया धमकाया कि वे अपना विरोध वापस लें या फिर इस्तीफा सौंप दें.

Dinesh Dubey was threatened
Dinesh Dubey has disclosed in the media that he had opposed the loan of Rs 550 crore loan to Nirav Modi’s Mama Mehul Choksi company Gitanjali Jewelers, that he should withdraw the loan of Rs 1500 crore first, or else it should be withdrawn. Will be a big scam. Dubey further said that the officials of the bank’s board did not have to face resentment for this protest, the officials threatened to threaten him or take his resignation back or hand over the resignation.

RBI के डिप्टी गवर्नर और चिदंबरम के सचिव तक हैं शामिल
यही नहीं आप दुबे के इस खुलासे को सुनकर हैरान रह जायेंगे कि उन्होंने आरबीआई के डिप्टी गवर्नर और वित्त मंत्रालय चिदंबरम के सचिव को ईमेल पर भी यह सारी जानकारी भेजी लेकिन दोनों तरफ से कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसका मतलब गवर्नर रघुराम राजन और पी चिदमबरम तक की नज़र में इस घपले की बात थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गयी. बल्कि उन्हें धमकाने का सिलसिला जारी रहा और सेहत के आधार पर इस्तीफा देने के लिए कहा जाने लगा.

RBI deputy governor and secretary to Chidambaram are included
Not only this, you will be surprised to hear Dubey’s disclosures that he sent all this information to the RBI deputy governor and the finance minister, Chidambaram, on email but there was no action on both sides. That meant it was a scandal in the eyes of Governor Raghuram Rajan and P. Chidambaram but no action was taken. Rather they continued to threaten and continued to be asked to resign on the basis of health.

रुक सकता था PNB का ये महाघोटाला
दुबे ने आगे बताया कि अगर तभी वक़्त रहते कड़े कदम उठा लिए गए होते तो आज ये नौबत नहीं देखनी पड़ती. ये महाघोटाला वहीँ रोका जा सकता था. इससे एक बात यहाँ ज़रूर साबित होती है कि कांग्रेस सरकार के तत्कालीन वित्तमंत्री चिदंबरम और उससे भी शीर्ष स्तर पर मेहुल चोकसी के लोन की मंजूरी के लिए कोई बड़ा दबाव था. क्योंकि ऐसा नहीं होता तो दिनेश दुबे की शिकायत पर ध्यान दिया गया होता.

PNB’s Biggest Hang
Dubey further said that if only then strict measures had been taken in the meantime, today it would not have to be seen. This mahaghota could be stopped there. There is one thing that proves that there was no major pressure on the then finance minister Chidambaram of Congress government and approval for Mehul Choksi loan at the top level. Because it was not so, Dinesh Dubey’s complaint would have been paid attention.

नई दिल्ली में बैठक में गीतांजलि ज्वेलर्स के मालिक मेहुल चौकसी को 550 करोड़ रुपये देने को मंजूरी दी गई थी. मेहुल चौकसी रिश्ते में घोटालेबाज नीरव मोदी का मामा है. बाद में मामा-भांजे ने मिलकर बैंकों को हजारों करोड़ का चूना लगाया. चौकसी को बैंक की हांगकांग शाखा से भुगतान किया गया था.

In the meeting in New Delhi, Mehul Chowkari, owner of Gitanjali Jewelers, was given a grant of Rs 550 crores. Mehul is the maternal uncle of Neriv Modi, in the custodial relationship. Later Mama-Bhanje together with thousands of crores of rupees to the banks. Surveillance was paid from the bank’s Hong Kong branch.

बैंक की हांगकांग शाखा से भुगतान कर दिया गया
बता दें नई दिल्ली के होटल रेडिसन में 14 सितंबर, 2013 को इलाहाबाद बैंक के निदेशक मंडल की बैठक हुई. इसमें भारत सरकार की ओर से नियुक्त निदेशक दिनेश दुबे ने चौकसी को 550 करोड़ लोन देने का विरोध किया.16 सितंबर को इस बैठक की जानकारी दुबे ने भारतीय रिजर्व बैंक के तत्कालीन डिप्टी गवर्नर केसी चक्रवर्ती को दी।. इसके बाद बैंक अधिकारियों को तलब भी किया गया, लेकिन इसके बावजूद मेहुल चौकसी को बैंक की हांगकांग शाखा से भुगतान कर दिया गया.

Bank paid by Hong Kong branch
Tell us about the meeting of the Board of Directors of Allahabad Bank on 14th September, 2013 at Hotel Radisson, New Delhi. In this, Dinesh Dubey, appointed by the Government of India, opposed the grant of 550 crores to the vigilance. On September 16, Dubey gave the information to the then deputy governor of Reserve Bank of India KC Chakraborty. Bank officials were summoned after this, but in spite of this, Mehul Chowkai was paid by the bank’s Hong Kong branch.

 

मामले को किया गया रफा दफा
जैसे ही वित्त मंत्रालय को इस बात की भनक लगी की उनकी पोल खुल सकती है सब तरफ हड़कंप मच गया. बैंक के अधिकारी मेहुल चौकसी को सैकड़ों करोड़ देकर खुद भी करोड़ों रुपये डकारने में लगे थे, जिसके चलते मामला दब गया.पेशे से पत्रकार रहे दुबे ने मीडिया में बताया कि बैंकिंग प्रणाली में हो रही इतनी बड़ी गड़बड़ी पर कांग्रेस सरकार ने आंखें बंद कर रखी थीं और वह इस महाघोटाले को रफा दफा करने की कोशिश कर रही थी.

The case has been recovered
As soon as the Finance Ministry realized that their pole could open, there was a stir at all. The bank officials, who were involved in paying hundreds of crores by paying hundreds of crores of rupees to the bank’s officials themselves, got the matter under control. Due to this, journalist Dube told the media that the Congress government closed the eyes on such a huge disturbance in the banking system. And he was trying to revive this big house.

दुबे ने कहा कि इस मामले के सामने आने के बाद से उनके ऊपर कई विभिन्न सरकारी अफसरों की तरफ से दबाव बढ़ाया जा रहा था. वित्त मंत्रालय और इलाहाबाद बैंक में शीर्ष अधिकारियों ने मुझे इस्तीफा देने को भी कहा. मैंने उसके जवाब में कहा कि सरकार ने मुझे बैंक की गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी गलत काम को रोकने के लिए नियुक्त किया है। ऐसे में बकौल दुबे मुझे लगा कि मुझे इस बढ़ते दबाव के बीच पद छोड़ देना चाहिए और मैंने ऐसा करने का फैसला लिया और मैंने फरवरी 2014 में ऐसा किया भी और इस्तीफा दे दिया.

Dubey said that after coming to the scene, pressure was being made on him from various government officials. The top officials in the Ministry of Finance and Allahabad Bank also asked me to resign. In response, I said that the government has appointed me to monitor the activities of the bank and to prevent any wrongdoing. In such a case, I felt that I should step down from this growing pressure and I decided to do this and I did this in February 2014 and resigned.

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